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सुबह जागने के बाद अरुण कपड़े पहने हुए ब्रेकफास्ट कर रहा था जब आरोही और सोनिया नीचे आई. आरोही ने योगा पॅंट्स और एक टी-शर्ट पहनी थी और सोनिया ऐसे ही सिंपल टी-शर्ट और शॉर्ट्स मे थी. आरोही उसके सामने मटकते हुए फ्रिड्ज के आगे झुकी तो अरुण ने थूक को जल्दी से निगला.
सिंक के पास खड़ी सुप्रिया अपनी हँसी को रोकने लगी.
"गान्ड,"
अरुण एक दम से चारो ओर देखने लगा. "ये क्या था?"
चार सिर उसकी ओर देखने लगे.
"तुम लोगो ने नही सुना?" उसने पूछा. उनके चेहरे के एक्सप्रेशन्स ने उसका जवाब दे दिया. "नेवेर माइंड," उसने प्लेट की तरफ ध्यान देते हुए कहा. "मेरा दिमाग़ खराब हो गया है," उसने सोचा. उसे पक्का लग रहा था कि उसने कुछ सुना. लेकिन जैसे कि कोई बहुत दूर से बोला हो.
"तो, आज शॉपिंग डे है?" आरोही बोली.
"हुहम?" अरुण बोला.
"कार की." आरोही ने बात समझाई.
"एप. क्लास के बाद." अरुण खाते हुए बोला.
"कॉन सी?" स्नेहा ने मिल्कशेक पीते हुए पूछा.
"वही जो पहले थी." अरुण ने नॉर्मली कहा.
"कलर?" सुप्रिया ने पूछा.
"आइ डोंट नो. सेम, आइ गेस."
"ओह कम ऑन ड्यूड, कम से कम कलर तो चेंज करो," आरोही उसके सिर पर धीरे से मारते हुए बोली.
अरुण ने उसके हाथ पर मार दिया तो दोनो हल्के से कराह दिए. "ओके, कलर चेंज कर देंगे."
"कॉन्सा?" स्नेहा ने पूछा.
"वहीं चल के देखते हैं."
उसके बाद वो आरोही की कार मे जाके बैठ गया. तब तक सेब खाते हुए आरोही भी आ गयी और आधा बचा हुआ उसे दे दिया.
"तो डेट कैसी थी?" आरोही ने कार स्टार्ट करते हुए पूछा.
"उम्म्म, फाइन, लेकिन एश..बदल गयी है."
"यॅ, मुझे भी लगा. बट यू स्टिल लाइक हर?"
अरुण ने सिर हिला दिया. "******* उसे सूट नही हुआ. इट वाज़ लाइफ चेंजिंग फॉर हर."
"कैसे?"
अरुण चुप रहा लेकिन आरोही भी शांत रही. उसे पता था कि अरुण उसे बता ही देगा, आख़िरकार उन दोनो के बीच कभी कोई बात नही छुपी थी, मोस्ट्ली. उसने सोचा.
"उसे वहाँ एक लड़का मिला," उसने कहा.
"डज़ दट बॉदर यू?" आरोही ने उसका रियेक्शन जानने के लिए पूछा.
अरुण ने सिर हिलाकर मना कर दिया. "नही, मीन्स ये तो होना ही था. और वैसे भी मैने बताया था कि वी'आर नेवेर रियली इन लव. आइ जस्ट लाइक्ड हर."
आरोही सिर हिलाकर आगे देखती रही.
"आंड ही वाज़ हर फर्स्ट, और उससे भी मुझे कोई प्राब्लम नही है. यहाँ तक जो कुछ उसने मुझे बताया मुझे उसकी किसी बात से कोई प्राब्लम नही आई. बस ये थोड़ा अजीब है.
मतलब जो कुछ उस लड़के ने उससे करवाया..उसके बारे मे सोचकर मुझे गुस्सा आती है...लेकिन मैं उसे जड्ज नही कर सकता."
आरोही उसे सवालिया नज़रो से देखने लगी तब अरुण को समझ आया कि आधी बात उसे पता ही नही थी.
"ओह सॉरी. मैं मुझे याद नही रहा कि तुम्हे पता नही है. एश ने बताया की वो लड़का थोड़ा अजीब था. शुरुआत मे तो ठीक रहा, जैसे कि शुरू मे उसकी केयर करना वग़ैरह वग़ैरह लेकिन बाद मे वो उन दोनो के साथ दूसरी लड़कियाँ शामिल करने लगा. एश ने भी सोचा कॉलेज है तो ट्राइ करने मे क्या हर्ज़ है. आंड शी लव्ड इट और वो भी साथ देती रही. लेकिन बाद मे वो अपने दोस्तो को भी साथ मे लाने लगा और थ्रीसम फोरसम होने लगे, जिससे उसके कॉलेज मे एश की रेप्युटेशन बन गयी कि वो कुछ भी कर सकती है."
"एसा?" आरोही चौंकते हुए बोली. "वो तो गाली तक नही सुन पाती थी. कितनी बार उसने मुझे इस बात पर लेक्चर पिलाए?"
अरुण ने सिर हिला दिया. "आइ नो. तो एक बार वो एक पार्टी मे गयी और वहाँ पहली बार वोड्का ट्राइ की. तो आब्वियस्ली होश खोना ही था, जब वो जागी तो वो काफ़ी लड़को के बीच थी और सामने उसका बाय्फ्रेंड किसी और लड़की के साथ था. और उसे दुख इस बात का है कि उसे ये सब पसंद आया."
आरोही ने कॉलेज की तरफ वाली रोड पर गाड़ी मोड़ दी.
"उसी दौरान उसके पेरेंट्स का डाइवोर्स हो गया क्यूकी उसकी मम्मी उसके पापा के साथ चीट कर रही थी. उसके बाद वो वापस आ गयी, फॉर गुड आइ गेस."
"थॅंक गॉड. वैसे भी दिस ईज़ हर होम. आइ'म ग्लॅड शी'स बॅक." जब उसने ये कहा तो उसे रियलाइज़ कि वो सच मे इन शब्दो को मानती थी. उसे अब एश से डर नही लग रहा था.
"मी टू," अरुण बोला. "अगर हम दोनो ने डेटिंग स्टार्ट नही करी फिर भी मैं कम से कम उसका ध्यान तो रख ही सकता हूँ."
आरोही मुस्कुरा दी. "जब तक तुम ये नही भूलते कि घर मे चार बहनों को भी तुम्हारे ध्यान की ज़रूरत है तब तक सब ठीक है."
अरुण उसकी तरफ स्माइल करने लगा. "ऑल्वेज़. यू गर्ल्स आर ऑल्वेज़ माइ टॉप प्राइयारिटी. वैसे सोनिया ने कुछ कहा क्या?"
सोनिया का नाम सुनते ही आरोही की चूत हल्की सी गीली हो गयी, उसे उन दोनो का किस और उसके निपल का ध्यान आने लगा.
"नही. मैं हूँ ना, वो मेरे पास सो गयी थी. आइ'ल्ल टेक केर ऑफ हर." आरोही बोली.
तब तक वो लोग कॉलेज आ गये और आरोही उतरकर आगे जाने लगी तो अरुण उसकी गान्ड को ही देखता रहा.
"मेरी चबन्नी गिर गयी है, पक्का." उसने सोचा.
*******
जब दोनो घर पहुचे तो सुप्रिया तय्यार होके सोफे पर ही बैठी थी.
"चले?" उसने पूछा.
कुछ घंटे बाद उनके गराज मे नयी गाड़ी खड़ी थी सेम कलर के साथ. आरोही के लाख मनाने के बाद भी उसने गाड़ी का कलर वही रखा.
गाड़ी देखने के बाद सभी अंदर आए और वही रुटीन हुआ जो रोज होता था. खाना, टीवी फिर नींद.
अरुण ने नीचे चेक किया कि लॉक पड़ा है फिर अपने रूम का गेट खोला फिर एक दम से बंद कर दिया. अंदर सोनिया सिर्फ़ पैंटी पहने दूसरी तरफ मूह करके उसके कपबोर्ड मे कुछ ढूँढ रही थी. अरुण ने जैसी ही उसकी नंगी पीठ देखी तुरंत ही दरवाजा बंद कर दिया. फिर धीरे से नॉक किया.
"कम इन," सोनिया की मीठी सी आवाज़ आई.
अरुण अंदर आया और उसकी पीठ को देखते हुए बेड पर बैठ गया. सोनिया अभी भी उसके क्लॉज़ेट मे कुछ ढूँढ रही थी. कुछ देर बाद वो पलटी,"तुम्हारी कोई पुरानी शर्ट नही है जो मैं पहेन सकूँ?"
अरुण ने अपनी आँखो पर हाथ रख लिए. "सोनिया, कपड़े तो पहेन लेती."
"हिहीही, भाई आप इतना क्यू शर्मा रहे हो. पहले भी तो आपने मुझे ऐसे ही देखा है. और मैं वही तो ढूँढ रही हूँ. एक तो आप के पास लेटने को नही मिल रहा तो सोचा कि कम से कम आपकी शर्ट ही मिल जाएगी, प्लीज़. दे दो ना कोई." सोनिया अपनी बात समझाते हुए बोली. अंदर ही अंदर वो थोड़ा खुश भी हो रही थी.
अरुण ने आँखो पर हाथ रखे हुए ही दूसरे ड्रॉयर से शर्ट निकाली. "नही ये नही," तभी वो उसे वापस रखने लगा क्यूकी उस शर्ट मे दो तीन छेद थे.
"नही," उसने आगे बढ़कर वो शर्ट छीन ली. "दिस इस फाइन," उसने जल्दी से कहा. अरुण दूसरी तरफ पलट गया तो सोनिया ने वो टी-शर्ट पहेन ली. "डन, भाई."
अरुण ने पलटकर देखा तो बस देखता ही रहा. उसकी टी-शर्ट और सिर्फ़ पैंटी मे वो बहुत हॉट लग रही थी. एक छेद तो शर्ट मे जस्ट दूध के नीचे था तो थोड़ा सा अंदर बूब भी दिख रहा था. अरुण का लंड जो पहले से ही हल्का सा खड़ा था और कठोर होने लगा.
"पक्का तुम्हे यही पहनना है?"
"यॅ, इट्स सो सॉफ्ट." उसने शर्ट को सहलाते हुए कहा.
"फटी हुई है." अरुण ज़बान संभालते हुए बोला.
सोनिया हँसने लगी. "कुछ ही जगह तो छेद है भाई."
"हां, दूध के नीचे," उसने सोचा.
सोनिया फिर उसके पास आई और उसके गाल पर किस कर दिया. "लव यू भाई, गुड नाइट. हॅपी निन्नी."
अरुण ने भी उसके दूधो को सीने पर नज़रअंदाज करके गाल पर चूम लिया. फिर वो वहाँ से चली गयी.
उस रात उसके सपने सोनिया के बारे मे ही थे. सोनिया उसके कपड़े फाड़ रही थी और अपने नाख़ून उसकी खाल पर चला रही थी और उसके लंड पर मूह रख रही थी.
********
अगली सुबह अरुण जल्दी उठा और सीधे बाथरूम चला गया. वहाँ वो शेव कर ही रहा था कि दरवाजे पर नॉक हुआ. दरवाजा खुला और स्नेहा का चेहरा अंदर आया. उसने भी अरुण की ही पुरानी शर्ट पहनी हुई थी लेकिन आगे से खुली होने के कारण उसकी ब्रा पैंटी दिख रही थी.
अरुण शेव करते हुए कटते कटते बचा.
"दी..." अरुण अपनी नज़रे फेरते हुए बोला.
स्नेहा मासूमियत से खुद को देखने लगी. "क्या हुआ? मैं तो नहाने आई थी."
"नही,...दी..अभी नही.." अरुण जब तक उसको रोकता तब तक वो शवर के नीचे खड़ी हो गयी और पानी चालू कर दिया. उसने शर्ट को निकाल कर दूसरी तरफ मूह कर दिया और ब्रा के हुक को खोल दिया तो अरुण ने जल्दी से अपनी नज़रे फेरी और जल्दी से जैसे तैसे शेव करके अपने रूम मे चला गया. कपड़े पहनने के बाद उसने एश को एसएमएस किया कि क्या वो आज रात को बाहर चलेगी तो उधर से हां मे जवाब आ गया.
अरुण ने रिप्लाइ कर दिया कि बाद मे कॉल करेगा उसके बाद नीचे चला गया. बाकी की सुबह नॉर्मल ही थी. आज छुट्टी थी तो वो बॅकयार्ड मे चला गया. बाहर से थोड़ी मेहनत करके वो अंदर आया ही था कि आरोही रन्निंग करके आ रही थी. उसने अरुण को बाथरूम मे जाते देखा तो तुरंत ही वो भी पीछे चल दी.
अरुण दरवाजा बंद ही करने वाला था कि तब तक आरोही ने हाथ बढ़कर खोल दिया और अंदर आ गयी.
"मैं हेल्प कर दूं, शर्ट उतारने मे."
"नही,"
आरोही ने उसकी बात नही सुनी और आगे बढ़ने लगी. अरुण भी जानता था कि मना करने का कोई फ़ायदा तो था नही तो वो भी शवर के नीचे बढ़ने लगा. उसने आरोही के कोमल हाथो का स्पर्श अपनी कमर के उपर महसूस किया, जहाँ उसने शर्ट को उपर उठाया और उसके हाथो से निकालकर साइड मे बास्केट मे डाल दी. अरुण ये सोचकर पलटा कि अब वो चली जाएगी लेकिन तब तक आरोही के हाथ उसके शॉर्ट्स पर पहुच चुके थे.
अरुण ने तुरंत ही उसकी कलाई पकड़ ली. "आरू, मैं कर लूँगा."
"ईडियट, मैं कर रही हूँ ना."
अरुण जब तक मना करता तब तक आरोही ने उसके शॉर्ट्स को बॉक्सर्स के साथ ही नीचे खीच दिया तो अरुण जल्दी से मुड़कर अपना लंड छुपाने लगा.
"आरू, व्हाट दा फक?"
"कम ऑन, अरुण, रिमेंबर वी आर ट्विन्स, कितनी बार तुम्हे नंगा देखा है. रिलॅक्स. और जल्दी नहाना." ये कहकर वो शवर से बाहर चली गयी. अरुण खुद को कोस्ता हुआ पानी के नीचे खड़ा हो गया.
आरोही ने अपने शॉर्ट्स को निकाल दिया था और अब वो अपनी स्पोर्ट्स ब्रा और पैंटी मे खड़ी थी. पसीने के कारण उसका शरीर बाथरूम की रोशनी मे चमक रहा था. अरुण ने एक गहरी साँस ली और दूसरी ओर देखने लगा.
अरुण शवर बंद करके टवल उठाने लगा.
"हे भगवान, ढंग से तो नहा लो. वहीं रूको, मैं आती हूँ." आरोही चिल्लाते हुए बोली.
अरुण कुछ बोलने को हुआ लेकिन तब तक उसके शरीर मे दर्द होने लगा. "शायद अभी मेरी बॉडी काम करने लायक नही है," उसने सोचा.
तब तक आरोही शवर के नीचे आ गयी थी और उसके हाथ मे वॉशक्लॉत था.
"पलट चिकने," उसने कहा तो अरुण लंड को छुपाए हुए दूसरी तरफ मूड गया. आरोही ने लिक्विड सोप को वासक्लॉत पर लिया और उसकी पीठ पर लगाने लगी. अरुण उसे मन ही मन थॅंक यू कहने लगा कि कम से कम उसने खुद के कपड़े तो नही उतारे. आरोही के हाथ उसकी गर्दन कंधे से होते हुए उसके चूतड़ पर पहुच गये.
"लो, अब इसे तुम खुद ही सॉफ करो," उसने उसको वॉशक्लॉत देते हुए चुतड़ों की तरफ इशारा कर दिया और खुद दूसरा उठाने के लिए वापस जाने लगी.
अरुण ने जल्दी से अपने चूतड़ रगडे और कपड़े को साइड मे बास्केट मे डाल दिया. "थॅंक्स फॉर हेल्प."
"इतनी जल्दी नही, ईडियट," वो दोबारा शवर के नीचे आते हुए बोली. अरुण फिर मन ही मन खुद को गाली देने लगा. आरोही नीचे बैठी और उसके पैरो को सॉफ करने लगी.
"पलटो," उसने कहा तो अरुण लंड के उपर हाथ रखे रखे ही उसकी ओर मूड गया.
"एक सेकेंड इसे पकड़ना," उसने कपड़े को अरुण को दिया तो उसने एक हाथ से उसे पकड़ लिया और मन मे ही अपना सिर पीटने लगा. तब तक आरोही अपने टॉप को उतारने लगी.
"आरू, ये क्या...." उसने कहा.
"अरे ये भीग गया है ना तो बड़ी दिक्कत हो रही है. और तुमने मुझे पहले भी नंगे देखा है." उसने जवाब दिया.
अरुण ने आँखें बंद कर ली लेकिन जब खोली तो उसकी आँखो के सामने उसके पर्फेक्ट साइज़ के दूध थे जिनके निपल बिल्कुल खड़े हुए थे. आरोही झुककर अपनी पैंटी भी उतारने लगी.
"आह, सो गुड," आरोही बोली और उसके हाथ से कपड़ा छीन लिया.
अरुण अपनी आँखो को बंद करने की या साइड मे देखने की कोशिश करने लगा लेकिन नाकाम रहा. आरोही ने देखा भी लेकिन उसने कुछ नही कहा.
आरोही सामने से उसके सीने, हाथो पेट को सॉफ करने लगी.
"हाथ उपर करो," उसने आदेश दिया और उसकी बगल सॉफ करने के लिए. जब अरुण ने हाथ उपर नही किए तो वो थोड़ा ज़ोर से बोली. "उपर!"
अरुण ने एक गहरी साँस ली और अपने आधे खड़े लंड को छोड़कर हाथ उपर कर दिए. आरोही अपनी हँसी पर काबू करते हुए उसे सॉफ करती रही. सॉफ करते करते जितना उससे हो सकता था वो उसके उतना पास बढ़ गयी. फिर बैठकर उसने दोबारा उसके पैरो को सॉफ करना शुरू कर दिया. अरुण का लंड उसके सामने ही झूल रहा था, अरुण ने अपने लंड को छुपाने के लिए हाथ नीचे किए तो आरोही ने उसके हाथ झटक दिए और कपड़े को लंड पर रगड़ने लगी. सॉफ करने के चक्कर मे उसने 2 तीन बार उसे आगे पीछे कर दिया फिर उसके टेस्टेस सॉफ करने लगी.
Subah jagne ke baad Arun kapde pehne hue breakfast kar raha tha jab Aarohi aur Soniya niche aayi. Aarohi ne yoga pants aur ek t-shirt pehni thi aur Soniya aise hi
simple t-shirt aur shorts me thi. Aarohi uske samne matakte hue fridge ke aage jhuki to Arun ne thook ko jaldi se nigla.
Sink ke paas khadi Supriya apni hansi ko rokne lagi.
"Gaand,"
Arun ek dum se charo or dekhne laga. "Ye kya tha?"
Char sir uski or dekhne lage.
"Tum logo ne nahi suna?" Usne pucha. Unke chehre ke expressions ne uska jawab de diya. "Never mind," usne plate ki taraf dhyan dete hue kaha. "Mera dimag kharab ho gaya hai," usne socha. Use pkka lag raha tha ki usne kuch suna. Lekin jaise ki koi bahut door se bola ho.
"To, aaj shopping day hai?" Aarohi boli.
"Huh?" Arun bola.
"Car ki." Aarohi ne baat samjhai.
"Yep. Class ke baad." Arun khate hue bola.
"Konsi?" Sneha ne milkshake pite hue pucha.
"Wahi jo pehle thi." Arun ne normally kaha.
"Colour?" Supriya ne pucha.
"I dont know. Same, I guess."
"Oh come on dude, kam se kam colour to change karo," Aarohi uske sir par dhire se marte hue boli.
Arun ne uske hath par mar diya to dono halke se karah diye. "Okay, colour change kar denge."
"Konsa?" Sneha ne pucha.
"Wahi chal ke dekhte hain."
Uske baad wo Aarohi ki car me jake baith gaya. Tab tak seb khate hue Aarohi bhi aa gayi aur adha bacha hua use de diya.
"To date kaisi thi?" Aarohi ne car start karte hue pucha.
"Ummm, fine, lekin Esha..badal gayi hai."
"Yeah, mujhe bhi laga. But you still like her?"
Arun ne sir hila diya. "******* use suit nahi hua. It was life changing for her."
"Kaise?"
Arun chup raha lekin Aarohi bhi shant rahi. Use pata tha ki Arun use bata hi dega, akhirkar un dono ke beech kabhi koi baat nahi chupi thi, mostly. Usne socha.
"Use waha ek ladka mila," usne kaha.
"Does that bother you?" Aarohi ne uska reaction janane ke liye pucha.
Arun ne sir hilakar mana kar diya. "Nahi, means ye to hona hi tha. Aur waise bhi maine bataya tha ki we're never really in love. I just liked her."
Aarohi sir hilakar aage dekhti rahi.
"And he was her first, aur usse bhi mujhe koi problem nahi hai. Yaha tak jo kuch usne mujhe bataya mujhe uski kisi baat se koi problem nahi aayi. Bas ye thoda ajib hai.
Matlab jo kuch us ladke ne usse karwaya..uske bare me sochkar mujhe gussa aati hai...lekin main use judge nahi kar sakta."
Aarohi use sawaliya najro se dekhne lagi tab Arun ko samajh aaya ki aadhi baat use pata hi nahi thi.
"Oh sorry. Main mujhe yaad nahi raha ki tumhe pata nahi hai. Esha ne bataya ki wo ladka thoda ajib tha. Shuruat me to thik raha, jaise ki shuru me uski care karna
wagairah wagairah lekin baad me wo un dono ke sath dusri ladkiyan shamil karne laga. Esha ne bhi socha college hai to try karne me kya harz hai. And she loved it aur wo bhi saath deti rahi. Lekin baad me wo apne dosto ko bhi saath me lane laga aur threesome foursome hone lage, jisse uske college me Esha ki reputation ban gayi ki wo kuch bhi kar sakti hai."
"Esha?" Aarohi chowkte hue boli. "Wo to gali tak nahi sun pati thi. Kitni baar usne mujhe is baat par lecture pilaye?"
Arun ne sir hila diya. "I know. To ek baar wo ek party me gayi aur waha pehli baar vodka try ki. To obviously hosh khona hi tha, jab wo jagi to wo kafi ladko ke bich
thi aur samne uska boyfriend kisi aur ladki ke sath tha. Aur use dukh is baat ka hai ki use ye sab pasand aaya."
Aarohi ne college ki taraf wali road par gadi mod di.
"Usi dauran uske parents ka divorce ho gaya kyuki uski mummy uske papa ke sath cheat kar rahi thi. Uske baad wo wapas aa gayi, for good I guess."
"Thank god. Waise bhi this is her home. I'm glad she's back." Jab usne ye kaha to use realize ki wo sach me in shabdo ko manti thi. Use ab Esha se dar nahi lag raha
tha.
"Me too," Arun bola. "Agar hum dono ne dating start nahi kari fir bhi main kam se kam uska dhyan to rakh hi sakta hoon."
Aarohi muskura di. "Jab tak tum ye nahi bhulte ki ghar me char beheno ko bhi tumhare dhyan ki jarurat hai tab tak sab thik hai."
Arun uski taraf smile karne laga. "Always. You girls are always my top priority. Waise Soniya ne kuch kaha kya?"
Soniya ka naam sunate hi Aarohi ki choot halki si geeli ho gayi, use un dono ka kiss aur uske nipple ka dhyan aane laga.
"Nahi. Main hoon na, wo mere paas so gayi thi. I'll take care of her." Aarohi boli.
Tab tak wo log college aa gaye aur Aarohi utarkar aage jane lagi to Arun uski gand ko hi dekhta raha.
"Meri chabanni gir gayi hai, pkka." usne socha.
*******
Jab dono ghar pahuche to Supriya tayyar hoke sofe par hi baithi thi.
"Chale?" usne pucha.
Kuch ghante baad unke garaj me nayi gadi khadi thi same colour ke sath. Aarohi ke lakh manane ke baad bhi usne gadi ka colour wahi rakha.
Gadi dekhne ke baad sabhi andar aaye aur wahi routine hua jo roj hota tha. Khana, tv fir neend.
Arun ne niche check kiya ki lock pada hai fir apne room ka gate khola fir ek dam se band kar diya. Andar soniya sirf painty pehne dusri taraf muh karke uske cupboard me kuch dhund rahi thi. Arun ne jaisi hi uski nangi peeth dekhi turant hi darwaja band kar diya. Fir dhire se knock kiya.
"Come in," Soniye ki meethi si awaz aayi.
Arun andar aaya aur uski peeth ko dekhte hue bed par baith gaya. Soniya abhi bhi uske closet me kuch dhoond rahi thi. Kuch der baad wo palti,"Tumhari koi purani shirt nahi hai jo main pehen saku?"
Arun ne apni ankho par hath rakh liye. "Soniya, kapde to pehen leti."
"Hihihi, bhai aap itna kyu sharma rahe ho. Pehle bhi to apne mujhe aise hi dekha hai. Aur main wahi to dhoond rahi hoon. Ek to aap ke paas letne ko nahi mil rhaa to
socha ki kam se kam apki shirt hi mil jayegi, please. De do na koi." Soniya apni baat samjhate hue boli. Andar hi andar wo thoda khush bhi ho rahi thi.
Arun ne ankho par hath rakhe hue hi dusre drawer se shirt nikali. "Nahi ye nahi," tabhi wo use wapas rakhne laga kyuki us shart me do tin chhed the.
"Nahi," usne aage badhkar wo shirt chhin li. "This is fine," usne jaldi se kaha. Arun dusri taraf palat gaya to Soniya ne wo t-shirt pehen li. "Done, bhai."
Arun ne palatkar dekha to bas dekhta hi raha. Uski t-shirt aur sirf painty me wo bahut hot lag rahi thi. Ek chhed to shirt me just doodh ke niche tha to thoda sa
underboob bhi dikh raha tha. Arun ka lund jo pehle se hi halka sa khada tha aur kathor hone laga.
"Pkka tumhe yahi pehnana hai?"
"Yeah, its so soft." usne shirt ko sehlate hue kaha.
"Fati hui hai." Arun jaban sambhalte hue bola.
Soniya hansne lagi. "Kuch hi jagah to ched hai bhai."
"Haan, doodh ke niche," usne socha.
Soniya fir uske paas aayi aur uske gaal par kiss kar diya. "Love you bhai, good night. Happy ninni."
Arun ne bhi uske doodho ko seene par najarandaj karke gaal par chum liya. Fir wo waha se chali gayi.
Us raat uske sapne Soniya ke bare me hi the. Soniya uske kapde faad rahi thi aur apne nakhun uski khal par chala rahi thi aur uske lund par muh rakh rahi thi.
********
Agli subah Arun jaldi utha aur seedhe bathroom chala gaya. Waha wo shave kar hi raha tha ki darwaje par knock hua. Darwaja khula aur Sneha ka chehra andar aaya. Usne bhi Arun ki hi purani shirt pehni hui thi lekin aage se khuli hone ke karan uski bra painty dikh rahi thi.
Arun shave karte hue katate katate bacha.
"Dii..." Arun apni najre ferte hue bola.
Sneha masumiyat se khud ko dekhne lagi. "Kya hua? Main to nahane aayi thi."
"Nahi,...di..abhi nahi.." Arun jab tak usko rokta tab tak wo shower ke niche khadi ho gayi aur pani chalu kar diya. Usne shirt ko nikal kar dusri taraf muh kar diya aur
bra ke hook ko khol diya to Arun ne jaldi se apni najre feri aur jaldi se jaise taise shave karke apne room me chala gaya. Kapde pehenane ke baad usne Esha ko sms kiya ki kya wo aaj raat ko bahar chalegi to udhar se haan me jawab aa gaya.
Arun ne reply kar diya ki baad me call karega uske baad niche chala gaya. Baki ki subah normal hi thi. Aaj chutti thi to wo backyard me chala gaya. Bahar se thodi
mehnat karke wo andar aaya hi tha ki Aarohi running karke aa rahi thi. Usne Arun ko bathroom me jate dekha to turant hi wo bhi piche chal di.
Arun darwaja band hi karne wala tha ki tab tak Aarohi ne hath badhakar khol diya aur andar aa gayi.
"Main help kar doon, shirt utarne me."
"Nahi,"
Aarohi ne uski baat nahi suni aur aage badhne lagi. Arun bhi janta tha ki mana karne ka koi fayda to tha nahi to wo bhi shower ke niche badhne laga. Usne Aarohi ke komal hatho ka sparsh apni kamar ke upar mahsoos kiya, jaha usne shirt ko upar uthaya aur uske hatho se nikalkar side me basket me daal di. Arun ye sochkar palta ki ab wo chali jayegi lekin tab tak Aarohi ke hath uske shorts par pahuch chuke the.
Arun ne turant hi uski kalai pakad li. "Aaru, main kar loonga."
"Idiot, main kar rahi hoon na."
Arun jab tak mana karta tab tak Aarohi ne uske shorts ko boxers ke sath hi niche khich diya to Arun jaldi se mudkar apna lund chupane laga.
"Aaru, what the fuck?"
"Come on, Arun, remember we are twins, kitni baar tumhe nanga dekha hai. Relax. Aur jaldi nahana." ye kehkar wo shower se bahar chali gayi. Arun khud ko kosta hua pani ke niche khada ho gaya.
Aarohi ne apne shorts ko nikal diya tha aur ab wo apni sports bra aur painty me khadi thi. Paseene ke karan uska shareer bathroom ki roshni me chamak raha tha. Arun ne ek gehri saans li aur dusri or dekhne laga.
Arun shower band karke towel uthane laga.
"Hey bhagwan, dhang se to naha lo. Wahi ruko, main aati hoon." Aarohi chillate hue boli.
Arun kuch bolne ko hua lekin tab tak uske shareer me dard hone laga. "Shayad abhi meri body kaam karne layak nahi hai," usne socha.
Tab tak Aarohi shower ke niche aa gayi thi aur uske hath me washcloth tha.
"Palat chikne," usne kaha to Arun lund ko chupaye hue dusri taraf mud gaya. Aarohi ne liquid soap ko wascloth par liya aur uski peeth par lagane lagi. Arun use man hi man thankyou kehne laga ki kam se kam usne khud ke kapde to nahi utare. Aarohi ke hath uski gardan kandhe se hote hue uske chutad par pahuch gaye.
"Lo, ab ise tum khud hi saaf karo," usne usko washcloth dete hue chutado ki taraf ishara kar diya aur khud dusra uthane ke liye wapas jane lagi.
Arun ne jaldi se apne chutad ragde aur kapde ko side me basket me daal diya. "Thanks for help."
"Itni jaldi nahi, idiot," wo dobara shower ke niche aate hue boli. Arun fir man hi man khud ko gali dene laga. Aarohi niche baithi aur uske pairo ko saaf karne lagi.
"Palato," usne kaha to Arun lund ke upar hath rakhe rakhe hi uski or mud gaya.
"Ek second ise pakadna," usne kapde ko Arun ko diya to usne ek hath se use pakad liya aur man me hi apna sir pitne laga. Tab tak Aarohi apne top ko utarne lagi.
"Aaru, ye kya...." usne kaha.
"Are ye bhig gaya hai na to badi dikkat ho rahi hai. Aur tumne mujhe pehle bhi nange dekha hai." usne jawab diya.
Arun ne ankhen band kar li lekin jab kholi to uski ankho ke samne uske perfect size ke doodh the jinke nipple bilkul khade hue the. Aarohi jhukkar apni painty bhi
utarne lagi.
"Ah, so good," Aarohi boli aur uske hath se kapda chin liya.
Arun apni ankho ko band karne ki ya side me dekhne ki koshish karne laga lekin nakam raha. Aarohi ne dekha bhi lekin usne kuch nahi kaha.
Aarohi samne se uske seene, hatho pet ko saaf karne lagi.
"Hath upar karo," usne adesh diya aur uski bagal saaf karne ke liye. Jab Arun ne hath upar nahi kiye to wo thoda jor se boli. "UPAR!"
Arun ne ek gehri saans li aur apne adhe khade lund ko chodkar hath upar kar diye. Aarohi apni hansi par kabu karte hue use saaf karti rahi. Saaf karte karte jitna usse
ho sakta tha wo uske utna paas badh gayi. Fir baithkar usne dobara uske pairo ko saaf karna shuru kar diya. Arun ka lund uske samne hi jhul raha tha, Arun ne apne lund ko chupane ke liye hath niche kiye to Aarohi ne uske hath jhatak diye aur kapde ko lund par ragadne lagi. Saaf karne ke chakkar me usne 2 tin bar use aage piche kar diya fir uske testes saaf karne lagi.