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Guest
करीब आधे घंटे में रिश्तेदारों से फ्री होके, नाश्ता किया और ललिता और मैं बाहर चले गया.. 11.15 को हमने गाड़ी स्टार्ट की और सीधा दौड़ा दी प्रसाद की ऑफीस की तरफ.. प्रसाद की ऑफीस के नीचे पहुँचे, और हमने 15थ फ्लोर की लिफ्ट ले ली... उसकी ऑफीस के बाहर पहुँचे
"ए के प्रसाद..... लीगल काउनसेलर" उसकी ऑफीस के दरवाज़े पे बड़ा बोर्ड लगा था, सुनहेरे अक्षरों में लिखा हुआ
"मिस्टर प्रसाद, कॅन वी कम इन प्लीज़" मैने उसकी ऑफीस को नॉक करके पूछा
"ओह.. यस प्लीज़ कम गाइस.... वॉट विल यू हॅव" प्रसाद ने हमारा स्वागत किया
"नतिंग सर , थॅंक यू वेरी मच.." ललिता ने कहा
"टेल मी चिल्ड्रेन , हाउ कॅन आइ हेल्प यू"
"सर, आफ्टर ऑल दा थिंग्स व्हिच वी हॅव टोल्ड यू, वी हॅव दा पेपर्स व्हिच यू वान्ट... वी वुड रिक्वेस्ट यू टू प्लीज़ कम इन अट दिस अड्रेस ऑन 19थ जुलाइ.. वी विल हॅंड ओवर दा पेपर्स टू यू आंड यू विल बी टेस्टिफाइड ऐज विटनेस इन फ्रंट ऑफ दा पोलीस.. होप यू डोंट हॅव एनी प्राब्लम विद दट" ललिता ने उसे मेरा कार्ड पकड़ाते हुए कहा
"मिस्टर वीरानी... दा सन ऑफ वीरानी मॅनीयूफेकचॅरिंग प्राइवेटलिमिटेड..." प्रसाद ने कार्ड देखा, और फिर मुझे देखा
"राइट सर..." मैने हंस के कहा
"ओह माइ लॉर्ड... हाउ डिड आइ नोट नो दिस... गोद ब्लेस्स यू माइ बॉय, आंड यू गर्ल.... युवर डूयिंग आ वेरी नोबल कॉस... गिव माइ रीगार्ड्स टू मिस्टर वीरानी, ही हॅज़ डन फ्यू केसस वित मी इन हिज़ बिज़्नेस.. आम शुवर ही रिमेंबर्ज़ माइ नेम"
"ओफ़कौर्स सर.. आइ विल डू तट.. जस्ट मेक शुवर यू रीच हियर बाइ 1 PM प्लीज़..."
"डोंट वरी गाइस... आइ विल बी देअर" प्रसाद ने हमे आश्वासन दिया
हम प्रसाद के वहाँ से निकले और तुरंत हमारे ट्रॅवेल एजेंट के पास गये...
"मिस्टर वीरानी.. आइए, हाउ वाज़ युवर इंडोनेषिया ट्रिप.." ट्रॅवेल एजेंट ने मुझे पूछा
"वंडरफुल... अभी ये पासपोर्ट्स हैं मेरे भाई और पेरेंट्स के... 20थ को ऑस्ट्रेलिया, एनितिंग पासिबल"
"ओफ़कौर्स, वीसा जल्दी लगवा दूँगा मैं.. आप फ़िक्र ना करें, वीरानी के नाम से तो भला कौन मना करेगा हमे" ट्रॅवेल एजेंट ने पासपोर्ट लेते हुए कहा
"ओके सर.. मेरे पास आपकी बॅंक डीटेल्स हैं, मैं उसमे 50,000 के स्लॉट्स में पैसे ट्रान्स्फर कर देता हूँ... अलग अलग बॅंक अकाउंट से आएँगे, सिन्स देअर् ईज़ आ लिमिट फॉर नेफ़्ट"
"नो प्राब्लम जी... आपके पापा घूम के आए आप पैसा बाद में दीजिए, उसकी फ़िक्र ही नहीं है"
"जी नहीं , उसकी नो नीड.. हमे चलना चाहिए" कहके मैं और ललिता बाहर आ गये
"ओह नो... वेट, मैं अभी आया.." मैने बाहर आके कहा
"नाउ व्हाट भाई.. वी आर ऑलरेडी लेट" ललिता पीछे चिल्ला रही थी
मैं दौड़ के वापस ट्रॅवेल एजेंट के पास आया
"सुनिए, ये एक और पासपोर्ट है, इसका भी ऑस्ट्रेलिया ट्रिप कीजिए प्लीज़" मैने ललिता का पासपोर्ट देते हुए कहा, और जल्दी से बाहर आ गया
"अब चलें..." ललिता ने गाड़ी में बैठे हुए मुझसे सवाल पूछा
हम जल्दी से गाड़ी में घर की तरफ निकले, 1 बजे के टाइम पे हम 1.20 को पहुँचे... शुक्र है मोम अब तक तैयार नहीं थी... हम 10 मिनट में निकले, पूरा दिन हमने शॉपिंग लंच, गेम्स भी खेले... इन शॉर्ट हमने बहुत एंजाय किया.. मोम डॅड के साथ विजय और शन्नो ने भी शॉपिंग की.. ललिता ने भी अपने लिए कुछ कॅषुयल कपड़े लिए.. कॅषुयल क्यूँ
"भाई.. सेम सवाल करोगे तो सेम जवाब मिलेगा ओके" कहके ललिता फिर अपने कपड़ों के सेलेक्षन में लग गयी..
दिन के अंत में हम थक हार के घर वापस आए.. आके जल्दी से सब लोग अपने कमरे में सो गये, और फिर मैं और ललिता मेरे रूम में ही बैठे थे..
"भाई, मज़ा आ गया ना आज तो बहुत" ललिता ने अपने कपड़े दिखाते हुए कहा
"भाई.. भाई.. व्हेअर आर यू लॉस्ट" ललिता ने मुझे कंधे से हिला के पूछा
"ललिता.... व्हाई डू यू हेट हिम... इट्स बिन आ एअर नाउ ऑलमोस्ट..." मैने फिर ललिता से पूछा
"भाई, वन मोर टाइम यू टेक हिज़ नेम, आंड ई विल बी आउट ऑफ हियर" ललिता ने अपने कपड़े फेंक के कहा
"ललिता.. चिल... मेरा सवाल सुनेगी अब प्लीज़..."
"बोलो"
"व्हाट इफ़ ही ईज़ बिहाइंड ऑल दिस... ईवन ही ईज़ आ फॅमिली........ राइट ?????"