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मैं और मेरा परिवार

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357 ई

रानी के रूम से बाहर आते ही मैं देखता रह गया.

रानी ने पिंक कलर की साड़ी पहन रखी थी.

रानी के गोरे बदन पर पिंक साड़ी चार चाँद लगा रही थी.

साड़ी पहन कर रानी स्वर्ग की अप्सरा लग रही थी.

किसी ने सच कहा है कि बिकनी पहनने से लड़की उतनी हॉट और सेक्सी नही लगती जितनी साड़ी पहन कर लगती है.

रानी सर से लेकर पाव तक सुंदर ता की मिसाल थी.

रानी के खुले बाल, बालों की एक लट चेहरे पे,माथे पे एक छोटी सी बिंदी, होंठो पे हल्की गुलाबी रंग की लिपस्टिक,शरम से मारे वो गुलाबी गाल,

फन की हवा से उड़ता हुआ पल्लू, गले मे मेरा दिया हुआ नेकक्लेस ,सिंपल सा पर प्यारा ब्लाउस ,

पल्लू की छोटी लाइन के पीछे छुपी हुई नाभि,

नाभि से नीचे बँधी हुई साड़ी,

रानी के चलते हुए कमर का लचकना

रानी के चलते हुए पायल का मधुर संगीत सुरू होना

रानी को साड़ी मे देखता रहूं ऐसा लग रहा था.

रानी हमेशा साड़ी पहने ऐसा लग रहा था.

मुझे इस तरह घूरते हुए देख कर रानी का अनकन्फोर्ट्ब्ल महसूस करना.

उसके चलते कभी साड़ी को ठीक करना, कभी पल्लू को ठीक करना,

आंटी भी मेरी तरह रानी को देखती रह गयी.

अपनी बेटी को पहली बार साड़ी मे देख कर ,ये अहसास होना कि बेटी जवान हो गयी है ,ये प्यारा सा अहसास आंटी की आँखो से पानी लाने के लिए काफ़ी था.

आंटी ने रानी को अपने पास बुलाया.

रानी के पास आते ही आंटी ने रानी को काजल का टीका लगाया.

रानी की मम्मी-किसी की नज़र ना लगे मेरी बेटी को, मुझे तो आज पता चला कि मेरी बेटी जवान हो गयी.

और आंटी ने रानी के माथे पे किस किया. और किचन मे चली गयी.

आंटी के जाते ही रानी मेरे पास आ गयी.

मैं बस रानी को देखता रहा.

रानी ने मुझे ख़यालो से बाहर निकाला.

रानी-क्या हुआ,मैं अच्छी नही लग रही हू

रानी के इतना कहते ही मैं ने रानी को गले लगा लिया.

अवी-मैं इस दुनिया लकी इंसान हू जिस तुम मिली हो

और रानी को किस किया.

रानी-क्या कर रहे हो मम्मी देख लेंगी.

अवी-देखने दो, तुम्हे साड़ी मे देख कर कंट्रोल नही हो रहा.

रानी-कंट्रोल करना सीख लो, शादी के बाद मुझे साड़ी ही तो पहननि है.

अवी-फिर तो मैं गया काम से

रानी की मम्मी-कौन गया काम से

अवी-कोई नही आंटी, वो रानी कह रही थी कि शादी कब करेंगे.

रानी-मैं ने ऐसा कब कहा.

अवी-मतलब तुम्हे शादी नही करनी

रानी-मेरे कहने का मतलब है जब मम्मी चाहेंगी तब करूँगी

रानी की मम्मी-शादी, फिर तो मैं अकेली रह जाउन्गि.

रानी-अकेली क्यू, दहेज मे लेकर जाउन्गि आपको

रानी की मम्मी-ऐसे थोड़े होता है

रानी-ऐसा ही होगा, क्यू अवी

अवी-आप लोगो ने तय किया है तो मैं क्या कह सकता हू.

रानी की मम्मी-अभी से प्रॅक्टीस कर रहे हो ,बीवी की बात मानने की.

रानी आंटी की बात सुनकर शरमा गयी.

अवी-क्या करू आंटी, रानी अभी से कुछ चीज़ो की प्रॅक्टीस कर रही है तो मैं ने भी सुरू कर दी है

रानी की मम्मी-तुम किस चीज़ प्रॅक्टीस कर रही हो.

रानी-मैं वो... खाना ठंडा हो रहा है ,चलो खाना खाते है.

रानी ने बात काट दी.

हम डाइनिंग टेबल पर बैठे गये.

मैं डाइनिंग टेबल के एक साइड मे और मेरे सामने रानी .और घर के हेड की जगह पर आंटी बैठी थी.

मैं पहली बार डाइनिंग टेबल पर बैठ कर खाना खा रहा था.

रानी की मम्मी-अवी, तुमने खाना शुरू नही किया. और ये क्या रानी तुम ने भी खाना शुरू नही किया.

अवी-वो पहली बार डाइनिंग टेबल पर बैठ कर खाना खा रहा हूँ ना,

रानी की मम्मी-कोई बात नही, कोई ना कोई काम पहली बार शुरू करते हुए परेशानी होती है.और रानी तुम्हे क्या हुआ ,

रानी-वो मैं...

रानी की मम्मी-कही ऐसा तो नही अवी ने शुरू नही किया इस लिए तुम ने भी शुरू नही किया.

रानी आंटी की बात सुनकर शरमा गयी.

रानी की मम्मी-अवी तुम खाना शुरू कर दो नही तो रानी भूकी रह जाएगी.

अवी-अभी करता हू,

मैने रानी के घर के खाना का स्वाद लेना शुरू कर दिया.

मेरे सुरू करते ही रानी ने भी खाना शुरू कर दिया.

अवी-आंटी एक बात है जो शहर मे नही मिलती

रानी की मम्मी-क्या

अवी-जो मज़ा ज़मीन पर बैठ कर खाने मे आता है वो डाइनिंग टेबल पर बैठने मे नही आता.

रानी की मम्मी-ये तुम ने सही कहा. मुझे भी कुछ खास पसंद नही है डाइनिंग टेबल पर खाना खाना

रानी-मुझे तो कुछ भी चलेगा.

अवी-कुछ भी नही, मेरे घर मे नो डाइनिंग टेबल

रानी-फिर मुझे अपनी आदत बदलनी पड़ेगी.

फिर से मैं खाने का स्वाद लेने लगा.

अवी-वाउ आंटी आपके हाथो मे तो जादू है, क्या खाना बना है, ऐसा लग रहा है कि खाने के साथ उंगली ना कट जाए.

रानी की मम्मी-तुम तो ऐसे ही तारीफ कर रहे हो,

अवी-सच आंटी ,क्या खाना बना है, पता नही रानी को कुछ आता है या नही.

रानी-मेरे हाथ का खा कर देखो फिर बोल ना

अवी-तुम तो गुस्सा हो गयी.

रानी की मम्मी-रानी तो मुझसे भी अच्छा खाना बनाती है.

अवी-ऐसा है तो अभी तक कभी खिलाया नही मुझे

रानी-झूठ मत बोलो, गाजर का हलवा दिया था मैं ने

अवी-वो ...वो तो कोमल ने खुद खा लिया था.

रानी-क्या कोमल ने खाया था.तुम्हे कुछ नही मिला.

अवी-कुछ नही

रानी-रूको अभी बनाती हू.

रानी की मम्मी-मेरी भोली बेटी,अवी तुम्हारे साथ मज़ाक कर रहा है.

अवी-क्या आंटी आप भी ना,

रानी-तुम्हे तो मैं कल कॉलेज मे देखूँगी.

रानी की मम्मी-रानी ,किसी के साथ ऐसे बाते करते है.

रानी-सॉरी

रानी को और गुस्सा दिलाना ठीक नही था. मैं ने चुप चाप खाना खाना शुरू किया.

 


357 एफ

रानी को और गुस्सा दिलाना ठीक नही था. मैं ने चुप चाप खाना खाना शुरू किया.

पर रानी सामने हो और मैं चुप चाप रहूं ये हो नही सकता.

मैं ने खाना खाते हुए रानी को छेड़ ना सुरू किया.

डाइनिंग टेबल का एक फ़ायदा ये था कि ,डाइनिंग टेबल के उपर कुछ और होता है और नीचे कुछ और कर सकते है.

मैं अपने पैरो को रानी के पैरो की तरफ ले जाने लगा.

रानी तो सर से लेकर पाँव तक एक नाज़ुक फ्लवर था.

रानी के पैर को मेरे पैर टच होते ही रानी को झटका लगा. और रानी के हाथ से स्पून गिर गया.

रानी की मम्मी-क्या हुआ

रानी-मेरी तरफ देखते हुए कुछ नही मम्मी

मैं ने रानी को एक स्माइल दी और फिर से रानी के पैरो के साथ खेलने लगा.

रानी ने साड़ी पहनी थी जिसकी वजह से मेरे पैर रानी के नंगे पैरो को छुने लगे.

रानी के पैर के साथ मेरे पैर धीरे धीरे उपर जा रहे थे.

रानी ने मुझे इशारे से ना कहा.

मैं ने अपने पैर को रोक दिया. और जहाँ तक उपर गया था वहाँ तक रानी के पैर को सहलाने लगा.

रानी अपने एक्सप्रेशन को कंट्रोल कर रही थी.

रानी ने स्पून को कस के पकड़ रखा था.

ना मैं खाना खा रहा था और ना रानी.

आंटी चुप चाप खाना खा रही थी.पर आंटी ने रोक दिया.

रानी की मम्मी-तुम दोनो को 10 मिनिट दिए थे फिर भी यहाँ पर मस्ती कर रहे हो, पहले खाना खा लो फिर आराम से एक दूसरे को परेशान करते रहना.

आंटी के इतना कहते ही रानी और मैं शर्मिंदा हो गये.

रानी-वो मम्मी

रानी की मम्मी-घबरा क्यू रही हो, आज कल तो ये सब चलता है.पर

अवी-आंटी पर क्या

रानी की मम्मी-हमारे समय मे ये सब नही होता था.

अवी-आंटी आपकी लव मॅरेज थी

रानी की मम्मी-हाँ,

अवी-हमे कुछ बताइए ना कि तब कैसा होता था.

रानी की मम्मी-आज जैसा होता है उस के जैसा नही होता था.

रानी-मम्मी वो पापा वाली बात बताओ ना.

अवी-आंटी बताइए ना

रानी की मम्मी-तुम दोनो ना, चलो ठीक है बताती हू पर पहले खाना खाते है.

आंटी के इतना कहते ही हम ने खाने पर धावा बोल दिया.

और जल्दी से खाना ख़तम कर दिया.

खाना खाने के बाद हम सोफे पर बैठे कर आंटी की तरफ देख रहे थे.

रानी-बताओ ना मम्मी

रानी की मम्मी-तुम्हे तो पता है,

रानी-अवी को कहाँ पता है.

रानी की मम्मी-मैं शॉर्ट मे बताउन्गि.

रानी-ठीक है

रानी की मम्मी-तुम्हारे पापा और मैं एक ही गाँव मे रहते थे,

मैं ज़मींदार की बेटी थी और तुम्हारे पापा किसान के बेटे थे.

तुम्हारे पापा को मैं बचपन से पसंद करती थी.

तुम्हारे पापा भी मुझे पसंद करते थे. पर उन मे हिम्मत नही थी.

हम बस दूर से एक दूसरे को देख कर अपने प्यार का इज़हार करते थे .ना बात होती थी और ना मिलते थे.

जैसे अवी का तुम से मिलने आना और तुम्हारे रूम मे जाकर...वैसा नही था.

ऐसे ही दिन निकलते गये. हम जवान हो गये.

फिर भी तुम्हारे पापा ने प्यार कर इज़हार नही किया.

लेकिन हमारी किस्मत मे बॉब्बी लिखा था.

अवी-बॉब्बी?

रानी-ऋषि कपूर और डिंपल कपाड़िया की मूवी ,बॉब्बी

रानी की मम्मी-मूवी पुरानी थी पर हमारे गाँव मे पहली बार आई थी.

वो होता है ना गाँव गाँव जाकर मूवी दिखाते है वैसे हमारे गाँव मे मूवी दिखाने का प्रोग्राम रखा गया.

मूवी देखने के लिए पूरा गाँव जमा हो गया था.

मूवी अच्छी थी, पर कुछ सीन मे औरतों को अपना चेहरा शरम के मारे घूँघट मे छुपाना पड़ा.

मूवी देखने के बाद नेक्स्ट दिन जब मैं खेत देखने जा रही थी तो तुम्हारे पापा ने मुझे रास्ते मे रोक लिया.

और बस इतना कहा कि" तुम डिंपल कपाड़िया हो"

इतना कह कर मेरे जवाब का इंतजार कर रहे थे.

मैं तो पहले कुछ समझी नही ,पर बाद मे मुझे मूवी की याद आ गयी.

और मैं ने तुम्हारे पापा को कहा कि " तुम ऋषि कपूर हो"

इस तरह हम ने एक दूसरे को प्रपोज किया.

अवी-आइ लव यू बोलने से ये अच्छा तरीका था.

रानी-मम्मी आगे की स्टोरी बताओ ना

अवी-आगे भी है

रानी की मम्मी-रानी तुम्हे पता है ना कितनी लंबी कहानी है, पूरी बताउन्गि तो अवी को कुछ दिन यही रुकना होगा. और आज के लिए इतना काफ़ी है, बाकी की स्टोरी बाद मे

रानी-बताओ ना मम्मी

रानी की मम्मी-अवी को काम होगा. आज सनडे है ,वो शहर मे कुछ काम के लिए आया होगा.क्यू अवी

अवी-काम तो है, पर रानी से ज़्यादा इंपॉर्टेंट नही है

रानी की मम्मी-देखो ,उसे काम करना है.

रानी-ठीक है पर अगली बार पक्का बताना होगा.

अवी-हाँ,आंटी मुझे सुन नी है आपकी प्रेम कहानी.

रानी की मम्मी-नेक्स्ट टाइम बताउन्गि. और बताओ अपनी फॅमिली से मुझे कब मिलवाने वाले हो

रानी-उसके लिए टाइम है

रानी की मम्मी-मैं ने अवी से पूछा है.

अवी-थोड़ा रुकना होगा.

रानी की मम्मी-क्यू?

रानी-क्यू कि बड़ी चाची को हमारे बारे मे कुछ पता नही है.

रानी की मम्मी-तू फिर बोली, चल जा अवी के लिए कॉफी बना.

रानी-खाने के बाद कॉफी

रानी की मम्मी- अवी तेरे हाथ की कॉफी पीना चाहता है.इसी लिए वो यहाँ आया है.

रानी-अभी बनाती हू

और रानी किचन मे चली गयी.

रानी की मम्मी-रानी ने क्या कहा था. तुम्हारी बड़ी चाची को तुम्हारे बारे मे पता नही है, फिर रानी को ये साड़ी किसने दी थी.

अवी-छोटी चाची ने ,उनको रानी के बारे मे सब पता है

रानी की मम्मी-तुम्हारी बड़ी चाची को क्यू नही बताया.

अवी-बड़ी चाची को रानी के बारे मे बताया तो गड़बड़ हो जाएगी. बड़ी चाची चाहती है कि मैं पढ़ लिख कर बड़ा आदमी बनू, उनको पता चला कि मैं कॉलेज मे जाकर प्यार करता हू तो वो नाराज़ हो जाएँगी. और मैं बड़ी चाची को नाराज़ नही देख सकता.

रानी की मम्मी-ये तो समझ गयी, पर बाद में तुम्हारी बड़ी चाची ने रानी के लिए मना किया तो

अवी-उसकी टेन्षन आप मत लो, वो सब छोटी चाची संभाल लेंगी. आज भी छोटी चाची ने मुझे रानी को गिफ्ट देने के लिए भेजा है.

रानी की मम्मी-वो सब ठीक है पर

अवी-आंटी आप मुझ पर भरोसा रखिए ,मैं रानी से अपनी जान से ज़्यादा प्यार करता हू. ये बात छोटी चाची को पता है. वो मुझे रानी से मिला कर ही रहेंगी.

रानी-कॉफी तय्यार है.

रानी की मम्मी-खाने के बाद कॉफी ,अवी के आने से तुम पागल हो गयी हो

रानी-आपने ही तो कहा था कि अवी को कॉफी पीनी है

अवी-रानी के हाथ की कॉफी ना पीऊ ये हो नही सकता.

और हम कॉफी पीते हुए बाते करने लगे.

 


357 जी

हम कॉफी पीते हुए बात करने लगे.

हम बात कर रहे थे कि मेरी नज़र घड़ी पर गयी.

घड़ी मे 12 बज रहे थे. मुझे तो मिसेज़ वर्मा के पास 11 बजे जाना था.

अवी-12 बज गये.

रानी की मम्मी-तुम्हारे साथ 3 घंटे कैसे निकल गये पता नही चला.

रानी-मम्मी अवी ऐसा ही है.

रानी की मम्मी-पता है मुझे.

रानी-ज़ोर से मम्मी

आंटी ने बात बदल दी

रानी की मम्मी-अवी तुम्हे कोई काम करना था ना.

अवी-हाँ ,पर जाने दीजिए. फिर कभी कर लूँगा.

रानी की मम्मी-बॅड हॅब्बिट ,तुम्हे अपने काम टाइम टाइम पर करने चाहिए. रानी से तो मिलते रहोगे.

अवी-मेरा काम उतना ज़रूरी नही है.

रानी की मम्मी-फिर भी तुम्हे अपना काम करना चाहिए.

मैं ने बॅग को रानी को दे दिया.

रानी-ये क्या है.

अवी-छोटी चाची ने दिया है

रानी की मम्मी-क्या है इसमे

रानी-आपको बाद मे बताउन्गा.

अवी-मुझे तो बता दो, छोटी चाची ने भी नही बताया ,तुम तो बता दो

रानी-नही बता सकती. छोटी चाची ने तुम्हे बताने से मना किया है.

अवी-ठीक है मत बताओ, अच्छा आंटी अब मैं चलता हू ,फिर आप से मिलने ज़रूर आउन्गा.

रानी की मम्मी-इसे अपना ही घर समझ कर कभी भी आना.

अवी-अच्छा मैं चलता हू.

रानी की मम्मी-कितनी बार बोलोगे,

रानी-मम्मी एक ग्लास पानी चाहिए अवी को

रानी की मम्मी-अब समझी, मेरी बिल्ली मुझी से म्याऊ ,तुम बाते करो मैं पानी लेकर आती हू.

आंटी के जाते ही मैं रानी के पास बैठ गया.

अवी-अब क्या

रानी-लो ना किस,

अवी-किस ?

रानी-तुम ऐसे नही मनोगे

और रानी ने मुझे किस किया.

अवी-बस इतना ही.

रानी-तुम करो ना,

अवी-क्या?

रानी-तुम्हे मुझे परेशान करने मे मज़ा आता है ना. करो और परेशान करो

और रानी खड़ी हो गयी और अपने रूम मे जाने के लिए पैर उठाया था कि मैं ने रानी का हाथ पकड़ कर

अपने उपर गिरा दिया.

और रानी के गुलाबी होंठो का रस पीना शुरू किया.

और जल्दी किस ख़तम किया.

रानी-क्या हुआ?

अवी-इतना काफ़ी है.

रानी-बस इतना ही.

अवी-और ज़्यादा देर करता रहा तो मैं कंट्रोल नही कर पाउन्गा. और आंटी किचन मे है.

रानी-मैं भी कंट्रोल नही कर पाती.चलो मेरे रूम मे

अवी-तुम पागल हो गयी हो

रानी-चलो तो

और रानी मुझे अपने रूम मे ले गयी.

रानी-ये क्या है.

टेबल पर एटीएम कार्ड था

अवी-एटीएम कार्ड है.

रानी-वो मुझे भी पता है पर तुम ने यहाँ क्यू रखा.

अवी-ड्रेस का कलेक्षन बढ़ाने के लिए.

रानी-मैं ने तो मज़ाक मे कहा था और तुम ने रख दिया.

अवी-तुम ने कुछ माँगा हो और मैं ने ना दिया हो ये हो नही सकता.

रानी-थॅंक्स, अभी इसे अपने पास रखो, और शादी के बाद मैं खुद ले लूँगी.

अवी-शादी के बाद नही मिलेगा

रानी-क्यू नही मिलेगा.

अवी-क्यू कि शादी के बाद तुम्हे ड्रेस खरीद ने की ज़रूरत नही पड़ने दूँगा.

रानी-शादी के बाद तो साड़ी पहननि पड़ेगी.

अवी-वो भी पहनने नही दूँगा.

रानी-फिर ...तुम कभी नही सुधरोगे.

अवी-तुम मुझे सुधरने नही देती.

रानी-वो बाद की बात है, चलो बाहर मम्मी कब तक किचन मे खड़ी रहेंगी

अवी-चलो

हम हॉल मे वापस आ गये.

रानी-मम्मी पानी कब मिलेगा.

आंटी पानी लेकर हॉल मे आ गयी.

रानी की मम्मी-तुझे बाद मे दिखाती हूँ, ये लो अवी पानी पी लो

आज तो खाने के बाद कॉफी और कॉफी के बाद पानी पीना पड़ रहा था.

अवी-आंटी आप से मिल कर अच्छा लगा.

रानी की मम्मी-इन्डाइरेक्ट बोलने की ज़रूरत नही है, बिंदास रानी को बोल दो.

रानी-मम्मी आप भी ना.

अवी-आंटी आपको पता है बॉब्बी मूवी का 2न्ड पार्ट निकल रहा है

रानी की मम्मी-क्या सच,

अवी-हा, आप देखना ज़रूर

रानी की मम्मी-हीरो हेरोइन कौन है.

अवी-वही डिंपल कपाड़िया और ऋषि कपूर

रानी की मम्मी-वो तो बूढ़े हो गये है.

अवी-कहाँ आंटी ,वो देखो डिंपल कपाड़िया पिंक साड़ी मे खड़ी है.

आंटी और रानी मेरी बात सुनकर हँसने लगी.

और मैं ने बाइक स्टार्ट की.

रानी-बाइ ऋषि कपूर

और रानी घर के अंदर भाग गयी.

और मैं चला मिसेज़ वर्मा के दिए हुए अड्रेस की तरफ.

और आंटी वही खड़ी रह कर अपने आँसू साफ कर रही थी.

रानी की मम्मी-नयी बॉब्बी पुरानी बॉब्बी की तरह ना हो

 


358

मिसेज़ वर्मा जो अड्रेस दिया था वहाँ आ गया.

घर दिखने मे अच्छा था. मैं ने बेल बजाई. मिसेज़ वर्मा ने गेट खोला.मैं मिसेज़ वर्मा को देख कर शॉक्ड हो गया.

मिसेज़ वर्मा-अंदर आओ ,क्या यहीं खड़े रहोगे

मैं मिसेज़ वर्मा के पीछे पीछे अंदर चला गया. मेडम ने नाइटी पहन हुई थी.नाइटी के उपर से गंद देखते हुए मैं अंदर आ गया.

अंदर आकर मैं सोफे पर बैठे गया. मेडम भी बैठ गयी पर मेरे बाजू मे ,मेरे बदन से अपने बदन को लगा कर बैठ गयी.

अवी-मेडम आप यहाँ

मिसेज़ वर्मा-ये मेरा घर है

अवी-तो आप ने अपनी फ्रेंड को यही बुलाया है

मिसेज़ वर्मा-हाँ

अवी- आपके बच्चे और आपके पति वो कहाँ है

मिसेज़ वर्मा-वो दादाजी के घर गये है

अवी-फिर ठीक है ,आपकी फ्रेंड कब आ रही है

मिसेज़ वर्मा-वो नही आने वाली है

अवी-क्या,आपकी फ्रेंड नही आएगी .

मिसेज़ वर्मा-मैं ने उसे आने से मना किया है

अवी-क्या आपने मना किया.

मिसेज़ वर्मा-हाँ

अवी-पर क्यू?

मिसेज़ वर्मा-ऐसे ही

अवी-अगर आपकी फ्रेंड नही आई तो मैं किसके साथ करूँगा.

मिसेज़ वर्मा-मेरे साथ चुदाई करो

अवी-क्या आपके साथ

मिसेज़ वर्मा-हाँ मेरे साथ

अवी-आपने तो कल मना किया था मेरे साथ चुदाई करने से.

मिसेज़ वर्मा-आज हाँ कर रही हू

अवी-आज अचानक हाँ कैसे कर रही है.

मिसेज़ वर्मा-क्यू तुम्हे मेरे साथ चुदाई नही करनी

अवी-करनी है.

मिसेज़ वर्मा-फिर सवाल क्यूँ पूछ रहे हो

अवी-इस लिए पूछ रहा हू कि एक रात मे ऐसा क्या हुआ जो आप ने हाँ कर दी.

मिसेज़ वर्मा-मैं रात भर सोचती रही कि तुम वीडियो की मदद से मेरे साथ आराम से चुदाई कर सकते थे पर तुम ने वो वीडियो डेलीट कर दिया वो भी सिर्फ़ मुझे उदास देख कर.ये मुझे अच्छा लगा कि तुमने मुझे बिना कुछ किए वीडियो डेलीट कर दिया.

फिर मैं ने तुम्हे अपनी फ्रेंड के साथ करने को कहा.तुम मान गये. फिर मैं ने सोचा तुम ने सिर्फ़ इस लिए मुझे ब्लॅकमेल करना बंद किया क्यू कि चुदाई करते हुए तुम्हे मेरा साथ चाहिए था.

ये भी मुझे अच्छा लगा कि तुम चुदाई तब करते हो जब तुम्हारा साथी तुम्हारा पूरा साथ देता है.मुझे ऐसे ही आदमी की तलाश थी जो अपने साथ दूसरो को भी मज़ा दे

अवी-मतलब आपने झूठ बोल कर मुझे यहाँ बुलाया है

मिसेज़ वर्मा-मैं ने झूठ नही बोला ,मेरी फ्रेंड तुम्हारे साथ करने वाली थी.पर मैं ने सोचा उसको मज़ा देने की बजाए मैं खुद मज़ा क्यू ना लूँ

अवी-मतलब आप मेरा पूरा साथ देंगी

मिसेज़ वर्मा-हाँ,अगर तुम मुझे पूरा मज़ा दोगे तो

अवी-मैं तो आपके तीनो छेद मे पानी डालूँगा.

मिसेज़ वर्मा-मुझे भी तीनो छेदों मे पानी चाहिए

अवी-मैं आपको मज़ा दूँगा पर आपको अपनी फ्रेंड को भी बुलाना होगा

मिसेज़ वर्मा-मैं हूँ ना,उसकी क्या ज़रूरत है.

अवी-आप बुला तो लीजिए

मिसेज़ वर्मा-बुला लेती हूँ.पर क्या एक साथ 2 के साथ कर पाओगे

अवी-2 क्या मैं 10 के साथ कर सकता हू

मिसेज़ वर्मा-ठीक है मैं बुला लेती हूँ. पर 2 घंटे के बाद बुलाउन्गि. क्यू कि पहले मैं मज़ा लूँगी .

अवी-ठीक है ,

मिसेज़ वर्मा-मैं उसे फोन करके आती हू

 


359

मिसेज़ वर्मा फोन करने चली गयी.

मैं भी मेडम के पीछे पीछे चला गया. मेडम फोन पर बात कर रही थी.

और मैं ने मेडम को पीछे से पकड़ लिया.

मेडम थोड़ी शॉक्ड हुई .पर खुद को संभालते हुए फोन पर बात करने लगी.

मैं ने टेबल पर रखी हुई कैची उठा ली और मेडम की नाइटी काट दी.

मेडम की नाइटी अलग हो गयी. मेडम ने मेरी तरफ देखा मैं ने स्माइल की .

मेडम फिर से फोन पर बात करने लगी.

मेडम मेरे सामने ब्लॅक ब्रा और पैंटी मे थी. मेडम की गंद देख कर मेरे मूह मे पानी आ गया .

मैं ने अपने कपड़े निकाल दिए .और लंड को पैंटी के उपर से गंद की दरार मे घुसाने लगा .

और मेडम के कान मे कहा. जल्दी फोन कट करो.

मेडम ने फोन को कट करने के लिए टेबल पर रख दिया .पर फोन का रिसीवर नीचे गिर गया.

मेडम की फ्रेंड हमारी बात फोन पर सुन सकती थी.

मैं ने मेडम को अपनी तरफ घुमा दिया और दीवार से लगा कर ब्रा के उपर से बूब्स दबाने लगा.

मेडम शीष्कारियाँ लेने लगी और अपने हाथ को पीछे ले जाकर ब्रा को खोल दिया.

मैं मेडम के बूब्स को दबाने के साथ चूसने लगा.

मेडम ज़ोर से शीष्कारियाँ लेने लगी.

अहह रीईई अहह

मेडम की शीष्कारिया मेडम की फ्रेंड फोन पर सुन रही थी.

मैं थोड़ी देर मेडम के बूब्स चूस्ता रहा.

फिर मैं मेडम के बूब्स को छोड़ कर मेडम के होंठो को चूसने लगा.

मेडम भी मेरा पूरा साथ दे रही थी.हम एक दूसरे के होंठो को और जीभ को चूसने लगा.

मेडम पूरी तरह से गरम हो गयी थी.और मैं तो सुबह से गरम था.

फिर मैं ने होंठो को चूसना बंद किया और मेडम के हाथो मे अपना लंड दिया.

मिसेज़ वर्मा-ये क्या.इतना लंबा और कितना मोटा है तुम्हारा .तुम 10 नही एक साथ 100 के साथ चुदाई कर सकते हो

अवी-पसंद आया है तो प्यार करो

मेडम की फ्रेंड हमारी बाते सुन रही थी.

मिसेज़ वर्मा-अभी नही पहले तुम मेरी चूत चूसो फिर मैं तुम्हारे लंड को चूसुन्गि.

मैं ने मेडम को वही नीचे लिटा दिया. और एक झटके मे मेडम की पैंटी निकाल दी.

फिर मेडम की टाँगो के बीच आ गया और अपना मूह मेडम की चूत पे रख दिया .

मेडम ने एक ठंडी सीईईई की आवाज़ निकाली और मैं ने मेडम की चूत मे अपनी जीभ को घुसा के चूसना सुरू किया

मेडम शीष्कारिया लेने लगी अहह उन्मह हान्ंनणणन् और ज़ोर सीईईईई चोसूऊऊ खा जाओ अपनी मेडम की चूत को उन्मह आहह

मैं मेडम की शीष्कारिया सुनकर और भी ज़ोर से मेडम की चूत को चूसने और चाटने लगा. जिस से मेडम पागल हो रही थी और सिसक रही थी.

मेडम की चिकनी चूत को चूसने मे मज़ा आ रहा था

.

मेडम मेरे सर को अपनी चूत पे दबाने लगी और हलकी आवाज़ो मे अहह उन्मह हान्ंननणणन्

करने लगी.

मैं भी कभी अपनी जीभ को मेडम की चूत मे घुसाता और कभी मेडम की चूत को चूसने मे लग जाता

फिर मेडम ने मेरे सर को अपनी चूत पे ज़ोर से दबा दिया और मेडम का बदन झटके खाने लगा और मेडम ने चूत का पानी सारा मेरे मूह मे डाल दिया.

मैं ने बड़े मज़े से पी लिया.और अपना मूह अलग कर लिया

मिसेज़ वर्मा-अब लंड अंदर डाल दो

अवी-पहले आप मेरा लंड चूसिए

मार वर्मा-जब तुम गंद मारोगे तब चूसुन्गि.अब जल्दी डाल दो

अवी-मैं कॉंडम निकालने लगा

मिसेज़ वर्मा-बिना कॉंडम के डालो

अवी-मैं कॉंडम लगाकर करूँगा.

मिसेज़ वर्मा-मुझे कोई बीमारी नही है. मैं प्रिन्सिपल के साथ कॉंडम लगा कर और अपने पति के साथ भी कॉंडम लगाकर करती हू.सिर्फ़ शादी के बाद 2 साल तक बिना कॉंडम के किया था.तुम्हारा लंड लंबा ,मोटा और दमदार है. मैं बिना कॉंडम के लेना चाहती हू.

अवी-ठीक है पर आपकी फ्रेंड के साथ कॉंडम लगा कर करूँगा

मिसेज़ वर्मा-उसके साथ कुछ भी करो पर लंड जल्दी अंदर डालो

मैं लंड मेडम की चूत पे रख कर रगड़ने लगा.

और आराम से पुश करने लगा. लंड धीरे धीरे अंदर जाने लगा .लंड 4 इंच तक अंदर गया था और मेडम सीईईई की आवाज़ निकालने लगी .

फिर मैं ने एक जोरदार झटके के साथ पूरा अंदर डाल दिया .

इतना ज़ोर दार धक्का था कि मेडम रो पड़ी . जैसे पहली बार चुदि हो.मेरा लंड था ही इतना मोटा कि किसी की भी चूत को चीर के रख देता.

मेडम के मूह से अहह हरामी ने फाड़ दी मेरी तो अहह

और

मैं ने फिर लंड को बाहर निकाला और फिर पूरा लंड मेडम की चूत मे डाल दिया . ऐसा 3 4 बार किया तो मेडम ने अपनी टाँगो को मेरी कमर के साथ लिपटा लिया

और खुद मेरी छाती से लिपट गयी और बोली प्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ रुक जाओ थोड़ी देर . मैं थोड़ी देर रुक गया.

मेडम थोड़ी देर ऐसे ही मुझे पकड़ कर लंड को चूत मे महसूस कर रही थी .कुछ देर उसी तरह रहने के बाद अपनी गंद को हिलाने लगी .

फिर मैं ने भी धक्के मारना शुरू किया.मेडम ने मुझे छोड़ दिया और मेरे धक्को के साथ मज़े से गंद उपर करने लगी.

मेडम शीष्कारियाँ लेने लगी अहह इसी तरह आराम से करते रहूऊऊ उन्मह हान्ंननननणणन् मज़ा आ रहा है

.

कुछ देर मैं धीरे धीरे धक्के मारने लगा .जब मेडम ने पानी छोड़ दिया तो मैं ने अपनी गति बढ़ा दी.मेडम भी मज़े मे मेरा साथ देने लगी.

मेडम की फ्रेंड हमारी चुदाई की आवाज़े सुनकर मज़ा ले रही थी.

मेडम ने फिर पानी छोड़ दिया.

फिर कुछ देर इसी तरह मेडम की चुदाई करने के बाद मैं ने मेडम को घोड़ी बना दिया.

मेडम घोड़ी बन गयी मैं मेडम के पीछे जाकर अपने लंड को मेडम की चूत मे घुसा दिया

और मेडम की चुदाई करने लगा .

मेडम भी मज़े लेने लगी उन्मह तुम कितनीईई आछे से.. हूऊऊओ अहह और ज़ोर से करो .

मैं ने मेडम की बात सुनकर अपनी गति को बढ़ा दिया.

मेडम क्या चूत है आपकी उन्मह ऊफफफफफफफफफ्फ़ और साथ ही अपनी अपनी गति और धक्के बढ़ाता गया.

मेडम भी हान्ंनणणन् और चोदो मुझे आहह मैं गैिईईईईईईईई

उन्मह और ज़ोर से चोदो अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह की लंबी आवाज़ के साथ ही मेडम ने फिर पानी छोड़ दिया.

अब मेरा भी होने लगा था मैं ने अपनी गति बढ़ा दिया और कुछ धक्को के साथ अपना वीर्य मेडम की चूत मे डाल दिया.

मैं ने लंड बाहर निकाला .मेडम ज़मीन पर गिर गयी और मैं किचन मे चला गया.

 


360

मेडम ऐसे ही पड़ी रही .मैं किचन मे जाकर तेल लेकर आ गया.

अवी-मेडम अब आपकी बरी

मिसेज़ वर्मा-थोड़ा रुक जाओ .

अवी-मैं रुकने वाला नही हू

मिसेज़ वर्मा-अभी तो किया है

अवी-तो क्या हुआ.

मिसेज़ वर्मा-थोड़ा रूको तो सही

अवी-अगर रुका और आपकी फ्रेंड आ गयी तो

मिसेज़ वर्मा-फिर साथ मे करेंगे

अवी-आपको लगता है ,आपकी फ्रेंड मेरा लंड देख कर आपके साथ शेअर करेंगी.

मिसेज़ वर्मा- ये तो मैं ने सोचा ही नही

अवी-आपकी फ्रेंड मेरे साथ करने को तय्यार हो गयी ,तो सोचिए कितनी प्यासी होगी वो

मिसेज़ वर्मा-हाँ ,वो तो है

अवी-फिर अच्छी टीचर की तरह लंड को चूस कर खड़ा करो फिर आपकी गंद मारूँगा

मिसेज़ वर्मा-ठीक है करती हू

मैं सोफे पर बैठ गया.मेडम ने मेरे लंड को साफ करने लगी.

अवी-रूको. ऐसे ही मूह मे लो

मिसेज़ वर्मा-ये गंदा है

अवी-आपका ही पानी लगा है.टेस्ट करके देखो

मिसेज़ वर्मा-ठीक है, लेती हू

मेडम ने मेरे लंड को चाट कर साफ किया फिर मूह मे लेकर चूसने लगी.

मेडम पूरे जोश मे आकर लंड को चूसने लगी

मेडम मूह मे आधा लंड लेकर चूसने लगी.एक बार तो मेडम ने पूरा लंड मूह मे लेकर बाहर निकाल लिया

फिर मैं ने मेडम के सर को पकड़ कर लंड को मूह मे पेलने लगा. मेडम के मूह से घुप घुप की आवाज़ आ रही थी.

थोड़ी देर बाद मैं ने मेडम के सर को छोड़ दिया .मुझे लगा मेडम लंड मूह से बाहर निकाल लेंगी पर मेडम ने ऐसा नही किया .बल्कि लंड को चूस्ति रही.

मुझे लगा जब तक पानी नही निकल जाएगा तब तक मेडम चूस्ति रहेंगी. पर मैं मेडम की गंद मे वीर्य डालना चाहता था.

मैं ने मेडम के मूह से लंड बाहर निकाल लिया. मेडम मेरी तरफ गुस्से से देखने लगी.

मैं ने मेडम के बूब्स को दबा दिया

अवी-मेडम अब तीसरे छेद की बारी है.

मिसेज़ वर्मा-तो डालो ना

अवी-आपकी गंद मे पहले लंड गया है

मिसेज़ वर्मा-हाँ

अवी-फिर आप तेल के साथ या बिना तेल के साथ करना चाहती है

मिसेज़ वर्मा-तेल के साथ

अवी-तो बन जाइए घोड़ी

मिसेज़ वर्मा-लो बन गयी

मैं ने अपने लंड पेर तेल लगा लिया और थोड़ा तेल मेडम की गंद मे डाल दिया.

फिर मैं ने अपना लंड मेडम की गंद पर रख दिया.

और एक झटका मारा लंड 4इंच तक अंदर चला गया. मेडम के मूह से हल्की आअहह के साथ चीख निकल गयी.

लगता है मेडम की गंद मे कई बार लंड गया था.

मैं ने मेडम की कमर को पकड़ कर एक ज़ोर दार झटका मारा पूरा लंड गंद मे घुस गया. मेडम की ज़ोर दार चीख निकल गयी.

आआआआआआआआआहह..............मर गयी रीईईई................इतना बड़ा लंड एक झटके मे...........घोड़े ने घोड़ी की फाड़ दी ............................हाए ..................फ़ाआआआआद दी तूने रे..

मैं मेडम की चीख सुनकर रुका नही बल्कि लंड को बाहर निकाल अंदर डाल दिया.

आआआआआआआआआहह..............पूरी .फ़ाआआआआद दिया तूने....थोड़ा रुक तो जा ...

मैं रुकने वाला नही था .क्यू कि अगर मेडम चुदाई कर के थक गयी तो मैं मेडम की फ्रेंड की चुदाई अच्छे से कर पाउन्गा. मेडम बीच मे नही आएगी.

मैं धक्के लगाता गया. मेडम चीख़्ती रही. मैं ज़ोर दार झटके मारने लगा.

मेरे धक्को के साथ मेडम के बूब्स नागिन की तरह डोलने लगे थे.

मैं ज़ोर दार धक्के लगाता गया. मेडम चीख़्ती गयी.

मेडम अपनी चूत को सहलाने लगी. जब मेरे धक्के की वजह से मेडम की चूत से पानी निकल गया तब मेडम को मज़ा आने लगा.

मेडम कमर को और पीछे करके अहह अहह माआआआ हल्के हल्के सिसक रही थी

मेडम की गंद मे लंड था और मेडम की फ्रेंड की चूत से पानी निकल रहा होगा.

लेकिन अब तक तो मेडम की फ्रेंड को आ जाना चाहिए था. पता नही कहाँ रह गयी.

कुछ भी हो मेडम की फ्रेंड फोन पे लाइव टेलीकास्ट सुन रही थी.

और मैं घोड़ी की सवारी कर रहा था.

मेरा हर धक्का मेडम को आगे धकेल्ता पर मेडम फिर से कमर हिलाते हुए पीछे हो जाती.

फिर मैं ने मेडम की गंद से लंड बाहर निकाला और मेडम की गंद पर थप्पड़ मारे

मिसेज़ वर्मा- इतनी जल्दी हो गया.

अवी-अभी तो सुरू हुआ है.

मिसेज़ वर्मा-फिर रुक क्यू गये

अवी-पोज़िशन चेंज करते है.

और मैं सोफे पर बैठ गया और मेडम को मेरी गोद मे बैठा दिया.

और लंड मेडम की गंद मे डाल कर मेडम के पैरो को पकड़ कर उपर उठा दिया और नीचे से मेडम की गंद मे धक्के लगाने लगा.

मेडम गंद मे धक्के लेने के साथ अपनी चूत को सहलाने लगी.

ये पोज़िशन अच्छी थी, गंद मारो या चूत मारो, साथ मे किस भी कर सकते और बूब्स को चूस सकते है.

मेडम भी अपनी चूत को सहला कर अपना पानी निकाल रही थी.

जब चूत का पानी निकल कर नीचे मेरे लंड पर गिरता तो लंड को गंद मे डालने मे मज़ा आ जाता.

चूत का पानी धीरे धीरे चूत से निकल कर गंद मे चला जाता.

इस तरह मेडम की गंद मारने मे मज़ा आ रहा था.

किस करने के साथ चूत के पानी को लूब्रिकॅंट की तरह इस्तेमाल करके गंद मारने मे मुझे मज़ा आ रहा था.

मेडम को मुझे किस करते हुए अपनी चूत को सहलाते हुए गंद मरवाने मे मज़ा आ रहा था.

सिर्फ़ एक बात की प्राब्लम थी वो था मेडम का वेट

मेडम का पूरा वेट मेरे उपर था जिस की वजह से इस पोज़िशन मे ज़्यादा देर तक मेडम की गंद नही मार सकता था.

मैं ने मेडम को फिर से घोड़ी बना दिया और इस बार ज़ोर दर धक्के मारने लगा.

मेडम की हालत खराब हो रही थी, पर मज़ा भी बहोत ले रही थी.

हमारी चुदाई 30 मिनिट तक चलती रही .मेडम की चूत का भोसड़ा तो बन गया था अब गंद का बन रहा था.

अब फिर से मेरा पानी निकलने वाला था .मैने धक्के मारने की गति बढ़ा दी .कि तभी किसीने घर की बेल बजा दी.

मेडम तो सेक्स के नशे मे थी और मैं आख़िरी धक्के पर था. पर मेडम का पता था कि गेट की बेल किसीने तो बजाई है.

मैं ने धक्के मारते हुए फोन उठा लिया. मेडम ने मेरी तरफ देखा.

मैं ने फोन पर कहा रूको 2 मिनिट .और धक्के मारते हुए .अपना वीर्य मेडम की गंद मे डाल दिया.

मैं ने जल्दी से लंड बाहर निकाल लिया और वैसे ही जाकर गेट खोलने चला गया

 


361

मैं जल्दी से गेट खोलने वैसे ही चला गया. मैं ने गेट खोल दिया और वापस मेडम के पास आकर सोफे पर बैठ गया.

मेरे पीछे पीछे मेडम की फ्रेंड आ गयी. मेरी गंद देखते हुए सोफे के पास आ गयी.

मेडम नीचे ज़मीन पर पेट के बल लेटी हुई थी. और मेडम की गंद पे मेरा वीर्य लगा हुआ था

मेडम की फ्रेंड कभी मेडम को तो कभी मुझे देख रही थी.

मैं भी मेडम की फ्रेंड को देखने लगा.

मेडम तो आराम से ज़मीन पर लेट कर नॉर्मल हो रही थी.

मैं ने मेडम की फ्रेंड की तरफ देखा तो वो अपनी चूत खुजा रही थी.

मैं ने उसकी तरफ देख कर आँख मार दी.

मेडम की फ्रेंड ने अपने कपड़े निकाल दिए. साथ मे ब्रा और पैंटी भी निकाल दी.

मेडम को तो कुछ पता ही नही था. वो तो अपनी चुदाई को याद कर रही थी.

मेडम की फ्रेंड की पैंटी गीली हो चुकी थी. लगता है फोन पर हमारी चुदाई सुनकर गरम होकर पैंटी गीली कर दी.

मेडम की फ्रेंड ने अपनी गीली पैंटी से लंड को साफ किया. मुझे उसका ऐसा करना अच्छा लगा.

लंड को साफ करने के बाद लंड को मूह मे लेकर चूसने लगी.

एक रांड़ की तरह मेरा लंड चूस रही थी. मैं ने सोचा इसके साथ कॉंडम लगाकर चुदाई करनी पड़ेगी.

वो लंड को चूस रही थी और मैं उसके बूब्स को दबाने लगा.

मेरा लंड इतनी जल्दी खड़ा नही होने वाला था. पर वो पूरे जोश मे आकर लंड को खड़ा करने की कोशिश कर रही थी.

उसकी कोशिश रंग लाई. लंड खड़ा हो गया.पर उसने चूसना बंद नही किया.

वो मेरा पूरा लंड मूह मे लेकर चूस रही थी.किसीने भी आज तक मेरा पूरा लंड मूह मे लेकर नही चूसा था

वो मुझे पूरा मज़ा दे कर लंड चूस रही थी और खुद मज़ा ले रही थी.

थोड़ी देर चूसने के बाद उसने लंड को मूह मे से निकाल लिया.

और मेडम के पास जाकर मेडम की गंद पर थप्पड़ मार दिया.

फ्रेंड-उठ रंडी कहीं की

मेडम उठ गयी

मिसेज़ वर्मा-अंजलि तुम कब आई

तो मेडम की फ्रेंड का नाम अंजलि है.

अंजलि-10 मिनिट हो गये

मिसेज़ वर्मा-ये कपड़े कब निकाले

अंजलि-कपड़े भी निकाले और लंड चूस कर खड़ा भी कर दिया

मिसेज़ वर्मा-खड़ा किया तो जा बैठ उस पर

अंजलि-मैं तो उसकी सवारी करूँगी.पहले ये बता तूने इतने अच्छे लंड को मुझे देने से मना क्यूँ किया

मिसेज़ वर्मा-मुझे पहले अवी पसंद आया फिर लंड .और वैसे भी तुझे बुलाया था मैं ने

अंजलि-हाँ ,पर तूने मुझे 2 घंटे के बाद बुलाया और तब तक खुद 2 बार लंड ले लिया

मिसेज़ वर्मा-तुझे कैसे पता मैं ने 2 बार चुदाई की है

अंजलि-तूने फोन चालू रखा था

मिसेज़ वर्मा-मतलब तूने सब सुन लिया

अंजलि-हाँ,पहली चुदाई घर पे रह कर सुनी और दूसरी रास्ते मे आते हुए.और तू इतनी चुदाई मे डूब गयी कि तुझे बेल भी नही सुनाई दी. कब से बाहर खड़ी थी

मिसेज़ वर्मा-सॉरी, वैसे गेट किसने खोला

अंजलि-इसने ,इसको पता था कि फोन चालू है. इसने मुझे 2 मिनिट रुकने को कहा और फिर गेट खोला

मिसेज़ वर्मा-अवी तुम्हे पता था

अवी-हाँ,मैं चुदाई करते हुए दिमाग़ भी इस्तेमाल करता हू

अंजलि-तूने मेरे साथ कॉंडम लगाकर करने को क्यूँ कहा

मिसेज़ वर्मा-वो भी सुन लिया

अंजलि-हाँ

मिसेज़ वर्मा-मैं ने नही कहा. वो इसने कहा था तो मैं ने हाँ कहा

अंजलि-क्या नाम है इसके लंड का

मिसेज़ वर्मा-अवी

अंजलि-अवी मेरे साथ बिना कॉंडम के करना

अवी-मैं तो कॉंडम लगाकर करूँगा

अंजलि-कॉंडम के साथ मज़ा नही आता

अवी-मैं आपको कॉंडम के साथ भी वही मज़ा दूँगा जो बिना कॉंडम के मिलता है

अंजलि-ठीक है. पर मेरे भी तीनो छेद मे लंड डालना

अवी-एक तो हो गया .2 बाकी है

मिसेज़ वर्मा-तुम दोनो मज़ा करो मैं नहा कर आती हू

मेडम बेडरूम मे चली गयी और मैं मेडम की फ्रेंड अंजलि के साथ सोफे पर बैठ गया

 


362

मेडम बेडरूम मे चली गयी. और मैं मेडम की फ्रेंड के साथ सोफे पर बैठ गया.

उसने फिर मेरे लंड को मूह मे लेकर चूसना सुरू किया

वो मेडम से बहोत अच्छी तरह से लंड चूस रही थी.उसने पहले आहिस्ता और फिर तेज़ी से लंड चूसना सुरू कर दिया.

मैं पहले ही 2 बार चुदाई कर चुका था.मुझे इसके साथ बस एक बार करना था.

अंजलि मेरा पूरा लंड चूस रही थी और मैं उस की चूत मे उंगली करने लगा.

उंगली करने से उसने लंड मूह से बाहर निकाल लिया और मेरे आंडो को मूह मे लेकर चूसने लगी.

आंडो को चूसने से मेरे मूह से आवाज़ निकलने लगी. अब मुझे बर्दास्त नही हो रहा था. मैं ने लंड को अंजलि के मूह से अपने हाथ मे ले लिया .

.

और उसके हाथ मे कॉंडम दे दिया. वो मना कर रही थी. पर मैं उसके साथ कॉंडम लगा कर चुदाई करना चाहता था.

उसने कॉंडम को लंड पे चढ़ा दिया. और लंड को चूस कर कॉंडम को गीला किया.

फिर मैं ने अंजलि को सोफे लिटा दिया. मुझे उसकी चूत चाटने का कोई मन नही था.

मैं ने उसकी टाँगो को उठा कर उसकी चूत पे लंड रखा और ऐसे ही उपर फैरने लगा

थोड़ी देर लंड चूत पर रगड़ कर उसे मज़ा देना चाहता था. पर उसे बर्दास्त नही हुआ. उसने कहा अब डाल दो. 2 घंटे से खुजली हो रही है.

फिर भी मैं ने लंड अंदर नही डाला. बस लंड रगड़ता रहा.

उसके मूह से आवाज़ें आने लगी आअहह. .....उूुउऊहह हह....और मत तड़पाओ डाल दो अंदर.

अब वो पूरी गरम हो गयी थी. मैं ने मोका देख कर एक ज़ोर से झटका मारा और आधा लंड अंदर डाल दिया .

उसके मूह से हल्की की आहह निकल गयी. मेरा आधा लंड जाने से भी उसकी चीख नही निकली.

मैं ने गुस्से मे ज़ोर दार झटका मारा पूरा लंड अंदर चला गया.

उसको इस बार दर्द हुआ . वो एकदम से चिल्लाई हहााआआययययी यययययययययययई ईईईईईईई म्माआआआआअ म्म्मा आररर्ररर गगयययययययययीीई ईईईईईईईईईईईईईई ई.

उसकी चीख सुनकर मुझे अच्छा लगा. पर मैं रुका नही बल्कि धक्के मारता गया.

वो चिल्लाती रही. मैं धक्के मारता गया.

मुझे लगा कि कुछ ज़्यादा ही कर दिया. फिर मैं ने गति कम कर दी और धीरे धीरे अंदर बाहर करना सुरू किया.

अब मैं धक्के के साथ उसके बूब्स को चूसने लगा .और नीचे अपनी गति तेज करने लगा .

अब वो भी मेरा साथ देने लगी .वो भी उपर नीचे होने लगी .

उसने अपनी टाँगो से मेरी कमर कस्स ली. और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया.

पानी छोड़ने के बाद मैं ने उसके होंठो को चूसने लगा और बूब्स को दबाने लगा.

थोड़ी देर किस करने के बाद मैं ने उसके होंठो को छोड़ दिया और ज़ोर दार धक्के मारने लगा.

मेरे धक्को से उसकी सिसकियाँ निकल रही थी हाईस्स्स्स्स्स्स्सस्स सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सश ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह हह हयइईईईई ईई म्माआआअरर्र्ररर रररगगगययययययीी ईईईईईईईईईईईईई. .....बोली कककााआआरररर राआआआन्न्नइणणन् न्न्र् णणन् चोद दे आज अच्छे से .मेरी प्यासस्सिईईईई बुझा दो.

और उसने फिर पानी छोड़ दिया. पानी छोड़ते ही मैं ने लंड बाहर निकाल लिया.

वो मेरी तरफ सवालिया नजरो से देखने लगी. मैं ने उसे कहा कि तीसरे छेद की बारी है.

वो समझ गयी की अब मैं उसकी गंद मारने वाला हू.वो घोड़ी बन गयी.

मैं तेल को कॉंडम पर लगा दिया.और लंड को गंद पर रख दिया

और एक झटके मे पूरा लंड उसकी गंद मे डाल दिया.

वो चीलाईईई, ततुउउनीईई तो फाड़ दी मेरी आआअहह .... निकाल बाहर .. मार दिया, मेरी गंद को........हाय्यी ययययययईईई ईईई .....

. गंद फाड़ दिया...उूुुुुुउउ उहह ....ईईईईईईईईईई ईईईईईईईईईईईईईई ईईईईईईईईईई...

मैं ने उसकी कमर को पकड़ ज़ोर दार धक्के मारने लगा. वो चिल्लाती रही.तेरी तो आज फाड़ ही दूँगा.

वो रुकने को कह रही थी साथ मे चिल्ला रही थी.

पर मैं रुका नही वो थोड़ी देर मे उसकी चीख शीष्कारियो मे बदल गयी

अब रूम मे मेरे धक्के मारने की आवाज़ और उसख शीष्कारिया सुनाई दे रही थी. सारे रूम मे हुमारी आवाज़ें गूँज रही थी...

मैं करीब 20 मिनिट तक उसकी गंद मारता रहा. फिर मैं ने ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा.

वो समझ गयी कि मेरा निकाल रहा है. उसने लंड बाहर निकालने को कहा.

मैं ने लंड बाहर नही निकाल .उसने कहा वो मेरा वीर्य मूह मे लेना चाहती है.

मैं ने लंड बाहर निकाल लिया .उसने कॉंडम निकाल लिया और लंड को मूह मे लेकर चूसने लगी.

मेडम भी बेडरूम से बाहर आ गयी. पर उनके चेहरे पे डर दिख रहा था.

मेडम ने मुझे पीछे देखने को कहा .मैं ने पीछे देखा मैं भी शॉक्ड हो गया.और इधर मेडम की फ्रेंड के मूह मेरा वीर्य निकल गया.

उसने मेरा वीर्य पी लिया और लंड को साफ करके सोफे पर लेट गयी.

मैं मेडम की तरफ देखने लगा. मेडम ने मुझे चुप रहने को कहा.मैं चुप चाप सोफे पर बैठे गया.

 
363

मैं सोफे पर बैठ गया. मेडम गेट के पास चली गयी और गेट को बंद कर दिया.

गेट के पास एक लड़की जो अपने सलवार के उपर से चूत मसल रही थी .उसकी आँखे बंद थी.अपनी मस्ती मे चूत मसल कर अपना पानी निकाल रही थी.

हमारी चुदाई देख कर खुद को कंट्रोल नही रख पाई और आँखे बंद कर के चूत मसल रही थी.

लड़की के पास एक बॅग था. एक तो वो सेल्स गर्ल हो सकती है या फिर मेडम की बेटी या फिर मेडम की कोई पहचान वाली हो.

मैं अंजलि की चुदाई करके थक गया था जिस की वजह से सोफे पर बैठे कर उस लड़की को देख रहा था.

मेडम ने धीरे से जाकर गेट बंद किया और उस लड़की के सामने जाकर बैठ गयी .

और उसके हाथ को चूत से अलग कर दिया.और सलवार के उपर से चूत को चूसने लगी.

हाथ अलग करते ही उस लड़की ने आँखे खोली पर वो कुछ नही कर पाई. एक तो उसके पीछे दीवार थी और मेडम उसकी चूत को चूस रही थी.

वो लड़की अंजलि की ग़लती से अंदर आ गयी. मेडम और मेरी चुदाई फोन पर सुनकर अंजलि इतनी गरम हो गयी कि उसे गेट बंद करना याद नही रहा.

मेडम ने अपने हाथ उस लड़की के चूतड़ पर रखे और सलवार के उपर से चूत के साथ खेल रही थी.

थोड़ी देर ऐसा करने के बाद मेडम ने उसके सलवार का नाडे को खोल दिया. उसकी सलवार नीचे गिर गयी.

उस ने सलवार पकड़ने की कोशिश की पर मेडम ने उसकी कोशिश नाकाम कर दी.

मेडम यहाँ नही रुकी . सलवार निकाल ने के बाद मेडम ने उसकी पैंटी पकड़ कर नीचे कर दी.

मेडम सिर्फ़ एक हाथ से पैंटी नीचे कर रही थी ,उस लड़की ने दूसरे साइड से पैंटी पकड़ रखी थी.

मेडम का एक हाथ पैंटी नीचे कर रहा था पर दूसरा हाथ उस लड़की की चूत को मसल रहा था.

चूत मसल्ने से उसकी की पकड़ ढीली हो गयी. और मदन ने उसकी पैंटी नीचे कर दी.

और चूत को हाथो से मसल्ने लगी.

उस लड़की की चूत बालो से छुपी हुई थी. उसके झान्टे देख कर लग रहा था कि उसने कभी झान्ट काटे भी नही होगे.

वो लड़की हमारी चुदाई देख कर पहले गरम हो चुकी थी जिस की वजह से वो मेडम को मना नही कर पा रही थी.

उस लड़की की मूह से शीष्कारिया निकल रही थी. मेडम चूत मसल्ते हुए खड़ी हो गयी.

मेडम ने अपने नंगे बूब्स पर उसके हाथ रख दिए.उस लड़की के हाथो मे मेडम के नरम नरम बूब्स आते ही ,उसके हाथो ने अपना काम सुरू कर दिया.

वो मेडम के बूब्स को दबाने लगी.

उस लड़की पर सेक्स का नशा कुछ ज़्यादा ही हो गया था.

मेडम ने कुछ देर उस लड़की को किस किया.

थोड़ी देर ऐसा ही चला फिर मेडम ने उसे पूरा नंगा कर दिया.

इस बार उसने कोई विरोध नही किया. मेडम ने भी प्यार के साथ उसे पूरा नंगा कर दिया.

अब कमरे मे तीन नंगी औरतें ,और मैं अकेला नंगा आदमी था.

अंजलि सोफे पर लेटी हुई थी.मेडम उस लड़की के साथ मस्ती कर रही थी. और मैं अपनी ताक़त वापस जमा कर रहा था.

मुझे लग रहा था कि आज उस लड़की की चुदाई भी करनी है.

उस लड़की की झान्टे बता रही थी कि वो वर्जिन है.

2 मेच्यूर औरतों के बदन के साथ खेलने के बाद एक वर्जिन लड़की को देख कर मेरा लंड हरकत कर रहा था.

वो लड़की दुबली पतली, वर्जिन, छोटे छोटे बूब्स, नरम गंद, गरम चूत मुझे नेक्स्ट चुदाई के लिए तय्यार कर रहा था.

मेडम उस लड़की के बदन के साथ लगातार खेल खेल रही थी.

वो लड़की भी मेडम का पूरा साथ दे रही थी.

मेडम के किस करने से वो मेडम का पूरा साथ दे रही थी.

उस लड़की ने भी मेडम की चूत को टच करके ओरल सेक्स का मज़ा ले रही थी.

मेडम एक हाथ उस लड़की की नंगी गंद पर और उस लड़की का हाथ मेडम की बड़ी गंद पर, और दोनो के होंठो एक दूसरे का रस पी रहे थे.

मैं उन दोनो का खेल देख कर अंजलि की गंद पर हाथ घुमाने लगा.

मेरा हाथ अंजलि की गंद पर लगते ही अंजलि ने मेरी तरफ देखा .और फिर से आराम करने लगी.

अंजलि सोच रही होगी कि उसकी एक और बार चुदाई होगी. इस लिए वो आराम करके मुझे अपना काम करने दे रही थी.

अंजलि को तो पता नही था कि गेट के पास क्या हो रहा है.

जैसे जैसे मेडम और उस लड़की का खेल आगे बढ़ रहा था वैसे वैसे मेरा हाथ अंजलि की गंद पे अपनी पकड़ टाइट हो रहा था.

ये मेडम का घर कम रंडी खाना ज़्यादा लग रहा था.

पहले मेडम फिर मेडम की फ्रेंड और अब वो लड़की पता नही और कौन कौन आने वाली है.

मेडम और उस लड़की की मस्ती पूरे जोश से हो रही थी.

फिर मेडम ने उसे पकड़ कर बेडरूम मे ले गयी और मुझे भी पीछे आने को कहा.

मैं समझ गया कि और एक चूत मिलने वाली है. मैं ने लंड को साफ किया .

और मैं मेडम के पीछे पीछे चला गया.

 


363 ए

मेडम उस लड़की को लेकर अंदर बेडरूम मे चली गयी. और मैं भी पीछे पीछे बेडरूम मे चला गया.

वो लड़की रोबोट की तरह मेडम के साथ बेडरूम मे चली गयी.

2 नंगी गंद को देखते हुए मैं बेडरूम मे आ गया.

मेडम ने उस लड़की को बेड पर लिटा दिया और उसकी बालो वाली चूत को चाटने लगी.

मेडम ने मुझे अंदर क्यू बुलाया है ये मुझे पता था.

मेडम उस लड़की की चूत चाट कर उसकी गर्मी को बढ़ा रही थी.

मैं उस लड़की के मूह के पास चला गया और उसके मूह के पास लंड ले गया.और लंड को उसके होंठो पर रगड़ने लगा.

चूत चूसने का मज़ा उस लड़की को अपना मूह खोलने पे मज़बूर कर रहा था.

और उसका मूह खुलते ही लंड का टोपा उसके मूह मे चला गया.

उस ने अपनी आँखे खोल दी.जो चूत चूसवाने का मज़ा लेते हुए बंद हो गयी थी.

मेरे लंड को मूह के पास देख लिया. उसने एक बार मेरी तरफ देखा और फिर मेडम की तरफ जो उसकी चूत चूस रही थी.

उसे मेरी और अंजलि की चुदाई याद आ गयी .उस ने धीरे धीरे अपना मूह खोल कर आधा लंड मूह मे ले लिया.

और लंड को चूसने लगी. उसने मूह मे लंड जाते ही मुझे राहत की साँस ली. कब से उसका और मेडम का खेल देख कर लंड खड़ा हो चुका था.जो उसके मूह मे जाते ही मेरी बल्ले बल्ले हो गयी.

वो धीरे धीरे मेरे लंड को चूस रही थी.मेडम ज़ोर ज़ोर से उसकी बालो वाली चूत चूस रही थी.

मेरे हाथ भी उस लड़की के छोटे बूब्स को मसल्ने को मचल रहे थे.

उस लड़की के बूब्स को दबाने मे मज़ा आ रहा था.

उस लड़की का बदन इतने हमले होने से अपने ही मस्ती मे मचल रहा था.

उसकी चेस्ट ज़ोर ज़ोर से धड़क रही थी.

थोड़ी देर ऐसे ही चूसने का खेल चलता रहा. मेडम उसकी चूत चूस रही और वो मेरा लंड चूस रही थी.

इधर मेरे लंड को,उसने चूस कर लोहे की तरह खड़ा किया और उधर मेडम ने उसकी चूत का पानी निकाल दिया.

पानी निकलते ही उसको परम आनंद का अहसास हुआ.

वो मस्ती के हर एक पल को याद कर रही थी.

जिस की वजह से उसने मेरा लंड चूसना बंद किया.

मेडम ने भी उसकी चूत को छोड़ दिया और मुझे वहाँ आने कहा और खुद मेरी जगह आ गयी.

मेडम ने अपनी चूत को उसके मूह पर रख दिया. वो मेडम की चूत चूसने लगी.

उसे पता था कि चूत चूसने मे मज़ा आता है.

मेडम ने जैसा उसे मज़ा दिया वैसे वो मेडम को मज़ा दे रही थी. और देख रही थी कि चूत चूसने मे मज़ा कैसे आता है.

मैं उस लड़की की चूत के पास आ गया.

और उसकी झान्टो मे उसकी चूत को देखने लगे.

बड़ी मुश्किल से उसकी चूत मिल गयी.

मैं ने अपनी उंगली से उसकी चूत को रगड़ना सुरू किया.

मेरे ऐसा करने से वो और फिर मस्ती मे आने लगी.

उसके मस्ती मे आते ही मैं ने मेडम की तरफ सवालिया नजरो से देखा

मिसेज़ वर्मा-डाल दो अंदर

अवी-कॉंडम नही है

मिसेज़ वर्मा-ये वर्जिन है. अब डाल दो

अवी-ये है कौन

मिसेज़ वर्मा-पहले अंदर डाल दो,फिर बात करेंगे

मैं ने लंड को उसकी चूत पर रख दिया और एक झटका मारा ,वर्जिन और झान्टो की वजह से ठीक से लंड चूत पर सेट नही हुआ जिस से लंड फिसल गया.

मिसेज़ वर्मा-क्या कर रहे हो .2 झटको मे डाल दो अंदर

मैं ने फिर से लंड को उसकी चूत पर सेट किया. और ज़ोर दार झटका मारा कि लंड सील को तोड़ते हुए 5 इंच तक अंदर चला गया.

मेरा मोटा और लंबा एक झटके मे 5 इंच अंदर जाते ही उसे जोरदार दर्द हुआ.

उसे दर्द होता हुआ देख कर मेडम ने अपनी चूत उसके मूह पर दबा दी.जिस से उसकी चीख थोड़ी दब गयी.

पर वो यही रुकी नही बल्कि उसने मेडम की चूत को काट दिया.

जिस से मेडम के मूह से चीख निकल गयी.

पर मेडम वैसे ही उसके मूह पर अपनी चूत रख कर बैठी रही.

उसका बदन कापने लगा .वो अपने हाथ पैर पटक रही थी.

मैं ने उसके दर्द को देख लिया. और लंड को ऐसे ही रख कर उसके बूब्स को दबाने लगा.

मेडम भी मेरे साथ उसके बूब्स दबा रही थी.

मैं ने एक हाथ से उसकी चूत को उपर की तरफ से सहला रहा था.

उसको ज़्यादा दर्द हो रहा था पर मेडम ने धीरे धीरे उसका दर्द कम कर दिया.

थोड़ा दर कम होते ही मेडम ने अपनी चूत को उपर करके उसे साँस लेने दी और फिर से चूत को उसके मूह पे रख देती.

थोड़ी देर बाद मेडम ने उसके मूह को आज़ाद कर दिया .वो साँसे लेने लगी.उसकी आँखो मे पानी था.

फिर मेडम ने उसको किस करना सुरू किया.उसका दर्द थोड़ा कम हुआ.

मैं ने उतने ही लंड को धीरे धीरे अंदर बाहर करना सुरू किया.

2 चुदि हुई चूत के बाद एक वर्जिन चूत मिल जाए तो क्या कहना.

उस की टाइट चूत ने मेरे लंड को कस के पकड़ रखा था.

जब मैं ने लंड को बाहर निकालना चाहा ,तो लंड पर दबाव का अहसास हुआ.

लंड उसकी चूत को घिसते हुए बाहर आ गया और मैं ने फिर से लंड को अंदर डाला.

उसको पहले थोड़ा दर्द हुआ पर ऐसा करना ज़रूरी था. उसकी चूत मेरे लंड के लिए जगह बना रही थी. उसको दर्द और मज़ा का मिला ज़ुला अहसास हो रहा था.

मैं आराम आराम से उसकी चूत मे लंड पेल रहा था.

जैसे जैसे समय बीत रहा था वैसा वैसा दर्द कम हो रहा था. चूत मे जगा बन रही थी.

मेडम भी उसका दर्द कम कर रही थी जिसके वजह से मैं ने थोड़ी गति बढ़ा दी.

मैं 5 मिनिट तक धीरे धीरे धक्के मारते रहा.जिस से उसने पानी छोड़ दिया.

पानी निकलने से लंड आराम से अंदर जाने लगा .उसका दर्द काफ़ी कम हो गया. वो थोड़ी रिलॅक्स हो गयी.

फिर भी मैं ने धक्के मारने की गति नही बधाई. और 5 मिनिट तक धीरे धीरे चूत मारता रहा.

फिर मैं ने मोका देख कर एक ज़ोर दार झटके के साथ पूरा लंड अंदर कर दिया .

मेडम ने उसके होंठो को आज़ाद नही किया.

उसे दर्द होता रहा पर मेडम और मैं अपने काम मे लगे हुए थे

पूरा लंड अंदर डालने के बाद ना मैं रुका और ना मेडम ने किस करना बंद किया.

मैं इस बार रुका नही. और धक्के मारते गया. धीरे धीरे धक्के मारने लगा.

उसने इस बार को दर्द को कंट्रोल किया.

मेडम और मैं अपने काम को तन मन ढंग से साथ कर रहे थे.

इसकी का नतीजा ये हुआ कि 10 मिनिट के बाद उसने पानी छोड़ दिया.

उसके पानी निकलते ही मेडम ने उसको छोड़ दिया और मैं ने गति बढ़ा दी.

अब मेरे धक्के के साथ वो अपनी गंद उपर कर देती और मेरे लंड को चूत मे अंदर तक ले लेती.

अब धक्के के साथ वो शीष्कारिया ले रही थी.

मैं धक्के मारता गया वो मज़ा लेती रही.मैं भी उसकी टाइट चूत को मज़ा ले रहा था.

मेडम मुझे देख कर हैरान हो गयी. ये मेरी 4 चुदाई थी.फिर भी मैं उसकी लड़की की चुदाई करने मे कोई कसर नही छोड़ रहा था.

मैं 40 मिनिट से उसकी चूत मार रहा था. मेडम समझ गयी कि मेरा पानी इतनी जलदी नही निकलेगा. उस लड़की को अब दर्द हो रहा था.

मेडम ने लंड उसकी चूत से बाहर निकाल लिया और पानी से लंड साफ कर के चूसने लगी.

ऐसा करने से उसे आराम मिला.

मेडम लंड चूस्ति गयी. पर मुझे वीर्य उस लड़की की चूत मे डालना था. जब मेरा वीर्य निकलने वाला था तभी मैं ने लंड मेडम के मूह से बाहर निकाल लिया.

और उस लड़की की चूत मे डाल दिया.और 6 7 धक्के मारने के बाद अपना वीर्य उस लड़की की चूत मे डाल दिया. और उसके उपर गिर गया.

 
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