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Guest
उसके बाद अबू घर से निकल गये…और नाज़िया अपने रूम मे जाकर तैयार होने लगी…. आज मुझे अपने प्लान पर अगला कदम बढ़ाना था…..सब कुछ दिमाग़ मे सेट हो चुका था…और मैं दिल ही दिल दुआ कर रहा था….कि जैसा मैं सोच रहा हूँ.. वैसे ही हो…खाना खाने के बाद मैं अपने रूम मे आ गया….थोड़ी देर बाद नाज़िया मेरे रूम के डोर पर आई…और मुझसे बोली….”समीर मैं जेया रही हूँ… घर को अच्छी तरह लॉक लगा कर जाना….” मैने नाज़िया से कोई बात ना की…और नाज़िया के बाहर जाते ही मैने जल्दी से तैयार होना शुरू कर दिया…मैने जल्दी से कपड़े पहने और घर को लॉक करके मैन रोड की तरफ चल पड़ा…घर से निकलते हुए मैने कागज के एक छोटे टुकड़े पर अपना दूसरा मोबाइल नंबर..जो कल खरीदा था….उसे लिख कर अपनी पॉकेट में डाल लिया….
मैं जल्दी से मेन रोड की तरफ जाने लगा….जब मेन रोड पर पहुचा तो, देखा कि नाज़िया वही खड़ी थी…मैने अपने चेहरे को रुमाल से ढक रखा था… मैं नाज़िया से थोडे फाँसले पर खड़ा हो गया….मैने जब नाज़िया की तरफ देखा तो, वो मेरी तरफ देख कर आँखो ही आँखो मे मुस्कुरा रही थी…खैर थोड़ी देर मे बस आ गयी… हम बस मे चढ़े….तो पहले वाले दिनो की तरह से हमारी पोज़िशन सेट हो गयी…. भीड़ आज भी थी….नाज़िया मेरे आगे खड़ी थी….उसकी पीठ मेरे फ्रंट साइड से फुल टच हो रही थी….आज नाज़िया ने ब्लॅक कलर का कमीज़ और डार्क पिंक कलर की शलवार पहनी हुई थी….उसकी ब्लॅक कलर की कमीज़ पर डार्क पिंक कलर के डिज़ाइनर पॅच लगे हुए थे….
आज मैं कुछ ज़यादा ही जोश मे था….मैने अपने लेफ्ट हॅंड से ऊपेर सपोर्ट के लिए लगे पाइप को पकड़ा हुआ था….और राइट हॅंड नीचे था…मैने चारो तरफ देखा और अपना राइट हॅंड साइड से नाज़िया की राइट रान पर रख दिया…उसके नरम और मुलायम थाइ पर मेरा हाथ लगते ही नाज़िया का जिस्म कांप गया…उसने फेस घुमा कर मेरी तरफ देखा तो, मैने उसकी थाइ पर हाथ रखे उसे पीछे की तरफ पुश किया तो, आज वो खुद बिना किसी जदो जेहद के पीछे हो गयी….”उफ़फ्फ़ मेरी बुरी हालत हो गयी….मेरा लंड तो नाज़िया की क़यामत खेज खूबसूरती को देख कर पहले से खड़ा था.. जैसे ही उसने अपनी बुन्द को पीछे मेरे लंड पर पुश किया…मेरा लंड फुल हार्ड हो गया….और उसकी कमीज़ और शलवार के ऊपेर से उसकी बुन्द के दोनो पार्ट्स के बीच मे जाकर फँस गया….नाज़िया भी मेरे लंड की हार्डनेस को अपनी बुन्द के बीच महसूस करके गरम होने लगी थे…वो धीरे-2 गैर मामूली तरीके से अपनी बुन्द को पीछे की तरफ पुश कर रही थी….और मैं अपने एक हाथ से उसकी राइट थाइ को सहला रहा था…..
मैने अपने हाथ को उसकी थाइ से आगे लेजाते हुए उसकी फुद्दि के तरफ बढ़ाना शुरू कर दिया…जैसे ही नाज़िया को इस बात का अहसास हुआ कि, मैं क्या करने जा रहा हूँ…नाज़िया ने मेरा हाथ पकड़ लिया….और पीछे घूम कर मेरी तरफ देखा और ना मे इशारा किया…थोड़ी देर बाद पहला स्टॉप आ गया….बस आधी खाली हो गयी…हम दोनो साथ में बैठ गये….जैसे ही बस चली मैने अपनी पॉकेट से वो पर्ची निकाली..जिसे पर मैने मोबाइल नंबर लिखा हुआ था…और वो नाज़िया की तरफ बढ़ा दी….नाज़िया ने चारो तरफ देखा कि, कोई हमारी तरफ तो नही देख रहा…जब उसे यकीन हो गया तो, उसने मेरे हाथ से पर्ची ली और धीरे से बोली…”ये क्या है….?”
मैं: मेरा मोबाइल नंबर है….
नाज़िया: ओह्ह….मैं तुम्हे अभी इस नंबर पर कॉल करती हूँ….तुम्हारे पास मेरा नंबर भी आ जाएगा…..
मैं: ठीक है….
नाज़िया ने पर्स से अपना मोबाइल निकाल और उस पर्ची पर लिखे नंबर को डाइयल किया तो मेरा मोबाइल बजने लगा….नाज़िया ने फॉरन कॉल कट कर दी…. “ये मेरा नंबर है सेव कर लो…”
मैं: ठीक है बाद में कर लूँगा….
नाज़िया: पर फ़ारूक़ प्लीज़ ये नंबर किसी और को मत दे देना….
मैं: मुझे पागल समझा है क्या….नही देता…अच्छा ये तो बताओ कि तुम्हे कॉल कब करूँ….
नाज़िया: आज दोपहर को 2 बजे कॉल करना…नही रहने दो मैं खुद करूँगी…. 2 बजे लंच टाइम होता है….
मैं: ठीक है…..
नाज़िया: देखो फ़ारूक़ तुम मुझे कभी भी कॉल मत करना…जब भी मुझे बात करनी होगी मैं तुम्हे मिस कॉल दे दिया करूँगी….फिर सबसे अलहिदा होकर मुझे कॉल कर लिया करना….
मैं: और कोई हुकम….
नाज़िया: हहा बस इतना ही औरत हूँ ना ख़याल रखना पड़ता है इन बातों का…
ऐसे ही बातें -2 करते मेरा कॉलेज आ गया….मैं बस से नीचे उतर गया…अब बस देर थी तो नाज़िया के साथ किसी ऐसी जगह मीटिंग फिक्स करने की जहाँ मैं उसे जी भर कर चोद सकता…..खैर मैं कॉलेज से 1 बजे निकल कर बस पकड़ कर गाओं आ गया…