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मैं और मेरा परिवार

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सारा कहने लगी

आआअहह हां और ज़ोर ज़ोर से मरूऊओ.

मेरे हर धक्के से लंड उसकी चूत मे समा जाता और सीधा उसकी बच्चेदानी से जा कर टकरा जाता.

आाआऐययईईईईईईईईईईईई मर गयी आआआअहह .

सारा की चूत ने फिर पानी छोड़ दिया और सारा ढीली पड़ गयी.

मैं ने लंड चूत से बाहर निकाला और सारा की चेर पर जाकर बैठ गया.

मेरा वीर्य अभी तक निकला नही था.

मुझे कुछ ना करते हुए देख कर सारा ने मेरी तरफ देखा.

अवी-मेरे लंड पर बैठो

सारा सोफे से उठ कर मेरे लंड पर चूत राक कर चेर पे बैठ गयी.

लंड चूत मे समा गया.

सारा को चेर को पकड़ कर उपर नीचे होने को कहा.

सारा ने अपनी गंद उपर की और मैं ने नीचे से धक्का मारा

सारा और मैं चेर के साथ कॅबिन की दूसरी तरफ चले गये.

चेर को पाए(टाइयर) लगे हुए थे.ऑफीस चेर थी.

सारा ने अपना पूरा वेट चेर पर जहाँ हाथ रखते है उस पर डाल कर हवा मे झूलने लगी

मैं सारा की चूत मे नीचे से धक्के मारने लगा.

पहला धक्का कॅबिन की एक तरफ मारता तो दूसरे धक्के के वक्त हम कॅबिन की दूसरी तरफ होते

चेर पर बैठ कर सारा की चूत मारना और वो भी पूरे कॅबिन मे क्या कहूँ बहोत मज़ा आ रहा था.

सारा तो मज़े मे शीष्कारिया लेने लगी.

और एक धक्का और ये टूट गया फ्लवर प्लॉट

और एक धक्का चेर जाकर किताब की अलमारी से टकराई

और एक धक्का और सारा के टेबल पर रखा हुआ समान टेबल से नीचे

और एक धक्का दीवार पे लगी हुई तस्वीर नीचे ज़मीन पर

और एक धक्का सारा मेरे लंड पर गिर गयी

हम दोनो के मूह से चीख निकल गयी.

चेर पे कॅबिन मे घूमते हुए मज़ा आ रहा था पर कॅबिन का जो हाल हो रहा था उसका क्या.

मैं सारा को वापस सोफे पर ले गया

सारा की आँख मे मुझे शुकून दिख रहा था.

मैं ने सारा की दोनो टाँगो को पकड़ कर अपने कंधों पर रख दिया .

जिससे सारा की चूत खुल गयी.

फिर मैं ने लंड को चूत के अंदर डाल दिया और दना दन धक्के मारने लगा .

हर धक्के के साथ आआआः आआआअहह की आवाज़े निकल रही थी.

मैं धक्के लगाता गया. और सारा कहने लगी हाँ ज़ोर से डाल दो अंदर तक डाल दो मारो मेरी चूत. और ज़ोर से मारो हाँ और ज़ोर से.

सारा की इन बातों से मैं ने मेरी गति बढ़ा दी . और गति बढ़ाने से मेरा पानी निकल ने लगा.

मैं ने अपना वीर्य सारा की चूत मे डाल दिया.

बहुत देर तक मैं सारा की चुदाई करता रहा. फिर मैं सारा के उपर गिर गया.

10 मिनिट के बाद मैं सारा के उपर से अलग हो कर खड़ा हो गया.

सारा भी नॉर्मल हो गयी थी.सारा की चूत से मेरा पानी निकल रहा था.

सारा अपनी चूत मे उंगली डाल कर मेरा वीर्य अपनी उंगली पर ले कर उंगली को चूसने लगी.

अवी-मज़ा आया

सारा-हाँ

अवी-कल और मज़ा दूँगा .

सारा-मैं कल का इंतज़ार करूँगी.और नया समान खरीद लूँगी तोड़ने के लिए

हम दोनो हँसने लगे

अवी-चलो अब मुझे जाना होगा

सारा-पहले कपड़े तो पहन लो

मैं ने अपने कपड़े पहन लिए .और सारा अपने कपड़े लेकर बाथरूम मे चली गयी. और मैं सारा को बता कर कॅबिन से बाहर आ गया.
 
अपडेट 306

मैं चाची के रूम मे आ गया.

नीता बुआ-कहाँ गये थे.

अवी-थोड़ा बाहर घूमने गया था. वो रात भर चेर पर सोने से बदन दर्द हो रहा था .घूमने से थोड़ा अच्छा लग रहा है

नीता बुआ-ठीक है पर बताकर जाया करो

फिर चाचा जी और पूजा बुआ आ गये. मैं नीता बुआ के साथ घर आ गया.घर आकर खाना खा लिया और अपने कमरे मे सोने गया और नीता बुआ स्वेता दीदी के कमरे .ज्योति बुआ के कमरे मे पूनम के पापा सो रहे थे.

रात मे पूजा बुआ ज्योति बुआ के कमरे मे सो जाती है. पूनम दीदी स्वेता दीदी और सीतल एक कमरे मे सोते है.

फिर रात मे 8.00पी एम बजे खाना लेकर नीता बुआ के साथ हॉस्पिटल चला गया.

हराम आते ही चाचा और पूजा बुआ घर चले गये.

फिर ज़ोया चाची को चेक करने आ गयी.ज़ोया के चेक करने के बाद चाची ने खाना खा लिया .और फिर नीता बुआ चाची के साथ बातें करने लगी.

मैं नीता बुआ को बताकर ज़ोया के पास आ गया.

अवी-मैं अंदर आ सकता हू

ज़ोया-बैठो

अवी-आप क्या कर रही हो

ज़ोया-पेशेंट की रिपोर्ट देख रही हू

अवी-पेशेंट आपके सामने बैठा है और आप रिपोर्ट देख रही हो

ज़ोया-क्या हुआ तुम्हे

अवी-आपको पता नही मुझे क्या हुआ

ज़ोया-मुझे कैसे पता होगा कि तुम्हे क्या हुआ है

अवी-कल चेक भी तो किया आपने

ज़ोया-कल की बात याद करके शरमा गयी

अवी-मुझे लगता है आपको एक बार और देखना चाहिए

ज़ोया ने कुछ नही कहा.

उसको पता था कि मैं आज उसके साथ क्या करने वाला हू.

वो अपनी चेर पर चुप चाप बैठ कर कुछ सोच रही थी.

मैं ने सोच लिया था कि मुझे क्या करना है.मैं खड़ा हो गया और कॅबिन का गेट बंद कर दिया और अपनी जीन्स निकाल दी.

ज़ोया मेरी तरफ देखने लगी. अंडरवेर मे तंबू बना हुआ था.मैं ने अंडरवेर भी निकाल दिया.

मेरा लंड ज़ोया की चुदाई के नाम से खड़ा हो गया था और ज़ोया की तरफ देख कर सलामी देने लगा.

ज़ोया मेरे लंड को बिना पलके झुकाए देख रही थी.

मैं टेबल पर जाकर लेट गया. ज़ोया अपनी जगह पर बैठी रही.

अवी-एक बार चेक कर लो.

ज़ोया-वो मैं

अवी-आज मैं कल जैसा कुछ नही करूँगा .आप एक बार चेक कर लीजिए

ज़ोया मेरे पास आ गयी. ज़ोया की आँख मे चुदाई की प्यास दिख रही थी.

वो मेरी तरफ कम और लंड की तरफ ज़्यादा देख रही थी.

 
ज़ोया ने कल की तरह मेरे लंड को पकड़ लिया और आज ज़ोया खुद लंड को पकड़ कर हिलाने लगी थी.

ज़ोया मेरी तरफ अपनी गंद करके लंड हिला रही थी. ज़ोया थोड़ा झुक कर लंड को हिला रही थी जिस से उसकी गंद थोड़ी बाहर की तरफ आ गयी.

मैं कल की तरह ज़ोया की गंद पर हाथ घुमाने लगा.

ज़ोया ने कुछ नही कहा,जिस से मैं ज़ोया की गंद मसल्ने लगा.

ज़ोया की गंद मसल्ने मे मज़ा आ रहा था. अगर मसल्ने मे मज़ा आ रहा है तो मारने मे कितना आएगा.

थोड़ी देर मैं ज़ोया की गंद मसलता रहा.गंद मसल्ने के बाद मैं ने ज़ोया के सर को पकड़ कर लंड की तरफ झुकाना सुरू किया.

ज़ोया बिना किसी विरोध के लंड के पास अपना मूह ले जाने लगी.

ज़ोया का मूह और मेरे लंड के बीच कुछ सेंटीमीटर का फासला था. मैं ने अपनी गंद उपर कर दी. लंड उपर जाकर ज़ोया के होंटो को छुने लगा.

मैं लंड को ज़ोया के होंटो पर रगड़ने लगा. लंड होंटो पर रगड़ने से ज़ोया को भी मज़ा आ रहा था. और ज़ोया ने लंड को अपने मूह मे ले लिया.

ज़ोया लंड को मूह मे लेकर चूसने लगी. आधा लंड ज़ोया के मूह मे चला जाता.और आधा लंड बाहर अपने हाथ मे पकड़ रखा था. ज़ोया भूकी शेरनी की तरह लंड को चूस रही थी.

मैं ने ज़ोया को लंड चूसने दिया .और अपना एक हाथ को ले जाकर ज़ोया की चूत रख दिया.

पर मेरा हाथ मुश्किल से ज़ोया की चूत के पास जा रहा था.इस लिए मैं उठ कर बैठ गया.

मेरे बैठने से ज़ोया को लंड चूसने मे कोई डिस्ट्रब नही हुआ.

अब मैं ने ज़ोया की सलवार का नाडा पकड़ कर खोल दिया. सलवार नीचे गिर गया पर ज़ोया को इस सब से कुछ नही लेना था उसे तो बस लंड चूसना था.

उसको 2 साल की अपनी प्यास भुज़ानी थी.

मैं पैंटी के उपर से ज़ोया की चूत मसल्ने लगा. चूत मसल्ने से ज़ोया ज़ोर ज़ोर से लंड चूसने लगी.

हम दोनो एक दूसरे को मज़ा देने लगे. थोड़ी देर मे मेरा वीर्य निकल गया. ज़ोया ने अपना मूह नही हटाया .मेरा पूरा पानी ज़ोया पी गयी.

मेरा वीर्य पीने के बाद लंड को चाट कर साफ कर दिया.और लंड को मूह से बाहर निकाल लिया.

अब मेरी बारी थी. मैं खड़ा हो गया और ज़ोया की कमीज़ निकाल दी. ज़ोया और सारा मे कोई फरक नही था.

मैं ने ज़ोया की ब्रा और पैंटी भी निकाल दी.

ज़ोया पूरी गरम थी उसने मुझे कपड़े निकालने दिए.

ज़ोया की चूत मेरे सामने थी. चिकनी,गुलाबी,फूली हुई,2 साल की प्यासी चूत .

पेशेंट को जहाँ लिटाकर चेक किया जाता है उसपर अब तक मैं लेटा हुआ था अब मैं ने ज़ोया का उसपर लिटा दिया.

और मैं अपनी टीशर्ट निकाल कर ज़ोया के उपर आ गया.

ज़ोया ने मुझे गले लगा लिया और मेरी पीठ पर हाथ रख कर कस के पकड़ लिया.

ज़ोया के पकड़ने से मेरे होंठ ज़ोया के होंठो के पास आ गये. मैं ने अपने होंठो को उसकी मंज़िल पर पहुचा दिया.

मेरे होंठ ज़ोया के होंटो को चूसने लगे.

ज़ोया मेरा पूरा साथ दे रही थी. मेरा मुरझाया हुआ लंड ज़ोया की चूत पे रगड़ रहा था.

मैं ने ज़ोया की जीभ को चूसना सुरू कर दिया. ज़ोया भी अपनी जीभ को मेरे मूह के अंदर तक डालने लगी जिस से मैं ज़ोया की जीभ को चूस सकु.

थोड़ी देर बाद ज़ोया मेरी जीभ को चूसने लगी. ऐसे ही हम एक दूसरे को किस कर रहे थे.

फिर मैं ज़ोया के बूब्स को हाथो से मसलने लगा. मुझे ज़ोया के बूब्स इतने अच्छे लगे कि मैं ने ज़ोर ज़ोर से बूब्स को मसल दिया.

ज़ोया की चीख निकल गयी. ज़ोया कहने लगी. आराम से करो दर्द हो रहा है.

मुझे अपनी ग़लती का अहसास हुआ मैं ने ज़ोया के बूब्स को छोड़ दिया

मैं ने बूब्स को देखा तो वो लाल हो गये थे.

मुझे ये अच्छा नही लगा और मैं ने अपनी जीभ से बूब्स पे जहाँ लाल निशान थे उसे चाटना सुरू किया.

जीभ से बूब्स को चाटने से ज़ोया को आराम मिला और ज़ोया शीष्कारिया लेने लगी.

आआअहह आआआअहह आआआआ आ आआआहह आआआहह आआहह हीईए

फिर मैं बूब्स को मूह मे लेकर चूसने लगा. और धीरे धीरे दूसरे बूब्स को दबाने लगा. ज़ोया के मूह से फिर आवाज़े निकलने लगी.

आआअहह आआआअहह आआआआ आ आआआहह आआआहह आआहह हीईए

5 मिनिट तक मैं ज़ोया के बूब्स के साथ खेलता रहा.
 


अपडेट 307

बूब्स चूसने के बाद मैं ज़ोया के उपर से अलग होकर खड़ा हो गया. और ज़ोया के पैरो को टेबल के नीचे खीच लिया जिस से ज़ोया की चूत टेबल की किनारे पे आ गयी.

मुझे अब बर्दास्त नही हो रहा था .मैं ने ज़ोया की चूत पर किस करना सुरू कर दिया.

फिर मैं ने ज़ोया की चूत पर अपनी जीभ घुमानी सुरू की जैसे ही मैं ने ज़ोया की चूत पर अपनी जीभ रखी ज़ोया शीष्कारी लेने लगी.

आआआआआआआआआआआआआआआआआआआहह ववववववववओूऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊओवववववववव

मैं अपनी जीभ से ज़ोया की चूत के होंठो को खोलने लगा .जीभ से चूत के होंठ आराम से खुल रहे थे.

पर उसमे मज़ा नही आ रहा था.मैं ने अपने हाथो का इस्तेमाल करके उंगली से चूत के होंठो को खोल दिया.

चूत के होंठ खुलने से मैं ने अपनी जीभ चूत मे डाल दी.

2 साल से ज़ोया की चूत कोई लंड नही मिला था. जिस से ज़ोया की चूत टाइट हो चुकी थी.

मेरी जीभ जैसे ही चूत के अंदर चली गयी ज़ोया की चूत ने पानी छोड़ दिया.

ज़ोया का पानी निकलने के बाद भी मैं ने चूत से अपनी जीभ नही निकाली.बल्कि और अंदर की तरफ बढ़ा दी

जीभ अंदर तक जाने से ज़ोया की चूत का रस मेरे हलक से नीचे उतर गया.

मेरी जीभ ज़ोया की चूत के अंदर जाने से ज़ोया की शीष्कारिया तेज होने लगी.

आआआआआआआआआआआआआआआआआआआहह ववववववववओूऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊओववववववववव

ज़ोया का पानी निकलने के बाद भी चूत चूस ने से ज़ोया की हालत खराब हो गयी.

मेरी जीभ ज़ोया की चूत के अंदर जाने से वो आआआआआआआअहह….. सस्स्स्स्स्स्स्स्शह की आवाज़ निकलती.

ज़ोया की आवाज़े निकलने लगी.

ज़ोया ने फिर से पानी छोड़ दिया. दो बार पानी निकल जाने से वो एकदम ठंडी पड़ गयी .

ज़ोया की चूत चूसने तक मेरा लंड चूत मे जाने के लिए डंडे की तरह हो गया.

मैं ने ज़ोया को गोद मे उठा लिया और सोफे पर लिटा दिया.

जब मैं ने ज़ोया को उठाया तो मेरा लंड ज़ोया की गंद पे दस्तक दे रहा था.

ज़ोया ने अपनी आँख बंद की थी और लंड को गंद पर अच्छे से महसूस करने लगी.

फिर मैं ज़ोया की टाँगो के बीच आ गया. और अपने थूक से लंड को चिकना करने लगा. तो ज़ोया ने मुझे रोक दिया.

ज़ोया-ये क्या कर रहे हो

अवी-लंड को चिकना कर रहा हू

ज़ोया-अभी तो तुम्हारा अच्छा हुआ ,ऐसा करोगे तो और दर्द होगा.

अवी-(मैं भी ना, सारा के साथ क्रीम लगा कर कर रहा था और ज़ोया के साथ,अच्छा हुआ ज़ोया ने रोक लिया) क्रीम कहाँ है.

ज़ोया-टेबल पर क्रीम है उसे लगा लो

मैं उठ कर टेबल से क्रीम लेकर आ गया और क्रीम को लंड पर लगा दिया और फिर से ज़ोया की टाँगो के बीच आ गया.

अवी-डाल दूं

ज़ोया-ऐसे वक्त पूछा थोड़े जाता है.डाल दो,

मैं ने ज़ोया की चूत पर अपना लंड रगड़ने लगा. थोड़ी देर लंड रगड़ने से मुझ बर्दाश्त नही हो रहा था .

मैं ने ज़ोया की चूत पर अपना लंड रख दिया.

लंड पर क्रीम और ज़ोया की चूत के पानी की वजह से मेरे हल्के दबाव से लंड का टोपा अंदर चला गया.

चूत और लंड दोनो एकदम चिकने होने की वजह से मैं ने एक ज़ोर दार झटका मारा कि मेरा 6 इंच तक लंड अंदर चला गया.

ऊऊऊऊहह यी क्क्क्ययय्याआ कककककररररर ददडिईईययय्या म्म्मा ऐईिईन्न्न मररर गयी.

 


ज़ोया की चीख निकल गयी. पर मुझे सारा ने बताया था कि कॅबिन से आवाज़ बाहर नही जाती.

दोनो का कॅबिन अलग था पर बनाया एक जैसा था.

मैं ने दूसरा झटका मारा और मेरा लंड फिसलता हुआ पूरा ज़ोया की चूत मे समा गया.

उसके मूह से फिर चीख निकल गयी. पर चीख के साथ शीष्कारी भी निकल गयी.

ऊहह म्म्म्मममममममाआररर्ररगगगगगाआआयययययययययीीईईईईईईईईई.

ज़ोया बोली तुमने तो मेरी चूत फाड़ डाली .

मैं ने कहा अभी फाडी कहाँ है .अभी फाडनि बाकी है.

फिर मैं धीरे धीरे धक्के लगाने लगा.

ज़ोया तो गरम निकली.ज़ोया ने मज़ा लेना जल्दी सुरू किया.और शीष्कारिया लेने लगी.

आअहह आआआअहह आआआआ आ आआआहह आआआहह आआहह हीईए

थोड़ी देर बाद ज़ोया ने पानी छोड़ दिया.

फिर मैं ने ज़ोया की चूत से लंड बाहर निकाला और ज़ोया के टेबल पर रखी हुई चीज़े नीचे फेक दी.

ज़ोया-ये क्या कर रहे हो

अवी-इस टेबल पर लेट जाओ

ज़ोया-उस टेबल पर

ज़ोया उठ कर टेबल पर लेट गयी. टेबल पर ग्लास रखा हुआ था. जिस मे ज़ोया की गंद को देखने मे मज़ा आ रहा था.

ज़ोया के लेट ते ही मैं ने लंड ज़ोया की ऊट मे डाल दिया. और ग्लास मे देखने लगा.

ज़ोया की चूत मे मेरा लंड देखने मे मज़ा आ रहा था.

मैं ने ज़्यादा देर ना करते हुए ज़ोया की चूत मे धक्के मारना सुरू किया.

जैसे मैं ने सारा की चुदाई चेर पर की थी उसी तरह मैं ज़ोया की चुदाई टेबल पर कर रहा था.

पर टेबल पर चुदाई करने मे मज़ा नही आ रहा था.

फिर भी थोड़ी देर मैं ज़ोया की चुदाई टेबल पर करता रहा. और फिर ज़ोया के पानी छोड़ते ही, ज़ोया को वापस सोफे पर ले गया.

ज़ोया के पानी छोड़ने के बाद मैं ने अपनी चुदाई करने की गति बढ़ा दी.

पानी निकालने से ज़ोया भी अपनी गंद नीचे से उछाल ने लगी.

मैं अपनी कमर को ज़ोर ज़ोर से हिलाने लगा.धक्के लगाने के साथ साथ मैं उसके बूब्स को भी मसल रहा था.

बूब्स मसल्ने से ज़ोया और ज़्यादा जोश मे आ रही थी.

ज़ोया ने भी अपने हाथ मेरे हाथो पर रख लिए . मैं जहाँ आराम से बूब्स मसल रहा था उसने ज़ोर से मेरे हाथो पर हाथ रख कर मसलना सुरू कर दिया.

इससे मेरा जोश बढ़ गया. और मैं पूरे ज़ोर से ज़ोया को चोदने लगा .
 


हर धक्के से ज़ोया अपनी गंद उपर कर देती.मैं अब ज़ोर से धक्के मार रहा था . वो आआआआहह मर गयी मार डाला और ज़ोर से चोदो , फाड़ दो मेरी चूत को.

अब मेरा भी पानी निकलने वाला था. इस लिए मैं ने ज़ोया को घोड़ी बना दिया .

जिस से मुझे ज़ोया की चूत ज़्यादा ज़ोर से मार सकूँ

मैं ज़ोया को घोड़ी बनाकर चोदने लगा.

ज़ोया मज़ा लेने लगी. और 3 मिनिट तक ज़ोया को घोड़ी बनाकर चूत मारने से मेरा वीर्य निकल गया .

मैं ने ज़ोया की चूत मे अपना वीर्य डाल दिया. ज़ोया नीचे गिर गयी और मैं ज़ोया के उपर.

थोड़ी देर ऐसे ही रहने के बाद

ज़ोया-अब उठो उपर से ,क्या सारी रात मेरे उपर रहने वाले हो

अवी-क्यू आप को अच्छा नही लगेंगा कि मैं सारी रात आपके उपर रहूं

ज़ोया-मैं तो यही चाहती हू पर मैं घर नही गयी तो सारा क्या सोचेगी

मैं ने अपना लंड ज़ोया की चूत से बाहर निकाल लिया. ज़ोया ने लंड को मूह मे लेकर साफ कर दिया. फिर मैं ने कपड़े पहन लिए

अवी-कल अपना चेकप कराने आ जाउन्गा

ज़ोया-मैं इंतज़ार करूँगी.

और मैं चाची के रूम मे चला गया

 
अपडेट 308

ज़ोया की चुदाई करने के बाद मैं चाची के रूम मे आ गया .

अब सब नीता बुआ और पूजा बुआ संभाल रही थी.जिसके वजह से मुझे ज़्यादा काम नही था.

नीता बुआ के साथ थोड़ी देर बातें की फिर नीता बुआ और मैं सो गया.

फिर सुबह बच्चो की रोने की आवाज़ सुनकर मेरी नींद खुल गयी. नीता बुआ ने मुझे बाहर जाने को कहा .मैं फ्रेश होने चला गया.और चाची बच्चो को दूध पिलाने लगी.

23 र्ड डे

सारा चाची को चेक करने आ गयी. आज सारा का चेहरा चमक रहा था. 2 साल की प्यास जो भूज़ गयी थी.

सारा ने जाते हुए मेरी तरफ देख कर स्माइल की.

चाची के नाश्ता करने के बाद मैं पूजा बुआ आने से पहले सारा के कॅबिन मे चला गया.

अगर मैं ऐसे ही 1 घंटा सारा के पास जाता रहा तो नीता बुआ गुस्सा हो जाएगी.मुझे कुछ सोचना पड़ेगा

मैं सारा के कॅबिन के अंदर आ गये. मेरे अंदर आते ही सारा ने गेट बंद कर दिया और जहाँ मैं सारा की फिगर देखता वहाँ जाकर खड़ी हो गयी.

मुझे सारा को देख कर हँसी आ रही थी पर मैं हंसा नही. और सारा के पास नही गया.

मुझे अपने पास ना देख कर सारा ने मेरी तरफ देखा

सारा-क्या हुआ आज फिगर नही देखनी

अवी-देखनी तो है पर

सारा-पर क्या

अवी-मैं ज़्यादा देर आप के पास नही रुक सकता. कल मेरी बुआ गुस्सा हो गयी थी.

सारा-तो क्या तुम मेरी फिगर नही देखोगे

अवी-देखूँगा पर अभी नही

सारा-फिर कब

अवी-रात मे 1.00 बजे आपके घर मे आ जाउन्गा वहाँ आराम से आपकी फिगर देख लूँगा

सारा-घर पर. वहाँ नही. घर पर ज़ोया होगी

अवी-ज़ोया को मैं देख लूँगा. बस रात मे मेरा इंतज़ार करना.अपने घर का गेट खुला रखना

सारा-तुम ज़ोया को संभाल लोंगे ना

अवी-हाँ,आप टेन्षन मत लो

सारा-ठीक है पर अगर कुछ हुआ तो

अवी-कुछ नही होगा बस गेट खुला रखना

सारा-ठीक है.

फिर मैं ने अपना लंड ज़िप खोल कर बाहर निकाल लिया

अवी-आज तुम प्यार करो इसे.

सारा मेरा मतलब समझ गयी. और मेरे सामने आकर बैठ गयी और अपने दोनो हाथो से मेरे लंड को पकड़ लिया .

और लंड का इनस्पेक्षन करने लगी.डॉक्टर जो थी.

कल मैं ने सारा को लंड नही दिखाया था. उसे कल लंड ठीक से नही दिखा था.

सारा कभी लाल टोपा देखती तो कभी लंड की मोटाई और लंबाई देखती.

लंड देख कर सारा की आँख लाल हो चुकी थी. फिर उसने धीरे से आगे आते हुए मेरे टोपे पर एक किस कर लिया.किस करते ही मेरे लंड ने झटका खाया.

फिर सारा ने मेरे लंड को अपने मूह मे ले लिया . लंड सारा ने इस अंदाज़ से मूह मे लिया कि मेरी शीष्कारी निकल गयी.

फिर से सारा ने लंड को मूह से बाहर निकाल कर दुबारा किस करने लगी.

मुझे बर्दास्त नही हुआ और मैं ने सारा के मूह मे मेरा तना हुआ लंड पूरा अंदर डाल दिया.

पूरा लंड मूह के अंदर जाने से उस से साँस लेने मे तकलीफ़ होने लगी.

और सारा गों गों करने लगी तो मुझे अपनी ग़लती का अहसास हुआ. और मैं ने अपना लंड सारा के मूह से निकाल लिया .

लंड बाहर निकलने से सारा लंबी लंबी साँसे लेने लगी.

 


सारा-तुम ने तो मेरी जान ही निकाल दी. मेरी तो साँस ही बंद हो गयी थी.

मैं ने सारा को सॉरी कहा. सारा ने फिर मेरे लंड को मूह मे ले लिया. और उसे चूसने लगी. मैं ने अपनी आँख बंद कर दी.

आआआआआआआहह आआआहह की मेरे मूह से आवाज़े निकालने लगी .

सारा को मेरे लंड को चूसने मे बहोत मज़ा आ रहा था. क्यूकी वो लगातार मेरे लंड को चूसे रही थी.

सारा पहले धीरे धीरे चूसने लगी. फिर अपनी गति बढ़ा दी. कभी कभी वो पूरा लंड मूह मे ले लेती तो कभी बाहर निकाल कर लंड पर जीभ घुमा देती.

जब सारा टोपे पर अपनी जीभ घुमा देती मुझे लगता कि मेरा वीर्य निकल जाएँगा तभी वो अपनी जीभ हटा देती.

अलग अलग तरह से मेरा लंड चूस रही थी. मेरे वीर्य निकलने का समय आ गया था.

मैं ने सारा के सर को पकड़ लिया और मेरे लंड ने सारा के मूह मे पिचकारी मारनी सुरू कर दी. मेरा वीर्य सारा के पेट मे चला गया.

सारा ने मेरे लंड को बाहर निकाल लिया. और मेरी तरफ देख कर रंडी की तरह अपने होंठो पर जीभ घुमाने लगी.

मैं ने लंड को अंदर कर लिया.

अवी-कैसा था टेस्ट

सारा-बहोत टेस्टी था. पूरा पेट भर गया है

अवी-अब रात के लिए पेट खाली कर देना

और मैं ने सारा को घोड़ी बना दिया और सारा की गंद पर थप्पड़ मारने लगा.

सारा-क्या कर रहे हो दर्द हो रहा है.

10 12 थप्पड़ मारने के बाद मैं बाहर चला गया.

फिर नीता बुआ के साथ घर चला गया. दिन भर आराम करने के बाद फिर रात मे नीता बुआ के साथ वापस हॉस्पिटल आ गया.

चाची को खाना खिलाने के बाद मैं ज़ोया के कॅबिन मे चला गया.

अवी-मैं अंदर आ सकता हू

ज़ोया-आ जाओ

ज़ोया खड़ी हो गयी और पेशेंट को चेक करने वाले टेबल के पास आ गयी.

ज़ोया-लेट जाओ .चेक नही करवाना है क्या

अवी-मैं यहाँ रोज रोज चेक करने नही आ सकता

ज़ोया-फिर कहाँ चेक करू

अवी-रात मे आपके घर आता हू वहाँ आराम से चेक कर लेना

ज़ोया-वहाँ तो सारा होगी

अवी-सारा को मैं देख लूँगा. बस रात को 1.00 बजे गेट खुला रखना

ज़ोया-(चेहरे पे हल्की सी स्माइल के साथ) अगर सारा को पता चल गया तो

अवी-मैं हू ना.बस गेट खुला रखना

ज़ोया-ठीक है

अवी-अब मैं चलता हू .रात मे आउन्गा.

और मैं चाची के रूम मे आ गया.
 


अपडेट 309

चाची ने तो पहले ही खाना खा लिया था. अब बच्चो के खाना खाने का समय हो गया था.

फिर थोड़ी देर हमारी बातें चलती रही. फिर नीता बुआ और चाची सो गयी.

मैं 1.00 बजने का इंतज़ार करने लगा. आख़िर कर मेरा इंतज़ार ख़तम हो गया.

1.00 बजे मैं चाची के रूम से बाहर आ गया. और हॉस्पिटल के उपर के फ्लोर पर जाने लगा. ज़ोया और सारा वही रहती थी.

मैं उपर के फ्लोर पर चला गया. मेन गेट के सामने आ गया.गेट पर हाथ रखा तो गेट खुल गया.

मैं ने अंदर देखा तो हॉल मे अंधेरा था. मैने अंदर आकर गेट को अंदर से बंद कर दिया.

गेट बंद करते ही हॉल की लाइट ऑन हो गयी. मैं ने पलट कर देखा तो सोफे पर ज़ोया और सारा ब्रा और पैंटी मे बैठी थी.

मुझे इसके बारे मे पता था कि ज़ोया और सारा मेरा एक साथ वेलकम करेंगी.

मैं भी ज़ोया और सारा के पास जाकर सोफे पर दोनो के बीच बैठ गया.

मैं आराम से बैठ गया और अपने हाथ सारा और ज़ोया की कमर मे डाल दिया.

ज़ोया-तुम शॉक्ड नही हुए हमें एक साथ देख कर

अवी-नही

सारा-क्यू?

अवी-मुझे पहले से पता था कि ये सब होने वाला है

ज़ोया-तुम्हे कैसे पता चला .हमने तो तुम्हे बताया नही

सारा-ना ही मैं ने कभी ज़ोया के बारे मे बात की

ज़ोया-ना ही मैं ने कभी सारा के बारे मे बात की तो तुम्हे कैसे पता चला

अवी-पहले दिन जब मैं ने ज़ोया को फ्रेंड बनाया तब सारा ने भी मुझे फ्रेंड बनाया

सारा-इससे तो कुछ नही पता चलता है

अवी-मेरी बात तो सुन लो

ज़ोया-कहो

अवी-सारा ने पहली मुलाकात मे मुझे अपना फ्रेंड बनने को कहा. और साथ मे कहा कि ज़ोया को फ्रेंड बनाया है तो मुझे भी बना लो.तभी मैं समझ गया कि तुम दोनो एक दूसरे से कुछ नही छुपाती हो.

ज़ोया-सारा तुम्हे क्या ज़रूरत थी ये सब कहने की

सारा-तुमने ही तो कहा कि हम अवी को फ्रेंड बनाएँगे

ज़ोया-हाँ,कहा था पर मेरा नाम लेने की ज़रूरत क्या थी.

अवी-रूको,पहले मेरी बात तो सुनो

सारा-बोलो

 
अवी-तुम दोनो के कॅबिन मे तुम्हारी फोटो देखी ,फिर तुम्हारे कॉलेज के बारे मे पूछा,फिर पता चला कि तुम दोनो हमेशा साथ रहती हो और हमेशा साथ रहने के लिए दो भाइयो के साथ शादी की है. मैं समझ गया कि अगर मैं सारा के साथ जो करूँगा ,जो बातें करूँगा वो सब सारा ज़ोया को बता देंगी. और ज़ोया सारा को. तुम दोनो सिस्टर कम फ्रेंड ज़्यादा हो.

ज़ोया-ये तुम ने सही कहा

सारा-तुम तो स्मार्ट निकले

अवी-वो तो मैं हू. जब मुझे पता चला कि तुम्हारे पति 2 साल से बाहर है और तुम दोनो इतनी सेक्सी और हॉट हो तो तुम्हे सेक्स करने की ज़रूरत है. पर तुम्हे कोई अच्छा ,भरोसे का कोई नही मिला जब मैं ने ज़ोया के साथ फ्रेंडशिप की तो ज़ोया को लगा कि मैं सेक्स करने के लिए पर्फेक्ट हू.

ज़ोया-तुम तो सब जानते हो,हमने ऐसा ही सोचा था पर तुम जिस तरह हम दोनो के साथ अलग तरह से बातें करते थे तो हम दोनो को कुछ समझ मे नही आ रहा था.कि तुम चाहते क्या हो, इस लिए तुम जैसा करते थे हम बिना कुछ किए वैसा करते गये.

सारा-मेरे कॅबिन मे बिना पूछे अंदर आ जाते पर ज़ोया के कॅबिन मे पूछ कर

ज़ोया-मेरे साथ दूर से बातें करते थे पर तुम ने तो दूसरे दिन ही सारा को किस किया. मुझे लगा तुम सिर्फ़ सारा के साथ सेक्स करना चाहते हो.मेरे साथ नही.

सारा-और तुमने तो ज़ोया के साथ 3 दिन बात भी नही की

अवी-मैं बस तुम दोनो को कनफ्युज कर रहा था. पहले मैं ने अपना राज़ ज़ोया को बताया तो ज़ोया ने भी अपने राज़ बता दिए.3 दिन की बात है तो मैं बस देखना चाहता था कि ज़ोया मेरे लिए बिना कुछ किए तय्यार हो जाए.

ज़ोया-लेकिन मुझे समझ मे नही आया कि तुमने सारा को ब्रा और पैंटी मे देखने के बाद भी कुछ किया क्यू नही

अवी-मैं सारा की प्यास बढ़ा रहा था जिस तरह 3 दिन तुम्हारे साथ बात ना कर के बढ़ा दी थी.

सारा-स्मार्ट हो

अवी-और हाँ मैं तुम दोनो के साथ एक ही दिन मे करना चाहता था.

ज़ोया-वो क्यू?

अवी-किसी एक के साथ करता तो दूसरी प्यासी रह जाती .और तुम दोनो एक दूसरे को सब बताती हो इस से शायद सिर्फ़ मुझे एक तो सारा या फिर ज़ोया मिलती.

सारा-इस लिए तुमने कल हमारे साथ सेक्स किया और आज रात यहाँ आए

ज़ोया-तुम जानते थे कि हम घर पर करने को मान जाएँगे .

अवी-हाँ

सारा-और कुछ बाकी हो तो वो भी बता दो

अवी-और एक बात तो बताना भूल ही गया

ज़ोया-वो क्या?

 
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