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जब जय शर्मा ने अपने घर वालो को सारी बात बताई तो, सब परेशान हो गये…..जय शर्मा ने अपनी सभी रिश्तेदारो को फोन करके मदद करने को कहा….पर हर जगह निराशा ही हाथ लगी….शाम को अमन ने जय शर्मा के घर पर फोन किया…..और उसे पोलीस स्टेशन आने को कहा….जय शर्मा अमन के ऑफीस मे पहुँच गया….जैसे ही जय शर्मा अमन के ऑफीस के अंदर पहुँचा , तो अमन ने जय शर्मा को बैठने को कहा….
अमन: आए बैठिए शर्मा जी…..
ज़य शर्मा: क्या बात है डीएसपी साहिब….मेरे बेटे को कैसे भी कर के इस केस से बचा लीजिए…मे आपका अहसान सारी जिंदगी नही भूलूंगा…..
अमन: देखें शर्मा जी मैने आप को अपनी मजबूरी पहले से ही बता दी है…. वैसे भगवान ने आपके के लिए एक रास्ता खोला है….बस अगर आप चाहें तो.
ज़य शर्मा: (अमन के फेस पर परेशानी के भाव देखते हुए) डीएसपी साहिब जो भी कहना है खुल कर बोलो….मे अपने बेटे के लिए कुछ भी करने को तैयार हूँ…..
अमन: (थोड़ी देर सोचने के बाद) शर्मा जी आप ने राज के बारे मे तो सुना होगा ?
ज़य शर्मा: हां नाम तो बहुत सुना है….पर मैं उन्हे जानता नही हूँ…..
अमन: बात ऐसी है शर्मा जी दिन मेरी वाइफ की बर्थडे पार्टी थी….उस दिन राज भाई मेरे घर आए हुए थे….उन्हे अचानक से कुछ काम पड़ गया था…वहाँ पर आपकी बेटी सुमन भी आपकी वाइफ के साथ आई हुई थी….
ज़य शर्मा: हां मे जानता हूँ….सुमन भी साथ गयी हुई थी…..
अमन: वहाँ पर राज जी ने आपकी बेटी को देखा…..और वो उसे पहली ही नज़र मे पसंद कर बैठे …..वो आपकी बेटी सुमन से शादी करना चाहते हैं…
ज़य शर्मा: (जय शर्मा अमन की बात सुन कर सकते मे आ गया) ये आप क्या बोल रहे है. ये मुनकीन नही है….और और मैने सुना है कि उनकी पहले शादी हो चुकी है…..
अमन: सही सुना है आप ने…..उनकी पहली पत्नी का देहांत हो गया था…अब दूसरी शादी करने मे कोई बुराई तो नही…..
ज़य शर्मा: पर ये कैसे ? उनकी एज और सुमन की एज मे बहुत डिफरेन्स हैं…
अमन: आप कितना जानते हैं राज के बारे मे ?
ज़य शर्मा: कुछ ख़ास नही बस नाम सुना है…..
ज़य शर्मा: उनकी एज अभी सिर्फ़ 33 साल है…..और सुमन 20 की इतना तो हमारे समाज मे आम बात है….फिर आपकी बेटी वहाँ महारानी की तरहा राज करेगी….उनके पास इतनी दौलत है कि, अगर दोनो हाथों से भी लुटाये तो ख़तम ना हो….और फिर उनकी रसूख् और पहुँच बहुत ऊपेर तक है….अगर आप हां कहते हैं तो , आपका बेटा कल ही जैल से बाहर होगा….
ज़य शर्मा: (अमन की बात सुन कर सोच मे पड़ गया) लेकिन मुझे अपने घर वालो से भी पूछना पड़ेगा…मे अकेला इतना बड़ा फैंसला नही ले सकता…
अमन: (चेर से खड़ा होकर जय शर्मा के पास आकर उसके कंधे पर हाथ रखते हुए) शर्मा जी मे समझ सकता हूँ….पर यकीन मानिए….मे आपके परिवार के बारे मे ग़लत नही सोच रहा हूँ….राज मे कोई बुराई नही है…. अमीर हैं पैसा है रुतबा है रसूख् है…पढ़े लिखे हैं….इतना तो शायद हमारे इलाक़े मे कोई ना पढ़ा हो…..और उनको भी तो अपनी जिंदगी दुबारा जीने का हक़ है…..
ज़य शर्मा: डीएसपी साहिब कह तो आप सही रहे हैं….पर फिर भी मैं अपने घर वालो और सुमन से पूछे बिना कोई भी फैंसला नही कर सकता….
अमन: ज़रूर सुमन की मर्ज़ी सब से ज़रूरी है….राज भी यही चाहते हैं कि, वो अपनी दौलत और शोहरत का किसी पर असर ना दिखाएँ….आप जाकर घर वालो से बात कर लीजिए…..और शाम तक मुझ फोन करके बता दीजिए…उसके बाद मे ही मे राज जी से बात कर पाउन्गा….
ज़य शर्मा: (चेर से खड़ा होता हुआ) अच्छा डीएसपी साहिब मे जाकर घर वालो से बात करता हूँ, जल्द ही आपको फोन पर बता दूँगा….
अमन: ठीक हैं…पर याद रखिए…….ना तो आपके पास इसके अलावा कोई और रास्ता है….और ना है मेरे पास…..मुझ उम्मीद है कि आप मेरी मजबूरी को समझ रहे होंगे.
ज़य शर्मा निराशा मे डूबा उठ कर बाहर आ गया….सारे रास्ते मे वो यही सोचता रहा कि, आख़िर वो घर वालों के साथ कैसे ये बात करेगा…..
अमन: आए बैठिए शर्मा जी…..
ज़य शर्मा: क्या बात है डीएसपी साहिब….मेरे बेटे को कैसे भी कर के इस केस से बचा लीजिए…मे आपका अहसान सारी जिंदगी नही भूलूंगा…..
अमन: देखें शर्मा जी मैने आप को अपनी मजबूरी पहले से ही बता दी है…. वैसे भगवान ने आपके के लिए एक रास्ता खोला है….बस अगर आप चाहें तो.
ज़य शर्मा: (अमन के फेस पर परेशानी के भाव देखते हुए) डीएसपी साहिब जो भी कहना है खुल कर बोलो….मे अपने बेटे के लिए कुछ भी करने को तैयार हूँ…..
अमन: (थोड़ी देर सोचने के बाद) शर्मा जी आप ने राज के बारे मे तो सुना होगा ?
ज़य शर्मा: हां नाम तो बहुत सुना है….पर मैं उन्हे जानता नही हूँ…..
अमन: बात ऐसी है शर्मा जी दिन मेरी वाइफ की बर्थडे पार्टी थी….उस दिन राज भाई मेरे घर आए हुए थे….उन्हे अचानक से कुछ काम पड़ गया था…वहाँ पर आपकी बेटी सुमन भी आपकी वाइफ के साथ आई हुई थी….
ज़य शर्मा: हां मे जानता हूँ….सुमन भी साथ गयी हुई थी…..
अमन: वहाँ पर राज जी ने आपकी बेटी को देखा…..और वो उसे पहली ही नज़र मे पसंद कर बैठे …..वो आपकी बेटी सुमन से शादी करना चाहते हैं…
ज़य शर्मा: (जय शर्मा अमन की बात सुन कर सकते मे आ गया) ये आप क्या बोल रहे है. ये मुनकीन नही है….और और मैने सुना है कि उनकी पहले शादी हो चुकी है…..
अमन: सही सुना है आप ने…..उनकी पहली पत्नी का देहांत हो गया था…अब दूसरी शादी करने मे कोई बुराई तो नही…..
ज़य शर्मा: पर ये कैसे ? उनकी एज और सुमन की एज मे बहुत डिफरेन्स हैं…
अमन: आप कितना जानते हैं राज के बारे मे ?
ज़य शर्मा: कुछ ख़ास नही बस नाम सुना है…..
ज़य शर्मा: उनकी एज अभी सिर्फ़ 33 साल है…..और सुमन 20 की इतना तो हमारे समाज मे आम बात है….फिर आपकी बेटी वहाँ महारानी की तरहा राज करेगी….उनके पास इतनी दौलत है कि, अगर दोनो हाथों से भी लुटाये तो ख़तम ना हो….और फिर उनकी रसूख् और पहुँच बहुत ऊपेर तक है….अगर आप हां कहते हैं तो , आपका बेटा कल ही जैल से बाहर होगा….
ज़य शर्मा: (अमन की बात सुन कर सोच मे पड़ गया) लेकिन मुझे अपने घर वालो से भी पूछना पड़ेगा…मे अकेला इतना बड़ा फैंसला नही ले सकता…
अमन: (चेर से खड़ा होकर जय शर्मा के पास आकर उसके कंधे पर हाथ रखते हुए) शर्मा जी मे समझ सकता हूँ….पर यकीन मानिए….मे आपके परिवार के बारे मे ग़लत नही सोच रहा हूँ….राज मे कोई बुराई नही है…. अमीर हैं पैसा है रुतबा है रसूख् है…पढ़े लिखे हैं….इतना तो शायद हमारे इलाक़े मे कोई ना पढ़ा हो…..और उनको भी तो अपनी जिंदगी दुबारा जीने का हक़ है…..
ज़य शर्मा: डीएसपी साहिब कह तो आप सही रहे हैं….पर फिर भी मैं अपने घर वालो और सुमन से पूछे बिना कोई भी फैंसला नही कर सकता….
अमन: ज़रूर सुमन की मर्ज़ी सब से ज़रूरी है….राज भी यही चाहते हैं कि, वो अपनी दौलत और शोहरत का किसी पर असर ना दिखाएँ….आप जाकर घर वालो से बात कर लीजिए…..और शाम तक मुझ फोन करके बता दीजिए…उसके बाद मे ही मे राज जी से बात कर पाउन्गा….
ज़य शर्मा: (चेर से खड़ा होता हुआ) अच्छा डीएसपी साहिब मे जाकर घर वालो से बात करता हूँ, जल्द ही आपको फोन पर बता दूँगा….
अमन: ठीक हैं…पर याद रखिए…….ना तो आपके पास इसके अलावा कोई और रास्ता है….और ना है मेरे पास…..मुझ उम्मीद है कि आप मेरी मजबूरी को समझ रहे होंगे.
ज़य शर्मा निराशा मे डूबा उठ कर बाहर आ गया….सारे रास्ते मे वो यही सोचता रहा कि, आख़िर वो घर वालों के साथ कैसे ये बात करेगा…..