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मैं और मेरा परिवार

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सी चाची-फिर क्या हुआ

अवी-फिर मैं रणजीतसिंघ के साथ फार्महाउस पे गया. वहाँ रणजीतसिंघ ने बताया कि कुँवरसिंघ ठाकुर बन ने के लिए उसे मारना चाहता है.

रणजीतसिंघ अच्छा आदमी है वो सही तरीके से ठाकुर बना चाहता है. तभी मेरे दिमाग़ मे एक प्लान आया. .मैं ने रणजीतसिंघ से हाथ मिलाया ताकि कुँवरसिंघ को सबक सीखा सकूँ

सी चाची-ये अच्छा किया जो रणजीतसिंघ की मदद ली, मोना और रणजीतसिंघ के मदद से काम आसान हुआ होगा.

अवी-चाची ,ना मोना को मैं ने अपना प्लान बताया और ना रणजीतसिंघ को

सी चाची-क्या मतलब

अवी-मोना को प्लान बता कर फँसना नही चाहता था .और रणजीतसिंघ को मैं ने दूसरा प्लान बताया ,

मतलब मेरा प्लान जो था उसके जगह ड्यूप्लिकेट प्लान बताया.रंजीत सिंग को भी मेरा असली प्लान पता नही था.

सी चाची-ठीक से बता

अवी-रणजीतसिंघ को बताया कि हम कुँवरसिंघ को गुन्डो से पिटवाएँगे ,और मैं उसे बचाउन्गा और अपने पास रखूँगा.

फिर रेशमा का नंगा वीडियो बना कर कुँवरसिंघ के दोस्तो को देंगे ,फिर रेशमा को रणजीतसिंघ कुँवरसिंघ के दोस्तो से बचाएगा. ये बात कुँवरसिंघ को बता कर रणजीतसिंघ को उसकी नज़रों मे अच्छा बना देंगे .फिर बाकी का काम रणजीतसिंघ देखेगा कि वो ठाकुर कैसे बनेगा.

सी चाची-ओर्जिनल प्लान क्या था.

अवी-बताता हूँ स्टेप बाइ स्टेप चलते है.

देखिए अब मुझे-

1) कुँवरसिंघ से उस गर्ल का बदला लेना है,

2) रणजीतसिंघ को ठाकुर बनाना है,

3)मोना की मदद करनी है,

4) और इन सब से दूर रहना है ,मेरा नाम कही आना नही चाहिए

सी चाची-इतना कुछ तू अकेला करने वाला था.

अवी-हाँ,

सी चाची-फिर रंजीत सिंग को अपने प्लान मे शामिल क्यूँ किया.

अवी-चाची कुँवरसिंघ कोई मामूली आदमी नही था. कुँवरसिंघ से बदला लेने के लिए मुझे एक सपोर्ट चाहिए था. जो कुछ बातों का ध्यान रखे .

सी चाची-कैसी बाते

अवी-कुँवरसिंघ को मेले के समय गायब रखना मुश्किल काम था. ठाकुरजी और हवेली को संभालने के लिए कोई तो चाहिए था. तो मैं ने रंजीत सिंग को सेलेक्ट किया. और रंजीत सिंग के पास मेरे साथ काम करने की वजह थी. उसे ठाकुर बनना था.

सी चाची-रंजीत सिंग इसके बदले मे तुम्हें क्या देने वाला था

अवी-विद्या दी. और 2 करोड़,

सी चाची-सिर्फ़ 2 करोड़ ,ज़्यादा माँग लेते

अवी- चाची मुझे बस कुँवरसिंघ को सबक सिखाना था . पैसो का मुझे कुछ नही करना था. इस प्लान मे उस गर्ल का नाम ना आए इस लिए मैने 2 करोड़ माँगे ताकि रणजीतसिंघ को लगे कि मैं पैसो के लिए कर रहा हूँ.पर पैसो से ज़्यादा मुझे उस गर्ल और गाओं के बारे मे सोचना था. गाओं को अच्छा ठाकुर देना था. पैसे तो मैं ने दिखाने के लिए माँगे ताकि रणजीतसिंघ को लगे कि मैं पैसो के लिए कर रहा हूँ.

सी चाची-अच्छा सोचा तुम ने .तू मेरा बेटा है. तू हमेशा सबके बारे मे सोचता है.

अवी-आपके संस्कार है मुझपे

सी चाची- आगे

अवी-6थ डे ठकुराइन ने मुझे हवेली बुलाया....

और....ठकुराइन की बात चाची को बता दी

सी चाची-उस ठकुराइन की इतनी हिम्मत ,कल तो तुम्हें बुलाने आई थी और तुम्हारे साथ ऐसा किया.

अवी-चाची कूल ,ठकुराइन को मैं ने सबक सीखा दिया तभी वो कल मुझे प्यार से बुलाने आई थी. ठकुराइन को क्या सबक सिखाया उसके लिए टाइम है

सी चाची-अच्छा सबक सिखाना, पर ठाकुरजी के बारे मे सोचना .वो तुम्हारे दादाजी के दोस्त है.

अवी-दादाजी के बारे मे सोच कर ठकुराइन को ऐसा सबक सिखाया कि ठाकुरजी को खुशी मिली

सी चाची-ऐसा क्या किया जो ठकुराइन से बदला लिया और ठाकुरजी को खुशी मिली

अवी-मेरे नज़रिए से बदला था, ठकुराइन के नज़रिए से मैं ने उनकी मदद की .जिस से ठकुराइन खुश रहने लगी. ठकुराइन को खुश देख ठाकुरजी खुश हो गये.

सी चाची-जल्दी बता क्या किया

अवी-बताता हूँ धीरज रखिए

सी चाची-कैसे धीरज रखू. तू कुंवर सिंग को सबक सिखाना चाहता है, ठकुराइन से बदला लेना चाहता है. मोना उस गर्ल और रंजीत सिंग की मदद करना चाहता था. वो भी एक साथ. जल्दी बता कैसे किया तूने

अवी-जी, मेले के समय काम पे काम और जल्दी फ़ैसला करना ,और कब क्या करना है इसमे मेरा दिमाग़ तेज चलने लगा.

ठकुराइन को सबक सिखाने के लिए उसकी कमज़ोरी ढूँढ ली. ठकुराइन की कमज़ोरी उसकी बेटी पायल थी.

मैं ने ठकुराइन की बेटी पायल का ईस्तमाल करने का सोचा. उसको मेरे लंड की फोटो दी और ये बताया कि उसने जो मेरा आक्सिडेंट किया था ये उसकी वजह से है पर ये सब ठकुराइन की वजह से हुआ था. पायल को कुछ दिन मेरे लंड के फोटो के साथ रहने दिया और कुँवरसिंघ पे फोकस किया

सी चाची-पहले कुँवरसिंघ फिर ठकुराइन ,आगे बता

अवी-फिर मोना को कुँवरसिंघ को सिड्यूस करने को कहा क्यू कि वो प्लान क्या बनाया है ये पूछ पूछ कर मेरा दिमाग़ खराब कर रही थी.

मोना को कुँवरसिंघ को सिड्यूस करके कुछ दिन और माँगने को कहा ताकि प्लान बना सकूँ ,ऐसा मोना को कहा.

पर मेरा प्लान था कि मोना को कुँवरसिंघ के साथ चुदाई करवा के सविता के बारे मे जानना ये मेरा प्लान था.कुँवरसिंघ के दिमाग़ मे क्या चल रहा है वो मैं ने मोना के ज़रिए निकालने लगा. मोना को इस बात का पता ही नही चला.

सी चाची-मोना को दूर रखा ओर्जिनल प्लान से और ड्यूप्लिकेट प्लान बना कर मोना से ओर्जिनल प्लान का काम करवाया, स्मार्ट हो

अवी-आपका बेटा हूँ

सी चाची-आगे क्या हुआ.

अवी-फिर 7थ दे लंड को विद्या ने ठीक कर दिया. फिर रणजीतसिंघ की सेक्रेटरी के साथ छेड़ छाड़ की, उसके बाद रात मे रज़िया और रुकसाना की गंद मारी और उनका काम ख़तम किया क्यूँ कि मुझे कुँवरसिंघ पे फोकस करना था

सी चाची-मोना का क्या हुआ

अवी-8थ डे ,मोना ने रात मे कुँवरसिंघ और उसके दोस्तो के साथ चुदाई की . फिर मैं ने मोना को बोल कर उसके पति को शहर से बुलाने को कहा.

मैं ने मोना को कहा कि कुँवरसिंघ को तड़फाने से हमारा काम हो जाएगा. वो तुम्हारी चुदाई को तरसे और भीक माँगे. पर मोना से कुँवरसिंघ ना आने का कारण पूछेगा..

तो अपने पति के साथ मेले मे कुँवरसिंघ के सामने घूमने को कहा ताकि उसको कुँवरसिंघ के पास ना जाने वजह मिले.और मैं ने मोना को रात 11 बजे घर3 आने को कहा,ये बॅकप प्लान था

सी चाची-ये मेरी समझ मे नही आया

अवी-अगर कुँवरसिंघ को शक हो गया कि मैं ने उसके साथ ग़लत किया है तो मैं मोना और उसके पति पर सारा इलज़ाम लगा कर बच जाउ

सी चाची-वो कैसे

अवी-रात मे मैं ने मोना को घर3 बुलाया. उसके साथ उसका पति बन कर रोल प्ले करते हुए चुदाई का प्लान बनाया.

उसको ब्लू फिल्म दिखाया जिसमे रात मे चुदाई हो रही थी.मैं ने मोना को कहा कि हम वैसे करेंगे.

मैं ने मोना के पति के कपड़े पहन लिए.फिर मैं उसका पति बन कर उसके साथ कुँवरसिंघ को फसाने की बाते की और चुदाई की , ये सब मैं ने रेकॉर्ड किया.

और रेकॉर्डिंग और वीडियो प्ले किया.

चाची रेकॉर्डिंग सुनकर मेरी तरफ देखने लगी

क्यू कि रेकॉर्डिंग मे मेरा नाम कहीं भी सुनाई नही दे रहा था. बाते हो रही थी मोना और उसके पति के बीच मे

सी चाची-सेफ गेम खेल रहा था तू, काम भी हो जाए ,अपने पार्टनर को खबर भी ना हो, अगर फस जाए तो इलज़ाम दूसरे के उपर डालने का पूरा प्लान बनाया था.

अवी-हाँ, मोना पर जल्दी शक हो जाता कुँवरसिंघ को. एक बात तो बताना भूल गया ,मोना से पहले रणजीतसिंघ ने एक लड़की भेजी थी उसकी चुदाई की थी

सी चाची-नेक्स्ट क्या हुआ

अवी-9थ डे ,मोना के थ्रू मैं ने कुँवरसिंघ की मदद की ,

सी चाची-तुम ने कुंवर सिंग की मदद की ,पर क्यूँ और क्या मदद की

अवी-ऐसी मदद कि ,जिस से कुँवरसिंघ के बुरे दिन शुरू हुए

सी चाची-ऐसी क्या मदद की जो कुँवरसिंघ के बुरे दिन शुरू हुए

अवी- मोना को एक रात कुँवरसिंघ के पास नही भेजा.मोना को कल ना आने की वजह बताने को कहा कि वो रात भर बगीचे मे अपने पति के साथ चुदाई कर रही थी

सी चाची-इस से क्या होगा

अवी-कुँवरसिंघ को सविता की चुदाई करने को बगीचा मिल गया.मोना रात भर अपने पति के साथ थी इस से मेरी रिकोडिंग ट्रू है इसका सबूत बन गया.

सी चाची-तुम्हें कुछ दिन आज़ादी क्या दी तुम तो स्मार्ट बन गये.

अवी-बन ना पड़ा

सी चाची-आगे क्या हुआ.

अवी-फिर क्या था उस दिन पंकज और करीम आ गये. उनकी गर्लफ्रेंड को लेकर खेत मे गया और चुदाई की. उसके बाद घर आकर होली खेली फिर पूजा बुआ का काम रस पिया और राजेश से मिलने गया.

सी चाची-फिर उस दिन कुछ नही हुआ होगा.

अवी-10 थ डे सुबह मैने रुकसाना और रज़िया की बगीचे मे चुदाई की (वो अपडेट मैं ने पोस्ट नही किया .क्यू कि उस टाइम सेक्स ज़्यादा हो गया था ऐसी कंप्लेंट आई थी) और सविता पे नज़र रखने लगा. कुँवरसिंघ को सबक सिखाने के लिए सविता काम आ सकती है.

कुँवरसिंघ और सविता को बगीचे मे किस करते हुए पकड़ लिया .सविता और कुँवरसिंघ आज रात चुदाई करेंगे पता चल गया.

सी चाची-फिर क्या हुआ

अवी-आगे की बात किस करने पे पे बताउन्गा.

सी चाची-तुझे किस नही थप्पड़ चाहिए

और चाची ने मुझे थप्पड़ मारा

चाची ने सच मे मुझे थप्पड़ मारा

सी चाची-ये थप्पड़ इस लिए मारा कि मुझे ये सब इतनी देर से बताया .और ऐसे काम करने से पहले मुझसे एक बार भी ना पूछने के लिए थप्पड़ मारा

अवी-चाची मैं बड़ा हो गया हूँ

और एक थप्पड़ मेरे गाल पे पड़ा

सी चाची-क्या कहा,बड़ा हो गया तो मुझे बताएगा नही.अपनी चाची को भूल जाएगा.

अवी-मैं ने ऐसा नही कहा. मैं पहले बताता तो आप मना कर देती.

सी चाची-फिर भी बता देता तो तेरा क्या बिगड़ जाता.

अवी-मुझे लगा आप मुझे ऐसा करने से रोकेंगी

सी चाची-आज तक कभी रोका है जो तब रोकती.

अवी-सॉरी चाची

सी चाची-ठीक है, पर ऐसी बाते बताया कर जिस से कभी फस गया तो मैं तुम्हारी मदद कर सकूँ

अवी-आगे से ऐसा नही होगा ,मैं पहले आपको बताउन्गा.

और चाची ने मुझे किस करके मेरा मूड ठीक किया.और मुझे बात पहले ना बताने के लिए माफ़ कर दिया.

 


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सी चाची-आगे क्या हुआ

अवी- मोना ने इनडरेक्टी बता दिया कि कुंवर सिंग सविता की चुदाई बगीचे मे कर सकता है.

मैं रात मे सविता पे नज़र रखने लगा.पर मुझ से गड़बड़ हो गयी. मेरी आँख लग गयी और सविता कुँवरसिंघ के साथ चली गयी.

मैं सविता को ढूँढने बगीचे मे गया तो वो कहीं नही मिली.

फिर मुझे बगीचे मे एक लड़का लड़की चुदाई करते हुए मिले.मुझे देख कर लड़का भाग गया पर लड़की को पकड़ लिया. उस लड़की ने बताया कि सविता जंगल की तरफ गयी है.

मोना ने बगीचे की जगह जंगल बताया. मैं ने उस लड़की की चुदाई की

सी चाची-मोना ने काम बिगाड़ दिया.

अवी-हाँ, पर बगीचे की जगह जंगल ठीक था ,ये मुझे बाद मे सोचने पे पता चला.

सी चाची-फिर क्या हुआ

अवी-फिर मुझे कुँवरसिंघ की कार की आवाज़ सुनाई दी. फिर मैं खंडहर मे चला गया और वहाँ टॉर्च से देखने लगा. वहाँ पर एक चद्दर रखी हुई थी. मैं ने खोल कर देखा तो उसपे वीर्य के दाग लगे हुए थे. यहाँ चुदाई की है. फिर मैं ने जगह को अच्छे से देखा और घर3 आ गया

सी चाची-तुम्हारा प्लान खराब हो गया ,सविता की चुदाई हो गयी.

अवी-हाँ, पर कुँवरसिंघ ने उसकी गंद नही मारी ,मतलब कल मैं प्लान के मुताभिक अगली चाल चल सकता हूँ

सी चाची-तुम्हारा प्लान क्या था.

अवी-बताता हूँ पहले नेक्स्ट 11थ दे.मैं ने मोना को डाटा कि उसने भागीचे की जगह जंगल क्यूँ बताया ,पर बाद मे मैं ने मोना को छोड़ दिया वरना वो मुझे पूछती प्लान क्या है.

फिर मैं ने मोना के पति को कल वापस शहर भेजने को कहा ,ताकि आज कुँवरसिंघ का काम करूँ और कल मोना का पति गायब हो जाएगा तो ये भी सबूत रहेगा.

फिर मैं ने कुँवरसिंघ और सविता की बाते सुनी और पता चला कि आज कुँवरसिंघ सविता की गंद मारने वाला है.

मैं अपनी तैयारी मे लग गया. खंडहर मे कॅमरा लगा दिए और रात होने का इंतज़ार करने लगा.

सी चाची-प्लान क्या था.

अवी-बताता हूँ रुकिये तो. सविता के पति के हाथो कुँवरसिंघ का रेप करवाने का ,और उसका वीडियो उस गर्ल को दिखाना ,और रणजीतसिंघ के मुताबिक कुँवरसिंघ को गुन्डो से पिटवाना हो जाएगा

सी चाची-क्या कहा.

अवी-एक तीर से दो शिकार, रंजीत सिंग को कहा था कि कुंवर सिंग को गुन्डो से पिटवाएँगे तो मैं ने सविता के पति से पिटवाया .मतलब रेप करवाया ,रेप का वीडियो उस गर्ल को दिखाया.

सी चाची-प्लान बढ़िया है पर रणजीतसिंघ अपने भाई के साथ ऐसा होने क्यूँ होने देगा.कुँवरसिंघ का रेप वो कैसे होने देगा.

अवी-रणजीतसिंघ के साथ नेक्स्ट दिन कुँवरसिंघ को गुन्डो से पिटवाने का प्लान था पर मैने एक दिन पहले सविता के पति के हाथो कुंवर सिंग का रेप करवाया . जिस से रणजीतसिंघ इन सब से दूर था ,रणजीतसिंघ को पता नही था कि कुँवरसिंघ का रेप हॉंगा. और ना मैं ने बताया. रणजीतसिंघ को मैं ने अंधेरे मे रखा .और उसको दूसरे प्लान मे लगा दिया था. वो रेशमा का वीडियो बनाने मे बिज़ी था.

सी चाची-मान गये, क्या कमाल का प्लान बनाया था.

अवी-फिर रात मे सविता कुँवरसिंघ के साथ चली गयी. मैं मोना के पति के कपड़े पहन कर सविता के पति को पत्थर मार कर जगाया.फिर सविता का पति अपने भाइयों के साथ सविता को ढूँढने लगा.मैं ने अपना चेहरा छुपा रखा था और सविता के पति को खंडहर मे ले गया.

सी चाची-कुंवर को आइडिया तुम ने दिया सविता की चुदाई करने का ,और सविता के पति को तुम ने बताया सविता कहाँ है.

अवी-हाँ

सी चाची-ऐसे तो सविता का पति सविता को छोड़ देता. सविता बर्बाद हो जाती.

अवी-मैं ने सविता के बारे मे मे भी सोचा. सविता को सेफ रख के गेम खेला.

सी चाची-वो कैसे

अवी-मैं ने सविता के पति को कहा कि एक आदमी सविता को ज़बरदस्ती उठा के खंडहर ले गया.

सी चाची-समझ गयी. प्लान हो तो तेरे जैसा ,सविता को सेफ रखा.

अवी-आगे तो सुनिए .खंडहर मे जाते हुए मैं ने सविता के पति को जैसे का तैसे करने का आइडिया दिया.

सी चाची-बोलता जा

अवी-हम जब खंडहर के पास पहुँचे तो सविता की गंद मे लंड जाते उसकी चीख निकल गयी.सही टाइम पे चीख निकले इस लिए सविता के पति को धीरे धीरे ले जाने लगा.सविता की चीख सुनके सविता के पति को लगा कि उसके बीवी के साथ ज़बरदस्ती हो रही है. वो भी कुँवरसिंघ के साथ वही करने लगा. कुँवरसिंघ का रेप हो रहा था.

सी चाची-एक रेपिस्ट का रेप ,सही सज़ा है

अवी-हाँ ,ये वीडियो जब उस गर्ल को दिखाता तो खुश हो जाती

सी चाची-आगे क्या हुआ.

अवी-सविता का पति और देवर कुँवरसिंघ का रेप कर रहे थे . इस बीच मे सविता बेहोश हो गयी. पर उसको सेफ रखने के लिए उसका होश मे आना ज़रूरी था. सविता को तो लग रहा था वो लूट गयी सब बर्बाद हो गया.ये सोच कर सविता होश मे आते ही जंगल मे भाग गयी. मैं उसके पीछे गया और सविता ने तालाब मे जंप मारी थी पर मैं ने बचा लिया.

फिर सविता को बताया कि वो सेफ है, सब समझ रहे है कि उसकी कोई ग़लती नही है. फिर मैं ने उसके कपड़े फाड़ कर ज़बरदस्ती जैसा दिखाया

इस चक्कर मे सविता को अपनी गंद मरवाने का सपना और मेरा सविता की चुदाई का सपना पूरा किया.

सी चाची-मतलब सब ठीक हो गया.

अवी-हाँ ,फिर सविता के पति ने कुँवरसिंघ का बुरा हाल किया. सविता की सास ने कुँवरसिंघ के लंड लकड़ी मारी और मैं ने उनको यहाँ से भाग जाने को कहा. उनको ठाकुर का डर दिखाया और वो भाग गये

सी चाची-तूने इतना सोचा कैसे

अवी-आपका कमाल है.

सी चाची-1)कुँवरसिंघ को सज़ा दी.

2)सविता को ग़लत रास्ते पे जाने से बचाया,

3)सविता का सपना पूरा किया.

4)तूने अपनी इच्छा पूरी की,

5)सविता का पति सविता को ज़्यादा प्यार करेगा.

6) रणजीतसिंघ का काम किया,

7) उस गर्ल का काम किया, और

8) मोना का काम भी किया. एक तीर से तूने कितने पन्छियो को मार डाला.

अवी-तीर चलाना मुझे आपने सिखाया है

सी चाची-मेरा बेस्ट और अकेला स्टूडेंट है तू. आगे क्या हुआ

अवी-कुँवरसिंघ की सज़ा अभी बाकी थी. मैं कुँवरसिंघ को लेकर घर3 आ गया. उसे जिंदा रखना ज़रूरी था.

सी चाची-तूने दिमाग़ के मामले मे मुझे हरा दिया,

अवी-आप तो मेरी गुरु हो,आप ये वीडियो देखो कुँवरसिंघ का, मैं टाय्लेट होकर आता हूँ

चाची कुँवरसिंघ का वीडियो देखने लगी.

कुँवरसिंघ का वीडियो देख कर एक औरत होने के नाते चाची खुश थी ये सज़ा देख कर

सी चाची-ये सही सबक सिखाया तूने ,ऐसा ही होना चाहिए था उसके साथ

अवी-फिर मैं ने कुँवरसिंघ की गली के कुत्ते जैसी हालत बना दी.बाथरूम का पानी पिलाने लगा. उसको सज़ा दे रहा था और उसका विश्वास भी जीत रहा था.मैं ने मोना को उसकी मालिश करने बुलाया. मोना को पता नही चलने दिया कि वो कुँवरसिंघ है ,पर कुँवरसिंघ को पता था कि मोना उसकी मदद कर रही है.

सी चाची-मोना की मदद करने से उसका काम हो जाएगा.

अवी-सही कहा. फिर कुँवरसिंघ वैसे आराम करने दिया.और पंडिताइन को पटाने चला गया. कुँवरसिंघ घर मे रहेगा तो मुझे चुदाई कहीं और करनी होगी .इसका एक हल था वो था पंडिताइन.

सी चाची-फिर क्या हुआ

अवी-फिर मैं घर आकर आपको नाम करण का वीडियो दिखाया फिर कुँवरसिंघ को रात के बारे मे पूछा. उसने कहा कि उसका किसी ने रेप किया है.उसकी स्टोरी सुनकर समझ गया कि उसे मुझे वहाँ नही पहचाना. वैसे भी मैं मंकीकॅप पहनकर था.

सी चाची-तुम ने क्या बताया कुंवरसिंग को कि तुम वहाँ कैसे आए.

अवी-मैं ने नयी स्टोरी बनाई. रात मे चीख सुनकर मैं देखने चला गया और उसे वहाँ से उठा कर ले आया

सी चाची-फिर तुम कुँवरसिंघ को हॉस्पिटल ले गये

अवी-नही. हॉस्पिटल जाने से कुँवरसिंघ को बदनामी का डर था. इसी लिए उसे घर3 मे रहने दिया. उसको ज़्यादा परेशान होगी उतना अच्छा था. इसमे मोना नखरे कर रही थी ऐसे मे उसको ज़्यादा पैसे देख कर मना लिया.

सी चाची-इसके बाद कुँवरसिंघ सविता से बदला लेगा.

अवी-नही.मैं ने कुँवरसिंघ का ब्रेनवाश किया.

सी चाची-आगे क्या हुआ.

अवी-फिर रेशमा की बारी थी

सी चाची-रेशमा को कुँवरसिंघ के दोस्तो ने ब्लॅकमेल करना शुरू किया.

अवी-हाँ. रणजीतसिंघ ने रेशमा का वीडियो बना कर कुँवरसिंघ के दोस्तो को दिया. ये सुनिए. कल की रणजीतसिंघ और कामिनी की रेकॉर्डिंग प्ले की.

कल मैं ने रणजीतसिंघ और कामिनी की रेकॉर्डिंग की थी.

सी चाची-तो इस तरह रेशमा को फसाया भी और बचाया भी. और

अवी-और फार्महाउस पे जो वीडियो बने ये देखिए

चाची फार्महाउस का वीडियो देखने लगी

अवी-रणजीतसिंघ को मर्डर करते हुए शूट किया ताकि वो मुझे डबल क्रॉस ना कर सके. इस वीडियो के बारे मे रणजीतसिंघ को पता नही है.

सी चाची-गेम मे गेम खेल रहे हो तुम

अवी-खेलना पड़ता है. ये मर्डर वाला वीडियो मेरे पास रहेगा तो रणजीतसिंघ मुझे कुछ नही कर पाएगा.

सी चाची-ये अच्छा किया. कुछ कार्ड अपने पास छुपा के रखने चाहिए.

अवी-रंजीत सिंग ने मुझे धोका दिया तो मैं अपना कार्ड ओपन करूँगा.

सी चाची-आगे क्या हुआ.

अवी-रणजीतसिंघ और मैं रेशमा की नज़रों मे हीरो बन गये. फिर कुँवरसिंघ की नज़रों मे ये वीडियो दिखा कर रणजीतसिंघ को हीरो बना दिया. कुँवरसिंघ टूट गया अब मैं जैसा चाहूं कुँवरसिंघ को बना सकता हूँ और मैने उसे अच्छा आदमी बना दिया.

सी चाची-अच्छा आदमी क्यूँ बनाया

अवी-जैल बुरे आदमी को अच्छा बनाने की जगह है. पर कुछ सालो मे जैल की मीनिंग बदल गयी है. मैं ने कुँवरसिंघ को अच्छा आदमी बनाया. बुरा आदमी जब अच्छा बनता है तो ऐसे काम करते है जिस के बारे मे कभी सोच नही सकते, कुँवरसिंघ ने क्या किया ये भी बताउन्गा.

सी चाची-वीडियो देखने के बाद क्या हुआ.

अवी-वो इतना टूट गया कि उसने शूसाइड करने की कोशिश ,उसकी किस्मत अच्छी थी जो वो बच गया. इस का क्रेडिट मैं ने रेशमा को दिया जिस से रेशमा और रणजीतसिंघ कुँवरसिंघ के नज़रो मे अच्छे बन गये .

सी चाची-फिर क्या हुआ

अवी-फिर मैं ने पंडिताइन की चुदाई की, और रेशमा को पटाने का ट्राइ किया. उसके साथ हसी मज़ाक किया.वो मेरे हाथ मे आ जाती पर मैं ने उसे जाने दिया.

सी चाची-रेशमा तुझे मैं दिलवा दूँगी.

अवी-वो कैसे

सी चाची-पहले तू अपनी स्टोरी बता फिर मैं बताउन्गी .रेशमा तेरे साथ चुदाई करने को कैसे तैयार हो जाएगी.

अवी-रेशमा का मुश्किल है

सी चाची-मैं कौन हूँ

अवी-मेरी चाची

सी चाची-मैं तुम्हारी गुरु हूँ, मैं ने कहा तो मिल गयी समझो

अवी-फिर तो मज़ा आ जाएगा.

सी चाची-अब आगे बता

अवी-पहले ये वीडियो देख लीजिए. कुँवरसिंघ की हालत कैसे हुई

सी चाची-दिखा

मैं ने वीडियो प्ले किया .और चाची कुँवरसिंघ की बुरी हालत होते हुए देखने लगी.

सी चाची-ये देख लिया

अवी-अब किस फिर आगे की स्टोरी

चाची ने मुझे किस किया.

 
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सी चाची-आगे बता क्या हुआ

अवी-मोना ने जिस तरह कुँवरसिंघ की मदद की उस का फ़ायदा उठाते हुए मैं ने कुँवरसिंघ को कहा कि मोना एक प्राब्लम है .

कुँवरसिंघ को पता था कि मोना क्यू परेशान है. कुँवरसिंघ ने मोना के बारे मे मुझे बताया और टेप हवेली से लाकर मोना को देने को कहा.

मैं ने वो टेप मोना को दिया और साथ मे पैसे भी उसी को रखने को कहा ,ऐसा कुँवरसिंघ को बताया. जिस से कुँवरसिंघ कभी मोना के मालिक से मिलता और उसे पता चलता कि पैसे गायब है तो शक हो जाता ,

सी चाची-एक प्लान मे सबका प्लान शामिल था

अवी-हाँ, मेरा चक्रव्यूह ऐसा था जिस मे सबको मैं ने फसा भी दिया और मदद भी की

सी चाची-मोना तो सोचती रह गयी होगी कि ये सब हुआ कैसे

अवी-मैं ने उसे कुछ सोचने नही दिया .जल्दी उसको निपटा दिया.

सी चाची-पर क्यूँ?

अवी-क्यूँ कि उसका काम हो गया था

सी चाची-फिर आगे क्या हुआ.

अवी-फिर मैं ने पायल से दोस्ती की और उस से कार चलाना सीखने का सोचा

सी चाची-सुसाइड करने के बाद क्या हुआ.

अवी-उसके बाद विद्या को घर3 बुला कर उसका इलाज किया.

सी चाची-विद्या ने मुझे बताया नही.

अवी-मैं ने मना किया था. फिर रणजीतसिंघ को बताया कि कुँवरसिंघ की हालत खराब है उसे हॉस्पिटल ले जा रहा हूँ.

रणजीतसिंघ को पता नही था कि मैं ने उसके भाई को कहाँ रखा है.उसने ये जानने के लिए कि मैं कुँवरसिंघ को किस हॉस्पिटल मे ले जा रहा हूँ .उस ने मेरे पीछे आदमी लगा दिया.मैं ने उस आदमी को चकमा दिया

सी चाची-वो कैसे

अवी-मुझे पता था कि रणजीतसिंघ ने मेरे पीछे आदमी लगाकर रखा है. रणजीतसिंघ ये जान ना चाहता था कि मैं ने कुँवरसिंघ को कहाँ रखा है.

रणजीतसिंघ ने ये नही सोचा था कि मैं कुँवरसिंघ को अपने घर रखूँगा. उसका आदमी मुझे कभी अपने घर तो कभी घर3 तो कभी पूजा बुआ के घर जाकर उसको गुमराह करने लगा.

फिर रणजीतसिंघ ने अपने आदमी को ये बताया होगा कि मैं 5 से 8 बजे तक मेले मे रहता हूँ. और इसी का फ़ायदा मैं ने उठाया ,और 7 बजे मेले से निकल गया .और विद्या को पायल को 8 बजे तक घर मे रोकने को कहा.

रणजीतसिंघ का आदमी 8 बजे मेले मे आकर मुझे ढूँढने लगा.तब तक मैं कुँवरसिंघ को लेकर शहर और शहर से शहर2 आ गया.

कुँवरसिंघ को सीधा सारा ज़ोया के हॉस्पिटल ले जाने की बजाय सिटी हॉस्पिटल ले गया फिर वहाँ से सारा के हॉस्पिटल ले गया.

कुँवरसिंघ को वापस लाते हुए भी मैं ने टॅक्सी वाले के अचानक आए ऑफर को हां कहा .और कुँवरसिंघ को वापस ले आया

सी चाची-तुम शहर2 जाकर आ गये किसी को पता भी नही चला.

अवी-बहोत सी बाते चुप चाप की, उस दिन पूजा बुआ की उनके घर जाकर चुदाई की.

सी चाची-मोना का क्या हुआ

अवी-कुँवरसिंघ को हॉस्पिटल ले जाने के बाद मोना को टेप दिया पैसे आपस मे बाट लिए. मैं ने मोना को ज़्यादा पैसे दिए क्यू कि पैसो से ज़्यादा कुँवरसिंघ को सबक सिखाने के लिए ये काम किया था.

सी चाची-फिर उन पैसो से सबको गिफ्ट दिए

अवी-हां, कुँवरसिंघ का काम होते ही पैसे भी खर्च कर दिए .और जो कुछ पैसे बचे थे वो मेले मे लोगो को दे दिए.

सी चाची-तो कुँवरसिंघ को सारा ज़ोया के हॉस्पिटल मे रखा

अवी-हाँ, वहाँ पर कुँवरसिंघ का इलाज हो रहा था और सज़ा मिल रही थी.

सी चाची-वो कैसे

अवी-मैं ने सारा को कहा कि उसका ऐसा इलाज करने को कहा कि वो याद रखे. फिर एक बीमारी के बारे मे बताया जिस मे बैठने को प्राब्लम होती है और टाय्लेट करते हुए खून निकलता है.

सी चाची-गंदी बीमारी लगा दी तुम ने.

अवी-जब भी कुँवरसिंघ बैठ कर करेगा तो उसे याद रहेगा कि उसके साथ क्या हुआ था.

सी चाची-कुँवरसिंघ और रेशमा का होगा ,अब ठकुराइन की बारी होगी.

अवी-हाँ ,पहले सोच था कि पायल को सज़ा दूँगा जिस से ठकुराइन को सज़ा मिले. पर पायल ने क्या बिगाड़ा था किसी का. इस लिए प्लान चेंज किया.

ठकुराइन को सबक सिखाने के लिए पायल की जगह दूसरी कमज़ोरी पे हमला करने का सोचा.

और पायल को मुझसे जो चाहिए था वो दिया.

सी चाची-पायल को क्या चाहिए था तुमसे

अवी-वो खुद मेरे साथ चुदाई करना चाहती थी. वो मैं ने उसकी चुदाई की और उसे खुश किया.

चुदाई ऐसी हुई कि पायल मेरी गुलाम बन गयी और ठकुराइन को सबक सिखाने के लिए उनकी दूसरी कमज़ोरी पे वॉर करने का सोचा

सी चाची-मैं समझी नही

अवी-कुँवरसिंघ के बाद मैं फ्री हो गया था. फिर मैं मस्ती करने लगा. पायल पे पहले मैने ट्राइ किया फिर उसकी खूबसूरती को बेइज्जत किया जिस से वो मेरी दीवानी हो गयी. पायल मेरी गुलाम बन गयी.

सी चाची-ये तरीका मुझे पसंद आया. पायल को तुम ने कितना नीचे सोचने पे मज़बूर किया. बेशरमो की तरह तुम्हें अट्र्क्ट करने पे मज़बूर किया.

अवी-इस के बाद मैं ने पायल की पहली चुदाई जोरदार की जिस से वो खुश हुई पर वो बीमार पड़ गयी. पहली चुदाई मैं ने गोली खा कर की जिस से वो बीमार पड़ गयी. अभी तक आराम कर रही है. और मुझ से मिलने को बेताब है

सी चाची-तुम प्यार भी करते हो और सज़ा भी देते हो ,तुम कमाल के हो

अवी-थॅंक्स, पायल के साथ साथ मैं शीला के साथ मस्ती करने लगा. सविता नही मिली पर शीला मिल गयी. वो अपने पेट मे मेरा बच्चा लेकर चली गयी. प्रेगनेंट हुई की नही पता नही पर हो जाएगी.साथ मे शीला की सहेली की चुदाई की.

सी चाची-कितनो को माँ बनायोगे.

अवी-शीला अच्छी थी. जिस से मैं उसको मना नही कर पाया

सी चाची-समझ सकती हूँ. मतलब मैं फिर माँ बनूँगी. फिर क्या किया.

अवी-फिर शोभा का नेकक्लेस ढूँढ कर दिया और चोरनी के साथ शोभा की चुदाई की.

सी चाची-और

अवी-रणजीतसिंघ जिसकी चुदाई करने वाला था उस की चुदाई करके रणजीतसिंघ को गुस्सा दिलाया .पर उसे मना लिया.

सी चाची-मेला तो ख़तम हुआ , ठकुराइन का तो नाम भी नही आया

अवी-वो मेले के बाद. पायल की हवेली मे चूत फाड़ने के बाद ठकुराइन ने मुझे 1 महीने की सज़ा याद दिलाई

सी चाची-ठकुराइन के साथ क्या किया तुम ने

अवी-पायल की चुदाई का ईस्तमाल करने का आइडिया मेरे दिमाग़ मे आया. पायल की बीमारी का फ़ायदा उठा सकता हूँ. ये सोचते अचानक एक आइडिया मेरे दिमाग़ मे आया

सी चाची-कैसा आइडिया

अवी-ठकुराइन के साथ कामिनी की चुदाई करने का प्लान

सी चाची-बोलते रहो

अवी-वो बताउन्गा पर मेले मे मेरे साथ एक अजीब बात हुई

सी चाची-क्या?

अवी-आपको पता है हम शॉपिंग करने गये थे

सी चाची-हाँ

अवी-आपके जाने के बाद ,मैं ने सबको शॉपिंग करवाई

सी चाची-पॉइंट पे आ जाओ

अवी-फिर मैं ने सोचा कि शॉप मे रानी के साथ क्यू ना मस्ती करूँ

सी चाची-किसी ने मस्ती करते हुए पकड़ा

अवी-नही, बात अलग है,मैं रानी के साथ उपर के ट्रायल रूम मे मस्ती करने का सोच रहा था .वैसा प्लान भी बनाया. मैं रानी के बाद उपर गया. ट्रेल रूम मे अचानक घुस गया जिस से लाइट ऑफ हो गयी

सी चाची-ये तो अच्छा हुआ

अवी-सुनिए तो, मैं ने रानी के मूह पर हाथ रखा और अपना नाम बताया और किस करने लगा. फिर उसने मुझे किस किया और मुझे धक्का दे कर भाग गयी.

सी चाची-इसमे अजीब क्या था.

अवी-जब मैं नीचे गया तो रानी बाहर से शॉप के अंदर आ रही थी.रानी से पूछने पर पता चला कि वो उपर ट्रायल रूम गयी नही थी वो बाहर रीचार्ज लेने गयी थी.

सी चाची-फिर तुम ने क्या किया

अवी-मैं ने शॉप गर्ल से पूछा तो पता चला उसने हमारा अलावा किसी और को भी उपर के ट्राइयल रूम के बारे मे बताया था. जब सबको देखा तो सब मेरे पहचान के थे

सी चाची-पता चला वो कौन थी.

अवी-नही. पर उसके किस करने से रानी और माला वाली फीलिंग आ रही थी. वो माला थी

सी चाची-माला ,वो ऐसा क्यू करेगी उसकी तो शादी हो गयी होगी

अवी-पता नही पर वो माला जैसी लगी

सी चाची-तूने देखा उसे या मिला

अवी-नही वो कही नही मिली. शायद मेरे इस हरकत से वापस चली गयी होगी

सी चाची-जाने दे उसे तुम परेशान मत हो ,रानी के बारे मे सोचो,

अवी-मैं ने वही किया रानी के को याद करके माला को दिमाग़ से निकाल दिया.

सी चाची-इसी लिए कहती हूँ कि मुझे बताया कर (अच्छा हुआ माला अवी से मिली नही. वरना अवी कोपता चल जाता की मैं ने माला के बारे मे झूठ कहा है)

अवी-आगे से ऐसा नही करूँगा. पहले आपको बताया करूँगा.

सी चाची-अगर तुम मुझे पहले बताता तो तुझे ठाकुर के साथ ऐसा नही करने देती.

अवी-क्यू?

सी चाची-कुछ क्यू के जवाब समय आने पर मिलते है.

अवी-पर कुँवरसिंघ ने ग़लत किया.

सी चाची-मानती हूँ .तूने जो किया वो सही किया ,ठीक है, तूने कुँवरसिंघ को अच्छा आदमी बना कर अच्छा किया, मैं खुश हूँ.

अवी-आप ऐसे ठाकुर की तरफ से क्यू बोल रही है.

सी चाची-ऐसे ही ,तुम ज़्यादा अपने दिमाग़ पे ज़ोर मत डाल

फिर छोटी चाची ने मुझे किस करके मेरा ध्यान दूसरी तरफ कर दिया.

 


749

सी चाची-अब ठकुराइन के बारे मे बता

अवी-जैसे आपको पता है कि ठकुराइन ने मुझे परसो 1 महीने के लिए बुलाया था तो मेरे दिमाग़ मे एक प्लान आया.

सी चाची-प्लान ,बता आगे

अवी-मैं ने ठकुराइन और कामिनी को एक प्लान से हॅंडल करने का सोचा

सी चाची-कैसे

अवी-कामिनी को ठकुराइन बना कर ,कामिनी मिल जाती.

सी चाची-अच्छे से बता

अवी-मैं ने पायल के कुछ फोटो निकाले. पायल के चेहरे को एक नंगी बॉडी के साथ मिला कर, पायल का ड्यूप्लिकेट फोटो बनाया.

सी चाची-ऐसा हो सकता है.

अवी-हां, आपको बनाके दिखाऊ, आपका चेहरा और दीपिका की बॉडी

सी चाची-रहने दे मैं ऐसी ठीक हूँ. आगे बता

अवी-मैं ने अननोन बन कर ठकुराइन को ब्लॅकमेल किया. ठकुराइन फोटो के बारे मे पायल से पूछ नही सकती थी.क्यू कि पायल बीमार थी .

फिर ठकुराइन को मिलने बुलाया ,ठकुराइन को कुँवरसिंघ के दोस्तो के फार्महाउस वाले जंगल मे बुलाया. न्यूज़ पेपर मे आया था कि 2 मरे है और 1 दोस्त फरार है तो शक कुँवरसिंघ के दोस्त पर जाता.अगर ठकुराइन कभी कंप्लेंट करती या कुछ गड़बड़ होती तो शक कुँवरसिंघ के दोस्त पे जाता.

सी चाची-पर वो कुँवरसिंघ का दोस्त तो भाग गया था.

अवी-नही.उसे रणजीतसिंघ ने उसी दिन खिड़की से भागते हुए पकड़ लिया था. वो हमारा प्लान था कि कुँवरसिंघ का एक दोस्त को जिंदा पकड़ा जाए .रंजीत सिंग ने उसी समय उसे पकड़ कर कार के डिकी मे डाला था. क्यू कि मैं ने इस बारे मे पहले सोच रखा था .रणजीतसिंघ को बताया कि इसे कुँवरसिंघ के हाथो से मरवाएँगे.ताकि कुँवरसिंघ खुद सज़ा दे अपने दोस्त को और रणजीतसिंघ हीरो बन जाए.

सी चाची-तो वो कुँवरसिंघ का तीसरा दोस्त कभी भागा ही नही था.

अवी-वो तो रेशमा को दिखाने के लिए भागने दिया था,कुँवरसिंघ खुद अपने दोस्त को मारेगा तो उसका इंपॅक्ट ज़्यादा होगा हमारे प्लान पे.

सी चाची-कुँवरसिंघ ने मारा अपने दोस्त को

अवी-नही. कुँवरसिंघ इतना सुधर गया कि हमे प्लान चेंज करना पड़ा. कुँवरसिंघ अपने दोस्त को मारेगा ये प्लान चेंज किया

सी चाची-तो कुंवर सिंग के दोस्त का क्या हुआ .

अवी-उसे ठकुराइन के प्लान मे ईस्तमाल करने का सोचा मैं ने

सी चाची-वो कैसे

अवी-पहले ये तो क्लियर कर दूं कि ठकुराइन का प्लान रणजीतसिंघ को पता नही था.

सी चाची-वो तो तुम्हारा पार्टनर था.

अवी-हाँ, पर वो रंजीतसिंघ की माँ थी. रिस्क नही ले सकता था मैं ,वो मेरा पर्सनल प्लान था , ठकुराइन से बदला लेने का.

सी चाची- तो रंजीत इस प्लान मे शामिल नही था.

अवी- पहले रणजीतसिंघ प्लान मे शामिल नही था पर बाद मे उसे प्लान बता दिया.

सी चाची-पर बाद मे शामिल क्यू की.

अवी-क्यू कि प्लान कामयाब होगा तो ठकुराइन से बदला पूरा हो जाता पर ठकुराइन से पीछा कैसे छुड़वाता. इस लिए रणजीतसिंघ को बाद मे दूसरे दिन प्लान मे शामिल किया.

सी चाची-बोलता जा

अवी-ठकुराइन मुझ से मतलब अननोन से मिलने आ गयी. मैं ने नकाब पहन रखा था.

मुझे इस बीच पायल को इनसे दूर रखना था .बिना वजह उसको परेशानी नही देना चाहता था.

इसी लिए ठकुराइन से 1 करोड़ माँगे और साथ मे चुदाई करने को कहा.ताकि ये पायल के नकली फोटो का राज़ खोल कर ठकुराइन की चुदाई वीडियो बना कर ब्लॅकमेल करूँ.

सी चाची-पायल को इस से दूर रख कर अच्छा किया वरना ठकुराइन पायल से पूछ लेती .क्या पता पायल तुम्हारी चुदाई के बारे मे बता देती .अब तो फोटो नकली होने से ठकुराइन कुछ नही पूछेंगी पायल से

अवी-सही कहा. मैं ने ठकुराइन की गंद मारी .ये देखिए वीडियो

चाची ठकुराइन की गंद मारने का वीडियो देख कर खुश हो गयी.

सी चाची-अच्छा सबक सिखाया

अवी-फिर मैं ने पायल के फोटो जला दिए और वीडियो की मदद से ठकुराइन को ब्लॅकमेल किया.

सी चाची-वो पैसे लेकर आई.

अवी-हाँ, दूसरे दिन आ गयी.पर कहानी मे थोड़ा ट्विस्ट लाया. मैं ने रणजीतसिंघ को प्लान मे इन्वॉल्व किया. जब उसे बताया कि ठकुराइन मेरे साथ चुदाई कर चुकी है तो मेरी बात का विश्वास नही कर रहा था.

फिर मैं ने रणजीतसिंघ को अपना ब्लॅकमेल वाला प्लान बताया ,ये सुनकर रणजीतसिंघ मुझे पे गुस्सा होने की जगा उसने कहा कि वो ठकुराइन को बचा कर हीरो बनना चाहता है.

सी चाची-रणजीतसिंघ क्यू हीरो बनना चाहता था

अवी-क्यू कि रणजीतसिंघ अपनी माँ से प्यार करता है. कामिनी जैसा प्यार

सी चाची-तो ये बात है

अवी-हाँ, जैसे रंजीत सिंग ने कहा कि वो अपनी माँ को प्यार करता है तो मेरे दिमाग़ मे कामिनी को ठकुराइन बनाने का दूसरा प्लान आ गया. मैं ने रणजीतसिंघ को उसका प्यार और कामिनी को ठकुराइन बनाने वाला प्लान बताया.

सी चाची-ये कौन सा दूसरा प्लान था.और पहला कौन सा प्लान था.

अवी-पहला प्लान ये था कि मैं सोच रहा था कि ठकुराइन की अननोन बन कर चुदाई करूँगा .उसकी वीडियो बना कर कामिनी को दूँगा. कामिनी वीडियो का ईस्तमाल करके ठकुराइन बन जाएगी. और मेरा ठकुराइन से बदला पूरा हो जाएगा और कामिनी को ठकुराइन बनाने से उसके साथ चुदाई कर पाउन्गा.

सी चाची-और नया प्लान क्या था.

अवी-रणजीतसिंघ ने कहा कि वो अपनी माँ से प्यार करता है. तो प्लान चेंज कर दिया.

दूसरा प्लान- मैं अननोन बनके ठकुराइन को दूसरे दिन चुदाई को मज़बूर करूँगा. रणजीतसिंघ पहले से वहाँ छुप कर रहेगा .रणजीतसिंघ ठकुराइन को बचा लेगा मेरा मतलब अवी की मदद से, रणजीतसिंघ अननोन को मारेगा मतलब मुझे नही कुंवर के दोस्त को . फिर रणजीतसिंघ ठकुराइन इमोशनली प्रपोज करेंगा. ठकुराइन के हाँ करते ही ठकुराइन रणजीतसिंघ की हो जाती फिर क्या था रणजीतसिंघ इमोशन का फ़ायदा उठा कर कामिनी को ठकुराइन बनाता.

सी चाची-प्लान अच्छा है. पहले तुम अननोन थे ,पर ठकुराइन के नज़रिए मे कोई और अननोन था. गेम तुम और रणजीतसिंघ खेलने वाले थे और ठकुराइन को लगता तुम हीरो हो

अवी-हाँ,

सी चाची-पर तू ठकुराइन की चुदाई का वीडियो दिखा कर ठकुराइन से अपना पीछा छुड़वा सकते थे.

अवी-ऐसे तो ठकुराइन मेरी दुश्मन हो जाती. फेस टू फेस दुश्मनी महँगी पड़ जाती , ,समझा करो

सी चाची-आगे बता.

अवी-रंजीत सिंग को प्लान बताते हम प्लान पे काम करने लगे. बॅंक मेनेज़र को बोला की ठकुराइन को बॅंक मे रोक कर रखे .और उस समय मे हम कुँवरसिंघ के दोस्त को लेकर जंगल मे आ गये और तैयारी करने लगे.

ठकुराइन को 1 करोड़ माँगने का फ़ायदा हुआ. फ़ायदा ऐसा की ठकुराइन पैसे निकालने बॅंक मे जाएगी तो बॅंक मेनेज़र रणजीतसिंघ को कॉल ज़रूर करेंगा. जिस से हम ठकुराइन को बचा कर ये बता सकते थे कि हम वहाँ कैसे आए. बॅंक से मेने उनका पीछा किया है .ठकुराइन के लिए ये सब रियल जैसा था.

फिर हम ने ठकुराइन को बचा लिया.और रणजीतसिंघ ने कुँवरसिंघ के दोस्त को मार डाला और उसका चेहरा खराब किया ताकि ठकुराइन उसका चेहरा देख ना सके. अगर ज़्यादा गड़बड़ हो जाए तो हम बता सकते थे कि वो कुँवरसिंघ का दोस्त था.

रणजीतसिंघ ने कहा था कि ठकुराइन के कपड़े जला दे ताकि वो नंगी कार मे हो ,जिस से वो प्रपोज करे तो ठकुराइन ज़्यादा सोच ना पाए

सी चाची-कहाँ से कहाँ तक सोचते हो तुम,आगे क्या हुआ

अवी-फिर रणजीतसिंघ ने एक बॉम्ब फोड़ा ,रणजीतसिंघ ने ठकुराइन को अपने प्यार का इज़हार किया ,जिसे सुनकर ठकुराइन शॉक्ड हुई.

थोड़ा मनाने के बाद ठकुराइन रणजीतसिंघ को प्यार करने लगी.

फिर मैं ने पायल के फोटो की असलियत बताई. मैं ने जानबूझ कर फोटो पे एक डेट और टाइम डाला था ताकि ये प्रूफ कर सकूँ की पायल उस समय मेले मे थी.

सी चाची-तुम ने तो प्यार करने वाले को मिला दिया.

अवी-हाँ, रणजीतसिंघ को उसका प्यार मिला ,जो प्यार कभी मिल नही सकता था वो प्यार मिला.जिस से अब रणजीतसिंघ मुझे डबल क्रॉस नही करेंगा.

सी चाची-तुम कितने अन्गल से सोचते हो

अवी-सोचना पड़ता है. अपनी साइड सेफ रखनी पड़ती है.

सी चाची-आगे क्या हुआ

अवी- फिर रणजीतसिंघ और मैं ने ठकुराइन के साथ मे चुदाई की,उसका वीडियो नही बनाया. पर ठकुराइन मेरी भी दीवानी हो गयी.

सी चाची-और पैसे उनका क्या हुआ

अवी-वो ठकुराइन ने मुझे दे दिए.

सी चाची-1)कुँवरसिंघ के दोस्त को मार डाला जो इसके लायक था,

2)ठकुराइन का घमंड तोड़ दिया.

3)रणजीतसिंघ को उसका प्यार मिला.

4) तुम ने ठकुराइन की चुदाई की पैसे मिले,

5)कामिनी ठकुराइन बन जाएगी

6)रंजीत को उसके प्यार से मिलाके दोस्ती मज़बूत की

एक तीर से इतने सारे पंछी मारे

अवी-इसका फ़ायदा ये हुआ कि कामिनी ठकुराइन बन गयी और रणजीतसिंघ ठाकुर बन गया.

सी चाची-वो फाइनल कहा हुआ

अवी-कल मुझे हवेली इसी लिए बुलाया था.

कुँवरसिंघ रणजीतसिंघ को भगवान मान ने लगा. रेशमा भी. जिस से उनकी तरफ से कोई विरोध नही था.

ठकुराइन को एक पर्मनॅंट लंड मिला जिस से उसका भी विरोध नही था. रणजीतसिंघ कामिनी और ठकुराइन की साथ मे चुदाई करने लगा. पायल का कोई प्राब्लम नही था.

तो कल डिसाइड हुआ कि रणजीतसिंघ को ठाकुर और कामिनी को ठकुराइन बना दिया जाए. सबकी सहमति से,

मैं ने सब को बताया कि कुँवरसिंघ को गुन्डो ने मारा था.और मैं ने बचाया जिस से ठाकुरजी ने खुश होकर मुझे एक फॅक्टरी मे 50% पार्टनर बना दिया. ये है उसके पेपर

सी चाची-तेरे नाम फॅक्टरी कर दी. ये तेरा प्लान था.

अवी-नही. ये देख कर मैं भी शॉक्ड हुआ था.मुझे भी कुछ समझ नही आया .जिस से मैं ने मना किया .पर ठाकुरजी ने खुश होकर इतने प्यार से दिया कि मुझे पेपर रखने पड़े.

सी चाची-तुम तो करोड़पति बन गये.

अवी-मुझे बस आपका पति बनना है

सी चाची-वो तो तुम हो, आगे बता क्या हुआ

अवी-कुँवरसिंघ को अच्छा बनाने का फ़ायदा ये हुआ कि उसने 50 अनाथ लड़कियो को गोद लिया,

सी चाची-ये तो अच्छा हुआ. कुँवरसिंघ को सज़ा भी मिली और सब का भला भी हुआ.और ठाकुरजी खुश हो गये

अवी-हाँ, कुँवरसिंघ अब दूसरे शहर रह कर नयी ज़िंदगी जीने वाला है. रेशमा के साथ वो नयी ज़िंदगी जीना चाहता है. कुँवरसिंघ का ये रूप देख कर ठाकुरजी मुझ पे खुश है

सी चाची-आज यहाँ तुम्हारा दादाजी होते तो तुम पे गर्व करते.

अवी-और आप

सी चाची-मैं बहोत खुश हूँ.और क्या हुआ कल

अवी-कल कामिनी को फार्महाउस पे ये बात पता चली. कि मैं ने उसे ठकुराइन बनाया तो वो मुझ पे खुश हो गयी.

कामिनी को ऐसे लंड की तलाश थी जो उसकी चूत मार सके. रणजीतसिंघ उसकी गंद मारता है.

कामिनी ने खुश होकर रात भर मेरे साथ चुदाई की, उस से पहले सेक्रेटरी की चुदाई की

सी चाची-हवेली मे अब रेशमा रह गयी.

अवी-हाँ .पर उसके चान्स कम है

सी चाची-वो मैं तुझे दूँगी. रेशमा ने मुझ से कहा था कि अगर कुँवरसिंघ को उसका बना दिया तो वो कुछ भी करने को तैयार है.और तूने रेशमा को उसका पति लौटा दिया , कुँवरसिंघ अब उसका बनके रहेगा

अवी-ये बात आपने पहले क्यूँ नही बताई

सी चाची-हम ने इस बारे मे कभी बात ही नही की.

अवी-अब रेशमा के चान्सस निकल सकते है

सी चाची-हाँ. उसे अपना प्रॉमिस याद दिलाना.और हवेली मे सबको खुश करना . जिस से ठाकुरजी खुश रहेंगे और तेरे दादाजी खुश हो जाएँगे

अवी-फिर भी चान्स कम लग रहे है

सी चाची-तुम्हारे चान्स ज़्यादा है. तुम्हारी हसी मज़ाक से रेशमा को शायद तुम अच्छे लगते होंगे.

अवी-ये तो बमपर प्राइज़ हो गया

सी चाची-तो लग जाना काम पर

अवी-जल्दी रेशमा से बात करूँगा.

सी चाची-अमित के दूध पीने का समय हो गया.

अवी-आप अमित को दूध पिलाएँ मैं चाय पीके आता हूँ

सी चाची-हाँ, तुझ से कुछ बाते करनी बाकी है.

अवी-जी

चाची अमित को दूध पिलाने लगी .और मैं चाय पीने चला गया

 
कहानी ज़रूर पूरी होगी दोस्तो

पर आप तो जानते ही है रोज़ी रोटी का भी जुगाड़ करना पड़ता है
 
750

सी चाची-अवी तूने जो किया वो सही किया या ग़लत ये मैं समझ नही पा रही हूँ.

अवी-आपको क्या लगता है. बोल दो फिर मैं एक्सप्लेन करूँगा

सी चाची-अगर तूने पैसे के लिए किया है तो ग़लत किया है ,

अवी-चाची पैसा एक रीज़न्स था

सी चाची-क्या मतलब

अवी-मैं ने मोना का काम इस लिए लिया था कि मुझे कुँवरसिंघ को सबक सिखाना था.मुझे एक और वजह चाहिए थी कि मैं कुँवरसिंघ को सबक सिखाऊ ,मेरी बहनों ने तो उसके बाद गिफ्ट माँगे थे. मैं मोना के थ्रू कुँवरसिंघ को सबक सिखाने वाला था.

सी चाची-और रणजीतसिंघ से 2करोड़ लिए उसका क्या

अवी-मैं पैसे नही माँगता तो रणजीतसिंघ सोचता कि मैं ये काम क्यूँ कर रहा हूँ. रणजीतसिंघ को लगता कि ज़रूर मैं कुछ और सोच रहा हूँ ये बात रणजीतसिंघ के दिमाग़ मे ना आए इस लिए पैसे माँग लिए.उसको लगना चाहिए कि मैं पैसो के लिए कर रहा हूँ.और1 करोड़ वो ठकुराइन ने दिए. और ठाकुर ने खुश होकर फॅक्टरी दी

सी चाची-फिर तो तूने सही किया.

अवी-करना पड़ा, वरना उस गर्ल का क्या होता ,ठाकुर उसका क्या हाल करते उसे मार डालते या फिर कुँवरसिंघ को जैल हो जाने बाद उसका क्या होता ,कौन उस से शादी करता ,उसके माता पिता का क्या होता

सी चाची-ये तुम ने सही सोचा

अवी-कुँवरसिंघ को सज़ा मिलती फिर भी उस गर्ल को सुकून नही मिलता. मैं ने उसके माता पिता की आँखो मे अपनी बेटी के फ्यूचर की टेन्षन देखी थी.

सी चाची-सही कहा ,कुँवरसिंघ को जैल हो जाती फिर भी उस गर्ल के माता पिता ज़िंदगी भर रोते रहते कि उनकी बेटी का क्या हॉंगा.

अवी-मैं ने सब बातों का ध्यान रखा .

सी चाची-पर रेशमा के साथ जो हुआ वो

अवी-अगर मैं कुँवरसिंघ को सबक सिखाने के लिए रेशमा के साथ वैसा करता जैसा उस गर्ल के साथ हुआ है. तो इस मे रेशमा बर्बाद होती पर कुँवरसिंघ को फरक नही पड़ता.और रेशमा के साथ वैसा करना पड़ा वरना कुँवरसिंघ को सुधारना मुश्किल होता , रेशमा का वीडियो देखते ही कुँवरसिंघ मे बहोत बदलाव आ गया

सी चाची-तूने सब के बारे मे सोचा.

अवी-हाँ, उस गर्ल की शादी करवा दी. उसके माता पिता का फ्यूचर सेफ किया. फिर मैं कुँवरसिंघ को मार भी डाल सकता था पर उस से कुछ नही होता.

कुँवरसिंघ के जिंदा रहने से देखिए क्या हुआ. 50 लड़कियो को गोद लेके कुँवरसिंघ ने अच्छा काम किया

सी चाची-फिर कुँवरसिंघ के दोस्त को क्यूँ मारा उनको भी सुधार देते

अवी-उनको सुधारना इंपॉसिबल था. रेशमा के साथ अगर वो वैसा नही करते तो उनको सबक सिखाने का दूसरा रास्ता ढूंढता. लेकिन वो कभी सुधर नही सकते थे.

सी चाची-तो सब का भला हुआ.

अवी-हाँ, कुँवरसिंघ के दोस्तो का आगे पीछे कोई नही था ,मैं ने उनके बारे मे पता किया तो मैं शॉक्ड हो गया. उन मे से 1 अनाथ था और 2 ऐसे थे जिन्हो नो अपनी फॅमिली को मार डाला वो भी पैसो के लिए.

सी चाची-अच्छा किया उनके साथ.

अवी-कुँवरसिंघ को ग़लत रास्ते पे उसके दोस्त ले गये थे. उनके कहने पे कुँवरसिंघ ये सब करता था. वो मर गये तो देखो कुँवरसिंघ सुधर गया. सबसे माफी माँगने लगा है.

सी चाची-जो हुआ वो आचे के लिए होता है

अवी-अब देखिए कुँवरसिंघ के अच्छे बनने के फ़ायदे. कुँवरसिंघ ने किस तरह उस गर्ल से माफी माँगी.

मैं ने वीडियो प्ले किया. वीडियो देख कर चाची को अच्छा लगा.

सी चाची-ये तो अच्छा किया तुम ने

अवी-देखिए. कुँवरसिंघ के अच्छे बन ने के फ़ायदे

1.उस गर्ल का बदला पूरा हुआ.उसके माता पिता की टेन्षन ख़तम हुई. उसकी शादी हो जाएगी.

2.सविता बच गयी .उस गर्ल जैसा बन ने से, कुँवरसिंघ अपने बाद अपने दोस्तो से सविता को शेयर करता

3.सविता ने आख़िरी बार मुझसे चुदाई कर ऐसे काम छोड़ दिए

4. इस घटना से सविता का पति उसकी ज़्यादा केयर करेगा.

5. मोना का मालिक ब्लॅकमेल होने से बच गया

6. मोना को पैसे मिले. और अपने मालिक का विश्वास जीता

7. रेशमा को उसका पति वापस मिला, जो वो चाहती थी.

8. ठाकुरजी को उसका बेटा वापस मिला, उनको लग रहा था कि ठाकुर बनने के लिए उनके बेटे एक दूसरे की जान लेंगे पर ऐसा नही हुआ . जिस से ठाकुरजी खुश है.

9. कुँवरसिंघ ने सब से माफी माँगी

10. 50 लड़कियो को सहारा बन गया

11. ठाकुरजी का नाम बदनाम नही होगा

12. कंप्लेंट ना करने से मेला बच गया

13. रणजीतसिंघ ठाकुर बन गया जो गाओं के लिए अच्छा होगा, गाओं का विकास होगा. कुँवरसिंघ ठाकुर बनता तो रोज एक लड़की को उठा कर रेप करता.

14.नयी ठकुराइन मिल गयी .जो गाओं के लिए अच्छे काम करेंगी.

सी चाची-इतने काम सिर्फ़ कुँवरसिंघ को अच्छा बनाने से हुए

अवी-हाँ, साथ मे ठकुराइन को सबक सिखाने से गाओं को नयी ठकुराइन मिलेंगी. और मैं बच गया. साथ मे रणजीतसिंघ को उसका प्यार मिला, ठकुराइन को प्यार करने वाला मिला. ठकुराइन रंजीतसिंग के साथ खुश है.

सी चाची-मैं तेरे काम से खुश हूँ पर ऐसे काम करने पहले बताया कर

अवी-जी .आगे से बताया करूँगा.

सी चाची-वैसे तूने इस प्लान मे ज़्यादा किसी को इन्वॉल्व नही किया.

अवी-ये काम जितने कम लोगो को पता होता उतना अच्छा होता

सी चाची-सिफ़े तुम्हें पूरा प्लान पता है.

अवी-हाँ, मोना को हेलपर की तरह इस्तेमाल किया. और इतने बड़े काम के लिए एक पवरफुल आदमी चाहिए था वो था रणजीतसिंघ , पर रणजीतसिंघको भी प्लान नही बताया. जो प्लान था उस मे भी उसको इन्वॉल्व नही किया.

इतने दिन कुँवरसिंघ गायब रहता है तो कोई तो चाहिए संभालने को.

हां इनड्रेक्ट्ली बहोत लोग इन्वॉल्व थे इसमे मेरी मदद करने के लिए.

सारा ज़ोया, मोना, विद्या, सविता का पति, देवर, टॅक्सीवाला, रणजीतसिंघ, सब की मदद ली पर किसी को ज़्यादा पता नही था सिवाय सारा और ज़ोया के.

सी चाची-तुम ने काम भी करवा लिया और उनको पता भी नही चला कि वो ऐक्चुलि कर क्या रहे है

अवी-ऐसा करना पड़ता है.

सी चाची-वैसे तुम मोना और उसके पति को फसा क्यूँ रहे थे

अवी-मोना ने माला को ...जाने दो

सी चाची-वैसे वो पैसे कहाँ है.

अवी-अलमारी मे

मैं ने दोनो बॅग चाची के सामने रख दिए

अवी-इसमे 89 लाख है ठकुराइन वाले, इसमे 2 करोड़ है रणजीतसिंघ वाले, और ये 25 लाख सारा और ज़ोया को देने है.

सी चाची-इतने पैसे मैं पहली बार देख रही हूँ .

अवी-इनका क्या करना है आप सोचिए

सी चाची-हाँ ,मुझे सोचना पड़ेगा. तुम ने पैसो के लिए काम नही किया था ना.

अवी-आप को जो करना है कर सकती है पैसो के साथ

सी चाची-ये जो फॅकट्री के पेपर है वो ठाकुर ने अपनी मर्ज़ी से दिए. तुम्हें बुला कर,और 89 लाख भी ठकुराइन ने खुश होकर दिए पर ये पैसे 2 करोड़ किस केटेगरी मे आते है

अवी-क्या मतलब

सी चाची-ये पेपर तू रख तेरी मेहनत के है. और ये पैसे बॅंक मे जमा कर नया अकाउंट बना कर

अवी-पैसो का क्या करना चाहती है आप

सी चाची-ये पैसे हमारे किसी काम के नही है. इन पैसो को लोगो के भलाई के लिए लगा देंगे.

अवी-कैसे

सी चाची-वो अभी सोचा नही है इसी लिए बॅंक मे रखने को कहा. जब लगेगा तब निकाल कर लोगो की भलाई मे लगा देंगे. और इन पैसो को हाथ मत लगाना.

अवी-इन पैसो को देखूँगा भी नही

सी चाची-मैं खुश हूँ. मुझे लगा तू इतने पैसे देख कर बदल गया होगा. पर तू मेरा वही बेटा है जो 1 मेले से पहले था.

अवी-आप ने जो सिखाया है वो ये पैसे मेरे दिमाग़ से मिटा नही सकते.

सी चाची-यही मैं सुनना चाहती थी पर ये 1 करोड़ के 89 लाख कैसे हो गये.

अवी-10लाख का ठकुराइन को नककेल्स दिया .और 1 लाख धीरे धीरे करके सेलेज़्गर्ल को दिए .मतलब चाचा के अकाउंट से दिए थे उन मे एक लाख वापस डाल दूँगा

सी चाची-अच्छा किया सेलेज़्गर्ल को पैसे दिए

अवी-चाची मैं सोच रहा था कि कुँवरसिंघ ने रति का रेप किया था क्यू ना कुछ पैसे रति को दिए जाए उसकी शादी के लिए.

सी चाची-अच्छा सोचा तूने ,5 लाख मुझे दे दे .मैं धीरे धीरे रति और मंगला काकी को दे दूँगी.

अवी-बाकी के पैसे

सी चाची-बाकी के पैसो को नये अकाउंट मे डाल दो. और ये कंपनी के लिए नया अकाउन्त खोलना.

अवी-मैं कल जाकर पैसे बॅंक मे डाल दूँगा. और ये पैसे सारा को दूँगा. ये पेपर मेरे ,जैसा आपने कहा.और ये हार्ड डिस्क जिसमे कुँवरसिंघ के वीडियो है इनका बॅंक लॉकर मे रख दूँगा.

सी चाची-लॅपटॉप के वीडियो

अवी-उसमे सिर्फ़ मस्ती है.कुँवरसिंघ का नामो निशान नही है

सी चाची-तू कुँवरसिंघ के वीडियो डेलीट कर दे .

अवी-नही. फ्यूचर मे काम आ सकते है. ये किसी के हाथ ना लगे इस लिए लॉकर मे रख रहा हूँ

सी चाची-जैसा तू ठीक समझे. मैं कल से ये वीडियो देखना शुरू कर दूँगी.

अवी-ध्यान से

सी चाची-हाँ, और कुछ बताना बाकी है.

अवी-नही. बाकी चुदाई के साथ वीडियो देखने के बाद बताउन्गा.

सी चाची-शाम हो गयी. 5 घंटे लग गये ,

अवी-हाँ, वैसे चाची एक बात है जो बतानी बाकी है

सी चाची-वो क्या

अवी-कैसे बताऊ समझ नही आ रहा

सी चाची-मुझसे क्या डरना

अवी-चाची. वो कल मैं ने बीयर पी थी

सी चाची-बीयर?

अवी-हाँ,सिर्फ़ बीयर पी थी, वो ज़बरदस्ती कामिनी ने पिला दी.

सी चाची-तो इस मे इतना डर क्यूँ रहा है.

अवी-आपको बुरा नही लगा.

सी चाची-बीयर ही पी है ना, अगर शराब पीते तो गुस्सा होती

अवी-मैं बीयर पी सकता हूँ

सी चाची-तू अब बड़ा हो गया है. इतना तो चलता है. पर शराब और सिगरेट से दूर रहना

अवी-आप बहोत अच्छी है

सी चाची-सिर्फ़ अच्छी.

मैं ने चाची को किस किया

सी चाची-आज तूने किस करने की लिमिट पार की है.

अवी-दूसरी लिमिट पार करूँ

सी चाची-नही , अपने बेटे के साथ खेलो ,बैठ कर बैठ कर मेरा बदन अकड़ रहा है

चाची मेरे कमरे से चली गयी और मैं अमित के साथ खेलने लगा.

नोट- नेहा बुआ का राज़ अब धीरे धीरे ओपन करूँगा

सस्पेंस तभी ओपन हो सकता है जब आपको ये पता हो कि उस राज़ मे कितने सवाल छुपे है

एक सवाल अभी बाकी है , दादाजी के साथ क्या हुआ है ,

उस सवाल के साथ अवी अपने माता पिता के बारे मे जो बाते छुपाई है वो अवी पता लगाएगा

छोटी चाची नही बता रही है तो क्या हुआ अवी कहीं और से पता लगाएगा

स्टेप बाइ स्टेप चलते है

अवी का कॉलेज , कोमल का चॅप्टर , रानी का प्यार और नेहा बुआ का राज़ , एक साथ चलेंगे , ताकि जल्दी राज़ ओपन हो सके

 
751

चाची को कुँवरसिंघ ,रेशमा ,ठकुराइन, पायल ,रणजीतसिंघ,और कामिनी की स्टोरी बताने के बाद रिलॅक्स फील कर रहा था.

चाची ने पैसो का सही बंदोबस्त करवाया. जैसा चाची ने कहा मैं ने वैसे पैसो को बॅंक मे रखने का सोचा.

चाची को मेले मे मैं ने जो मस्ती की है उसके बारे मे बताना बाकी था. रोज 2 3 दिन की घटनाए बताया करूँगा फिर चाची उसके वीडियो देख कर मज़ा लेंगी.

आज बड़े दिनो बाद मैं चैन से सो पाया. चाची मेरे काम से खुश होने सेमुझे अच्छा लगा.

नेक्स्ट डे

मैं कोमल के साथ कॉलेज चला गया. कोमल को कॉलेज मे छोड़ कर चुपके से घर वापस आ गया.

छोटी चाची ने बड़ी चाची को कहा कि रानी के कुछ समान रह गये है वो अवी देने जा रहा है.

बॅग को घर से निकाल ने के लिए ये रीज़न सही था.

मैं पैसे लेकर बॅंक मे गया. और मेरा जो सेपरेट अकाउंट था जिस मे मैं सारा के दिए 2 लाख रखे थे.उसमे 2.84 करोड़ डाल दिए. इतनी जल्दी अकाउंट ओपन ना होने से उस अकाउंट मे पैसे रख दिए.और मेरे डेली के लिए एक नया अकाउंट ओपन किया.

फिर 25 लाख सारा ज़ोया के अकाउंट मे डाल दिए,और उनको फोन करके बता दिया.वो दोनो चुदाई और पैसे से खुश हो गयी.

फिर मैं ने चाचा के 1लाख रुपये वापस डाल दिए जो सेलेज़्गर्ल को देने के लिए निकाले थे.

फिर चाचा के अकाउंट को चेक किया तो मैं शॉक्ड हो गया. 1 महीने मे अकाउंट से 8 लाख रुपये निकाले गये.उस मे से 7.50 लाख एक साथ निकाले गये थे . 7.50 लाख इतनी बड़ी अमाउंट चाचा ने क्यू निकाली होगी.

चाचा ने इतने पैसे क्यू निकाले होगे.एक मिनिट कहीं चाचा ने ज्योति बुआ के लिए तो नही. इतनी बड़ी ग़लती मुझसे कैसे हो गयी.

तभी ज्योति बुआ के 1 बॅग से 2 बॅग हो गये.

मुझे ध्यान रखना चाहिए था पर चाचा ने बड़ी होशियारी से किया है. या फिर किसी काम की वजह से निकाले होगे. वैसे मैं चाचा को पूछ भी नही सकता और चाची को बता नही सकता.

देखता हूँ ,अगर दुबारा ऐसा होगा तो कुछ ना कुछ ज़रूर करूँगा.

बॅंक का काम करने के बाद मैं कॉलेज चला गया.बाकी के लेक्चर करने के बाद मैं घर आ गया.

घर आते रति ने मुझे बात करने लिए छत पर भुलाया. मैं फ्रेश होकर छत पे चला गया.

रति-अवी हम एक घर मे रह कर कितने दिनो बाद बात कर रहे है.

अवी-मैं ऐसा बिज़ी हो गया था कि खाने के लिए टाइम नही था.

रति-तुम ने अच्छा काम किया मेले का.

अवी-ये बताने के लिए उपर बुलाया

रति-नही. एक खास बात है. कल कुँवरसिंघ मेरे घर आया था

अवी-कुछ किया तो नही ना उसने

रति-मुझे लगा कि मुझे बुलाने आया होगा.पर वो मुझसे माफी माँग रहा था.

अवी-क्या बात कर रही हो

रति-हाँ, उसने मेरे पैर पकड़े और मेरी माफी माँगी. और मुझे 1 लाख रुपये दिए ताकि मैं शादी करके नये से शुरुआत करू .ये सब हुआ तब अच्छा हुआ कि माँ घर पर नही थी वरना उसको सब पता चल जाता.

अवी-तुम ने क्या किया.

रति-क्या करती माफ़ कर दिया .और पैसे रख लिए .

अवी-चलो अच्छा हुआ. तुम्हारे साथ जिस ने ग़लत किया उसने माफी माँग ली.

रति-कुँवरसिंघ ने ऐसा क्यूँ किया. और उसके दोस्तो को किसी ने मार डाला , मेरी समझ मे नही आ रहा कि ऐसा किसने किया.

अवी-तुम खुश नही हो

रति-मैं तो बहोत खुश हूँ

अवी-फिर इतना क्यूँ सोच रही हो.

रति-कहीं ये सब तुम ने तो नही किया.

अवी-मैं ने कुछ नही किया. तुम्हें क्या मैं मर्डरर लग रहा हूँ

रति-मेरे कहने का ये मतलब नही था

अवी-तो क्या मतलब था

रति-जिस ने भी ये किया अच्छा किया,कुँवरसिंघ को मेरे पैर पकड़ कर माफी माँगते हुए देख कर अच्छा लग रहा था

अवी-कही तुम दुखी तो नही हो जिस ने तुम्हारी वर्जिंटी ली वो मर गये.

रति-मैं क्यू दुखी हौं, मैं खुश हूँ वो मर गये. और रही बात वर्जिंटी की तो मेरी वर्जिंटी मेरे मामा ने ली है

अवी-मामा ने ,मुझे लगा कि कुँवरसिंघ ने तुम्हें औरत बनाया है.

रति-ऐसा तुम्हें क्यूँ लगा.

अवी-तुम ने कहा था ना कि मेरा नंबर 5थ था .और वो 4 थे कुँवरसिंघ और उसके 3 दोस्त. मुझे लगा कि

रति-मेरी चूत मे पहला लंड कुँवरसिंघ का गया था पर मेरी सील मामा ने थोड़ी

अवी-तुम पागल हो गयी .

रति-तुम्हें शुरू से बताती हूँ.

अवी-हाँ बताओ

रति-मैं एक बार अपनी माँ के साथ मामा के घर गयी थी.

मेरे मामा मामी का बेटा शहर घूमने गया था जिस से घर पे मामा मामी थे.

हमारे आने से मामी खुश हो गयी पर मामा नाराज़ हो गये. उनको लगा कि बेटा शहर गया है तो मामी की चुदाई अच्छे से कर पाएँगे पर हमारे आने वो चुदाई नही कर पाए.

मामी तो माँ के साथ बाते करके दिन निकाल लेती पर मामा को चुदाई ना मिलने से बेचैनी होने लगी.

एक रात मामा ने मामी के साथ चुदाई करने का सोचा ,पर उस रात मामी माँ के ज़्यादा देर तक बाते करती रही ,जिस से मैं मामी की जगह सो गयी.

मामा के बाजू की खटिया पे मैं फिर मामी और फिर माँ की खटिया थी.

मामा रात मे मेरी खटिया पे आ गये .और मेरे साथ मस्ती करने लगे. मैं पहले तो डर गयी पर बाद मे मुझे अच्छा लग रहा था.

मेरी चूत को हाथ लगाते ही मामा समझ गये कि मैं मामी नही हूँ. पर मुझे मज़ा लेते हुए देखते मामा ने मेरी चुदाई का मन बना लिया.

मैं मामा का पूरा साथ दे रही थी. मुझे मामा का ऐसा करना अच्छा लग रहा था.

हम घर के बाहर सो रहे थे. ऐसे खुले मे रात के अंधेरे मे मैं चुदाई के नाम से गरम हो गयी.

मामा ने मेरी सलवार निकाल दी और अपना मोटा लंड मेरी चूत पे रखा. मामा का लंड तुमसे भी मोटा और लंबा था. ऐसे लंड से पहली चुदाई से मामा और मैं दोनो डर रहे थे.

ऐसे मे मामा ने पहले चूत को खोलने का सोचा फिर लंड अंदर डालने का फ़ैसला किया,

मामा उठ कर खिड़की मे रखी हुई कॅंडल ले आए .और कॅंडल को मेरी चूत पर रखा.

मामा का ये तरीका मुझे अच्छा लगा. पर जैसे मामा धीरे धीरे कॅंडल अंदर डालने वाले थे कि कुत्ते के भोकने की आवाज़ से मामा डर गये .और कॅंडल पूरी मेरी चूत मे चली गयी.

कॅंडल अंदर जाते मेरी चीख निकल गयी. मेरी चीख सुनकर मामी और माँ उठ गयी .और हमे ऐसा देख कर मामा को कुछ बोलने वाली थी कि मामा भाग गये.

फिर मुझे पूछा मैं ने सब बता दिया.माँ मुझपे बहोत गुस्सा हुई. और मामा से सुबह झगड़ा किया.

फिर मुझे लेकर वापस आ गयी. उसके बाद हम मामा के घर कभी नही गये

अवी-बड़ी अजीब चुदाई हुई तुम्हारी.

रति-हाँ, उसके बाद दर्दनाक चुदाई हुई थी ,मतलब रेप हुआ था.

अवी-और मेरे साथ

रति-मज़ेदार चुदाई थी.

अवी-तो कुँवरसिंघ ने तुम्हें पैसे दिए

रति-हाँ

अवी-फिर शादी कब कर रही हो

रति-जल्दी करूँगी.तब तक तुम हो ना

अवी-हाँ, मैं हूँ ,तुम्हारी चुदाई करने मे ज़्यादा मज़ा आता है.

रति-चलो आज करते है

अवी-नही. फिर कभी

रति-एक जल्दी वाला राउंड

अवी-ठीक है शाम होते छत पर करेंगे.

रति-छत पर कहाँ

अवी-टंकी के पीछे

फिर रति और मैं नीचे आ गये.

थोड़ी देर चाची के साथ बिताने के बाद मैं अंधेरा होते छत पर चला गया.

चाची और विद्या खाना बना रही थी और बच्चो को देख रही थी.

मैं ने छत पर जाकर रति की चूत और गंद मारी.

रति मेरी चुदाई से खुश हो गयी.

फिर खाना खा कर सो गया.

 


752

पूरा हफ़्ता चाची को धीरे धीरे मेले की मस्ती बताता गया. चाची को वीडियो की वजह से मेरी स्टोरी सुन ने मे मज़ा आ रहा था.

फिर सनडे तक चाची को मैं ने पूरी स्टोरी बता दी. चाची ने स्टोरी सुन ने के बाद वीडियो डेलीट करने से मना किया और ताकि वो वीडियो देख कर मज़ा लेती रहे.

फिर बारी आई थी रेशमा से मिलने की. रणजीतसिंघ और कुँवरसिंघ फॅक्टरी की डील की वजह से अभी तक वापस नही आए थे. कामिनी भी ठकुराइन बन ने खूसखबरी सुनने अपने मायके गयी थी.

मैं ने पायल को कॉल करके रेशमा के बारे मे इन्फर्मेशन निकाली.

अवी-हेलो पायल

पायल-अवी ,इतने दिनो बाद मेरी याद आई.

अवी-याद तो रोज आती है पर पढ़ाई के वजह से टाइम नही मिल रहा है

पायल-तो आज कैसे कॉल किया

अवी-आज सनडे था तो तुम से मिलने का प्लान बना रहा था.

पायल-पहले क्यूँ नही बताया

अवी-क्यूँ क्या हुआ

पायल-मैं माँ और पिताजी के साथ एक शादी मे जा रही हूँ .

अवी-कोई बात नही नेक्स्ट सनडे का प्लान बनाते है.

पायल-नही. मैं शादी मे जाने से मना करती हूँ.

अवी-ऐसा करोगी तो मैं तुमसे कभी नही मिलूँगा.तुम शादी मे जाओ अपनी फिटनेस अच्छी करो. फिर अगले सनडे हम मिलेंगे

पायल-ठीक है. पर नेक्स्ट सनडे पक्का

अवी-हाँ, वैसे वापस कब आ रही हो

पायल-शाम तक आ जाउन्गी.

अवी-ठीक है रात मे कॉल करूँगा.

पायल-बाइ

ये तो बढ़िया हो गया. रेशमा आज दिन भर हवेली पे अकेली रहेगी.

मैं रेशमा से आज बात कर लेता हूँ.

कुछ घंटे बाद मैं ने पायल को मेसेज किया कि वो कहाँ है. पायल ने रिप्लाइ मे कहा कि वो शादी के लिए जा रही है.अब कार मे है.

पायल ठकुराइन और ठाकुरजी शादी के लिए निकल गये.

मैं छोटी चाची को बता कर हवेली चला गया.

रेशमा अपने बेटे के साथ हवेली पे रुक गयी थी क्यूँ कि वो अपने बेटे को लेकर नही जा सकती थी. वैसे भी वो शाम तक वापस आ रहे थे

मैं हवेली आ गया.मैं ने रेशमा को अपने आने के बारे मे बता दिया.

रेशमा ने हॉल मे आने की जगह मुझे अपने कमरे मे बुलाया. पहले भी उसके कमरे मे कई बार गया था जिस से सब नॉर्मल था.

रेशमा ने आज ब्लू कलर की साड़ी पहन रखी थी.

रेशमा बेड पर बैठी थी और मैं सोफे पर बैठ कर गया.

रेशमा-आज कैसे आना हुआ

अवी-आप से मिलना आया हूँ

रेशमा-मुझ से मिलने

अवी-क्यूँ आ नही सकता

रेशमा-तुम कभी भी आ सकते हो.

अवी-वैसे मैं एक खास काम से आया हूँ

रेशमा-खास काम मुझ से कैसा काम है तुम्हें

अवी-आपको अपना प्रॉमिस याद दिलाने

रेशमा-मैं ने कब प्रॉमिस किया था, और कैसा प्रॉमिस

अवी-जाने दो फिर मैं चलता हूँ आपको अपना प्रॉमिस याद नही है तो मैं यहाँ रुक कर क्या करूँ

रेशमा-बताओ तो किस प्रॉमिस की बात कर रहे हो. मैं अपने बात की पक्की हूँ. एक बार प्रॉमिस किया , ज़ुबान दी तो पूरा करती हूँ

अवी-लेकिन आप तो अपनी बात को भूल गयी हो

रेशमा-बताओ तो ,मैं पूरी कर दूँगी. और तुम्हारे लिए तो कुछ भी कर सकती हूँ तुम्हारे इतने अहसान जो है मुझपे

अवी-आपने मुझे टी पिलाने का प्रॉमिस किया था.

रेशमा-अरे हाँ, मैं तो भूल ही गयी

अवी-भूल गयी. मतलब मैं ने यहाँ आकर ग़लती की

रेशमा-कोई ग़लती नही की. कुछ दिनो मे इतना कुछ हो गया कि मुझे याद नही रहा.

अवी-ठीक है .क्या अब टी मिल सकती है.

रेशमा-मैं ने ज़ुबान दी तो समझो पूरी हो गयी. तुम बैठो मैं बढ़िया टी बना कर आती हूँ

अवी-2 कप

रेशमा-तुम जितना पीना चाहो उतनी बार बनाउन्गी. बस मेरे बेटे का ख़याल रखना

अवी-ये भी बोल ने की बात हुई .आप जाइए और गरमा गरम टी बना कर लाइए

रेशमा-अभी गयी और अभी आई

रेशमा टी बनाने चली गयी और मैं उसके बेटे के साथ खेलने लगा.

थोड़ी देर बाद रेशमा टी लेकर आ गयी.

रेशमा मेरे पास बेड पर बैठ कर कर टी पीने लगी.

रेशमा के हाथो के टी का जवाब नही था.

अवी-आपकी टी का कोई जवाब नही.

रेशमा-थॅंक्स, वैसे तुम मेरी टी की कुछ ज़्यादा तारीफ कर रहे हो

अवी-क्यू ना करूँ इतने सुंदर हाथो से बनाई गयी है. तारीफ तो करनी पड़ेंगी.

रेशमा-क्या कहा

अवी-मैं ने कहा कि आप ने इतने प्यार से बनाई है जिस से तारीफ किए बिना रह नही सका

रेशमा-तुम ने सही कहा खाना बनाते हुए उसमे प्यार भी डाला जाता है

अवी-और एक कप मिलेगा

रेशमा-मैं एक्सट्रा टी लेकर आई हूँ

मैं रेशमा के साथ टी पीने लगा.

 


753

रेशमा-और क्या चल रहा अब

अवी-मेले के बाद वापस पढ़ाई और कॉलेज मे बिज़ी हूँ

रेशमा-तुम ने मेले का काम अच्छा किया

अवी-मैं जो भी काम करता हूँ दिल लगा करता हूँ.

रेशमा-दिल कहीं और भी लगाया करो.

अवी-गर्लफ्रेंड बनाने की बात कर रही है

रेशमा-हाँ, हॅंडसम हो एक गर्लफ्रेंड बना लो दिल लगा रहेगा

अवी-गर्लफ्रेंड बना लेता पर कोई आप जैसी मिली नही.

रेशमा-मेरी जैसी गर्लफ्रेंड चाहिए, मेरी जैसी मैं अकेली हूँ

अवी-फिर मुझे आपको गर्लफ्रेंड बनाना होगा.

रेशमा-मैं शादी सुदा हूँ

अवी-अगर शादी शुदा ना होती तो

रेशमा-फिर मे बी तुम्हारी गर्लफ्रेंड बन जाती

अवी-तो आज के लिए आप ये समझिए कि आपकी शादी नही हुई है.

रेशमा-मुझे लगता है हमे कुछ और बाते करनी चाहिए

अवी-पहले ये बात तो पूरी करते है

रेशमा-मैं शादी सुदा हूँ ,

अवी-मैं ने कहा एक दिन के लिए शादी सुदा नही है ऐसा समझिए

रेशमा-तुम मेरे साथ फ्लर्ट कर रहे हो

अवी-आप इतनी खूबसूरत है कि मैं कंट्रोल नही कर पा रहा हूँ.

रेशमा-कंट्रोल मे रहना सीखो

अवी-कैसे रहूं ,जब से आपको ब्लॅक कलर मे देखा है मैं पिंक कलर मे देखना चाहता हूँ.

रेशमा-ये पासिबल नही है

अवी-आप अपना प्रॉमिस फिर तोड़ रही है.

रेशमा-मैं ने ऐसा प्रॉमिस नही किया है

अवी-आपने चाची से क्या कहा था.

रेशमा-क्या कहा था

अवी-की कुँवरसिंघ आप से प्यार करने लग जाए ऐसा जिस ने किया उसके लिए कुछ भी करेंगी.

रेशमा-वो मीना से कहा था

अवी-चाची ने आपकी मदद करने को मुझे कहा.

रेशमा-तो

अवी-तो मैं ने अपना काम कर दिया. कुँवरसिंघ आपसे प्यार करने लग गया है. वो आपके बिना किसी की तरफ नही देखता .कुँवरसिंघ को मैं ने बदल दिया है.

रेशमा-तो इसके बदले मे तुम मुझे अपनी गर्लफ्रेंड बनाना चाहते हो

अवी-हाँ,मैं ने ये सब आपके लिए किया. कितना मुश्किल था कुँवरसिंघ को बदलना फिर भी मैं ने किया.

रेशमा-उसके लिए मैं तुम्हारा शुक्रिया अदा करती हूँ. पर तुम जो कह रहे हो वो नही हो सकता

अवी-क्यूँ नही हो सकता ,मैं तुम्हें पसंद नही हूँ

रेशमा-वैसी बात नही है. मैं शादी सुदा हूँ

अवी-तो क्या हुआ .एक दिन के लिए मेरी हो जाओ ,सिर्फ़ एक दिन ,

रेशमा-तुम समझ नही रहे हो

अवी-अभी तुम ने कहा था कि एक बार ज़ुबान दी तो वो पूरा करती हो

रेशमा-हाँ ,करती हूँ पर

अवी-देखो तुम्हारी कितनी मदद की है मैं ,तुम जो चाहती थी उस से ज़्यादा दिया मैं ने

रेशमा-वो पता है मुझे. तुम ने मेरी बहोत मदद की है. इसका अहसन ज़िंदगी दे कर भी पूरा नही हो सकता

अवी-मुझे ज़िंदगी नही तुम्हें एक बार प्यार करना चाहता हूँ

रेशमा-तुम कुछ और माँगो ,मैं ज़रूर पूरा करूँगी

अवी-एक छोटी बात माँगी है वो नही दे रही हो तो दूसरा क्या मांगू

रेशमा-तुम उसी बात पर अड़े हो

अवी-ठीक है एक बार पिंक कलर मे देखना चाहता हूँ.

रेशमा-ये पूरा कर सकती हूँ. अभी पिंक साड़ी पहन आती हूँ.

अवी-आप को पिंक कलर का मतलब पता है फिर भी ये नाटक कर रही हो

रेशमा-तुम ने कहा ना पिंक कलर मे देखना चाहते हो,तो पिंक साड़ी पहन रही हूँ

अवी-रहने दो ,टी के लिए थॅंक्स

और मैं जाने लगा

रेशमा-रूको

अवी-रुक कर क्या करूँ

रेशमा-तुम्हारे पिंक कलर का मतलब पता है मुझे .

अवी-तो दिखा रही हो

रेशमा-तुम्हें दूर से देखना होगा

अवी-यहाँ से हिलूँगा भी नही.

रेशमा-ये बात हम दोनो के बीच मे रहनी चाहिए

अवी-मैं किसी को नही बताउन्गा.

रेशमा ने अपने सारी का पल्लू हटा दिया .

अवी-पहले पहन कर तो आ जाओ

रेशमा-तुम्हें देखना है ना चुप चाप देखो

और रेशमा अपने ब्लू ब्लाउस का हुक खोलने लगी.

3 हुक खोलते मुझे रेशमा की ब्रा दिखाई देने लगी.

रेशमा ने ब्लू ब्लाउस के अंदर पिंक ब्रा पहनी थी.

मुझे अपना जवाब मिल गया

अवी-रुक जाओ

रेशमा-क्या हुआ

अवी-ब्रा का कलर क्या है

रेशमा-पिंक

अवी-ब्लू ब्लाउस के अंदर पिंक ब्रा ,इसका क्या मतलब है.

रेशमा-मेरी ब्लू ब्रा गंदी थी तो पिंक ब्रा पहन ली

अवी-क्यू दूसरे कलर की नही थी.

रेशमा-वो मैं...

अवी-देखो तुम मेरे कहने पे पिंक कलर पहन रही हो.

रेशमा-मैं ने अपनी मर्ज़ी से पहनी है

अवी-कितना झूठ बोलॉगी.

रेशमा-मुझे झूठ बोल के क्या मिलेंगा.

अवी-जाने दो, तुम्हें पिंक कलर मे मैं देख चुका हूँ .इतना काफ़ी है.तुम ने अपना प्रॉमिस पूरा किया. अब मुझे चलना चाहिए

रेशमा ने कुछ नही कहा.

अवी-कभी मेरी मदद की ज़रूरत हो तो याद करना मैं आ जाउन्गा.

रेशमा मेरी तरफ देखती रही

अवी-मेरे यहाँ आने की बात कुँवरसिंघ को मत बताना ,

और मैं रेशमा के कमरे से बाहर आ गया.

मुझे पता था कि रेशमा इतने आसानी ने नही मानेगी.

रेशमा के उपर ट्राइ करना इसी लिए बंद किया था.

जाने दो उसे ज़्यादा परेशान करना ठीक नही होगा.

पर एक बात है मेरे कहने पर रेशमा पिंक कलर पहन रही है

रेशमा को मेरा बार बार ये कहना कि पिंक कलर मे अच्छी लगती हो .उसका असर रेशमा पे हो गया.

ब्लू ब्लाउज के अंदर पिंक ब्रा इसी का सबूत थी.

अगर कुँवरसिंह के अच्छा होने से पहले मैं थोड़ा ट्राइ करता तो रेशमा मान जाती.

तब रेशमा ईज़ीली हाथ मे आ जाती. पर अब कुँवरसिंघ के बदल जाने से शायद वो दुविधा मे हो.

रेशमा को मैं पसंद हूँ पर वो फ़ैसला नही कर पा रही हो.

मे बी कुँवरसिंघ को अच्छा बनाने और उसकी जान बचाने का याद आकर रेशमा हाँ कर दे

मुझे रेशमा को सोचने का थोडा समय देना चाहिए.

क्या पता रेशमा समय के साथ मुझे हाँ कर दे.

मैं ने रेशमा को सोचने के लिए अकेला छोड़ दिया.और उसके कमरे से बाहर आ गया.

 
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मैं रेशमा के कमरे से बाहर निकला और फिर हवेली से बाहर आ गया.

मैं बाइक की किक मार रहा था की मेरे मोबाइल की रिंग बजने लगी.

मैं ने मोबाइल देखा तो एक अननोन नंबर से कॉल आया था.

अवी-हेलो,

रेशमा-उपर आ जाओ

और कॉल कट हो गया. उपर आ जाओ इसका क्या मतलब था. मैं ने हवेली के उपर देखा तो खिड़की मे रेशमा खड़ी थी.

इसको नंबर कहाँ से मिला ,मिला होगा कही ना कही से. चलो चल्के देखता हूँ.अब किस लिए बुलाया है.

मैं जल्दी उपर चला गया. रेशमा ने गेट खुला रखा था. मैं अंदर गया तो रेशमा को देख कर शॉक्ड हुआ .

रेशमा ब्लाउस निकाल रही थी मतलब निकाल चुकी थी.

रेशमा पिंक ब्रा और ब्लू पेटिकोट मे मेरे सामने खड़ी थी. रेशमा को ऐसे देख कर मेरा लंड खड़ा होने लगा.

रेशमा ये क्या कर रही थी. कुछ भी हो रेशमा के बड़े बड़े बूब्स पिंक ब्रा से बाहर निकलने को मचल रहे थे.रेशमा अभी माँ बनी थी जिस से उसके बूब्स दूध से भर हुए थे.

मेरे आने पर रेशमा ने अपने पेटिकोट का नाडा खोल दिया. और पेटिकोट बिजली की स्पीड से नीचे गिर गया .

रेशमा ने पिंक कलर की पैंटी पहन रखी थी . अब तो रेशमा को ब्रा पैंटी मे देख कर, रेशमा के गोरे बदन पर पिंक कलर की ब्रा पैंटी चार चाँद लगा रही थी.

रेशमा के बूब अपना दूध मुझे पिलाने को तैयार दिख रहे थे.

रेशमा के चिकने पेट पर गहरी नाभि रेशमा के बदन की शोभा बढ़ा रही थी.

रेशमा की जान लेवा पैंटी ,उसके अंदर छुपी हुई चूत कैसी होगी ये सोच दिमाग़ मे अलग अलग ख़याल आ रहे थे.

रेशमा की गंद जिसमे अब तक लंड गया नही था. क्यू कि कुँवरसिंघ को गंद मारना पसंद नही है. रेशमा की ऐसी गंद मे लंड जाने को मेरी जीन्स मे फुदक रहा था.

कुँवरसिंघ को गंद मारना पसंद नही है और रणजीतसिंघ को चूत से ज़्यादा गंद मारना पसंद है. कमाल के है दोनो भाई

मैं थोड़ी देर रेशमा को देखता रह गया

अवी-ये सब क्या है

रेशमा-अपना प्रॉमिस पूरा कर रही हूँ

अवी-पर अभी तो मना कर रही थी

रेशमा-हाँ किया था. पर थोड़ी देर सोचने के बाद प्रॉमिस पूरा करने का फ़ैसला किया

अवी-ऐसा क्या सोचा

रेशमा-तुम ने उनकी जान बचाई, मेरी जान बचाई, उनको अच्छा आदमी बना दिया. उनको मेरा बना दिया

अवी-ये तो पहले भी तुम को कहा था मैं ने

रेशमा-हाँ.पर उस्दिन तुम ने मेरी इज़्ज़त बचाई. मुझे सहारा दिया. हर बार मुझे हिम्मत दी.और

अवी-और

रेशमा-मैं उनका प्यार चाहती थी. तुम ने उनको मुझे प्यार करना सिखाया. उनके मूह से तुम्हारी तारीफ के बिना कुछ नही सुना.

अवी ऐसा है,

अवी वैसा है,

अवी ने मेरे लिए ये किया

मेरे लिए अवी ने वो किया

, मेरे लिए अवी रात भर सोता नही था,

मुझे अवी ने ग़लत और सही का फरक बताया,

अवी ने मुझे पश्चाताप करने का रास्ता दिखाया,

अवी ने मुझे तुम्हारे प्यार का अहसास दिलाया.

तुम्हारे बारे मे सुनकर ,और तुम मुझे आचे लगते थे ऐसे मे तुम्हारी तारीफ सुनकर ,तुम्हारे अच्छे होना का पता चला

तुमने उनको सिर्फ़ मेरा नही बनाया बल्कि अच्छा आदमी बनाया.

मैं चाहती थी कि मेरा पति दुनिया के नज़रों मे अच्छा बन जाए. वो तुम ने कर दिया.

पिछले हफ्ते मे ठाकुरजी के मूह से अपने पति की तारीफ सुनकर मुझे कैसा लगा ये बता नही सकती.मैं उस्दिन सब से ज़्यादा खुश थी. और ये सब तुम ने किया.

अगर ऐसे मे मुझे तुम्हारे अहसान चुकाने का एक मोका मिला है उसे मैं ने जाने दिया.

फिर भी तुम ने मदद करने के लिए बुलाने की बात कही.

ऐसे मे मैं तुम्हारे अहसान के बोझ को लेकर ज़िंदगी कैसे जी सकती हूँ.

मेरे पति ने तुम्हें फॅक्टरी मे पाटनेर्शिप दी .फिर भी वो तुम्हें कितना मानते है.

वो कह रहे थे कि वो अपनी जान दे कर भी तुम्हारे अहसान चुका नही सकते

वो तो इस बात का इंतज़ार कर रहे है कि तुम कुछ कहो और वो तुम्हारी मदद करे.

जब से वो हवेली वापस आए है तब से पूरा समय मुझे और हमारे बेटे को दे रहे. और हमारी नयी दुनिया बसाने के लिए गये है.

मुझे पता है अगर मैं तुम्हारी गर्लफ्रेंड बन गयी तो उनके साथ धोका होगा. पर ये बात उनको बताई तो मुझपे गुस्सा नही होंगे इतना वो तुम्हें मानते है. ,वो तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकते है.

अवी-(रेशमा से ) मैं इसके बाद क्या कहूँ कुछ समझ नही आ रहा.

रेशमा-कुछ मत कहो, देखो उस दिन से मैं पिंक कलर पहन रही हूँ. मैं ने तुमसे झूठ कहा था कि मेरी ब्रा गंदी हो गयी है.

अवी-तुम ने जो कहा उसे सुनकर मैं सोचने पे मज़बूर हो गया हूँ.

रेशमा-मैं समझी नही

अवी-कुछ समझ ने की ज़रूरत नही है.तुम्हें मैं पिंक कलर मे देखना चाहता था वो तुम ने दिखा दिया.तुम ने अपना प्रॉमिस पूरा किया. मैं खुश हूँ

इतना कह कर मैं ने रेशमा की साड़ी उठा ली .और रेशमा के बदन पर डाल कर उसके नंगे बदन को ढक दिया.

मेरे ऐसा करने से रेशमा शॉक्ड हो गयी.

अवी-तुम ने अपना प्रॉमिस पूरा किया. अब तुम कपड़े पहन लो

रेशमा-पर तुम तो मुझे गर्लफ्रेंड बनाना चाहते थे.

अवी-हाँ पर बाद में कहा था कि पिंक कलर मे देखना है.मैं ने देख लिया .अब तुम कपड़े पहन लो

मेरे इतना कहते रेशमा की आँखो मे पानी आ गया.

और रेशमा मेरे पैरो मे गिर गयी. रेशमा के ऐसे करते मैं पीछे हो गया.

अवी-ये क्या कर रही हो

रेशमा-तुम्हारे बारे मे कुंवर सही कहते है.तुम्हारे जैसा कोई नही है.

अवी-पहले तुम कपड़े पहन लो

रेशमा-मुझे और शर्मिंदा मत करो ,

अवी-तुम ये सब कर के मुझे शर्मिंदा कर रही हो

रेशमा- मैं तुम्हारी गर्लफ्रेंड बन ने को तैयार हूँ

अवी-अब मैं तुम्हें गर्लफ्रेंड बना कर पाप नही कर सकता. तुम ने अपना प्रॉमिस पूरा किया है.

रेशमा-नही. तुम ने कहा कि मैं एक दिन के लिए गर्लफ्रेंड बनूँ , ये बात हुई थी. मुझे ये किए बिना चैन नही आएगा.

अवी-अब ये पासिबल नही है. तुम्हारी बात सुनकर मुझे खुद पे गुस्सा आ रहा है कि मैं ने ऐसा तुमसे क्यू कहा.

रेशमा-सब पासिबल है.अगर आज मैं ने ऐसा नही किया तो ज़िंदगी भर सो नही पाउन्गी.मैं और कुंवर तुम्हारे कुछ माँगने का इंतज़ार कर रहे थे आज मुझे मौका मिला है तुम्हारे अहसान चुकाने का. मुझे इस बोझ से आज़ाद होने दो,

अवी-तुम एमोशनल हो रही हो. ऐसे मे ये सब ठीक नही होगा.मैं तुम्हें अपने अहसनो से आज़ाद करता हूँ मुझे कुछ नही चाहिए

रेशमा-मैं नॉर्मल हूँ,और अपनी मर्ज़ी से तुम्हारी गर्लफ्रेंड बन ने को तैयार हूँ. मैं तुम्हें एक दिन के लिए प्यार करने को तैयार हूँ.मैं दिल से कह रही हूँ.एक दिन के लिए मैं शादी शुदा नही हूँ ये समझने को तैयार हूँ.

और रेशमा ने अपना मन्गल्सुत्र निकाल दिया.

रेशमा-ये देखो , अब मुझे प्यार करो ,कुंवर ने हवेली वापस आने के बाद मेरे साथ कुछ नही किया ,वो कह रहे थे कि नये घर मे प्याक़ करेंगे. उनको आराम चाहिए.

नये कुंवर से प्यार करने से पहले तुम्हारे साथ प्यार कर लेती हूँ. फिर मैं सिर्फ़ कुंवर की रहूंगी .

हम बात कर रहे थे कि रेशमा का बेटा रोने लगा.

शायद उसे भूक लगी होगी.

रेशमा उठ कर अपने बेटे के पास चली गयी. और ब्रा निकाल कर अपने बेटे को दूध पिलाने लगी.

उसने अपनी ब्रा निकाल ही दी. ताकि मैं उसके बूब्स को देख सकूँ

मैं रेशमा के बारे मे सोचने लगा.

रेशमा के साथ अब कुछ नही किया तो वो खुद को गुनहगार महसूस करती रहेंगी.कि मैं ने उसकी इतनी मदद की और उसने मेरी एक छोटी इच्छा पूरी नही की.

रेशमा ने जो कहा उस से मुझे उसके साथ चुदाई करनी चाहिए.अगर अब पीछे हट गया तो रेशमा खुद को कसूरवार समझेंगी. ऐसे मे इसका असर कुंवर पे हुआ तो ,

मेरे साथ प्यार करके उसे कुछ हद तक सुकून मिलेंगा कि उसने मेरे अहसान कम कर दिए है

मैं जो कर रहा हूँ क्या वो सही है.

मुझे रेशमा को गर्लफ्रेंड बनाने की बात करने से पहले सोचना चाहिए था.

अगर अब मैं पीछे हो गया तो वो कुंवर के साथ ठीक से प्यार नही कर पाएगी. अगर इसका उल्टा असर कुँवरसिंघ पर हुआ तो

इस वक्त कुँवरसिंघ को रेशमा के साथ की ज़रूरत ,रेशमा का प्यार कुँवरसिंघ की हिम्मत बनाए रख सकती है.

रेशमा ने अपने बेटे को दूध पिला दिया .और सुला दिया.

रेशमा-अवी

अवी-कुछ मत कहो. और गेट अंदर से लॉक कर दो

रेशमा-इसका मतलब मैं समझू कि

अवी-आज तुम मेरी गर्लफ्रेंड हो. सिर्फ़ आज के लिए वो भी शाम तक.

रेशमा-मैं तैयार हूँ

अवी-इसके बारे मे ग़लती से भी कुँवरसिंघ को पता नही चलना चाहिए.

रेशमा-मैं भी तुम से यही कहना चाहती थी

अवी-तो अपने बाय्फ्रेंड के गले नही लगोगी.

मेरी बात सुनते रेशमा शरमा गयी. अब उसको अपने नंगेपन की शरम आ रही थी.

अवी-अब शरमाना बंद करो

रेशमा बेड पर बैठी रही.

अवी-जाने दो फिर मैं जा रहा हूँ

जैसे मैं जाने के लिए पलटा कि रेशमा ने मुझे पीछे से गले लगा लिया.

 
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