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Guest
आराधना ने भी हिम्मत से काम लेते हुए अपने आप उसी जगह खड़े रखा. दोनो की नज़रे मिलती है- आराधना की सेक्सी आइज़ पंकज को थोड़ा हिंट देती है लेकिन पंकज चेहरे को दूसरी साइड करते हुए बॅग उठा कर वॉर्डरोब मे रख देता है.
इसके बाद पंकज बिना आराधना की तरफ देखे बेड पे आकर बैठ जाता है. बैठने से पहले एक छोटी सी टेबल को वो बेड के करीब रखता है.
आराधना उस रूम मे रखी चेर पर बैठ जाती है जोकि पंकज के बेड के ठीक सामने थी. पंकज टेबल पर अपनी बॉटल को रखता है और एक ग्लास भी.
" बेटे ज़रा फ्रीज़ से आइस देना....." पंकज आराधना से बोलता है. आराधना खड़े होकर फ्रीज़ खोलती है और आइस निकाल कर पंकज को दे देती है.
आराधना अब आकर फिर से चेर पर बैठ जाती है. जब वो चेर पर बैठ रही थी तो उसकी वाइट पैंटी विज़िबल थी जोकि आराधना के ट्रॅन्स्परेंट दुपट्टे से धकि हुई थी.
पंकज ग्लास मे एक पेग बनाता और उसमे दो आइस क्यूब डाल कर अपने ग्लास मे पीने लगता है. आराधना इधर उधर घूम रही थी चेर पर बैठे बैठे.
" और सुनाओ आरू बेटा.... कैसा चल रहा है तुम्हारा फॅशन डिज़ाइनिंग का कोर्स........" पंकज ग्लास का एक और सीप लेते हुए पुछ्ता है.
" एक दम सही चल रहा है डॅड.... आपको तो पता ही है कि फॅशन का तो आज कल बोलबाला है..... " आराधना ऐसे ही घूमते घूमते रिप्लाइ करती है.
" कह तो सही रही हो तुम लेकिन आज कल का टाइम फॅशन के नाम पर एक्सपोषर है......." पंकज की निगाहे अब आराधना से मिलती है.
आराधना बड़े स्टाइल मे चेर पर आगे की तरफ होती है और ज़्यादा झूक कर बोलती है -" लेकिन डॅड..... एक्सपोषर ही तो सब पसंद करते है...?" वो चेर पे ऐसे झुकी हुई ही थी कि पंकज शर्ट के अंदर उसके बूब्स को बिल्कुल सॉफ देख सकता है.
पंकज हड़बड़ा सा जाता है. आराधना के बूब्स ऐसे दिख रहे थे जैसे कोई 3डी मूवी चल रही हो.
" आप को भी तो वो सिमरन छोटे कपड़ो मे ही अच्छी लगती है......." आराधना फ्रिज से ऐसे झुके हुए ही पंकज से फिर से बोलती है.
पंकज अपने पूरे पेग को एक ही बार मे पी जाता है. लेकिन उसने आराधना की बात का जवाब नही दिया. वो अपने ग्लास मे एक और पेग बनाता है, और स्नॅक्स का एक पॅकेट उठा कर आराधना की तरफ फेंकता है.
" क्या आज...... आज तूने..... ब्रा नही पहनी है..........." पंकज थोड़ा सा झिझकते हुए आराधना से पुछ्ता है. शायद शराब का असर पंकज पर हो रहा था.
आराधना अपने आप को सीधा करते हुए चेर पर पीछे हो जाती है.
" नॉटी हो गये है डॅडी आप....." आराधना स्माइल करते हुए बोलती है, उसका इशारा शायद इसी तरफ था कि पंकज उसकी शर्ट के अंदर झाँक रहा था.
" नही..... नही... कुच्छ ग़लत मत समझ. मैं तो बस बाथरूम मे गया तो वहाँ तुम्हारी ब्रा देखी तो इसीलये पुच्छ रहा था..." पंकज फिर से अपने पेग का एक और सीप लेते हुए बोलता है.
" तो आपको कैसे पता कि मैने अभी कोई ब्रा नही पहनी...... हाआँ.... हो सकता है कि मैने वो उतार कर दूसरी पहन ली हो........" आराधान फिर से स्माइल करते हुए पूछती है.
" मुझे पता है कि तुमने ब्रा नही पहनी है..... इतना एक्सपीरियेन्स तो है मुझे...." पंकज भी अब एक स्माइल के साथ आराधना के बूब्स की तरफ देखते हुए बोलता है.
" यू आर रियली नॉटी........." और ये बोलकर वो हंसते हंसते चेर से खड़ी हो जाती है. अब उसकी नंगी टांगे भी पंकज के सामने थी. वो पंकज की तरफ देखते देखते वॉर्डरोब की तरफ फिर से बढ़ती है और वॉर्डरोब से अपने बॅग से मेक अप किट निकालती है. वॉर्डरोब मे खड़े होने के टाइम आराधना की गान्ड पंकज की तरफ थी. वो इसी सिचुयेशन मे पीछे मूड कर देखती है और पंकज को अपनी गान्ड को घूरते हुए देख कर स्माइल करती है.
इसके बाद पंकज बिना आराधना की तरफ देखे बेड पे आकर बैठ जाता है. बैठने से पहले एक छोटी सी टेबल को वो बेड के करीब रखता है.
आराधना उस रूम मे रखी चेर पर बैठ जाती है जोकि पंकज के बेड के ठीक सामने थी. पंकज टेबल पर अपनी बॉटल को रखता है और एक ग्लास भी.
" बेटे ज़रा फ्रीज़ से आइस देना....." पंकज आराधना से बोलता है. आराधना खड़े होकर फ्रीज़ खोलती है और आइस निकाल कर पंकज को दे देती है.
आराधना अब आकर फिर से चेर पर बैठ जाती है. जब वो चेर पर बैठ रही थी तो उसकी वाइट पैंटी विज़िबल थी जोकि आराधना के ट्रॅन्स्परेंट दुपट्टे से धकि हुई थी.
पंकज ग्लास मे एक पेग बनाता और उसमे दो आइस क्यूब डाल कर अपने ग्लास मे पीने लगता है. आराधना इधर उधर घूम रही थी चेर पर बैठे बैठे.
" और सुनाओ आरू बेटा.... कैसा चल रहा है तुम्हारा फॅशन डिज़ाइनिंग का कोर्स........" पंकज ग्लास का एक और सीप लेते हुए पुछ्ता है.
" एक दम सही चल रहा है डॅड.... आपको तो पता ही है कि फॅशन का तो आज कल बोलबाला है..... " आराधना ऐसे ही घूमते घूमते रिप्लाइ करती है.
" कह तो सही रही हो तुम लेकिन आज कल का टाइम फॅशन के नाम पर एक्सपोषर है......." पंकज की निगाहे अब आराधना से मिलती है.
आराधना बड़े स्टाइल मे चेर पर आगे की तरफ होती है और ज़्यादा झूक कर बोलती है -" लेकिन डॅड..... एक्सपोषर ही तो सब पसंद करते है...?" वो चेर पे ऐसे झुकी हुई ही थी कि पंकज शर्ट के अंदर उसके बूब्स को बिल्कुल सॉफ देख सकता है.
पंकज हड़बड़ा सा जाता है. आराधना के बूब्स ऐसे दिख रहे थे जैसे कोई 3डी मूवी चल रही हो.
" आप को भी तो वो सिमरन छोटे कपड़ो मे ही अच्छी लगती है......." आराधना फ्रिज से ऐसे झुके हुए ही पंकज से फिर से बोलती है.
पंकज अपने पूरे पेग को एक ही बार मे पी जाता है. लेकिन उसने आराधना की बात का जवाब नही दिया. वो अपने ग्लास मे एक और पेग बनाता है, और स्नॅक्स का एक पॅकेट उठा कर आराधना की तरफ फेंकता है.
" क्या आज...... आज तूने..... ब्रा नही पहनी है..........." पंकज थोड़ा सा झिझकते हुए आराधना से पुछ्ता है. शायद शराब का असर पंकज पर हो रहा था.
आराधना अपने आप को सीधा करते हुए चेर पर पीछे हो जाती है.
" नॉटी हो गये है डॅडी आप....." आराधना स्माइल करते हुए बोलती है, उसका इशारा शायद इसी तरफ था कि पंकज उसकी शर्ट के अंदर झाँक रहा था.
" नही..... नही... कुच्छ ग़लत मत समझ. मैं तो बस बाथरूम मे गया तो वहाँ तुम्हारी ब्रा देखी तो इसीलये पुच्छ रहा था..." पंकज फिर से अपने पेग का एक और सीप लेते हुए बोलता है.
" तो आपको कैसे पता कि मैने अभी कोई ब्रा नही पहनी...... हाआँ.... हो सकता है कि मैने वो उतार कर दूसरी पहन ली हो........" आराधान फिर से स्माइल करते हुए पूछती है.
" मुझे पता है कि तुमने ब्रा नही पहनी है..... इतना एक्सपीरियेन्स तो है मुझे...." पंकज भी अब एक स्माइल के साथ आराधना के बूब्स की तरफ देखते हुए बोलता है.
" यू आर रियली नॉटी........." और ये बोलकर वो हंसते हंसते चेर से खड़ी हो जाती है. अब उसकी नंगी टांगे भी पंकज के सामने थी. वो पंकज की तरफ देखते देखते वॉर्डरोब की तरफ फिर से बढ़ती है और वॉर्डरोब से अपने बॅग से मेक अप किट निकालती है. वॉर्डरोब मे खड़े होने के टाइम आराधना की गान्ड पंकज की तरफ थी. वो इसी सिचुयेशन मे पीछे मूड कर देखती है और पंकज को अपनी गान्ड को घूरते हुए देख कर स्माइल करती है.