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“शौहरी।” मखानी धीमें स्वर में बोला।
बोल।”
“जब से हमने सफर शुरू किया पनडुब्बी का, तब से तुमने हमें चुप रहने को क्यों कहा?" *
“मुझे गड़बड़ का अंदेशा हो रहा है।” शौहरी की फुसफुसाहट कानों में पड़ी।
“कैसी गड़बड़?”
“मोमो जिन्न की तरफ से मुझे परेशानी आ रही है। उसकी तरफ से संकेत ठीक नहीं मिल रहें। जो भी जथूरा के हक में काम करता है, एक ही काम पर होने की वजह से, हमें संकेत मिलते रहते हैं कि काम ठीक चल रहा है। परंतु मोमो जिन्न की तरफ से मिलने वाले संकेत बीच-बीच में टूटते जा रहे हैं।”
“क्या वो जथुरा के खिलाफ चल रहा है?”
लगता तो ऐसा ही है। तभी लक्ष्मण और सपन ने तुम दोनों पर हमला किया। जान ले ली तुम दोनों की। तुम्हें नए शरीर में आना पड़ा।” ।
ये बात तो है। तू कहे तो मैं मोमो जिन्न से बात करूं।”
“मोमो जिन्न् तेरे हाथ के नीचे नहीं आने वाला। वो ताकतवर है। परंतु लगता है जैसे कि नई गड़बड़ हो गई हैं।”
नई गड़बड़? वो कैसे?”
“अब मुझे मोमो जिन्न की तरफ से कोई संकेत नहीं मिल रहे।”
इसका क्या मतलब हुआ?”
“वो यहां से काफी दूर चला गया लगता है।”
वो तो उन दोनों के साथ पेड़ों की तरफ गया है। मखानी ने उस तरफ देखा।
“मेरे खयाल में मोमो जिन्न उन दोनों के साथ वहां से भी दूर चला गया है।” शौहरी की फुसफुसाहट कानों में पड़ी।
“ये तो बुरा हुआ। मैं लक्ष्मण और सपन को सबक सिखाना चाहता था।” मखानी बोला।
शौहरी की तरफ से कोई आवाज नहीं आई।
“तुम चुप क्यों हो गए?”
संकेतों को चैक कर रहा था। परंतु कोई फायदा नहीं। मोमो जिन्न की तरफ से कोई संकेत नहीं है।”
तो अब हम क्या करें?”
कुछ देर बाद बताऊंगा।” मखानी ने कमला रानी को देखा, वो उसे ही देख रही थी।
क्या बात हुई शौहरी से।” मखानी ने सब बता दिया।
“मुझे तो लगता है कि हम नई मुसीबत में पहुंच गए हैं।” कमला रानी गहरी सांस लेकर कह उठी।
वो कैसे?” ।
हम् पूर्वजन्म में आ पहुंचे हैं। इन सब लोगों का पूर्वजन्म। भौरी ने बताया कि हम अपनी दुनिया से दूर निकल आए हैं।”
ये जगह कहां पर है?”
मुझे क्या मालूम?” कमला रानी ने आस-पास नजरें दौड़ाईं।
भौरी से पूछा।”
“जब भी भौरी से बात करती हूँ तो व्यस्त होने को कह देती है। जबसे हम जथूरा की जमीन पर पहुंचे हैं, वो बहुत व्यस्त हो गई
। “छोड़ इन बातों को।” मखानी मुस्कराया—“वैसे ये जगह अच्छी
लगती है।”
“अभी देखी कहां है ये जगह। समुद्र और वो दूर पेड़ ही देखे
तू साथ है तो मुझे हर जगह अच्छी लगेगी।” मखानी मुस्करा पड़ा।
मुस्करा मत ।” कमला रानी ने मुंह बनाया।
क्यों?
जब भी तू मुस्कराकर मेरे से बात करता है तो उसके बाद चुम्मी मांगता है।”
“तेरे को पहले ही पता चल गया।”
क्या?"
“मैं तो चुम्मी मांगने वाला था।” कमला रानी ने मखानी को घूरा।
मखानी दाँत फाड़कर कह उठा।
सिर्फ एक ।”
नहीं।” कमला रानी ने इनकार में सिर हिलाया।
एक बार ।”
एक बार भी नहीं मैं...।” तभी मखानी ने झपट्टा मारा और कमला रानी की चुम्मी ले
ली ।।
बोल।”
“जब से हमने सफर शुरू किया पनडुब्बी का, तब से तुमने हमें चुप रहने को क्यों कहा?" *
“मुझे गड़बड़ का अंदेशा हो रहा है।” शौहरी की फुसफुसाहट कानों में पड़ी।
“कैसी गड़बड़?”
“मोमो जिन्न की तरफ से मुझे परेशानी आ रही है। उसकी तरफ से संकेत ठीक नहीं मिल रहें। जो भी जथूरा के हक में काम करता है, एक ही काम पर होने की वजह से, हमें संकेत मिलते रहते हैं कि काम ठीक चल रहा है। परंतु मोमो जिन्न की तरफ से मिलने वाले संकेत बीच-बीच में टूटते जा रहे हैं।”
“क्या वो जथुरा के खिलाफ चल रहा है?”
लगता तो ऐसा ही है। तभी लक्ष्मण और सपन ने तुम दोनों पर हमला किया। जान ले ली तुम दोनों की। तुम्हें नए शरीर में आना पड़ा।” ।
ये बात तो है। तू कहे तो मैं मोमो जिन्न से बात करूं।”
“मोमो जिन्न् तेरे हाथ के नीचे नहीं आने वाला। वो ताकतवर है। परंतु लगता है जैसे कि नई गड़बड़ हो गई हैं।”
नई गड़बड़? वो कैसे?”
“अब मुझे मोमो जिन्न की तरफ से कोई संकेत नहीं मिल रहे।”
इसका क्या मतलब हुआ?”
“वो यहां से काफी दूर चला गया लगता है।”
वो तो उन दोनों के साथ पेड़ों की तरफ गया है। मखानी ने उस तरफ देखा।
“मेरे खयाल में मोमो जिन्न उन दोनों के साथ वहां से भी दूर चला गया है।” शौहरी की फुसफुसाहट कानों में पड़ी।
“ये तो बुरा हुआ। मैं लक्ष्मण और सपन को सबक सिखाना चाहता था।” मखानी बोला।
शौहरी की तरफ से कोई आवाज नहीं आई।
“तुम चुप क्यों हो गए?”
संकेतों को चैक कर रहा था। परंतु कोई फायदा नहीं। मोमो जिन्न की तरफ से कोई संकेत नहीं है।”
तो अब हम क्या करें?”
कुछ देर बाद बताऊंगा।” मखानी ने कमला रानी को देखा, वो उसे ही देख रही थी।
क्या बात हुई शौहरी से।” मखानी ने सब बता दिया।
“मुझे तो लगता है कि हम नई मुसीबत में पहुंच गए हैं।” कमला रानी गहरी सांस लेकर कह उठी।
वो कैसे?” ।
हम् पूर्वजन्म में आ पहुंचे हैं। इन सब लोगों का पूर्वजन्म। भौरी ने बताया कि हम अपनी दुनिया से दूर निकल आए हैं।”
ये जगह कहां पर है?”
मुझे क्या मालूम?” कमला रानी ने आस-पास नजरें दौड़ाईं।
भौरी से पूछा।”
“जब भी भौरी से बात करती हूँ तो व्यस्त होने को कह देती है। जबसे हम जथूरा की जमीन पर पहुंचे हैं, वो बहुत व्यस्त हो गई
। “छोड़ इन बातों को।” मखानी मुस्कराया—“वैसे ये जगह अच्छी
लगती है।”
“अभी देखी कहां है ये जगह। समुद्र और वो दूर पेड़ ही देखे
तू साथ है तो मुझे हर जगह अच्छी लगेगी।” मखानी मुस्करा पड़ा।
मुस्करा मत ।” कमला रानी ने मुंह बनाया।
क्यों?
जब भी तू मुस्कराकर मेरे से बात करता है तो उसके बाद चुम्मी मांगता है।”
“तेरे को पहले ही पता चल गया।”
क्या?"
“मैं तो चुम्मी मांगने वाला था।” कमला रानी ने मखानी को घूरा।
मखानी दाँत फाड़कर कह उठा।
सिर्फ एक ।”
नहीं।” कमला रानी ने इनकार में सिर हिलाया।
एक बार ।”
एक बार भी नहीं मैं...।” तभी मखानी ने झपट्टा मारा और कमला रानी की चुम्मी ले
ली ।।