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दोस्तो इस कहानी का पहला भाग ज़रूर पढ़ें मेरी कमसिन भांजी और बेटी 1
मैं और मेरी भानजी मेरी बेटी के स्कूल में गए और उसके प्रिन्सिपल से मिल कर कोई बहान बना कर उस की छुटटी ले ली. फिर उसे ले कर हम बाजार गए और कुछ खाने पीने का सामान ले कर पार्क में आ गए और एक एकांत जगह सी बैठ गए.
कुछ देर हमने इधर उधर की बातें की. तभी हमने देखा कि हमारी बायीं तरफ में एक जवान लड़का और एक युवा लड़की चुम्मा चाटी कर रहे थे. दोनों कॉलेज के स्टूडेंट लग रहे थे, बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड होंगे. लड़का लड़की के बदन को भी बीच बीच में छू रहा था.
मेरी कमसिन बेटी रेखा की नज़र बार बार उधर ही जा रही थी. पिंकी ने रेखा को उस तरफ देखते हुए देखा तो वो भी मुड़ कर देखने लगी और फिर मुस्कुरा कर रेखा से बोली- क्यों रेखा? क्या देख रही हो?
“कुछ नहीं..”
“अरे यार… जवानी का खेल चल रहा है! मजा आ रहा है तो जाओ नजदीक से देख आओ..”
रेखा शायद मुझसे कुछ शर्मा रही थी, इसा लिए बोली- मुझे नहीं देखना, तुम ही देख लो जो देखना है…”
“हुंह… अभी बड़ी नखरे दिखा रही है. कल तो बड़ा मजा ले ले कर सेक्स की बातें कर रही थी?”
पिंकी के चेहरे पर कामुकता के नशे का गुलाबी रंग छा गया. वो उठ कर मेरी बेटी रेखा के बगल में बैठ गई और उसके कंधे पर हाथ रख कर रेखा की उठी हुई चूची मसलते हुए बोली- यार तेरी चूचियां तो हार्ड हो चुकी हैं तुम्हारी. तुम्हारी बुर भी पानी छोड़ रही होगी ना?
अपनी भानजी के मुख से मेरी बेटी के सामने ऎसी खुली अश्लील बातें सुन कर मुझे विश्वास हो गया था कि पिन्की तो आज ही मुझे मेरी बेटी की बुर दिलवा देगी.
लेकिन रेखा झिझकती हुई बोली- पिंकी, क्या करती हो? पापा देख रहे हैं!
पिंकी बोली- अब मैं क्या करूँगी, जिसे करना है वो ही करेगा. जाओ, अपने पापा की गोद में बैठ जाओ.
और उसने रेखा को खींचते हुए मेरी गोद में बैठा दिया.
उसके गोद में बैठते ही मेरा लंड झन्ना गया. रेखा पहले तो थोड़ी झिझकी और मेरी गॉड से उठाने लगी, लेकिन पिंकी ने उसे उठाने नहीं दिया, बोली- कल तो तू अपने पापा से सेक्स की बातें कर रही थी, अब मैं मौक़ा ड़े रही हूँ तो तू ये नौटंकी कर रही है?
इतनी देर में मैं अपनी बेटी की स्कर्ट में हाथ देकर उसकी जांघें सहलाने लगा. क्या चिकनी टांगें थीं. उसके बाद मैंने उसकी चूचियों को सहलाया. उसकी चूचियां पिंकी से छोटी थीं. उसके बाद मैंने अपने होंठ उसके होंठ से लगा दिए और उसकी गुलाब की पंखुरियों जैसे होंठों का रस पीने लगा.
इसमें वो भी मेरा साथ देने लगी.
हम दोनों लिपट गए. पन्द्रह मिनट तक चूमते चाटते रहे फिर दोनों अलग हुए.
अब पिंकी ने कहा- सारा कांड अभी ही कर दोगे या घर के लिए भी कुछ रखोगे?
मैं मुस्कुरा उठा.
पिंकी ने रेखा की ओर देख कर कहा- क्यों रेखा डार्लिंग! मजा आ रहा है न? तुम तो साली पूरी रंडी निकली? अपने सगे बाप से चूची मसलवा कर मज़े ले रही हो?
“तूने तो मज़े ले लिए मेरे बाप से यानि अपने मामा से और दूसरे को चिढ़ाती है.”
“मैं अपने पापा के साथ जो चाहे करूँ तुम्हें क्यों खुजली हो रही है? तू भी ले ले मजे.”