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मैं माला के बारे मे सोचने लगा.माला मेरे साथ ऐसा कैसे कर सकती है. मैं ने कभी सोचा भी नही था कि माला मुझे बिना बताए यहा से चली जाएगी.
रिया ने कहा कि माला का घर उसने मतलब उसकी फॅमिली ने खरीद लिया है. इसका मतलब माला हमेशा के लिए ये गाओं छोड़ कर चली गयी.
माला को जाना था तो जा सकती थी पर एक बार मेरे साथ बात तो करती ,मुझ से मिलकर तो जा सकती थी.
माला ने पहले मुझे प्यार का अहसास कराया. फिर मंदिर मे मेरे प्यार को अपनाने से मना किया फिर कल रात मेरे साथ प्यार किया और अब फिर से प्यार को ठुकरा कर चली गयी.
माला तुम ने मेरे साथ ऐसा क्यू किया. एक बार तो मुझ मिलकर जा सकती थी. मैं तुम्हे बताने वाला था कि चाची हमारी शादी करने को तय्यार है .
माला ये तुम ने क्या किया. इस तरह कल मेरे साथ प्यार क्यू किया. मैं तो तुम्हे भूलने वाला था पर कल जो तुमने मेरे साथ प्यार किया उसके बाद मैं तुम्हे कैसे भूल सकता हू.
माला बस एक बार तो मुझ से मिल लेती. बस एक बार...
ऐसे ही माला के बारे मे सोचते हुए मैं अपने घर आ गया.घर मे आते ही मैं अपने कमरे आकर बैठ गया.और फिर माला के बारे मे सोचने लगा.
मैं माला के बारे मे सोच रहा था कि छोटी चाची मेरे कमरे मे आ गयी. और आते ही मुझे गले लगा लिया.
छोटी चाची के गले लगते ही मेरे आँखो से पानी निकलने लगा. मैं रोने लगा. छोटी चाची ने भी मुझे रोने दिया. थोड़ी देर बाद छोटी चाची ने मेरी आँखो पर किस किया और मेरी आँखो से पानी निकलना बंद हुआ.
सी चाची-अवी मुझे माला बारे मे सब बता दो. तुम्हारे और माला बीच आज क्या बाते हुई.
चाची को कैसे पता कि मैं माला की वजह से रो रहा हू. मैं चाची की तरफ देखने लगा
सी चाची-मुझे पता है माला हमेशा के लिए गाओं छोड़ कर चली गयी.
मैं फिर छोटी चाची की तरफ सवालिया नज़ारो से देखने लगा.
सी चाची-मैं ने माला और उसके माता पिता को बस स्टॉप पर देखा था. फिर मैं ने पता किया तो पता चला कि वो हमेशा के लिए गाओं छोड़ कर जा रहे है.अब बता माला के साथ तुम्हारी क्या बाते हुई और तुम रो क्यू रहे थे.
अवी-चाची,माला बिना मुझ से मिले गाओं छोड़ कर चली गयी.
सी चाची-बस इतनी सी बात के लिए तुम रो रहे थे
अवी-अगर ये इतनी सी बात होती तो मैं कभी नही रोता
सी चाची-फिर बता क्या बात है
अवी-मैं ने चाची को कल माला के साथ जो किया उसके बारे मे बता दिया.
छोटी चाची ने मेरी बात सुनकर मुझे फिर से गले लगा लिया.
सी चाची-( अवी तुम ने क्या किया .मैं ने तुम्हे माला को भूल जाने को कहा था और तुम ने फिर से माला के साथ प्यार किया. उसके साथ चुदाई की.
अवी तुम्हे ये चुदाई नही करनी चाहिए थी. अब तुम माला को भूल नही सकते.माला को भुला देना तुम्हारे लिए आसान नही होगा.
ये क्या किया अवी तुम ने, माला तुम ने अवी के साथ ठीक नही किया.चुदाई करने के बाद ना तो माला अपनी जिंदगी ठीक से जी पाएगी और ना अवी.
मीना कुछ सोच नही तो अवी माला के प्यार मे पागल हो जाएगा.कही अवी देवदास ना बन जाए. मीना कुछ सोच )
सी चाची-अवी तुम्हे पता है मैं माला से बस स्टॉप पर मिली थी.
चाची की बात सुनते ही मैं चाची से अलग हो गया.
सी चाची-मैं ने माला के साथ बस स्टॉप पर बात भी की.
अवी-क्या कहा माला ने,क्या मेरे बारे मे पूछा,क्या वो दुबारा यहाँ आने वाली है.क्या उसने मेरे लिए कोई मसेज छोड़ा है.
सी चाची-अवी,माला के साथ जो मेरी बात हुई थी वो मैं तुम्हे बता नही सकती .
अवी-ऐसी क्या बात हुई ,जो आप मुझे बता नही सकती.
सी चाची-तुम वो बात सुन नही पाओगे.
अवी-चाची,आप पहेलिया मत बुझाइये,बताइए माला ने क्या कहा था.
सी चाची-ठीक है मैं बताती हू.
छोटी चाची और माला की बाते-
सी चाची-मैं ने माला को बस स्टॉप पर देखा ,वो अपने माता पिता के साथ समान लेकर बस का इंतज़ार कर रही थी. मुझे लगा कि वो कही बाहर जा रही थी. तो सोचा चलो माला से तुम्हारे बारे मे बात करू. इस लिए मैं बस स्टॉप पर चली गयी. माला के माता पिता किसी और के साथ बाते कर रहे थे. माला अकेली समान के पास खड़ी थी. मैं माला के पास चली गयी.माला मुझे अपने सामने देख कर शॉक्ड हो गयी.
सी चाची-तुम माला हो ना
माला-हाँ,और आप अवी की चाची
सी चाची-तुम कही जा रही हो
माला-हाँ,मैं अपने मामा के घर जा रही हू.हमेशा के लिए
सी चाची-हमेशा के लिए
माला-हाँ,मैं हमेशा के लिए ये गाओं छोड़ कर जा रही हू.
सी चाची-क्या अवी को पता है,कि तुम गाओं छोड़ कर जा रही हो.
माला-तो आपको अवी ने सब बता दिया.
सी चाची-हाँ,
माला-फिर तो ये अच्छा हुआ,कम से कम उस पागल ने एक समझदारी का काम तो किया
सी चाची-तुम पागल किसे कह रही हो
माला-अवी को,और क्यू ना कहु ,वो एक नंबर का मादरचोद जो है
सी चाची-ज़बान संभाल कर बात करो.तुम ये मत भूलो कि तुम भी उस से प्यार करती हो
माला-प्यार ,वो भी अवी से ये आप सोच भी कैसे सकती है.मैं इतनी भी बेवकूफ़ नही हू कि अवी जैसे चूतिया के साथ प्यार करू
सी चाची-फिर मंदिर मे तुम ने अवी को जो कहा था वो क्या था
माला-वो तो एक नाटक था
सी चाची-वो नाटक था तो फिर तुम ने अवी को खाना क्यू खिलाया.
माला-भिकारी को खाना खिलाना तो मेरा काम है. मैं तो हर भिकारी को खाना खिलाती हू तो क्या मैं सब के साथ प्यार करती फिरू.
सी चाची-अवी ने तुम्हे बर्बाद होने से बचाया था,उसके बदले मे तुम उसे भिकारी बोल रही हो
माला-मैं खुद चुदाई करना चाहती थी. पर उस बेवकूफ़ की वजह से मेरी चूत प्यासी रह गयी. पर कोई बात नही कल मैं ने उसी मादरचोद को 2 थप्पड़ मार कर उसके साथ चुदाई कर ली.और अपनी 2 महीने की प्यास बुझा दी.
सी चाची-खबरदार जो दुबारा अवी गाली दी तो
माला-अवी को क्या मैं तो तुमको भी गाली दूँगी. वैसे तू है एक नंबर की रंडी ,जो इतने दिनो के बाद मा बन रही है. पता नही कितनो के साथ मूह काला करके मा बनी होगी. तुम्हे खुद पता नही होगा कि तुम्हारे होने वाले बच्चे का बाप कौन है.
सी चाची-मैं माला को इसका जवाब दे सकती थी पर मैं तुम्हारी वजह से चुप रही. देखा जो लड़की तुम्हे गालियाँ दे सकती है ,तुम्हारी माँ को गालियाँ दे सकती है,तुम्हारे बेटे को हरामी बोल सकती है तुम उसके लिए रो रहे हो,तुम उसके साथ प्यार करते हो.
अब तुम खुद सोचो कि तुम्हे माला चाहिए या अपनी चाची.
अवी-मुझे चाची की बाते सुनकर जोरदार झटका लगा. मैं ने कभी सोचा भी नही था कि माला ऐसी निकलेगी.मैं ऐसी लड़की के साथ प्यार करने लगा था जो मुझे भिकारी समझती है,मुझे गालियाँ देती है. मेरी मा जैसी चाची को गाली देती है.मैं ने माला को क्या समझा और माला क्या निकली. मैं माला को कभी माफ़ नही करूँगा.माला मैं तुम से नफ़रत करता हू नफ़रत
और मैं छोटी चाची की गले लग गया.
अवी-चाची आप सही कहती थी कि माला मेरे लिए सही लड़की नही है. मैं ने माला से प्यार करके सब से बड़ी ग़लती की."मैं आज के बाद किसी के साथ प्यार नही करूँगा"
सी चाची-(ये क्या अवी तो किसी के साथ भी प्यार ना करने की कसम खा रहा है. इस समय यही ठीक है बाद मे मैं अवी को समझा दूँगी.) चल अब रोना बंद कर और माला को भूल जाओ.और अपनी जिंदगी की नयी सुरुआत करो,और मुझे पहले जैसा मेरा बेटा वापस चाहिए.
अवी-कल से क्या आज से मैं माला को हमेशा के लिए भूल जाउन्गा.और आपको पहले जैसा अवी वापस मिल जाएगा.
सी चाची- अब तुम्हे आराम करना चाहिए. तुम आराम करो मैं चलती हू.
छोटी चाची मेरे कमरे से बाहर चली गयी.और मैं सो गया.
सी चाची-( अवी मुझे माफ़ करना. मैं ने तुम से झूठ कहा,मैं ने सिर्फ़ माला को बस स्टॉप पर देखा था. मैं माला के पास जाती तब तक माला बस मे बैठ कर चली गयी थी.
तुम ने जो कल माला के साथ किया उसके बाद तुम माला को भूल नही पाते .माला ने तुम्हारे साथ चुदाई करके अच्छा नही किया.
तुम दोनो को चुदाई करके कुछ पल भर की खुशी तो मिल गयी पर माला के जाने से जिंदगी भर गम भी रहेंगा. ना माला उधर खुश रह पाएगी और ना इधर तुम,
तुम दोनो जिंदगी भर अपने पहले प्यार को याद करके रोते रहोगे.
माला तो 2 साल के बाद शादी करके तुम को कुछ हद तक भूल जाएगी.पर तुम क्या करते ,माला की याद मे अपनी जिंदगी देवदास बन कर निकाल देते.
मैं तुम्हे माला की याद मे मरता हुआ कैसे देखती,इस लिए मैं ने माला को तुम्हारी नजरो मे बुरा बना दिया.जिस से तुम जल्दी से माला को भुला कर फिर से मस्ती वाली जिंदगी जिओ.
अगर माला तुम्हारी जिंदगी मे दुबारा वापस आ गयी तो मैं तुम्हे सब सच सच बता दूँगी.और फिर से माला को तुम्हारी नजरो मे अच्छी लड़की बना दूँगी.
(मुझे माफ़ करना अवी,मेरे पास इसके सिवा दूसरा रास्ता नही था. मैं तुम्हे हर पल मरते हुए नही देख पाती. मुझे माफ़ कर देना)