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मैं और मेरा परिवार

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हम नॉर्मल होते फ्रेश हो गये. सेक्रेटरी ने अपने कपड़े पहन लिए.

क्यू कि रणजीतसिंघ का कॉल आया था की वो फार्महाउस पर आ रहा है.

थोड़ी देर बाद रणजीतसिंघ कामिनी के साथ फार्महाउस पर आ गया.

रणजीतसिंघ-अवी मेरी सेक्रेटरी ने तुम्हारा ख़याल रखा कि नही

अवी-पूरा ख़याल रखा है

रणजीतसिंघ-अब तुम जा सकती हो.

सेक्रेटरी-अवी मुझे कभी भी कॉल करना मैं आ जाउन्गी.

और सेक्रेटरी अपने घर चली गयी.

रणजीतसिंघ-अवी कुछ पियोगे

अवी-मैं शराब नही पीता

कामिनी-मेरे लिए वाइन

रणजीतसिंघ और कामिनी ड्रिंक करने लगे. और मैं उसके साथ बैठ कर कर साथ देने लगा.

रणजीतसिंघ-तो अवी तुम ने मुझे ठाकुर बना दिया.

अवी-जो डील हुई थी उसके हिसाब से बनाना तो था ही

कामिनी-तुम क्या कह रहे हो ,अवी ने कब तुम्हें ठाकुर बनाया है,वो तो सबने मिलके फ़ैसला लिया है.

रणजीतसिंघ-मुझे ठाकुर अवी ने बनाया है, और तुम्हें ठकुराइन अवी ने बनाया है.

कामिनी-मैं समझी नही

अवी-भाभी जी मैं ने कहा था ना कि आपको ठकुराइन बना दूँगा तो बना दिया

कामिनी-अवी ने मुझे ठकुराइन बनाया ,ये कैसे हो सकता है

रणजीतसिंघ-मैं बताता हूँ,जो कुछ हुआ है वो अवी ने किया है.

कामिनी-शुरू से बताओ

रणजीतसिंघ-तो सुनो ,बात तब से बताता हूँ जब कुँवरसिंघ ने एक गर्ल के साथ ज़बरदस्ती की थी. और इस ने वो मामला संभाल लिया.

जिस तरह इसने उस लड़की को समझाया वो भी कुछ मिनटों मे ये देख कर मैं समझ गया कि ये मेरे काम आ सकता है

कामिनी-वो कैसे

रणजीतसिंघ-पोलीस स्टेशन से हम फार्महाउस पर आ गये. और मैं ने अवी को कुँवरसिंघ और मेरे बीच की सारी बाते बता दी. और ये भी बताया कि कैसे वो हमे मार कर ठाकुर बन ना चाहता है.

कामिनी-फिर क्या हुआ

रणजीतसिंघ-फिर अवी ने एक प्लान बनाया.

कामिनी-प्लान

रणजीतसिंघ-हम ने कुँवरसिंघ को गुन्डो से पिटवाने का प्लान बनाया

कामिनी-तो तुम ने गुन्डो से कुँवरसिंघ को पिटवाया

रणजीतसिंघ-हाँ,पर अवी बहोत स्मार्ट निकला

कामिनी-क्या मतलब

रणजीतसिंघ-हम ने जिस दिन कुँवरसिंघ को गुन्डो से पिटवाने का सोचा था उस से एक दिन पहले अवी ने कुँवरसिंघ को गुन्डो से पिटवा कर गायब कर दिया.मुझे बिना बताए अवी ने ये काम किया.

कामिनी-अवी ने तुम्हें धोका दिया

अवी-नही, एक दिन पहले इस लिए कुँवरसिंघ को गायब किया ताकि नेक्स्ट प्लान ठीक से कामयाब हो सके. (इस लिए ऐसा किया कि रणजीतसिंघ को सविता की फॅमिली के बारे मे पता ना चले,और हमारा काम भी हो जाए )

रणजीतसिंघ-लेकिन तुम्हें एक बार मुझे बताना चाहिए था

कामिनी-हाँ, तुम पार्टनर थे तो बताना चाहिए था

अवी-तुम दूसरे प्लान मे बिज़ी थे जिस से बताया नही

कामिनी-दूसरा प्लान

रणजीतसिंघ-दूसरा प्लान रेशमा थी.

कामिनी-रेशमा ,उसके साथ क्या किया

रणजीतसिंघ-मैं ने उसका कपड़े बदलते हुए वीडियो बनाया

कामिनी-तुमने ऐसा किया. कहीं रेशमा के साथ तुम ने...

रणजीतसिंघ-मैं ने रेशमा के साथ कुछ नही किया.

कामिनी-इतना विश्वास है, चलो आगे बताओ

रणजीतसिंघ-हम ने रेशमा का वीडियो इस लिए बनाया ताकि हम कुँवरसिंघ और उसके दोस्तो मे दूरिया पैदा कर सके.

कामिनी-वो कैसे

रणजीतसिंघ-मैं कुँवरसिंघ के दोस्तो को जानता था. मैं ने कुँवरसिंघ के एक दोस्त जिसकी नज़र रेशमा पे थी उसे हवेली बुलाया और एक आदमी को हवेली के पास से भागते हुए कुँवरसिंघ के दोस्त से टकराने को कहा और रेशमा का वीडियो वाला मोबाइल कुवरसिंघ के दोस्त को मिल गया.

कामिनी-फिर

रणजीतसिंघ-फिर कुँवरसिंघ के दोस्त ने रेशमा को ब्लॅकमेल करना शुरू किया .और एक दिन उनके फार्महाउस पर रेशमा को बुलाया और हम ने रेशमा का पीछा किया

कामिनी-फार्महाउस पर क्या हुआ

रणजीतसिंघ-वो रेशमा के साथ सेक्स करना चाहते थे.

कामिनी-तो रेशमा के साथ

रणजीतसिंघ-उसे कुछ नही होने देते क्यू कि प्लान मे सिर्फ़ उसका ईस्तमाल करना था बिना उसे कुछ नुकसान पहुँचाए . हम ने टाइम पर आकर कुँवरसिंघ के दोस्तो को मार दिया और रेशमा को बचा लिया.

कामिनी-ये अच्छा किया ,रेशमा को कुछ होने से पहले बचा लिया

अवी-हम उसे कुछ होने नही देते. पर वहाँ कुँवरसिंघ का दोस्त सच बताने वाला था कि रंजीत ने उसे गोली मार दी.

कामिनी-फिर आगे क्या हुआ

रणजीतसिंघ-वो तो मुझे भी नही पता

कामिनी-तुम्हें नही पता.इसका क्या मतलब

रणजीतसिंघ-अवी ने कब क्या किया मुझे कुछ पता नही है.और कैसे किया ये भी नही पता

कामिनी-तुम ने जानने की कोशिश नही की

रणजीतसिंघ-की थी, जिस दिन अवी ने कहा कि वो कुँवरसिंघ को हॉस्पिटल लेकर जाने वाला है उस्दिन अवी के पीछे मैं ने आदमी लगा दिए थे .पर

कामिनी-पर क्या

रणजीतसिंघ-अवी ने उसको चकमा दे दिया, और कुँवरसिंघ को कहाँ लेकर गया, किस हॉस्पिटल लेकर गया कुछ पता नही चला.

कामिनी-अवी को ये पता था कि उसके पीछे तुम ने आदमी लगा रखे है.

रणजीतसिंघ-हाँ, उसके दूसरे दिन अवी मुझ पे बहोत गुस्सा हुआ फिर मैं ने अवी को उसके हिसाब से काम करने दिया.

अवी-(मुझे पता था कि रणजीतसिंघ ने मेरे पीछे आदमी लगाकर रखा है. रणजीतसिंघ ये जान ना चाहता था कि मैं ने कुँवरसिंघ को कहाँ रखा है.

रणजीतसिंघ ने ये नही सोचा था कि मैं कुँवरसिंघ को अपने घर रखूँगा. उसका आदमी मुझे कभी अपने घर तो कभी घर3 तो कभी पूजा बुआ के घर जाकर उसको गुमराह करने लगा.

फिर रणजीतसिंघ ने अपने आदमी को ये बताया होगा कि मैं 5 से 8 बजे तक मेले मे रहता हूँ. और इसी का फ़ायदा मैं ने उठाया ,और 7 बजे मेले से निकल गया .और विद्या को पायल को 8 बजे तक घर मे रोकने को कहा.

रणजीतसिंघ का आदमी 8 बजे मेले मे आकर मुझे ढूँढने लगा.तब तक मैं कुँवरसिंघ को लेकर शहर और शहर से शहर2 आ गया.

कुँवरसिंघ को सीधा सारा ज़ोया के हॉस्पिटल ले जाने के बजाय सिटी हॉस्पिटल ले गया फिर वहाँ से सारा के हॉस्पिटल ले गया.

कुँवरसिंघ को वापस लाते हुए भी मैं ने टॅक्सी वाले के अचानक आए ऑफर को हाँ कहा .ताकि रंजीत फिर से मेरा पीछा ना करे और कुँवरसिंघ को वापस ले आया )

कामिनी-ये प्लान तो समझ मे आ गया पर इसका फ़ायदा क्या हुआ

रणजीतसिंघ-मैं ठाकुर और तुम ठकुराइन हो गयी

कामिनी-पर कैसे ,कुँवरसिंघ ने खुद हमे ठाकुर ठकुराइन बनाया

रणजीतसिंघ-वो तो अवी बता सकता है.

कामिनी-वो बताएगा पर इसको हमारी मदद करके क्या मिला

रणजीतसिंघ-2 करोड़,

कामिनी-और ये फॅक्टरी मे 50% की पार्टनरशिप

रणजीतसिंघ-वो तो कुँवरसिंघ ने ज़िद की ,और माँ ने भी हाँ कर दी. पायल और रेशमा ने मंज़ूरी दी. जिस से हमे भी हाँ करनी पड़ी और पिताजी ने अवी को पार्टनर बना दिया.

कामिनी-मतलब ये तुम्हारे डील मे नही था

अवी-नही. इसी लिए मैं मना कर रहा था पर प्यार से दिया हुआ तोहफा मना कैसे करता

रणजीतसिंघ-अवी मैं तुम्हें पार्टनर नही बनाने वाला था पर तुम्हारी किस्मत अच्छी है जो बिना माँगे इतना मिल गया

कामिनी-अब तुम इसको 2 करोड़ नही दोगे

रणजीतसिंघ-वो बाद मे बताता हूँ पहले मेरे लिए ड्रिंक लेकर आओ

कामिनी ड्रिंक लेने के लिए चली गयी.

 
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कामिनी ड्रिंक लेकर आ गयी.

कामिनी-अब बताओ तुम अवी को 2 करोड़ देने वाले हो

रणजीतसिंघ-हाँ, डील जो हुई थी. और वो पाटनेर्शिप अवी को उसकी किस्मत से मिली है.लेकिन इसकी किस्मत बहोत अच्छी है क्यू कि माँ ने इसे 1 करोड़ दिए

कामिनी-हाँ,वो तुमने बताया मुझे,कैसे ठकुराइन को एक आदमी ब्लॅकमेल कर रहा था. फिर तुम ने बॅंक से ठकुराइन का पीछा किया.

तुम ठकुराइन को बचाते हुए खुद फस गये. फिर अवी ने तुम को बचाया .

तुम ने उस आदमी को जला दिया.फिर ठकुराइन ने खुश होकर अवी को 1 करोड़ दिए.मुझे सब पता है

अवी-तुम्हें कुछ पता नही है

कामिनी-पता है. तुम दोनो ने ठकुराइन की चुदाई की है. ये तो ठकुराइन के दीवाने है. मुझे सब पता है

रणजीतसिंघ-और अब मैं कामिनी और माँ की साथ मे चुदाई करता हूँ

अवी-आप इतनी जल्दी तैयार हो गयी.

कामिनी-हाँ, मैं इनको बहोत प्यार करती हूँ. इनकी खुश मे मेरी खुशी है.

रणजीतसिंघ-और इसकी खुशी मे मेरी खुशी है.

कामिनी-ये तो मुझे पता था पर कुँवरसिंघ को गुन्डो से मरवाने के बाद क्या हुआ

अवी-मैं कुँवरसिंघ को अपने शहर वाले घर2 पे ले गया. तुम्हें पता है वो घर, जहाँ तुम्हें मैं ने एक कुँवारी गंद दी थी (झूठ बोलना पड़ा ,सब सच रणजीतसिंघ को बता नही सकता)

रणजीतसिंघ-उस घर2 को तो मैं भूल गया. पर तुम वहाँ जाते कब थे

अवी-रात मे तभी तो हवेली आने से मना किया था (एक झूठ एक साथ दूसरा झूठ फ्री)

रणजीतसिंघ-काफ़ी दूर का सोच कर रखते हो.

अवी-सोचना पड़ता है

कामिनी-मुझे कुछ समझ नही आ रहा है.

अवी-कुँवरसिंघ को पिटवाया हम ने और मल्लम भी मैं लगा रहा था.

कामिनी-फिर

अवी-फिर रेशमा वाला प्लान कामयाब हुआ. कुँवरसिंघ के दोस्तो ने जो वीडियो बनाई थी वो मैं ने डेलीट नही की थी.

कामिनी-वीडियो तो तुम ने बनाई थी.रेशमा की

रणजीतसिंघ-हाँ, पर ये दूसरी वीडियो की बात कर रहा है.कुँवरसिंघ के दोस्तो ने रेशमा को उनके फार्महाउस बुला कर उसका वीडियो बना रहे थे

कामिनी-अब समझी

रणजीतसिंघ-पर तुम ने वो वीडियो डेलीट क्यू नही की

अवी-क्यू कि उसी वीडियो को कुँवरसिंघ को दिखा कर तुम्हारे बारे मे अच्छी बाते उसके दिमाग़ मे डाली.और उसके दोस्तो का असली चेहरा कुंवर के सामने लाया. और कुंवर के दिमाग़ मे रंजीत की अच्छी इमेज बना दी हीरो जैसी. रंजीत अच्छा आदमी था जिस से उसकी इमेज अच्छी बनाने मे ज़्यादा मेहनत नही लगी.

कामिनी-तो ऐसे कुँवरसिंघ इतना बदल गया.

अवी-हाँ, कुँवरसिंघ अपने दोस्तो पे रणजीतसिंघ से ज़्यादा विश्वास करता था उसका ये भरोसा टूट ते ही मैं ने रणजीतसिंघ की अच्छी बाते और कैसे रेशमा को बचाया ये बता कर कुँवरसिंघ का ब्रेन वॉश किया.

रणजीतसिंघ-मान गये तुम्हें, बिना बिल्ली को मारे दूध बचा लिया. बिल्ली ने खुद दूध मुझे लाकर दिया

कामिनी-इतने सिंपल तरीके से काम हो गया. और हम क्या क्या प्लान बना रहे थे,ठाकुर ठकुराइन बनने को

रणजीतसिंघ-अवी काम का आदमी है ये मैं ने पहले दिन जान लिया था. जिस तरह वो मेले की प्लॅनिंग कर रहा था.

कामिनी-अवी तो हॅंडसम और स्मार्ट दोनो निकला

अवी-ये था प्लान

कामिनी-तुम ने तो मेरा दिल जीत लिया

अवी-मैं ने अपना वादा पूरा किया. आपको ठकुराइन बना दिया.

कामिनी-वो तो है. तुम बहोत तरक्की करोगे

रणजीतसिंघ-वो रेशमा के वीडियो डेलीट किए ना

अवी-हां, वो कुँवरसिंघ को दिखाने के बाद डेलीट कर दिए. मैं कोई सबूत पीछे नही छोड़ता

रणजीतसिंघ-पर ये बात तुम ने मुझे क्यू नही बताई

अवी-(पागल नही हूँ जो तुम्हें सब बताऊ) ये प्लान कामयाब होगा कि नही डाउट था जिस से बताया नही.

कामिनी-तुम्हारे प्लान सिंपल थे पर बढ़िया थे,कामयाब हुए.

रणजीतसिंघ-पूरे कामयाब हुए

कामिनी-तो अब इसको इनाम दे रहे हो

रणजीतसिंघ-देना तो पड़ेगा.

कामिनी-तुम अपना हिसाब करो मैं फ्रेश होने जाती हूँ

कामिनी नहाने चली गयी. और शाम भी होने लगी

अवी-तुम ने ठकुराइन वाला सच कामिनी को क्यूँ नही बताया

रणजीतसिंघ-ये रिस्की था

अवी-वो कैसे

रणजीतसिंघ-अब हम एक साथ चुदाई करते है तब ग़लती से कामिनी ने माँ को सच बता दिया तो

अवी-फिर रेशमा और कुँवरसिंघ वाला प्लान क्यूँ बताया कामिनी को

रणजीतसिंघ-वो तो उसे बताना ज़रूरी था वरना मुझसे पूछती रहती कि ये सब कैसे हुआ .

अवी-अगर रेशमा वाला प्लान कामिनी ने ठकुराइन को बता दिया तो

रणजीतसिंघ-वो नही बताएगी. पर माँ के साथ चुदाई करते हुए सेक्स के नशे एक दूसरे की बाते निकलती है. रेशमा की नही निकलेंगी. और निकल गयी तो वो बात मैं संभाल सकता हूँ ,ये बोल कर की कुंवर के लिए ज़रूरी था.

अवी-ठकुराइन वाली बात भी तो संभाल सकते हो

रणजीतसिंघ-इतने सालो बाद माँ मिली है उनको खोना नही चाहता. जो बात माँ को पता है कि हम ने बॅंक से उनका पीछा किया है वही बात कामिनी को बताई है. ये नही बताया कि पूरा प्लान हमारा था ,

अवी-मतलब तुम ठकुराइन से सच्चा प्यार करते हो

रणजीतसिंघ-हाँ

अवी-ठीक है. जैसा तुम ठीक समझो

कामिनी नहा कर टवल पहन कर हॉल मे आ गयी.

कामिनी का भीगा बदन टवल मे देख कर मैं देखता रह गया

कामिनी-ऐसे क्या देख रहे हो कभी औरत नही देखी

अवी-देखी है पर आप जैसी नही देखी.

कामिनी-अभी तो तुम ने कुछ देखा ही नही. सब तो छुपा कर रखा है.

अवी-दिखा दो, मैं तो कब से देखने को तरस रहा हूँ

कामिनी-अवी को दिखा दूं

रणजीतसिंघ-जो दिखाना है वो बाद मे दिखाना पहले कामयाबी का जश्न होना चाहिए

कामिनी-मैं ड्रिंक लेकर आती हूँ

अवी-मैं नही पीता

रणजीतसिंघ-अवी के लिए बीयर लाना

अवी-मैं बीयर भी नही पीता

रणजीतसिंग-आज तो पीना होगा. और बीयर दारू थोड़ी है. कोल्ड्रींक की तरह पी लेना. और सेलेब्रेशन तो बनता है.

कामिनी 3 ग्लास लेकर आ गयी.

अवी-मैं नही पीता,मैं जूस पी लूँगा.

कामिनी-मैं पिलाती हूँ .अपने हाथ से

और कामिनी मेरे मूह की तरफ ग्लास लेकर झुकने लगी. रणजीतसिंघ ने मेरे हाथ पकड़ लिए

अवी-मैं नही पीने वाला,तुम कुछ भी कर लो,

कामिनी-मूह खोलो

मेरा ध्यान कामिनी के बूब्स पर था. कामिनी ये बात जान गयी.

कामिनी-तुम ऐसे मूह नही खोलोगे

और कामिनी ने अपना टवल निकाल दिया. कामिनी के बूब्स छोटी ब्रा मे देख कर मेरा मूह खुला का खुला रह गया.

और कामिनी ने इसका फ़ायदा उठाते हुए मेरे मूह को ग्लास लगा लिया.

और रणजीतसिंघ ने मेरी नाक बंद कर ली. जिस से मुझे कड़वी बीयर पीनी पड़ी.

पूरा ग्लास ख़तम होने तक दोनो ने मुझे नही छोड़ा

मुझे सारी बीयर पीनी पड़ी.

ग्लास खाली होते दोनो ने मुझे छोड़ दिया .मैं खांसने लगा.

पर खाँसते हुए मेरी नज़र कामिनी पर पड़ी मेरे मूह का कड़वा पन गायब हो गया.

कामिनी की ब्रा पैंटी बहुत छोटी थी. और जिसमे कामिनी सेक्सी लग रही थी.

कामिनी की सेक्सी गंद देख कर मूह मे पानी आ गया.

आज तो कामिनी की चुदाई करके इसका बदला लेकर रहूँगा. पर ये क्या मुझे बीयर चढ़ने लगी. और कामिनी मुझे ऐसा देख कर डॅन्स करने लगी और रणजीतसिंघ अपना जाम पीने लगा.

 


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मेरा सर हल्का भारी हो रहा था.

कामिनी अपना ग्लास लेकर छोटी ब्रा पैंटी मे डॅन्स कर रही थी.

उसके चुतड़ों को बीच मे पैंटी की स्ट्रिंग फस चुकी थी. ऐसा लग रहा था कि कामिनी की गंद नंगी है.

कामिनी अपनी बड़ी गंद मुझे दिखाते हुए डॅन्स कर रही थी ,रणजीतसिंघ रिलॅक्स बैठा था जैसे कि सब नॉर्मल हो.

रंजीत की बीवी मेरे सामने नाच रही थी और रणजीतसिंघ ड्रिंक पी रहा था.

कामिनी के बूब्स आधे से ज़्यादा ब्रा के बाहर थे ,उसका एक निपल तो ब्रा से निकल गया था.

मैं ने अपने सर को थोड़ा आराम देते हुए कामिनी के बदन का चुप चाप बैठ कर कर मज़ा लेने लगा.

रणजीतसिंघ-तुम दोनो यहीं रूको मैं बाहर जाकर आता हूँ

अवी-तुम कहाँ जा रहे हो

रणजीतसिंघ-पैसे लाने, तुम्हारे पैसे ऑफीस मे रखे है.वो लेकर आता हूँ

अवी-जल्दी आना

मेरी बात का रणजीतसिंघ ने जवाब नही दिया और फार्महाउस से चला गया.

रणजीतसिंघ अपनी बीवी को ऐसे नंगी मेरे हाथो मे छोड़ कर चला गया.

रणजीतसिंघ के जाते ही कामिनी मेरे पास आकर बैठ कर गयी. और हाँफने लगी.

कामिनी-मेरी धड़कने देखो कितनी तेज चल रही है.

और कामिनी ने मेरा हाथ पकड़ कर अपने चेस्ट पर रख दिया.

कामिनी की चेस्ट पर हाथ रखते ही मेरी धड़कने तेज चलने लगी.क्यू कि मेरा हाथ कामिनी की चेस्ट पर नही उसके बूब्स पर था.

कामिनी के नरम नरम बूब्स पर हाथ रखते ही मैं बीयर और सेक्स के नशे मे डूबने लगा.

मैं कामिनी के बूब्स पर वैसे हाथ रख कर बैठा रहा. कुछ नही कर रहा था.

कामिनी ने मुझे कुछ ना करते हुए देख कर मेरे हाथ पे अपना हाथ रख दिया और बूब्स को दबाने लगी.

मैं ने अपना हाथ पीछे खिच लिया.

कामिनी-क्या हुआ ,मैं पसंद नही आई.

अवी-आप तो सेक्स की देवी हो

कामिनी-आप नही तुम ,

अवी-तुम्हें देख कर तो कोई भी तुम्हारा गुलाम बन जाएगा.

कामिनी-मैं तो तुम्हारी गुलाम हूँ.

अवी-मैं ने कब तुम्हें गुलाम बनाया

कामिनी-पहले दिन से , जब मुझे कपड़े पहनते हुआ देखा तब से तुम मुझे अच्छे लगने लगे हो

अवी-मैं तो ग़लती से उस कमरे मे आया था

कामिनी-हाँ, पर तुम्हारी जैसी पर्सनॅलिटी की तलाश मे थी.

अवी-तलाश मे थी. रणजीतसिंघ तो था ना

कामिनी-वो तो सिर्फ़ मेरी...

ये देखो मेरी गंद का क्या हाल किया है. कितनी बड़ी हो गयी है.

कामिनी ने मेरा हाथ अपने गंद पर रखा

मैं ने इस बार कामिनी की गंद पर हाथ रख कर हल्का दबा कर एक थप्पड़ मारा

कामिनी-ऊच !

अवी-तुम तो भैस बन गयी हो

कामिनी-हाँ, इसमे उसको मज़ा आता है पर मैं प्यासी रहती हूँ.

अवी-अब नही रहती होगी. ठकुराइन आ गयी ना तुम्हारे साथ

कामिनी-हाँ. पर मुझे भी उसकी तरह एक लंड चाहिए. उसको मेरे साथ ठकुराइन की गंद मिली तो मैं भी उसके साथ तुम्हारा लंड लूँगी.

अवी-तुमने मेरा लंड देखा है.

कामिनी-नही पर तुम्हें देख कर लगता है कि तुम मुझे निराश नही करोगे.पर तुम ने मुझे निराश किया.

अवी-कैसे

कामिनी-मुझे रंजीत ने बताया कि तुम हवन के समय मुझे घूर रहे थे. तभी मैं ने रंजीत को कहा कि मुझे तुम चाहिए.

अवी-वो मान गया

कामिनी-मैं ने उसके सिवा पहली बार किसी और के साथ सेक्स करने की बात कही. मैं ने उसको कभी किसी के साथ सेक्स करने से मना नही किया ,और ठकुराइन के लिए हाँ करते वो मान गया.हर बार मैं बलिदान दे रही थी आज वो देगा. मैं ने उसे कभी की लड़की के साथ सेक्स करने से नही रोका. अगर ऐसे मे मैं ने तुम्हें माँग लिया तो वो मना कैसे करता

अवी-ये कब की बात है

कामिनी-मेले के शुरुआत की. रंजीत ने तुम्हें मेरे लिए हवेली बुलाया था पर तुम ने मेले के बाद आने का कहा जिस से मुझे रुकना पड़ा

अवी-तो वो गिफ्ट तुम थी

कामिनी-हाँ,

अवी-मैं पागल हूँ जो हवेली आने से मना किया.मुझे पता होता कि गिफ्ट तुम हो तो मैं उस्दिन हवेली आ जाता.

कामिनी-अच्छा हुआ तुम ने मुझे मना किया ,

अवी-क्यूँ?

कामिनी-तब मैं सिर्फ़ एक बार करने वाली थी. सिर्फ़ एक रात

अवी-और अब

कामिनी-तुम ने मुझे ठकुराइन बनाया है जो रंजीत कभी नही बना सकता था. मैं तुम से बहोत खुश हूँ .और तुम्हारी गुलाम बन गयी.

अवी-रणजीतसिंघ हमेशा के लिए तैयार नही होगा.

कामिनी-वो तो मुझे भी पता है. पर ये सीक्रेट हमारा रहेगा. जब मिलेंगे मस्ती करेंगे क्या कहते हो

अवी-ठीक है. मुझे क्या प्राब्लम हो सकती है.

कामिनी-और एक बात तुम्हारा लंड रंजीत से मोटा है और गोरा है ऐसा सुना है मैं ने

अवी-सही सुना है पर तुम्हे किस ने बताया

कामिनी-ठकुराइन ने ,वो तुम दोनो का लंड ले चुकी हैना

अवी-हाँ, मज़े लेते हुए लंड ले रही थी. ठकुराइन जैसी चुदाई मे कोई साथ नही देती.

कामिनी-तुम ने मुझे अभी देखा कहाँ है.मेरे साथ रात बीताओ फिर कहना

अवी-रात, रणजीतसिंघ पैसे लेकर आता होगा.

कामिनी-वो सुबह से पहले नही आएगा.

अवी-पहले से सोच कर रखा था.

कामिनी-हाँ, कल कुंवर सिंग के कहते ही कि मुझे ठकुराइन बना दिया जाए तो रंजीत ने कहा कि वो आज मुझे तुम्हारे साथ मस्ती करने देगा. पार्टी की तरह

अवी-पर तुम्हें कहाँ पता था कि मैं ने तुम्हें ठकुराइन बनाया है

कामिनी-अभी बताया ना. ठकुराइन बनाने से मैं गुलाम हुई तुम्हारी. तुम्हारे साथ तो कब से करना चाहती हूँ.

अवी-वो सब मैं समझ गया.पर तुम्हें रंजीत ने बताया नही

कामिनी-क्या?

अवी-कि मुझे गंद मारना पसंद है

कामिनी-बताया है, ये सुनकर मैं निराश हो गयी थी. पर ठकुराइन ने जब कहा कि तुम ने उनकी सिर्फ़ चूत मारी है ,इतनी अच्छी गंद को लंड नही लगाया. फिर मुझे लगा कि तुम दोनो के शॉकिन हो.

अवी-वो तो है.

कामिनी-मेरे साथ भी ठकुराइन जैसा करना.

अवी-पहली बार आगे से दूसरी बार पीछे से

कामिनी-2 बार कर पाओगे. अभी तो सेक्रेटरी के साथ किया है.

अवी-तो क्या हुआ. तुम्हें तो कच्चा खा जाउन्गा आज

कामिनी-तो रोका किसने है.

अवी-अब तक रणजीतसिंघ की वजह से रुका था .जब रणजीतसिंघ की मर्ज़ी है तो मैं पीछे थोड़े हटूँगा.

कामिनी-मैं हटने देती भी नही .तभी तो रंजीत को बाहर भेजा है.

अवी-तैयार हो जाओ मेरा लंड लेने के लिए

कामिनी-मैं तो तैयार हूँ बस तुम्हारे कुछ करने की देरी है

अवी-तुम यहीं रूको मैं फ्रेश होकर आता हूँ. सर मे पानी डाल कर आताहूं

कामिनी-जल्दी आना

मैं बाथरूम मे चला गया .

बाथरूम मे जाते ही मैं ने नहाने का फ़ैसला किया.

एक बढ़िया सा शवर लेने के बाद मुझे अच्छा लगने लगा.

शवर लेने के बाद मैं ने सारा ज़ोया वाली गोली खा ली.

आज रात भर कामिनी की चूत मारूँगा.

2 3 राउंड तो कर ही लूँगा.

मैं नहाने के बाद सिर्फ़ टवल पहन कर कामिनी के पास आ गया.

कामिनी मुझे ऐसे टवल मे देख कर खुश हो गयी.

मैं कामिनी के पास जाकर बैठ कर गया पर मेरा लंड खड़ा हो गया.

नोट-अवी का ड्रिंक करना स्टोरी को आगे बढ़ाने के लिए ज़रूरी है

अवी के ड्रिंक करने पे तीन एपिसोड डिपंड है

अगर आज इस अपडेट से ड्रिंक करने की लाइन निकाल दी तो मुझे तीन एपिसोड डेलीट करने होंगे

कभी कभी एक छोटी सी लाइन बड़े बड़े एपिसोड बनाने के काम आती है

 


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मैं कामिनी के पास आकर बैठ कर गया.

कामिनी मेरे लंड की तरफ देख रही थी.वो लंड को टवल मे तंबू बनाते हुए देख रही.

लंड धीरे धीरे खड़ा हो रहा था और जैसे अपनी पूरी औकात मे आया .कामिनी आँखे फाड़ कर देखती रह गयी.

कामिनी को ऐसा देखते हुए मैं उसके सामने चुटकी बजा कर होश मे लाया.

अवी-क्या हुआ

कामिनी-तुम्हारा लंड तो ख़तरनाक दिख रहा है.

अवी-अभी देखा कहाँ है.

कामिनी-दिखा दो ना,

अवी-पहले मूह मीठा करो

और कामिनी अपने होंठ मेरे होंठो के पास लाने लगी.

मैं ने कामिनी को धक्का दे कर दूर किया.

कामिनी-क्या हुआ

अवी-ऐसे नही,नंगी हो कर मूह मीठा करो

कामिनी-आज गाओं की होने वाली ठकुराइन तुम्हारा हर हुकुम मानेगी.

अवी-फिर गाओं की ठकुराइन को ऐसा मज़ा दूँगा कि उसे पहले कभी नही मिला होगा.

कामिनी-फिर तो मैं तुम्हारी गुलाम बन जाउन्गी.

और कामिनी अपनी ब्रा निकाल रही थी कि मैं उस पे टूट पड़ा.

और कामिनी के गुलाबी होंठो पे किस करने लगा.

कामिनी इसके लिए तैयार ना होते हुए भी मेरा साथ जल्दी देने लगी.

हम एक दूसरे के होंठो पर शिकारी की तरह टूट पड़े. कामिनी के लिए मैं शिकार था तो मेरे लिए कामिनी एक हिरनी थी.

कामिनी के किस करने से उसका एक्सपीरियेन्स पता चल रहा था.

कामिनी के किस करने से पता चल रहा था कि वो कितनी मॉडर्न है.

किस करने से पता चल रहा था कि वो कितनी प्यासी है.

मेरा दिल तो दरिया है. सबकी प्यास बुझा सकता है.

जीतनों ने मेरे दरिया मे गोता लगाया है वो स्टॅस्फीड हो गयी है.

मेरे साथ प्यार करके नो कंप्लेंट नो पेन ओन्ली एंजाय्मेंट मिलता है.

उसका किस करना अब तक की सभी से अच्छा था.

ना कोई जल्दी कर रही थी और ना ज़्यादा जोश मे होश खो रही थी.

पर्फेक्ट किस कर रही थी कामिनी.

कामिनी आज असली चुदाई का मज़ा लेने के मूड मे थी.

जो रंजीत से ना मिला वो मुझ से पाने की उम्मीद कर रही थी.

उसके नरम नरम होंठो मे इतना रस था कि रणजीतसिंघ उसका रस चूस नही पाया पे मेरे समझ मे आ गया.

रंजीत सेक्स की देवी को प्यासा छोड़ कर नये पन्छियो के पीछे जाता है.

इस सेक्स की देवी के लिए मेरा लंड काफ़ी था.

कामिनी खुद कभी उपर वाला लीप तो कभी नीचे वाला लिप्स मुझे चूसने को दे रही थी.

लीप के साथ कामिनी अपनी जीभ भी मुझे चूसने को दे रही थी.

मैं ने कामिनी को निराश नही किया ,अब तक मैं ने उसको पूरा साथ देते हुए उसको मज़ा दे रहा था.

किस करते हुए कामिनी पीछे सोफे पर लेट गयी और मुझे अपने साथ अपने उपर लिटा दिया.

इसी सोफे पर थोड़ी देर पहले सेक्रेटरी की चूत मारी थी

और अब कामिनी को किस कर रहा था.

कामिनी भी मेरे होंठो को चूस कर अपनी गर्मी बढ़ा रही थी या फिर ठंडी कर रही थी ये उसे ही पता होगा.

कामिनी जैसी काम देवी का रस पान करके मैं तो जन्नत मे था.

ठकुराइन की असली दावेदार कामिनी थी. जैसे ठकुराइन काम देवी थी वैसे कामिनी भी उस से कुछ कम नही थी.

ठकुराइन के जाने के बाद नयी ठकुराइन कामिनी लोगो के लंड से पानी की बारिश करवा देगी.

ठकुराइन और कामिनी को एक साथ देख कर लोगो के बैठ कर पानी निकल जाता है वो दोनो पर मेरे लंड की दीवानगी छाइ हुई थी.

दोनो को अपने लंड की दीवानी बना कर मैं खुश था

क्यू ना हूँ ,दोनो रति का अवतार थीì और मैं उनका कामदेव

मेरे काम रस की दीवानी को उनका काम रस मैं समय समय पर देता रहूँगा.

कामिनी ने इस से पहले इतना लंबा किस नही किया था जिस से वो मेरे सामने हार रही थी.

औरत को जीतना है तो खुद हार जाओ. हार कर तुम जीत जाते हो ,

एक मूवी मे डायलॉग था .हार के जीतने वाले को बाज़ीगर कहते है.

मैं ने कामिनी को किस करना बंद किया और उसके गर्दन पर किस करते हुए बूब्स के पास आ गया.

एक निपल तो ब्रा से बाहर निकाला था मैं ने पहले उसे मज़ा देने का फ़ैसला किया.

क्यू कि मुझसे मिलने के लिए उस निपल ने बग़ावत करके कामिनी के ब्रा से निकाला था.

मेरे लिए वो निपल ब्रा से बाहर आ गया था ऐसे मे उसका नंबर पहला था.

मैं ने देर ना करते हुए निपल को मूह मे लेकर चूसना शुरू किया.

मेरे मूह मे निपल जाते कामिनी के मूह से शीष्कारी निकल गयी.

हहूहह….. ….उूउउफफफफफ्फ़…. .ऊऊओह…. ..आआहह…

कामिनी के बूब्स की क्या तारीफ करूँ

कामिनी के बूब्स पे ज़्यादा मेहनत नही हुई ये साफ था.

और मैं अपना पसीना निकाल कर मेहनत करने मे कभी पीछे नही जाता.

कामिनी की शीष्कारी मुझे पिकप करने के लिए काफ़ी थी.

कमिमी के अवरेज साइज़ के बूब्स को चूसने लगा .

कामिनी ने बूब्स को ज़्यादा मज़ा देने के लिए खुद अपनी ब्रा निकाल दी.

ब्रा निकालते ही मैं ने निपल चूसना बंद किया और कामिनी के बूब्स को देखने लगा.

कामिनी के कसे हुए बूब्स देख कर मेरे मूह से पानी निकल गया.

कामिनी के गोरे बूब्स देख कर मैं मदहोश हो गया और बूब्स पर किस की बारिश करने लगा.

कामिनी के दोनो बूब्स को हाथो मे पकड़ दबाने लगा.

कामिनी के जान लेवा बूब्स मेरे हाथो मे थे.

मैं ने बूब्स को लगातार मसल्ने लगा और कामिनी शीष्कारी लेते हुए मेरा साथ दे रही थी.

थोड़ी देर बूब्स को मसल कर चूसने लायक बना दिया.

और जैसे कामिनी के बूब्स मेरे दबाने से लाल हो गये थे वैसे मैं ने बूब्स पर किस करना चालू किया.

मैं ने अपने मूह मे कामिनी का दूसरा निपल ले कर चूसना शुरू किया.

कामिनी के बूब्स को चूसने के साथ मेरा हाथ कामिनी की कमर जाँघ और चूतड़ पर घूम रहा था.

एक साथ इतने हमले से कामिनी मज़े की चरम सीमा पर थी.

वो मेरी पीठ पर मेरे बालो पे हाथ घुमा रही थी.

मैं एक हाथ को उसके जाँघो पे घुमा रहा था तो दूसरे हाथ से बूब्स को मसलना शुरू कर दिया

और बारी बारी एक एक बूब्स को चूसने लगा.

कामिनी बिना किसी दर के शीष्कारी ले रही थी….हहुहह….. ….उूउउफफफफफ्फ़…. .ऊऊओह…. ..आआहह….. और्र्रर ज़ोर्सर सीए मसलूऊ …

ऊऊहह… …और जोर्र्र्र सीई… ..हान्णन्न् और जोर्र्र्रर से दबाआओ मेरी बूऊब को मरोद्दद्ड डलूऊ…..

बड़ा मज़ाआ एयायारहा है

कामिनी की शीष्कारी सुनकर मैं जोश मे आकर बूब्स को काटने लगा .जिस से महॉल और गरम और दर्दनाक हो रहा था..

कामिनी के बूब्स मेरे हाथ लगाने से पहले बिल्कुल पर्फेक्ट शेप मे थे

पर अब कामिनी के बूब्स मे सूजन आने से साइज़ बढ़ रहा था .शेप बिगड़ गया था.

बूब्स के बाद अब बारी चूत का शेप बदलने का है.

मैं कामिनी की चूत के पास आ गया और गीली पैंटी के उपर से चूत पर किस करने लगा.

रणजीतसिंघ ने कामिनी के साथ ऐसा नही किया होगा.जिस की वजह से कामिनी मेरी मुट्ठी मे आ गयी.

ठकुराइन की चूत को रंजीत ने पहली बार चूसा था.

रंजीत उन लोगो मे से था जिसे चूत चूसने से घिन आती है.

ये मेरे लिए के फॅक्टर था.

कामिनी को ऐसा मज़ा दूँगा कि वो रंजीत की चुदाई भूल जाएगी और उसे याद रहेंगा सिर्फ़ मेरा लंड

मैं ने कामिनी की गोरी जाँघो को किस करते हुए कामिनी की पैंटी निकाल दी.

पैंटी निकाला और ना निकाला एक जैसा था .क्यू कि पैंटी चूत को ठीक से छुपा नही पा रही थी.

या फिर निपल की तरह चूत मेरे लिए पैंटी से बाहर निकलना चाहती हो.

कामिनी की चूत ठकुराइन की चूत की कॉपी थी.

चिकनी, गुलाबी, थोड़ी फूली हुई, फिर भी कुँवारी चूत की तरह दिख रही थी.

ऐसी चूत की जो एक दर्शन मे हज़ारो लंड से पानी निकाल दे

पर मेरा लंड ऐसी बेलगाम चूत को लगाम डालना जानता था.

चूत को लगाम लगाने से पहले तैयार तो कर दूं

मैं ने कामिनी की गरम चूत पे किस करना शुरू किया .

ओह माइ गॉड ,कामिनी की चूत तो न्यूक्लियर रिएक्टर जैसी हीट प्रोड्यूब कर रही थी.

मेरा पहला चूत पे किस कामिनी का मूह खोलने को काफ़ी था.

….आआअहह ……उूुउऊहह….

……..उूुुउउफफफफफ्फ़……….आआहह …..उूुुउऊहह….. ऊऊऊहह…..करते हुए कामिनी ने मेरे जीभ का वेलकम किया.

किस करते हुए चूसने से कामिनी की हालत पतली हो गयी.

और मेरी जीभ ने तो आग मे तेल का काम किया.

जीभ के लपलप्पाने से कामिनी ऐसा मज़ा ले रही थी जिस की उसने कल्पना भी नही की होगी.

मेरी जीभ को चूत सेंटर फ्रेश की तरह दिख रही थी. जिस से जीभ लपलप्पाना बंद करने को तैयार नही थी.

कामिनी का सिर से लेके पैरो तक नंगा मेरे नीचे होना. मेरे हाथ की डॉल बन ना.काफ़ी था कामिनिको मेरा गुलाम बनाने के लिए

मैं अपना काम हमेशा पूरी लगन से करता हूँ जिस से सामने वाला मेरा गुलाम हो जाता है.

मेरे गुलामो की फौज मे कामिनी का नाम जल्दी जुड़ जाएगा.

कामिनी अपने पैरो को बार बार हिला रही थी ताकि उसका पानी जल्दी निकल जाए

अपनी गंद को उपर उठा कर चूत को मेरी जीभ के सामने परोस रही थी.

रंजीत ने उसे जो मज़ा नही दिया वो मैं दे रहा था.

कामिनी ने सोचा नही था कि चूत चूसवाने मे इतना मज़ा आता है.

आज तक वो इस मज़े को ना पा कर रंजीत को गालियाँ दे रही थी.

आज कामिनी की समझमे आया कि चुदाई सिर्फ़ लंड चूत का खेल नही होता इसमे पुरी बॉडी को पार्ट लेना पड़ता है.

कामिनी मेरे साथ चुदाई का गेम खेल कर मज़े पे मज़ा करेगी.

कामिनी आज मेरे साथ जन्नत घूम कर आएगी,

रंजीत ने उसे जो मज़ा नही दिया वो मज़ा मैं दे रहा था.

मैं बार बार उंगली से उसके चूत के होंठो को फैला कर दाने को जीभ से छेद रहा था.

दाने को मेरी जीभ छुते कामिनी अपनी गंद ज़्यादा उपर उठा देती जिस से मेरा काम आसान हो जाता.

कामिनी की जोश बढ़ाने वाली शीष्कारिया मुझे हिम्मत दे रही थी कि पानी निकल जाएगा. हिम्मत मत हारो.

मेहनत करो कामयाबी ज़रूर मिलेगी.

और मुझे अपना फल मिल गया.

कामिनी के सबर का बाँध टूट गया.

कामिनी की चूत से पानी निकल कर मेरे मूह मे चला गया.

बिना किसी के कामिनी का पानी उसकी चूत सेमेरे मूह मे चला गया.

टास्क कंप्लीट हुआ.

कुँए का पानी मैं ने पी लिया. अब कुँए मे फिर से पानी लाने के लिए पहले बोरिंग करनी पड़ेगी.

मेरी मशीन तैयार थी. कामिनी की चूत मे पानी निकालने के लिए

कामिनी अपना पानी निकाल कर ठंडी पड़ गयी.

मैं भी थोड़ा रुकना चाहता था.

मैं ने अपना लंड वापस टवल मे छुपा दिया.मैं कामिनी को लंड दिखाने के मूड मे नही था.

पहले मेरा लंड कामिनी की चूत मे जाएगा फिर मूह मे

कामिनी और मैं नॉर्मल हो रहे थे.

 


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हम नॉर्मल हुए कामिनी मेरे गले लग गयी

कामिनी-अभी इतना मज़ा मिला है तो आगे तुम मेरा क्या करोगे

अवी-तुम बस देखती जाओ. आज पूरी गर्मी निकाल दूँगा

कामिनी-निकाल देना पहले अपना लंड तो दिखा दो

अवी-लंड को ऐसे देखने की जगह फील करके देखने मे तुम्हें ज़्यादा मज़ा आ गया

कामिनी-मैं ने सुना है कि तुम्हारा लंड चूसने मे मज़ा आता है .एक बार चूसने दो

अवी-तुम्हारी इच्छा पूरी करूँगा पर पहले तुम्हारी चूत मे जाएगा फिर दर्शन करना

कामिनी-तो डालो ना जल्दी. मुझे तुम्हारे लंड को प्यार करना है

अवी-तुम्हारी गुलाबी चूत के लिए मेरा गोरा लंड पर्फेक्ट रहेंगा.

कामिनी-पर्फेक्ट ,और फिट रहा तो मेरी चूत तुम्हारी हो गयी समझो

अवी-फिर रंजीत को अपने लंड को मूठ मारकर शांत करना होगा.

कामिनी-उसको तो सिर्फ़ गंद पसंद है. और अब तो उसके मेरे साथ ठकुराइन भी मिल गयी है.

अवी-तुम्हें भी तो मेरा लंड मिल रहा है.

कामिनी-अभी तक मिला कहाँ है.

अवी-चलो फिर मिलन करवा देते है.

और मैं ने कामिनी को अपनी गोद मे उठाया और बेडरूम मे चला गया.

कामिनी को गोद मे उठाते ही उसकी गंद को मेरा लंड चुबने लगा.

कामिनी की फूली हुई गंद देख कर मेरे लंड मे दर्द हो रहा था.

कामिनी से चूत से भी पानी निकल रहा था जिस से कामिनी मेरे हाथ से फिसल रही थी.

एक बार तो ऐसी फिसली कि मेरा लंड कामिनी की गंद के छेद से जा टकराया.

कामिनी को इस टक्कर से इतना मज़ा आया कि उसके मूह से ऊउच निकल गया.

मेरे चेस्ट पे मुक्का मार कर शिकायत करने लगी कि पीछे नही आगे जाना है मेरे लंड को

कामिनी-तुम बहोत नॉटी हो

अवी-तुम्हारी गंद एक मॅगनेट है जो मेरे लंड को अपनी तरहफ़ अट्रॅक्ट कर रही है.

कामिनी-सबकी नज़र मेरी गंद पे क्यूँ होती है.

अवी-किसी की नज़र ना लगे इस लिए ब्लॅक पैंटी पहना करो

कामिनी-पहन लूँगी पहले अपना स्टंप तो लगा लो

अवी-मैं स्टंप नही सिग्नेचर करता हूँ. वाइट इंक से जो तुम्हें ज़िंदगी भर याद रहेंगी.

कामिनी को ऐसे उठा कर ले जाने मे मुझे मज़ा आ रहा था.

मैं ने कामिनी को उठा कर बेड पर पटक दिया.

ऊऊऊऊओिईईईईईईईई...... उूुुउउइईईईईई.....?. माआआआआ......... अभिईीईईईईईईई....... सीईईई....... हद्द्द्द्ददडिईईईईईईई....... तोद्द्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड............ रहीईईईई....... हूऊऊऊऊओ

बेड पर पटकते ही कामिनी ने प्यारी से शिकायत करके मुझे बता रही थी कि मैं उसकी हड्डी को अपने धक्को से तोड़ दूं.

शिकायत करते हुए कामिनी ने मेरा लंड जल्दी लेने के लिए अपने पैर फैला दिए.

कामिनी की चूत से पानी टपक रहा था.

गंद मरवाने से पैर अच्छी तरह खुल जाते थे कामिनी के

कामिनी ने अपने पैर फैला कर मेरे लंड को वो नज़ारा दिखाया जिस के लिए मेरा लंड कब से इंतज़ार कर रहा था.

रंजीत सिंग सच मे पागल है जो इतनी बढ़िया चूत को छोड़ कर गंद मारता रहता है.

रंजीत की जगह मैं होता तो रोज चुदाई चूत से शुरू करके गंद पे ख़तम करता.

इतने सालो मे कामिनी की चूत का भोसड़ा हो जाना चाहिए था पर देखो कामिनी की चूत ऐसी दिख रही है जैसे सिर्फ़ 5 6 बार चुदि हो.

ठकुराइन की तरह कामिनी की चूत मेरे लंड को पसंद आ गयी.

जो चीज़ मेरे लंड को पसंद आती है उसे मेरा लंड अपना बना कर रहता है.

रंजीत ने कामिनी किचूत का भोसड़ा नही बनाया तो क्या हुआ मैं हूँ ना. मेरा लंड तो कामिनी की चूत को फाड़ने को तैयार है.

कामिनी की गंद रंजीत मारेगा तो चूत मेरा लंड फाड़ेंगा.

मुझे ऐसे अपनी चूत को घूरता हुआ देख कर कामिनी ने अपनी चूत मे उंगली करना स्टार्ट किया.

मेरा लंड सामने होकर चूत मेउंगली करने की नोबत आए ,

ये मेरे लंड की बेज़्जती थी. अब इसकी सज़ा मेरा लंड चूत फाड़ कर देगा. चूत को इतना रुलाएगा कि दुबारा ऐसी ग़लती नही करेगी.

कामिनी की गंद बड़ी होने से नीचे पिल्लो रखने की ज़रूरत नही पड़ी. साथ मे कामिनी ने अपने पैरो को अच्छे से फैला दिया था जिस से मुझे लंड डालने मे कोई परेशानी नही होगी.

मैं कामिनी के पैरो की बीच मे आ गया.और लंड को कामिनी की चूत पर रगड़ने लगा.

लंड ने चूत को किस करना शुरू किया जिस से कामिनी ने मेरे लंड के लिए अपनी उंगली निकाल दी.

उंगली निकलते मेरा लंड चूत मे जाने को तैयार हो गया.

मेरे लंड की हार्डनेस और गरमाहट के सामने कामिनी की चूत पिघलने लगी.

कामिनी मेरे लंड की ताक़त और हार्डनेस को फील कर रही थी.

कामिनी उठ कर मेरे लंड की ताक़त को एक बार देखना चाहती थी पर मैं ने उसे उठने नही दिया.

मैं ऐसे ही कामिनी को तड़फाना चाहता था.

कामिनी जल्दी मेरे लंड को अंदर लेने को मरे जा रही थी.

रंजीत ने ज़िंदगी भर गंद मारके कामिनी को तडपाया है अब मैं अपना लंड चूत के पास ले जाके कामिनी को तड़फ़ा रहा था.

कामिनी अपनी गंद को उपर उठा के लंड चूत मे लेने की कॉसिश करने लगी .पर जैसे वो अपनी गंद उपर करती मैं लंड पीछे कर देता.

लंड बिना तड़फाए मिला तो चूत को लगता है लंड को उसका गुलाम है.

लेकिन वो भूल गयी कि मेरा लंड झुकता नही झुकाता है.

कामिनी ने हार मान ली

आब्ब्ब्ब्ब्बबब बर्दस्त्थत्टटटटटटटटटतत्ट नहियीईईईईईईई हूऊऊऊऊऊ रहाआआआअ हाईईईईईईईईईईईईई….,,,,,,,, आआआआआअहह........… ऊऊओह प्लेआसीड़डदीई छोड़ूऊऊऊऊ मुझीईई…. आब्ब्ब्ब्ब्ब्ब्बबब और दर्र्र्र्ररर माआअत कााआअरो…. मुझे डाआाअलल्ल्ल्ल्ल्ल डूऊऊऊ नाआआअ…. उंड़ररर्रेरे

ज़्यादाा बर्दास्त नहियिइ हो रहााअ डलूऊऊऊओ नाआआअ उंदाईईईईररर्र्र्ररर

और कामिनी ने अपने पैर और फैला दिए ताकि चूत खुल जाए और लंड फिसल कर अंदर जाए

कामिनी की बेताबी देख कर मुझे उस पे तरस आ गया.

और मैं अपना लंड कामिनी की चूत पे अच्छे से रख कर एक जोरदार झटका मार कर मेरा मोटा लंड कामिनी की कम चुदि हुई टाइट चूत मे डाल दिया.

झटका ऐसा मारा कि मेरा आधा लंड चला गया.

कामिनी ऐसे झटके को तैयार नही थी.

उसे तो लग रहा था कि मैं उसे और तड़फाउंगा.

पर ऐसे अचानक हुया हमला .वो भी न्यूक्लियर बॉम्ब जितना ताकतवर कामिनी की तो सास अटक गयी.

झटके से कामिनी की चूत ऐसी फटी कि वहाँ अब दूसरा लंड जाएगा भी तो उसे मज़ा नही आएगा.

कामिनी जैसी गरम माल को ऐसे ही झटके से ठंडा किया जा सकता था.

मेरे लंड से जो हेवी वॉटर निकलेगा वो कामिनी की चूत के रिक्टर को ठंडा कर देगा.

पर मेरा हेवी वॉटर निकालने से पहले रिएक्टर मे मेरे हेवी वॉटर के लिए जगह बनानी होगी.

मेरा पाइप पूरा अंदर डालना होगा तब जाके चूत का नुक्लियर रिएक्टर को मैं हॅंडल कर पाउन्गा.

पहले झटके से कामिनी की चूत मे ऐसी हलचल हुई की कामिनी की चीख निकल गयी.

आआअहह......... म्माआआअरर्र्र्र्ररर ........ दलाआाआ........ माआआआआअ........ मैंन्ननननणणन्...... मररर्र्र्ररर........ गाइिईईईईईईईईईईई........ रणजित्त्त्टटटतत्त....... नीईदीए......भीईीईईईईईईईई....... ऐसाआआआअ....... दर्द्द्द्द्द्द्दद्ड......... नहियीईईईईईईई.......... दियाआआआ....... आआआअहह........ मज़ररर्र्र्र्ररर....... गाइिईईईईई......

अवईीईईईईईईईईई....... तूमम,म्म्म्म ममममम...... जनवर्रर्र्र्र्र्ररर....... हूऊऊऊऊओ...... बीनाआआआआ........ शिकररर्र्र्र्ररर...... कूऊऊऊऊओ...... पटाआआआ...... लगीईईई....... शिकररररर........ कार्रर्र्र्ररर...... लिय्ाआआ........ आआहह

कामिनी के मूह से शीष्कारी सुनकर और मेरी तारीफ सुनकर मेरा लंड खुश हो गया.

इतना खुश हुआ कि कामिनी की गरम चूत की मे और अंदर जाने को तैयार हो गया.

मैं ने कामिनी की चूत मे 2 झटके मे लंड डालने का फ़ैसला किया

अगर मेरे लंड से दर्द नही होगा तो कामिनी को लगेगा कि मेरे लंड मे दम नही है.

रणजीतसिंघ और मेरे लंड मे ज़्यादा फरक नही था. जितना था उतना कामिनी को दिखाना ज़रूरी था.

जब तक कामिनी को दर्द नही होगा उसे मज़ा कैसे आएगा. लंड पहली बार चूत मे जाने पर मतलब नयी चूत मे जाकर अपनी ताक़त नही दिखाएगा तो चूत लंड की गुलाम कैसे होगी.

पहला झटका मारने के बाद कामिनी के मूह से चीख निकल गयी पर उसकी चीख पूरी होने से पहले दूसरा झटका मारकर पूरा लंड अंदर डाल दिया.

कामिनी के न्यूक्लियर रिएक्टर जो इतना गरम था कि पूछो मत उसके अंदर जाते ही लंड पिघलने से बचाने के लिए मुझे कुछ करना होगा.

अगर मैं ने कुछ नही किया तो मेरे लंड को कामिनी की गरम चूत अपनी गर्मी से पिघला देगी.

अगर मेरा लंड कामिनी की चूत नाम के रिएक्टर को ठंडा ना कर पाएगा तो इसका मुझे लॉस होगा.

मैं अपने लंड को सपोर्ट देने के लिए कामिनी के रिएक्टर के जनरेटर मतलब बूब्स को दबाने लगा.

बूब्स को ऐसे दबाने लगा कि जनरेटर रिएक्टर को पॉवर नही दे रहा था और मेरा लंड चूत की गर्मी मे पिघलने से बचने लगा.

पर इस दूसरे झटके से कामिनी की चीख जोरदार निकली थी पर दर्द की वजह से आवाज़ ज़्यादा उची नही थी

…… आआआहह ऊऊओ माआररर्ररर.......... गाइिईईईईईईईईईई........ मररर्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर..,....... डालूओगीईईई....... क्य्ाआआआअ....... .चूऊतततटटतत्त......... फद्द्द्द्द्द्द्दद्ड........ कार्रर्र्र्र्रर्रफ़्र.......

आआआआअहह....... माआआआअ......... मररर्र्र्र्ररर........गाइिईईिओ.......... आआआहह......... तुम्हेनईईईई....... क्य्ाआआआअ........ मिलाआअ......ऐसाआआअ......कार्रर्र्रेर...क्ीईईड.....

फॅट्ट्ट्ट........ गाइिईईईईईईईई....... मेररीईईईईईईई...... आआआहह........ मुझीववीईईईईई......... क़िस्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स....... कुठीईईईई........ कााआअटततटतत्त........ लिय्ाआआआआआ........त्ााआआआ........ जूऊऊऊऊ...... तुम्हाराआआआअ........ लुंद्द्द्द्द्द्दद्ड......... क्ीईईई....... पीछीईईई...... लगगगगगगग...... गाइिईईई....

आआअहह....... अवईीईईईईईई......... तूमम्म्ममममममम...... जनवर्रर्र्रररे......... हूऊऊऊ....

कामिनी की चीख सुनकर मैं खुश हो गया.

शादी सुदा औरत के मूह से चीख निकालना ये साबित करता है की लंड मे कितना दम है.

मेरे लंड ने आज वो कर दिखाया जो आज से पहले नही किया था.

2 बच्चों की माँ की मूह से चीख निकालने से चूत वाली लंड वाले की गुलाम हो जाती है.

मैं इतना कर के रुकने वालो मे से नही था.

जितना मेरा नशा कामिनी पे चढ़ेगा उतना मेरा लिए अच्छा होगा.

कामिनी गाओं की ठकुराइन होने वाली. ठकुराइन के पैरो के नीचे पूरा गाओं और मेरे नीचे ठकुराइन

वाव ये सुनने मे अच्छा लग रहा है. कामिनी नाम के लिए ठकुराइन होगी .पर हुकुम मेरे चलेंगी.

मेरे लंड पे ठकुराइन नाचेगी .मैं इस से गाओं का विकास कर पाउन्गा.

लंड कामिनी की गरम चूत मे जाकर रुकने वाला नही था.

चूत मे ज़्यादा देर एक जगह रुकने से मेरा लंड पिघल जाएगा.

मुझे जल्दी अपने लंड को इन आउट करना शुरू करना होगा.

कामिनी की चूत ने मेरे लंड को पकड़ रखा था फिर भी लंड को बाहर निकालना ज़रूरी था.

मेरे लंड को कामिनी की चूत इतनी पसंद आ गयी थी कि वो बाहर निकलने को तैयार नही था.

लंड बाहर निकालने को ताक़त लगानी पड़ी जिस से चूत रोने लगी और कामिनी को दर्द होने लगा.

लंड टोपा तक बाहर निकाल कर फिर से जोरदार पुश करके अंदर डाल दिया.

आआहह.....अवईीईईईईईई......... रुक्कककककककककक.....जाओवववववव........ आआआहह..... दर्द्द्द्द्द्द्दद्ड...... हूऊऊऊओ...... रहाआआआआआआअ....... हाईईईईईई........ अवईीईईईई....... मैंन्ननणणन् मररर्ररर जौंगिइिईईईईईई........... माआआ.......... बचााआआअ लूऊऊऊऊ......

आआआअहह........ मज़ाआआअ....... दर्द्द्द्द्द्दद्ड........ माआआअ......??? अवईीईईईईईईईई.......

लंड अंदर जाते बाहर आकर फिर अंदर जाने लगा.

कामिनी मुझे रुकने को कह रही थी पर लंड पे चूत भारी था.

मैं ने पहले 20 25 बार लंड को धीरे धीरे कामिनी की चूत मे अंदर बाहर करना शुरू किया.

ऐसा करने से कामिनी का दर्द कम हो रहा था साथ मे मेरा लंड चूत को अपना गुलाम बना रहा था.

मेरे धीरे धीरे धक्के मारने से कामिनी को पता चला कि मैं अपने पार्टनर की रेस्पेक्ट करता हूँ.

गुलाम को रेस्पेक्ट देने से गुलाम के दिमाग़ मे मालिक के प्रति पॉज़िटिव थिंकिंग बढ़ जाती है.

कामिनी के साथ भी ऐसा हो रहा था ,जिस से कामिनी जल्दी मेरा साथ देने लगी.

धीरे धीरे कामिनी की चीखे शीष्कारी मे बदल रही थी.

 


आआआहह.......अवईीईईईईईईईई..........

मज़्ज़्ज़्ज़्ज़ाआआअ..........आआआआआ....... रहाआआआअ......... आआआआहज्ज

तूमम्म्मममममम...... जादूगर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर......... हूऊऊ........ पहलीईदीईए......... दर्द्ड़सस्द्द्डड........ आब्ब्ब्ब्ब्ब्बबब...... मज़ाआआआआ

आआआअहह....... माआआआअ........ मेरिइईईईईईई..........शादीइईईईईईईईईई........अवईीईईईईईईईईईई .....सीईईई....क्यउउुुुुुुुउउ...... नहियीईईईई....करवाईईईईई.....

कामिनी मेरे धक्को के साथ मोन कर रही थी ……आआहह…. ….ऊओह…

कामिनी की हर एक शीष्कारी मेरे धक्को को रेस्पेक्ट दे रही थी.

लंड इतनी मेहनत करके धक्का मारता है अगर उस धक्के पे शीष्कारी ना निकले तो लंड का जोश ठंडा पड़ जाता है.

सेक्स करते समय एक दूसरे को रेस्पेक्ट देना ज़रूरी होता है. जिस से चूत लंड का रिस्ता पक्का हो जाता है.

मेरे धक्को की गति बढ़ने से कामिनी मस्ती मे आने लगी.

ये शीष्कारी मुझे ठंडा पड़ने नही दे रही थी

आआहह…आआहह…. उउउइईई… ..आअहह..

उूउउम्म्म्माआआआहह……ऊऊऊऊ

कामिनी मस्ती मे डॅन्स कर रही थी मतलब कामिनी अपनी गंद हिला कर लंड चूत के मिलन से जो म्यूज़िक निकलता है उस पे डॅन्स करने लगी.

कामिनी के बूब्स डॅन्स करने मे गंद का पूरा साथ दे रहे थे

चुदाई मे पूरा शरीर साथ दे तो चुदाई का मज़ा डबल हो जाता है

और इसका सबूत था कामिनी की चूत से निकलता हुआ पानी.

कामिनी की चूत से पानी निकालने मे मेरा लंड कामयाब हो गया.

लेकिन कामिनी पानी निकालने के बाद भी मेरा साथ देने लगी.

कामिनी जैसी पार्टनर हो तो चुदाई मे असली मज़ा आता है.

कामिनी सिर्फ़ कुछ मिनटों के लिए ठंडी हुई थी बाद मे मेरा जोश देख कर मस्ती मे आ गयी.

और फिर से मेरे धक्को से अपनी गंद हिलाने लगी.

अपनी पोज़िशन बदल बदल कर मेरे धक्के खा रही थी.

कामिनी कभी नीचे होती तो कभी मेरे उपर आ जाती और अपनी गंद को दिखा कर लंड को चूत मे लेती

कामिनी थक जाती तो मैं धक्के मारता .

मुझे आराम देने के लिए कामिनी अपनी गंद हिलाना शुरू करती.

कामिनी की ऐसी चूत की गर्मी पा कर मेरा लंड और टाइट हो कर धक्के लगा रहा था.

कामिनी को फिर से मस्ती मे आता हुआ देख कर मैं ने अपनी स्पीड बढ़ानी शुरू की

कामिनी के मूह सा आवाज़े तेज होती गयी….

.ऊऊऊओह… ..आआआअहह…उूुउऊहह….. उूउउफफफफफफफफफफफ्फ़….. ….ईईईईहह… ऊऊफफफफफफफफफ्फ़ ऊहह……और जोर्र्र से चोदूऊ मुझे ऊऊओह और जोर्र्र्र से चोदूऊ मुझे…..

कामिनी की बात मैं कैसे नज़र अंदाज़ करता.

मैं कामिनी की चूत का भोसड़ा बनाने मे लग गया.

कामिनी का बदन मेरे धक्को से टूट रहा था

बदन की हर एक हड्डी टूटने की आवाज़ सुनकर लंड बेकाबू होने लगा.

बेकाबू लंड चूत को नानी याद दिलाने लगा.

कामिनी ने शीष्कारी की गति बढ़ा दी

आआहह… और जोर्र्र से चोदूओ ...मेरिइइ….चूत्त्त्त...आआअहह….

कामिनी पूरी मस्ती मे आ गयी थी …ऊऊओह…माआररर… ऊऊओह…. ….उूुुउउफफफफफ्फ़…. …अहह…..… बड़ाअ मज़ाआ आ रहा है मुझे तुमसे चुदवाने मे.… ….ऊओह तुम बहोत अच्च्छा चोद्ते हो…..आआहह…..

उूुुउऊहह…..ऊऊओफफफफफफफ्फ़….

…बॅस चोद्ते जाआओ मुझीए…एब्ब ….आअज राअत भाआर चोदो मुझे…

और कामिनी ने फिर से पानी छोड़ दिया.

काफ़ी देर हो गयी हमारी चुदाई को जिस मे हम दोनो ईक्वल पोज़िशन पे थे.

पोज़िशन से याद आया कि कामिनी को ऐसे चुदाई करने मे दर्द हो रहा था.

मैं ने लंड बाहर निकाल कर कामिनी से एक तरफ होकर लेट ने को कहा और मैं कामिनी के पीछे जाकर लेट गया.

और कामिनी के एक पैरो को पकड़ उपर किया और लंड चूत मे गहराई मे कर दिया.

इस पोज़िशन मे कामिनी को मज़ा आने लगा.

मैं धक्के लगाता गया और चूत पे अपना नाम लिखना शुरू किया.

कामिनी फिर मस्ती मे आ गयी…ऊऊहह….. चोदूओ मुझे…

मैं ने कामिनी के सर के नीचे 2 पिल्लो रख दिए और कामिनी ने अपना सर मेरी तरहफ़ घुमा दिया साथ मे अपना शरीर भी घुमा दिया.

ऐसा करने से मैं कामिनी को किस करते हुए धक्के मारने लगा.

अब तो कामिनी मज़ा लेने लगी.

चूत मे धक्को के साथ किस करना ,कामिनी हवा मे उड़ रही है.

मैं ने इस मे और मसाला डाला. जिस पैर को मैं ने पकड़ रखा था उस हाथ को कामिनी के बूब्स तक ले गया.

ऐसा करने चूत और खुल गयी जिस से धक्के अच्छे तरीके से लग रहे थे.

अब तो किस करने के साथ बूब्स दबाने से कामिनी को मज़ा आने लगा.

पर इसतरह ज़्यादा देर तक रहने से कामिनी को दर्द होने लगा.

लेकिन मुझे मज़ा आ रहा था.

इस का एक हल था मैं ने वही पोज़िशन दूसरी तरफ से ली.

कामिनी दूसरी तरफ हो कर लेट गयी. अब कामिनी का दूसरा पैर मेरे हाथ मे था जिस से हम दोनो को मज़ा आने लगा.

इस पोज़िशन मे मज़ा ज़्यादा था पर धक्के धीरे धीरे पड़ रहे थे जिस से कामिनी का पानी निकलने मे ज़्यादा समय लगा.

पहली 2 बार पानी जल्दी निकल गया था पर तीसरी बार निकलने मे थोड़ा ज़्यादा टाइम लगा.

पानी निकलते ही मैं ने कामिनी को उल्टा लिटा दिया और पैरो को फैला दिया.

कामिनी की मोटी गंद मेरे सामने थी पर पहले चूत को खुश करना था.

कामिनी की चूत खुश हो तो कामिनी खुश,कामिनी खुश तो गंद मिल ही जाएगी.

चूत खुश होते ही लंड गंद मे जाने को ज़्यादा देर नही लगाता.

मैं पीछे से कामिनी के उपर आकर लंड चूत मे डाल कर अपने लास्ट राउंड की तैयारी मे लग गया.

फाइनल राउंड मे शुरू से स्पीड ज़्यादा होती है.

इस पोज़िशन मे मेरे धक्को से कामिनी के बूब्स गद्दे मे दब रहे थे.

मैं ने कामिनी के हाथो को पकड़ कर पीठ पर रख कर पकड़ रखा था

ऐसा करने से कामिनी की सर का भाग उपर उठ गया और मैं कामिनी के हाथ पकड़ कर मे चोदने लगा.

कामिनी की रंजीत ने इतनी लंबी चुदाई नही की थी .

की होगी पर गंद मारी होगी. चूत को इतने धक्को की आदत नही थी.

कामिनी को अपनी चूत मे जलन होने लगी.

कामिनी मुझे रुकने को बोल रही थी.

अवईीईईईईईई....... दर्द्द्द्द्दद्ड....... हूऊऊऊ...... रहााआआ........ हाईईईईईईईईई......

प्लेआस्ीईएवी........ रुक्ककककककक....... जाओववववववव....... चूऊवटतत्टतत्त...... जलल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल...., रहियीईईईईई......हाईईईईईईई.....

मुझीईई........ इतनीईईई.....धक़्क्ीईईई......काफ़िईईईईईई... हाईईईईईईई.......

आआआआहह........ माआआआ....... दर्द्द्द्द्द्द्दद्ड........ हूऊऊऊऊ....... रहहााअ

कामिनी मुझे रुकने को बोल रही थी और मैं कहाँ रुकने वाला था

मदर्र्र्रर्रचूऊऊओद्द्द्दद्ड....... रुक्कककककककक.....न्न्न्ना आआ .......... ईईईईई....... मारीईईईईईईईई ...... चूऊऊथततटतत्त...... फद्द्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड....... डल्लेंगाआआआअ........ तेरईईईई....... बहन्ंनननननणणन्....... क्कीईईईईईई फद्द्द्द्द्द्दद्ड ......मैंन्ननणणन् ....... तेरीईई........ क्य्ाआआआअ बिगाड़ाााआ....... हाईईईईईई

बहंक्द्द्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड ...... रुक्ककककककक......... आआआअहह........... माआआआअ......... मसर्चोद्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द........रुकनाआआअ.....

रिक्वेस्ट करके कोई फ़ायदा नही हुआ तो कामिनी अंपनी औकात पर आ गयी

चुदाई करते हुए पार्टनर रंडी बन जाए तो मज़ा बहोत आता है

कामिनी हवेली की बहू के मूह से गालियाँ सुन कर मेरा जोश बढ़ गया और मेरे धक्के जोरदार पड़ने लगे

कामिनी मज़ा लेते हुए मुझे रोक रही थी

रुउउक्ककककूूपप......... नहियीईईईईई....... जोर्र्र्र्र्र्ररर सीईईई मरूऊऊ........ नहियीईईई........ रुक्कककककक जाओववववववव....... नहियीईई जोर्र्र्र्ररर सीईई मरूऊऊओ........ नहियीईईई....... मेरिइईईई फत्त्ततत्त जाएगीइीउईइ......... नहियीईईईई....... मेरिइईईईई फद्द्द्दद्ड डलूऊओ

कामिनी कभी मुझे रोक रही थी तो कभी फिर से धक्के मारने को बोल रही थी

मैं अपनी मस्ती मे धक्के मारता गया

कामिनी की सवारी करता गया.

ऐसा लग रहा था कि मैं घोड़ी की सवारी कर रहा हूँ .

घोड़ी की लगाम मतलब कि हाथ मे मैं ने पकड़े रखे थे और चूत मे जोरदार धक्के मारने लगा.

शायद कामिनी को ऐसे धक्को की उम्मीद थी जिससे उसने मुझे रोकने नही कहा था.

बल्कि शीष्कारी लेते हुए मुझे जोरदार धक्के मारने को कहा.

कामिनी की हिम्मत को 21 तोपों की सलामी मेरी तरफ से

मेरा एक लंड 21 तोपों के बराबर था.

मेरे धक्को से कामिनी समझ गयी कि जल्दी उसकी चूत को मेरा वीर्य मिलने वाला है.

आख़िरी धक्को की आवाज़े भी मज़ेदार होती है

धक धक पुतछ पुतछ पुतछ पूछ पक पक की आवाज़ से बेडरूम गूँज रहा था .

1 घंटे से ज़्यादा देर हो गयी हमे चुदाई करते हुए .

कामिनी मेरा जोश देख कर दंग रह गयी.

उसे आजतक ऐसी चुदाई नही नही मिली थी.

लेकिन कामिनी ने पूरी चुदाई मे पूरा साथ दिया जिस से मुझे मज़ा आता गया.

मेरे आख़िरी के धक्को से कामिनी का नाज़ुक बदन टूट चुका था.

उसकी चूत के रिएक्टर मे मैं अपना हेवी वॉटर डालने को तैयार हो गया.

लेकिन कुछ भी हो कामिनी की चूत ने मेरे लंड को जीत लिया.

जिस तरह उसने मेरा साथ दिया ,दिल खुश हो गया जिस से मैं कंट्रोल खो बैठा.

और अपना सारा माल कामिनी की चूत में डाल दिया और उसके उपर लेट गया

कामिनी के रिएक्टर मे अपना हेवी वॉटर डालके उसके रिएक्टर की गर्मी ठंडी कर दी.

कामिनी मेरे वीर्य को अपनी चूत मे फील कर के ठंडी हो गयी.

इतनी लंबी चुदाई से हम दोनो ठंड हो गये.

मैं कामिनी के उपर पड़ा रहा.

पर कामिनी ने मुझे अपने उपर से हटा दिया और सीधी होकर लेट गयी.

और मेरे साथ बेड पर लेट कर नॉर्मल होने लगी.
 


743

थोड़ी देर बाद हम नॉर्मल हो गये.

कामिनी ने मुझे किस किया और अपनी चूत को देखने लगी. उसकी चूत मे मेरा वीर्य बह रहा था.

कामिनी-तुम ने ये क्या किया. मेरी चूत का क्या हाल हो गया.

अवी-देखु ज़रा, अरे हाँ बहोत बुरा हुआ पर अब अच्छी लग रही है

कामिनी-लग तो अच्छी रही है. देखु इसका हाल ऐसा करने वाले को

और कामिनी मेरे लंड को देखने लगी.लंड मुरझाआया हुआ था

कामिनी-तुम्हारा लंड तो सच मे गोरा है. और ये बड़ा होकर कैसा दिखता होगा.

अवी-थोड़ी देर बाद पता चल जाएगा.

कामिनी-तुम ने पहले देखने क्यू नही दिया. अभी इतना अच्छा दिख रहा है तो बड़ा होकर कैसा दिखता होगा.

अवी-इसे खड़ा तुम्हें ही करना है

कामिनी-अभी तो चुदाई ख़तम हुई है. इतनी जल्दी. मुझसे नही होगा.

अवी-पहले कुछ खाना खा लेते है फिर करेंगे,खाने के लिए कुछ होगा ना

कामिनी-रंजीत ने लाया होगा. तुम देखो मैं नहा कर आती हूँ. तुम बाहर वाले बाथरूम मे फ्रेश हो जाओ.

कामिनी अपनी बड़ी गंद लेकर बाथरूम मे चली गयी. और मैं हॉल वाले बाथरूम जाकर फ्रेश हुआ और टवल पहन कर किचन मे चला गया.और अपना मोबाइल ले लिया कामिनी की रेकॉर्डिंग करने के लिए

अभी 7.00पीएम बज रहे थे. चाची को पता है कि मैं हवेली पे हूँ वो ज़्यादा टेन्षन नही लेंगी.मैं खाने के टेबल के पास गया तो वहाँ खाने का पार्सल रखा था. शायद हमारी चुदाई के समय रणजीतसिंघ रख कर गया होगा.

मैं ने खाना 2 प्लेट मे लगाया .तब तक कामिनी भी फ्रेश होकर आ गयी.

एक ट्रांसपेरेंट नाइटी वो भी बिना ब्रा पैंटी के पहन कर आई थी.

कामिनी को ऐसे देख कर फिर से चुदाई करने का मन हो रहा था पहले खाना खा लेता हूँ. कामिनी ने रूम हीटर ऑन किए और हम खाना खाने लगे

अवी-ऐसी ड्रेस पहनकर आओगी तो रात भर सोने नही दूँगा

कामिनी-सोना भी कौन चाहता है.

कामिनी की बात सही है. आज कामिनी के साथ पूरे अरमान पूरा कर लूँगा. पता नही फिर कब चान्स मिलेगा.

हम ने हल्का नाश्ता टाइप का खाना खा लिया .और कामिनी ने एनर्जी ड्रिंक बनाई थी. जिस पी कर ऐसा लग रहा था कि ग्लूकोज है.

फिर मैं कामिनी वापस बेडरूम मे चले गये.

कामिनी अपने किस्से बता कर टाइम पास कर रही थी.कामिनी के किस्से सुनकर मूड फ्रेश हो गया.

अवी-तुम ने तो बहोत मस्ती की रणजीतसिंघ के साथ

कामिनी-एक लाइफ है .पूरा एंजाय करना चाहती हूँ.

अवी-चलो फिर शुरू करते है

कामिनी-तुम्हारा खड़ा कहाँ हुआ है.

अवी-वो तुम्हें करना है. अब प्यार कर लो ,जी भर के ,

कामिनी-तो इस लिए पहले लंड को देखने भी नही दिया.

अवी-अब समझी तुम

और कामिनी ने मेरा टवल निकाल दिया. मेरा लंड चुदाई के नाम से खड़ा हो रहा था.

कामिनी मेरे लंड को हाथ मे पकड़ कर दबा कर तो कभी चमड़ी पीछे करके तो कभी आंडो को हाथ लगा कर लंड का डॉक्टर की तरह चेक अप किया

फिर कामिनी ने लंड के टोपे पर एक किस दिया. किस करने से लंड मे हरकत हुई. ये देख कर कामिनी ने लंड पर किस की बारिश की.

किस की बारिश मे नहा कर लंड अपने विकराल रूप मे आ गया.

लंड का विकराल रूप देख कर कामिनी देखती रह गयी.

कामिनी जिस तरह लंड को देख रही थी उस से पता चल रहा था कि वो लंड को हर एक आंगल से देख कर लंड की सुंदरता को अपनी आँखो मे क़ैद करना चाहती है.

लंड का विकराल रूप देख कामिनी के मूह मे पानी आ गया.और कामिनी मे अपनी जीभ से लंड के टोपे को चाट कर साफ किया.

कामिनी की जीभ से मेरे शरीर मे अजीब सी लहर दौड़ गयी. कामिनी ने लंड के टोपे से लेकर नीचे आंडो को चाट कर लंड को नहला दिया.

कामिनी का ऐसा करना उसकी कामुकता बता रही थी.फिर कामिनी ने लंड को मूह मे लेकर चूसना शुरू किया.

कामिनी के मूह मे लंड देख कर के लॉक का कॉंबिनेशन याद आया. कामिनी के लिए मेरा लंड पर्फेक्ट था.

कामिनी एक हाथ से आंडो को सहला रही थी और दूसरे हाथ से लंड को पकड़ कर चूसना शुरू किया.

कामिनी लंड चूस्ते हुए बीच बीच मे आंडो को चूस लेती तो कभी लंड पर किस करती गयी.

कामिनी के अकेले मज़ा लेने से मैं खुश नही था मुझे भी कुछ करना था. मैं ने कामिनी को 69 पोज़िशन मे आकर लंड चूसने को कहा.

इस तरह हम दोनो एक दूसरे को चूस कर मज़ा देने लगे और चूसने का मज़ा लेने लगे.

कामिनी मेरे लंड पर पूरा प्यार न्यौछावर कर रही थी. उसका प्यार काफ़ी लंबा चला. इसकी वजह मुझे पता थी.रणजीतसिंघ का लंड चूसने लायक नही था ,इसी लिए कामिनी अपने अरमान मेरा लंड चूस कर पूरे कर रही थी.

मैं ने कामिनी को डिस्ट्रब नही किया जब तक वो लंड चूस्ति गयी मैं ने उसे लंड चूसने दिया.

जब कामिनी को लगा कि वो इस से ज़्यादा चूस नही सकती तब वो रुक गयी. कामिनी के रुकने से पहले मैं रुक गया था.

मैं ये चुदाई कामिनी को करने देना चाहता था. कामिनी को मैं ने लंड पर बैठने को कहा. मेरी बात सुनते ही कामिनी खुश हो गयी और अपनी नाइटी निकाल कर लंड पे बैठ गयी.

कामिनी मेरी तरफ़ मूह कर लंड पर बैठ कर गयी. कामिनी की चूत मे लंड जाते हुए देख कर अच्छा लग रहा था.

कामिनी खुशी से लंड पर बैठ कर कर उछलने लगी.

उसके उछलने से बूब्स जिस तरह हिल रहे थे वो देख कर मैं अपनी आँखे सेकने लगा.

कामिनी लंड पर बिंदास्त होकर उछल रही थी.

इसमे कामिनी को बहोत मज़ा आ रहा था.और मुझे तो पूछो ही मत

कामिनी बीच बीच मे रिलॅक्स करने के लिए मेरे उपर झुक जाती और मुझे किस करने लगती.

उसके किस करने से मैं नीचे से धक्के लगाता

मेरे धक्को से कामिनी खुश होकर किस करके मेरा जोश और बढ़ाती.

हम ने बारी बारी से अपनी एनर्जी ईस्तमाल की,ताकि चुदाई का मज़ा मिलता रहे.

कभी वो लंड पर उछल कर मुझे आराम करने देती तो कभी मैं नीचे से धक्के मार कर उसे रिलॅक्स होने देता.

मेरे धक्को के वक्त वो मुझे किस करती तो कभी मेरे चेस्ट पर किस करती.

उसके उछलते समय मैं उसके बूब्स दबाने लग जाता.

हमारी म्यूचुयल अंडरस्टॅंडिंग से हम दोनो खुश थे.

इस पोज़िशन मे हम ज़्यादा समय तक चुदाई करते रहे. कामिनी का पानी निकलने के बाद भी हम इस पोज़िशन मे चुदाई करते रहे.

फिर कामिनी के पैरो मे दर्द होते ही मैं ने पोज़िशन चेंज की. उसे घोड़ी बना दिया

कामिनी को लगा कि मैं घोड़ी बना कर उसकी गंद मारूँगा पर मैं ऐसा नही किया .

मैं कामिनी को ऐसा खुश करना चाहता था ऐसा करने से वो मेरी एक आवाज़ पर भागती हुई आ जाए.

मुझे उसकी गंद देख कर एक बार के लिए लगा कि लंड गंद मे पेल दूं. मैं ने खुद पे कंट्रोल किया और चूत मे लंड डाल दिया.

कामिनी की गंद मे चूत से ज़्यादा बार लंड गया था. अगर कामिनी को खुश करना है तो चूत मे डाल कर उसका दिल जीत लू

मैं ने ऐसा ही किया ,चूत मे लंड जाते कामिनी ने पीछे मूड कर देखा और खुश हो कर मुझे स्माइल पास की.

कामिनी को घोड़ी बनाकर चूत मारने से मुझे मज़ा आ रहा था.

मेरे धक्का मारने से जो कामिनी को चूतड़ हिलते उसे देख कर मैं जोश मे आ जाता और साथ मे गंद ना मारने का गुस्सा चूत पर निकाल देता

ऐसा करने से,ऐसे धक्के मारे कि कामिनी को मज़ा आ जाता. और वो मज़े शीष्कारी लेने लगती.

…आअहह… ययूउुउउ… …उूुउऊहह…ऊओफफफ्फ़.." .आआअहह…. ऊऊफफफफफफफफ्फ़… ...उउईइइइम्म्म्ममाआ… …ऊऊहह…

पिछली पोज़िशन मे कामिनी ज़्यादा शीष्कारी नही ले रही थी. वहाँ हम खुश थे और अब कामिनी डबल खुश थी.

कामिनी के बड़े चूतड़ पर हाथ रख कर चूत मारने मे मज़ा आ रहा था.

धक्के मारने के साथ मैं गंद पर थप्पड़ भी मार देता.

थप्पड़ खाते कामिनी अपनी गंद पीछे कर देती जिस से मुझे लगता कि कामिनी और थप्पड़ मारने को कह रही है.

पर मैं थप्पड़ की जगह धक्का मार देता जिस से कामिनी रिप्लाइ मे गंद और पीछे कर देती.

2न्ड राउंड मे हम चुदाई के साथ मस्ती कर रहे थे.

मस्ती करने से कामिनी दर्द भूल कर चुदाई का अनोखा मज़ा लेने लगी.

कामिनी ने सोचा नही था कि मैं उसको इस तरह मज़ा दूँगा .उसे मुझे जितनी उम्मीद थी उस से ज़्यादा मिल रहा था.

कामिनी की टंकी मे पानी कम था. अब पानी निकलने मे काफ़ी समय लग रहा था.

लेकिन मेरा लंड रेगिस्तान मे पानी निकाल ने का दम रखता है.

कामिनी की चूत क्या थी. उस से भी पानी निकल गया.

पानी निकालने के बाद मैं ने कामिनी को बेड के कॉर्नर पर चूत खोल कर बैठा दिया और मैं खड़ा होकर उसकी चूत मारने लगा.

कामिनी अपनी चूत मे पहली बार इतनी देर तक लंड लेकर मज़ा ले रही थी.

फिर मैं ने कामिनी को उठा कर चूत मे धक्के मारने लगा.

कामिनी का वेट ज़्यादा होने से मैं ज़्यादा देर तक उठा नही सकता था.

मैं कामिनी को वैसे उठा कर बाथरूम मे ले गया .

कामिनी ने बाथटब तैयार करके रखा था सोने से पहले कामिनी बाथ लेने वाली थी.

मैं कामिनी के साथ बाथ टब के पानी मे उतर गया.

कामिनी मेरे ऐसा करने से बहोत खुश हुई .और खुद मेरे लंड को पकड़ कर अपनी गंद केछेद पर रखा.

झटके की वजह से मैं ठीक से देख नही पाया .पर लंड अंदर ना जाने से मैं समझ गया कि ये गंद है.

मैं ने कामिनी के होंठो पर किस किया और लंड गंद के छेद से हटा कर चूत मे डाला.

मेरे ऐसा करने से कामिनी के खुशी का कोई ठिकाना नही था.

कामिनी ने खुश होकर मेरे चेहरे पे किस करना शुरू किया और कामिनी की चूत मारने लगा.

बाथटब मे पहली बार मैं चुदाई कर रहा था. मेरे धक्को से पानी मे सूनामी आ जाती.

मेरे ऐसा करने से कामिनी मेरा पूरा पूरा साथ देने लगी.

बाथटब मे कभी मैं कामिनी के उपर तो कभी वो मेरे आकर चुदाई कर रही थी.

कामिनी शीष्कारिया लेते हुए मेरे लंड का मज़ा ले रही थी.

मेरे धक्को की स्पीड बढ़ते ही कामिनी ने मुझे रोक दिया.

कामिनी-अवईिइ मुझे पीना है

कामिनी की इच्छा पूरी करने के लिए मैं ने बाथटब मे खड़ा हो गया.

मेरे लंड पर उसका लगा हुआ था. मुझे बर्दास्त नही हो रहा था.

कामिनी ने मुझे ज़्यादा देर तड़पने नही दिया .और लंड पर पानी डाल कर लंड चूसने लगी.

अब लंड चूसने से काम नही चलेगा ये बात कामिनी को पता थी.

कामिनी ने अपने मूह को ज़्यादा खोल दिया और मैं लंड को कामिनी के मूह मे पेलने लगा.

थोड़ी देर कामिनी के मूह को चोदने के बाद मैं ने अपना लावा कामिनी के मूह मे डाल दिया.

कामिनी मेरा वीर्य खुशी खुशी पी गयी.

मेरा वीर्य पी कर कामिनी ने चुदाई पूरी कर ली.

कामिनी को वीर्य पिलाने के बाद मैं बाथटब मे बैठ कर कर रिलॅक्स होने लगा.

कामिनी मेरे उपर आकर मेरे साथ रिलॅक्स होने लगी.

थोड़ी देर बाद हम नॉर्मल हो गये.

कामिनी-अवी आज जैसा मज़ा मुझे कभी नही मिला

अवी-मुझे भी. मैं तुम्हारे साथ चुदाई करके खुश हूँ

कामिनी-तुम तो 2न्ड राउंड मे मेरी गंद मारने वाले थे.फिर तुम ने गंद क्यू नही मारी.

अवी-क्यू कि मैं तुम्हें खुश देखना चाहता था. मुझे पता है तुम्हें अपनी चूत की खुजली मिटानी है जो रणजीतसिंघ नही मिटाता है

कामिनी-हाँ, वो जब देखो तब मेरी गंद मारता है. मैं उंगली से अपना पानी मिकालती हूँ.

अवी-आज पूरा पानी मैं ने निकाल दिया

कामिनी-हाँ, अब कुछ महीने मैं खुश रहूंगी. पर तुम ने मेरे कहने के बाद भी गंद नही मारी. मैं ने लंड को रास्ता दिखाया फिर भी.

अवी-चुदाई मे पार्टनर की खुशियो का ध्यान रखना होता है. मुझे सिर्फ़ तुम्हारी खुशी दिख रही थी

कामिनी-मैने भी तो अपने पार्टनर को खुश करने के लिए लंड गंद पर रखा था.

अवी-मैं तो किसी और की गंद मारलूंगा.पर तुम कहाँ जयोगी. तुम कब से चुदाई का मज़ा लेना चाहती थी. ऐसे मे तुम्हारी खुशी ज़्यादा ज़रूरी थी.

कामिनी-थॅंक्स, तुम ने मेरा दिल जीत लिया. मैं तुम से सिर्फ़ आज के लिए करने वाली थी पर अब हम अपना रिस्ता कंटिन्यू रखेंगे .किसी और की क्यूँ, सुबह मेरी गंद मारना ,

अवी-ठीक है. सुबह तुम्हारी गंद

कामिनी-चलो साथ मे नहाते है

अवी-अभी नहा ही तो रहे है

कामिनी की जी भर के चुदाई करने के बाद मैं और कामिनी साथ मे नहाने लगे.

नहाने के बाद हम बेड पर जाकर चुदाई की बाते ,हसी मज़ाक करने लगे.

कामिनी मेरा साथ पा कर बहुत खुश थी. और मैं कामिनी को अपना बना कर खुश था.

हम ऐसे बाते करते हुए एक दूसरे के बाहों मे चिपक कर सो गये

 
744

कामिनी ने मुझे गंद मारने को कहा पर मैं फिर से कामिनी की चूत मारकर उसे खुश करना चाहता था.

कामिनी को खुश करके गंद मारने मे ज़्यादा मज़ा आएगा.

मैं ने सुबह की हार्डनेस कामिनी की चूत मे डाल दी.

मैं धक्का लगा कर पूरा लंड कामिनी की चूत मे घुसेड दिया

इस बार कामिनी शीष्कारी लेकर ज़ोर से चिल्ला उठी

आआ आआआआ आआआआअहह आआआहहहह ह हह अहहह हह्ा एयाया हा हह्ा अहहहह ऊऊऊऊओह ह ह उउउउउउउउउउउउउउउ उउउइई ईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई ईईईईईईईईउउुुुुुुुुुुउउइईई

मैं समझ गया कि सुबह की मस्ती मे पूरा लंड कामिनी की चूत मे जाने से ये शीष्कारी निकल गयी.

कामिनी की कल 2 बार चूत मारने से लंड आसानी से अंदर बाहर हो रहा था जिस से मैं कामिनी की चूत मे लगातार धक्के लगा रहा था.

कामिनी मेरे लंड की दीवानी हो गयी थी जिस से वो अपने गंद को उछाल उछाल के मुझ से चुदवा रही थी

थोड़ी देर बाद कामिनी ने सुबह की गर्मी मे अपना पानी निकाल दिया

फिर मैं ने कामिनी को उल्टा लिटा दिया और लंड को कामिनी की गंद पे रखा

वो गंद मे मेरा लंड लेने को तैयार हो गयी.

मैं ने कामिनी की खुली हुई गंद मे एक बार मेरा पूरा लंड डालने का फ़ैसला किया.

एक बार मे डालने से कामिनी को गंद मे मेरे लंड का अहसास होगा.

मैं ने जोरदार धक्का मार कर अपना पूरा लंड पूरा कामिनी की गंद मे चला गया.

कामिनी की गंद रणजीतसिंघ ने मार मार ढीली कर दी थी फिर भी मेरा लंड कामिनी की गंद मे जाते ही कामिनी की चीख निकल गयी.

पर उसने अपना मूह पिल्लो मे छुपा दिया.

शायद मुझे खुश करने के लिए चीखने का नाटक किया

इस मे मुझे बड़ा मज़ा आया. कामिनी की गंद को चीरता हुआ मेरा लंड गंद मे दाखिल हुआ था.

कामिनी की चूत मार कर मैं ने उसे खुश कर दिया .जिस वो मेरे लंड को गंद मे लेकर भी दर्द होने के बाद भी खुश थी.

कामिनी ने दर्द कम करने के लिए अपनी कमर को हिला हिला कर मेरे लंड को गंद मे अड्जस्ट किया.

हर बार मुझे ऐसा करना पड़ता था, पर कामिनी मुझ पे इतना खुश थी कि वो खुद मेरी मदद कर रही थी.

थोड़ी कामिनी ने अपनी कमर हिला कर नॉर्मल हो गयी.

कामिनी का सिग्नल मिलते मैं धीरे धीरे कमर हिला कर लंड अंदर बाहर करना शुरू कर दिया.

कामिनी की गंद मेरे लंड के लिए टाइट थी. जिस से मुझे चोदने मे बड़ा मज़ा आ रहा था.

कामिनी जल्दी अपना दर्द भूल कर शीष्कारी लेते हुए मज़ा लेने लगी.

गंद इतनी बार मरवाने के बाद भी मेरे लंड को गंद मे लेकर कामिनी खुश थी

कामिनी ने अपने पेट के नीचे 2 पिल्लो रख दिए जिस से वो मेरे धक्को के साथ अपनी एक उंगली चूत मे डाल कर कमर हिलाना शुरू कर दिया.

कामिनी की मस्ती देख कर मैं भी जोश मे आ गया और धीरे धीरे अपनी रफ़्तार बढ़ाने लगा.

मेरा लंड अब पूरी तेज़ी से कामिनी की गंद मे अंदर बाहर हो रहा था.

कामिनी भी पूरी तेज़ी से कमर आगे पीछे करके मेरे लंड का मज़ा ले रही थी.

लंड ऐसे अंदर बाहर हो रहा था जैसे कोई पिस्टन होता है.

कामिनी थोड़ी देर बाद घोड़ी बन गयी और मेरे लंड का मज़ा अपनी गंद मे लेने लगी.

सुबह की ठंडक मे हम दोनो ही पसीने से भीग गये थे

.

ऐसे मे मैं रुक कर पूरा लंड बाहर खींच कर एक झटके मे अंदर डाल ने लगा.

ऐसा करने से कामिनी मेरे साथ गंद मरवाने का मज़ा ले रही थी.

मैं कामिनी की कमर को पकड़ कर अपने लंड को गंद मे पेलता रहा.

कामिनी शीष्कारी लेते हुए ज़ोर ज़ोर से आह उहह करते हुए मेरा साथ दे रही थी.

ऐसे मे मैं ने गति बढ़ा दी जिस से हम दोनो की साँस फूल रही थी. मेरे धक्के मारने से और कामिनी के धक्के खाने से

कामिनी का पानी उंगली करने से निकल रहा था. और मेरा वीर्य आख़िरी धक्के से कामिनी की गंद मे जा रहा रहा था.

हम दोनो अपना पानी निकाल कर बेड पर गिर गये . कामिनी के उपर मैं गिर गया.

सुबह सुबह कामिनी की गंद मार कर अच्छा लग रहा था.

पर सुबह की जोरदार चुदाई से हम थक कर वापस सो गये.

सोने से पहले मैं ने कामिनी की गंद से लंड निकाल लिया था पर बिना वॉश किए वैसे सो गये

रात की 2 चुदाई के बाद कामिनी ने मुझे सुबह उठा कर अपनी गंद मारने दी.

कामिनी की गंद मार कर हम वापस सो गये.

फिर हमारी नींद रणजीतसिंघ के जगाने खुल गयी.

कामिनी कच्ची नींद मे थी पर मैं उठ चुका था.

रणजीतसिंघ-उठो ,सुबह हो गयी. रात भर मस्ती करते रहे क्या

मैं ने कामिनी की तरफ देखा वो वैसी सो रही थी उसके गंद पर लगा हुआ मेरा वीर्य सुख गया था.

अवी-तुम कब आए, सॉरी वो मैं

रणजीतसिंघ-सॉरी किस लिए ,ये मैं ने कामिनी के लिए किया है. तुम्हें तो पता है मैं अपने प्यार के लिए कुछ भी कर सकता हूँ.

अवी-तुम जैसा दोस्त पा कर मैं खुद को किस्मत वाला मानता हूँ

रणजीतसिंघ-मैं भी तुम्हारी दोस्ती से खुश हूँ.चलो फ्रेश हो जाओ

मैं हॉल वाले बाथरूम मे चला गया.

रणजीतसिंघ कामिनी को उठाने लगा.

मैं फ्रेश होकर अपने कपड़े पहन कर हॉल मे आ गया.

थोड़ी देर बाद रणजीतसिंघ कामिनी के साथ हॉल मे आ गया.

कामिनी ने वही ट्रांसपेरेंट नाइटी पहन रकी थी. बिना ब्रा पैंटी के

कामिनी मेरे पास आ कर मुझसे चिपक कर बैठ कर गयी.

रणजीतसिंघ-तुम ने तो मेरी बीवी को अपना बना लिया.

अवी- मुझे नही लगता. वो तुम्हारी है, मैं तो बस आज के लिए उसका था

रणजीतसिंघ-मुझे नही लगता, देखो कैसे तुम से चिपक कर बैठी है.

कामिनी-तुम भी ना. अवी आज के लिए तो मेरा है. फिर तुम ही तुम रहोगे

रणजीतसिंघ-मैं मज़ाक कर रहा था. मुझे पता है तुम सिर्फ़ मेरी हो

अवी-तुम लकी हो जो इतनी हॉट बीवी और माँ मिली है

रणजीतसिंघ-वो तो है.

अवी-अब काम की बाते करे

रणजीतसिंघ-हाँ, ये लो 2 करोड़

अवी-थॅंक्स

रणजीतसिंघ-तुम ने सभी सबूत मिटा दिए ना.

अवी-हाँ, उन गुणडो को दूसरी जगह भेज दिया है. और सभी वीडियो डेलीट किए है

रणजीतसिंघ-मतलब अब कोई प्राब्लम नही होगा.

अवी-नही, कुँवरसिंघ के यहाँ से जाने से सभी प्राब्लम सॉल्व हो गयी

रणजीतसिंघ-कुंवर को यहाँ वापस नही आने दूँगा.

अवी-कुछ साल तो मत आने देना और इस घटना की बात कभी मत करना

रणजीतसिंघ-नही करूँगा.

अवी-और रेशमा से दूर रहना

कामिनी-हाँ, रेशमा दूर रहना

रणजीतसिंघ-मैं तो उस से दूर रहूँगा.

अवी-मैं इस लिए कह रहा हूँ कि ,तुम ने रेशमा को नंगा देखा है. ऐसे मे तुम उसके पास जाओ और सब गड़बड़ हो जाएगी.

रणजीतसिंघ-मुझे कामिनी और माँ से टाइम मिलेंगा तभी रेशमा के पास जाउन्गा ना. और वैसे भी वो हवेली से जा रही है.

अवी-मेरा काम था. कुछ हुआ तो तुम संभाल लेना

रणजीतसिंघ-तुम पे मैं ने आँखे बंद करके विश्वास किया ,बिना डिस्ट्रब किए तुम्हें काम करने देने का फ़ायदा हुआ.

अवी-वो तो है.मुझे फ्रीली काम करने देने से ज़्यादा फोकस कर पाया

रणजीतसिंघ-वैसे भी मैं इतना बिज़ी था कि मुझे तुम्हारे तरीके से तुम्हें काम करने देने के सिवा कोई रास्ता नही था

अवी-उसका फल तुम्हें मिल गया.

रणजीतसिंघ-तुम्हें भी तो मिला. 2करोड़ मिले है तुम्हें

अवी-और तुम तो हवेली के मालिक बने हो

रणजीतसिंघ-इसी बात पर एक ड्रिंक हो जाए

अवी-मैं नही पीता

रणजीतसिंघ-क्या कहा. कल बीयर पी थी.

अवी-फिर भी नही

रणजीतसिंघ-बीयर है, लास्ट बार

कामिनी-अवी मेरे लिए एक बार

बीयर शराब नही होती पंकज और करीम यही कहते है. चलो एक बार ट्राइ करता हूँ

मेरे हाँ ही करते कामिनी सब लिए ड्रिंक बना कर ले आई.

और कामिनी मुझे हाथो से पिलाने लगी

अवी-कड़वी है

कामिनी-शुरू मे ऐसा लगता है.पी लो आदत पड़ जाएगी

कामिनी मुझे प्यार से पिलाने लगी. और मैं पीता गया.

एक ग्लास काफ़ी था.

बीयर पीने के बाद मैं थोड़ी देर रुक गया.ताकि बीयर का थोड़ा नशा ख़तम हो जाए.

नॉर्मल होते मैं बॅग लेकर घर चला गया.

रणजीतसिंघ ने अपने ड्राइवर को फोन कर के बुलाया था ,और मुझे घर छोड़ने को कहा.

 


745

मैं पैसो से भरा हुआ बॅग लेकर घर आ गया.

मैं ने छोटी चाची को कॉल कर घर के बारे मे पूछा.

अवी-हेलो चाची

सी चाची-अवी कहाँ है तू ,

अवी-मैं घर ही आ रहा हूँ.बड़ी चाची कहाँ है

सी चाची-वो अपने कमरे मे है.

अवी-उनको वही रहने दीजिए और बिना किसी को बताए गेट खोलिए

सी चाची-तू बाहर खड़ा है

अवी-हाँ, मेरे आने के बारे मे किसी को पता नही चलना चाहिए,

सी चाची-ठीक है .

और चाची ने गेट खोल कर मुझे अंदर ले लिया .मैं बॅग लेकर जल्दी अपने कमरे मे चला गया.

छोटी चाची मेरे पीछे पीछे कमरे मे आ गयी.

सी चाची-अवी बॅग मे क्या है.

अवी-बताता हूँ पहले खाना तो खिला दो, और बड़ी चाची को बता दो कि मैं आ गया हूँ

बॅग अपने कमरे मे रख कर मैं छोटी चाची के साथ बड़ी चाची के पास चला गया.

बड़ी चाची ने मुझे हवेली के बारे मे पूछा .मैं ने दावत के बारे मे चाची को बता दिया फिर हम सब से साथ मिलकर खाना खा लिया.

खाना खाने के बाद मैं ने छोटी चाची को अपने कमरे मे बुलाया.

छोटी चाची अमित को लेकर मेरे कमरे मे आ गयी.

मैं ने छोटी चाची को बेड पर बैठने को कहा और अपने कमरे का गेट अंदर से बंद किया .

चाची मेरी तरहफ़ देखती रह गयी.

मैं ने अलमारी से अपना लॅपटॉप और हार्डिस्क निकाल लिया.

सी चाची-अवी तू कर क्या रहा है.मुझे बताएगा या नही

अवी-आपको लॅपटॉप ऑपरेट करना सिखा रहा हूँ

सी चाची-लॅपटॉप सीख कर मैं क्या करूँगी

अवी-आपको क्या करना है वो बाद में बता दूँगा पहले लॅपटॉप कैसे ऑपरेट करना है वो सीख लीजिए

सी चाची-बता ,कैसे ऑपरेट करते है लॅपटॉप को

अवी-मेरी तरफ देखिए

1.लॅपटॉप की ये बटन क्लिक करना

2.थोड़ी देर रुक कर यहाँ पर पासवर्ड डालना है,पासवर्ड परी है

3. फिर लॅपटॉप चालू होगा.

4. ये बॅटरी का सिंबल है आपके मोबाइल की तरह. 15%होते बंद कर देना.

5. फिर ये बड़ा येल्लो वाला फोल्डर पर क्लिक करना

6. और ये है छोटे फोल्डर 1स्ट् मतलब मेले का पहला दिन

7.इस पे डबल क्लिक करना और ये वीडियो पे डबल क्लिक करना

8.और वीडियो चालू होगा.

अब आप करके देखो

छोटी चाची ने वही किया जो मैं ने कहा था. सब उसी तरह

सी चाची-ये तो मुझे आ गया.

अवी-और बंद करने के लिए यहाँ क्लिक करना

सी चाची-ये तो समझ गयी और लिख भी लिया. पर ये मुझे क्यूँ बता रहे हो

अवी-क्यू कि मेले की मस्ती के मैं ने वीडियो बनाए है. आप वीडियो देख लेना ,आपको मेले मे मैं ने क्या किया है वो पता चल जाएगा.

सी चाची-ये तो बढ़िया किया तूने .सुनने के साथ देखने को मिलेगा.

अवी-पर ये किसी को पता नही चलना चाहिए. अगर लॅपटॉप मे कुछ समझ मे नही आया तो लॅपटॉप को अलमारी मे रख कर लॉक कर देना बाकी मैं संभाल लूँगा

सी चाची-मुझे भी पता है ये बात किसी को पता नही चलनी चाहिए.

अवी-आज मैं आपको ऐसे बाते बताता हूँ जो लॅपटॉप मे नही रखी है

सी चाची-क्या?

अवी-बताता हूँ,1स्टा डे से बताता हूँ ,आज पूरे मेले के बारे मे बताता हूँ जो लॅपटॉप मे नही है. और कल से रोज 3 दिन का बताउन्गा फिर उस 3 दिन का वीडियो देख लेना

सी चाची-ये तो तूने बढ़िया तरीका सोचा है. अब मुझे पता चलेगा कि तुम कैसे दूसरो के साथ करता है

अवी-तो शुरू करूँ

सी चाची-जल्दी बताना शुरू कर. मैं कब से मेले के बारे मे सुनने को तरस रही हूँ.

अवी-आपको एक एक पल के बारे मे बताउन्गा. जिस से आप खुश हो जाएगी.

सी चाची-मैं खुश हो गयी तो तुम्हें इनाम दूँगी.

अवी-तो ध्यान से सुनने के लिए तैयार हो जाइए

सी चाची-बताता है या मार खाएगा.

अवी- पहले दिन मेले मे ज़्यादातर सब के साथ बाते हुए पर मोना के साथ जो बाते हुई वो बताता हूँ, मोना मेले मे एक काम की वजह से आई थी,मोना तो पता हैना आपको

सी चाची-पता है. हमारे गाओं की जो शहर गयी है. उसकी बात कर रहा हैना

अवी-हां, वो शहर जाकर एक घर मे काम करने लगी. और अपने मालिक के साथ चुदाई करके पैसे कमाने लगी.मोना और उसके मालिक की चुदाई का टेप कुँवरसिंघ ने बनाया और ब्लॅकमेल करने लगा. मोना यहाँ कुँवरसिंघ से टेप लेने आई थी. तो मैं ने उसको मदद करने का वादा किया बदले मे पैसे आपस मे बाँटने का फ़ैसला किया.

सी चाची-तू ऐसे काम करने लगा है. और इतनी बड़ी बात मुझसे छुपाई

अवी-चाची इस से भी बड़ी बात आप से छुपाई है.

सी चाची-बता क्या क्या छुपाया है मुझसे,

अवी-बताता हूँ पर हर दिन के हिसाब से

सी चाची-ठीक है बता.

अवी-फिर मैं ने रात मे रज़िया और रुकसाना की चुदाई की वो बाद मे बताउन्गा

नेक्स्ट डे सब ने मुझे गिफ्ट माँगे तो कुँवरसिंघ का काम करना ज़रूरी हो गया

सी चाची-तो वहाँ से पैसे आए थे ,उन पैसो से गिफ्ट लिए

अवी-हाँ,

सी चाची-आगे बता ,

अवी-फिर नेक्स्ट डे मोना की चुदाई की और काम पूरा करने का प्लान बनाया ऐसा मोना को बताया पर कोई प्लान नही था मेरे पास

सी चाची-आगे बता

अवी-3र्ड डे मैं ने कुँवरसिंघ को सविता नाम की औरत पे नज़र रखते हुए देखा ,मुझे भी वो सविता अच्छी लगी थी .इस से ज़्यादा कुछ नही हुआ,और रात मे रुकसाना की चुदाई की.

सी चाची-बोलता जा

अवी-फिर मुझे एक गुड न्यूज़ मिली

सी चाची-गुड न्यूज़, कैसी गुड न्यूज़

अवी-प्रिन्सिपल की बहू किरण मेरे बच्चे की माँ बन ने वाली है,मैं बाप बन ने वाला हूँ

सी चाची-क्या? कितना को माँ बनाएगा.

अवी-मुझे पता नही था कि किरण क्या चाहती थी. वरना मैं ध्यान रखता

सी चाची-कोई बात नही. पर आगे से ध्यान रखा कर ,और किरण के बच्चे का ध्यान रखना ,कुछ भी हहो ,वो तेरा बच्चा है,

अवी-जी पूरा ध्यान रखूँगा.

और छोटी चाची ने मुझे किस किया.

अवी-किस किस खुशी मे किया.

सी चाची-तू बाप बनने वाला है. मूह मीठा तो करना होगा ना.और मैं फिर से माँ बन जाउन्गी. सौतेली ही क्यू ना हो माँ बनूँगी

अवी-आप खुश है

सी चाची-हाँ ,किरण तेरे बच्चे की माँ बनेगी.मैं तो खुश हूँ. पर इसका मतलब ये नही है कि तू सबको माँ बनाता फिरे

अवी-जी चाची

सी चाची-आगे बता

अवी-4थ डे कुछ खास नही हुआ सिर्फ़ पंडिताइन के साथ थोड़ी बाते की,और रणजीतसिंघ ने एक औरत को भेजा था जिस की मैं ने चुदाई की.

सी चाची-नेक्स्ट डे

अवी-5थ डे पता चला कि कुँवरसिंघ ने एक गर्ल के साथ ज़बरदस्ती की. मैं इस सिलसिले मे रणजीतसिंघ से मिलने पोलीस स्टेशन गया.

सी चाची-पोलीस स्टेशन,तू तो झटके पे झटके दे रहा है.

अवी-चाची आगे और झटके मिलने वाले है

सी चाची- आगे बता

अवी-वो गर्ल कंप्लेंट करने गयी थी. और आपको तो पता है कि ठाकुर के खिलाफ कंप्लेंट करने का क्या नतीजा होता है. एक तो वो फॅमिली कंप्लेंट वापस लेती है या फिर कंप्लेंट करने वालो को मार डालते है

सी चाची-हाँ पता है.

अवी-मैं उस गर्ल को समझाने पोलीस स्टेशन गया ,वहाँ जाकर पता चला कि रणजीतसिंघ पैसे दे कर मामला निपटा ना चाहता है. पर वो गर्ल कंप्लेंट करना चाहती थी.

सी चाची-तूने क्या किया.

अवी-पहले तो वो कंप्लेंट करती तो कुछ नही होता .अगर कुंवर को जैल हुई भी तो वो जल्दी निकल जाएगा.फिर उसका और उसकी फॅमिली का क्या होता ये सोच कर मैं ने उसे समझाया कि ठाकुर से ऐसा बदला लेकर कोई फ़ायदा नही होगा. लेकिन वो ठाकुर को सबक सिखाना चाहती थी. मैं ने उसको एक प्रपोज़ल दिया

सी चाची-क्या?

अवी-मैं ने उसको वादा किया कि मैं कुँवरसिंघ को अच्छा सबक सिखाउन्गा.और तुम्हारी शादी करवाउन्गा, और तुम्हारी फॅमिली को खेत खरीद कर दूँगा.

सी चाची-वो मान गयी

अवी-हाँ, उसे रणजीतसिंघ ने पैसे दिए ,खेत दिए, उसकी शादी अपनी पहचान वाले से करवाने का वादा किया ,और उस ने कंप्लेंट नही की.

सी चाची-कंप्लेंट ना करके उस ने अच्छा किया ,क्यू कि ठाकुर को मैं तुमसे अच्छे से जानती हूँ. वो शर्ट पे दाग लगने पे शर्ट को जला देने वालो मे से है.

अवी-इसी लिए मैं ने उस गर्ल को समझाया.

सी चाची-पर तुमने कुँवरसिंघ को सबक कैसे सिखाया.

अवी-बताता हूँ. फिर मैं ने कुँवरसिंघ को सबक सिखाने के लिए एक प्लान बनाया,

सी चाची-लेकिन उस गर्ल की भी तो ग़लती थी.

अवी-हाँ, उसे पता था कि कुँवरसिंघ उसके साथ क्या करेगा. वो उसी लिए गयी थी. कुँवरसिंघ के साथ उसने चुदाई की पर बाद मे कुँवरसिंघ के दोस्तो ने आकर उसके साथ चुदाई की जो उसके मर्ज़ी की खिलाफ थी.

कुँवरसिंघ उसकी चुदाई करके सो गया था पर उसके दोस्त रात भर उसकी चुदाई करते रहे ,फिर सुबह उस गर्ल ने कुँवरसिंघ को बताया तो वो उस पे हँसने लगा.जिस से उसे बुरा लगा और वो कंप्लेंट करने चली गयी.ग़लती दोनो की थी ,

लेकिन कुँवरसिंघ ने इस से पहले रति के साथ जो किया और अब इस गर्ल के साथ किया जिस से मैं ने कुँवरसिंघ को सबक सिखाने का सोचा.

सी चाची-ऐसा करने की कोई और वजह भी है.

अवी-हाँ. वो गर्ल कंप्लेंट करती तो बाते सभी को पता चलती और ठाकुर का नाम बदनाम होता.और इसका असर मेले पे होता.मेले का अस्तित्व ख़तरे मे आ जाता.

जो देर रेख करता है वही ऐसा करेंगा तो मेले मे कौन आता, और आपने कहा था कि परंपरा टुटनी नही चाहिए. मैं ने मेले को कुछ नही होने दिया और कुँवरसिंघ को सज़ा भी दी.

सी चाची-क्या किया तुम ने

अवी-बताता हूँ पहले एक किस

सी चाची-नही दिया तो

अवी-आगे नही बताउन्गा .और आप आगे का सुने बिना नही रहेंगी

सी चाची-स्मार्ट बन गया है तू,

और छोटी चाची ने मुझे किस किया .

 
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