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मैं और मेरा परिवार

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805

मैं ने राजेश और मेरे लिए टी बना दी.

राजेश भी फ्रेश होकर हॉल मे आ गया.

हम ने टी पीते हुए बातें करनी सुरू की.

अवी-तो बताओ ,प्रिन्सिपल की बेटी की चुदाई कैसे की

राजेश-ज़्यादातर सेट्टिंग अपने आप हो गयी. मैं पढ़ाई मे 1स्ट आता था .और स्पोर्ट भी अच्छे से खेल लेता था.जिस से लड़किया मेरी तरफ अटर्क्ट होने लगी.

अवी-लकी हो तुम ,जो लड़किया खुद तुम्हारी तरफ हाथ बढ़ा रही थी.

राजेश-सब यही कहते है. पर सुरू मे मैं सिर्फ़ लड़कियो से बातें करता था .सेक्स के बारे मे ज़्यादा पता नही था.

अवी-फिर किस ने बताया

राजेश- प्रिन्सिपल की बेटी ने

अवी-पहला हाथ प्रिन्सिपल की बेटी पे डर नही लगा

राजेश- डर के आगे जीत है

अवी- डर तो तुझे लगा होगा

राजेश- डर तो लगा था पर बाद मे पूरा डर ख़तम हो गया

अवी-बता कैसे की सेट्टिंग प्रिन्सिपल की बेटी के साथ

राजेश-एक दिन प्रिन्सिपल की बेटी अपने माँ से मिलने हमारे स्कूल आ गयी. तब स्पोर्ट इवेंट चालू थे. मैं ज़्यादातर स्पोर्ट मे विन्नर था. मैं अपनी ट्रोपी लेने स्टेज पर गया तो प्रिन्सिपल की बेटी को पसंद आ गया. उसने मुझसे नज़दीकिया बढ़ाने के लिए अपनी माँ को मुझे स्कूल दिखाने को कहा.

अवी-फिर

राजेश-वो पूरे 1 महीने के लिए आई थी.स्कूल दिखाते दिखाते वो मेरे करीब आ गयी. वो मुझसे बड़ी थी. उसे बहुत कुछ पता था सेक्स के बारे मे ,पहले उसने किस करने से सुरुआत की. मेरे पहले किस ने मेरा लंड खड़ा कर दिया.

अवी-और

राजेश-कुछ दिन किस से काम चला .फिर उसने मुझे अपने कॉटेज मे बुलाया और ब्लू फिल्म दिखाई. ब्लू फिल्म देख कर हम ओरल सेक्स करने लगे

स्कूल मे वो कहीं भी सुरू हो जाती. कभी टाय्लेट मे ब्लोवजोब देती. तो कभी छत मे .तो कभी लाइब्रेरी मे. मुझे बहुत मज़ा आने लगा. और फिर उसकी माँ स्कूल के काम से बाहर चली गयी. और मेरा लंड उसकी चूत मे चला गया.

अवी-और उसकी माँ को कैसे पटाया .और दूसरी बहन को

राजेश-प्रिन्सिपल मेडम के वापस आते ही हमारा सेक्स करना बंद हुआ. उसने और 1 महीना रुकने का फ़ैसला किया .ऐसे मे उसने एक प्लान बनाया ,सेक्स की प्यास बढ़ाने की गोली खिला दी अपनी माँ को ,रोज खिलाने से मेडम दिन भर अपनी चूत खुजाति रहती.

अवी-देखने मे मज़ा आता होगा.

राजेश-हाँ, फिर एक दिन उनको गोली खिला कर ,उनको दिखा कर उनकी बेटी की चुदाई की.रिस्क था पर प्लान फैल होने वाला नही था. चुदाई देखते ही प्रिन्सिपल मेडम अपनी चूत खोल कर अपनी बेटी के बाजू मे लेट गयी.और दोनो को एक बेड पर चोद डाला.

अवी-दूसरी बेटी

राजेश-वो शादी शुदा थी. अपनी बहन से मेरी तारीफ सुनकर बिना कुछ किए चूत मेरे नाम कर दी.

अवी-इनकी चुदाई तुम कर चुके थे तो अब स्कूल मे रुके क्यूँ थे

राजेश-उसने मुझे मज़ा करना सिखाया .ऐसे मे उसे मना कैसे करता. वो छुट्टियों मे आई थी जिस से मुझे रुकना पड़ा.वो मेरी गुरु है , उसीने सब कुछ सिखाया है , तो उसके लिए रुकना तो था ही

अवी- तेरी सेक्स गुरु प्रिन्सिपल की बेटी

राजेश- हाँ , और आपकी

अवी- मेरी मैथ की मेडम

राजेश-फिर उसके साथ अभी भी करते हो

अवी- नही उसने कहा कि जो सिखाया है उसे याद रखना पर मुझे भूल जाना

राजेश- मेरी गुरु तो हर बार दक्षिणा मांगती है

अवी-आगे बता , साइन्स टीचर

राजेश-प्रिन्सिपल की बेटियाँ जाते ही मैं मूठ मारने लगा.

अवी- बहुत बुरा हाल हो गया होगा

राजेश- हाँ , प्रिन्सिपल मेडम भी बाहर गयी हुई थी , लंड बार बार खड़ा हो जाता लड़कियो को देख कर

अवी- नेटवर्क अच्छा मिल रहा होगा

राजेश- मेरा हाथ बार बार लंड पे जाता था ,

अवी- साइन्स मेडम को कैसे पटाया

राजेश- 2 हफ़्तो से सेक्स करना बंद हो गया था ऐसे मे एक दिन क्लास मे मैं अकेला बैठ कर मूठ मार रहा था ,

अवी- मेडम ने पकड़ लिया

रहेश-हाँ , पर लंड देखते ही गुस्सा होने की जगह अपने मूह मे ले लिया, क्लास मे मूठ मारते हुए मेडम ने पकड़ लिया. और खुद मेरी कैदी बन गयी.

अवी- ये तो लत लग गयी थी तुम्हे

राजेश-हाँ ,

अवी- तो तूने उसका कुछ इलाज किया

राजेश- हाँ, सिर्फ़ वीकॅंड पे सेक्स करता था बाकी दिन कंट्रोल रखता था ,फिर आदत पड़ गयी कंट्रोल करने की

अवी-क्लासमेट के बारे मे बता

राजेश-सेक्स की लत लगते ही .मैं ने उनको सिड्यूस करना स्टार्ट किया. सब जल्दी पट गयी .2 की तो वर्जिनिटी क्लास मे तोड़ी जब सब स्टूडेंट प्रेयर करने गये थे.

अवी-फिर तो उनका बुरा हाल हुआ होगा .पूरी क्लास करने से

राजेश-उस दिन प्रेयर के साथ पीटी क्लास भी था तो 1घंटा था मेरे पास ,प्रेयर के समय सेक्स तो किया पर हम बाथरूम जाते उस से पहले स्टूडेंट क्लास मे आ गये

अवी- तुम्हे पकड़ लिया

राजेश- नही , पर उसको बाथरूम जाना था , पर वो जा नही पाई

अवी- फिर तो उसकी हालत खराब हो गयी होगी

राजेश- बहुत ज़्यादा , और क्लास मे अजीब सी स्मेल आने लगी ,

अवी- तुमने क्या किया

राजेश- क्लास साइन्स का था , मेडम को भी स्मेल आई ,मैं ने उनको अपने पास बुलाया और बता दिया कि बात क्या है

अवी- मेडम ने क्या किया

राजेश-मैं ने साइन्स की मेडम से कहा कि उसकी चुदाई की है. तो मेडम ने स्टूडेंट को खेलने की छुट्टी दी. और वो लड़की बाथरूम मे चली गयी. फिर अपने रूम मे

अवी-और दूसरे स्कूल मे क्या किया वो भी बता

राजेश-वहाँ ज़्यादा सेट्टिंग नही की. एक तो कम समय के लिए जाता था ,उतने कम टाइम मे पटाना मुश्किल था. फिर भी 3 स्टूडेंट और 2 स्पोर्ट मेडम की चुदाई की.

अवी-फुल मज़ा किया तुम ने

राजेश-हां, उन मे से एक लड़की ने अपनी चूत मुझे फाइनल मॅच हारने के लिए दी ,क्यू कि वो अपने बाय्फ्रेंड को जिताना चाहती थी.मुझे कहा कि मैं हार जाउ

मुझे ज़्यादा फरक नही पड़ रहा था कि मैं 2न्ड आ जाउ , पर ऐसे कैसे हार जाता

फिर उसके साथ डील की , मैं फाइनल मॅच हार जाउन्गा उसका बाय्फ्रेंड जीत जाएगा पर उसको मेरे साथ पूरी रात बितानी होंगी

पहले तो उसने मना किया , पर सभी स्टूडेंट कह रहे थे कि मैं जीतूँगा उसका बाय्फ्रेंड के हारने के चान्स ज़्यादा थे, तो उसने मॅच सुरू होने के पहले डील फिक्स कर दी

इधर उसके बाय्फ्रेंड ने ट्रोपी जीती ,और उधर मैं अपने ट्रोपी लेकर अपने रूम मे गया

उसकी गंद टाइट थी जिसको मैं ने पूरी खोल दिया ,

उसका बाय्फ्रेंड उसे ढूंढता रहा ताकि वो जीत का जशन मनाए ,

पर उसकी गर्लफ्रेंड मेरे साथ मेरे हारने का जशन मेरे साथ मना रही थी

मैं ने पूरी रात उसकी चुदाई की. सुबह वो लंगड़ा कर चल रही थी

उसके बाद तो अब वो मुझे रोज कॉल करती पूछने के लिए कि कब उसके स्कूल मे आने वाला हूँ.

अवी-मज़ा ही मज़ा किया तू ने

राजेश-आप आना मेरे स्कूल मे ,आपको भी मज़ा कराउन्गा.

अवी-टाइम मिला तो ज़रूर आउन्गा.

राजेश-आप पे भी लड़किया मारती होगी. इतने फेमस जो हो,

अवी-हाँ, पर मैं सिड्यूस करके चुदाई करने मे इंट्रेस्टेड हूँ.कल तुम्हे मेरी चुदाई की जगह दिखाउन्गा.

राजेश-कहाँ है

अवी-शहर मे ,वही लेकर जा कर चुदाई करता हूँ

राजेश-आपने रेंट पे लिया है.

अवी-बताना मत किसी को ,वो घर मैं ने खरीद लिया है.

राजेश-आपके पास इतने पैसे है.

अवी-थे. पर किसी को बताना मत ,

राजेश-नही बताउन्गा.

अवी-कल वही पर तुम्हारी दीवानी की चुदाई करेंगे

राजेश-मैं ने किसी के साथ मिलकर चुदाई नही की.हमेशा अकेले सेक्स किया है

अवी-कर के देखना ,बहुत मज़ा आता है.ग्रूप सेक्स करेंगे

हम बातें कर रहे थे कि गेट खटखटाने की आवाज़ आई.

राजेश-लगता है माँ आ गयी.

अवी-तुम्हे क्या करना है पता हैना

राजेश-हाँ

मैं ने जाकर गेट खोल दिया.

गेट खोलते ही मैं सामने देख कर शॉक्ड हो गया.

गेट पर नीता बुआ के साथ पूजा बुआ नेहा बुआ और तीनो चाची खड़ी थी.

पूरा मोर्चा आ गया. अच्छा हुआ मैं ने राजेश को समझा दिया वरना उसकी परेड निकालती बुआ और चाची.

नेहा बुआ-स्टॅच्यू की तरह क्यू खड़े हो,हटो, हमे अंदर जाने दो

मैं ने बुआ और चाची को अंदर आने का रास्ता दिया .

नीता बुआ के अंदर आते ही राजेश भाग कर बुआ के गले लग गया.

गले लगते ही राजेश रोने लगा.

राजेश के इस तरह रोने से नीता बुआ को कुछ समझ नही आ रहा था.

नीता बुआ मेरी तरफ देख रही थी.और राजेश की पीठ पर हाथ घुमा कर उसे शांत कर रही थी.

चाची और बुआ भी राजेश के इस तरह रोने से मेरी तरफ देख रही थी.

राजेश-माँ मुझे माफ़ कर दो ,मैं ने तुम्हारा दिल दुखाया है. मुझे माफ़ कर दो

नीता बुआ-तू रोना बंद कर ,तू रोता हुआ अच्छा नही लगता.

राजेश-मैं दुबारा आपसे झूठ नही बोलूँगा.

नीता बुआ-पहले क्यू बोला था.

राजेश-मुझे लगा आपको मेरे टूर पे जाना अच्छा नही लगेगा.

नीता बुआ-टूर पे गये थे.

राजेश-हाँ, एग्ज़ॅम होते ही फ्रेंड्स ने टूर पे जाने की ज़िद्द की.

नीता बुआ-पहले क्यूँ नही बताया .मैं तुम्हे जाने से मना थोड़े करती

राजेश-ग़लती हो गयी. अगली बार आप से पूछ कर जाउन्गा.

नीता बुआ-ग़लती मेरी थी. मुझे तेरे स्कूल मे फोन नही करना चाहिए था.

राजेश-आपकी नही मेरी ग़लती है.मुझे माफ़ कर दो

नीता बुआ-दुबारा ऐसा मत बोलना कि मुझे तुझ पर विश्वास नही है.

राजेश-नही कहूँगा.

नेहा बुआ-हम बिना वजह आ गये यहाँ पर

ब चाची-पर ये हुआ कैसे

राजेश-भैया

नीता बुआ-अवी ने कहा था कि वो राजेश को समझा देगा.

पूजा बुआ-हमारा काम तो अवी ने कर दिया.

सी चाची-अवी अपने भाई बहनों का ख़याल अच्छे से रख रहा है.

ब चाची-हाँ, अवी बड़े होने का फ़र्ज़ निभा रहा है.

अवी-चाची मैं बड़ा हो गया हूँ

नेहा बुआ बी चाची-नही तू छोटा है अबी

अवी-चाची अभी तो कहा आपने कि मैं बड़े होने का फ़र्ज़ निभा रहा हूँ

नेहा बुआ-एक बार कहा तो समझ मे नही आता तुम्हे ,

पूजा बुआ-अवी ,जब सब को लगेगा कि तू बड़ा हो गया है तो बोल देंगे. पर तू बड़ा बन कर क्या करेगा.

अवी-पता नही. वो चाची कहती है कि बड़ा होने के बाद बताउन्गी इस लिए बड़ा बन ना चाहता हूँ

नीता बुआ-अवी तुम ने राजेश से क्या बात की

राजेश-माँ ,भैया ने मुझे बताया कि फॅमिली कितनी इम्पोर्टेंट होती है.

नेहा बुआ-इसने ऐसा कहा.आइ आम शॉक्ड

नीता बुआ-नेहा तू रुक ना

राजेश-माँ ,आज के बाद मैं पूरी छुट्टियाँ आपके साथ बिताउन्गा. और स्कूल मे एक दिन की भी छुट्टी मिली तो आपके पास आउन्गा.

नीता बुआ-अवी तुम ने ऐसा कौन सा जादू किया जो राजेश इतना बदल गया.

अवी-आपके प्यार का जादू है.

नीता बुआ ने राजेश के साथ मुझे भी गले लगालिया.

और हमारे माथे पे किस किया

पूजा बुआ-थोडा प्यार हमे भी करने दे

और पूजा बुआ ने मुझे गले लगाया .और नेहा बुआ ने राजेश को गले लगाया

ब चाची-नीता ,हम चलते है. यहाँ तो अवी ने सब ठीक कर्दिया.

नीता बुआ-रूको ,सबके लिए टी बनाती हूँ

अवी-बुआ दूध नही है.

नीता बुआ-नेहा के घर से मँगाती हूँ.

नीता बुआ ने लीना से दूध लाने को कहा. लीना दूध दे कर वापस कविता के पास चली गयी.बजेट जो पढ़ना था.

नीता बुआ ने सबको टी पिला दी.

राजेश-माँ ,मैं भैया के साथ गाओं घूम कर आता हूँ.

नीता बुआ-अवी बताना क्या जादू किया तूने

अवी-कुछ नही. बस राजेश को फ्रेंड बनाया है.

नीता बुआ-इतने से हो गया.

आयुयी-हाँ

नीता बुआ-सुमन क्या खिलाती हो अवी को

अवी-मैं बताता हूँ. सुबह बड़ी चाची मुझे नाश्ते के साथ प्यार खिलाती है. दोपहर मे सीमा चाची लंच के साथ अपना प्यार देती है, रात मे छोटी चाची डिन्नर मे प्यार की मिठास खिलाती है.

नीता बुआ-तभी तू इतना प्यारा है.

मैं राजेश के साथ गाओं का चक्कर लगाने चला गया.इसी बहाने से हम बातें कर सकते है.

राजेश को सुधार के नीता बुआ की मदद करने से बड़ी चाची को मुझपे गर्व महसूस हुआ.

जिस तरह मैं अपने भाई बहनों की मदद कर रहा हूँ. अपने बड़े होने का फ़र्ज़ पूरा कर रहा हूँ. उसे देख कर बड़ी चाची की आँखो मे खुशी के आसू आ गये.

बड़ी चाची मेरे लिए खुश थी.

बड़ी चाची को खुश देख कर मुझे सुखद आनंद मिल जाता.

 


806

मैं राजेश के साथ गाओं का चक्कर लगाने लगा.

गरमी ज़्यादा थी जिस से हम टॅपारी पे बैठ कर बातें करने लगे

टॅपारी के सामने बस रुकती थी. जिस से हम आते जाते लोगो की तरफ देख कर बातें करने लगे

राजेश के साथ बातें करने से हमारी सोच एक होने लगी.

राजेश बातें करते हुए आते जाते लड़कियो की तरफ देख रहा था. अपने लिए अच्छी लड़की ढूँढ रहा था

अवी-अभी से तलाश कर रहे हो

राजेश-गाओं की खूबसूरती को देख रहा हूँ. वो देखो कितनी खूबसूरत है

राजेश ने बस से नीचे उतर रही लड़की की तरफ इशारा किया ,

ये तो रिया है. राजेश को अच्छी लगी , इसको राजेश को दिलवा देता हूँ. उसका दिल लगा रहेगा गाओं मे

अवी-पसंद आई

राजेश-हां, दिखने मे हॉट है. और फिगर अच्छी है.

अवी-इन हाथो ने उसकी फिगर बनाई है

राजेश-आपने पटा लिया इसको

अवी-हाँ, रिया नाम है उसका ,मेरी क्लासमेट थी.

राजेश-काफ़ी मज़े किए आपने

अवी-तुझे रिया के मज़े दिलवा ता हूँ ,

राजेश-वो मान जाएगी

अवी-हाँ, उसको मैं मना लूँगा. तुम यही रूको मैं रिया से बात करके आता हूँ.

मैं राजेश को टॅपारी पर छोड़ कर रिया के पीछे जाने लगा.

अवी-रिया ,रिया

रिया ने पलट कर देखा .मुझे अपना नाम पुकारते हुए देखा तो वापस पलट कर अपने रास्ते जाने लगी.

रिया के साथ मैं ने पिछले साल चुदाई की थी. उसके बाद मैं उसे भूल गया था

रिया को बिना बताए उस से दूर हो गया. इसी लिए वो नाराज़ है .मुझपे गुस्सा होगी.

मैं भाग कर रिया के पास गया .और उसका रास्ता रोक दिया.

रिया-मेरा रास्ता छोड़ो वरना मैं शोर मचा दूँगी.

अवी-तुम्हारा चिल्लाना सुने हुए काफ़ी दिन हो गये

रिया-मेरा रास्ता छोड़ो

अवी-छोड़ दूं ,

रिया-मुझे तुमसे कोई बात नही करनी.

अवी-करना भी नही चाहिए मैं ने तुम्हारे साथ ग़लत किया.

रिया-अब अपनी ग़लती के बारे मे पता चला

अवी-क्या हम बैठ कर बात कर सकते है

रिया-जो बोलना है यही बोलो

अवी-तुम हॉट लग रही हो

रिया-तुम्हारे कोई आइडिया नही चलेगा.

अवी-सच मे तुम्हारी गंद सेक्सी लग रही है.

रिया-हो गया. मैं जा सकती हूँ.

अवी-जाना है तो जा सकती हो ,मैं ने पकड़ नही रखा ,

रिया को मेरी इस तरह बात करने पे गुस्सा आया

रिया अपने पैर पटक कर जाने लगी

रिया अपने रास्ते जाने लगी. धीरे धीरे जा रही थी ताकि मैं उसे रोकू

रिया भी कमाल होती है , ये चाहती है कि उनको मनाता रहूं , इनकी ख्वाहिश पूरी करते रहो

आगे जाकर रिया ने अपना बॅग गिरा दिया .और बॅग उठाने के बहाने से मेरी तरफ देख रही थी.

मैं उसकी हरकतों को चुप चाप खड़े होकर देख रहा था.

रिया ने अपना बॅग उठा लिया और गुस्से मे चलते हुए वापस मेरे पास आ गयी.

रिया-तुम खुद को समझते क्या हो.

अवी-अवी

रिया-तुम ने मेरे साथ जो किया उसके बाद तुम्हे लगता है मुझे तुम मे इंटेरेस्ट है.

अवी-हाँ

रिया-तुम मुझे बिना बताए चले गये ,और अब अचानक आकर मुझे पाना चाहते हो ,ये तुम ने सोचा कैसे

अवी-जो सोचा है वही हो रहा है.

रिया-क्या हो रहा है. मैं तुम्हे बताने वापस आई हूँ कि तुम ने क्या किया है.

अवी-क्या किया मैं ने

रिया-क्या नही किया तुम ने ,सब कुछ किया तुमने

अवी-मैं ने क्या किया वो तो बताओ

रिया-तुम ने मेरे साथ मज़े किए और दिल भर गया तो छोड़ कर चले गये.

अवी-ऐसा लगता है तुम्हे

रिया-यही किया तुमने ,मुझे खुद से ऐसा दूर किया जैसे मैं दूध मे पड़ी हुई मक्खी को दूर करते है.

अवी-तुम ग़लत समझ रही हो

रिया-यही सच है.

अवी-मैं ने जानबूझ कर थोड़े किया.

रिया-मुझसे मन भरा तो मुझसे दूर हो गये ,ये जानबूझ कर किया गया.

अवी-हमारे रास्ते अलग हो गये जिस से तुम्हे लग रहा है कि मैं ने तुम्हे छोड़ दिया.

रिया-कौन से रास्ते

अवी-तुम यहीं रह कर पढ़ाई कर रही हो और मैं शहर चला गया. तुम ने आर्ट लिया और मैं ने साइन्स लिया .

रिया-तो

अवी-हमारे लिए कॉलेज की लाइफ नयी थी जिस से हम दोनो के पास मिलने के लिए टाइम नही था. तुम अपने कॉलेज मे बिज़ी थी और मैं अपने कॉलेज मे ,

ना मुझे टाइम मिल रहा था और ना तुम्हे ,तुम ने कभी मुझसे मिलने की कोशिस की

रिया-नही,मुझे लगा तुम मिलना नही चाहते हो

अवी-अगर ऐसा होता तो मेले मे तुमसे बात क्यूँ करता, मेले मे तुम ने ही बात करने से मना किया..मैने तो टाइम मिलते ही बात की

रिया-वो तो मैं

अवी-तुम्हे पता तो है कि मेरी चाची माँ बनी ऐसे मे मैं तो उनके पीछे लगा हुआ था. 2 महीने मैं कॉलेज नही जा सका .फिर तुम से कैसे मिलता.

रिया मेरी बात सुनकर सोचने लगी.

अवी-उसके बाद मेला आया. मेले मे कितना काम होता है. फिर भी तुम से बात की पर तुम तो गुस्से मे थी

रिया-उसके बाद तो मिल लेते ,

अवी-कैसे मिलता ,मेले की वजह से कॉलेज नही गया था ,पढ़ाई करनी थी. एग्ज़ॅम थे ,और अब छुट्टियाँ मिली तो तुम से मिलने आ गया.

रिया-ये सच है

अवी-हाँ, सब तुम्हारे सामने तो हुआ है.

रिया-पर एक बार बता तो देते

अवी-बताने का समय ही नही मिला.

रिया-और अब मिला समय

अवी-पिछली बार भी तो छुट्टियों मे मिले थे .और इस बार भी हमारे लिए यही लिखा था.

रिया-मुझे सोचने दो

अवी-हम छुट्टियों मे ही मिल सकते है.उसके सिवा हम मिल ही नही सकते .एक तो तुम बिज़ी रहोगी या मैं .

रिया-मतलब

अवी-की छुट्टियों ख़तम होते मुझे अपने कॉलेज जाना सुरू करना होगा .और मेरे पास समय नही होगा.

रिया-कॉलेज सुरू होते ही मेरे पास भी टाइम नही होता. पूरा दिन कैसे चला जाता है समझ मे नही आता

अवी-तुम भी मानती हो कि कॉलेज सुरू होते ही टाइम नही मिलता ऐसे मे मैं तुमसे कैसे मिलता

रिया-तो अब क्या इरादा है.

अवी-छुट्टियाँ साथ मे बिताते है.

रिया-और बाद मे

अवी-नेक्स्ट छुट्टियों का इंतज़ार करेंगे

रिया-तुम्हारे साथ वक्त बिताने के बाद ,अकेले रहना मुश्किल होता है.

अवी-मैं कोई फोर्स नही करूँगा जो तुम चाहोगी वही होगा.

रिया-मुझे समझ नही आ रहा है कि क्या करूँ.

अवी-अपने दिल की सुनो

रिया-बड़े चालू हो ,मेरा दिल क्या चाहता है ये तुम्हे पता है.

अवी-तभी तो तुम्हारे जाने के बाद भी रुका रहा .मुझे पता था तुम वापस आओगी.

रिया-और क्या पता था.

अवी-कि तुम मुझे बहुत मिस करती हो

रिया-तुम पे बहुत गुस्सा आ रहा था जब तुम छोड़ कर गये थे. सोचा था कि तुम्हारे मिलते एक थप्पड़ मारूँगी.

अवी-मार लो

रिया-कैसे मारू ,मेरा दिल कहता था कि तुम मुझे ऐसे छोड़ नही सकते हो. ज़रूर कोई बात होगी.

अवी-तुम्हारा दिल सही था.

रिया-हाँ, अच्छा हुआ मैं ने अपने दिल की सुननी वरना एक लड़के ने मुझे प्रपोज़ किया था.

अवी-तो तुम ने क्या कहा

रिया-मैं कहा मुझे बाय्फ्रेंड बनाने मे इंटेरेस्ट नही है.

अवी-तो इतनी अच्छी फिगर मेरे हाथो का कमाल है

रिया-तुम्हारे सिवा किसी ने हाथ नही लगाया.

अवी-मुझे नही लगता

रिया-सच

अवी-तुम्हारे बूब्स काफ़ी बड़े लग रहे है.

रिया-तुम ही ने तो दबा कर बड़े किए है.

अवी-मुझे पता है मैं ने कितनी मेहनत की है,अब बता भी दो

रिया-मेरे मामा के लड़के ने दबाए है.

अवी-फिर तो सेक्स भी किया होगा.

रिया-नही. मेरे सोने के बाद दबाता था .जिस से वो डर के मारे इतना ही करता था. पर मेरा पानी निकल जाता था जिस से मैं ने उसे बूब्स दबाने से रोका नही. जितने दिन मामा की घर रुकी उतने दिन वो मेरे बूब्स के साथ खेलता था.

अवी-करने देती ,बिचारा दुआ देता

रिया-इस बार जाउन्गी तो करने देने का सोच रही थी. और पकड़ कर शादी करने केलिए मना लूँ .ये सोचा था

अवी-मना लेना. तब तक तुम्हारी फिगर मैं बढ़िया बना दूँगा.

रिया-बड़े चालू हो. मेरे पति को फटा हुआ माल देना चाहते हो.

अवी-तुम भी तो यही चाहती हो

रिया-चाहती तो हूँ ,पर अब मुश्किल है.

अवी-क्या मुश्किल , बैठ कर सोचते है. यहाँ धूप मे खड़े रहने से कोई फ़ायदा नही होगा.

रिया-सरबत पिलाओ ,बड़ी गर्मी लग रही है.

अवी-गन्ने का जूस पियोगी.

रिया-गन्ना ,चलो

अवी-आज उस गन्ने का जूस पियो ,कल मेरे गन्ने का जूस पीना

रिया-देखते है

मैं रिया को लेकर गन्ने के जूस सेंटर पे गया.

रिया ने 2 ग्लास गन्ने का जूस पिया .

काफ़ी प्यासी लग रही है रिया.

 
806ए

रिया को गन्ने का जूस पिला कर ठंडा कर दिया.

अवी-कैसा चल रहा है

रिया-सब मज़े मे चल रहा है.

अवी-नये फ्रेंड बन गये होगे

रिया-नये फ्रेंड के साथ कुछ पुराने फ्रेंड भी है जिन के साथ कॉलेज जाती हूँ.

अवी-अब तो छुट्टियाँ होगी

रिया-छुट्टियाँ तो है पर मैं बिज़ी हूँ

अवी-बिज़ी ,किसके साथ

रिया-किसी के साथ नही. कोर्स कर रही हूँ.

अवी-कैसा

रिया-सिलाई, और ब्यूटी पार्लर का

अवी-तभी तुम शहर से आई हो

रिया-हाँ, आर्ट वालो को ऐसे कोर्स करने पड़ते है.

अवी-कब जाती हो और कब आती हो

रिया-सुबह 10 बजे जाती हूँ और 4 की बस से वापस आती हूँ.

अवी-कल कुछ खास तो नही होगा.

रिया-नही. पर क्यू पूछ रहे हो

अवी-कल मेरे साथ चलना ,हम मस्ती करेंगे

रिया-मैं नही आ सकती. मैं कोर्स मिस नही कर सकती.

अवी-एक दिन से ऐसा क्या हो जाएगा.

रिया-अगर इम्पोर्टेंट सिखा दिया तो

अवी- मैं भी इम्पोर्टेंट सिखाउन्गा.

रिया-ब्यूटी पार्लर का क्लास मिस कर सकती हूँ

अवी-वो कितने बजे होता है

रिया-12 बजे

अवी-ठीक है. कल 12 बाज मैं तुम्हे शहर के बस स्टॉप पे मिलूँगा ,

रिया-कल मिस कर रही हूँ ,फिर नही करूँगी.

अवी-तो एक काम करना .अपनी माँ को कहना कल तुम अपने सहेली की यहाँ रुक रही हो .फिर रात भर मस्ती करेंगे

रिया-माँ नही मानेगी.

अवी-तुम्हे शॉपिंग करवाउन्गा.

रिया-पक्का,

अवी-हाँ

रिया-पर माँ से क्या कहूँगी ,कहाँ से लिया है नया ड्रेस

अवी-बोल देना सिलाई करते हुए बना लिए.तुम्हारी माँ खुश होगी.

रिया-शॉपिंग करवाना ,वरना मैं फिर नही मिलूंगी.

अवी-पहले शॉपिंग करेंगे .ठीक है

रिया-कल मिलते है. अब मुझे चलना चाहिए

अवी-बाइ

रिया-बाइ

लो रिया तो जल्दी मान गयी.

रिया को कैसे मनाना था ये मुझे पता था.

उसकी चूत मेरा लंड लेने के लिए उतावली रहती है

रिया से जो बोला था वो सच था.कॉलेज मे जाते ही मैं शहर मे अड्जस्ट होने मे ज़्यादा बिज़ी हो गया.

फिर चाची की डेलिवरी ,उसके बाद एग्ज़ॅम फिर मेला उसके बाद एग्ज़ॅम ,

कभी टाइम ही नही मिला किसी के साथ वक्त बिताने का.

रिया से मेले मे बात करनी चाही पर उसने मूह फेर लिया था.

वैसे भी रिया से मुलाकात छुट्टियों मे करना फ़ायदेमंद होगा

गाओं मे छुट्टियाँ अच्छे से बीतेंगी.

रिया के साथ कल की डेट फिक्स करने के बाद मैं राजेश के पास आ गया.

अबी रिया को राजेश के बारे मे बताना ठीक नही होगा. कल डाइरेक्ट मुलाकात करूँगा.

राजेश-भैया काफ़ी समय लग गया.

अवी-वो थोड़ी नाराज़ थी. उसे मनाने मे टाइम लग गया

राजेश-नाराज़

अवी-1साल से उसके साथ बात नही की थी.

राजेश-फिर तो उसने मना किया होगा

अवी-मुझे मना कर ही नही सकती

राजेश-वो मान गयी.

अवी-हाँ, कल उसके साथ सेक्स करेंगे

राजेश-मज़ा आएगा.

अवी-चलो चलते है.

रिया के साथ डेट फिक्स करने के बाद राजेश अपने घर गया और मैं अपने घर गया.

आज का दिन अच्छा बीत गया.

राजेश से फ्रेंडशिप हो गयी जो हम दोनो के लिए अच्छी होगी.

नीता बुआ भी राजेश के बदल जाने से खुश थी.

रिया भी मान गयी. कल उसकी चुदाई करूँगा अपने छोटे भाई के साथ मिल कर

मेरे घर आते ही चाची ने मेरा प्यार से स्वागत किया.

ब चाची-अवी ,तूने पता है आज क्या किया.

अवी-नीता बुआ की मदद की

ब चाची-नीता की नही, पूरे फॅमिली की मदद की.

अवी-वो कैसे

ब चाची-तू नही समझेगा.

अवी-आप मुझे कुछ बताती क्यूँ नही.

ब चाची-अब वो दिन जल्दी आएगा ऐसा लग रहा है.

अवी-मतलब मैं बड़ा हो रहा हूँ

ब चाची-हाँ, मेरा बेटा अपनी ज़िम्मेदारी को समझ रहा है.ऐसे अपने भाई बहन का ख़याल रखना

अवी-जी

ब चाची-सबके दुख को अपना दुख समझ कर उनको खुशी देना.

अवी-मैं समझा नही.

ब चाची-अपने से ज़्यादा अपनी फॅमिली की बारे मे सोचना.

अवी-जी

ब चाची-अपनी फॅमिली के लिए कोई कुर्बानी देनी होगी तो पीछे मत हटना.

अवी-कुर्बानी?

ब चाची-हाँ, ये याद रखना की फॅमिली ही सब कुछ है. फॅमिली के अच्छे के लिए जो होगा वही करना.

अवी-आज आप ऐसे क्यू बोल रही है.

ब चाची-जब तक तू अपनी फॅमिली के बारे मे सोचना नही सुरू करेगा तब तक तुझे अपनी ज़िम्मेदरिका पता नही चलेगा.

अवी-मैं तो अपनी फॅमिली के बारे मे सोचता हूँ

ब चाची-तू क्या सोचता है ये आज मैं ने देख लिया. बस ऐसे अपने प्यार से सबको खुश रखना

अवी-जी.

मुझपर अपने प्यार की बारिश कर दी.

बड़ी चाची तो खुशी मे पागल हो गयी थी .उनको समझ नही आ रहा था कि वो क्या करे.

नीता बुआ की प्राब्लम सॉल्व करने से चाची

खुश थी.

चुटकी मे मैं ने नीता बुआ का प्राब्लम सॉल्व किया जिसे देख कर चाची की नज़रों मे मेरा कद और बढ़ गया.

चाची ने मेरे लिए आज स्पेशल खाना बनाया.

जिसे खाते ही मुझे जन्नत नसीब हो गयी.

नेक्स्ट डे

आज ज़्यादा कसरत नही की. रिया की चुदाई जो करनी थी.

मुझे सुबह तय्यार होते हुए देख कर चाची ने पूछ ही लिया कि मैं कहाँ जा रहा हूँ.

म चाची-अवी कहाँ जा रहे हो.

अवी-शहर

म चाची-दीदी ,अवी बाहर जा रहा है.

ब चाची-क्यू चिल्ला रही है.क्या हुआ

म चाची-देखिए अवी बाहर जा रहा है

ब चाची-चुपके चुपके कहाँ जा रहे हो.

अवी-वो राजेश को शहर घुमाने ले जा रहा था.

ब चाची-ये तो अच्छी बात है. इस से तुम राजेश को समझ पाओगे .

अवी-मैं इसी लिए राजेश के साथ ज़्यादा समय बिताना चाहता हूँ .जिस से वो अपनी फॅमिली को ज़्यादा इंपॉर्टेन्स दे

ब चाची-ठीक है .जा पर कब तक वापस आएगा.

अवी-चाची वो मैं सोच रहा था कि

ब चाची-बोल ना

अवी-कल आउन्गा. रात मे शहर मे रुकुंगा.

ब चाची-क्यू ? क्या करने वाले हो.

अवी-कुछ नही बस इधर उधर घूमेंगे

ब चाची-तो उसके लिए रात मे रुकने की ज़रूरत क्या है

अवी-रुकिये मैं आपको कुछ दिखाता हूँ

मैं ने लॅपटॉप मे रखे हुए राजेश के फोटो चाची को दिखा दिए

म चाची-इसको मैं ने कहीं देखा है.

सी चाची-मुझे भी ऐसा लग रहा है

अवी-ये राजेश है.

ब चाची-अपना राजेश ,हो ही नही सकता

अवी-ठीक से देखिए

सी चाची-दीदी ये तो राजेश ही है.

ब चाची-राजेश ऐसा कैसे हो गया.

अवी-राजेश स्कूल मे ऐसा ही हीरो बन कर रहता है. और गाओं मे अलग तरह से रहता है.

ब चाची-नीता को पता है

अवी-नही ,बुआ को कुछ पता नही.

म चाची-मीना, राजेश कितना हॅंडसम लग रहा है

सी चाची-हाँ ,पर अवी से कम हॅंडसम है. वैसे राजेश को ऐसे ही रहना चाहिए

अवी-इस लिए उसे अपने साथ शहर लेके जा रहा हूँ

ब चाची-राजेश के बारे मे ये तो पता ही नही था.

अवी-राजेश के साथ रहूँगा तो सब पता कर लूँगा.

सी चाची-तुम रुक जाना रात को शहर मे ,हैना दीदी

ब चाची-हाँ ,रुक जा, और राजेश को समझा देना कि ऐसे डबल रोल करना ठीक नही है.

अवी-जी. आप कौन सा राजेश देखना चाहती है

म चाची-मैं तो लॅपटॉप वाला

सी चाची-लॅपटॉप वाला राजेश अच्छा रहेगा.

ब चाची-इतना ज़्यादा स्टाइल नही करना चाहिए .थोडा कम कर दिया तो लॅपटॉप वाला अच्छा रहेगा.

अवी-चाची ने जैसा कहा वैसा ही होगा.

ब चाची-राजेश को अच्छा बना देना.तुम्हारी तरह समझदार

अवी-जी .अब मैं जाउ

ब चाची-जा ,पर रात को खाना खाने से पहले फोन करना.

अवी-रात मे करूँगा और कल सुबह भी फोन करूँगा.

सी चाची-अवी ,ड्राइ फ्रूट्स लेकर आना ,वो ख़तम हो गये

म चाची-हाँ, और फ्रूट्स, नमकीन ,जलेबी भी लेते आना

ब चाची-सीमा ये क्या है

म चाची-दीदी नमकीन खाने का मन हो रहा है.

ब चाची-तू मोटी हो जाएगी.

म चाची-अवी बस थोड़ा सा लाना

ब चाची-सीमा तू भी ना, अवी नमकीन भी ले आना

अवी-जी.

चाची की इजाज़त मिलते ही मैं बाइक लेकर राजेश के घर चला गया.

 


806ब

मैं नीता बुआ के घर आ गया.

लीना राजेश के साथ बातें करते हुए टीवी देख रही थी.

अवी-राजेश तुम तय्यार नही हुए

राजेश-भैया हमे तो 12 बजे जाना था ना

अवी-हम अभी जाएँगे .जाओ तय्यार हो जाओ

राजेश-10 मिनिट मे तय्यार होता हूँ

और राजेश अपने कमरे मे चला गया.और मैं लीना के साथ बैठ कर टीवी देखने लगा.

लीना-भैया आप कहाँ जा रहे है.

अवी-शहर जा रहे है. राजेश के लिए खरीदी करनी है.

लीना-भैया के लिए ,उनको क्या खरीदना है. पैंट शर्ट ,

अवी-ऐसे क्यूँ बोल रही हो

लीना-आप नही देखते राजेश भैया कैसे रहते है,मुझे बिल्कुल पसंद नही है उनको ऐसा रहना

अवी-तो कैसा देखना चाहती हो राजेश को

लीना-आपके जैसा बना दो

अवी-तुम ने कहा और मैं ने ना किया हो ऐसा कभी हुआ है.राजेश को मेरे जैसा बना दूँगा

लीना-सच , आप राजेश भैया को अपने जैसा बना दोगे

अवी-हाँ, मैं तो कल राजेश पे खूब गुस्सा हुआ कि वो तुम्हारे साथ समय क्यूँ नही बिताता.

लीना-तभी मैं सोचु राजेश भैया आज खुद मुझे साथ मे मूवी देखने को बुलाया .

अवी-अब से राजेश तुम्हारे साथ ही रहेगा.

लीना- पर भैया तो हमेशा स्कूल जाने की जल्दी मे रहते है.

अवी-अब वो ज़्यादा से ज़्यादा समय तुम्हारे साथ बिताएगा. तुझे उसने अपने कमरे मे आने की इजाज़त दी कि नही.

लीना-कल खुद मुझे अपने कमरे मे बुलाया .और मेरे साथ देर रात तक बातें की. मुझे तो समझ नही आ रहा था कि ये रियल है या सपना .वैसे मुझे लगा था कि आप ने ही कुछ किया होगा.

अवी-तुम्हारे लिए किया.तुम खुश रहो इस लिए राजेश को बदल दिया.

लीना-लव यू भैया.

राजेश-चले भैया

राजेश तय्यार हो गया शहर जाने के लिए.

नीता बुआ-कहाँ जा रहो हो.

राजेश-भैया के साथ शहर जा रहा हूँ

अवी-बुआ, राजेश को शहर दिखा के लाता हूँ.

नीता बुआ-प्लान क्या है. दोनो भाइयों का क्या इरादा है.

राजेश-माँ बस ऐसे ही घूमने का प्लान बनाया है.

नीता-इतनी धूप मे घूमने जा रहे हो. सच बताओ

लीना-मैं बताऊ

नीता बुआ-बता

अवी-लीना बुआ को कुछ मत बताना

लीना ने अपने होंठो पे उंगली रख दी

नीता बुआ-अवी ,क्या बात है,लीना को चुप रहने को क्यूँ कहा.

अवी-बुआ ,भाइयो का सीक्रेट है. आपको नही बता सकते

नीता बुआ-लीना ,फ़्रीज़ मे चॉक्लेट रखी है,

लीना-भैया शॉपिंग करने जा रहे है राजेश भैया के लिए.

नीता बुआ-शॉपिंग, इसमे छुपाने की क्या बात थी.

अवी-वो आपको हमारे कल आने के बाद पता चलेगा.

नीता बुआ-कल क्यूँ, रात मे कहाँ जा रहे हो

अवी-बुआ समझा करो, राजेश के लिए मैं उसे शहर ले जा रहा हूँ.

नीता बुआ-ठीक है मुझे तुम दोनो पे पूरा विश्वास है. रूको मैं पैसे लाती हूँ.

अवी-रहने दीजिए, मेरे पास है.

नीता बुआ-तुम दोनो बड़े हो रहे है. एक्सट्रा पैसे तो चाहिए ना ,रूको मैं लेकर आती हूँ

नीता बुआ अपने कमरे मे चली गयी.

अवी-चलो बुआ के आने से पहले निकलते है

लीना-माँ ,भैया

अवी-चुप ,मैं तेरे लिए चॉक्लेट लेकर आउन्गा.

चॉक्लेट का नाम सुनते ही लीना चुप हो गयी .और मैं राजेश को लेकर शहर की तरफ निकल पड़ा.

नीता बुआ-राजेश और अवी कहाँ गये

लीना-वो तो चले गये .

नीता बुआ-तूने मुझे बताया क्यूँ नही

लीना-कैसे बताती ,भैया ने चॉक्लेट लाने की बात कही. और आपने तो चॉक्लेट दी भी नही.

नीता बुआ-तुझे चॉक्लेट चाहिए ,रुक तुझे ऐसी चॉक्लेट देती हूँ कि दुबारा ऐसा नही करेगी.

नीता बुआ के कुछ करने से पहले लीना कविता के घर भाग गयी.

राजेश-भैया ये शॉपिंग का क्या चक्कर है.

अवी-तू ये 2 लाइफ जीना बंद कर , आज से जैसा तू स्कूल मे रहता है वैसा ही घर मे रहेगा.

राजेश-वो तो कल हम ने बात की थी.पर मेरे कपड़े स्कूल मे है. स्कूल जाने तक मुझे ऐसा ही पैंट शर्ट मे रहना होगा

अवी-इसी लिए शॉपिंग कर रहे है.

राजेश-शॉपिंग की ज़रूरत नही है. हॉस्टिल पे मेरे बहुत कपड़े रखे हुए है. वो मैं लेकर आ जाउन्गा.

अवी-जब लाएगा तब की तब देखेंगे. पर तब तक के लिए कुछ चाहिए ना

राजेश-मैं अपना एटीएम नही लाया.

अवी-गधे , तेरा भाई हैना

राजेश-ज़्यादा शॉपिंग नही करेंगे .

अवी-ठीक है. वैसे तेरे पास एटीएम कहाँ से आया

राजेश-भैया कॉंपिटेशन मे जो पैसे जीते है वो है उनमे ,उसी से एक्सट्रा खरच करता हूँ.

अवी-ये अच्छा करता है. लो आ गया घर2

राजेश-वाउ ,घर2 तो बढ़िया है

अवी-जिस लड़की यहाँ लाएगा वो घर2 देख कर ही खुश होगी

मैं राजेश को लेकर घर2 आ गया

घर2 आते ही राजेश की नज़र सामने वाले घर की ओर गयी

मतलब मिसेज़ दूबे पर गयी

मिसेज़ दूबे सारी इतनी सेक्सी पहती है कि उनको देखते रहने का फील करता है

मिसेज़ दूबे इस एज मे भी हॉट और सेक्सी लगती है

मिसेज़ दूबे का भरा हुआ बदन देख कर किसी का भी लंड खड़ा हो जाए

मैं तो पहले ही मिसेज़ दूबे पे लट्टू हो गया था तभी तो इतनी मेहनत की थी उनको सिड्यूस करने के लिए

मिसेज़ दूबे माल है , उनकी मसल्ने मे बहुत मज़ा आता है

मैं अगर मिसेज़ दुबे पे लट्टू हो गया तो राजेश के मूह मे तो पानी आ गया

राजेश-वो आंटी क्या कमाल की है.

अवी-किस आंटी की बात कर रहा है.

राजेश-वो सामने वाले घर की

अवी-मिसेज़ दुबे ,

राजेश-यहाँ तो हॉट हॉट आंटी रहती है. मज़ा आ जाएगा.

अवी-तू देख तेरा भाई क्या क्या करता है

(मिसेज़ दूबे अपने पति के साथ कहाँ जा रही है. इसको भी आज ही जाना था. मिसेज़ दूबे को भी पार्टी मे इन्वॉल्व करता .)

मिसेज़ दूबे ने मेरी तरफ देखा .मुझे राजेश के साथ देख कर नॉर्मल रियेक्शन दिया .

अवी- चल अंदर

राजेश- एक मिनिट भैया , उस आंटी को देखने दो

अवी- उस आंटी मे क्या रखा है , तेरे लिए 19 साल की लड़की रिया का इंतज़ाम किया है

राजेश - भैया रिया भी ठीक है , वो भी कमाल की है , गाओं के पानी का असर रिया पे अच्छा हुआ है ऑर ये आंटी तो माल है

अवी- तू शहर की लड़कियो का मज़ा ले चुका है फिर इस मिसेज़ दूबे मे तुम्हे क्या दिख रहा है

राजेश-भैया, ये शहर की डाइयेटिंग वाली ज़ीरो फिगर वाली लड़कियाँ दिखने मे हॉट होती है , पर बेड पे उनके साथ सेक्स करते हुए ऐसा लगता है स्केलिटन के साथ सेक्स कर रहा हूँ , फिगर मेनटेन करने के चक्केर मे सेक्स करते बहुत मज़ा नही आता , पर इस आंटी का भरा हुआ बदन देखो एक बार मिल जाए यो पूरी रात मसलता रहूं , इस आंटी की चुदाई करने मे मज़ा आ जाएगा और इनको मसल्ने तो क्या कहूँ पसीना कितना निकलेगा बता नही सकता

अवी-( मेरी जैसी सोच है ) समझ गया , चल अब वो आंटी जा रही है

मिसेज़ दूबे मेरी तरफ देखते हुए अपने पति के साथ जा रही थी

मिसेज़ दूबे का भी मन हो रहा होगा कि मेरे पास आए पर अपने पति की वजह से वो कुछ नही कर पाई और अपनी कार मे बैठ कर पति के साथ चली गयी.

राजेश-हॉट आंटी थी.

अवी-चल अंदर

मैं राजेश को लेकर घर के अंदर गया.

मैं ने रणजीतसिंघ को कहा था कि मुझे कंपनी का जो प्रॉफिट मिलेगा उसमे से कुछ पैसो से ये घर खरीद लो और कुछ समान रखवा दे.

रणजीतसिंघ ने घर मे ज़रूरत की सभी चीज़े रख दी .सब कुछ था जो नोर्मली सब के घर मे रहता है.

टीवी, फ़्रीज़ ,एसी ,नये सोफा,बेड, किचन मे जो चाहिए वो सब था,

टेबल पर घर के पेपर रखे हुए थे. मेरे नाम पे घर किया था.

जो प्रॉफिट मिला था उस से रणजीतसिंघ ने ये घर मेरे नाम पर खरीदने को कहा था.

राजेश-घर तो बढ़िया है. ये आपका है.

अवी-हाँ,

राजेश-यहाँ तो मज़ा आ जाएगा.

अवी-इस घर के बारे मे किसी को बताना मत

राजेश-नही बताउन्गा.

अवी-तुम यहाँ बैठो मैं रिया को लेकर आता हूँ

राजेश-ठीक है, मैं घर को देख लेता हूँ.

अवी-ये कुछ पैसे रखो ,कुछ चाहिए होगा तो जाकर लेना .कुछ खाने का समान लेकर आना

राजेश को घर2 पे छोड़ कर मैं बस स्टॉप पर चला गया.

ये घर2 खरीदना मेरे लिए ज़रूरी था.

इस घर2 से रानी और मेरे प्यार की शुरुआत हुई थी.

कविता और लीना ने यहाँ खूब मस्ती की है.

मेरे लिए ये चुदाई की जगह नही बल्कि ये प्यार का मंदिर जैसा था.

छोटी चाची को बताया तो वो भी खुश हो जाएगी.

ज़्यादा महेंगा नही हुआ ,

चलो रंजीतसिंग ने एक अच्छा काम कर लिया.

पता नही कितने पैसे मेरे अकाउंट मे जमा हुए है

जितने भी हो ,वो सब मेरे थे. मेरे फॅमिली के थे.

एक कंपनी मे 50%पाटनेर्शिप, और ये घर2 मेरे नाम ,मेरी प्रॉपर्टी बढ़ रही है.

ऐसे सोचते हुए बस स्टॉप भी आ गया.

बस स्टॉप पर जाते मैं ने रिया को फोन किया.

रिया को आने मे टाइम था .

रिया के आने तक मैं मोबाइल मे गेम खेलता रहा

रिया मेरे फोन करते बस स्टॉप की तरफ निकल पड़ी थी.

रिया की आज जमकर चुदाई करूँगा .

राजेश फुल जोश मे है.

राजेश अपने गाओं की लड़की की चुदाई करने को तय्यार था.

मेरे साथ मिलकर रिया की चुदाई करने के नाम से राजेश का लंड हो चुका था.

मिसेज़ दूबे को देखते ही राजेश अपने लंड को मसल रहा था.

देखते है राजेश रिया के साथ क्या करता है.

 


807

थोड़ी देर मे रिया भी आ गयी.

रिया मेकप करके आई थी. सुंदर सा ड्रेस पहन रखा था. इस ड्रेस मे रिया की गंद कातिल लग रही थी.

अवी-हॉट और सेक्सी लग रही हो

रिया-थॅंक्स, चले

अवी-पहले तुम्हे शॉपिंग करवाता हूँ

रिया-बाद मे भी दिया तो चल जाएगा.

अवी-बाद मे तुम चल ही नही पाओगी. इसी लिए अभी ड्रेस लेते है

रिया-तुम्हारे साथ करने पे 1 2 दिन लंगड़ा कर चलना पड़ता है. चलो पहले खरीदी करते है.

रिया को पहले ड्रेस दे कर खुश करना ज़रूरी था.

रिया खुश रहेगी तो राजेश के साथ करने को मना नही करेगी.

मैं रिया को लेकर हमेशा वाले शॉप मे चला गया.

वो वाली शॉप गर्ल जो मुझे जानती है वो दिख नही रही थी.

मैं रिया को लेकर लॅडीस सेक्षन मे चला गया.

रिया शॉप मे जाते ही ड्रेस देखने लगी.

रिया को 2 ड्रेस पसंद आ गये.पर उसे समझ नही आ रहा था कि वो किसे सेलेक्ट करे

रिया-अवी दोनो मे से कौन सी अच्छी है.

अवी-दोनो तुम पर अच्छी लगेंगी.

रिया-दोनो ले लूँ.

अवी-तुम्हे पसंद है तो ले लो ,

रिया-ड्रेस महँगे है.

अवी-तुम्हे पसंद हैना.

रिया-हाँ

मैं ने उसके हाथ से ड्रेस लिए और पॅक करने को कहा.

2 ड्रेस, वो भी महँगे और नये स्टाइल के लेने से रिया इतनी खुश हो गयी कि उसने शॉप मे मुझे गले लगाया.

रिया को और खुश करने के लिए एक और ड्रेस अपनी पसंद का पॅक किया.

अवी-ये ड्रेस मेरी पसंद का तुम्हारे लिए

रिया-3 नये ड्रेस, वाउ, मुझे भी तुम्हे कुछ देना होगा.

अवी-जो देना है वो मेरे साथ चल कर देना.

रिया-आज तुम्हे जो करना है वो करना ,मैं मना नही करूँगी.

अवी-सोच लो

रिया-इसमे सोचना क्या है. अब चलो ,तुम ने मुझे खुश किया अब मेरी बारी है.

अवी-चलो

बिल पे करने के बाद मैं रिया को लेकर घर2 आ गया.

रिया-ये किसका घर है

अवी-मेरे फ्रेंड का

रिया-तुम्हारा फ्रेंड कहाँ है.

अवी-उसे बाहर भेज दिया है.

घर2 पे लॉक लगा हुआ था .शायद राजेश खाने का समान लेने गया होगा

अछा हुआ राजेश बाहर चला गया.

राजेश के आने तक रिया को नंगी कर देता हूँ.नंगी होते रिया कुछ नही कर पाएगी.

मैं रिया को लेकर घर2 के अंदर चला गया. घर2 के अंदर जाते ही रिया घर2 को देखती रह गयी.

राजेश एसी ऑन करके गया था जिस से घर2 ठंडा हो गया था.गरमी से ठंडी मे आते ही रिया ने चैन की सास ली.

रिया-घर बढ़िया है.

अवी-घर2 को छोड़ो ,मुझे देखो

रिया-बेडरूम कहाँ है.

अवी-बेडरूम मे कपड़ो के साथ जाना मना है.

रिया-अच्छा रूल है

रिया ने फ़्रीज़ खोल कर पानी पीना सुरू किया और मैं उसके नये ड्रेस अलमारी मे रख कर सोफे पर बैठ गया.

अवी-रिया यहाँ आओ

रिया मेरे पास आ गयी .मैं ने उसका हाथ पकड़ कर अपने गोद मे बैठा दिया.

अवी-कितने दिन हो गये ,तुम्हारे बदन के साथ खेले हुए

रिया-आज पूरी कसर निकाल देना,मैं ने भी तुम्हे बहुत मिस किया.

रिया इतना कह कर मेरे गले लग गयी. और मुझे चूम ने लगी.

रिया तो मुझसे ज़्यादा बेताब दिख रही थी.

रिया तो मुझपे टूट पड़ी , रिया मेरे होंठो पे मेरे गालो पे मेरे चेहरे पे किस करने लगी.

मैं ने उसे जो करना है वो करने दिया.

रिया को अपने मर्ज़ी से प्यार करने देने से रिया जोश के साथ फुल्ली एग्ज़ाइट हो गयी.

इस एग्ज़ाइट्मेंट मे मैं ने रिया की कमीज़ निकाल दी.

कमीज़ निकालने के बाद भी रिया मुझे चूमती रही.

मैं बस बैठा था ,राजेश का इंतज़ार कर रहा था.

राजेश को आने मे काफ़ी समय था .जिस से मैं ने खड़े होकर रिया की सलवार भी निकाल दी

रिया ब्रा पैंटी मे आते ही उसने अपने बदन को छुपाना सुरू किया.

रिया पहले तो ऐसी शरमाती नही थी ,लगता है शरमाना सीख गयी

मैं ने रिया की सलवार कमीज़ उठा कर अलमारी मे रख दी.

रिया-ये क्या कर रहे हो

अवी-कल तक इसकी तुम्हे ज़रूरत नही पड़ेगी.

रिया-कोई आ गया तो

अवी-यहाँ कोई नही आएगा

मैं बोल ही रहा था कि राजेश डोर खोल कर अंदर आ गया.

डोर का आवाज़ सुनकर रिया ने राजेश की तरफ देखा.

राजेश को देखते ही रिया ने अपने बदन को हाथो से छुपा कर मेरे पीछे छुप गयी.

राजेश रिया को ब्रा पैंटी मे देख कर अपना लंड मसल्ने लगा.

लंड मसल्ते हुए रिया को बड़ी बड़ी आँखो से देखते हुए मेरे पास आ गया.

राजेश-रिया तुम तो कपड़ो मे जितनी हॉट लगती हो उस से ज़्यादा बिना कपड़ो के दिख रही हो.

रिया-अवी ये कौन है. और मेरा नाम कैसे जानता है.

अवी-तुम दोनो की पहचान करवा देता हूँ. रिया ये राजेश है मेरे बुआ का बेटा ,मेरा भाई. और राजेश तुम तो रिया को जानते हो

रिया-तुम्हारा भाई. ये यहाँ क्या कर रहा है.

अवी-तुम ही सोचो ये यहाँ क्या कर रहा है.

रिया-कहीं तुम इसे यहाँ मेरे साथ चुदाई करने तो नही लाए हो.

अवी-सही सोचा तुम ने

रिया-तुम ने ये सोचा भी कैसे मैं राजेश के साथ कुछ करूँगी.

अवी-मेरा भाई है. मेरे साथ कर सकती हो तो राजेश के साथ भी कर लो.

रिया-मैं इसके साथ नही करूँगी.

राजेश-भैया ये क्या बोल रही है.

अवी-तुम रूको. मुझे रिया से बात करने दो

अवी-क्यूँ ?

रिया-तुम ने मुझे समझ क्या रखा है.मैं ने सिर्फ़ तुम्हारे साथ किया है. यहाँ सिर्फ़ तुम्हारे लिए आई हूँ

अवी-सोचो मैं तुम्हे कितना मज़े देता हूँ .मेरा भाई मेरे जैसा है. तुम्हे डबल मज़ा मिलेगा.

रिया-मुझसे तुमसे ये उम्मीद नही थी.

अवी-इस मे बुरा क्या है. मेरा भाई है ,तुम्हे बहुत मज़ा आएगा.

रिया-बात मज़े की नही है.

अवी-फिर क्या है.

रिया-तुम ने पहले क्यू नही बताया कि राजेश भी होगा यहाँ पर

अवी-मैं बताता तो तुम यहाँ आती

रिया-नही आती

अवी-इसी लिए नही बताया

रिया-तो तुम यहाँ मुझे अपने लिए नही अपने भाई के लिए आए हो.

अवी-हम दोनो के लिए लाया हूँ

रिया-मुझे समझ जाना चाहिए था कि तुम 1साल के बाद मुझसे मिलना क्यूँ चाहते थे.

अवी-ऐसा नही था. मैं ने तुम्हे जो कहा वो सच था. राजेश के साथ तो आज सुबह बात की

रिया-अच्छा झूठ बोल लेते हो

अवी-मैं सच बोल रहा हूँ.अगर तुम्हे राजेश के साथ नही करना तो मत करो तुम्हे कोई फोर्स नही करेगा.

रिया-मेरी मर्ज़ी ने बिना मेरे साथ कोई नही कर सकता

अवी-हम भी लड़की के मर्ज़ी के बिना कुछ नही करते. तुम राजेश के साथ नही करना चाहती तो राजेश तुम्हे हाथ भी नही लगाएगा

रिया-हाथ लगाया तो तोड़ दूँगी.

अवी-चलो हम बेडरूम मे चलते है ,राजेश यही रुकेगा.

रिया-तुम क्या मुझे पागल समझे तो.

अवी-मैं ऐसा क्यूँ समझूंगा.

रिया-मुझे तुम्हारा प्लान समझ मे आ गया है

अवी-हमारा कोई प्लान नही था.

रिया-सब समझ मे आ रहा है. तुम मेरी चुदाई करोगे और फिर राजेश आकर मुझे ब्लॅकमेल करता .पर ये पहले आ गया.

अवी-तुम ग़लत समझ रही हो

रिया-यही सच है

अवी-ऐसा होता तो मैं तुम्हे बेडरूम मे ले जाता ,यहाँ हॉल मे क्यू रोकता,यहाँ तो राजेश के आने का तुम्हे पता चल जाता.

रिया-राजेश ने ग़लती की,वो जल्दी आ गया और प्लान फैल हो गया.

अवी-वो खाने का समान लाने गया था. वो कभी भी आ सकता था

रिया-झूठ

और रिया अलमारी के पास चली गयी .अपने कपड़े लेने के लिए . अलमारी लॉक थी.

रिया-तो मेरे कपड़े छुपा के रखे है. ये भी तुम्हारा प्लान था अगर मैं मना करूँ तो मुझे कपड़े नही दोगे जिस से मुझे हाँ करनी पड़ती.

अवी-कपड़े अलमारी मे इस लिए रखे कि तुम नये ड्रेस पहनोगि नही. तुम्हारे पास जो ड्रेस है वो खराब ना हो इस लिए अलमारी मे रखे .

रिया-झूठ तो ठीक से बोलना सीखो

अवी-यही सच है.

और मैं ने अलमारी की चाबी रिया की तरफ फेकि.

अवी-लो चाबी ,

रिया को चाबी मिलते ही उसने अपने कपड़े निकालने सुरू किए

राजेश चुप चाप हमारी बात सुन रहा था.

उसे लग रहा था कि रिया उसे नही मिलेगी.

मैं ने राजेश को शांत रहने को कहा.

रिया ने अपने कपड़े निकाल लिए .और पहनना सुरू किए.

अवी-रिया मेरी बात तो सुनो

रिया-तुम ने मुझे धोका दिया

अवी-धोका करना होता तो तुम्हे जाने नही देता

रिया-ब्लॅकमेल करते

अवी-कभी ऐसा करने का सोचा ही नही.

रिया-तुम्हे राजेश के बारे मे पहले बताना चाहिए था.

अवी-बताता तो हाँ करती

रिया-सोचती ,

अवी-नेक्स्ट टाइम बता दूँगा.

रिया-तुम्हे लगता है मैं फिर तुमसे बात करूँगी.

अवी-हाँ,

रिया ऐसे नही मानेगी

अवी-राजेश रिया तो जा रही है ,हमे अपने हाथ से काम चलाना होगा

राजेश-आज तक कभी हाथ से करने की नोबत नही आई थी.

अवी-अब क्या कर सकते है. रिया ने मना किया.रिया की मर्ज़ी के बिना मैं ने उसके साथ कभी नही किया. और ना कभी करूँगा

मैं ने अपना जीन्स और अंडरवेर नीचे की और लंड को आज़ाद किया.

राजेश-भैया ये क्या है

अवी-लंड है

राजेश-इतना बड़ा ,और मोटा

राजेश की बात सुनते रिया मे मेरे लंड की तरफ देखा.

मेरे लंड को देखे हुए रिया को 1 साल हो गया था.

रिया को मेरे लंड की याद अभी भी आती है. तबी मेरे लंड को देखते ही अपना हाथ चूत पर ले गयी.

राजेश-भैया ऐसा लंड तो लड़कियो को बहुत पसंद आता है. लड़कियो की लाइन लग जाती होगी.

अवी-मेरे लंड को तो रिया पसंद है. देखो कैसे फुदक रहा है रिया को देख कर

राजेश-इतना बड़ा रिया ने लिया कैसे होगा,उसे बहुत दर्द हुआ होगा.

अवी-रिया तो बड़े प्यार से लेती थी इसको, उसे दर्द नही मज़ा मिलता था मेरे लंड से

हमारी बातें सुनने के लिए रिया कपड़े पहनने मे टाइम लगा रही थी.

राजेश-मैं नही मानता

अवी-यही सच है. रिया ने जब गंद मे लिया था तो उसे थोड़ा भी दर्द नही हुआ था. वो बड़े प्यार से लेती थी.

राजेश-फिर भी रिया मना कर रही है,

अवी-शायद तुम्हारी वजह से मना किया.

राजेश-मैं चला जाता हूँ. मेरी वजह से रिया को इतना प्यारा लंड नही मिल रहा है.

अवी-तुझे मना किया है तो मैं भी नही करूँगा रिया के साथ

राजेश-ऐसा मत बोलिए,

अवी-तू अपना लंड दिखा ,देखु रिया ने किसे मना किया है

राजेश ने एक झटके मे अपना लंड बाहर निकाला

राजेश का लंड मुझसे छोटा था पर मोटाई मे मेरे जितना लग रहा था. मेरे जितना गोरा नही था पर किसी भी लड़की को पसंद आए ऐसा था

अवी-तेरा लंड भी दमदार है

रिया तिरछी नज़र से राजेश के लंड को देखने लगी.

रिया को राजेश का लंड भी पसंद आ गया.

राजेश का लंड देखते ही उसने कपड़े पहनना रोक दिया

उसके सामने 2 तगड़े लंड थे.

हमारे लंड देख कर उसकी खुजली बढ़ने लगी

कल से मेरे साथ करने के बारे मे सोच कर ही वो उतेज़ित थी

और अब हमारे लंड देख कर बिचारी की पैंटी गीली होने लगी

हमारे लंड देख कर रिया की आँखे हमारे लंड से हट नही रही थी .

रिया का हाथ बार बार अपनी चूत पर जा रहा था. अपने होंठो पर जीभ घुमा रही थी.

उसे लग रहा होगा कि उसने मना करके ग़लती की.

तभी वो अपने कपड़े पहनने मे इतना टाइम लगा रही थी

रिया इस इंतज़ार मे थी कि बस एक बार और कहूँ कि चुदाई कर लो

वो खुद कह नही सकती थी.

राजेश-भैया खड़े लंड का क्या करे

हम मूठ मारने लगे

आआआअहह........... रिय्ाआआअ..........कमाआल........... की.......गंद्द्द्द्दद्ड .........हाईईईईईईईई.......... तुम्हारिईईईई.........

ऊऊऊहह रिय्ाआआआ एकककककककक बर्र्र्र्र्र्र्ररर इसस्स्सस्स लुंद्द्द्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड कूऊऊओ चूऊऊऊथ ............मीईईई............. लूऊऊऊ ........ ऐसाआआअ......... मज़ाआआआ ...........दूंगाआआआअ.......... की.......... डिन्न्नननणणन्..........राआआत......... मेरीईई ...........लुंद्द्द्द्दद्ड..........का नाआाँ ..........लॉगीइिईईईईई.......

रिय्ाआआआअ .......मेरााआआअ.......... लुंद्द्द्द्द्द्द्दद्ड...........आआअहह.......तुम्हाराआआआ ....ईईई...नाआंम्म्ममम सीईईई......इथनाआआअ.......मज़ाआआआ....... आआआआ......रहााआअ...... हाईईईईईईई. -......... तूऊऊओ........ तुम्हारिईईईईई चूऊऊओट कैईसीईईईईईईईईई .........

मैं ने देखा राजेश की शीष्कारी सुनकर रिया मस्ती मे आकर अपनी आँखे बंद करके चूत मसल्ने लगी.

रिया को चूत मसल्ते हुए देख कर मैं हँसने लगा.

अवी-रिया रिया

रिया-हमम्म

अवी-क्या हुआ .अभी तक गयी नही.

रोकने की जगह जाने के नाम से रिया ने अपनी सलवार उपर की

रिया-गुस्से से जा रही हूँ

अवी-वो ड्रेस भी लेते जाना .वो तुम्हारे है.

रिया-मुझे नही चाहिए वो ड्रेस

अवी-मेरी तरफ से गिफ्ट है वोचुदाई के लिए नही लिए थे.

रिया ने अलमारी से ड्रेस निकाल लिया.और जाने लगी.

अवी-रिया.

रिया ने पलट कर उम्मीद भरी नज़रों से मेरी तरफ देखा .कि मैं उसे रोक लूँ

अवी-कुछ नही

मैं रिया के साथ मज़ा कर रहा था

पर रिया का बुरा हाल हो रहा था

उसकी खुजली बढ़ रही थी

इतने दिनो बाद मैं मिला हूँ ऐसे मे वो ये चान्स जाने कैसे देंगी

रिया ने गुस्से से अपने पैर पटक दिए.

अवी-रिया जा रही हो

रिया- हाँ जा रही हूँ

अवी- रिया सच मे जा रही हो

रिया- गुस्से से हाँ जा रही हूँ

अवी- फिर वही खड़ी क्यूँ हो

रिया- मैं कहीं भी खड़ी रहूं तुमसे क्या मतलब

अवी- रिया तुम जा रही हो

रिया को मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था

रिया- नही जा रही हूँ

और बॅग को फेक कर हमारे बीच मे आकर बैठ गयी.

रिया- मैं वही बैठूँगी

अवी- हम मूठ मारते है तुम उंगली करो

रिया- मुझे मत बताओ कि मुझे क्या करना है

और रिया ने हमे मूठ मारने से रोक कर हमारे लंड को अपने हाथो मे पकड़ लिया

रिया-ये लंड मूठ मारने के लिए नही है.

राजेश-फिर किस लिए है

रिया-प्यार करने के लिए ,

अवी-प्यार कौन करेगा

रिया-मैं करूँगी

अवी-राजेश

रिया-राजेश को भी प्यार करूँगी, जब कहोगे तब करूँगी ,अब खुश

रिया के हाँ करते ही राजेश ने अपना हाथ रिया के एक बूब्स पे रखा और मैं ने दूसरे बूब्स पे और रिया के गाल पे किस किया.

 


808

रिया के हाँ करते हमारे लंड खुशी से फुदकने लगे,

रिया हमारे लंड को हाथ मे पकड़ कर समझ गयी कि उसने हाँ करके कितना अच्छा किया

अब तो उसे मेरे साथ राजेश का लंड भी मिल रहा है

अवी- रिया तुम ने हाँ करके बहुत अच्छा किया

रिया- मैं पागल थोड़ी हूँ जो ना कहूँगी

अवी- लेकिन तुमने पहले ना करके मेरे लंड का दिल दुखाया है

रिया-तुम भी तो एक नंबर के कमीने हो

मुझे कमीना कहती हो राजेश ने उसके बाल पकड़ लिए.

राजेश-क्या कहा तूने

रिया -अपना ज़ोर मुझ पे दिखा कर क्या होगा. मेरी चूत पे दिखाओ तो जानू

राजेश-तुझे मेरा ज़ोर देखना है . अब तो तेरे रोने तक चुदाई करूँगा.

रिया-मुझे रुलाएगा. चल मैं भी देखती हूँ कितना ज़ोर है तुझ मे

राजेश-तेरा भोसड़ा बना दूँगा.

रिया-अगर भोसड़ा बन गया तो तेरी गुलाम बन जाउन्गि.

राजेश-चल बेडरूम मे

अवी-आराम से मैं भी हूँ यहाँ पर

रिया-तुम रूको ,आज देखने दो तुम्हारा भाई मे कितना दम है

अवी-जो देखना है बाद मे देखना ,पहले मेरे लंड को शांत करो

राजेश-मेरा भी

रिया-पहले तुम दोनो को शांत करती हूँ फिर राजेश और मैं खेलूँगी गेम ,देखते हैं कौन जीतता है.

राजेश-मुझे मंज़ूर है.

रिया ने अपनी सलवार कमीज़ निकाल दी.और हम भी नंगे होगे

रिया कपड़े निकालने के बाद फिर से हमारे बीच मे बैठ गयी.

राजेश ने रिया की चूत पर पैंटी के उपर से हमला बोल दिया.और बूब्स को ब्रा से निकाल कर चूसने लगा.

मैं ने रिया को किस करने से शुरुआत की ,

रिया के हाथो मे हमारे लंड थे ,रिया धीरे धीरे लंड को सहला रही थी.

रिया के हाथो मे हमारे लंड समा नही रहे थे उसके छोटे हाथो के लिए हमारे लंड मोटे थे.

राजेश का लंड लंबाई मे मुझसे छोटा था पर मोटाई मे हमारे लंड एक जैसे लग रहे थे.

राजेश भी दमदार चुदाई करता होगा तभी रिया को उसने चॅलेंज किया.

ये चॅलेंज अगर वो जीत गया तो गाओं मे रिया के साथ मस्ती करने के रास्ते खुले हो जाएँगे

मतलब मेरी टेन्षन ख़तम

रिया मे 1 साल मे बहुत चेंजस आ गये थे. उसके होंठ नशीले हो गये थे.

उसकी गंद सेक्सी हो गयी थी. और बूब्स बड़े हो गये थे.

मैं रिया के होंठो का सारा रस पीना चाहता था. इतने दिनो बाद जो मिली थी.

रिया मुझे किस करने मे पूरा साथ दे रही थी. अपने होंठ मेरे मूह मे डाल कर खुद मेरे होंठो को चूसने लगी.

उदार राजेश रिया के बूब्स को चूस्ते हुए ,चूत को मसल रहा था..

राजेश अपनी उंगली को चूत पे उपर नीचे करके रगड़ रहा था.

बूब्स को चूस्ते हुए राजेश बीच बीच मे काट रहा था.

जिस से रिया मेरे होंठो को काट देती

एक साथ इतने हमले होने से रिया तो अभी से मस्ती की दुनिया मे चली गयी

रिया हर तरफ से हो रहे अटॅक से इतनी मदहोश हो गयी कि उसकी पकड़ हमारे लंड पे टाइट हो गयी

राजेश रिया को गरम कर रहा था

और मैं उसका नशीला रस पीने लगा

मैं ने भी रिया को किस करते हुए उसके दूसरे बूब्स को दबाने लगा.

अपने होंठ ,बूब्स और चूत पर हमारा हमला करते रिया ने हमारे लंड को छोड़ दिया.

हमारे लंड तो रिया के हाथ मे दब कर घुट कर मर जाते

पर अच्छा हुआ की रिया ने छोड़ दिया वरना इस का बदला हमारे लंड उसकी फाड़ कर लेते

रिया लंड से अपने हाथ अलग किए

और एक हाथ मेरे हाथ पे रख कर बूब्स को दबाने से रोकने लगी. दूसरे हाथ से राजेश को चूत मसल्ने से रोक रही थी.

रिया कुछ ज़्यादा ही एग्ज़ाइट हो चुकी थी. वो हमे रोकना चाहती थी. या फिर अपना पानी निकालना चाहती थी

राजेश ने पैंटी को सरका के चूत मे उंगली डाल दी.

उंगली अंदर जाते ही रिया ने मुझे काट लिया.रिया के काटने से मैं ने उसे किस करना बंद किया और उसके गाल पे थप्पड़ मारकर फिर से किस करने लगा.

रिया तो हवा मे उड़ रही थी.

मछली की तरह हमारे बीच मे तड़फ़ रही थी.

राजेश ने अपनी उंगली को ज़ोर ज़ोर से रिया की चूत मे अंदर बाहर करना शुरू किया.

रिया अपने दोनो हाथो से राजेश को रोकने लगी.

रिया मुझे किस करना बंद करने को कह रही थी.

मैं ने किस करना बंद करते उसके दूसरे बूब्स को चूसना सुरू किया.

दोनो भाइयो ने एक एक बूब्स चूसना सुरू किया

हमारे ऐसा करते ही रिया का हाथ हमारे बालो को सहलाने लगा

रिया एक साथ डबल धमाके से कंट्रोल से बाहर ही रही थी

बूब्स चूस्ते हुए राजेश की तरह मैं ने भी अपनी उंगली उसकी चूत मे डाल दी.

राजेश ने मेरी तरफ देखा .और हम मिलकर रिया के बूब्स को चूस्ते हुए अपनी उंगली रिया की चूत मे अंदर बाहर करने लगे.

रिया तो एक साथ 2 उंगली को अपनी चूत को खोल कर अंदर लेने लगी

तुउुुउउम्म्म्मम.......... दोनूऊऊऊओ.......... मेरिइईईईईईई.......... आआआआहह........ मैंन्ननननननणणन्............ मररर्र्र्ररर............ जौंगिइिईईईईईईई...................तूमम्म्ममममममम.........

दोनूऊऊऊऊओ..........जादूगर्र्र्र्र्र्र्ररर..........हूऊऊऊऊ..........आआआआहह......माआआआअ........काआआतूऊऊओ.....मात्त्तटटतत्त..........

रिया शीष्कारिया लेते हुए हमारा जोश बढ़ा रही थी.

मैं ने राजेश को रुकने को कहा .और मैं रिया को उठा कर बेडरूम मे ले गया.

बेड पे रिया को पटक कर उसके पैरो के बीच मे आकर उसकी पैंटी निकाल कर चूत को देखने लगा.

रिया की चूत वैसी थी जैसी मैं छोड़ कर गया था.

1 साल मे तो टाइट हो गयी होगी.

मैं ने रिया की चूत पे एक थप्पड़ मारकर चूसना सुरू किया

मेरी जीभ रिया की चूत मे जाते रिया ने शीष्कारी लेनी सुरू की.

राजेश ने उसका मूह बंद करने के लिए अपना लंड उसके मूह मे डालना सुरू किया.

राजेश का लंड मूह लेते रिया ने शीष्कारिया लेने की जगह लंड चूसना सुरू किया.

रिया राजेश का लंड चूस रही थी. और मैं उसकी चूत चूस रहा था.

राजेश उसे लंड चूसने देने की जगह अपना लंड उसके मूह मे पेलने लगा.

रिया को राजेश का जोश देख कर मज़ा आ रहा था.

रिया ने रोकने की जगह राजेश को धक्के मारते रहने को कहा.

राजेश को रिया के मूह मे लंड पेलने मे मज़ा आ रहा था.

हम तीनो पूरा मज़ा ले रहे थे.

रिया तो 2 2 दमदार लंड के बारे मे सोच कर पानी पानी हो रही थी.

मुझे रिया की शीष्कारी सुननी थी पर राजेश ने उसका मूह जो बंद करके रहा था.

बाद मे सुन लूँगा. पर राजेश मेरी तरहफ़ देख कर रिया का मूह चोद रहा था.

राजेश को मुझसे पहले रिया की चूत मे लंड डालना था.

उसे लग रहा था कि पहले मैं रिया की चुदाई ना कर लूँ

रिया को कोई फरक नही पड़ रहा था कि उसके चूत मे पहला लंड किसका जाएगा.

दोनो लंड रिया के लिए दमदार थे.

मेरी जीभ दाने को टच करते उसका पानी निकल गया.

इतने दिनो बाद रिया का पानी पीते मैं खुश हो गया और खड़ा होकर अपने होंठो पर जीभ घुमाने लगा.

मेरे खड़े होते ही राजेश ने अपना लंड रिया के मूह से बाहर निकाला और जल्दी से रिया की पैरो मे जगह बना दी.

राजेश के ऐसा करने से हसी आ रही थी. पर मैं ने हँसने की जगह राजेश की जगह चला गया.

अवी-राजेश ,कॉंडम लगा लो

राजेश ने मेरी तरफ देखा और भाग कर कॉंडम का बॉक्स जो उसने खरीदा था वो लेकर आ गया.

राजेश को कुछ ज़्यादा ही जल्दी थी लंड डालने की.

वो जिस स्पीड से हॉल मे गया उस से पता चल गया कि उसे डर था कि मैं रिया की चूत ना मार डालु

मुझे रिया की चूत मारनी होती तो मैं राजेश को भूलता ही नही

मैं तो राजेश को बताने यहाँ लाया हूँ कि गाओं मे कितना मज़ा आता है

राजेश ने कॉंडम लगाए बिना गीला किए रिया की चूत मे पूरा पेल दिया.

रिया 1साल से चुदि नही थी. ऐसे मे राजेश का जोश से भरपूर सूखा लंड अंदर जाते रिया की आँखो बाहर निकल गयी.

रिया के आँखो से आसू निकल गये,जिसे देख कर राजेश अपना चॅलेंज जीत गया.

रिया रोते हुए चिल्ला रही थी.

माआआआ........माआआररर्र्र्ररर........दियाआआआआ........एकककककककक........ज़तक्ीईईई..........मीईईई दलाआाआ..........अवईीईईईईईईईई......तेरााआआ......भाईईईईईईईईईईई.......नीईईई.....मररर्र्ररर दियाआआआआअ......

राजेश-देख मैं ने तुझे रुला दिया .

और राजेश रिया को रोता हुआ देख कर खुश हो गया

इतना खुश हुआ कि वो रुकने की जगह हमला करने की तय्यार मे था

और राजेश ने धक्के मारना भी सुरू किया.

रिया को दर्द होने लगा.

रिया के साथ तो पूरी रात बितानी है ऐसे मे वो अभी दर्द से चिल्लाने लगी तो रात मे मूठ मारते रहना होगा

अवी-राजेश रुक जाओ. उसे दर्द हो रहा है

राजेश रुक गया और मैं ने रिया को किस करके शांत करना सुरू किया

राजेश रुक कर रिया के बूब्स मसल्ने लगा.

राजेश के एक झटके ने रिया के आसू निकाल दिए

बिचारी रिया अब तो बहुत कुछ झेलना बाकी था .मेरा लंड भी जाना बाकी था.

रिया इतने जोश मे थी कि वो जल्दी शांति हो गयी.

रिया-साले ,एक बार मे कोई पूरा वो भी सुख लंड डालेगा तो 2 बच्चो की माँ भी रोएगी.

राजेश-बात सिर्फ़ रुलाने की हुई थी.

रिया-चीटिंग से जीतने को जीतना कहते है तो तू जीत गया

राजेश-तुझे धक्के मार कर रुलाउन्गा. पर बाद मे अभी मज़ा ले

रिया-तो देना ,रुका क्यूँ है

रिया भी राजेश को उकसा रही थी कि वो जोरदार चुदाई करे

रिया को 1 साल की तड़फ़ जो निकालनी थी

और राजेश ने धक्के मारना सुरू किया

राजेश ने शुरुआत से जोरदार धक्के मारने सुरू किए

जिस से रिया को नानी याद आ रही थी.

पर रिया ने कंट्रोल करते हुए धक्के का मज़ा लेना सुरू किया

मैं ने रिया का मूह बंद करने के लिए अपना लंड उसके हलक मे डाल दिया.

एक लंड चूत मे एक लंड मूह मे लेते ही रिया पे डबल मस्ती छाने लगी.

अगर राज बड़ा होता तो उसे भी बुला लेता.

फिर तो तीनो भाइयों के लंड तीन छेद मे होते

जाने दो अभी हम दोनो रिया को नानी याद दिलाते है

राजेश नीचे से धक्के मारने लगा .और मैं मूह मे धक्के मारने लगा

रिया रंडी की तरह हमारे लंड अपने अंदर ले रही थी.

रिया ने सोचा नही था कि उसे इतना मज़ा आएगा.1साल का सूखा 2 लंड के तूफान से गीला होगा

रिया सोच रही होगी कि अच्छा हुआ वो वापस आकर चुदाई को हाँ कहा

राजेश के धक्को से रिया इतनी खुश हुई कि वो हमे मना कर ही नही रही थी.

राजेश उसकी जाँघो को मसल्ते हुए धक्के मार रहा था जिस से उसे बहुत मज़ा आ रहा था.

मैं देखना चाहता था कि राजेश के धक्को मे कितना दम है

मैं ने कुछ सेकेंड के लिए लंड बाहर निकाला था कि रिया के मूह से शीष्कारी निकलने लगी.

और्र्र्र्ररर हााआआ .........आईसीईईईईईई........हीईीईईईईईई.........जोर्र्र्र्र्र्र्ररर........मरूऊऊऊ........रजीएश.

राजेश भाई है किसका मेरा

मैं ने वापस रिया का मूह बंद किया और राजेश को थॅम्स अप करके जोश बढ़ाने लगा.

राजेश कोई सुस्ती नही कर रहा था . वो रिया को ऐसे धक्के मारना चाहता था कि वो उसके धक्के याद रखे.

राजेश का लंड देखते देखते अंदर गायब हो रहा था

रिया का जोश कम हो रहा था.

राजेश के जोश के सामने रिया हार रही थी.

मैं ने अपना लंड उसके मूह से बाहर निकाला ताकि रिया साँस ले सके

रिया झड़ने के कगार पे थी और

मैंन्नननननणणन्........आआआआअ.....रहियीईईईईईईई......... हुउऊुुुुुउऊँ

और रिया झड गयी.

पर राजेश रुका नही.

वो धक्के मारता गया.

राजेश के रुकने तक मैं ने अपने लंड पे कॉंडम लगा दिया.

और कॉंडम पर तेल लगाने लगा.

रिया को फिर से रुलाने का समय आ गया था.

राजेश इतने जल्दी अपना वीर्य निकालना नही चाहता था

इसलिए वो रुक गया

राजेश के रुकते रिया ने चैन की साँस ली .पर अब मेरा नंबर था.

रिया को लगा कि वो बच गयी

पर मेरा मॉन्स्टर अभी उसे और रुलाएगा

छोटे भाई ने चूत मार कर रुला दिया. बड़ा भाई गंद मार कर रुलाने वाला था.

 


808ए

राजेश ने रिया की चूत मार कर उसे रुला दिया.

अब मेरी बारी थी रिया की गंद मार कर उसे रुलाने की.

राजेश जल्दी झड़ना नही चाहता था इस लिए वो रुक गया.

राजेश के अलग होते मैं ने रिया को घोड़ी बना दिया.

और उसके गंद पर तेल लगाने लगा.

रिया-ये क्या कर रहे हो

अवी-गंद मार रहा हूँ.

रिया-अभी तो चूत मे दर्द हो रहा है. गंद मार कर और दर्द देना चाहते हो

अवी-चूत राजेश की गंद मेरी

रिया-आराम से करना

अवी-प्यार से करूँगा. जैसे हमेशा करता हूँ

और मैं ने रिया के चूतड़ फैला कर गंद के छेद को कुरेदना सुरू किया.

और अपना लंड रिया की गंद पे सेट कर के धीरे धीरे अंदर पुश करना सुरू किया.

रिया की गंद मे मेरा लंड जा चुका था. ऐसे मे टोपा पुश करने के साथ हल्के झटके मे अंदर चला गया

टोपा अंदर जाते रिया के चूतड़ अड्जस्ट होने लगे.

राजेश अपना लंड रिया के मूह मे डालनेवाला था कि मैं ने इशारा करके रुकने को कहा.

मैं रिया की चीख सुन ना चाहता था.

चुदाई का मज़ा तभी आता है जब चीखे निकले

आधा लंड अंदर जाने पर रिया को दर्द होना सुरू हो गया.

रिया को पता था कि पहले थोड़ा दर्द होगा पर बाद मे मज़ा ही मज़ा मिलेगा.

रिया की गंद मे आधा लंड जाते ही उसे रुलाने का समय आ गया था. मैं ने थोड़ा लंड बाहर खिच कर पूरा अंदर एक जबरदस्त झटके मे डाल दिया.

राजेश को दिखाना था कि मैं क्या चीज़ हूँ

मेरे लंड के सामने रिया को दिन मे तारे दिखने लगे.

लंड अंदर जाते ही रिया की आँखो से अपनेआप आसू आ गये

रिया की दर्दनाक चीख निकल गयी.

आआआहह........मररर्र्र्र्र्ररर........दलाआाआअ.........दोनूऊऊऊऊ............भाईईईईईईईईईईई.........ने..........मिलकर्रर्र्र्र्र्ररर.........

अवईीईईईईईई........तूमम्म्मममममम.......भीईीईईईईईई.........माआआआआअ.........दर्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड.....हूऊऊऊऊ.....

..रहाआआआआ.......हाईईईईईईईई.........

दोनूऊऊओ........भाईईईईईईई.......मेरिइईईईईईई.......जानंननननणणन्.......लेकर्रर्र्र्र्ररर..........रहेंगीईईईई..........

माआआआआ.......... एकककककककककककक......नीईईईई........ चूऊऊऊऊथततटतत्त ......... फाडीइईईईईईईईईई........ और्र्र्र्र्र्र्ररर.......... एकककककककक........ गंद्द्द्द्द्दद्ड....... फद्द्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड रहाआआआअ........... हाईईईईईईईईई

अवईीईईईईईईई......मैंन्ननननननणणन् मररर्र्ररर गाइिईईईई.............

मेरिइईईईईईईईई......... ज़ाआाआअन्न्नमननणणन्......... निकाअल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल रहियीईईईईई हाईईईईईईईईईईईईईई

राजेश तो देखता रह गया

उसके एक बार मे लंड डालने से रिया की चीख जितनी निकली उस से ज़्यादा रिया मेरे आधे लंड डालने पे चीख रही थी

राजेश ने मुझे सल्यूट किया

पर उस चक्कर मे रिया का बुरा हाल हो रहा था

2 भाई के बीच मे वो फस चुकी थी

अवी-रिया ,लंड अंदर चला गया. थोड़ी देर मे दर्द ख़तम होगा.

रिया-अवी बाहर निकालो दर्द हो रहा है.

राजेश-तुम तो फिर रोने लगी. तुम तो हार गयी.

रिया-तेरे भाई का लंड अंदर जाएगा तो रोना तो आएगा ना.

राजेश-अब तो लंड पे तेल भी लगा है ,तू हार गयी

रिया-शरत तेरे साथ लगाइइइ थी. अवी ने रुलाया तूने नही.... अवी निकालो दर्द हो रहा है.

अवी-राजेश इसका मूह बंद करो

राजेश तो इसी का इंतज़ार कर रहा था. राजेश ने रिया के मूह खोलते ही लंड अंदर पेल दिया.

राजेश के लंड ने रिया का मूह बंद किया और मेरे लंड ने रिया की गंद जो खोलना सुरू किया.

रिया अपना हाथ पीछे लाकर मुझे रोक रही थी पर मैं रुकने वाला नही था.

रिया की गंद का मज़ा लिए बिना मैं रुकने वाला नही था.

राजेश मूह को चोद कर रिया को पीछे धकेल रहा था. और रिया के पीछे आते मैं जोरदार धक्का मार कर रिया को आगे पुश करने लगा.

रिया ने पहले तो मुझे रोकना चाहा पर मेरे धक्को ने उसके विरोध को मज़े मे बदल दिया.

रिया गंद मरवाने का मज़ा मेरे लंड से बराबर ले रही थी.

रिया के गंद को मेरा लंड पहले भी पसंद था और अब भी पसंद आ रहा था.

पहले जो विरोध किया था वो इतने दिन बाद मिलने ना आने की वजह से किया था.

रिया हम दोनो भाई के बीच मे घोड़ी बन कर खुशी से चुदवा रही थी.

मैं ने रिया के कमर को पकड़ लिया ताकि धक्के ज़ोर से मारू

मेरी स्पीड बढ़ते ही रिया ने राजेश का लंड मूह से बाहर निकाल लिया.

और मेरे धक्को का मज़ा लेते हुए शीष्कारी लेने लगी.

आआआहह......... अवईीईईईईईईई........ जोर्र्र्र्र्र्र्ररर........ आआआअहह....... ऊऊऊऊहह........ मेरईईईई....... जादूगर्र्ररीईई......... हिऊऊऊऊऊऊ....... आआअहह.........

रजेआस्स्स्स्स्स्शह....... डेक्कककककूऊऊऊऊओ...... आआआआहह...... अवईीईईईईईईईईईई........ जादूगर्र्र्र्ररर ....... है.....

राजेश हमारी चुदाई देख कर धीरे धीरे अपना लंड सहलाने लगा.

राजेश मुझे चुदाई करते हुए गौर से देख रहा था. वो मुझसे सीख रहा था.

रिया को अपना मनपसंदिता लंड मिलते ही उसने शीष्कारियो की बारिश सुरू की.

आआआहह......जोर्र्र्र्र्ररर.....सीईईई.....मरूऊओपोप्प........अवईीईईईईिओ..........तुम्हाराआआआ........ जवब्ब्ब्ब्ब्ब्बबब.........नहियीईईईई..........आआआहह.........आआआहह.......लाखूऊऊओ.....,ईकककककककक......हूऊऊ...

..जोर्र्र्र्ररर........सीईई........

रिया की शीष्कारियो से राजेश समझ गया कि मैं कैसी चुदाई करता हूँ

रिया को जितना दर्द हुआ उस से भी ज़्यादा मज़ा आ रहा था

मैं तो अपना वीर्य निकालने तक रिया की गंद मारू .पर मुझे राजेश के बारे मे सोचना था.

राजेश ने अपने लंड पर कॉंडम लगा दिया था .और मेरे रुक ने का इंतज़ार क्ररने लगा

राजेश-भैया

ये पार्टी राजेश के लिए है

रिया को मज़ा लेता हुआ देख कर राजेश भी जोश मे आ रहा था

अवी-हो गया .अब तुम करो

मैं ने लंड बाहर निकाल लिया और राजेश खुश हो गया.

पर रिया और गंद मे नही ले सकती थी.

रिया-आगे से करो

अवी-राजेश तुम बेड पर लेट जाओ .और रिया तुम लंड पर बैठो

राजेश तो फुल फॉर्म मे था .वो अब अपना वीर्य निकालने तक चुदाई करेगा.

रिया राजेश के लंड पर चूत रख कर बैठ गयी.

और राजेश ने रिया की चूत मारनी सुरू की

राजेश मेरी चुदाई देख कर ज़्यादा जोश मे आ गया था .वो अब वीर्य निकाल कर रुकेगा

तब तक मैं रुक नही सकता .

क्या करूँ, मुझे ठकुराइन की चुदाई याद आ गयी.

रिया की एक साथ चुदाई करने का आइडिया मेरे दिमाग़ मे आया.

रिया को फिर से रुलाने का समय आ गया था.

राजेश रिया को किस करके हुए नीचे से धक्के मार रहा था.

मैं उन दोनो के उपर आ गया और रिया के चूतड़ फैलाने लगा.

रिया ने किस करना बंद किया और पीछे मूड कर देखा. मुझे अपनी गंद पर लंड सेट करते हुए देख कर रिया डर गयी.

रिया-अवी ये क्या कर रहे हो

अवी-एक भाई का चूत मे और दूसरे भाई का गंद मे

रिया-रूको ,मुझे नही करना.

राजेश-भैया डाल दो, मैं ने पहले कभी ऐसा नही किया .डाल दो

रिया-अवी नहियिइ

मैं ने रिया की बात नही सुनी और पहले धीरे धीरे लंड को रिया की गंद मे डालने लगा.

कैसे भी डालु ,रिया को दर्द होना ही था.

अभी थोड़ी देर पहले गंद मारने से लंड बिना झटकों के अंदर गया.

एक साथ चूत और गंद मे लंड लेने से रिया को दर्द होने लगा.

रिया फिर से रोने लगी.

मररर्र्ररर.......दलाआाआ......एकककककककक........ सतह.......अवईीईईईईईई.......निकालूऊऊऊ......मेरिइईईईई फत्त्तटतत्त......रहियीईईईईई........ हाईईईईईईई........माआआआअ........बचलूऊऊऊ.....

इन दोनूऊऊऊऊ.......सीईई.......मारीईईईई........जानंननननणणन्.......निकलल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल.......रहियीईईईईईईई........हाईईईईई..........दो लुंद्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड.......एककककककक........सहह........

रिया के रोने से राजेश खुश हो गया.

राजेश के लिए ये एक नया अनुभव था .जिसे वो फुल एंजाय कर रहा था.

पर रिया की जान निकल रही थी.

मैं ने राजेश को कुछ देर रुकने को कहा ताकि रिया का दर्द कम हो सके

राजेश ने रिया को किस करना सुरू किया ताकि वो जल्दी चुदाई का मज़ा ले सके

रिया को टाइम लगा पर इतना तो उसके लिए करना था.

रिया के थोड़े शांत होते हम ने धीरे धीरे लंड इन आउट करना सुरू किया

राजेश पहले झटके मारता तो मैं अपना लंड बाहर खीच लेता .

मेरे धक्के मारते राजेश अपना लंड बाहर निकाल लेता.

रिया हम दोनो के बीच मे फस चुकी थी.

रिया हम दोनो के बीच से निकल नही सकती थी.

रिया समझ गयी कि उसका विरोध करना किसी काम का नही होगा. हम उसे जाने नही देंगे

रिया ने दर्द होते हुए भी विरोध करना बंद किया और हमारा साथ देने लगी

रिया का साथ मिलते ही हम दोनो मज़ा लेते हुए चूत और गंद मारने लगे.

रिया के मूह से धीरे धीरे शीष्कारी निकल रही थी.

रिया ज़्यादा मज़ा लेने के लिए राजेश को किस करने लगी

राजेश और रिया अपने डीपी को एंजाय कर रहे थे.उनके लिए ये पहला अनुभव था

राजेश ने कभी ऐसा किसी के साथ नही किया था

आज मेरे साथ मिलके रिया की बजाने से वो बहुत जोश मे आ गया

रिया भी एक साथ 2 दमदार लंड लेकर मज़ा ले रही थी

उसे पता था कि ऐसा कभी दयबारा करने को नही मिलेगा

रिया पूरा का पूरा मज़ा ले रही थी

मैं पहले भी इसका मज़ा ले चुका था

इस लिए मैं रिया को कम से कम दर्द हो इसकी कोशिस कर रहा था.

रिया की चूत और गंद हमारे लंड के लिए पूरी खुल गयी.

रिया को पूरी रात का सफ़र तय करना था

अबी तो शुरुआत है

मैं रिया की गंद पर थप्पड़ मारते हुए गंद मे धक्के मार रहा था

राजेश रिया के बूब्स दबातें हुए चूत मार रहा था.

राजेश के उपर हमारा वेट था जिस से वो ठीक से कर नही पा रहा तब

राजेश-भैया आप चूत मारो मैं गंद मारता हूँ

मैं ने लंड बाहर निकाला और रिया को राजेश के लंड से उठा कर अपनी गोद मे लिया.

रिया को अपनी गोद मे लेकर मैं ने लंड को चूत मे डाल दिया.

राजेश ने भी खड़ा होकर रिया के पीछे खड़ा होकर लंड गंद मे डाल दिया.

रिया को हवा मे उठा कर राजेश और मैं उसकी चुदाई करने लगे.

रिया को इस तरह हवा मे उड़ कर चुदाई करने मे मज़ा आ रहा था.

राजेश को भी इस मे पूरा मज़ा आ रहा था.

राजेश को नयी पोज़िशन मे चुदाई करना. अपना पहला थ्रीसम करना जिस मे चूत और 2 लंड हो.

राजेश अब अच्छे से धक्के मार रहा था.

मैं रिया को पकड़ कर हमारे लंड पे उपर नीचे करने लगा.

रिया का पानी हमे भिगो रहा था.

रिया पूरी पानी पानी हो गयी थी.

रिया अपना डीपी को एंजाय करने के लिए हमारा पूरा साथ दे रही थी

रिया और राजेश ऐसीचुदाई मे खुश थे.

फिर मैं ने रिया को वैसे उठा कर बेड पर लेट गया.

मैं नीचे ,मेरे उपर रिया और रिया के उपर राजेश

रिया फिर से हमारे बीच मे संड्वीच बन गयी.

राजेश ने धक्के मारने के गति बढ़ा दी थी शायद उसका निकलने वाला था.

मेरा भी लास्ट स्टेज पर आ रहा था.

रिया तो पहले ही कितनी बार अपना पानी छोड़ चुकी थी पता नही चला.

रिया हमारे वीर्य निकालने वाले झटके सह नही पाएगी.

वो भी डीपी मे ,मुश्किल था.

राजेश और मैं ने लंड बाहर निकाल कर कॉंडम निकाल कर फेक दिया.

और रिया के मूह के सामने लंड हिलाने लगे

रिया अपना मूह खोल कर वीर्य पीने को तय्यार थी

पहले राजेश ने पिचकारी छोड़ कर रिया को अपना कम पिलाया

राजेश के रुकते ही मैं ने अपनी पिचकारी की धार रिया के मूह मे मारी.

हमारा कम पीकर रिया ने राहत की सास ली

रिया का पेट हमारे कम से भर गया

रिया ने लंड को चाट कर लंड पे लगा हुआ कम भी पी लिया.

रिया को वीर्य पिलाते हम तीनो बेड पर ऐसे गिर गये जैसे हम मे जान ही ना हो

 


808ब

रिया की चुदाई करके मुझे तो बहुत मज़ा आया .राजेश ने भी रिया की जवानी को पूरा लूट लिया.

रिया एक चुदाई मे तीन बार रोई

1-राजेश ने चूत मे लंड डाल कर रिया को रुलाया

2-मैं ने गंद मे लंड डाल कर रिया को रुलाया

3-राजेश ने चूत और मैं ने गंद मे एक साथ लंड डाल कर रिया को रुलाया.

रिया रोई ज़रूरी पर उसने चुदाई को बहुत एंजाय किया.

जितनी वो रोई उस से ज़्यादा उस ने मज़ा किया.

रिया की चूत और गंद दोनो खोल दी हम ने

रिया की बंजर ज़मीन पर बारिश की जगह तूफान आने से वो खुश हो गयी.

रिया की एक एक हड्डी तोड़ दी राजेश और मैं ने

राजेश को मेरा साथ मिलकर चुदाई करने मे मज़ा आया.

उसने जितना सोचा था उस से ज़्यादा मज़ा आया राजेश को

राजेश की खुशी देखते ही बन रही थी

रिया-अवी, मज़ा आ गया.

अवी-देखा तुम मना करती तो क्या मिस करती

रिया-आज की चुदाई मैं हमेशा याद रखूँगी.

राजेश-क्यू रोने की वजह से

रिया-इतना मज़ा एक चुदाई मे नही मिला

राजेश-एक चुदाई मे तीन बार रोई हो तुम

रिया-तुम दोनो के लंड किसी को भी रुला देंगे

राजेश-तुम शरत हार गयी

रिया-मैं हारी नही

राजेश-तुझे तीन बार रुलाया है

रिया-पहली बार जैसा तूने किया तो कोई भी रोएगी.और दूसरी बार अवी ने रुलाया.तूने नही.

राजेश-तीसरी बार

रिया-गधे जैसे 2 लंड एक साथ अंदर जाएँगे तो रोना तो आएगा.

राजेश-तू बहाने मत बना

रिया-देख तीसरी बार अवी भी था. अकेले रुला कर दिखा तो हार मानूँगी.

राजेश-आ मैदान मे

रिया-अब मैं कमज़ोर हूँ. और कमज़ोर से तो तू जीत जाएगा.

राजेश-कब खेलना है बोल

रिया-1 घंटे बाद

राजेश-ठीक है. वैसे तुम चुदाई की क्वीन

रिया-तुझ पर भी बहुत दम है.

राजेश-तेरी जैसी आज तक नही मिली. भैया और मेरा लंड ले लिया तूने. फिर भी चुदाई को तय्यार हो

रिया-सच कहूँ ,तुम दोनो अपने लंड से किसी को भी अपना गुलाम बना सकते हो . कितनी जोरदार कितनी लंबी ,कितनी मस्त चुदाई की तुम दोनो ने

राजेश-रिया ,ऐसा लग रहा है तेरी चुदाई करता रहूं.

रिया-मारने का इरादा है.

अवी-तुम दोनो चुप रहो ,

रिया-क्या हुआ

अवी-तुम जाकर फ्रेश हो जाओ ,फिर से चुदाई करनी हैना

राजेश-भैया एक चुदाई मैं अकेले करना चाहता हूँ.

रिया-मैं भी ,इसी बहाने हमारा खेल पूरा होगा

अवी-कर लो, मैं रात मे करूँगा चुदाई

राजेश-थॅंक्स भैया

अवी-ये सब तेरे लिए है. तू जैसा चाहेगा वैसा होगा.चले खाना खाते है

रिया बाथरूम मे चली गयी. और हम ने टवल लगा कर खाना प्लेट मे डालने लगे

अवी-राजेश मज़ा आया

राजेश-हाँ, स्कूल से भी ज़्यादा मज़ा आया

अवी-रिया कैसी थी.

राजेश-अब आप उसे भूल जाइए .गाओं मे रह कर रिया से दिल बहला लूँगा मैं

अवी-समझो मैं भूल गया मैं रिया को . पर गाओं मे रिया के साथ कहाँ करेगा.

राजेश-वो मैं देख लूँगा.

अवी-ध्यान से ,

राजेश-भैया पता है मुझे ,आप टेन्षन मत लो ,मैं पूरा ध्यान रखूँगा. अगर कुछ हुआ तो पहले आपको बताउन्गा.

अवी-ठीक है.रिया को रुला कर उसे अपना बना ले

राजेश-उसे तो आराम से रुला लूँगा. उसे अपना बनाना है तभी तो शर्त लगाने पे उसको उकसाया था

अवी-पता है मुझे ,वैसे तू अच्छी चुदाई कर लेता है.

राजेश-आप बेस्ट चुदाई करते है. आप से सीखना पड़ेगा.

अवी-आज रात रिया की चुदाई फिर से साथ मे करेंगे

राजेश-भैया थॅंक्स

अवी-थॅंक्स मत बोला कर. तेरा बड़ा भाई हूँ इतना तो मैं कर ही सकता हूँ.

राजेश-भैया ये चाबी लीजिए

अवी-वो तू रख ,एक चाबी तेरे पास एक मेरे पास, किसी के साथ सेट्टिंग की तो यही चुदाई करना. यहाँ सेफ रहता है.

राजेश-थॅंक्स भैया.

अवी-फिर थॅंक्स बोलो

राजेश-सॉरी,

हम ने खाना सुरू किया.

राजेश-भैया

अवी-बोलो

राजेश-आपको बुरा तो नही लग रहा कि मैं ने रिया को माँग लिया.

अवी-मुझे क्यूँ बुरा लगेगा. मेरी बहुत सेट्टिंग है तू बिंदास रिया के साथ एंजाय करना.

राजेश-आप देखते जाओ मैं उसका फिगर मसल मसल कैसा बनाता हूँ.

अवी-जैसा चाहे वैसा बना लेना.चल खाना खा

राजेश-भैया ,क्या हम बाद मे भी साथ मिलकर चुदाई करेंगे

अवी-तू क्या चाहता है

राजेश-भैया मैं तो आपके साथ मिलकर चुदाई करना चाहता हूँ

अवी-ठीक है , जब भी मोका मिला तो ज़रूर करेंगे

राजेश-राज भी मिल जाता तो और मज़ा आता

अवी-राज अभी छोटा है ,जब सही समय आएगा तब उसे सिखा देंगे

राजेश-जी भैया

राजेश को मैं ने घर2 की एक चाबी दी ताकि उसके पास जगह हो चुदाई करने की

राजेश गाओं मे रिया के साथ टाइम पास कर लेगा.

राजेश सब संभाल के चुदाई करेगा. वो स्मार्ट है,मुझे ज़्यादा टेन्षन नही लेना चाहिए

रिया के फ्रेश होते ही हम ने मिलकर खाना खाया.

मुझे रिया की एक बार और चुदाई करनी थी पर राजेश को अकेले रिया के साथ करना था.

राजेश जैसा चाहता है वैसा होने देता हूँ.

खाना खाने के बाद हम टीवी देखते हुए रिया के बदन के साथ खेलते हुए बातें करने लगे

रिया हम दोनो के बीच मे बैठ कर हमारा लंड खड़ा कर रही थी.

अगर मेरा लंड खड़ा हुआ तो मुझे चुदाई करनी होगी.

राजेश को ये अच्छा नही लगेगा.

इस लिए मैं वहाँ से उठ कर बेडरूम मेजाकर सो गया.

मेरे जाने से राजेश को रिया के साथ बातें करने के लिए एकांत मिला.

करने दो राजेश को मज़े ,मैं तो करता रहता हूँ

और रिया की राजेश कितनी भी चुदाई कर ले पर रिया मेरी एक आवाज़ पर अपने पैर खोल देगी

मैं एसी की ठंडी हुआ मे सो गया.

रिया और राजेश बातें कर रहे थे.

रिया को राजेश पसंद आ गया था.

रिया को राजेश के साथ चुदाई करने से बहुत मज़ा आया.

रिया को लग रहा था कि मैं तो उसके लिए हूँ ही .अगर राजेश भी मिल जाए तो मज़ा आ जाएगा.

रिया की चुदाई वो भी इतने दिनो बाद इस तरह हुई की रिया खुश होगयि.

राजेश रिया के साथ बातें करके दोस्ती कर रहा था

राजेश अपने स्किल से रिया को पटा रहा था.

मैं रिया की चुदाई करने के बाद सो गया.

पता नही मुझे सोए हुए कितना समय हुआ.मेरे सोने के बाद रिया और राजेश मे क्या बात हुई.

मेरी नींद तो रिया के रोने से खुली.

मैं ने आँखे खोल कर देखा तो रिया रो रही थी.

राजेश रिया की घोड़ी बना कर चुदाई कर रहा था.

रिया रोते हुए मुझे राजेश को रोक ने को कह रही थी

मैं उठ कर रिया के पास गया.

रिया-अवईीईईई ....राजेशह

रिया की आँखो से आसू निकल रहे थे.

अवी-इतनी जल्दी हार गयी

रिया-राजेश को रोको ,

रिया के चेहरे पे मुझे दर्द दिख रहा था.

अवी-राजेश रिया रो रही है. अब रुक जाओ

मेरी बात सुनते ही राजेश होश मे आ गया.और रिया को रोता हुआ देख कर धक्के मारना बंद किया और रिया की गंद से लंड बाहर निकाला

राजेश के रुकते ही रिया बेड पर गिर गयी.

अवी-ये क्या किया तुम ने

राजेश-उसी ने गंद मारने को कहा.

अवी-चूत का ये हाल करेगा तो वो गंद मारने को कहेगी ना.

राजेश-उसे रुलाना था.

अवी-इतना क्यू रुलाया.

अवी-रिया तुम ठीक हो ना

रिया-अवी दर्द हो रहा है कुछ करो ना

अवी-किसने कहा था शरत लगाने को

रिया-दर्द हो रहा है.

मैं ने रिया को पेन किल्लर खिला दी. और उसे बाथरूम मे लेकर जाकर बाथटब मे गरम पानी मे डाल दिया.

गरम पानी से रिया को अच्छा लगने लगा. राजेश अपना खड़ा लंड लेकर बाथरूम मे आ गया.

राजेश-रिया सॉरी

रिया-तुम जानवर हो

राजेश-तुम्हे रुलाने के चक्कर मे तुम्हारा दर्द नही देख सका

रिया-अपने लंड को दूर रखो मुझसे

अवी-रिया तुम हार गयी हो.उसका वीर्य निकालो

रिया-दर्द हो रहा है

अवी-चूस कर निकालो, कब तक वो लंड खड़ा लिए रहेगा.

राजेश-रहने दो मैं अपने हाथ से कर लूँगा.

रिया-रूको .चूस कर निकालती हूँ

राजेश ने अपना लंड रिया के मूह मे डाला.

रिया ने चूस कर राजेश को ठंडा किया.

रिया शरत हार गयी. राजेश जीत गया.

रिया ने नहाने के बाद बेड पर जाकर सो गयी.

अब तो रिया कुछ दिन चुदाई नही कर पाएगी.ऐसी हालत हो गयी थी उसकी

अब रात भर का घंटा हिलाएँगे

राजेश ठीक से करता तो रात भर रिया की चुदाई करते

मिसेज़ पवार को बुलाता हूँ . उसकी चुदाई करूँगा.

पहले राजेश से बात करता हूँ ,

मैं ने रिया को सोने दिया और राजेश को लेकर हॉल मे आ गया.

 


809

रिया को पेन किल्लर खिला कर सुला दिया

अगर मैं उठ नही जाता तो राजेश उसकी माँ बहन एक कर देता.

रिया को सुलाने के बाद मैं राजेश को लेकर हॉल मे आ गया.

अवी-ये क्या कर रहा था तू

राजेश-रिया को रुला रहा था.

अवी-ऐसे ,उसे कितना दर्द हुआ होगा.

राजेश-दर्द होगा तभी रोएगी ना

अवी-सीधे तरीके से रुला सकता था

राजेश-वो किया था आपको पता है.पर वो चीटिंग कर रही थी.

अवी-जीत गया ना तू

राजेश-हाँ,

अवी-अब बता रिया को रुलाया कैसे

राजेश-पहले उसकी चूत मारी. पूरा थॅंक ख़तम कर दिया.

अवी-उसे मज़ा आया होगा.

राजेश-हाँ. पर थॅंक ख़तम होते ही उसे दर्द होने लगा.

अवी-फिर

राजेश-फिर उसके आराम देने के लिए गंद मारी,पर गंद मे जल्दी उसे जलन होने लगी. वो रोने लगी. और आपको उठाया.

अवी-ये सब तो चुदाई मे चलता रहता है.

राजेश-अगर उसने मुझसे दुबारा चुदाई करने से मनाकिया तो

अवी-नही करेगी. वो खुश है जो एक दमदार लंड उसे मिला है. देखना कल तेरे लंड पर बैठी रहेगी.

राजेश-और रात मे

अवी-अब तो उसे आराम चाहिए ,तू उसे आराम करने दे

राजेश-फिर रात मे क्या करेंगे

अवी-मैं किसी और को लाता हूँ.

राजेश-किसे

अवी-आंटी चलेंगी

राजेश-हाँ

अवी-इस सोसाइटी मे काफ़ी आंटी है.

राजेश-वो सामने वाली मिल सकती है

अवी-वो भी मिल जाएगी पर वो(मिसेज़ दूबे) अपने पति के साथ बाहर गयी है.

राजेश-मतलब आपने उस आंटी के साथ भी किया

अवी-हाँ,अगर वो अपने पति के साथ बाहर नही गयी होती तो अब तक तेरे लंड के नीचे होती.

राजेश-उसे दिला दो भैया.

अवी-उसे आने दे ,फिर दिलवा दूँगा. वो खुद आ जाएगी यहाँ पर

राजेश-आप दूसरी आंटी को बुलाने वाले थे

अवी-बुलाता हूँ. वो आंटी (मिसेज़ पंवार) भी खूबसूरत है.

राजेश-बुलाओ ना

अवी-5 बजे ,उसके ऑफीस से आने के बाद बुलाउन्गा.

राजेश-तब तक

अवी-आराम कर

राजेश-रिया तो बेड पर आने नही देगी

अवी-चुप चाप जाकर उसे सिने से लगा कर सो जा , उसे अच्छा लगेगा.

राजेश रिया के पास जाकर सो गया .और मैं कपड़े पहन कर टीवी देखने लगा

मिसेज़ दूबे यहाँ होती तो उसे बुला लेता.

मिसेज़ दूबे को देखकर राजेश खुश हो जाता.

मिसेज़ दूबे नही है तो क्या हुआ मिसेज़ पवार है

मिसेज़ पवार को देख कर राजेश खुश हो जाएगा.

मिसेज़ पवार मिसेज़ दूबे जैसी हॉट है.

मिसेज़ पवार आंटी तो नही लगती पर शादी सुदा होने से आंटी कह सकते है.

5.00 बज गये. मिसेज़ पवार ऑफीस से आ चुकी होगी.

जाकर देखता हूँ.

राजेश को आराम की ज़रूरत है.अगर मिसेज़ पवार आ गयी तो रात भर राजेश सोएगा नही.

मैं फ्रेश होकर मिसेज़ पवार के घर की तरफ निकल गया.

मिसेज़ पवार के घर पे लॉक लगा हुआ था.

अबी तक मिसेज़ पवार आई नही ऑफीस से.

मिसेज़ पवार अभी तक आई नही ऑफीस से.

क्या करूँ यहाँ रुक भी नही सकता.

अगर किसी ने देख लिया तो गड़बड़ हो जाएगी.

एक काम करता हूँ ,चिट्ठी लिख कर अंदर डाल देता हूँ.

मैं ने एक पेज पे अपना नाम लिख कर गेट के नीचे से अंदर डाल दिया.

मिसेज़ पवार को मेरा नाम देखते ही मेरे लंड की याद आ जाएगी.

अगर वो नही आई तो

अगर वो बिज़ी होगी तो

हरीश के साथ प्लान होगा तो

मुझे बॅकप तय्यार रखना होगा.

राजेश को चुदाई करनी है. उसे खुश रखने लाया हूँ.

बॅकप मे मिसेज़ वर्मा की खास स्टूडेंट ठीक रहेगी.

वो तो राजेश का नाम सुनते हाँ कर देंगी.

पहले मिसेज़ पवार का इंतज़ार करता हूँ.

खाने का इंतज़ाम भी करना होगा.

मिसेज़ पवार नही आई तो मिसेज़ वर्मा जी स्टूडेंट को लाते हुए होटेल से खाना ले लूँगा.

ये ठीक रहेगा.

मिसेज़ पवार के नाम चिट्ठी छोड़ कर मैं घर2 आ गया.

और टीवी पे मूवी देखते हुए मिसेज़ पंवार के आने का इंतजार करने लगा.

मैं ने बेड रूम मे जाकर देखा तो रिया और राजेश एक दूसरे से चिपक कर सो रहे थे.

रिया के हाथ मे राजेश का लंड था और राजेश का हाथ रिया की गंदपर था.

लगता है दोनो चुदाई के सपने देख रहे है.

सपने मे एक दूसरे की चुदाई कर रहे होगे.

मैने ने उनको सोने दिया और चाचिको फोन करके बता दिया कि मैं खाना खाने होटेल जा रहा हूँ.

बड़ी चाची ने कहा कि ज़्यादा मसाले वाला खाना ना खाऊ.

बड़ी चाची काफ़ी देर तक मुझसे बात करती रही

चाची तो फोन रख नही रही थी. मैं ने ही फोन रखने को कहा .

चाची से बात हो गयी. पर ये मिसेज़ पवार अब तक आई क्यू नही.

7.00 पीएम बज रहे है. अब तो मिसेज़ पवार को आ जाना चाहिए था.

पता नही कहाँ चली गयी.

लगता है बॅकप इस्तेमाल करने का समय आ गया.

मिसेज़ वर्मा की स्टूडेंट को बुला लाता हूँ.

रिया तो अब चुदाई नही कर पाएगी

पर पहले राजेश को उठा देता हूँ.

मेरे जाने के बाद मिसेज़ पवार आ गयी तो

मैं ने राजेश को उठा दिया.

राजेश ने उठ कर पहले रिया की गंद पर थप्पड़ मारा फिर फ्रेश हो ने चला गया

 
809आ

राजेश-भैया कहाँ जा रहे हो

अवी-खाने का इंतज़ाम करने

राजेश-भूख तो लगी है.

अवी-क्या लाउ

राजेश-नोन वेग ,

अवी-तुम रिया का ध्यान रखो मैं खाना लेकर आता हूँ

राजेश-भैया .वो आंटी का क्या हुआ.

अवी-वो घर पे नही है

राजेश-फिर हम क्या करेंगे रात भर

अवी-मैं उसी का बसदॉबस्त करने जा रहा हूँ

राजेश-दूसरी आंटी को लाने जा रहे हो

अवी-जो मिलेगी उसे लाउन्गा.तुम बस तय्यार रहना

राजेश-मैं तय्यार हूँ ,देखिए कपड़े भी नही पहने

राजेश को रिया के साथ रुकने को कहा और मैं बाहर जाने के लिए डोर खोला था कि मिसेज़ पवार मेरे सामने खड़ी हो गयी.

मिसेज़ पवार, अच्छा हुआ आप आ गयी.

मिसेज़ पवार-तुम्हे कैसा पता मैं बेल बजाने वाली हूँ

अवी-तुम्हारी खुसबू से पता लग गया.

मिसेज़ पवार-कुछ भी,हटो अंदर तो आने दो

मैं ने मिसेज़ पवार को रास्ता दिया और वो अंदर आकर सोफे पर बैठ गयी.

अवी-तुम्हे मेरा मेसेज मिला

मिसेज़ पवार-हाँ, नाम देखते ही पहचान लिया.

अवी-फिर इतनी देर क्यूँ लगा दी

मिसेज़ पवार-मैं ऑफीस से देर से आई. और आते ही तुम्हारी चिट्ठी मिल ,मैं वैसे आने वाली थी पर फ्रेश होना ज़रूरी था.

अवी-तभी तो कहा कि तुम्हारी खुश्बू सूंघ का पता लगा लिया था.

मिसेज़ पवार-प्लान क्या है.

अवी-पूरी रात का प्लान है

मिसेज़ पवार-पूरी रात, ठीक है

अवी-तुम्हारा पति

मिसेज़ पवार-वो गया होगा नाइट ड्यूटी पे,उसे सेक्यूरिटी का जॉब मिल गया.

अवी-ये तो अच्छी बात है

मिसेज़ पवार-क्या खाक अच्छी बात है. मैं दिन मे काम करती हूँ और वो रात मे, इस से हमारा मिलन सिर्फ़ सनडे को होता है

अवी-मैं हूँ ना

मिसेज़ पवार-तुम, कितने दिन बाद मिलने आए हो

अवी-कुछ काम मे फस गया था जिस से यहाँ आना नही हुआ.

मिसेज़ पवार-ठीक है. पर अच्छा किया जो पूरी रात का प्लान बनाया है

अवी-सोचा कि पूरी कसर निकाल दूं

मिसेज़ पवार-निकाल लेना.वैसे घर सजाया अच्छा है

अवी-तुम्हारे लिए सजाया है.पसंद आया

मिसेज़ पवार-हा, आज तो मज़ा आ जाएगा.

अवी-डबल मज़ा आएगा

मिसेज़ पवार-डबल मज़ा मैं समझी नही

अवी-समझ जाओगी. इतनी जल्दी क्या है.

और मैं मिसेज़ पवार पे टूट पड़ा.

मिसेज़ पवार-रूको कपड़े निकालने दो वरना गड़बड़ हो जाएगी.

मिसेज़ पवार अपनी सारी निकालने लगी.

राजेश बेडरूम के डोर पे पास खड़ा होकर मिसेज़ पवार को सारी निकालते हुए देख रहा था.

मिसेज़ पवार की खूबसारती को देखते ही राजेश अपना लंड खड़ा करने लगा.

मैं ने राजेश को रुकने का इशारा किया

राजेश के गड़बड़ करने से पहले मुझे मिसेज़ पवार को पटाना होगा.

मिसेज़ पवार सारी निकालने के बाद अपना ब्लाउस निकालने लगी.

तब तक मैं ने अपने कपड़े निकाल कर फेक दिए.

मिसेज़ पवार-तुम्हारा क्या हमेशा खड़ा रहता है

अवी-आपकी खुसबू ने मेरे लंड को खड़ा कर दिया.

मिसेज़ पवार-संभाल रखना ,आज मैं कच्चा खा जाउन्गी

अवी-खा लो ,आज तुम्हे कमी नही पड़ेगी.

मिसेज़ पवार-क्या ?

अवी-पेटिकोट भी निकाल दो

मिसेज़ पवार-तुम खुद निकाल लेना. चलो बेड रूम मे

अवी-बेड रूम मे क्या रखा है. यही करते है.

मिसेज़ पवार ब्रा और पेटिकॉट मे मेरे गोद मे आकर बैठ गयी.

अवी-तुम तो हॉट हो गयी.

मिसेज़ पवार-तुम्हारे लंड को देख कर कोई भी हॉट हो जाएगी.

मैं ने पेटिकोट का नाडा खोल दिया और लंड को पेटिकोट के अंदर डाल दिया.

मिसेज़ पवार-कॉंडम ,याद हैना तुम्हे

अवी-कॉंडम को टाइम है. पहले रसीले होंठो का रस तो पीने दो

मिसेज़ पवार-मैं पीलू या तुम पिलाने वाले हो

अवी-तुम ही पिला दो

इतना कहते ही मिसेज़ पवार ने मेरे होंठो से अपने होंठ मिला दिए

मिसेज़ पवार तो पूरी तय्यार होके आई थी. वो मेरे होंठो को चूस नही रही थी खा रही थी

मिसेज़ पवार इतना जोश दिखा रही थी तो मैं कितना जोश दिखाउन्गा.

मैं भी उनके होंठो को पागलो की तरह चूसने लगा.

वो जितना जोश दिखा रही थी उस से ज़्यादा मैं दिखा रहा था,मैं उसके होंठो का सारा रस नोच नोच कर पीने लगा

होंठो को चूसने के साथ मैं ने उसकी ब्रा निकाल कर राजेश की तरफ फेकि और उसकी नंगी पीठ पर अपने हाथ घुमाने लगा

राजेश को ब्रा मिलते ही उसने ब्रा को अपने लंड पर लपेट लिया.और हमारी मस्ती को देखने लगा.

मिसेज़ पवार मेरे बालो को बिखेर रही थी. मेरे लंड को अपनी चूत पे महसूस करके अपनी कमर को हिला कर चूत लंड को रगड़ रही थी

मिसेज़ पवार को बर्दास्त नही हो रहा था. वो लंड को मूह मे चूत मे गंद मे लेने को बेचैन हो रही थी.

मिसेज़ पवार ओरल सेक्स बाद मे करने की सोचने लगी

मिसेज़ पवार ने किस करना बंद किया और खड़ी होकर पेटिकोट और पैंटी निकाल दी

मिसेज़ पवार को पूरा नंगा देख कर राजेश से रुका नही जा रहा था

वो मुझसे मिसेज़ पवार के पास आने की इजाज़त माँगने लगा.

मैं ने 2 मिनिट रुकने को कहा.

मिसेज़ पवार नंगी होते ही मुझे कॉंडम के बारे मे पूछने लगी.

मिसेज़ पवार-कॉंडम कहाँ है

अवी-पहले लंड तो चूस लो ,फिर कॉंडम दूँगा.

कॉंडम का नाम सुनते राजेश ने अपने लंड पर कॉंडम लगा कर थूक लगा कर तय्यार करने लगा.

मिसेज़ पवार मेरे सामने बैठ कर लंड को सहलाने लगी.

अवी-ऐसे नही. कुत्ति बन कर लंड चूसो

मिसेज़ पवार-क्यूँ?

अवी-ट्राइ करके देखो मज़ा आ जाएगा.

मिसेज़ पवार कुत्ति बन कर लंड चाटने लगी

अवी-चूसो ,चाटने से मज़ा नही आएगा.

मिसेज़ पवार ने चाटने की जगह लंड को चूसना सुरू किया.

मिसेज़ पवार के मूह मे लंड जाते ही मैं ने उनके सर को पकड़ कर अपना लंड चूसवाना सुरू किया.

मिसेज़ पवार को ये भी पसंद था.

मिसेज़ पवार अपनी मस्ती मे मेरे लंड को चूस रही थी

मिसेज़ पवार को भी मेरे लंड का कब से इंतज़ार था

आज मेरा लंड मिलते ही खुशी खुशी चूस रही थी

मिसेज़ पवार को तो हमारी पुरानी चुदाई याद आई होगी

पुरानी चुदाई करते मिसेज़ पवार और जोश के साथ लंड चूसने लगी

मैं ने उनको उनके स्टाइल मे लंड चूसने दिया

मैं बस खाली मज़ा ले रहा था

और राजेश का हमारी मस्ती देख कर बुरा हाल हो रहा था

राजेश बार बार इशारे करके पूछ रहा था कि वो कब मिसेज़ पवार का मज़ा लेगा

राजेश की हालत बहुत खराब हो रही थी

पर मिसेज़ पवार तो यहाँ मज़े लेते हुए लंड चूस रही थी

राजेश को कंट्रोल नही हो रहा था

मैं ने राजेश को हमारे पास आनेको कहा.

मिसेज़ पवार अपनी ढूँढ मे लंड चूस रही थी.

मिसेज़ पवार लंड चूसने मे पूरी तरह से खो गयी

इस का फ़ायदा उठा कर मैं ने राजेश को हमारे पास आने को कहा

मिसेज़ पवार को राजेश के आने की आहट हो गयी

मिसेज़ पवार ने बिना लंड बाहर निकाले राजेश की तरफ देखा

राजेश को नंगा देख कर मुझे इशारो मे पूछा कि कौन है वो

मैं ने उनको बताया की बस मज़ा लो

मिसेज़ पवार तो बड़ी मुश्किल मे फस गयी

ऐसे मे वो लंड चूसना कंटिन्यू करने लगी

जैसे राजेश ने लंड मिसेज़ पवार की चूत पे रखा तो मिसेज़ पवार ने मूह से लंड बाहर निकाला

मिसेज़ पवार-तुम्हारा भाई है या फ्रेंड

अवी-तुम्हे क्या लगता है

मिसेज़ पवार-लंड देख कर तो तुम्हारा भाई लग रहा है, तुम्हारे जैसा लंड है , पर कुछ कमी है

अवी-मेरा छोटा भाई है. राजेश नाम है.

और राजेश ने मिसेज़ पवार की चूत मे लंड पेल दिया

और धक्के मारने लगा

मिसेज़ पवार-पहली बार कर रहा है क्या ,जो इतने जोश से धक्के मार रहा है .

अवी-दूसरी बार है. तुम नही मिली तो किसी और से करवा दिया

मिसेज़ पवार-किस से

अवी-है एक ,बेडरूम मे सो रही है.

मिसेज़ पवार-पहले बता देते तो मना नही करती, तुम्हारा भाई तुम्हारे जैसा ही होगा. उसे मना करके लॉस ही होता.

अवी-और अब

मिसेज़ पवार-धक्के देख कार्रररर तो फ़ायदा दिख रहा है.

अवी-भाई किसका है.

मिसेज़ पवार-तुम्हारा

आआआहह.......जोर्र्र्ररर.....सीईई......मरूऊऊओ.......आआहह.......अस्ीईईईई.......हीईीईईईईईई.........आआअहज...

.......अवईीईईईईई........तुम्हाराआआआ.......भाईईईईईईईई........तुम्हारीईईई.......जसाआआआआआआअ........हाईईईईईई.........

मिसेज़ पवार की शिसकारियाँ सुनकर राजेश ने धक्को की स्पीड बढ़ा दी.

मेरााआ.......निकलल्ल्ल्ल्ल्ल्ल.........रहााआ.........रहााआआ..........हाईईईईईईई......

राजेश ने मिसेज़ पवार की चूत से पानी निकाल दिया.

पानी निकलते ही मूह दिखाई का प्रोग्राम सुरू हो गया.

राजेश शान से अपना लंड जिस पे मिसेज़ पवार का पानी लगा हुआ था लेकर मेरे पास बैठ गया.

मिसेज़ पवार राजेश का लंड अपने अंदर लेकर खुश हो गयी.

मिसेज़ पवार-तुम्हारा ही भाई है.

और मिसेज़ पवार ने राजेश के लंड से कॉंडम निकाल कर लंड मूह मे ले लिया.

राजेश-आंटी आप बहुत हॉट हो. आप बहुत खूबसूरत हो

मिसेज़ पवार-तुम्हारा लंड भी दमदार है.

और मिसेज़ पवार ने राजेश का लंड चूसना सुरू किया.

मिसेज़ पवार को कुछ बताने की ज़रूरत नही पड़ी.

वो अपने आप मान गयी.

मिसेज़ पवार को ऐसे लंड चाहिए जो उनको खुश कर सकें, हरीश और उसका पति कुछ काम का नही.

मेरे बारे मे मिसेज़ पवार को पता है ,ऐसे मे मेरा भाई भी मेरे जैसा होगा ये उनको पता चलते ही वो मना कैसे करती

मिसेज़ पवार तो राजेश का लंड चूसने मे बिज़ी है. मैं क्या करूँ

मैं बेडरूम से कॉंडम का बॉक्स लेकर आ गया .

कॉंडम को अपने लंड पर लगा कर लंड को मिसेज़ पवार की चूत पे सेट किया.

मैं धक्का मारने वाला था कि किसी ने घर की बेल बजाई

बहुत ग़लत समय पे बेल बजाई है .

मुझे उसपे गुस्सा आ रहा था जिसने बेल बजाई

मिसेज़ पवार ने लंड चूसना बंद किया.

अवी-तुम लगे रहो मैं देखता हूँ

मिसेज़ पवार वापस राजेश का लंड चूसने लगी.

मैं टवल लपेट कर डोर खोलने के लिए चला गया.

 
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