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Guest
थोड़ी देर बाद मैं मेडम के उपेर से सरक गया. लंड को मेडम की गंद से बाहर निकाला .मेरे लंड पर खून लगा हुआ था.
जब मेडम ने मेरे लंड को देखा.
मेडम-देखा तुम ने मेरी गंद से खून निकाला
अवी-सॉरी मेडम
मेडम-अरे सॉरी क्यू बोल रहो हो. मुझे तो मज़ा आया
अवी-पर आप का खून निकलने पर भी आपको मज़ा आया.
मेडम-पहली बार तो खून निकल ता है. उसमे नया क्या है.
अवी-हाँ .अब समझ गया. अगर आप कुवारि होती तो आप की चूत से भी खून निकलता.
मेडम-अरे तुम तो समझ दार निकले. मैं बाथरूम हो कर आती हू
अवी-मेडम बाथरूम की ओर जा रही थी. मेडम थोड़ा लड़खड़ा कर चल रही थी. मुझे भी लंड पर थोड़ा दर्द हो रहा था. शायद जल्दी डाल ने के चक्केर मे दर्द हो रहा था
मेडम के बाथरूम से आने के बाद मैं बाथरूम मे चला गया.
कल की तरह मेडम मेरे बाथरूम जाते ही कॉफी बनाने मे लग गयी.
फिर हम ने कॉफी पी ली.
मेडम-तुम ने तो मेरी जान निकाल दी थी. लेकिन अच्छा किया जो तुम ने मेरी बात नही मानी. अगर तुम मेरी बात मान जाते तो मैं दुबारा कभी गंद नही मरवाती.. थॅंक्स अवी
अवी-आप की ख़ुसी मे ही मेरी ख़ुसी है
थोड़ी देर बात कर रहे थे कि किसीने गेट खत खाटाया.
मेडम और मैं डर गये .मेडम को लगा कि शायद किसी ने मेडम की चीख सुन तो नही ली.
मेडम ने गेट खोल दिया. मेडम के सामने एक औरत खड़ी थी. दिखने मे सुंदर थी. मेडम ने उन्हे अंदर बुलाया. ये क्या, ये तो मेरी छोटी चाची है. मैं चाची को देख कर खड़ा हो गया.
मेडम-कहिए क्या बात है
सी चाची- जी मैं अवी की चाची हू
अवी-(उस दिन मार्केट मे मेडम ने सुमन चाची और सीमा चाची को देखा था. इसी लिए मेडम ने मीना चाची को पहचाना नही).
मेडम-माफ़ कीजिए. मुझे पता नही था.
सी चाची- कोई बात नही
अवी-मैं तो चुप चाप उनकी बाते सुनने लगा.
मेडम-जी कहिए आज इधर कैसे आना हुआ
सी चाची-वो मैं मार्केट जा रही थी.तो सोचा अवी को भी साथ ले चलु
मेडम-पढ़ाई तो हो गयी है. आप ले जाइए
सी चाची- वैसे अवी परेशान तो नही करता आपको
मेडम-नही ये तो अच्छे से पढ़ रहा है
सी चाची-वो तो सब आप की वजह से पढ़ाई कर रहा है नही तो दिन भर खेलता रहता है.
मेडम-ऐसा नही है. बच्चो को पढ़ाई के साथ खेल कूद भी करना ज़रूरी है.
कल तो 3 घंटे पढ़ता रहा. काफ़ी मेहनती है अवी(अवी की ओर देख कर)
सी चाची- हाँ ये तो आप सही कह रही हो.
चलो अवी मार्केट चलते है
मेडम-जाओ अवी अपनी चाची की मदद करो .और हाँ कल आ जाना
अवी- जी मेडम.
मैं और चाची मार्केट की ओर चल दिए
जब मेडम ने मेरे लंड को देखा.
मेडम-देखा तुम ने मेरी गंद से खून निकाला
अवी-सॉरी मेडम
मेडम-अरे सॉरी क्यू बोल रहो हो. मुझे तो मज़ा आया
अवी-पर आप का खून निकलने पर भी आपको मज़ा आया.
मेडम-पहली बार तो खून निकल ता है. उसमे नया क्या है.
अवी-हाँ .अब समझ गया. अगर आप कुवारि होती तो आप की चूत से भी खून निकलता.
मेडम-अरे तुम तो समझ दार निकले. मैं बाथरूम हो कर आती हू
अवी-मेडम बाथरूम की ओर जा रही थी. मेडम थोड़ा लड़खड़ा कर चल रही थी. मुझे भी लंड पर थोड़ा दर्द हो रहा था. शायद जल्दी डाल ने के चक्केर मे दर्द हो रहा था
मेडम के बाथरूम से आने के बाद मैं बाथरूम मे चला गया.
कल की तरह मेडम मेरे बाथरूम जाते ही कॉफी बनाने मे लग गयी.
फिर हम ने कॉफी पी ली.
मेडम-तुम ने तो मेरी जान निकाल दी थी. लेकिन अच्छा किया जो तुम ने मेरी बात नही मानी. अगर तुम मेरी बात मान जाते तो मैं दुबारा कभी गंद नही मरवाती.. थॅंक्स अवी
अवी-आप की ख़ुसी मे ही मेरी ख़ुसी है
थोड़ी देर बात कर रहे थे कि किसीने गेट खत खाटाया.
मेडम और मैं डर गये .मेडम को लगा कि शायद किसी ने मेडम की चीख सुन तो नही ली.
मेडम ने गेट खोल दिया. मेडम के सामने एक औरत खड़ी थी. दिखने मे सुंदर थी. मेडम ने उन्हे अंदर बुलाया. ये क्या, ये तो मेरी छोटी चाची है. मैं चाची को देख कर खड़ा हो गया.
मेडम-कहिए क्या बात है
सी चाची- जी मैं अवी की चाची हू
अवी-(उस दिन मार्केट मे मेडम ने सुमन चाची और सीमा चाची को देखा था. इसी लिए मेडम ने मीना चाची को पहचाना नही).
मेडम-माफ़ कीजिए. मुझे पता नही था.
सी चाची- कोई बात नही
अवी-मैं तो चुप चाप उनकी बाते सुनने लगा.
मेडम-जी कहिए आज इधर कैसे आना हुआ
सी चाची-वो मैं मार्केट जा रही थी.तो सोचा अवी को भी साथ ले चलु
मेडम-पढ़ाई तो हो गयी है. आप ले जाइए
सी चाची- वैसे अवी परेशान तो नही करता आपको
मेडम-नही ये तो अच्छे से पढ़ रहा है
सी चाची-वो तो सब आप की वजह से पढ़ाई कर रहा है नही तो दिन भर खेलता रहता है.
मेडम-ऐसा नही है. बच्चो को पढ़ाई के साथ खेल कूद भी करना ज़रूरी है.
कल तो 3 घंटे पढ़ता रहा. काफ़ी मेहनती है अवी(अवी की ओर देख कर)
सी चाची- हाँ ये तो आप सही कह रही हो.
चलो अवी मार्केट चलते है
मेडम-जाओ अवी अपनी चाची की मदद करो .और हाँ कल आ जाना
अवी- जी मेडम.
मैं और चाची मार्केट की ओर चल दिए