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मेरी हॉट मामी की सेक्स स्टोरी- 2

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(Meri Hot Mami Ki Sex Story- 2)

सुबह जब उठा तोह देखा अब मामाजी अपना काम ख़तम कर के घर लौट चुके थे और बैडरूम में सो रहे थे । मैं मुँह हाथ पानी में धो के बाथरूम के पास ही खड़ा था की तब मामी नाहा के अपनी गीली बदन के ऊपर टॉवल लपेटे हुयी थी और अंदर लाल रंग की ब्रा पहनी थी रात में चुदाई करते वक़्त जो सब उपयोग किया था वो चादर नाइटी पैंटी सब धो के बाथरूम के सामने सूखा रही थी । तब मामी की गीले बदन से टॉवल सरकते हुए निचे गिर गया ।

ओह माय गॉड तब क्या नज़ारा था मामी की ऊपर से रेड ब्रा और निचे पिंक चूत को देख के क्या लग रहा था वह मैं पूरा बता नहीं सकता आपको । मामी की जिस्म को ५-६ सेकंड तक देखता रहा, मामी जैसे मेरी तरफ मुड़ी वो मुझे देख के अपनी गीले कपडे वहीं पे सब गिरा के वह टॉवल लपेट के अपनी कमरे में चली गयी । मामी को उस हालत में देख के मेरा खड़ा हो गया था । मैं तुरंत बाथरूम के अंदर चला गया और कमोड पे बेथ के मामी की फिगर को मन में सोचते हुए अपना लंड को हिला के हस्तमैथुन कर के अपना पानी निकल दिया ।

फिर मन ही मन मे मैं सोचने लगा की मामी को कैसे अपने जाल मे फंसा के उनकी चूत और चुची के साथ मज़ा लूंगा बाथरूम में बैठे बैठे सोच रहा था की मामाजी आ के बाथरूम के दरवाजा थोक के बोले की मुझे जोर की लगी है तू जल्दी बहार निकल । मैं अंदर से मामाजी को बोल दिया हाँ मामाजी मैं बस ५ मिनट मे फ्रेश हो के निकल रहा हूँ । उसके बाद मामाजी ठीक है बोल के अपने बैडरूम में चले गए तब मामी यातर हो रही थी तो मामाजी ने मामी को पीछे से जा के अपने बहो मे ले लिया और मामी के साथ रोमांस करते हुए मामी को साड़ी पहने से रोक के उनके गले और लिप पे किश कर रहे थे ।

तब मामी अपनी साड़ी कमर तक ही पहनी हुयी थी और ऊपर से अपनी चुची ऊपर ब्रा था और उसके ऊपर ब्लाउज पूरा खुला हुआ था मामाजी खड़े खड़े मामी की चुची को ब्रा के ऊपर से ही मसल रहे थे और मामी उन्हें रोकते हुए बोल रही थी थोड़ा शर्म करो घर में जवान भांजा है तुम मेरे साथ ऐसे करते हुए देख लेगा तो वह क्या सोचेगा? मामाजी बोले की कुछ वह यह सब देख के सोचेगा की मैं तुम्हे कितना प्यार करता हूँ वह जानेगा ।

फिर मैं जब बाथरूम से नाहा के निकला तब मामी अपनी साड़ी ठीक करते हुए अपनी बैडरूम से निकली और रसोई घर को जाने लगी थी मामी की साड़ी ट्रांसपेरेंट होने के वजह से उनकी ब्लाउज पूरा देखे दे रहा था और साथ में मामी हड़बड़ी में ब्लाउज के ठीक से पहनी नहीं थी तोह अंदर की ब्लैक ब्रा के साथ उनकी चुची की आकार पूरा मस्त दिखाई दे रहा था । दिन तोह आम जैसे गुजर गया अब शाम हो चूका था , मामाजी ने अपने काम पे जाने से पहले मामी को बिस्तर पे सुला के पूरा १ घंटे तक उन दोनों का घपाघप चलता रहा और मामी की आवाज़ मेरे कमरे तक सुनाई दे रहा था ।

उसके बाद मामाजी फ्रेश हुए मामी एक नाइटी पेहेन के बहार निकली और उसके निचे वह कुछ भी नहीं पहनी थी तोह उनकी बड़ी बड़ी चुची के निप्पल उनकी नाइटी पे साफ दिख रहे थे । मामाजी अपना काम कर के वह अपने काम पे चले गए, तोह मैं समझ गया आज रात को भी मामी दीपक के साथ अपनी बिस्तर गरम करेगी तोह मैं अपने कमरे मे सोने का नाटक करने लगा । करीब रात के ११।३० को दीपक ने मामी को कॉल किया तोह मामी उसके साथ फ़ोन मे बात करते हुए मुझे देखने मेरे कमरे मे आयी, मैंने अपना कमरा अँधेरा कर के रखा था ।

मामी ने लाइट लगा के मुझे देखने लगी मैं सोया हूँ या नहीं और वह मुझे २-३ बार हिला के उठाया पर मैं जान बुझ के गहरी नींद मे सोने का नाटक किया फिर मामी ने दीपक से बोली अपना काम हो जायेगा तुम जल्दी आजाओ । मामी ने दीपक से पूछने लगी आज किस रूप में मुझे देखना चाहते हो? दीपक ने जवाब दिया की आज वो मामी को बिस्तर में सिर्फ काले रंग के बिकिनी मे देखना चाहता है, मामी ठीक है बोल के मेरे कमरे का लाइट बंद कर के अपनी बैडरूम में खुसी से चली गयी और आलमारी से काला बिकिनी निकली और नाइटी उतार के पहले अपनी चूत की झांट साफ़ किया उसके बाद वह बिकिनी को पेहेन लिया।

माँ कसम उस बिकिनी में सनी लियॉन से बढ़ कर लग रही थी मामी की वह काले बिकिनी मे कुछ फोटो अपने मोबाइल से ले लिया उसके बाद दीपक ने घंटी मरने पर मामी ने दरवाज़ा खोला दीपक मामी को दरवाज़े पर ही उस बिकिनी अवतार देख के उसका मुँह खुला रह गया और पानी टपकने लगा था। बहार कोई यह सब देख ना ले इसलिए मामी ने बहार जा के दीपक का हाथ पकड़ के अंदर लायी और झट से दरवाज़ा बंद कर दिया।

मामी- अब मुझे देख के जितना लार टपकना है टपकाओ ।

दीपक- भाबी आप तोह मिया खलीफा और सनी लियॉन से भी ज्यादा हॉट और सेक्सी हो ।

मामी- हो गया तुम्हारा, मुझे चने के झाड़ में और मत चढ़ाओ जल्दी मेरे बैडरूम में चलो और मुझे अपने मोटा लंड पे अपनी प्यासी जिस्म को चढ़वानी चाहती हूँ।

फिर दीपक ने मामी को किश करते हुए मामी को बैडरूम ले गया, कुछ ही देर मे उन दोनों के रोमांचक भरा चुदाई शुरू हो गया। आज मुझे मामी को रेंज हाथ पकड़ के अपने जाल मे फंसाना था, क्यूंकि अब मामी किसी और के साथ रात बिताते हुए मुझे अच्छा नहीं लग रहा था औसर मुझे हस्तमैथुन कर के अपने लंड को शांत कर के रात मे सोना पड़ता था, मैं भी एक बार मामी की जिस्म के साथ उनकी रात रंगीन करने को मन मे चाहत बन गया था।

आज दीपक मामी को ऐसे चुदाई कर रहे थे मुझे तोह लग रहा था दीपक ने वियाग्रा खा के पूरी तैयारी के साथ आके मामी की चूत फाड् के साथ उन दोनों के चुदाई के आवाज़ पूरा बैडरूम गूंज रहा था। पर पता नहीं आज दीपक को क्या हो गया वह जल्दी अपना काम कर के मामी को नंगी हालत में बिस्तर पे छोड़ के चला गया। फिर कुछ देर बाद मामी दरवाज़े को बंद करने उठी तब मैं मामी के ऊपर नज़र टिका हुआ था , जब मामी बहार के दरवाज़ा पूरा बंद कर के अपने बिस्तर पे लेट के चूत पे ऊँगली कर रही थी तब मैं मामी की बैडरूम के अंदर चला गया और मामी को पकड़ लिया ।

मामी मुझे देख के झट से तकिया से अपनी चूत और दोनों हाथो से चुची को धक लिया और मुझे उनके कमरे से बहार जाने को बोलै तोह उनकी एक भी बात नहीं सुना और मैं उनकी तरफ बढ़ने लगा । मामी ने मामाजी से मेरे बारे मे शिकायत करने की धमकी भी दिया पर आज तोह मैंने ठान लिया था की मामी के साथ आज रात कुछ तो कर के रहूँगा। मामी बार बार धमकी दे रही थी अंत मे मैंने मामी की मुँह मे अपना हाथ रख के चुप कर के बोला जब मैंने आपकी सब देख चूका हूँ तोह छुपा के क्या होगा? मुझे पता है आप मामाजी के पीठ पीछे उनके दोस्त के साथ रात मे क्या रंग रैलियां मना रही हो आनेदो सुबह मामाजी को मैं सब आपके और उस अंकल के बारे मे सब बता दूंगा साथ वीडियो और फोटो भी दिखा दूंगा।

मामी मुझसे यह सुनके उनके पैरो टेल मनो ज़मीन फिसल गयी मामी ने झटसे मेरे सर को पकड़ के मेरे गाल पे किश करते हुए बात को बहलाने फुसलाने लगी पर मैं अपने बात पे टिका रहा। क्योंकी अगर मैं मामी की बात मे आ जाऊंगा तोह मेरा इच्छा अधूरा रह जायेगा, मामी की सब कोशिस बेकार जाने के बाद उन्होंने मुझसे मेरा इरादा जानने के लिए जब पूछने लगी तोह मैंने बता दिया मैं भी मामी की नंगी जिस्म के साथ रात भर खेलना चाहता हूँ। मामी यह बात सुनके मुझे एक जोर से थप्पड़ मरी और मैं थोड़ा रोते हुए मेरे कमरे को जाने लगा और मैं सब फोटो मामाजी के मोबाइल मे भेज दूंगा बोल मामी को थोड़ा डरा के आगया और मेरे कमरे का दरवाज़ा बंद कर के रह गया।

मामी कुछ देर में कपडे पहन के मेरे कमरे के पास आयी दरवाज़ा खटखटायी मैंने मामी को सोजाने को बोला जो होगा वो सुबह मामाजी आने के बाद सब होगा और मैंने यह भी बोल दिया की मैं मामाजी को सब फोटोज भेज रहा हूँ। मामी दर के मरे मुझसे माफ़ी मांगने लगी और दरवाज़ा खोलने को बहोत अनुरोध करने लगी और रोने लगी। मुझे मामी की रोना सहा नहीं गया और जाके दरवाज़ा खोल दिया, मामी रोते हुए अपनी साड़ी की पल्लू मेरे सामने उतर दिया और ऊपर सिर्फ ब्रा में थी प्लीज सौरभ तुम मेरे साथ जो करना चाहते हो करलो पर अपने मामाजी को वह सब मत भेजो। मैं बस अपनी जवानी की प्यास और एक बच्चे की माँ बनने के लिए यह सब करने को मज़बूर हो गयी थी।

तुम्हे क्या पता शादी के ४साल के बाद से हम ८-९बार हनीमून में गए थे फिर भी तुम्हारे मामाजी ने एक बार भी मेरे कोख पे एक भी बचचा नहीं दे सके इसलिए मैंने देखा की दीपक का नज़र हमेशा दुशरो की बीवी पे था तोह मैंने उसके साथ सोने के लिए मौका दिया था जो तुमने बी हमे रंगे हाथ पकड़ लिया। अब बताओ क्या तुम मेरे इस ख़ुशी की पूरा कर सकते हो? मैंने भी हिम्मत कर के मामी को जवाब दिया की अगर आपको कोई ऐतराज़ ना हो तोह मैं इस पल के लिए कबसे इंतज़ार मे था बस मुझे एक मौका दीजिये मामी आपकी हर ख्वाइश को मैं पूरा करूँगा।

मामी यह बात मुझसे सुन के उनकी चेहरे पे थोड़ा ख़ुशी दिखाई दिया और वो अपने आँशु पोछते हुए मेरे पास आयी मैं कुछ बोलता या कुछ करता मामी ने अपनी सेक्सी होंठ मेरे होंठ पे रख के लिप लॉक किश करनी चालू कर दिया। मैं क्या करू तब कुछ समझ नहीं आ रहा था क्यों की इतनी जल्दी यह सब होगा मेरे दिमाग मे नहीं आया था, मेरा हाथ इस वक़्त मामी की कमर पे था पर मामीने जानबूझ के मेरे दोनों हाथो को सीधा उनकी चुची पे थमा दिया और उसे दबाने को बोले तोह मेरा मन तब मानो एक आज़ाद पंछी की तरह उड़ने लगा था और निचे से मेरा लंड पूरा खड़ा हो के पैजामा मे तम्बू बन गया था। मामी मेरे पैजामा के अंदर हाथ दाल के लंड को निकल के बोली मेरे भांजे का लंड तोह काफी कड़क है इसको मैं डालूंगी तोह मेरे अंग अंग में बिजली दौड़ने लगेगी।

मामी- क्या तुम आज रात मुझे बिस्तर में नंगी कर के चुदाई की रानी बनाओगे या कल करोगे?

मैं- जब इतना आगे हम बढ़ चुके है तोह क्यों न आज सिर्फ मुझे थोड़ा चुदाई के क्लास में आज थोड़ा कुछ करलु फिर बाकि सब कल से शुरू करेंगे और पूरी रात करेंगे।

तब मामी इतना सुन के वह मेरे कपडे उतारने लगी और मैं भी उनकी साड़ी और ब्रा निकाल के हम दोनों पुरे नंगे हो के दोनों एक दुषरे को देख के शर्मा रहे थे। फिर मामी ने मेरे लंडको चूस के खड़ा करने लगी जब मेरा लंड डालने के लिए तैयार हो गया तोह मामी सीधा बिस्तर पे चढ़के घोड़ी बन गयी और उनके गांड मे डालने को बोली तोह मैं बिना समय गवाए सीधा उनकी गांड में दाल दिया पहले पहले तो मेरा लंड को अंदर दाल के उनकी गांड मरने से काफी दर्द हम दोनों को हो रहा था। फिर मामी ने लंड पे तेल लगा के फिर से डालने को बोली तोह मैं उनकी कमर को पकड़ के सीधा अंदर दाल दिया तोह मामी की चीख निकल पड़ी।

फिर मामी को उस रात ३-३।३० बजे तक उनके साथ उनकी गांड चुदाई का क्लास किया उस से पहले मैं मामी की गांड मे २-३बार अपना पानी छोड़ चूका था आखरी बार मे मैंने मामी की मुँह मे और चुची मे अपना वीर्य छोड़ दिया तोह मामी ने बड़े प्यार से अपने चुची पे मेरे वीर्य को मालिश करने लगी और मैं थक गया था मामी के बाजु मे लेट के सो गया।
 
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