• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

मेरी कमसिन जवानी की आग complete

  • Thread starter Thread starter StoryPublisher
  • Start date Start date
तब वो अंकल बोले- बिल्कुल सही, ये तो अपना अंकित है.वो दूसरे जो मुन्ना अंकल थे, वो बोले- राज भाई, अंकित की कोई गलती नहीं, वो तो अभी नया लड़का है, यह लड़की इतनी सेक्सी मस्त पटाखा माल है कि इस हालत में जैसे अभी नंगी लेटी है ऐसे किसी मुर्दा के सामने आ जाये तो वह मुर्दा भी जिन्दा होकर इसे चोदेगा, राज भाई तुम्हें इन दोनों का खेल नहीं बिगाड़ना चाहिए था, सारी गलती तुम्हारी है, अब राज भाई तुम इसकी भरपाई करो.

मुन्ना अंकल बोले- हम लोग तो 50 साल के ऊपर हैं, तब भी देखो अपनी हालत … तुम्हारा भी लन्ड खड़ा हो चुका है, और मेरी हालत तो इस आइटम को देखकर बिगड़ती ही जा रही है, क्या गजब की माल है, देखो नंगी लेटी हुई एक कयामत लग रही है, ऐसा लग रहा है कि हुस्न का समंदर है. चलो राज भाई, यह अधूरी प्यासी है बेचारी … अपन दोनों मिलकर इसको आज तृप्त कर देते हैं.राज अंकल बोले- यार रिश्तेदारी में आती है, कहीं कुछ गड़बड़ ना हो जाए, किसी को पता चल गया तो बहुत बदनामी होगी.मुन्ना अंकल बोले- अरे किसी को कुछ नहीं पता चलने वाला है, तुम इतना क्यों डर रहे हो, कौन सी तुम्हारी सगी है? आजकल तो अपनी बहन बेटी से तक से संबंध बना लेते हैं. यह तो तुम्हारे साले की साली की बेटी है, वैसे भी इसकी मां से तुम्हारे सेक्सी मजाक का रिश्ता कहलाएगा, फिर ये संध्या उसकी बेटी है तो इसे आराम से चोद सकते हो!

राज अंकल बोले- यार, हालत तो मेरी भी बहुत खराब हो रही है. यह ऐसी माल है, ऐसी मस्त आइटम है कि लगता है कि बस इसको चोद दिया जाए.तो मुन्ना अंकल बोले- राज भाई, सोचो नहीं, बस शुरू करते हैं. संध्या को थोड़ा इधर खिसका के जगह बना कर मस्त जमकर इसकी चुदाई करते हैं.मुन्ना अंकल ने मेरे पास आकर सीधे मेरे पिछवाड़े में अपना हाथ रख दिया और जैसे ही हाथ मेरी गांड में छुआ, उन्हें चिपचिपा सा लगा तो बोले- यह तो चुदाई करवा चुकी है, लगता है उसके लन्ड का रस निकल चुका होगा.

मुन्ना अंकल ने मेरे चूतड़ों को फैलाकर देखा, फिर बोले- नहीं, यह लंड का रस नहीं है, कुछ और रहा होगा.राज अंकल बोले- यार इसे उधर कहीं ले चलें? क्या है कि यहाँ बहुत लोग सो रहे हैं, किसी ने देख लिया तो गड़बड़ हो जाएगी, इसलिए यहाँ ठीक नहीं है.

राज अंकल ने अंकित को उठाया, धीरे से बोले- अंकित उठ … उठ जा!जैसे ही अंकित उठा तो अंकल बोले- तू घबरा नहीं, डर नहीं, हमारी सारी बातें तो तूने सुन ही ली होंगी, अब तुझे डरने की जरूरत नहीं, तूने कुछ गलत नहीं किया, ना इस सोनू की गलती है, यह जवान है, सेक्सी है, इस उम्र में सबका मन करता है. संध्या इतनी मस्त लड़की है, कोई कैसे कंट्रोल कर सकता है, इसलिए इस संध्या को चोदकर तो तूने कोई गलती नहीं की, तूने इसे ठीक चोदा है, पर तेरा काम पूरा नहीं हुआ अंकित, पहले थोड़ी हम लोगों की भी मदद कर दे तो तेरी बात किसी को नहीं बताएंगे. बस हम दोनों और तू भी साथ में आ जा … संध्या की जवानी का मजा लेते हैं, और इसको जमके चोदते हैं. बहुत मस्त माल है, देखो कैसे लेटी है नंगी और ऐसे नंगी कितनी मस्त लग रही है. हम तो संध्या के लिए दीवाने हुए जा रहे हैं.

राज अंकल अंकित के सगे फूफा हैं, अंकित राज अंकल से बोला- फूफा जी, किसी को मत बताना, मैं संध्या की चुदाई आप लोगों से अच्छे से करवा दूंगा, कोई दिक्कत नहीं है, यह बहुत सेक्सी लड़की है, बहुत चुदाती है और इसका कोई जवाब भी नहीं.तभी मुन्ना अंकल ने कहा- इसको कहाँ करेंगे? तू जगह देख फिर इसे उठाकर ले चलेंगे.

कहानी जारी रहेगी.

 
राज अंकल अंकित के सगे फूफा हैं, अंकित राज अंकल से बोला- फूफा जी, किसी को मत बताना, मैं संध्या की चुदाई आप लोगों से अच्छे से करवा दूंगा, कोई दिक्कत नहीं है, यह बहुत सेक्सी लड़की है, बहुत चुदाती है और इसका कोई जवाब भी नहीं.तभी मुन्ना अंकल ने कहा- इसको कहाँ करेंगे? तू जगह देख फिर इसे उठाकर ले चलेंगे.

अंकित वहाँ से उठा और जो बाकी के दो कमरे थे, दोनों में गया, देखा पर जब वहाँ दोनों कमरों में कोई ना कोई एक या दो लोग सोए हुए थे तो लौट के आ गया और बोला कि कमरे में तो जगह नहीं है, इसे यहीं कर लीजिए मैं देखता रहूंगा. सब गहरी नींद में सो रहे हैं और किसी को कुछ पता नहीं चलेगा. आप लोग आराम से संध्या को यही चोद दीजिए.

यह बात अंकित ने जैसे ही बोली, तुरंत मुन्ना अंकल धीरे से बोले- अंकित तू सम्हालना, हम दोनों संध्या को चोद के मस्त कर देंगे. यह तो बहुत मस्त है.राज अंकल अपनी टोर्च की लाइट जलते रहने दी, मैं आंखें बंद की हुई थी पर पूरी नंगी थी.

इतने में राज अंकल मेरी कमर में हाथ डाला और मुझे खिसका कर थोड़ा अपनी तरफ करके सीधे मेरे होठों को चूम लिया और अंकित को बोले- तू चाहे तो अपना लन्ड डाल दे अंकित, मेरी वजह से तेरा काम अधूरा रह गया था. हम दोनों तब तक सोनू के एक एक अंग का दीदार करेंगे, उन्हें चूमेंगे और चाटेंगे.और राज अंकल मेरे दूध दबाने लगे और बोले- सोनू तू ऐसी है कि बस तुझे कोई देख ले तो उसकी जिंदगी बन जायेगी, तू तो पागलपन है, क्या मस्त आइटम हो गई है और गजब की है.

इतने में अंकित राज अंकल से बोला- फूफा जी सॉरी, मुझे माफ करना, किसी से बताना नहीं!उन्होंने कहा- नहीं बताऊंगा, तू चिंता मत कर! और यह सोनू तो खुद बहुत बड़ी वाली है. अब ऐसी लड़की होगी तो मन तो फिसल ही जाता है, अब इसको अधूरा मत छोड़, तू शुरू हो जा! हम दोनों भी हेल्प कर देते हैं.अंकित बोला- थैंक्यू फूफाजी, यह बहुत मस्त माल है, आप दोनों भी इसके साथ कर लो.

मुन्ना अंकल बोले- ठीक है अंकित, हम तो संध्या को बेहद चोदेंगे. मैं तो आ रहा हूं मैदान में!कहते हुए मुन्ना अंकल ने अपना लोवर और अंडरवियर उतार दिए और मेरी चूत को अपने हाथों से रगड़ने लगे.जैसे ही मेरी चूत में हाथ रखा तो वहाँ चूतरस बह रहा था तो बहुत धीरे से बोले- यह संध्या की चूत तो पूरी बह रही है, यह बहुत चुदासी है.और मेरे नंगे बूब्स को अपने मुंह में लेकर चूसने लगे.

मैं कुछ बोल नहीं सकती थी इसलिए बिल्कुल सोई बनी रही.

तब अंकित बोला- संध्या तू उठ जा, आंखें खोल, तुझे बहुत मजा आएगा.मैंने आंखें नहीं खोली तो अंकित मेरी आंखों को चूमने लगा और बोला- मुझे पता है कि तू जग रही है मेरी डार्लिंग, बस आंखें खोल, तू भी अपने मन की बातें बोल!और मुझे हिलाने लगा.

मैंने सोचा कि ये मानेगा नहीं इसलिए मैंने अपनी आंखें खोल दी. जैसे ही आंखें खोली, मेरे सामने राज अंकल थे, मुझे बहुत शर्म आई, मैं फिर आंखें बंद करने लगी तो राज अंकल ने मुझे अपनी बांहों में भर लिया और बोले- सोनू डार्लिंग, तू मत शरमा, बहुत मस्त है तू, बहुत सेक्सी है, तुझे चोद चोद के आज मैं पागल कर दूंगा! क्या मस्त दूध हैं तेरे … तेरी नाभि पेट और चूत गजब की है. अब मत शरमा, देख मेरी तरफ!राज अंकल बोले- तेरी यह जो प्यारी सी सेक्सी नाभि है, ऎसी सेक्सी नाभि मैंने आज तक नहीं देखी!और मेरे होठों को चूमने लगे.

मैंने फिर से आंखें खोल दी और राज अंकल को एकटक देखने लगी तो अंकल बोले- क्या सेक्सी निगाहें हैं … तेरी आंखों में भी जादू है सोनू, तू बहुत चुदासी है ये तेरी आंखें बता रही है. तू सोनू बहुत प्यासी है.

और तुरंत राज अंकल अपने ऊपर का टी-शर्ट और नीचे का लोवर अंडरवियर उतार कर बिल्कुल नंगे हो गए, उन्होंने एक बार भी नहीं सोचा भी कि हम लोग हॉल में हैं.राज अंकल पूरे नंगे बदन मेरे सामने थे, क्या जबरदस्त बाडी थी उनकी … और लन्ड तो बहुत ही बड़ा था मेरे हाथ के बराबर मोटा और खूब लम्बा … फौजी जवान थे राज अंकल ऐसा मस्त शरीर मैंने नहीं देखा था किसी मर्द का जैसा राज अंकल का था.

मुन्ना अंकल राज अंकल से बोले- यार यह लड़की बहुत सेक्सी है, मैं एक पल भी नहीं रह पा रहा हूं.मुन्ना अंकल लोवर और अंडरवियर पहले ही उतार चुके थे, बाकी बची ऊपर की बनियान भी उतार फेंकी. उनका भी शरीर अच्छा था पर उम्र दिख रही थी, राज अंकल से थोड़ा छोटा लन्ड था उनका पर फिर भी बहुत बड़ा था, राज अंकल की उम्र लगभग 45 वर्ष की रही होगी लेकिन मुन्ना अंकल 50 के ऊपर थे.

दोनों अंकल मेरे आजू-बाजू हो लिए, राज अंकल मुझ से सामने से लिपट गए और मुझे अपनी बांहों में जकड़ लिया बोले- सोनू तुझे पाकर आज बहुत अच्छा लग रहा है. ऐसा लगता है कि सारी उम्र तुझसे लिपटा ही रहूं. ये तेरे जिस्म की खुशबू मुझे मदहोश कर रही है. सोनू क्या गजब की आइटम है तू इतनी सेक्सी इतनी चिकनी!मुन्ना अंकल मेरे पीठ से चिपक कर मेरी गान्ड में अपना लन्ड रगड़ने लगे.

 
जैसे ही मेरी गांड में लन्ड टच हुआ, मैं पागल हो उठी, मुझे लगा कि बिना देरी किए सीधे घुसा दें … पर बोल नहीं पाई.

राज अंकल अंकित से बोले- अंकित आ जा, तू भी कहीं एडजस्ट हो जा, शुरू हो जा!अंकित बोला- आप दोनों कर लो, फिर मैं आराम से करूंगा.फिर मुन्ना अंकल बोले- आजा अंकित तू बर्दाश्त नहीं कर पायेगा, संध्या जैसी खूबसूरत माल सामने चुदवा रही हो तो कोई मर्द खुद को संभाल नहीं सकता!अंकित बोला- अंकल, आप दोनों करो पहले, मुझसे बर्दाश्त नहीं होगा तब देख लूंगा.

तभी मुन्ना अंकल बोले- जैसी तेरी मर्जी, फिर देखना कोई उठे तो बताना! हम दोनों शुरू होते हैं.अंकित बोला- ठीक है अंकल!

इतने में मुन्ना अंकल ने खड़े होकर मेरी एक टांग को उठाकर फैला दिया. जैसे ही मेरी टांगों को चौड़ा किया मुन्ना अंकल एकदम से मेरी चूत देखकर शायद पागल से हो गए और बोले- यार इसे सीधा लिटाओ, यह तो बहुत ही गजब की आइटम है, क्या कमर है पतली नाजुक सी … देखो राज इसकी कमसिन जवानी बिल्कुल खिल रही है.

और मुन्ना अंकल सीधे मेरे दोनों टांगों के बीच अपना मुंह रख कर अपने होंठ, जीभ पूरी नाक घुसाकर मेरी चूत में रगड़ने लगे. फिर ऊपर किया और बोले- संध्या की चूत की सुगंध जाने कैसी है बहुत मस्त टेस्टी और साफ-सुथरी माल है ये, आज हम दोनों के लौड़े से यह पागल हो जाएगी.मुन्ना अंकल मेरी चूत को चाटने लगे और जीभ से अंदर तक रगड़ने लगे. मेरी सांसें बहुत जोर से चलने लगी.

तभी राज अंकल ने अपने दोनों हाथ मेरे बूब्स पर चढ़ा दिए और बोले- यार मुन्ना, बहुत जबरदस्त माल है यह संध्या! इसको तो लगता है कि अभी अपन जमकर चोद दें. यह बहुत बड़ी आइटम हो गई है, आज तक मैंने इतनी मस्त लड़की नहीं देखी. सच में गजब है, खुद मैं सोच नहीं पा रहा हूं कैसे कंट्रोल करूं!

और राज अंकल जमकर मेरे दूध दोनों हाथों से बहुत जोर से दबाने लगे. और फिर मेरे होठों के ऊपर अचानक अपने होंठों को रख दिए. अंकल के होंठ बहुत गर्म थे, उनके गर्म होंठ मेरे तपते होंठ पर जैसे ही रख गये, सबसे पहले उनकी गर्म गर्म सांसें मेरी सांसों से मिल गई, मुझे अब कुछ होश नहीं रहा, सच में ऐसा लगा कि मुझे दोनों अंकल मस्त कर दें.

अब मुझसे चुपचाप नहीं रहा जा रहा था, मैं समझ नहीं पा रही थी कि मैं क्या करूं … मेरा पूरा जिस्म टूटने लगा और मैं कसमसाने लगी. कि इतने में मुन्ना अंकल ने अपनी दो उंगलियां मेरी चूत में जोर से घुसा दी, सट से उनकी उंगलियां अंदर घुसी और मैं राज अंकल से लिपट गई, उनके ऊपर मेरे हाथ अपने आप चले गए, मैंने जोर से अपनी बांहों में राज अंकल को कस लिया और इतनी जोर से उनके होंठों को चूमा, चूसा कि उनके होंठ में मुझे पता भी नहीं चला और मेरे दांत गड़ गए.

तभी राज अंकल बोले- संध्या, है तो तू मेरी बेटी जैसी … पर कोई औरत तेरे बराबर सेक्सी नहीं और सुंदर तो तुझसे ज्यादा कोई हो ही नहीं सकती. तुमने जितने जोर से मुझे अपनी बांहों में कस कर दबाया, उस तरह से सुहागरात में मेरी बीवी ने भी नहीं कसा, अब इतना सब कर दिया तो अब नाटक बंद कर शर्म झिझक छोड़, अपनी आंखें खोल और जो तेरे अंदर आये वो सब बोल संध्या, जितना खुल कर के सेक्सी बातें गंदी बात करेगी और सुनेगी उतना ही जोश बढ़ेगा, उतना ही तुझे मजा आयेगा.

यह कहकर राज अंकल मेरी दोनों आंखों को चूमने लगे और बोले- खोल सेक्सी इन आंखों को!मैं भी सब देखना चाहती थी तो मैंने धीरे से अपनी आंखों को खोल दी. मेरे आंखों के बिल्कुल सामने राज़ अंकल का चेहरा और वो एकटक मेरी आंखों में आंखें डालकर मुझे देख रहे थे. मैं भी करीब एक मिनट पलकें बिना गिराए उनसे आंखें मिलाए रही.

तभी जोर से मेरे दूध को दबाते हुए राज अंकल बोले- बाप रे … तेरी नशीली आंखों में तो हवश और चुदाई भरी है संध्या! इतनी सेक्सी आंखें … ओह माई गॉड … तेरी आंखों का कोई जवाब नहीं, तू तो ऐसे किसी मर्द को देख ले तो वह बेमौत मर जाये! या तुझे वहीं का वहीं चोद देगा.

राज अंकल बोले मुन्ना अंकल से- अबे मुन्ना, ये तो बहुत चुदासी है, इसकी आंखें बेहद सेक्सी हैं यार … ये कयामत है, हम दोनों बहुत लकी हैं जो ये हमें चोदने को मिल रही है. तू भी इससे नजरें मिला ले, तब तक नीचे इसकी चूत को मैं भी प्यार कर लूं!मुन्ना अंकल बोले- ठीक है राज, तू आ जा! मैं भी तुझे एक बात बता दूं कि ये संध्या वर्जिन नहीं है, इससे पहले ये कई बार शायद चुद चुकी है, इसकी चूत बहुत चिकनी है. जैसे ही मैंने दो उंगलियां डाली, सट से संध्या की चूत में घुस गई. इसकी चूत से रस भी बहुत निकल रहा है पर बहुत टेस्टी और अलग ही तरह की सुगंध है. इतनी सेक्सी और मस्त चूत मैंने पचपन साल की उम्र में आज तक नहीं देखी ना चोदी!

राज अंकल बोले- अरे यार, इसको यहाँ से कहीं और ले चलें, तब खुल के चोदने में मजा आयेगा हमें भी इसे भी! वरना हम लोगों को लगा रहेगा कि कोई उठ ना जाए. कोई देख ना ले! यहाँ इस तरह से ना आवाज निकाल सकते, ना बोल सकते, अब यहाँ 12-15 लोग सो रहे हैं, तो अच्छा यही होगा कि अगर कहीं अगल-बगल ले चलें तो ज्यादा, बहुत ज्यादा मज़ा आएगा यह चुदाई जितनी खुलके की जाए उतनी ही मजेदार होती है.

मुझसे बोले राज अंकल- तू बता सोनू, तुझे कोई दिक्कत तो नहीं? बस थोड़ी देर की बात होगी, अपन बीस पच्चीस मिनट में वापस आ जाएंगे.मैं उस समय किसी हालत में बस चुदवाना चाहती थी, मुझे दिमाग में कुछ नहीं सूझा, मैंने हाँ में सिर हिला दिया.

फिर राज अंकल बोले- बता सोनू? बोल तू?उस समय मुझसे दो दो मर्द नंगे लिपटे हुए थे, मैं अपने होशोहवास में नहीं थी, मैं बिना सोचे समझे बोली- जैसा आपको ठीक लगे अंकल … मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं!इतना सुनते ही राज अंकल अंकित से बोले- यार तेरा घर है, तू यहीं का है, बता, यहाँ पर तो कोई रूम खाली नहीं तो अगल बगल घर कहीं कोई खाली जगह है क्या? कोई इंतजाम करा!

तब अंकित बोला- बहुत रात हो गई है. बगल वाले घर में एक अंकल हैं उनका घर ऊपर खाली रहता है, नीचे परिवार रहता है. अगर उनका फोन उठ गया तो हो जाएगी व्यवस्था, वैसे भले ही वे बुजुर्ग हैं, बुड्ढे हैं लगभग 65 साल के होंगें, पर वह बहुत रसिया हैं, कई बार वो अंकल नई लड़कियों की मांग करते रहते हैं, मुझसे खुले हुए हैं.

कहानी जारी रहेगी.

 
मुझसे बोले राज अंकल- तू बता सोनू, तुझे कोई दिक्कत तो नहीं? बस थोड़ी देर की बात होगी, अपन बीस पच्चीस मिनट में वापस आ जाएंगे.मैं उस समय किसी हालत में बस चुदवाना चाहती थी, मुझे दिमाग में कुछ नहीं सूझा, मैंने हाँ में सिर हिला दिया.

फिर राज अंकल बोले- बता सोनू? बोल तू?उस समय मुझसे दो दो मर्द नंगे लिपटे हुए थे, मैं अपने होशोहवास में नहीं थी, मैं बिना सोचे समझे बोली- जैसा आपको ठीक लगे अंकल … मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं!इतना सुनते ही राज अंकल अंकित से बोले- यार तेरा घर है, तू यहीं का है, बता, यहाँ पर तो कोई रूम खाली नहीं तो अगल बगल घर कहीं कोई खाली जगह है क्या? कोई इंतजाम करा!

तब अंकित बोला- बहुत रात हो गई है. बगल वाले घर में एक अंकल हैं उनका घर ऊपर खाली रहता है, नीचे परिवार रहता है. अगर उनका फोन उठ गया तो हो जाएगी व्यवस्था, वैसे भले ही वे बुजुर्ग हैं, बुड्ढे हैं लगभग 65 साल के होंगें, पर वह बहुत रसिया हैं, कई बार वो अंकल नई लड़कियों की मांग करते रहते हैं, मुझसे खुले हुए हैं.

तब राज अंकल बोले- फोन लगा शायद बात बन जाए, उनको भी क्या है, जब 65 साल के हैं.. तो थोड़ा वह भी आ जाएंगे तो कोई बात नहीं!

अंकित ने तुरंत फोन लगाना शुरू कर दिया. उसने दो-तीन बार फोन मिलाया, तब जाकर उनका फोन उठा.

अंकित इधर से बोला- अंकल, अभी एक बहुत मस्त नई लड़की पटी है, अगर कहो तो ले आऊं?

ये सुन कर वह कुछ उधर से कुछ बोले.

तब अंकित ने बोला- अंकल, उसे देख लोगे तो पागल हो जाओगे तुम, बहुत दिनों से बोल रहे थे.. आज अभी हो पाया इसलिए मैंने फोन किया. रहने दो अगर तुम्हें डर लगता है! अरे अंकल तुम बस चुपचाप गेट खोल देना, हम लोग ऊपर चले जाएंगे.तब वो अंकल जो भी बोले हों, अंकित बोला- तुम्हें बता ही देता हूं कि मेरी चाची की सगी बहन की बेटी है, एकदम गजब माल है. तुम देख चुके हो अंकल, लालजी की सगी मौसी की बेटी सोनू घर में नाम है, वैसे संध्या नाम है. मैंने तुम्हें फोटो दिखाई थी, लालजी ने भी तुम्हें कुछ कुछ सोनू के बारे में बताया था. लालजी ने फोटो दिखाई थी और तुमने बोला था कि यार इसकी एक बार दिला दो जो बोलोगे कर दूंगा, मैं उसी की बात कर रहा हूं!जैसे उसने मेरा नाम बताया, उन अंकल ने शायद तुरंत हाँ कर दी और वे उससे कुछ बोले भी.तो अंकित इधर से बोला- ठीक है, चलेगा.. देख लेंगे.

इसके बाद अंकित ने राज अंकल के और मुन्ना अंकल के कान में कुछ धीरे से बोला. जो कुछ बोला वो मुझे सुनाई नहीं दिया.

तब राज अंकल बोले- अरे यार चलते हैं, वहाँ जो भी होगा देख लेंगे. यह संध्या मैनेज कर लेगी, वहीं डिसाइड करेंगे.राज अंकल और मुन्ना अंकल बोले- फाइनली अपन चलते हैं, जल्दी चलकर जल्दी आ जायेंगे.

मुझे मुन्ना अंकल ने मेरी स्कर्ट और टॉप उठा कर दी और बोले- संध्या ऐसे ही जल्दी से पहन लो.

मैंने जल्दी स्कर्ट टॉप पहने और दोनों अंकल ने भी अपने कपड़े पहने, राज अंकल तुरंत मेरा हाथ पकड़े और बोले- चुपचाप चले चलो सोनू जल्दी करो.

मैं बोली- अंकल कुछ गड़बड़ तो नहीं होगा? मुझे डर लग रहा है.. किसी को पता चल गया तो मैं मर जाऊंगी, मैं कहीं भी मुँह दिखाने लायक नहीं बचूंगी. प्लीज अंकल, कुछ गड़बड़ ना हो? आज रहने दीजिए.तब राज अंकल मेरी कमर में हाथ डाल कर बोले- चल सोनू, मेरे ऊपर भरोसा रख.. कुछ नहीं होगा बिल्कुल मेरी गारंटी है.ऐसा बोला तो मुझे कुछ भरोसा हुआ, मैं बोली- ठीक है अंकल, मैं आपके भरोसे चल रही हूं.

और फिर मैंने उनका हाथ पकड़ा, वे भी मेरा हाथ पकड़ कर यहाँ से चल दिए.

मौसी के घर के बगल वाला ही घर था, अंकित आगे था. दरवाजा खुला हुआ मिला और सब लोग धीरे से ऊपर सीढ़ियों में चढ़ने लगे. ऊपर फर्स्ट फ्लोर पर गए, अंकित ने एक दरवाजा खोला, जैसे ही अन्दर गई, देखा वहाँ दो तखत बिछे हुए थे. चूंकि गांव का ही घर था इसलिए उतना डेकोरेशन नहीं था पर हॉल बड़ा था, एक तखत में बिस्तर लगा था, एक खाली था लेकिन उस पर भी गद्दा मुड़ा हुआ रखा था, उसको अंकित ने बिछा दिया.

राज अंकल मुझे बैठने को बोले. वहां दो ट्यूबलाइट लगी थीं, दोनों को जला दिया तो रोशनी बहुत हो गई.

तभी एक अंकल वहां आए, उनकी उम्र करीब 70 साल की रही होगी, अंकित ने उनके पैर छुए, राज अंकल ने भी पैर छुए.

उन अंकल ने मुझे देखा और बोले- मेरे समधी साहब आ रहे हैं, जरा नीचे हैं.मैं सोचने लगी कि अरे इनके अलावा और भी है कोई क्या?

तभी मैंने देखा दो अंकल और लगभग 65 साल के आसपास आए. राज ने तीनों अंकल के पैर छुए और अंकित ने भी!

जिनका घर था, उनके पास अंकित गया और बोला- अंकल जी, अब दरवाजा बंद कर दीजिए, कोई दिक्कत तो नहीं है?

वे अंकल बोले- बिल्कुल कोई दिक्कत नहीं, मेरी बीवी और बेटी बहुत अन्दर सो रही हैं.. मैं बाहर से उनके कमरे का दरवाजा बंद कर आया हूं, बिल्कुल खुलकर आराम से करो, जो मन पड़े! कोई दिक्कत नहीं होगी

 
अब वो अंकल जिनका घर था, मेरे सामने आए और बोले- अच्छा इसको तो मैं जानता हूं.मेरी मम्मी का नाम लेकर बोले- यह तो उसकी बेटी है ना जो तपा में लालजी की मौसी है.अंकित बोला- हाँ अंकल, तपा वाली मौसी की बेटी है, लालजी की सगी मौसी है इसकी मम्मी!तब वो अंकल बोले- लालजी नहीं आया क्या? लालजी भी तो मुझसे इसके बारे में बता रहा था कि मौसी की लड़की सोनू बहुत मस्त है और बहुत हॉट है. उसने अपने मोबाइल में फोटो भी दिखाई थी इसकी एक दो! उसने बताया था कि वो मौसी की बेटी सोनू को कर रहा था, तभी पड़ोस के कोई चाचा आ गए थे और लालजी का काम पूरा नहीं हुआ, लालजी भी इस संध्या की अधूरी चुदाई कर चुका है, तब से वह भी इसे करने के फिराक में है.

तब मुझे बिल्कुल झटका सा लगा कि लाल जी तो मेरी पूरी गोपनीय बातें इन अंकल को मेरे बारे में बता चुका है, कैसा लड़का है लालजी? वो भी मेरी सगी मौसी का लड़का है, मेरे सगे भाई की तरह तब भी सबसे मेरी बात बताई.

तभी वे मकान मालिक अंकल बोले- लालजी ने मुझसे बोला भी था कि अंकल मैं सोनू की आपको दिलवाऊंगा जैसे ही मौका मिलेगा.तब अंकित बोला- एक ही बात है.. मुझे भी लाल जी ने ही इसके बारे में पूरा बताया था कि कैसी है संध्या! जब वो संध्या के ऊपर चढ़ा हुआ था, तब लालजी ने मेरी संध्या से बात भी करवाई थी. मुझे संध्या ने खुद बोला था उस समय कि आकर चोद लो.. तब मैं बोला था कि मेरे एक अंकल हैं, उनको भी ले आऊं? तो संध्या बोली थी कि जिनको जिनको लाना है ले आओ, उस वक्त उसने बहुत मस्त बात की थी, तब लालजी इसकी चूत चाट रहा था और एक इसकी बहन का लड़का पीयूष भी इसके साथ बिस्तर में था. लालजी ने संध्या की सेक्सी सेक्सी फोटो दिखाई थी कुछ नहाते की और कपड़े बदलते की.. मोबाइल पे दिखाई थी, जब से संध्या की सेक्सी फोटो देखी, तब से मैं इसके लिए पागल हो रहा था, आज मौका मुझे मिला. वैसे कल भी मैंने बाथरूम में इसको पकड़ा था मगर पूरा काम नहीं हो पाया जल्दी-जल्दी में भागना पड़ा, आज इसको बिल्कुल बहुत मस्त कर देना है, बहुत ही गजब की आइटम है ये संध्या.. इससे सेक्सी लड़की कोई नहीं मिलेगी अंकल! 10-12 मर्द भी इसको एक साथ कम पड़ जायें..ऐसी इसकी गर्मी है.

मैं अंकित की बातें सुनकर हैरान थी, उस हाल में मैं तीन बुड्ढे, दो अंकल और एक अंकित जो 22 साल का था करीब, ऐसे 6 मर्दों के बीच मैं अकेली लड़की थी. जो पहले मेरा मन कर रहा था सेक्स का.. वह पूरा डर में बदल गया, मेरे साथ यह पहली बार ऐसी स्थिति बनी मुझे कुछ समझ नहीं आया. एक तो दूसरा गांव.. ऊपर से रात के करीब 1:00 बजे रहे होंगे और अकेली मैं, छह मर्दों के साथ!

मैं राज अंकल से बोली- अंकल, प्लीज मुझे वहाँ पहुंचा दो जहाँ से लाये हो, अभी मुझे कुछ नहीं करना!जैसे ही मैंने ऐसे कहा तो मकान मालिक अंकल आए मेरे पास और मेरे कंधे पर हाथ रख दिया, बोले- तुम बिल्कुल घबराओ नहीं, तुम्हारा क्या नाम है, खुद से बताओ?मैं बोली- संध्या!तो अंकल बोले- संध्या सुनो, हम तीनों तुम्हें छुएंगे भी नहीं. यह जो एक सफेद टी-शर्ट में हैं, यह मेरे समधी हैं, कल से आए हुए हैं. और यह जो थोड़े लम्बे चौड़े हैं.. मेरे समधी के साथ नौकरी करते थे. तो बस तुम्हें देखने के लिए हम तीनों आए हैं. मेरा थोड़ा मन था पर कोई बात नहीं, तुम्हारी मर्जी!

और ऐसा कहकर उन्होंने मुझे गले से अपने लगा लिया. मैं कुछ नहीं बोली.

तभी वे मेरी एक गाल में हाथ रखकर बोले- मेरी तरफ देखो, यह मेरा घर है, इसे तुम अपना समझो. तुम्हारा मन है तो कुछ देर खुल कर इंजॉय करो, जीवन मस्ती और इंजाय के लिए है, दो दिन की जवानी है, बस इसे खूब फन और फाड़ू मस्ती में गुजारो! कल का क्या भरोसा.मैं बोली- अंकल, मैंने आज तक इतने सारे लोगों के साथ में कभी नहीं किया है.

तभी मकान मालिक बोले- संध्या हम लोग तुम्हें छोड़ कर चले जाते हैं, तुम यहीं रहो और यहीं सो जाओ कोई तुम्हें टच नहीं करेगा.तब मुझे कुछ अच्छा लगा यह सुनकर, जिनका मकान था, वे मुझे अच्छे लगे, उनकी बातें अच्छी लगीं.उन्होंने मुझे अपने आप गले लगा लिया और बोले- तुम मेरी नातिन जैसी हो, मेरी नातिन भी तुमसे बड़ी है, तुमको कोई दिक्कत नहीं होगी! मेरे ऊपर भरोसा करो, बस 10-15 मिनट के अन्दर तुम्हें वही पहुंचा दूंगा.. मेरी गारंटी है.मैं बोली- पक्का अंकल? प्रॉमिस करिए!

 
तब अंकल अपने सर पर हाथ रखकर बोले- गॉड प्रॉमिस है, सिर्फ 15 मिनट दे दो मुझे.. तुम्हें बहुत अच्छा लगेगा, मेरा वादा है, नहीं लगे अच्छा तो बता देना, तुम्हें तुम्हारी मर्जी के बिना कोई कुछ नहीं करेगा. तुम तो बहुत होशियार और मस्त लड़की हो, मुझे लालजी ने सब बताया है.मैं बोली- ओके अंकल जैसा आपको ठीक लगे! पर मम्मी जान ना पाए कहीं कि मैं रात में बाहर गई थी.तब राज अंकल बोले- नहीं संध्या, कोई नहीं जान पाएगा. मुझे भी परवाह है.जिनका मकान है वे मुझे बोले- तुम बस मेरी बात मानो और चाहे तो अपनी आंखें बंद कर लो और चुपचाप लेट जाओ.

उन्होंने मेरे कंधे पर हाथ रख कर मुझे वहीं तखत में लिटा दिया. उनके लिटाते ही मैंने आंखें बंद कर लीं, उन अंकल ने भी मेरे बगल से लेट कर मुझे अपनी बांहों में भर लिया और मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए और चूमने लगे.

अंकल धीरे से अपने हाथ को मेरे सीने में चलाने लगे.

तभी मेरी स्कर्ट को कोई दूसरा ऊपर करने लगा. चूँकि मैंने अन्दर पैंटी नहीं पहनी थी, तो वे मेरी टांगें चौड़ी करके मेरी जांघों को चाटने लगे. उसी समय कोई एक अंकल ने मेरे हाथ को पकड़ कर अपने लंड को पकड़ाया. तब मुझे बहुत अजीब सा लगा, उसने अपने हाथ से मेरा हाथ पकड़ कर अपने लंड को रगड़वाना शुरू कर दिया, सच में बहुत गर्म और लम्बा मोटा लौड़ा था.

तभी मेरे टॉप को कोई ऊपर करने लगा. मैंने आंखें बंद की हुई थीं, इसलिए मुझे कुछ दिखाई नहीं दिया कि कौन अंकल हैं. उन्हीं में से कोई एक मेरी स्कर्ट को नीचे खींचते हुए उतारने लगे.

तभी जो उनके समधी और समधी के दोस्त थे, बोले- यह लड़की तो बला की कयामत है, इसके साथ कोई मेरी फोटो ले लो.. यादगार पल हैं, यह याद बनी रहेगी.अंकित बोला- ठीक है अंकल, मैं लिए लेता हूं. कौन सी पोज की लेना है?वो अंकल बोले- सबसे पहले तो संध्या की चूत चाटने की लो. फिर इसकी ये मस्त उठी हुई गांड चाटने की.. इसके बाद संध्या की नाभि चूमते हुए और बूब्स दबाने और पीने की खींचना! उसके बाद इसकी बहुत मस्त सेक्सी नाक चूमते चूमते और नाक चूसते की जरूर लेना.. फिर इसके साथ लेटने की और जब लंड डालूं, तब की फोटो जरूर लेना. अंकित तुम हर पोज की फोटो लेना, जीवन भर सम्हाल के रखूंगा, संध्या के साथ इन सेक्सी पलों की फोटो! इतनी सुन्दर और सेक्सी मस्त फिगर वाली लड़की आज तक हम लोगों ने देखी नहीं है, जिसे आज चोदने का मौका मिल गया.

इतने में सभी ने बोलना शुरू कर दिया- अंकित प्लीज मेरे साथ भी हर पोज की फोटो ले लेना!अंकित बोला हंसते हुए- सभी अंकलों को हर फोटो का चार्ज लगेगा.सभी ने कहा- हाँ देंगे बेटा जो चार्ज बोलेगा, पर सभी पोज में लेना.अंकित बोला- ठीक है, आज से, अभी से मैं संध्या का फोटोग्राफर बन जाता हूं, बड़ा प्राफिट दिख रहा है इस काम में!

और अंकित ने मोबाइल से सबके साथ फोटो लेना शुरू कर दिया. तभी कोई अंकल मेरी जांघों को सहलाने लगे.

मेरी मस्त चुदाई की कहानी पर आप अपने विचार कमेन्ट कर सकते हैं.

बस जरा गरम कमेंट्स होना चाहिए.

 
अभी तक आपने पढ़ा था कि मेरी सामूहिक चुदाई की तैयारी चल रही थी. सभी अंकल लोग मेरी नंगी जवानी के साथ अपनी फोटो खिंचवाने के लिए अंकित से कह रहे थे.

अब आगे..

पहले तो उन अंकल ने मेरी टांगों को थोड़ा फैलाया और अचानक नीचे चूत को चाटने लगे. मुझे अजीब सा कुछ महसूस होने लगा, मेरी कमजोर नस पर उन्होंने हाथ रख दिया. मेरी चूत में कोई हरकत करे, तो फिर मैं अपने आप ढीली पड़ने लगती हूं.

वह अंकल मेरी चूत में जोर जोर से अपनी नाक रगड़ रहे थे, मेरी चूत को सूंघ रहे थे और जमकर पूरी जीभ अन्दर डाल कर उसे बहुत गन्दे तरीके से फैला फैला कर चूस और चाट रहे थे, जिससे मेरी हालत तेजी से खराब होने लगी और मेरी सांसें बहुत तेज़ तेज़ चलने लगीं.

वहीं अब किसी ने मेरी टॉप को ऊपर कर दिया तो मेरे बूब्स आजाद हो गए. पूरे नंगे मम्मों को अंकल ने जोर से पकड़ा और उनको नोंचने लगे. फिर अचानक से ही वे मेरे दोनों मम्मों को पकड़ के दबाने और मसलने लगे. मेरे एक हाथ में किसी का लंड था, जो मेरा हाथ पकड़ के रगड़वाने लगे, उनका लंड बहुत गर्म था.

इतने में कोई दूसरे अंकल ने भी मेरे दूसरे हाथ को पकड़कर अपने लंड में रखवा लिया और अपने लंड को ऊपर नीचे करवाने लगे. मुझे बहुत अजीब लगने लगा.. और मस्ती सी छाने लगी.

जिनका वो घर था, उन अंकल ने मेरी नाक को अपने मुँह में भर लिया और मेरी नाक चूसते हुए बोले- संध्या तुम्हारी नाक बहुत सेक्सी है, तुम बहुत बड़ी माल हो, तुम्हें आज बहुत मजा आएगा.

इतने में किसी ने मेरे नीचे आकर मेरे पीछे से मेरी गांड में अपना लौड़ा टच करा दिया, तो मुझे बहुत गुदगुदी लगने लगी. इतने में एक अंकल मेरी गांड में बहुत सारा थूक लगा दिया और चूतड़ खोल कर गांड चाटने लगे, अन्दर जीभ डालने लगे. उनकी इस हरकत से मैं बेकाबू होने लगी, मेरे अन्दर कुछ कुछ होने लगा. तभी एकदम से मैं भी कुछ करने के लिए तैयार हो गई. आखिर मैं एक जवान लड़की हूं, वह भी कच्ची कली; बिल्कुल जवानी की दहलीज पर मचलती हुई महक रही थी. मैं ऐसी स्थिति में कैसे चुप रह पाती, अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था.

अभी तक तो मैं आंखें भी बंद की हुई थीं, पर मेरा पूरा जिस्म अकड़ने लगा और मुझे कुछ-कुछ होने लगा. जो अंकल मेरी गांड को चाट रहे थे, अब वह पीछे लिपट गए और मेरे कूल्हों में और मेरी गांड में अपना लंड रगड़ने लगे. वे अपना लंड घुसा नहीं रहे थे, पर अपने लंड से मेरी पूरी गांड के छेद को रगड़ रहे थे और वह अपनी जीभ से मेरी पीठ को चाट भी रहे थे. उनकी इस हरकत से मुझे बहुत गुदगुदी होने लगी.

इतने में जो अंकल मेरी चूत को चाट रहे थे, उन्होंने अपने हाथ का अंगूठा मेरी चूत में घुसा दिया और साथ में जीभ भी डाल दी.

वह बोले कि मस्त रस निकलने लगा है चूत से अब.. ये संध्या गर्म होने लगी.

मैं समझ नहीं पाई कि कैसे मैं 5 से 7 मिनट में पूरी मदहोश होने लगी. अब मुझसे नहीं रहा जा रहा था, मेरे अन्दर बहुत खलबली मची हुई थी. तभी कोई एक अंकल मेरे होंठों के पास अपने लंड को ले आए और मेरे होंठों पर अपने लंड को रगड़ने लगे. ऊपर से ही मेरे होंठ और नाक में लंड जब टच हुआ तो मैं कुछ समझ ना पाई. उसकी एक अलग सी सुगंध मेरी नाक में जाने लगी.

तभी वह अंकल बोले- संध्या तुम इसे चूसो.. बहुत मजा आएगा.यह कहते हुए वे मेरे मुँह में लंड डालने की कोशिश करने लगे.

नीचे वाले अंकल ने अपनी जीभ मेरी चूत में जोर से घुसा दी तो मेरे मुँह से अपने आप ऊंहहह की आवाज निकल गई और मुँह खुल गया, उसी वक्त उन अंकल ने अपना लौड़ा मेरे मुँह में अन्दर डाल दिया. उनका लंड बहुत मोटा था, पर उतना लंबा नहीं था. मैं उसे अपने आप न जाने क्यूं बिल्कुल चूसने लगी, चाटने लगी और अपने आप मेरा हाथ उनके लंड में चला गया. मैंने उनका लंड पकड़ लिया और लंड पकड़ कर जोर जोर से मुँह में अपने घुसाने लगी. ये सब अपने आप मैं करने लगी.

तब अंकल बोले- संध्या अब जोश में आ गई है.. इसका मूड बन गया है.. बहुत ज्यादा गर्म हो गई है.वे मुझसे बोले कि संध्या तुम बहुत चुदासी हो यार.. अब एन्जॉय करो.. तुम अपनी आंखें भी खोल दो और अब मस्त खुल कर एंजॉय करो.

मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था. अब तक मैं बहुत एक्साइटेड हो चुकी थी.. बिल्कुल मदहोशी छा गई थी.

तभी जो अंकल मेरे पीठ को चाट रहे थे और गांड में लंड रगड़ रहे थे, अचानक अपने आप उनका लंड मेरी गांड के छेद पर सैट हो गया और जोर से अंकल ने धक्का देते हुए अपने लंड को दबाया, तो मेरी गांड में फचाक से आधा लंड घुस गया.

 
मेरे मुँह से चीख निकल गई- वोहहह मम्मी मार डाला..

इस प्रहार से मेरी आंखें भी खुल गईं.

तभी राज अंकल बोले कि क्यूं अंकल संध्या की गांड में घुसेड़ दिया क्या?तो वो अंकल बोले- यार मैं ऐसे ही रगड़ रहा था.. अपने आप गांड की छेद में सैट हो गया और जोश में घुसाया तो घुस भी गया, बहुत ही गजब की गांड है संध्या की.. आहह माय गॉड क्या तो उठी गहरी गांड है.. उंहहह ऊंहहह ले रानी..

ये कहते हुए अंकल ने फिर से जोर लगा दिया. वो अंकल ने मेरी कमर पकड़ कर और जोर से लंड पेला, तो उनका पूरा लौड़ा मेरी गांड में अन्दर घुस गया.. और मैं सामने वाले अंकल, जिनका ये मकान था.. दर्द के मारे उनसे लिपट गई और जोर जोर से चिल्लाने लगी कि बहुत दर्द हो रहा है.. बचाओ कोई.. निकाल लो अपना लंड बाहर.. मुझे छोड़ दो मर जाऊंगी..

सच में मुझे बेहद दर्द हो रहा था, अपने आप ही मैंने अपनी आंखें खोल दीं. जैसे ही मेरी आंखें खुलीं कि तभी वे अंकल मुझसे बोले- संध्या तुम्हें कैसा लग रहा है.. बोलो?

मैं ना जाने कैसे बेहोश मदहोश दोनों ही हो गई थी. मैं बोली अंकल बहुत दर्द हो रहा है पीछे.. मुझे बचा लो, मैं मर जाऊंगी.

राज अंकल बोले- बस 5 मिनट में तुम्हारा पूरा दर्द ठीक हो जाएगा और राज अंकल मेरी टांगों की तरफ आए और जो अंकल मेरी चूत चाट रहे थे, उन्हें बोले- आप थोड़ी देर के लिए एक बगल हो जाओ, मैं संध्या का पूरा का पूरा दर्द अभी ठीक कर देता हूं.

वो अंकल हट गए और राज अंकल मेरे नीचे पैरों तरफ आ गए. मेरे नीचे देखकर बोले- ओहह राजीव भाई.. बहुत लकी हो आप.. क्या मस्त लंड डाले हो संध्या की जबरदस्त गांड में.

तब मैंने जाना कि जो मेरी गांड में लंड घुसाये हैं, उनका नाम राजीव है.

राज अंकल बोले- आप बहुत धीरे धीरे से अन्दर बाहर करना शुरू कर दीजिए.. लंड को आराम आराम से पेलिए.

इधर राज अंकल ने मेरी टांगों को चौड़ा करके अपने कंधे पर रख लिया और बोले ओहहहहह गॉड तू तो पागलपन की हद से ज्यादा सेक्सी है सोनू..

राजीव अंकल को राज अंकल ने बोला- अब जब मैं बोलूं.. तब गांड चोदना शुरू करना.

इतना कह कर अब राज अंकल ने अपनी हथेली से मेरे पेट को सहलाना शुरू किया और अपनी एक उंगली मेरी नाभि में बहुत हल्के हल्के से डालने लगे. उनकी इस हरकत से मेरा पीछे का दर्द धीरे धीरे कम होने लगा. मैं समझ नहीं पाई कि यह क्या हो रहा है. परंतु उनके हाथ में जो भी जादू रहा हो, मेरा दर्द बिल्कुल गायब होने लगा.

राज अंकल मुझे फिर से बोले कि संध्या तुम्हें अगर तकलीफ या दर्द हो तो मुझे बताना.

उन्होंने एक मेरी टांग नीचे करके अपनी हथेली मेरी चूत में रखकर उसे चलाने लगे. जैसे ही उन्होंने चुत पर देखा कि चिपचिपाहट है. तो राज अंकल बोले- सोनू तुम तो बहुत गर्म हो चुकी हो तुम्हारी चूत बह रही है.

राज अंकल अपनी दो उंगलियां एक साथ मेरी चूत में डालने लगे. थोड़ा सा टाइट लगा, पर चिकनाहट बहुत थी चूत में, तो राज अंकल ने अपनी उंगलियों को दबा दिया. मैंने खुद से अपनी कमर ऊपर उठा दी, तो मेरी चूत में राज अंकल की दोनों उंगलियां सट से अन्दर हो गईं.

जैसे उंगलियां चूत में घुसीं, मुझे बहुत ही अजीब लगा और मैं उछल पड़ी. राज अंकल अपनी उंगलियों को चूत में अन्दर बाहर करने लगे.

अब मेरे मुँह से अपने आप ‘ऊंहहह उंहहह आहहहह वोहहहह..’ की आवाज निकलने लगी.

मैं अब अपने पीछे गांड में होने वाले दर्द को भूल गई और दर्द कैसे गायब हो गया, मुझे खुद पता नहीं चला.

तभी राज अंकल ने राजीव अंकल को बोला कि राजीव भाई अब तुम अपने लंड को सोनू की गांड में अन्दर-बाहर करो और सोनू की गांड को अपना लौड़ा से चोदना शुरू कर दो.. पर दो-तीन मिनट धीरे धीरे करना और उसके बाद खुद सोनू बोलेगी कि स्पीड बढ़ाओ.. यह वादा है मेरा.

ये कह कर राज अंकल फिर से तेजी से अपनी उंगलियां मेरी चूत में चलाने लगे. मैं जोर-जोर से हाँफने लगी सांसें बढ़कर इतनी तेज हो गईं कि बता नहीं सकती हूं.

तभी पीछे राजीव अंकल मेरी गांड में अपना लंड घुसाने और निकालने लगे.. मुझे दर्द हुआ, जब वह अन्दर डालते और बाहर निकालते.. पर आगे की तरफ मेरी चूत में बहुत ज्यादा ना जाने क्या हो रहा था कि पीछे गांड का दर्द पता नहीं चला. ऐसे चार पांच मिनट तक वह अन्दर-बाहर मेरी गांड में अपना लंड डालते निकालते रहे. इसके बाद तो पीछे गांड का दर्द सच में ऐसे गायब हुआ कि मुझे पता ही नहीं चला कि कब दर्द गायब हो गया.

अब मैं जोर-जोर से राजीव अंकल को बोलने लगी कि ऊंहहह.. राजीव अंकल और डालो.. पूरा घुसेड़ दो राजा.. मुझसे रहा नहीं जा रहा.. जोर से धक्का मारो मेरी गांड में.. क्या कर दिया है.. इसे चोद चोद के तेजी से शान्त करो.. ऊंहहह उंहहह राजीव मेरे राजा.. और डाल.. साले इतना ही दम है क्या..?

मुझे अब होश नहीं था कि मैं क्या बकवास कर रही हूं, कुछ भी बोल रही थी.

मेरी बात सुन कर सभी अंकल आश्चर्य में पड़ गए कि अभी कितनी शांत और सीधी लग रही थी ये संध्या.. और अब तो बिल्कुल दूसरी ही संध्या नजर आने लगी.

सबने एक साथ बोला- वाउऊ तू तो फुल रंडी है रे संध्या.. साली लाजवाब माल है.. बस तेरी उम्र कम है, पर इतनी कम उम्र में इतनी गर्मी इतनी चुदासी है तू.. कोई कल्पना भी नहीं कर सकता है.

मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था. अब तो अपने आप मैं फिर से उम्म्ह… अहह… हय… याह… की आवाज निकालने लगी.

तभी राज अंकल बोले- संध्या अब बता कैसा लग रहा है?मैं बोली- राज अंकल मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है.. पर बहुत अच्छा लग रहा है, मजा आ रहा है, मुझे कुछ करिए जल्दी.. मुझ से अब रहा नहीं जा रहा है.

मैं अपनी कमर आगे पीछे करने लगी.

तभी मुन्ना अंकल मेरे सामने आए और बोले- संध्या, अब बता तुझे घर पहुंचा दें जहाँ तू सो रही थी या हम लोग जल्दी से तेरी मस्त चुदाई कर दें.मैं कुछ नहीं बोली तो मुन्ना अंकल फिर से बोले- बता न.. जैसा तू बोल संध्या, नहीं तो अगर बोलेगी तो हम लोग तुझे पहुंचा देंगे.

मैं बोली- मुन्ना अंकल, जो आपको करना हो कर लीजिए.. पर थोड़ा जल्दी करिए बस.तो वो बोले- साफ-साफ बोल संध्या चोदें तुझे या नहीं?

अब मुझसे सच में गॉड की कसम रहा नहीं जा रहा था. मेरी शर्म हया भी ना जाने कहाँ चली गई. मैं बिल्कुल मदहोश थी, मुझे अब कुछ होश नहीं रहा. मुझे अब यह भी नहीं होश रहा कि क्या बोलना चाहिए और क्या नहीं, अपने आप कुछ भी अब बोलने लगी. मैं बोली- मुन्ना अंकल चोद दीजिए.. मुझसे कुछ नहीं कहा जा रहा. ना मैं बोल पा रही हूं न सह पा रही हूँ. बस जल्दी करिए.

मेरी मस्त कहानी पर आप अपने विचार मुझे कमेंट करें. बस जरा गर्म कमेंट्स होना चाहिए.

 
अब तक की सेक्स स्टोरी में आपने पढ़ा था कि मेरी गांड में राजीव अंकल का लंड घुस चुका था और मुझे मजा आने लगा था. मैं मुन्ना अंकल से भी जल्दी कुछ करने के लिए कह रही थी.अब आगे..

तभी जिन अंकल के घर में मैं इस वक्त थी, उनका नाम समाली पांडेय है.उनको मुन्ना अंकल बोले- आप दोनों इधर आ जाइए समाली अंकल, राजीव भाई तो पीछे गांड में चुदाई कर ही रहे हैं, आप दोनों भी आ जाओ.. आप बड़े हो, हम सब आपके घर में हैं. पहले आप लोग कर लो. राज तुम हट जाओ, पहले इनको करने दो.समाली अंकल बोले- अगर तुम्हारी इच्छा है तो तुम कर लो.. हम लोग बाद में कर लेंगे.

तभी अंकित उधर से बोला- अरे अंकल लोग.. इसमें बहस मत करिए, यह बहुत सेक्सी आइटम है.. संध्या बहुत बड़ी माल है.. इसे सब मिलकर चोद दीजिए. संध्या की सगी मौसी का लड़का मेरे चाचा का बेटा है लालजी, उसने संध्या के बारे में सब बताया है कि यह पहले ही सब करवा चुकी है, पता नहीं कितने लोगों से चुदवाई है, यह तो यही जानती होगी. आप लोग तो शुरू हो जाइए.

इतने में राज अंकल उठ गए और जो 70 साल के बुड्ढे अंकल थे, उनको बोले- आप आ जाओ.

उनके कहते ही वह दोनों अंकल आ गए और जो सबसे ज्यादा उम्र के थे, वह मेरे ऊपर चढ़ने लग गए. सभी पांचों अंकल बिल्कुल नंगे बिना कपड़ों के मेरे सामने थे. सब के सब अपने पूरे कपड़े उतार चुके थे. सब में से सबसे बड़ा लंड राज अंकल का था. फिर राजीव अंकल का, जो मेरे पीछे गांड में डाले हुए थे.

इतने में जो सबसे एजेड अंकल थे, वे आए और सीधे मेरी चूत में अपना मुँह रख दिए और बोले- इसकी तो चूत बहुत बह रही है. पर बहुत सुगंधित चूत है और तेरी चूत का बहुत टेस्टी रस है संध्या.. ये तेरा चूत रस मैं एक एक बूंद चाट लूंगा.

बस फिर उन सबसे बुजुर्ग अंकल ने मेरी चूत के रस को चाटना शुरू कर दिया. वे अपनी जीभ को अन्दर-बाहर करके मेरी चूत में घुसा घुसा कर, चूतरस को चाटने लगे.

समाली अंकल मेरे से गले से लिपट कर मेरे बदन को पूरी ताकत से दबाने लगे, वे बोले- संध्या, जो लालजी ने बोला था, उसके सामने तू सौ गुनी मस्त लगती है. तेरे जैसी लड़की आज तक मैंने नहीं देखी, इतनी चुदासी इतनी सेक्सी आह.. मजा आ गया.समाली अंकल सीधे मेरी नाक को चाटने लगे और बोले- संध्या, तुम्हारे से सेक्सी नाक इतनी प्यारी आज तक किसी हीरोइन या टीवी की लड़कियों या किसी मॉडल की नहीं देखी.वे मेरी नाक को चाटने चूसने लगे. मेरी नाक को चाट चाट कर चूसकर समाली अंकल ने लाल कर दिया. फिर मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए. मैं कसमसाने लगी.

अब समाली अंकल की गर्म सांसें मेरी सांसों से मिलने लगीं. मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था, मैं पागल हुई जा रही थी. मैंने भी कस के समाली अंकल को पकड़ लिया और उनके होंठों को चूसने लगी, चूमने लगी. इस वक्त मेरा बदन बिल्कुल अकड़ रहा था. मैं समाली अंकल से अपने आप ही लिपट कर उनके बदन में घुसी जा रही थी, अपनी दोनों बांहों से समाली अंकल को समेट के कस लिया और जमकर उनसे लिपट गई.

तब समाली अंकल बोले- बता संध्या तुझे मैं कैसा लगता हूं?मैं बोली- बहुत मस्त लग रहे हो अंकल.समाली अंकल बोले- पर मैं बुड्ढा हो गया हूं संध्या.. तुम्हें नहीं लग रहा?मैं बोली- इससे कुछ नहीं होता बुड्ढा और जवान उम्र से कुछ नहीं होता अंकल, मैं सच बताऊं बस इंजॉयमेंट होना चाहिए, मर्द लड़की को सेटिस्फाई कर दे और लड़की मर्द को सेटिस्फाई करे और हर तरह की सर्विस मर्द को दे.. बस इसके अलावा किसी चीज की जरूरत नहीं होती है. उम्र चाहे मर्द की अठारह साल हो या सत्तर.. उससे कुछ नही होता, ओल्ड एज वाले मेच्योर होते हैं.. एक्सपीरियंस होता है. वो ज्यादा अच्छे से लड़की को सेटिस्फाई करते हैं.

मेरे इतना कहते ही समाली अंकल ने कस के मुझे पकड़ लिया और मेरे मुँह में अपने मुँह को रखकर मेरे जीभ को चूसने लगे. वे मेरे मुँह के अन्दर अपनी जीभ डाल कर चाटने लगे. मैं भी जोश में उनकी जीभ चाटने लगी, चूसने लगी.

अब मैं पागल हो गई और अंकल से बोली- अंकल, जम के चोदो मुझे… जोर से चोदो.. मेरी बात का बुरा नहीं मानना, मैं पागल हो रही हूं.तभी समाली अंकल, जिनका घर था, बोले- इतनी देर में संध्या खुली है तू, लाल जी ने सब बताया है कि तेरे सामने सभी रंडियां भी फेल हैं. तो बता अब हम पांचों तुझे एक साथ चोदें या अलग-अलग चोदें?तब मैं बोली- मैं खुलकर बोलूं.. कोई गलत नहीं समझना.तो राज अंकल बोले- हाँ सोनू खुल के बोल.. तू जितना गंदा बोलेगी उतना मजा आएगा, कोई गलत नहीं समझेगा.मैं बोली- सारे लोग मुझे मिलकर एक साथ चोदिए.. वो भी जमकर चोदिए मुझे कोई दिक्कत नहीं है.

 
Back
Top