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लिली बोले जा रही थी:——-/——-//—-
मम्मी ने अपना टॉप उतारा और तुषार ने अपना मुँह मम्मी की ब्रा में घुसाने की कोशिश की और वहाँ चूमने लगा। फिर मम्मी ने अपनी ब्रा का हुक खोला और उसे बदन से अलग किया और तुषार उनको दबाकर मस्त होकर बोला: उफ़्फ़्फ मम्मी आपके बूब्ज़ कितने मस्त और बड़े हैं । मेरी मम्मी के भी ऐसे ही मस्त बड़े बड़े हैं।
मम्मी: तुमने अपनी मम्मी के कब देखे?
तुषार: कई बार छिप कर उनको चेंज करते हुए देखा है। अब आप पिलाइए ना अपना दूध।
मम्मी: अरे निकाल तो दिया है बाहर पी लो।
तुषार बच्चे की तरह ज़िद करके; नहीं मम्मी आप अपने हाथ से पिलाओ।
अब मम्मी ने अपनी एक चूचि अपने एक हाथ में ली और उसके मुँह में दे दी। वो मस्ती से उसे चूसने लगा। उसने दूसरे हाथ से मम्मी की चूचि दबानी भी शुरू की। थोड़ी देर चूसने के बाद वो बोला: मम्मी अब दूसरा दुद्धु दो।
मम्मी ने अब अपनी दूसरी चूची उसके मुँह में दे दी और वो अब उसे चूसने लगा। मम्मी के हाथ उसकी टी शर्ट के अंदर जाकर उसके निपल्ज़ को सहलाने लगे। फिर उनका हाथ उसके पैंट के ऊपर से उसकी जाँघों पर घूमने लगा। फिर मम्मी ने पैंट के ऊपर से उसके लंड को सहलाया और महसूस किया। वो सोची उफ़्फ़्फ़्फ इतनी सी उम्र में सामान तो काफ़ी बड़ा लग रहा है। वो सोची कि सबका सामान मेरे स्वर्गीय पति से बड़ा ही है। मैं कितना मज़ा मिस कर रही थी। अचानक वो उसकी निपल में दाँत गड़ाने लगा। मम्मी आऽऽह करके बोली: उफ़्फ़्फ बेटा क्या कर रहे हो? मम्मी को दुःख रहा है ना?
तुषार उठकर: तो मम्मी आप क्या मुझे रोज़ की तरह सज़ा दोगी?
मम्मी को उसकी बात समझ नहीं आयी। वो बोली: मेरा सामने खड़ा हो जा बेटा मैं तेरी पैंट खोलती हूँ।
वो मम्मी के सामने खड़ा हुआ और अपनी टी शर्ट खोल दिया। मम्मी ने उसके पैंट की बेल्ट खोली और फिर चेन नीचे की। पैंट के सामने का हिस्सा बुरी तरह से फूला हुआ था । मम्मी ने मुश्किल से टाइट पैंट नीचे की और अब सामने वो सिर्फ़ एक फ़्रेंचि में खड़ा था और उसका भी बुरी तरह से खड़ा था और आधा लौड़ा बाहर निकल रहा था। मम्मी ने चड्डी नीचे की और उसका लौड़ा झटके से बाहर आया और ऊपर नीचे होने लगा। मम्मी ने आजतक इतना गोरा और गुलाबी लौड़ा नहीं देखा था। उम्र के लिहाज़ से काफ़ी बड़ा तक़रीबन ७ इंच का और काफ़ी मोटा था। नीचे बालों का एक छोटा सा झुंड सा था और नीचे मस्त बड़े बॉल्ज़ लटक रहे थे।
मम्मी उसे सहलायी और बोली: बाऽऽऽऽऽप रे कितना गोरा और गुलाबी है तुम्हारा? मैंने आजतक इतना सुंदर हथियार नहीं देखा। वो आगे बढ़कर उसके गुलाबी सुपाडे को चूम ली।
तुषार: मम्मी आप भी खड़ी हो ना मुझे आपको भी नंगी करना है।
मम्मी खड़ी हुईं और उसने उनकी स्कर्ट निकाल दी। मम्मी की सेक्सी पैंटी देखकर वो बोला: वाह मम्मी आप बहुत सेक्सी पैंटी पहनी हो। वो सोफ़े में बैठ करके मम्मी की पैंटी भी निकाला और मम्मी की चिकनी बुर देखकर वहाँ हाथ सहलाके बोला: उफ़्फ़्फ मम्मी आपकी बुर कितनी चिकनी और सुंदर है। फिर वो उनको घुमाकर उनकी मस्त गाँड़ सहलाया और दबाने लगा। फिर अपने होंठ वहाँ रखकर गाँड़ की गोलाइयों को चूमने लगा। फिर अचानक चूमते हुए उसने मम्मी की नर्म गाँड़ को दाँत से काट दिया। मम्मी आऽऽऽऽऽह कर उठी।
वो फिर से बोला: मम्मी मुझे सज़ा दोगी क्या?
मम्मी कुछ कुछ समझी और बोली: हाँ अब तो देनी ही पड़ेगी।
वो: ठीक है मम्मी उस ड्रॉर में स्केल रखा है। वो यह कह कर अपने पेट के बल लेट गया। मम्मी ने ड्रॉर खोला तो उसमें एक प्लास्टिक का स्केल रखा था।
तुषार के गोरे मस्क्युलर गोल चूतड़ उसके सामने थे । वो हल्के से एक स्केल उसके चूतड़ पर मारी। वो चिल्लाया: आऽऽऽह मम्मी मैं अच्छा बेटा हूँ । मत मारो।
मम्मी को पता नहीं क्या हुआ उन्होंने अबके ज़ोर से स्केल उसकी चूतड़ पर मारा और वहाँ लाल निशान बन गया। वो चिल्लाया: आऽऽऽऽऽह मम्मी अब मैं नहीं काटूँगा प्लीज़ माफ़ कर दो।
मम्मी भी अब मस्ती में आ चुकी थी, उन्होंने दो तीन और हाथ चलाए और बोली: चलो अब उठो, तुम्हारी सज़ा पूरी हुई। उसके चूतड़ लाल हो चुके थे मम्मी की मार से। वो जब पलटा तो मम्मी की आँख फट सी गयी। उसका हथियार पूरा तना हुआ था और उत्तेजना से मानो सिर हिला रहा था मम्मी से रहा नहीं गया और वो उसे चूसने लगी। अब वो भी आऽऽऽह मम्मी क्या चूस रही हो उफ़्फ़्फ़्फ वगेरह बड़बड़ा रहा था। फिर वो बोला: आऽऽह मम्मी मेरा होने वाला है। पर मम्मी नहीं रुकी और फिर मम्मी के अनुसार उन्होंने अपने जीवन का सबसे मस्त और स्वाद वीर्य का पान किया। अच्छे तरह से चूसकर मम्मी ने उसके लौड़े को साफ़ किया और हैरानी से देखती रही कि वो अब भी वैसे का वैसे ही खड़ा था।
अब वो मम्मी को अपने ऊपर खिंचा और उनके होंठ और चूचियाँ चूसने लगा। उसके हाथ उनके बड़े बड़े चूतडों पर भी घूम रहे थे। मज़े के मारे मम्मी की आँखें बंद हो रहीं थीं और बुर से नदियाँ बही जा रहीं थीं।
तुषार: मम्मी मेरे लौड़े को अंदर लेकर मुझे चोदो। जैसे पापा को आप चोदती हो।
मम्मी उसके लौड़े को अपनी बुर में डाली और नीचे दबाकर पूरा निगल ली और ऊपर नीचे होकर उसके पूरे लौंडे को महसूस करके बोली: हाय्य्य्य्य मस्त है रे बेटा तेरा। उइइइइइइइइ । क्या तुमने अपने पापा मम्मी की भी चुदाई देखी है।
वो: हाऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽंनन कई बाऽऽऽऽऽर देखी है उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़। मम्मी क्या मस्त लग रहा है। और ज़ोर से चोओओओओओओओओदो । अब वो नीचे से अपनी क़मर भी उछालने लगा और मम्मी की बच्चेदानी तक अपना लौड़ा पेलने लगा। अब मम्मी भी उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़ कहकर उछल रहीं थीं। फिर वह हाँफकर बोलीं: आऽऽह बेटा अब तू ऊपर आकर अपनी माँ को चोद ना।
वो मम्मी को लपेटे हुए पलटा और ऊपर आकर मम्मी की ज़बरदस्त चुदाई करने लगा। अब वी क़रीब २५ मिनट मम्मी को चोदा और मम्मी तीन बार झड़ीं। जब वो भी झड़ा तो मम्मी ने चैन की साँस ली और कहा: उफ़्फ़्फ इतनी सी उम्र में ही पूरे साँड़ हो गए हुए तुम। आऽऽह क्या चोदा है। जानते हो आजतक मेरी ऐसी चुदाई कभी नहीं हुई है।
वो: मम्मी मुझे भी बहुत मज़ा आया।
मम्मी: आजतक कितनी अंटियाँ चोद चुके हो?
वो: सिर्फ़ एक और वो मेरी मम्मी की दोस्त है। मैं उनको भी मम्मी बोलकर ही चोदता हूँ। पर उनको मिलना बहुत मुश्किल है क्योंकि वो अक्सर विदेश में ही रहती हैं। हाँ जब आतीं हैं तो एक दो बार ज़रूर से चुदवाती हैं। उन्होंने ही मुझे चोदना सिखाया है। वो मेरी मम्मी को भी हिंट दे चुकी हैं कि मैं उनका बेटा और आशिक़ दोनों हूँ। पर मम्मी उनकी बात को गम्भीरता से नहीं लेतीं। बस हँस देती हैं।
मम्मी: ओह चलो शायद कभी वो मान जाएँ और तुम्हारी इच्छा पूरी हो जाए।
तुषार: देखें कब मेरी इच्छा पूरी होती है। यह कहकर वो मम्मी की गाँड़ पर हाथ फेरकर बोला: आप लोगों की इस उम्र में गाँड़ मस्त बड़ी हो जाती हैं। मम्मी और आंटी की भी ऐसी ही हैं। फिर वो उनकी गाँड़ के छेद को सहलाया और फिर एक ऊँगली डाला और बोला: मम्मी गाँड़ मरवाती हैं क्या?
मम्मी: अरे बेटा लोग पैसा देंगे तो गाँड़ नहीं मारेंगे क्या? सब लोग तीनों छेदों का मज़ा लेते हैं पैसा देते हैं तो।
तुषार: तो मम्मी मैं भी मार लूँ क्या? वो अपनी ऊँगली अंदर बाहर करते हुए बोला।
मम्मी: मार ले बेटा बस कुछ तेल या क्रीम लगा लेना।
तुषार उठा और जाकर बाथरूम से क्रीम लेकर आया और मम्मी को देकर बोला: लो आप लगा लो क्रीम।
वो अब बिस्तर पर लेट गया था। उसका लौड़ा आधा ही खड़ा था। मम्मी ने पहले उसे चूसना शुरू किया और क़रीब दस मिनट की चुसाई के बाद वो पूरा अकड़ गया था। तब उन्होंने बड़े प्यार से उस पर क्रीम लगाई। अब
तुषार उठा और मम्मी को घोड़ी बनने को कहा। वो अपनी गाँड़ उठाकर घोड़ी बनी और तुषार ने उनके चूतडों पर चुंबनों की झड़ी लगा दी। मम्मी भी मस्त होकर उंन्न्न्न्न्न कर उठी। अब वो चूतडों को फैलाया और गाँड़ के छेद को जीभ से चाटने लगा। मम्मी उइइइइइइइ कर उठी। फिर वो क्रीम लेकर अपनी दो उँगलियों में मलकर उनकी छेद में घूसेड़ा और मज़े से अंदर बाहर करने लगा। अब वो बोला: आऽऽऽऽह मम्मी क्या मस्त टाइट गाँड़ है आपकी, बहुत मज़ा आएगा मारने में।
अब वह अपने सुपाड़े को छेद में लगाया और अंदर की ओर दबाकर मम्मी को हाऽऽऽऽय कहने पर मजबूर कर दिया। अब वो एक दो बार आधा लंड अंदर बाहर किया और फिर पूरी ताक़त से अपना लौड़ा अंदर पेल दिया। मम्मी : उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़ बेएएएएएएएटा धीरे से आऽऽऽहहह।
अब तुषार ने अपनी चुदाई चालू की। वो मम्मी की बड़ी बड़ी चूचियाँ जो नीचे को लटक रहीं थीं दबाए जा रहा था और ठप्प ठप्प की आवाज़ के साथ गाँड़ मारे भी जा रहा था। मम्मी उईओईईईई आऽऽऽऽह चिल्ला रही थी।
तभी वो अपनी दो ऊँगली नीचे लेज़ाकर उनकी चूत में डाला और अंदर बाहर करने लगा। मम्मी का मजा दुगुना हो चला था। वो अब उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़ बेटाआऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽ फ़ाआऽऽऽऽऽऽऽड़ दे मेरी गाँड़ चिल्ला रही थी। तुषार ने किसी अनुभवी खिलाड़ी के माफ़िक़ अब मम्मी की क्लिट को सहलाना शुरू किया और अब मम्मी के लिए रूकना असम्भव हो गया और मैं गयीइइइइइइइइइ बेटाआऽऽऽऽऽऽऽऽ कहके झड़ने लगी।
उधर तुषार भी मज़े से ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाकर बोला: आऽऽऽह मम्मी मैं भी झड़ने वाला हूँ।
मम्मी: आऽऽऽऽऽऽऽह बेटा पानी मेरे मुँह में दे दे ना प्लीज़ ।
अब उसने गाँड़ से लौड़ा बाहर निकाला और हाथ से हिलाकर मम्मी के मुँह में अपना पानी छोड़ने लगा। मम्मी भी वासना के ज्वार में मस्ती से गाढ़ा सफ़ेद रस पीती चली गयी।
अब वो भी मम्मी के बग़ल में निढाल होकर गिर गया।
मम्मी उसकी छाती सहलाकर बोली: बेटा आज दो बात हुई। एक तो मैंने इतना प्यारा लंड देखा और इतना स्वाद रस पिया।
तुषार मम्मी की चूचियाँ दबाकर: मम्मी मुझे भी आज तक इतना मज़ा नहीं आया चुदाई में जितना आपने आज दिया। अब फिर कब मिलेंगी?
मम्मी: बेटा मैं तो तुम्हारी ग़ुलाम हूँ तुमने पैसे जो दिए हैं। जब बुलाओगे हाज़िर हो जाऊँगी। ठीक है ना मेरे प्यारे बेटे? यह कहते हुए वो उसकी छाती को चूमने लगी।
दोनों लिपटकर सो गए और एक घंटे बाद शेंपेन का दौर चला और चुदाई का भी।
मम्मी ने अपना टॉप उतारा और तुषार ने अपना मुँह मम्मी की ब्रा में घुसाने की कोशिश की और वहाँ चूमने लगा। फिर मम्मी ने अपनी ब्रा का हुक खोला और उसे बदन से अलग किया और तुषार उनको दबाकर मस्त होकर बोला: उफ़्फ़्फ मम्मी आपके बूब्ज़ कितने मस्त और बड़े हैं । मेरी मम्मी के भी ऐसे ही मस्त बड़े बड़े हैं।
मम्मी: तुमने अपनी मम्मी के कब देखे?
तुषार: कई बार छिप कर उनको चेंज करते हुए देखा है। अब आप पिलाइए ना अपना दूध।
मम्मी: अरे निकाल तो दिया है बाहर पी लो।
तुषार बच्चे की तरह ज़िद करके; नहीं मम्मी आप अपने हाथ से पिलाओ।
अब मम्मी ने अपनी एक चूचि अपने एक हाथ में ली और उसके मुँह में दे दी। वो मस्ती से उसे चूसने लगा। उसने दूसरे हाथ से मम्मी की चूचि दबानी भी शुरू की। थोड़ी देर चूसने के बाद वो बोला: मम्मी अब दूसरा दुद्धु दो।
मम्मी ने अब अपनी दूसरी चूची उसके मुँह में दे दी और वो अब उसे चूसने लगा। मम्मी के हाथ उसकी टी शर्ट के अंदर जाकर उसके निपल्ज़ को सहलाने लगे। फिर उनका हाथ उसके पैंट के ऊपर से उसकी जाँघों पर घूमने लगा। फिर मम्मी ने पैंट के ऊपर से उसके लंड को सहलाया और महसूस किया। वो सोची उफ़्फ़्फ़्फ इतनी सी उम्र में सामान तो काफ़ी बड़ा लग रहा है। वो सोची कि सबका सामान मेरे स्वर्गीय पति से बड़ा ही है। मैं कितना मज़ा मिस कर रही थी। अचानक वो उसकी निपल में दाँत गड़ाने लगा। मम्मी आऽऽह करके बोली: उफ़्फ़्फ बेटा क्या कर रहे हो? मम्मी को दुःख रहा है ना?
तुषार उठकर: तो मम्मी आप क्या मुझे रोज़ की तरह सज़ा दोगी?
मम्मी को उसकी बात समझ नहीं आयी। वो बोली: मेरा सामने खड़ा हो जा बेटा मैं तेरी पैंट खोलती हूँ।
वो मम्मी के सामने खड़ा हुआ और अपनी टी शर्ट खोल दिया। मम्मी ने उसके पैंट की बेल्ट खोली और फिर चेन नीचे की। पैंट के सामने का हिस्सा बुरी तरह से फूला हुआ था । मम्मी ने मुश्किल से टाइट पैंट नीचे की और अब सामने वो सिर्फ़ एक फ़्रेंचि में खड़ा था और उसका भी बुरी तरह से खड़ा था और आधा लौड़ा बाहर निकल रहा था। मम्मी ने चड्डी नीचे की और उसका लौड़ा झटके से बाहर आया और ऊपर नीचे होने लगा। मम्मी ने आजतक इतना गोरा और गुलाबी लौड़ा नहीं देखा था। उम्र के लिहाज़ से काफ़ी बड़ा तक़रीबन ७ इंच का और काफ़ी मोटा था। नीचे बालों का एक छोटा सा झुंड सा था और नीचे मस्त बड़े बॉल्ज़ लटक रहे थे।
मम्मी उसे सहलायी और बोली: बाऽऽऽऽऽप रे कितना गोरा और गुलाबी है तुम्हारा? मैंने आजतक इतना सुंदर हथियार नहीं देखा। वो आगे बढ़कर उसके गुलाबी सुपाडे को चूम ली।
तुषार: मम्मी आप भी खड़ी हो ना मुझे आपको भी नंगी करना है।
मम्मी खड़ी हुईं और उसने उनकी स्कर्ट निकाल दी। मम्मी की सेक्सी पैंटी देखकर वो बोला: वाह मम्मी आप बहुत सेक्सी पैंटी पहनी हो। वो सोफ़े में बैठ करके मम्मी की पैंटी भी निकाला और मम्मी की चिकनी बुर देखकर वहाँ हाथ सहलाके बोला: उफ़्फ़्फ मम्मी आपकी बुर कितनी चिकनी और सुंदर है। फिर वो उनको घुमाकर उनकी मस्त गाँड़ सहलाया और दबाने लगा। फिर अपने होंठ वहाँ रखकर गाँड़ की गोलाइयों को चूमने लगा। फिर अचानक चूमते हुए उसने मम्मी की नर्म गाँड़ को दाँत से काट दिया। मम्मी आऽऽऽऽऽह कर उठी।
वो फिर से बोला: मम्मी मुझे सज़ा दोगी क्या?
मम्मी कुछ कुछ समझी और बोली: हाँ अब तो देनी ही पड़ेगी।
वो: ठीक है मम्मी उस ड्रॉर में स्केल रखा है। वो यह कह कर अपने पेट के बल लेट गया। मम्मी ने ड्रॉर खोला तो उसमें एक प्लास्टिक का स्केल रखा था।
तुषार के गोरे मस्क्युलर गोल चूतड़ उसके सामने थे । वो हल्के से एक स्केल उसके चूतड़ पर मारी। वो चिल्लाया: आऽऽऽह मम्मी मैं अच्छा बेटा हूँ । मत मारो।
मम्मी को पता नहीं क्या हुआ उन्होंने अबके ज़ोर से स्केल उसकी चूतड़ पर मारा और वहाँ लाल निशान बन गया। वो चिल्लाया: आऽऽऽऽऽह मम्मी अब मैं नहीं काटूँगा प्लीज़ माफ़ कर दो।
मम्मी भी अब मस्ती में आ चुकी थी, उन्होंने दो तीन और हाथ चलाए और बोली: चलो अब उठो, तुम्हारी सज़ा पूरी हुई। उसके चूतड़ लाल हो चुके थे मम्मी की मार से। वो जब पलटा तो मम्मी की आँख फट सी गयी। उसका हथियार पूरा तना हुआ था और उत्तेजना से मानो सिर हिला रहा था मम्मी से रहा नहीं गया और वो उसे चूसने लगी। अब वो भी आऽऽऽह मम्मी क्या चूस रही हो उफ़्फ़्फ़्फ वगेरह बड़बड़ा रहा था। फिर वो बोला: आऽऽह मम्मी मेरा होने वाला है। पर मम्मी नहीं रुकी और फिर मम्मी के अनुसार उन्होंने अपने जीवन का सबसे मस्त और स्वाद वीर्य का पान किया। अच्छे तरह से चूसकर मम्मी ने उसके लौड़े को साफ़ किया और हैरानी से देखती रही कि वो अब भी वैसे का वैसे ही खड़ा था।
अब वो मम्मी को अपने ऊपर खिंचा और उनके होंठ और चूचियाँ चूसने लगा। उसके हाथ उनके बड़े बड़े चूतडों पर भी घूम रहे थे। मज़े के मारे मम्मी की आँखें बंद हो रहीं थीं और बुर से नदियाँ बही जा रहीं थीं।
तुषार: मम्मी मेरे लौड़े को अंदर लेकर मुझे चोदो। जैसे पापा को आप चोदती हो।
मम्मी उसके लौड़े को अपनी बुर में डाली और नीचे दबाकर पूरा निगल ली और ऊपर नीचे होकर उसके पूरे लौंडे को महसूस करके बोली: हाय्य्य्य्य मस्त है रे बेटा तेरा। उइइइइइइइइ । क्या तुमने अपने पापा मम्मी की भी चुदाई देखी है।
वो: हाऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽंनन कई बाऽऽऽऽऽर देखी है उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़। मम्मी क्या मस्त लग रहा है। और ज़ोर से चोओओओओओओओओदो । अब वो नीचे से अपनी क़मर भी उछालने लगा और मम्मी की बच्चेदानी तक अपना लौड़ा पेलने लगा। अब मम्मी भी उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़ कहकर उछल रहीं थीं। फिर वह हाँफकर बोलीं: आऽऽह बेटा अब तू ऊपर आकर अपनी माँ को चोद ना।
वो मम्मी को लपेटे हुए पलटा और ऊपर आकर मम्मी की ज़बरदस्त चुदाई करने लगा। अब वी क़रीब २५ मिनट मम्मी को चोदा और मम्मी तीन बार झड़ीं। जब वो भी झड़ा तो मम्मी ने चैन की साँस ली और कहा: उफ़्फ़्फ इतनी सी उम्र में ही पूरे साँड़ हो गए हुए तुम। आऽऽह क्या चोदा है। जानते हो आजतक मेरी ऐसी चुदाई कभी नहीं हुई है।
वो: मम्मी मुझे भी बहुत मज़ा आया।
मम्मी: आजतक कितनी अंटियाँ चोद चुके हो?
वो: सिर्फ़ एक और वो मेरी मम्मी की दोस्त है। मैं उनको भी मम्मी बोलकर ही चोदता हूँ। पर उनको मिलना बहुत मुश्किल है क्योंकि वो अक्सर विदेश में ही रहती हैं। हाँ जब आतीं हैं तो एक दो बार ज़रूर से चुदवाती हैं। उन्होंने ही मुझे चोदना सिखाया है। वो मेरी मम्मी को भी हिंट दे चुकी हैं कि मैं उनका बेटा और आशिक़ दोनों हूँ। पर मम्मी उनकी बात को गम्भीरता से नहीं लेतीं। बस हँस देती हैं।
मम्मी: ओह चलो शायद कभी वो मान जाएँ और तुम्हारी इच्छा पूरी हो जाए।
तुषार: देखें कब मेरी इच्छा पूरी होती है। यह कहकर वो मम्मी की गाँड़ पर हाथ फेरकर बोला: आप लोगों की इस उम्र में गाँड़ मस्त बड़ी हो जाती हैं। मम्मी और आंटी की भी ऐसी ही हैं। फिर वो उनकी गाँड़ के छेद को सहलाया और फिर एक ऊँगली डाला और बोला: मम्मी गाँड़ मरवाती हैं क्या?
मम्मी: अरे बेटा लोग पैसा देंगे तो गाँड़ नहीं मारेंगे क्या? सब लोग तीनों छेदों का मज़ा लेते हैं पैसा देते हैं तो।
तुषार: तो मम्मी मैं भी मार लूँ क्या? वो अपनी ऊँगली अंदर बाहर करते हुए बोला।
मम्मी: मार ले बेटा बस कुछ तेल या क्रीम लगा लेना।
तुषार उठा और जाकर बाथरूम से क्रीम लेकर आया और मम्मी को देकर बोला: लो आप लगा लो क्रीम।
वो अब बिस्तर पर लेट गया था। उसका लौड़ा आधा ही खड़ा था। मम्मी ने पहले उसे चूसना शुरू किया और क़रीब दस मिनट की चुसाई के बाद वो पूरा अकड़ गया था। तब उन्होंने बड़े प्यार से उस पर क्रीम लगाई। अब
तुषार उठा और मम्मी को घोड़ी बनने को कहा। वो अपनी गाँड़ उठाकर घोड़ी बनी और तुषार ने उनके चूतडों पर चुंबनों की झड़ी लगा दी। मम्मी भी मस्त होकर उंन्न्न्न्न्न कर उठी। अब वो चूतडों को फैलाया और गाँड़ के छेद को जीभ से चाटने लगा। मम्मी उइइइइइइइ कर उठी। फिर वो क्रीम लेकर अपनी दो उँगलियों में मलकर उनकी छेद में घूसेड़ा और मज़े से अंदर बाहर करने लगा। अब वो बोला: आऽऽऽऽह मम्मी क्या मस्त टाइट गाँड़ है आपकी, बहुत मज़ा आएगा मारने में।
अब वह अपने सुपाड़े को छेद में लगाया और अंदर की ओर दबाकर मम्मी को हाऽऽऽऽय कहने पर मजबूर कर दिया। अब वो एक दो बार आधा लंड अंदर बाहर किया और फिर पूरी ताक़त से अपना लौड़ा अंदर पेल दिया। मम्मी : उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़ बेएएएएएएएटा धीरे से आऽऽऽहहह।
अब तुषार ने अपनी चुदाई चालू की। वो मम्मी की बड़ी बड़ी चूचियाँ जो नीचे को लटक रहीं थीं दबाए जा रहा था और ठप्प ठप्प की आवाज़ के साथ गाँड़ मारे भी जा रहा था। मम्मी उईओईईईई आऽऽऽऽह चिल्ला रही थी।
तभी वो अपनी दो ऊँगली नीचे लेज़ाकर उनकी चूत में डाला और अंदर बाहर करने लगा। मम्मी का मजा दुगुना हो चला था। वो अब उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़ बेटाआऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽ फ़ाआऽऽऽऽऽऽऽड़ दे मेरी गाँड़ चिल्ला रही थी। तुषार ने किसी अनुभवी खिलाड़ी के माफ़िक़ अब मम्मी की क्लिट को सहलाना शुरू किया और अब मम्मी के लिए रूकना असम्भव हो गया और मैं गयीइइइइइइइइइ बेटाआऽऽऽऽऽऽऽऽ कहके झड़ने लगी।
उधर तुषार भी मज़े से ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाकर बोला: आऽऽऽह मम्मी मैं भी झड़ने वाला हूँ।
मम्मी: आऽऽऽऽऽऽऽह बेटा पानी मेरे मुँह में दे दे ना प्लीज़ ।
अब उसने गाँड़ से लौड़ा बाहर निकाला और हाथ से हिलाकर मम्मी के मुँह में अपना पानी छोड़ने लगा। मम्मी भी वासना के ज्वार में मस्ती से गाढ़ा सफ़ेद रस पीती चली गयी।
अब वो भी मम्मी के बग़ल में निढाल होकर गिर गया।
मम्मी उसकी छाती सहलाकर बोली: बेटा आज दो बात हुई। एक तो मैंने इतना प्यारा लंड देखा और इतना स्वाद रस पिया।
तुषार मम्मी की चूचियाँ दबाकर: मम्मी मुझे भी आज तक इतना मज़ा नहीं आया चुदाई में जितना आपने आज दिया। अब फिर कब मिलेंगी?
मम्मी: बेटा मैं तो तुम्हारी ग़ुलाम हूँ तुमने पैसे जो दिए हैं। जब बुलाओगे हाज़िर हो जाऊँगी। ठीक है ना मेरे प्यारे बेटे? यह कहते हुए वो उसकी छाती को चूमने लगी।
दोनों लिपटकर सो गए और एक घंटे बाद शेंपेन का दौर चला और चुदाई का भी।