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अपडेट 202
कॉलेज जाकर मैं पंकज और करीम को ढूँढने लगा.
आज फिर दोनो गायब थे अपनी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ. मुझे अनु के साथ आज चुदाई कर ने का मन नही था.अनु के साथ चुदाई करके शरीर का दर्द बढ़ सकता था
मैं अनु से बचने के लिए क्लास मे चला गया. मिसेज़.गुप्ता फ़िज़िक्स पढ़ा रही थी.मेडम ने मुझे एक क्वेस्चन पूछा मैं ने आन्सर दे दिया. (कॉलेज से घर जाने के बाद कोमल के साथ पढ़ाई कर लेता था जिस से मेडम का आन्सर दे दिया).
फिर क्लास ख़तम हो गये.
कॉलेज मे आना मेरी सब से बड़ी ग़लती थी. शरीर मे दर्द होने के बाद मुझे आराम करना चाहिए था. पर मैं कोमल के साथ कॉलेज आ गया.
पता नही मुझे किस मच्छर ने काटा था वो मैं शरीर मे दर्द होने के बाद भी कॉलेज मे चला आया.
वो कहते हैना किसी के "गंद मे मस्ती" होती है बीमार होने के बाद भी आराम करने के बजाय कॉलेज चले जाते है.
मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ,मैं बिना वजह कॉलेज चला आया.
पहले गरम पानी से नहाने के वजह से अच्छा लगा था पर मैं भूल गया था कि गाओं के रास्ते कैसे है और उपर से क्लास मे बैठने से ,मेरा दर्द और बढ़ गया.
मैं लास्ट 4 दिन से क्लास मे नही गया था शायद यही बात मेरे दिमाग़ मे चल रही होगी जो मैं ने पूरे क्लास अटेंड किए
क्लास हो जाने के बाद मैं कोमल के साथ घर चला गया.
घर आते ही पहले मैं सो गया. इस बार मैं कोई रिस्क नही लेना चाहता था.
फिर छोटी चाची ने मुझे जगाया.
छोटी चाची मंगला काकी को लेकर आई. मंगला काकी ने मेरी जोरदार मालिश की .मंगला काकी के मालिश करने से मेरा दर्द ख़तम हो गया.
पता नही मंगला काकी के हाथो मे ऐसा क्या था जो मेरा दर्द मालिश करते ही ख़तम हो गया.
मंगला काकी से मालिश करने से मुझे अच्छा लग रहा था.
मंगला काकी से मालिश कराने के बाद मैं नीता बुआ के घर चला गया.
नीता बुआ और मैं ने खाना खा लिया. लीना अपनी मेडिसिन खा कर सो गयी थी.
मैं थोड़ी देर टीवी देखने के के बाद बेडरूम आ गया.
बेडरूम मे आते ही मुझे शॉक्ड लगा.नीता बुआ उपर से नंगी थी. नीता बुआ के बूब्स मेरे आँखो के सामने थे.
बुआ सिर्फ़ पेटिकोट मे थी. पता नही अंदर पैंटी पहनी थी या नही.मैं बुआ को और बुआ मुझे देख रही थी.
हम दोनो थोड़ी देर ऐसे ही एक दूसरे को देखते रहे
मुझे होश आते ही मैं कमरे से बाहर आ गया. फिर थोड़ी देर बाद मैं बेडरूम के पास जाकर बुआ को आवाज़ दी
अवी-बुआ मैं अंदर आ रहा हू
नीता बुआ-अब आ जाओ
अवी-मैं नीचे ज़मीन पर जो बेड बिछाया था उसपर चुप चाप जाकर लेट गया.
मुझे नींद नही आ रही थी. दोपेहर मे सो ने के वजह से और मंगला काकी की मालिश मुझे सोने नही दे रही थी.मैं 1 घंटे तक करवट बदलता रहा...
फिर बुआ ने मुझे आवाज़ दी
नीता बुआ-नींद नही आ रही
अवी-नही. और आपको
नीता बुआ-मुझे भी नही आ रही
अवी-आपको नींद क्यू नही आ रही है
नीता बुआ-पता नही. एक अजीब सी बेचैनी हो रही है
अवी-सॉरी
नीता बुआ-सॉरी किस लिए
अवी-वो मैं कमरे मे बिना पूछे आ गया था और आपको बिना कपड़ो के देख लिया था.
नीता बुआ-वो तो ग़लती से हुआ.
अवी-उसकी की वजह से आपको बेचैनी हो रही है
नीता बुआ-पता नही. पर शायद हो सकता है.
अवी-बुआ एक बात पुच्छू
नीता बुआ-हाँ पूछो
अवी-आपको लीना के पापा की याद नही आती
नीता बुआ-आती है पर काम भी करना ज़रूरी है
अवी-ऐसा काम किस काम का जो अपने परिवार से दूर रहना पड़े
नीता बुआ-सब तुम्हारे जैसे नही सोचते
अवी-फिर भी. अगर उस दिन मैं नही होता तो...
नीता बुआ-हाँ,मुझे भी कभी कभी लगता है कि उनका काम कर ने से क्या फ़ायदा जो अपने परिवार से दूर रहने को कहता है. अगर उस दिन लीना को कुछ हो जाता तो मैं उनको कभी माफ़ नही करती.
अवी-आप बात क्यू नही करती लीना के पापा से
नीता बुआ-बात की थी मैं ने ,वो कह रहे थे कि 1 साल के बाद वो हमेशा के लिए वही आ रहे है.
अवी-ये तो अच्छी बात है.
नीता बुआ-हाँ,वैसे मैं एक बात पुछु
अवी-हाँ पूछिए
नीता बुआ-तुम मुझे घूर के क्यू देख रहे थे
अवी-मैं कहाँ
नीता बुआ-झूठ मत बोलो
अवी-अगर मैं सच कहूँगा तो आप बुरा मान जाएगी
नीता बुआ-तुमने मेरे लिए इतना कुछ किया है कि मैं तुम्हारे किसी बात का बुरा नही मान सकती
अवी-मुझे आप अच्छी लगती हो. जब मैं आपको बिना कपड़े मे देखा तो मैं 1 मिनट के लिए भूल गया कि आप मेरी बुआ हो
नीता बुआ-ज़्यादा देर के लिए भूल जाते तो
अवी-अभी आप मेरे साथ सो रही होती.
नीता बुआ-बस सो रही होती
अवी-मैं आपको सोने नही देता..
नीता बुआ-ऐसा क्या करते
अवी-आपको पता है मैं क्या करता
नीता बुआ-मुझे कैसे पता होगा
अवी-आप ये पूछ क्यू रही हो
नीता बुआ-जैसे मैं तुम्हे अच्छी लगती हू वैसे ही तुम मुझे अच्छे लगने लगे हो.तुम अपने पापा से बिल्कुल अलग हो
अवी-मेरे पापा से ..
नीता बुआ-बात बदलते हुए तुम भी मुझे अच्छे लगते हो.
अवी-मुझ मे अच्छा लगाने जैसा क्या है
नीता बुआ-जो तुम ने लीना के लिए किया .वो बात मेरे दिलो दिमाग़ मे बैठ चुकी है.मुझे समझ नही आ रहा कि मैं क्या करू
अवी-आपको जो अच्छा लगता है वो कीजिए.
नीता बुआ-अगर ऐसा किया तो पाप होगा
अवी-एक बार पाप करके देखना चाहिए.क्या पता वो पाप नही पुन्य हो
नीता बुआ-तुम्हे ऐसा क्यू लगता है
अवी-क्यू कि ये पाप पूजा बुआ भी कर चुकी है
नीता बुआ-पूजा दीदी ने ये पाप किया.क्या तुम्हारे साथ
अवी-हाँ मेरे साथ, जब चाचा और चाची गाओं गये थे तब
नीता बुआ-दीदी ने ऐसा किया
अवी-हाँ ,आप भी करके देख लीजिए
नीता बुआ-पर मैं कैसे ...
अवी-बस एक बार पाप कर लीजिए.फिर दुबारा पाप करने नही दूँगा आपको.बस एक बार
नीता बुआ-नही ,मैं नही कर सकती ,अब सो जाओ
कॉलेज जाकर मैं पंकज और करीम को ढूँढने लगा.
आज फिर दोनो गायब थे अपनी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ. मुझे अनु के साथ आज चुदाई कर ने का मन नही था.अनु के साथ चुदाई करके शरीर का दर्द बढ़ सकता था
मैं अनु से बचने के लिए क्लास मे चला गया. मिसेज़.गुप्ता फ़िज़िक्स पढ़ा रही थी.मेडम ने मुझे एक क्वेस्चन पूछा मैं ने आन्सर दे दिया. (कॉलेज से घर जाने के बाद कोमल के साथ पढ़ाई कर लेता था जिस से मेडम का आन्सर दे दिया).
फिर क्लास ख़तम हो गये.
कॉलेज मे आना मेरी सब से बड़ी ग़लती थी. शरीर मे दर्द होने के बाद मुझे आराम करना चाहिए था. पर मैं कोमल के साथ कॉलेज आ गया.
पता नही मुझे किस मच्छर ने काटा था वो मैं शरीर मे दर्द होने के बाद भी कॉलेज मे चला आया.
वो कहते हैना किसी के "गंद मे मस्ती" होती है बीमार होने के बाद भी आराम करने के बजाय कॉलेज चले जाते है.
मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ,मैं बिना वजह कॉलेज चला आया.
पहले गरम पानी से नहाने के वजह से अच्छा लगा था पर मैं भूल गया था कि गाओं के रास्ते कैसे है और उपर से क्लास मे बैठने से ,मेरा दर्द और बढ़ गया.
मैं लास्ट 4 दिन से क्लास मे नही गया था शायद यही बात मेरे दिमाग़ मे चल रही होगी जो मैं ने पूरे क्लास अटेंड किए
क्लास हो जाने के बाद मैं कोमल के साथ घर चला गया.
घर आते ही पहले मैं सो गया. इस बार मैं कोई रिस्क नही लेना चाहता था.
फिर छोटी चाची ने मुझे जगाया.
छोटी चाची मंगला काकी को लेकर आई. मंगला काकी ने मेरी जोरदार मालिश की .मंगला काकी के मालिश करने से मेरा दर्द ख़तम हो गया.
पता नही मंगला काकी के हाथो मे ऐसा क्या था जो मेरा दर्द मालिश करते ही ख़तम हो गया.
मंगला काकी से मालिश करने से मुझे अच्छा लग रहा था.
मंगला काकी से मालिश कराने के बाद मैं नीता बुआ के घर चला गया.
नीता बुआ और मैं ने खाना खा लिया. लीना अपनी मेडिसिन खा कर सो गयी थी.
मैं थोड़ी देर टीवी देखने के के बाद बेडरूम आ गया.
बेडरूम मे आते ही मुझे शॉक्ड लगा.नीता बुआ उपर से नंगी थी. नीता बुआ के बूब्स मेरे आँखो के सामने थे.
बुआ सिर्फ़ पेटिकोट मे थी. पता नही अंदर पैंटी पहनी थी या नही.मैं बुआ को और बुआ मुझे देख रही थी.
हम दोनो थोड़ी देर ऐसे ही एक दूसरे को देखते रहे
मुझे होश आते ही मैं कमरे से बाहर आ गया. फिर थोड़ी देर बाद मैं बेडरूम के पास जाकर बुआ को आवाज़ दी
अवी-बुआ मैं अंदर आ रहा हू
नीता बुआ-अब आ जाओ
अवी-मैं नीचे ज़मीन पर जो बेड बिछाया था उसपर चुप चाप जाकर लेट गया.
मुझे नींद नही आ रही थी. दोपेहर मे सो ने के वजह से और मंगला काकी की मालिश मुझे सोने नही दे रही थी.मैं 1 घंटे तक करवट बदलता रहा...
फिर बुआ ने मुझे आवाज़ दी
नीता बुआ-नींद नही आ रही
अवी-नही. और आपको
नीता बुआ-मुझे भी नही आ रही
अवी-आपको नींद क्यू नही आ रही है
नीता बुआ-पता नही. एक अजीब सी बेचैनी हो रही है
अवी-सॉरी
नीता बुआ-सॉरी किस लिए
अवी-वो मैं कमरे मे बिना पूछे आ गया था और आपको बिना कपड़ो के देख लिया था.
नीता बुआ-वो तो ग़लती से हुआ.
अवी-उसकी की वजह से आपको बेचैनी हो रही है
नीता बुआ-पता नही. पर शायद हो सकता है.
अवी-बुआ एक बात पुच्छू
नीता बुआ-हाँ पूछो
अवी-आपको लीना के पापा की याद नही आती
नीता बुआ-आती है पर काम भी करना ज़रूरी है
अवी-ऐसा काम किस काम का जो अपने परिवार से दूर रहना पड़े
नीता बुआ-सब तुम्हारे जैसे नही सोचते
अवी-फिर भी. अगर उस दिन मैं नही होता तो...
नीता बुआ-हाँ,मुझे भी कभी कभी लगता है कि उनका काम कर ने से क्या फ़ायदा जो अपने परिवार से दूर रहने को कहता है. अगर उस दिन लीना को कुछ हो जाता तो मैं उनको कभी माफ़ नही करती.
अवी-आप बात क्यू नही करती लीना के पापा से
नीता बुआ-बात की थी मैं ने ,वो कह रहे थे कि 1 साल के बाद वो हमेशा के लिए वही आ रहे है.
अवी-ये तो अच्छी बात है.
नीता बुआ-हाँ,वैसे मैं एक बात पुछु
अवी-हाँ पूछिए
नीता बुआ-तुम मुझे घूर के क्यू देख रहे थे
अवी-मैं कहाँ
नीता बुआ-झूठ मत बोलो
अवी-अगर मैं सच कहूँगा तो आप बुरा मान जाएगी
नीता बुआ-तुमने मेरे लिए इतना कुछ किया है कि मैं तुम्हारे किसी बात का बुरा नही मान सकती
अवी-मुझे आप अच्छी लगती हो. जब मैं आपको बिना कपड़े मे देखा तो मैं 1 मिनट के लिए भूल गया कि आप मेरी बुआ हो
नीता बुआ-ज़्यादा देर के लिए भूल जाते तो
अवी-अभी आप मेरे साथ सो रही होती.
नीता बुआ-बस सो रही होती
अवी-मैं आपको सोने नही देता..
नीता बुआ-ऐसा क्या करते
अवी-आपको पता है मैं क्या करता
नीता बुआ-मुझे कैसे पता होगा
अवी-आप ये पूछ क्यू रही हो
नीता बुआ-जैसे मैं तुम्हे अच्छी लगती हू वैसे ही तुम मुझे अच्छे लगने लगे हो.तुम अपने पापा से बिल्कुल अलग हो
अवी-मेरे पापा से ..
नीता बुआ-बात बदलते हुए तुम भी मुझे अच्छे लगते हो.
अवी-मुझ मे अच्छा लगाने जैसा क्या है
नीता बुआ-जो तुम ने लीना के लिए किया .वो बात मेरे दिलो दिमाग़ मे बैठ चुकी है.मुझे समझ नही आ रहा कि मैं क्या करू
अवी-आपको जो अच्छा लगता है वो कीजिए.
नीता बुआ-अगर ऐसा किया तो पाप होगा
अवी-एक बार पाप करके देखना चाहिए.क्या पता वो पाप नही पुन्य हो
नीता बुआ-तुम्हे ऐसा क्यू लगता है
अवी-क्यू कि ये पाप पूजा बुआ भी कर चुकी है
नीता बुआ-पूजा दीदी ने ये पाप किया.क्या तुम्हारे साथ
अवी-हाँ मेरे साथ, जब चाचा और चाची गाओं गये थे तब
नीता बुआ-दीदी ने ऐसा किया
अवी-हाँ ,आप भी करके देख लीजिए
नीता बुआ-पर मैं कैसे ...
अवी-बस एक बार पाप कर लीजिए.फिर दुबारा पाप करने नही दूँगा आपको.बस एक बार
नीता बुआ-नही ,मैं नही कर सकती ,अब सो जाओ