• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

मैं और मेरा परिवार

  • Thread starter Thread starter StoryPublisher
  • Start date Start date


अपडेट 329

दूसरे दिन मैं सुबह उठ कर कसरत करने लगा. आज छोटी चाची ने मुझे कॉलेज जाने के लिए इजाज़त दे दी.

छोटी चाची ने दादाजी को खुशख़बरी सुना दी. पर बीमारी की वजह से वो गाओं आ नही पाए.

जो कल मैं समान लेकर आया वो बड़ी चाची और सीमा चाची के कमरे मे लगा दिया. छोटी चाची रात मे सोने के लिए चाचा के कमरे मे जाती पर दिन भर बड़ी चाची के कमरे मे रहती.

रति को दादाजी वाला कमरा दे दिया जहाँ पर मैं ने बड़ी चाची की चुदाई की थी.

मैं कोमल के साथ कॉलेज चला गया.पूरे 1 महीने के बाद मैं कॉलेज मे आया था.

मुझे कॉलेज मे नया जैसा लग रहा था जैसे कि मैं पहली बार कॉलेज मे आया हू.

मैं कोमल को लेकर पहले कॅंटीन मे चला गया .कॅंटीन मे रानी और आरती हमारा इंतज़ार कर रही थी.

थोड़ी देर हम बाते करते रहे फिर आरती को लाइब्रेरी जाना था तो वो कोमल के साथ चली गयी.

रानी आरती को बहाना बना कर कॅंटीन मे मेरे साथ रुक गयी.

रानी-कैसा रहा तुम्हारा 1 महीना

अवी-बस तुम्हारी याद मे निकल गया

रानी-पता है कितना याद कर रहे थे. सिर्फ़ एसएमस करते थे एक बार भी कॉल नही किया

अवी-तुमने भी तो कॉल नही किया.

रानी-वो छोड़ो ये बताओ कब मिलवा रहे हो अपने भाइयो से

अवी-जल्द ही मिलवा दूँगा

रानी-जल्दी मिलवा देना नही तो चाची क्या कहेगी कि घर आने पर एक बार भी देखने नही आई.

अवी-एग्ज़ॅम के बाद तुम्हे दीवाली मे मिलवा दूँगा.

रानी-1 महीने बाद

अवी-अगर अभी ले गया तो कोमल को शक हो जाएगा

रानी-तुम कोमल से डरते क्यू हो

अवी-कोमल ने अगर बड़ी चाची को बता दिया कि मैं कॉलेज मे प्यार करने जाता हू तो मेरा कॉलेज आना बंद हो जाएगा.तुम क्या चाहती मैं कॉलेज ना आउ

रानी-ठीक है. दीवाली मे मिलवा देना

अवी-तुम्हारे सवाल ख़तम हो गये होंगे तो चलो मेरे साथ

रानी-कहाँ पर

अवी-1 महीने बाद मिली हो थोड़ी प्यार की बाते करते है

रानी-यही करो लो कही और जाने की ज़रूरत क्या है

अवी-क्या सब के सामने तुम मुझे किस करने दोगि

रानी-तो तुम्हे किस चाहिए .

अवी-नही तो क्या. 1 महीने से गला सुख गया है.अब चलो गार्डन मे चलते है.

रानी-और कोमल

अवी-10 मिनिट की बात है.

रानी-चलो,पर और कुछ मत करना

अवी-मैं तो सब कुछ करूँगा

रानी-गार्डन मे

अवी-हाँ गार्डन मे चलो अब

रानी-मैं नही आउन्गि अगर तुम वादा करो कि सिर्फ़ किस करोगे तभी मैं आउन्गि.

अवी-चलो ठीक है सिर्फ़ किस करूँगा

फिर मैं रानी के साथ गार्डन मे चला गया. और पेड़ के पास बैठ गया.

अवी-अब तो मैं पूरा काम करके तुम्हे यहाँ से जाने दूँगा

रानी-तुमने तो कहा था सिर्फ़ किस करोगे

अवी-लेकिन अब तो मैं सब कुछ करूँगा

रानी-ठीक है कर लो

अवी-कर लूँ

रानी-हाँ

अवी-यहाँ सब के सामने

रानी-हाँ सब के सामने

अवी-तुम्हे शरम नही आएगी

रानी-तुमसे शादी करने वाली हू फिर लोगो से क्यू शरमाऊ

अवी-ठीक है.पहले किस तो कर लूँ

फिर मैं और रानी एक दूसरे को किस करने लगे. धीरे धीरे हर पल का मज़ा लेते हुए एक दूसरे के होंठो का रस पीने लगे.

रानी के साथ किस करना मतलब जैसे जन्नत मिल गयी हो ऐसा लगता था.

रानी के प्यारे रस भरे होंठो को चूसने से ऐसा लगता था कि अमृत पी रहा हू.

रानी के साथ प्यार करते हुए ऐसा लगता था कि मैं अब तक अधूरा था और रानी के साथ मिलन हो जाने से मेरी आत्मा मेरे शरीर मे वापस आ गयी हो

ऐसा लग रहा था कि रानी को बस प्यार करता जाउ ,और ये समय रुक जाए.हमारा किस कभी ख़तम ना हो. पर जो सोचते है वैसा नही होता. हमे किस करना बंद करना पड़ा.

अवी-चलो क्लास मे चलते है

रानी-तुम तो पूरा काम करने वाले थे .अब क्या हुआ

अवी-अभी सब कुछ कर लूँगा तो सुहागरात मे क्या करूँगा.अब जो भी करूँगा वो सुगगरात को करूँगा तब तक सिर्फ़ किस के मज़े लेता रहूँगा.

रानी-सुहागरात का नाम सुनते ही शरमा गयी. तुम गंदे हो

अवी-एक बार तो सुहागरात हो गयी है, अब अगली सुहागरात के इंतज़ार मे किस तो मिलता रहेगा ना मुझे

रानी-हाँ,मिलेगा जब कहो तब, जहाँ चाहो वहाँ मिलेंगा.

अवी-सोच लो

रानी-इसमे सोचना क्या है

अवी-अगर मैं ने तुम्हारी माँ के सामने किस करने को कहा तो

रानी-कर लूँगी

अवी-माँ के सामने कर लोगि

रानी-हाँ

अवी-कही तुमने अपनी माँ को मेरे बारे मे बता तो नही दिया

रानी-मैं मम्मी से कुछ नही छुपाती हू. मैं ने मम्मी को सब बता दिया है.

अवी-तुम्हारी माँ मान गयी

रानी-हां,तुम मम्मी को पसंद आ गये हो.

अवी-ये तो अच्छा हुआ. पर तुमने माँ को सुहागरात के बारे मे भी बता दिया.

रानी-तुम पागल हो ,ये बात मैं कैसे बता सकती हू

अवी-तुमने ही तो कहा कि तुमने अपनी माँ को सब बता दिया है.

रानी-अगर मैने वो बात बता दी तो कल ही हमारी शादी हो जाएगी.

अवी-ये तो अच्छा होगा. कल सुहागरात भी हो जाएगी.

रानी-तुम्हे तो बस एक ही बात दिखती है. मैं तो अभी शादी नही करना चाहती

अवी-क्यू?

रानी-पहले मैं डॉक्टर बन ना चाहती हू. फिर हम शादी करेंगे

अवी-इतना इंतज़ार नही होगा मुझसे, कही इंतज़ार करते करते मैं मर गया तो

रानी ने मेरे मूह पर हाथ रख दिया.

रानी-खबरदार जो मरने की बात दुबारा की तो ,मैं ने अपने पापा का खो दिया ,मैं तुम्हे नही खोना चाहती.

और रानी ने मुझे गले लगा लिया

अवी-मैं तो मज़ाक कर रहा था.

रानी-ऐसा मज़ाक दुबारा मत करना ,तुम्हे खोने नाम से ही डर लगता है मुझे

अवी-मुझे भी.

थोड़ी देर रानी ऐसी ही मेरे गले लगी रही.

रानी- अब चलो कोमल मेरा इंतज़ार कर रही होगी

फिर हम गर्दन से बाहर आ गये.रानी क्लास मे चली गयी और मैं वापस कॅंटीन मे चला गया.

 


अपडेट 330

वापस कॅंटीन मे आ गया. कॅंटीन मे मुझे अनु मिल गयी वो एक लड़के के साथ बैठी थी.मैं भी अनु के साथ बैठ गया.

अवी-हाई

अनु-हाई,कब आए तुम शहर से

अवी-2 दिन हो गये

अनु-और मुझसे अब मिल रहे हो

अवी-कॉलेज मैं आज आया हू.

अनु-शहर किस लिए गये थे

अवी-काम था,वैसे ये कौन है.

अनु-ये मयूर है.हम एक ही क्लास मे पढ़ते है. मयूर ये अवी है .मेरा फ्रेंड.

अवी-हाई मयूर

मयूर और अनु के साथ थोड़ी देर बाते की .फिर मैं ने अनु को इशारे से मयूर को क्लास मे भेजने को कहा. अनु ने मयूर को क्लास में जाने को कहा. मयूर क्लास मे चला गया.

अवी-ये मयूर का क्या चक्कर है

अनु-तुमने ही तो कहा था कि बॉयफ्रेंड बना लो .तो मैं ने मयूर को बॉयफ्रेंड बना लिया

अवी-मुझे बताया भी नही.

अनु-मयूर अच्छा लड़का है जैसे तुमने कहा था उसमे सारी खूबियाँ है .

अवी-एक बार कॉल करके बता तो सकती थी.

अनु-क्यू बताती ,तुम क्या मुझे बताकर गये थे. वो तो मैं ने कोमल को पूछा तो पता चला कि तुम दूसरे शहर गये हो

अवी-टाइम ही नही मिला.सब इतनी जल्दी हो गया कि तुम्हे बताना भूल ही गया. सॉरी

अनु-ठीक है. कोमल ने मुझे बता दिया कि तुम क्यू गये थे.

अवी-वो छोड़ो ये बताओ घर की की कहाँ है

अनु-तुमने तो कहा था कि के मिसेज़ दूबे को देने के लिए

अवी-हाँ मैं तो भूल ही गया .वैसे कल चल रही हो

अनु-कहा

अवी-उसी घर मे

अनु-किस लिए

अवी-जो काम अधूरा छोड़ा है उसे पूरा करने के लिए

अनु-अब नही आ सकती

अवी-क्यू?

अनु-अब मैं मयूर से प्यार करती हू. उसे धोका नही दे सकती

अवी-तुम धोका कहाँ दे रही हो. ये तो मयूर से पहले का काम है जो अधूरा रह गया था उसे पूरा कर लेते है. उसके बाद मयूर के साथ करते रहना.

अनु-नही आने वाली मैं

अवी-तुम कल मेरे साथ चल रही हो.

अनु-ज़बरदस्ती करोगे मेरे साथ

अवी-मैं तुम्हारे साथ ज़बरदस्ती नही कर सकता. तुम मेरी फ्रेंड हो.बस जो अधूरा रह गया उसे पूरा करते है फिर मैं कभी नही कहूँगा.

अनु-पक्का आख़िरी बार है

अवी-हाँ,

अनु-क्या फिर से पीछे से करोगे

अवी-जो अधूरा रह गया है उसे पूरा तो करना पड़ेगा.तुम घबराओ मत मैं पिछली बार की तरह आराम से करूँगा.

अनु-ठीक है पर आख़िरी बार और मयूर को पता नही चलना चाहिए.

अवी-मयूर को कुछ पता नही चलेगा.

अनु-मैं भी यही चाहती हू कि मयूर को हमारे बारे मे कुछ पता ना चले

अवी-पर तुम्हारी फटी हुई चूत देख कर तो पता चल जाएगा

अनु-मैं ने मयूर को बता दिया है कि मेरा एक बॉयफ्रेंड था और उसके साथ मैं ने सेक्स किया है.

अवी-वो मान गया

अनु-हाँ,मुझे देख कर कोई मना नही कर सकता

अवी-अगर उसने सिर्फ़ सेक्स करने के लिए तुम्हे हाँ कहा हो तो

अनु-मैं ने उसे कहा है कि मेरे पहले बाय्फ्रेंड ने मेरे साथ धोका किया है. जिस से मैं किसी के साथ शादी से पहले सेक्स नही करूँगी.

अवी-इसके बाद ही वो मान गया.

अनु-मैं ने उसे सब सच बताया जिस से वो मान गया. वो खुश था कि मैं ने उसे सब बता दिया है.

अवी-तो ऐसा गेम खेला तुमने

अनु-हाँ,मुझे भी मयूर प्यार हो गया है.

अवी-फिर जाने दो हम कल नही मिलेंगे

अनु-कल तो हम मिलेंगे और जो अधूरा काम किया है वो पूरा करेंगे .पर उसके बाद कभी नही मिलेंगे.

अवी-तुम तो मयूर से प्यार करती हो. फिर भी मेरे साथ चल रही हो वो भी अब मेरे मना करने के बाद भी.

अनु-आख़िरी बार तुम्हारे साथ आ रही हू. और रही बात मयूर की तो वो मुझे तुम्हारी वजह से मिला है. उसका इनाम तो तुम्हे मिलना चाहिए.

अवी-अब तुम खुद देना चाहती हो तो ठीक है. कल चलेंगे

अनु-कल मिलते है.अब मैं क्लास मे जाती हू.

अनु अपने क्लास मे चली गयी

अनु के साथ कल की मीटिंग पूरी करने के बाद मैं करीम के पास जाकर बैठ गया.

नोट- जब मैं इंजिनियरिंग कर रहा था तब की बात बताता हू .मेरा एक फ्रेंड था. वो मैथ का प्राब्लम सॉल्व कर रहा था. मुझे लगा उसे प्राब्लम सॉल्व करने मे मुश्किल हो रही है इस लिए मैं ने उसकी मदद कर दी. मुझे लगा वो मुझे थॅंक्स बोलेंगा पर उस ने ऐसा नही किया.

उसने कहा कि वो प्राब्लम को अलग तरीके से सॉल्व करने की कॉसिश कर रहा था. उसने मुझे कहा कि किसी की मदद माँगने से पहले मदद मत करना ,क्या पता वो मुश्किल से बाहर निकलने का तरीका ढूँढ रहा होगा. पहले उसको कॉसिश करने देनी चाहिए फिर उसके कहने पे मदद करनी चाहिए.

जो चीज़ ईज़िली मिलती है उसकी किम्मत कम होती है.

इसे प्रिन्सिपल पर चलाने का सोचा है.

 


अपडेट 331

मैं करीम के पास जाकर बैठ गया.

अवी-करीम क्या चल रहा है

करीम-तू तो मुझसे बात ही मत कर

अवी-तुझे क्या हुआ है

करीम-शादी मे क्यू नही आया

अवी-तुझे तो पता है मैं कहा और किस लिए गया था .

करीम-1 दिन के लिए तो आ जाता

अवी-वहाँ मुझे सोने के लिए टाइम नही मिल रहा था .देख मेरी हालत भी कम हो गयी. और तू कह रहा है 1 दिन के लिए आ जाता. जाने आने मे 2 दिन हो जाते और वहाँ रुकना ज़रूरी था इस लिए नही आ पाया.

करीम-ठीक है पर जब हिना बाजी और सोनिया बाजी घर आएगी तो मिलने आना .वो तुम्हारे बारे मे पूछ रही थी.

अवी-आ जा.वैसे क्लास मे क्या चल रहा है.

करीम-कुछ खास नही. सब एग्ज़ॅम की तय्यारी कर रहे है.

अवी-तू क्या कर रहा है

करीम-मैं भी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ 2 घंटे लाइब्रेरी मे पढ़ाई करता हू.

अवी-मुझे भी पढ़ाई करना सुरू कर देना चाहिए

करीम-तुझे पढ़ाई करने की ज़रूरत नही है

अवी-मैं कोई जादूगर थोड़े ही हू कि बिना पढ़ाई के पास हो जाउन्गा

करीम- फिज़िक्स का जो टेस्ट हुआ था उसमे तूने क्लास मे टॉप किया है. मसेज. गुप्ता तेरे बारे मे पूछ रही थी.

अवी-सच बोल रहा है तू

करीम-हाँ

अवी-तुझे कितने मार्क मिले है.

करीम-पूछ मत .पर ठीक ठाक मिल गये.

अवी-चल फिर मैं मेडम को मिल के आता हू

करीम-क्लास तो कर के जा.इतने दिनो के बाद आया है

अवी-ठीक है क्लास के बाद मिल लूँगा.

मैं ने आज पूरे क्लास किए. फिर मैं मेडम के कॅबिन मे गया.

अवी-एक्सक्यूस मी

मिसेज़ गुप्ता-यस

अवी-मेडम टेस्ट के मार्क देखने थे

मिसेज़ गुप्ता-गुस्से से इतने दिनो बाद मार्क देखने आए हो अब तक कहाँ थे

अवी-तबीयत खराब थी इस लिए 1 महीना कॉलेज नही आ पाया.

मिसेज़ गुप्ता-ठीक है. ये लो लिस्ट देख लो

अवी-मैं ने अपने मार्क देख लिए. पूरे मे से पूरे मार्क मिले थे. 40/40 मार्क मिले थे.मार्क देखने के बाद मैं ने लिस्ट वापस दे दी. मेडम अभी भी गुस्से मे थी.

मिसेज़ गुप्ता-कितने मिले.5 या 10 मार्क

अवी-40 मार्क मिले है.

मिसेज़ गुप्ता-क्या कहा ,40 मार्क .क्या नंबर है तुम्हारा

मैं ने अपना नंबर बता दिया

मिसेज़ गुप्ता-तुम्हे तो अच्छे मार्क मिले है. मुझे लगा तुम दूसरे लड़को की तरह होगे. जो क्लास मे नही आते है और सिर्फ़ एग्ज़ॅम को आते है.ऐसे ही पढ़ाई करते रहना.

अवी-यस मेडम

मिसेज़ गुप्ता-तुम्हारा नाम क्या

अवी-अवी

म्र्स गुप्ता-पढ़ाई करते रहना. अभी मैं एग्ज़ॅम भी बाकी है. ये तो सिंपल सा टेस्ट था

अवी-मैं एग्ज़ॅम मे अच्छे मार्क लाने की पूरी कोशिस करूँगा.

मिसेज़ गुप्ता-अब अपने क्लास मे जाओ

मैं मेडम के कॅबिन से बाहर आ गया.

कोमल के पास चला गया. कोमल लाइब्रेरी मे पढ़ाई कर रही थी. कोमल ने 2 घंटे के बाद घर चलने को कहा.

अब 2 घंटे क्या करू.करीम भी लाइब्रेरी मे है. पंकज तो कॉलेज मे नही दिखा आज. शायद आज कॉलेज नही आया होगा. और अनु भी मयूर के साथ बैठी है.

मैं ने सोचा चलो बाहर घूम कर आता हू. मैं बाइक लेकर घूमने चला गया.

 


अपडेट 332

रीड- अपडेट 244

मैं बाइक लेकर कॉलेज से बाहर आ गया. और शहर के चक्कर लगाने लगा.

ऐसे ही घूमते हुए एक फ्लवर के शॉप के सामने रुक गया.

फिर ख़याल आया कि मिसेज़ दूबे को मिल लेता हू.

मैं फ्लवर लेकर मिसेज़ डूबे के घर चला गया.

पिछली बार की तरह गेट के सामने फ्लवर रख कर बेल बजा दी. और बाइक लेकर चला गया.फ्लवर के साथ एक कार्ड भी रख दिया जिस से पता चले कि फ्लवर किसने भेजे है.

मैं मिसेज़ दूबे से मिले बिना फिर से फ्लवर की शॉप पे जाकर फ्लवर खरीद लिए और गेट के सामने रख कर बेल बजाकर फिर से बाइक लेकर चला गया.

2 बार ऐसा करने से मिसेज़ दूबे को ज़रूर गुस्सा आया होगा.

मिसेज़ दूबे को गुस्सा दिलाने मे मज़ा आ रहा था.

मैं फिर से फ्लवर की शॉप पर चला गया और 10 मिनिट के बाद फ्लवर लेकर बेल बजा दी. इस बार मैं गेट के सामने रुक गया.

मिसेज़ दूबे ने गेट खोल दिया.जिस तरह गेट खोला गया था उस देख कर लग रहा था कि मिसेज़ दूबे को बहोत गुस्सा आया होगा.

पर इस बार फ्लवर के साथ मुझे देख कर शॉक्ड हो गयी और उनके चेहरे पे मेरे लिए गुस्सा था

मिसेज़ दूबे-ये सब क्या है.

अवी-सॉरी

मिसेज़ दूबे-ये कौन सा तरीका है सॉरी बोलने का.

अवी-क्या यही पर सारे सवाल पूछ लेंगी.अंदर नही आने देंगी.

मिसेज़ दूबे-क्यू अंदर बुलाऊ तुम्हे. उस्दिन तो कैसे बाते करके मुझे अपने घर से निकाल दिया था.

अवी-आप भी मुझे अंदर बुला कर निकाल दीजिए.हिसाब बराबर हो जाएगा.क्या कहती हो

मिसेज़ दूबे-मैं भी यही करूँगी

अवी-(ईडियट) फिर पहले अंदर तो आने दो

मैं अंदर चला गया और सोफे पर जाकर बैठ गया.

फिर मिसेज़ दूबे मुझे कुछ भी बोलने लगी. जो उनके मूह मे आया वो बोलती गयी.मैं आराम से बैठ कर सुनता गया.

मिसेज़ दूबे लगातार मुझे गालियाँ दे रही थी.

मिसेज़ दूबे-निकल जाओ मेरे घर से

अवी-ऐसे कैसे निकल जाउ. पहले 1000 रुपये दीजिए फिर चला जाउन्गा.

मिसेज़ दूबे-किस बात के 1000 रुपये

अवी-इतने फ्लवर भेजे उसके पैसे तो लेने पड़ेंगे

मिसेज़ दूबे-मैं ने थोड़ी कहा था फ्लवर भेजने को

अवी-देखिए. पहले मैं ने आपसे गंदी बाते की फिर आपको घर से निकाल दिया.

मिसेज़ दूबे-हाँ

अवी-अब आपने मुझे बुरा भला कहा और घर से निकाल रही है.

मिसेज़ दूबे-जैसा तुमने मेरे साथ किया मैं ने वही किया. हिसाब बराबर हुआ

अवी-कैसे हिसाब बराबर हुआ. मैं ने जो सॉरी कहने को फ्लवर भेजे उसके पैसे तो आपको देने पड़ेंगे तभी मैं यहाँ से चला जाउन्गा.

मिसेज़ दूबे-मैं ने थोड़ी कहा था फ्लवर भेज ने को

अवी-अगर हिसाब बराबर करना चाहती है तो मुझे पैसे देने पड़ेंगे.

मिसेज़ दूबे गुस्से से अंदर के कमरे मे चली गयी और पैसे लेकर वापस आ गयी.

मिसेज़ दूबे-ये लो और निकल जाओ मेरे घर से

मैं पैसे लेकर चला गया.

मार्केट से अच्छा सा गिफ्ट लेकर मैने वापस आकर मिसेज़ दूबे के घर की बेल बजा दी.

मिसेज़ दूबे ने गेट खोला. मुझे फिर से सामने देख कर शॉक्ड हो गयी. पर मिसेज़ दूबे के कुछ कहने से पहले मैं ने बोलना सुरू किया.

अवी-नमस्ते ,मेरा नाम अवी है.मैं आपके घर के सामने जो घर है वहाँ रहने आया हू. आपका नया पड़ोसी हू,

मिसेज़ दूबे-ये क्या बक रहे हो

अवी-कैसी बात कर रही है आपको अपने नये पड़ोसी को टी के लिए पूछना चाहिए इसके बजाए कुछ भी बोल रही है.कैसे लोग रहते है इस सोसाइटी मे नये पड़ोसी की मदद करने की बजाय कुछ भी बोल रहे है

इतना कह कर मैं ने मिसेज़ दूबे को बाजू मे कर के अंदर चला गया.

मिसेज़ दूबे मुझे देखती रह गयी.

अवी-टी नही तो पानी तो पिला दीजिए.

मिसेज़ दूबे-ये क्या नया नाटक सुरू किया तुमने

अवी-पिछला सब बराबर हो गया तो सोचा कि नये से शुरुआत करते है. ये लीजिए नयी शुरुआत का गिफ्ट .अब तो माफ़ कर दीजिए.

मिसेज़ दूबे मुझे आँखे फाड़ कर देखने लगी. और फिर गिफ्ट की तरफ देखा. मेरे हाथ मे मिसेज़ दूबे के लिए साड़ी थी.

मिसेज़ दूबे-तुम सच मे पागल हो.

मिसेज़ दूबे ने गिफ्ट ले लिया और मेरे लिए टी बनाने के लिए अंदर चली गयी.थोड़ी देर बाद टी लेकर आ गयी.

अवी-अब तो माफ़ कर दीजिए

मिसेज़ दूबे-तुम्हारा अंदाज़ अच्छा लगा सॉरी कहने का.

अवी-मतलब आपने मुझे माफ़ कर दिया

मिसेज़ दूबे-अभी तक तो नही. पहले मेरे सवालो के जवाब दो फिर माफी मिलेंगी.

अवी-पूछिए क्या पूछना है.

मिसेज़ दूबे-तुम ने उस्दिन तो पहले मुझसे अच्छे से बात नही की फिर बाद मे ऐसा क्यू किया.

अवी-सच कहूँ या झूठ

मिसेज़ दूबे-सच कहो

अवी-मैं ने एक आंटी को पटाया है. उस्दिन वो आंटी मुझसे मिलने आने वाली थी.आप समझ गयी होगी कि मैं क्या कहना चाहता हू. अगर आंटी ने आपको देख लिया होता तो गड़बड़ हो जाती है.

मिसेज़ दूबे-तुम उस्दिन आंटी के साथ...

अवी-आप सही समझी .मैं आंटी के साथ सेक्स करने वाला था.

मिसेज़ दूबे-तुम ने मुझे बता दिया होता तो मैं चली जाती .वो सब कहने की क्या ज़रूरत थी.

अवी-आप पहली बार आई थी. मैं कैसे बोल सकता था कि आंटी के साथ सेक्स करना है आप चली जाइए

मिसेज़ दूबे-कुछ और बहाना कर देते

अवी-कुछ और कहता तो आप जल्दी नही जाती.वैसे भी जब आप गयी तो आंटी(पंकज की मम्मी) आ गयी और जब तक आप मेरे साथ थी तो आंटी पार्क के पास बैठ कर आपके जाने का इंतज़ार कर रही थी.आपके जाने के बाद आपके बारे मे मे पूछकर मेरा दिमाग़ खराब कर दिया और फिर बिना कुछ किए चली गयी. और उसके बाद फिर मुझसे कभी नही मिली.

मिसेज़ दूबे-मेरी बात सुनकर हँसने लगी. मतलब कुछ नही हुआ.

और ज़ोर से हँसने लगी.

अवी-सब आपकी वजह से .फिर भी मैं ने फ्लवर भेज कर आप को सॉरी कहा.और आप है कि मुझे घर से निकाल दिया.

मिसेज़ दूबे-मुझे क्या पता तुम ऐसा करने वाले थे.और तुम्हारे साथ मेरी वजह से ऐसा हुआ.सॉरी

अवी-जाने दीजिए .जो हुआ सो हुआ अब तो आपने माफ़ कर दिया मुझे

मिसेज़ दूबे-हाँ

अवी-वैसे एक बात है .आप के सामने सेक्स के बारे मे बाते की फिर भी आपने कुछ कहा नही.

मिसेज़ डूबे-आज कल तो सेक्स जैसी बाते नॉर्मल हो गयी.

अवी-क्या मेरी बाते भी आप सब को बता देंगी.

मिसेज़ दूबे-टेन्षन मत लो मैं किसी को नही बताउन्गि. पर मुझे आंटी के बारे मे सब बताना पड़ेगा.

अवी-ठीक है. पर कल बताउन्गा. अब मुझे जाना होगा.

मिसेज़ दूबे-ठीक है. पर कल बताना ज़रूर

अवी-अब तो हम फ्रेंड बन सकते है.

मिसेज़ दूबे-क्यू नही. ज़रूर बन सकते है. बन सकते है क्या ,बन गये .

अवी-कल मिलते है .और की आपके पास रहने दीजिए

मिसेज़ दूबे-जब चाहिए तब ले जाना

फिर मैं कॉलेज चला गया.

 
अपडेट 333

मिसेज़ दूबे के साथ बात करने के बाद मैं कॉलेज आ गया.और कोमल को लेकर घर चला गया.

अवी-कोमल

कोमल-हाँ

अवी-तुम्हे टेस्ट मे कितने मार्क मिले है

कोमल-40 मार्क और तुम्हे भी...

अवी-मुझे भी 40 मार्क मिले है.

कोमल-वो तो मुझे पता है पर पढ़ाई करते जाओ .वो टेस्ट तो सिंपल थी. आगे एग्ज़ॅम है उसकी तय्यारी करो.

अवी-वो भी हो जाएगा.

कोमल-क्लास मे तो तुम आते नही ,पढ़ाई करने के लिए भी लाइब्रेरी मे आते नही. और कहते हो "हो जाएगा"

अवी-मेरा पढ़ाई करने क्या तरीका अलग है. तुम मेरा टेन्षन मत लो

कोमल-ठीक है ,एग्ज़ॅम के रिज़ल्ट के बाद देखूँगी तुम्हे

ऐसे ही बाते करते हुए घर आ गया.कोमल को उसके घर छोड़ कर अपने घर आ गया.

घर पर आने के बाद फ्रेश होकर बच्चो के साथ खेलने लगा. फिर रात मे खाना खा कर कमरे मे जाकर पढ़ाई करने लगा.

थोड़ी देर बाद छोटी चाची मेरे कमरे मे आ गयी.

सी चाची-पढ़ाई चल रही है

अवी-हाँ,एक महीने की कसर जो निकालनी है.

सी चाची-करो पढ़ाई करो .पर थोड़ा टाइम मेरे लिए निकाल सकते हो

अवी-आपके लिए तो टाइम ही टाइम है.

सी चाची-तो फिर मुझे ये बताओ कि तुम्हारा 1 महीना कैसे गया.

अवी-अच्छा गया. दिन भर सोना और रात मे आपके पास हॉस्पिटल मे रहना.

सी चाची-ये नही ,जो मैं सुन ना चाहती हू वो बताओ

अवी-आप क्या सुन ना चाहती है.

सी चाची-यही कि. पहले 10 दिन तुम रात मे कहाँ जाते थे,फिर डॉक्टर ने पैसे माफ़ क्यू किए,और पूनम के घर के बाजू मे जो घर है वहाँ जो लड़कियाँ है वो तुम्हे देख कर रो क्यू रही थी. और तुमने उनके तरफ देख कर हाथ क्यू हिलाया.

अवी-आपको इतना सब कैसे पता चला

सी चाची-रात मे मेरी नींद खुलती तो तुम रूम मे नही होते थे. डॉक्टर के बारे मे तुमने खुद बताया मुझे.और जब मैं कार मे बैठी थी तो मैं ने तुम्हारे तरफ देखा तो तुम लड़कियो को देख कर हाथ हिला रहे थे. और वो लड़किया रो रही थी.

अवी-पहले 10 दिन वाला किस्सा बताता हू.वो नर्स माला है ना उसके साथ मैं ने चुदाई की......

...मैं ने माला के बारे मे बता दिया.

सी चाची-तो तुम मज़े भी कर रहे थे .और हमारा ख़याल भी रख रहे थे.तो तुम बड़े हो रहे हो. अच्छा है अब डॉक्टर के बारे मे बताओ

अवी- पहले ज़ोया फिर सारा के साथ...

....ज़ोया और सारा के बारे मे बता दिया

सी चाची-डॉक्टर के साथ फ्रेंडशिप करके तुम फ़ायदा हुआ.

अवी-डॉक्टर खुश रहेगा तो पेशेंट खुश रहते है.

सी चाची-वो लड़कियाँ उसका क्या चक्कर है

अवी-उनका चक्कर पुराना है

सी चाची-वहाँ से बताओ जब तुम पहली बार उनसे मिले थे

अवी-पहली बार जब मैं शहर गया था स्वेता दीदी और सीतल दीदी को लाने के लिए....

.....फिर जब इस बार गये थे तो.....

..,मैं ने ज़ीया और रीया के बारे मे सब कुछ बता दिया.

सी चाची-ये तुमने अच्छा नही किया पर उसके बाद जो किया हो ठीक किया जो उनको नयी शुरुआत करने को कहा.

अवी-मैं तो बस मज़ा करने के लिए और उनको सबक सिखाने के लिए ऐसा किया

सी चाची-मैं समझ गयी तुमने ऐसा क्यू किया. पर मैं ये कह रही हू जो तुमने किया उसमे ख़तरा था.

अवी-चाची अब मैं बड़ा हो गया हू

सी चाची-दिख रहा है.और भी कुछ किया जो मुझे पता नही है.

अवी-हाँ ,माला के साथ पार्क मे भी किया

सी चाची-और

अवी-पार्क मे एक ....

...उस लड़की के बारे मे बताया

सी चाची-तुम्हे ऐसा नही करना चाहिए था. वो तो बस चूसना चाहती थी.

अवी-अगर वो चूस्ति तो माला क्या करती

सी चाची-और क्या किया

अवी-वो पार्क वाली लड़की पता है कौन थी.

सी चाची-कौन थी वो

अवी-ये वही लड़की है जिसकी वजह से स्वेता दीदी और रोहन के बीच झगड़ा हुआ था.

सी चाची-फिर तो तुमने ठीक किया

अवी-अगर मुझे पार्क मे पता चलता तो उसको पार्क मे नंगा घुमाता

सी चाची-मतलब तुम्हे पहले पता नही था

अवी-नही. वो तो दूसरे दिन रोहन ने कॉलेज मे दिखाया. तब पता चला.

सी चाची-तुम ने तो पूरे महीने मज़े किए

अवी-मज़े के साथ अपने काम भी तो किए. कितना कम सोता था मैं और उपर से चुदाई करनी पड़ती थी

सी चाची-देखा मैं 1 हफ़्ता तो तुम हॉस्पिटल से घर गये भी नही थे.

अवी-काम के साथ मज़े करने मे अपना अलग ही मज़ा होता है.

सी चाची-वो तो है. और भी कुछ बताना बाकी है .

अवी-बस इतना ही था

सी चाची-पक्का

अवी-हाँ

सी चाची-मुझे लगा और भी कुछ बताने वाले थे.

अवी-बस इतना ही किया मैं ने

सी चाची-ठीक है. अब पड़ाई करो और अपने बेटो और बेटी के साथ प्यार करो.

अवी-चाची आपने बड़ी चाची को बता दिया कि मेरी वजह से वो माँ बनी है.

सी चाची-अभी सही समय नही आया.अगर अभी बता दिया और दीदी नाराज़ होगी तो बच्चो पर ग़लत असर होगा उसका.वैसे दीदी नाराज़ तो नही होगी पर नाराज़ हो गयी तो पूरी तरह से गड़बड़ हो जाएगी. अभी कितने साल के बाद खुशिया आई है. थोड़े दिन रूको बाद मे सही समय देख कर बता दूँगी.

अवी-जैसा आप ठीक समझे

सी चाची-अब पढ़ाई करो .

छोटी चाची जाने लगी.

अवी-चाची.

सी चाची-हाँ

अवी-एक किस दो ना

सी चाची-किस ख़ुसी मे

अवी-आआआअ

सी चाची-ज़्यादा सोचो मत ,

और छोटी चाची ने मुझे किस किया.

सी चाची-अब पढ़ाई कर

छोटी चाची अपने कमरे मे चली गयी और मैं पढ़ाई करने के बाद सो गया.

 


अपडेट 334

नेक्स्ट डे

सुबह उठकर कसरत करने के बाद थोड़ी देर बड़ी चाची के कमरे मे जाकर बच्चो के साथ खेलने लगा.फिर कोमल के साथ कॉलेज चला गया.

आज मुझे अनु की गंद मिलने वाली थी. पर जब मैं कॉलेज गया तो मुझे अनु कही दिखाई नही दी.

फिर मैं ने मयूर से पूछा तो उसने बताया कि अनु कल रात को अपने मामा के घर गयी है. वहाँ से अब कल वापस आ जाएगी.

अनु के नानाजी की तबीयत खराब हो गयी है. इस लिए अनु अपनी फॅमिली के साथ मामा के घर चली गयी.

मैं उदास हो गया .फिर सोचा जब आएगी तब गंद मार लूँगा.

फिर मैं क्लास मे चला गया. आज भी मैं पूरी क्लास मे रह कर पढ़ाई की. क्लास ख़तम होने के बाद कोमल के पास गया तो वो कल की तरह पढ़ाई करने के बाद जाने के लिए बोल रही थी.

फिर से 2 घंटे क्या करू यही सोच रहा था कि मिसेज़ दूबे की याद आ गयी

मैं ने बाइक निकाली और मिसेज़ दूबे के घर की तरफ निकल पड़ा.

जाते हुए मैं ने फ्लवर ले लिया.फिर घर पहोच कर बेल बजाई. मिसेज़ दूबे ने गेट खोला. मुझे देख कर खुश हो गयी.

अवी-ब्यूटिफुल फ्लवर फॉर ब्यूटिफुल लेडी.

मिसेज़ दूबे-थॅंक्स

फिर मैं अंदर जाकर सोफे पर बैठ गया. मिसेज़ दूबे ने मेरे लिए टी लेकर आई.

अवी-टी अच्छी बनाती है आप

मिसेज़ डूबे-थॅंक्स,तुम अपने बारे मे बताओ,क्या करते हो .कहाँ रहते हो

अवी-पिछली बार बताया था .तुम भूल गयी ,सॉरी ग़लती से आप की जगह तुम निकल गया.

मिसेज़ दूबे-कोई बात नही. तुम मुझे तुम कहकर बात कर सकते हो.

अवी-तुम घर मे अकेली रहती हो

मिसेज़ दूबे-मैं ने भी बताया था पिछली बार तुम भी भूल गये

अवी-मेरे कहने का मतलब है दोपेहर मे घर मे अकेली होती हो

मिसेज़ दूबे-हाँ,

अवी-भोर नही होती तुम

मिसेज़ दूबे-दोपेहर मे पड़ोसियो के घर चली जाती हू.अब तुम आ गये हो तो तुम्हारे साथ बाते कर के टाइम निकाल रही हू.

मिसेज़ दूबे-वो आंटी का क्या चक्कर था

अवी-आंटी मेरे फ्रेंड की माँ है.

मिसेज़ दुबे-अपने फ्रेंड की माँ के साथ

अवी-उसका पति अब उसके साथ सेक्स नही कर पाता .तो वो मेरे पास आ गयी.

मिसेज़ दूबे-और तुमने उसके साथ सेक्स कर लिया

अवी-खरबूज़ा खुद कट्ना चाहता है तो चाकू तो काट डालेंगा ना

मिसेज़ दूबे-तुम्हे तो कोई भी लड़की मिल सकती है फिर आंटी के साथ करने की कोई खास वजह

अवी-है एक खास वजह पर मैं आपको बता नही सकता

मिसेज़ दूबे-क्यू नही बता सकते

अवी-क्यू क़ी बताते वक्त मुझे गंदे वर्ड का सहारा लेना पड़ सकता है.

मिसेज़ दूबे-मुझे कोही फ़र्क नही पड़ता कि तुम कैसे वर्ड मे बताने वाले हो.बस बता दो

अवी-मुझे आंटी की गंद अच्छी लगती थी. और आंटी ने कहा कि अंकल ने अभी तक उनकी गंद नही मारी. मैं ने सोचा अगर पहले चूत मार लू तो फिर गंद भी मिल जाएँगी.

मिसेज़ दूबे-इसके लिए तुमने आंटी को हाँ किया.

अवी-हाँ,और आपकी वजह से उस्दिन मार नही पाया. उसके बाद आंटी ने कुछ भी करने से मना किया.

मिसेज़ दूबे-सॉरी मेरी वजह से तुम्हे अपने मनपसंद चीज़ नही मिली.और हँसने लगी.

अवी-वैसे तुम से एक पर्सनल सवाल पुच्छू

मिसेज़ दूबे-हाँ पूछो

अवी-तुम्हारे पति ने कभी तुम्हारी गंद मारी है.

मिसेज़ दूबे-क्यू पूछ रहे हो

अवी-बस ऐसे ही

मिसेज़ दूबे-कही तुम मेरे साथ तो नही करना चाहते

अवी-मैं तो ऐसे ही पूछ रहा था. लेकिन आपको देख कर लगता है कि आपके पति ने अब तक आप की गंद नही मारी होगी

मिसेज़ दूबे-गुस्से से तुम ज़्यादा बोल रहे हो.

अवी-मैं ने तो पहले ही पूछा कि पर्सनल सवाल पुच्छू कि नही.

मिसेज़ दूबे-लेकिन ये ज़्यादा ही पर्सनल है

अवी-तुम कोई ग़लत मतलब मत निकाल लेना.

मिसेज़ दूबे-तुम्हारी बातों से तो यही लग रहा है.कि तुम मेरे साथ...

अवी-मैं आपके साथ क्यू करू कल तो मैं अपनी फ्रेंड के साथ करने वाला हू

मिसेज़ दूबे-फ्रेंड के साथ

अवी-हाँ कल मैं अपनी गर्लफ्रेंड की गंद मारने वाला हू

मिसेज़ दूबे-इसी घर मे

अवी-हाँ,और वो पहली बार अपनी गंद मारने दे रही है.

मिसेज़ दूबे-तुम्हारे तो मज़े है

अवी-वो तो है. क्या आपने कभी किसी को सेक्स करते हुए देखा है

मिसेज़ दूबे-नही

अवी-देखना चाहोगी

मिसेज़ दूबे-कैसे

अवी-कल मैं अपनी गर्लफ्रेंड के साथ सेक्स करने वाला हू तब देख लेना

मिसेज़ दूबे-तुम्हारी गर्लफ्रेंड को पता चला तो

अवी-उसे मैं नही बताउन्गा .अगर आपको देखना है तो मैं दिखा सकता हू

मिसेज़ दूबे-मुझे देखना तो है पर तुमने मेरे साथ कुछ किया तो

अवी-गर्लफ्रेंड के होते हुए तुम्हारे साथ कैसे करूँगा.

मिसेज़ दूबे-अगर किया तो जैल मे डाल दूँगी.

अवी-फिर जाने दीजिए मैं आपको नही दिखाउन्गा

मिसेज़ दूबे-मेरे साथ करने पे कह रही हू

अवी-तो आपको देखना है.

मिसेज़ दूबे-हाँ

अवी-फिर ठीक है कल दोपेहर12 बजे आप मेरे घर पे आ जाना . पर बेल मत बजाना.

मिसेज़ दूबे-फिर तुम गेट कैसे खोलोगे

अवी-मैं 12 बजे गेट खोल दूँगा. आप ठीक समय पर अंदर आ जाना .

मिसेज़ दूबे-अगर तुम्हारी गर्लफ्रेंड ने मुझे देखा तो

अवी-वो बेडरूम मे होगी.

आप हॉल मे रह कर देख लेना

मिसेज़ दूबे-ठीक है.

अवी-तो कल मिलते है

और मैं कॉलेज चला गया. फिर मैं कोमल को लेकर घर चला गया

 


अपडेट 335

नेक्स्ट डे

मैं कोमल के साथ कॉलेज आ गया. कोमल अपने क्लास मे चली गयी और मैं कॅंटीन मे.कॅंटीन मे मुझे अनु मिल गयी.

अवी-कल तो तुम ने धोका दे दिया.

अनु-कल मैं मामा के घर गयी थी.

अवी-बताया मयूर ने, चले

अनु-अभी नही,थोड़ी देर बाद चलते है.

अवी-11.30 बजे कैसे रहेगा

अनु-सही रहेगा.तब तक मैं मयूर को घर भेज दूँगी.

अवी-ठीक है. 11.30एएम बजे मैं कॉलेज के बाहर इंतज़ार करूँगा.

अनु-मैं आ जाउन्गि.

फिर मैं ने एक क्लास अटेंड की उसके बाद बाइक लेकर कॉलेज के बाहर आकर अनु का इंतज़ार करने लगा.

10 मिनिट के बाद अनु आ गयी. फिर मैं अनु को लेकर घर2 आ गया.

अनु को घर2 के सामने रुकने को कहा और मैं मिसेज़ दूबे के घर जाकर की ले ली. और 10 मिनिट के बाद घर2 आने को कहा.

फिर मैं अनु को लेकर घर2 के अंदर चला गया.

अंदर जाते ही मैं अनु को बेडरूम मे ले गया.मैं ने बेडरूम को देखा तो बेडरूम साफ किया हुआ था.

1 महीने से बंद था फिर भी नीट आंड क्लीन था.

मैं ने इस बाद पर ज़्यादा ज़ोर नही दिया और अनु को बेड पर बैठा कर किस करने लगा.5 मिनिट तक किस करने के बाद .

अवी-मैं बाइक की की लाना तो भूल गया

अनु-ये बीच मे की कहाँ से आई

अवी-तुम बैठो मैं 2 मिनिट मे बाइक की चाबी लेकर आता हू

मैं बेडरूम से बाहर आ गया और गेट खोल दिया .सामने मिसेज़ दूबे खड़ी थी.

मैं ने मिसेज़ दूबे को अंदर आने को कहा.और धीरे से बाते करने लगा.

अवी-तुम गेट के होल से देख लेना

मिसेज़ दूबे-मैं खिड़की से देख लूँगी. कल मैं ने जगह बना दी थी जिस से मैं अंदर देख सकती हू .

अवी-तो तुमने घर क्लीन किया था

मिसेज़ दूबे-हाँ.

अवी-तुम देखो मैं चला बेडरूम मे

मैं बेडरूम मे आकर अनु के उपर टूट पड़ा.

मैं ने अनु के कपड़े निकाल दिए. फिर ब्रा भी निकाल दी. अब पैंटी की बारी थी. मैं ने पैंटी खिड़की की तरफ देखते हुए निकाल दी.

मिसेज़ दूबे खिड़की से बिना पलके झपकाए हमारी तरफ देख रही थी.

मैं ने अपने कपड़े निकाल दिए.और एक बार लंड को खिड़की कर तरफ करके मिसेज़ डूबे को दिखा दिया और फिर अनु के उपर आ गया.

मिसेज़ दूबे मेरे लंड को देख कर शॉक्ड हो गयी थी .

मिसेज़ दूबे ने सोचा नही था कि मेरा लंड इतना बड़ा होगा.

मैं ने देखा कि मिसेज़ दूबे का बदन हिल रहा था. मतलब मिसेज़ दूबे अपनी चूत को मसल रही थी.

मिसेज़ दूबे अपना काम कर रही थी और मैं अपने काम मे लग गया.

मैं ने अनु के होंठो पे किस करना सुरू किया.फिर होंठो को चूसने लगा.

पहले धीरे-धीरे चूसना सुरू कर दिया.

फिर अनु पूरे 1 महीने की कसर निकालने वाली थी.अनु और मैं एक दूसरे के होंठो को बुरी तरह चूस रहे थे.

कभी वो मेरे निचले होन्ट को चूस्ति तो कभी उपेर वाले होन्ट को चूस्ति .मैं भी उसकी तरह एक एक कर के होंठो को चूस्ता गया.

फिर मैं अनु की टाँगो के बीच चला गया.मैं ने उसकी दोनो टाँगे उठा कर उपर कर दी.

और अपना मूह अनु की चूत से लगा दिया .

मैं अनु की चूत को चूस ने लगा. फिर जीभ से दाने के साथ खेलने लगा.

अनु के मूह से एक जोरदार आआअहह निकली .जो मिसेज़ दूबे सुन कर मज़ा लेने लगी.

अनु ने मेरे सर पर हाथ रख कर अपनी चूत पर दबा दिया .मैं लगा तार अनु की चूत को चूस रहा था और बीच बीच मे दाने को काट रहा था .

थोड़ी देर मे ,अनु की चूत पानी छोड़ ने लगी. और मेरा पूरा मूह अनु की चूत से निकले रहे पानी से भीग चुका था. मैं ने अनु का सारा पानी पी लिया.

फिर मैं ने अनु की चूत को छोड़ दिया. और बेड पर लेट गया.

मेरे लेटते ही अनु ने मेरे लंड को मूह मे पूरा अंदर तक लेकर गीला किया.

अनु को मेरा लंबा लंड चूस्ते हुए देख कर मिसेज़ दूबे का मूह खुला का खुला रह गया.

मेरा लंबा लंड अनु ने मूह मे कैसा लिया होगा यही सोच रही होगी मिसेज़ दूबे

मुझे लगा कि अनु लंड को चूसेगी पर उसने ऐसा नही किया. अनु ने मेरे लंड को एक बार मूह मे लेकर सिर्फ़ थूक से गीला किया.

और मेरे उपेर आ कर लंड को पकड़ कर चूत पर रख कर बैठ ने लगी.

अनु धीरे धीरे बैठ लगी तो मैं ने नीचे से झटका दिया जिस से लंड उसकी चूत मे एक ही झटके मे पूरा अंदर चला गया.

अनु की चीख निकली पर वो रुकी नही क्यू कि आज मेरे साथ उसकी आख़िरी चुदाई थी. अनु ने उपेर नीचे होना सुरू किया.

मिसेज़ दूबे फिर शॉक्ड हो गयी. कैसे कोई इतना लंबा लंड एक झटके मे अंदर ले सकती है.

ले भी लिया पर रुकने की जगह लंड के मज़े ले रही है ,यही बात सोचते हुए मिसेज़ दूबे अपनी चूत खुजा रही थी.

इधर अनु पूरी जोश मे आकर उपर नीचे हो रही .मैं खिड़की की तरफ देखने लगा.पर मुझे मिसेज़ दूबे दिख नही रही.

अनु के उपर नीचे होने से थप्प्प्प.....थप्प्प्प की आवाज़ हो रही .

थोड़ी देर उपर नीचे होने के बाद अनु मेरे उपर लेट गयी और मेरे होंठो को चूसने लगी .

अनु के मेरे होंठो को चूस्ते ही मैं ने नीचे से धक्के लगाना सुरू किया.

थोड़ी देर बाद अनु ने मेरे होंठो को चूसना बंद किया. और फिर से उपर नीचे होना सुरू किया.

मैं ने इस बार अनु के बूब्स को पकड़ कर दबाना सुरू किया.

और खिड़की की तरफ देखा तो मिसेज़ दूबे हमारी चुदाई देख रही थी.

शायद अभी उनका पानी निकला होगा इसी लिए मुझे दिखी नही थी.

अनु मेरी सवारी करती रही. कुछ देर मे अनु तेज़ी से उपर नीचे होने लगी .

मैं ने भी नीचे से ज़ोर दार धक्के लगाना सुरू किया.

अनु ने अपनी गति बढ़ा दी और आअहह.....आअहह करते हुए अपना पानी छोड़ दिया. पानी निकलते ही अनु ठंडी पड़ गयी और मेरी चेस्ट पर गिर गयी

 


अपडेट 336

फिर अनु को मैं ने अपने उपर से हटा दिया. और घोड़ी बना दिया.

मिसेज़ दूबे अनु को घोड़ी बना देख कर फिर से शॉक्ड हो गयी.

उनको लगा होगा कि हमारी चुदाई हो गयी है.

पर अभी तो सिर्फ़ अनु का पानी निकला था मेरा पानी निकलना बाकी था.

मेरा पानी सिर्फ़ अनु की गंद मारने के बाद निकलेगा.

मैं अलमारी से तेल लेकर अनु की गंद पर लगाने लगा.

एक हाथ से अनु की गंद पे तेल लगा रहा था और दूसरे हाथ से अपने लंड पर.

और मेरी एक आँख अनु की गंद पर थी और दूसरी आँख मिसेज़ दूबे पर थी जो मेरा लंड देख रही थी.

मैं मिसेज़ दूबे को अनु की चुदाई इस लिए दिखा रहा था कि मिसेज़ दूबे हमारी चुदाई देख कर गरम हो जाए और फिर मैं गरम लोहे पे हथौड़ा मार दूं

अनु की गंद के साथ मिसेज़ दूबे फ्री मे मिल जाएँगी.

मैं अनु की गंद पर तेल लगता गया.

पिछली बार की वजह से अनु की गंद मे आराम से 2 उंगली एक साथ जाने लगी. अनु की गंद पर अच्छे से तेल लगाने के बाद मैं ने अनु को पीठ के बल लेटा दिया.

अनु की गंद के नीचे 2 पिल्लो रख दिए.जिससे अनु की गंद और चूत उपर हो गयी.

मैं ने अनु को कहा कि तय्यार हो जाओ. अनु ने खुद को गंद मे लंड लेने के लिए तय्यार किया.

मैं ने लंड को अनु के गंद के छेद पर रख दिया

मैं ने धीरे से लंड को अंदर डालने लगा. पिछली बार लंड आधा अंदर गया था.फिर भी लंड का टोपा ही अनु की गंद गया था कि अनु के मूह आआहह निकल गयी.

अनु ने कहा धीरे से डालो पिछली बार दर्द हुआ था.

अनु की बात सुनते ही मैं ने एक झटका मारा जिस से लंड 3 इंच तक अंदर चला गया .अनु के मूह से चीख निकली रूको एक बार बाहर निकालो .

मैं ने लंड बाहर नही निकाला बल्कि फिर से ज़ोर दार झटका मारा तो लंड फिसलता हुआ आधा अंदर चला गया.

अनु के मूह से फिर एक चीख निकल गयी. पर यहाँ उसकी चीख सुने वाला कोई नही था.

जो सुन सकता था वो खिड़की से देख कर मज़ा ले रही थी.

अनु चीखो के साथ कहने लगी दर्द हो रहा है थोड़ा आराम से करो.

मैं अनु के बूब्स को दबा कर दर्द कम करने लगा.

थोड़ी देर मे अनु का दर्द कम होना सुरू हुआ.

फिर मैं एक बार मे पूरा लंड अंदर डालने के बारे मे सोचने लगा.

जिस के लिए मुझे अनु के मूह को बंद करना था.

मैं ने अनु के होंठो चूसना सुरू कर दिया .अनु को लगा मैं उसके होंठो को दर्द कम करने के लिए चूस रहा था.

पर ऐसा नही था मैं तो दर्द बढ़ाने के लिए अनु के होंठो को चूस रहा था.

मैं ने मोका देख कर एक जोरदार झटका मारा जिस से लंड गंद को चीरते हुए पूरा अंदर चला गया.

अनु के मूह से चीख निकल गयी. पर मेरे मूह की वजह से बाहर नही निकली.

मिसेज़ दूबे मेरा लंबा लंड अनु की गंद मे जाते हुए देख रही थी.

मैं ने अपने हाथ अनु के बूब्स पर रख दिए.

मेरे हाथो पर तेल लगा हुआ था. लंड पूरा अंदर जाने से अनु तड़फ़ रही थी.

अनु का बदन हिल रहा था. मेरे हाथो पे तेल लगा होने से फिसल गया. और मैं अनु के उपर पूरी तरह गिर गया.

मैं उठने की कोशिस की तो अनु का मूह आज़ाद हो गया.और अनु के मूह तेज आआहह निकल गयी.

आाऐययइ मर गयी मैईईईईईईईईईिन आअहह. .

मैं ने फिर से अनु के होंठो को चूसना सुरू किया. और लंड को वैसे ही गंद मे रहने दिया.

थोड़ी देर होन्ट चूसने के बाद मैं अनु के बूब्स चूस ने लगा.

अनु ने मुझे कस के पकड़ रखा था. अनु के नाख़ून मेरी पीठ मे चुभ रहे थे.

थोड़ी देर मे अनु का दर्द भी ठीक हो गया. मैं ने धीरे धीरे झटके लगाना सुरू कर दिया.

5 मिनिट तक मैं अनु की धीरे धीरे गंद मारने लगा.अनु अपना दर्द कम करने के लिए चूत को सहलाने लगी.

जिस से अनु की चूत ने पानी छोड़ दिया .पानी छोड़ते ही अनु को मज़ा आना सुरू हुआ.

फिर मैं ने धक्के मारने की गति बढ़ा दी. अनु भी अब अपनी गंद उठाकर मेरा लंड ले रही थी. मेरे हर धक्के के साथ अनु भी अपनी गंद को उपर कर देती.

जब लंड बाहर निकल ता तो वो अपनी गंद भी नीचे कर देती.और जब लंड को अंदर डाल ता तो वो भी अपनी गंद उपर कर देती.

हम दोनो ही मज़े के साथ एक दूसरे किस कर रहे थे. फिर थोड़ी देर बाद अनु ने मुझे ज़ोर से धक्के मारने को कहा,

क्यू कि चूत मे उंगली करने से उसका पानी निकल रहा था. मैने धक्के मारने की गति तेज कर ली.

अनु की गंद मेरे लंड को लग कर थप्प्प...थप्प्प.थप्प्प की आवाज़े कर रही थी. अनु की चूत ने पानी छोड़ दिया.

पर मैं ने अपना लंड गंद से नही निकाला.

मैं ज़ोर दार धक्के मारता गया.और अनु शीष्कारिया लेने लगी. आआहह अवी आआहााहााहह

जितनी अनु की शीष्कारिया निकलेंगी उतना मिसेज़ दूबे पर उतना ही सेक्स का नशा चढ़ता जाएगा.

मैं ने लंड को अनु की गंद से बाहर निकाल लिया. लंड बाहर निकलते ही अनु बेड पर लेट कर लंबी सास लेने लगी.

मैं ने अनु को घोड़ी बना दिया और लंड को गंद पे रख कर जोरदार झटका लगाया ,

मेरा लंड अनु की गंद के अंदर चला गया. अनु के मूह से एक चीख निकल गयी. आआययईीीईईईई आराम से करो.

पर इस बार मैं कहाँ अनु की बात मान ने वाला था. मैं ने लंबे धक्के मारना सुरू किया. थोड़ी देर अनु चिल्लाती रही फिर मेरा साथ देने लगी.

मैं लगातार धक्के मारता गया अनु मज़ा लेती गयी. करीब 30 मिनिट तक अनु की गंद मारता रहा .

मैं ने धक्के की गति बढ़ा दी और अपना वीर्य अनु की गंद मे डाल दिया.

वीर्य बहोत निकला. और मुझे पता था कि ऐसा क्यू हुआ. ये सारा और ज़ोया की वजह से हुआ था.

वीर्य अनु की गंद मे डालने के बाद भी मैं ने 10 12 धक्के मार दिए. जिस से मेरा वीर्य अच्छी तारा अनु की गंद मे घुस गया.

वीर्य निकालने के बाद मैं ने लंड बाहर निकाला पर अनु को घोड़ी बनाए रखा.

और खिड़की की तरफ देख कर अनु की चूतड़ को हाथों मे पकड़ के फैला दिया .

मिसेज़ दूबे अनु की गंद का छेद जो अब खुल चुका था और उसमे से मेरा वीर्य निकल रहा था उसे देखती रह गयी.

मैं ने एक उंगली अनु की गंद मे डाल दी और अपना वीर्य उंगली पर लेकर मिसेज़ दूबे को दिखाने लगा.

फिर अनु की गंद पर 3 4 थप्पड़ मार दिए.और अनु को छोड़ दिया.

अनु हान्फ्ते हुए बेड पर गिर गयी.मैं भी बेड पर गिर गया

 


अपडेट 337

मिसेज़ दूबे अभी भी खिड़की के पास थी. मैं मिसेज़ दूबे को पूरा गरम करना चाहता था.

इस लिए मुझे अनु के साथ और एक बार चुदाई करनी पड़ेगी.

मैं ने अनु को सीधा किया.

अवी-एक और बार हो जाए

अनु-नही. मैं सिर्फ़ एक बार करने के लिए आई थी.और तुम ने भी कहा था कि एक बार करेंगे

अवी-मैं ने एक बार नही आख़िरी बार करेंगे कहा था.

अनु-मतलब तुम दिन भर करोगे

अवी-दिन भर नही पर एक और बार

अनु-अभी भी दर्द हो रहा है

अवी-इस बार चूत मारूँगा.

अनु-मैं नही कर सकती. गंद मारने के वजह से पूरा बदन मे दर्द हो रहा है और गंद मे भी.

अवी-आख़िरी बार तो करना चाहता हू .इसके बाद कभी नही कहूँगा.

अनु-पक्का आख़िरी बार

अवी-हाँ,पक्का वादा करता हू कि ये आख़िरी बार होगा.

अनु-ठीक है पहले मैं बाथरूम होकर आती हू.

अवी-बाद मे जाना फ्रेश होने से पहले चुदाई करते है.

अनु-कम से कम पेशाब करने तो जाने दो

अवी-5 मिनिट है तुम्हारे पास

अनु बाथरूम मे चली गयी. और मैं टवल लगाकर किचन मे चला गया.

मिसेज़ दूबे मेरी तरफ देख रही थी. मैं ने किचन मे पानी से लंड साफ किया और वापस बेडरूम मे आ गया.

मैं ने मिसेज़ दूबे की तरफ देखा .मिसेज़ डूबे की साड़ी चूत के उपर से खराब हो गयी थी

मतलब मिसेज़ दूबे ने सदी के उपर से अपनी चूत मसल डाली होगी..

मैं बेडरूम मे आकर अपने लंड को खड़ा करने लगा.

अनु बाथरूम से आ गयी. बाथरूम से आते ही अनु मेरे लंड को मूह मे लेकर चूसने लगी.

लंड अनु के मूह मे जाते ही खड़ा हो गया.

अनु मस्ती मे लंड चूस रही थी. मैं खिड़की की तरफ देख कर लंड को अनु के मूह मे पेल ने लगा.

इतने बार अनु ने मेरा लंड चूस था कि अनु के मूह मे लंड आराम से अंदर जा रहा था.

मैं ने अनु के सर को पकड़ कर मूह मे धक्के मारने लगा. थोड़ी देर तक अनु के मूह मे मेरा लंड अंदर बाहर होता रहा.

फिर मैं ने लंड को अनु के मूह से बाहर निकाल लिया.

और अनु को खिड़की के सामने झुका दिया.अनु मिसेज़ दूबे को देख नही सकती थी पर मिसेज़ दूबे इस बार अनु को आराम से देख सकती थी.

मैं ने लंड को मिसेज़ दूबे की तरफ कर के एक बार दिखा दिया.

इस बार मिसेज़ दूबे को मेरा लंड अच्छे से दिख रहा था.

मैं ने लंड पर थूक लगा लिया और एक झटके मे पूरा अंदर डाल दिया.

 
अनु चीख पड़ी.अनु की चीख सुनकर शायद मिसेज़ दूबे होश मे आ गयी होगी.

मैं ने लंड को अंदर डालने के बाद बिना रुके धक्के मारता गया. अनु चीखने से साथ शीष्कारिया लेती गयी.

मिसेज़ दूबे लाइव शो देखती गयी.

10 मिनिट तक मैं अनु को इस तरह झुकाकर चूत मारता रहा.फिर अनु ने एक चीख के साथ पानी छोड़ दिया.

मैं ने लंड बाहर निकाल लिया और अनु को दीवार के सहारे खड़ा किया.

अनु का चेहरा मेरी तरफ था.

मैं ने ऐसे ही खड़े खड़े लंड अनु की चूत मे डाल दिया.

अनु इस पोज़िशन मे पहली बार चुद रही थी. जिसकी वजह से उसे मज़ा आ रहा था.

5 मिनिट तक अनु को मैं ऐसे ही चोदता रहा.

फिर अनु ने अपने पैर से मेरी कमर पे कैंची मार दी.

अनु अपने पैर से मुझे पकड़ कर मेरी गोद मे आ गयी. मेरा लंड अनु की चूत मे था और अनु के पीछे दीवार थी.

मैं अनु को गोदी मे लेकर दीवार के सहारे से धक्के मारता गया.

अनु मज़े मे शीष्कारिया लेने लगी.

5 मिनिट तक खड़े होकर अनु को गोद मे लेकर चूत मारता रहा.

फिर अनु को वैसे ही उठा कर बेड पर गिरा दिया और मैं भी उसके उपर गिर गया.मैं ने लंड को बाहर निकलने नही दिया.

फिर से मैं 10 मिनिट तक अनु की चूत मारता रहा. अनु ने फिर पानी छोड़ दिया.

अनु के पानी छोड़ते ही मैं ने लंड बाहर निकाल लिया और लंड को गंद मे डाल दिया.

और अनु की गंद मारने लगा.अनु दर्द के साथ शीष्कारिया ले रही थी.

मैं ने फिर से अपना वीर्य अनु की गंद मे डाल दिया और बेड पर गिर के सासे लेने लगा.

थोड़ी देर के बाद मैं और अनु नॉर्मल हो गये.

अनु-अब हो गया ना या और करना है

अवी-बस हो गया. थॅंक्स,

अनु-थॅंक्स तो मुझे करना चाहिए. और पता नही मयूर तुम्हारी तरह कर पाएगा कि नही

अवी-जैसा भी करे तुम सिर्फ़ उसका साथ देना

अनु-वो तो दूँगी ही. अब तुम मुझसे दूर रहना

अवी-10 किलोमीटर दूर रहूँगा

अनु-पंकज और करीम को बता देना कि हमारे बारे मे मयूर को पता नही चलना चाहिए

अवी-बता दूँगा.अब तुम 1 2 घंटे आराम करो फिर मैं तुम्हे घर छोड़ दूँगा.

अनु-ठीक है. पर पेन किल्लर तो दे दो

अवी-मैं ने अलमारी से पेन किल्लर और प्रेग्नेन्सी की मेडिसिन दे दी.अनु मेडिसिन खाने के बाद बाथरूम मे चली गयी.

अवी-अनु तुम आराम करो मैं बाहर जाकर आता हू

अनु- जल्दी आना

अवी-1 घंटे मे आ जाउन्गा.

अनु-तब तक मैं आराम कर लेती हू.

मैं कपड़े पहन कर हॉल मे आ गया तो वहाँ पर मिसेज़ दूबे नही थी.

लोहा गरम था बस हथौड़ा मारने की देर थी. मैं ने गेट को लॉक किया और मिसेज़ दूबे के घर चला गया

 
Back
Top