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मैं भी कमरे से बाहर चला गया. दीदी फ्रंट गेट खोल रही थी.
सीतल-अवी दीदी को रोको
अवी-दीदी को रोका तो पता है ना कि वो क्या चाहती है.
सीतल-पता है , पर अगर दीदी ऐसे बाहर गयी तो बदनामी हो जाएगी.
अवी-पर
सीतल-दीदी के साथ कर लो कुछ नही होता. जल्दी करो दीदी गेट खोल रही थी.
दीदी ने गेट खोल दिया. वो अच्छा हुआ कि गाओं मे लोग जलदी सो जाते है.इस लिए दीदी को किसीने नंगा देखा नही.
मैं ने दीदी को पीछे से पकड़ कर उठा लिया और कमरे मे ले गया. सीतल ने गेट बंद कर दिया.
मैं ने दीदी को बेड पे लिटा दिया .दीदी मेरे हाथो से निकलने की कोशिस करने लगी.
स्वेता-साले MC ,तू तो कुछ कर नही रहा ,मुझे जाने दे.साले नमार्द,
दीदी की गालिया मुझे दुख पहुचा रही थी. पर दीदी की हालत देखते हुए मैं चुप रहा नही तो दीदी को आज बता देता कि मैं नामर्द हू या मर्द. दीदी की ऐसी हालत कर देता कि दीदी दुबारा किसी को नामर्द कहने से पहले 100 बार सोचती.
मैं क्या पागल हू, जो ऐसा सोच रहा हू, वो मेरी दीदी है, आज उसकी हालत ठीक नही है,आज वो नशे मे है, दीदी का दिल दर्द से रो रहा है, दीदी बस अपना गुस्सा निकालना चाह रही है. मैं ने अपने गुस्से पर कंट्रोल रखते हुए दीदी के साथ प्यार से करने का फ़ैसला किया.
दीदी के उपर आकर, दीदी के होंटो को चूसने लगा दीदी के मूह से वोद्का की स्मेल आ रही थी.फिर भी मैं दीदी को किस करने लगा.दीदी भी पागलो की तरह मुझे किस करने लगी.
दीदी ने पहले रोहन का गुस्सा मुझ पर निकाला और अब प्यार दिखा रही थी.
दीदी मेरे होंटो को चूस ने लगी, कभी वो उपर के होन्ट को चूस्ति तो कभी नीचे के होन्ट को चूस्ति.
मैं किस करने के साथ कुछ और भी कर रहा था.
मेरा एक हाथ दीदी के बूब्स पर और दूसरा हाथ दीदी की चूत पे था, दीदी अब तक काफ़ी गरम हो गयी थी, दीदी की चूत से पानी निकल रहा था. मैं ने बिल्कुल भी देर नही की और अपनी जीभ दीदी की चूत पे रख कर चाटने लगा.दीदी की चूत चाटने के बाद मैं दाने के साथ खेलने लगा. दीदी और गरम होने लगी. मैं फिर उपर जाकर बूब्स को मूह मे लेकर चूस ने लगा. और एक हाथ से चूत को मसलता रहा.एक एक कर के मैं दोनो बूब्स को मूह मे लेकर दीदी को मज़ा देने लगा.
फिर से मैं ने चूत पर हमला बोल दिया. इस बार मैं चूत मे जीभ डाल कर चोदने लगा. दीदी मस्ती मे सिषकारियाँ लेने लगी. दीदी को वोद्का का नशा और सेक्स का नशा ज़्यादा देर बर्दास्त नही हुआ और दीदी की चूत ने पानी छोड़ दिया.
मैं ने सारा पानी पी लिया. और खड़ा हो गया. दीदी भी खड़ी हो गयी और मेरे कपड़े निकाल ने लगी
अवी-स्वेता अब बहोत हो गया हमे रुकना चाहिए
स्वेता-चुप चाप खड़े रह MC,दुबारा मूह से आवाज़ निकाली तो तेरा लंड काट कर फेक दूँगी.साले MC उस लड़की के साथ तो बड़े मज़े कर रहा था.मुझे क्या काँटे लगे हुए है,
दीदी ने एक एक कर के मेरे सारे कपड़े निकाल दिए और लंड को मूह मे लेकर चूसने लगी.मैं सीतल की तरफ देखने लगा. सीतल ने इशारो मे कहा कि कुछ नही बस करते रहो.
एक खून करो या 10 खून करो ,फाँसी(हॅंग) तो एक बार ही होती है.वैसे ही एक बहन के साथ किया तो मैं BC बन गया हू.अब 10 बहनो के साथ करू फिर भी रहूँगा तो BC ना
दीदी के लंड चूस ने के बाद मैं ने दीदी को बेड पर लिटा दिया. एक बार मैं ने सीतल की तरफ देखा. उसने सर हिला कर आगे बढ़ने को कहा.
दीदी अभी नशे मे है .जब कल दीदी को पता चलेगा कि मैं ने उनके साथ क्या किया है तो मैं सीतल का नाम बता दूँगा. और कहूँगा कि सीतल के कहने पर मैं ने ये सब किया है.
स्वेता दीदी के साथ चुदाई करने के बाद जब कल दीदी मुझे पूछेंगी कि मैं ऐसा क्यू किया . और जब मैं स्वेता दीदी को सच बताउन्गा तो दीदी मुझे भरोसा नही करेगी पर सीतल ने कहा तो स्वेता दीदी समझ जाएँगी कि जो हुआ वो सब उनकी वजह से हुआ है.
मैं ने फिर के बार सीतल की तरफ देखा, सीतल ने फिर से मुझे आगे बढ़ने को कहा.
मैं ने लंड को दीदी की चूत पे रख दिया . मैं ने धीरे धीरे चूत पर दबाव बढ़ाने लगा, पर दीदी कुवारि थी लंड अंदर नही जा रहा था.
मैं ऐसे ही कोशिस करता रहा . लंड को चूत पर महसूस कर के दीदी गरम हो गयी.
मैं सही मोका देख रहा था. लंड अंदर ना जाने से दीदी को गुस्सा आया ,दीदी ने फिर से मेरे गाल को लाल कर दिया. दीदी ने फिर से मुझे थप्पड़ मारा. इधर दीदी ने थप्पड़ मारा और उधर मैं ने एक जोरदार झटका मारा. थप्पड़ मुझे लगा पर चिल्लाई दीदी,
दीदी चिल्ला उठी.. आआआआआआआअ मैं ने सीतल की तरफ देख कर एक और झटका मारा और स्वेता दीदी के खून ने लंड का राज्याभिषेक कर दिया. लंड ने एक और चूत पर अपनी मोहर(निशानी) लगा दी , सील टूट गयी.
मैं ने दीदी के मूह को बंद कर दिया . दीदी दर्द से कराह रही थी.. मैं ने दीदी को किस करना जारी रखा , इस से दीदी को थोड़ी राहत मिली. थोड़ी देर तक मैं बिल्कुल हिला नही.
फिर दीदी ने अपने हाथ मेरी गंद पर रख कर लंड को अंदर दबाने लगी.मतलब दीदी पूरा लंड अंदर लेना चाहती है.
मैं ने एक और झटका मारा और पूरा लंड स्वेता दीदी की चूत मे डाल दिया.
मेरा लंड किसी की भी चूत मे पहली बार जाता है तो उसके मूह से चीख निकल ही जाती है.मेरे लंड ने चुदि हुई औरते की चीख निकाली है ,दीदी तो कुवारि है.दीदी की चीख तो निकलनी थी.
पर दीदी की दर्द भरी चीख मेरे मूह मे दब गयी. मैं हाथो से बूब्स दबाने लगा. थोड़ी देर मे दीदी का दर्द कम हुआ. मैं ने धीरे धीरे अपनी कमर हिलाना सुरू किया.
दीदी को दर्द हो रहा था पर वो दिखा नही रही थी. दीदी अपना दर्द छुपाने की कोशिस कर रही थी.
शायद दीदी को ऐसा लग रहा होगा कि अगर उनका दर्द देख कर रोहन ने उनके साथ सेक्स करने की बजाय उस लड़की के साथ सेक्स करने के बारे मे सोचा तो.इस डर की वजह से दीदी दर्द छुपा रही थी.
या फिर शायद वोदका का नशा दीदी का दर्द छुपा रहा हो.
पर दीदी को ज़्यादा देर तक दर्द नही हुआ.थोड़ी देर मे दीदी को मज़ा आने लगा था.दीदी मेरे धक्के के साथ गंद उछाल कर लंड अंदर ले रही थी.
मैं ने सीतल की तरफ देखा वो भी हमारी चुदाई देख कर गरम हो गयी थी. सीतल अपने कपड़ो के उपर से चूत मसल रही थी.
मैं ने सीतल को पास आने को कहा पर उसने मना कर दिया.
सीतल ने इस लिए मना किया कि अगर स्वेता दीदी मुझे रोहन समझ रही है तो शायद सीतल को वो लड़की समझ सकती है जिस की वजह से रोहन ने स्वेता दीदी को छोड़ा है.
जब स्वेता दीदी मुझे रोहन समझ कर मार सकती है ,जिसे वो प्यार करती है, तो सोचो स्वेता दीदी उस लड़की के साथ क्या करती जिस की वजह से रोहन ने स्वेता दीदी को छोड़ा है.इसी लिए सीतल ने आने से मना किया.
फिर मैं ने अपना पूरा ध्यान स्वेता दीदी पर लगाया. सीतल तो कभी भी मिल सकती है पर स्वेता दीदी के साथ दुबारा चुदाई करने को मिलना मुश्किल है.
मैं ने अपनी गति बढ़ा दी. दीदी ने भी अपनी आवाज़ो की गति बढ़ा दी. उधर सीतल ने भी चूत मसालने की गति बढ़ा दी.
30 मिनिट तक मैं स्वेता दीदी चुदाई करता रहा, फिर लंड ने चूत के सामने दम तोड़ दिया.
कुछ देर मैं स्वेता दीदी के उपर लेटा रहा. फिर मैं स्वेता दीदी के उपर से अलग हो गया. दीदी आँखे बंद करके बेड पर सो गयी.
मैं ने गेट की तरफ देखा वहाँ सीतल नही थी. वो भी अपने कमरे मे चली गयी.
मैं वही पर दीदी के बाज़ू मे सो गया