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Guest
पूजा ने मेरे लंड के टोपे पे कुछ 10 सेकेंड्स ही जीभ घुमाई, और मेरे लंड ने पानी छोड़ दिया, जिसे पूजा ने बड़े आसानी से पी लिया... मैं अब भी पूजा की चूत पे लगा हुआ था.... एक बार पानी निकालने के बाद पूजा मेरे लंड को फिर चूसने लगी और टट्टों पे थप्पड़ मारने लगी... साथ साथ मैं भी उसकी गान्ड पे मारने लगा जो हवा में उँची उठी हुई थी..
"उम्म्म्म अहहहः.. स्पॅंक हार्ड अहहाहा.. और माअरो मुझे अहहहः... मैं बहुत रंडी हो गई हूँ अहहहहः.. मेरी चूत और गान्ड की यही सज़ा है आहहहहा..." पूजा मेरे लंड की मूठ मारने लगी थी... धीरे धीरे मेरा लंड भी फिर खड़ा होने लगा और एक दम तन चुका था.. जैसे ही मुझे एहसास हुआ इसका, मैं बेड से उठके नीचे ज़मीन पे सो गया, पूजा ने भी देरी ना करते हुए नीचे आके मेरे लंड को चूसने लगी....
"उम्म्म अहहहहहा... और चूस ना मेरी रांड़ बीवी अहहाहा सीईईई.. मज़ा आ रहा है आहहहहहा...... और ले ना अंदर अहहहहहहा... स्लर्प स्लर्प आआहहहाहा स्लर्प आहाहहाहा.." मैं पूजा की चूत चाट के बोलने लगा....
"आऊम्म्म्म्म.. गन गुणन्ं अहहाहा सीईइ.. मैं तो हूँ ही खानदानी रंडी आआआहहा.... मेरी मा को भी चोद डाला आपने अहहहहा..... और किसको चोदोगे मेरे भडवे सैयाँ आहहहहहा..... गुणन्ं गुणन्ं गुउन्न्ं.... आहहहहा मैं गयी अहहहहाहा.. और चूस्सूओ आहहाहहः चकूवसोसाहह आओह मुम्मयाहहाहा मैं गई उम्म्म..." पूजा दूसरी बार झड़ने लगी, और मैने उसका पूरा पानी गटक लिया...
मैने इस बार पूजा को नीचे ज़मीन पे लिटाया, और उसकी पीठ पे आके अपना लंड उसकी चूत के छेद पे सेट किया...
"उम्म... मेरे सैयाँ अहहाहा... रंडी की गान्ड मारो ना अहहाहा... चूत से क्या होगा अहहहहा" पूजा मदहोश होके बोलने लगी..
मैने अपना लंड उसकी गान्ड के छेद पे सेट किया जो बहुत गीला हो चुका था, सेट करके एक ही झटके में पूरा का पूरा अंदर घुसा दिया. ज़मीन पे होने के कारण और मैं उसके उपर था, पूजा बिल्कुल भी हिल नहीं सकती थी और लंड का झटका शायद सह नही पाई..
"अहहहहहहहहः..... ओह निकाल लो इसे अहहहहः... साले भडवे अहहहहहहहाः मैं मर जाउन्गि आहाहहः.....ओह्ह्ह आहहहहा निकाल ले रंडी के साले आआहहहा...... नाआ नाआ मैं मर जाउन्गि मम्मी अहहहः...... नूऊऊओ...." पूजा की आँखें अब आँसू छलकने लगे.... मैं कोई दया भाव नही दिखाना चाहता था, इसकी गान्ड तो मारनी थी, अब क्यूँ चोदु मैं... मैं अपने धक्के और तेज़ करता गया.. पूजा की चीखें बढ़ती गयी हर धक्के के साथ.....
"फ़च्छ फ़चह.... ओह्ह्ह्ह अहहाहाहहा... फ़च फ़च... आहहहाः... और डालो ना आहहहहः... मज़ा आ गया आहाहः.. फ़चह फ़चह.. उम्म्म्म आहहाहः..." इन आवाज़ों के साथ रूम पूरा गूँज उठा था... करीब 10 मिनट तक पूजा की गान्ड चुदाई करने के बाद, मैं उसके उपर से उठा और उसके बाल पकड़ के उसे भी खड़ा किया.. उसकी आँखों में अभी भी मदहोशी झलक रही थी... हम एक दूसरे को आँखों में देख रहे थे, देखते देखते फिर वापस स्मूच करने लगे... ये स्मूच बहुत ज़्यादा जंगली था..
पूजा के बाल खींच के मैं उसे डाइनिंग टेबल के पास लाया, और उसे फिर पेट के बल डाइनिंग टेबल पे लेटा दिया और उसकी टाँगें हवा में लटका दी... जैसे ही वो मेरी डिज़ाइयर्ड पोज़िशन में आ गयी, मैं एक बार उसकी चूत के पास गया और उसपे काफ़ी सारा थूक लगाया... लंड सेट किया और एक झटके में लंड उसकी चूत के आरपार कर दिया... ये धक्का वो सहन कर ली और मज़े में लेके बोलने लगी..
"अहहहहहा... अहहहहाः और चोदो ना अहहहहा येई तो मेरी फेव सेक्स पोज़िशन है अहहहाहा... आपका लंड मेरी हलक तक महसूस हो रहा है अहहहः.... और चोदो अहाहाहहा... अहहहहाहा...यॅ आहहा फक मी हार्ड बेबी अहहहहहा.. यस यस यस यस अहहहहहः ओह आइ अम कमिंग बेबी अहहहहहा...... कमिंग अहहहहहहहा........ " ये कहके पूजा तीसरी बार झाड़ गयी... उसका पूरा रस मेरे लंड पे बहने लगा जिसकी वजह से मेरे लंड पे चमक बढ़ गयी...