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माँ की अधूरी इच्छा complete

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१५ मिनट बाद

अरुण: आह आह और चुसो मेरी रंडियो आह और अपना लंड उनके मुँह से निकाल लेता है और नीतू की गाण्ड में एक झटके में पेल देता है।

नीतु की चीख निकल जाती है पर अरुन को कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता और बेहरमी से नीतू की गाण्ड चोदता रहता है।

सरला: बस बेटी बस भाई का निकलने वाला है।

तेरी जो ननद है न उसकी चुत भाई को दिला दियो

नीतू:हाँ दिला दूंगी और तो और अपनी सास की भी दिला दूंगी बस भाई मेरी ढंग से मार ले आह आ माँ आहह

सरला: अपनी सास की ।

नीतू; हाँ वो भी मस्त माल है भाई ।मतलब की उनकी उम्र ही क्या है ४२ साल पर लगती तो ३५ की है भाई उनकी लेगा न तो वो दे देंगी।

उनकी मम्मे तो बहुत बड़े है आह माँ आप से भी बड़े और अरुन नीतू की गाण्ड में झड जाता है।

आ उउउउउउफ कितने कमीनी हो तुम दोनों हर बार मुझे झडने के लिए लालच देती हो ।

अरुण: हर किसी की लेना इतना आसान नहीं है नीतू

मेहनत करनी पड़ती है।

बुआ और तुम्हे तुम्हारे पति से वो प्यार नहीं मिला इस लिए तुम दोनों ने मेरा प्यार अपना लिया पर मुझे सिर्फ अपनी माँ का प्यार चाहिए और अब तुम भी हमारे परिवार का हिस्सा हो।

मै अपनी सरला पत्नी और तुम हमारी बेटी नीतू।

नीतू: अच्छा जी गाण्ड और चुत मारने के बाद बेटी।

अरुण: हाँ जी बेटी ।

क्यूं जान ।

सरला: मैं जानती थी आप को कितना भी मैं दूसरो की चुत दिला दू पर आप का प्यार मेरे लिए कम नहीं होगा

चलिये काफी रात हो गई है आप सुसु करने चलिये फिर सोते है काफी दिनों से आप कॉलेज भी नहीं गये ।

और अरुन नीतू और सरला को गोदी में उठा कर बाथरूम ले जाता है क्यों की गाण्ड की चुदाई के बाद दोनों को चलने में प्रॉब्लम हो रही थी।

और तीनो फ्रेश हो कर नंगे ही सो जाते है।

 
रात में सोते समय अरुण को अपने लंड पे किसी के जीभ का अहसास होता है तो उसकी नींद खुल जाती है।तो वह देखता है की नीतू उसके लण्ड को अपनी जीभ से चाट रही है और उसका लंड पूरा रॉड बन चूका है।

अरुण देखता है की सरला अपनी गांड इनदोनो की तरफ करके सो रही है।अरुण सरला के गांड पर चटाक से मारता है जिससे सरला की नींद खुल जाती है।फिर अरुण:तू चैन से सो रही है साली रंडी और इधर तेरी बेटी ने मेरे लण्ड का क्या हाल कर दिया है।

सरला:क्या किया इसने।

नीतू:कुछ तो नहीं किया मॉम।वो मेरी नींद खुल गई तो पापा का लंड खड़ा था तो मुझे प्यार आया और मैंने उसे किस कर लिया।

अरुण:नहीं इस रांड ने मेरा लंड चूस चूसकर पूरा रॉड बना दिया है।अब मैं तुम दोनों रण्डियों की गांड फाड़कर रख दुँगा।

फिर अरुण दोनों अपनी पर्सनल रंडियों को लंड चूसने का इशारा करता है।और दोनों अरुण के लंड को चूसने चाटने लगती है।

कुछ देर लंड चुसवाने के बाद सरला को बेड पर पीठ के बल उल्टा लिटा देता है मतलब सर के तरफ पैर और पैर के तरफ सिर।फिर नीतू को सरला के मुँह पर अपनी चूत रखकर कुतिया बना देता है।अब सरला की चूत के पास नीतू का मुँह है।और डोगी बनी नीतू की चूत सरला के मुँह पर थी।अब अरुण कुतिया बनी नीतू के पीछे आकर अपने लंड को पहले सरला के मुँह में पेल देता है।जब लंड पूरी तरह थूक से गिला हो जाता है तो उसे सरला के मुँह से निकालकर कुतिया बनी नीतू की गांड में पेल देता है।

नीतू:जोर से आह माँ ईईईईईईईई रे मार रररररर डालाआआआ।लेकिन अरुण को तो एक गरम चूत या गांड चाहिए।वह पूरी बेदर्दी से नीतू की गांड मारता हैं।और निचे से सरला नीतू की चूत चाटने लगती है।अरुण अब जोर जोर से नीतू की गांड में लंड पेलता है इधर नीतू दर्द से चीखती रहती है कुछ देर बाद नीतू की गांड में पूरा लण्ड घुस जाता है तो नीतू को भी अच्छा लगने लगता है।अब अरुण अपने लण्ड को नीतू की गांड से नीकाल कर सरला के मुह में पेल देता है जिसे सरला चूसने लगती है।ऐसा पहली बार हो रहा है जब एक बेटा अपनी बहन की गांड मारते हुए गांड में से लंड निकाल कर अपनी माँ के मुँह में पेल रहा हो।फिर अरुण अपने लण्ड को सरला के मुँह से निकाल कर कुतिया बनी नीतू की गांड में पेलने लगता है।

अब अरुण बार बार अपना लण्ड कभी नीतू की गांड में पेलता है फिर गांड से निकाल कर सरला के मुँह में पेलता है।इस बार जब लंड नीतू की गांड में से निकाल कर फिर नीतू की चूत में पेल देता है और उस कुतिया को चोदने लगता है।नीतू सिसियाती रहती है अब अरुण नीतू की चूत से लण्ड को निकाल कर गांड में पेलता है फिर गांड से चूत में।ऐसे कुछ देर पेंलने पर ही नीतू झड़ जाती है।नीतू की चूत का सारा पानी अरुण के लण्ड पर लगा होता है जिसे वह सरला के गरम मुँह में पेल देता है जिसे सरला चाटने लगती है।

कुछ देर बाद अरुण दोनों रंडियों की जगह चेंज कर देता है।अब अपना लण्ड सरला की गांड में पेलता है और फिर उसे नीतू के मुह में पेलता है।आधा घंटे में ही सरला भी झड़ जाती है।जिसे वह नीतू से साफ कराता है।अब दोनों झड़ चुकी है।लेकिन अरुण का लण्ड रॉड की तरह होता है।फिर अरुण नीतू को कुतिया बनने का इशारा करता है।जब नीतू कुतिया बन जाती है तो फिर सरला को उसके ऊपर कुतिया बना देता है।अब अरुण के लंड के निचे 2 चूत और 2 गांड थी।अब अरुण पहले नीतू की टाइट गांड में लण्ड पेलता है।कुछ देर पेलने के बाद अपने लंड को नीतू की गांड से निकाल कर सरला की गांड में पेल देता है।

अरुण के लण्ड के निचे 2 रंडियाँ थी जो की कुतिया बनी हुई थी।अब अरुण का लंड कभी सरला की गान्ड में तो कभी नीतू की गांड में।फिर सरला की चूत में तो कभी नीतू की चूत में।1 घंटे तक चोदने के बाद अरुण नीतू की गांड मार रहा होता है और अचानक चीखने लगता है आह मेरी जान सरला।मेरी बीबी मेरी रांड साली ले मेरा माल अपनी गांड में। और नीतू की गांड में झड़ जाता है।नीतू को बहुत बुरा लगता है क्योंकि गांड उसकी फट रही थी और अरुण नाम सरला का लेता है।

कुछ देर सुस्ताने के बाद।

अरुण मुझे सु सु जाना है।तुम दोनों भी चलो मेरी रंडियों।लेकिन माँ बेटी से उठा नहीं जाता तो अरुण दोनों को बाँहों में लेकर टॉयलेट में ले जाता है जहाँ दोनों को सु सु करने को बोलता है।पहले सरला सु सु करती है और अरुण उसकी चूत में ऊँगली पेल देता है जिससे पेशाब रुक जाती है।फिर अपनी ऊँगली निकाल लेता है।इसी तरह नीतू के साथ भी करता है।फिर दोनों रंडियों को अपने आगे बिठाकर मुँह खोलने को बोलता है।जब दोनों मुँह खोल देती है .
 
अरुण:देखता हु मेरी कौन सी रांड मेरा पेशाब ज्यादा पि जाती है फिर दोनों के मुह पर मूतने लगता है।जिसे माँ बेटी मुँह में भर लेती है और पिने लगती है।लेकिन नीतू एक ही घूँट पी पाती है बाकि निचे गिरा देती है।सरला जीत जाती है।लेकिन अरुण दोनों को अपने पेशाब से नहला देता है।दोनों के पुरे चेहरे से लेकर पुरे बदन पर मूतता है।आज दोनों सही में अरुण की रण्डियाँ बन गई थी।

फिर कुछ देर बाद तीनो नंगे ही नहाते है और आकर सो जाते है।

कल दिन सुबह सभी ब्रेकफास्ट टेबल पे

रमेश ऑफिस के लिए निकल जाता है

और अरुन कॉलेज के लिए

घर पे सरला और नीतू।

नीतू: माँ भाई आप से ही प्यार करते है ।

सरला: मुझे पता है।

नीतू: जब किसी लड़के को नई चुत मिलति है तो वो उसका दिवाना हो जाता है पर भाई को बुआ की और अब मेरी चुत लेने के बाद भी आप की ही याद आई।

सरला: कोई बात नहीं नीतू तू भी तो हमारे परिवार का हिस्सा है। अरुन ने बोला ना।

नीतू : नहीं माँ मुझे बेटी नहीं पत्नी वाला प्यार चाहिए

सरला: अरुन प्यार करता है तुझे और तेरी फिजिकल नीड भी पूरी करेंगा।

नीतू: नहीं माँ मेरी फिजिकल नीड मेरा पति पूरी कर देता है अरुन का देखने से पहले मैं रवि के साथ खुश थी और वो मुझे बहुत प्यार करता है।

मुझे मेरा पत्नी वाला हक़ चाहिए जितना प्यार वो आप को करता है उतना मुझे चाहिए नहीं तो मैं आज ही घर चलि जॉंउगी।

सरला: क्यों इतना सोच रही है अरुन तुझ से भी उतना ही प्यार करता है।

नीतू: नहीं माँ , लास्ट में भाई ने जो प्यार आप के लिए दिखाय वो मेरे लिए नहीं था ।

रात भर सोचा मैंने और इसलिए मेरा घर चले जाना ही बेहतर है।

सरला: ऐसा नहीं है ।

नीतू: माँ आप अरुन को शेयर कर सकती हो मैं नहीं

और ये कहते हुए अपना बैग पैकिंग करने लगती है।

सरला: क्या कर रही है नीतू । अरुन मज़ाक़ कर रहा था।

नीतू: रहने दो माँ मैंने रवि को बुला लिया है वो आते ही होंगे।

सरला; पर रवि से क्या कहोगी तुम अभी भी लँगड़ा के चल रही हो और तुम्हारी चुत और गाण्ड फटी पड़ी है।

रबि को पता चल गया तो ।

नीतू: कुछ नहीं होगा दो चार दिन रिलेशन नहीं बनाउँगी तो सब ठीक हो जाएगा।

पर भाई को कभी माफ़ नहीं करुँगी।

सरला: पर नीतू।

तभी डोरबेल बजती है।

और सरला गेट खोलती है बाहर कोई और नहीं रवि ही था।

और सरला दोनों को जाने देति है।

सरला रोकती है पर नीतू अरुन को फेस नहीं करना चाहती थी इस लिए अरुन के आने से पहले दोनों चले गये।

और फिर से रह गये दो प्रेमी अकेले

एक माँ और दुसरा बेटा।
 
हालात हमेशा एक से नहीं रहते इस लिए पूरी स्टोरी

मै स्लो में नहीं रख सकता।

और किस्मत से किसी को तीन चुत एक साथ नहीं मिल सकती है

इसलिए मोके का फायदा उठाने के लिए रोबोट भी बनना पड़ता है।

नीतु के जाने के बाद

सरला की कुछ समझ में नहीं आ रहा था।

क्या हो रहा था और अब क्या हुआ।

इन्ही बातों को सोच रही थी की अरुन का कॉल आ गया

अरुण: हेललो।

सरला: हाँ।

अरुण:' क्या बात है सिर्फ हाँ।

सरला वो फिर सारी बात अरुन को बता देती है।

अरुण: ओह तो क्या हुआ जान।

सरला: पर नीतू।

अरुण: कोई बात नहीं मेरी बुलबुल उससे मना लेंगे।

तूम टेंशन क्यों ले रही हो।

सरला: वो मेरी बेटी है अरुण।

अरुण: और में।

सरला:मेरी जान हो आप।

अरुण: तो अभी मूड सही करो

सरला: हाँ तो बोलो मेरी जान।

अरुण: ये हुए न बात।

आज कितने दिनों बाद मैं और तुम अकेले

और कोई दुसरा नही।

फ़िर क्या प्रोग्राम है।

सरला: मुझे अपने बॉय फ्रेंड के साथ डेट पे जाना है।

अरुण: कहा चले मेरी जान।

सरला: जहा आप का मन करे इस घर से दुर जहाँ सिर्फ मैं और आप हो कोई दुसरा नही।

अरुण: तो रेडी हो जाओ।

सरला: क्या पहनूं।

अरुण: आज वो पेहनो जो तुम्हारा दिल करे।

सरला: क्यों रोज तो आप बताते हो आज ऐसे क्यु।

अरुण: आज मैं चाहता हु तुम अपने हिसाब से मेरे लिए तयार हो।

मै बोलता हु तो मुझे पता होता है की तुम ने क्या पहना है और ऐसे ये मेरे लिए सरप्राइज होगा।

समझी जान।

सरला: समझ गई जानू आप आ जाओ आप की बीवी आप को रेडी मिलेगी।

अरुण: ओके जान बस लास्ट पीरियड अटेंड कर के निकलता हूँ।बॉय।

सरला: बॉय जान थैंक्यू।

अरुण: अब ये क्यों ।

सरला: मेरी हर बात मानने के लिए और मूड ठीक करने के लिये।

अरुण: ओके चलो रखता हूँ।

सरला: ओके बाय जान।

और कॉल कट जाती है।

शायद अरुन सही बोल रहा था।

कई दिनों से इन सब लोगो के आने से ज़िन्दगी अलग ही दिशा में चल रही थी।

फ़ाईनली अब मैं और मेरी जान।

 
थोड़ी देर बाद सरला रेडी होने लगती है और

कपडे वो पहनती है जो अरुन की पसंद के थे पर अपने स्टाइल से।

और अरुन का वेट करने लगती है।

तभी कॉल बेल्ल बजती है।

सरला भाग कर दरवाजा खोलती है अपने प्यार के लिए और सामने अरुन खड़ा था।

सरला: हाय जान।

अरुण: हाय , क्या बात है।

सरला: क्या क्या बात है।

अरुण: यही की बहुत सेक्सी लग रही हो।

सरला: वो तो आओं अंदर आओ या बहार से ही।

अरून अंदर आ जाता है।

सरला: अब बोलो क्या बोल रहे थे ।

अरुण: वो । बहुत सेक्सी लग रही हो ।

सरला: सेक्सी या और भी कुछ।

अरुण: हॉट एंड सेक्सी ।

पर जीन्स क्यों पहनी हो अब दिन में बाहर कैसे जाओगी।

सरला ने टाइट स्किन फिट जीन्स और ऑफ सोल्डर टॉप पहने हुई थीं।

सरला: गर्ल फ्रेंड को डेट पे ले जाना है तो आप देखो कैसे ले जाओगे दुनिया से बचा के।

अरुण: हम भी सच्चे आशिक है मेरी जान।

ले जायेंगे तुम्हे दुनिया से बचा के

सरला: पहले फ्रेश तो हो जाओ या ऐसे ही चलोग इस हॉट एंड सेक्सी गर्ल फ्रेंड के साथ।

अरुण: ओके जान ।

और फ्रेश होने चला जाता है।

और सरला भी अरुन के रूम में आ जाती है

और अरुण के लिए अपनी पसंद के कपडे निकाल कर बेड पे रख देती है।

सरला: जान कपडे निकाल दिए है पहन लेना। मैं किचन में हूँ।

और किचन में आ कर बनाना शेक बनाती है।

थोड़ी देर में अरुन चेंज कर के आ जाता है।

अरुण: क्या हो रहा है जान।

सरला: कुछ नहीं आप के लिए बनाना शेक बना रही थी

अरुण:क्या बात है जान इतना प्यार।

सरला: जान मुझे पता है आप कॉलेज से आये हो भूख लग रही होगी सोचा कुछ बना दू पर हमें डेट पे जाना है।

इसलिये शेक बना दिया है जिस से आप का पेट भर जाये और टाइम भी ज्यादा न लगे।

और दोनों शेक पिते है।

अरुण: चले अब।

सरला: बिलकुल जान आप की माल रेडी है डेट पे जाने के लिये और दोनों बाहर आते है।

सरला: मुझे कोई भी जीन्स में न देखे ये ख्याल रख्ना।

अरुण: बिलकुल मेरी जान तुम यही रुको।

और अरुन थोड़ी देर में गेट पे कार लगा देता है।

अरुण: आ जाओ जान और गेट खोल देता है

और सरला अंदर आ जाती है।

और अरुन कार साइड देता है।

सरला: जान ये कार किसकी है।

अरुण': क्यों ।

सरला: पूछ रही हूँ।

तभी कह रहे थे की दुनिया से बचा के ले जाऊँगा।

 
सरला: वैसे जा कहाँ रहे है।

अरुण: आप बताओ जानू।

सरला: जहा मेरा आशिक ले चलें।

अरुण: लोंग ड्राइव पे चलते है।

जहां कोई आता जाता नही।

सरला: क्या बात है मेरे आशिक।

अरुण: वो क्या है जान गोवा से आने के बाद तुम्हारे साथ टाइम स्पेंड नहीं किये है अकेले में। आज मौका भी है और टाइम भी।

ऐर हाई वे पे निकल जाते है।

अरुण: ड्राइव करते हुए

सरला का हाथ पकड़ लेता है

सरला: क्या ।

और अरुन उसके होंठो पे किस कर देता है।

सरला: सुरु हो गए न जैसे ही मोका मिला तुम लड़के लोग अपनी गर्ल फ्रेंड का फायदा उठाना सुरु कर देते हो।

अरुण: किस ही तो लिया है जान वो भी होंठो का।

सरला: नहीं कही और की ले लो यहाँ कौन देखने वाला है।

अरुण: हाँ ये बात भी है और उसके गालो की तरफ बढ़ता है और सरला खुद ही उसके लिप्स पे किस कर देती है।

अरुण; अरुन ये क्या था।

सरला: तुम लेते उससे पहले मैं ले ली।

और दोनों हँस पडते है।

कुछ दुर जाने के बाद ।

अरुण: जान कुछ खाना खा ले ।

सरला: पर मैं तो कुछ नहीं लायी।

अरुण: कोई बात नहीं हाईवे का यही फायदा है खाना आराम से मिल जाता है।

और अरुन कार को ढाबे पे लगा देता है।

और दोनों उतार कर ढ़ाबे पे

सरला के पसंद का खाना आर्डर करते है।

सरला: तुम मेरा कितना ख़याल रखते हो।

अरुण: तो नहीं रखूँ।

सरला: जान ले लुंगी तुम्हारी अगर नहीं रखा।

अरुण: सरला को देखते हुए।

सरला: क्या देख रहे हो।

अरुण: जान को ।

सरला: देखा नहीं है क्या ,इससे ज्यादा देखा हुआ है आप का।

अरुण; तो अपना दिखा दो ।

सरला: बदमाशी नहीं हम डेट पे आये है न की कुछ गन्दा करने।

अरुण: मतलब ।

सरला:अगर तुम ने कुछ ऐसे वैसे किया न मैं बता रही हूँ।

अरुण: क्या ।

सरला: मैं शोर मचा दूंगी की ये लड़का मुझे छेड रहा है वो भी इस हॉट एंड सेक्सी माल को।

और हँस देती है।

अरुण: बोल दो ।

तभी उनका खाने का आर्डर आ जाता है।

और दोनों खाना खाते है।

खाना खाने के बाद अरुन सरला का हाथ पकड़ कर कार की तरफ चल देता है।

अरुण: चले जानेमन।

सरला: वो छोडो , चलो।

अरुण: क्या हुआ।

सरला: कुछ नहीं चलो।

और दोनों कार में बैठ कर निकल पडते है लम्बे सफर पर ।

थोड़ी दुर चले ही थे।

सरला: जान।

अरुण: हाँ।

सरला: सुसु जाना है।

अरुण: अभी ढ़ाबे पे थे तब क्यों नहीं बोली।

सरला: लगी अब है तब कैसे बोलती।

अरुण: अब यहाँ कहाँ।

सरला: मुझे नहीं पता जोरो की आई है।

अरुण: ओके बाबा और थोड़ी अच्छी जगह देख कर कार में से उतर जाते है।

जाओ कर लो।

सरला: जाओ कर लो क्या साथ चलो।

अरून और सरला दोनों कार से उतर कर साइड में झाड़ियो के पीछे ।

सरला; चलो पीठ करो मुझे सुसु करने है।

अरुण:अच्छा जी अब शरम आ रही है।

सरला: हाँ आ रही है।

दूसरी तरफ देखो कोई आ न जाए।

अरुण: ओके बाबा और घुम कर खड़ा हो जाता है।

सरला अपनी जीन्स और पेंटी उतार कर वही बैठ जाती है और विस्सल की आवाज़ निकालते हुए सुसु करने लगती है।

और अरुन मुड कर सरला को देखने लगता है

और सरला बड़े ही अदा से अपनी गाण्ड उठा कर उठती है और धीरे से अपनी पेंटी ऊपर करती है और अरुन को तिरछी निगाहो से देखती है और अरुन उसी को देख रहा होता है।

सरला:तुम नहीं सुधरोगे न मैंने मना किया था ना।

अरुण: वो मैं अभी मुड़ा ना।

सरला: मुझे पता है तुम नहीं सुधरोगे ।

अब देख क्या रहे हो

जब देख ही लिया है अच्छे से देख लो ।

और अरुन लो घुम घुम कर अपना आगा पीछा दिखाने लगती है

देख लो जान अच्छे से तुम्हे ही दिखाने की बजह से आई हूँ। ढ़ाबे पे सुसु आ रही थी फिर भी रोकी

क्यूं की मैं जानती थी की ऐसा मौका मैं जान को दूंगी तो मेरी जान को अच्छा लगेगा।

तो जानू कैसा रहा शो ।

अरुण: बहुत बढिया,उफ जान तुम सुसु करती हो तो सिटी की आवाज़ क्यों आती है।

सरला: क्यों की जब लड़की को बहुत तेज़ पेशाब आता है और वो रोक लेती है तो प्रेशर की बजह से आवाज़ निकलती है।

और कुछ।

अरुण: नहीं इतना ज्ञान काफी है।

सरला: तो चले।

अरुण: अपनी जीन्स तो उपर कर लो या ऐसे ही चलना है।

सरला: अब जब देख ही लिए है तो उपर भी कर दो

और अरुन सरला को जीन्स पहनाता है और उसकी चुत पे हाथ फेर देता है।

सरला: तुम नहीं सुधरोगे कमीने।

और दोनों कार की ओर चल देते है।

कार में आ कर सरला अरुन को पकड़ कर किस कर देती है।

अरुण: ये क्या था जब माँगा तब नहीं दिया और अब बिना मांगे दे रही हो।

सरला: हम लड़कियाँ ऐसे ही होती है जब मन करता है तभी देती है।

अरुण: कोई बात नहीं हम तुम्हारे मन को देखते है

और अरुन कार चला देता है।

 
दोनों कार में एक दूसरे में खोये हुए।

सरला: अरुण।

अरुण: हाँ जान।

सरला: वो नीतू ।

अरुण: प्लीज जान उस टॉपिक को अभी नहीं ।

मै सिर्फ अभी तुम्हारे साथ एन्जॉय करना चाहता हूँ।

सरला: ओके बाबा, अब हम कहा जा रहे है।

अरुण: बस जहाँ ये कार ले जाए।

और सरला का हाथ पकड़ कर चुम लेता है।

तभी रमेष का फ़ोन आता है।

सरला: अब क्या बोलू इन से।

अरुण: क्या बोलना है सच बोल दो।

सरला' प्लीज।बाबा बोलो ना।

अरुण: मोबाइल ले कर।

हलो।

रमेश: कहा हो।

अरुण: बाहर है।

रमेश: मम्मी कहा है ।

अरुण:वो भी मेरे साथ है।

रमेश: अच्छा मैं थोड़ा लेट आऊंगा मम्मी से बोल देना।

अरुण: पर माँ तो।

रमेश: उसको बोल देना ऑफिस में पार्टी है १२ बजे तक आ जाऊँगा।

अरुण: पर पापा इतनी लेट और खाना।

रमेश: तुम लोग खा कर सो जाना।

ओके बाय।

अरुण: बाय पापा उससे पहले कॉल डिसकनेक्ट हो जाती है।

सरला: देखा इस आदमी को कोई मतलब नहीं बीवी कहाँ है चाहे कोई उसकी इज़्ज़त लूट ले ।

गैर मरद के साथ हु कुछ भी हो सकता है।

अरुण:तो हमारे लिए अच्छा है झूठ नहीं बोलना पडेगा

और इज़्ज़त लूटने में आसानी होगी।

सरला: फिर मोके पे चौका।

प्लीज अरुन मैं अब घर जाना नहीं चाहती।

मुझे ऐसी जगह ले चलो जहाँ सिर्फ तुम और मैं

किसी का डर नहीं किसी का कोई बंधन नहीं ।

जो चाहे पहनू ,ज़ो चाहे वो करुं।

अरुण: कब चलना है।

सरला: वही तो , ऐसा नहीं कर सकती माँ पापा को क्या जवाब दुँगी।

अरुण: आप नाना और नानी से बहुत प्यार करती हो।

सरला: करती थी ।

अरुण: मतलब।

सरला: अब सब से ज्यादा तुमसे ,तुम्हारे बाद उनसे।

अरुण: उनके पास जाना है।

सरला: तुम्हे कैसे पता चल जाता है जान की मेरे मन में क्या चल रहा है।

वैसे भी तुम से शादी के बाद उनसे नहीं मिली हु और तुम्हे भी नहीं मिलवाया ।

प्लीज ले चलो मुझे उनके पास।

उनको पता तो चले की उनकी बेटी अब कितनी खुश है

क्योंकि मुझे उन्होंने मुझे बहुत दुखि देखा है तुम्हारे पापा के साथ।

और जब मेरी शादी हुई थी तो मैंने सोचा था की अपने पति को मैं अपने दोस्तों से मिलवाउंगी औरअपने कॉलेज स्कूल ले जा कर दिखाऊँगी अपने बचपन की जगह दिखाऊँगी पर तुम्हारे पापा को इन बातों से कोई मतलब नहीं इसलिए उन्हें मैंने कभी अपनी फ्रेंड से नहीं मिलाया।

इतना बोल कर उदास हो जाती है।

अरुण: जान फिर सैड मूड में

सरला:नहीं ऐसा कुछ नहीं है और हॅसने लगती है।

अरुण: चलो

सरला: कहाँ

अरुण: अपने पति को अपनी पास्ट दिखाओ और मेरे सास ससुर से मिलाओ और कोई बॉय फ्रेंड हो तो उससे भी मिलवा दो ।

सरला: सच आप चलोगे ।

अरुण: हाँ पर सिर्फ पति और पत्नी की तरह कोई बेटा नही।

सरला: पर मुझे मेरे बेड पे मेरा बेटा चाहिए जो अपनी माँ को गन्दी नज़र से देखे और उसकी फिजिकल नीड्स पूरी करे। ,

क्यूं की मेरे बेटे से अच्छा मुझे कोई चोद नहीं सकता

अरुण; मंज़ूर मेरी बुलबुल।

और दोनों घर की ओर चल देते है।

सरला: पर तुम्हारे पापा को क्या बोलेंगे।

अरुण: आप बताओ।

सरला: कुछ सोचने के बाद आइडिया।

और अपने माँ को काल करती है।

और रमेश को कॉल करके ये बोलने को बोलति है की पापा की तबीयत ख़राब है और पापा मुझे और अरुन को बुला रहे है देखने के लिये।

अरुण: क्या आईडिया है एकदम फाडू।

सरला: फाडने का नाम मत लो।

अरुण: क्यु।

सरला:फाडने के नाम पे मुझे मेरे बेटे का मुसल याद आ जाता है।

 
दोनों घर पहुच कर पैकिंग करते है

उसी टाइम रमेश का फ़ोन आता है।

सरला: हाँ।

उधर से रमेश वही बोलता है जो सरला ने बोला था।

सरला: ठीक है मैं अरुन को लेके निकल जाती हूँ।

पर आप।

उधर से

सरला: ओके ओके ,ठीक है आप अपना ख़याल रखना।

अरून चले सेकंड हनीमून पे वो भी तुम्हारे जनम स्थान जहा ये सेक्सी माल पल कर जवान हुई।

उनकी थैंक्स बोलने के लिए जिन्होंने इस माल को पैदा किया।

सरला: चुप करो बेशरम।

क्या पहनुँ जान।

अरुण: कार से चलते है ,कुछ कम्फर्टेबल पहन लो जैसे कोई टी-शर्ट और शॉर्ट्स ।

सरला: तो क्या घर ऐसे जाऊँगी।

अरुण: वहाँ पहुच कर रूम ले कर चेंज कर लेंगे।

सरला: कब तक पहुचेंगे ।

अरुण: अभी ८ बजे है सही ड्राइव करुँगा तो कल शाम को ८ बजे तक।

सरला: पर आप इतनी ड्राइव कैसे करोगे।

अरुण: तुम्हारी शक्ल देख कर।

सरला: चुप बदमाश।

और दोनों अपना लगेज कार में रखते है।

और निकल पडते है दूसरे हनीमून पे।

रास्ते में।

अरुण: क्या खाना किसी होटल पे करेंगे।

सरला: नहीं आप पैक करवा लो कार में खा लेंगे।

अरुण: क्या लेना है।

सरला: कुछ हल्का।

पिज़्ज़ा और पेप्सी ले लो कुछ बर्तन की ज़रूरत भी नहीं पड़ेगी और गन्दा भी नहीं होगा।

और अरुन सरला के कहने पर पिज़्ज़ा और पेप्सी लेता है और ड्राइव करने लगता है।

सरला: आप से एक बात पुछनी है बुरा न मानो तो।

अरुण: हाँ जान पूछो।

सरला: मैं आप को आप के नाम से बुलाऊँ।

अरुण: तुम बुलाती तो है।

सरला: वो बेटे के हिसाब से पर मैं आप को पति के रूप में आप के नाम से बुलाना चाहती हु और आप भी मुझे मेरे नाम से बुलाया करो।

मा बेटा सिर्फ बेड और सेक्स के टाईम।

अरुण: ओके सरला ऐज यु विश।

सरला: थैंक यु अरुन जी।

अरुण: अब ये जी क्या है।

सरला: मेरी तरफ से रेस्पेकट

अरून सब के सामने जब मैं आप को अरुन जी बुलाऊ तो समझ लेना आप की बीवी बुला रही है।

अरुण: सरला जी।

सरला: प्लीज आप ऐसे मत बोलो ।

सिर्फ सरला।

अरुण: और अगर मैं तुम्हे बीबी बुलाना चाहूँ तो।

सरला: कितना प्यार है आप को अपनी बीबी से।

अरुण: हाँ बीबी से जिस की ब्रा ३६ और पेंटी ८० नम्बर।

सरला: आप नहीं सुधरोगे और पिज़्ज़ा खोल कर अपने हाथ से अरुन को पिज़्ज़ा खिलाती है और पेप्सी पिलाती है।

और दोनों ने चलती कार में डिनर किये ।

और अपने मंजिल की ओर बढ़ने लगे।

रेडिओ पे रोमांटिक गाना चल रहा था।भींगे होंठ तेरे प्यास दिल मेरा।

सरला: आप अगर थक रहे हो तो किसी होटल में रुक जाते है ।

सूबह चलेंगे।

अरुण: साफ़ साफ़ बोलो न चुदने का मन कर रहा है।

सरला: गंदे हो गन्दा ही सोचेगे मैं तो आप की बजह से बोल रही हु।

मेरी क्या है और अरुन की जांघ पे सर रख कर लेत जाती है।

आप को नहीं रुकना तो आप की मर्ज़ी और रही बात सेक्स की तो अब मेरे बेड पे होगा जहाँ मेरा बेटा अपनी माँ को उस बेड पे चोदेगा जिस बेड पे उसकी माँ लेट कर बच्ची से बड़ी हुई और उसके पहले पीरियड आये ।

अब उसी बेड पर उसका बेटा उसे चोदेगा जैसे चाहे वैसे।

अरुण: सरला तुम्हारे मम्मी पापा इतने मॉडर्न है जो अपनी बेटी और दामाद को एक ही रूम में सोने देंगे।

सरला: उसकी आप फिकर मत करो वो मैं परमिशन ले लुंगी।

अरुण: ओके बेबी।

सरला: हाय रे कलयुग बेटा माँ को बेबी बोल रहा है।

अरुण: बोलूँगा और सरला के माथे पे झुक कर चुम लेता है।

सरला:क्या करते हो ड्राइविंग पे ध्यान दो।

अरुण: क्या करूँ इतना सेक्सी माल साथ है तो कण्ट्रोल करना मुस्किल हो रहा है।

सरला: उठके अपनी टी शर्ट उतार देती है उसके निचे वो ब्लैक ब्रा पहने थी और

अब क्या कहते है अपने दोनों हाथ उपर उठा कर अंगडाई लेते हुए।

अरुण: हफ्फ्फ माँ क्या गरम माल है ।

सरला ऐसे करते है रूम ले लेते है ।

सरला: क्या समझे।मत बोलो और चुप चाप ड्राइविंग करो वर्ना घर जाकर भी कुछ नहीं मिलेंगा।

आ: ओके ओके सॉरी नहीं लेते

और सरला हँस कर अरुन के लिप्स पे हल्का सा किस करके दोबारा लेट जाती है।

सरला ने उस टाइम सिर्फ ब्रा और शॉर्ट्स पहने थी।
 
इसी तरह दोनों बातें करते हुए अपनी मर्ज़िल की ओर बढ़ते है।

करीब दो बजे सरला

सरला: अरुन जी अब सही में किसी होटल में रोक कर आराम कर लो।

कब तक ड्राइव करोगे।

अरुण: जान दो बज गये और ३ घंटे की बात है फिर सुबह हो जायेगी फिर देखते है।

सरला: पर आप थक गये होगे और मुझे ड्राइविंग नहीं आती की आप रेस्ट कर लो और मैं ड्राइव कर लु।

अरुण: कोई बात नही आप मेरे साथ हो ये ही काफी है

और ड्राइव करता रहता है ।

अरुण: जान तुम सो जाओ ।

सरला: पर आप जग रहे हो तो मैं कैसे सो जाऊँ।

अरुण: इट'स ओके बेबी और उसका सर पकड़ कर अपनी जांघ पे रख लेता है और एक हाथ उसके बालों में फेरते हुए उसे सुलाने लगता है।

सरला अरुन के प्यार भरे स्पर्श से सो जाती है

और अरुन ड्राइव करता रहता है।

करीब सुबह ६ बजे सरला की आँख खुलती है

सरला: जान कितने बज गये ।

अरुण: ६

सरला:क्या जानू

आप ने जगाया नही।

अरुण: तो क्या हुआ तुम सोती हुए बहुत खूबसूरत लग रही थी।

बिलकुल छोटा बच्चा जैसे अपनी माँ की गोद में सोता है।

सरला: मैं आप को इतनी अच्छी लगती हूँ।

अरुण: बहुत मेरी जान जैसे कोई राजकुमारी हो और किस्मत से मुझे मिल गई हो।

सरला: आप भी न ।

आप की नहीं मेरी किस्मत अच्छी है जो आप मुझे मिले

और मेरी बेजान ज़िन्दगी में दोबारा जान डाल दी ।

जानु।

अरुण: हाँ बेबी।

सरला: आप की राजकुमारी को सुसु आई है।

अरुण: १० मिनट रुक सकती हो

सरला: ओके रुक जाऊंगी पर उससे ज्यादा नही।

अरुण: ओके , चलो अच्छे बच्चे की तरह अपनी टी शर्ट पहनो ।

उजाला हो रहा है।

सरला: क्यों अच्छी नहीं लग रही।

अरुण: बहुत , पर ये रूप मेरे लिए है किसी और के लिए नही।

अब कार के अंदर का सीन बाहर दिख रहा है और मैं नहीं चाहता किसी की नज़र मेरी जान को लग जाये।

सरला के ऑंखों में ऑंसू आ जाते है।

अरुण: अब क्या हुआ।

सरला: आप की बातें सुन कर आ गये ।

आप ने ये नहीं बोला की तुम्हे कोई ऐसे देखेगा तो अच्छा नहीं लगेंगा।

आप ने क्या बोला

"""" कोई देखेगा तो नज़र लग जायेगी """"""

इसका मतलब मैं कैसे भी कपडे पहनु आप को कोई प्रॉब्लम नहीं है पर खुबसुरती को नज़र न लगे इसलिए ये कपडे लोगों के सामने न पहनूँ।

अरुण: अब हो गया या और भी कुछ कहना है।

सरला: हाँ कहना है

**** आई लव यु सो मच अरुण जी ****

अरुण: लव यु सो मच।

और कार को हाईवे के साथ मौजूद होटल की पार्किंग में रोक देता है।

और दोनों उतर कर रिसेप्शन पर।

अरुण : रूम फॉर २ प्लस

रेसप्शनइस्ट:सर योर नेम।

मि एंड मिसेज अरुन ।

और एड्रेस लिखवा देता है।

और अटेंडेंड उनको रूम में छोड़ देता है।

रूम के गेट बंद करके सरला।

मि एंड मिसेज अरुण।

क्या बात है।

अरुण: क्यों अच्छा नहीं लगा ।

सरला: बहुत ।

अब चलिये सुसु करने आप को भी लगी होगी

और दोनों बाथरूम में एक साथ सुसु करते है।

सरला: आप बाहर जाओ मुझे फ्रेश होने दो।

अरुण: तो मेरे सामने हो जाओ।

सरला: बाहर जाओ न प्लीज।

आप चलो मैं १० मिनट में आई।

प्लीज

और अरुन बाहर आ जाता है।

और बेड पे लेट जाता है कब उसकी आँख लग जाती है पता नहीं ।
 
उधर सरला को २ नंबर जाना था इसलिए अरुन को बाहर भेज कर फ्रेश होती है और साथ साथ नहा भी लेती है और अरुन को आवाज़ देती है टॉवल के लिए पर कोई जवाब न पाकर।

बाहर नंगी ही आ जाती है।

बाहर अरुन आराम से बेड पर सो रहा था।

सरला: कितना क्यूट है मेरा राजा और पास जा कर उसके माथे पे किस करती है और अपने बदन को टॉवल से पोंछ कर वो भी अरुन के साथ वैसे ही नंगी सो जाती है।

करीब ४ घंटे सोने के बाद

सरला की मोबाइल रिंग करता है

सरला: हेलो

उधर सरला की माँ

सरिता देवी

सरिता: कहा हो बेटी।

सरला: रास्ते में है शाम तक आ जाएंगे।

सरिता: कब तक आ जाओगे ।

सरला: यही ६या ७ बजे तक।

सरिता: ओके ।

और कॉल कट जाती है

और सरला अरुन को देखती है ।

अरुन सरला को ही देख रहा था।

सरला को याद आया की उसने कपडे नहीं पहने हुए है।

सरला: बदमाश चुप चाप देख रहे हो पर बोल नहीं सकते कपडे पहन लो।

अरुण: मैं पागल हु जो इतने शानदर नज़ारे को ढाकने के लिए बोलू कभी कभी दिखते है ऐसे हसीं नजारे।

सरला: अब अगर नज़ारे देख लिए हो तो कुछ खा ले या नज़ारे देखकर पेट भरना है।

अरुण: भूख तो मुझे भी लगी है।

और सरला को पकड़ कर उसके मम्मे खाने लगता है।

सरला: क्या कर रहे हो मैं नहा चुकी हूँ।

अरुण: कोई बात नहीं एक बार और नहा लेना।

और धीरे धीरे निचे को सरकने लगता है।

सरला: ओह अरुन प्लीज रहने दो ।

अरुण: ऐसा मौका जाने दू पागल नहीं हु और सरला की पुसी के लिप्स को अपने दोनों हाथों से खोल कर उसके दाने को अपने दाँतो से धीरे धीरे काटने लगता है।

सरला: आह अरुन क्या कर रहा है।

अभी घर भी पंहुचे नहीं है की तेरी नानी का फ़ोन आया आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई धीरे जल्दी आने को उउउउउउउउफ

बोल रही थी ।

आआआआ

पर अरुन कुछ नहीं सुनता।

और अपने काम को पूरी मस्ती से करता है।

सरला:उफ़ आआआअह्ह स्स्स्सस्स्स्स माआआआआ

अरून सुनो न जान और उसके सर को पकड़ कर अपनी चुत पे दबा देती है।

दाँतो से मत काटो बेटा लग रही है।

अरून सरला को देखता है।

और उठ कर सरला के कान में।

मुझे से धीरे कुछ भी नहीं होता खास कर तुम्हारी चुत और गाण्ड के साथ और अपना लंड सरला की चुत में ड़ालने लगता है।

सरला: उफ़ आराम से जान ।

अरुण: आज चलो आप की बात मान लेता हु मेरी माँ आज आराम से ही करुन्गा।

और धीरे धीरे धक्के मारने लगता है और सरला की ऑंखों में देखता रहता है।

सरला: क्या देख रहे हो।

अरुण: कुछ गलत तो नहीं किया ।

सरला: नहीं बेटा मैं तुम्हारी हु पूरी तुम्हारी जैसे चाहे जब चाहे और जो चाहे करो मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं मेरे बेटे।

अरुण: आप सेक्स के टाइम माँ बोलने को बोलती हो और मैं आप को रांड और रखेल बोलता हूँ।

सरला: तो क्या हुआ।

जो मान करे बोलो पर मुझे सिर्फ चुदते वक़्त ये एहसास होना चाहिए की मेरे बेटे ने मेरे पति की जगह ले ली है और अब वो ही मेरी इस जिस्म का मालिक है और वो ही इसे भोग सकता है।

अरुण: आराम २ से धक्के लगा रहा था ।

सरला: क्या हुआ बेटा थके हुए हो ।

अरुण: नहीं तो ।

सरला: फिर इतनी धीरे क्यों कर रहे हो।

अरुण: आप ही ने तो कहा धीरे करने ले लिए ।

सरला: मैंने कब बोला।

अरुण: नहीं बोला?

सरला: नहीं ।

अरुण: पक्का।

सरला: है बाबा पक्का।

सरला का इतना बोलना था की अरुन अपना पूरा लंड निकाल कर एक बार में ही पूरा पेल देता है।

सरला: आह मआआआज़ा आ गया।

ये हुई न बात ।

और ये बात सिर्फ मेरे बेटे के लंड में हो सकती है ।

और अरुन सरला को बेरहमी से चोदने लगता है।

अरुण: माँ आप को रफ़ सेक्स पसंद है ना।

सरला: ये क्या होता है।

अरुण: हिंदी में बेरहमी से बेतहासा चुदाई कोई रहम नहीं चाहे लड़की कुछ भी बोले।

सरला: हाँ मेरे राजा और तेज़ ।

इसी तरह पसंद है मुझे ।

और शायद मुझे ये नहीं मिला इसलिए मैं अब तक प्यासी थी जो तुम ने मेरी प्यास बुझा दी।

और झड जाती है।

अरुण: छोड दिया ना।

सरला: शरमाते हुए हाँ।

छोड़ दिया पानी । तुम्हारा लंड ही ऐसा है जो अच्छे अच्छे को छुडवा दे।

पर अरुन का अभी नहीं हुआ था।

सरला।: टाइम लगेगा राजा ।

अरुण: आप बताओ जल्दी करूँ।

सरला:हाँ। ,

प्लीज भूख लगी है।

और अरुन अपनी स्पीड बढ़ा देता है।

सरला: अब आआआ आया अपनी औक़ात पे है ना ।मैं प्यार से करुँगा धीरे धीरे करुँगा सब दिखावा है।

तुझे मुझे बेरहमी से चोदने में मजा आता है है ना।

अरुण: हाँ माँ हाँ जीतनी बेरहमी से मारू वो भी कम है

क्यूं की तू आराम से खुश नहीं होती तेरी जीतनी बेरहमी से मारूँगा उतना ही मज़े आता है तुझे।

सरला: हाँ मेरे राजा बेटा हाँ ऐसे ही चोद और भर दे मेरी बच्चेदानी अपने वीर्य से और बना दे अपने बच्चो की माँ आह आ माँ मार ड़ाला।

और अरुन सरला के चुत में झडने लगता है।

अरुण: आह आ आ माँ।

सरला: बोल मेरे होने बाले बच्चो के बाप ।

आए हाय उह माँ आह मज़ा आ गया।

और अरुन को अपने सिने से लगा लेती है

कुछ देर युही लेटे रहने के बाद।

 
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