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मैं और मेरा परिवार

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चॅप्टर 951फ

अवी- मुझे आपके बारे मे जितना पता है उससे तो यही लगता है कि आप लड़कों की बेस्ट टीचर हो

मिसेज़ गुप्ता- क्या कह रहे हो

अवी- आप हर साल कुछ बेस्ट स्टूडेंट को सेलेक्ट करती हो , फ़िज़िक्स के कॅंप्टेशन के लिए ,फिर उस स्टूडेंट मे से जो बेस्ट होता है उनको आप प्यार करती हो साल भर

मिसेज़ गुप्ता- ये तुम्हें किसने कहा

अवी- ये जो क्लिप वाले स्टूडेंट है इनके बारे मे मैं ने पता किया , मुझे पता लगा कि इनको आपने फ़िज़िक्स कंप्टेशन के लिए सेलेक्ट किया था और फिर दोनो के साथ साल भर सेक्स किया , सही कहा ना

मिसेज़ गुप्ता- हाँ , तुम स्मार्ट हो ,

अवी- आपके हज़्बेंड जान से जून तक बिजनेस ट्रिप पे जाते है इस सेशन मे आप उन स्टूडेंट से सेक्स करती हो , पहले कंप्टेशन मे मदद करने के बहाने फिर एग्ज़ॅम के बहाने फिर एक्सट्रा क्लास के बहाने

मिसेज़ गुप्ता- ये भी पता किया , पर आरती के साथ ये सब तो आज हुआ फिर तुमने ये सब कब पता किया

अवी- मेरी बात तो पूरी होने दीजिए

मिसेज़ गुप्ता- बोलो

अवी- लेकिन पिछले साल आपके अरमान पूरे नही हुए , आपको कोई सेक्स करने को नही मिला

मिसेज़ गुप्ता- ये तुम्हें कैसे पता

अवी- क्यूँ कि आप जिस के साथ सेक्स करना चाहती थी उसने फ़िज़िक्स कंप्टेशन (क्विज़ कंप्टेशन) मे पार्ट लेने से मना किया था

मिसेज़ गुप्ता- बोलते जाओ

अवी- उस लड़के की जगह तीन लड़कियो ने पार्ट लिया क्विज़ कंप्टेशन मे जिस से आप प्यासी रह गयी

मिसेज़ गुप्ता- जितना सोचा था उसे ज़्यादा स्मार्ट पाया तुम्हें

अवी- और उस लड़के का नाम है

मिसेज़ गुप्ता- अवी

अवी- आपने जब मुझे कंप्टेशन के लिए पूछा तो मैं ने मना किया पर मुझे तब ये सब पता नही था वरना मैं कंप्टेशन मे भाग ज़रूर लेता

मिसेज़ गुप्ता- आज तक मैं ने 7 बॅच के स्टूडेंट के साथ सेक्स किया है , मतलब 7 साल से सेक्स करती आ रही हूँ पर किसी भी लड़के को मेरा ये राज पता नही था , तुमसे भी ज़्यादा टॅलेंटेड लड़को को फसाया मैं ने , और वो फस गये , पर तुम पहले स्टूडेंट हो जिसने मुझे पकड़ लिया , मान गये तुम्हें , तुम बहुत स्मार्ट हो

अवी- तो

मिसेज़ गुप्ता- तो

अवी- चले पुराने लॅब मे

मिसेज़ गुप्ता- क्यूँ नया वीडियो बनाना है

अवी- हाँ पर इस बार हीरो मैं बनूंगा

मिसेज़ गुप्ता- तुमने मुझे ब्लॅकमेल किया ऐसे मे मैं तुम्हारे साथ आउन्गि ऐसा तुमने सोचा कैसे

अवी- मैं ने आपको बचाया है ,

मिसेज़ गुप्ता- क्या मतलब

अवी- देखिए ,, आपने आरती को कॉपी करते हुए पकड़ा , जिस से आरती फैल हो जाती फिर क्या था वो शूसाइड करती ,, फिर पोलीस आती , स्टूडेंट बताते कि आपने उसको एग्ज़ॅम देने नही दिया जिस से उसने शूसाइड किया , और पोलीस चेक करती तो पता चलता कि आरती इतनी टॅलेंड है वो कॉपी कैसे कर सकती है और आप होती जैल मे

मिसेज़ गुप्ता- डबल स्मार्ट हो , मैं तो ये सोचा ही नही था

अवी- आप सोच भी नही सकती थी क्यूँ कि आप प्यासी हो

मिसेज़ गुप्ता-मैं ठीक हूँ

अवी- इस साल भी लड़कियो ने पार्टिसिपेट किया फिर बताए कहाँ प्यास बुझाई आपने

मिसेज़ गुप्ता- चलो

अवी- कहाँ

मिसेज़ गुप्ता- पुराने लॅब मे तुम्हारा एक पेपर बाकी है उसे पूरा करते है

अवी- और आपकी नयी लॅब मे एग्ज़ॅम चालू है

मिसेज़ गुप्ता- लास्ट बॅच है , एक्सट्नर जा चुका है , मेरा असिस्टेंट संभाल लेगा

अवी- आप का डाइरेक्ट बात करना अच्छा लगा

मिसेज़ गुप्ता- तुम भी स्मार्ट हो और मुझे स्मार्ट स्टूडेंट इतने अच्छे लगते है कि.मैं उनको प्यार करती हूँ

और मिसेज़ गुप्ता उठ कर पुरानी लॅब की तरफ जाने लगी

और मैं भी उनके पीछे लॅब की तरफ जाने लगा

रानी और आरती की एग्ज़ॅम ख़तम होने मे टाइम है

चलो तब तक मिसेज़ गुप्ता के की सवारी करता हूँ
 
चॅप्टर 951जी

मिसेज़ गुप्ता मेरी बातें सुनकर सर्प्राइज़्ड हुई

उनको यकीन नही हुआ कि मुझे इतना कुछ पता है

मुझे ये भी पता चल गया था कि पिछले साल मिसेज़ गुप्ता मुझे क्विज़ कंप्टिशन मे क्यू लेना चाहती थी

पर तब मुझे ये पता नही था

पर बाद मे मैं ने पता लगा लिया कि मिसेज़ गुप्ता क्यूँ मुझे क़ुउज़ कॉंपिटिशन मे लेना चाहती थी

मिसेज़ गुप्ता मुझसे सेक्स करना चाहती है जैसा वो सबके साथ करती है हर साल

खास स्टूडेंट को सेलेक्ट करती है और पिछले साल मुझे सेलेक्ट किया था पर मैं उनके हाथ नही लगा

पर आज उनको मेरे साथ सेक्स करने का मौका मिल गया

मिसेज़ गुप्ता को स्मार्ट स्टूडेंट पसंद है

जिस से वो मेरे साथ सेक्स करने को इतनी जल्दी तैयार हो गयी

वो इस लिए कि उनकी इच्छा थी मेरे साथ सेक्स करने की और वो पूरी हो गयी

मिसेज़ गुप्ता पुराने लॅब मे चली गयी

और मिसेज़ गुप्ता के पीछे पीछे मैं भी चला गया

पुरानी लॅब मे मैं ने अनु के साथ सेक्स किया था पर वहाँ मज़ा नही आता , हर तरफ गंदगी होती है

लेकिन मेरे पास टाइम नही है ऐसे मे बस यही जगह है जल्दी सेक्स करके फ्री होने का क्यूँ कि एग्ज़ॅम जो थी मेरी

मेरे आने तक मिसेज़ गुप्ता पुराने लॅब मे जा चुकी थी

मैं जब लॅब मे गया तो मिसेज़ गुप्ता उस लॅब मे रखी हुई अलमारी को अपने पास की की से ओपन करने लगी , उस अलमारी को ओपन करके वहाँ से गद्दे निकाल लिए

यहाँ पर गद्दे भी है मुझे ये पता ही नही था

मैं ने मिसेज़ गुप्ता की मदद की ,

गद्दे को टेबल पे लगा कर हम तैयार हो गये प्यार करने को

गद्दे सोफे पे रखने वाले थे पुराने थे पर काम आ जाएँगे

मिसेज़ गुप्ता ने सारी तैयारी करते ही मेरे तरफ देखने लगी

मैं मेडम को घूर्ने लगा

सर से लेकर पैरो तक उनके बदन को देखने लगा

मिसेज़ गुप्ता ने खुद को अच्छे से मेनटेन करके रखा था ताकि स्टूडेंट देखते उनपे फिदा हो जाए

मुझे इस तरह खुद को घूरते हुए देख कर मिसेज़ गुप्ता शरमाई नही बल्कि मिसेज़ गुप्ता ने कुछ नही कहा और मुझे किस करना स्टार्ट किया

मिसेज़ गुप्ता ने डाइरेक्ट हमला बोल दिया

बहुत प्यासी है मिसेज़ गुप्ता , इस साल भी उनको कोई स्टूडेंट नही मिला

मिसेज़ गुप्ता किस करने मे खो गयी थी

मुझे तो बहुत मज़ा आ रहा था क्यूँ कि मिसेज़ गुप्ता पूरे जोश के साथ किस कर रही थी , मेरा वश चले तो मैं सिर्फ़ मज़ा लूँ पर मिसेज़ गुप्ता को भी मज़ा मिलना चाहिए वरना दोनो को मज़ा नही आएगा

मिसेज़ गुप्ता किस करने के साथ मेरे होंटो को खाने लगी

मैं भी कहाँ पीछे रहता

मैं तो उनको खाने लगा

मिसेज़ गुप्ता आसानी से तैयार हो गयी

क्यूँ कि जैसे मैं उनके साथ सेक्स करना चाहता था वो भी ऐसे ही मेरे साथ सेक्स करना चाहती थी , जिस से कोई बात करने का चान्स ही नही था , जो करना था वो हम कर रहे थे , हम किस कर रहे थे

मिसेज़ गुप्ता तो.मुझे भी अच्छा किस कर रही थी

वो मेरे नीचे के होंटो को सक कर रही थी और खुद अपना उपर का होंठ मुझे सक करने को दे रही थी

किस किसी वर्ल्ड वॉर से कम नही था

हम दोनो कुछ दिनो से प्यासे थे

ऐसे मे पूरा जोश एक ही चुदाई पे लगा रहे थे

अगर ये मिसेज़ गुप्ता का बेडरूम होता तो इस जोश के साथ कपड़े भी फट जाते

मेरी जगह कोई और होता तो वो मिसेज़ गुप्ता के हमले को संभाल नही पाता ,पर मैं भी कुछ कम.नही था , मिसेज़ गुप्ता को बराबर टक्कर देते हुए उनकी जीभ को सक करने लगा

इस किस ने तो हम दोनो को थका दिया था

किस ख़तम होते ही मिसेज़ गुप्ता तो हाँफने लगी और मैं उनकी सासो मे अपनी सासे मिलाने लगा

इस तरह हाँफने के बाद भी मिसेज़ गुप्ता की आँख मे प्यास नज़र आ रही थी

मिसेज़ गुप्ता बिना नॉर्मल होते ही वापस मेरे उपर टूट पड़ी

मैं ने इस हमले को भी संभाल लिया

हमने एक बड़े से टेबल पे गद्दे डाले थे जिस पे मैं बैठ गया और मिसेज़ गुप्ता खड़ी रह कर किस कर रही थी

मिसेज़ गुप्ता थी तो बड़ी स्ट्रीक पर थी भी उतनी ही हॉट

उनकी हॉटनेस्स का आज मुझे पता चला

पूरे जोश के साथ किस कर रही थी मिसेज़ गुप्ता

मिसेज़ गुप्ता को पता था कि अब कॉलेज मे ज़्यादा स्टूडेंट नही है और जो है वो एग्ज़ॅम दे रहे है ऐसे मे वो बिंदास होकर किस कर रही थी

सेक्स मे लास्ट तक टिकना है तो आराम से चलो

मिसेज़ गुप्ता का जोश ठंडा पड़ते ही वो सास लेने लगी तो मैं ने उनको अपनी गोद मे बैठा दिया

मिसेज़ गुप्ता मेरी गोद मे थी, और मैं मिसेज़ गुप्ता के लिप्स पर और गले पर किस कर रहा था

मिसेज़ गुप्ता शीष्कारिया ले रही थी ,आआहह… उम्म्म्ममम… कर रही थी.

मिसेज़ गुप्ता मस्ती मे थी

मैं ने मिसेज़ गुप्ता का मंगलसूत्र खोल कर साइड टेबल पर रख दिया और फिर से मिसेज़ गुप्ता के गले पर किस करने लगा

मैं अपने एक हाथ से मिसेज़ गुप्ता के बूब्स को ब्लाउस के उपर से मसल रहा था और मिसेज़ गुप्ता को किस कर रहा था

किस करते करते मैं ने मिसेज़ गुप्ता की जीभ को अपने मुँह मे ले लिया और चूसने लगा कभी मैं मिसेज़ गुप्ता की नेक को किस करता तो कभी गालो को.

किस करते करते मैं ने मिसेज़ गुप्ता के ब्लाउस का बटन खोल दिए और ब्रा के उपर से मिसेज़ गुप्ता की छाती को चूमने लगा और निपल को ब्रा के उपर से रगड़ने लगा

मिसेज़ गुप्ता का ब्रा मेरे थूक से गीला हो गया था…

फिर मैं ने अपना हाथ पीछे कर के मिसेज़ गुप्ता के ब्रा का हुक खोल दिया और खींच कर निकाल दिया.

मिसेज़ गुप्ता ने मुझे रोका नही था

वो भी नंगी होकर सेक्स करना पसंद करती थी बर्ना यहाँ कोई और होता तो कहती बिना कपड़े निकाले करो

और वो तो 7 साल से सेक्स कर रही थी कॉलेज मे , जिस से कोई प्राब्लम नही था

मैं मिसेज़ गुप्ता के बूब्स को देख कर पागल हो गया

मिसेज़ गुप्ता के बूब्स बहुत बड़े और गोल-गोल थे,

उनकी ब्राउन कलर की निपल देख कर मैं अपना होश खो बैठा और अपने मुँह मे लेकर चूसने लगे और दबाने लगा

, मिसेज़ गुप्ता आअहह… सस्स्शह… म्म्म्मम… कर रही थी.

मिसेज़ गुप्ता पूरी तरह से एग्ज़ाइट हो गयी थी, जिससे उनके बूब्स और तन गये थे.

मैं पागलो की तरह मिसेज़ गुप्ता के बूब्स को चूस रहा था

कभी मैं मिसेज़ गुप्ता के निपल को मुँह मे लेकर चूस्ता तो कभी मिसेज़ गुप्ता के बूब्स पर किस करता तो कभी बूब को.काट लेता तो मिसेज़ गुप्ता की शीष्कारी निकल जाती

मिसेज़ गुप्ता के साथ बहुत मज़ा आ रहा था

पर हमारे पास टाइम नही था

जो करना था वो फास्ट करना था

थोड़ी देर बूब्स चूसने के बाद मैं ने मिसेज़ गुप्ता को लिटा दिया

और मिसेज़ गुप्ता के लेग्स के पास बैठ गया और मिसेज़ गुप्ता की चूत पर साड़ी के उपर से पर किस करने लगा ,

फिर धीरे धीरे मिसेज़ गुप्ता के लेग्स पर किस करते हुए मिसेज़ गुप्ता की साड़ी को उठाते हुए कमर तक कर दिया.

फिर मैं ने पहले मिसेज़ गुप्ता की पैंटी के पास स्मेल लिया ,नमकीन खुसबु थी

और मैं मिसेज़ गुप्ता की जाँघो को किस कर दिया .

मिसेज़ गुप्ता आआहह… म्म्म्मम… ओह…. कर रही थी.

मैं ने मिसेज़ गुप्ता की पैंटी निकाल कर अपने हाथो मे ले ली और सूंघने लगा

फिर मिसेज़ गुप्ता की चूत को देखने लगा ,मिसेज़ गुप्ता की चूत पर थोड़े थोड़े बाल थे और उस मे से उनकी लाल चूत दिख रही थी.

मैं ने अपनी दो उंगली से मिसेज़ गुप्ता की चूत को फैला दिया और मिसेज़ गुप्ता की लाल चूत को देख कर पागल हो गया

चूत कितनी गहरी है ये देखने के लिए मैं ने अपनी एक उंगली आदर डाल दी और धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा

मिसेज़ गुप्ता एयाया… उम्म्म्मममम… करने लगी और अपने चूतड़ को उठाने लगी.

मिसेज़ गुप्ता ने कहा कि ज़ोर से करो

अब कुछ धीरे नही होगा जो होगा ज़ोर से होगा

और मैं ने मिसेज़ गुप्ता की दोनो टॅंगो को फैला दिया और मिसेज़ गुप्ता की चूत को अपनी उंगली से गीली करने लगा

चूत मे थोड़ी देर उंगली करने के बाद मैं ने मिसेज़ गुप्ता की चूत से उंगली निकाल ली

मिसेज़ गुप्ता तो नंगी हो गयी थी अब मैं भी अपने हथियार को आज़ाद करूँगा

मैं ने अपने कपड़े उतार लिए और मिसेज़ गुप्ता वही बेड पर लेटी रही.

मिसेज़ गुप्ता ज़ोर-ज़ोर से साँस ले रही थी, उनकी छाती उपर नीचे हो रही थी.

वासना और बेशर्मी का ये नंगा नाच था.

मैं कुछ देर तक मिसेज़ गुप्ता को घूर कर देखते हुए अपने लंड को सहलाता रहा था

फिर मिसेज़ गुप्ता मेरे लंड को देखते खुश हो गयी

मिसेज़ गुप्ता- तुम तो दमदार हो

अवी - आपका दम निकालने के लिए गीला करना चाहिए

मिसेज़ गुप्ता ने मुझे अपने पास आने को कहा और मैं ने अपना लंड मिसेज़ गुप्ता के मुँह के पास लाकर रख दिया और मिसेज़ गुप्ता अपने हाथ से मेरा लंड पकड़ कर अपने मुँह मे लेकर चूसने लगी

चूसने मे मिसेज़ गुप्ता बहुत ज़्यादा खो गयी थी

उनको मेरा लंड कुछ ज़्यादा ही पसंद आया था

जिस से वो पूरा का पूरा लंड खा जाना चाहती थी

वो तो बस लंड को प्यार से चूस कर मज़ा लेना चाहती थी

मिसेज़ गुप्ता लंड चूसने मे एक्सपर्ट थी जिस से उनका लंड चूसना सबसे अलग था

टोपा को तो कुछ ज़्यादा ही देर अपनी जीभ से चाट रही थी

मेरे आंडो को अपने हाथो से सहलाना और साथ ही अपनी जीभ से टोपा को चाटना मेरा तो कंट्रोल ही नही हो रहा था

मैं तो मदहोश हो गया था

ऐसे मे मेरे हाथ मे मिसेज़ गुप्ता के बूब्स आ गये

मज़े के नशे मे मैं उनको बेदर्दी से मसल रहा था लेकिन इसका मिसेज़ गुप्ता पे उल्टा असर पड़ गया

मिसेज़ गुप्ता और जोश के साथ लंड को चूसने लगी

गॅप गॅप गॅप गॅप करके लंड अपने मुँह मे ले रही थी

उनको तो उसी मे मज़ा आ रहा था

इस मज़े को और बढ़ाने के लिए मैं ने 69 पोज़िशन मे आ गया

मुझे मिसेज़ गुप्ता की चूत चूसने मे कोई इंटेरेस्ट नही था

पर उंगली करने से उनको भी.मज़ा ज़रूर आएगा फिर मुझे डबल मज़ा मिलेगा

मैं मिसेज़ गुप्ता की चूत मे उंगली करने लगा तो मिसेज़ गुप्ता लंड चूसने से एंजाय करने लगी

चूत तो गीली हो गयी थी और मिसेज़ गुप्ता मेरे लंड को गीला कर रही थी

मैं.ने तो उनकी चूत पे थप्पड़ मारा तो उनकी आहह निकल गयी

इतना बहुत हो गया

समय कम था और चुदाई एक ही बार करनी थी

मैं ने मिसेज़ गुप्ता को रोक दिया

मिसेज़ गुप्ता रुकने को तैयार नही थी पर जैसे ही उनको बताया कि लंड चूत मे जाएगा तो वो खुश हो गयी

मुझे तो आज चूत और गंद पहली और आख़िरी बार मारनी थी

कुछ देर बाद मिसेज़ गुप्ता ने अपने मुँह सेमेरा लंड बाहर निकाला.

मेरे पूरे लंड पर मिसेज़ गुप्ता का थूक लगा हुआ था.
 
चॅप्टर 951एच

आख़िर अब मैं ने मिसेज़ गुप्ता की साड़ी निकाल दी और पेटिकोट निकाल कर मिसेज़ गुप्ता को पूरा नंगा कर दिया.

दुनिया की सबसे हॉट टीचर थी मिसेज़ गुप्ता थी, मेरे सामने पूरी नंगी थी.

नंगी मिसेज़ गुप्ता बेड पर अपनी टाँगो को फैला कर लेटी हुई थी.

और मैं अपने लंड को सहलाते हुए मिसेज़ गुप्ता के उपर लेट गया

मैं थोड़ी देर तक मिसेज़ गुप्ता के बूब्स को चूस्ता रहा… फिर एक हाथ से अपने लंड को पकड़ कर मिसेज़ गुप्ता की चूत पर रगड़ने लगा

मिसेज़ गुप्ता अपने लिप्स को अपने दाँतों से दबाए हुए थी और सिसकारियाँ ले रही थी…

मिसेज़ गुप्ता ने ग्रीन सिग्नल दे दिया

मैं ने अपने लंड को पकड़ते हुए एक धक्का दिया.

मिसेज़ गुप्ता थोड़ी पीछे की तरफ हो गयी… मैं ने एक और झटका दिया मिसेज़ गुप्ता थोड़ा और पीछे हो गयी और मिसेज़ गुप्ता के मुँह से चीख निकल पड़ी.

पूरा लंड मिसेज़ गुप्ता की चूत मे चला गया

मिसेज़ गुप्ता को दर्द होने लगा

बहुत दिनो बाद लंड मिला था

और लंड मिला तो.मिला ऐसा कि उनको नानी याद आ जाए

और उनकी सारी प्यास बुझा देगा मेरा लंड

लंड पहले झटके मे तो आराम से गया था पर बाद मे मिसेज़ गुप्ता को दर्द हुआ

मिसेज़ गुप्ता ने मुझे रुकने को कहा पता नही दर्द की वजह से रुकने को कहा या मेरे लंड को अपने अंदर फील करना चाहती है

जिस से मैं रुक गया और मिसेज़ गुप्ता के बूब्स को पकड़ लिया और धीरे धीरे किस करने लगे.

अवी-अब भी दर्द हो रहा है क्या?

मिसेज़ गुप्ता से बोला नही जा रहा था…

उनकी.आँखे बंद थी

मुझे लगा मुझे रुक जाना चाहिए

मैं थोड़ी दूर और रुका और मिसेज़ गुप्ता को आराम देने लगा

मिसेज़ गुप्ता तो वैसी ही आँख बंद करके पड़ी थी

अवी- मॅम सो गयी क्या

मिसेज़ गुप्ता- सोई नही तुम्हारे लंड की गर्मी को फील जर रही थी

अवी- मतलब आपको दर्द नही हो रहा है

मिसेज़ गुप्ता- हल्का सा हुआ था पर तुम्हारे लंड ने सारा दर्द जल्दी ख़तम कर दिया

मैं ने अब एक और झटका दिया और धीरे धीरे लंड मिसेज़ गुप्ता की चूत मे पेलने लगा

मिसेज़ गुप्ता के बूब्स हिल रहे थे.

मिसेज़ गुप्ता मेरे लंड की गर्मी को फील कर चुकी है

अब मिसेज़ गुप्ता को मेरे लंड के धक्के को फील करवाता हूँ

मिसेज़ गुप्ता मेरे धक्को को भी फील कर रही थी

मैं अब बस धक्के मारने पे फोकस करने लगा

इस से मुझे पहली बार ही चूत ही गहराई का पता चल जाएगा

मेरे धक्को से मिसेज़ गुप्ता शीष्कारियाँ लेते हुए फील कर रही थी

मिसेज़ गुप्ता आआआ… ओफफफ्फ़… औहह… माआ… सस्स्सीए… नाआआ… माआ… कर रही थी.

अवईीईईईई तूमम्म्ममम....... दमदर्र्र्ररर हूऊऊऊओ..... मेरिइईईईईई फद्द्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड हीईीईईईईईई डलूऊऊऊऊ आअज्जजज्ज्ज्ज्ज्ज आईसीईई फादूऊऊ कीईईईईईईईईई दुबाराआा खुजलीइीईईईई नाआअ हूऊऊऊ

मिसेज़ गुप्ता तो ऐसे शीष्कारियाँ ले रही थी जैसे वो अपने बेडरूम.मे हों

उनको तो किसी के सुनने का डर भी नही था

शायद उनको पता है कि यहाँ उपर कोई नही आता

मुझे क्या था मैं तो अपने मज़े से धक्के मारने लगा

मिसेज़ गुप्ता मेरे हर धक्के पे कहती कि और ज़ोर से मारो

तो.मैं और ज़ोर से मार देता

फिर कहती और ज़ोर से

और मैं दुगनी ताक़त के साथ धक्का नार देता

शायद मिसेज़ गुप्ता का पानी निकल रहा था

और हुआ भी ऐसा ही

मिसेज़ गुप्ता ने मेरे लंड को नहला दिया

उनके पानी से नहा के मेरा लंड तो और ख़तरनाक दिख रहा था

अब तो मिसेज़ गुप्ता की बारी थी

मैं मिसेज़ गुप्ता के उपर से उठ गया और मेडम को मेरे उपर आने को कहा

मिसेज़ गुप्ता अपना पानी निकाल हल्की हो गयी थी जिस से अब वो मेरे उपर उछलने को तैयार थी

मिसेज़ गुप्ता ने मेरे लंड पे लगा हुआ अपना पानी चाट लिया

इस तरह चाट लिया कि मुझे सिड्यूस कर रही हों

लंड को चाटने के बाद मिसेज़ गुप्ता मेरे लंड पर आराम से बैठ गयी

इंच बाइ इंच लंड को अपने अंदर ले रही थी

मिसेज़ गुप्ता तो इस खेल की पुरानी खिलाड़ी थी

जिस से वो लंड को अंदर लेने के बाद अपनी कमर को.गोल हॉल घुमाने लगी

मेरे लंड को अपनी चूत की दीवार से रगड़ने लगी

इस तरह तो लंड और फूलने लगा

लंड की हालत मिसेज़ गुप्ता की चूत खराब कर रही थी

मेरे लंड को धक्का मारना पसंद था

पर मिसेज़ गुप्ता तो मेरे लंड को ज़ख्मी बना रही थी

मेरे लंड की प्यास बढ़ा रही थी

मिसेज़ गुप्ता धीडे धीरे धीरे लंड का मज़ा ले रही थी

मैं अपनी गंद उपर करके नीचे से धक्के मारना चाहता तो मिसेज़ गुप्ता मुझे रोक देती

और मुझे खुश करते हुए अपनी कमर गोल गोल घुमाती रहती

मिसेज़ गुप्ता उछलने की जगह लंड से अपनी चूत को रगड़ रही थी

इस से मज़ा तो आ रहा था पर उतना नही जितना धक्को से आता है

और मैं इस तरह की चुदाई के लिए तैयार नही था

मैं ने मिसेज़ गुप्ता को वापस अपने नीचे लिया और जोरदार चुदाई करने लगा
 
मिसेज़ गुप्ता लंड को फील करने के बाद इस तरह के धक्के मिलेंगे तो वो मस्त हो जाएगी

मिसेज़ गुप्ता की ऐसी चुदाई करने लगा कि अब उनकी फट के ही रहेगी

ऐसी फटेगी कि दुबारा जब चूत को हाथ लगाएँगी तो मुझे याद करेंगी

मिसेज़ गुप्ता थी तो चुदाई की क्वीन

वो इसका भी मज़ा ले रही थी

मिसेज़ गुप्ता एक हाथ नीचे की तरफ ले जाते हुए अपनी चूत के उपर वाले हिस्से को रगड़ रही थी और मिसेज़ गुप्ता की वैसी जोरदार चुदाई कर रहा था .

मिसेज़ गुप्ता चूत रो रही थी और मिसेज़ गुप्ता सिसीकरियाँ ले रही थी,

पूरे रूम मे मिसेज़ गुप्ता की सिसकारियाँ और टेबल के हिलने की आवाज़ आ रही थी.

अब मैं ने मिसेज़ गुप्ता का निपल अपने मुँह मे ले लिया और तेज़ी से मिसेज़ गुप्ता को चोदने लगा.

मिसेज़ गुप्ता धीरे धीरे अपने चूतड़ उठा उठा कर मेरा साथ दे रही थी.

फिर थोड़ी देर बाद मैं उठ कर बैठ गया

और मैं ने मिसेज़ गुप्ता की जाँघो को पकड़ कर मिसेज़ गुप्ता की चूत मे अपना लंड डाल दिया.

मिसेज़ गुप्ता ने अपने हाथ पीछे की तरफ कर के टेबल को पकड़ लिया.

उनके बूब्स तन गये थे और मेरे हर धक्के पर उनके बूब्स आगे पीछे हो रहे थे…

कुछ देर तक मैं ने उनको ऐसे ही चोदा,

फिर मैं ने ज़ोर का झटका दिया और मिसेज़ गुप्ता आआआआआहह… करने लगी.

मिसेज़ गुप्ता का पानी निकल गया

मिसेज़ गुप्ता ठंडी पड़ गयी

पर मेरा अभी नही हुआ था

मैं ने मिसेज़ गुप्ता को टेबल से नीचे उतार दिया

और टेबल को पकड़ कर गंद मारने का प्लान बनाया

मैं मे मिसेज़ गुप्ता की गंदपे हाथ फिराया

मिसेज़ गुप्ता समझ गयी कि अब गंद फटेगी

मिसेज़ गुप्ता की गंद के दीवाने पूरे कॉलेज मे मिल जाएँगे

पर मिसेज़ गुप्ता के डर की वजह से सब के लंड उनको देखते ही ठंडे पड़ जाते है

पर आज मेरा लंड तो मिसेज़ गुप्ता की गंद को अपने नाम कर देगा

मैं ने मिसेज़ गुप्ता की गंद पर थप्पड़ मार कर उनको बताया कि अब गंद फटेगी

मिसेज़ गुप्ता ने मुझे रोका नही बल्कि अपने चूतड़ पकड़ कर फैला दिए

गंद का छेद मेरे लंड को देखते ही , मैं मिसेज़ गुप्ता की गंद मे मेरे सख़्त और लंबे मोटे लंड को घुसाने लगा

लंड को मिसेज़ गुप्ता की गंद पर रगड़ते टोपा अंदर जाने को तैयार हो गया

और मैं ने बस पुश ही किया था लंड को कि टोपा अंदर चला गया

लगता है मिस्टर गुप्ता गंद मारने पे विश्वास रक्ते है

मुझे क्या था

मेरा काम तो आसान हो गया

मैं ने एक ज़ोर दार झटका मारा

… अब तो मिसेज़ गुप्ता की चीख .निकल गयी

वॉववववववव! ओह नूऊऊओ आआअहह मररर्र्ररर गाइिईईईईई थोदाआ धीरीईए ये चूवततत नहियिइ गंड्ड़ड़ हाईईईईईई

ये मैं तो समझ गया कि ये चूत नही गंद है पर मेरे लंड को कौन बताएगा

और मेरे मोटे बड़े लंड से दर्द हो रहा था

मैं ने लंड बाहर निकाल कर दुबारा अपने लंड को मिसेज़ गुप्ता की गंद पे घुसाने लगा

, .. ववॉववववववव ! औचह्ा .. ओह दमम्म , आअहह ऊऊुउउक्चह

अब मेरा पूरा लंड मिसेज़ गुप्ता की गंद के अंदर था

.. फिर क्या था मैं धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा लंड को

और मिसेज़ गुप्ता भी जल्दी लंड का मज़ा लेने लगी

उनको भी पता था कि कम समय मे ज़्यादा मज़ा लेना है

ऐसे मे दर्द को अलग रख कर मेरे धक्को से अपनी गंद मरवाने का मज़ा ले रही थी

उसस्स्स्स्स्सस्स करके मिसेज़ गुप्ता की चीख और मिसेज़ गुप्ता को असली मज़ा आने लगा

मैं ने मिसेज़ गुप्ता की कमर को अपने हाथ से पकड़ रखा और चोदने लगा ..

मिसेज़ गुप्ता शीष्कारियाँ ले रही थी

वॉवववववव , अहाआआआआआअ , इसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स

मिसेज़ गुप्ता की हॉटनेस्स कुछ ज़्यादा ही थी

उनकी मस्त गंद आग उगल रही थी

मेरा लंड उस आग मे पिघल रहा था

मैं ज़्यादा देर गंद नही मार पाउन्गा ये मुझे पता था

पर पता नही फिर कब चान्स मिलेंगा मिसेज़ गुप्ता से मिलने का

इस लिए गंद भी मारनी शुरू की

और हुआ ऐसा ही

जल्दी मेरा वीर्य निकलने वाला था

और मैं अपना लावा मिसेज़ गुप्ता को पिलाना चाहता था

जब लगा कि मेरा होने बाला है तो मैं ने लंड मिसेज़ गुप्ता की गंद से बाहर निकाला

मिसेज़ गुप्ता समझ गयी कि उनको क्या करना है

मिसेज़ गुप्ता मेरे लंड को चूस कर मेरे लोडे को अपने मुँह मे लेने लगी

मेरा सारा वीर्य मिसेज़ गुप्ता ने पी लिया

और मिसेज़ गुप्ता गद्दे पे लेट कर हाँफने लगी

मैं ने टाइम देखा तो अभी कोमल की एग्ज़ॅम ख़तम होने मे कुछ टाइम बाकी थे

मैं ने अपने कपड़े ठीक किए
 
चॅप्टर 951 आइ

मिसेज़ गुप्ता की चुदाई करके मज़ा आ गया

मिसेज़ गुप्ता जैसी हॉट टीचर के साथ मज़ा ना मिले ये हो ही नही सकता

चुदाई करने के बाद मैने कपड़े पहन लिए

मिसेज़ गुप्ता तब तक नॉर्मल हो गयी

मिसेज़ गुप्ता ने इस जोरदार चुदाई के लिए थॅंक्स कहा

मिसेज़ गुप्ता - तुम पहले मिल जाते तो और मज़ा करते

अवी-मुझे भी यही लग रहा है ,

मिसेज़ गुप्ता - तुम कल मेरे घर आना हम दिन भर मस्ती करेंगे

अवी-नही आ सकता

मिसेज़ गुप्ता - क्यूँ मज़ा नही आया मेरे साथ

अवी-मज़ा तो बहुत आया पर एग्ज़ॅम की तैयारी करनी है

मिसेज़ गुप्ता - एग्ज़ॅम के बाद आ जाना

अवी-देखते है अगर टाइम मिला तो आज जाउन्गा

मिसेज़ गुप्ता - आओगे तो इतना मज़ा दूँगी कि तुम बार बार मेरे पास आओगे

अवी-फिर तो टाइम ज़रूर निकाल लूँगा

मिसेज़ गुप्ता - चलो अब

अवी-कपड़े तो पहन लो

मिसेज़ गुप्ता - बिना कपड़ो के बाहर जाउन्गि तो सबके तोते उड़ जाएँगे

अवी-आप आराम से आइए मैं चलता हूँ

मिसेज़ गुप्ता - मैं भी यही कहने वाली थी

और मैं मिसेज़ गुप्ता की गंद पे कुछ थप्पड़ मार कर वहाँ से कॅंटीन मे चला गया

मिसेज़ गुप्ता लंगड़ाकर चलते हुए अपनी लॅब मे चली गयी

इस मज़ेदार दिन की वजह से कोमल और आरती वापस फ्रेंड बन गयी और मुझे मिसेज़ गुप्ता की चुदाई करने को मिली

मिसेज़ गुप्ता की चुदाई से हल्का हल्का लग रहा था

कॅंटीन मे आकर गरम गरम कॉफी पीते ही और तरोताज़ा हो गया

कोमल और रानी भी थोड़ी देर बाद कॅंटीन मे आ गयी अपनी एग्ज़ॅम दे कर

अवी- जैसा गया एग्ज़ॅम

कोमल- बेस्ट

रानी- मेरा तो कोमल से बेस्ट

कोमल- तो क्या 20 ने से 21 लेगी

रानी- मिल जाए तो मुझे कोई प्राब्लम नही है

अवी- हो गया प्रेक्टीकल एग्ज़ॅम अब बस रिटिन एग्ज़ॅम अच्छे से हो जाए तो चैन से सो पाउन्गा

कोमल- इस साल तुमने बहुत मेहनत की है देखना तुम्हारे मार्क देख कर सब अच्छा हो जाएगा

अवी- लास्ट टाइम भी शॉक्ड हुए थे मेरे मार्क देख कर

रानी- इस बार तुम्हें हमसे भी ज़्यादा मार्क मिल सकते हैं

अवी- जोक ऑफ दा एअर था ये

कोमल- देखना तुम अपने क्लास मे टॉप करोगे

अवी- ऐसा हुआ तो इसका क्रेडिट तुम दोनो को जाएगा

रानी- फिर तो मैं पार्टी लूँगी

अवी- सबको पार्टी मिलेगी अब चले

कोमल- रूको आरती से मिलके जाते है

अवी- वो तो चली गयी घर

रानी- बिना थॅंक्स कहे

अवी-( अब तुम्हें क्या बताऊ , क्यूँ आरती घर गयी ) वो थोड़ी डरी हुई लग रही थी मेरा मतलब है शॉक्ड थी

कोमल- कोई बात नही आज उसके लिए ये दिन अजीब था , एग्ज़ॅम के बाद मिल लेंगे

अवी- चलो हम चलते है मुझे पढ़ाई भी करनी है

मेरी बात पे दोनो हंस पड़ी

मैं कोमल के साथ घर आ गया

घर आकर रिटन एग्ज़ॅम की तैयारी करने लगा कोमल और रानी के साथ मिलके
 
चॅप्टर 952

हमारे एग्ज़ॅम चालू हो गये.

पूरे साल मैं ने चुदाई कम की क्यूँ कि ये साल बहुत इम्पोर्टेंट था.

यहाँ से मेरा फ्यूचर क्या होने वाला है वो डिसाइड होगा.

12थ क्लास की एग्ज़ॅम टर्निंग पॉइंट होता है यहाँ पे सही टर्न लेना ज़रूरी होता है.

मैं ने पिछले साल पढ़ाई पे कम ध्यान दिया था जिस के वजह से मुझे एग्ज़ॅम मे कम मार्क मिले थे.

पिछले साल काम भी ज़्यादा था. मेले के वजह से मैं पढ़ाई पे ध्यान नही दे पाया था .

इस साल शुरू से मैं पढ़ाई पे ध्यान दिया ,ना मैं ने जूनियर की रॅगिंग ली और ना कॅंटीन मे ज़्यादा समय बिताया

जितनी मस्ती करनी थी मैं ने पिछले साल की थी. इस बार मैं कोमल और रानी के साथ पढ़ाई करने लगा.

कभी कभी हम तीनो घूमने जाते. साथ मे मस्ती करते पर पढ़ाई भी अपने हिसाब से चल रही थी.

स्वेता दीदी की इंगेज़मेंट का पता चलते कोमल और मैं ने उस एक हफ्ते की पूरी कसर पहले ही निकाल ली थी.

स्वेता दीदी और सीतल दीदी की सगाई हो गयी. वो दोनो खुश थे.

सगाई हमारे गाँव मे हुई थी. हमारे गाँव का महॉल रोहन की फॅमिली को पसंद नही आया .जिस की वजह से वो शादी अपने तरीके से करना चाहते थे.

प्रॅक्टिकल एग्ज़ॅम के समय मैं आरती की चुदाई कर सकता था पर मैं ने एग्ज़ॅम के बारे मे सोचा.

आरती ना मिली तो क्या हुआ एग्ज़ॅम इंपॉर्टेंट था.

मेरी तरह कोमल भी एग्ज़ॅम के लिए काफ़ी एग्ज़ाइट थी.

एग्ज़ॅम के लास्ट दिन उसके पापा दुबई से आने वाले थे.

स्वेता दीदी और सीतल दीदी के पापा उनके सगाई के वक्त आ गये थे.

कोमल और लीना के पापा हमारे एग्ज़ॅम ख़तम होते आ जाएँगे.

कोमल खुश थी कि उसके पापा दुबारा दुबई नही जाएँगे.

उनका जो अग्रीमेंट था वो ख़तम हो रहा था. 3 साल दुबई मे काम करने का, वो 3 साल यहाँ की कंपनी मे काम करते थे फिर 3 साल दुबई की कंपनी मे जाते थे. मतलब कंपनी एक ही थी. 3साल बाद अग्रीमेंट करती थी.ऐसा करने से फॅमिली के साथ टाइम भी बिता सकते थे और दुबई जाकर पैसे कमा लाते थे.

अब तो डिसाइड हुआ कि वो यही रुकेंगे ,दुबई नही जाएँगे. एक तो वो कंपनी मे काम करते रहेंगे और दुबई का अग्रीमेंट साइन नही करेंगे.या फिर अपना बिज़्नेस शुरू कर सकते है.

कोमल अपने पापा के आने से खुश थी. वैसे कोमल के पापा दुबई जाने के बाद साल मे एक बार आते थे.लेकिन उनके डिसिशन से कोमल खुश थी.

हम अपने एग्ज़ॅम जल्दी दे कर फ्री होना चाहते थे. मुझे शादी की तैयारी मे लगना था और कोमल अपने पापा के आनेकी तैयारी करना चाहती है

कोमल रानी और मैं एग्ज़ॅम ख़तम होते कहीं घूमने जाने का प्लान बना रहे थे.

एग्ज़ॅम चालू हो गये. हमे एक दिन मे 2 पेपर की आदत लग गयी थी पर बोर्ड के एग्ज़ॅम एक दिन मे एक होता है

ना हमारी उंगलियो मे पेन हो रहा था ना हमारे दिमाग़ मे

मैं स्टेप बाइ स्टेप पेपर लिखने पे ध्यान देने लगे.

चाची का आशीर्वाद और मेरी मेहनत का कमाल दिखाने का समय आ गया था

मैं जी जान लगा कर एग्ज़ॅम लिखता गया. स्याही की जगह अपने खून और पसीने से पेपर लिख रहा था

मुझे अच्छे मार्क लेकर चाची का सर उचा करना था.

मैं दिमाग़ को शांत रख कर पेपर लिखने लगा.

ना इधर देख रहा था और ना उधर देख रहा था.करीम मुझे आवाज़ दे कर अन्सर पूछ रहा था पर मैं अपने पेपर पे फोकस करता गया.

हमारे कॉलेज को 2 सेंटर मिला था .पर मेरे फ्रेंड एर कोमल रानी को एक ही सेंटर मिला था

एक एक करके हमारे पेपर ख़तम होते गये.

लास्ट पेपर के समय सबके दिमाग़ मे पेपर की जगह पार्टी कैसे करे ये चल रहा था.

कुछ घूमने जाने का प्लान बनाते हुए पेपर लिख रहे थे.

हम ने पहले ही प्लान बनाया था जिस से कोमल रानी और मैं पेपर लिखने पे ज़्यादा ध्यान देने लगे.

कोमल जी जान लगा रही थी आरती को पीछे छोड़ कर 1स्ट आने की.

प्रॅक्टिकल के समय जो हुआ उसके बाद कोमल कभी भी आरती को पीछे छोड़ सकती थी.

फिर भी मुझे उन मे टफ कॉंपिटिशन लग रहा था.

जिस तरह मेरे पेपर गये थे. जिस तरह मेरा मत का पेपर गया था उस से लग रहा था कि मैं भी रॅंकिंग मे आ सकता हूँ.

रॅंकिंग मे आ गया तो चाची खुश हो जाएगी.

चाची ने इस बार पक्का प्रॉमिस किया था कि वो बड़ी चाची को सब बता देगी.

मतलब ये एग्ज़ॅम ख़तम होते मुझे चाची का प्यार मिलेगा.

कोमल और मेरे दिमाग़ मे घड़ी के काटे की आवाज़ गूँज रही थी

हम फुल स्पीड से पेपर लिख रहे थे. साप्लिमेंट लेते हुए पेपर जल्दी ख़तम होने की कोशिस कर रहे थे.

पेपर तो लिख कर हो गया पर टाइम ख़तम होने तक हमे बैठे रहना था.

एक एक सेकेंड हमे घंटे के बराबर लग रहा था.

फाइनॅली लास्ट बेल बज गयी .और हमारा फ्यूचर 3 महीने के लिए ब्लॅंक हो गया.3 महीने के बाद हमे रिज़ल्ट पता चलेगा.

पेपर ख़तम होते ही स्टूडेंट ने चिल्लाना शुरू किया.

मैं ने भागते हुए करीम और पंकज को बाइ बोल कर कल मिलने का प्रॉमिस किया.

और जल्दी रानी और कोमल के क्लास मे चला गया

 
चॅप्टर 953

रानी और कोमल मेरा ही इंतज़ार कर रही थी.

मेरे आते ही कोमल चिल्लाते हुए मेरे गले लग गयी.

उसके इस तरह चिल्लाने से सब हमारी तरफ देखने लगे.रानी भी हमारे गले लग गयी.

अवी- तुम दोनो तो ऐसी खुश हो रही हो कि जैसे दुबारा पढ़ाई नही करनी.

कोमल-अभी तो एग्ज़ॅम ख़तम हुए है .फिर से पढ़ाई की बात मत करो

रानी-सही कहा. पहले हम घूमने जाएँगे फिर एंटरेस के बारे मे सोचेंगे.

अवी- ठीक है, तो सनडे को चलेंगे

कोमल-हाँ, सनडे को , फुल मस्ती करेंगे.

अवी-फुल टू धमाल करेंगे

रानी-चलो अब

अवी- एक एक कॉफी हो जाए

कोमल-मैं भी वही सोच रही थी. पर जल्दी

अवी-पता है, तुम्हें क्यूँ जल्दी जाना है

रानी-क्यूँ ?

अवी- कोमल के पापा आ रहे ,अब तो कोमल बिजी हो जाएगी. मुझे भी मिलने के टाइम नही होगा.

कोमल-ऐसा दुबारा मत कहना, तुम्हारे लिए तो टाइम ही टाइम है.

फिर हम हमेशा वाले हमारे कॉफी अड्डे पर गये

कॉफी पीने की जगह जूस पीकर एग्ज़ॅम ख़तम होने का जश्न मनाया.

रानी कोमल और मैं एक ग्रूप बन गये थे. एक साथ एक दूसरे से करीब आ रहे थे.

जूस पीने के बाद रानी अपने घर चली गयी .और पीछे रह गये कोमल और मैं

अवी- चले

कोमल-मैं सोच रही थी कि पापा के लिए गिफ्ट लूँ

अवी-ये तो बढ़िया रहेगा.चलो गिफ्ट खरीदने चलते है

कोमल-मेरी मदद करोगे.

अवी- बिना कह भी मैं तुम्हारी मदद करता हूँ.तुम हक से बोला करो

कोमल-चलो जल्दी

फिर मैं कोमल को लेकर गिफ्ट शॉप मे चला गया

कोमल ने अपने पापा के लिए एक अच्छी वॉच खरीद ली.

फिर मैं कोमल को लेकर गाँव आ गया.

कोमल-अवी

अवी- हाँ बोलो

कोमल-पापा के आने तक तुम मेरे साथ रह सकते हो

अवी-क्यूँ ,क्या हुआ

कोमल-पता नही, एक अजीब सा डर लग रहा है.दिल घबरा है

अवी-मेरे होते हुए घबरा रही हो,

कोमल-तुम साथ रहते हो तो हिम्मत मिलती है.

अवी-ठीक है, चलो तुम्हारे घर चलते है.

मैं कोमल के घर चला गया.

नेहा बुआ भी आज खुश थी. स्पेशल खाना बना रही थी.

कविता और लीना ने आज पढ़ाई के लिए गुड बाइ कहा था .और अपने पापा के आने का इंतज़ार कर रहे थे.

राज के पापा स्वेता दीदी की सगाई के समय पर आए थे. अब कविता और लीना के पापा आ रहे थे.

उनके आने मे 1 घंटा बाकी था.उनका टाइम फिक्स था.

राज के पापा ने बताया कि वो बस से आएँगे जैसे वो आए थे. क्यूँ कि उनकी बस बसस्टॉप पर आते ही गाँव वाली बस लग जाती है. गाँव के लिए उसी बस से आएँगे.मतलब 4 बजे वो गाँव मे पहुँच जाएँगे.

कोमल भी नेहा बुआ के साथ खाना बनाने मे लग गयी.

मैं कविता और लीना के साथ बैठ कर टाइम पास कर रहा था.

अवी- कविता कोमल ने अंकल के लिए गिफ्ट लिया.

कविता-क्या ,दीदी ने गिफ्ट लिया .मैं ने तो

लीना-मैं ने भी कुछ नही लिया.

कविता-चलो हम भी कुछ लेते है.

लीना-शहर जाने तक देर हो जाएगी.

कविता-अब क्या करेंगे.

अवी-मैं हूँ ना , ये देखो मैं गिफ्ट लेकर आया हूँ.

कविता-वाव ,भैया आप गिफ्ट लेकर आए थे.

लीना-थॅंक्स भैया

अवी-तुम गिफ्ट देखो मैं कोमल से मिल के आता हूँ

मैं कोमल से मिलने की जगह चाची को कॉल किया.

अवी- हेलो चाची

सी चाची-अवी कहाँ है तू , फ्रेंड के साथ पार्टी कर रहे हो

अवी- नही, कोमल के यहाँ हूँ, उसके पापा आ रहे हैं ना,

सी चाची-बता तो देते ,मैं तुम्हारा कब से इंतज़ार कर रही हूँ.

अवी-कुछ देर इंतज़ार कीजिए फिर

सी चाची-तू जल्दी आ जा फिर हम कुछ सोच कर सुमन दीदी को सब बता देंगे

अवी- बस 1 घंटा , कोमल के पापा आते ही मैं घर आ जाउन्गा.

सी चाची-तब तक मैं अकेली कुछ सोचती हूँ.

अवी-बाइ

चाची से बात करने के बाद मैं कोमल के पास चला गया.

अवी-कोमल क्या कर रही हो

कोमल-स्वीट्स बना रही हूँ.

अवी-तुम्हारे पापा की बस आने का टाइम हो गया है.

कोमल-मैं तो तैयार भी नही हुई.

अवी-तुम तैयार हो जाओ मैं अंकल को लाने के लिए जाता हूँ

नेहा बुआ-उनके पास समान होगा ,

अवी-मैं बस स्टॉप पर जाता हूँ.

कोमल तैयारी करने के लिए चली गयी.

और मैं हमारे गाँव के बस स्टॉप पर आ गया.

मेरे आते ही बस भी आ गयी.

कविता के पापा और लीना के पापा समान लेकर बस से उतर रहे थे .

पहले लीना के पापा उतर गये .कविता के पापा उतर रहे थे कि उनके चेस्ट मे पेन होने लगा

अंकल ने अपनी चेस्ट पर हाथ रख दिया.

लीना के पापा ने उनकी तरफ देखा तब तक वो गिरने वाले थे कि लीना के पापा ने पकड़ लिया.

कविता के पापा अभी भी दर्द से तड़फ़ रहे थे. उनका हाथ अपनी चेस्ट पर था.

लीना के पापा भी उनकी चेस्ट को दबाने लगे.

अवी-क्या हो रहा है.

लीना के पापा -इनको अटॅक आया है. हार्ट अटॅक
 
चॅप्टर 954

लीना के पापा -इनको अटॅक आया है. हार्ट अटॅक

हार्ट अटॅक ,ऐसा लग रहा था जैसे मेरे कानो मे किसी ने बॉम्ब फोड़ दिया हो.

हार्ट अटॅक नाम सुनते ही मैं अपनी जगह पर ऐसा खड़ा हो गया जैसे कोई मूर्ति हो.

मुझे तो कुछ समझ नही आ रहा था. लीना के पापा मुझे आवाज़ दे रहे थे.

मैं कविता के पापा की तरफ देख रहा था.वो तडप रहे थे.

लीना के पापा - अवी अवी ,जल्दी मेरी मदद करो

लीना के पापा की आवाज़ सुनकर मैं होश मे आ गया.

विंडो से कंडेक्टर और बाकी लोग देख रहे थे

लीना के पापा - अवी इनको बस मे ले चलो

मैं ने लीना के पापा की मदद की और कविता के पापा को उठा कर बस मे ले गया.

लीना के पापा कविता के पापा को संभाल रहे थे .हिम्मत दे रहे थे.

मैं ने बस ड्राइवर को बस शहर ले जाने को कहा.

अवी-जल्दी हॉस्पिटल चलो

ड्राइवर-हमे तो

अवी-गुस्से से जल्दी हॉस्पिटल चलो ,दिख नही रहा उनको हार्ट अटॅक आया है

बस ड्राइवर ने एक बार पीछे पलट कर देखा और कंडेक्टर के हाँ करते उसने बस घुमा दी.

ड्राइवर बस को शहर की तरफ ले जाने लगा.

मैं वापस अंकल के पास आ गया.

लीना के पापा-हिम्मत रखो ,तुम्हें कुछ नही होगा.

कविता के पापा- मेरा वक्त आ गया है

लीना के पापा-ऐसा कुछ नही होगा. मैं तुम्हें कुछ नही होने दूँगा.

कविता के पापा-नेहा कोमल कविता

लीना के पापा-तुम कुछ मत कहो ,लंबी सासे लो

अवी-आप को कुछ नही होगा.

कविता के पापा-अवईिइ कोमलल्ल्ल

मैं उनके पास बैठ गया .और उनको हिम्मत रखने को कहने लगा.

लीना के पापा- अवी बस जल्दी चलाने को कहो

अवी-जल्दी चलो

ड्राइवर-फुल स्पीड से चला रहा हूँ

मैं वापस अंकल के पास आ गया.

लीना के पापा-आँख बंद मत करो ,

कविता के पापा- आअहह

अवी-अंकल ठीक हो जाएगा ना

लीना के पापा- दूसरा अटॅक है

दूसरा अटॅक का नाम सुनते ही मेरे पैर कापने लगे.

मेरे दिमाग़ मे अलग अलग ख़याल आ रहे थे.

मैं ने अपने माता पिता को खो दिया था ,ऐसा कोमल के साथ हुआ तो

नही नही मैं कोमल के साथ ऐसा नही होने दूँगा.

अगर अंकल को कुछ हुआ तो कोमल तो टूट जाएगी.

नेहा बुआ का क्या होगा. कविता ,उसे कितना दर्द होगा .उसका हँसता हुआ चेहरा

लीना के पापा-अवी

अवी-हाँ क्या हुआ

मैं ने अंकल की तरफ देखा .उनको दर्द नही हो रहा .उनकी आँख बंद थी. हाथ चेस्ट की जगह सीट के नीचे झूल रहा था.

लीना के पापा रो रहे थे.

अवी-अंकल को क्या हुआ

लीना के पापा ने कुछ नही कहा ,बस रोते गये

मैं ने फिर से चिल्ला कर कहा .

अवी-अंकल को क्या हुआ.

बस रुक गयी.

ड्राइवर-हॉस्पिटल आ गया.

हॉस्पिटल का नाम सुनते ही मैं ने लीना को पापा को बताया कि हॉस्पिटल आया है.

अवी-अंकल हॉस्पिटल आया है.

लीना के पापा ने कुछ नही कहा.

उनको चुप चाप देख कर मैं हॉस्पिटल मे भागते हुए गया .

और वॉर्डबॉय को लेकर आ गया.

अवी-जल्दी चलो,अंकल को हार्ट अटॅक आया है.

वरडबॉी मेरे साथ भाग कर बस मे आया .और अंकल को उठा कर हॉस्पिटल ले गया.

लीना के पापा अभी तक वैसे बैठे थे ,मैं कहाँ जाउ ,लीना के पापा के पास या कविता के पापा के पास

मैं वॉर्ड बॉय के पीछे जाने लगा.

वॉर्ड बॉय अंकल को लेकर डॉक्टर के पास गये.

डॉक्टर-क्या हुआ इनको

अवी-हार्ट अटॅक आया है

डॉक्टर ने अंकल को चेक किया .

अवी-अंकल ठीक है ना

डॉक्टर-तुम्हारे साथ कोई और है

अवी-हां, अंकल हैं बस मे

मैं लीना के पापा के पास जा रहा था.तो वो हमारी तरफ धीरे धीरे आ रहे थे.

मैं अंकल के पास गया और उनका हाथ पकड़ कर डॉक्टर के पास ले जाने लगा.

मेरे धड़कने तेज चल रही थी.मुझे जल्दी जानना था कि अंकल ठीक है कि नही.

डॉक्टर अंकल को अब तक ओटी क्यूँ नही ले गये.

लीना के पापा रो क्यूँ रहे है.

मेरा सर फट रहा था. अलग अलग ख़याल दिमाग़ मे आ रहा था.

अगर अंकल को कुछ हो गया तो मैं कोमल को क्या कहूँगा.उसका क्या होगा. वो तो हमारा इंतज़ार कर रही थी.

कितनी खुश थी वो अपने पापा के आने की खबर सुनकर

डॉक्टर-सॉरी ,ये यहा आने से पहले.... बड़ा अटॅक था ...

अवी-क्या हुआ अंकल को,पहले भी तो अटॅक आया था

डॉक्टर-इस बार बड़ा अटॅक आया था.जिस से यहाँ आने से पहले ये मर चुके थे.ही ईज़ नो मोर

अवी-मैं ने सही सुना ,नही ये नही हो सकता , ये कैसे हो सकता है, डॉक्टर ने ग़लती की होगी,

डॉक्टर-मैं ने 2 बार चेक किया है.ये यहाँ आने से पहले मर चुके थे.

डॉक्टर की बात सुनकर मैं वही खड़े खड़े मर गया.

मैं कोमल को क्या कहूँगा.

मैं कोमल को क्या कहूँगा. कविता को कैसे संभालूँगा. नेहा बुआ उनका क्या होगा.

ये क्या हो रहा है. सब तो ठीक चल रहा था.

फिर ये कैसे .नही ये सपना है

अवी-ये सच नही है ,ये सपना है ये सपना ,अब मैं उतुंगा सब पहले जैसा हो जाएगा .हाँ ये सपना है

लीना के पापा-अवी खुद को सम्भालो ये सपना नही हक़ीकत है

अवी-नही नही ये सपना है.

लीना के पापा-अवी ,होश मे आओ

मैं वहाँ से बाहर जाने लगा.

अवी-ये सपना है , ये सपना है, कोमल ये सपना है, कोमल सब ठीक है ,ये सपना है

लीना के पापा-अवी रूको ,कहाँ जा रहे हो

अवी-ये सपना है, ये बुरा सपना है, छोटी चाची को कहूँगा वो सब ठीक कर देंगी. ये सपना है

ये सपना है.
 
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