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ब्रा वाली दुकान complete



समीरा मलिक साथ पड़े सोफे पर पैर पर पैर रखकर बैठी तो उसकी मोटी मोटी मांस से भरी जांघें मेरे लोड़े को खड़ा होने पर मजबूर करने लगीं। थोड़ी थोड़ी देर बाद उसकी सेक्सी जांघ को देखकर अपनी आँखों को ठंडा किया जब दुकान मे मौजूदा ग्राहक चली गईं तो इससे पहले कि कोई और ग्राहक दुकान में आता मैंने दुकान का दरवाजा लॉक कर दिया वैसे भी 2 बजने में महज 15 मिनट ही बाकी थे। दरवाजा बंद करने के बाद मैंने समीरा मलिक का हाल चाल पूछा और पानी भी पूछा मगर उसने कहा कि नहीं बस तुम मुझे ड्रेस दिखाओ जिसे कि मैं पहन कर देख सकूँ। मैं उसका ड्रेस उठाकर समीरा मलिक को दिया और उसे कहा कि ट्राई रूम में जाकर तुम पहन कर देख लो। समीरा मलिक ने वहीं बैठे बैठे अपना दुपट्टा उतार कर सोफे पर रख दिया। दुपट्टे का उतरना था कि मेरी नज़रें सीधी समीरा मलिक के सीने पर पड़ी जहां उसकी गहरी क्लीवेज़ बहुत ही सेक्सी दृश्य पेश कर रही थी,

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उसके बाद वह सोफे से उठी तो थोड़ा आगे झुकी जिसकी वजह से उसके मम्मे वजन की वजह से आगे की ओर हुए और उसके मम्मे गहराई तक मुझे दिखे। इस दृश्य ने मेरे लंड का बुरा हाल कर दिया था और मेरा मन कर रहा था कि आज तो समीरा मलिक की चुदाई कर दूं। मगर फिर पहले वाले देवकाय भाई साहब की याद आ गई और मेरा सारा जोश वहीं समाप्त हो गया कि अगर समीरा मलिक ने अपने इस बॉडीगार्ड को बता दिया तो वह तो उल्टा मेरी ही गाण्ड मार देगा।

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खैर संक्षेप में कुछ ही देर के बाद मुझे ट्राई रूम से आवाज़ आई, समीरा मलिक ने मुझे आवाज़ दे रही थी। ट्रॉय रूम की तरफ गया तो समीरा मलिक वह ड्रेस पहन कर खड़ी थी मगर थोड़ी परेशान दिख रही थी। इस ड्रेस में एक छोटा सा ब्लाऊज़ था जो केवल मम्मों तक ही था, जैसे ही मम्मे समाप्त वैसे ही ब्लाऊज़ भी खत्म, ब्लाऊज़ से समीरा मलिक के बड़े बड़े मम्मे निमंत्रण का पूर्वावलोकन दे रहे थे, और यह ब्लाऊज़ कंधों से होता हुआ समीरा मलिक की आधी कमर पर समाप्त हो रहा था। लेकिन मुझे उसकी फिटिंग कुछ सही नहीं लग रही थी। नीचे एक छोटा लाचे की तरह स्कर्ट था जो समीरा मलिक के घुटनों तक था और साइड पर एक छोटा सा कट था जिससे समीरा मलिक की एक जांघ दिख रही थी। इस स्कर्ट टाइप लाचे की फिटिंग ठीक थी। मैंने समीरा से पूछा कि जी कहिए क्या हुआ? समीरा मलिक ने कहा कि इससे ब्लाऊज़ पिछली तरफ सेट नहीं हो रहा हुक बंद करने में प्रॉब्लम हो रही है। यह कह कर समीरा मलिक मेरी ओर अपनी कमर करके खड़ी हो गई और मुझे कहा कि उसकी हुक बंद करो। उसने मुंह दूसरी तरफ किया तो उसकी मोटी 36 गाण्ड देखकर मेरा लोड़ा स्वतः ही उसकी गाण्ड की तरफ बढ़ने लगा मगर फिर सलवार बँधा होने के कारण वहीं पर रुक गया। समीरा की गोरी कमर मक्खन मलाई की तरह सफेद और हर तरह के दाग से मुक्त थी मैंने उसका ब्लाऊज़ पकड़ कर पीछे से उसकी हुक बंद करने की कोशिश की तो काफी मुश्किल से हुक बंद करने में सफल हुआ। उसके बाद समीरा मलिक ने फिर मेरी ओर अपना चेहरा किया तो उसका ब्लाउज भी सही फिटिंग में नहीं था। उसके मम्मे काफी टाइट होकर फंस रहे थे यानी ब्लाऊज़ थोड़ा ज़्यादा ही फिट हो गया था।

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समीरा मलिक ने कहा कि यह तो ठीक नहीं है। इसमें यह हिलेंगे नहीं। में समीरा मलिक की बात तो समझ गया मगर अनजान बनकर कहा नहीं हिलेंगे ???

समीरा मलिक ने मेरी ओर देखा और कहा कभी तूने मुज़रा नहीं देखा क्या ??

मैंने कहा देखे हैं। तो समीरा ने कहा उसमें डांसर क्या हिलाता है बार बार जो तुम जैसे ठरकी लड़कों की राल टपकने लगती है ?? मैं उसकी बात पर दबे होंठ मुस्कुराया और कहा अच्छा यानी आप अपने इन .... मम ........ मम्मों की बात कर रही हैं कि यह नहीं हिलेंगे

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उसने कहा हां ते होर की, इन्हा दी गल्ल ई कैथी ए। मैंने कहा हक़ीकत में आप ने ब्रा भी पहन रखा है जबकि यह ब्लाऊज़ बिना ब्रा के पहनने चाहिए। क्योंकि यह ब्रा जितने आकार का ही है केवल उसकी बनावट का अंतर है। आप को ब्रा उतार कर यह ब्लाऊज़ पहनना होगा तो यह ऐसे हिलेंगे कि रुकने का नाम नहीं लेंगे।

मेरी बात सुनकर समीरा मलिक ने फिर से दूसरी ओर मुंह कर लिया और मुझे कहा कि मैं उसके ब्लाऊज़ के हुक खोल दूं। जैसे ही मैंने समीरा मलिक के ब्लाऊज़ के हुक खोले उसने बिना कुछ कहे अपना ब्लाऊज़ उतार दिया और मुझे पीछे हाथ कर मुझे ब्लाऊज़ पकड़ने को कहा। मैंने ब्लाऊज़ पकड़ लिया तो समीरा मलिक ने अपना हाथ पीछे कमर पर ले जा कर ब्रा की हुक खोलने की कोशिश की मगर उसमें भी उसे थोड़ी मुश्किल हुई तो मैं बिना पूछे आगे बढ़ा और उसके हाथ साइड पर कर खुद ही उसके ब्रा की हुक खोल दी। और फिर समीरा मलिक ने अपना ब्रा भी उतार दिया। अब उसने अपना एक हाथ अपने बूब्स पर रखा और थोड़ा मेरी ओर घूमकर मुझे अपना ब्रा पकड़ा दिया और मेरे हाथ से ब्लाऊज़ वापस पकड़ लिया और फिर दूसरी तरफ मुंह करके ब्लाऊज़ पहन लिया। समीरा मलिक ने ब्लाऊज़ पहना तो मैंने फिर से उसके ब्लाऊज़ के हुक बंद कर दिए जो अब की बार बहुत आराम के साथ बंद हो गये

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अब समीरा मलिक ने मेरी ओर मुंह किया और अपने बूब्स पर हाथ रखकर उन्हें सेट करने लगी। फिर मेरी ओर देखकर खुश होती हुई बोली हां अब बिल्कुल ठीक है फिटिंग। मैंने उससे कहा कि आप सामने लगे शीशे में देख लो। मेरी बात सुनकर समीरा मलिक ने ट्राई रूम की ओर मुंह किया जिसका दरवाजा खुला था और सामने शीशा समीरा मलिक ने शीशे में अपने आपको देखा और अपने ब्लाऊज़ के नीचे से बूब्स पर हाथ रखकर उन्हें हिला हिला कर देखने लगी। फिर वह नीचे झुकी और अपना सीना हिलाकर अपने मम्मों को देखने लगी जो उसके इस नए ब्लाऊज़ में बिल्कुल ऐसे हिल रहे थे जैसे दूसरों में हिलते हैं। और उसने गाण्ड अपनी इस तरह बाहर निकाली थी कि मेरा दिल किया कि उसकी गाण्ड मारूं।

समीरा मलिक कुछ देर इसी तरह झुककर खड़ी रही इस अपने मम्मे हिला हिला कर देखती रही फिर उसी हालत में उसने मुझे कहा, अब मजा आया ना, अब सही हिल रहे हैं। तुम देखो सही है यह। मैंने समीरा मलिक के चूतड़ों पर हाथ मारते हुए कहा न केवल मम्मे सही हिल रहे हैं बल्कि पीछे से आपकी डगी भी क़यामत ढा रही है। मेरी बात सुनकर समीरा मलिक खिलखिला कर हंसने लगी और बोली बस हो गया न ठरकी शुरू।

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मैंने कहा इसमें ठरकी वाली कौनसी बात है, आप खुद घूमकर देखो आपकी गाण्ड। । । । । ओह। । । । मेरा मतलब है आपकी एक साइड कितनी सेक्सी लग रही है। गाण्ड का शब्द सुनकर समीरा मलिक ने मुझे टेढ़ी नजरों से देखा और फिर साइड वाले शीशे को देखती हुई फिर से अपनी गाण्ड बाहर निकाली। और फिर बोली वाकई, यह ड्रेस तो क़यामत ढा देगा जो भी सीडी देखेगा प्रत्येक गीत पर एक बार तो जरूर अपनी मुठ मारेगा। मैंने समीरा मलिक को कहा मैंने तो अभी तक गाना नहीं देखा लेकिन मैं तो फिर भी एक बार मुठ जरूर मारूंगा आज। यह सुनकर समीरा मलिक हंसी और बोली मुझे पता है तुम ठरकी लोग और भी कुछ नहीं कर सकते।

उसके बाद समीरा मलिक कुछ देर तक इसी ड्रेस में इधर उधर चल फिर कर ड्रेस जाँच करती रही, उसकी फिटिंग, सिलाई, और डिजाइन अच्छी तरह जाँच कर लेने के बाद समीरा मलिक ने अपना ब्लाऊज़ उतार दिया और ब्रा पहन कर वापस अपनी कमीज पहन ली और फिर ट्राई रूम में जाकर अपना स्कर्ट भी उतार दिया और कमीज पहन कर बाहर निकल आई जहां मैं अपना लंड हाथ में लिए उसे धीरे धीरे हिला रहा था। समीरा मलिक जैसे ही बाहर निकली मैंने जल्दी अपना हाथ अपने लंड हटा दिया कि कहीं उसे पता न चल जाए कि मैं अब अपना लंड पकड़कर बैठ गया हूँ। मगर समीरा मलिक की नजर पड़ गई थी और अब उसकी नज़र मेरी सलवार के उभार पर थी। उसने मुझे एक मुस्कान दी और बोली तुम्हारी तो बहुत बुरी हालत हो रही है।

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मैंने कहा अब आप जैसा सेक्स बॉम्ब सामने मौजूद हो और अपना दर्शन भी करवा दे तो हालत तो खराब होनी ही है। खैर फिर समीरा मलिक काउन्टर पर से बढ़ी और वहां जाकर सोफे पर बैठ गई और बोली प्यास लग रही है पानी पिला दो। मैंने उसे कोल्डड्रिंक का पूछा तो उसने कहा ठंडी सेवन अप मंगवा दे। मैंने फोन पर सेवन अप मंगवाई और खुद काउन्टर से बाहर समीरा मलिक के सामने खड़ा हो गया। मेरे लंड में अब तक सख्ती बाकी थी और सलवार के उभार से पता भी हो रही थी जबकि समीरा मलिक की नजरें भी थोड़ी थोड़ी देर के बाद मेरे लंड की ओर जा रही थी। फिर उसने मुझे कहा अब यह बैठेगा भी या नहीं ???

मैंने कहा जब तक आप सामने हो तब तक तो नहीं बैठेगा, और आपके जाने के बाद जब तक रात में घर जाकर उसका इलाज नहीं करता तब तक उसमें दर्द होता रहा रहेगा

समीरा मलिक हंसने लगी मेरी बात सुन कर और फिर बोली बाकी जो औरतें आती हैं उनको देखकर भी यही हालत होती है तुम्हारी ???

मैंने कहा न तो कोई आप जैसी सेक्सी होती है और न ही उसके मम्मे यूं कमीज से दिखते जिन्हें देखकर यह खड़ा हो। मेरी बात सुनकर समीरा मलिक ने अपने सीने पर देखा जहां उसके बड़े बड़े मम्मे दुपट्टा न होने की वजह से दिख रहे थे। फिर समीरा मलिक ने अपना दुपट्टा उठा कर अपने गले में डाल लिया और अपने मम्मे भी कवर किए फिर बोली- अब तो बैठ जाएगा यह ???

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मैंने कहा न जी, उसको तो पता है कि आपके दुपट्टे के नीचे इस समय उसकी पसंद की चीज मौजूद है तो भला वह कहां बैठेगा। लेकिन आप इसका कुछ इलाज कर जाएं तो शायद उसे आराम मिल जाए

मेरी बात सुनकर समीरा मलिक के चेहरे पर कुछ बल पड़े और वह बोली मैंने तुम्हारे उपचार का ठेका थोड़ी ना ले रखा है। और वैसे भी फ्री में किसी का कोई काम नहीं करती। कि समीर मलिक ने आंख मारी तो मैं समझ गया वह क्या कहना चाह रही है।

मैंने उससे पूछा कि अच्छा वैसे मेरी इतनी औकात तो है नहीं मगर वैसे यह तो बताओ एक रात का कितना लेती हो? इससे पहले कि समीरा मलिक कोई जवाब देती बाहर दरवाजे पर कोल्ड ड्रिंक वाला आ चुका था, मैंने दरवाजे का लॉक खोलकर बोतल पकड़ी और दरवाजा फिर से बंद कर दिया। बोतल समीरा मलिक को पकड़ाई तो वह एक ही घूंट में आधी बोतल पी गई। और फिर एक लम्बी सांस ली। और बोली आराम मिला, कॉफी प्यास लग रही थी।

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मैंने उससे कहा गर्मी भी तो बहुत है, और फिर आपके सेक्सी शरीर से तो गर्मी और भी बढ़ गई है। मेरी बात सुनकर वह हंसने लगी और बोली मेरी गर्मी तो नहीं बढ़ी तुम्हारी गर्मी ज़रूर बढ़ गई होगी मेरा बदन देखकर।

मैंने कहा अच्छा आपने बताया नहीं कि एक रात का कितना लेती हो ??? इस पर समीरा मलिक ने कुछ देर मुझे देखा फिर बोली छोड़ो तुम दे नहीं कर सकते मुझे।

मैंने उससे कहा जी मुझे भी मालूम है, मगर फिर भी जानना चाहता हूँ अगर आप चाहें तो बता दें।

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समीरा मलिक ने कहा कि एक रात के खाते में नहीं है बस एक राउंड की कीमत है। ज्यादातर वडेरा ही बुलाते हैं मुझे। जिन्होंने मेरा मुजरा देखना होता है उन्हें 2 घंटे का समय मिलता है जो आधा घंटे में उन्हें मुजरा दिखाती हूँ और फिर बाकी समय वह जैसे बिताना चाहता हो मेरे साथ। और इस दौरान वह जब भी फारिग हो जाएं तो मेरी छुट्टी और 2 घंटे में 10 हजार लेती हूँ। और अगर किसी ने मुजरा नहीं देखना हो तो उससे से 8 हजार लेती हूँ ज्यादातर 15 मिनट से 30 मिनट में ही फारिग हो जाते हैं और फिर किसी और के द्वारा बुकिंग हो तो उसकी तरफ चली जाती हूँ। मैंने कहा वाह, फिर तो खूब कमाई होती होगी इस तरह। जितनी जल्दी फारिग हो लोग उतनी ज्यादा कमाई।

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इस पर समीरा मलिक ने एक सेवन अप और लिया और फिर बोली हां इसी तरह है। मैंने कहा अधिकतम कितने लोगों के पास चली जाती हो? तो उसने बताया कि आज तक वह एक रात में अधिकतम 3 लोगों के पास गई है उनमें भी 2 को आधा घंटा अपना मुजरा दिखाया और फिर उन्होंने अधिक से अधिक 15 मिनट ही लगाए मेरे साथ और फारिग हो गए और एक के साथ केवल सेक्स करना था वह भी 20 मिनट में फ्री हो गया।

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मैंने पूछा और फिर काम का कितना पैसा मिला? तो समीरा मलिक ने कहा बनता तो 28000 था मगर मैंने थोड़े ज्यादा ही निकलवा लिए तो 30000 मिला।

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मैंने कहा वाह .... लेकिन ध्यान रखना अगर किसी दिन मेरे जैसा कोई मिल गया तो वह सारी रात ही लगा देगा। फिर दर्द ज्यादा होगा और कमाई थोड़ी।

मेरी बात सुनकर समीरा मलिक ने कहा बहुत देखे हैं तुम जैसे दावेदार, 10 मिनट से अधिक नियंत्रण नहीं कर सकते तुम जैसे चिकने बच्चे।

मैंने समीरा को कहा शर्त लगाते है।

समीरा मलिक ने कहा अब अगर चाहते तो 2 मिनट में तुम्हें खाली करवा सकती हूँ अपने मुंह से।

समीरा मलिक की बात सुनकर मैंने कहा ठीक है शर्त लग गई तो। आप 2 मिनट छोड़, 5 मिनट से पहले मुझे खाली करवा दो। अगर 5 मिनट पहले आपने मेरे लंड को मुंह में लेकर खाली करवा दिया तो तुम्हारा एडवांस भी वापस और बाकी भी जो पैसे होंगे वे भी नहीं लूँगा। और अगर न करवा पाई 5 मिनट में खत्म तो बताओ क्या सज़ा होगी तुम्हारी?

मेरी बात सुनकर समीरा मलिक बोली क्यों अपने दुश्मन बनते हो? 20000 का नुकसान हो रहा है तुम्हारा।

मैंने कहा मेरे हानि छोड़ो ये बताओ अगर खत्म नहीं करवा सकी तो क्या दोगी?

मेरी बात सुनकर समीरा मलिक बोली अपनी चूत भी दूंगी गाण्ड भी दूंगी, और इस काम के एक्स्ट्रा पैसे भी दूँगी।

समीरा मलिक की बात सुनकर मैंने तुरंत अपनी कमीज ऊपर उठाई और अपनी सलवार का नाड़ा खोलने लगा।

समीरा मलिक घबरा कर बोली अरे ये क्या कर रहे हो ??

मैंने कहा क्यों डर गए हो क्या फ्री में चूत देने से ???

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मेरी बात सुनकर समीरा मलिक बोली अगर कोई इतने स्टेम वाला हो तो उसे खुशी से अपनी चूत दूंगी मगर यहाँ तो साले ऐसे भी हैं जो चूत में लंड डालते ही छूट जाते हैं जो 15, 20 मिनट बिठा लेते हैं वह भी बीच में 10 बार रुकते हैं। मैं तो डर रही हूँ कि तुम शर्त हार जाओगे ?????

मैंने अपना नाड़ा खोलकर पाजामा नीचे गिरा दिया और अपना लंड हाथ में पकड़ कर लहराता हुआ समीरा मलिक के सामने जा खड़ा हुआ और कहा, लो अपने मुंह में मेरा लोड़ा, देखते हैं कौन जीतता है।

समीरा मलिक ने मेरे लोड़े को देखा और आँखें फाड़ते हुए बोली यह तो बहुत बड़ा और मोटा है। तुम्हारा शरीर देखकर लगता नहीं कि तुम्हारे पास इतना अच्छा लंड होगा।

मैंने कहा आपने तो अभी से हार मान ली लगता है पहले कभी ऐसा लोड़ा नहीं देखा। इस पर समीरा मलिक बोली तुम अभी बच्चे हो, मुझे बस यह उम्मीद नहीं थी कि तुम्हारा लंड इतना लंबा होगा वरना मैंने इतने लंबे लंड देखे भी हैं और इसलिए भी है, लेकिन वह भी 20 मिनट से अधिक नहीं टिकते। यह कह कर समीरा मलिक ने मेरा लंड अपने हाथ में पकड़ लिया और उसे ऊपर नीचे करके देखने लगी।

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फिर उसने अचानक बाहर देखा और बोली बाहर से नजर तो नहीं आता न अंदर ??? मैंने कहा चिंता मत करो अंदर लाइट बहुत कम है बाहर से अंदर दिखाई नहीं देगा तुम शांति से अपना काम करो और समय नोट करना चाहो तो कर सकती हो। समीरा मलिक ने कहा समय नोट करने की जरूरत नहीं, तुम्हारा चौपा लगाने से मुझे खुद ही समझ लग जाएगा कि तुम इसके लायक हो या नहीं कि मैं तुम्हे मुफ्त में अपनी चूत दूं। यह कह कर समीरा मलिक ने अपने मुंह में लार इकट्ठा किया और उसे मेरे लंड के टोपे पर फेंक कर अपने दोनों हाथों से थूक मेरे लंड के टोपे और शाफ्ट पर मसलने लगी। फिर उसने अपनी जीभ बाहर निकाली और मेरी टोपी के छेद पर ज़ुबान फेरने लगी जहां वीर्य का एक बड़ा ड्रॉप मौजूद था। इस बूँद को जीभ से चाटने के बाद समीरा मलिक ने एक बार जोर से मेरा लंड दबा कर उसकी कठोरता को चेक किया और फिर बोली लंड तो टाइट है तुम्हारा। यह कह कर समीरा मलिक ने मेरे लंड की शाफ्ट पर टोपी से लेकर जड़ तक अपनी ज़ुबान फेरी और एक हाथ से मेरे आंडो को धीरे धीरे मसलने लगी। थोड़ी देर तक ज़ुबान फिरी और गोटियाँ मसलने के बाद समीरा मलिक ने मेरे लंड को अपने दोनों हाथों से जोर से पकड़ कर उसकी मुठ मारनी शुरू कर दी। समीरा मलिक बहुत तेजी के साथ मेरे लंड की मुठ मार रही थी। और मुझे उसके हाथों से मुठ मरवाने का बहुत मज़ा आ रहा था।

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कुछ देर वह तेजी के साथ मेरे लंड की मुठ मारती रही इस दौरान वह कुछ पल के लिए रुक कर मेरी टोपी पर जीभ फेरकर उसको गीला करती और अपने एक हाथ से मसलती और उसके बाद फिर से दोनों हाथों से मेरी मुठ मारने लगती । कोई 2 से 3 मिनट तक समीरा मलिक इसी तरह तेजी के साथ मेरे लंड की मुठ मारती रही और फिर उसने मेरे लंड की टोपी में थूक का बड़ा सा गोला बनाकर फेंका और फिर से उसको मेरे पूरे लंड पर मसल दिया। उसके बाद समीरा मलिक ने अपना मुँह खोला और मेरे लंड की टोपी को अपने मुँह में ले लिया। लंड टोपी और शाफ्ट के चौराहे पर जो मास फूला हुआ होता है वहां तक समीरा मलिक ने मेरा लंड मुंह में लिया और उसे अपने होंठों से भींच कर अपने होंठ उस पर गोल गोल घुमाने लगी। टोपी के फूले हुए मास में समीरा मलिक होंठ घूम रहे थे, जबकि मेरी टोपी की नोक पर समीरा मलिक की ज़ुबान लगातार टकरा रही थी। उसका चौपा लगाने का यह तरीका मुझे बहुत पसंद आया। और मेरा लंड भी जोश में आकर फूलने लगा। अब समीरा मलिक को शुरू किए केवल 4 मिनट ही हुए थे और मुझे ऐसा लगने लगा कि बस अब कि अब मेरा पानी निकलने वाला है। यह विचार मन में आते ही मुझे अपने पैसों की चिंता में पड़ गई कि अगर मेरा वीर्य निकल गया तो शर्त के अनुसार पहले वाले पैसे भी वापस करने पड़ जाएंगे जो मिलने थे वे भी जाएंगे। यह विचार जैसे ही मन में आया मैं अपने मन में घरेलू स्थिति और राजनीति के बारे में सोचना शुरू कर दिया क्योंकि मैंने एक जगह पढ़ा था कि अगर आप अपनी टाइमिंग बढ़ाना चाहते हो तो सेक्स के दौरान सेक्स पर ध्यान देने की बजाय अपने मन को किसी दूसरी ओर लगा दो इस तरह थोड़ी सी टाइमिंग बढ़ जाती है, या फिर अपने ज़हन में उलटी गिनती गिनना शुरू कर दो तो भी मन सेक्स से हट जाता है और थोड़ा एक्स्ट्रा समय मिल जाता है। [IMG]]

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]एक तो मैंने राजनीति के बारे में सोचना शुरू किया और दूसरी अच्छी बात यह हुई कि समीरा मलिक ने मेरी टोपी के आसपास अपने होठों का बनाया हुआ दबाव समाप्त कर दिया और मेरा लंड अपने मुंह से निकाल कर एक गहरी साँस ली। उसके इस गहरे सांस से मैं और मेरे मन को दूसरी ओर आकर्षित करने की वजह से जो मुझे अपने लंड में शुक्राणु एकत्र होते महसूस हो रहे थे वह खत्म हो गये . समीरा मलिक ने एक बार मेरी ओर देखा और बोली, वास्तव में तेरा स्टेम बाकी लोन्डो तो अधिक ही है, लगता है तुझे देनी ही पड़ेगी। यह कह कर उसने फिर से मेरा लंड अपने मुंह में ले लिया मगर इस बार उसने खाली टोपी लेने के बजाय मेरा आधा लंड अपने मुँह में डाल लिया था और उसके चौपे लगा रही थी। अबकी बार वह पहले से ज्यादा उत्साह के साथ मेरे लंड के चौपे लगा रही थी और मुझे उसके मुंह की गर्मी और गीले पन से बहुत राहत मिल रही थी। उसने एक बार फिर से मेरा लंड मुंह से निकाला और बोली पहले कभी किसी ने तेरे लंड के चौपे ऐसे लगाए हैं ??? मैं उससे कहा चौपे तो कई लड़कियों ने लगाए हैं मगर ऐसा स्वाद किसी ने नहीं दिया। यह सुनकर समीरा मलिक ने फिर से मेरा लंड मुंह में ले लिया और उसके चौपे लगाने लग गई। अब की बार समीरा मलिक अपने हाथ से मेरा लंड भी मसल रही थी और दूसरे हाथ से मेरे आँड मसल रही थी और साथ ही अपने मुंह से मेरे चौपे भी लगा रही थी। उसको चौपे लगाते लगाते कोई 8 मिनट से ऊपर का समय बीत चुका था और अब मुझे विश्वास था कि समीरा मलिक मुझे अपनी चूत जरूर देगी। और अगर वह अपने वादे से मुकरती भी है तो कोई बात नहीं उसने शानदार मुठ मार कर और चौपे लगाकर मुझे बहुत मज़ा दिया था तो उसी में खुश हो जाउन्गा

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फिर जब उसको चौपे लगाते लगाते 10 मिनट हो गए तो मुझे फिर से लगा कि अब मेरा लंड किसी भी समय वीर्य छोड़ सकता है, उस समय मेरी आह ह ह, आह ह ह आवाज निकलना शुरू हो गईं थीं जिससे समीरा मलिक समझ गई कि मैं वीर्य निकालने वाला हूँ।

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उसने एक दो और जोरदार चौपे लगाए और उसके बाद अपने मुंह से मेरा लंड निकाल कर उसका रुख दूसरी साइड पर मंजिल की ओर कर दिया और तेज तेज मुठ मारने लगी। उसने अपना बायां हाथ मेरे चूतड़ों पर रख लिया था और दाहिने हाथ से तेज तेज मुठ मार रही थी। तभी मेरे लंड ने फूलना शुरू किया और वीर्य की एक पतली धार मेरे आंडो से होती हुई टोपी की तरफ बढ़ना शुरू हुई, तब मेरी टोपी ने भी फूलना शुरू किया और फिर एकदम से मेरे मेरे लंड ने वीर्य की एक लंबी धार छोड़ी जो कम से कम एक मीटर दूर जाकर गिरी, और फिर एक के बाद एक धार निकलती रही और फर्श पर गिरती रही।[IMG]] इस दौरा समीरा मलिक एक पल के लिए भी नहीं रुकी और लगातार मेरे लंड हिला हिलाकर वीर्य की आखिरी बूंद तक मेरे लंड से निकलवा दी जब सारा वीर्य निकल गई और मैं गहरी गहरी सांस लेने लगा तो समीरा मलिक अपनी जगह से खड़ी हुई और मेरे होंठों पर होंठ रख कर उसने एक लंबी किसकी और बोली वाह , तेरा स्टेम वाकई इतना है कि तुझ से चुदाई करवाने में मज़ा आयेगा। यह सुनकर मैंने अपने हाथ समीरा मलिक के मम्मों पर रखे तो उसने कहा अभी नहीं जानेमन, अब मुझे देर हो रही है, लेकिन यह वादा रहा कि समीरा मलिक तुझे अपनी चूत भी देगी और गांड भी देगी । जो बिना रुके मुठ और चौपा 10 मिनट तक मरवा सकता है कोई शक नहीं कि वह सारी रात मेरी चुदाई भी कर सकता है। फिर उसने पूछा वैसे एक रात में कितने राउंड लगा सकते हो ??? मैंने कहा अभी तो एक रात में 2 राउंड ही लगाए हैं तीसरे राउंड का मौका नहीं दिया प्रेमिका ने वरना तीसरा राउंड भी लग जाता। समीरा मलिक ने कहा बस ठीक है, तुझे समीरा मलिक की चूत जरूर मिलेगी तेरा लंड तगड़ा है। यह कह कर उसने मुझे सलवार पहनने के लिए कहा। मुझे थोड़ी निराशा तो हुई क्योंकि जब समीरा मलिक ने मेरे होंठ चूमे तो मुझे लगा था कि अब यह मेरे से चुदाई कराएगी। मगर ऐसा नहीं हुआ। और फिर वह मुझसे वाकई चुदाई कराएगी या फिर महज यह एक बहाना था उसका भी कुछ पता नहीं था। उसने मुझे बाकी के ड्रेस समय पर तैयार करवाने के लिए कहा और फिर मिलने का वादा करके चली गई[IMG]]

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उधर फोन पर मेरी मलीहा से काफी गपशप शुरू हो चुकी थी रोज ही रात 11 बजते तो मलीहा मुझे एसएमएस के माध्यम से कॉल करने का कह देती। हम दोनों में अब काफी खुलकर बात होती थी और यहां तक कि फोन पर ही में मलीहा से उसके मम्मों का आकार भी पूछ चुका था और सेक्स के बारे में भी हमारी बातचीत हुई थी। फिर एक दिन जब मलीहा राफिया के साथ मेरी दुकान पर आई तो मैंने मलीहा अपनी पसंद का एक ब्रा दिखाया। मलीहा राफिया के सामने थोड़ी शर्मा रही थी मगर राफिया उसे कहने लगी लेलो आपी, मुफ्त में जो कुछ भी मिले ले लेना चाहिए। मैंने मलीहा से कहा शर्म की कोई बात नहीं आप ट्राई रूम में जाकर फिटिंग आदि चेक कर लो।

मलीहा थोड़ा हिचकी क्योंकि मैं उसे फोन पर ही बता चुका था कि मेरे ट्राई रूम में एक कैमरा लगा हुआ है और वह जानती थी कि मैं किसी और को वास्तव न देखूं मगर मलीहा को तो जरूर देखूंगा ब्रा बदलते हुए आखिर वह मेरी मंगेतर थी में उसके मम्मे नहीं देखूंगा तो भला और कौन देखेगा। मेरे जोर देने पर मलीहा ट्राई रूम में चली गई और राफिया भी उसके साथ चली गई उधर मलीहा ने ट्राई रूम का दरवाजा बंद किया तो उधर मैंने अपनी कंप्यूटर स्क्रीन ऑन कर ली और कैमरा ऑन कर के अंदर का दृश्य देखने लगा। मलीहा थोड़ा शरमा रही थी जबकि राफिया इसके साथ ही खड़ी थी और शायद उसे जल्दी ट्राई करने का कह रही थी। मलीहा ने शरमाते शरमाते अपनी कमीज उतारी। नीचे उसने समीज़ नहीं पहनी थी लाल रंग का एक ब्रा था जो मलीहा के 36 आकार के मम्मों पर बहुत सुंदर लग रहा था।

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मलीहा की सुंदर गहरी क्लीवेज़ ब्रा में नजर आई तो मेरा हाथ स्वतः ही अपने लंड की ओर बढ़ने लगा और उसे पकड़ कर झटके मारने लगा। मलीहा चोर नज़रों के साथ इधर उधर देख रही थी कि शायद उसको कहीं कैमरा नजर आजाए मगर मैंने यह नहीं बताया था कि कैमरा सामने नहीं बल्कि ऊपर छत में लगा हुआ है। जहां से मुझे मलीहा की सुंदर क्लीवेज़ बहुत स्पष्ट दिख रही थी। फिर मलीहा ने अपना ब्रा उतारा तो उसके 36 आकार के सुंदर गोरे चिट्टे गोल मम्मे देख कर मेरा लंड और भी तगड़ा गया। मलीहा का पूरा शरीर बहुत सुंदर और बेदाग था। उसके बड़े बड़े मम्मे और बिना वसा का पेट देखकर मेरा दिल खुश हो गया था कि मुझे इतनी सुंदर और हसीन पत्नी मिलने वाली है।

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बहरहाल फिर मलीहा ने मेरा दिया हुआ ब्रा पहना जो उस पर बहुत सुंदर लग रहा था। गोरे शरीर पर काले रंग का ब्रा हमेशा ही अच्छा लगता है। अच्छी तरह फिटिंग चेक करने के बाद जब मलीहा ब्रा उतारने लगी तो मैंने बाहर से आवाज लगाई कि मलीहा अगर फिटिंग सही हो तो यही ब्रा पहन के आ जाना, बदल ना नही मेरी बात सुनकर मलीहा ने जो ब्रा उतारने लिए उसकी हुक खोल चुकी थी उसने फिर से हुक बंद करके कमीज पहनी और राफिया के साथ बाहर आ गई। बाहर आई तो उसका चेहरा शर्म से लाल हो रहा था क्योंकि वह जानती थी कि मैंने इसे बिना ब्रा के भी देख लिया है और ब्रा पहने हुए देख लिया है। मैंने मलीहा से पूछा कैसा लगा आपको यह ब्रा तो मलीहा ने कहा बहुत अच्छा है। और फिर हम बातें करने लगे कुछ देर में राफिया हमसे कुछ दूर होकर खड़ी हो गई और गहने देखने लगी तो मैंने मलीहा से कहा यार मलीहा तुम तो क़यामत हो, कितना सुंदर शरीर है तुम्हारा।

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यह सुनकर मलीहा चेहरा अनार की तरह लाल हो गया और उसे समझ नहीं आया कि वह क्या कहे मेरी बात के जबाब में . फिर मैंने उसे कहा तुम्हारा सीना भी बहुत सुंदर है मेरा तो मन कर रहा था कि तुम ब्रा पहनो ही ना ऐसे ही खड़ी रहो। मलीहा ने कहा धीरे बोलें राफिया न सुन ले। फिर मलीहा मुझे कहने लगी कि आप दूसरी लड़कियों को भी देखते हो कैमरे में? मैंने मलीहा को बताया कि आम लड़कियों को तो नहीं देखता लेकिन अगर कभी 2 लड़कियाँ अंदर जाए और मुझे शक हो कि वह कोई गलत हरकत कर रही हैं अंदर तो देखता हूँ कैमरा से और अगर कभी कोई लड़की अपने प्रेमी या पति के साथ जाए तब भी देखना पड़ता है कि कहीं वह अंदर ही शुरू नहीं हाजाएँ। मेरे जवाब पर मलीहा संतुष्ट हो गई तो मैंने राफिया कहा कि राफिया अब मलीहा को उपहार दिया है तो तुम्हें भी देना चाहिए, तुम भी क्या याद करोगी यह लो तुम भी एक ब्रा लो मुफ्त में। यह कह कर मैंने 34 आकार का ब्रा निकाला और राफिया दे दिया। राफिया ने कहा मेरे पास तो अभी हैं मुझे नहीं चाहिए। मैंने कहा तो पागल लड़की कौन पैसे ले रहा हूँ तुमसे। रख लो और ट्राई रूम में देख लो। राफिया ने मेरे हाथ से ब्रा पकड़ा और मलीहा को ले जाने लगी ट्राई रूम में तो मैंने राफिया को कहा यह अत्याचार न करो इस बेचारी को तो मेरे पास रहने दो।

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मेरी बात सुनकर राफिया हंसी और बोली अच्छा लग गई है मुझे समझ कि किसलिए मुझ पर इतने दयालु हो रहे हो, उद्देश्य गिफ्ट देना नहीं बल्कि मुझे साइड पर भेजना है ताकि आपी और आपको अकेलापन मयस्सर हो सके। यह कह कर राफिया ने मलीहा की ओर देखकर आँख मारी और बोली आपी तुम भी क्या याद करोगी, ऐश करो मैं जीजा जी का दिया हुआ ब्रा ट्राई करती हूँ यह कह कर राफिया वहां से चली गई। जैसे ही राफिया ने ट्राई रूम का दरवाजा बंद किया मैं एक दम से काउन्टर से बाहर निकला और मलीहा को जोर से अपनी बाहों में भींच लिया। [IMG]]दुकान का दरवाजा तो पहले ही बंद कर चुका था, मलीहा को अपनी बाहों में लेते ही मैंने उसके खूबसूरत होठों पर अपने होंठ रख दिए और उनको चूसना शुरू कर दिया।

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मलीहा मेरे इस हमले के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थी इसलिए शुरू में उसने अपने आप को छुड़ाने की कोशिश की और हल्की आवाज में बोली नही प्लीज़, मगर फिर उसे एहसास हुआ कि वह किसी गैर की बाहों में नहीं बल्कि अपने मंगेतर की बाँहों में है तो उसने प्रतिरोध छोड़ दिए और वह भी चुंबन करने लगी। उसके होंठ बहुत नरम और रसीले थे और मुझे पहली बार किसी लड़की के होंठ चूसने का इतना मज़ा आ रहा था, उसकी वजह शायद अपनापन थी। कुछ देर तक उसके होंठ चूसने के बाद मैंने उसके होंठों से अपने होंठ हटाए और पूछा कैसा लगा मलीहा। मलीहा की आंखों में नशा था और वह मदहोश हो रही थी वह कुछ नहीं बोली और शर्म के मारे अपनी आँखें नीचे झुका लीं। फिर मैंने मलीहा एक मम्मे को पकड़ कर दबा दिया और कहा मुझे अपना ब्रा तो दिखाओ।

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मलीहा ने अपना हाथ मेरे हाथ पर रखा मगर मेरे हाथ को अपने मम्मे से हटाने की कोशिश नहीं की और बोली आप देख तो चुके हैं यह। मैंने मलीहा से कहा नहीं वो तो कंप्यूटर पर देखा हैं, लेकिन मैं तो अपने सामने अपनी आँखों से तुम्हारी इस सुंदर छाती देखना चाहता हूँ। यह कह कर मैंने मलीहा की कमीज और उठाई और जैसे ही मलीहा की कमीज उसके मम्मों तक पहुंची उसने मुझे रोक दिया और बोली प्लीज़ .... मुझे शर्म आती है। मैंने उसके होठों पर एक प्यार भरा चुंबन दिया और बोला अरे मुझसे कैसी शर्म, और वैसे भी फोन पर आप ने मुझसे वादा किया था कि अपना सुंदर शरीर मुझे जरूर दिखाओगी तो अब तो देख कर ही रहूंगा।

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यह कि मैंने मलीहा की कमीज उसके मम्मों से ऊपर उठा दी और नीचे काले रंग के ब्रा मलीहा के उठे हुए गोरे मम्मे देखे तो बस देखता ही रह गया। फिर कुछ देर बाद में उन पर झुका और एक हाथ से उसके मम्मे पकड़ कर उस पर अपने होंठ रख कर उसे चूमने लगा। मलीहा का पूरा शरीर शर्म के मारे कांप रहा था मगर वह मुझे रोक नहीं रही थी। उसकी एक वजह यह भी थी कि फोन पर हम काफी सेक्सी सेक्सी बातें करते रहते थे और बातों ही बातों में हम पूरा सेक्स कर चुके थे। बहुत प्यार के साथ मलीहा के मम्मे चूस रहा था कि फिर अचानक मलीहा ने मुझे मना कर दिया और बोली- अब ना करें प्लीज़ मुझे बहुत शर्म आ रही है। मैंने कहा नहीं मेरी जान, मुझ से कैसी शर्म, और अब तो मैंने तुम्हारे इन खूबसूरत गोल मम्मों को सही तरह से देखा ही नहीं। अब तो उन्हें ब्रा की कैद से मुक्त करके देखना है। यह कह कर मैंने मलीहा एक मम्मे ब्रा हटाना ही चाहा था कि ट्राई रूम का दरवाजा खुलने की आवाज आई और साथ ही राफिया की आवाज आई कि मैं आ रही हूँ।

यह सुनते ही मुझे और मलीहा को एक करंट लगा और मैं मलीहा से दूर होकर खड़ा हो गया जबकि मलीहा ने भी अपनी कमीज नीचे कर ली मगर उसकी भारी भारी सांसें अभी चल रही थीं। तभी राफिया भी वापस आ गई और हंसते हुए कहने लगी सॉरी में आप दोनों को ज्यादा समय नहीं दे सकी। मैंने अपने खड़े लंड को पैर के बीच दबाने के बाद कहा अरे नहीं साली साहिबा, ऐसी कोई बात नहीं आप के सामने भी हमें मिलने में कोई शर्म नहीं है, क्यों मलीहा ठीक कह रहा हूँ ना में ?? मेरी बात सुनकर मलीहा ने कहा हां तो और पहले भी राफिया के सामने ही बातें कर रहे थे। मगर अंदर से हम दोनों जानते थे कि राफिया की अनुपस्थिति में हम ने जो हरकत की वह उसकी मौजूदगी में नहीं हो सकती थी। उसके बाद मैंने राफिया से पूछा तुम बताओ ब्रा सही है या नही?

राफिया ने कहा आप ब्रा दो और उसकी फिटिंग सही न हो यह कैसे हो सकता है, यह कह कर राफिया हंसने लगी और मैं सोचने लगा कि कहां यह लड़की मुझसे बात करना तक गवारा नहीं करती थी और कहाँ अब साली बनने के बाद इतनी फ्री गई है कि द्वि अर्थ वाली बातें भी कर जाती है। बहरहाल उन दोनों के जाने के बाद रोज की दिनचर्या के हिसाब से अपना काम करता रहा और अगले दिन दोपहर में मुझे कराची से पार्सल मिला जिसमें अभिनेत्री समीरा मलिक के कपड़े थे जो विशेष रूप से अपनी नई फ़िल्माई जाने वाली वीडियो और मुज़रे के लिए बनवाए थे। पार्सल मिलते ही मेंने समीरा मलिक को फोन किया तो उसने कहा कि अभी तो मैं व्यस्त हूँ, आ नहीं सकती कल ही आना होगा या फिर किसी और को भेज दूंगी वो तुम्हें पैसे देकर कपड़े ले जाएगा। मुझे अपने अरमानों पर धूल उड़ती नजर आने लगी तो मैंने समीरा मलिक को कहा समीरा जी यह उचित नहीं, कपड़े लेने के साथ साथ आपने एक और वादा भी किया है मुझे। मेरी बात सुनकर समीर ने एक मामूली ठहाका लगाया और बोली उसकी तुम चिंता मत करो, मुझे तुमसे ज्यादा इंतजार है कि कब तुम अपना हथियार मेरी अंधेरी गुफा में डालो। तुम चिंता मत करो, अगर मैं न भी आ सकी तो कुछ दिनों में आप अपने घर बुला लेना और वहाँ तुम जी भर कर मुझे चोदना। ये कह कर समीर मलिक ने फोन बंद कर दिया और मैं सोचने लगा कि मेरी यह हसरत पूरी नहीं हो सकेगी कल वही भीमकाय बॉडीगार्ड आएगा और कपड़े उठा कर ले जाएगा

अगले दिन मैंने 10 बजे दुकान खोली तो 11 बजे मुझे समीरा मलिक का फोन आ गया और उसने पूछा कि आज तुम मेरे घर आ सकते हो ???

मैंने कहा नहीं घर तो आना मुश्किल है।

समीरा मलिक ने कहा फिर कहाँ का कार्यक्रम है ???

मैंने कहा क्या मतलब कहां का कार्यक्रम है ???

समीरा मलिक ने कहा भूल गए आप सारी रात मुझे चोदना था।

मैंने कहा हां, वह तो ठीक है मगर सारी रात चोदने मतलब यह तो नहीं कि रात दिन तक चोदते ही रहना है, 2, 3 राउंड लगाउन्गा

समीरा मलिक ने उत्सुकता से कहा, तुम 2 भी लगा लो राउंड और हर राउंड 15-20 मिनट का हो तो मेरी रात अच्छी हो जाएगी और मैं तुम्हें खुश कर दूंगी।

मैंने कहा वो तो ठीक है, लेकिन रात का राउंड किसी और दिन लगा लेंगे अब आप दुकान पर ही आजाो उधर ही एक राउंड हो जाए। मेरी बात पर समीरा मलिक कुछ सोचते हुए बोली अच्छा चलो मैं कोशिश करती हूँ थोड़ी देर मे आती हूँ।

मैंने कहा 2 बजे के करीब आइएगा 2 बजे से लेकर 4 बजे तक दुकान बंद रखता हूँ तो उसी समय एक राउंड हो जाएगा। मेरी बात सुनकर समीरा मलिक ने कहा चलो ठीक है में आती हूँ 2 बजे तक। और समीर मलिक ने फोन बंद कर दिया और मैं बेसबरी से उसका इंतजार करने लगा।

थोड़ी देर बाद कुछ सोचकर मैंने दुकान का दरवाजा बाहर से बंद किया और थोड़ा ही आगे एक मेडिकल स्टोर पर जाकर कंडोम का पैकेट लेकर आ आया। कंडोम यूज करने से थोड़ी टाइमिंग बढ़ जाती है और कंडोम भी टाइमिंग बढ़ाने वाला हो तो ही बात है। में एक कंडोम की बजाय पूरा पैक ले आया था क्योंकि एक दो बार कुछ महिलाओं ने भी मुझसे कंडोम की मांग की थी, लेकिन मेरे पास कंडोम नहीं होते इसलिए मैंने सोचा कि अगर कुछ महिलाएँ मांग लें तो यह बेचकर भी अच्छे पैसे कमाए जा सकते हैं। कंडोम की डब्बी मैंने एक साइड पर ब्रा वाली अलमारी के साथ रख दिया और बेचैनी से समीरा मलिक का इंतजार करने लगा। कोई 2 बजे के करीब दुकान के बाहर एक बडर्र एमओपी आकर रुकी और उसमें से एक विशालकाय आदमी बाहर निकला, फिर समीरा मलिक निकली और दोनों दुकान की ओर बढ़ने लगे, मेरे अरमानों पर फिर से ओस पड़ गई कि समीरा मलिक ने वादा नहीं निभाया और अब फिर से किसी बहाने से टाल देगी। दुकान का दरवाजा खोलकर दोनों अंदर आए तो समीरा मलिक ने मुझे सलाम भी किया और आश्चर्यजनक रूप से मुझसे हाथ भी मिलाया, अन्यथा सामान्य रूप से कोई महिला दुकानदार से हाथ नहीं मिलाती

समीरा मलिक का हाथ मिलाना कुछ अजीब था, जिससे मुझे आशा हुई कि आज कुछ न कुछ होगा और मेरे लंड को आराम मिलेगा। वैसे भी काफी दिनों से कोई चूत नहीं मिली थी उसे, अंतिम बार समीरा मलिक ने ही अपने मुंह की गर्मी से चुसाइ लगा लगाकर मेरे लंड का वीर्य निकलवाया था

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मैंने समीरा मलिक का हाल चाल पूछा और पानी भी पूछा मगर उसने मना कर दिया और बोली पहले जल्दी से मुझे कपड़े दिखाओ। मैंने समीरा मलिक को कपड़े खोलकर दिखाए, उसने सरसरी नज़र में कपड़े देखे और अपने साथ खड़े बॉडीगार्ड से कहा कि इनका भुगतान कर दो बाकी। उसने अपनी जेब से पैसे निकाले और बाकी बिलों का भुगतान कर दिया। फिर समीरा मलिक ने कहा कि अगर इनमें से किसी भी सूट की फिटिंग सही न हुई तो वह वापस करूंगी, मैंने कहा आप बेफिक्र हो जाएँ, लेकिन यह इस्तेमाल नहीं होने चाहिए। अगर किसी की फिटिंग खराब हो तो उसी दिन चेंज करवा लेना ऐसा न हो कि इस ड्रेस में शूटिंग हो जाए और उसके बाद वह वापसी के लिए आए।

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मेरी इस बात पर समीरा मलिक ने थोड़ा गुस्से का इजहार किया और बोली मुजरे जरूर दी आं में से एनी वी बे सम्मान नी हुई। फिर उसने अपने साथ मौजूद बॉडी गार्ड से कहा कि वह कपड़े लेकर स्टूडियो चला जाए और तारिक साहब के हवाले कर दे, मुझे अब बाजार में कुछ काम है 2 से 3 घंटे लग सकते हैं तुम 4 बजे तक आ जाना मुझे लेने। इस व्यक्ति ने बिना कुछ कहे वापसी की राह ली और समीरा मलिक के ड्रेस कार में रखकर वहाँ से चला गया, मैं समझ गया था कि समीरा मलिक अब अपनी चूत को शांत करने के लिए बेताब है, उसके जाते ही मैंने दुकान का दरवाजा लॉक किया और दुकान बंद है का साइन बोर्ड लगा कर वापस समीरा मलिक की ओर मुड़ा।

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वापस मुड़ते ही मैंने समीरा मलिक को अपने सीने से लगा लिया और उसके होठों पर पागलों की तरह प्यार करने लगा उसने भी मेरा पूरा साथ दिया और तुरंत ही मेरे होठों को चूसना शुरू कर दिया। मेरे हाथ समीरा मलिक के चूतड़ों पर थे और समीरा के चुंबन के साथ साथ मैं उसके चूतड़ों को भी दबा रहा था जबकि समीरा मलिक ने एक हाथ मेरी गर्दन पर डाला हुआ था और दूसरा हाथ वह मेरी टांगों के बीच ले जा कर मेरे लंड पर रख चुकी थी। उसने हाथ मेरे लंड पर रखा और उसे दबा कर उसकी सख्ती का मूल्यांकन करने लगी। फिर उसको हल्के हल्के झटके देने लगी और साथ ही मेरे मुंह में अपनी जीभ डाल कर उसको गोल गोल घुमाने लगी।

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मैंने भी उसकी ज़ुबान को चूसना शुरू कर दिया। कुछ देर चूमा चाटी के बाद समीरा मलिक ने अपने होंठ मेरे होंठों से अलग किए और तुरंत ही नीचे बैठ कर मेरी कमीज उठाई और फिर मेरी सलवार का नाड़ा खोल कर मेरी सलवार को नीचे गिरा दिया और मेरा लंड अपने हाथ में पकड़ कर उसे ध्यान से देखने लगी। उसकी आँखों में मौजूद चमक से साफ पता लग रहा था कि वह भी मेरी तरह बहुत बेताब थी मेरे साथ मिलन के लिए। मैंने उसको कहा लगता है काफी गर्मी भरी है चूत में ???

समीरा ने ऊपर देखा और बोली जब से तुम्हारे लंड की चुसाइ है कोई और लंड मिला नहीं अब तक इसलिए ज़्यादा धैर्य नहीं हो रहा, यह कह कर उसने मेरे लंड की टोपी पर अपने होंठों से एक किस की और फिर उसे अपने होंठों में लेकर गोल गोल घुमाने लगी साथ ही अपनी जीभ मेरे लंड की टोपी के छेद पर भी जोर से मारने लगी जिससे मैं तुरंत ही मजे की ऊंचाई पर पहुंच गया।

इससे पहले कि वह मेरे लंड की टोपी का बुरा हाल करती मैंने उससे पूछा समीरा जी कंडोम चढ़ाकर लंड चूसना पसंद है या फिर ऐसे ही ??? समीरा ने कहा कि मज़ा बिना कंडोम के चौपा लगाने में आता है वह कंडोम के साथ नहीं। यह कह कर उसने फिर से मेरे लंड की टोपी पर अपने चौपे लगाने का कौशल दिखाना शुरू कर दिया और मुझे चिंता होने लगी कि एक सप्ताह से चूत का प्यासा लंड कहीं जल्दी ही छूट न जाए। फिर समीरा ने मुंह से मेरा लंड निकाला और बोली वैसे कंडोम फ्लेवर वाला है या सामान्य?

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मैंने कहा बनाना फ्लेवर है। उसने कहा ठीक है वह चढ़ा लो फिर चुसाइ लगाती हूँ तुम्हारी यह कह कर वह पीछे हट कर सोफे पर बैठ गई और मैं काउन्टर में अंदर जाकर कंडोम की डब्बी निकालकर उसमें से एक कंडोम अपने लंड पर चढ़ाने लगा। लंड पर कंडोम चढ़ाने के बाद जब मैं वापस मुड़ा तो समीरा मलिक अपनी कमीज और ब्रा दोनो ही उतार चुकी थी और उसके हाथ सलवार उतारने की तैयारी में थे। उफ़ ..... क्या मम्मे थे समीरा मलिक के ... 38 आकार के बड़े खरबूजे जितने मम्मे देख कर तो मेरा लंड उन्हें सलामी देने के लिए छत की ओर मुंह करके खड़ा हो गया था। अब में समीरा मलिक के मम्मों की सुन्दरता में डूबा हुआ था कि समीरा मलिक अपनी सलवार उतार कर मेरे सामने खड़ी हो गई। वह अब पूरी तरह से नंगी थी और आगे बढ़कर उसने अपना हाथ मेरे लंड पर रखा तो मैं उसके मम्मों की ओर झुकने लगा। उसने मुझे पीछे हटाया और बोली पहले मुझे चुसाइ करने दे फिर मेरे मम्मे चूस लेना ताकि तेरे लंड को चुसाइ से थोड़ा आराम मिले फिर उसके बाद चुदाई शुरू हो। इस प्रकार अधिक समय तक तू चोद पाएगा मुझे।

मेरा मन तो बहुत कर रहा था समीरा मलिक के मम्मे हाथ में पकड़ कर उन्हें चूसने का मगर समीरा की बात भी सही थी अगर चौपे लगवाने के तुरंत बाद लंड उसकी चूत में डाल देता तो वीर्य जल्दी निकल जाता इसलिए मैंने समीरा मलिक की बात मान ली जो अब मेरे सामने बैठ चुकी थी और लंड अब उसके मुँह में था। पहले तो उसने कंडोम के बनाना फ्लेवर का परीक्षण किया और फिर कंडोम पर बने दानों को देख कर बोली आज आएगा ना मज़ा कंडोम से चुदाई करवाने का। डाटड कंडोम यानी बारीक कंडोम जिस पर छोटे निशान होते हैं और वे बाहर उभरे होते हैं, यह दाने जब औरत की चूत में जाते हैं तो उसको अधिक रगड़ देते हैं जिसकी वजह से गर्म महिलाओं को और अधिक मज़ा आता है जबकि जो अधिक चुदाई की आदी न हों उनकी चूत में जलन शुरू हो जाती है और दर्द होने लगता है। मगर समीरा मलिक जैसी रंडी को भला यह बारीक कंडोम से क्यों दर्द होता वह तो चुदी चुदाई थी और उसकी ज्यादातर रातें किसी ना किसी लंड के साथ ही गुजरती थीं।

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