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कुशल – “ आपके कपड़ो मे जब भी मुझे आपके अंग दिखते तो मैं सीधा वॉशरूम जाता और हाथ से काम चलाता. आप टाय्लेट जाती तो आपको पेशाब करने का साउंड सुनता, कहीं बाहर जब सफाई करती तो दिल करता कि आपके बूब्स दिख जाए शायद, लेकिन सबसे बड़ी ख्वाहिश आपकी गान्ड देखने की ही तो जो कभी भी सही से पूरी नही हो पाई. हाँ जब भी आपने लो वेस्ट साड़ी पहनती तो टाइट गान्ड का आइडिया ज़रूर लगता था लेकिन कभी भी अंदर तक नही पहुँच पाया. लोगो से पता चला कि हाथ से ज़्यादा नही करना चाहिए नही तो लंड खराब हो जाता है. ब्लू मूवीस देखता तो इतना असर नही होता जितना की आपके बारे मे सोच कर हो जाता था.” कुशल अब कुच्छ भी छिपाने की नही सोच रहा था और दूसरी तरफ उसे स्मृति भी नशीली आँखो से देख रही थी.
स्मृति – “ तो तूने जासूसी करी मेरे टाय्लेट के बाहर तक भी…. ओके अब आगे बता…” स्मृति की आँखे चेंज होती जा रही थी.
कुशल –“ मुझे धीरे धीरे ये लगने लगा था कि मेरा ये सपना सच नही होगा और जवान होते होते मुझे ये बिल्कुल लगने लगा था कि ये पासिबल नही है. फिर टाइम बदलता रहा, सोशियल नेटवर्किंग का जमाना आया और मैने आपको फ़ेसबुक पर कॉंटॅक्ट आड करते हुए देखा. और फिर लाइयन का जनम हो गया. लाइयन बनते हुए मेरे दिल मे ये आइडिया भी नही था कि मैं एक दिन आपको फक भी कर पाउन्गा. लेकिन फिर चाटिंग करते करते मुझे ये अहसास होने लगा था कि आप भी चाहती हो मुझसे चॅट करना लेकिन शरमाती हो या कोई और सोशियल प्रेशर आपको रोक रहा है. मैने आप जान कर आपसे गंदी गंदी बाते शुरू की और शुरू मे आपका रेस्पॉन्स नेगेटिव रहा लेकिन धीरे आप अड्जस्ट होती गयी. मैं समझ गया था कि आपको लाइफ मे एंटरटेनमेंट चाहिए लेकिन प्राइवसी के साथ. मैने आपसे चॅट करते हुए कई बार मास्टरबेट किया. लेकिन फिर ऐसा टाइम आने लगा जब फिर से मेरी इच्छाए जागने लगी और स्केरी हाउस मे मैने अपना कंट्रोल खो दिया…..”
कुशल इतना बोल कर एक लंबी साँस लेता है. स्मृति अभी भी अपने पेग को पीए जा रही थी, उसकी आँखो का कलर चेंज होता जा रहा था और गालो का कलर भी लाल होता जा रहा था.
स्मृति – “ तो स्केरी हाउस मे तूने मुझे फक करने की कोशिश क्यूँ नही की…….?” स्मृति कुशल की आँखो मे आँखे डाल कर बोलती है.
कुशल –“ स्केरी हाउस मे मेरा प्लान बस अपना लंड तुम्हारे हाथो से टच करना था लेकिन वहाँ मुझे एक नयी हिंट मिली. मुझे क्लियर अहसास हुआ कि आप भी कुच्छ चाहती है. श्योर नही था लेकिन मुझे अहसास हो गया था कि अगर मैं प्लान बनाऊ तो शायद मुझे सक्सेस मिल जाए. मुझे इतना पता था कि आपको कभी ये पसंद नही आएगा कि कोई जान कार आकर आपके साथ सेक्स करे तो इसीलिए एक लोंग सर्च के बाद उस फार्महाउस का पता चला. सब सही रहा लेकिन तभी लाइट जल गयी और पोल खुल गयी…..” इतना बोल कर कुशल अपनी गर्दन नीचे कर लेता है.
स्मृति –“ ह्म्म्म्मममम……. तो ये थी बात….. चल तूने मुझे इतनी बाते शेअर करी तो मैं भी तुझसे अपनी दिल की बाते शेअर करती हू…….” स्मृति जब ये बोल रही थी तो उसका सीना उपर नीचे हो रहा था. उसकी हालत काफ़ी खराब हो चुकी थी.
कुशल उसकी ये बात सुनकर काफ़ी एग्ज़ाइटेड था और उठ कर अपना एक और पेग बनाता है.
“ बताओ ना कि क्या बताना चाहती हो…….” कुशल भी अब स्मृति के करीब था.
स्मृति –“ मुझे फार्महाउस जाने से पहले ही पता था कि मेरे साथ सेक्स होना है………… ईवन मैं तो शायद होल नाइट के लिए भी तैयार थी लेकिन जब मुझे पता चला कि वो तू है तो मुझे फिर से वोही झटका लगा जो हमेशा लड़कियो की लाइफ मे लगता ही रहता है……..” स्मृति भी आज खुल कर पेश आ रही थी, शायद वाइन उस पर असर कर चुकी थी.
कुशल उसकी बातो को सुनकर शॉक्ड था लेकिन उसको शो नही कर रहा था.
स्मृति – “ तो तूने जासूसी करी मेरे टाय्लेट के बाहर तक भी…. ओके अब आगे बता…” स्मृति की आँखे चेंज होती जा रही थी.
कुशल –“ मुझे धीरे धीरे ये लगने लगा था कि मेरा ये सपना सच नही होगा और जवान होते होते मुझे ये बिल्कुल लगने लगा था कि ये पासिबल नही है. फिर टाइम बदलता रहा, सोशियल नेटवर्किंग का जमाना आया और मैने आपको फ़ेसबुक पर कॉंटॅक्ट आड करते हुए देखा. और फिर लाइयन का जनम हो गया. लाइयन बनते हुए मेरे दिल मे ये आइडिया भी नही था कि मैं एक दिन आपको फक भी कर पाउन्गा. लेकिन फिर चाटिंग करते करते मुझे ये अहसास होने लगा था कि आप भी चाहती हो मुझसे चॅट करना लेकिन शरमाती हो या कोई और सोशियल प्रेशर आपको रोक रहा है. मैने आप जान कर आपसे गंदी गंदी बाते शुरू की और शुरू मे आपका रेस्पॉन्स नेगेटिव रहा लेकिन धीरे आप अड्जस्ट होती गयी. मैं समझ गया था कि आपको लाइफ मे एंटरटेनमेंट चाहिए लेकिन प्राइवसी के साथ. मैने आपसे चॅट करते हुए कई बार मास्टरबेट किया. लेकिन फिर ऐसा टाइम आने लगा जब फिर से मेरी इच्छाए जागने लगी और स्केरी हाउस मे मैने अपना कंट्रोल खो दिया…..”
कुशल इतना बोल कर एक लंबी साँस लेता है. स्मृति अभी भी अपने पेग को पीए जा रही थी, उसकी आँखो का कलर चेंज होता जा रहा था और गालो का कलर भी लाल होता जा रहा था.
स्मृति – “ तो स्केरी हाउस मे तूने मुझे फक करने की कोशिश क्यूँ नही की…….?” स्मृति कुशल की आँखो मे आँखे डाल कर बोलती है.
कुशल –“ स्केरी हाउस मे मेरा प्लान बस अपना लंड तुम्हारे हाथो से टच करना था लेकिन वहाँ मुझे एक नयी हिंट मिली. मुझे क्लियर अहसास हुआ कि आप भी कुच्छ चाहती है. श्योर नही था लेकिन मुझे अहसास हो गया था कि अगर मैं प्लान बनाऊ तो शायद मुझे सक्सेस मिल जाए. मुझे इतना पता था कि आपको कभी ये पसंद नही आएगा कि कोई जान कार आकर आपके साथ सेक्स करे तो इसीलिए एक लोंग सर्च के बाद उस फार्महाउस का पता चला. सब सही रहा लेकिन तभी लाइट जल गयी और पोल खुल गयी…..” इतना बोल कर कुशल अपनी गर्दन नीचे कर लेता है.
स्मृति –“ ह्म्म्म्मममम……. तो ये थी बात….. चल तूने मुझे इतनी बाते शेअर करी तो मैं भी तुझसे अपनी दिल की बाते शेअर करती हू…….” स्मृति जब ये बोल रही थी तो उसका सीना उपर नीचे हो रहा था. उसकी हालत काफ़ी खराब हो चुकी थी.
कुशल उसकी ये बात सुनकर काफ़ी एग्ज़ाइटेड था और उठ कर अपना एक और पेग बनाता है.
“ बताओ ना कि क्या बताना चाहती हो…….” कुशल भी अब स्मृति के करीब था.
स्मृति –“ मुझे फार्महाउस जाने से पहले ही पता था कि मेरे साथ सेक्स होना है………… ईवन मैं तो शायद होल नाइट के लिए भी तैयार थी लेकिन जब मुझे पता चला कि वो तू है तो मुझे फिर से वोही झटका लगा जो हमेशा लड़कियो की लाइफ मे लगता ही रहता है……..” स्मृति भी आज खुल कर पेश आ रही थी, शायद वाइन उस पर असर कर चुकी थी.
कुशल उसकी बातो को सुनकर शॉक्ड था लेकिन उसको शो नही कर रहा था.