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अपडेट 6
नेक्स्ट डे
मैं सबेरे सबेरे ही स्कूल चला गया . मेरा स्कूल 7.00 से 11.30 का है. आज हमारे इंटर्नल एग्ज़ॅम की मार्क शीट हमे मिल गयी.
मैथ सब्जेक्ट मे मुझे सब से ज़्यादा मार्क मिले (70/100). मैं ने अपने क्लास मे मैथ सब्जेक्ट मे टॉप किया .और कोमल मेरी बहन ने स्कूल मे टॉप किया, थोड़ी देर बाद लंच ब्रेक हुआ.
मैं बाहर ग्राउंड मे खेलने लगा.तभी हमारे मैयत सब्जेक्ट की टीचर ने मुझे बुलाया.
मेडम-अवी बेटा तुम्हारे मार्क तो अच्छे आए है
अवी- हां मेडम अच्छे आए है. सब आप की वजह से हुआ है.
मेडम-इस मे मैं ने क्या किया. ये तो तुम्हारी मेहनत का फल है
अवी- लेकिन जो पुराने सर थे तो मुझे मैथ से डर लगता था पर आप कितने अच्छे और सिंपल तरीके से पढ़ाती हो
मेडम-ऐसा कुछ नही है. सब टीचर के पढ़ाने के तरीके अलग होते है. किसी को मेरा पढ़ाना अच्छा लगता है और किसी को पुराने सर का.
अवी- फिर भी आप के वजह ही मुझे इतने अच्छे मार्क मिले है.
मेडम-मेरी तारीफ मत करो मैं तो सिर्फ़ 6 महीना के लिए तुम्हारे स्कूल मे पढ़ाने आई हू. और अब तो सिर्फ़ 1 महीना ही बाकी है .फिर मैं चली जाउन्गि. तुम्हे फिर से पुराने सर से ही पढ़ना पड़ेंगा.
अवी-पर मेडम आप हमेशा के लिए हमारे स्कूल मे क्यू नही पढ़ाती हो
मेडम- नही अवी मुझे वापस अपने स्कूल जाना है . ये तो कुछ एक्सपेरिमेंट करने के वजसे मैं इस स्कूल और तुम्हारे सर मेरे स्कूल मे पढ़ा रहे है. ये हम चेक कर रहे है कि शहर और गाओं के पढ़ाने मे अंतर और मेंटल केपॅसिटी मे कुछ बदलाव आता है या फिर हम जिस तरीके से पढ़ा रहे है वही तरीका ठीक है. ये ट्रान्स्फर एक्सपेरिमेंट से दोनो का ही फ़ायदा है. स्टूडेंट को नये टीचर मिल रहे है और टीचर को नया एक्सपीरियेन्स मिल जाएगा.