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मैं और मेरा परिवार

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791

कल विद्या की चुदाई की फिर भी मैं चाची के लिए सुबह जल्दी उठ गया.

छोटी चाची मुझे छत पर ले गयी. छत पर सब मोज़ूद थे.

छत पर जाते मैं ने अपनी परी को अपनी गोद मे उठा लिया.

परी मेरे हाथो मे आते ही मेरे चेहरे को अपने हाथ से टटोलने लगी.

परी दिन बे दिन क्यूट होती जा रही थी. अमित और सुमित तो रो कर चाची को परेशान करते थे पर परी इस बात पे अपनी माँ पर गयी थी.

परी सीमा चाची की तरह बनेगी. सीमा चाची की तरह मस्ती और मज़किया होगी.

मैं परी को प्यार करने लगा

परी क्यूट ही इतनी है कि प्यार किए बिना कोई रह नही सकता

सी चाची-अवी, हो गया होगा प्यार करके तो कसरत करे

अवी-जी

म चाची-मीना ,थोड़ी देर खेलने दो अवी को,

सी चाची-पर दीदी ,अवी की कसरत

म चाची- कसरत तो होती रहती है , देखो परी कैसे खेल रही है अवी की गोद ने

सी चाची- कसरत भी तो समय पे करनी चाहिए ना तभी कसरत का असर दिखता है

म चाची- मैं ने क्या कहा सुनाई नही दिया तुम्हे

सी चाची- पर मैं तो सिर्फ़ ......

ब चाची-मीना

बड़ी चाची की आवाज़ सुनते ही छोटी चाची चुप हो गयी

बड़ी चाची आँखो से इशारा करके छोटी चाची को कुछ समझाने लगी

सीमा चाची को लगा कि छोटी चाची जल रही है अमित की जगह परी को प्यार कर रहा है इस लिए

पर ऐसा नही था , पर मिस उंड़रस्टेंडिंग तो होती रहती है

परी को प्यार करने से रोकने की वजह से सीमा चाची को गुस्सा आ रहा था. पर बड़ी चाची ने बीच मे आकर बात को शुरू होने से पहले ख़तम कर दिया.

अवी-चाची, परी तो आपसे भी ज़्यादा क्यूट हो रही है.

ब चाची-हमारी सीमा पे गयी है. देखना परी सीमा से भी ज़्यादा क्यूट होगी.हैना मीना

सी चाची-परी सीमा दीदी की तरह क्यूट बन जाएगी पर उसे मैं अपनी तरह तेज बनाउन्गी.

छोटी चाची की इसी समझदारी की वजह से बड़ी चाची छोटी चाची को सबसे ज़्यादा मानती है.

छोटी चाची की बातों ने सीमा चाची को शर्मिंदा कर दिया.

सीमा चाची ने अपना सर झुका दिया.उनको लग रहा था कि छोटी चाची मुझे परी को प्यार करने से रोक रही है. पर ऐसा नही था. इस बात का अहसास होते सीमा चाची को खुद पे गुस्सा आ रहा था.

अवी-बेटी एक और तीन माँ ,मुश्किल होगा, परी किसके जैसे बनेगी

ब चाची-परी को तो मैं अपने जैसा बनाउन्गी.

सी चाची-मैं अपनी जैसा तेज बनाउन्गी. परी को तो मैं ही ज़्यादा प्यार करूँगी.

ब चाची-मैं ने कहा ना, परी को मैं ज़्यादा प्यार करती हूँ.

सीमा चाची नीचे देखते हुए हमारी बातें सुन रही थी.उनकी आँखे गीली हो गयी.

ब चाची - मैं बड़ी हूँ ना , परी को मेरे जैसा बनाएँगे

सी चाची- छोटी मैं हूँ ना , मेरी मर्ज़ी चलेगी

ब चाची-सीमा सुन ले, परी को मैं अपने जैसा बनाउन्गी.

सी चाची-बिल्कुल नही. परी तो मेरी जैसी बनेगी.

अवी-इसका फ़ैसला तो सीमा चाची करेगी.

सी चाची-सीमा दीदी आप ही बताइए,परी को मैं अपना जैसा बनाऊ ना

सीमा चाची ने कुछ नही कहा. बस छोटी चाची के गले लग गयी.

ब चाची-अब ये क्या ड्रामा है. सीमा

सीमा चाची ने कुछ नही कहा बस छोटी चाची के गले लगी रही

सी चाची- दीदी , परी आपके अकेली की बेटी नही है , परी हमारी बेटी है , आप कभी ये मत सोचना कि हम प्यार नही करते परी से , , आप से ज़्यादा प्यार करती हूँ परी से

ब चाची- सीमा , ये सब ती छोटी मोटी बातें होती रहती है , चल बता परी को किस के जैसा बनाएँगे

अवी-चाची मैं बताऊ

सी चाची-हाँ ,तुम्हारी बहन है ,तुम ही बता दो

अवी-परी सीमा चाची की तरह क्यूट बनेगी.छोटी चाची की तरह तेज बनेगी.और बड़ी चाची की तरह सब को प्यार करने वाली बनेगी

ब चाची-ये हो सकता है. एक बेटी तीन माँ

विद्या- पर्फेक्ट आन्सर

सी चाची- सबको खुश कर दिया अवी ने

सीमा चाची हमारी बात सुनते समझ गयी कि परी को सब कितना प्यार करते है.

सीमा चाची ने अपनी आँखे पोछ दी. और मेरी तरफ देखते हुए

म चाची-हो गया प्यार करके. चल कसरत कर, बस मोका देखता रहता है कसरत ना करने का

सीमा चाची की बात सुनकर सब हँसने लगे. पहले मना किया और अब खुद मुझे कसरत करने को कह रही थी.

तीनो चाची एक दूसरे को अच्छे से समझती थी. बड़ी चाची पूरा ध्यान रखती थी कि कभी झगड़ा ना हो

बड़ी चाची की वजह से तीनो चाची बहनें की तरह रहती थी.

छोटी चाची ने भी बात को बढ़ने से पहले रोक कर सीमा चाची को बताया कि उन्होने ऐसा क्यूँ कहा.

हमारे हँसने की आवाज़ सुनकर चाचा भी छत पर आ गये

चाचा-क्या बात है. क्यू हंस रहे हो. मुझे भी बताओ

सी चाची-वो कुछ नही, विद्या ने जोक सुनाया था

सब ठीक होते ही, मैं कसरत करने लगा और चाची विद्या के साथ योगा करने लगी .और चाचा बच्चो के साथ खेलने लगे.

बड़ी चाची ने योगा नही किया बस बैठ कर हमारे तरफ देख रही थी. चाचा के होते हुए बड़ी चाची योगा कैसे करती.

थोड़ी देर बाद चाचा ने बड़ी चाची को नीचे चलने को कहा.

चाचा की नीचे जाने की बातें सुनते सीमा चाची ने बड़ी चाची को गुदगुदी की

छोटी चाची मन ही मन मे हंस रही थी

बड़ी चाची जल्दी से नीचे चली गयी

चाचा के जाते ही हम बातें करने लगे.

चाचा बड़ी चाची को नीचे क्यूँ लेकर गये होगे ,इस बात पे छोटी चाची और सीमा चाची बात कर रही थी.

विद्या पानी लाने के लिए नीचे जाना चाहती थी पर छोटी चाची ने उसे जाने नही दिया.

मैं समझ गया कि चाचा बड़ी चाची को प्यार करने के लिए नीचे ले गये है.

बड़ी चाची को कोई डिस्ट्रब ना हो इसका पूरा ध्यान छोटी चाची रख रही थी.

जब तक बड़ी चाची खुद उपर ना आई तब तक विद्या को नीचे जाने नही दिया.

बढ़ चाची जब वापस उपर आई तो खुश दिख रही थी.उनका चेहरे पे खुशी देखते बन रही थी.

म चाची-सुबह सुबह

सीमा चाची बड़ी चाची की खिचाई कर रही थी.

सी चाची-दीदी ,सुबह सुबह क्या

म चाची-सुबह सुबह, सुमन दीदी को पूछ लो

ब चाची-सीमा ,तुझे मार चाहिए, कुछ भी,कही पर भी कुछ भी बोल देती हो,

म चाची-मैं तो कह रही थी कि सुबह सुबह गरम टी पीने मे मज़ा आता है.

सी चाची-मुझे भी सुबह टी पीना पसंद है.पर सुमन दीदी को तो

ब चाची-मीना

छोटी चाची और सीमा चाची की बात सुनते बड़ी चाची शर्मा रही थी

छोटी चाची ने अपने मूह पे उंगली रख ली

म चाची-मीना,दीदी तो कह रही है की पूरी बात बोल कि सुमन दी को तो

ब चाची- सीमा तू ज़्यादा बोलने लगी है

म चाची- सुबह सुबह गरम टी का मज़ा आप लो और हम बात भी ना करे

सी चाची- मैं फास्ट रखुगी , फ्रीडम ऑफ स्पीच को खतरा हो रहा है

विद्या- चाची आप क्या बात जा रहे हो कुछ समझ नही आ रहा

ब चाची- तू योगा कर , और तुम दोनो फास्ट रखोगी , चलो नीचे अभी दिखाती हूँ तुम्हे

म चाची- नीचे , सुबह सुबह

ब चाची- तुम दोनो ऐसे नही मानोगी

और बड़ी चाची ने दोनो के कान पकड़ लिए और नीचे ले गयी.

छोटी चाची ने नीचे जाते हुए मुझे दूध पीने को कहा.

तीनो चाची मे हसी मज़ाक तो चलता रहता है

थोड़ी देर पहले रूठना मनाना चल रहा था

और अब बड़ी चाची की खिचाई चालू हो गयी थी

औसा लग रहा था 18 19 साल की तीन बहांर मस्ती करते हुए ज़िंदगी जी रही है

चाची ने अपने आगे पीछे छोड़ कर जीना सीख लिया था

उनका प्यार उनकी यूनिटी देख कर कोई कह ही नही सकता कि वो सौतन है , सब कहेगे कि बहनें है

और ये जाम चाची के नाम

शराब तो मैं पीता नही

ये जाम है दूध का

ये दूध का जाम चाची के नाम.

छत पर मैं अकेला बैठ कर दूध पीने लगा.

 


791ए

चाची को हँसता खेलता हुआ देख कर अच्छा लगा

और मैं उनके नाम के जाम पीने लगा

ये क्या, कोमल सुबह मेरे घर आ रही है. मैं ने छत से कोमल को हाथ दिखाया और उपर बुला लिया.

कोमल छत पर आ गयी.

आते ही मुझ पे बरस पड़ी

जैसे पति रात भर घर से बाहर हो और सुबह बीवी अपने पति पे बरसती है वैसा यहाँ हाल था

कोमल -कल कहाँ थे

अवी-विद्या के साथ था

कोमल-वो मामी ने मुझे बताया ,पर मुझे बता कर तो जा सकते थे

अवी-कल तुम यहाँ आई थी

कोमल -हाँ, तुमसे मिलने के लिए आई थी पर तुम हो कि बिना मुझे बताए चले गये.

अवी-विद्या को उसके गाओं जाना था.

कोमल -मैं सोच रही थी कि हम फिर से शहर जाएँगे,थोड़ा घूमेंगे , फिरेंगे

अवी-तुम ने पहले क्यूँ नही बताया ,मैं विद्या को मना कर देता

कोमल -विद्या का जाना ज़रूरी था.मामी ने बताया मुझे , मैं तो बस ऐसे ही घूमने जाने का सोच रही थी.

अवी-चलो आज चलते है.

कोमल -कहाँ पर

अवी-अपना गाओं का चक्कर लगाते है,बहुत दिन होगे गाओं की गलियों का मज़ा लिए हुए

कोमल -मैं ने तो, हाँ चलो ,पर पहले फ्रेश तो हो जाओ

अवी-पहले दूध पीना है, वरना चाची मुझे घर से बाहर जाने नही देगी.

कोमल - 2 ग्लास

अवी- चाची का हुंकुम है

कोमल- दो मुझे

कोमल ने मेरे हाथ से ग्लास ले लिया .और दूध पीने लगी

अवी-ये क्या कर रही हो, चाची देखेगी तो गुस्सा करेगी.

कोमल -लो फिर

कोमल ने 2 3 घूँट दूध पी लिया और वापस मुझे पीने को दिया. और दूसरे ग्लास कर दूध भी आधा पी लिया.

मेरे लिए तो ये नॉर्मल था , भाई बहन को मस्ती

पर कोमल के लिए कुछ और होगा

मैं कोमल का झूठा दूध पीने लगा. ऐसे तो हम साथ मे काफ़ी बार खाना खा चुके है.

जिस से मैं कोमल का झूठा दूध पीने लगा.

दूध टेस्टी लग रहा था. कोमल के होंठो की मिठास ने दूध को टेस्टी बना दिया.

मुझे अपना झूठा दूध पीते हुए देख कर कोमल खुश हो रही थी. और मेरे पसीने से भीगी हुई बॉडी को देखने लगी.

मेरे बॉडी को देखते हुए कोमल सपनो की दुनिया मे चली गयी.

मैं ने चुटकी बजा कर कोमल को नींद से जगाया.

अवी-क्या हुआ.कहाँ खो गयी

कोमल -कहीं नही. हो गया दूध पीना

अवी-कब का हो गया. चलो नीचे

फिर मैं फ्रेश होकर कोमल के साथ गाओं का चक्कर लगाने लगा.

कोमल -कितने दिन हो गये, गाओं के इस तरफ आए हुए

अवी-हाँ,छोटा गाओं होने के बाद भी देखने के लिए हमारे पास समय नही होता

कोमल -तुम तो एक 2 चक्कर लगा लेते हो पर मैं घर से बाहर ही नही निकलती

अवी- मैं हूँ ना. तुम्हारे जब दिल करे बता देना ,मैं तुम्हे बाहर लेके जाया करूँगा

कोमल -कल देख लिया मैं ने

अवी-तुम पहले बताया करो जिस से मैं टाइम अड्जस्ट कर सकूँ

कोमल -मेरे लिए कर लोगे

अवी-तुम कल सुबह भी बता देती तो विद्या की जगह तुम्हे ले जाता

कोमल -सच

अवी-मूच

और हम गाँव की गलियो मे ,तंग रास्ते पे घूम कर मज़ा करने लगे

अवी -हेलो हमारे स्कूल चलते है.

कोमल -स्कूल मे एग्ज़ॅम चालू होगी.

अवी-कुछ नही होता.

हम स्कूल के ग्राउंड मे जाकर एक पेड़ के नीचे बैठ गये.

कोमल -ये पेड़ तुम्हारा पसंदीदा है.

अवी-ऐसा नही है

कोमल -तुम स्कूल के ल्यूक ब्रेक मे यहीं पर बैठा करते थे

अवी- तुम्हे पता है , मुझे तो लगा तुम मुझे देखती भी नही थी

कोमल - मैं तो चोरी चोरी तुम्हे देखा करती

अवी- चोरी चोरी , क्यू मुझे काटे लगे थे

कोमल - वो एक बात थी तुम्हे नही बता सकती

अवी-मत बताओ , तब मैं किसी से ज़्यादा बात नही करता था .तुम भी तो बात नही करती थी.

कोमल -वो तो मैं

अवी-कोमल तुम स्कूल मे मुझसे बात क्यूँ नही करती थी.

कोमल -सच कहूँ

अवी-हाँ

कोमल -मेरी फ्रेंड तुम्हारे बारे मे बात करती थी और तुम से दोस्ती करना चाहती थी जो मुझे पसंद नही था.हमेशा तुम्हारी बातें करती थी ,देखो वो लड़को कितना सुंदर है , शहर से आया है चलो दोस्ती करते है , ऐसी बातें करती थी जो मुझे अच्छी नही लगती थी

अवी-पर क्यूँ?

कोमल -पता नही . पर मुझे उनका तुम्हारे बारे मे बात करना अच्छा नही लगता था.बहुत गुस्सा आता ( प्यार था)

अवी-तो

कोमल -तो मैं ने उनको तुमसे दूर रखने के लिए एक झूठी कहानी बना दी कि तुम गंदे हो बुरे हो, इसी लिए शाहर से निकाल दिया और तुम यहाँ आए हो , जिस की वजह से मैं भी तुमसे बात नही करती ,और अगर मैं तुमसे बात करती तो झूठी बन जाती जिस से स्कूल मे मैं तुमसे बात नही करती थी.

अवी-चलो लड़कियो का तो मैं समझ गया .पर लड़के भी मुझसे दूर रहते थे

कोमल -लड़कियो ने मेरी बात मसाला लगा कर लड़को को बता दी जिस से वो भी तुमसे दूर रहते थे

अवी-तुम ने तो मुझे बुरा बना दिया.

कोमल -मेरा ऐसा करने को कोई इरादा नही था. वो तो ग़लती से हो गया. बाद मे मुझे खुद पे बहुत गुस्सा आ रहा था. मेरे वजह से तुम अकेले रहने लगे.मैं तो एक पूरा दिन अपने कमरे मे बंद होकर रोती रही थी.

अवी-तुम दिन भर रो रही थी

कोमल -हाँ, फिर 10 थ क्लास मे मैं ने अपनी ग़लती सुधार दी.

अवी-और अब

कोमल -अब समझ गयी हूँ कि फ्रेंड कितने ज़रूरी होते है.

अवी-रानी की वजह से

कोमल -तुम्हारे और रानी की वजह से, फ्रेंड के बिना ज़िंदगी बेरंग होती है.

अवी-तुम्हारा बेस्ट फ्रेंड कौन है.

कोमल -मेरे पापा और तुम

अवी-और रानी

कोमल -उनके बाद रानी, पापा तुम और माँ रानी.

अवी-4 बेस्ट फ्रेंड

कोमल -वैसे होता तो एक है पर मेरे 4 है

अवी-चलो आज स्कूल आके मुझे ये तो पता चला कि मेरे अकेले रहने के पीछे तुम थी.

कोमल -सॉरी मेरी वजह से तुम्हे अकेले रहना पड़ा

अवी-कोई बात नही.

कोमल -वैसे मैं उस बात को ठीक कर रही हूँ

अवी-वो कैसे

कोमल -तुम क्लास बंक करके पंकज करीम के साथ घूमने जाते हो तो मैं ने तुम्हे रोका नही .

अवी-पर तुम मुझे चाची की धमकी देती थी.

कोमल -पर कभी मामी को बताया नही.

अवी-वो तो है

कोमल -वैसे अवी स्कूल के दिन कितने अच्छे थे ना

अवी-हाँ,

कोमल -और कॉलेज के उससे भी अच्छे है.

अवी-क्यू कि हम फ्रेंड है.

कोमल -बेस्ट फ्रेंड

अवी-ये पेड़ भी मेरा बेस्ट फ्रेंड है,इसके शॅडो के नीचे बैठने से शांति मिलती थी.स्कूल के दिन इसी के साथ मस्ती करके निकाले है मैं ने

कोमल -ऐसा क्यूँ था तुम्हे पता है

अवी-किस बारे मे बात कर रही हो

कोमल- ये पेड़ से दोस्ती करके तुम्हे शांति क्यू मिलती थी पता है

कोमल -क्यू कि ये पेड़ दादाजी ने लगाया था. स्कूल दादाजी ने शुरू किया था तब ये पेड़ लगाया था.

अवी-तुम्हे किसने बताया

कोमल -माँ ने, जब तुम्हारी अड्मिशन करने आए थे तब बताया था.माँ काफ़ी देर तक इस पेड़ के नीचे बैठती थी

अवी-मुझ तो इसके बारे मे कुछ पता ही नही था.

कोमल -और पता है. माँ ,मौसी, और मामा ,यही पर बैठ कर खाना खाते थे.इसी स्कूल मे पढ़ाई की थी.यही मस्ती की

अवी-और क्या पता है तुम्हे

कोमल -माँ ने कहा था कि इस पेड़ को उनके बचपन के बारे मे सब पता है. उनका पूरा बचपन इस पेड़ के नीचे बीता है.स्कूल की सारी यादे इस पेड़ मे छुपी है

अवी-और

कोमल -ऐसे ही इधर उधर की बातें बताई थी. कि तुम्हारे पापा पढ़ाई मे तेज थे. वो हमेशा 1स्ट आते थे. जिसकी वजह से उनको शहर3 भेजा था पढ़ाई के लिए

अवी-और

कोमल - तुम्हारे पापा सबको साथ लेकर चलते थे

अवी- और क्या बताया नेहा बुआ ने

कोमल- फिर शहर3 जाके मामा के नये दोस्त बने और वो अपने पुराने दोस्तो को भूल गये

अवी- फिर क्या हुआ

कोमल- शहर3 जाकर गाओं को भूलने लगे

अवी- फिर क्या हुआ

कॉमक- फिर सब मे दूरिया पैदा हो गयी

अवी- क्यूँ हुई दूरिया

कोमल- ये तो मुझे नही पता

अवी- तुमने नेहा बुआ से पूछा नही

कोमल- माँ उस से आगे नही बताती है

अवी- बस इतना ही पता है तुम्हे

कोमल -तुम्हे तो ये पता होगा ना

अवी-मुझे बचपन की बातें ज़्यादा याद नही है.

कोमल -मुझे इतना ही बताया माँ ने

अवी-तुम और बातें पूछना बुआ से और मुझे बताना

कोमल -मैं कोशिश करूँगी.

अवी-कोशिश

कोमल -माँ मामा के बारे मे ज़्यादा बात नही करती.

अवी-फिर भी पूछना ,मेरे लिए

कोमल -तुम्हारे लिए ,फिर तो ज़रूर पूछुगी

अवी-चलो अब

कोमल -थोड़ी देर रुकते है

अवी-मुझे जाना था. पर तुम्हारे लिए, रुक जाते है

कोमल -मेरी नकल कर रहे हो

अवी-मज़ाक कर रहा था. आज पंकज का लास्ट पेपर है जिस से मुझे उस से मिलने जाना था.

कोमल -फिर तो तुम आज पार्टी करोगे

अवी-पार्टी ,देखते है

कोमल -पार्टी के लिए तो तुम्हे जल्दी जाना होगा.

अवी-इतना भी ज़रूरी नही है. तुमसे ज़्यादा ,फॅमिली से ज़्यादा इम्पोर्टेंट कुछ हो नही सकता

फिर मैं कोमल के साथ अपने बचपन के दिन को याद करने लगा.

कोमल की बातों से पता चला कि मेरे पापा का बचपन अच्छा था

बचपन मे सब साथ मे रहते थे

मेरे पापा पढ़ाई मे तेज थे , तो उनको शहर 3 भेजा गया पढ़ाई करने के लिए

और शहर3 जाकर सब कुछ बिगड़ गया

मतलब मुझे पता करना है कि शहर 3जाने के बाद क्या हुआ

नेहा बुआ बचपन की बातें करती है पर उसके बाद क्या हुआ ये बताती नही

मुझे पता करना होगा

 
792

कोमल के साथ गाओं घूमने के बाद मैं घर चला गया.

घर जाते ही चाची ने मुझे खाना खिलाया.

फिर मैं चाची को बता कर कॉलेज चला गया.

कॉलेज जानेके लिए बड़ी चाची ने पहले मना किया. इतनी धूप मे जाने से मना किया

पर छोटी चाची के रहते मुझे पर्मिशन मिल गयी.

मैं ने करीम को कॉल करके कॉलेज मे बुला लिया. उसने कहा कि थोड़ा लेट हो जाएगा.

करीम के आने तक मैं पंकज से मिल लेता हूँ,मेरे आने से वो खुश हो जाएगा.

मेरे कॉलेज मे जाने तक पेपर भी ख़तम हो गया.

पंकज घर नही जाना चाहिए, वरना मुझे उसके घर जाना होगा.मैं ने पंकज को कॉल किया पर उसका मोबाइल स्विच ऑफ था.

चलो कॅंटीन मे जाकर देखता हूँ ,क्या पता वहाँ होगा.हमारा इंतज़ार कर रहा होगा.

मैं कॅंटीन मे चला गया.पंकज और उसकी गर्लफ्रेंड मुझे कॅंटीन मे मिल गयी.

पर ये क्या पंकज अलग टेबल पे अकेला बैठा था. और पंकज की गर्लफ्रेंड दूसरे टेबल पे अकेले बैठ कर कुछ सोच रही थी.

अब ये क्या ड्रामा है. दोनो ऐसे अकेले क्यूँ बैठे है. जैसे कि एक दूसरे को जानते ना हो

और ये पंकज ने देवदास की तरह दाढ़ी और मुच्छे क्यूँ बड़ी कर ली.

क्या पंकज के पास इतना भी टाइम ना था की शेव कर सके ,

पढ़ाई को कब से पंकज इतना सीरियस्ली ले रहा है

पर ये दोनो ऐसे दूर क्यूँ बैठे है. लगता है दोनो मे झगड़ा हुआ है,जाकर देखता हूँ कि बात क्या है.

मैं पंकज की गर्लफ्रेंड के पास जाकर बैठ गया. पंकज से बाद मे पूछ लुगा.

ये क्या पंकज की गर्लफ्रेंड तो कोई गहरी सोच मे डूबी है ,उसने तो मेरे आने पर ध्यान ही नही दिया

मैं ने चुटकी बजाई पर पंकज की गर्लफ्रेंड अपने ख़यालो से बाहर नही निकली

ये ऐसे नही होश मे आएगी.मैं ने अपने पैर को उसके पैर को सहलाना शुरू किया.

फिर भी उसने कुछ भी रिक्षन नही दिया.लगता है बात कुछ ज़्यादा ही सीरीयस है

मैं ने उसको पकड़ कर हिलाया .अब जाके वो होश मे आई

पंकज की गर्लफ्रेंड-तुम कब आए

अवी-1 घंटा हो गया.

पंकज की गर्लफ्रेंड-1 घंटा हो गया.

उसने ने घड़ी देखी

अवी-अभी कुछ देर पहले आया हूँ, पर तुम कहाँ खोई हो

पंकज की गर्लफ्रेंड-कही नही,

अवी-एग्ज़ॅम के बारे मे सोच रही हो

पंकज की गर्लफ्रेंड-एग्ज़ॅम उसका क्या है आज फैल हो गयी तो अगले साल दे दुगी

अवी-फिर किस बारे मे सोच रही थी.

पंकज की गर्लफ्रेंड-पंकज के बारे मे

अवी-उसके बारे मे क्या सोचना है वो तो यही पर है.

पंकज की गर्लफ्रेंड-पता है

अवी-फिर तुम यहाँ क्यू बैठी हो.और पंकज देवदास क्यूँ बन गया है.

पंकज की गर्लफ्रेंड-मैं ने पंकज के साथ ब्रेकप कर लिया.

अवी- नाइस जोक हाहाहा

पंकज की गर्लफ्रेंड-तुम्हे मज़ाक लग रहा है.

अवी-तुम सीरीयस हो

पंकज की गर्लफ्रेंड-मैं क्या तुम्हे हँसते हुए दिख रही हूँ

अवी-मतलब पंकज के साथ तुम ने

पंकज की गर्लफ्रेंड-ब्रेकप कर लिया

अवी-अच्छा हुआ ,मैं बिंदास तुम्हारे साथ एंजाय कर सकता हूँ

पंकज की गर्लफ्रेंड-तुम्हे अपने एंजाय की पड़ी है ,यहाँ मैं परेशान हूँ

अवी-मैं तो मज़ाक कर रहा था. वैसे ये चमत्कार हुआ कैसे

पंकज की गर्लफ्रेंड-कैसे क्या से क्या मतलब

अवी-मेरा मतलब तुम तो पंकज से प्यार करती हो ना

पंकज की गर्लफ्रेंड-अभी भी करती हूँ

अवी-फिर ब्रेकप क्यू किया

पंकज की गर्लफ्रेंड-तुम मज़ाक करना बंद करो

अवी-मैं मज़ाक नही कर रहा

पंकज की गर्लफ्रेंड-तुम ही ने तो कहा था ब्रेकप करने को

अवी-मैं ने कहा था. कब

पंकज की गर्लफ्रेंड-मुझे डराओ मत,

अवी-तुम मुझे डरा रही हो

पंकज की गर्लफ्रेंड-तुम ही ने तो कहा था कि मेरे ब्रेकप करते ही पंकज को मेरे प्यार का अहसास होगा

अवी-मैं ने ऐसा कहा था. कब कहा था

पंकज की गर्लफ्रेंड- मेरे ऐसा करने से पंकज सुधर जाएगा.ऐसा तुमने तो कहा था

अवी-ये भी कहा था.वैसे कब कहा था

पंकज की गर्लफ्रेंड-मेले मे ,

अवी-मेले मे (मैं तो भूल गया था. पंकज की गर्लफ्रेंड ने तो पंकज के साथ ब्रेकप कर लिया है ,किस लफडे मे फस गया मैं )मैं ने ही तो कहा था.

पंकज की गर्लफ्रेंड-जब से पंकज के साथ ब्रेकप किया तब से ठीक से नींद नही आ रही है. और पंकज ने भी मुझे कॉल करके मनाया नही.मुझे तो डर लग रहा है.

अवी-(डर तो मुझे भी लग रहा है,अगर पंकज ने इसके साथ फिर से पतचुप करने से मना किया तो मैं गया काम से) डरो मत ,मुझे शुरू से बताओ

पंकज की गर्लफ्रेंड-मेले के बाद कॉलेज मे जाते मैं ने पंकज से ब्रेकप कर लिया.उसे बताया कि मुझे करीम की गर्लफ्रेंड और काकी के साथ उसके रिश्ते के बारे मे पता चल गया है.ये सुनते वो डर गया ,मैं ने हमारा रिश्ता ख़तम होने की बात की ,इस पे भी पंकज कुछ नही बोला ,और बिना कुछ कहे चला गया था. फिर कॉल भी नही किया

अवी-इतना कुछ हो गया और मुझे अब बता रही हो

पंकज की गर्लफ्रेंड-तुम कॉलेज मे थे कहाँ

अवी-मोबाइल नाम की चीज़ सुनी है

पंकज की गर्लफ्रेंड-मैं इतनी परेशान थी कि कुछ समझ नही आ रहा था.

अवी-एग्ज़ॅम

पंकज की गर्लफ्रेंड-उसका पूछो भी मत

अवी-(ये तो मुझे मरवा कर रहेगी) तुम क्या चाहती हो

पंकज की गर्लफ्रेंड-मुझे पंकज वापस चाहिए.

अवी-बस, तुम तो कह रही थी कि वो सुधर जाना चाहिए

पंकज की गर्लफ्रेंड-सुधारने के चक्कर मे पंकज मुझसे दूर होता जा रहा है.वो जैसा है वैसा मैं मेनेज कर लुगी.

अवी-सोच लो

पंकज की गर्लफ्रेंड-सोचना क्या है. वो देखो कैसा देवदास बन गया है

अवी-वो तो मैं ने देख लिया. ऐसा लग रहा है वो पंकज नही कोई साधु हो

पंकज की गर्लफ्रेंड-वो भी मुझे कितना प्यार करता है ये उसे देख कर पता चल रहा है.वो तो एग्ज़ॅम मे जल्दी उठ कर जा रहा था.

अवी-पढ़ाई अच्छे से की होगी. जिस से पेपर जल्दी हो गया.

पंकज की गर्लफ्रेंड-वो 20 मिनट मे उठ कर जाता था. आज भी ऐसा ही हुआ. और यहाँ कॅंटीन मे आकर बैठा है.

अवी-और तुम कब से यहाँ बैठी हो

पंकज की गर्लफ्रेंड-उसके क्लास से जाते मैं भी यहाँ आ गयी.

अवी-(मतलब ये दोनो फैल हो जाएँगे ) तो तुम्हे समझ मे आ गया कि पंकज तुम्हे कितना प्यार करता है.

पंकज की गर्लफ्रेंड-हाँ,मैं ने ब्रेकप करके अच्छा नही किया. मेरी वजह से देखो पंकज की कैसी हालत हो गयी है.

अवी-मुझे क्या करना है ये भी बता दो

पंकज की गर्लफ्रेंड-मुझे पंकज वापस चाहिए,

अवी-कैसा पंकज चाहिए

पंकज की गर्लफ्रेंड-पहले वाला मिल गया तो भी चलेगा.

अवी-सोच लो, तुम तो ऐसा पंकज चाहती थी जो तुम्हारे सिवा दूसरो की तरफ ना देखे

पंकज की गर्लफ्रेंड-चाहिए तो ऐसा ही पर मैं पंकज के बिना नही रह सकती ऐसे मे पुराना वाला पंकज भी चल जाएगा.

अवी-मैं देखता हूँ तुम कौनसा पंकज मिलता है

पंकज की गर्लफ्रेंड-मुझे पंकज वापस दिला दो

अवी-तुम अपने क्लास मे जाकर पंकज का इंतज़ार करो. उसको मैं वहाँ भेजता हूँ

पंकज की गर्लफ्रेंड-मैं उस से माफी माँग लूँगी.

अवी-ऐसा मत करना.पहले उसकी बात सुन ना फिर सोच समझ कर बात करना

पंकज की गर्लफ्रेंड-ठीक है.

अवी-जाओ क्लास मे जाकर इंतज़ार करो, और

पंकज की गर्लफ्रेंड-और तुम्हे मैं पार्टी दे दूँगी.

अवी-मुझे पार्टी नही चाहिए ,बस पंकज के साथ वफ़ादार रहना.

पंकज की गर्लफ्रेंड-नही दूँगी.उसका ऐसा हाल मैं नही देख सकती

अवी-जाओ अब

पंकज की गर्लफ्रेंड अपने क्लास मे चली गयी.

और मैं सोचने लगा कि मुझे क्या करना चाहिए

ये दोनो हमेशा मुसीबत मे फस जाते है.

और मुझे फ्रेंडशिप निभानी पड़ती है

कुछ भी हो.दोनो का प्यार तो मज़बूत हो रहा है. क्या पता इसी बहाने से पंकज भी सुधर जाए.

देखता हूँ देवदास क्या सोच रहा है.फिर कुछ करूँगा.

 


793

पंकज की गर्लफ्रेंड के साथ बात करने के बाद मैं देवदास के पास चला गया.

देवदास, मैं पंकज की बात कर रहा हूँ.

जब मैं पंकज की गर्लफ्रेंड के साथ बात कर रहा था तब पंकज हमारी तरफ देख रहा था.

मुझे अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बात करते हुए देख कर पंकज एक तो जल रहा होगा या फिर उसे कुछ उम्मीद दिख रही होगी.

मैं पंकज के सामने जाकर बैठ गया.

अवी-देवदास एग्ज़ॅम कैसा गया.

पंकज-उसने क्या कहा

अवी-किसने

पंकज-मेरी गर्लफ्रेंड ने

अवी-मुझे प्रपोज़ किया

पंकज-मज़ाक नही, क्या कहा उसने

अवी-उसने मुझे प्रपोज़ किया.(ये तो सच मे देवदास बन गया है)

पंकज-तूने क्या कहा

अवी-मैं ने पूछा कि वो तो तेरे साथ थी ना, तो उसने कहा कि तुम दोनो का ब्रेकप हुआ है. क्या ये सच है

पंकज-तूने क्या कहा.

अवी-पहले तू बता तेरा ब्रेकप हुआ है क्या

पंकज-उसने मेरे साथ ब्रेकप कर लिया.

अवी-और तूने

पंकज-मैं तो उस से अभी भी प्यार करता हूँ.

अवी-फिर तूने ब्रेकप होने क्यूँ दिया

पंकज-उसी ने किया.

अवी-और तूने होने दिया.

पंकज-उसे मेरे बारे मे सब पता चल गया था

अवी-आंटी और तेरे बारे मे पता चल गया उसे

पंकज-वो नही, काकी और करीम की गर्लफ्रेंड के बारे मे

अवी-काकी का तो मुझे पता है पर करीम की गर्लफ्रेंड क्या चक्कर है

पंकज-उसके साथ भी मैं ने चुदाई की है.

अवी-तू तो छुपा रुस्तम निकला ,करीम को पता हैí इसके बारे मे

पंकज-नही, करीम को पता चला तो मेरी जान ले लेगा वो,

अवी-तेरी गर्लफ्रेंड को कैसे पता चला

पंकज-करीम की गर्लफ्रेंड ने बताया होगा. और उसे पता चलते ही मेरे साथ ब्रेकप कर लिया.

अवी-तू कुछ बहाना बना देता. तू भी ना, तू उस से प्यार करता है तो उसे जाने क्यूँ दिया.माफी माँग लेता

पंकज-किस मूह से माफी माँगता

अवी-तेरे क्या दस मूह है , इसी मूह से माफी माँग लेता,गधा कही का

पंकज-तब मुझे कुछ समझ नही आ रहा था.

अवी-मुझे कॉल कर देता

पंकज-करने वाला था पर सोचा कि तुझे परेशान करना ठीक नही रहेगा.

अवी-और खुद परेशान होता रहा.

पंकज-क्या करता ,मुझे तो कुछ समझ नही आ रहा था.

अवी-फिर एग्ज़ॅम

पंकज-एग्ज़ॅम से ज़रूरी वो है मेरे लिए.

अवी-इतनी ज़रूरी थी तो ऐसे काम क्यूँ किए

पंकज-ग़लती हो गयी. दुबारा ऐसा नही करूँगा.

अवी-उसे ऐसा बोला था.

पंकज-नही.

अवी-मतलब उस से माफी भी नही मागी.

पंकज-कॉल करता था पर रिंग जाने से पहले कट कर देता था. उस से क्या बोलूं समझ नही आ रहा था

अवी-तेरे जैसा ईडियट आज तक नही देखा, उसे इतना प्यार करता है तो माफी माँग लेता ,माफी माँग कर सब कुछ बता देता जो उसे पता नही है. और दुबारा ऐसा ना करने का प्रॉमिस करता

पंकज-तू उस वक्त होता तो इतना होता ही नही.

अवी-अभी भी देर नही हुई.जाकर माफी माँग ले

पंकज-अब कुछ नही हो सकता

अवी-क्यूँ नही हो सकता

पंकज-उसने तुम्हे प्रपोज़ किया है.

अवी-तुझे ऐसा लगता है कि तेरे बिना किसी और को प्यार करेगी.

पंकज-मतलब

अवी-मैं ने झूठ कहा था.

पंकज-उसने तुम्हे प्रपोज़ नही किया

अवी-नही किया.

पंकज-फिर उसने तुमसे क्या बात कही.

अवी-वो तुम्हारी हालत देख कर रो रही थी और तुम्हारे माफी ना माँगने से कुछ ज़्यादा ही गुस्सा है.

पंकज-रो भी रही है और गुस्सा भी है.

अवी-तुझे दिखा नही. तेरे क्लास से निकलते ही तेरे पीछे पीछे यहाँ आई थी. उसे तेरी फिकर हो रही थी. कि तू कुछ उल्टा सीधा ना करे

पंकज-मेरी फिकर थी तो ब्रेकप क्यूँ किया

अवी-तूने काम ही ऐसा किया था कि उसने गुस्से मे उसने ब्रेकप किया.पर तेरा फ़र्ज़ था ना कि माफी माँग कर उसको मनाने का,था कि नही

पंकज-मेरे माफी माँगने से वो मान जाती

अवी-नही तो क्या. तेरे लिए उसने एग्ज़ॅम बीच मे छोड़ दिए. और तेरे पीछे पीछे यहाँ आई.उसे फैल होने का डर नही था उसे डर था कि तुम कुछ ऐसा वैसा ना करो

पंकज-मैं ईडियट हूँ ,

अवी-पहली बार सच कहा तूने

पंकज-तू मेरा भाई हैना ,बताना तेरी भाभी को वापस कैसे लाउ

अवी-भाई, फिर तो कुछ सोचना होगा.

पंकज-जल्दी सोच ना ,उसके बिना एक दिन भी चैन से सो नही पाया.

अवी-और देवदास बन गया.

पंकज-देवदास ,मेरी पारो को वापस लाने का रास्ता बता दे

अवी-रास्ता मुश्किल होगा.

पंकज-मैं मुश्किल रास्ते पे चलने को तैयार हूँ.

अवी-फिर जाकर उसे सब सच सच बता दे ,कुछ मत छुपा .और दुबारा कभी ऐसा ना करने का प्रॉमिस करना

पंकज-इस से वो मान जाएगी.

अवी-तू प्रॉमिस पूरा करेगा तो मान जाएगी.

पंकज-सब बता दूं

अवी-सब कुछ, और उसके पैर मे पड़ कर माफी माँग ले

पंकज-और

अवी-बता कि तू कितना सीरीयस है उसे लेकर

पंकज-और

अवी-और अपनी गंद मरवा जाकर

पंकज-बता ना

अवी-इतने से हो जाएगा. और उसके कुछ कहने से पहले उसका मूह बंदकारना ,और अपने प्यार को फील करवाना.

पंकज-वो तो कह दूँगा. पर उसने तुझे क्या कहा था.

अवी-उसने कुछ नही कहा. मैं ने उसे क्लासरूम मे रुकने को कहा.

पंकज-वो क्लास रूम मे है.

अवी-तेरे ब्रेकप होने की बात सुनते ही मैं ने उसे रोक लिया .ताकि तुम्हारा फिर से पतचुप कर दूं

पंकज-तू मेरा भाई है.

अवी-भाई जैसा कुछ अच्छा काम करना

पंकज-तुझे पार्टी दूँगा.

अवी- पार्टी मे तेरी माँ चोदुन्गा

पंकज-क्या?

अवी-आया ना औकात पे

पंकज-मम्मी को पटा ले ,मैं कुछ नही कहूँगा.

अवी-बस इतना कहा मेरे लिए काफ़ी है.टेन्षन मत ले मुझे कुछ नही चाहिए

पंकज-पार्टी तो दूँगा ही.

अवी-पहले अपनी गर्लफ्रेंड के पास जा ,कहीं घर ना चली जाए

उसके घर जाने का नाम सुनते ही पंकज भागते हुए कॅंटीन से बाहर चला गया .

पंकज अपना बॅग यही रख कर अपनी गर्लफ्रेंड को मनाने चला गया.

 


794

पंकज अपनी गर्लफ्रेंड से माफी माँगने चला गया और मैं कॅंटीन मे बैठ कर क्या करता.

मैं पंकज की बॅग लेकर उसके क्लासरूम मे चला गया.

कॉलेज से सभी स्टूडेंट घर जा चुके थे.बस कुछ कपल थे जो रोमॅन्स कर रहे थे.

मैं पंकज के क्लासरूम के पास चला गया

मैं गेट के पास जाकर अंदर देखने लगा.

अंदर पंकज उसकी गर्लफ्रेंड के पैरो मे पड़ा हुआ था.

पंकज की गर्लफ्रेंड ने पंकज को अपने पैरो से उठा लिया और बात करने लगी.

पंकज-मुझे माफ़ कर दो,मैं दुबारा ऐसा नही करूँगा.

पंकज की गर्लफ्रेंड-तुम नही सुधर सकते

पंकज-एक मोका तो दो ,मुझे खुद को साबित करने का

पंकज की गर्लफ्रेंड-मोका देने से कुछ नही होगा.

पंकज-मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ

पंकज की गर्लफ्रेंड-मैं भी करती हूँ ,पर मैं ने तुम्हारे जैसे धोका नही दिया.

(नाइस जोक)

पंकज-ग़लती हो गयी. दुबारा ऐसा नही होगा.

पंकज की गर्लफ्रेंड-मैं कैसे मान लूँ, तुम ने तो करीम की गर्लफ्रेंड के साथ

पंकज-बस एक बार किया था .कसम से

पंकज की गर्लफ्रेंड-किया तो था ना

पंकज-अब तुम्हारे सिवा किसी की तरफ आँखे उठा कर नही देखुगा.

पंकज की गर्लफ्रेंड-क्या पता कितनो की तरफ पहले आँखे उठा कर देखा होगा.

पंकज-किसी की तरफ नही देखा.

पंकज की गर्लफ्रेंड-सच बोल रहे हो

पंकज-एक और है पर तुम्हे नही बता सकता.

पंकज की गर्लफ्रेंड-टूट गया तुम्हारा प्रॉमिस

पंकज-मेरी मम्मी के साथ किया

पंकज की गर्लफ्रेंड-आंटी के साथ,

पंकज-नही करता तो मम्मी किसी दूसरे के पास जाती जिस से हमारी बदनामी हो जाती

पंकज की गर्लफ्रेंड-पर वो तुम्हारी मम्मी है

पंकज-मैं नही करने वाला था पर मम्मी के लिए करना पड़ा.

पंकज की गर्लफ्रेंड-तुम तो बहुत बड़े कमीने निकले

पंकज-कुछ भी बोल लो ,पर मुझे माफ़ कर दो

पंकज की गर्लफ्रेंड-अब तो नही करूँगी.

पंकज-ऐसा मत कहो, तुम्हारे बिना मेरा क्या हाल हो गया तुम खुद देख लो,

पंकज की गर्लफ्रेंड-और मुझे कैसा लगा होगा ये नही सोचा तुम ने

पंकज-उसी को सोच कर तो मुझे नींद नही आती थी.

पंकज की गर्लफ्रेंड-तुम्हे क्या लगता है मैं सो पाई होगी.

पंकज-मुझे पता है तुम मेरे बिना नही रह सकती. और मैं तुम्हारे बिना जी नही सकता

पंकज की गर्लफ्रेंड-मैं नही मानती

पंकज-मेरे मरने के बाद यकीन करोगी तो यही सही.

पंकज की गर्लफ्रेंड-स्यूयिसाइड की धमकी मत दो

पंकज-कर दो ना माफ़, प्रॉमिस करता हूँ किसी दूसरी लड़की की तरफ नही देखुगा.प्रॉमिस करता हूँ.

पंकज की गर्लफ्रेंड-और देखा तो

पंकज-तुम जो सज़ा दोगि वो मैं भुगत लुगा.

पंकज की गर्लफ्रेंड-और आंटी का क्या

पंकज-उनको भी कहूँगा कि दूसरा ढूँढ लो अपने लिए

पंकज की गर्लफ्रेंड-यही कहोगे

पंकज-अभी फोन करके बता दूं.

पंकज की गर्लफ्रेंड-इसी ज़रूरत नही है.

पंकज-तो मैं समझुँ तुम ने मुझे माफ़ किया.

पंकज की गर्लफ्रेंड-एक शर्त पे

पंकज-क्या?

पंकज की गर्लफ्रेंड-आंटी के साथ तुम कर सकते हो. मैं नही चाहती कि मेरे होने वाले पति की मम्मी की बदनामी हो.

इतना सुनते पंकज ने उसे पकड़ कर दीवार से चिपका दिया और किस करने लगा.

चलो अच्छा है पंकज और उसकी गर्लफ्रेंड का पतचुप हो गया.

वरना बिना वजह अपना हाथ ईस्तमाल करता रहता.

पंकज ने अच्छा किया जो अपनी मम्मी के बारे मे बता दिया. वरना अगर बाद मे पता चलता तो गड़बड़ हो जाती.

पंकज की गर्लफ्रेंड के हाँ करते ही पंकज उसे दीवार से चिपका कर किस करने लगा

पंकज की गर्लफ्रेंड भी पंकज को किस करके आइ लव यू बोल रही थी

पंकज की गर्लफ्रेंड-ये मुछ क्यूँ नही काटी ,मुझे लग रही है.

पंकज-किसके लिए काटता ,तू नही थी तो कुछ भी करने का मन नही होता था.

पंकज की गर्लफ्रेंड-घर जाते पहले काट लेना ,वरना दुबारा किस नही मिलेगा.

पंकज-मुझे नही अपने दीवाने को तो किस करने दो

पंकज की गर्लफ्रेंड-क्या

और पंकज ने अपनी गर्लफ्रेंड की सलवार पैंटी के साथ नीचे कर दी

पंकज की गर्लफ्रेंड-ये क्या कर रहे हो,

पंकज-अब कुछ मत कहो, बस प्यार करने दो

पंकज की गर्लफ्रेंड- कोई देख लेगा

पंकज- आज मत रोको , मुझे प्यार करने दो

और पंकज ने अपनी गर्लफ्रेंड की चूत मे लंड डाल दिया.

पंकज-तुम ने शेव क्यू नही किया.

पंकज की गर्लफ्रेंड-किसके लिए करती

पंकज-तुम्हारी चिकनी चूत मुझे पसंद है

पंकज ने मुछ नही काटी और उसकी गर्लफ्रेंड बे अपनी चूत के बाल नही काटे

पंकज फिर भी अपनी गर्लफ्रेंड को प्यार करने लगा

दोनो क्लास मे शुरू हो गये

पंकज अपनी गर्लफ्रेंड की चूत मे धक्के मारने लगा

मैं भी उनके पास चला गया .और पंकज को पीछे से पकड़ लिया.

मैं पीछे से पंकज के गले लग गया जिस से उसका लंड और ज़्यादा अंदर जाके फस गया

अवी-मुझे भी चिकनी पसंद है

मेरी आवाज़ सुनते ही पंकज की गर्लफ्रेंड ने अपनी सलवार उपर की पर पंकज का लंड अपनी चूत से निकाल नही पाई .

कैसे निकालती मैं ने पंकज को पकड़ रखा था

मैं पंकज की गंद मारने के स्टाइल मे उस से चिपका हुआ था

पंकज-तू यहाँ क्या कर रहा है. जाना यहाँ से

अवी-वाह रे बच्चू ,गर्लफ्रेंड वापस मिली तो मुझे जाने को कह रहा है. भूल गये ये मिलन किसने करवाया है

पंकज की गर्लफ्रेंड-थॅंक्स अवी

अवी-थॅंक्स से काम नही चलेगा.

पंकज की गर्लफ्रेंड-तो

अवी-एक किस दो ,वो भी पंकज के सामने

पंकज की गर्लफ्रेंड ने अपने होंठ आगे कर दिए

अवी-लूँ क्या किस

पंकज-जान से मार डालुगा.

अवी-तेरी गर्लफ्रेंड तो देना चाहती है

पंकज-गाल पे ले ले

पंकज की गर्लफ्रेंड-जहाँ लेना है लेने दो ,तुम चुप रहो

पंकज-बड़ा कमीना है तू ,

अवी-हट बीच मे से

पंकज-कैसे हटु ,तू अलग हो पहले

अवी-हो रहा हूँ अलग ,करो प्यार ,पर ध्यान रखना कही मिसेज़ वर्मा फिर से पकड़ ना ले

पंकज की गर्लफ्रेंड-तुम्हारा किस

अवी-भाभी जी रहने दो वरना पंकज भैया बुरा मान जाएँगे.

पंकज-अवी एक काम और कर देना

अवी-कौनसा

पंकज-मैं ने एग्ज़ॅम मे कुछ नही लिखा

पंकज की गर्लफ्रेंड-मेरे भी एग्ज़ॅम खराब गये है.

अवी-मैं क्या कर सकता हूँ

पंकज-पिछली बार तुम ने मिसेज़ वर्मा को पटाया था ,तेरी पहचान होगी मिसेज़ वर्मा से तो कुछ सेट्टिंग कर ना

पंकज की गर्लफ्रेंड-मैं फैल नही होना चाहती

अवी-पढ़ाई क्यूँ नही की

पंकज-कर दे ना

पंकज की गर्लफ्रेंड-अवी मेरे लिए ,अपनी भाभी के लिए

अवी-देखता हूँ

पंकज-मिसेज़ वर्मा से मिलना वो हमारे डिपार्टमेंट की एग्ज़ॅम हेड बन गयी है.

अवी-करता हूँ कुछ

पंकज की गर्लफ्रेंड-तुम बहुत अच्छे हो. हमेशा हमारी मदद करते हो.

और पंकज की गर्लफ्रेंड ने मेरे गाल पे किस किया .

अवी-पंकज मैं ने कुछ नही किया. किस तेरी गर्लफ्रेंड ने किया.

पंकज की गर्लफ्रेंड-वो कुछ नही कहेगा.

पंकज-तू इस का हकदार है.लेकिन ये लास्ट टाइम था.

अवी-भाभी की किस तुम दोनो को पास करा देगी.

पंकज की गर्लफ्रेंड-अवी

अवी-हाँ

पंकज की गर्लफ्रेंड-थॅंक्स,

अवी-इस कमीने ने कभी परेशान किया तो मुझे बताना ,हम मिल कर इसकी धुलाई करेंगे.

पंकज-अब जा ना, कब से अंदर डाल कर खड़ा हूँ.

अवी-जा रहा हूँ ,कॅंटीन मे मिलते है. और आज पूरी कसर निकाल दो

पंकज-अब जा ना ,कमीने

मैं ने पंकज को धक्के मारने के लिए छोड़ दिया .और क्लास रूम से बाहर आ गया.

 
795

पंकज और उसकी गर्लफ्रेंड को क्लासरूम मे प्यार करने के लिए छोड़ कर मैं कॉलेज के चक्कर मारने लगा.

चलो पंकज को उसकी गर्लफ्रेंड वापस मिल गयी,पंकज की गर्लफ्रेंड तो पहले ही सुधर गयी थी और अब पंकज भी सुधर गया.

पंकज की गर्लफ्रेंड ने अच्छा किया जो पंकज को उसकी मम्मी के साथ रीलेशन रखनेकी पर्मिशन दे कर अच्छा किया

दोनो अब पूरी कसर निकाल देंगे , पंकज तो उसको अपने घर लेकर जाएगा.

पंकज के लिए यही ठीक रहेगी.

लेकिन कमिने ने मुझे एक और काम दे दिया. पढ़ाई ना करके पास होना चाहते है.

चलो मिसेज़ वर्मा से मिलके आता हूँ. काफ़ी दिन हो गये उनसे मिले हुए.

पिछली बार मिसेज़ वर्मा की मुलाकात मेरे लिए फ़ायदेमंद साबित हुई. उनकी सहेली और सेल्सगर्ल मिल गयी थी.

पर मिसेज़ वर्मा के लिए वो मुलाकात 50-50 रही. उनको मज़ा मिला और सज़ा भी मिली.

देखते है मिसेज़ वर्मा क्या कहती है.क्या रिक्षन देती है मुझे देख कर

मैं मिसेज़ वर्मा के कॅबिन मे चला.

अवी-मे आइ कम इन मेडम

सर-यस,

मिसेज़ वर्मा के कॅबिन के अंदर सर को देख कर दंग हो गया.

अवी-मुझे वर्मा मेडम से मिलना था.

सिर-उनका कभीं 1स्ट फ्लोर पे है. उनका प्रमोशन हुआ है.

क्या बात है मिसेज़ वर्मा का प्रमोशन हो गया. एग्ज़ॅम डिपार्टमेंट की हेड हो गयी.

अब तो मिलना ही होगा. मैं मिसेज़ वर्मा के नये कॅबिन मे चला गया

अवी-मे आइ कम इन मेडम

मिसेज़ वर्मा-यस, कम इन

मिसेज़ वर्मा-कहो

मिसेज़ वर्मा ने जैसे ही सर उपर किया वो मुझे देर कर शॉक्ड हो गयी

मिसेज़ वर्मा-तुम ,फिर से नही

अवी-क्या फिर से नही.

मिसेज़ वर्मा-बैठो

अवी-कोंग्रट्ज़ ,सुना है आपका प्रमोशन हुआ है.

मिसेज़ वर्मा-हाँ, पर इस बात को बहुत दिन हो गये.

अवी-कितने दिन हो गये

मिसेज़ वर्मा-वो पिछली बार हम मिले थे उसके दूसरे दिन ही प्रमोशन हुआ

अवी-मैं तो आपके लिए लकी हूँ,मेरे साथ करते आपको प्रमोशन मिला

मिसेज़ वर्मा-हो सकता है ,पर लॉस भी हुआ था.

अवी-लेकिन प्रमोशन से पेमेंट बढ़ी कि नही.

मिसेज़ वर्मा-हाँ, ये छोड़ो ,कहो आजमुझसे मिलने कैसे आ गये

अवी-आपकी याद आ गयी तो मिलने आ गया.

मिसेज़ वर्मा-इतने दिन याद नही आई ,जो एग्ज़ॅम के समय पर मिलने आए हो.

अवी-एग्ज़ॅम डिपार्टमेंट के हेड से एग्ज़ॅम के समय ही मिला जाता है.

मिसेज़ वर्मा-तो मार्क बढ़ाने आए हो

अवी-हाँ, और आपसे मिलने

मिसेज़ वर्मा-अभी तो हेड बनी हूँ ,मुझसे नही होगा.

अवी-मेरे लिए नही कर सकती.

मिसेज़ वर्मा-नही.

अवी-चलो फिर ,चलता हूँ

मिसेज़ वर्मा-क्या हुआ ब्लॅकमेल नही करोगे

अवी-मैं क्यूँ ब्लॅकमेल करूँ, और कैसे करूँ

मिसेज़ वर्मा-वीडियो से

अवी-मैं ने वीडियो पिछली बार ही डेलीट किया था. और पिछली बार भी मैं ने ब्लॅकमेल नही किया था.

मिसेज़ वर्मा-पता है. मैं मज़ाक कर रही थी.

अवी-आप चेक कर रही हो कि मेरे पास कुछ है कि नही.

मिसेज़ वर्मा-स्मार्ट हो,

अवी-मेरी स्मार्टनेस चेक हो गयी होगी तो मैं जा सकता हूँ

मिसेज़ वर्मा-बैठो ,

अवी-बैठ कर क्या करूँ

मिसेज़ वर्मा-देखो 3 4 दिन मैं बिज़ी हूँ ,हम इस पे आराम से बात करते है.

अवी-कहाँ पर

मिसेज़ वर्मा-सनडे को मेरे घर पे

अवी-आपके पति और बच्चे

मिसेज़ वर्मा-वो हॉलिडे पे अपने दादाजी के घर जा रहे है.

अवी-आप को चुदाई करनी हैना

मिसेज़ वर्मा-तुम स्मार्ट हो.

अवी-सिर्फ़ आपकी करूँगा.

मिसेज़ वर्मा - लेकिन मैं तुम्हारे नंबर नही बढ़ा पाउन्गी तुम तो साइन्स डेपारमेंट के हो

अवी- मुझे अपने नही अपने फ्रेंड के मार्क बढ़ाने है

मिसेज़ वर्मा- तुम हर बार अपने फ्रेंड के लिए मेरे पास आते हो

अवी- क्या करूँ , मैं आपके डिपार्टमेंट मे नही हूँ , अगेर होता तो 1स्ट आता

मिसेज़ वर्मा- सही है नही हो , वरना मेरी जान ले लेते

अवी- सोने के अंडे देने वाली मुर्गी को काटा नही जाता

मिसेज़ वर्मा-रोल नंबर बताओ मुझे ,कुछ करती हूँ

अवी-नंबर सनडे को दूँगा.

मिसेज़ वर्मा-ठीक है .सनडे को आ जाना

अवी-अब बिना कुछ किए जाउन्गा नही

मिसेज़ वर्मा-क्या मतलब

अवी-एक टीचर के साथ कॉलेज मे उनकी चेयर पे सेक्स करना ,सुनने मे कितना अच्छा लगता है.

मिसेज़ वर्मा-बिल्कुल भी नही. और आज तो बिल्कुल भी नही करूँगी.

अवी-सोचिए सुनने मे इतना अच्छा लगता है तो करने मे कितना अच्छा लगेगा.

मिसेज़ वर्मा-पिछली बार फस गयी थी ,कॉलेज मे तो ग़लती से भी नही करूँगी , मेरी जॉब चली जाएगी

अवी-अब तो इतना अच्छा कॅबिन है.

मिसेज़ वर्मा-आज एग्ज़ॅम हुए है ,कोई भी आ सकता है

अवी-इसी मे तो मज़ा आता है,आप टेन्षन क्यू लेती है.मेरे साथ करने से आपको मज़ा आएगा.

मिसेज़ वर्मा-तुम समझते क्यूँ नही.

अवी-बिना कपड़े निकाल कर करेंगे.

मिसेज़ वर्मा-10 मिनट ,इस से ज़्यादा नही

और मिसेज़ वर्मा ने उठ कर डोर अंदर से बंद किया और मैं जाकर मिसेज़ वर्मा की चेयर पे बैठ गया.और अपना लंड बाहर निकाल लिया

मिसेज़ वर्मा-क्या दिन आ गये .एक लंड ने मुझे क्या बना दिया.

 
bhai ye sab site owner ki meharbani hai lagta hai fir se kuch problem ho gai hai . ab to prikn bhai se hi request ki hai ki wo is kahani ke pahle update de varna mujhe sari mehnat dubara karni padegi . balki main to unse ye bhi request karunga ki baki kahaniyo ko bhi up to date kar den . chahe wo kisi ki bhi hon
 
795आ

मिसेज़ वर्मा डोर लॉक करके मेरे पास आ गयी.

मैं मिसेज़ वर्मा के चेयर पे बैठ कर अपना लंड हिला रहा था.

मिसेज़ वर्मा के चेहरे पे मुझे अपना लंड सहलाते हुए देख स्माइल आ गयी.

मिसेज़ वर्मा ने मेरा लंड को देख कर अपने होंठो पर जीभ घुमा दी. और हाथ से चूत को मसल्ने लगी.

मैं ने मिसेज़ वर्मा को अपने पास बुलाया तो वो मेरे पास आने की जगह अपना बॅग उठा लिया .

अपने पेटिकॉट मे हाथ डाल कर अपनी पैंटी निकाल कर पर्स मे रख दी.

फिर मेरे सामने आकर घुटनो के बल बैठ कर मेरे लंड को अपने हाथो मे ले लिया.

मेडम अपने कॅबिन मे ,कॉलेज मे ,मुझे ब्लोवजोब देंगी. सोच कर की मैं एग्ज़ाइट हो गया.

मेडम के साथ सेक्स करने मे सबसे ज़्यादा मज़ा कॉलेज मे आता है. एक डर और एक नये एक्सिटमेंट के साथ सेक्स होता है.

मिसेज़ वर्मा मेरे लंड को सहलाने लगी. और अपनी लिपस्टिक के रंग मे मेरे लंड को रंगने लगी.

मिसेज़ वर्मा मेरे लंड पे किस करके ,फिर चाट कर अपनी लिपस्टिक खा रही थी.

मेरे लंड का जादू मिसेज़ वर्मा पे पहली मुलाकात मे चढ़ गया था. और उसका हॅंगओवर अब तक उतरा नही था.

मिसेज़ वर्मा ने पहले मेरे लंड को रेड कलर मे किस करके रंग दिया.फिर अपनी जीभ से चाट ने के बाद चूसने लगी.

मेडम को इस तरह कॉलेज मे ब्लोवजोब देने के बारे मे कभी सोचा नही था.

मेरा नसीब इतना अच्छा होगा मैं ने सोचा नही होगा.

ऋतु दीदी के मेमोरी कार्ड की मेहरबानी है , ऋतु दीदी का मेहरबानी पंकज के काम आ रही है

मैं ने मिसेज़ वर्मा के बालो को पकड़ रखा ताकि उनको ब्लोवजोब देते हुए देख सकूँ.

मिसेज़ वर्मा एक मेडम नही रंडी लग रही थी.

मेडम के साथ कॉलेज मे,

डॉक्टर के साथ हॉस्पिटल मे,

बीवी के साथ बेडरूम मे,

गर्लफ्रेंड के साथ चुपके चुपके प्यार करने मे सब से ज़्यादा मज़ा आता है.

सही जगह पर सही पार्टनर केसाथ सेक्स करने से जो मज़ा मिलता है वो वर्जिन लड़की भी नही दे सकती.

मिसेज़ वर्मा ने कुछ देर मुझे ब्लोवजोब दिया .फिर खड़ी होकर सारी के साथ पेटिकोट उपरकरके मेरे गोद मे बैठ गयी.

मिसेज़ वर्मा के बैठने से चेयर पीछे सरकती हुई खिड़की के पास चली गयी.

खिड़की के पास जाने के बाद भी मिसेज़ वर्मा को कोईफरक नही पड़ा.वो मेरे लंड को अपनी चूत मे लेकर मेरी गोद मे बैठ गयी.

मैं ने खिड़की के पर्दे लगा दिए और मिसेज़ वर्मा ने उछल खुद करना सुरू किया.

मिसेज़ वर्मा की चुदाई चेयर पे बैठ कर करते ही मुझे सारा ज़ोया की याद आ गयी. उनकी भी एक चुदाई चेयर पे बैठ कर की थी.

चेयर पे चुदाई करने से ज़ोया सारा के कॅबिन मे करके आया था. यहाँ मिसेज़ वर्मा के कॅबिन मे नही ला सकता ,

मिसेज़ वर्मा ज़्यादा उछल नही रही थी, बस अपनी कमर गोल गोल घुमा कर चुदाई कर रही थी.

मैं ठीक पोज़िशन मे बैठा होता तो अभी तक धक्के मार रहा होता ,

मिसेज़ वर्मा अकेली चुदाई मे अपनी एनर्जी लगा रही थी.

एनर्जी बनाने के लिए गलोस को बर्न करने के लिए ऑक्सिजन की ज़रूरत थी जो मैं मिसेज़ वर्मा को किस करके दे रहा था.

किस करने से मिसेज़ वर्मा लंड का ज़्यादा से ज़्यादा मज़ा ले रही थी.

ऐसे चुदाई करता रहा तो काफ़ी समय लग जाएगा.

मैं ने मिसेज़ वर्मा को अपनी गोद से उठा दिया. और टेबल पर रखी हुई फाइल नीचे फेक कर जगह बना दी.

मिसेज़ वर्मा-ये क्या कर रहे हो ,वो इम्पोर्टेंट फाइल है

अवी-मेरे लंड से ज़्यादा इम्पोर्टेंट नही होगी

मिसेज़ वर्मा ने नाप्कीन से अपनी चूत को पोछ लिया और टेबल पर जाकर लेट गयी.

मिसेज़ वर्मा के पैरो को फैला कर मैं ने लंड उनकी चूत मे डाल दिया.

और मेडम की चूत मे ऐसे धक्के मारने लगा कि उनकी शीष्कारिया निकल लगी.

मैं पहले खड़ा रह कर उनकी चूत की धज्जिया उड़ाने लगा.

मिसेज़ वर्मा ने अपनी आवाज़ बाहर जाने से रोक के लिए उसी नाप्कीन को अपने मूह मे डाल दिया जिस से चूत साफ की थी

मिसेज़ वर्मा के बूब्स दबाकर कपड़े खराब करने का इरादा नही था .जिस से मैं उनके उपर नही आया बस खड़े खड़े उनकी चूत मारने लगा.

मिसेज़ वर्मा की गोरी गोरी जाँघो को अपने हाथो मे पकड़ कर धक्के मारने लगा.

मेरे जबरदस्त धक्को से मिसेज़ वर्मा का पानी निकल गया.

पानी निकलते ही मिसेज़ वर्मा ने मुझे धक्का दे कर मूह से नाप्कीन निकाल अपनी चूत को साफ करने लगी.

मुझे लग रहा था कि अपना पानी निकालने के बाद मिसेज़ वर्मा चुदाई करने से मना कर देंगी.

पर मिसेज़ वर्मा पे मेरे लंड का जादू हावी हो गया था.

मिसेज़ वर्मा टेबल को पकड़ कर घोड़ी बन गयी.

मिसेज़ वर्मा -जल्दी ख़तम करो

मिसेज़ वर्मा के घोड़ी बनते ही उनकी सारी और पेटिकोट उपर करके पीछे से लंड उनकी चूत मे डाल दिया.

और उनकी कमर को पकड़ कर जोरदार फुल स्पीड मे धक्के मारने लगा.

मिसेज़ वर्मा इसके लिए तय्यार थी ,जिस से मुझे पहले धक्के से मज़ा आने लगा.

धक्के का पूरा मज़ा मिसेज़ वर्मा ले रही थी.

उनकी गंद देख कर मारने का मन हो रहा था पर अब इसके लिए टाइम नही है.

लंड से ना सही पर थप्पड़ मारकर गंद मारने लगा

गंद पे थप्पड़ और चूत मे धक्के ,मिसेज़ वर्मा जन्नत मे चली गयी. और वहाँ से अमृत लाकर अपनी चूत से बाहर निकालने लगी.

मिसेज़ वर्मा की कॉलेज मे चुदाई के नाम से मैं ज़्यादा एग्ज़ाइट हो गया था.

इस का नतीज़ा मिसेज़ वर्मा की चूत मे समा गया.

मिसेज़ वर्मा की चूत को अपने वीर्य से भर दिया.

वीर्य निकाल कर मैं चेयर पर जाकर बैठ गया.

मिसेज़ वर्मा ने अपने हाथ पे चूत से तपक रहा मेरा वीर्य ले लिया.

और अपनी जीभ से चाट कर पी गयी. और नेप्किन से चूत को साफ किया.

और खुद को ठीक करने लगी.

एक बात अच्छी हुई जो कोई डिस्ट्रब करने नही आया.

मिसेज़ वर्मा ने मेरे लंड जो चाट कर भी साफ किया.

मैं ने खुद को ठीक किया तब तक मिसेज़ वर्मा अपने कॅबिन को ठीक करने लगी.

अवी-मज़ा आया

मिसेज़ वर्मा-हाँ,एक डर था पर डार्क आगे जीत होती है

अवी-क्या बात है

मिसेज़ वर्मा-अब जाओ यहाँ से

अवी-इतनी जल्दी ,आपकी गंद मारनी बाकी है

मिसेज़ वर्मा-वो सनडे मार लेना.अब जाओ

अवी-अपनी लिपस्टिक ठीक कर लेना

मिसेज़ वर्मा-कर लूँगी.

अवी-तो मिलते है सनडे को

मिसेज़ वर्मा-सनडे,

अवी-बाइ

मिसेज़ वर्मा के साथ चुदाई करके बहुत मज़ा मिला.

मेडम के साथ कॉलेज मे चुदाई करने का मज़ा मिल गया.

 


796

मिसेज़ वर्मा की चुदाई करके मैं कॅंटीन मे आ गया.

कॅंटीन मे हमारा देवदास अपनी पारू के साथ बैयटा हुआ था .और करीम अपनी गफ़ के साथ आ चुका था.

अवी-कहाँ था तू

करीम-तू बता तू कहाँ था.

अवी-कॉलेज के चक्कर लगा रहा था. और तू इतनी देर से क्यूँ आया.

करीम-मैं अपनी गर्लफ्रेंड के साथ मूवी देखने गया था.

करीम की गर्लफ्रेंड-हमे इतनी जल्दी क्यू बुलाया .

अवी-पंकज ने कोर्ट मॅरेज कर ली ,एक सिग्नेचर कम पड़ रही थी तो तुम्हे बुला रहा था.

करीम-पंकज ने शादी की .पंकज तूने तो बताया भी नही.

पंकज कुछ बोलने वाला था मैं ने उसे चुप करा दिया.

अवी-सब इतनी जल्दी हो गया कि ,मुझे भी अभी पता चला

करीम-साले ,अब तो पार्टी चाहिए

पंकज-चलो मेरे घर चलते है. वही पर पार्टी करेंगे.

अवी-घर पे आंटी होगी ना

करीम-तो क्या हुआ. अब तो शादी हो गयी.

पंकज-घर मे बाद मे बताना है. और मम्मी पापा बाहर गये है.और ऋतु दीदी अमेरिका गयी है

अवी-ऋतु दीदी अमेरिका कब गयी.

पंकज-दीदी तो दिसंबर मे गयी .पर हमे 1 हफ्ते पहले बताया .जिस से पापा नाराज़ है

करीम-वो छोड़ चल पार्टी करते है.

करीम की गर्लफ्रेंड-तूने बताया नही. मुझे लगा कि तुम्हारा ब्रेकप हुआ है पर तुम ने तो शादी कर ली.

पंकज की गर्लफ्रेंड-सब अचानक हो गया.

करीम की गर्लफ्रेंड-फिर तो आज सुहागरात होगा.

पंकज की गर्लफ्रेंड-अभी नही.

करीम की गर्लफ्रेंड-क्यू?

पंकज की गर्लफ्रेंड-दिल मे आया तो शादी कर ली. पर मम्मी पापा के मर्ज़ी के बाद जो शादी होगी तब हनीमून पे जाएँगे .अभी तो पढ़ाई करनी है,एंजाय करना है.

पंकज-चलो एंजाय करने चलते है.

करीम और उसकी गर्लफ्रेंड को बेवकूफ़ बनाने के बाद हम पंकज के घर चले गये.

पंकज की गर्लफ्रेंड पंकज के बाइक पर नही मेरी बाइक पर बैठ गयी.ताकि मुझसे बात कर सके

अवी-शादी मुबारक हो

पंकज की गर्लफ्रेंड-झुह क्यूँ बोला करीम से

अवी-झूठ बोलने से तुम खुश नही हो.

पंकज की गर्लफ्रेंड-बहुत खुश हूँ. और ये खुशी तुम ने दी

अवी-तुम ने भी तो मुझे बहुत कुछ दिया है. अपनी कुवारि गंद

पंकज की गर्लफ्रेंड-आज से वो सिर्फ़ तुम्हारी होगी.

अवी- तोहफा पसंद आया .पर रहने दो ,वरना देवदास बुरा मान जाएगा.

पंकज की गर्लफ्रेंड-तुम्हे पता है पंकज ने

अवी-अपनी मम्मी के साथ, सुना मैं ने , पंकज अब तुमसे कुछ नही छुपाया.

पंकज की गर्लफ्रेंड-हाँ, आंटी का इतना बड़ा राज़ भी मुझे बता दिया. वो चाहता तो छुपा सकता था पर उसने ऐसा नही किया.

अवी-वो तुम से बहुत प्यार करता है.

पंकज की गर्लफ्रेंड-मैं भी करती हूँ

अवी-तो मुझे भूल जाओ,

पंकज की गर्लफ्रेंड-भूल जाउ?

अवी-यही तुम्हारे लिए अच्छा रहेगा.

पंकज की गर्लफ्रेंड-जैसा तुम कहो.

बाते करते हुए कब घर आ गया पता ही नही चला.

पंकज का घर आते ही सब अंदर चले गये .

मेरे अंदर जाते मेरी नज़र काकी पर पड़ी.

काकी भी मुझे देख रही थी.

पंकज-काकी मेरे दोस्तो के लिए कुछ खाने का इंतज़ाम करो

पंकज की गर्लफ्रेंड-मुझे नोनवेज चाहिए

काकी-चिकन नही है

पंकज-तो लेकर आओ .और हा फ़्रीज़ से बीयर लाना

काकी-अभी लाती हूँ

काकी किचन की तरफ जाने के लिए मूडी थी कि मैं ने काकी की गंद पर थप्पड़ मारा

काकी ने पीछे पलट कर मुझे गुस्से मे देखा

पंकज और उसकी गर्लफ्रेंड भी वही पर थे जिस से काकी बिना कुछ कहे चली गयी.

करीम और उसकी गर्लफ्रेंड बाहर थे .

पिछली बार जिस तरह काकी की गंद मारी थी उसके बाद भी काकी को गुस्सा आया.

वैसे काकी की गंद मारने के बाद और सेक्सी हो गयी

कितने दिनो के बाद मैं यहाँ पंकज के घर आया था.

जिस केवजसे मुझे काकी की गंद पर थप्पड़ मारने मे मज़ा आया.

पंकज की गर्लफ्रेंड-ऐसा क्यूँ किया तुम ने

अवी-ऐसे ही,

पंकज- तू फिर मरवाएगा.

करीम-क्या बाते हो रही है

पंकज-कुछ नही

पंकज की थोड़ी खिचाई लेता हूँ

काकी की गंद के किससे बताता हूँ पंकज की गर्लफ्रेंड को

अवी-क्या नरम थी,हैना पंकज

पंकज की गर्लफ्रेंड-तुम्हे मार चाहिए ,और तुम इधर आओ

पंकज चुप चाप अपनी गर्लफ्रेंड के पास चला गया.

करीम की गर्लफ्रेंड-हुआ क्या ,हमे भी बताओ

पंकज की गर्लफ्रेंड-कुछ नही,

हम सोफे पर जाकर बैठ गये. और काकी बीयर लेकर आ गयी.

अवी-पंकज, क्या नरम थी.

पंकज-मुझे मरवाए बिना तुझे चैन नही आएगा.

पंकज की गर्लफ्रेंड-अवी ,मज़ाक करना बंद करो

करीम-तुम तीनो क्या बाते कर रहे हो मुझे कुछ समझ नही आ रहा है.

करीम की गर्लफ्रेंड-बीयर पी लो , और ठंडे हो जाओ

करीम-तुम ही पिला दो.अपने हाथो से

करीम की गर्लफ्रेंड ने बीयर उठा ली और करीम को पिलाने लगी.

उनका देख कर पंकज की गर्लफ्रेंड ने भी पंकज को बीयर पिला दी.

मैं अकेला रह गया. और अकेले इंसान को अपने हाथ से काम चलाना पड़ता है.

ग़लत मत समझना ,

अपने हाथ से काम.चला मतलब , मुझे खुद बीयर उठा कर पीनी होगी

मैं ने भी बीयर उठा ली और पीने लगा.

मुझे बीयर पीता हुआ देख कर पंकज और करीम ने बीयर पीना बंद किया और मेरी तरफ देखने लगी.

करीम-तूने बीयर पी

अवी-मुझे बीयर नही पीना चाहिए ऐसा कोई रूल है

करीम-तू पहले तो मना करता था.

अवी-पंकज की शादी की खुशी मे पी रहा हूँ

पंकज-तुझे देख कर लगता है तू पहले भी पी चुका है

अवी-एक दो बार पी है

पंकज-अच्छा हुआ तूने भी सुरू कर दी. अब पीने मे मज़ा आएगा

अवी-तुम को ज़्यादा मज़ा आ रहा होगा .तुम्हारी गर्लफ्रेंड जो पिला रही है.

करीम-अनु को बुला ले

अवी-वो अब नही आएगी. उसने बाय्फ्रेंड बना लिया है

पंकज-बताया था तूने

करीम-फिर भी बुला लेते

अवी-वो अपने दुनिया मे खुश है ,अनु के साथ जितनी मस्ती करनी थी उतनी कर ली.

पंकज-अनु तो गयी.तुम कोई दूसरी ढूँढ दो अवी को

पंकज की गर्लफ्रेंड-देखती हूँ, अनु की तरह कोई मिल जाएगी.

करीम-अवी की तरह पंकज के लिए भी कोई टाइम पास ढूँढ लो

पंकज-तुझे मार नही खाना होगा तो फिर कभी मत बोलना

पंकज की गर्लफ्रेंड-पंकज के लिए मैं काफ़ी हूँ

करीम की गर्लफ्रेंड-लेकिन अवी का क्या.वो अकेला है

करीम-तू गर्लफ्रेंड बना ले .प्राब्लम सॉल्व हो जाएगी.

अवी-मुझे गर्लफ्रेंड बनाने की ज़रूरत नही है

करीम-क्यूँ?

अवी-तुम दोनो की गर्लफ्रेंड हैना.

मेरे लिए

मेरे इतना कहते पंकज की गर्लफ्रेंड और करीम की गर्लफ्रेंड पंकज और करीम के पास से उठ कर मेरे पास आकर बैठ गयी.

मैं दोनो की कमर मे हाथ डाल कर बैठ गया.

पंकज की गर्लफ्रेंड और करीम की गर्लफ्रेंड मुझसे चिपक गयी ओरमुझे बीयर पिलाने लगी.

अवी-हो गयी प्राब्लम सॉल्व

पंकज-एक नंबर का कमीना है तू

करीम-हमारी गर्लफ्रेंड को छीन लिया

अवी-वो खुद मेरे पास आ गयी

पंकज-तू लकी है.

करीम-मेरी गर्लफ्रेंड को वापस दे

अवी-रोज तू इस से चिपका रहता है आज मुझे रहने दे

करीम की गर्लफ्रेंड-करीम को मारो गोली, लो बीयर पीओ

पंकज की गर्लफ्रेंड और करीम की गर्लफ्रेंड एक एक करके मुझे बीयर पिलाने लगी. और पंकज करीम के साथ हमे देखता रह गया

पंकज और करीम के सामने उनकी गर्लफ्रेंड के साथ मस्ती करने मे मज़ा आ रहा था.

दोनो कुछ नही कर सकते थे.

पर अंदर ही अंदर जल रहे थे

उनको गुस्सा आ रहा होगा

कितना कमीना दोस्त मिला है उनको जो उनकी गर्लफ्रेंड को उनके सामने फ्लर्ट कर रहा है

मैं उनको जला जला कर बीयर पी रहा था.

पंकज तो नॉर्मल था ,करीम थोड़ा नाराज़ हो गया.

अवी-भाभी के हाथो से सब टी पीते है .मैं बीयर पी रहा हूँ.

पंकज-अपने देवर को जी भर के बीयर पिलाना ,कोई शिकायत नही आनी चाहिए

पंकज की गर्लफ्रेंड-मुझे अपने देवर का ख़याल रखना आता है

करीम की गर्लफ्रेंड-मुझसे ज़्यादा नही. मैं तुझसे अच्छे से अपने देवर का ख़याल रखती हूँ. करीम तुम्हारे भाई की टेन्षन मत लो ,

करीम हमारी बाते सुनकर रिलॅक्स हो गया.

उसे जो डर था वो ख़तम हो गया.

डर ख़तम होते ही हम एग्ज़ॅम ख़तम होने की खुशी मे ,पंकज की झूठी शादी की खुशी मे सेलेब्रेशन करने लगे.

काकी ने हमारे लिए बढ़िया नोन वेज बनाया.

पंकज की गर्लफ्रेंड मुझे चिकन खिलाने लगी और करीम की गर्लफ्रेंड मुझे बीयर पिलाने लगी.

पंकज और करीम को अपनी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ मस्ती करनी थी पर मेरे होते हुए ये मुमकिन नही था.

पंकज के भावनाओ को समझते हुए मैं ने वहाँ से जाने का फ़ैसला किया.

अवी-तुम एंजाय करो मैं चलता हूँ

पंकज-तू कहाँ जा रहा है.

अवी-घर जाना है. अगर नही गया तो मुसीबत मे फस जाउन्गा.

करीम-फिर तो तुझे जाना चाहिए

अवी-ऐसा बोल ना कि तुझे अपनी गर्लफ्रेंड के साथ एंजाय करना है

करीम -मेरे कहने का मतलब था कि

अवी-रहने दे

पंकज-रुक जा ,रात भर एंजाय करेंगे.

अवी-मुझे काम ना होता तो ज़रूर रुकता

पंकज की गर्लफ्रेंड-अवी रुक जाओ ,

अवी-नही. मुझे जाना होगा,वैसे भी तुम को पंकज के साथ प्राइवसी मिलनी चाहिए

पंकज की गर्लफ्रेंड और करीम की गर्लफ्रेंड ने एक साथ मेरे गालो पे किस करके गुड बाइ कहा.

करीम और पंकज मेरे जाने से खुश हो गये .उनको उनकी गर्लफ्रेंड जो मिल रही थी.

तभी तो कहते है हर एक फ्रेंड कमीना होता है.

पंकज के घर से जाते हुए मैं काकी की गंद पर थप्पड़ मारना भुला नही.

 
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