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मैं और मेरा परिवार

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अपडेट 323

30 थ डे

मैं सुबह अलार्म की आवाज़ सुनकर उठ गया .ज़ोया और सारा अभी तक सो रही थी. मैं फ्रेश हो गया.

मैं ने ज़ोया को उठाया.

अवी-ज़ोया उठो सुबह हो गयी

ज़ोया-तुम जाओ मुझे सो ना है

अवी-मेरी बात तो सुन लो

ज़ोया-जल्दी कहो

अवी-मुझे चाची के बारे मे पूछना है. तुम सुबह सारा के साथ कॅबिन मे आ जाना

ज़ोया-ठीक है. अब सोने दो मुझे

मैं नीचे चाची के रूम मे चला गया.

सी चाची-अवी पूछा तुमने डॉक्टर को

अवी-हाँ पूछा,वो कह रहे थी कि आज सुबह बता देंगे. और मुझे कॅबिन मे बुलाया है.

सी चाची-सब अच्छे से संभाल लेना तुम्हारे चाचा तो पता नही किस दुनिया मे रहते है. इतने सालो के बाद बाप बने है और वो है कि घर जाकर सोने की बात करते है.

अवी-मैं संभाल लूँगा .आप टेन्षन मत लो.

फिर हमने नाश्ता किया. नाश्ता करने के बाद मैं सारा के कॅबिन मे चला गया.

सारा के कॅबिन मे ज़ोया भी बैठी हुई थी.

मैं अंदर जाकर चेर पर बैठ गया.

अवी-कब तक रुकना पड़ेगा यहाँ पर

ज़ोया-क्या हमारा साथ इतना बुरा लग रहा है तुम्हे

अवी-वैसी बात नही है मुझे एक ना एक दिन तो जाना है तो मैं पूछ रहा था कि कब जाना होगा मुझे

ज़ोया-मैं मज़ाक कर रही थी. डॉक्टर अपनी जगह और पर्सनल लाइफ अपनी जगह .

सारा-तुम्हारी तीनो चाचिया ठीक है

अवी-सीमा चाची कैसी है

ज़ोया-वो भी ठीक है. पर 1 2 हफ्ते ध्यान रखना होगा.

अवी-तो हम यहीं रुकते है

ज़ोया- तुम्हारी सीमा चाची ठीक है. तुम घर पर भी ध्यान रख सकते हो.

सारा-हम मेडिसिन तो दे ही रहे है. बस टाइम टाइम पर मेडिसिन देते रहना.

अवी-तो फिर घर जा सकते है

ज़ोया-हाँ,तुम तो कल भी जा सकते हो

अवी-मैं चाची को पूछ कर बताता हू कि कब निकलना है.

सारा-ठीक है

अवी-वैसे बिल कितना हुआ

ज़ोया-टोटल बिल हुआ है 6,00,000 रुपये

अवी-क्या ? 6,00,000 रुपये

सारा-ये प्राइवेट हॉस्पिटल है इतना तो लगेगा ही,और स्पेशल रूम, स्पेशल केर, बिना वजह हॉस्पिटल मे अड्मिट करना, मेडिसिन, 1 महीना, स्पेशल नर्स 1 रात मे और 1 दिन मे (दिन मे मैं हॉस्पिटल नही रुकता था इस लिए उसके बारे मे लिखा नही) , कुछ कमी हुई यहाँ ,नही ना

अवी-ठीक है मैं चाचा जी को बता देता हू

ज़ोया-रूको पहले पूरा बिल तो सुन लो

अवी-और भी है

ज़ोया-सारा तुम दूसरा बिल तो भूल गयी.

सारा -किस की बात कर रही हो

ज़ोया-वही जो रात मे

 
सारा-उसकी बात कर रही हू, अवी तुमने कॅबिन की चीज़े तोड़ी , किस किया, इतना दर्द दिया, 2 कुवारि गंद मारी, फिगर देखा, तुम्हारे लंड का चेकप किया, माला के साथ मज़े किए ,उसका भी तो हिसाब लगाना पड़ेगा.

अवी-उसका भी बिल लोगि.

सारा-लेना तो पड़ेगा. पर हम नही लेंगे ,तुम्हे लेना होगा.

अवी-मैं समझा नही.

ज़ोया-मैं समझती हू,मैं ने तुम्हारे लिए 1,00,000 रुपये माफ़ कर दिए है.तुमने जो मुझे खुशी दी है उसके लिए

अवी-मैं तो डर गया था ,दूसरा बिल सुनकर .थॅंक्स, पर अभी तो आपने कहा था कि डॉक्टर की अपनी जगह और पर्सनल लाइफ अपनी जगह

ज़ोया-मैं फ्रेंड के लिए इतना तो कर ही सकती हू.

अवी-थॅंक्स ज़ोया.पर सारा तुम्हारा क्या

सारा-मैं ने किया है ना 1,00,000 रुपये माफ़

अवी-थॅंक्स सारा .मतलब अब 4,00,000 रुपये देने होगे

ज़ोया-तुम्हारा मैथ खराब है क्या.5,00,000 रुपये देने होगे

अवी-तुमने 1,00,000 रुपये और सारा 1,00,000 रुपये माफ़ किए है. इस हिसाब से मुझे तो सिर्फ़ 4,00,000 रुपये देने है

सारा-हमने एक साथ मिलकर 1,00,000 रुपये माफ़ किए है.अलग अलग नही बोला था.

अवी-याद करो,ज़ोया ने कहा था कि "मैं "ने 1,00,000 रुपये माफ़ किए हैं और फिर तुमने कहा कि "मैं" ने 1,00,000 रुपये माफ़ कर दिए है.इस का तो एक ही मतलब निकलता है. तुम दोनो ने अलग अलग डिसकाउंट दिया है.

ज़ोया-तुम स्मार्ट हो. हमे बातों मे फसा लिया.तुम क्या कहती हो सारा

सारा-अब बोल दिया है तो कर देते है. वैसे भी हमे इतना स्मार्ट फ्रेंड जो मिला है.और पैसो को क्या है वो तो आते जाते रहते है पर हमे ऐसा फ्रेंड कहाँ मिलेंगा.

ज़ोया-सही कहा तुम ने.मैं 4,00,000 रुपये का बिल बना देती हू

अवी-नही. आप 6,00,000 रुपये का बिल बना लो

सारा-क्यू?

अवी-आप चाचा जी से 6,00,000 रुपये लो और फिर मुझे 2,00,000 रुपये वापस कर देना

ज़ोया-मतलब तुम अपने चाचा जी को धोका दोगे

अवी-ये आप दोनो का दिया हुआ गिफ्ट है. ये तो मुझे मिलना चाहिए.वैसे भी मैं ये पैसे चाची को दे दूँगा.

सारा-ठीक है.

ज़ोया-कब निकल रहो हो

अवी-चाची को पूछना पड़ेगा . पर जल्दी जाना होगा मेरा कॉलेज,घर,खेत इन सबको भी तो देखना है. और आपने कहा ना कि सीमा चाची ठीक है तो शायद हम परसो निकल जाएँगे

सारा-हमे भूल ना मत. हम तुम्हे एस एम एस करते रहेंगे

अवी-आप दोनो तो मेरी बेस्ट फ्रेंड बन गयी हो. आप को कैसे भूल सकता हू.

फिर मैं ने ज़ोया और सारा को किस किया

सारा-अब हमारी बारी है किस करने की

सारा और ज़ोया मुझे सोफे पर ले गयी. और मेरे बाजू मे बैठ गयी.

ज़ोया-पहला किस मैं करूँगी.

और ज़ोया मेरी गोद मे बैठ गयी. और मेरे होंठो को चूसने लगी.

फिर सारा मेरी गोद मे बैठ कर किस करने लगी.

अवी-किस तो तुम चेर पे बैठ कर भी कर सकती थी.

सारा-तुम्हे क्या लगा हमे तुम्हारे होंठो पर किस करना था

ज़ोया- हमे जिसे किस करना था उसे खड़ा कर रहे थे.

ज़ोया और सारा ने मेरे लंड को बाहर निकाल लिया और एक एक कर 10 12 किस मेरे लंड पर कर दिए.

और एक एक बार लंड को मूह मे लेकर चूस लिया.

सारा-ये था हमारा गुड बाय किस

अवी-खड़ा किया है तो पानी भी निकाल दो

ज़ोया-अब तुम अपने गाओं जाकर अपना पानी निकाल लेना. यहाँ मत निकालना

अवी-तुम ने तो मुश्किल मे फसा दिया.

सारा-हमारे लिए

अवी-तुम्हारे लिए तो कुछ भी. अब अपना वीर्य गाओं जाकर निकालूँगा.

फिर थोड़ी देर बाद ज़ोया और सारा के साथ इधर उधर की बाते करने के बाद मैं कॅबिन से बाहर आ गया.

 


अपडेट 324

मैं कॅबिन से बाहर आया तो कॅबिन के सामने चाचा जी मिल गये.

मैं शोक्ड हो गया कही चाचा जी ने मेरी बात तो नही सुन ली. नही कॅबिन से आवाज़ बाहर नही जाती .मैं नॉर्मल हो गया.

अवी-चाचा जी आप यहाँ

चाचा-मैं तुम्हारे पास ही आ रहा था.

अवी-मेरे पास

चाचा-मीना ने कहा कि तुम डॉक्टर के पास गये हो तो मैं भी चला आया.

अवी-अंदर आ जाते ना

चाचा-मैं तो अभी आया हू. जैसे मैं रूम(कॅबिन) के पास आया तो तुम बाहर आ गये.

अवी-यहाँ का काम हो गया चलिए चाची के रूम मे चलते है.

चाचा-पहले ये बताओ कि डॉक्टर ने क्या कहा है

अवी-डॉक्टर ने कहा है कि चाची अब ठीक है. हम घर जा सकते है

चाचा-उदास होते हुए घर जा सकते है

अवी-घर जा सकते है पर सीमा चाची का अच्छे से ख़याल रखना पड़ेगा.डॉक्टर ने कहा है कि हम घर पर या यही 1 2 हफ्ते रुक सकते है

चाचा-तो फिर हम यही रुक जाते है

अवी-यहा रुक गये तो सिर्फ़ पैसे खर्च होगे और कुछ नही. और 1 महीने का बिल 6,00,000 रुपये आया है.

चाचा-कुछ सोचते हुए हम 1 हफ्ते के लिए रुक जाते है.

अवी-चाचा जी बिल ज़्यादा हो जाएगा. और डॉक्टर ने कहा है घर पर भी सीमा चाची का ख़याल रखा जा सकता है.

चाचा-गुस्से से मैने कहा ना 1 हफ़्ता रुकेंगे तो रुकेंगे.

एक नर्स वहाँ से जा रही थी.

नर्स-धीरे बाते करो, बाकी पेशेंट डिस्ट्रब हो जाते है.

अवर्-सॉरी

चाचा-मैं जो कह रहा हू वही होगा. हम एक हफ़्ता यही रुकेंगे.

अवी-यहाँ रुकने से कुछ नही होगा. हम डेलिवरी के बाद रुके ना ,अब रुकेंगे तो सिर्फ़ पैसे खर्च होंगे.

चाचा-ज़्यादा होशियार बन ने की ज़रूरत नही है. और रही बात पैसे की तो वो मैं कमाता हू ,मेरे पैसे है मैं कैसे भी खर्च करू.तुम्हे जितना कहा जाए उतना करते जाओ

अवी-जैसा आप ठीक समझे

चाचा-और सुनो तुम्हारी चाची को कुछ बताने की ज़रूरत नही है. मैं मीना को बता दूँगा .तुम नीता को लेकर घर चले जाओ.

अवी-(मैं ने चाचा को पहली बार गुस्से मे देखा .वो भी इतनी छोटी सी बात पर,जिस बात का दूसरा हल होने के बाद भी.) जैसा आप को ठीक लगे.

चाचा ने मुझे हॉस्पिटल के बाहर रुकने को कहा और खुद चाची के रूम मे चले गये. और नीता बुआ को बाहर भेज दिया.

मैं नीता बुआ के साथ घर आ गया.घर आकर फ्रेश होने के बाद खाना खाना लगे .

ज्योति बुआ-अवी, डॉक्टर से पूछा कि कब तक हॉस्पिटल मे रुकना है.

अवी-हाँ,डॉक्टर कह रहे थे कि हम कभी भी जा सकते है

ज्योति बुआ-तो फिर तुमने क्या कहा

अवी-मैं तो परसो जाने का सोच रहा हू

ज्योति बुआ-उदास होते हुए इतनी जल्दी

अवी-मैं तो परसो जाने का सोच रहा हू पर चाचा जी ने कहा है कि 1 हफ्ते बाद जाएँगे

ज्योति बुआ-खुश होते हुए .खाना कैसा बना है

अवी-अच्छा है

और ज्योति बुआ अपने कमरे मे चली गयी. और मैं खाना ख़तम करने लगा.

खाना खाने के बाद मैं कमरे मे चला गया. और सो ने की कोशिस करने लगा पर नींद आ नही रही थी.

फिर मैं चाचा के बारे मे सोचने लगा.

1.चाचा जी पहले सहर2 आने के लिए तय्यार नही थे. क्यू कि पैसे ज़्यादा लगने वाले थे .

2.हॉस्पिटल का बिल 6,00,000 रुपये हो गया फिर भी 1 हफ़्ता रुकना चाहते है

3 मुझे चाची को बताने से मना किया कि हम कभी भी घर जा सकते है.और मुझे चाची से मिलने नही दिया.

4.चाचा जी सहर2 आकर बदल गये है

5.चाचा जी हॉस्पिटल मे ज़्यादा देर रुकना नही चाहते थे,मुझे जल्दी बुला लेते और खुद देर से हॉस्पिटल आते

6. चाचा जी इतने सालो के बाद बाप बन गये फिर भी घर जल्दी जाने के बारे मे बात नही कर रहे ,ऐसा छोटी चाची ने कहा

7 चाचा जी कुछ तो गड़बड़ कर रहे है. बच्चो से ज़्यादा ज़रूरी क्या हो सकता है.

8.पैसा ,नही पैसा नही होगा घर आकर पैसा कैसे मिलेंगा.

9. औरत का चक्कर हो सकता है जैसे मैं ज़ोया और सारा के पास जाता था वैसे चाचा जी किसके पास जाते होगे.

10 घर से बाहर तो वो जा नही सकते है तो क्या घर पर ही.घर पर किसके साथ.

11 घर पर तो 4 लोग होते है. स्वेता दीदी कभी नही,मेरे साथ ही तो एक बार वो भी ग़लती से.सीतल दीदी वो भी नही. पूनम दीदी वो ऐसा सोचने वाली लड़की नही है. फिर तो एक ही बच जाती है ज्योति बुआ.ओह माइ गॉड

12 . मैं ने इस बात पर कभी ध्यान क्यू नही दिया.

13 ज्योति बुआ का अकेले सोना .पूनम दीदी को दूसरे रूम मे भेज देना

14 जब से चाचा जी आए है तब से कैसे बुआ का चेहरा चमक रहा है

15 आज भी परसो जाने की बात से उदास होना पर 1 हफ्ते की बात सुन कर खुश हो गयी.

16 ज्योति बुआ का हॉस्पिटल ना आना

मुझे जल्द से जल्द पता लगाना होगा कि मैं जो सोच रहा हू वो सही है या फिर मैं ग़लत सोच रहा हू.

अगर चाचा जी ज्योति बुआ के लिए पैसे खर्च करके यहाँ रुक सकते है,बच्चो से ज़्यादा ज्योति बुआ के पास आते है. तो ये सब चाची के लिए बुरा हो सकता है.

मुझे कुछ करना होगा.

 


अपडेट 325

मैं चाचा के बारे मे सोचते सोचते सो गया.

फिर दोपेहर मे उठ कर फ्रेश हो गया.

फिर सोचने लगा कि मुझे कैसे पता चलेगा कि चाचा और ज्योति बुआ के बीच कुछ चल रहा है या नही.

मैं सोचते हुए खिड़की के पास आ गया.

खिड़की को देख कर मेरे दिमाग़ मे एक आइडिया आ गया. अगर सब कुछ घर मे होता है तो कहाँ होता होगा किसके कमरे मे चुदाई करते होंगे.

स्वेता दीदी के कमरे मे नही .ज्योति बुआ के कमरे मे वहाँ तो पूजा बुआ सोती है रात मे .

फिर एक ही जगह है इसी कमरे मे होती होंगी.

मुझे इसी कमरे मे छुपकर देखना होगा कि चाचा और ज्योति बुआ के बीच मे क्या चल रहा है.

मैं इस खिड़की से पाइप पर चढ़ कर अंदर आ सकता हू.

मैं ने प्लान बना लिया.अगर चाचा और ज्योति बुआ के बीच कुछ चल रहा होगा तो मैं परसो जाने की तय्यारि कर लूँगा.

जैसे चाचा जी ने अपने साथ 5,00,000 रुपये लाए है. मुझे आज,कल और परसो एटीएम से पैसे निकालने पड़ेंगे

फिर मैं हमेशा की तरह नीता बुआ के साथ हॉस्पिटल चला गया.

चाचा जी ने मेरी तरफ देखा और फिर पूजा बुआ के साथ घर चले गये.

पहले मैं ज़ोया के पास गया और ज़ोया को बता दिया कि आज मैं नही आने वाला हू .ज़ोया ने कुछ नही कहा उसको लगा कि मुझे वापस जाने की तय्यारि करनी होगी.

अब नीता बुआ को मनाना होगा. मैं ने छोटी चाची को कहा कि मेरा फ्रेंड आया है क्या मैं आज रात उसके पास रुक सकता हू.

छोटी चाची ने इजाज़त दे दी. और नीता बुआ को भी बता दिया.

मैं 10.00पीएम बजे हॉस्पिटल से घर चला आया .

मैं ने बाइक गोलगप्पे की दुकान के पास रख दी.

और चल कर मेरे कमरे की खिड़की के पास आ गया .और पाइप की मदद से अपने कमरे मे आ गया.

अभी तक सब नीचे बैठ थे.शायद खाना खा रहे होंगे.

पूनम दीदी 11.00 बजे सोने जाती है तब तक टीवी देखती है.

चाचा जी भी नीचे थे. मैं कमरे मे एक जगह पर जाकर छुप गया और इंतज़ार करने लगा.

मैं ने सब से पहले मोबाइल साइलेंट पर कर दिया.अगर रात मे रानी का कॉल आ गया तो गड़बड़ हो जाएगी.

11.00 रात बजे चाचा जी कमरे मे आ गये और बेड पर जाकर सो गये .

मुझे लग रहा था कि मैं ग़लत सोच रहा हू.

चाचा जी तो खर्राटे लेते हुए सो गये.

चाचा की नींद का पता मुझे पहले से था. चाचा जी के सामने अभी बॉम्ब भी फोड़ा जाए तो उनकी नींद नही खुलेंगी.

अब तो नींद सिर्फ़ सुबह खुल सकती है.

पर क्या पता चाचा जी रात मे उठ कर सब के सोने के बाद ज्योति बुआ के पास जाते होंगे.

इतने लोगो के बीच सेफ्टी ज़रूरी है.

मैं ने रुकने का फ़ैसला किया.

मैं इंतज़ार करता रहा कि आगे क्या होता है.

इंतज़ार करते करते मुझे भी नींद आ गयी.

मैं ने रात मे एक बार उठ कर देखा था की कुछ हो रहा है या नही. पर चाचा जी तो गहरी नींद मे खर्राटे लेते हुए सो रहे थे.

पूरी रात निकल गयी. पर कुछ नही हुआ. मैं ने भी अपनी नींद पूरी कर ली.

सुबह अचानक किसी की आवाज़ से मेरी नींद खुल गयी.

मैं ने पहले मोबाइल मे टाइम देखा सुबह के 5.00 बज रहे थे.

मैं ने जिस तरफ से आवाज़ आई उधर देखने लगा.

मैं सामने देख कर शॉक्ड हो गया.

चाचा जी ज्योति बुआ की चुदाई कर रहे थे.

दोनो नंगे थे .चाचा जी ज्योति बुआ के उपर होकर चूत मे धक्के मार रहे थे .और ज्योति बुआ की शीष्कारिया निकल रही थी.

मैं मोबाइल निकाल कर रेकॉर्डिंग करने लगा था कि चाचा ज्योति बुआ के उपर गिर गये. शायद चुदाई ख़तम हो गयी.

चुदाई होते ही चाचा ने अपने उपर ब्लंक्केट ले लिया.

मोबाइल मे कुछ रेकॉर्ड नही हुआ.

फिर भी मैं ने मोबाइल की रेकॉर्डिंग चालू रखी. कुछ तो सबूत मिलना चाहिए.

चाचा-आज मज़ा आ गया.

ज्योति बुआ-हाँ ,पर इसमे सिर्फ़ तुम्हे मज़ा आता है

चाचा-तुम्हे किस मे आता है.

ज्योति बुआ-मुझे तो सजने सवरने मे मज़ा आता है.और तुम हो कि मेरा ख़याल नही रखते

चाचा-कल ही तो गोल्ड का नेककलेस दिया था.

अवी-गोल्ड का नेक्लेस

ज्योति बुआ-गोल्ड ,का क्या करूँ उसका ,आज कल सहर मे डाइमंड का ,वो मैं ने कल फोटो दिखाया था ना ,वैसा चाहिए मुझे

अवी-डाइमंड

चाचा-वो महँगा है,

ज्योति बुआ-तुम तो अमीर हो ,मेरे लिए इतना नही कर सकते

चाचा-अभी मेरे पास पैसे नही है,

ज्योति बुआ-मैं तुम्हारे लिए इतना कर रही हू और तुम हो कि पैसो के बारे मे सोचते हो.तुम्हारे चुदाई के बारे मे मैं ने अपनी सहली को बताया ,पता है वो क्या कह रही थी.

चाचा-तुम्हे कहा था ना किसी को बताना मत

ज्योति बुआ-वो मेरी खास सहेली है

चाचा-क्या कहा उसने

ज्योति बुआ-वो तुम्हारे साथ चुदाई करना चाहती है

चाचा-क्या?

ज्योति बुआ-हाँ

चाचा-कहाँ है वो,

ज्योति बुआ-वो तो अपने घर मे है, जल्दी मैं तुम्हारी मुलाकात करवा देती हू,

चाचा-जल्दी मिलवा देना

ज्योति बुआ-मिलवा दूँगी. पर मैं तुम्हारे लिए इतना

चाचा-तुम्हे डाइमंड का नेक्लेस दिलवा दूँगा. अब बताओ वो कैसी दिखती है.

ज्योति बुआ-मेरे पास उसका फोटो है मैं अभी लेकर आती हू

और ज्योति बुआ कपड़े पहन कर नीचे चली गयी.

ज्योति बुआ तो चाचा को लूट रही है.

 


अपडेट 325आ

ज्योति बुआ के जाने के बाद मैं ने रेकॉर्डिंग चालू रखी.

चाचा अभी भी नंगे लेट कर ज्योति बुआ की सहेली के बारे मे सोच कर लंड पर हाथ घुमा रहे थे.

थोड़ी देर बाद ज्योति बुआ फोटो लेकर वापस आ गयी.

ज्योति बुआ-ये देखो मेरी सहेली की फोटो

चाचा फोटो देखने लगे.

पहला फोटो ट्रास्पेरेंट पिंक कलर की साड़ी,बॅकलेस ब्लाउस , हाइ हील सॅंडल, जो भी देके बस देखता रह जाए ऐसी बुआ की सहेली थी.

चाचा-ये तो अप्सरा है

ज्योति बुआ-नेक्स्ट फोटो देखो अपनी अप्सरा का

नेक्स्ट फोटो मे ज्योति बुआ की सहेली ब्रा और पैंटी मे अपनी गंद दिखा रही थी.

चाचा-ये तो नंगी हो गयी

ज्योति बुआ-नंगी नही, ब्रा और पैंटी पहनी है उस ने

चाचा-कहाँ पहनी है ,मुझे तो पूरी गंद नंगी दिख रही है

ज्योति बुआ-ध्यान से देखो उसकी गंद की दरार मे एक रस्सी जैसी चीज़ दिख रही है ,वही उसकी पैंटी है

चाचा-पहली बार ऐसी पैंटी देख रहा हू ,नही तो मेरी बीवी ऐसी पैंटी पहनती है कि गंद पूरी धक जाती है. शहर की औरतो का यही जादू होता है.इसको तो मैं किसी भी कीमत पर चोदुन्गा.

ज्योति बुआ-चोद लेना पर मेरा ख़याल रखना

चाचा-तुम्हारा तो पूरा ख़याल रखूँगा.वैसे ऐसी फोटो तुम ने ली कैसे

ज्योति बुआ-मैं महीने मे एक बार किटी पार्टी खेलने जाती हू .तब फोटो निकाल ली थी.

चाचा-किटी पार्टी क्या होती है

ज्योति बुआ-हम 5 6 सहेली मिलकर जुआ खेलती है. और फिर इस तरह की मस्ती करती है

चाचा-5 6 सहेली ,क्या वो भी मेरे साथ चुदाई करने के लिए तय्यार है.

ज्योति बुआ-अभी तो नही पर मैं मना लूँगी.पहले इस सहेली की चुदाई कर लो ,उनका नंबर अपने आप लगेगा.

चाचा-जल्दी करना ,मुझे कंट्रोल नही हो रहा है.

ज्योति बुआ-तुम इतने एग्ज़ाइट क्यू हो रहे हो

चाचा-गाओं की औरतो की चुदाई करने मे मज़ा नही आता.

ज्योति बुआ-वो क्यू?

चाचा-गाओं मे साड़ी उपर करो और चुदाई करके पानी निकालो ऐसा होता है.ना वो अपने बाल काटती है,और ना कुछ और करती है. लंड को चूत मे डाला

अवी-चाचा आपको चुदाई करना नही आता, 1 2 बार ट्राइ करने के बाद गाओं की औरते भी सब कुछ करती है.

ज्योति बुआ-और मेरे बारे मे क्या ख़याल है

चाचा-काश तुम मेरी बीवी होती तो रोज तुम्हारी चुदाई करता, तुम्हारी चुदाई करने मे मज़ा आता है.तुम खुद मज़ा लेती हो और मुझे भी मज़ा देती हो.

ज्योति बुआ-बीवी, तुम्हारे पास तो 3 बीवी है ,

चाचा-3 बीवी ,तुम्हारे सामने फीकी है. तीनो के साथ कुछ मज़ा नही आता,

अवी-चाचा आपको मज़ा लेना आता नही. मेरी तीनो चाची लाखो मे एक है.उनके जैसा दुनिया मे कोई नही है. ग़लती आपकी है जो आपने नया कुछ ट्राइ नही किया होगा. बड़ी चाची पूजा पाठ वाली है उनके साथ आराम से ट्राइ करना चाहिए था. सीमा चाची जो ग़रीब घर की है उनको यही बताया जाता है कि पति जो कहे वैसा करना पर कुछ कहने से शरमाती है,छोटी चाची को आपने कभी समझा नही.मेरी चाची की बराबरी कोई नही कर सकती.

ज्योति बुआ-और मेरे साथ

चाचा-तुम्हे हर तरह से मज़ा लेना आता है. शहर की औरतो की बात अलग है.तुम्हारी सहेली उसको देख कर पानी निकल गया है.

ज्योति बुआ-कहाँ निकाला ,लंड तो सिर्फ़ खड़ा हुआ है

चाचा-अभी निकालता हू

और चाचा ने ज्योति बुआ को दबोच लिया.

ज्योति बुआ-क्या कर रहे हो ,कोई आ जाएगा.

चाचा-अभी सुबह के 5.30 बज रहे, एक राउंड कर लेते है.

ज्योति बुआ-ठीक है, कपड़े तो निकालने दो

ज्योति बुआ ने अपने कपड़े निकाल लिए.

कपड़े निकालते ही ज्योति बुआ चाचा को किस करने लगी.चाचा भी ज्योति बुआ के होंठो को चूसने लगे

अवी-तो चाचा किस करना सीख गये, पता नही ज्योति बुआ ने चाचा को क्या क्या सिखाया है.

किस करने के बाद ज्योति बुआ चाचा का लंड चूस ने लगी.

चाचा-तुम्हारा जवाब नही, मेरी बीवी ने कभी लंड नही चूसा ,आआहह इसमे बहोत मज़ा आ रहा है.

ज्योति बुआ-मेरी सहेली इस से भी ज़्यादा मज़ा देंगी.

ज्योति बुआ लंड चूसने के बाद बेड पर अपने पैरो को फैला कर लेट गयी.

चाचा जो ज्योति बुआ की सहेली का फोटो देख कर एग्ज़ाइट हो गये थे ,जिस की वजह से चाचा जी ज्योति बुआ की चूत को फाड़ने लगे.

चाचा अपने पहलवान बदन से बुआ के नाज़ुक बदन का कचुंबर बना रहे थे.

चाचा जी का लंड मुझसे छोटा था पर चाचा जी अपने पहलवान बदन की ताक़त से ज़ोर दार धक्के मार रहे थे.

बहुत ज़ोर दार चुदाई हो रही थी.

चाचा ज़्यादा ही एग्ज़ाइट होकर बुआ की चुदाई कर रहे थे ,जिस का नतीजा ये निकला की थोड़ी देर मे दोनो ने अपना अपना पानी छोड़ दिया.

मुझे लगा कि चुदाई हो गयी पर बुआ ने फिर से चाचा जी के लंड को चूस कर खड़ा कर दिया.

ज्योति बुआ के मन मे क्या चल रहा था कुछ पता नही था.

शायद ज्योति बुआ चाचा की प्यास को बढ़ाना चाहती है. चाचा की गरमी कम हो गयी तो ज्योति बुआ को डाइमंड का नेक्लेस कैसे मिलेंगा.

फिर से चाचा जी और बुआ की चुदाई सुरू हो गयी साथ मे बाते भी.

ज्योति बुआ-तुम जा रहे हो

चाचा-1 हफ़्ता और रुकने वाला हू

ज्योति बुआ-उसके बाद तो चले जाओगे फिर मेरा क्या होगा

चाचा-तुम आ जाना स्वेता और सीतल के साथ गाओं मे

ज्योति बुआ-स्वेता के साथ आ सकती हू पूरे 1 महीने के लिए. पर गाओं मे तो सब रहेंगे फिर हम कहाँ करेंगे.तुम अपने घर मे रहोगे और मैं पूजा भाभी के घर मे

चाचा-हम खेतो मे करेंगे

ज्योति बुआ-खेतो मे कोई आ गया तो

चाचा-वहाँ कोई नही आता. बस एक बार आजा गाओं फिर देखना मैं तुम्हे गाओं कैसे दिखाता हू.

ज्योति बुआ-फिर तो गाओं देखने आना पड़ेगा

और चाचा जी धक्के मारते गये. और फिर ज्योति बुआ को गोद मे उठाकर बाथरूम मे ले गये.

मैं ने रेकॉर्डिंग बंद की और गेट की दरार से बाथरूम मे देखने लगा.

चाचा जी ज्योति बुआ की नहाते हुए चुदाई कर रहे थे.

अब यहाँ रुकना ठीक नही रहेंगा. अगर मुझे किसी ने यहाँ देख लिया था गड़बड़ हो जाएगी.

मैं जल्दी से खिड़की से बाहर आ गया.

ये चक्कर है चाचा जी का. सुबह चुदाई करते है इसीलिए चाचा जी देर से हॉस्पिटल आते है.

और ज्योति बुआ को मान ना पड़ेगा . अगर रात मे चुदाई करते तो पूजा बुआ को पता चल जाता.सुबह करने से ज्योति बुआ जल्दी उठ कर काम करने का बहाना कर सकती है.

चाचा का कुछ करना होगा. चाचा को ज्योति बुआ से दूर रखना होगा.

और जो भी करना होगा आज ही करना होगा नही तो ज्योति बुआ चाचा को लूट लेंगी.

मैं चाचा और ज्योति बुआ के बारे मे सोचते हुए हॉस्पिटल मे आ गया.

 


अपडेट 326

31स्ट डे

मैं हॉस्पिटल मे आ गया. अभी सुबह के 6.30 बज रहे थे.

नीता बुआ-आ गया फ्रेंड से मिलकर

अवी-मैं तो रात मे ही आ गया था

नीता बुआ-क्यू तू तो वही रुकने वाला था ना

अवी-उसे किसी काम से रात मे ही बाहर जाना पड़ा .तो मैं रात 1.00 बजे वापस आ गया.आप सो रही थी तो मैं भी सो गया.और सुबह उठ कर घूमने चला गया(मैं ने जानबूझ कर नीता बुआ और चाची को बिना पूछे सब बता दिया. क्यू की मैं नही चाहता था कि चाचा को पता चले कि मैं रात मे हॉस्पिटल मे नही था.अगर हम कल गाओं चले जाते है तो चाचा को मुझ पर शक हो सकता है कि मैं रात मे हॉस्पिटल मे नही था तो ज़रूर उनके बारे मे मुझे पता चल गया होगा.इस लिए गाओं वापस जा रहे है)

नीता बुआ-ठीक है. चल नाश्ता कर ले

मैं ने नाश्ता किया फिर सारा ने चाची को चेक किया .चाचा को आने मे टाइम था.

मैं सोफे पर बैठ कर चाची को देखने लगा.

तीनो चाची कितनी खुश है अपने बच्चो के साथ

कितने दिनो बाद चाची को खुशी मिली है.

चाचा और ज्योति बुआ के बारे मे बता दिया तो चाची का क्या होगा. बच्चो पर उसका असर हुआ तो, चाची चाचा के बारे मे पता चलने पे टेन्षन लेंगी और उसका असर बच्चो पर होगा.

चाची को चाचा के बारे मे अभी बताना ठीक नही रहेंगा.

पर चाचा को ज्योति बुआ से दूर रखना होगा. कैसे भी करके गाओं जल्द से जल्द जाना होगा.

मैं थोड़ी देर सोचता रहा. चाचा को आने मे टाइम बाकी था .

मैं ने गाओं जाने के लिए प्लान बना दिया.और छोटी चाची के मोबाइल पर मिस्ड कॉल किया.

छोटी चाची ने पहले मोबाइल मे देखा और फिर मेरी तरफ देखा पर कुछ पूछा नही.

सी चाची-मैं तो वहाँ बैठ बैठ थक गयी हू. दीदी मे हॉस्पिटल मे थोड़ी घूम लेती हू.

बी चाची-अकेली मत जाना, अवी को अपने साथ ले जाओ

सी चाची-चलो अवी. मुझे हॉस्पिटल दिखा दो

मैं छोटी चाची के साथ रूम से बाहर आ गया.थोड़ी देर हम हॉस्पिटल मे घूमते रहे फिर हम एक जगह पर बैठ गये.

सी चाची-कुछ कहना है तुम्हे

अवी-आप समझ गयी.

सी चाची-मुझसे ज़्यादा तुम्हे कौन समझ सकता है.

अवी-चाची ,डॉक्टर ने कहा है कि सीमा चाची अब ठीक है.

सी चाची-ये तो मुझे पता है

अवी-डॉक्टर ने कहा है कि हमे सीमा चाची का थोड़ा ख़याल रखना होगा.

सी चाची-इस लिए तो हम 1 हफ़्ता रुक रहे है. तुम्हारे चाचा ने बताया है मुझे

अवी- डॉक्टर ने कहा है कि हम गाओं मे रह कर भी सीमा चाची का ख़याल रख सकते है. और 1 हफ़्ता यहाँ रुकना ज़रूरी नही है.

सी चाची-डॉक्टर ने ऐसा कहा. पर मुझे तो तुम्हारे चाचा ने ऐसा नही बताया है

अवी-(चाची को चाचा और ज्योति बुआ के बारे मे बताना सही नही रहेंगा.) वो कल शाम को डॉक्टर ने मुझे फिर बुलाया था .तब डॉक्टर ने मुझे ये बात बताई. चाचा को ये पता नही था.

सी चाची-तुम क्या सोचते हो . हमे रुकना चाहिए या गाओं जाना चाहिए

अवी-मुझे लगता है हम गाओं जाना चाहिए

सी चाची-ऐसा क्यू लगता है तुम्हे

अवी-एक तो हॉस्पिटल का बिल 6,00,000 रुपये आया है. और एक हफ़्ता रुकेंगे तो और बढ़ जाएगा. और गाओं मे हमारा घर ,खेत,मेरा कॉलेज,ये सब भी तो देखना है. मेरे एग्ज़ॅम है 3 हफ्ते के बाद.और डॉक्टर ने मुझे बता दिया है कि सीमा चाची का कैसे ख्याल रखना है.और ज़रूरत पड़े तो एक नर्स रख लेंगे.

सी चाची-ये तो सही सोचा है तुमने. हम कल ही निकल जाएँगे. वैसे भी हॉस्पिटल मे रुक कर मेरा दिमाग़ खराब हो रहा है.

अवी-चाचा को ये बताना कि आपको डॉक्टर ने कहा है.

सी चाची-क्यू?

अवी-वो कल चाचा मुझ पर गुस्सा हो गये थे

सी चाची-तुम पर गुस्सा हुए .क्या किया था तुमने

अवी-वो एटीएम से पैसे निकाले थे .कल जाना है और हमारे पास 5,00,000 रुपये है. इसलिए मैं ने पैसे निकाले थे तो चाचा गुस्सा हो गये. (झूठ कहा)

सी चाची-कोई बात नही.मैं तुम्हारे चाचा को संभाल लूँगी.

अवी-और एक बात है

सी चाची-क्या?

अवी-डॉक्टर सारा और ज़ोया ने मेरी वजह से 2,00,000 रुपये माफ़ कर दिए है.

सी चाची-ऐसा क्या किया जो इतने पैसे माफ़ कर दिए

अवी-वो मैं गाओं जाकर आराम से आपको बता दूँगा

सी चाची-ठीक है. पर तुम 6,00,000 रुपये का बिल बना लेना.और 2,00,000 रुपये तुम अपने पास रख लेना. क्यू कि मुझे लगता है तुम्हारे चाचा अब तुम्हे ज़्यादा पैसे नही देंगे .वो अब अपने बच्चो के लिए पैसे जमा करेंगे. ये पैसे आगे जाकर तुम्हारे काम आ सकते है.

अवी-मैं अपने अकाउंट मे रख दूँगा

सी चाची-और कुछ बाकी है.

अवी-बाकी बाते गाओं जाकर बता दूँगा. बस आप चाचा को संभाल लेना.

सी चाची-चलो अब

मैं छोटी चाची के साथ रूम मे आ गया.

 


अपडेट 326ए

फिर सारा के कॅबिन मे चला गया.कॅबिन मे सारा और ज़ोया दोनो बैठी थी.

ज़ोया-बैठो,कहो कब जा रहे हो

अवी-कल

सारा-इतनी जल्दी. थोड़े दिन रुक जाते

अवी-मेरे एग्ज़ॅम है .मुझे तो जाना पड़ेगा

ज़ोया-एग्ज़ॅम है , फिर तो हम नही रोकेंगे.

अवी-आप कल बिल बना देना

सारा-जैसे तुमने कहा है वैसा ही बिल बना देंगे

फिर मैं ने मोबाइल निकाल कर ज़ोया और सारा को वीडियो दिखा दिया. दोनो ने वीडियो देखा और मुझे मोबाइल वापस किया

अवी-आपने वीडियो डेलीट नही किया

ज़ोया-वीडियो तुम ने बनाया है हम क्यू डेलीट करे

सारा-तुम चाहो तो डेलीट करो या मत करो

अवी-अगर मैं ने डेलीट नही किया . और इंटरनेट पे डाल दिया तो

ज़ोया-हमे पता है तुम ऐसा नही करोंगे.तुम अपने फ्रेंड को बदनाम नही होने दोगे

अवी-ठीक समझा .चलो मैं खुद डेलीट कर देता हू.और हाँ आज रात को मैं नही आउन्गा.मुझे कल जानेके लिए तैयारी करनी है.

सारा-तुमने जब कहा कि तुम कल जाने वाले हो तभी हमे पता चल गया था कि तुम आज बिज़ी रहोगे.

ज़ोया-पर जब भी इस शहर मे आओगे तो हमे मिलने ज़रूर आना

अवी-वो तो आना ही पड़ेगा.

फिर मैं ने ज़ोया और सारा को एक एक किस किया .और कॅबिन से बाहर जाने लगा.

सारा-रूको, तुम ने गुड बाइ बोल दिया ,हमे भी तो गुड बाइ बोलने दो

मैं जाकर सोफे पर बैठ गया.

अवी-लो आ जाओ

सारा-वहाँ क्यू बैठ हो

अवी-कल की तरह गुड बाइ बोलना है ना तुम्हे

ज़ोया-तुम स्मार्ट हो पर आज हम अलग तरीके से गुड बाइ बोलेंगे

अवी-अब क्या करने वाली हो

ज़ोया-बता दिया तो मज़ा नही आएगा.

सारा-मैं गेट बंद करती हू

अवी-गेट क्यू बंद कर रही हो

ज़ोया-तुम देखो तो सही

ज़ोया ने मुझे सोफे पर लिटा दिया. और मेरे कपड़े निकाल दिए. उधर सारा ने भी अपने कपड़े निकाल लिए.

सारा मेरे उपर आ गयी. और ज़ोया अपने कपड़े निकालने लगी.

 
अवी-तुम दोनो कर क्या रही हो

सारा-तुम बस देखते रहो

और सारा ने मेरे लंड को अपनी चूत मे एक झटके मे ले लिया. और खुद चिल्लाई,फिर थोड़ी देर लंड पर अपनी कमर घूमाकर मेरे उपर से उठ गयी.

अवी-आज कल की तरह मत करना

मेरी बात सुनकर दोनो हँसने लगी.

अब ज़ोया मेरे उपर आकर लंड पर सारा की तरह एक झटके मे बैठ गयी. और मेरे लंड को अपनी चूत मे फील करने लगी.

थोड़ी देर बाद ज़ोया ने खुद को उपर उठाया और लंड को चूत से निकाल कर गंद पे रख कर एक झटके मे नीचे बैठ गयी.

ज़ोया की जोरदार चीख निकल गयी. ज़ोया का बदन दर्द के वजह से ढीला पड़कर मेरे उपर आ गया.

ज़ोया थोड़ी देर वैसी ही रही फिर 1 2 बार लंड पर उपर नीचे हो गयी और मेरे उपर से उठ कर अपने कपड़े पहनने लगी.

ज़ोया के उठ ते ही सारा मेरे उपर आकर लंड को अपनी गंद पर रख कर दर्द की परवाह किए बिना एक झटके मे नीचे बैठ गयी. और जोरदार चीख के साथ मेरे उपर गिर गयी.

सारा थोड़ी देर वैसी लेटी रही.

अवी-ज़ोया ये सब क्या है

ज़ोया-लास्ट टाइम तुम्हारे लंड को अपनी चूत और गंद मे वही दर्द जो पहली बार तुम ने दिया था उसे फिर से फील कर रहे है.

अवी-तो चुदाई करते है ना

ज़ोया-कल का प्रॉमिस भूल गये क्या. हम चाहते है कि तुम यहाँ से जाते समय और अपने गाओं जाने के बाद अपना पानी निकालते समय अपनी फ्रेंड को याद करो.

अवी-तुम ने तो मुश्किल मे फसा दिया.

सारा भी मेरे उपर से उठ गयी.और अपने कपड़े पहनने लगी.मैं ने भी अपने कपड़े पहन लिए

अवी-अगली बार जब आउन्गा तब इस का बदला लूँगा

दोनो हँसने लगी.

सारा और ज़ोया- हमे इंतज़ार रहेंगा.

और दोनो एक साथ मेरे गले लग गयी.

सारा-तुम हमेशा .हर पल याद आओगे

ज़ोया-तुम्हारे साथ बिताए हुए हर एक पल याद आएगा.

ये दोनो ऐसा क्यू बोल रही है.

मैं ने दोनो को अपने से अलग किया. सारा और ज़ोया के आँखो मे पानी आ गया.

अवी-रो क्यू रही हो ,मैं जल्दी तुमसे मिलने आउन्गा ना.

सारा-पक्का आओगे ना

अवी-जल्दी आ जाउन्गा. अब ये रोना बंद करो

ज़ोया-हम रो नही रहे है.तुम से 1 महीने मे जो लगाव हो गया उसके वजह से अपने आप पानी निकल रहा है.

अवी-मेरे पास एक तरीका है जिस से तुम रोना बंद करोगी.चलो अपनी आँखे बंद करो

दोनो ने अपनी आँखे बंद कर ली.

मैं ने सारा की आँखो पर और फिर ज़ोया के आँखो पर किस किया.

और उनकी आँखे खुलने से पहले मैं कॅबिन से बाहर आ गया.

मुझे भी सारा और ज़ोया हमेशा याद आएँगी. ये हॉस्पिटल, माला ,रीया और ज़ीया इन सब को भूल पाना मुश्किल होगा.

 


अपडेट 327

जब तक मैं सारा के कॅबिन मे था तब तक छोटी चाची ने चाचा को बता दिया कि हम कल जा रहे है.

चाचा जी उदास हो गये .चाचा जी कुछ कहना चाहते थे पर छोटी चाची के सामने कुछ नही कर पाए.

फिर मैं नीता बुआ के साथ घर आ गया.

मैं ने ज्योति बुआ को कहा कि हम कल गाओं वापस जा रहे है.ज्योति बुआ उदास हो गयी.और वो उठ कर अपने कमरे मे चली गयी.

मैं खाना खा कर सो गया. फिर दोपेहर मे फ्रेश होकर स्वेता दीदी के कॉलेज मे चला गया.

कॉलेज मे जाकर स्वेता दीदी के पास चला गया.

स्वेता दीदी-अवी तुम यहाँ पर

अवी-मैं रोहन से मिलने आया हू

स्वेता दीदी-क्या काम है रोहन से

अवी-कल मैं गाओं वापस जा रहा हू

स्वेता दीदी-कल जा रहे हो

अवी-हाँ,और जाने के लिए कार बुक करनी है तो रोहन को पूछने आया हू कि कार कहाँ मिलेंगी.

स्वेता दीदी-रूको मैं रोहन को बुलाती हू

स्वेता दीदी ने कॉल करके रोहन को बुला लिया.

फिर मैने रोहन के साथ जाकर 2 कार बुक कर ली फिर रोहन को वापस कॉलेज छोड़ने कॉलेज आ गया.

अवी-थॅंक्स

रोहन-थॅंक्स कहने की कोई ज़रूरत नही है.तुमने जो मेरे लिए किया है उसके आगे ये कुछ भी नही.

अवी-मैं ने क्या किया है

रोहन-तुम्हारी वजह से मुझे स्वेता वापस मिल गयी.

अवी-वो तो मिलनी ही थी ,वैसे वो लड़की थी कौन

रोहन-रूको मैं दिखाता हू

रोहन-वो रेड ड्रेस मे जो लड़की दिख रही हैना वही है , जिसके वजह से स्वेता मुझ से दूर हो गयी.

अवी-मैं उस लड़की को देख कर शॉक्ड हो गया. ये है वो

रोहन-हाँ,तुम जानते हो इसे

अवी-इसको तो मैं ने कल अच्छा सबक सिखाया था.

रोहन-तुम्हे कहाँ मिली ये और क्या किया तुमने इसके साथ

अवी-कल मैं पार्क मे गया था घूमने के लिए(माला के बारे मे रोहन को बताना ठीक नही होगा).वहाँ ये अपने बाय्फ्रेंड के साथ सेक्स कर रही थी. फिर इसका बाय्फ्रेंड चला गया .वो मेरे पास आ गयी तो मैं ने इसको ऐसा सबक सिखाया कि वो रोते हुए पार्क से भाग गयी.

रोहन-तुम ने ऐसा क्या किया .जो भी किया हो ,अच्छा किया जो उसे सबक सिखा दिया.

अवी-अगर मुझे पता होता कि वो यही लड़की है तो मैं उसे पार्क से नंगा घर भेज देता.

रोहन-जाने दो. जितना किया उतना काफ़ी है .

फिर मैं घर आकर नीता बुआ के साथ हॉस्पिटल चला गया.

मैं ने माला को बता दिया कि मैं कल जा रहा हू.

माला भी सारा और ज़ोया की तरह रोने लगी थी. उसको समझाना सारा और ज़ोया से मुश्किल था.

माला को शांत करने के लिए उसके साथ वही पर सो गया.

मुझ से चिपक कर माला सो गयी.

नेक्स्ट डे

आज हम वापस जा रहे थे.

इस शहर मे , इस 1 महीने मे जो नये रिश्ते बने, उन को छोड़ कर जाने मे मुश्किल हो रही थी.

माला,सारा,ज़ोया,रीया और ज़ीया इनको भूल जाना मुश्किल था पर नयी शुरुआत करने के लिए किसी ना किसी को पीछे छोड़ना पड़ता है.

सुबह मैं ने हॉस्पिटल का बिल भर दिया.

ज़ोया और सारा को आख़िरी बार किस किया. माला भी हॉस्पिटल मे आख़िरी बार मुझे देखने आ गयी. मैं ने माला को भी आख़िरी बार किस कर दिया.

मैं ने वापस आने का प्रॉमिस किया था पर वापस आना मुश्किल होगा.

हमे इस शहर ने नयी खुशियाँ दी, नये फ्रेंड मिले, चाचा के बारे मे पता चला, एक नया एक्सपीरियेन्स ले के मैं गाओं वापस जा रहा था.

हॉस्पिटल मे सब से मिलने के बाद चाची को कार मे लेकर ज्योति बुआ के घर आ गये.

थोड़ी देर ज्योति बुआ और सब के साथ मिलकर चाची कार मे बैठ गयी.

रोहन और रोहन की फॅमिली भी हमसे मिलने घर पर आ गयी.

पहली कार बड़ी थी जिस मे सीमा चाची ,छोटी चाची ,पूजा बुआ और चाचा जी बैठ गये.

दूसरी कार मे बड़ी चाची,नीता बुआ और मैं बैठ गया

कार मे बैठने से पहले मैं ने एक बार रीया और ज़ीया के घर की तरफ देखा.

रीया और ज़ीया छत से मुझे देख रही थी मैं ने उनकी तरफ देख कर हाथ हिला दिया.

दोनो छत की अलग अलग कॉर्नर पर खड़ी थी. मुझे जाते हुए देख रही थी.

हम कार मे बैठ कर गाओं की तरफ निकल गये.

 


अपडेट 328

हम शाम6.00 बजे गाओं पहोच गये.मैं ने कल कॉल करके नेहा बुआ को कहा था कि रति को घर की की दे कर घर को साफ करने को बताने के लिए.

कार घर के सामने रुक गयी. कार रुकते ही रति ने घर का गेट खोल दिया.

चाची ,पूजा बुआ ,नीता बुआ और चाचा जी नये मेहमान के साथ घर के अंदर चले गये.

मैं कार से समान निकाल ने लगा. समान निकालने के बाद मैं ने कार वाले को पैसे दे कर रवाना कर दिया.

मैं एक एक करके सब का समान अपने अपने कमरे मे ले गया. फिर हॉल मे आकर बैठ गया.

रति ने सबको पानी और टी पिला दी. नेहा बुआ कोमल और बाकी सब के साथ बच्चो को देखने आ गयी.

मैं पूरी तरह से थक गया था.एक तो रात मे हॉस्पिटल मे था.और दिन मे हम गाओं आ गये. मुझे सोने के लिए टाइम ही नही मिला.

मैं उठ कर अपने कमरे मे आकर कपड़े लेकर फ्रेश होने चला गया.

मैं ने सोचा फ्रेश होकर सो जाउन्गा. पर ऐसा नही हुआ. फ्रेश होकर जब मैं अपने कमरे मे गया तो वहाँ कोमल मेरा इंतज़ार कर रही थी.

मैं कमरे मे आते ही कोमल ने मुझे गले लगा लिया.

थोड़ी देर तक वो मेरे गले लगी रही. फिर मुझे ही कोमल को अलग करना पड़ा.

कोमल-तुम्हारे बिना पता है मैं ने कैसे दिन काटे है.दुबारा मुझे छोड़ कर मत जाना

अवी-मैं घूमने थोड़ी गया था. जो तुम ऐसी बोल रही हो.और वैसे भी जब तुम एमबीबीएस करने जाओगी तब कैसे रहोगी

कोमल-तब की तब देखेंगे .

अवी-मुझे ये बताओ कॉलेज मे क्या चल रहा है

कोमल-मेरा तो कॉलेज मे मन ही नही लग रहा था

अवी-इतनी याद आ रही थी मेरी

कोमल-नही तो क्या ,तुमने मुझे आदत जो लगा दी थी

अवी-मैं ने कौन सी आदत लगाई है तुम्हे

कोमल-रोज तुम्हारे साथ कॉलेज जाना ,कॉलेज मे मस्ती करना और फिर साथ मे घर आना. अब तुम नही थे तो बस से जाना वो भी अकेली कितनी मुश्किल हो रही थी मुझे

अवी-अब आ गया हू ना .अब चलना मेरे साथ कॉलेज मे

कोमल-वो तो चलूंगी ही.तुम ड्राइवर जो हो मेरे .मुझे तो अपने साथ ले जाना ही होगा

अवी-तो अब मुझे ड्राइवर बना दिया तुमने

कोमल-मैं ने कहाँ बनाया है तुम तो खुद बन गये हो

अवी-फिर ठीक है. अब बताओ कि एग्ज़ॅम कब है

कोमल-3 हफ्ते के बाद और हाँ एक दिन मे 2 पेपर है. और एग्ज़ॅम 5 दिन मे ख़तम हो जाएगे

अवी-1 दिन मे 2 पेपर ,देख लेंगे.अब मुझे थोड़ा आराम करने दो

कोमल-करो ,मैं जा रही हूँ पढ़ाई करने और अपने छोटे भाई और प्यारी बहन के साथ खेलने

कोमल चली गयी और मैं सो गया. 2 घंटे तक मैं सोता रहा फिर रति ने मुझे खाना खाने के लिए जगाया.

रति-उठो, खाना खाने के लिए बुला रहे है.

अवी-तुम अभी तक घर नही गयी

रति- आज से मैं यही रहने वाली हू

अवी-क्या मतलब

रति-तुम्हारी चाची ने कहा है कि 1 साल तक दिन भर घर का काम करना और रात मे भी यही रहना.

अवी-तुम अपने घर नही जाओगी.

रति-नही

अवी-तुम्हारी माँ

रति-तुम्हारी चाची ने मेरी माँ से बात कर ली है.

अवी-फिर तो तुम्हारे मज़े है.

रति-अब चलो

मैं ने फ्रेश होकर खाना खा लिया. फिर ऐसे ही बाते करते हुए मैं अपने कमरे मे जाकर सो गया.

नेक्स्ट डे

सुबह उठ कर मैं कसरत करने लगा. शहर जाकर कसरत ना करने से पेट बाहर आने लगा था.

कसरत करने के बाद फ्रेश होकर अपने बेटो के साथ खेलने के बाद मैं कॉलेज जाने के लिए तय्यार हो गया.

सी चाची-अवी आज कॉलेज मत जाओ

अवी-क्यू?

सी चाची-शहर से कुछ समान लाना है.ये लो लिस्ट

अवी- मैं कॉलेज से आते समय ले आउन्गा

सी चाची-कॉलेज कल जाना. आज सिर्फ़ समान लेकर आ जाओ, बहोत ज़रूरी समान है.

अवी-ठीक है, अभी लेकर आता हू

फिर मैं कोमल को लेकर शहर चला गया. पहले कोमल को कॉलेज छोड़ दिया फिर छोटी चाची का समान ले लिया.

पूरा दिन ऐसे ही निकल गया. चाची की लिस्ट ख़तम होने का नाम नही ले रही थी. समान इतना था कि मुझे टॅक्सी से गाओं लेकर जाना पड़ा.

कॉलेज मे कोमल को छोड़ते समय रानी से थोड़ी देर बाते कर ली.

मुझे देख रानी के चेहरे पे खुशी झलक रही थी. फिर मैं कोमल के साथ छोटी चाची का समान लेकर घर चला गया.

घर पर भी गाओं वाले चाची और बच्चो को देखने के लिए आते रहे. पूरा गाओं चाची से मिलने आ गया.

मैं शहर से लाया हुआ समान सेट करने लगा

 
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