बुधवार को सोनाली राकेश की दुकान पर ठीक शाम के 5.00 बजे पहुँच
गयी. अपनी गाड़ी उसकी दुकान के ठीक सामने पार्क करने के बाद वो कॅश
काउंटर पर गयी और प्रियंका के बारे मे पूछा.
"वो पीछे शायद स्टोर मे माल निकलवा रही है." काउंटर पर बैठी
लड़की ने बताया.
सोनाली पूरी दुकान की लंबाई पर करते हुए स्टोर रूम मे पहुँची.
चारों तरफ शेल्फ बने हुए थे जिनपर कार्टून्स मे माल भरा हुआ
था. सोनाली को वो जगह एक दम सुनसान लग रही थी, अचानक दुरके
शेल्फ के पीछे से उसे कुछ आवाज़ें सुनाई दी. सोनाली बिना कोई आवाज़
किए शेल्फ के पास पहुँची.
तभी सोनाली को राकेश की आवाज़ सुनाई दी, "ःआआआआण ले मेरा पूरा
लौंडा ले ले ओह ःआआआआण कितना अच्छा लगा रहा है."
"हे भगवान." सोनाली सोच रही थी, क्या जो उसना सुना वो सच है,
क्या राकेश शेल्फ के पीछे किसी को चोद रहा है, क्या वो उसकी बेहन
प्रियंका की चुदाई कर रहा है?
सोनाली ने झाँक कर देखा तो देखा कि राकेश की काली जांघे उपर
नीचे हो रही है, वो किसी की जांघों को पकड़ धक्के लगा रहा है.
ये बात साफ थी कि वो किसी की गान्ड मार रहा है. सोनाली को राकेश
की टाँगो के बीच तो सफेद टाँगे दिखाई दी. ऐसा लगा कि कोई डिब्बों
को पकड़े घोड़ी बना हुआ है और राकेश से गान्ड मरवा रहा है.
सोनाली शेल्फ की पीछे इस तरह छुप गयी कि उसे कोई देख ना सके.
राकेश उस इंसान के कूल्हे दबाते हुए धक्के मार रहा था. सोनाली को
नही दिखाई दे रहा था कि वो कौन है? पर उसकी सिसकियों से ऐसा
लग रहा था कि उसे भी मज़ा आ रहा था.
राकेश ने अपने धक्को की रफ़्तार के साथ अपनी बड़बड़ाहट भी बढ़ा
दी, "हाआँ मुझे माअज़ा आ रहा है तुम्हारी गान्ड कितनी प्यारी है
ले ले मारा पूरा लंड ले ले ओह्ह्ह्ह में छूटा."
बेचारी प्रियंका, राकेश के मूसल लंड ने तो ज़रूर आज इसकी गान्ड
फाड़ दी होगी, सोनाली चिंतित हो उठी. तभी उसे किसी के पास होने का
एहसास हुआ, उसने देखा कि प्रियंका उसके बगल मे खड़ी है. प्रियंका
ने उसे आँख मारी और अपनी उंगली होठों पर रख, "श्ह्ह्श्ह" चुप
रहने का इशारा किया.
सोनाली ने अपना मुँह प्रियंका के कान के पास किया और
फुस्फुसाइ, "मेने सोचा कि वो तुम्हारी गान्ड मार रहा है."
प्रियंका अपनी गर्दन हिला रही थी, "तुम्हारी जान की कसम में तो
इस मूसल लंड को कभी भी ना झेलु. देखो उसे, आधा घंटा हो गया
और अभी भी चोदे जा रहा है, पता नही वो लड़का बेचारा कैसे
झेल रहा होगा?"
सोनाली चौंक पड़ी, "क्या कहा, लड़का?"
प्रियंका ने कहा, "हां सोनाली वो लड़का है. राकेश गान्डू है."
सोनाली कुछ कहना चाहती थी पर राकेश की सिसकियाँ सुन वो चुप हो
गयी.
"ये छुउुउटा मेरा हाँ लीईए कुत्ते साअले मेराा पूराअ
लंड ले." राकेश का शरीर पूरी तरह काँप रहा था और उसके लंड
ने उस लड़के की गान्ड मे अपना वीर्य छोड़ दिया. उसी समय उस लड़के का
भी पानी छूट गया और वहाँ बिखरे डिब्बों पर अपना वीर्य फैंकने
लगा.
सोनाली ने प्रियंका को अपनी बाँहे खींचते महसूस किया, "वो हमे
देखे इससे पहले चलो यहाँ से."