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मैं और मेरा परिवार

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चॅप्टर 946आ

रोहन की फॅमिली के अचानक विज़िट करने से हम सब शॉक्ड हो गये

रोहन की फॅमिली एंगेज्मेंट करने के इरादे से आई थी

पंडित को देख कर कुछ शक तो हुआ और रोहन की भाभी संगीता ने हमारे शक को यकीन मे बदल दिया

छोटी चाची ने रोहन की माँ का मूह बंद करने के लिए ठाकुरजी का ईस्तमाल किया

और कुछ समय का इंतज़ाम किया ताकि हम आपस मे बात कर सके

स्वेता दीदी मेहमानों के लिए खाना बना रही थी

कोमल और विद्या उनकी मदद कर रही थी

नीता बुआ रोहन की भाभी के पास रुकी और बाकी सब अंदर के कमरे मे बात करने लगे

पूजा बुआ- अब क्या करे , ये तो अचानक आ गये

नेहा बुआ- आप घबरा क्यूँ रही है सब ठीक होगा ,हम हैं ना

पूजा बुआ - राज के पापा के बिना , मेरी तो कुछ समझ मे नही आ रहा है

ब चाची- मीना क्या करें तू ही बता ,

सी चाची- वो आज ही सगाई करने थोड़े आए है जो आप सब ऐसे परेशान हो रहे है

पूजा बुआ- डेट फिक्स करने आए है तो एक ही बात हुई ना

सी चाची- देखते है क्या डेट फिक्स की है , अगर सूट नही हुई तो चेंज कर लेंगे

नेहा बुआ- नही कर सकते डेट चेंज , देखा नही रोहन की माँ की बातें

पूजा बुआ- मेरी तो कुछ समझ मे नही आ रहा है

सी चाची- इसलिए तो ठाकुरजी को बुलाया है

ब चाची- ये अच्छा किया , ठाकुरजी की वजह से सब कंट्रोल मे रहेगा

पूजा बुआ- लेकिन

सी चाची- आप के हर सवाल का जवाब है मेरे पास , कविता लीना काम हो गया

कविता - 2 मिनिट और

नेहा बुआ - कर क्या रही हो ये तो बता दो

सी चाची- उनको जो बात करनी है वो राज के पापा से कर लेंगे , लॅपटॉप पे वीडियो चॅट करके

पूजा बुआ- हाँ हाँ, उनसे बात करने दो

ब चाची- सब ठीक हो जाएगा आप शांत रहो

नेहा बुआ - चलो उनके पास वरना उनको लगेगा कि हमने उनको अकेला छोड़ दिया है

सी चाची- आप जाइए मैं यहाँ सब संभाल लूँगी

छोटी चाची के होते हुए परेशान होने की क्या बात है

चाची ने सब संभाल लिया

रोहन की भाभी की हाँ मे हाँ मिलाने लगी

रोहन की माँ को कम बोलने दे रहे थे

और मैं रोहन के पापा के साथ बातें करके उनका टाइम पास कर रहा था

फिर ठाकुरजी ठकुराइन के साथ आ गये

ठाकुर और ठकुराइन की शान देख कर रोहन की माँ की बोलती बंद हुई

रोहन के पापा ठाकुरजी से अच्छे से बात करने लगे

ठाकुरजी ने आकर सब कुछ संभाल लिया

फिर धीरे धीरे बातों का सिलसिला शुरू हो गया

राज के पापा से फोन करके बता दिया कि रोहन की फॅमिली क्यूँ आई है

स्वेता दीदी और सीतल दीदी ने खाना बना लिया

खाने की खुश्बू पे रोहन के पापा ने तारीफ की खाने की

ठाकुरजी भी खाना यही खाने वाले थे

और हमारे लिए दावत लगाई गयी

ठाकुरजी के साथ खाना खाने से रोहन के पापा खुश थे

ठकुराइन के सामने रोहन की माँ भीगी बिल्ली बन गयी

ठकुराइन की हाँ मे हाँ मिलाने लगी

खाने का प्रोग्राम.अच्छे से निपट गया

खाने की तारीफ से स्वेता दीदी और सीतल दीदी खुश थी

खाना हो जाने के बाद थोड़ी देर आराम करने के बाद बातों का सिलसिला शुरू हो गया

ठाकुरजी- कहिए कैसे आना हुआ , शादी की बात कहाँ से शुरू करना पसंद करेंगे

रोहन के पापा - शादी कब करना है वो तो फिक्स हो चुका है बस डेट फिक्स करने आए है

ठाकुरजी-डेट भी फिक्स कर देंगे उसमे क्या परेशानी है

रोहन के पापा- हम तो पंडितजी को साथ लाए है

पंडितजी - आज हमारे भाग खुल गये जो आप से मुलाकात हो गयी

ठाकुरजी- हम लड़की वाले है , आप कहिए

रोहन के पापा - पंडितजी ने कुछ डेट निकाली थी शादी और सगाई की

बीच मे कविता आ गयी

कविता - मौसी , कनेक्षन लग गया

मधुबाला-बडो के बीच मे ऐसे नही बोलते

नीता बुआ- वो बडो को महफ़िल मे लाई है , कविता लॅपटॉप टेबल पे रख दो

मधुबाला - ये क्या है , मूवी देखेंगे अब

संगीता- मम्मी

सी चाची-ये राज के पापा से बात करने के लिए लाया है

रोहन के पापा - ये अच्छा किया

राज के पापा ऑनलाइन हो गये

रमेश अंकल- नमस्ते

रोहन के पापा - नमस्ते

रमेश अंकल- चाय पानी हो गया

रोहन के पापा - हमारा तो खाना भी हो गया

रमेश अंकल - कहिए कैसे आना हुआ

रोहन के पापा-हम सगाई की और शादी की डेट फिक्स करने आए है

रमेश अंकल -मैं कुछ महीनो मे वहाँ आने वाला था , चलो कोई बात नही

ठाकुरजी - पंडितजी डेट क्या निकाली है

पंडितजी ठाकुरजी को देख कर सोच मे पड़ गये

रोहन के पापा-पंडितजी हमे जो डेट बताई वो बताइए

रमेश अंकल -हाँ बताइए फिर आगे की बात करेंगे

पंडितजी- इनकी फॅमिली को 9 नंबर बहुत लकी साबित होता है

ठाकुरजी - आगे कहिए

सबकी नज़र पंडितजी पे थी

पंडितजी - रोहन के पापा की शादी 9 तारीख को हुई , इनकी बेटी की शादी जिस दिन हुई उसमे 9 था , रोहन सोहन के डेट ऑफ बर्त 9 है , इनके पोते का जनम 19 को हुआ जिसमे 9 है ,

रोहन के पापा-हमारी किस्मत 9 पे अटकी है

रमेश अंकल -9 तारीख को शादी करने का सोचा है

पंडितजी- इस साल तो इनकी किस्मत खराब है , पर अगले साल की पहली 9 से इनकी किस्मत बदल जाएगी

रोहन के पापा-9 जनवरी को सगाई की डेट फिक्स करने की सोची है

मधुबाला- सोची नही , 9 को सगाई होगी

रोहन की माँ का साका नाका

डेट सुनकर सब शॉक्ड हो गये

रमेश अंकल -इतनी जल्दी

पंडितजी- इनके लिए ये तारीख नयी खुशिया और पैसा और उन्नति लेकर आएगी , अगले साल की पहली 9 तारीख

रोहन के पापा-हम भी यही चाहते है कि सगाई 9 तारिक़ को हो

रमेश अंकल -पर मैं तो मार्च के बारे मे सोच रहा था

मधुबाला- सगाई 9 को होगी ये पूछने नही बताने आए थे

संगीता-आपने क्या सोचा है

पूजा बुआ- मैं क्या कहूँ , राज के पापा जो कहेंगे वही होगा

ब चाची- ये जल्दी हो रहा है

मधुबाला- 2महीने है

कोमल के पापा -पर हमने मार्च के हिसाब से अपने प्लान बनाए थे

रोहन के पापा - पंडितजी 3 महीने से कहीं और थे जिस से डेट निकालने मे टाइम हुआ ,

मधुबाला - कोई देर नही हुई , 2 महीने बाकी है सगाई को

रमेश अंकल -मुझे सोचने दीजिए

कोमल के पापा - हाँ कर दो ,

रमेश अंकल - यहाँ हमारा अग्रीमेंट है

कोमल के पापा- वो हम देख लेंगे

रमेश अंकल- मतलब तुम नही आओगे

कोमल के पापा - हम तीन मे से कोई एक पहले जा सकता है , तुम चले जाओ , मैं वहाँ मनेज कर लूँगा

रमेश अंकल - तुम्हारे बिना

कोमल के पापा- शादी मे हम होंगे ना

रमेश अंकल - ठीक है , मैं अगले महीने इंडिया चला आउन्गा , तुम बाद मे आ जाना

ठाकुरजी - डेट तो ठीक है , टाइम भी मिल जाएगा 2 महीने

रोहन के पापा-सबके लिए सूट रहेगा , नया साल नयी ख़ुसीयन

रमेश अंकल -हेलो

रोहन के पापा-जी कहिए

रमेश अंकल -सगाई 9 जनवरी को होगी

पूजा बुआ- पर आप

रमेश अंकल -मैं अगले महीने आ जाउन्गा , फिर तैयारी करेंगे

पूजा बुआ- देवर्जी

रमेश -मैं अकेला आउन्गा , उनका यही रुकना होगा मेरे हिस्से का काम भी उनको करना होगा

नेहा बुआ -पर उनके बिना सगाई कैसे होगी

कोमल के पापा - नेहा शादी मे आ जाउन्गा

रोहन के पापा-तो 9 जनवरी फिक्स करते है

रमेश अंकल -9 को आप सब यहाँ आ जाइए ,

मधुबाला- गाँव मे

ठाकुरजी- क्या कहा आपने

ठकुराइन - इस गाँव से पूरा ज़िला चलता है क्या समझी

रोहन के पापा-हाँ हाँ यही से होगी सगाई

रमेश अंकल -तो सगाई की तैयारी मे लग जाते है

सगाई की डेट फिक्स होते ही स्वेता दीदी और सीतल दीदी खुश हो गयी

रोहन के पापा-हमने सोचा कि शादी की डेट भी आज ही फिक्स करते है

रमेश अंकल -ये तो और भी अच्छा रहेगा

पूजा बुआ - सब जल्दी मे नही हो रहा

रोहन के पापा-शादी की डेट फिक्स करते है बाकी बातें सगाई के बाद करेंगे

रमेश अंकल -मैं भी यही कहने वाला था

रोहन के पापा-पंडितजी शादी की डेट बता दीजिए

पंडितजी- 29 मई

रमेश अंकल -ये तो अच्छा रहेगा , 5 महीने मिल जाएँगे हैं ना पूजा

पूजा बुआ - हाँ , शादी की डेट अच्छी निकाली है ,

रोहन के पापा-शादी की बात सगाई के दिन कर लेंगे

रमेश अंकल -जी

मधुबाला-लेन देन की बातें उसी दिन करेंगे

अवी- लेन देन से क्या मतलब है आपका

ब चाची- अवईीईई

रोहन की माँ- तुम छोटे हो ,, इस से दूर रहो , , ये शादी की बातें है

रमेश अंकल -वो बात बाद मे कर लेंगे

रोहन के पापा- मुबारक हो

रमेश अंकल -आपको भी

ठाकुरजी - सबकी सहमति से डेट फिक्स हो गयी

नीता बुआ - लीजिए ठाकुरजी मूह मीठा कीजिए

ठाकुरजी - नीता बेटी ही ह्मारा ध्यान रखती है ,

और डेट फिक्स हो गयी

रोहन की माँ का कुछ करना होगा

रोहन की भाभी ने सब कुछ संभाल लिया

सगाई गाँव से होगी

गाँव से मतलब घर से

सगाई और शादी की डेट फिक्स होते ही कोमल कविता लीना दीदी की खिंचाई करने लगी

स्वेता दीदी ने तो पिल्लो मे अपना सर छिपा लिया

सीतल दीदी ने सोहन को फोन करके खुशख़बरी सुना दी

कविता और लीना ने सबका मूह मीठा किया

डेट फिक्स होते ही ठाकुरजी चले गये

चाची और बुआ खुश हो गयी सब अच्छे से निपट गया

रोहन की फॅमिली की डेट पे सब कुछ होगा जिस से वो भी खुश थे

उस पंडितजी को 9 नंबर कुछ ज़्यादा ही पसंद है

इस पंडितजी की हिस्टरी निकालनी होगी

लेकिन अभी तो पार्टी मे टाइम है

डेट फिक्स होते ही इधर उधर की बातें शुरू हो गयी

रमेश अंकल ने कहा कि बाकी बात वो खुद आकर करेंगे

ये बात रोहन के पापा को अच्छी लगी

फिर हमने उनको गिफ्ट दे कर अलविदा किया

रोहन की फॅमिली चली गयी

और हम सेवता दीदी और सीतल दीदी के शादी का जशन मनाने लगे
 
चेपटर 946ब

स्वेता दीदी और सीतल की सगाई और शादी की डेट फिक्स हो गयी

9जनवरी को सगाई और 29 मई को शादी होगी

शादी के लिए 6 महीने मिलेंगे जिस मे शादी की तैयारी आराम से हो जाएँगी

पूजा बुआ भी खुश थी कि राज के पापा जल्दी आ रहे थे

स्वेता दीदी के शादी की बात धीरे धीरे गाँव मे फैल गयी

लोग तो दावत का इंतज़ार करने को तैयार थे

लेकिन हम तो पूजा बुआ के घर पे जशन मनाने लगे

नीता बुआ- स्वेता बनेगी दुल्हन

नेहा बुआ - सीतल बनेगी दुल्हन

कविता- घोड़े पे आएगा दूल्हा

लीना - डोली लेकर जाएगा दूल्हा

राजेश - वो गाना क्या था

अवी- मेरी प्यारी बहनिया बनेगी दुलहानियाँ

स्वेता दीदी तो अपना चेहरा छुपा कर बैठी थी

सीतल दीदी तो इस का इंतज़र कर रही थी कि जल्दी उनकी शादी हो

सी चाची-स्वेता सीतल ने तो आज ही अपने सास ससुर का दिल जीत लिया , टेस्टी खाना खिलवाके

म चाची-स्वेता की शादी मे तो मैं झुम.झुम का नाचूंगी

कोमल - दीदी को मैं सजाउन्गी

कविता - वो हम करेंगे

कोमल- तुझे क्या पता है इसके बारे मे

लीना - मैं ब्युटी पार्लर का कोर्स करेंगे ,6 महीने तक सीख लेंगे

नीता बुआ - , सब अपने अपने काम डिसाइड करने लगे है , मैं तो सारी सेलेक्ट करूँगी

कोमल - मौसी रानी की पसंद अच्छी होती है

नेहा बुआ- रानी को खुश खबरी तो सुनाई ही नही

कोमल- मैं ने बता भी दिया , वो कल आएगी दीदी से मिलने

राज- मैं क्या करूँगा शादी मे

ब चाची- राज तो , राज क्या करेंगा

नेहा बुआ -राज ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज

पूजा बुआ - अपनी बहन का हाथ अपने जीजाजी के हाथ मे देगा

अवी- शादी तो हम कराएँगे

राजेश - स्वेता दीदी सीतल दीदी की शादी मे किसी बात की कमी नही होगी

चाचा- तुम सब ने प्लानिंग करनी शुरू कर दी

पूजा बुआ - समय जल्दी निकल जाता है हमे अभी से तैयारी मे लग जाना चाहिए

सी चाची - स्वेता

स्वेता दीदी - जी मामी

सी चाची - इस 6 महीने मे तुम्हें जो करने का दिल करे कर लेना , जो कभी नही किया वो करना , इस 6 महीने को ऐसे जीना कि खुद को भूल जाओ , शादी के बाद नयी ज़िंदगी शुरू होती है

ब चाची-मीना ने सही कहा , अपने सारे सपने पूरे करना

नेहा बुआ - कुछ भी मिस मत करना , बाद मे सांसु माँ की बात सुननी पड़ेगी

स्वेता दीदी -जी मामी , आप सही कह रही है मैं अपने सारे सपने पूरी कर लूँगी

सीतल दीदी- मैं भी ,

पूजा बुआ - तू अब ठीक से रहना सीख ले ,

सीतल दीदी- जी , अब मैं शिकायत का मौका नही दूँगी

नेहा बुआ - बच्चे कितने जल्दी बड़े हो जाते है , ऐसा लगता है कल की बात हो कि स्वेता मुझे कहती थी मौसी अपनी गोद मे लो ना

पूजा बुआ -कभी सोचा नही था कि ये बड़ी हो गयी , एक दिन अचानक डाइरेक्ट शादी की बात कर दी

ब चाची- बचपन के दिन सबको याद आते है

म चाची- कोमल कविता लीना और विद्या , तुम सब दोनो की सारी इच्छा पूरी करना

सबने एक साथ हाँ कहा

नीता बुआ - कुछ सालो बाद कोमल की भी शादी होगी

कोमल - मौसी मुझे डॉक्टर बनना है फिर शादी करूँगी

नीता बुआ - फिर अवी का क्या होगा

अवी- मैं समझा नही

नीता बुआ - कोमल तो तेरी दुल्हन है

व्हाट , ये क्या था

कोमल - मौसी आप फिर शुरू हो गयी

नीता बुआ - अवी की दुल्हन कोमल , कोमल का दूल्हा अवी

नेहा बुआ - नीता तू फिर शुरू हो गयी

(कोई मुझे तो बताओ कि हो क्या रहा है , मेरा नाम कोमल के साथ क्यूँ जोड़ रहे है )

अवी- बुआ आप कह क्या रही है मेरी समझ मे नही आया

नीता बुआ - क्यूँ अपनी दुल्हन को भूल गया ,

अवी- मुझे तो ऐसा कुछ याद नही

नेहा बुआ - नीता , अब ये बंद कर दे

कविता - मौसी हमे बताइए आप ऐसा क्यूँ बोल रही हैं

लीना - माँ बताओ ना

सी चाची- कुछ नही ये नीता कुछ भी बोलती है

और छोटी चाची ने नीता बुआ को चुप रहने को कहा

कविता - मौसी बताइए ना

सब नीता बुआ की तरफ आँख दिखा रहे थे

नीता बुआ -(मैं तो मर गयी आज , सब मेरी चटनी बना देंगे ) वो वो

अवी- बुआ बताइएना कि आपने ऐसा क्यूँ कहा

कोमल - मौसी बचपन मे मुझे तुम्हारी दुल्हन कह कर चिढ़ाती थी

कविता - मुझे तो याद नही है , मौसी ऐसा क्यूँ करती थी

नीता बुआ - ( नीता कुछ सोच वरना मीना तुझे कच्चा खा लेगी ) बचपन मे घर घर खेलते थे तब कोमल अवी की बीवी बनती थी , हर बार वही अवी की बीवी बनती जिस से मैं उसका मज़ाक उड़ाती थी

नीता बुआ की बात सुनकर छोटी चाची रिलॅक्स हो गयी

कविता - हम भी दीदी का मज़ाक उड़ाएँगे

नेहा बुआ - मार खानी है तो बोल के दिखा , दुबारा कुछ कहने से पहले दस बार सोचेगी इतनी मार पड़ेगी

कविता और लीना चुप चाप चाची के पीछे छुप गयी

सी चाची- आज तो जशन का दिन है

म चाची- आज पार्टी तो पूजा दीदी देगी

पूजा बुआ - रात का खाना यह खाएँगे , स्वेता खाना कितना बचा है

स्वेता दीदी - सब ख़तम हो गया

अवी-पार्टी मे काम नही मस्ती करते है , मैं होटेल से पॅक करा के लाता हूँ

पूजा बुआ -पैसे लेकर जाना , पार्टी मेरी तरफ से

राजेश -मैं भी चलता हूँ

और मैं राजेश के साथ शहर आ गया

होटेल मे ऑर्डर दिया तो 1 घंटे मे पॅक कर मिल जाएगा

1 घंटा कहाँ रुके तो राजेश ने घर2 जाने को आइडिया दिया

क्योंकि मैंने मना किया और हम शहर मे घूमते रहे

फिर खाना पॅक करके घर के लिए निकल गये

घर आते ही हम बातें करने लगे

आज तो सब जशन मनाने लगे

चाचा के साथ होने से बुआ भी शोक्ड थी

चाचा सबकी सोच बदल रहे थे

कविता लीना तो कुछ ज़्यादा हो खुश होकर सेलेब्रेट कर रही थी

2 हफ़्तो मे इतनी पार्टी जो हुई है

स्वेता दीदी और सीतल दीदी फोन पर बात बात करते रोहन सोहन को खुश खबरी सुनाने लगी

फिर से ख़ुसीया हमारी फॅमिली की झोली मे आ रही थी

फिर से इस घर मे सहनाई बज़ेंगी

फिर से किसी की डोली निकलेगी

फिर से एक भाई अपनी बहनो की शादी करवाएगा

फिर से पूरी फॅमिली एक जगह जमा हो जाएगी

रमेश अंकल गाँव आने की तैयारी मे लग गये थे

और हम स्वेता दीदी की शादी की तैयारी मे लग गये

चाची और बुआ कपड़े किसी को कितने चाहिए इसकी लिस्ट बनाने लगी

मैं और राजेश भी क्या क्या करना है उसके बारे मे सोचने लगे

इसी बीच लीना का बर्तडे आ गया

लीना का बर्तडे इतने अच्छे दिनो के बीच मे आया जिसे सबने मस्ती के साथ सेलेब्रेट किया

लीना और कविता ने मिलके केक काटा

राजेश ने राज के साथ मिलके केक काटा जिस से खुशी डबल हो गयी

लीना और कविता को अपने बर्तडे गिफ्ट का इंतज़ार था

राजेश के होते हुए घर2 ले जाना रिसकी था

पर राजेश एक दिन की पर्मिशन लेकर अपनी गर्लफ्रेंड के शहर चला गया

इस का फ़ायदा उठा कर मैं ने लीना और कविता को उसका गिफ्ट दे दिया

लीना और कविता खुश हो गयी

साथ मे मुझसे एक और गिफ्ट माँग लिया

उनको उनके कॉलेज मे जो ब्युटी क्लास का डिप्लोमा था वहाँ अड्मिशन करवाने की ज़िद की

कविता और लीना की ज़िद तो मैं पूरी करता हूँ

उनके रिज़ल्ट देख कर अड्मिशन देने की बात कही

दोनो खुश हो गयी और मुझे थका दिया दोनो ने

बुआ और चाची सगाई की तैयारी मे लग गयी

और हम मस्ती करके स्वेता दीदी और सीतल दीदी को खुश रखने लगे

साथ ने पढ़ाई करके कॉलेज स्टार्ट होने का इंतज़ार करने लगा
 
अपडेट 946 सी

स्वेता दीदी और सीतल दीदी की शादी की तैयारी मे सब लग गये

पूजा बुआ ने मुझे अपने दिन का रोज 2 घंटे माँग लिया

सेक्स करने के लिए नही

उनको शहर ले जाने और शॉपिंग मे मदद करने के लिए

मैं अपनी बहन के लिए उतना तो कर ही सकता हूँ

लेकिन एक प्राब्लम हो गयी ,

स्वेता दीदी का कॉलेज स्टार्ट हो गया , ऐसे मे उनको शाहर 2 जाना था ,

ज्योति बुआ के इन्सिडेंट के बाद पूजा बुआ भेजने वाली नही थी पर ये लास्ट एअर था स्वेता दीदी का , उनको एग्ज़ॅम तो देनी होगी

पूजा बुआ ने स्वेता दीदी को कहा कि कुछ भी हुआ तो उनको फोन करे ,

और अब रोहन से शादी तक दूर रहने को कहा , सीतल दीदी को भी ऐसा ही कहा

स्वेता दीदी और सीतल दीदी को पूजा बुआ खुद शहर2 छोड़ने गयी ,

कुछ दिन पूजा वही रुक कर वापस आ जाएगी ,

स्वेता दीदी और सीतल दीदी सगाई से 1 हफ़्ता पहले गाँव आने की छुट्टी ले लेगी ,

पूजा बुआ तो शहर2 चली गयी

पूजा बुआ के वापस आने तक सगाई की शॉपिंग रुक गयी

पर हमारा कॉलेज स्टार्ट हो गया

रानी और कोमल के साथ पढ़ाई करना स्टार्ट हो गया

कविता और लीना भी अपने कॉलेज मे जाने लगी

सगाई मे हमारे 10 दिन वेस्ट होंगे इस लिए हम रोज 2 घंटे ज़्यादा पढ़ाई करने लगे ताकि सब कवर हो जाए

इस लिए हम सुबह जल्दी कॉलेज जाने लगे, और लाइब्रेरी मे मिल कर पढ़ाई करने लगे

कोमल को सुबह लाइब्रेरी मे आने की बात आरती तक चली गयी

फिर आरती भी लाइब्रेरी मे जल्दी आने लगी

कविता लीना ने हमे डिस्ट्रब करना बंद किया

वो पहले फोन करती फिर कॉलेज मे आती और हम घर चले जाते

कविता और लीना अपने कॉलेज लाइफ मे खुश थी

उनका पूरा कॉलेज फ्रेंड बन गया था , और फोन पे अवी बन कर अपनी फ्रेंड से चॅट करती

कॉलेज स्टार्ट हुए 10 दिन हुए थे कि रिजल्ट लग गया

अभी दीवाली के पहले जो एग्ज़ॅम हुई उसका रिज़ल्ट लग गया

एग्ज़ॅम इम्पोर्टेंट नही थी बस हमारी पढ़ाई चेक करने को थी

इस लिए रिज़ल्ट क्लास मे अनाउन्स हुआ

इस बार फिर से किसी स्टूडेंट ने पोस्टर लगा दिया कि आज के रिज़ल्ट मे कौन टॉप करेग आरती या कोमल

फिर से स्टूडेंट मे बातें होने लगी

कोमल इस बार भी कूल थी , रानी भी ज़्यादा टेन्षन नही ले रही थी

पर आरती तो कुछ ज़्यादा ही हवा मे उड़ रही थी

करीम भी दुआ माँग रहा होगा कि उसे मुझसे ज़्यादा मार्क मिले

सभी स्टूडेंट खुद से ज़्यादा आरती और कोमल के रिज़ल्ट सुनने को बेताब थे

और हमारा रिज़ल्ट मिसेज़ गुप्ता के हाथ मे था

मिसेज़ गुप्ता ने दोनो क्लास को कंबाइन रिज़ल्ट बताने का फ़ैसला किया

मिसेज़ गुप्ता - गुड मॉर्निंग स्टूडेंट

स्टूडेंट्स- गुड मॉर्निंग मेडम

मिसेज़ गुप्ता- आपको पता है मेरे हाथ मे क्या है

मेरा लंड होगा

स्टूडेंट- रिजल्ट

मिसेज़ गुप्ता - फाइनल एग्ज़ॅम के लिए तुम्हारी तैयारी की प्रोग्रेस कैसी चली रही है ये आज का रिज़ल्ट बताएगा

सब स्टूडेंट बड़े गोर से सुनने लगे

मिसेज़ गुप्ता बड़े प्यार से बात कर रही थी कि अचानक भड़क गयी

मिसेज़ गुप्ता - नोटीस बोर्ड पे वो पोस्टर किसने लगाया ,

किसी ने जवाब नही दिया

मिसेज़ गुप्ता - मुझे पता है ये किस की हरकत है , ये फाइनल वॉर्निंग है अगर दुबारा ऐसा किया तो एग्ज़ॅम का हॉल टिकेट नही दूँगी

मुझे पता था कि ये किसने किया होगा आरती ने

और बायो गर्ल ने मुझे बता दिया कि उसने आरती को पोस्टर लगाते हुए खुद देखा है

जाने दो आज का रिज़ल्ट सब कुछ ओपन करेगा

मिसेज़ गुप्ता - मैं रिज़ल्ट बता रही हूँ ,अपने मार्क देख कर कितनी पढ़ाई की है देख लेना , सबको कम मार्क मिले है

.

कम मार्क के नाम से सब डर गये

मिसेज़ गुप्ता -मेद्स क्लास का रिज़ल्ट सबसे ज़्यादा खराब लगा है , पर एक स्टूडेंट को 96/100 मार्क मिले है मेद्स सब्जेक्ट मे ,

सब एक दूसरे के चेहरे देखने लगे

कोमल समझ गयी कि वो कौन होगा

मिसेज़ गुप्ता - मेद्स मे 96/100 के साथ उस मिले है 78% , उसका नाम है अवी

मैं अपना सुनकर शॉक्ड हो गया

करीम को अपने कनों पे विश्वास नही हुआ होगा , 55% से सीधा 78%

मेरे क्लास के सभी स्टूडेंट मुझे घूर्ने लगे ,बियो गर्ल भी शॉक्ड हुई

आरती को मेरे मार्क से और टॉप करने से जलन हुई

मैं रिज़ल्ट लेने के लिए मिसेज़ गुप्ता के पास गया

मिसेज़ गुप्ता - अच्छी इंप्रव्मेंट की है , 55% से 78% ,, मेद्स अच्छा है तुम्हारा , थोड़ी और मेहनत करना आउट ऑफ मिल सकते है ,अभी और 4 महीने बाकी है 78 से 85%+ चाहिए मुझे

अवी- मैं पूरी मेहनत करूँगा ,

अवी- मैं पूरी मेहनत करूँगा , उस मार्क का क्रेडिट कोमल को जाता है जिस की वजह से कम बॅक कर पाया , उसी ने पढ़ाई मे मेरी मदद की

मिसेज़ गुप्ता - खुद मे पढ़ाई करने का जुनून होना चाहिए , कोमल अच्छी एक्शप्लियान करती है देखा है मैने

और मिसेज़ गुप्ता ने हमारी क्लास के रिज़ल्ट दे दिए

मिसेज़ गुप्ता -अब बियो क्लास का रिज़ल्ट , पहले टॉप 3 बताती हूँ ,.

3र्ड पोज़िशन पे है आरती की फ्रेंड

मुझे लगा 3र्ड पे रानी आएगी , इसका मतलब रानी 4थ या 5थ ही होगी क्यूँ कि 1स्ट 2न्ड पे आरती या कोमल होगी

मिसेज़ गुप्ता- 2न्ड पोज़िशन पे है रानी

रानी ने एक पोज़िशन की इंप्रूव्मेंट की , पर अगर रानी 2न्ड पे है तो कोमल का रॅंक क्या होगा

एक बाज़ी आरती ने मतलब उसकी फ्रेंड ने मारी और एक बाज़ी रानी ने

अब तो सभी की धड़कने रुक सी गयी थी

आरती 1 स्ट होगी या कोमल 1स्ट होगी ,

मिसेज़ गुप्ता -मुझे पता है सब क्या सोच रहे होंगे , इस बार 1स्ट पे दो स्टूडेंट है

1स्ट रॅंक है आरती और कोमल , जिनको 96 % मिले है

कोमल तो उछल पड़ी 1 स्ट आने की बात सुनकर

कोमल इतनी खुश हुई कि रानी के गले लग गयी

पर आरती को गुस्सा आ गया , भले वो 1स्ट आई हो पर कोमल के साथ रॅंक शेयर करने से वो आग मे जलने लगी

आरती और कोमल को सेम रॅंक और मार्क मिलने से स्टूडेंट को ये लड़ाई मज़दार होती हुई नज़र आई

सभी को मज़ेदार फाइट देखने को मिल रही थी

मिसेज़ गुप्ता ने रिज़ल्ट पहले कोमल को दिया फिर आरती को जिस से आरती गुस्सा हो गयी

मेडम ने ऐसा इस लिए किया क्यूँ कि पिछले साल कोमल 2न्ड थी तो रॅंक शेयर करने के बाद भी उसे 2 न्ड ही कन्सिडर किया जाता है , और आरती को 1स्ट , और 1स्ट को लास्ट मे रिज़ल्ट मिलता है , पर ये बात आरती के समझ मे कहाँ आएगी

आरती तो आग मे जल कर कोयला बन गयी थी , क्यूँ कि उसकी रॅंक सेम रही पर कोमल ने इंप्रूव किया जिस से सभी अटुड़ेंट कोमल की तारीफ कर रहे थे

कोमल तो अपनी खुशी मे खोई थी , उसको आरती के जलने से कुछ नही करना था

पर मिसेज़ गुप्तस ने कोमल की तारीफ की , रॅंक इंप्रूव किए और मुझे भी मदद की जिससे आरती का गुस्सा ज़्यादा ही बढ़ गया

मिसेज़ गुप्ता के क्लास से बाहर जाते ही आरती अपनी जगह से उठ कर कोमल के बेंच के पास गयी

मैं भी उठ कर कोमल के पास जाकर खड़ा हो गया

आरती- ज़्यादा हवा मे मत उड़ना , अभी फाइनल एक्षाँ बाकी है

कोमल-फाइनल एग्ज़ॅम का इंतज़ार रहेगा

आरती-तुझे ऐसी नीचे गिराउंगी कि मुझे कभी भूलेगी नही

कोमल- तू मेरी फ्रेंड है तुझे भूल कैसे सकती हूँ

आरती - ये अच्छे बनने का नाटक किसी और के सामने करना , तूने मेरी पीठ मे खंजर मारा है

कोमल- तुम फिर गुस्सा हो रही हो , पिछली बार जैसा इस बार मत करना

आरती- उसी की वजह से मुझे कम मार्क मिले है वरना तू और मेरी बराबरी करती , तेरी औकात क्या है

अवी- एक वर्ड और कहा ना तो ये भूल जाउन्गा कि तू लड़की है , भाग यहाँ से , दुबारा कोमल के पास दिखी तो खुद पे रोती फ़िरोगी

मेरे गुस्सा होते ही आरती पतली गली से निकल गयी

अवी- कोंगरट्ज़ कोमल , कोंग्रथस रानी , तुम ने टॉप कर ही लिया

कोमल- थॅंक्स, इस का क्रेडिट तुम दोनो को दूँगी ,

रानी- अवी तुम ने तो टॉप कर लिया मेद्स मे

अवी- मेद्स मेरा फेव सब्जेक्ट है

कॉमक- अवी फैल हो जाएगा फिर भी मेद्स से टॉप करेगा , इतना फेव है मेद्स उसका , कोंग्रट्ज़ अवी

अवी- थॅंक्स , तो इस खुशी मे पार्टी हो जाए

कोमल- क्लास के बाद , तुम्हें पता हैं ना हमे स्वेता दीदी की सगाई मे पढ़ाई नही कर पाएँगे

अवी- सही कहा , कॅंटीन मे चलके एक एक कप कॉफी हो जाए

रानी- तुम चलो हम थोड़ी देर मे आते है , बाकी स्टूडेंट से मिलके

अवी- जल्दी आना

कोमल- अवी नेक्स्ट टारगेट 85 +% का रखना

अवी- पूरी मेहनत करूँगा

और मैं कॅंटीन मे चला गया

वहाँ पंकज और करीम पूरी गॅंग के साथ मिल गये

जूनियर ने पहले मुझे कोमल और मेरे लिए कोंग्रट्ज़ कहा , और मेद्स के टिप्स माँगने लगे

कैरं ये देख कर जलने लगा पर वो जल्दी समझ गया कि पिछले साल उसे ज़्यादा मार्क क्यूँ मिले थे

करीम- साले कमिने , मुझसे 8% ज़्यादा ले लिए , क्या ख़ाता है तू

अवी- तुझे तो पता है फिर पूछता क्यूँ है

करीम- अम्मी पूछ रही थी कि तुम उनसे मिलने कब आओगे

अवी- अब एक मुश्किल है , मेरी दीदी की सगाई है और पढ़ाई

करीम- कोई बात नही ,मैं हूँ घर पे जिस से वो खुश है

अवी- पंकज तेरा क्या हुआ

पंकज - इस बार मेहनत से मार्क लिए है ,60% और अब टारगेट रखा है 70% का

और मैं जूनियर को टिप्स देने लगा मेद्स की .

जूनियर को टिप मिलते ही वो खुश हो गये

करीम की गर्लफ्रेंड-तुम्हारी बहन की बातें हो रही है हर तरफ

अवी-क्या बात हो रही है

करीम की गर्लफ्रेंड- आरती को पीछे कर देगी कोमल ऐसा सबको लगता है

अवी-वो तो होगा ही ,आरती घमंडी बन गयी है जिस से उसके मार्क कम आए है

और थोड़ी देर मैं अपने फ्रेंड के साथ रहा

रानी और कोमल के आते ही मैं उनके साथ कॉफी पीने लगा

और हमारी कामयाबी का जशन मनाने लगा

फिर क्लास आटेंड करने के बाद कविता और लीना आ गयी

कोमल- क्या हुआ तुम्हारे रिज़ल्ट दिखाओ मुझे

अवी- मुझे तो आज ये दोनो कोमल के हाथ से पिटवाने वाली है

कविता - ऐसा कुछ नही होगा भैया

लीना- मुझे 86% और कविता को 87% मिले है

रानी- ये तो अच्छे मार्क मिले है , अवी बच गया

कोमल- देखते है आगे क्या होता है

कविता - भैया आप टेन्षन मत लो ,हमारे वजह से आपको कभी परेशानी नही होगी

कोमल- लेकिन अब होगी ,

रानी- वो कैसे

कोमल- माँ इनके रिज़ल्ट देखेंगी तो पता चल जाएगा

काउटा - भैया कोई डुप्लिकेट रिज़ल्ट नही बना सकता जिस से हम पकड़े ना जाए

अवी- तुम्हारे मार्क अच्छे आए है तो बुआ को सच बता देते है

लीना - सच बताया तो हमसे ज़्यादा आपको गालियाँ मिलेगी

अवी- कहीं और से सच पता चलने से अच्छा है तुम खुद बता दो

कोमल- मे बी माँ माफ़ कर दे

अवी- मैं तैयार हूँ गालियाँ सुनने को

कविता - पर हम नही है , हमे कुछ और टाइम चाहिए

अवी- 1 घंटा काफ़ी होगा

कविता- मेरा मतलब था कि 2 साल और सोचने का टाइम मिल जाए तो

रानी- स्मार्ट गर्ल

कोमल- ये सही टाइम है सच बताने का , तुम्हें अच्छे मार्क मिले है

अवी- सच बोल दो

कोमल- मैं तुम्हारे साथ हूँ , मैं माँ से बात करूँगी

कविता - सच दीदी , आप बात करेंगी

कोमल- इतने अच्छे मार्क मिले है तो इतना तो मैं कर ही सकती हूँ अपनी बहनो के लिए

लीना - तो हम यहाँ से जाते ही बता देंगे

कविता - वैसे दीदी आप 1 स्ट आई हो ऐसी न्यूज़ मिली है हमे

कोमल- तुम्हें किसने बताया

कविता -आपके शर्त की बातें हमारे कॉलेज तक पहुँच चुकी है , आरती / कोमल

कोमल- ये तो बहुत ज़्यादा हो गया

अवी- तुम टेन्षन मत लो रिलॅक्स रहो , कूल बेबी

रानी- क्या बात हो रही है तुम्हारे कॉलेज मे

लीना - कोमल दीदी ने 1 रॅंक की इंप्रूव मेंट की है और आरती को टक्कर दे रही है , अब मॅच बराबर की है

अवी- किस के कितने फॉलोवर है

.

कविता - कोमल दीदी के ज़्यादा है ,सब हमे पूछ रहे थे कि आगे क्या होगा

अवी- तुमने क्या कहा

कविता - क्लास और क्लास के बाहर बराबर की टक्कर होगी , पर जीतेंगी तो हमारी दीदी

कॉंस्क- कुछ भी मत कहो

लीना- दीदी आपको जीतना ही होगा , वरना हमारी नाक कट जाएगी

रानी- दादी माँ की नाक कट जाएगी

अवी- कोमल पे प्रेसर मत डालो , वो अपने तरफ से पढ़ाई कर रही है , सब अच्छा रहा तो टॉप कर लेगी हैं ना कोमल

कोमल- दादी माँ की नाक बचानी होगी , आरती को हराना होगा

लीना - दीदी आप फ्रेंड ग्रूप

लीना - दीदी आप फ्रेंड ग्रूप की बात बाहर कैसे कर सकती है , और मैं दादी माँ नही हूँ

अवी- ये दादी माँ का क्या चक्कर है

रानी - गर्ल्स टॉपिक्स , इनसे दूर रहो

कोमल- ये हमारे ग्रुप की बातें है तुम्हें नही बता सकते ये पहला रूल है कि अवी को कुछ नही बताएँगे

अवी- पार्टी मेरे पैसो से करती हो और मुझे कुछ नही बताती

कविता - नही बता सकते रूल नही तोड़ सकते

लीना- पहला रूल आप हो ,

अवी- मत बताओ , चलो घर चलते है गालियाँ सुनने को

और रानी को बाइ बोल कर हम घर आ गये
 
चॅप्टर 946द

मेरा रिज़ल्ट भी अच्छा आया

78% मेरे लिए बहुत ज़्यादा थे , अब बस 85+% लेने होंगे

स्वेता दीदी की सगाई के साथ पढ़ाई करके अच्छे मार्क लेने होंगे

छोटी चाची और बड़ी चाची मेरे मार्क देख कर खुश हो जाएगी

पर उस से पहले कविता और लीना का प्राब्लम सॉल्व कर दूँगा

लीना और कविता के अच्छे मार्क देख कर नेहा बुआ और नीता बुआ खुश हो जाएगी

और कविता लीना पे ज़्यादा गुस्सा नही करेंगी

हम ने उनका गुस्सा कम करने के लिए मिठाई साथ ले ली

कविता और लीना भी कुछ ना कुछ ज़रूर सोच लेगी

कोमल का सपोर्ट मिलते ही नेहा बुआ का गुस्सा तो कोमल की बात सुनते ठंडा हो जाएगा

कोमल- अवी, माँ को सच मे सच बता रहे हो

अवी- कहीं बाहर से सच पता चले उस से अच्छा है क़ी हम खुद सच बता दे

कोमल-बात मे दम है पर माँ तो तुम पे गुस्सा होगी

अवी- मैं कहूँगा कि तुमने और मैं ने साथ मे ये डिसिशन लिया था , तुम पे नेहा बुआ गुस्सा नही करेंगी

कोमल- ठीक है मेरा नाम बता देना मैं संभाल लूँगी

अवी- थॅंक्स

कोमल- पहले नीता मौसी से बात की तो अच्छा रहेगा , नीता मौसी अगर मान गयी ती वो माँ को समझा देगी , नीता मौसी की बात पे माँ कभी गुस्सा नही करेंगी

अवी- ये ठीक रहेगा , लीना

कविता- भैया ड्राइव करते हुए डिस्ट्रब मत कीजिए , लीना तुम स्कूटी चलाओ

अवी-कविता बेबी

कविता- हाँ भैया

अवी-पहले नीता बुआ से बात करेंगे ,तो पहले लीना के घर चलो

लीना- जी भैया

और हम गाँव मे आ गये

पहले नीता बुआ के घर आ गये

बिके स्कूटी पार्क करके हम अंदर गये तो हमे झटका लग गया

अंदर नीता बुआ के साथ नेहा बुआ भी थी

अब तो गये काम से

अंदर आए है तो बाहर नही जा सकते

कविता और लीना ने मेरी तरफ देखा , मैं ने उन्हे बात करने को कहा

कविता- माँ आप यहाँ क्या बात है

नेहा बुआ- घर पर क्या अकेली रहूं , और नीता क्या यहाँ अकेली रहेगी

लीना- मौसी ये भी तो आपका घर है

नेहा बुआ- मेरी बच्ची इधर आ , और ये मस्का किस खुशी मे लगा रही हो

लीना- मस्का नही मुँह मीठा कराने वाले है आज आपका

नेहा बुआ- वो किस खुशी मे

नीता बुआ- रिज़ल्ट था इनका आज

नेहा बुआ- तभी सोचु लीना मस्का क्यूँ लगा रही है ,

नीता बुआ- लीना तुझे कम मार्क मिले तो तेरी पिटाई होगी

लीना - मौसी आप ही माँ को कुछ बताइए

नेहा बुआ- नीता लीना को कुछ मत कहना वरना तेरी पिटाई मैं करूँगी

और लीना ने अपनी माँ को ठेंगा दिखाया , नीता बुआ ने बस एक स्माइल दी

कविता - मैं बच गयी

नेहा बुआ-क्या लगा तुम्हें , वो सिर्फ़ लीना के लिए कहा था

कविता- मैं आपकी बेटी हूँ ,

नेहा बुआ- लीना से कुछ सीख

कविता - मौसी

नीता बुआ- तू मेरे पास आ , तुझे कोई कुछ नही कहेगा

नेहा बुआ- पर नीता

नीता बुआ- कविता लीना से स्मार्ट है , आज कम मार्क लिए तो कल ज़्यादा मिल जाएँगे इसमे मारने की क्या बात है

लीना और कविता ने पहला दाँव चल दिया

कविता की माँ नेहा बुआ उस पे गुस्सा करेंगी इस लिए कविता नीता मौसी के पास चली गयी ,

लीना भी अपनी मौसी नेहा के पास चली गयी ,

मेरी बुआ अपनी बेटी से ज़्यादा एक दूसरे की बेटी से ज़्यादा प्यार करती है

नेहा बुआ- अब बताओ कितने मार्क मिले है

कविता - हमारी छोड़िए दीदी से पूछिए उसका कितना रॅंक आया है

नेहा बुआ - तुम दोनो के चक्कर मे तो मैं भूल ही गयी , कोमल रिज़ल्ट दिखाओ मुझे

कोमल- माँ , 1स्ट आई हूँ ,आरती और मुझे एक जैसे मार्क मिले है

नेहा बुआ- पिछले साल से अच्छे मार्क मिले है

कोमल- हाँ, रानी और अवी ने बहुत मदद की

नेहा बुआ- नीता देख कितने अच्छे मार्क मिले है

नीता बुआ-बेटी किसकी है , मेरी बेटी है

कोमल- मौसी मुझे आपसे एक गिफ्ट चाहिए

नीता ब्या- बोलना क्या चाहिए ,

कोमल- मौसी मुझे , आप का सपोर्ट चाहिए

.

नीता बुआ- ये कैसा गिफ्ट हुआ

कोमल -माँ मेरी कोई कोई बात नही मानती है तो उसमे आप मेरे साथ होगी ना

नीता बुआ- ये भी कोई बोलने की बात है , तू जो कहेगी तो उसमे मैं तेरी मदद तो करती हूँ

नेहा बुआ- क्या चाहिए कोमल ,

कोमल- पहले आप मुँह मीठा कर लो

नेहा बुआ-वो तो कर लूँगी ये बता रानी को कितने मार्क मिले है

कोमल-वो 2न्ड आई है ,

नेहा बुआ- मेरी दोनो बेटी 1स्ट और 2न्ड आई है

नीरा बुआ-रानी से कहना हम ने मिठाई की डिमॅंड की है

कोमल- वो कल यही आएगी , आज वो अपनी मम्मी के साथ सेलेब्रेट करेंगी

नीता बुआ- अवी तू क्यूँ खड़ा है

नेहा बुआ- कम मार्क मिले होंगे

कोमल-माँ अवी को मेद्स मे 96/100 मिले है , मेद्स मे उसने टॉप किया है

ये सुनते नेहा बुआ खड़ी हो कर मुझे गले लगाने के लिए उतने वाली थी कि वापस बैठ

गयी

नीता बुआ- ये तो अच्छी बात है ,

नेहा बुआ- मारक्शीट दिखा मुझे

और मैं ने मार्कशीट नेहा बुआ को दी

नेहा बुआ- मेद्स अच्छा है

नीता बुआ- तुम्हारे पापा भी मेद्स मे टॉपर थे ,

अवी- पापा ने बताया था मुझे , बचपन मे उन्हो ने सिखाया था

नेहा बुआ-नीता

मेरे पापा का टॉपिक निकलते ही नेहा बुआ ने नीता बुआ को टॉपिक चेंज करने को कहा

नीता बुआ- अवी को कितने पर्सेंटेज मिले है

नहा बुआ- 78%

नीता बुआ-23% ज़्यादा मिले है , नेक्स्ट एग्ज़ॅम मे और ज़्यादा लेना

अवी- जी बुआ

नेहा बुआ- 85+%

अवी- मैं वीक सब्जेक्ट पे ज़्यादा मेहनत करूँगा

नीता बुआ- अवी तुम ने मेले का काम कितने अच्छे से किया ,सब काम मन लगा के करते हो फिर ये पढ़ाई मे तुम एवरेज कैसे रह जाते हो

अवी- बुआ पिछली बार मेले की वजह से पढ़ाई नही की इस साल राजेश के कॉलेज जाना पड़ा , अभी एग्ज़ॅम से पहले फंक्षन था

नीता बुआ- समझ गयी , ये तुम्हारे 78 % 96% जितने है

अवी- अभी आप ही देख लीजिए , स्वेता दीदी की सगाई है , वहाँ सब कुछ मुझे ही देखना होगा तो पढ़ाई नही कर पाउन्गी

नेहा बुआ- कोमल , अवी की मदद करना

कोमल- हम ने 2 घंटे रोज ज़्यादा पढ़ाई करने का सोचा है

नेहा बुआ- साघहै का असर पढ़ाई ले पड़ने मत देना और साघहै को एंजाय काटना

नीता बुआ- बिल्कुल , मस्ती भी करना और पढ़ाई का लॉस ज़्यादा मत होने देना

अवी- जी बुआ

नेहा बुआ- तुम दोनो चुप क्यूँ हो

कविता-हम सोच रहे है कि पढ़ाई करे या मस्ती

नेहा बुआ- पढ़ाई के साथ मस्ती किया करो , ये कैसा रहेगा

कविता- मस्ती ज़्यादा और पढ़ाई कम यही कहना चाहती हैं ना आप

नेहा बुआ- इधर आ

कविता नेहा बुआ के पास गयी

नेहा बुआ ने कविता का कान पकड़ लिया

नेहा बुआ- तेरी माँ हूँ , अपनी स्मार्टनेस मत दिखाया कर

कविता- मौसी बचाओ मुझे

नीता बुआ- नेहा छोड़ दे , मस्ती करने के दिन है इनके

कविता - माँ पढ़ाई ज़्यादा और मस्ती कम

और नेहा बुआ ने कविता का कान छोड़ दिया

नहा बुआ- अपना रिज़ल्ट दिखा

कविता - नही दिखाउन्गी

नेहा बुआ-दिखाती है या मार दूं

कविता दूर हो गयी

कविता - नही दिखाउन्गी

नेहा बुआ-तेरे अच्छे के लिए ऐसे बोलती हूँ , मेरी प्यारी बेटी मुझे अपना रिज़ल्ट दिखा

कविता- मुझे एक ड्रेस चाहिए

नेहा बुआ- दिखाती है या मार खाएगी

नीता बुआ- तुम दोनो रिज़ल्ट दिखा क्यूँ नही हो

लीना - नया ड्रेस चाहिए हमे

नीता बुआ- मुझे तो लग रहा है तुम्हें कम मार्क मिले है

लीना - एक डील करते है आप रिज़ल्ट देखने पे गुस्सा नही करेंगी

नीता बुआ- कोमल तूने इनके मार्क देखे है

कोमल- हाँ , कविता 87% और ,लीना 86% मिले है

नीता बुआ- फिर ये दोनो इतना डर क्यूँ रही है

कोमल- मुझे क्या पता , रिज़ल्ट मैं ने देखा है सब कुछ ठीक है

नीता बुआ-फिर ठीक है , डील पक्की

नेहा बुआ- नीता तुम इन दोनो की बातों मे मत आ , दोनो बड़ी चालाक है

नीता बुआ- कोमल ने कहा ना कि सब ठीक है

नेहा बुआ- फिर भी मुझे कुछ गड़बड़ लग रही है

कविता- जाने दीजिए फिर

नीता बुआ- मैं ने डील पक्की की ना , अब बता मुझे

कविता- भैया दिखा दूं

अवी - दिखा दो

नेहा बुआ- अब तो पक्का गड़बड़ है

लीना -दीदी दिखा दूं रिज़ल्ट

कोमल- हाँ दिखा दे

नीता बुआ- दिखाती हो या मार दूं

कविता और लीना ने अपना अपना रिज़ल्ट अपनी अपनी माँ के हाथ मे दिया

नेहा बुआ- तुम दोनो की मारक्शीट येल्लो कलर की क्यूँ है

कविता - आप खुद पता लगा लो

नेहा बुआ- कोमल की टीपाइ नही थी , कोमल अपनी मारक्शीट दिखाना

कॉंस्ल- ये लो माँ

नहा बुआ ने दोनो की मारक्शीट टॅली की

और फरक पकड़ते ही गुस्सा हो गयी

नेहा बुआ को पता चल गया कि लोचा क्या है

कॉलेज नाम डिफेरेंट देख कर नेहा बुआ समझ गयी कि ये दोनो इतनी नखरे क्यूँ कर रही थी

नीता बुआ- मार्क्स तो अच्छे है

नहा बुआ- मार्क को छोड़ कॉलेज का नाम देखो

नीता बुआ- लीना

नेहा बुआ- कविता

कविता- भागो

कविता और लीना भागने वाली थी कि बुआ ने पकड़ लिया

नेहा बुआ ने कविता का कान पक्कड़ लिया

और नीता बुआ ने लीना का कान पकड़ लिया

नेहा बुआ- तुम दोनो की ऐसी पिटाई करूँगी कि याद रखोगी

नीता बुआ- हमसे झूठ क्यूँ कहा

लीना- भैया को सब पता है

कविता- दीदी को भी सब पता था

नीरा बुआ-अवईीईईईईईईई

नेहा बुआ- कोमलल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल

और अब होगी हमारी पिटाई

आज तो मैं शहीद हो जाउन्गा
 
चॅप्टर 946 ए

कविता और लीना की मारक्शीट देखते ही नेहा बुआ समझ गयी कि अब दोनो ने क्या लोचा किया है

नेहा बुआ और नीता बुआ दोनो गुस्सा हो गयी

कविता और लीना के भागने से पहले बुआ ने उनको पकड़ लिया

कविता और लीना ने हमारे नाम लेकर हमे फसा दिया

नेहा बुआ- कोमल का नाम क्यूँ ले रही हो

कविता - दीदी

नीता बुआ- तभी मैं सोचु कि ये दोनो इतना मस्का क्यूँ मार रही थी

लीना- माँ हमे छोड़ दो

नेहा बुआ- अब तुम दोनो की चटनी बनानी पड़ेगी तभी अकल आएगी

कविता- आप अकेले हमे क्यूँ कुछ बोल रही है

नेहा बुआ- ये तुम्हारा आइडिया होगा

लीना - आइडिया हमारा है पर हम सब मिले हुए है

नीता बुआ- खुद को बचाने के लिए दूसरो पे इल्ज़ाम मत डालो

कविता- मौसी आप खुद सोचो

नेहा बुआ- नीता रुक एक मिनिट

नीता बुआ-क्या हुआ

नेहा बुआ- तुम दोनो इतने दिन से दूसरे कॉलेज मे जा रही थी , और हमे पता ही नही चला , तो इसका मतलब है कोमल इसमे समिल है

नीता बुआ- कोमल हमसे झूठ क्यू कहेगी

नेहा बुआ- ये अवी ने किया होगा , पर कोमल को भी पता होगा

कविता- मेरी स्मार्ट माँ

नेहा बुआ-तू चुप रह , कोमल

कोमल -ये सच है , मुझे पहले से पता था

नीता बुआ- व्हाट

कोमल-मुझे पहले दिन ही पता चल गया था

नेहा बुआ- कोमल तुमने मुझसे इतनी बड़ी बात छुपाई

कोमल- कविता और लीना के लिए झूठ बोलना पड़ा

नेहा बुआ- मुझे तुमसे ये उम्मीद नही थी

कोमल- माँ मेरी बात तो सुनो

नहा बुआ- मुझे तुझसे बात ही नही करनी है

कोमल- मौसी

नीता बुआ- कोमल तुम्हें झूठ नही बोलना चाहिए था

कोमल- मेरे झूठ बोलने के पीछे कोई तो बात होगी ना मौसी , वो बात तो सुन लो

नेहा बुआ- मुझे कुछ नही सुनना है

नीता बुआ- बात कुछ भी हो , तूने झूठ कहा है

कोमल- मौसी आप भी , अपनी कोमल की बात नही सुनेंगी

नीता बुआ- नेहा एक बार सुन लेते है क्या बात है

नेगा बुआ- मुझे कुछ नही सुनना है

नीता बुआ- कोमल तू मुझे बता , नेहा अपने कान तो बंद नही करेगी उसे भी पता चल जाएगा

अवी- बुआ मैं बताता हूँ

नेहा बुआ- इसने कहा होगा कोमल को झूठ बोलने को ,, वरना मेरी कोमल झूठ नही बोल सकती

अवी- मेरी वजह से कोमल चुप रही

नेहा बुआ- देखा नीता तूने , तुम सबकी वजह से इसे इतनी छूट मिली है

नीता बुआ- नेहा मैं बात करती हूँ

अवी-बुआ

नीता बुआ-बोलो , तुमने ऐसा क्यूँ किया

अवी-मैं ने अपनी बहनों की खुशी के लिए किया

नेहा बुआ- हमने उनकी खुशी की परवाह नही है ऐसा कहना चाहते हो तुम

नीता बुआ-नेहा मैं बात कर रही हूँ ना , बोल

अवी-कविता और लीना को आज़ाद पंछी की तरह जीना था

नीता बुआ-उस से क्या होता

अवी-कोमल और मेरे होते हुए पे पासिबल नही था

नीता बुआ-वो कैसे

कोमल- मौसी आप खुद सोचिए , आपको अपने बचपन के दिन याद नही आते

नीता बुआ-बहुत आते है

कोमल-आपने और माँ ने कितनी मस्ती की होगी अपने बचपन मे

नीता बुआ-पूछ ही मत , सब परेशान हो जाते थे

कोमल- दादाजी ने कभी आपको रोका

नीता बुआ-नही , हम इतनी मस्ती करते थे फिर भी पिताजी ने कभी मना नही किया , वो भी हमारे साथ मस्ती करने लग जाते

कविता- तभी मैं सोचु मैं ऐसी कैसे बन गयी हूँ

लीना - ये हमारे खून मे है ,

नीता बुआ-तुम चुप रहो

अवी-आपको कभी लगा कि आपने बचपन मे कुछ मिस किया

नीता बुआ-हां , नेहा तुम्हें याद है हमे टूर पे जाना था पर माँ के बीमार रहते जा नही पाए और उसके बाद कभी टूर प्लान नही हुआ , पूरा स्कूल गया था पर हम नही जा सके

नेहा बुआ- उसका इस बात से क्या कनेक्षन है

कोमल- क्या आपको ऐसा नही लगता कि उस टूर पे जाना चाहिए था

नीता बुआ-बहुत लगता है , ऐसा लगता है बचपन मे वापस जाकर उस टूर को एंजाय करे

अवी-अभी हम फॅमिली टूर पे गये थे तब आपने मस्ती की

नीता बुआ-पागल है क्या अब कैसे मस्ती कर सकते है , अब हम बड़े हो गये है

अवी-पर आपने एंजाय किया ना टूर पे

नीता बुआ-हाँ, बचपन के दिनो की याद आ गयी

अवी-वही तो , आप बड़े होने पे अपने बचपन मे ना की हुई मस्ती को याद करके दुखी होई है , आपको मस्ती करना अच्छा लगता है पर अब बड़े जो गये हो

कोमल- अगर कविता लीना अब मस्ती नही करेंगी तो आपकी तरह बड़ी होकर पचताती रहती , क्या आप ये चाहते है

नीता बुआ-नही ,

अवी-उनको भी लाइफ एंजाय करने देना चाहिए ना , बचपन दुबारा नही आता न

नीता बुआ-बात सही है

कविता-हमे आज़ाद पंछी की तरह लाइफ जीना है

नीता बुआ-तो

अवी-अगर कविता लीना हमारे कॉलेज मे रहती तो हम उनको टोकते रहते कि ये मत करो वो मत करो, क्या वो अपनी लाइफ खुल के जी पाती

लीना- माँ हमे भी उड़ना है

नीता बुआ-बात तो सही है , अगर हम इनकी जगह होते तो , अपने बड़े भाई बहन के कॉलेज मे अड्मिशन नही लेते

अवी-वही तो किया है हमने , मैं ने बस अपने भाई होने का फ़र्ज़ निभाया है

नीता बुआ-लेकिन

कोमल- आप ये सोच रही होगी ना कि हमने पहले क्यूँ नही बताया

नीता बुआ-हाँ

अवी-हम तब बताते तो आप अड्मिशन चेंज करने को बोलती

नीता बुआ-वो तो ज़रूर कहती , पर तुमने तो रिसीप्ट दिखाई थी

अवी-वो डुप्लीकेट थी

नीता बुआ-तुमने किया होगा ये सब

अवी-हाँ

कोमल- मुझे भी नही पता था अड्मिशन के समय

नेहा बुआ- तुम्हें कहा था ना कि अड्मिशन अपनी आँख के सामने कराना

कोमल- माँ वो क्लास बहुत इम्पोर्टेंट था , मैं ने इनका फॉर्म लेने तक साथ दिया फिर रानी ने बुला लिया

नेहा बुआ- अपनी ज़िम्मेदारी पूरा करना सीख लो

कोमल- जी

नीता बुआ-पर अब क्यूँ बताया , अब भी ड्यूप्लिकेट मारक्शीट बना लेते

कविता- मैं ने वही कहा था

लीना - भैया ने मना किया

कविता- भैया ने कहा कि सच खुद बताना चाहिए , दूसरो से पता चलता तो आप ज़्यादा गुस्सा होती ,

अवी-और आज इस लिए बताया कि इनके रिज़ल्ट देखिए

नीता बुआ-मार्क अच्छे आए है

अवी-वही तो ,आपने क्यूँ कविता और लीना को हमारे साथ पढ़ने को कहा था

नीता बुआ-कोमल जैसे अच्छे मार्क मिले

अवी-और

कोमल- और दूसरे कॉलेज मे रह कर भी दोनो ने इतने अच्छे मार्क लिए

नीता बुआ-नेहा कोमल सही कह रही है , हमे जो चाहिए था वही तो दोनो ने किया है साथ मे अपनी छोटी बहनों को खुशी दी

नेहा बुआ- पर वो कितनी मस्ती करती है पता हैं ना तुझे , एक कॉलेज मे होती तो नज़र रख सकते थे

अवी-बुआ , मस्ती तो हर कोई करता है , पर हमने बहुत दूरी की सोची है

कोमल- माँ हमने आगे का सोचा है

नीता बुआ-क्या ?

अवी-तुम दोनो अपने कमरे मे जाओ

कविता- सीक्रेट बात

अवी- जाती हो या मैं चला जाउ

दोनो अंदर चली गयी

नीता बुआ-उनको अंदर क्यूँ भेज दिया

अवी-उनके सामने बात नही कर सकते थे

मेरी बात से नेहा बुआ मेरी तरफ देखने लगी

नेहा बुआ- क्या मतलब

नीता बुआ- दूर का क्या सोचा है

अवी-बुआ आपको तो पता है आज कल लड़के लड़कियो को फसा कर बदनाम करते है

कोमल- शादी का वादा करके धोका देते है

नेहा बुआ- तो

कोमल- माँ , कविता और लीना पे बुरे लड़को की नज़र ना पड़े इस लिए उनको महिला कलाज मे अडिमिस्षन लेने को कहा , वहाँ सिर्फ़ लड़किया होती

नीता बुआ-वहाँ सिर्फ़ लड़किया है

अवी-हाँ , आप खुद किसी दिन जाकर देख लेना

नेहा बुआ-पर तुम्हारे होते हुए तुम्हारे कॉलेज मे कौन इतनी हिम्मत करता

कोमल- हम तो अगले साल ग्रड्यूशन करने जाएँगे , फिर वो दोनो अकेली रह जाएगी

अवी-दोनो अकेली रह जाती तो लड़को को छूट मिल जाती

नीता बुआ-नेहा बात मे दम है ,

अवी-हमारे अगले साल ग्रड्यूशन को जाने के बाद भी वो महिला कॉलेज मे सेफ रहेगी

नेहा बुआ- ये पहले भी बता सकते थे

कोमल- तब समझाना मुश्किल होता , और वो महिला कॉलेज है इस लिए मैं ने पर्मिशन दी , अगर दूसरा कॉलेज होता तो कभी उनको पर्मिशन नही देती

नेहा बुआ- तुमने अच्छा किया

कोमल- और आप है कि मुझसे बात नही करना चाहती थी

नेहा बुआ- तेरे झूठ बोलने से मुझे बुरा लगा था

नीता बुआ-वैसे मार्क अच्छे मिले है

अवी-और एक सेफ्टी है

नीता बुआ-क्या ?

अवी-नेहा बुआ ने कहा था कि कोमल स्कूटी चलाएगी और वो दोनो हमारे पीछे बैठ कर जाएँगी

कोमल- पर हमने ऐसा नही किया , यहाँ से मैं चलाती थी पर गाँव से बाहर जाते ही कविता स्कूटी चलाती थी

नेहा बुआ- तुमने ऐसा क्यूँ किया वो बच्ची है उनको कुछ हो जाता तो

अवी- हम थे साथ मे

नीता बुआ-पर तुमने ऐसा क्यूँ किया

अवी-क्यूँ कि वी स्कूटी चलाना अच्छे से सीख जाए

कोमल-अगले साल के लिए

नीता बुआ-अगले साल तुम ग्रड्यूशन करने जाओगी तब कविता और लीना कॉलेज कैसे जाती , इस लिए अभी से तुम उनको ट्रेन कर रही हो

कोमल- मौसी आपका जवाब नही , यही हमने सोचा

अवी-दूर का सोचा

कोमल- और वो उनका कॉलेज होते ही हमारे कॉलेज मे आती है और दिन भर की बातें बताती है

नीता बुआ-ये अच्छा किया

कोमल- और मैं ने उनको अपनी फ्रेंड बना लिया है ताकि वो मुझे सब कुछ बरता सके , और वो इतनी मस्ती करती है ये आपको पता है ,, महिला कॉलेज मे लड़किया होगी तो उनकी मस्ती अड्जस्ट हो जाएगी पर लड़को से मस्ती करती तो लड़के गुस्सा हो गये तो क्या पता उच नीच हो जाती , और उनका रहना कैसा है ये तो आपको पता है , दुपट्टा ये कितना कस्म.ईस्तमाल करती है जिस से उनके लिए महिला कॉलेज ठीक था

नेहा बुआ- तू तो बड़ी हो गयी

कोमल- और आप है कि

नेहा बुआ- पहले क्यूँ नही बताया

कोमल- आप तो सुनने को तैयार नही थी

नीता बुआ-मुझे भी लगा था कि कुछ तो बात ज़रूर होगी

अवी-बुआ , हमने उनके भले का सोचा है , सब सेफ है

नीता बुआ-वो तो दिख रहा है , और मार्क भी अच्छे मिले है

अवी-मार्क मिलते ही आपको सच बताया है ,

नीता बुआ-ना मिलते तो

अवी-तो अगले एग्ज़ॅम का इंतज़ार करता , और कविता लीना को कहता कि अच्छे मार्क लेना ताकि बुआ को सच बता सकूँ

नीता बुआ-तू तो बड़ा हो गया है

अवी-तो आप को कोई अतराज़ नही है

नेहा बुआ-नही , तुम दोनो ने अच्छा ही सोचा है

कोमल- रानी ने मुझे उल्लू बनाया था मुझे जल्दी बुला लिया ताकि अवी उनका अड्मिशन किसी और कॉलेज मे कर देता

नेहा बुआ-आने दो रानी को,उसे अच्छा सबक सिखाउन्गि

कोमल- क्या करेंगी

ने बुआ- कोमल को ऐसे ही उल्लू बनाया करो

कोमल- माँ

अवी- तुम दोनो को छुप कर देखने की ज़रूरत नही बाहर आ जाओ

कविता- सॉरी माँ , आप से झूठ कहा था , पर आपने हमारी बात सूनी ही नही

लीना- आप तभी हाँ कर देती तो झूठ नही बोलना पड़ता

नेहा बुआ- कोई बात नही, पर आगे से हमको अच्छे से समझा देना ताकि हम हाँ कर दे

नीता बुआ- ऐसे अच्छे से समझाया कर ,

अवी- तो कुछ मीठा हो जाए

कोमल- मैं कुछ बनाती हूँ

नेहा बुआ- तू बैठ मैं बनाती हूँ

कोमल- मैं बना लेती हूँ , कविता और लीना के अच्छे मार्क लाने की खुशी मे

और कोमल सबके लिए कुछ बनाने लगी

और हम बातें करने काग़े

और कविता लीना अपने कॉलेज जे बारे मे बुआ को बताने लगी

अच्छा हुआ कोमल के झूठ बोलने से नेहा बुआ का मुझपे ज़्यादा फोकस नही हुआ

वरना मेरी जान ले लेती नेहा बुआ
 
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