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342 E
मैं हरीश के साथ फार्म हाउस पर आ गया.
आलीशान फार्म हाउस था. फार्म हाउस के सामने 3 कार और 2 स्पोर्ट बाइक खड़ी थी.
शायद हरीश के ग्रूप वालो की होगी.
सब रिच लोग है हरीश की ग्रूप मे
अवी-ब्रो ये फार्म हाउस किस का है
हरीश-मेरा है
अवी-तुम्हारा,फिर तो पूरे मज़े करते होगे फार्म हाउस मे
हरीश-मज़े करने के लिए ही फार्म हाउस बनाया है.
अवी-और ये कार तुम्हारी है
हरीश-मेरे फ्रेंड्स की है जो अंदर मज़े कर रहे होगे
अवी-(आज तो मज़ा आ जाएगा.) मज़े
हरीश-चल तुझे दिखाता हू
हरीश ने अपनी की से गेट ओपन किया.
गेट खुलते ही अंदर से धुँआ निकलने लगा.
अवी-आग लग गयी.
हरीश-ये आग नही, सिग्रेट का धुँआ है.
अवी-इतना सारा
हरीश-यहाँ पर ऐसा ही होता है.
मैं नाक पर हाथ रख कर अंदर चला गया.
अंदर म्यूज़िक चल रहा था. फुल वॉल्यूम मे
उस म्यूज़िक पे 2 लड़किया डॅन्स कर रही थी.
डॅन्स कम कर रही थी और किस और मस्ती ज़्यादा कर रही थी.
वो दोनो ब्रा और पैंटी मे डॅन्स करते हुए किस कर रही थी
शायद वो दोनो लेज़्बीयन है.
मैं उनका चेहरा देखने की कोशिस कर रहा था.
फाइनली मुझे उनका चेहरा दिखाई दिया. ये तो हमारे कॉलेज की लड़किया है. ये तो हरीश की तरह मेरी सीनियर है. और हरीश की तरह रिच है.
इनका ग्रूप तो लाइफ को एंजाय कर रहा है.
मैं ने दूसरी तरफ देखा
सोफे पर 2लड़के जो हमारे कॉलेज के थे. वो शराबी की तरह नशे मे झूमते हुए सिग्रेट पी रहे थे.
उन लड़को के साथ और 2 लड़किया भी थी.एक लड़की सिग्रेट पी रही थी और दूसरी लड़की बीअर पी रही थी.
उन के सामने टेबल पर बीअर,वोड्का, विस्की,की बॉटल रखी हुई थी. साथ मे सिग्रेट के पॅकेट पड़े हुए थे.
सब अपनी मस्ती मे अपने तरीके से मज़ा कर रहे थे.
मैं सोचने लगा आज तो मेरी लॉटरी लग गयी. 4 लड़किया मिलेंगी.
पर मैं ग़लत था.
एक लड़की ब्रा और पैंटी पहन कर बाथरूम से बाहर आ गयी.
4 नही 5 लड़किया. मज़ा आ जाएगा.
मैं खुश था की उस लड़की ने मेरी खुशी छीन ली
लड़की-गुस्से से हरीश ये कौन है
हरीश-मेरा फ्रेंड है
उस लड़की की आवाज़ सुनकर सब ने मेरी तरफ देखा और फिर से अपने मस्ती मे लग गये.जैसे कि कुछ हुआ ही ना हो.
लड़की-तुम्हे कितनी बार कहा है कि यहाँ किसी को लेकर मत आया करो. तुम्हे समझ मे नही आता. ये हमारा अड्डा है.
हरीश-ये मेरा फ्रेंड
लड़की-कोई भी हो, पहले यहाँ से बाहर भेजो,या हम चले जाए
हरीश-भेज ता हू, चलो अवी
हरीश एमसी है. सुभह से लड़किया दिखा कर मेरी आग भड़का रहा है. और एक के साथ भी चुदाई करने नही दिया. इसको लिफ्ट दे कर मैने ग़लती की
हरीश मुझे फार्म हाउस से बाहर लेकर आ गया.
हरीश-मैं तुझे मज़े करने लाया था पर सब गड़बड़ हो गयी.
अवी-कोई बात नही, बस तुम ने मुझे अपना फ्रेंड माना इतना ही काफ़ी है
हरीश-तूने आज मेरी मदद की अगर तू कभी मुसीबत मे होगा तो मुझे याद करना
अवी-(इस से मिसेज़ वर्मा के बारे मे पूछता हू,कम से कम एक काम तो आ जाएगा.) वैसे एक बात पूछनी थी कॉलेज के बारे मे
हरीश-हाँ पूछ
अवी-मिसेज़ वर्मा आर्ट ब्रांच की टीचर के बारे मे पूछना था
हरीश-मिसेज़ वर्मा आर्ट ब्रांच, आर्ट ब्रांच के बारे मे तो कुछ पता नही है.
अवी-(एक काम भी नही आया) कोई बात नही. मैं पता लगा लूँगा.
हरीश-थॅंक्स लिफ्ट देने के लिए
अवी-ये तो मेरा काम था. वैसे मैं रुकु या..
हरीश-तुम कॉलेज जाओ, मैं फ्रेंड की कार से आ जाउन्गा.
अवी-ठीक है ब्रो
और मैं कॉलेज की तरफ निकल पड़ा.
हरीश को लिफ्ट दे कर मैं ने सब से बड़ी ग़लती की. आज के बाद किसी को लिफ्ट नही दूँगा.
मिसेज़ वर्मा उसका क्या करना है वो मैं खुद देख लूँगा.