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Guest
ले मेरी रानी मौज कर अंकल के चुदाई से.. अब तुम जब चाहो तब एक बार फ़ोन कर देना और यहाँ आजाना.. तिम्हे स्वर्ग दिखा दूंगा... ममम.. स्नेह.. अब रहा नहीं जाता.. छोड़ रहा हूँ.. बोलो कहाँ छोडूं.. अंदर या बाहर" वह पुछा।
"अब मैं सेफ पीरियड में हूँ अंकल.. मैं सुरक्षित हू.. अंदर ही छोड़िये... मेरी सहेली सरोज कहती है की मर्द का गर्म वीर्य अंदर लेने से राहत मिलती है.. वह आनंद मैं चाहती हूँ.. डालिये अंदर ही..आआह्ह्ह्हह्ह.. मेरा भी होगया अंकल.. मैं झड़ रही हूँ..." कहते वह भी झड़ गयी.. साथ ही साथ वह अंकल का गर्म लस लसे का आनंद भी ले रही थी।
उसके बाद उस दिन राज से उसने एक बार फिर से चुदवायी। संतृप्त होकर शाम को वह अपने घर के लिए निकली।
"शाजिया... सच कहना मजा आया...?" राज पुछा।
"हाँ अंकल बहुत मजा आया..पहले दर्द बहुत हई थी पर बादमें बहुत आनंद आया.. बादमें तो मैं स्वर्ग में विचर रही थी। थैंक्स अंकल..." शाजिया बोली।
"थैंक्स तो मुझे बोलना चाहिए...वैसे फिर कब मिलोगी...?"
"जल्दी ही मुलाकत होगी अंकल बाई.. बाई... वह बोलकर बाहर को निकली।
"अब मैं सेफ पीरियड में हूँ अंकल.. मैं सुरक्षित हू.. अंदर ही छोड़िये... मेरी सहेली सरोज कहती है की मर्द का गर्म वीर्य अंदर लेने से राहत मिलती है.. वह आनंद मैं चाहती हूँ.. डालिये अंदर ही..आआह्ह्ह्हह्ह.. मेरा भी होगया अंकल.. मैं झड़ रही हूँ..." कहते वह भी झड़ गयी.. साथ ही साथ वह अंकल का गर्म लस लसे का आनंद भी ले रही थी।
उसके बाद उस दिन राज से उसने एक बार फिर से चुदवायी। संतृप्त होकर शाम को वह अपने घर के लिए निकली।
"शाजिया... सच कहना मजा आया...?" राज पुछा।
"हाँ अंकल बहुत मजा आया..पहले दर्द बहुत हई थी पर बादमें बहुत आनंद आया.. बादमें तो मैं स्वर्ग में विचर रही थी। थैंक्स अंकल..." शाजिया बोली।
"थैंक्स तो मुझे बोलना चाहिए...वैसे फिर कब मिलोगी...?"
"जल्दी ही मुलाकत होगी अंकल बाई.. बाई... वह बोलकर बाहर को निकली।