• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

मैं और मेरा परिवार

  • Thread starter Thread starter StoryPublisher
  • Start date Start date


ज़ोया की गंद तो बाद मे भी मार सकता हू कल सारा की गंद के लिए रुकना पड़ेगा.

मैं 30 मिनट तक ज़ोया की गंद मारता रहा .और ज़ोया मज़ा लेती रही.

पर अब कुछ ज़्यादा ही हो गया था. मेरे धक्के से ज़ोया को दर्द होने लगा.

इसी लिए ज़ोया ने 30 मिनट तक गंद मारने को कहा था.

मैं ने ज़ोया की दर्द भरी शीष्कारिया सुनकर अपना लंड बाहर निकाल लिया.

लंड बाहर निकालते ही ज़ोया बेड पर गिर गयी. ज़ोया के गिरते ही मैं ने सारा की तरफ देखा.

सारा हाथ मे पानी की बॉटल लेकर खड़ी थी.

मैं सारा के पास चला गया.

सारा ने लंड पर पानी डालकर साफ कर दिया. लंड पर लगा हुआ खून और क्रीम साफ कर दी.

फिर सारा घोड़ी बन गयी. मैं सारा के पीछे आकर लंड को चूत मे डालकर धक्के मारने लगा

ज़ोया ने सारा की चूत को पूरी तरह से गीला कर दिया था जिस से मेरा लंड आराम से अंदर जा रहा था.

मैं पूरी ताक़त के साथ सारा की चूत मारने लगा. सारा भी मज़े मे आहे भरने लगी.

10 15 मिनट तक मैं सारा की चूत मारता रहा सारा ने दो बार पानी छोड़ दिया.

मुझपर मेडिसिन का असर ख़तम हो रहा था. मैं पूरी ताक़त से सारा की चूत पे धक्के मार रहा था.

ज़ोया ने सारा की हालत देख ली. ज़ोया भी 15 मिनट तक आराम कर चुकी थी.

ज़ोया मेरे लंड को सारा की चूत से निकाल कर मूह मे लेकर चूसने लगी.

थोड़ी देर लंड चूसने के बाद ज़ोया ने लंड को अपनी चूत मे डाल दिया.

मैं ज़ोया की चूत मारने लगा. ज़ोया सारा से ज़्यादा हिम्मत वाली थी.

10 मिनट तक ज़ोया की चूत मारने के बाद

मुझे लगा कि मेरा निकलने वाला है .

मैं ने लंड बाहर निकाल कर ज़ोया के मूह मे डाल कर ज़ोया के मूह को चोदने लगा.

ज़ोया समझ गयी कि मेरा काम होने वाला है.

ज़ोया मेरे लंड को पूरा का पूरा अंदर लेकर चूसने लगी. थोड़ी देर मे मेरे लंड ने अपना वीर्य ज़ोया के मूह मे डाल दिया.

ज़ोया ने पूरा पानी पी लिया और लंड को साफ कर दिया.

मैं ने सारा की तरफ देखा वो आराम करते हुए सो गयी थी. मैं भी बेड पर सो गया.

ज़ोया बाथरूम से आने के बाद सो गयी

 


अपडेट 315

25थ डे

सुबह अलार्म की आवाज़ सुनकर मेरी नींद खुल गयी. मैं उठ गया.

मैं ने ज़ोया और सारा की तरफ देखा. ज़ोया पेट के बल सो रही थी.

मैं ने ज़ोया की गंद को पकड़ कर फैलाया दिया और गंद की छेद को देखने लगा.

गंद का छेद फट गया था. गंद खुल गयी थी. मैं अपनी उंगली गंद पे लगाकर सहलाने लगा.

थोड़ी देर बाद मैं बाथरूम मे जाकर फ्रेश हो गया.और नीचे चाची के रूम मे चला गया.

नीता बुआ-आज फिर घूमने गये थे

अवी-हाँ

नीता बुआ-कितने बजे गये थे

अवी-(रात मे बुआ की नींद खुल गयी होगी .और मुझे रूम मे ना देख कर ये सवाल पूछ लिया .) घूमने तो 5.00एएम बजे गया था पर

नीता बुआ-पर क्या?

अवी-पर रूम से बाहर रात मे गया था

नीता बुआ-रात मे बाहर क्यू गये थे.

अवी-आप सोफे पर आराम करती हो पर मुझे चेर पर बैठे हुए पीट मे दर्द हो था है. इसलिए दूसरे के रूम मे जाकर आराम किया था

नीता बुआ-कम से कम बताकर तो जा सकते थे.

अवी-आप सो रही थी. आप को जगाना ठीक नही होता

नीता बुआ-ठीक है पर अगली बार बताकर जाना

अवी-अभी बता देता हू ,आज भी बाहर सो जाउन्गा

नीता बुआ-ठीक है, नाश्ता कर लो

हमने नाश्ता किया फिर पूजा बुआ के आते ही मैं नीता बुआ के साथ घर आ गया.

घर आने पर खाना खा कर सो गया.

दोपेहर मे मेरी नींद पूरी हो गयी. मैं बाथरूम मे जाकर फ्रेश हो गया.

जब बाथरूम से बाहर आया तो देखा बेड पर सीतल सो रही थी.

मैं ने कपड़े पहन लिए और सीतल को जगाया.

अवी-उठो ,यहाँ सो क्यू रही हो

सीतल-सोने दो ना

 
अवी-क्यू रात मे नींद नही आ रही जो दिन मे सो रही हो

सीतल-तुम्हे क्या पता है,जब से तुम आए हो मैं ठीक से सो नही पा रही हू

अवी-तुमने तो कहा कि हम सेक्स करना बंद कर देंगे फिर

सीतल-वो बात नही है

अवी-फिर तुम्हे नींद क्यू नही आ रही

सीतल-रोज मैं ज़मीन पर सो रही हू ना इस लिए

अवी-ज़मीन पर

सीतल-स्वेता दीदी और पूनम दीदी बेड पर सोती है. और मैं ज़मीन पर

अवी-पर तुम तो पूजा बुआ के आने के बाद से ज़मीन पर सो रही हो फिर ऐसा क्यू कहा कि मैं आया हू तब से नीचे सो रही हो

सीतल-मैं तभी से ज़मीन पर सो रही थी जब तुम आए थे

अवी-मैं समझा नही,पूनम दीदी तो ज्योति बुआ के साथ सोती है ,और तुम

सीतल-पूनम दीदी तो बस एक दिन के लिए ज्योति बुआ के साथ सोई थी उसके बाद तो वो हमारे रूम में आ गयी थी.

अवी-अगर पूनम दीदी को ज्योति बुआ के पास सोना नही था तो तुम सो लेती.

सीतल-तुम पागल हो. किसे अपनी मम्मी के पास सोने से अच्छा नही लगेगा .वो तो ज्योति बुआ ने मना किया था पूनम को अपने साथ सोने से

अवी-ज्योति बुआ ने

सीतल-हाँ

अवी-जाने दो बस कुछ दिन की बात है फिर आराम से सो लेना.

सीतल-तुम्हारे लिए नीचे सो रही हू.

अवी-जाने दो,वैसे आज कॉलेज क्यू नही गयी

सीतल-आज मुझे नींद पूरी करनी थी इस लिए मैं कॉलेज नही गयी.

अवी-फिर तुम यहाँ क्यू आई अपने रूम मे जाकर सो जाओ

सीतल-अब तक सो रही थी. पर नीता मौसी ने जगा दिया और कहा कि अब सोना मत और मैं उठ कर यहा आ गयी सोने के लिए.और तुम हो कि मुझे सोने नही दे रहे.

अवी-तुम आराम से सो जाओ मैं नीचे जाकर टीवी देखता हू.

मैं टीवी देखने लगा. फिर नीता बुआ और ज्योति बुआ के साथ बातें करने लगा.

फिर स्वेता दीदी और पूनम दीदी के साथ बातें करने लगा.

रात मे खाना खा कर नीता बुआ के साथ हॉस्पिटल चला गया.

चाची के रूम मे जाते ही चाचा घर जाने के लिए बोल रहे थे पर पूजा बुआ थोड़ी देर रुकने को बोल रही थी.

पर चाचा बुआ को लेकर चले गये.

आज रात मे ज़ोया की जगह सारा चाची को चेक करने आई.

शायद ज़ोया आराम कर रही है.

सारा ने चेक कर के एक बार मेरी तरफ देखा और चली गयी.

खाना खाने के बाद चाची और नीता बुआ सो गयी.

मैं भी रात मे 1.00 बजे तक सो गया. फिर अपने समय पर सारा के पास चला गया.
 


अपडेट 316

मैं ज़ोया के घर के अंदर चला गया .हर दिन की तरह आज भी ज़ोया और सारा सोफे पर ब्रा और पैंटी मे बैठी थी.

मैं ज़ोया और सारा के बीच मे जाकर बैठ गया.

अवी-मज़ा आया कल

ज़ोया-पहले दर्द फिर मज़ा और सुबह फिर दर्द

अवी-दर्द ज़्यादा हुआ कि मज़ा ज़्यादा आया

ज़ोया-मज़ा

अवी-तो आज फिर मज़ा लेना चाहोगी

ज़ोया-आज मेरी सिर्फ़ चूत मारना

अवी-अभी भी दर्द हो रहा है

ज़ोया-दर्द तो नही हो रहा है पर अगर आज फिर गंद मे लिया तो मेरी पूरी तरह से फट जाएगी.

अवी-ठीक है तुम्हारी चूत,और सारा की चूत और गंद ,क्यू सारा

सारा-मार लो. पर ज़ोया की तरह मत करना

अवी-आराम से करूँगा.

सारा-और ज़्यादा मज़ा देना

अवी-बिल्कुल,तुम्हे तो ज़्यादा मज़ा आएगा क्यू कि ज़ोया ने तो तुम्हारी गंद को खोल दिया होगा.क्यू ज़ोया

ज़ोया-हाँ,खोल तो दिया पर तुम्हारा बहोत मोटा है,सारा को फिर भी दर्द होगा

अवी-दर्द तो होगा पर तुमसे कम

ज़ोया-वो तो देख कर पता चलेगा

अवी-चलो फिर

सारा-पहले मेडिसिन तो खा लो

अवी-रोज रोज मेडिसिन खाने से कुछ होगा तो नही

ज़ोया-कुछ नही होगा. और आज आख़िरी बार ख़ालो कल से मत खाना

अवी-अगर मैं ने नही खाई और तुमने खा ली तो

सारा-हम भी नही खाने वाले

अवी-फिर ठीक है,चलो ज़ोया सुरू करते है

ज़ोया-हाँ चलो

मैं ज़ोया और सारा की गंद पर थप्पड़ मारते हुए बेडरूम मे आ गया.

मैं ने बेडरूम मे आते ही ज़ोया और सारा मेरे दोनो तरफ खड़ी हो गयी और अपनी पैंटी निकाल कर एक एक कर मुझे किस करने लगी. और मुझ से चिपक कर अपनी चूत मेरे शरीर से रगड़ने लगी.

थोड़ी देर खड़े होकर किस करने के बाद मैं ने अपने कपड़े निकाल दिए.सारा और ज़ोया ने भी अपने कपड़े निकाल दिए.

ब्रा निकलते ही ज़ोया के आम मेरे सामने आ गये.

मैं ने ज़ोया के सख़्त बूब्स जो 2 दिन मे ढीले होने लगे थे उनको पकड़ लिया. और दबाने लगा.

हाथ मे पकड़ के की ज़ोर से मसल दिए.ज़ोया के मूह से शीष्कारी और दर्द भरी चीख निकलने लगी.

सारा ने ज़ोया के दूसरे बूब्स को दबाना सुरू कर दिया. और ज़ोया ने भी सारा के बूब्स को दबाना सुरू किया.

एक तरफ मैं ज़ोया के बूब्स को दबा रहा था तो दूसरी तरफ सारा ज़ोया के बूब्स को दबाने लगी.

सारा ने थोड़ी देर के ज़ोया के बूब्स दबाना बंद किया.

फिर मैं ने भी ज़ोया के बूब्स दबाना बंद किया और ज़ोया के बूब्स को चूसने लगा.

मैं ज़ोया के बूब्स को चूस रहा था और ज़ोया सारा के बूब्स को दबा रही थी.और सारा आँख बंद करके मज़ा ले रही थी.

 
मैं ने ज़ोया के बूब्स चूस्ते हुए सारा के दूसरे बूब्स पर चिमटी काटी.

सारा ने आँख खोली .मैं ने सारा को ज़ोया के दूसरे बूब्स को चूसने को कहा.

सारा ने अपने बूब्स पर से से ज़ोया का हाथ अलग कर दिया.

और मेरी तारा ज़ोया के बूब्स चूसने लगी.

ज़ोया एक साथ अपने दोनो बूब्स चूसवाने का मज़ा ले रही थी.

मुझे इन सब मे मज़ा आ रहा था.

थोड़ी देर हम ज़ोया के बूब्स चूस्ते रहे फिर मैं और ज़ोया सारा के बूब्स चूसने लगी.

इस खेल मे ज़ोया और सारा को बराबर मज़ा आ रहा था.

फिर मैं ने ज़ोया और सारा का एक एक बूब्स अपने दोनो हाथो मे पकड़ कर दबाने लगा.

मेरे ऐसा करते ही ज़ोया ने सारा का दूसरा बूब्स और सारा ने भी ज़ोया का दूसरा बूब्स दबाना सुरू किया.

अब तो हम को ज़्यादा मज़ा आ रहा था. ज़ोया और सारा तो अपने पैर एक दूसरे को रगड़ रही थी.

फिर मैं ने वापस ज़ोया के बूब्स को चूसना सुरू किया .

सारा भी मेरी तरह ज़ोया के बूब्स चूसने लगी.

ज़ोया इस डबल हमले को और ज़्यादा देर बर्दास्त नही कर पाई और अपने हाथ से चूत को मसल्ने लगी.

एक हाथ से ज़ोया अपनी चिकनी चूत मसल्ने लगी और दूसरे हाथ से मेरे लंड को पकड़ कर हिला रही थी.

और एक जोरदार चीख के साथ ज़ोया की चूत ने पानी छोड़ दिया.

ज़ोया के बूब्स दबाने से बाद मैं ने ज़ोया को बेड पर लिटा दिया.

सारा ने मुझे बेड पर धक्का दिया और ज़ोया के साथ मेरे लंड के पास बैठ गयी.

सारा-पहले तुम

ज़ोया-नही पहले तुम

पता नही ये दोनो किस बारे मे मे बात कर रही है.

सारा- पहले साथ मे करते है

ज़ोया-फिर एक एक करके

ये दोनो किस बारे मे बात कर रही है.

सारा और ज़ोया अपनी जीभ बाहर निकाल कर मेरे लंड के नीचे से उपर तक धीरे धीरे दोनो चाट रही थी.

वाउ !

ज़ोया और सारा लंड को सिर्फ़ चाट कर मज़ा लेने लगी.

मुझे तो भरपूर मज़ा आ रहा था.

पहले तो दोनो एक साथ अपनी जीभ लंड के उपर तो कभी लंड के नीचे तक लेकर चाट रही थी.

फिर ज़ोया के जीभ अगर टोपा के पास होती तो सारा की आंडो के पास होती

फिर ज़ोया का इशारा मिलते ही सारा ने लंड को मूह मे ले लिया और ज़ोया आंडो को चूसने लगी.

सारा ने लंड को मूह मे निकाल कर बाहर निकाला और ज़ोया के होंठो पर किस करके आंडो को चूसने लगी

और अब लंड ज़ोया के मूह था .

फिर दोनो ने किस किया और फिर से जगह चेंज की

थोड़ी देर दोनो इस तारा लंड चूस कर मुझे मज़ा दे रही थी.

और नही

और मैं ने दोनो को अलग किया और वापस ज़ोया को बेड पर लिटा दिया.

 


अपडेट 316a

ज़ोया के बेड पर लेटते ही सारा उठ कर बेड के किनारे पे जाकर बैठ गयी.

और अपनी गंद मे क्रीम डाल कर चिकना करने लगी.

इधर मैं ज़ोया के बेड पर लेटते ही ज़ोया की चूत को चाटने लगा .

ज़ोया चूत मुझे से चूस्वा कर मज़े लेने लगी.

कल रात की तरह आज भी मैं ज़ोया की मस्ती से चूत चाट रहा था.

ज़ोया की चूत का रस हर दिन नमकीन हो रहा था.

थोड़ी देर तक मैं ज़ोया की चूत चाट ता रहा.

फिर ज़ोया ने खुद मुझे अपने उपर से अलग कर दिया और जलदी से नीचे बैठ गयी और फिर से मेरे लंड को मूह मे लेकर चूसने लगी.

ज़ोया के मूह मे लंड जितना अंदर जा सकता था उतना लंड ज़ोया अपने मूह मे ले रही थी.

ज़ोया अपनी उंगली से चूत मसल रही थी और मूह मे लंड ले कर चूस रही थी.

अब मुझे बर्दास्त नही हो रहा था.पहले भी ज़ोया और सारा ने लंड चूसा था.

मैं ने ज़ोया को वापस बेड पर लिटा दिया और अपना लंड ज़ोया की चूत घुसा दिया.

मैं धक्का मारने वाला था की सारा ने मुझे रोक दिया.

सारा-रूको तुम एक खास चीज़ दिखाती हू

मुझे सारा पे गुस्सा आ रहा था. मैं ने सारा की बात को नज़र अंदाज़ करके फिर धक्का मारने पर ध्यान दिया.

मैं फिर धक्का मारने वाला था कि सारा ने हमारे पास आकर मेरे चेस्ट पर हाथ रख कर मुझे रोक दिया

सारा-रूको तो एक मिनट

अवी-क्या है

सारा- ज़ोया घोड़ी बन जाओ

ज़ोया जल्दी से घोड़ी बन गयी.

अवी-ये क्या है, मैं तो वैसे भी...

सारा-रूको तो

और सारा ने ज़ोया के चूतड़ को दोनो हाथो मे पकड़ कर फैला दिया.

सारा-ये देखो ,एक बार मे तुम ने इसकी क्या हालत कर दी

मैं ज़ोया की गंद को देखता रहा. गंद का छेद कितनी आसानी से खुल गया.

कल मैं ने इस तरह गंद मारी थी कि ज़ोया की गंद का छेद खुल गया था.

अवी-मतलब तुम आज मुझे गंद मारने नही दोगि

सारा-मिलेगी,

और सारा ने लंड को ज़ोया की गंद पर रख दिया.

ज़ोया-आराम से

और सारा ने मुझे इशारा करके लंड को गंद मे डालने को कहा.

मैं ने धीरे से लंड को ज़ोया की गंद मे डाल दिया.

ज़ोया ने अपने होंठ दबा कर रखे

मुझे ,क्या बताऊ, और ये क्या सारा ने मुझे पीछे धक्का दे दिया.

लंड ज़ोया की गंद से बाहर निकल गया. और सारा ने लंड पर पानी डाल कर साफ किया और ज़ोया की चूत पर रख दिया.

अवी-ये सब क्या था.

सारा-कुछ नही

 
ये क्या था ,पर जो भी था अच्छा था.

सारा वापस अपनी जगह पर चली गयी

ज़ोया को लगा कि मैं अब उसकी चूत मे लंड डालूँगा पर मैं ने ऐसा नही किया और जीभ से चूत चाटने लगा.

ज़ोया ने पीछे देखा और कहा बाद मे चूस लेना पहले लंड अंदर डाल दो.

मैं ने चूसना बंद कर दिया और एक जोरदार झटका मारा और अपना पूरा लंड ज़ोया की चूत मे अंदर कर दिया.

सारा हमारी तरफ देख रही थी. सारा फिर उठ कर हमारे पास आ गयी.

तब तक लंड ज़ोया की चूत के अंदर जा चुका था.

सारा ज़ोया के सामने चूत खोल कर बैठ गयी.

ज़ोया ने अपना मूह सारा के चूत पे रख कर सारा की चूत चूसने लगी.

मैं ज़ोया की चूत मे धक्के मारता गया और ज़ोया सारा की चूत चूस्ति गयी.

मेरे धक्के मारने से ज़ोया का मूह सारा की चूत से टकरा जाता. जिस से सारा के मूह से शीष्कारिया निकल जाती.

चुदाई ज़ोया की हो रही थी और सारा के मूह से शीष्कारिया निकल रही थी.

शीष्कारिया किसी की भी हो मुझे तो सुनकर मज़ा आ रहा था और मैं ज़ोया की चूत मे ज़ोर से धक्के मारने लगा

मेरे धक्को से ज़ोया ने पानी छोड़ दिया. पर मैं रुका नही और ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाता गया.

ज़ोया भी मज़े से सारा की चूत चूस रही थी.

ज़ोया ने फिर पानी छोड़ दिया साथ मे सारा ने भी पानी छोड़ दिया. ज़ोया ने सारा का पानी पी लिया.

ज़ोया का हाल बहाल हो रहा था.

पर मैं रुकने का नाम नही ले रहा था.

ज़ोया कभी शीष्कारी लेती तो कभी दर्द से चिल्लाती

कभी मुझे ज़ोर से धक्के मारने को कहती तो कभी रुकने को कहती.

पर मैं कहाँ रुकने वाला था. मैं तो अपनी मर्ज़ी का मालिक था.

मेरे लंड की नसे फूल चुकी थी. लंड लोहे की रोड की तरह कड़क हो चुका था.

ज़ोया की चूत बटर की तरह चिकनी हो गयी थी.

मेरा लंड ज़ोया की चूत की धज्जियाँ उड़ा रहा था.

सारा हमारी चुदाई देख कर अपनी गंद मे 2 उंगलियो की जगह 3 उंगली डालने कर गंद को खोल रही थी.

ऐसे तो सारा की गंद मारने मे मज़ा नही आएगा.

मैं ने अपना लंड बाहर निकाल लिया. लंड बाहर निकालने से ज़ोया बेड पर गिर गयी.

25 मिनट से चूत मारकर मैं ज़ोया को मज़ा दे रहा था.
 


अपडेट 317

ज़ोया बेड पर लेट कर आराम करने लगी.

तब तक मैं ने सारा की चूत को चूसना सुरू किया.

सारा का पानी ज़ोया निकाल चुकी थी.जिस से मुझे पानी के टेस्ट के साथ चूत चूसने मे मज़ा आ रहा था.

सारा भी पूरा मज़ा लेके मेरे सर को चूत पर दबा के मुझसे चूत चटवा रही थी.

मैं ने जीभ से सारा की चूत के दाने को चाटना सुरू किया और साथ ही सारा के बूब्स दबाने लगा.

सारा शीष्कारिया लेने लगी......आआआआहह................मज़्ज़्ज़्ज़ाआआआआआआआअ आ रहा है.बस ऐसे ही चूऊवसू

सारा ज़्यादा देर तक कंट्रोल नही कर पाई और पानी मेरे मूह पर डाल दिया.

मैं ने सारा का पानी पी लिया.

जब तक मैं सारा का पीता रहा तब तक मैं ने सारा के बूब्स को ज़ोर से दबा कर रखा.

जैसे सारा का पानी निकाला था वैसे ही मैं ने बूब्स को ज़ोर से दबा दिया था.

और पानी पीते ही मैं ने सारा के बूब्स छोड़ दिया.

फिर सारा को बेड पर लिटा दिया और लंड को एक झटके मे पूरा अंदर डाल दिया.

और रुकने की जगह ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा.

सारा पहले चिकने लगी फिर थोड़ी देर मे शीष्कारिया लेने लगी....आआअहह............आ.............ऊओह............ऊऊऊऊऊओह....................

ज़ोया ने एक बार हमारी तरफ देखा और फिर आराम करने लगी.

ज़ोया को पता था कि पहले मैं सारा की चूत मारूँगा.इस लिए वो आराम कर रही थी.

मेरे धक्को से सारा मज़े ले ले कर चुद रही थी.

थोड़ी देर फिर से सारा का बदन अकड़ने लगा. सारा झड़ने के करीब आ गयी थी.

मैं ने अपनी गति बढ़ा दी .और ज़ोर से धक्के मारने लगा .

सारा ने एक जोरदार चीख के साथ पानी छोड़ दिया.

सारा की चीख सुनकर ज़ोया ने फिर अपनी आँख खोल दी.

इस बार ज़ोया को लगा कि मैं ने लंड सारा की गंद मे डाल दिया होगा जिस से सारा की चीख निकल गयी होगी.

ज़ोया मेरे पास आकर देखने लगी.कि लंड कहाँ है गंद मे या चूत मे .

लंड को चूत मे देख कर ज़ोया को राहत मिली.

ज़ोया ने लंड बाहर निकाल लिया और लंड पर क्रीम लगाने लगी.

लंड पर क्रीम लगाने के बाद ज़ोया ने सारा को घोड़ी बना दिया.

और सारा के सामने जाकर चूत खोल कर बैठ गयी

सारा समझ गयी कि अब क्या होने वाला है.

सारा ने खुद को लंड लेने के लिए मेंटली तय्यार कर लिया.

और सारा ने अपना मूह ज़ोया की चूत पर रख दिया.

इधर मैं ने लंड को सारा की गंद के छेद पर रख दिया.

और एक ज़ोर दार झटका मारा

लंड एक ही बार मे 4 इंच तक अंदर चला गया .

सारा ने अपना मूह ज़ोया के चूत से अलग किया.और चिल्लाने लगी.

आआमम्म्मममममममिईीई आआआआआआआआआआ.......................माअरर्र्र्र्र्र्र्र्ररर गाइिईईईईईईईईईईईईईईईई....................

मैं ने ज़ोया की तरफ देखा

ज़ोया-अवी निकालना मत बस 5 मिनट मे इसका दर्द ख़तम हो जाएगा. क्रीम के वजह से ज़्यादा दर्द नही होगा. मुझे भी कल ज़्यादा दर्द नही हुआ था. बस निकाल ना मत .अगर लंड निकाल लिया तो सारा दुबारा डालने नही देगी.

मैं ने ज़ोया की बात मानते हुए लंड को बाहर नही निकाला.

 
मैं सारा के बूब्स को पकड़ कर ज़ोर से मसल्ने लगा.

और ज़ोया ने भी सारा के सर को पकड़ कर अपनी चूत पर रख दिया. जिससे सारा ज़ोया की चूत चूसने लगी.

सारा की चीख बंद हो गयी.सारा का मूह ज़ोया की चूत पर दबा हुआ था.

सारा की आँख से पानी निकल रहा था.

मैं 5 मिनट तक सारा के बूब्स दबाता रहा फिर ज़ोया के इशारे से आधे लंड को धीरे धीरे हिलाने लगा.

थोड़ी देर धीरे धीरे लंड हिलने से सारा को मज़ा आने लगा.और दर्द कम होने लगा.

5 मिनट तक धीरे धीरे लंड से गंद मारने के बाद ज़ोया के इशारा मिलते ही.

मैं ने एक ज़ोर दार ज़टके मे पूरा लंड सारा की गंद मे डाल दिया.

सारा फिर चीख पड़ी.

आआमम्म्मममममममिईीई आआआआआआआआआआ.......................माअरर्र्र्र्र्र्र्र्ररर गाइिईईईईईईईईईईईईईईईई....................ऊऊऊऊऊऊऊऊईईईईईईईईईईई..................मेरी गंद फट गयी ....................फाड़ डाली मेरी गंद .........................ज़ोया लंड निकालने कह ना इसको . ...............दर्द हो रहा .एक बार लंड बाहर निकाल ले.

ज़ोया ने ना मे गर्दन ही ला दी. और सारा के सर पर किस किया.

और मुझे अब थोड़ी देर रुकने को कहा.

ज़ोया प्यार से सारा के सर पर हाथ घुमा रही थी

और सारा को चुप करा के अपनी चूत चूस ने को कह रही थी.

सारा ने ज़ोया की बात मान कर चूत चूसना सुरू किया.

मैं रुका हुआ था.मैं और ज़ोया वापस सारा का दर्द कम करने मे लग गये.

इस बार थोड़ा ज़्यादा समय लगा.पर ज़ोया ने सब संभाल लिया.

फिर ज़ोया ने मुझे धक्के मारने को कहा .मुझे क्या था मैं ज़ोर दार धक्के मारने लगा........

मैं जबरदस्त धक्के मारने लगा..........मैं धक्के मारता रहा ....

सारा चिल्लाते रही.आआअहह............आ.............ऊओह............ऊऊऊऊऊओह............फट गाययययययययययययययययययययईईईईईईईई..........मेरी गंद .ज़ोयाआआ

ज़ोया ने फिर सारा के मूह को अपनी चूत पर दबा दिया. और मुझे धीरे धीरे धक्के मारने को कहा.

मैं ने अपनी गति कम कर दी. और धीरे धीरे धक्के मारने लगा. धक्के मारने की गति कम होते ही सारा को थोड़ी राहत मिली.

10 मिनट तक मैं धीरे धीरे धक्के मारता गया. वही सारा ने जो अपनी उंगली चूत मे डाली थी वो गीली हो गयी.

सारा के पानी छोड़ते ही मैं धक्के मारने की गति बढ़ा दी

और ज़ोया का पानी निकलते ही ज़ोया सारा से अलग हो गयी और अपना नंबर आने का इंतज़ार करने लगी.

मैं ज़ोर दार धक्के मारता गया और सारा की शीष्कारिया निकलती गयी.

क्रीम के वजह से सारा को अब अच्छा लग रहा था.

और मज़े लेते हुए शीष्कारिया ले रही थी.

सारा अब ज़ोर से धक्के मारने को कह रही थी .

मैं अपने तरीके से धक्के मारता गया.

और ऐसे ही 20 मिनट तक मैं सारा की गंद मारता रहा .अब मैं थक गया था.पर मेडिसिन की वजह से मेरा पानी अभी तक नही निकला था.

मैं ने अपना लंड सारा की गंद से निकाल लिया और बेड पर लेट गया.

सारा भी बेड पर गिर गयी.

 


अपडेट 317 ए

सारा की गंद मार तो ली गयी. पर अभी तक मेरा पानी नही निकला था.

मुझ मे ताक़त नही बची थी, पर लंड का दर्द बढ़ रहा था.

मैं ने ज़ोया को अपने पास बुलाया .

ज़ोया मेरे पास आ गयी और लंड को पानी से साफ कर दिया और लंड को मूह मे लाकर चूसने लगी.

इस सिचुयेशन मे लंड को चूसने से कुछ नही होगा.

लंड को जोरदार चुदाई की ज़रूरत थी.

ज़ोया भी इस बात को समझ गयी .

थोड़ी देर ज़ोया चूस्ति रही फिर लंड को चूत मे लेकर मेरे उपर बैठ गयी.

सारा मेरे बाजू मे एक तरफ होकर लेटी हुई थी.

इधर ज़ोया लंड पर उपर नीचे हो रही थी और दूसरी तरफ मैं सारा की गंद को धीरे धीरे सहला रहा था.

गंद को सहलाने से सारा को अच्छा लग रहा था.

सारा की गंद पर खून लगा हुआ था.

सारा की गंद फट चुकी थी

सारा मे कुछ करने की ताक़त नही थी.

ज़ोया मे भी ज़्यादा एनर्जी नही थी.

फिर भी ज़ोया लंड पर उपर नीचे हो रही थी.

मुझे भी खुद को रिलॅक्स करने किजरूरत थी. इस लिए मैं ज़ोया को उपर नीचे होने दे रहा था और मैं बस लेटा हुआ था.

मैं आराम से ज़ोया को चूत मे लंड लेते हुए देख रहा था.

ज़ोया लंड पर उपर नीचे होने लगी तो कभी गंद को गोल गोल घुमा देती.

जैसे डॅन्स कर रही हो.

ज़ोया 10 मिनट तक मेरे उपर होकर लंड का मज़ा लेती रही.

कभी अपनी गति बढ़ा देती तो कभी आराम से लंड पर बैठ जाती.

कभी मेरी चेस्ट पर हाथ रख उछलने लगती तो कभी मेरे उपर झुक कर मुझे किस करते हुए अपने गंद घुमाने लगती.

ज़ोया अपनी मस्ती मे थी. और मैं अपनी ताक़त जमा कर रहा था और सारा दर्द कम कर रही थी.

फिर ज़ोया ने पानी छोड़ दिया.

5 मिनट मे मेरी ताक़त वापस आ गयी. मैं ने ज़ोया को पकड़ कर बेड पर पलट दिया और ज़ोर दार धक्के मारने लगा.

ज़ोया शीष्कारिया लेने लगी.

आआहह............आ.............ऊओह............ऊऊऊऊऊओह........... गाययययययययययययययययययययईईईईईईईई..........

 
Back
Top