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मेरी कमसिन जवानी की आग complete

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इतने में मुझे लगा कि जैसे परदा हिला हो!मैं बोली- कोई आया क्या?राज ने मुड़ कर देखा, बोले- कोई नहीं… तू खुद डरती है और मुझे भी डरा रही है, इससे मूड बदल जाता है, कोई आता है तो आने दे अब, बस आज तेरी चूत को खा जाऊंगा.और पूरी चूत मेरी मुंह में भर लिया.

मैं बिल्कुल नंगी तड़पने लगी; मुझसे सच में अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था; मैं अपने आप अपनी कमर उछालने लगी और अपनी चूत उठा उठा कर चटवाने लगी और बोली- ओहहहहह मेरे राजा… मार डालोगे क्या? ये क्या कर दिया? कौन सी आग लगा दी? मुझसे रहा नहीं जा रहा है… हहह!

इतने में मुझे कुछ मोबाइल सा दिखा परदे के पीछे… पर इस बार उनके संकोच में नहीं बोली कि वो बोलें ना कि अच्छे खासे मूड़ को डिस्टर्ब कर रही है.मैंने सोचा जाने दो!

और इतने में राज ने मेरी चूत में अपनी उंगली डाल दी, मैं उछल गयी और जोर से उनका लन्ड पकड़ लिया.वो बोले- देखना साली, तू आज खुद बोलेगी कि मेरी चूत में लंड डाल दो अपना!तो मैं बोली- यह नहीं होगा… चाहे मेरी जान निकल जाए! बस मैंने सोच लिया कि चाहे सबसे चुदाई करवाती रहूं नहीं रहा जायेगा तो… पर तुझसे सुहागरात के दिन ही चुदवाऊँगी.

तभी राज बोले- ऐसी भी क्या जिद है? चलो देखता हूं, कैसे अभी रह पाओगी बिना मेरा लोड़ा घुसवाये!मैं बोली- देख लो, आजमा लो, पागल तो मुझे कर ही दिया है!

उसी समय फिर एक हाथ से मेरे नंगे बूब्स दबाने लगे, एक हाथ से चूत में अपनी उंगली डाल दी, राज को मुझे तड़पाने में बहुत मजा आ रहा था.फिर वो उठे, मेरे सीने के अगल बगल दोनों टांगें करके मेरे बूब्स को दोनों हाथों से जम के पकड़ लिया और फिर अपना लन्ड मेरे बूब्स के बीच में घुसा दिया और थूक लगा के लंड से बूब्स को चोदने लगे.

अब सच में मेरी हालत बहुत खराब होने लगी, तभी मुझे लगा कि लगता है राज से चुदवा लूं… नहीं पागल कर देंगे.राज दस मिनट बूब्स चोदने के बाद फिर बोले- अब बता कुतिया… चोदूं तेरी चूत?मैं बोली- नहीं… पर मुझसे अब रहा नहीं जा रहा है!

अब वो मेरे मुंह के सामने अपनी टांगें फैला कर बैठ गये और अपना लन्ड पहले मेरे गालों पर रगड़ा, फिर मेरी नाक में डालने लगे, बोले- तुमसे सेक्सी नाक इतनी सुंदर किसी की नहीं है.और बहुत ही अजीब पर नशीली खुशबू लंड की नाक में घुस गयी.

तभी राज बोले- मेरी रंडी कुतिया, चाटो चूसो मेरे लौड़े को!और मेरे होंठों पर अपने लन्ड को रख दिया.

मैंने मना किया कि प्लीज ये मत करवाओ मुझसे!तो राज बोले हर लड़की का ये ड्रीम होता है कि उसे मस्त लन्ड चूसने को मिले! और तू कैसी बात कर रही है, कौन सा मेरा पहली बार चूस रही है, ले साली चूस!और मेरे होठों पर लन्ड को रगड़ने लगे.

जैसे ही लंड मेरे होठों को रगड़ा, उसके टच करने से गरम गरम उसकी छुअन से मुझे बहुत मस्त अजीब सा लगा और मैंने अपने हाथ से उसका लन्ड पकड़ कर मुंह में भर लिया और चूसने लगी लन्ड!राज का लन्ड बहुत बड़ा नहीं है इसलिए आराम से मुंह में पूरा घुसा दिया और मैं चूसने लगी, चाटने लगी.

जाने क्या हुआ कि मेरी आंखें बंद होने लगी और राज तो जैसे पागल होने लगे, फुल जोश में आ गए और मुझे बहुत गंदी गालियां देने लगे- और चूस रंडी… ले मेरे लंड को… तू साली पूरी छिनाल है… तुझे एक साथ कई लंड चोदेंगे, तब तेरी प्यास बुझेगी!उसकी ये बातें मेरे जोश को और बढ़ा रही थी.

तभी मेरी आंखें बंद हो गई, बस मैं उसका लन्ड चूसे जा रही थी और राज तो कांपने लगा और लन्ड रगड़ने की स्पीड फुल बढ़ा दी और उसकी भी आंखें बंद हो गई थी. मेरे दिमाग ने काम करना बंद कर दिया था, लगा कि अब जम के राज चोद दे!अगर अब बोलता कि ‘चोद दूं’ तो मैं हां बोल देती अब!

करीब चार पांच मिनट बाद राज ने मेरी चूत में उंगली घुसा दी, वो एकदम बह रही थी, उंगली जैसे अंदर बाहर चूत में हुई, मैंने अपनी टांगें फैला दी और ऊपर कर ली दोनों टांगें कि राज समझ जाये कि मैं चुदाई करवाने के लिए पूरी तैयार हूं.मैं इतने जोश में थी कि जरा भी दिमाग न लगाया कि राज तो मेरे मुंह में टांगें फैला कर अपने लन्ड से चोद रहा है मुंह को मेरे, फिर उसका हाथ वहां चूत में कैसे जायेगा.

पर मेरी चूत में उंगली अंदर बाहर हो रहा थी और मैं आंखें बंद कर के फुल जोश में राज का लन्ड चूसे जा रही थी.कि तभी अचानक बिजली की स्पीड से एकदम मेरी चूत में एक बहुत बड़ा सा सख्त मोटा कुछ बहुत तेजी से पूरे जोर ताकत से एक झटके में मेरी चूत को फाड़ता हुआ अन्दर घुस गया. ऐसा लगा, इतना दर्द हुआ कि मैं बेहोश सी हो गई, मेरे मुंह में राज का लन्ड घुसा था तो मुंह से आवाज भी नहीं निकली और राज इतने जोश में था कि बस लंड से मेरे मुंह को चोदे जा रहा था.

टीवी की आवाज़ तेज थी जिससे कोई आवाज ही नहीं आयी, मेरी आंखों से आंसू बहने लगे और राज को देखा तो वो अपनी आंखें बंद किये फुल जोश में पसीना पसीना हुआ जा रहा था. मेरे हाथ भी कंधा भी राज की टांगों के नीचे दबा था, मैं बेबस मुंह से गूं-गूं की आवाज निकाली और आंसू की धार बह चली. इतना दर्द कि लगा मर जाऊंगी!

उधर अब बिल्कुल समझ आ गया कि कोई मेरी चूत को चोद दिया और जो भी है उसका लन्ड बहुत बड़ा है.मेरा होने वाला पति गधा मेरे मुंह को चोदने में मदहोश है, उधर नीचे मेरी अब कोई दोनों टांगें पकड़े पूरा फैलाये मेरी चूत में अब धक्के लगाये जा रहा था और मेरी चूत फ़ाड़ दी. बहुत असहनीय दर्द उसके हर बार लंड अंदर बाहर घुसाने में हो रहा था.

मुझे अब तक ये नहीं पता चला कि मेरी चूत को चोद कौन रहा है और वह इतनी सावधानी बरत रहा था कि उसका बदन कैसे भी राज को टच ना हो.होती भी कैसे राज मेरे मुंह में चढ़ा था तो उसका पूरा शरीर मेरे कंधे से ऊपर मुंह के पास था और जो मेरी चूत को चोद रहा था, उसका पूरा लौड़ा अन्दर और वो दोनों टांगों के बीच में यानि मेरे कमर के नीचे था.अब जो मेरी चूत चोद रहा था, वो लन्ड अन्दर बाहर करने के साथ साथ मेरे दोनों बूब्स भी जोर जोर से दबाने लगा.

मुझे राज के ऊपर बड़ा गुस्सा आता, जो मेरे हाथ कंधे सब दबाये मेरे मुंह में लंड डाले उल्लू की तरह गधा साला मुंह में मेरे लन्ड डाले पागल है, मुझे दो तीन बार लगा था कि कोई है… परदा हिला था, मोबाइल भी थोड़ा चमका था, मैं बोली भी थी कि लगता है कोई है.पर राज बेवकूफ ने हर बार मुझे चुप करा दिया कि तुम फालतू में डर रही हो, मूड खराब कर रही हो.

मैं ये भी बोली थी कि ‘अंदर से भी बंद कर लो’ भले ही मम्मी बाहर से कुंडी लगा दी है.पर राज ने कोई एक बात नहीं मानी मेरी, उसी का परिणाम कि शादी राज गधे से होने वाली है और मेरी चूत उसके मौजूदगी में कोई और चोदे जा रहा है.

कहानी जारी रहेगी.

 
कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि कैसे मेरी लालची माँ मेरे होने वाले पति के साथ हम दोनों को अकेले घर में छोड़ कर चली गयी.मेरे पति ने मेरी कामुकता जगा कर मुझे नंगी कर लिया. मेरे होने वाले पति मेरी छाती पर बैठ कर मेरी चूचियां चोद रहे थे कि मेरी चूत में कुछ लंबा मोटा सा घुस गया.

मुझे अब तक ये नहीं पता चला कि मेरी चूत को चोद कौन रहा है और वह इतनी सावधानी बरत रहा था कि उसका बदन कैसे भी राज को टच ना हो.होती भी कैसे राज मेरे मुंह में चढ़ा था तो उसका पूरा शरीर मेरे कंधे से ऊपर मुंह के पास था और जो मेरी चूत को चोद रहा था, उसका पूरा लौड़ा अन्दर और वो दोनों टांगों के बीच में यानि मेरे कमर के नीचे था.अब जो मेरी चूत चोद रहा था, वो लन्ड अन्दर बाहर करने के साथ साथ मेरे दोनों बूब्स भी जोर जोर से दबाने लगा.

मुझे राज के ऊपर बड़ा गुस्सा आता, जो मेरे हाथ कंधे सब दबाये मेरे मुंह में लंड डाले उल्लू की तरह गधा साला मुंह में मेरे लन्ड डाले पागल है, मुझे दो तीन बार लगा था कि कोई है… परदा हिला था, मोबाइल भी थोड़ा चमका था, मैं बोली भी थी कि लगता है कोई है.पर राज बेवकूफ ने हर बार मुझे चुप करा दिया कि तुम फालतू में डर रही हो, मूड खराब कर रही हो.

मैं ये भी बोली थी कि ‘अंदर से भी बंद कर लो’ भले ही मम्मी बाहर से कुंडी लगा दी है.पर राज ने कोई एक बात नहीं मानी मेरी, उसी का परिणाम कि शादी राज गधे से होने वाली है और मेरी चूत उसके मौजूदगी में कोई और चोदे जा रहा है.

करीब पांच से सात मिनट हो गये लगभग उसे मेरी चूत को चोदते हुए अब बूब्स भी दबा रहा था न जाने ऐसा क्या हुआ कि वो पूरा का पूरा असहनीय दर्द जिससे लगा कि मैं मर जाऊंगी, वो सारा का सारा दर्द एक दम से जाने कैसे गायब हो गया, और अब मैं फिर जाने किस नशे में खोने लगी कि मुझसे अब बिल्कुल रहा नहीं जा रहा था, बस यही लग रहा था कि वो जो भी हो मेरी चूत में और जम के धक्के मारे और फाड़ दे जितनी ताकत हो उतनी पूरी ताकत से चोदे!मैं मम्मी कसम एक एक शब्द पूरा सच बता रही हूं.

एक लंड राज का मेरे मुंह में घुसा है और एक लन्ड उसका जिसको अभी देखा भी नहीं, उसका लन्ड मेरी चूत की बहुत मस्त चुदाई कर रहा है. मैं उससे लिपट जाना चाहती थी जो मेरी चूत को चोद रहा था.तभी एकदम से राज अकड़ने लगा और अपने हाथ से मेरे बाल पकड़ कर जोर जोर से अपने लंड से मेरे मुंह को चोदते हुए, मेरे मुंह में ही अपने लन्ड का पूरा रस भर दिया और बोला- तू एक नम्बर की मस्त साली रण्डी है रियल की, तूने मस्त कर दिया.

और फिर उठा और जैसे उठा वो और मुड़ा, मैंने देखा कि ये तो कमीना सीड है जिसने मुझे जून 2013 में अपनी मामा की शादी में पटा लिया था, वो मेरे नगर से तीस किलोमीटर दूर तपा गांव का रहने वाला है,जब मुझे उससे प्यार हुआ तब वह सागर पालिटेक्निक से डिप्लोमा कर रहा था और तभी मेरे नगर में अपने मामा के यहां अपने मामा की बेटी की शादी में मुझे दो बार प्रपोज भी किया और मैंने उसको हां भी कर दिया था और उससे बात भी करने लगी थी.फिर किसी बात पर हम लड़ कर अलग हो चुके थे लेकिन लड़ाई होने से पहले उस दौरान सीड मुझे चार पांच बार चोद चुका था.

आज उसने अपनी चाह फिर से पूरी कर ली मुझे चोद कर, राज पीछे मुड़ते ही जैसे देखा कि वो मेरी चूत को चोद रहा है. बिल्कुल गुस्से में आग बबूला होकर सीड से लिपट गया और गालियां देने लगे- मार डालूंगा तुझे, मेरी होने वाली बीवी की तूने कुत्ते चूत को चोदा!

दोनों मार पीट करने लगे, राज सीड को नहीं पहचानता था और सीड राज को नहीं जानता था. इसी बीच मैंने पास पड़ा तौलिया उठा कर अपनी नंगी चूत को परदे में कर लिया था.

सीड बोला- हरामी साले, तेरी बीवी होने वाली है, अभी हुई तो नहीं… अभी जितनी तेरी है उतनी सबकी है, उसे दिक्कत नहीं जिसे चोदा तू कौन होता है बे रोकने वाला, और तू जान ले जब ये स्कूल में थी तब से मैं इसका ब्वायफ्रेंड हूं और ये मेरी गर्लफ्रेंड है. आज से पहले पांच बार इसे चोद चुका हूं समझे, अभी चार महीने से मेरी लड़ाई चल रही है इससे बात नहीं हो रही मेरी इसीलिए आया था कि इससे माफी मांगूंगा और जमकर चोदूंगा, इसके जैसा बिस्तर पर कोई लड़की नहीं हो सकती. पर चार महीने मैं दूर रहा तो इस कमीनी ने तुझे फंसा लिया! बिना चुदे तो यह रह नहीं सकती, बहुत कमीनी है ये… इसके चक्कर में तू बर्बाद हो जाएगा. पहले सुन… तेरी पूरी वीडियो बना ली है, पर्दे के पीछे से फोटो भी खींची है. सबको दिखाऊँगा और बताऊंगा तेरे कारनामे… तू शादी का बोल के संध्या की चुदाई करता है. देख ले ये फोटो देख!

 
उसने जैसे ही अपने मोबाइल में फोटो दिखाई, उस फोटो में राज जीभ निकाल कर मेरी चूत चाटने में लगा है.

फोटो देखते ही राज के तेवर ढीले पड़ गए और एकदम से सीड को सॉरी बोलने लगा, बोला- माफ़ कर दे भाई… प्लीज ये फोटो डीलिट कर दे, मुझे मारना है, मार ले, गाली देना है, गाली दे ले… पर प्लीज ये फोटो डीलिट कर दो.सीड बोला:मैं डिलीट कर दूंगा, मुझे कोई दिक्कत नहीं पर पहले संध्या को जी भर के चोदूंगा, उसके बाद तुरंत डीलिट कर दूंगा.पिछले चार साल से जब भी आता हूं अपने गांव तपा तब कोटर आके या इसे सतना बुला कर जम के चोदता हूं और जिस दिन तक लौट के नहीं आता हूं तब तक संध्या को याद कर कर के दिन में दो तीन बार मुट्ठ मारता हूं.आज तुम्हारी वजह से चोदने को मिला, मैं यह सोचता था कि संध्या सबसे चुदाई करवाती है बस मुझे उल्लू बनाती है.जितने यहां के लड़के और बड़े उम्र के आदमी जब संध्या की बात करते हैं तो सब इसे एक नम्बर की रंडी या छिनाल ही बोलते हैं. पर गजब है यार इतनी सेक्सी लड़की जिस जिस को मिली होगी, उसकी तो किस्मत बन जाती है.और मैं तो बस इसे चोदने के लिए पागल था, ऐसे घर आया कि संध्या को देखूंगा फ़िर घर जाकर इसके नाम से मुट्ठ मारूंगा आया तो बाहर से सांकर दरवाजा पे चड़ी थी मैं वापस जाने लगा कि अंदर टीवी की आवाज़ सुनाई दी गाने की तेजी से, मैं रूक गया मैं सोचा अंदर संध्या होगी कोई गलती से सांकल गेट पर चढ़ा गया होगा.मैंने सांकल खोला और आवाज भी लगाई ‘कोई है?’ पर जब कोई नहीं बोला तो अंदर आया तो इस रूम में बाहर रूका तब टीवी की आवाज़ तेज थी पर लड़के की आवाज सुनाई दे दी.तभी मैं एलर्ट हो गया कि कुछ गड़बड़ी है, वैसे भी संध्या यहां की बहुत फेमस आइटम है, किसी ना किसी को फंसा के ये रखती है, संध्या भले उम्र में कम कम है पर बहुत चालू आइटम है.और फिर धीरे से परदे के पीछे से जो नजारा दिखा उसे देखकर तो मैं पागल हो गया तब तुम संध्या की पैंटी उतार रहे थे और जैसे तुम संध्या की चूत चाटने लगे मैं फोटो और वीडियो बनाने लगा और सोच लिया कि आज संध्या को बिना चोदे नहीं जाऊंगा.मैं एक हाथ से वीडियो और फोटो ले रहा था, और दूसरे हाथ से लंड को पकड़ कर हाथ से ही हिलाये जा रहा था, वो ‘माई गॉड…’ क्या माल है ये संध्या, जब तुमने इसके मुंह में लंड डाल दिया तब आईडिया आया कि अब चुपके से जाके सीधे चोद दूं इसे!संध्या की चूत बिल्कुल बह रही थी और ये टांगों को फैला कर बहुत ज्यादा चुदाई करवाने को बेताब थी.बस फिर आ गया मैं चुपचाप… मुझे न तुम देख पाये ना संध्या देख पाई, पहले चूत में उंगली डाली तो चूत रस से उंगली गीली हो गई और उंगली घुसाते ही संध्या ने पूरी अपनी टांगों को फैला दिया और अपनी टांगों को चौड़ा कर ऊपर कर लिया. मैंने सोचा कि ये तो पागल हो रही है चुदवाने के लिए, लोहा गरम है हथोड़ा मार दो!तब मैंने जल्दी से एकदम लंड संध्या की चूत में फिट किया और सीधा एक झटके में अपना पूरा लंड पूरी ताकत से घुसा दिया जैसे अंदर पूरा घुसा तो संध्या की कमर और सीना अकड़ गया, मैं जान गया कि इस को दर्द हो रहा है तो फिर लन्ड निकाल के दूसरा झटका मारने को तैयार हुआ तो मेरी नज़र चूत में पड़ी तो उसमें से रस निकल रहा था, मैंने अपना लन्ड देखा तो उसमें भी संध्या की चूत का रस लगा हुआ था, तब मैं समझ गया कि ये संध्या बहुत मस्त चुदासी माल थी, आज मुझे इसकी चूत की गर्मी निकाल कर संध्या को ठंडा करना पड़ेगा.तब मेरा जोश और बढ़ गया और मैं जम कर चोदने लगा. इसके मुंह में तुम्हारा लंड घुसा था, नहीं ये रो रो के चिल्ला चिल्ला कर पागल कर देती.इसका दर्द करीब पांच मिनट बाद खत्म हो गया था, शायद तभी अब संध्या अपनी कमर उछाल कर मस्त चूत को ऊपर करके चुदवाने लगी थी, जब इसको जन्नत का मज़ा आने लगा. तब तुम उठ गये और मुझे मारने लगे.

मैंने और राज ने उसकी पूरी बात सुनी, मुझे लगा कि मेरा पुराना यार बिल्कुल सच बोल रहा है, तब मैं उन दोनों के बीच पहली बार बोली- सीड, जो हुआ, वो तो हो चुका है, प्लीज मेरे चक्कर में आपस में मत लड़ो, मैं तुम दोनों से हाथ जोड़ती हूं. जिसको जो करना है, जल्दी करो बस दोनों इतना ध्यान रखना कि मैं एक लड़की हूं जो करना है कर लो पर मुझे बदनाम मत करना.

तभी सीड बोला- मैं नहीं करूंगा बदनाम… पर मुझे तुम्हें पूरा चोदना है. अभी इस तुम्हारे होने वाले पति को समझाओ!और सीड बोला- राज भाई, बोलो चोद लूं मस्त? बस ज्यादा से ज्यादा बीस मिनट की बात है.

तब सर झुका कर राज बोला- मुझे कुछ नहीं पता इस बारे में, जो संध्या को ठीक लगे… उसी से बात करो!राज ने अपना सर नीचे कर लिया.

तब सीड ने मेरी तरफ देखा, मैं सीड की तरफ देखकर मुस्कुरा दी और वो मेरी आंखों में देखकर चोदने का इशारा किया तो फिर से मैं हंस दी और आंखों को नीचे कर लिया.तो सीड जो भी समझा हो… राज से बोला- भाई तुम्हें तो कोई प्राब्लम नही है अगर मैं अभी इस सेक्सी रंडी संध्या को चोदूंगा तो?राज बोला- अब तो तुम कर ही चुके हो, सब अब भला मुझे क्या प्राब्लम हो सकती है, मुझे कोई प्राब्लम नहीं है… पर उसके बाद वीडियो और फोटो डीलिट करना पड़ेगा. पर फिर भी एक बार संध्या से पूछ लो!

सीड बोला- अरे संध्या से क्या पूछना है. राज भाई, तुम यहीं रहोगे इसी रूम में जब मैं संध्या को चोदूंगा अभी तब या थोड़ी देर को बाहर जाओगे?राज बोला- यहीं रहूंगा.तब मैं बोली- आप को अच्छा नहीं लगेगा… आप बाहर चले जाते?पर राज बोला- नहीं, मैं यहीं रहूंगा!

तो सीड बोला- रहने दो!

कहानी जारी रहेगी.

 
इस सेक्स स्टोरी में आपने पढ़ा कि मैं अपने होने वाले पति के साथ सेक्स का खेल खेल रही थी कि मेरा पुराना आशिक और चोदू आ गया.अब आगे:

सीड बोला- अरे संध्या से क्या पूछना है. राज भाई, तुम यहीं रहोगे इसी रूम में जब मैं संध्या को चोदूंगा अभी तब या थोड़ी देर को बाहर जाओगे?राज बोला- यहीं रहूंगा.तब मैं बोली- आप को अच्छा नहीं लगेगा… आप बाहर चले जाते?पर राज बोला- नहीं, मैं यहीं रहूंगा!

तो सीड बोला- रहने दो!

उस समय मैंने एक टावेल लपेटा हुआ था तो सीड ने सीधे मेरे टावेल को पकड़ कर फेंक दिया और मेरे होठों को चूमने चाटने लगा, मुझसे लिपट गया और मेरे ऊपर चढ़ गया, मुझे लिटा दिया.

वो पूरा नंगा था, उसका सीना मेरे सीने से चिपक गया और उसका लन्ड मेरी चूत में रगड़ खा रहा था, मेरे मुंह को खोल कर मेरी जीभ को अपने होठों से चूमते हुए चाटने लगा, उसने मेरी कामवासना को बहुत जगा दिया तीन चार मिनट के अंदर और अब वो उल्टा हो गया जिसको ओरल सेक्स में 69 पोजीशन कहते हैं, उसका लन्ड मेरे मुंह के पास था और सीड मेरी चूत को फैला कर सीधे चाटने लगा, मुझे बोला- रंडी साली कुतिया, मेरा लन्ड चूस!

तब राज बोला- जो करना है कर… पर ये रंडी वंडी मत बोल!तब सीड बोला- राज भाई, बीस मिनट तक तो ये अब रंडी ही है, ये जो कर रही है ये छिनाल का काम होता है, इसलिए बुरा लगे तो दूसरे कमरे चले जाओ, मैं अभी गाली भी दूंगा.

तब राज फिर बोला- मैं यही हूं, करो जो मन पड़े!इतना सुनते ही सीड बोला- अब देख संध्या, तेरी चूत कैसे साफ करता हूं, तू खुद मेरा लन्ड मुंह में भर लेगी.और वो पूरी जीभ अपनी मेरे चूत में घुसा कर इतना जोर जोर से चूसने लगा और चाटने लगा कि मैं पागल हो गई और सच में उसके लन्ड को पकड़ लिया और जोर जोर से रगड़ने लगी.

तभी उसने दो उंगलियां जोर से चूत में मेरे घुसा दी, मेरे मुंह से ‘हूं उम्म्ह… अहह… हय… याह… हह’ निकल गया और मैंने सीड के लन्ड को मुंह में भर लिया क्योंकि मुझसे रहा ही नहीं गया, और वो चूत में जितना उंगली चलाये, उतना मैं सीड का लन्ड जोर-जोर से चूसूं!

करीब दस मिनट बाद मैंने लन्ड मुंह से निकाला और बोली- सीड, मर जाऊंगी मैं… मुझसे अब सहन नहीं हो रहा है, नहीं बर्दाश्त हो रहा, जल्दी अपना लन्ड डालो, जमकर चोदो… जो करना है करो, पर मुझे शांत करो.

तब सीड मेरी चूत को छोड़ कर मेरे बूब्स पर टूट पड़ा और मेरे दोनों बूब्स को एक एक हाथ से पकड़ कर इतनी ताकत से दबाने लगा कि बहुत दर्द हुआ. मेरे बूब्स अभी छोटे साइज के हैं, इसलिए एक हाथ में आ गए. वह बूब्स को जोर-जोर से खींच कर जम के मसलने लगा और बोला- मादरचोदी, बहुत टाइट और जबरदस्त दूध हैं रे संध्या तेरे!इधर सीड का लन्ड मेरे मुंह में घुसा था जिसे मैं चूस रही थी.अब सीड मेरे बूब्स को एक एक करके दोनों को चूसने लगा इतनी गन्दी गन्दी बातें और गालियां मुझे दे रहा था कि मैंने जो कभी सुनी भी नहीं थी, पर मुझे भी वो बहुत अच्छी लग रही थी और एक भी बुरी नहीं लगी.

उसकी गालियां और गंदी बातें मेरे जोश को और बढ़ा रही थी.

यह सब मेरे होने वाले पति राज सब देख और सुन रहे थे, उनके सामने उनकी होने वाली बीवी के पूरे जिस्म को कोई दूसरा मर्द मसल रहा था और गंदी से गंदी गालियां दे रहा है, और वो सब होने दे रहे थे.मैं तो सच में चुदासी थी, मुझे कुछ होश नहीं था, आज एक बार फिर मेरे जिस्म को मेरे होने वाले पति राज ने मसला और मेरे जिस्म के प्यास को इतना जगाया कि अब उसका पूरा फायदा दूसरे मर्द सीड ने उठा लिया.

सीड मेरे बूब्स को इतना जोर से चूसने लगा कि मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था, मैं अपने होने वाले पति राज को देख नहीं पा रही थी क्योंकि मेरे मुंह में सीड का लन्ड था.तभी सीड बोला- क्या राज भाई? अपने लंड को हाथ से मत रगड़ो, आ जाओ… ये सच में साली छिनाल है. बहुत मस्त माल है संध्या! देखो इसे इस हालत में देख कर तुम्हारा लंड एक बार झड़ने के बाद बीस मिनट के अंदर खड़ा हो गया है.

सीड बोला- आओ राज, मैं इसके मुंह से अपना लन्ड तुम्हारे लिए निकाल ले रहा हूं, राज भाई तुम डालो अपना लन्ड और जबरदस्त चुसवाओ संध्या से! अपन दोनों दोस्त हैं या भाई समझो, ये संध्या आज नहीं तो कल… ये रंडी बनेगी ही! लिख लो मेरी बात! ये संध्या जितनी गर्म है, जितनी सेक्सी है, इसकी प्यास कभी एक या दो मर्द नहीं बुझा पायेंगे, ना ये संतुष्ट हो पायेगी. इसलिए झिझक छोड़ो और अपन दोनों मिल कर इसकी आज की प्यास बुझाते हैं.

 
यह कह कर सीड ने अपना लन्ड मेरे मुंह से निकाल कर उठ कर मेरे पैरों तरफ बैठ गया.

अब राज मुझे दिखा, वो अपना लन्ड हाथ में लिये हिला रहा था, राज बोला- सच बोल रहा है सीड तू! क्या मस्त माल है ये संध्या… तेरा लौड़ा कैसे मस्त चूस रही थी, मैं देख कर ही पागल हो रहा था, पहले थोड़ा बुरा लगा जब तूने इसको पहले चोरी से चोद दिया और फिर जब अभी दोबारा इसकी चूत चाटना शुरू किया.पर जब मैंने संध्या को देखा कि ये कैसे मस्त सेक्सी सेक्सी चेहरे के इम्परेशन दे रही थी और जबरदस्त चूत तुमसे चटवा रही थी, इसे मस्त चुदासी देख कर मेरा लौड़ा भी सख्त हो गया. और ये कुतोया एकदम से मुंह में भर कर तेरा लन्ड पागलों की तरह चाटने लगी… सच बोलूं सीड, मुझे उतना मजा तब भी नहीं आया मुझे जब अभी थोड़ी देर पहले इस संध्या की चूत मैंने चाटी और इसने मेरा लन्ड चूस कर लंड रस पिया था.मुझे जितना मज़ा तुम दोनों का ओरल सेक्स, यानि चूत चटाई और लंड चुसाई देख कर आया, पहले कभी नहीं आया. और जब संध्या तेरा लौड़ा मुंह में लेकर चूसने लगी, चाटने लगी और तू सीड इसकी चूत चाटने लगा, और फिर इसके बूब्स दबाकर चूसना शुरू किया… ये सब देखकर मैं पागल हो गया था और बहुत एक्साइटेड हुआ, संध्या को करने से ज्यादा देखने में मजा आया.

मैं भी राज की बात सुनकर खुश हुई कि मस्त मर्द है ओपेन माइंड का, ऐसा ही पति होना चाहिए.

राज सीड को बोला- यार सीड, अब देर मत कर भाई, जमकर चोदो तुम, मुझे भी संध्या को चुदते मस्त देखना है!तब राज और सीड ने हाथ मिलाया और सीड ने राज को थैंक्स बोला, फिर कहा- तू मस्त है भाई! अब देख कैसे तेरी होने वाली बीवी को आज चोदता हूं.

तभी राज बोले- यार सीड, तेरा लन्ड मेरे लन्ड से तीन गुना बड़ा है. कैसे किया इतना बड़ा अपना लन्ड? कुछ दवाएं लेता है क्या?सीड बोला- नहीं, कोई दवाई नहीं लेता, बस जैतून के तेल से मालिश करता हूं लन्ड की हर रोज!राज बोला- कल से मैं भी करूंगा.

यह बात बिल्कुल सच है कि मेरे होने वाले पति से दो गुना, तीन गुना ज्यादा बड़ा है सीड का लन्ड!

अब सीड मेरे ऊपर तरफ आने लगा और राज मेरे सामने खड़ा हो गया, सीड ने मेरी दोनों टांगों को पकड़ लिया और बोला- क्या सेक्सी गीली रसीली चूत है तेरी संध्या! चल फैला टांगें अपनी! मैंने अपनी जांघें खोल कर फैला ली और कमर से ऊपर उठा दिए अपने पैर, तो सीड ने पहली बार मेरी गान्ड के छेद पर अपना मुंह रख दिया और मेरे गांड में अपनी जीभ डाल दी.

सीड बोला- यार अभी तक ध्यान ही नहीं दिया कि इसकी गांड कितनी मस्त है. संध्या बोल तेरी गांड में डालूं अपना लन्ड?फिर बोला- कुतिया तू ऐसा कर कि अपने होने वाले पति राज से गांड की सील तुड़वा ले!

मुझे बात बिल्कुल सही लगी कि कुछ तो होने वाले पति से अब करवा लूं. नहीं तो पता चला कि उसमें भी पहली बार सीड ने अपना लन्ड डाल दिया.तो मैं तुरंत बोली- ठीक है!और राज को बोली- आप आ जाओ!राज बोला- बहुत चुदक्कड़ हो!मैं बोली- आज जवाब दे ही दूं आपकी बात का!

मैं बोली- तुम आज मेरा पति नहीं हो, होने वाले हो…

सच बताऊं कि सब मर्दों की नजर ने मिल कर बिगाड़ दिया मुझे! कैसे? जानते हो… घर में करीब से करीब रिश्तेदार, घर के बगल से पड़ोसी, स्कूल, टयूशन टीचर, भाई के दोस्त, पापा के दोस्त सब को बस एक ही चीज चाहिए कि कैसे भी संध्या के साथ सो जाऊं और उन्हें मैं अपनी चूत चोदने को दे दूं! बहुत लोग तो यही चाहते हैं कि थोड़ा ही सही बूब्स दबाने और चूसने को दे दूं, कुछ नहीं तो उनका लन्ड चूस लूं और वो भी नहीं तो अपनी गांड ही में उनका लन्ड डलवा लूं.

आज कल तो कोई ना रिश्ता मानते… ना उम्र की कोई लिहाज करते!

मम्मी कसम सच बोल रही हूं… साठ पैंसठ साल के बुड्ढे भी, मेरे सगे रिश्तेदार भी दूसरों की तो बात ही क्या करना… सब मेरे साथ सोना और सेक्स करना चाहतें हैं!ऐसे में कैसे बचाऊं खुद को बताओ राज?

जब मैं समझदार हुई, मेरे घर में मेरी मम्मी के कारण घर में यही सब चलते देखा, मम्मी के कई लोगों से शारीरिक संबंध थे जो मम्मी के लिए आते थे. जब मैं जवान होने लगी थी, तभी से उनकी निगाहें मेरी तरफ गंदी हवस भरी होने लगी थी.

पापा के स्कूल टाइम के सबसे अच्छे करीबी दोस्त कमलेश अंकल ने मुझे की सेक्सी कहानियों की एक बुक दी और बोले- इसे अकेले में पढ़ना, कोई ना देखे!और फिर गंदी गंदी सेक्स करते की फोटो वाली मैगजीन दिये. वो मेरे स्कूल में टीचर भी थे.‌ बुक में लिखी कहानियों को मैंने पचास साठ बार पढ़ा, उसके बाद कभी मेरा पढाई में मन नहीं लगा और जब घर में कोई ना हो तो वो मैगजीन की फोटो देखती तो मुझे बहुत कुछ होने लगा था और फिर मेरा बहुत मन करता था कि कोई आके चोद दे.

जब कोई मर्द घर आता तो मम्मी मुझे कुछ खरीदने या खेलने के बहाने से बाहर भेज देती थी, अब मैं बड़ी हो गई थी तब भी बाहर भेज देती थी, पर मुझे बड़ी बेचैनी होने लगी जब से वो कहानियों की किताब पढ़ी… मुझे लगने लगा कि मैं घर पर ही रहूं और देखूँ कि मम्मी और अंकल क्या करते हैं, कैसे करते हैं.पर मैं उनको नहीं देख पाती थी.

इसलिए जब पापा छुट्टी पर मुंबई से आते तब जब भी मम्मी पापा अंदर होते तो दरवाजे के होल से चुदाई करते देखती थी. मम्मी पापा की चुदाई देख कर मैं खुद को सम्भाल नहीं पाती थी. मैं मम्मी के कमरे में चारपाई के नीचे चुपके से घुस जाया करती थी. एक बार जब पापा के दोस्त धनंजय चाचा और दूसरे बार जब कमलेश अंकल आये थे, तब मैं चारपाई के नीचे थी इसलिए देख कुछ नहीं पायी थी पर बातें, आवाज सब सुनी. उसी समय से मेरा मन भी अपने अंदर घुसवाने करने लगा था.

मेरी चुदाई की नंगी कहानी जारी रहेगी. मेरी स्टोरी में सब कुछ सच है.

 
जब पापा छुट्टी पर मुंबई से आते तब जब भी मम्मी पापा अंदर होते तो दरवाजे के होल से चुदाई करते देखती थी. मम्मी पापा की चुदाई देख कर मैं खुद को सम्भाल नहीं पाती थी. मैं मम्मी के कमरे में चारपाई के नीचे चुपके से घुस जाया करती थी. एक बार जब पापा के दोस्त धनंजय चाचा और दूसरे बार जब कमलेश अंकल आये थे, तब मैं चारपाई के नीचे थी इसलिए देख कुछ नहीं पायी थी पर बातें, आवाज सब सुनी. उसी समय से मेरा मन भी अपने अंदर घुसवाने करने लगा था.

एक बार की बात है गर्मी की छुट्टियों में मेरी कजिन बहन सुनन्दा का युवा बेटा पीयूष मेरे साथ खेल रहा था. मैं उस से खेल खेल में बोली- चल तू और मैं भी दुल्हन दुल्हा का खेल खेलें!वो बोला- ठीक है मौसी.

घर में कोई नहीं होता था, पापा मुंबई जहाज में काम करने चले ही जाते थे और मम्मी खेत चली जाती थी.

मैं दुल्हन की तरह सज गई, मैंने सुहागरात की तरह उसको ग्लास में दूध पिलाया और अपने साथ चारपाई पर ले गयी और उसे बोली- मेरे सब कपड़े उतार दो!वो बोला- ठीक है मौसी!मैं बोली- मुझे मौसी मत बोलो, मैं आज तुम्हारी बीवी हूं, तुम मुझे संध्या बोलो!वह बोला- ठीक है.

मैंने उसे कहा- आप बिस्तर में चलो!मेरा भानजा पीयूष मेरे साथ बिस्तर में चला गया.मैंने कहा- अब मेरे सारे कपड़े उतारो!

पीयूष ने मेरे सारे कपड़े उतार दिये. अब मैं उसके सामने बिल्कुल नंगी हो गई.मैं भी पीयूष के कपड़े उतारने लगी, तो उसने मना किया; तब मैं बोली- इस खेल में दोनों के कपड़े उतारने होते हैं!वह मान गया, मैंने उसे नंगा कर दिया, अब मैं उससे लिपट गई और पीयूष के होठों पर अपने होंठ रख दिए. यह मेरी जिंदगी की पहली लिप किस थी, या यूं कहिए कि जो आज कर रही थी सब कुछ आज पहली बार ही फिजिकली कर रही थी.

मैं और पीयूष दोनों एक दम नंगे दोनों के बदन पर एक भी कपड़ा नहीं था, एक दूसरे से लिपट गये.मैं उसके होंठों को जब चूम रही थी तो उसकी गर्म सांसें मेरे नाक में आ रही थी और मुझे पागल बना रही थी. मैंने जोर से उसके मुख में अपनी जीभ डाल दी.

इसके बाद दोनों अपनी बांहों में पीयूष को जकड़ लिया, पीयूष बोला- संध्या, मुझे दबा दोगी क्या?मैं बोली- तुम मेरे दूल्हा हो… आज तुम्हें नहीं छोडूंगी!

उसके बाद मैं उसकी जीभ को निकाल कर अपने होठों से चाटती रही, पीयूष कुछ कर नहीं रहा था, मुझे ही बोलना पड़ता था, मैं पीयूष को बोली- अब मेरे ऊपर चढ़ जाओ!और पीयूष मेरे ऊपर चढ़ गया, उसकी कमर मेरी कमर से, जांघों से जांघें से सट गयी और उसका सीना मेरे सीने से!

मैं बोली- पीयूष, मेरे दूध दबाओ दोनों हाथों से पकड़ कर जोर जोर से!तभी पीयूष मेरे चूचों को दबाने लगा.मैं बोली- और जोर से दबाओ!तो उसने फिर और ताकत से दबाया, मुझे बहुत कुछ होने लगा, अब मैं बोली- पीयूष दोनों चूचों को चूसो!

तब पीयूष मेरे बूब्स को अपने मुंह में भर के चूसने लगा और उसे बिल्कुल ही कुछ भी नहीं पता था, तो बोला- संध्या, तुम्हारे दूधों से लगता है दूध नहीं निकल रहा है.मैं फुल सेक्स के मूड में थी, तो मैं बोली- पीयूष, मेरे बूब्स जमकर चूसो जब तक दूध न निकले!पीयूष बोला- पी रहा हूं!और पीयूष जोर जोर से चूसने लगा.

करीब 15 मिनट मेरे मस्त दूध चूसता रहा और मैं पागल हो गई.फिर वो बोला- संध्या तुम्हारे चूचे छोटे हैं, लगता है इसीलिए इनसे दूध नहीं निकल रहा, मैं चूसते चूसते थक गया.

तभी उसके बूब्स चूसने और इस तरह की मस्त बातों से मुझमें बहुत जोश आ गया और मैं पीयूष के लन्ड को जोर से पकड़ कर ऊपर नीचे करने लगी और बोली- जाने दे पीयूष, तू रोज ऐसे दबाना और चूसना तो मेरे बूब्स बहुत बड़े हो जायेंगे और इनसे दूध भी निकलने लगेगा, और जब दूध इनसे निकलने लगेगा तो मैं दूध तुम्हें पिला दूंगी.

पीयूष बोला- सच संध्या, तुम कितनी अच्छी हो, मुझे अपने दूध जरूर पिलाना, मुझे दूध बहुत पसंद है.मैं बोली- पक्का तुम्हें अपने दूध पिलाऊंगी… पर अभी मेरे टांगों को फैला दो!और मैं अपनी उंगली अपनी चूत में रख कर बोली- यह जो तुम्हारा लंड है, जिससे तुम सुसु करते हो, इसे यहां डालो और घुसा दो.तो पीयूष बोला- संध्या क्या होगा इससे?मैं बोली- तुम खुश हो जाओगे… और पीयूष, तुम्हें बहुत मजा आएगा और मुझे तो बहुत ही मजा आयेगा.

तभी पीयूष ने मेरी टांगों को फैलाया, मैंने अपने दोनों पैर भी ऊपर कर लिए और बोली- पीयूष डालो अपना लन्ड… जिससे सूसू करते हो उसका नाम लन्ड है.पीयूष का लन्ड कुछ छोटा था और ढीला भी इसलिए जैसे ही उसने घुसाया तो घुस ही नहीं रहा था, मैंने अपनी चूत और कमर उठा दी, तब भी लन्ड नहीं घुसा, मैं बहुत प्यासी हो गई, मेरा मन बहुत करने लगा कि कैसे भी मेरी चूत में लन्ड घुस जाये.
 
मैं समझ गयी कि पीयूष का लन्ड नहीं घुसेगा, मैं बोली- ऐसा करो पीयूष, मेरी टांगों के बीच मेरी चूत में अपना लन्ड ऐसे ही रखे रहने दो और अब अपनी उंगली मेरी चूत में डालो.तभी पीयूष ने अपनी उंगली मेरे चूत में डाल दी, जैसे ही पीयूष ने उंगली मेरी चूत में डाली, मुझे लगा कि उसने अपना लन्ड डाल दिया, जैसे ही उंगली घुसी मैं बिल्कुल तड़प उठी और पीयूष को कस के जकड़ कर बोली- आई लव यू मेरे दूल्हे राजा… मेरे पति… और डालो जोर से पूरा लौड़ा अन्दर घुसा दो.

तब पीयूष बोला- संध्या इतनी ही बड़ी है मेरी उंगली… पूरी घुसा चुका हूं.मैं बोली- ऐसा करो, अपनी दो उंगलियां डालो मेरी चूत में!उसने दो की जगह तीन उंगलियां डाल दी.

पीयूष की लंबी पतली उंगलियाँ मेरी चूत में घुसी, तब सच में मुझे थोड़ा दर्द हुआ और मैं अपना पूरा कमर उछालते हुए पीयूष को बोली- पीयूष जोर जोर से उंगलियां डालो!फिर सॉरी बोल के बोली- लन्ड डालो.शायद मैं पागल हो रही थी.

जब पीयूष चूत में अंदर बाहर करने लगा था, पीयूष बोला- तुम्हारी चूत बहुत गर्म है. लगता है उंगलियां जल जायेंगी.मैं बोली- पीयूष और जोर से डालो मेरे अंदर अपना लन्ड… मेरी चूत में बहुत आग है और बहुत खुजली भी है . तुम्हें बहुत मजा आएगा, पीयूष जम कर चोदो मुझे, फाड़ दो मेरी चूत! और जोर से डालो, पूरा घुसा दो!

पीयूष जम कर अंदर बाहर करने लगा, मुझे जरा भी ध्यान नहीं रहा कि पीयूष उंगली से चोद रहा है, मुझे लगा कि जैसे मेरे चूत में उंगली नहीं लन्ड घुसा है और मैं जल्दी जल्दी चुदाई करवाने लगी.वो जल्दी-जल्दी अंदर बाहर करने लगा, मुझे बहुत अच्छा लग रहा था, मैंने पीयूष के होठों को जोश में काट दिया.पीयूष बोला- बहुत दर्द हो रहा है, मत काटो संध्या!

मारे जोश के मैं पीयूष के पीठ में नाखून से काटने लगी.पीयूष बोला- संध्या तुम्हारे अंदर चूत में बहुत गर्म गर्म लग रहा है, ऐसा लग रहा है उंगलियां जल जाएंगी मेरी!मैं बोली- मैं बहुत चुदासी हूं इसलिए मेरी चूत में आग है, मेरे राजा और जोर जोर से डाल दे पूरा अंदर घुसा!और मैंने उसकी पीठ को नोच कर काट दिया.

पीयूष करीब 15 मिनट रगड़ता रहा अंदर-बाहर… तब मेरी चूत से बहुत जोर से चूत का रस पिचकारी की तरह निकलने लगा. यह मेरे जीवन की पहली चुदाई थी, टूटा फूटा जैसा भी… यह मेरा पहला चुदाई का चरमोत्कर्ष था, बहुत मजा आया मुझे… जन्नत दिख गया इन 30-40 मिनटों में!

अब पीयूष से लिपट कर मैंने उसके होठों को चूमा और फिर बोली- अब तुम जा सकते हो… और ये खेल किसी को बताना नहीं.फिर वो जाने लगा तो मैं बोली- थैंक्यू पीयूष!उसने अपने कपड़े पहने और चला गया.

आज मैंने जाना कि कितना मजा होता है चुदाई में… आज पहली बार ऐसे कामुक आनन्द का अहसास हुआ.मैंने जैसे ही अपनी यह सच्ची बात दोनों को सुनाई, राज और सीड दोनों ही एकदम जोश में आ गए और मुझे बोले- सच में तुम तो वंध्या पहले से ही इतनी सेक्सी हो बहुत चुदासी रहती हो. थैंक यू और तुम्हारे कमलेश चाचा को जिन्होंने तुम्हें वह सेक्स कहानी की बुक और मैगजीन दी, और थैंक्यू तुम्हारी मम्मी को जिसके कारण तुम इस तरह लाइफ को इंजॉय करने लगी. संध्या तुम बहुत सेक्सी लड़की हो तुम्हारे जैसी कोई नहीं!

यह कह कर सीड और राज दोनों ही मुझसे लिपट गए.

तभी राज बोला- सीड, तुम संध्या की चूत को जबरदस्त चोदो!ऐसा कह कर राज, मेरा होने वाला पति मेरे मुंह में अपना लन्ड देने लगा, बोला- रंडी साली तू तो एक नंबर की रांड है. बता संध्या आज तक में कितने लोगों से चुदवा चुकी है?सीड बोला- राज भाई, अभी मत पूछो, आराम से… जब तुम्हारी बीवी बन जाएगी, तब फिर इसकी चुदाई की सच्ची कहानियां सुन सुन के इसको चोदते रहना… और हो सके तो मुझे भी बुला लेना. फिलहाल आज तो इसको चोदो!

सीड मेरे ऊपर आकर मेरी जांघों को चाटने लगा और अपनी दो उंगलियां मेरी चूत में डाल दी. फिर सीड उधर मेरे पैरों को चाटते हुए जांघों को बहुत सहलाने लगा.जैसे ही सीड की उंगली मेरी चूत में घुसी, मैंने जोर से मुंह खोला, तभी राज अपना लन्ड मेरे मुख में घुसा दिया.राज बोला- क्या मस्त लग रही है संध्या… तुझे पाके मेरी लाइफ बन गई. चाहे तो तुझे जितने लोगों ने चोदा हो या तू चाहे जितनों से चुदी हो, मैं फिर भी सिर्फ तुझी से शादी करूंगा. मुझे ऐसी ही लड़की चाहिए थी, मैं तुझे ना भी चोदूं, सारी उमर तक तुझे चुदते हुए देख कर मस्त जिंदगी गुजार दूंगा.

इतने में सीड उठा और मेरे ऊपर चढ़ गया, और सीड ने दोनों हाथों से मेरे एक एक बूब्स पकड़ कर पूरी ताकत से दबाने लगा और अपने होठों को मेरी नाभि में रख दिया, अपने गरम होंठ से मेरी सेक्सी नाभि को चूमने लगा.

अब मेरे से रहा नहीं गया और मैं बहुत जोर से राज का लन्ड चूसने लगी.
 
इतने में पूरी ताकत से सीड मेरे दोनों बूब्स दबाने लगा और नीचे मेरी चूत में सीड का लन्ड रगड़ खा रहा था. अब मुझसे रह पाना मुश्किल हो गया, मैंने अपनी कमर उठा दी.तभी सीड को पता लग गया कि मैं अब लंड घुसवाना चाहती हूं, सीड मेरे होने वाले पति राज से बोला- राज भाई, आज इस संध्या को अपन दोनों एक साथ चोदते हैं, राज तुम ऐसा करो आ जाओ पीछे इसकी गांड में डाल दो, तुम्हारा पेनिस भी छोटा है और आराम से उसकी गांड में चला जाएगा. यह बहुत मस्त गांड और चूत में एक साथ चुदाई करवाती है.

तब राज बोला- मैंने आज तक ब्लू फिल्मों के अलावा कभी पीछे गांड का सुना नहीं कि कोई लड़की गान्ड में भी चुदवाती है.सीड ने अपनी एक घटना सुनानी शुरू की:माफ करना राज भाई, और बुरा मत मानना क्योंकि तुम्हारी होने वाली बीवी है संध्या… पर अभी दो साल पहले एक बार सतना में मैं और संध्या ने मिलने का प्रोग्राम बनाया. मेरे पास मिलने की जगह नहीं थी तो एक रिश्तेदार था मेरा शिवम नाम है, मेरी दीदी का देवर है, उससे मेरे दोस्ती भी है, उससे मैंने हेल्प मांगी और बोला शिवम भाई बुधवार को दो घंटे के लिए मुझे अपना रूम दे देना. उसने कहा ठीक है ‘डन’, तब मैंने संध्या को बोला आ जाओ!

सुबह 11 बजे संध्या आ गयी सतना अपने गांव से! संध्या को पन्द्रह सौ रुपए के कपड़े खरीदवाये और उसके बाद संध्या को बोला ‘चलो एक रूम मिला है!संध्या बोली- चलो!

मैंने शिवम को बुलाया रूम की चाभी के लिए, वो आया काफी हाउस के पास जहां हम दोनों खड़े थे, आया और मैंने संध्या से परिचय कराया, शिवम के बारे में बताया कि ये मेरी दीदी का देवर है. शिवम संध्या को बहुत ही ध्यान से देखने लगा और फिर मुझे बोला- सीड तुमसे कुछ पर्सनल बात करनी है.थोड़ा बगल से ले जा कर मुझसे बोला- इस लड़की संध्या से तुम शादी करोगे?मैंने कहा- नहीं करूंगा, चाहूं भी तो हमारे घर वाले नहीं करेंगे.“ये बात संध्या को भी पता है कि तुम दोनों शादी नहीं करोगे?”मैं बोला- हां हम दोनों को क्लीयर हैं कि हम दोनों की शादी नहीं होगी!“इसका मतलब तुम दोनों फुल इंजवाय कर रहे हो?”

मैं बोला- हां, ऐसा ही समझ लो.तब शिवम ने सीधे बोला- मुझे भी संध्या की दिलवाओ, कैसे भी जमाओ सीड… मैं तो रिश्तेदार हूं तुम्हारा!मैंने कहा- ये संभव नहीं!तो शिवम बोला- मैं रूम भी नहीं दूंगा.अब मेरे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था, मुझे कोई रूम मिल नहीं सकता था, मैंने बिना संध्या से पूछे शिवम को हां कर दिया, बोला कि जब मैं रूम के अंदर चला जाऊं संध्या के साथ उसके दस पन्द्रह मिनट बाद अंदर आना.शिवम बोला- बिल्कुल जैसा तुम बोलो सीड, क्या मस्त माल पटाया है तुमने यार! उसके होंठ नाक और आंखें कितनी खूबसूरत है लगता है बहुत चुदासी है! मैंने संध्या से सेक्सी लड़की आज तक नहीं देखी, बहुत मजा आएगा.

जब रूम में आ गई संध्या और मैं लिपट गया, संध्या के होंठ चूसने लगा, फिर बूब्स दबाने लगा तो संध्या गर्म होने लगी. मैंने संध्या की लैगी और पैंटी एक साथ उतार कर सीधे टांगें फैला कर जैसे चूत में मुंह रखा, पूरी चूत बह रही थी, मैं समझ गया बहुत गर्म है, पहले से ही चुदाई का सोच लिया होगा.

तब मैंने संध्या से कहा- एक बात है संध्या, जिसका ये कमरा है वो भी अपने साथ रहेगा! वो भी तुमसे करेगा, वह भी आएगा, बोला है मैं भी रहूंगा और करूंगा तुम्हारी गर्लफ्रेंड से! और मैंने हां कर दिया है क्योंकि जब मैंने ना किया तो वह बोला मैं रूम नहीं दूंगा.संध्या बोली- मैं उससे नहीं करूंगी.मैं बोला- तो फिर चलो रूम से! वह नहीं मानगा, बस इसी एक बात पर माना था बस.मैं बोला- चलो उठो जल्दी चलते हैं, पहनो कपड़े, अपन चलते हैं! आज का सब यही खत्म चलो, वो आकर भगा देगा.

पता नहीं, दो मिनट संध्या ने कुछ सोचा, फिर बोली- ठीक है, बुला लो उसे जिसका रूम है यह! जब तुमने हां कर ही दिया है!यह बहुत गजब का दिन था. उस दिन की पूरी कहानी संध्या से तुम सुन लेना राज भाई, तभी मैंने और शिवम ने दोनों ने एक साथ इस संध्या को चोदा था, और मैं सोच भी नहीं सकता था कि संध्या इतनी सेक्सी और हॉट लड़की है, इसने उस दिन आगे चूत में लन्ड और पीछे गांड में दोनों में लन्ड लिए थे और बहुत मस्त आगे पीछे से चुदवाई थी.

मेरी चूत चोदन कहानी जारी रहेगी. मेरी स्टोरी में सब कुछ सच है. मेरी स्टोरी आपको कैसी लगी?
 
मेरा पुराना आशिक मेरे होने वाले पति को बता रहा था कि कैसे उसने अपने रिश्तेदार से मिल कर मेरी चूत और गांड की चुदाई की थी.

उस दिन की पूरी कहानी संध्या से तुम सुन लेना राज भाई, तभी मैंने और शिवम ने दोनों ने एक साथ इस संध्या को चोदा था, और मैं सोच भी नहीं सकता था कि संध्या इतनी सेक्सी और हॉट लड़की है, इसने उस दिन आगे चूत में लन्ड और पीछे गांड में दोनों में लन्ड लिए थे और बहुत मस्त आगे पीछे से चुदवाई थी.

राज यह सुन कर और जान कर जोश में आ गया, मुझसे बोला- संध्या, मेरी सेक्सी छिनाल आज सच बता दे कितने लोगों से आज तक चुदवा चुकी है?मैं बोली- यार, अभी मत पूछो, नहीं आप क्या कोई भी मुझसे शादी नहीं करेगा.तब मेरे होने वाले पति राज बोले- अपनी कसम खाकर कहता हूं कि चाहे तुम वेश्या भी हो, रोज आठ-दस-बारह मर्दों से सेक्स करवाती रही हो और आगे भी करवाओ… तब भी मैं शादी तो अब तुमसे ही करूंगा, ये वादा है तुझसे संध्या.

राज की बात सुन कर मुझे बहुत अच्छा लगा, मैं बोली- राज, तुमसे मैं भी वादा करती हूं कि कोई एक भी ऐसा रिश्ता नहीं छुपाऊँगी जिनके साथ मैं सोई हूं या फिजिकल रिलेशन बनाया है, पर तुम्हारी पत्नी बनने के बाद ही बताऊंगी.तो राज बोला- कुछ अंदाज तो बता दो? बाकी फिर शादी के बाद बताना, अभी नहीं पूछूंगा.

तब मैं बोली- पहली बार जब मैं अठारह साल की हो चुकी थी तो बर्थडे के ठीक दो दिन बाद पहली बार कोई दो लोग एक साथ, उन दोनों की उम्र चालीस के पार थी, उन दोनों ने मिलकर मुझे किया थे, आज मैं बीस साल से ऊपर की हो चुकी हूं इक्कीसवीं साल में चल रही हूं. मतलब दो साल से मैं करवा रही हूं और इन दो सालों में ऐसा कोई महीना नहीं गया जिस महीने किसी के साथ ना सोई हूं. अभी बस इतना ही बताऊंगी. अभी प्लीज मत पूछना.

राज बोला- ठीक है संध्या, पर मुझे थोड़ा क्लीयर हिंट तो दे दो?मैं बोली- एक साल में बारह महीने तो दो साल में चौबीस महीने हुए… किसी किसी महीने चार से लेकर आठ दस बार तक भी हुआ है.

राज और सीड दोनों मुंह फाड़ कर देखने लगे मुझे आश्चर्य से, मैं बोली- इसीलिए बोलती हूं अभी मत पूछो राज!राज बोला- गजब हो यार… तुम्हारा कोई जवाब नहीं! बस इतना और हिंट दे दो कि हर महीने जिनके साथ सोती थी, कुछ महीनों में जो आठ दस बार हो जाते थे, वो सब अलग अलग मर्द होते थे या एक दो ही मर्द हैं? और हां एक और वादा करो कि मुझे हर एक के साथ जितनी बार सोई हो और सेक्स किया है, कैसे शुरू हुआ और फिर कैसे हुआ, क्या क्या किस किस तरह हुआ एक एक शब्द पूरा का पूरा सच सच बताओगी.

मैं बोली- देखो राज, पहली बात तो यह कि ये जो अभी तुम्हारे सामने है सीड मेरा ये ब्वाय फ्रेंड है, इसका बता दूं, इसने आज तक मेरे साथ छः बार किया है, जिसमें दो बार दोस्त भी थे इसके साथ, ऐसे ही दो तीन रिश्तेदार हैं जिनने दो या तीन बार किया है. ऐसे ही पापा के दोस्त हैं दो जो एक बार से ज्यादा मेरे साथ सोये हैं, और ऐसे ही मेरे बड़े भाई के तीन दोस्त हैं जो दो या तीन बार किये हैं. इसके अलावा हर बार कोई नया मर्द ही रहा है. सबसे ज्यादा बार इस सीड ने ही मुझे किया है, आज ये सीड का सातवीं बार है. और मैं संध्या अपनी मम्मी की कसम खाकर कहती हूं कि शादी होने के बाद उसी दिन से आपको अपने गुजरे वक्त के सारे मर्दों के साथ बने फिजिकल रिलेशन के बारे में कैसे बने, किस जगह में किस वक्त में करवाया, और उस समय कितने लोग थे, फिर उन लोगों ने क्या किया और मैंने किस तरह से करवाया, क्या क्या उन लोगों ने गंदी बातें बोली, कितनी गालियां देते थे कुछ लोग, मैंने भी उस समय कितनी गंदी गंदी बातें की, एक एक शब्द सब आपको बिना कुछ छुपाये बताऊंगी. यह मेरा आपसे वादा है राज!

मेरे होने वाले पति राज बोले- थैंक यू संध्या, चलो एक बात तो मैं जान गया कि तुम बहुत ऑनेस्ट हो, ईमानदार हो, जो भी करती हो, सब बात वैसे ही बता देती हो बिना कुछ छुपाये. थैंक यू अगेन!और इतना कहते ही मुझसे लिपट गए और मेरे होठों को चूमने लगे.

तब मैं भी यह जान गई कि राज को मेरे फिजिकल रिलेशन दूसरों के साथ बनाए जाने पर कोई जलन और एतराज नहीं है. यह मेरे लिए बहुत अच्छी बात है मेरे जैसी लड़की को ऐसा ही पति चाहिए, भले ही उस में और कोई कमी हो.
 
इतने में सीड बोला- संध्या, तुम बड़ी छुपी रुस्तम निकली, आज तक यह सच्चाई मुझे भी नहीं बताई थी, मुझे यह शक तो था कि तुम मेरे अलावा भी कुछ मर्दों से रिलेशन बनाती हो, पर यह नहीं पता था कि तुम रंडियों छिनालों से भी आगे निकल चुकी हो, और ना जाने कितने मर्दों के साथ तुम सोती हो! गजब की हो संध्या! वैसे तुम्हारा हुस्न और तुम्हारी अदाएं और उसमें जितनी हॉट गरम तुम हो, यह पक्का है कि तुम्हें कोई मर्द देखेगा तो उसके मन में तुम्हारे साथ सोने का तुम्हें चोदने का ख्याल देखते ही आ जाता है, और बिना चोदे वह तुम्हें फिर रह नहीं सकता. मुझे संध्या सिर्फ इतना बता दो कि इतना ज्यादा चुदाई करवाने के बाद भी आज भी तुम्हारी चूत इतनी टाइट कैसे है? ऐसा लगता है कि तुम्हारी चूत सील बंद है और तुम पहली बार चुदवा रही हो. इसका राज क्या है? तुम्हारे बूब्स पहले जब मैं मिला था तो 30 साइज के थे, और इतना बूब्स दबाया होगा मर्दों ने लगभग मेरा अंदाज है कि दो साल में करीब 50 मर्दों के साथ तो तुम सो चुकी होगी, और सभी ने चोदा भी होगा सभी तुम्हारे बूब्स जम के ही दबाए होंगे. तब भी बहुत मेंटेन है तुम्हारे बूब्स एकदम टाइट, साइज भी बूब्स का सिर्फ 32 हुआ है, और वह भी बिल्कुल कच्ची कली कुंवारी लड़की की तरह… यह कैसे हुआ?

मैं बोली- सीड, यह तुम बिल्कुल सच बोल रहे हो, जितने भी मर्द मेरे साथ सोए हैं, मुझे चोदा है, यह बात सबने बोली है, कि आज मैंने तुम्हारी सील तोड़ी है, और पूछे हैं कि यह बताओ संध्या की इतने दिन बिना किसी से चुदवाये कैसे रही हो. हर मर्द को लगता है कि वह मुझे पहली बार कर रहा है. यह नेचुरल है पता नहीं कैसे मेरे साथ है और मैंने इसके लिए कुछ नहीं किया. और यह भी बता दूं कि अगर मैं 15 या 20 दिन किसी मर्द के साथ ना चुदवाऊँ तो उसके बाद जब कोई मेरी चूत में लन्ड डालता या घुसाता है तब खून भी निकलता है, एकदम से कुंवारी लड़की की तरह मेरी चूत हो जाती है.

सीड बोला- राज भाई, तुम बहुत लकी मैन हो, कुछ भी हो जाए तुम संध्या को मत छोड़ना, इससे शादी कर ही लेना, तुम जितनी बार चोदोगे तुम्हें हर बार एकदम टाइट चूत मिलेगी, और तुम्हें लगेगा कि हर रात तुम्हारी सुहागरात है, पहली रात है. संध्या अगर दूसरे मर्दों के साथ सोती भी रहेगी या चुदवाती भी रहेगी जो कि संध्या करेगी ही भले ही तुम कितने पहरे लगाओगे, पर मौका पाते ही यह करेगी ही और अगर यह ना बताएगी तो तुम जान भी नहीं पाओगे.

इतना कहते ही सीड ने मेरी टांगों को फैला कर मेरी चूत में उंगली डाल दिया और अपने मुंह को भी मेरी चूत में रख दिया.सीड बोला- राज भाई, बहुत टाइम हो गया, कोई आए दूसरा यहां… उससे पहले अब संध्या की प्यास बुझा देते हैं, चलो दोनों तरफ से अब इसकी जम कर चुदाई करते हैं.

और इतना सुनते ही मैं बिल्कुल और जोश में आ गई कि अब दोनों मुझे चोदेंगे.

तभी सीड मेरी चूत में अपनी दो उंगलियां डाल के अंदर बाहर करने लगा तो मैंने राज को कस के पकड़ लिया और बोली- राज, तुम बताओ कहां डालोगे अपना लन्ड? आज तुमसे मैं बहुत खुश हूं! तब राज मेरे कूल्हों को पकड़ कर बोला- मेरी जान, मेरी रंडी संध्या… आज तो मैं तुम्हारी इस उठी हुई मस्त गांड में ही अपना लौड़ा डालूंगा और जम के तुम्हारी गांड को चोदूंगा.मैं बोली- ओहह हहहह मेरे राजा, कितने मस्त हो… अब देर मत करो!

इतने में सीड मेरी गीली चूत में अपनी उंगली से मेरी चूत का रस निकाल कर उसे चाटने लगा था, उसकी उंगली से ही अंदर बाहर चोदने जैसा लगा तो मैं तड़पने लगी, मुझे दोनों ने बहुत गर्म कर दिया.सीड बोला- संध्या सबसे टेस्टी तुम्हारे चूत का रस है, इसे पाने के लिए मैं कुछ भी कर सकता हूं. तुम किसी से चुदवाना… पर मुझे अपनी चूत का रस हमेशा चटाते रहना.

फिर वो मेरे होने वाले पति राज से बोला- राज भाई, मैं आपसे प्रार्थना करता हूं, आपके हाथ जोड़ता हूं कि जब आपकी शादी संध्या से हो जाएगी तो प्लीज उसके बाद एक भीख मुझे देंगे?राज बोले- कैसी बात करते हो सीड? इस तरह मांगोगे तो जान भी हाजिर है.सीड बोला- वादा करिए कि मना नहीं करोगे?
 
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