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मैं और मेरा परिवार

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701 ए

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पायल मेरे गले लगते मेरे शरीर पे हाथ घूमाते हुए मेरे मर्दानी स्मेल को सूंघने लगी.

वो मेरी गर्दन पे किस करने लगी और मैं उसके गर्दन पे किस करने लगा.

पायल मेरी गर्दन पे किस करने के साथ गर्दन पे अपनी जीभ घुमा कर मुझे प्यार करने लगी.

मेले का लास्ट दिन था जिस से मुझे बहुत काम था.

मेले मे इतना काम करने के बाद मुझे एनर्जी की ज़रूरत थी.

पायज़ जैसी लड़की की गरमी शांत करने के लिए मुझे एक्सट्रा पवर की ज़रूरत थी.

इसी लिए मैं ने गोली खा ली थी. पर गोली का असर होने तक मैं ओरल सेक्स का मज़ा ले सकता हूँ

फिर गोली का असर ख़तम होते पायल की गर्मी उतार दूँगा.

ऐसा ठंडा करूँगा पायल को की गर्मी के दिनो मे वो बर्फ जैसी ठंडी होंगी.

उसकी पूरी गर्मी निकाल दूँगा जिस से उसको कभी एसी की ज़रूरत नही पड़ेंगी

मैं गर्दन और कान पर किस करके पायल को मदहोश करने लगा.

उसके कान पर अपनी जीभ घुमा कर उसको पागल करने लगा.

पायल पहले मेरे प्यार मे पागल थी ऐसे मे मैं उसे सुपर पागल बनाने लगा.

पायल ने मेरे गर्दन पे किस करना बंद किया.और शीष्कारिया लेने लगी.

गर्दन पर किस करने के बाद का रस पीकर मैं उसकी चुदाई करने के लिए एनर्जी जमा करने लगा.

मैं पायल के होंठो पे किस करने लगा.

पायल की स्ट्रॉबेरी लिपस्टिक को खाने मे ,और पायल के होंठो का रस पीने मे ,मैं पूरी तरह से डूब जाना चाहता था.

हवेली की बेटी को उसके कमरे मे मैं मसल्ने वाला था.

इसी हवेली मे ठकुराइन ने मुझे मसला था अब मैं ठकुराइन की बेटी को मसलूँगा.

पायल खुद मेरे नीचे आना चाहती है. ऐसा है तो मैं क्यूँ पीछे रहता.

मैं तो पागलो की तरह पायल को किस करने लगा.

और पायल भी चुदेल बन कर मेरे किस करने का जवाब देने लगी.पायल ने मेरे सिवा किसी को किस नही किया था.पर उसको पता था कि किस कैसे किया जाता है.

वो मेरे उपर वाले होंठ को चूसने लगी और मैं उसके नीचे वाले होंठ को.

हम चूसने की जगह एक दूररे के होंठो को काटने लगे.

पायल के गुलाबी नाज़ुक होंठ तो मेरे चूसने से फूलने लगे.

अभी तो होंठ फूल रहे है थोड़ी देर बाद सब कुछ फुलेंगा.

हम दोनो अपने हाथ को एक दूसरे के बालो मे घुमा रहे थे.

किस करने से उसकी सासे तेज चलने गयी. जो मेरे सासो मे मिक्स होने लगी.

कभी मैं उपर वाले होंठ को चूस्ता तो कभी नीचे वाले होंठ को. पायल भी ऐसी ही कर रही थी.

फिर पायल ने होंठो को चूस्ते हुए अपनी जीभ मेरे मुँह मे डाल दी.

पायल पहली लड़की थी जिस ने मुझ से पहले ऐसा किया था.

मैं ने उसकी जीभ को वेलकम किया.

पायल को मेरे ऐसा करने से पता चल गया कि उसको आज बहुत मज़ा मिलने वाला है.

मैं ने उसकी जीभ के साथ खेलने के बाद अपनी जीभ उसके मुँह मे डाल दी

वो इसकी का इंतज़ार कर रही थी.

हमारा किस ऐसे चलता गया.

हम बीच बीच मे सास लेने के लिए रुक जाते थे. और फिर से किस करने लग जाते.

किस कर के मैं ने उसकी सारी लिपस्टिक खा ली.

उसकी लिपस्टिक खा कर मेरा पेट भर गया. पर अभी आम खाने है. चूत की रसमलाई खानी है. उसका खून पीना है.

एक एक करके सबका मज़ा लेने वाला हूँ.

पहले किस तो ख़तम कर दूं.फिर मैं ने एक स्ट्रॉंग और लंबा किस करके पायल को हाँफने के लिए छोड़ दिया

पायल तो हाफ़ रही थी पर मेरा लंड खड़ा हो चुका था.

पायल की चूत फाड़ने को मेरा लंड तय्यार था.लेकिन पहले पायल के कपड़े तो फाड़ लूँ

मैं पायल को खड़ा करके साड़ी को खींचने लगा.

पायल गोल गोल घूम कर अपनी साड़ी निकालने मे मेरी मदद करने लगी.

साड़ी निकलते ही पायल बेड पर गिर गयी.

पायल के गिरते ही मैं ने उसकी उपर छलान्ग लगा दी.

और एक एक करके उसकी सारी ज्वेलरी निकाल दी.गोल्ड तो निकाल दिया फिर भी पायल का बदन चमक रहा था.

ऐसे चमक रहा था कि कमरे मे रेड लाइट की जगह गोल्ड लाइट लगा दी हो.

लंड खड़ा हो चुका था. ऐसे मे उसे जीन्स के अंदर रखना दर्दनाक हो सकता था.

और मेरा बेस्ट फ्रेंड मेरा लंड है. उसको मैं दर्द कैसे दे सकता हूँ.

मैं ने जीन्स की बटन और ज़िप निकाल दी ताकि लंड को आराम मिल सके.

लंड को आराम मिलते ही मैं ने पायल के बूब्स को ब्लाउस के उपर से मसलना सुरू किया.

बूब्स को मसल्ते ही पायल की चीख निकल गयी.

आआआआआईईईईई......धीरीईईई करूऊ...माआआआआआ........

मैं पायल की बात सुनकर बूब्स को ब्लाउस से निकालने लगा.

क्यूँ कि बूब्स को पहले आज़ाद होना था. फिर मैं कुछ भी करूँ वो बुरा नही मानेगे

मेरे ब्लाउस के हुक खोल ते ही पायल के बूब्स जो रेड ब्रा मे क़ैद थे वो मेरे सामने आ गये

पायल के गोरे बूब्स रेड ब्रा मे कमाल के लग रहे थे.

इन बूब्स ने मुझे कुछ दिन से मुझे बहुत तड़फाया है.

आज तो इनको पूरा खा जाउन्गा. इतने दिन से इनको देख कर मेरे मुँह मे पानी आ रहा था. आज तो अपनी प्यास बुझा ही लूँगा.

मैं ब्रा का हुक खोलने के लिए पायल को फिर खड़ा नही करना चाहता था.

मैं ने ब्रा को नीचे कर दिया .ब्रा से आधे बूब्स बाहर थे ,ब्रा को नीचे करते बूब्स फुदक कर बाहर आ गये.

कल शीला के अनटच बूब्स को टच करने को मिला था और आज पायल के अनटच बूब्स को मासल्न को मिलेंगा.

पायल मे ज़्यादा शरम नही थी. वो तो इस इंतज़ार मे थी कि कब मैं उसे अपना बना लूँ. और शीला तो बात बात पे शरमा रही थी

मैं ने एक एक करके बूब्स का मज़ा लेने का सोचा.

आज चूसूंगा उस बूब्स को जिसे मसलूँगा. मतलब एक टाइम एक बूब्स को चूसने के साथ मसलूँगा भी और दूसरे बूब्स को हाथ नही लगाउन्गा.

मैं ने बूब्स सेलेक्ट करना सुरू किया.

पहली बारी आई लेफ्ट बूब्स की. मैं ने बूब्स पे हाथ रख कर दबा दिया.

बूब्स दबाते ही पायल के मुँह से शीष्कारी निकल गयी.

अवईीईईईईईईई....... इनकूऊऊऊओ...... बहुतत्त्टटतत्त........ प्यरर्र्र्र्र्ररर...... करूऊऊऊ ......... बहुतत्त्टटतत्त...... टंगगगगगगगगग........ करटीईई....... हाईईईईईई......

पायल आज के बाद ये तुम को परेशान नही करेंगे

पायल को विश्वास दिला कर मैं अपना काम करने लगा.

बूब्स को मसल कर चूसने लायक बनाने लगा.

इस काम मे मैं एक्सपर्ट था .घर मे आम के बगीचे जो थे.आम चूसना मेरा पसंदीदा काम था.

मैं ने बूब्स को मसल कर चूसने के लिए तय्यार किया.

पायल के बूब्स पे जो गुलाबी निपल थे उनको जीभ से चाटने लगा.

एक हाथ से बूब्स को दबाए रखा. जिस से निपल उपर की ओर आ गये .

बूब्स के कोन शेप मे आते ही मैं ने बूब्स को चूसना सुरू किया.

बूब्स आइस क्रीम के शेप मे थी जिसे मैं चूसने लगा.

चूसना सुरू करते ही मैं ने बूब्स को दबाना भी सुरू किया.

उदार पायल ने शीष्कारिया सुरू की.

आआहह…आआहह…. उउउइईई… ..आअहह..

उूउउम्म्म्माआआआहह……ऊऊऊऊहह

पर पायल का राइट वाला बूब्स रो रहा था कि उसका नंबर कब आएगा.

उसका नंबर आने मे टाइम था.

जो जितना रोता है उसे उतना मज़ा मिलता है.

एग्ज़ॅंपल-चूत

चूसने और दबाने से पायल का बूब्स लाल हो गये थे.

चूस्ते हुए काटने से बूब्स पर निशान पड़ गये थे.

बूब्स की हालत देखते हुए मैं ने दूसरे बूब्स पे हमला बोल दिया.

अपनी बारी आते ही राइट वाले बूब्स ने निपल को एग्ज़ाइट हो कर उपर कर दिया.

बूब्स का नशा उतारने के लिए मैं ने निपल को दांतो मे पकड़ खीच कर काट दिया.

माआआ…आआहह…. उउउइईई… ..मररर्ररर गाइिईई...आअहह..

उूउउम्म्म्माआआआहह……ऊऊऊऊहह

मैं दर्द देने के बाद दवा भी लगाने वालो मे से था.

निपल को काटने के बाद उसे जीभ से चाट कर मलम लगाने लगा.

पायल का दर्द कम होते ही मैं बूब्स को दबाते हुए चूसने लगा.

पायल फिर से शीष्कारिया लेने लगी.

आआहह…आआहह…. उउउइईई… ..आअहह..

उूउउम्म्म्माआआआहह……ऊऊऊऊहह

मैं अपना काम हमेशा पूरी लगने से करता हूँ.

मैं ने राइट वाले बूब्स को कम प्यार और लेफ्ट वाले को ज़्यादा ,ये मेरा स्टाइल नही था.

मैं ने दोनो को बराबर प्यार किया

राइट वाले बूब्स को चूस्ते हुए लेफ्ट बूब्स को देख रहा था कि कही कम ज़्यादा तो नही हो रहा

बूब्स के साथ ऐसा ही होता है.

चूत और गंद का अच्छा है उनके साथ ऐसा नही होता.

बूब्स को चूसने के बाद मैं ने पायल के पेट पर किस करना स्टार्ट किया.

पायल को गुदगुदी होने लगी.

फिर मैं ने नाभि पे किस किया और नाभि मे जीभ डाल कर पायल को मज़ा देने लगा.

मेरे ऐसा करते पायल ने मेरी तरफ देखा. मुझे अपनी नाभि मे जीभ डाल कर मस्ती करते हुए देख कर मस्ती मे आने लगी.

कमर के उपर का तो हो गया अब नीचे की बारी है

और पायल के चूसने का समय भी आ गया था.

 


702

अब पायल की चूत की बारी थी.

उस चूत की बारी थी जिस ने मुझे पाने के लिए बहुत मेहनत की है.

कितने पापड बेले है इस चूत ने मेरे नीचे आने के लिए

मुझे इतना सिड्यूस किया. यहाँ तक कि मुझे मुँह मारने पे मज़बूर किया.आज इस चूत को इसकी सज़ा ज़रूर दूँगा.

पर पहले उस चूत के दर्शन तक कर लूँ जिस ने मेरे लंड को मूठ मारने पे मज़बूर किया.

चलो आज हवेली की बेटी को नंगा कर देता हूँ.

मैं ने पेटिकोट के उपर से पायल के चूत पे किस किया.

और पायल का हाथ पकड़ कर पेटिकोट के नाडे पर रख दिया.और चूत पर किस करने लगा.

मैं चाहता था कि पायल खुद पेटिकोट खोले. मैं चूत पर पेटिकोट के उपर से प्यार करता गया.

कभी अपने हाथ से मसलता तो कभी उसपे मे किस करता.

पायल तो उलझन मे थी .

मैं उसके कपड़े निकालने की जगह खुद उसको नंगा होने को मज़बूर रहा था.

पायल को पता था कि मैं कैसे उसको विवश करूँगा पेटिकोट निकालने के लिए

पायल थी तो एक लड़की ना ,वो कैसे नंगी हो जाए .पर मैं उसे मज़बूर करता गया. अपने स्किल से उसको नचाना चाहता था.

मैं लगातार उसकी चूत को मसल्ते हुए किस करने लगा.

मेरे ऐसा करने से पायल ने मस्ती मे आकर अपना नाडा खोल दिया.

नाडा खुलते ही पायल ने अपनी गंद उपर की और पेटिकोट नीचे धकेलने लगी.

मैं ने पायल को ज़्यादा मेहनत करने नही दिया.और पेटिकोट निकाल दिया.

और पायल की गीली पैंटी पे किस करके उसे भी निकाल कर पायल के मुँह पर फेक दी.

पायल अपनी पैंटी की खुश्बू को सूंघने लगी. और मैं पायल की चूत को

रेड लाइट मे पायल की गुलाबी चूत कमाल की लग रही थी.

शीला की चूत से अच्छी दिख रही थी. पर शीला की चूत जितना प्यार नही होगा.

पायल की चूत का टेस्ट कैसा है वो जल्दी पता चल जाएगा.

मैं पायल की चूत को अपनी उंगली से फैला कर अंदर का भाग देखने लगा.

अंदर का भाग देखते ही मैं ने चूत मे उंगली डाल दी .

उंगली अंदर जाते गीली हो गयी.मैं ने उंगली की जगह जीभ पायल की चूत मे दल दी

क्यूँ कि गीली चूत मे सिर्फ़ लंड या जीभ अच्छी लगती है. उंगली का काम सिर्फ़ दिशा दिखाना होता है.

उंगली ने अपना काम तो कर दिया .अब जो करना था मेरी जीभ को करना था.

मेरी जीभ ने ठकुराइन का पानी पिया था अब उसकी बेटी का पानी पीने वाली है. ऐसे मे देखना है कौन बाज़ी मारता है.

पायल की कुवारि चूत टेस्टी है या ठकुराइन की खुली हुई चूत,

मेरी जीभ भी एक नंबर की चालू थी. ठकुराइन और पायल को बराबर मार्क दिए .जिस से पायल की, चूत खुश हो गयी.

चूत जब खुश होती है तो उसे प्यार करने मे ज़्यादा मज़ा आता है.

और मेरी जीभ का दूसरा नाम मज़ा ही था.

पायल मेरी जीभ के गीले पन से मस्ती मे आ गयी.

मैं उसकी चूत को चाटने और चूसने लगा.

पायल ने शीष्कारिया लेनी सुरू की

आआहह…आआहह…. उउउइईई… ..आअहह..

हह……ऊऊऊऊहह

मैं ने पायल की गंद के नीचे अपने हाथ रख दिए. एक हाथ ने एक चूतड़ पकड़ लिया .

फिर मैं पायल की गंद को उपर करके चूत को मेरे मुँह मे डालने लगा.

ऐसा करने से मैं पायल की चूत को खाने लगा.

पायल भी अपनी गंद और उपर करके मुझे चूसने मे मदद करने लगी.

पायल दोपेहर से इस का इंतज़ार कर रही थी.

पायल के एग्ज़ाइट होते ही,उसने अपनी गंद और उपर करनी सुरू की. मैं भी वही कर रहा था.

पायल की गंद 1 फीट तक उपर आते ही उसका बदन अकड़ने लगा.

और पायल ने अपनी चूत का पानी मेरे मुँह मे डाल कर अपनी गर्मी शांत की

पायल का कामरस मैं पी गया.

मेरे सेहत का राज़ यही था.

मैं ने उसकी चूत को चूस कर उसे खुश कर दिया.

पानी निकालने के बाद पायल ने अपनी गंद बेड पर पटक दी. और हाँफने लगी.

मेरा काम हो गया अब पायल की बारी थी.

और गोली का असर मुझे हो गया था.

मेरा लंड पायल के मुँह और चूत मे जाने को बेताब हो रहा था.

ऐसे मे एक एक पल कीमती था.

अगर और लंड को थोड़ी देर अंडरवेर मेरखा तो फट जाएगा मेरा लंड ,इतना फूल गया था.

मैं खड़ा हो गया और अपने कपड़े निकाल दिए.

और मैं पायल के पेट पर बैठ गया. मतलब पेट के उपर आ गया और लंड को उसके मुँह के पास ले लगा.

पायल ने लंड की तरफ देखा .और अपने सर के नीचे 2 पिल्लो रख कर सर को उपर कर लिया.

गोली खाने से मेरा लंड फूल चुका था. ऐसे मे जितनी जल्दी लंड पायल के मुँह मे जाएगा उतना अच्छा हॉंगा.

पायल ने मेरे लंड को हाथ मे लेकर लंड का साइज़ और हार्डनेस देखने लगी.

1 हफ्ते से अपनी गंद को मेरे लंड पे रगड़ रगड़ कर चेक कर रही थी कि मेरा लंड कैसा है.

आज मैं ने उसकी इच्छा पूरी कर दी.

वो मेरे लंड को इतने जल्दी देख पाएगी उसने सोचा नही था.

पर लंड को इतने पास से देख कर पायल की आँखे चमकने लगी.

पायल को जैसा लंड चाहिए था मेरा लंड वैसा ही था.

पायल की माँ को मेरा लंड पसंद आया तो पायल को तो आना ही था.

पायल ने देर ना करते हुए मुझे अपने उपर से धक्का दिया और उठ कर मेरे लंड के पास आ गयी.

और लंड पर कीसों की बारिश कर दी.

उसके ऐसा करने से समझ गया कि पायल कब से भूकी थी इसके लिए

मेरा लंड देख कर पायल तो लंड के प्यार मे पागल हो गयी.

पायल ने लंड पे अपने प्यार की बारिश कर दी. उस बारिश मे नहाने से लंड खुश हो गया .पायल के किस करते लंड झटके मारने लगा.

लंड को झटके मारते देख कर पायल ने लंड को मुँह मे ले लिया.

पायल के मुँह मे लंड जाते ही एक ठंडक मिल गयी.लंड को और मेरे दिल को.

पायल के छोटे मुँह मे लंड को जाते हुए देख कर अच्छा लग रहा था.

पायल की मस्ती का कोई ठिकाना नही था.

पायल अपने मुँह को ओ शेप मे करके लंड को चूसने लगी.

इतने दिनो से पायल ने मेरे लंड के सपने देखे थे.

जब से उसने मेरे लंड का फोटो देखा था तब से उसकी चूत फडफडा रही थी

पायल की चूत को तो लग रहा होगा कि वो कब मेरे लंड को अपने अंदर लेगे.

अपनी चूत की इच्छा पूरी करने के लिए पायल ने मुझे सिड्यूस करना शुरू किया. और देखो आज पायल की चूत को उसका राजकुमार मिल गया.

राजकुमार को खुश करने के लिए पायल उसे प्यार कर रही थी

मेरे लंड अपने प्यार के रस से भिगोने लगी. मेरे लंड चूस्कर प्यार करने लगी.

पायल बस आधा लंड चूस रही थी. उसने पूरा लंड चूसने की कोई कोशिश नही की

मैं उतने मे खुश था.

पायल जितनी देर लंड चूसेगी उतना कम समय के लिए उसकी चूत मे लंड रहेगा.

पायल ने जी भर के लंड को चूस लिया.

पायल का मुँह दुख़्ते ही पायल मेरे बगल मे आकर लेट गयी.

पायल लंड चूसने के बाद नॉर्मल होने लगी.

मैं उठ कर बाथरूम मे चला गया.और पानी गरम करने को रख कर तेल लेकर वापस पायल के पास आ गया.

लंड पर तेल डाल कर चिकना बना दिया.पायल की चुदाई लंबी चलने वाली थी जिस से वो लंबे रेस तक चले ऐसी बनाने वाला था.

तेल लगाना ज़रूरी था. क्यूँ कि मैं ने गोली खा ली थी. ऐसे मे उसका क्या हाल हॉंगा वो मैं जानता था.

पायल को ज़्यादा दर्द ना हो इस का इंतज़ाम करके मैं लंड को तय्यार करने लगा.

लंड पर तेल लगाने के बाद मैं पायल के पैरो के बीच मे आ गया.

पायल ने अपनी गंद को उपर करने के लिए नीचे पिल्लो रख दिया.और अपने पैर फैला दिए.

मैं ने पोज़िशन ले ली. और लंड को पायल की चूत पर रख दिया.

अवी-पायल ये गोली खा लो

पायल-गोली तो बाद मे खाउन्गी

अवी-ये सेक्स बढ़ाने की गोली है. चुदाई जोरदार हो और तुम मेरा साथ दो इस लिए तुम्हे दे रहा हूँ.( गोली का असर होने तक नॉर्मल चुदाई होगी पर बाद मे मुझ पे गोली का असर होगा और पायल का बुरा हाल होगा)

पायल ने गोली खा ली .और मैं ने लंड को चूत पर सेट किया.

पायल ने लंड का दर्द लेने के लिए खुद को तय्यार कर लिया.

मैं ने लंड का टोपा पायल की चूत पर रख दिया.

पायल को मेरा टोपा कितना मोटा है ये पता था. पायल की छोटी चूत के मुँह को टोपा ने छुपा लिया.

मैं ने अपना लंड पायल की चूत पर धीरे धीरे रगड़ना सुरू किया.

ऐसा करते पायल शीष्कारी लेने लगी .

आआहह…आआहह…. उउउइईई… ..आअहह..

हह……ऊऊऊऊहह

पायल के शीष्कारी लेते ही मैने एक झटका मार कर

टोपा पायल की चूत मे डाल दिया.

पायल की चीख निकल गयी.आआआआआईईईईईईई ऊऊऊहह

मैं ने एक और ज़ोर दार झटका मार कर आधा लंड पायल की चूत मे डाल दिया.

पायल की सील टूट ते ही वो दर्द से तड़पने ने लगी .पायल रोने लगी .

अवईिइ दर्द हूओ रहाआ हाीइ ... मेरी चूत फट गयी ...बाहर निकाल लो.

लंड बाहर निकालने के लिए अंदर नही जाता.

ऐसे मैं जितनी कम उसकी चीखे निकले उतना अच्छा था इस लिए मैं ने अपने होंठो से उसके होंठो से बंद कर दिया

उसकी चीख हवेली की दीवार ने अपने अंदर क़ैद करके रख दी.

ठकुराइन को कभी ये चीख सुनाई देंगी तो उसका चेहरा देखने लायक होगा.

पर पहले पायल का दर्द कम कर देता हूँ. क्यूँ कि चुदाई लंबी चलने वाली है. ऐसे मे उसको अपनी एनर्जी बचा कर रखनी होंगी.

किस करने से पायल के बदन पर मेरा वेट था जिस से पायल पूरी तरह से मेरे कब्ज़े मे थी.

मैं ने पायल को किस करके उसका दर्द कम करना सुरू किया.

पायल दर्द की वजह से मेरा साथ नही दे रही थी पर किस करते और उसके बदन को मसल्ने से वो मेरा साथ देने लगी.

पायल की चूत तो खून से लाल हो गयी थी.

पायल के खून से अपना लंड लाल करने से मुझे सुकून मिला. ठकुराइन की प्यारी बेटी का खून निकाल कर मुझे अच्छा लगा.

पायल के थोड़ा शांत होते मैं ने एक और जोरदार झटका मार दिया.

इस झटके के साथ पूरा लंड जड़ तक पायल की चूत को फाडता हुआ अंदर चला गया .

पायल की फिर चीख निकल गयी.

ये चीख अच्छों अच्छों की नींद खराब कर सकती है.

आआआआआआआहह ईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई उूउउफफफफफफफफफ्फ़ म्म्म्म मममाआआअ मार...गाइिईई...... अवईीईईईईईईईई........ तूमम्म्ममममममम....... जनवफ़्रररर्र्र्र्र्ररर......... हूऊऊऊऊ........ फद्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड......... डीईईईईईईईईई........ तूमम्म्ममणीईईईई....... मेरिइईईईईईईईई........ माआआअ.......... मुझीईईई........ बच्छाआआआआ........ लूऊऊऊऊऊऊऊ........... वरणाआआआआअ........... ईईईईडे......... मुझीईईईई........... माआआआआअ......... बनाआआआअ........ देगाआआअ.......... अवईीईईईईईईईईईईईई........ दर्द्द्द्द्द्द्दद्ड...... हूऊऊऊऊऊओ......... रहाआआआआआआ......... हाईईईईईईईईईईई.......... अवईीईईईईईईईईईईईईई........... बाहर्र्र्र्र्र्ररर........ निकालूऊऊऊऊ.......... दर्द्द्द्द्दद्ड़क्द्ड़डड हूऊऊऊऊऊऊ......... रहाआआआआआ.............. हाईईईईईईईईईईईईई...........

पायल की ये आख़िरी चीख मैं ने पीनी सुरू की.

पायल को लगातार किस करते हुए दर्द कम करने की कोशिश कर रहा था.

पायल ने नीचे हाथ ले जाकर अपनी चूत को सहलाना शुरू किया.

चूत मे हो रही जलन को कम कर रही थी.

मैं भी अपने हाथ को काम मे लगा कर उसके बूब्स दबाने लगा.

ये दर्द तो मज़ा लेने के लिए अपने आप कम हो जाता है.

पायल का दर्द थोड़ा कम होते ही मैं ने धीरे धीरे लंड को अंदर बाहर करना सुरू किया.

पायल की चूत ने मेरे लंड को पकड़ रखा था जिस से उसकी चूत से लंड बाहर निकाल ने मे मेहनत करनी पड़ रही थी.

लंड पर तेल लगा होने से चूत ने हार मान ली और और लंड को अंदर बाहर करने की पर्मिशन दी.

पायल की चूत मेरे नाम हो गयी.

ठकुराइन की बेटी मेरी गुलाम हो गयी.

हवेली की लाडली बेटी को मैने रुला दिया.

ठकुराइन को कभी ये पता चलेगा तो उसको समझ मे आएगा कि उसने किस से टक्कर ली थी.

मैं ने धीरे धीरे पायल की चुदाई करनी सुरू की.

मैं ये गोली कई बार खा चुका था जिस से मैं खुद पे कंट्रोल रख पा रहा था

फिर भी पायल अपनी आज की चुदाई हमेशा याद रखेगी.

लंड चूत से रगड़ने से मुझे मज़ा आ रहा था और पायल को दर्द के साथ मज़ा आने लगा.

मैं ने किस करना बंद किया और पायल के बूब्स दबाते हुए लंड को इन आउट करने लगा.

धीरे धीरे पायल की चूत मेरे लंड के नाम हो गयी.

चूत ने मेरे लंड के लिए जगह बना ली.

मेरे धक्के अपने लिमिट मे थे.

ना पायल को ज़्यादा दर्द दे रहा था और ना ज़्यादा फोर्स कर रहा था.

मेरे धीरे धीरे धक्को से पायल रंगत मे आ गयी. और मेरा साथ देने लगी.

और पायल ने मेरे लंड को अपना पानी पिला दिया.

लंड पायल का पानी पीकर खुश हो गया.

लंड तो पायल की चूत से बाहर नही निकलना चाहता था.

पर लंबी चुदाई के लिए लंड को बाहर निकाल ना ज़रूरी था.

लंड चूत से बाहर निकाल लिया.

लंड पर खून लगा हुआ था. रेड लाइट मे लंड पर खून देखने लायक था.

लंड बाहर निकालते ही पायल मेरी तरफ देखने लगी.

पायल-क्या हुआ ,

मैं ने पायल के सवाल का जवाब नही दिया .और बाथरूम मे चला गया

 


703

पायल की चूत से एक बार पानी निकाल कर मैं बाथरूम मे चला गया.

पायल मुझे देखती रह गयी. उसे लगा कि मेरा वीर्य निकल गया है .उसे मुझ से बहुत उम्मीद थी.

उसने सोचा नही था कि मैं इतनी जल्दी झड जाउन्गा.

उसकी पहली चुदाई थी जिस से वो खुद के झड़ने को मेरा वीर्य निकल गया ऐसा समझ रही थी

उसे पता नही था कि मैं अभी तक हल्का नही हुआ हूँ.

जब तक उसकी चूत के चितड़े चिथडे ना कर दूं .तब तक मेरा वीर्य नही निकलेंगा.

पायल इस सोच मे थी कि उसने मेरा लंड ज़्यादा देर चूसा इसी लिए मेरा वीर्य निकलगया.

उसे थोड़ी देर मे पता चल जाएगा कि मेरा वीर्य निकालना कितना मुश्किल काम होता है.

मैं बाथरूम से गरम पानी लेकर आ गया.

और पायल के पैरो को पकड़ कर बेड के कॉर्नर मे उसकी चूत को ले आया.

और गरम पानी से चूत को साफ करने लगा.

पायल मुझे देखती रह गयी.

पायल-ये क्या कर रहे हो

अवी-खून साफ कर रहा हूँ

पायल-तुम्हारा इतने जल्दी हो गया

मैं ने अपना लंड पायल के सामने किया. मेरे लंड को देख कर पायल कन्फ्यूज़्ड हो गयी.

पायल-तुम्हारा हुआ नही तो ,रुके क्यूँ, और ये क्या कर रहे हो

अवी-रात बहुत हो गयी है. और मैं जैसे तुम्हारी चुदाई करने वाला हूँ ,उसके बाद हम बेड से उठ नही पाएँगे. इसी लिए ये सब कर रहा हूँ. लो हो गया

पायल-तो ये बात थी. मुझे लगा कि तुम्हारा हो गया

अवी-इतनी जल्दी कहाँ. अभी तो खेल चालू हुआ है.

चूत और लंड को साफ करने के बाद मैं फिर से पायल की चुदाई करने को तय्यार हो गया.

मैं ने बहुत कंट्रोल करे रखा था. लंड मे दर्द हो रहा था.

ये कंट्रोल करना पायल ने सिखाया है.

थोड़ी देर के लिए लंड मे दर्द हो रहा है.पर बाद मे चूत मे ऐसा दर्द होगा कि वो रोती रहेगी. बेड से उठ नही पाएगी.

पायल मे अभी ताक़त बची हुई थी जिससे मैं दूसरी पोज़िशन मे चुदाई करूँगा.

मैं ने पायल को घोड़ी बन ने को कहा .

पायल के उपर भी गोली का असर हो रहा था.

पायल को बहुत कम मात्रा मे गोली दी थी. जिस से उसकी खुजली मेरा लंड एक बार मे ख़तम कर देगा.

पायल मे जितनी एनर्जी है उसका ईस्तमाल अभी कर देता हूँ बाद में तो उसको बेडपर लिटा कर चोदना होगा.

पायल की चूत मे दर्द हो रहा था पर गोली के असर ने पायल को मेरे इशारो पे नाचने के लिए मज़बूर कर दिया.

पायल के घोड़ी बन ते ही मैं उसके पीछे आ गया और चूत को चाटने लगा

चूतड़ को फैलाने से उसकी गंद भी मुझे अपनी तरफ बुला रही थी.

पर आज की रात सिर्फ़ पायल की चूत की थी.

पायल की गंद फिर कभी मार दूँगा.

आज सिर्फ़ चूत फाड़ुँगा.

चूत को चाटने से पायल फिर मस्ती मे आने लगी. मैं ने चूत चाट ते हुए उसकी गंद पर थप्पड़ भी मारे

गंद पर थप्पड़ खाते पायल के मुँह से शीष्कारी निकल जाती.

उसकी चीखे, उसकी शीष्कारी, उसका रोना ,उसका हसना ये सब हवेली की दीवारे हमेशा के लिए अपने अंदर दफ़न करने वाली थी.

गुलाब की स्मेल, पायल की खुश्बू ,चूत की गंध ,इस कमरे को स्पेशल बना रही थी.

थोड़ी देर पायल को गरम करने के बाद मैं ने लंड को चूत पर सेट किया.

मेरी नज़र पायल की गंद पर थी पर पहले चूत तो मार लूँ फिर गंद भी मिल जाएगी.

मैं ने एक हाथ से पायल की कमर पकड़ ली और दूसरे हाथ से लंड पकड़ कर झटका मारा.

और आधा लंड पायल की चूत मे चला गया.

पायल की अभी चुदाई शुरू हुई थी. ये पायल की पहली चुदाई थी.

लंड चूत मे जाते ही पायल की चीख निकल गयी.लेकिन पायल ने ज़्यादा शोर शराबा नही किया जिस से मैं ने एक और झटका मार कर पूरा लंड चूत मे डाल दिया.

इस बार पायल की चीख मे दर्द था पर उतना नही जितना मैं समझ रहा था.

ये कमाल था गोली का.

ये दर्द कम करने की कोई कोशिश मैं ने नही की,क्यूँ कि ये दर्द धक्के मारने से कम हो जाएगा.

मैं ने पायल की कमर को दोनो हाथो से पकड़ कर धीरे धीरे धक्के मारना शुरू किया.

पहले तो पायल दर्द के साथ शीष्कारी ले रही थी. पर जैसे नंबर ऑफ धक्के इनक्रीस हो रहे थे वैसे फ्रीक्वेन्सी ऑफ शीष्कारी बढ़ रही थी.

आआआअहह ऊऊऊओ उूुउउइईईई उूुुउउफफफफफफफफफफफफ्फ़ म्म्म्मेमममाआआआआआआआअ उूुुुुुउउइईईईईईई

अवईीईईईईईईईईईईई........ तूमम्म्मममममममम....... जादूगर्र्र्र्र्र्र्ररर........ हूऊऊऊओ.....आआआअहह........ अपायल आईसीईईईईई हीईीईईईई........ माआआआआ........ आईसीईईई....... हीईीईईईईईई..........

पायल की शीष्कारी सुनते ही मैं उसकी गंद पर बीच बीच मे थप्पड़ मार कर उसको दर्द देने लगा

पायल को आज दर्द और मज़ा दोनो मिलने वाला था.

देखते है पायल दर्द लेना चाहती है या मज़ा ,ये सब उस पे डिपंड था.

मुझे तो ठकुराइन ने सिर्फ़ दर्द दिया है. मैं भी पायल को दर्द देना चाहता था पर इन कुछ दिनो मे पायल ने मेरी सोच बदल दी.

पायल को मैं गुलाम बनके रख सकता हूँ पर मैं ठकुराइन जैसा नही हूँ. मैं पायल को फ्रेंड बनाकर रखना चाहता हूँ.

पायल को ऐसी फ्रेंड बनाना चाहता हूँ कि वो मेरी ढाल बनकर मुझे ठकुराइन से बचा सके.

पायल मेरे प्यार मे डूब गयी तो हवेली से मुझे ख़तरा नही होगा.पायल मुझे ठकुराइन से बचा सकती है.

मैं ने पायल से पहले क्लियर किया कि मैं शादी नही करूँगा जिस से मैं सेफ गेम खेल सकता हूँ.

अब देखना होगा कि पायल मेरे लिए क्या करती है. अगर मैं ने उसे ठकुराइन को टक्कर देने को कहा तो वो क्या करेगी.

वो सब बात की बाते है. अभी तो पायल की जोरदार चुदाई होगी.

मेरा लंड पायल की चूत मे अंदर तक जा रहा था .जिस से हम दोनो खुश थे.

मेरा हर धक्का पायल के चूतड़ को हिला देता.

पायल के बूब्स जिसे मैं लाल कर चुका था वो पके हुए आम की तरह लटक रहे थे.

मेरे धक्के के साथ पायल के बूब्स डॅन्स करने लगे.

पायल की पायल भी मेरे धक्को से बजने लग रही थी.

हवेली पायल की शीष्कारियो से गूंजने लगी.

पायल की चीखे इस कमरे मे हमेशा सुनाई देंगी.

पायल कभी रोई नही होगी पर मैं ने उसे रुला दिया.

मेरे लंड की पवर से पायल फुल मस्ती मे आ रही थी.

मेरे धक्को से रूम मे पच पुच पच की आवाज़ के साथ पायल की शीष्कारियो की आवाज़े गूँज रही थी .

पायल पे गोली का असर हो रहा था जिस से वो पहली चुदाई ऐसे कर रही थी जैसे रोज चुदाई करती है.

लेकिन कल जब वो होश मे आएगी तो बेड से उतर नही पाएगी.

पायल को आज मज़ा आ रहा है. पर कल उसे असली दर्द होगा.

मैं पायल को घोड़ी बना कर चोद रहा था पर पर मेरे धक्को से ऐसा लग रहा था जैसे सांड़ किसी गाय की ले रहा हो.

मेरे धक्को के सामने पायल हार गयी और उसकी चूत से पानी निकलने लगा.

पानी निकलने के बाद भी मैं पायल को चोदता रहा.

पायल की टाइट चूत मे अपना गद्दे जैसा लंड पेलता रहा.

पानी निकलने से पच पुच की आवाज़ ज़्यादा निकल ने लगी.

पायल की ताक़त जवाब दे चुकी थी.

उसकी कमर और घुटनों मे दर्द हो रहा था.

मैं उस की चुदाई ऐसे कर रहा था जैसे घोड़ी को फुल्लसपीड से भगा रहा हूँ.

मैं ने सारा वाली गोली और पेन किल्लर एक साथ खिलाई थी पायल को, पर बहुत कम मात्रा मे.एक गोली का 25% पार्ट खिलाया था. पेन किल्लर खिलाने के बाद भी पायल के पैर कापने लगे.

मैं ने पायल को दूसरी पोज़िशन मे चोदने का फ़ैसला किया.

क्यूँ कि मैं एक गोली मे सारा और ज़ोया की चुदाई करता हूँ. आज सिर्फ़ पायल की चुदाई करने वाला था.

पायल की कुवारि चूत गोली खा कर मार रहा था.

पायल का क्या हाल होगा मैं सोच भी नही सकता.

मे बी पायल बीमार पड़ जाए. पर ये उसके लिए अच्छा होगा .मेरे लिए अच्छा होगा.

पायल जैसी हॉट लड़की की पहली चुदाई ऐसी होगी तो वो मेरी गुलाम ज़रूर बनेगी.

पायल की चूत से लंड निकाल कर पायल को सीधा करके बेड के एड्ज तक ले गया.

पायल की गंद बेड के एड्ज पर थी. मैं बेड से उतर कर खड़ा हो गया और खड़े खड़े लंड पायल की चूत मे डाल दिया.

इस बार पायल को दर्द नही हुआ. पायल ने बेड पर लेटी हुई थी और मैं उसके पैर को हवा मे उठा कर उसकी कमर पकड़ कर चुदाई कर रहा था.

मैं ने इस बार धक्के शुरू से जोरदार मारने लगा जिस से पायल की चूत खुल गयी.

पहली चुदाई मे पायल की चूत फट जाएगी. आज फटेगी तभी तो कल मेरा लंड माँगेगी.

पायल मेरा लंड कितनी देर ले सकती है ये देखना होगा.

अभी तक तो बिना किसी रोक टोक के मेरे धक्को का सामना किया है.

आगे कितने धक्के बर्दास्त करेंगी ये देखना होगा.

पायल को दर्द बहुत कम हो रहा था. पर कल सुबह उसकी हालत पतली होने वाली थी.

पर सेक्स की गोली और पेन किल्लर का असर था कि वो अभी भी मेरे धक्के बर्दास्त कर रही है.

मेरे जानलेवा धक्को से पायल की छूट पहली चुदाई मे भोसड़ा बन जाएगी.

थोड़ी देर खड़े रह कर पायल की चूत मारता गया फिर मैं वैसे ही पायल के उपर झुक कर धक्के मारने लगा.

पायल के बूब्स को दबाते हुए धक्के मारने लगा.

पायल की ये सुहागरात उसे हमेशा याद रहेगी. शायद ही उसका पति ऐसी चुदाई करे

पायल अपनी पहली चुदाई कभी नही भूलेगी.

क्यूँ कि मेरे धक्के उसे कल बेड से उठने नही देंगे.

पायल को कुछ दिन बेड पर लेटा रहना होगा

पायल की चूत फूल रही थी पर पायल को ज़्यादा फरक नही पड़ रहा था

क्यूंकी अब उस पे मस्ती का भूत चढ़ा हुआ था कल मस्ती उतर जाए तब वो एक हाथ अपने सर पे और एक चूत पे रख कर सोचती रहेगी कि कल क्या हुआ था.

मुझे गोली नही खानी चाहिए थी. पर दिन भर मेले मे काम करने से पायल जैसी हॉट लड़की को शांत करने के लिए एक्सट्रा पवर चाहिए था.

वो ऐसे मेरा साथ दे रही थी जैसे वो कोई रंडी हो .

पायल मेरी रंडी बन चुकी थी.

पायल को चुदाई का मज़ा आए इस लिए मैं ने पायल को गोली दी थी. जिस से पायल पूरा साथ देते हुए चुदाई का मज़ा ले रही थी.

मैं तो पायल की चुदाई करता गया

फिर पायल को किस करते हुए चूत मारने लगा.

पायल की चूत मारने मे इतना आनंद आ रहा था कि मेरा जोश बढ़ता जा रहा था.

मेर हर धक्के के साथ पायल की पायल बज रही थी

फिर मैं वापस अपनी पोज़िशन चेंज की क्यूँ कि पायल ने फिर पानी छोड़ दिया

मैं बेड पर बैठ गया और पायल को खींच कर मेरी तरफ मुँह करके लंड बैठ बैठ उसकी चूत मे डाल दिया.

पायल मुझे गले लग कर अपने बदन को सहारा दे रही थी.

और मैं नीचे से धक्के मारने लगा.

ऐसे पोज़िशन मे मैं धीरे धीरे धक्के मार रहा था.

ताकि पायल की चूत को थोड़ा आराम मिले .

पायल मेरे होंठो को चूस्ते हुए मेरा साथ दे रही थी.

थोड़ी देर ऐसे चुदाई करने के बाद मैं ने पायल को वैसे उठा लिया और गोद मे उठा कर चुदाई करने लगा.

पायल हद से ज़्यादा शीष्कारी ले रही थी.

वो पूरी तरह से चुदाई मे खो गयी.

वो पूरी तरह से संतुष्ट थी.

उसे मुझसे जो उम्मीद थी जो प्यार चाहिए था वो मिल रहा था.

उसकी चूत का पानी मेरे पैरो से नीचे उतर रहा था.

मैं ने पायल की वैसे चुदाई करते हुए दीवार से चिपका दिया और नीचे से लंबे धक्के मारने लगा.

पायल ने मुझे कस के गले लगाके रखा था .मंकी की तरह मुझसे चिपकी थी.

खड़े खड़े पायल की पायल बजाने के बाद मैं पायल को लेकर वापस बेड पर आ गया.

और पायल को बेड पर और मैं उपर आ कर चुदाई करने लगा.

पायल मेरी चुदाई से बहाल हो गयी .वो मेरे धक्के के साथ अपना सिर इधर उधर पटक रही थी

उसके अंदर लगी हुई आग को मेरा पंप ठंडा करने लगा.

पायल की चूत मे जलन बढ़ रही थी .पर सेक्स के नशे के चलते वो जलन कुछ काम की नही थी.

लेकिन पायल का बदन कमज़ोर हो गया था.

वो मेरे नीचे पड़ी रह कर चुदाई ख़तम होने का इंतज़ार कर रही थी.

वो मुझे रोकने को कह रही थी पर मेरा भी होने वाला था

कब से मैं पायल की चुदाई कर रहा था वो पता नही था.

कितनी देर मैं पायल की चुदाई करता रहा वो भी पता नही था.

लेकिन जल्दी मेरे आख़िरी धक्को की शुरुआत हो गयी. पायल ने हाथो से बॅड शीट पकड़ लिया.

और मेरे वीर्य पायल की चूत मे जाते ही पायल ने भी अपना पानी छोड़ना शुरू किया.

पायल मेरी चुदाई से अभी तो खुश थी .पर सुबह क्या होगा.

जब पायल सुबह अपनी चूत देखेगी तब पता चलेगा कि वो क्या कहती है.

पायल ने मेरी चुदाई मे पूरा साथ दिया

ऐसी चुदाई जिसमे कुवारि चूत का भोसड़ा बन गया.

जिस तरह सारा और ज़ोया चुदाई को एंजाय करती है वैसे पायल ने पहली चुदाई को एंजाय किया.

अपना अपना पानी निकालने के बाद हम ऐसे एक दूसरे को गले लग कर सो गये.

इतनी धुँआ धार चुदाई के बाद थक कर हम सो गये.

मैं पायल की चुदाई के सपने देखते हुए सो गया.

 
703 ए

रात को पायल की चुदाई करके मैं इतना थक गया कि हम ऐसे ही सो गये.

कौन किसके उपर सो रहा था ये पता नही था.

लंड चूत से बाहर निकाला कि नही ये भी मुझे याद नही था.

बस इतना याद था कि पायल की जोरदार चुदाई की है.

हम दोनो पूरी तारा से थक गये थे जिस से हम वैसे सो गये.

वो तो अच्छा हुआ कि मेरे मोबाइल मे अलार्म लगा हुआ था.

सुबह अलार्म की आवाज़ सुनकर मेरी नींद खुल गयी थी पर मैं वापस सो गया.

क्यूँ कि अलार्म सुबह 5.00 बजे का था. इतनी जोरदार चुदाई के बाद मैं और सोना चाहता था.

पायल भी आराम से सो रही थी.

फिर मोबाइल की रिंगटोन से मेरी नींद खुल गयी.

कॉल छोटी चाची का था.

अवी-चाची मैं आधे घंटे मे आता हूँ

इतना बोल कर मैं ने कॉल कट किया और टाइम देखा तो सुबह के 6.30 बज रहे थे.

हम अभी तक सो रहे थे. कोई उठाने नही आया था.

शायद मेला ख़तम होने से सब अपनी नींद पूरी कर रहे होगे.क्यूँ कि रोज सुबह जल्दी उठना पड़ा था

मैं ज़्यादा तर यहाँ पायल के साथ रहा तो मैं गया काम से

मैं ने उठ कर पायल को देखा .वो अभी तक सो रही थी.

उसकी चूत को देखा तो वो कुछ जगह से छिल गयी थी.पर ठीक हो जाएगी.

मैं बाथरूम मे चला गया और फ्रेश होकर गरम पानी लेकर पायल के पास आ गया.

और पायल की चूत को थोड़ी देर गरम पानी से सिकाई दी.

पायल फिर भी सोती रही.

गरम पानी से पायल जब उठेगी तब उसे थोड़ी राहत मिलेगी.

फिर मैं ने बेड पर पड़ी हुई गुलाब की पंखुड़ियाँ उठाकर टाय्लेट मे जाकर फ्लश कर दिया.

फिर पायल की ब्रा और ब्लाउस को ठीक कर दिया.

और पायल को पेटिकोट पहना दिया.

फिर भी पायल सोती रही. पायल के उपर ब्लंकेट डाल दिया.

पायल के माथे पे किस किया.

किस करते पायल थोड़ी हिल गयी.

क्या है पायल. इतनी देर से चूत की सिकाई की पर हिली भी नही पर किस करते उसके शरीर मे हरकत हुई.

बेड के पास पायल की पैंटी पड़ी थी उसे उठा कर उस पे मार्कर ने ए लिख दिया.

और पैंटी को टेबल पर रख कर एक नोट छोड़ दिया.

पेपर पे एक क्रीम का नाम लिख दिया.इस क्रीम से पायल जल्दी ठीक हो जाएगी.

जिस की 2 2 फ्रेंड डॉक्टर हो उसको ऐसी क्रीम के बारे में पता तो होगा ही. थॅंक्स सारा थॅंक्स ज़ोया.

फिर भी पायल की हालत को देख कर शक तो होगा. चुदाई जो ऐसी की थी.

ऐसे मे पायल को सेफ रखना मेरा काम था.

कुछ सोचना होगा जिस से पायल पे किसी का ध्यान ना जाए.

मैं ने पायल को क्या करना है वो नोट पे लिख दिया.

नोट मे लिखा कि सीढ़ियों से गिर ने का नाटक कर के सब को आवाज़ देना.और बताना कि सीढ़ियों से गिर गयी हूँ. और पैर मे मोच आ गयी है , और डॉक्टर जो टॅबलेट लिख कर देगा वो नौकर से लाने को कहना ताकि उसके साथ तुम चूत पे लगाने वाली क्रीम भी ला सको .ये नोट पायल को मदद करेगा.

इतना कह कर मैं पायल के रूम से बाहर आ गया. और पायल का रूम लॉक हो गया.

मैने नीचे हॉल मे जाकर देखा तो वहाँ कोई नही था.नौकेर से पूछा तो उसने बताया सब सो रहे है.

उनको सोने दिया और मैं अपने घर आ गया

 
704

घर आते ही चाची ने पूछना शुरू किया कि मैं कहाँ था.

मैं ने चाची को बताया कि देर रात तक काम कर रहा था जिस से मैं रणजीतसिंघ के साथ हवेली चला गया

ब चाची-अवी मेला हो गया ना ,अब हवेली जाना बंद कर देना

अवी-चाची सिर्फ़ मेला ख़तम हुआ है. मेले का काम अभी ख़तम नही हुआ

ब चाची-क्या मतलब

अवी-मेले के लिए जो सामान लाया था उसे वापस देना है. पैसो का हिसाब देना है. ऐसे बहुत से काम करना बाकी है

ब चाची-ठीक है. पर जल्दी काम ख़तम करके पढ़ाई पे ध्यान देना

अवी-जी चाची,

सी चाची-अवी तुम ने जो मेले मे काम किया उसके लिए तुम्हारा शुक्रिया अदा करने के लिए फंक्षन रखा है.

अवी-हाँ ,दोपेहर मे रखा है. वो फंक्षन

सी चाची-और पता है एमएलए और एंपी भी आ रहे है,तू तो मशहूर हो गया.

अवी-सब आपके प्यार के वजह से हो पाया है

सी चाची-चलो फिर तय्यार हो जाओ ,

फिर मैं फ्रेश होकर मेले की तरफ चला गया.

रणजीतसिंघ भी मंदिर मे आया था.

ज़्यादातर लोग वापस जाने की तय्यारी कर रहे थे.

हम ने सबकी तरफ एक चक्कर लगाया और फंक्षन वाली जगह पर आ गया.

फंक्षन वाली जगह पर लोगो ने भीड़ जमाई थी.

चाची ,बुआ पूरी फॅमिली के साथ फंक्षन मे आई थी.

ठाकुर की फॅमिली से कुवरसिंघ और पायल नही आए थे.दोनो को मैं ने ज़ख्मी जो करके रखा था.

फंक्षन होते ही मैं पायल को कॉल कर लूँगा.और उसकी तबीयत के बारे में पूछ लूँगा

फंक्षन जल्दी शुरू हो गया.

एमएलए और एंपी ने मेरी और रणजीतसिंघ की तारीफ की.

सब मेरे काम से काफ़ी प्रभावित हो चुके थे.

हर कोई मेरी तारीफ कर रहा था.रणजीतसिंघ और मेरा नाम हर किसी के ज़ुबान पर था.

सरपंच-भाइयो और बहनों. जैसी कि आपको पता है कल मेला ख़तम हो गया.

इस साल मेले की तय्यारी देर से शुरू हुई. मेले की ज़िम्मेदारी नये कंधों पे सोपि गयी थी.हमे लगा था कि रणजीतसिंघ और अवी मेले का काम कर पाएँगे कि नही .पर दोनो ने मेले का काम उम्मीद से ज़्यादा अच्छे से पूरा किया.

ये मेला हम सब को हमेशा याद रहेगा ,इस मेले मे जो काम किया गया वो आगे भी ऐसे ही होता रहेगा.

रणजीतसिंघ और अवी ने हमारे गाओं का अपनी फॅमिली का नाम उँचा किया है.

इनकी जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है.

हम पे तारीफ की बारिश हो रही थी.

सरपंच ने पहले रणजीतसिंघ को भाषण देने बुलाया और फिर मुझे बुलाया.

मैं ने अपनी चाची ,फॅमिली ,और सभी गाओं वालो को पूरा क्रेडिट दिया.

अवी-सब से पहले मैं आप सब का शुक्रिया अदा करता हूँ कि मुझे पे विश्वास करके मुझे इतनी बड़ी ज़िम्मेदारी सोपि और उसमे मेरा साथ दिया.

मेरी चाची ने मुझे ये काम देते हुए यही कहा था कि चाहे मुझे दिन रात एक करना हो फिर भी मैं मेले की परंपरा बरकरार रखू

मेरी पूरी फॅमिली ने हर समय मेरा साथ देते हुए मुझे काम करने के लिए इनकोवरेज किया.

गाओं वालो ने भी हमारा पूरा साथ दिया . उनके बिना ये काम हो नही पाता

इस साल मेले मे लोगो ने जो पैसे दान दिए है ,वो पैसे हम ने मंदिर के मेंटेन्स और गाओं के स्कूल को अच्छा बनाने को लगाने का फ़ैसला किया है.

मेरी बात सुनते सब लोगो ने तालिया बजानी शुरू की

मेरा जो नाम हुआ उसके लिए चाची और बुआ बहुत खुश हो गयी.

उनकी आँखो मे खुशी के आसू आ गये.

हम उनके पास जाते चाची ने मुझे गले लगा कर मुझे प्यार किया

मेरी बहनें और रानी मेरे लिए खुश थी.

चाचा ने भी बड़े जोश के साथ मुझे गले लगा कर मेरे कामयाभी की खुशिया मनाई.

चाच्चा ने कहा कि आज यहाँ मेरे दादाजी होते तो उनको मुझे नाज़ होता

चाचा ने कहा कि मैं ने अपने दादाजी का रोशन किया

चाचा के मुँह से मेरे लिए तारीफ सुन कर अच्छा लगा. नेहा बुआ ने भी कुछ वर्ड मे मुझे कोंग्रट्ज़ किया

फंक्षन के बाद मैं चाची के साथ घर आ गया.

चाची मेरे लिए इतनी खुश थी कि अपने हाथो से मुझे खाना खिलाने लगी.

सी चाची-अवी तुम ने आज क्या किया है ,पता है तुम्हे

अवी-मैं ने क्या किया

म चाची-इतना बड़ा काम किया और तुझे पता नही.

अवी-मैं ने कोई बड़ा काम नही किया. मेरी चाची ने मुझे एक काम दिया जो मैं ने अपनी मेहनत ,आपके प्यार ,और पूरी फॅमिली की मदद से पूरा किया.

ब चाची-अवी तूने वो काम किया जो हमेशा याद रखा जाएगा. आज तक किसी ने इस तरह मेले का काम नही किया.

अवी-आपका हुकुम था की परंपरा टुटनी नही चाहिए ,मैं ने वही किया.

सी चाची-ऐसे ही काम करते रहना

अवी-जी

ब चाची-और हाँ अवी, पावर का घमंड मत करना,और ग़लत रास्ते पे मत जाना

अवी-मैं कुछ दिनो बाद वापस अपनी पढ़ाई पे ध्यान दूँगा. इन सब से दूर

सी चाची-जा ,आराम कर ले

अवी-मुझे मंदिर जाना होगा. और कुछ दिन मुझे खेत वाले घर3 मे रुकना होगा

म चाची-कुछ दिन ,उसके बाद

अवी-उसके बाद मैं आपके साथ रहूँगा.

चाची के साथ थोड़ी देर रुकने के बाद मैं वापस मंदिर मे चला गया.

मंदिर जाते हुए मुझे शीला और उसकी सहेलिया मिल गयी

शीला-अवी

अवी-शीला तुम, मुझे लगा अब तक तुम अपने गाओं के लिए निकल गयी होगी

शीला-क्यूँ मुझे देख कर खुशी नही हो

अवी-वो ,मेरे कहने का ये मतलब नही था,मैं तो तुम से मिलना चाहता था पर टाइम नही मिल रहा था

शीला-देखा मैं ने ,तुम कितने बिज़ी रहते हो. और कोंग्रट्ज़ तुम्हारी कामयाबी के लिए.

अवी-थॅंक्स

शीला-थॅंक्स मुझे प्यार का मतलब बताने के लिए.

अवी-तुम खुश हो ना

शीला-(मेरे कान मे )हाँ बहुत खुश हूँ. तुम्हारी निशानी अपने साथ ले जा रही हूँ.

अवी-और तुम सब ने मेला एंजाय किया कि नही

सहेली1-ये मेला हमे हमेशा याद रहेगा

सहेली2-और खास करके लास्ट वाले दिन

सहेली3-तुम्हारे साथ मेले मे बहुत मज़ा आया

अवी-नेक्स्ट टाइम हम और मज़ा करेंगे

शीला-नेक्स्ट टाइम तो हमारी शादी हो चुकी होगी.

अवी-तो क्या हुआ. हम सब फ्रेंड है

शीला-बेस्ट फ्रेंड

अवी-तो कब जा रही हो

शीला-पॅकिंग हो गयी है, बस तुमसे मिलने के लिए मंदिर जाने का बहाना करके आए है.

अवी-गाओं जाकर मुझे भूलना मत

शीला-कभी नही भूलूंगी.

फिर मैं ने सबको गले लगा कर गुड बाइ किया.

शीला को विदा करने के बाद मैं फिर से काम मे लग गया.

शोभा भी मुझसे मिलने आई. शोभा से थोड़ी देर बात करने के बाद मैं मेले चला गया.और वहाँ के झूले वाले ,दुकान ,स्टॉल वाले को 2000-2000 रुपये दे दिए.

मुझ से कोई पैसे नही ले रहा था.पर मैं ने ज़बरदस्ती पैसे दिए,क्यूँ कि पूरे मेले मे उन लोगो ने मुझसे पैसे नही लिए थे.पर जाते हुए उनको पैसे दे कर खुश कर दिया.

जिसका जितना उधार था उस से ज़्यादा उनको पैसे दिए .पूरा हिसाब करके मैं घर आ गया.

 
705

घर आते मेरी बहनों ने जोश के साथ मेरा स्वागत किया.

घर मे हल्ला गुल्ला होता रहा.

बुआ भी मेरे लिए खुश थी. नेहा बुआ के खुश होने से मुझे अच्छा लगा.

स्वेता दीदी-ये मेला ,अवी की वजह से हमारे लिए स्पेशल हो गया.

सीतल दीदी-वेरी वेरी स्पेशल था मेला.

स्वेता दीदी-हाँ, अवी ने काम के साथ हमे मेले मे खूब एंजाय करवाया.

पूनम दीदी-मुझे तो लगा था मेले मे मैं बोर हो जाउन्गी पर मैं ने मेले को खूब एंजाय किया. ये मेरी ज़िंदगी का खास और यादगार पल रहेगा.

अवी-हमारे लिए भी ये मेला यादगार रहेगा.

सीतल दीदी-हाँ,देखो ना ऐसा लग रहा है कि मेला कितनी जल्दी ख़तम हो गया है

कोमल-दिल से एंजाय करने पर ऐसा ही लगता है. काश और 1 महीना मेला चलता.

पूनम दीदी-मुझे भी ऐसा लग रहा है. मेला और चलता तो मज़ा आ जाता

स्वेता दीदी-कुछ भी हो, अवी ने हमारा पूरा ख़याल रखा.

सीतल दीदी-नेक्स्ट टाइम और मज़ा करेंगे.

कोमल-दीदी तब तक तो आपकी शादी हो जाएँगी.

पूनम दीदी-कोमल तेरी भी हो जाएगी

कोमल-मुझे नही करना. पहले मैं डॉक्टर बनूँगी. हैं ना अवी

अवी-हाँ, कोमल को कोई परेशान मत करना शादी के लिए. उसको पहले डॉक्टर बन ने दो ,फिर मैं हुउऊउ....

कोमल ने मुझे गले लगा लिया.

सीतल दीदी-कोमल अकेली प्यार करेगी ,हमे भी करने दे.

फिर सब हमारे गले लग गये. हमारा प्यार देख कर चाची और बुआ की आँखो मे खुशी के आसू आ गये.

स्वेता दीदी-हम बहुत खुसकिस्मत है जो हमे अवी जैसा भाई मिला

कविता-भैया हमसे बहुत प्यार करते है.और हम भी भैया से उतना ही प्यार करते है.

लीना-तभी तो काम से समय निकाल कर हमे मेला घुमाया.शॉपिंग करवाई, हमारा पूरा ख़याल रखा है

स्वेता दीदी-तुम दोनो तो बड़ी हो गयी.

सीतल दीदी-और स्मार्ट भी हो गयी

कविता-आपको क्या हम बच्ची लगती है. हम भी बड़ी हो गयी है

लीना-हाँ इसी लिए तो भैया ने हमे मोबाइल दिया है

राज-कहाँ दिया है

कविता-हम एग्ज़ॅम मे अच्छे मार्क लेकर आएँगे.और भैया हमे मोबाइल देंगे.

सीतल दीदी-मैं अपना गिफ्ट अपनी सहेली को जल्दी दिखाना चाहती हूँ

पूनम दीदी-अरे हाँ, हमे वापस जाना होगा,कितनी जल्दी 1 महीना चला गया.

स्वेता दीदी-हाँ, मेले मे मज़ा किया अब पढ़ाई करनी है. 1 महीना कॉलेज नही गये.

अवी-दीदी इतनी जल्दी जाने की बात कर रही है आप ,थोड़े दिन रुक जाती

पूजा बुआ-हाँ. कुछ दिन स्वेता को रोक लेती हूँ ,

स्वेता दीदी-लेकिन

अवी-दीदी इस समय बसों मे भीड़ होती है. कुछ दिन बाद चली जाना. मेले की थकावट निकाल लीजिए.

स्वेता दीदी-ठीक है. सिर्फ़ कुछ दिन

रानी-मुझे भी जाना होगा

कोमल-तू कहाँ जा रही है

रानी-अपने घर ,और कॉलेज भी तो जाना होगा.

सी चाची-रानी तुम्हारी मम्मी आ गयी.

रानी-नही. उनको आने मे 1 हफ़्ता बाकी है.

अवी-तो यही रुक जाओ

सी चाची-हाँ, तुम्हारी मम्मी आने तक यही रुक जाओ, फिर चली जाना

अवी-और रही कॉलेज की बात तो ,मैं कुछ दिन कॉलेज नही जाने वाला,

कोमल-हमे तो जाना होगा. तुम नही जाओगे तो मैं कैसे जाउन्गी.

अवी-रानी के साथ. तुम्हारी नयी स्कूटी पे रानी के साथ कॉलेज जाना. रानी को स्कूटी चलानी आती है. मैं काम की वजह से आ नही पाउन्गा. तो तुम दोनो का कॉलेज भी हो जाएगा.और रानी यहाँ रुक जाएगी.

कोमल-बस कुछ दिन

अवी-हाँ, मैं फ्री होते पहले की तरह कॉलेज जाएँगे.

हमारी बाते ऐसे चलती रही.

फिर मैं अपने कमरे मे चला गया. और पायल को कॉल किया.

अवी-हेलो पायल

पायल-मैं तुम्हारी जान ले लूँगी

अवी-पायल

पायल-तुम ने मेरी क्या हालत बना दी

अवी-क्या हुआ

पायल-मैं बेड से उठ नही पा रही हूँ. पूरे बदन मे दर्द हो रहा है

अवी-और चूत पे

पायल-वहाँ तो पूछो ही मत ,पूरी सूज चुकी है

अवी-सॉरी ,कल रात मे मैं कंट्रोल नही रख पाया.

पायल-रात के लिए क्यूँ सॉरी बोल रहे हो ,वो रात मेरी ज़िंदगी की यादगार रात थी

अवी-मतलब तुम खुश हो

पायल-रात के लिए बहुत खुश हूँ .मेरी सुहागरात इतनी अच्छी हुई कि मैं खुद को बहुत लकी समझ रही हूँ .एक असली मर्द के साथ मैं ने सुहागरात मनाई है. उसकी का सबूत मेरी चूत जो सूज गयी है.

अवी-तो तुम गुस्सा क्यूँ हो

पायल-आज जो दर्द हो रहा है उसके लिए और

अवी-और

पायल-और इस लिए कि दर्द के वजह से कुछ दिन मुझे तुमसे दूर रहना होगा.

अवी-कहो तो आ जाउ

पायल-नही. मुझे आराम की सख़्त ज़रूरत है. दर्द के साथ बुखार भी आया है,लेकिन ये बुखार मेरी हसीन रात का सबूत है.

अवी-बुखार,तुम डॉक्टर के पास गयी थी.

पायल-हाँ,

अवी-किसी को शक हुआ

पायल-नही. तुम ने जैसा कहा वैसा किया.

अवी-अपना ख़याल रखना और कुछ हुआ तो मुझे कॉल करना.

पायल-वो करूँगी. पर एक बुरी खबर है

अवी-बुरी खबर

पायल-डॉक्टर ने 2 हफ़्तो के लिए आराम करने को कहा. इतनी दिन कैसे करूँगी तुम्हारे बिना

अवी-इसमे तो मज़ा है. देखना 2 हफ़्तो बाद तुम पहले जैसे हो जाओगी. और हमे प्यार करने मे बहुत मज़ा आएगा.

पायल-वो तो है. रोज रोज करने मे मज़ा नही आता.

और तुम ने मेरा जो ख़याल रखा है उस से मैं खुश हूँ

अवी-अपने पार्टनर का ख़याल रखना पड़ता है.

पायल-यस पार्टनर, तुम ने सुबह फिर मेरी सिकाई की. रूम साफ किया. मुझे कपड़े पहना दिए ताकि मुझे कोई ऐसी वैसी हालत मे ना देखे और

अवी-हाँ बोलो

पायल-और मैं ने मेरी पैंटी संभाल के रखी है

अवी-क्यूँ?

पायल-वो हमारी रात का मुझे याद दिलाती रहेगी. पैंटी से तुम ने अपना पेनिस साफ किया. जिस से उस पर खून लग गया .पैंटी रेड कलर की थी पर चल जाएगा. और पैंटी पे कुछ दाग है शायद तुम ने लगाए. और उसकी स्मेल ,और तुम ने जो उस पे ए लिखा उस से मैं ने संभाल के रख दी.

अवी-(रात मे मैं ने अपना लंड उसकी पैंटी से साफ किया था. मेरे लंड पे लगा हुआ खून पैंटी पे लग गया. और सुबह भी लंड पैंटी से साफ किया था)संभाल के रखना और 2हफ्ते उसी को देख कर निकाल लेना.

पायल-वो निकाल लूँगी. पर फिर कब मिलेंगे

अवी-मेडम आप भूल रही है कि आप ने मुझे अब तक पास नही किया.

पायल-मैं तो भूल ही गयी थी.

अवी-तो कब पास करोगी

पायल-वो टेस्ट लेने के बाद बताउन्गी(तुम्हे कभी पास नही करूँगी)

अवी-मैं तय्यार हूँ टेस्ट देने के लिए

पायल-पर मैं नही हूँ. लेकिन जल्दी टेस्ट लूँगी

अवी-बाइ

पायल-बाइ

जैसे ठकुराइन को चुदाई पसंद थी वैसे पायल को पहली चुदाई दे कर अपना दीवाना बनाया.

पायल से बात करने के बाद मैं छत पर चला गया.

शाम की ठंडी हवा का मज़ा लेने लगा.

 


706

मैं छत पर शाम की ठंडी हवा खाने के लिए चला गया.

मैं छत पर घूम रहा था कि रानी छत पर आ गयी. और मेरे पास आ कर सूरज की तरफ देखने लगी.

अवी-रानी ,मैं 1 महीने बाद सूरज को देख रहा हूँ,

रानी-मैं तुम्हारे हिस्से का भी सूरज देख कर तुम्हारी कामयाबी की दुआ माँग रही थी.

अवी-रानी ,ये कामयाबी चाची ,मेरी फॅमिली और तुम्हारे बिना मुमकिन नही थी.

रानी-मैं तुम्हारे साथ हमेशा रहूंगी. सुख और दुख मे तुम्हारा साथ देती रहूंगी.

अवी-तुम मुझ से इतना प्यार करती हो.

रानी-अपनी जान से भी ज़्यादा

अवी-लेकिन मैं

रानी-कुछ मत कहो ,मुझे पता है कि तुम मुझसे कितना प्यार करते हो, हमारे प्यार मे लेकिन वेकीन को कोई जगह नही है.

अवी-मेरी बात तो सुनो

रानी-तुम जो भी कहोगे ,वो अपने तक रहने दो, मैं ने सुना है कि मेले मे लड़किया तुम्हारे बारे में कितनी बाते कर रही थी, हर कोई तुम्हे पाना चाहती है. लेकिन तुम ने अपना दिल मुझे दे रखा है. ऐसे मे कोई कुछ भी करे तुम कुछ भी करो, पर तुम्हारा दिल हमेशा मेरे पास रहेगा.

अवी-रानी ,सब कहते है कि जो मुझसे शादी करेंगी वो लकी होगी पर मैं जानता हूँ की मैं किस्मतवाला हूँ जो मुझे तुम मिली हो.तुम्हारे बिना मैं अधूरा हूँ.

रानी-हम भी. एक दिन ज़रूर आएगा जब हम एक हो जाएँगे

अवी-उस्दिन का मैं कितनी बेसब्री से इंतज़ार कर रहा हूँ.

रानी-मैं भी. पर मेरे पापा का सपना था कि मैं डॉक्टर बनूँ .और मेरी मम्मी ने मुझसे प्रॉमिस लिया है कि शादी तक मैं अपनी लिमिट क्रॉस ना करू

अवी-मैं समझ सकता हूँ. इसी लिए तो मैं ने तुम्हे लिमिट क्रॉस करने नही दी.

रानी-मैं ने कंट्रोल रखा है. तुम तो हर वक्त लिमिट क्रॉस करना चाहते थे

अवी-पर की नही. मैं तुम्हे प्रॉमिस कैसे तोड़ने देता.

रानी-फिर मेले मे जो किया वो क्या था

अवी-वो प्यार था. प्यार तो कर सकता हूँ.वरना तुम खुद सोचो कि तुम यहाँ मेरे घर मे हो और मैं ने कुछ नही किया.

रानी-पॉइंट है

अवी-वैसे मुझे एक बात का दुख है कि मेले मे मैं तुम्हारे साथ ज़्यादा वक्त नही बिता पाया.

रानी-इसमे तुम्हारी ग़लती नही है.तुम बिज़ी थे ,फिर भी तुम ने मुझे पूरा समय दिया.

अवी-फिर भी.

रानी-मैं ने तो यहाँ चाची के साथ समय बिताने आई थी. और तुम्हारी फॅमिली के साथ

अवी-कैसी लगी मेरी फॅमिली

रानी-हमारी फॅमिली

अवी-सॉरी ,कैसी लगी हमारी फॅमिली

रानी-पर्फेक्ट फॅमिली है. मैं लकी हूँ जो ऐसी फॅमिली का हिस्सा बनूँगी जिस मे प्यार ही प्यार है

अवी-मेरी बहनें ,उन्होने तो ज़्यादा परेशान तो नही किया.

रानी-वो तो मेरा साथ पा कर बहुत खुश थी. पर स्वेता दीदी

अवी-स्वेता दीदी. क्या हुआ

रानी-स्वेता दीदी ने एक दिन मुझे पूछा कि मेरा बाय्फ्रेंड हैकि नही .जब मैं ने ना कहा तो दीदी ने मुझे तुम्हे बाय्फ्रेंड बनाने को कहा था.

अवी-तुम ने क्या कहा

रानी-मैं ने कहा कि मुझे भी अवी अच्छा लगता है पर बाय्फ्रेंड के बारे में कभी सोचा नही. और फिर बात बदल दी

अवी-मुझे भी दीदी ने ऐसा कहा था.पर मैं ने संभाल लिया.

रानी-दीदी को बता देते है

अवी-नही. स्वेता दीदी सीतल दीदी को बता देंगी और फिर तो सब को पता चलेगा.

रानी-तो अच्छा है ना

अवी-कुछ अच्छा नही होगा. अगर बड़ी चाची ने हाँ कहा तो हमारा मिलना मुश्किल होगा. शादी से पहले नही मिल सकते.और ना कहा तो फिर तो मिलना और मुश्किल होगा.

रानी-फिर तो हम ऐसे ठीक है.

अवी-हाँ. अब तो तुम कभी हमारे घर आ सकती हो.

रानी-वो तो है

अवी-चलो अब

रानी-हाँ चलो नीचे सब हमे ढूँढ रहे होगे

अवी-नीचे कहाँ. टंकी के पीछे चलो

रानी-इस वक्त

अवी-कुछ नही होता ,आज खुशी के दिन मुँह मीठा नही करोगी.

रानी-चलो फिर

मैं रानी के साथ उस्दिन वाली जगह पर आ गया.

टंकी के पीछे आकर मैं और रानी बैठ गये

अवी-ऐसे नही उस्दिन की तरह बैठो

रानी-तुम भी ना, बस किस करेंगे और कुछ मत करना

अवी-पिछली बार की तरह बस किस करूँगा.

रानी-इस बार तुम्हारे इरादे ठीक नही लग रहे.

अवी-ट्रस्ट मी बेबी,

रानी-लो बेबी आ गयी गोद मे

और रानी मेरी तरफ मुँह करके मेरी गोद मे बैठ गयी.

मैं ने रानी के गाल पे किस किया.

रानी-ये कहाँ किस कर रहे हो.

अवी-सस्स्शहुउऊ

और मैं ने रानी की आँखो पे किस किया .रानी ने किस करने से पहले अपनी आँखे बंद की ,अब ये आँखे मेरे प्यार करने के बाद खुलेंगी.

आँखो पे किस करने के बाद मैं रानी के चेहरे पे किस करने लगा.

रानी आँखे बंद करके मेरे प्यार को फील करने लगी.

मैं ने गाल पर किस करते समय ठीक रानी के होंठो पे पास किस करने लगा.

ऐसा करने से मेरे होंठ रानी के होंठो से थोड़ा टच हो जाते जिस से रानी मेरे होंठो की तरफ आने लगती .और मुझे किस करने की कोशिस करने लगी.

पर मैं ,रानी के होंठो से दूर जाकर गाल पर किस करने लगा.

रानी से कंट्रोल टूट गया और आँखे खोल कर मुझ पे टूट पड़ी.

मेरी तरह रानी भी मेरे चेहरे पे किस करने लगी.

और फिर कब हमारे होंठ एक दूसरे से मिले और कब हम अपनी ही दुनिया चले गये.पता ही नही चला.

रानी के नरम होंठो से प्यार करने मे मेरे होंठ हमेशा तय्यार रहते थे.

रानी के साथ किस करते हुए मुझे कभी जल्दी करने का मन नही होता था.

रानी के साथ हर एक पल को जीने का मन होता था.

मैं ज़्यादातर समय रानी के निचले होंठ को चूस कर उसका रस पीने लगता.

रानी को मेरा ऐसा करना पसंद था .वो मेरा साथ देते हुए मुझे किस कर रही थी.

हम किस करने मे इतना खो गये कि हमे याद नही रहा कि हम छत पर प्यार कर रहे और कोई आ सकता है

ना मैं ने किसी आने पर ध्यान रखा

मैं बस रानी को प्यार करने मे खोया हुआ था.

रानी को भी किसी की कोई परवाह नही थी. वो बस मुझे किस करती गयी.

हम कितने दिन बाद किस कर रहे है उसकी पूरी भरपाई कर रहे थे.

और हम ने ग़लती कर ली. प्यार मे ऐसी ग़लती हो जाती है.

प्यार करते समय किसी भी बात पे ध्यान नही रहता ,बस प्यार मे डूब जाते है.

और मुझे ग़लती का अहसास तब हुआ जब मेरे चेहरे पे किसी की छाया गिरी

हम टंकी के पीछे थे पर हम जहाँ से टंकी के पीछे आए थे उसके सामने सूरज था.

मेरे चेहरे पे सूरज की रोशनी गिर रही थी.

मेरे और सूरज के बीच मे कोई आ गया था.

मुझे ऐसा फील होते ही मैं ने आँखे खोल कर सामने देखा.

रानी अभी भी बेफिकर हो कर मुझे किस कर रही थी.

मैं ने सामने जिसे देखा उसको देख कर मैं ने किस करना बंद किया. मेरा रेस्पॉन्स ना देख कर रानी ने भी किस करना बंद किया.

मुझे इस तरह सामने देखते हुए देख कर रानी ने पलट कर देखा.

पीछे देखते रानी को भी मेरी तरह साप सूंघ गया.

 


707

रानी और मैं ,हम दोनो शॉक्ड होकर सामने देखने लगे.

रानी अभी भी मेरी गोद मे बैठी थी. हमे कुछ समझ नही आ रहा था.

इतनी बड़ी ग़लती मुझसे कैसे हो गयी.

पूरे मेले मे मैं ने इस बात का ध्यान रखा कि रानी के बारे में किसी को पता ना चले.

पर आज मुझसे ग़लती हो गयी.

अब ग़लती हो गयी तो मुझे कुछ ना कुछ तो करना होगा.

पकड़े जाने से रानी तो कुछ नही कर सकती है. मुझे कुछ सोचना होगा.

रानी के गोद मे बैठने से मैं ने पॉकेट से मोबाइल निकाल कर छोटी चाची को कॉल किया.अच्छा हुआ छोटी चाची का नंबर स्पीड डायल पे था.

और मेरे सामने सीमा चाची जो गुस्से से मुझे देख रही थी उनसे बात करना शुरू किया.

सीमा चाची को मेरे बारे में ज़्यादा पता नही था इसलिए चाची गुस्से से देख रही थी.

अवी-चाची वो मैं

म चाची-अवी मुझे तुम से ऐसी उम्मीद नही थी

अवी-चाची मेरी बात तो सुनो

म चाची-क्या सुनू ,तुमसे ऐसी ग़लती हुई कैसे. रानी हमारी मेहमान है उसके साथ ,

अवी-चाची इसमे रानी की कोई ग़लती नही है.

म चाची-ग़लती तुम्हारी है. मैं ने कभी सोचा नही था कि तू इस तरह छत पर वो भी रानी के साथ ,मुझे तो बोलते हुए शरम आ रही है.

अवी-चाची आप मुझे बोलने तो दीजिए

म चाची-अब जो बोलना है वो दीदी से कहना

और सीमा चाची जाने लगी.

मैं ने रानी को अपने उपर से हटा कर सीमा चाची के पीछे जाने लगा.

अवी-चाची आप ग़लत समझ रही है.

म चाची-मुझे कुछ सुनना नही है ,जो कहना है वो दीदी से कहना

अवी-बड़ी चाची को मत बताइए ,एक बार मेरी बात तो सुन लीजिए

मैं सीमा चाची को रोक रहा था कि छोटी चाची उपर आ गयी और छत का गेट बंद किया.

म चाची-अच्छा हुआ मीना तू आ गयी. देख अवी रानी के साथ क्या कर रहा था ,हमारा अवी कैसी हरकत कर रहा है,और वो भी रानी के साथ.

अवी-चाची मैं और रानी एक दूसरे से प्यार करते है.

मेरी बात सुनते सीमा चाची पलट गयी.

म चाची-क्या कहा

सी चाची-दीदी, अवी और रानी एक दूसरे से प्यार करते है.

सीमा चाची पलट कर छोटी चाची की तरफ देखने लगी.

म चाची-क्या कहा तूने, मतलब तुझे पता था.

सी चाची-हाँ, अवी और रानी एक दूसरे से प्यार करते है यहाँ भी वो प्यार कर रहे थे

म चाची-कब से चल रहा है

अवी-3 4 महीने हो गये

म चाची-3 4 महीने ,और मुझे किसी ने बताया नही. मीना तूने भी नही बताया मुझे ,

अवी-मैं ने मना किया था.

म चाची-अवी तूने , अपनी चाची को बताने से मना किया. मुझे लगा था कि ... तूने मुझे ....मेरे अवी ने ....मुझसे इतनी बड़ी बात छुपाई...मैं ने क्या सोचा था और तूने मुझ से छुपाया...

और सीमा चाची नीचे बैठ गयी .सीमा चाची की आँखो मे पानी आने लगा.

मैं आगे आकर सीमा चाची के पास चला गया ,और उनके आसू पोछने लगा.

अवी-चाची मेरी पूरी बात तो सुनो

सी चाची-दीदी अवी क्या कह रहा है सुन तो लो

अवी-चाची आप ने मेरी शादी के लिए कितने सपने देखे है मुझे पता है. आप चाहती थी कि मेरे लिए लड़की आप पसंद करेंगी.

म चाची-फिर भी...तूने इतनी बड़ी बात मुझसे चुपाई

सी चाची-सुमन दीदी को भी पता नही है

अवी-चाची आप रोना बंद करो नही तो मैं भी रो दूँगा.

म चाची-मेरे पास रोने के सिवा बचा क्या है.मेरे बेटे ने मुझे इतनी बड़ी बात छुपाई.

सी चाची-दीदी बस एक बार अवी की बात सुन लो फिर आप जो सज़ा देंगी वो हम भुगते लेंगे.

म चाची-तू तो बोल ही मत,

चोथ चाची चुप हो गयी. ऐसे मे रानी सीमा चाची से प्यार से बात करके मनाने लगी.

रानी-चाची आप अपने बेटे की बात नही सुनेंगी.आपको लगता है आपका बेटा आप से जानबूझ कर इतनी बड़ी बात छुपाएगा.

म चाची-तू ,बोल क्या बोलना चाहता है

अवी-चाची मैं तो सबसे पहले आपको बताने वाला था पर आप उस वक्त इस हालत मे नही थी कि मैं आपको ये बता सकूँ.

म चाची-क्या हुआ था मुझे

सी चाची-दीदी प्रेगेंसी की वजह से आपकी हालत खराब थी. और आप बहुत कमज़ोर थी. उस वक्त आपको बताना ठीक नही था.

अवी-हम आपके ठीक होने का इंतजार कर रहे थे.

म चाची-फिर झूठ

अवी-चाची यही सच है

म चाची-मुझे विश्वास नही हो रहा

अवी-आपको याद होगा रानी को आपकी डेलिवरी के पहले घर लेकर आया था. तभी आपको रानी से मिलाने लाया था पर आप बीमार थी.

म चाची-चल ठीक है मान लेती हूँ पर डेलिवेरी के बाद तो बता सकता था

अवी-डेलिवरी के बाद डॉक्टर ने कहा कि आपको आराम करने की ज़रूरत है.इस लिए नही बताया

म चाची-लेकिन अब तो ठीक थी ना ,

अवी-हाँ, आपने मुझे बताया था कि छोटी चाची की शादी मेले मे हुई थी. तो मैं भी आपको मेले मे बताना चाहता था

म चाची-फिर क्यूँ नही बताया

सी चाची-मैं ने मना किया था.

अवी-क्यूँ कि आपने मेरी शादी के लिए जो सपने देखे है उनको टूटने कैसे देता था.

म चाची-लेकिन अब तो टूट गये ना

अवी-कहाँ टूटे है.

म चाची-क्या मतलब

अवी-आप सच बताना 1 महीने मे रानी को देख कर आप को क्या लगा था.

म चाची-क्या लगता ,रानी अच्छी लड़की है

अवी-सिर्फ़ अच्छी

म चाची-संस्कारी है ,हर काम अच्छे से करती है,समझ दार है, सबको रेस्पेक्ट देती है.

अवी-और

म चाची-और क्या

अवी-चाची अब बोल भी दो

म चाची-क्या बोलूं

अवी-यही कि आप रानी को मेरे लिए ,मेरी पत्नी के रूप मे देखना चाहती थी.

म चाची-देखना तो चाहती थी पर तुम ने मेरे साथ ठीक नही किया

अवी-चाची आपको ना बताने से आपका सपना टूटा नही.आपने रानी को मेरे लिए सेलेक्ट करके अपना सपना पूरा किया कि मेरी दुल्हन आप ढुधेंगी.

सी चाची-दीदी मैं ने रानी को कहा था कि आपका दिल जीत ले ,ताकि आप खुद अवी के लिए रानी को सेलेक्ट करे

म चाची-फिर भी मुझसे अवी ने ये बात चुपाई है

अवी-चाची अगर मैं मेले के पहले दिन बताता तो आप ज़्यादा गुस्सा होती,

म चाची-वो तो होती ही

अवी-लेकिन अब आपको जैसा चाहिए था वैसा हुआ,पर इस तरह होने से आपको बुरा लगना सहज़िक था

म चाची-चल ठीक है, मुझे भी रानी पसंद है, और अब मैं दीदी को जाकर बताउन्गी

सी चाची-सुमन दीदी को कुछ मत बताना

म चाची-क्यूँ ना बताऊ

सी चाची-सुमन दीदी आपकी तरह गुस्सा करेंगी

म चाची-तो क्या हुआ दीदी को समझा देंगे

सी चाची-वो कैसे करेंगे

म चाची-तुम ने दीदी के लिए भी तो यही सोचा होगा कि रानी उनका दिल जीत ले

सी चाची-ये सिर्फ़ आपके लिए था. दीदी भी रानी पे खुश है पर

म चाची-पर क्या

सी चाची-सुमन दीदी तो हाँ करेंगी पर उसके बाद रानी हमारे साथ इस तरह नही रहेगी जिस तरह अब रह रही है. सुमन दीदी का आपको तो पता है ना ,कि शादी से पहले दूर रहना,रानी को यहाँ आने नही देंगी. हमे भी ज़्यादा मिलने नही दिया जाएगा. और अवी की शादी को टाइम है.उनको प्यार करने के लिए टाइम चाहिए कि नही.

म चाची-हाँ, दीदी तो ऐसा ही कहेंगी कि रानी और अवी को शादी से पहले नही मिलना चाहिए.

सी चाची-और अवी के शादी को समय है,तब तक दीदी को बताने से अवी और रानी प्यार नही कर पाएँगे. ऐसे मे अवी कैसे रहेगा.

म चाची-ये भी सही है

सी चाची-आप भी तो शादी से पहले प्यार करना चाहती थी. अब अवी करना चाहता है तो आप करने नही देंगी.

म चाची-मैं कहाँ रोक रही हूँ

सी चाची-आप दीदी को कुछ मत बताइए .

अवी-प्रॉमिस कीजिए

म चाची-प्रॉमिस, पर तू भी प्रॉमिस कर आगे से मुझे सब बाते बताएगा

अवी-मैं आप को सब कुछ बताता जाउन्गा.

म चाची-तू इधर आ

रानी थोड़ी डरते हुए थोड़ी शरमाते हुए सीमा चाची के पास आकर बैठ गयी.

म चाची-तुझे मैं कितनी सीधी समझती थी, और तू तो मुझ से एक कदम आगे निकल गयी

रानी-चाची वो मैं

म चाची-इतना डर क्यूँ रही है

रानी-वो मैं ,

म चाची-मैं तो तुझे संस्कारी लड़की समझ रही थी .और तू ऐसी बैठि है अपनी सास के सामने

रानी को कुछ समझ नही आ रहा था वो अपना सर नीचे करके बैठी थी.

सी चाची-दीदी जाने दो

म चाची-तू चुप रह ,मैं अपनी बहू से बात कर रही हूँ

अवी-रानी चाची कह रही है कि

म चाची-तुझे किसने कहा बीच मे बोलने के लिए

मैं भी चुप हो गया.

म चाची-हाँ,तो रानी ,कहाँ थे हम

रानी रोते हुए सीमा चाची के गले लग गयी.

म चाची-रो क्यूँ रही हो, मैं ने तुम्हे अपनी बहू मान लिया है ना

रानी-चाची

म चाची-चल अब रोना बंद कर ,नही तो मैं अवी के लिए दूसरी लड़की ढूँढ लूँगी

रानी ने रोना बंद किया और खड़ी हो गयी.

सीमा चाची के खड़े होते ही रानी ने उनके पैर छु कर आशीर्वाद लिया.

म चाची-ये है मेरी संस्कारी बहू

सी चाची-मैं भी यहाँ पर हूँ

रानी छोटी चाची के पैर छुने के लिए आगे बड़ी थी कि चाची ने रानी को गले लगा लिया.

सीमा चाची के हाँ करते ही मैं ने चैन की साँस ली.

म चाची-तू मेरे साथ चल .और अपनी प्यार की पूरी कहानी मुझे बता

रानी मेरी तरफ देख कर इशारो मे पूछने लगी कि वो क्या करे

म चाची-उस की तरफ क्या देख रही हो .चल मेरे साथ.

सी चाची-दीदी प्यार से वरना फिर रो देगी.

म चाची-ऐसे कैसे रोएंगी.अगर दुबारा रोई तो इस को अवी से मिलने नही दूँगी.

रानी-चाची

म चाची-छत पर प्यार करते हुए डर नही लगा जो अब डर रही हो.

सी चाची-रानी डरो मत. दीदी मज़ाक कर रही है.

म चाची-चल मेरे साथ .और मुझे अपनी लव स्टोरी बताना शुरू करो

रानी-जी

फिर छोटी चाची सीमा चाची और रानी हँसते हुए नीचे चली गयी.

तीनो को हँसते हुए देख कर मैं रिलॅक्स हो गया.

 


708

सीमा चाची को रानी पसंद आते ही मैं ने चैन की साँस ली.

रानी से प्यार करते हुए सीमा चाची को मनाने मे मैं सारा को कॉल करना भूल गया. मैं ने उस्दिन कुवरसिंघ को हॉस्पिटल मे अड्मिट करने के बाद मैं ने उसे कॉल नही किया था. उसके पास मेरा नंबर नही था.और सारा को कहा था कि उसे नंबर मत देना और किसे कॉल करता है उस पे ध्यान रखना.

मैं मेले के चक्कर मे कुवरसिंघ को भूल ही गया.

चलो पहले कुवरसिंघ को कॉल करता हूँ.

अवी-हेलो

कुवरसिंघ-हेलो कौन

अवी-मैं अवी बोल रहा हूँ

कुवरसिंघ-कहाँ हो तुम ,तुम तो मुझे भूल गये , एक फोन भी नही किया

अवी-मेले के वजह से बिज़ी था .आज फ्री होते पहला कॉल तुम्हे किया. कैसे हो तुम

कुवरसिंघ-अब ठीक हूँ. डॉक्टर ने ठीक कर दिया. पर डिसचार्ज नही दे रहे

अवी-मैं ने मना किया था. मेरे आने तक वो डिसचार्ज कैसे करेंगे.

कुवरसिंघ-बोल दो ना डिसचार्ज करे

अवी-मैं पूछता हूँ .तुम आराम करो

कुवरसिंघ-ठीक है

कुवरसिंघ से बात करने के बाद मैं ने सारा को कॉल किया

अवी-हेलो सारा

सारा-हेलो अवी, अभी तुम्हे कॉल करने वाली थी

अवी-ज़ोया कहाँ है

सारा-वो यही पर है

अवी-तो स्पीकर ऑन करो

ज़ोया-अवी कैसे हो तुम

अवी-मैं ठीक हूँ. तुम दोनो कैसी हो

सारा-हम फिट है

अवी-और हमारा पेशेंट

सारा-वो तो कब का ठीक हो गया है.

अवी-और मैं ने कहा था वो

ज़ोया-वो भी हो गया

अवी-अब बताओ मुझे कॉल क्यूँ करने वाली थी.

ज़ोया-हमारे पति आ रहे

अवी-वो मुझे पता है

सारा-अगले महीने नही 3 दिन बाद आ रहे है.

अवी-तुम ने तो कहा था कि वो अगले महीने आएँगे

सारा-हाँ, पर अभी 1 घंटे पहले उनको फोन आया था. वो 3 दिन बाद आ रहे है

ज़ोया-तुम जल्दी आकर सलमान को ले जाओ

अवी-3 दिन है हमारे पास, मैं देखता हूँ

सारा-हमारे बारे में तो सोचो,

ज़ोया-तुम यहाँ आओगे तो ऐसे नही छोड़ देंगे ,पूरी रात वसूल करेंगे

अवी-कर लेना ,

सारा-तो सोचो ना, अगर तुम आकर हमारा बॅंड बजा कर जाओगे तो हमे कुछ आराम और ट्रीटमेंट तो करनी पड़ेगी अपने पति के लिए

अवी-मैं देखता हूँ ,

सारा-जो करना जल्दी करना

अवी-मैं कुछ सोचता हूँ,

सारा-बाइ

ऐसे तो मुसीबत हो जाएगी.मुझे कुछ सोचना होगा ,कल ही जाकर कुवरसिंघ को ले आउन्गा.

पहले टॅक्सी बुक कर लेता हूँ.

मैं ने टॅक्सी वाले को फोन किया.

अवी-हेलो

टॅक्सी वाला-कौन

अवी-भैया मुझे टॅक्सी चाहिए थी.

टॅक्सी वाला-आज तो नही मिल सकती

अवी-मुझे कल के लिए चाहिए थी.

टॅक्सी वाला-हाँ कल मिल जाएगी. कहाँ जाना है

अवी-मुझे शहर2 जाना है.

टॅक्सी वाला-हो जाएगा

अवी-और हमे रात भर वही रुक कर सुबह वापस आना होगा.

टॅक्सी वाला-कहीं आप उस दिन वाले तो नही हो जिनको मैं लेकर गया था.

अवी-हां मैं वही हूँ

टॅक्सी वाला-तो साब आप आज क्यूँ नही चलते ,मैं आज उसी शहर2 जा रहा हूँ एक पेसेन्जर को लेके ,आपको लेके जाउन्गा .ऐसे आपको कम पैसे लगेंगे

अवी-(आज ,क्या करूँ, ठीक है आज ही निकलता हूँ) कब जा रहे हो

टॅक्सी वाला-8.00 पीएम बजे ,2 घंटे बाद

अवी-ठीक है. मैं कॉलेज के पास रहूँगा. और पैसे कितने लोंगे

टॅक्सी वाला-आप जो देंगे. वैसे उधर से सुबह निकलना है ना

अवी-हाँ

तक्षिवाला-क्या उस पाटेंट को लाना है

अवी-हाँ

टॅक्सी वाला-ठीक है. आप कॉलेज के पास पहुँच जाना

ये तो हो गया. आज ही निकल जाता हूँ .और सुबह जल्दी निकल जा.

मैं ने सारा को कॉल किया

अवी-सारा

सारा-हाँ अवी

अवी-मैं आज आ रहा हूँ

सारा-आज

अवी-मैं सीधा तुम्हारे पास आउन्गा.और पेशेंट को मत बताना

सारा-और जाओगे कब

अवी-सुबह

सारा-तो जल्दी आ जाओ, मैं तय्यारी करती हूँ

सारा को बताने के बाद मैं ने रणजीतसिंघ को कॉल किया.

अवी-हेलो

रणजीतसिंघ-हाँ अवी बोलो

अवी-मैं आज नही आ सकता,थोड़ा रेस्ट करना चाहता हूँ.

रणजीतसिंघ-ठीक है मैं संभाल लूँगा.

रणजीतसिंघ को बताने के बाद मैं ने चाची के साथ खाना खा लिया.

और चाची को बता कर मैं घर3 चला गया.

घर3 जाकर मैं ने ज़रूरत का समान लिया .और खिड़की से बाहर निकल कर शहर की तरफ निकल गया.

 
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मैं कॉलेज के पास पहुँच गया .और मंकी कॅप पहन कर टॅक्सी का इंतज़ार करने लगा

थोड़ी देर बाद टॅक्सी आ गयी.

मैं कार मे बैठ गया. कार मे एक और पेसेन्जर थी. मैं उस पेसेन्जर के साथ बैठ गया.

उस लेडी ने एक बार मुझे देखा और फिर से आराम से बैठ गयी.

सफ़र अच्छा कटेगा. पर वहाँ जाकर सारा और ज़ोया मेरा बुरा हाल करेंगी.

मैं ने अपनी आँखे बंद की और डायरेक्ट शहर2 मे खोली.

वो लेडी कार से उतर गयी.

टॅक्सी वाला-साब कहाँ छोड़ू

अवी-सिटी हॉस्पिटल .और तुम वही रुकना ,सुबह मैं तुम्हे कॉल करूँगा.

टॅक्सी वाले ने मुझे सिटी हॉस्पिटल छ्चोड़ दिया मैं ने उसे आड़े पैसे दिए और सारा के हॉस्पिटल की तरफ जाने लगा.

हॉस्पिटल आते ही मैं सिडा उपर सारा और ज़ोया के घर चला गया.

अवी-सारा मैं आ गया हूँ

ज़ोया-गेट खुला है

मैं गेट खोल कर अंदर चला गया.

सारा और ज़ोया ब्रा पैंटी मे सोफे पर बैठी थी.

उनको देख कर मैं स्माइल करते हुए उनके बीच मे जाकर बैठ गया.

अवी-तुम्हे पहले की तरह देख कर बहुत खुशी हुई.

सारा-हमे ऐसा तुम ने बनाया है

अवी-ऐसा बन कर खुश नही हो

ज़ोया-खुश नही बहुत खुश है

अवी-तुम्हारे इरादे ठीक नही लग रहे

सारा-हमारे इरादे का पता जल्दी चलेगा.

अवी-मेरा रेप मत करना.

ज़ोया-ज़्यादा भोले मत बनो, सुबह हमारी हालत कैसी होगी हमे पता है

अवी-तुम कहो तो गोली नही ख़ाता हूँ.

सारा-ऐसा सोचना भी मत ,

अवी-क्यूँ?

ज़ोया-क्यूँ कि तुम हमेशा किसी काम से हमे मिलने आते हो

सारा-और पता नही फिर कब आओगे

अवी-रोज रोज आउन्गा तो मज़ा नही आएगा.

ज़ोया-वो हमे पता है. और हमारे पति आ रहे है फिर तो मुश्किल होगा

अवी-तो आज भूकंप लाए

सारा-पूरा बदन तोड़ दो

अवी-और ज़ोया तुम

ज़ोया-मेरा भी बदन तोड़ देना

अवी-ऐसा करूँगा तो सुबह पेशेंट को डिसचार्ज कौन देगा.

सारा-हमे कुछ पता नही है. मुझे तो आज जी भर के प्यार करना

ज़ोया-मैं करूँगी डिसचार्ज

सारा-चलो शुरू करते है

अवी-करते है पहले बताओ सलमान कैसा है

ज़ोया-वो ठीक है

अवी-क्या हुआ था उसे

सारा-इन्फेक्षन बहुत हुआ था.

अवी-तुम ने संभाल लिया ना

ज़ोया-हाँ, उसकी एक हड्डी फ्रॅक्चर हुई थी

अवी-और

सारा-उसके टेस्टीस बहुत कमज़ोर हो गये है. स्पर्म बनेंगे पर बहुत कम

अवी-क्या वो बाप बनेगा

ज़ोया-मे बी बन जाए

अवी-और

सारा-उसको एक बीमारी हो गयी. इन्फेक्षन के वजह से ,

अवी-और उसका लंड

ज़ोया-वो फिट है. पर उसने बताया कि पहले की तरह टाइट नही हो रहा.

अवी-वो अपनी बीवी को खुश तो कर पाएगा ना

सारा-हाँ ,इसका डेमो हम देख चुके है

अवी-क्या

ज़ोया-जो नर्स रखी थी उसके साथ उसे सेक्स करने को कहा था

अवी-अच्छी बात है.

सारा-वैसे मुझे लगता है उम्मीद से पहले उसका साला लंड खड़ा भी नही होगा. मे बी

अवी-ये बुरा हुआ. वो इसका ट्रीटमेंट करता रहेगा तो

सारा-तो कुछ कह नही सके. और एक टीत क्रॅक हो गया था .जिसे बदल दिया.

अवी-तुम ने तो मुझे खुश कर दिया.

ज़ोया-अब तुम हमे खुश करो

अवी-करता हूँ ,ये बताओ माला कैसी है

सारा-वो ठीक है. उसका प्रमोशन किया है. तुम्हारी जो मदद की उसके वजह से

अवी-ये तो बढ़िया किया. मैं डबल खुश हो गया

ज़ोया-हमे भी डबल खुश करना होगा.

अवी-करूँगा. वैसे माला को बताया तो नही कि मैं यहाँ आया था.

सारा-नही.

ज़ोया-उसे कैसे बताते वो हमारी सौतन है

सारा-उसे बताते तो वो भी यहाँ होती और हम मज़ा नही कर पाते

अवी-ये अच्छा किया.

ज़ोया-चलो ना बेडरूम मे

अवी-चलते है पहले बताओ पैसे कितने लोगि.

सारा-तुम जितने दोगे

अवी-25 ठीक रहेंगे

ज़ोया-लाख?

अवी-25 लाख ,तुम्हारे अकाउंट मे डाल दूँगा.

सारा-इस बार तो हमे तुम मिले और पैसे भी.

अवी-गोली दो ,टाइम कम है

ज़ोया-ये लो दूध , इसमे डाली है

फिर मैं सारा और ज़ोया के साथ बेडरूम मे चला गया.

पहले सारा की चूत मे लंड गया. सारा ने एक चीख के साथ लंड का स्वागत किया.

फिर ज़ोया की चूत मे जाकर लंड ने फुदकना शुरू किया.

ज़ोया के बाद सारा का नंबर आया. और चूत की जगह गंद मे पंप डालने वाला था कि सारा ने चूत मे डालने को कहा.

सारा की चूत से ज़ोया की गंद मे लंड कब गया पता भी नही चला

सारा और ज़ोया की चूत मे डाल कर सारा की चूत मे वीर्य डाला.

फिर ज़ोया काम मे लग गयी और चूस कर फिर लंड खड़ा किया

इस बार लंड पहले ज़ोया की चूत मे चला गया.

ज़ोया का पानी निकाल कर लंड सारा की चूत मे डालने वाला था की सारा ने गंद मे डालने को कहा.

सारा की छोटी गंद मार कर दिल खुश हो गया.

सारा की गंद के बाद ज़ोया की गंद मारने मे मज़ा आ गया.

ज़ोया की गंद की बाद वापस सारा ने अपनी गंद आगे की.

गंद पे गंद मारने को मिलने से लंड खुश हो गया.

फिर लंड ज़ोया की चूत मे जाकर उल्टी करने लगा.

ज़ोया ने मेरा वीर्य अपनी चूत मे लिया.

दोनो की चूत मे वीर्य डालने के बाद मैं ने टाइम देखा तो सुबह के 3.00 बज रहे थे

दोनो ने पूरा निचोड़ लिया.

दोनो वैसे सो गयी. बाथरूम भी नही गयी.

मैं सुबह का अलार्म लगा कर सो गया.

मैं दोनो के बीच सो गया.

 
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