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194 सी
कोमल, आरती और रानी की रॅगिंग लेने के बाद मैं पंकज और करीम को ढूँढने लगा.
मेरी हाइट और बॉडी अच्छी होने से कोई मुझे रोक नही रहा था.
मैं बिंदास होकर पंकज और करीम को ढूँढने लगा
थोड़ी मेहनत के बाद मुझे पंकज मिल गया.
अवी-अब तक कहाँ था
पंकज-मैं तुझे ही ढूँढ रहा था
अवी-क्यू ?
पंकज-तुझे एक काश बात बतानी है
अवी-जो भी है बाद मे बताना पहले ये बताया तेरी कितनो ने ली है
पंकज-मैं क्या कोई लड़की हू जो कोई मेरी लेगा
अवी-(काश होता तो सब से पहले मैं लेता) मैं रॅगिंग की बात कर रहा हू
पंकज-रॅगिंग की तो बात ही मत कर
अवी-क्या हुआ
पंकज-लड़को ने तो ली ही लड़कियो ने तो मेरी गंद मार ली
अवी-क्या किया लड़कियो ने तेरे साथ
पंकज-टी-शर्ट निकाल कर पूरे कॉलेज मे घुमाया मुझे
अवी-तेरी तो लड़कियो ने गंद मारी.और मैं हंस ने लगा
अवी-लगता है तेरे लिए आज का दिन खराब है
पंकज-पहले मुझे भी ऐसा लग रहा था पर बाद मे जो हुआ उस से लगा कि आज मेरे लिए सब से अच्छा दिन है
अवी-ऐसा क्या हुआ
पंकज- मैं ने आज एक लड़की को प्रपोज़ किया
अवी-पहले दिन ही ,उसने ना कहा होगा
पंकज-नही
अवी-तो क्या उसने हाँ किया
पंकज-हाँ,उसने हाँ कर दी
अवी-1 घंटे मे तूने गर्लफ्रेंड बना ली(रॅंडी होगी जो 1 घंटे मे हाँ कर दिया)
पंकज-मैं हू ही ऐसा,कि कोई मुझे ना नही कर सकती
अवी-(तू एक नंबर का चूतिया है) मान ना पड़ेगा. वैसे है कौन वो
पंकज-वो और मैं एक ही क्लास मे है.हम क्लासमेट है ,चल तुझे मिलावाता हू
अवी-चल मैं भी तो देखु तूने किसे अपनी गर्लफ्रेंड बनाया है
हम पंकज के क्लास मे आ गये. पंकज के क्लास मे सारे लड़के एक नंबर के चूतिया दिख रहे थे. लड़किया तो पूछो ही मत. पर कुछ लड़किया अच्छी दिख रही थी.
पंकज-अवी ये है मेरी गर्लफ्रेंड ,और ये है मेरा दोस्त अवी
पंकज की गर्लफ्रेंड देखते ही मैं ने एक बार पंकज की तरफ देखा .और सोचने लगा इतनी अच्छी लड़की इसने पटाइ कैसे. वो भी 1 घंटे मे,
थोड़ी देर गर्लफ्रेंड (पंकज की गर्ल फ्रेंड) के साथ बाते करके हम कॅंटीन मे चले गये
अवी-तूने पटाया कैसे उसे
पंकज-मैं ने अपने बारे मे उसे सब कुछ बता दिया. और उसने हाँ कर दी.
अवी-क्या बताया
पंकज-मेरे बारे मे और मेरी फॅमिली के बारे मे
अवी-(तेरे पापा के पैसे देख कर उसने हाँ कर दिया होगा.कोई भी तेरे पापा के बारे मे जान कर तुझे हाँ कर देती) .तेरी तो निकल पड़ी.
पंकज-हाँ यार
अवी-इस खुशी मे पार्टी चाहिए .
पंकज-पार्टी भी मिलेगी पर करीम के साथ दूँगा
अवी-ये करीम है कहाँ,तूने देखा उसे
पंकज-नही. पर उसे कॉल किया था. वो कह रहा था कि आज वो कॉलेज नही आएगा
अवी-क्यू,क्यू नही आएगा,कुछ बताया उसने
पंकज-हाँ,उसकी सोनिया बाजी को देखने के लिए लड़के वाले आए है.
अवी-(3 दिन पहले तो मेरे साथ चुदाई की थी.इतनी जल्दी लड़का भी ढूँढ लिया) ये तो अच्छी बात है चल मैं क्लास मे चलता हू.सनडे को पार्टी देना और करीम से पार्टी लूँगा
पंकज-सनडे को घर आ जाना,वही पर पार्टी करेंगे.
फिर मैं क्लास मे चला गया. क्लास मे जाकर लास्ट बेंच पर बैठ गया.
करीम आ जाता तो आगे बैठ जाता.कम से कम कोई बाते करने को तो होता
क्लास शुरू हो गया. टीचर आते गये हमारा इंट्रो लेते गये. मैं इंट्रो देते देते पक गया था.
फिर मिसेज़ गुप्ता आ गयी जो हमे फिज़िक्स पढ़ाने वाली थी. दिखाने मे ठीक ठाक थी .तो ये वो है जिसकी चूत मे मेरा लंड जाएगा.
क्लास चलता गया. जब मैं बोर होता तब मैं लड़कियो की तरफ देख लेता.
मैं ने एक नज़र लड़कियो पे डाली कॉमर्स ब्रांच के मुकाबले मे काफ़ी अच्छी लड़किया थी मेरे क्लास मे ,
देखते ही देखते कॉलेज ख़तम हो गया.कॉलेज का पहला दिन ख़तम हो गया.
कॉलेज के पहले दिन मेरे साथ कुछ भी खास नही हुआ.
क्लास ख़तम होने के बाद कॉलेज मे रुका तो फिर रॅगिंग होगी.
इसी लिए मैं कोमल को ढूँढने लगा. कोमल रानी और आरती के साथ मेरी तरफ आ रही थी. थोड़ी देर ही हेलो करने के बाद मैं कोमल को लेकर घर चला गया.
1स्ट डे कॉलेज मे कुछ खास नही हुआ.सिर्फ़ पंकज को छोड़ कर.और कोमल खुश थी कॉलेज को लेकर.
कोमल, आरती और रानी की रॅगिंग लेने के बाद मैं पंकज और करीम को ढूँढने लगा.
मेरी हाइट और बॉडी अच्छी होने से कोई मुझे रोक नही रहा था.
मैं बिंदास होकर पंकज और करीम को ढूँढने लगा
थोड़ी मेहनत के बाद मुझे पंकज मिल गया.
अवी-अब तक कहाँ था
पंकज-मैं तुझे ही ढूँढ रहा था
अवी-क्यू ?
पंकज-तुझे एक काश बात बतानी है
अवी-जो भी है बाद मे बताना पहले ये बताया तेरी कितनो ने ली है
पंकज-मैं क्या कोई लड़की हू जो कोई मेरी लेगा
अवी-(काश होता तो सब से पहले मैं लेता) मैं रॅगिंग की बात कर रहा हू
पंकज-रॅगिंग की तो बात ही मत कर
अवी-क्या हुआ
पंकज-लड़को ने तो ली ही लड़कियो ने तो मेरी गंद मार ली
अवी-क्या किया लड़कियो ने तेरे साथ
पंकज-टी-शर्ट निकाल कर पूरे कॉलेज मे घुमाया मुझे
अवी-तेरी तो लड़कियो ने गंद मारी.और मैं हंस ने लगा
अवी-लगता है तेरे लिए आज का दिन खराब है
पंकज-पहले मुझे भी ऐसा लग रहा था पर बाद मे जो हुआ उस से लगा कि आज मेरे लिए सब से अच्छा दिन है
अवी-ऐसा क्या हुआ
पंकज- मैं ने आज एक लड़की को प्रपोज़ किया
अवी-पहले दिन ही ,उसने ना कहा होगा
पंकज-नही
अवी-तो क्या उसने हाँ किया
पंकज-हाँ,उसने हाँ कर दी
अवी-1 घंटे मे तूने गर्लफ्रेंड बना ली(रॅंडी होगी जो 1 घंटे मे हाँ कर दिया)
पंकज-मैं हू ही ऐसा,कि कोई मुझे ना नही कर सकती
अवी-(तू एक नंबर का चूतिया है) मान ना पड़ेगा. वैसे है कौन वो
पंकज-वो और मैं एक ही क्लास मे है.हम क्लासमेट है ,चल तुझे मिलावाता हू
अवी-चल मैं भी तो देखु तूने किसे अपनी गर्लफ्रेंड बनाया है
हम पंकज के क्लास मे आ गये. पंकज के क्लास मे सारे लड़के एक नंबर के चूतिया दिख रहे थे. लड़किया तो पूछो ही मत. पर कुछ लड़किया अच्छी दिख रही थी.
पंकज-अवी ये है मेरी गर्लफ्रेंड ,और ये है मेरा दोस्त अवी
पंकज की गर्लफ्रेंड देखते ही मैं ने एक बार पंकज की तरफ देखा .और सोचने लगा इतनी अच्छी लड़की इसने पटाइ कैसे. वो भी 1 घंटे मे,
थोड़ी देर गर्लफ्रेंड (पंकज की गर्ल फ्रेंड) के साथ बाते करके हम कॅंटीन मे चले गये
अवी-तूने पटाया कैसे उसे
पंकज-मैं ने अपने बारे मे उसे सब कुछ बता दिया. और उसने हाँ कर दी.
अवी-क्या बताया
पंकज-मेरे बारे मे और मेरी फॅमिली के बारे मे
अवी-(तेरे पापा के पैसे देख कर उसने हाँ कर दिया होगा.कोई भी तेरे पापा के बारे मे जान कर तुझे हाँ कर देती) .तेरी तो निकल पड़ी.
पंकज-हाँ यार
अवी-इस खुशी मे पार्टी चाहिए .
पंकज-पार्टी भी मिलेगी पर करीम के साथ दूँगा
अवी-ये करीम है कहाँ,तूने देखा उसे
पंकज-नही. पर उसे कॉल किया था. वो कह रहा था कि आज वो कॉलेज नही आएगा
अवी-क्यू,क्यू नही आएगा,कुछ बताया उसने
पंकज-हाँ,उसकी सोनिया बाजी को देखने के लिए लड़के वाले आए है.
अवी-(3 दिन पहले तो मेरे साथ चुदाई की थी.इतनी जल्दी लड़का भी ढूँढ लिया) ये तो अच्छी बात है चल मैं क्लास मे चलता हू.सनडे को पार्टी देना और करीम से पार्टी लूँगा
पंकज-सनडे को घर आ जाना,वही पर पार्टी करेंगे.
फिर मैं क्लास मे चला गया. क्लास मे जाकर लास्ट बेंच पर बैठ गया.
करीम आ जाता तो आगे बैठ जाता.कम से कम कोई बाते करने को तो होता
क्लास शुरू हो गया. टीचर आते गये हमारा इंट्रो लेते गये. मैं इंट्रो देते देते पक गया था.
फिर मिसेज़ गुप्ता आ गयी जो हमे फिज़िक्स पढ़ाने वाली थी. दिखाने मे ठीक ठाक थी .तो ये वो है जिसकी चूत मे मेरा लंड जाएगा.
क्लास चलता गया. जब मैं बोर होता तब मैं लड़कियो की तरफ देख लेता.
मैं ने एक नज़र लड़कियो पे डाली कॉमर्स ब्रांच के मुकाबले मे काफ़ी अच्छी लड़किया थी मेरे क्लास मे ,
देखते ही देखते कॉलेज ख़तम हो गया.कॉलेज का पहला दिन ख़तम हो गया.
कॉलेज के पहले दिन मेरे साथ कुछ भी खास नही हुआ.
क्लास ख़तम होने के बाद कॉलेज मे रुका तो फिर रॅगिंग होगी.
इसी लिए मैं कोमल को ढूँढने लगा. कोमल रानी और आरती के साथ मेरी तरफ आ रही थी. थोड़ी देर ही हेलो करने के बाद मैं कोमल को लेकर घर चला गया.
1स्ट डे कॉलेज मे कुछ खास नही हुआ.सिर्फ़ पंकज को छोड़ कर.और कोमल खुश थी कॉलेज को लेकर.