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Guest
बुआ को दर्द हो रहा था पर मेरी वजह से वो चीख नही रही थी.
पर मैं बुआ के दर्द को फील करके थोड़ी देर ऐसे रुक गया.और बुआ की चूत को सहलाने लगा
बुआ मेरे प्यार से खुश होकर अपने दर्द को भूल गयी.
फॅमिली इसे कहते है. एक दूसरे के दर्द को समझ कर उस दर्द पे अपने प्यार का मलम लगाते है.
बुआ के शांत होते ही मैं ने वापस चूत से अपना हाथ कमर पे ले गया. और कमर को पकड़ कर एक और झटका मार कर पूरा लंड अंदर डाल दिया
लंड पूरा अंदर जाते ही बुआ अपनी चीख पर कंट्रोल नही कर पाई.
और मेरे नाम से चीखने लगी.
आआआहह... ....अवईीईईईईू.... ....तुमनीईई... .....मुझीईईई ......रुलाआाआअ... ...हीईीईईईईई..... ..दियाआआआआअ..... .....तूमम्म्ममममममारीईए. .....जैसाआआआ.. .....आआआहज... ....कोइईईईईईई.. ....नहियीई. .....हाईईईईईई... ....आआहह..... .....अवईीईईईईईईई
अवी-बुआ बाहर निकालु
नहियीईईईई..... .....आआआहज...... ..माआआआअ.. ........अवईीईईईईईईई...... ....बाहर्र्र्र्र्र्ररर. .....मात्त्तटटतत्त.... ....निकालूऊऊऊओ.........
अवी-आपको दर्द हो रहा है
नहियीू.. ....ईईई... .दर्द्द्द्द्दद्ड.... ....नहियीईईईई.. .....प्यरर्र्र्र्ररर.. .....हाईईईईईईईई... ....एकककककक... ....मीईईईताआआ.... ...दर्द्द्द्दद्ड.... ..हाईईईईई......
बसस्स्स्सस्स.... ...थोड़ा... ....रुकूऊऊओ......
मैं बुआ की बात सुनकर थोड़ी देर रुक गया.
लंड तो पूरा जा चुका था जिस से मैं ने कमर को छोड़ दिया और चूत को सहलाना सुरू किया.
बुआ का हाथ भी अपनी चूत पर था फिर भी मैं उनकी चूत को उनके साथ सहला रहा था.
बुआ को मेरा ऐसा करना अच्छा लगने लगा.
पूजा बुआ ने तो गंद मारने पर पाबंदी लगा दी थी पर नीता बुआ ऐसा नही करेगी.
पूजा बुआ के समय मैं बस नया नया खिलाड़ी था पर नीता बुआ के समय मैं घाट घाट का पानी पीकर आया था.
बुआ ने खुद को मेरा प्यार पाने के लिए जल्दी ही अपने दर्द पे काबू पा लिया.
बुआ के शांत होते मैं ने बुआ की कमर को पकड़ कर धीरे धीरे धक्के मारना सुरू किया.
पहला धक्का पड़ते ही बुआ की हल्की चीख निकल गयी.
पर दूसरे धक्के के साथ चीखे निकलना बंद हुआ.
क्यू कि मैं धक्के के साथ बुआ को प्यार दे रहा था.
उसी प्यार ने नीता बुआ को शीष्कारी लेने पे मज़बूर कर दिया.
बुआ की शीष्कारी मेरे धक्को की आवाज़ के साथ मिल कर नया संगीत बनाने लगी
बुआ मेरे धक्को को अपने अंदर तक फील करने लगे.
बुआ पूरी मस्ती मे आकर मेरी ताल से ताल मिलाने लगी.
बुआ के चूतड़ को तबला बना कर मैं अपने धक्को के साथ बजाने लगा.
धक्के पर धक्का लगाते हुए अपने
लंड को बुआ की गंद में घुसा ने लगा.
बुआ के गंद
मे जो थोड़ा बहुत दर्द हो रहा था उनपे मेरा लंड मलम लगाने लगा.
मैं हर धक्के के साथ लंड को और गहराई तक घुसा ने लगा.
बुआ मुझे ज़ोर से धक्के मारने को कहने लगी ताकि मज़ा दोनो को मिले
मैं बुआ जी बात सुनकर तेज़ी से बुआ की
गंद को मार ने लगा
अब ये मेल नही रुकेगी. या कहूँ तो रुकने का नाम ही नही लेगी.
बुआ की गंद मेरे धक्को से चौड़ी होती जा रही थी.
मैं ने बीच मे धक्के मारना बंद कर अपना
आधा लंड बाहर निकाल कर वापस एक ही धक्के में पूरा लंड
अंदर तक डालने लगा.
मेरे ऐसा करते ही बुआ भी अपनी गंद मेरे हर धक्के के
साथ हिलाने लगी
बुआ के कमर हिलाते ही मैने धक्का लगाना और तेज कर दिया.
जिस से बुआ की शीष्कारी निकलने लगी.
बुआ की शीष्कारी सुन कर मैं फुल स्पीड से बुआ को प्यार करने लगा.
फिर से मैं ने बीच मे रुक कर अब अपना पूरा लंड बाहर निकाल कर वापस तेज़ी के साथ अंदर घुसा ने लगा.
बुआ मेरे धक्को से
ज़्यादा ही मस्त हो गयी थी और अपनी गंद पीछे पुश करने लगी.
बुआ ने रंग मे रंग लगाने से मैं ने बुआ की गंद पकड़ कर अपना लंड और गहराई तक घुसा दिया.
ऐसा करने से बुआ थक गयी थी.
उनको पोज़िशन चेंज करने की ज़रूरत थी.
इसी लिए मैने लंड उनकी गंद से बाहर निकाला और हम दोनो बिस्तर पर लेट गये.
बुआ ने मेरी तरफ देख कर पूछा कि क्या हुआ मैं ने उनको मेरी गोद मे आने को कहा.
बुआ मेरे लंड पे अपनी गंद रख कर मेरी गोद मे बैठ गयी.
और मैं ने अपना लंड नीचे से बुआ के गंद मे डाल दिया.
जिस से हम दोनो अपनी एनर्जी ईस्तमाल करने लगे.
बुआ उपर नीचे होकर गंद को
मरवाने लगी.और मैं नीचे से धक्के मार कर उनको मज़ा देने लगा.
हम दोनो को इसमे बहुत मज़ा आ रहा था.
बुआ पहले भी उछल कूद कर चुकी थी जिस से हम ने पोज़िशन जल्दी चेंज की
मैं बुआ को बिस्तर पर लिटा दिया और बुआ के पैर उपर कर के 2 पिल्लो बुआ के गंद के नीचे रख दिया.
बुआ की गंद इतनी उपर हो गयी कि मैं आराम से अपना लंड घुसा
सकूँ.
मैं ने वापस बुआ की गंद मे लंड डाल कर उनको चोदना सुरू कर दिया.
इस पोज़िशन मे पहले
धीरे धीरे और फिर तेज़ी के साथ धक्के लगाने लगा
बुआ कभी मुझे धक्के मारते हुए देखती तो कभी अपनी आँखे बंद करके धक्कों को फील करती.
बुआ मेरे धक्को की वजह से अपनी चूत सहला रही थी जिस से उनकी चूत से पानी निकल गया.
बुआ का पानी निकलते ही वो बिंदास होकर मेरे धक्के का जवाब देने लगी.
फिर क्या था मैं भी पलंग तोड़ धक्के मारने लगा.
मेरे धक्को से पलंग तो नही टूटा पर मेरा वीर्य निकल गया.
मैं ने अपना वीर्य बुआ की गंद मे डाल दिया.
धक्के गंद खाए और मलाई किसी और को मिले ये हो नही सकता .
जिसने मेहनत की उसे मलाई मिलेगी.
बुआ की गंद को वीर्य से भर के मैं उनके उपर गिर कर हाँफने लगा.
पर मैं बुआ के दर्द को फील करके थोड़ी देर ऐसे रुक गया.और बुआ की चूत को सहलाने लगा
बुआ मेरे प्यार से खुश होकर अपने दर्द को भूल गयी.
फॅमिली इसे कहते है. एक दूसरे के दर्द को समझ कर उस दर्द पे अपने प्यार का मलम लगाते है.
बुआ के शांत होते ही मैं ने वापस चूत से अपना हाथ कमर पे ले गया. और कमर को पकड़ कर एक और झटका मार कर पूरा लंड अंदर डाल दिया
लंड पूरा अंदर जाते ही बुआ अपनी चीख पर कंट्रोल नही कर पाई.
और मेरे नाम से चीखने लगी.
आआआहह... ....अवईीईईईईू.... ....तुमनीईई... .....मुझीईईई ......रुलाआाआअ... ...हीईीईईईईई..... ..दियाआआआआअ..... .....तूमम्म्ममममममारीईए. .....जैसाआआआ.. .....आआआहज... ....कोइईईईईईई.. ....नहियीई. .....हाईईईईईई... ....आआहह..... .....अवईीईईईईईईई
अवी-बुआ बाहर निकालु
नहियीईईईई..... .....आआआहज...... ..माआआआअ.. ........अवईीईईईईईईई...... ....बाहर्र्र्र्र्र्ररर. .....मात्त्तटटतत्त.... ....निकालूऊऊऊओ.........
अवी-आपको दर्द हो रहा है
नहियीू.. ....ईईई... .दर्द्द्द्द्दद्ड.... ....नहियीईईईई.. .....प्यरर्र्र्र्ररर.. .....हाईईईईईईईई... ....एकककककक... ....मीईईईताआआ.... ...दर्द्द्द्दद्ड.... ..हाईईईईई......
बसस्स्स्सस्स.... ...थोड़ा... ....रुकूऊऊओ......
मैं बुआ की बात सुनकर थोड़ी देर रुक गया.
लंड तो पूरा जा चुका था जिस से मैं ने कमर को छोड़ दिया और चूत को सहलाना सुरू किया.
बुआ का हाथ भी अपनी चूत पर था फिर भी मैं उनकी चूत को उनके साथ सहला रहा था.
बुआ को मेरा ऐसा करना अच्छा लगने लगा.
पूजा बुआ ने तो गंद मारने पर पाबंदी लगा दी थी पर नीता बुआ ऐसा नही करेगी.
पूजा बुआ के समय मैं बस नया नया खिलाड़ी था पर नीता बुआ के समय मैं घाट घाट का पानी पीकर आया था.
बुआ ने खुद को मेरा प्यार पाने के लिए जल्दी ही अपने दर्द पे काबू पा लिया.
बुआ के शांत होते मैं ने बुआ की कमर को पकड़ कर धीरे धीरे धक्के मारना सुरू किया.
पहला धक्का पड़ते ही बुआ की हल्की चीख निकल गयी.
पर दूसरे धक्के के साथ चीखे निकलना बंद हुआ.
क्यू कि मैं धक्के के साथ बुआ को प्यार दे रहा था.
उसी प्यार ने नीता बुआ को शीष्कारी लेने पे मज़बूर कर दिया.
बुआ की शीष्कारी मेरे धक्को की आवाज़ के साथ मिल कर नया संगीत बनाने लगी
बुआ मेरे धक्को को अपने अंदर तक फील करने लगे.
बुआ पूरी मस्ती मे आकर मेरी ताल से ताल मिलाने लगी.
बुआ के चूतड़ को तबला बना कर मैं अपने धक्को के साथ बजाने लगा.
धक्के पर धक्का लगाते हुए अपने
लंड को बुआ की गंद में घुसा ने लगा.
बुआ के गंद
मे जो थोड़ा बहुत दर्द हो रहा था उनपे मेरा लंड मलम लगाने लगा.
मैं हर धक्के के साथ लंड को और गहराई तक घुसा ने लगा.
बुआ मुझे ज़ोर से धक्के मारने को कहने लगी ताकि मज़ा दोनो को मिले
मैं बुआ जी बात सुनकर तेज़ी से बुआ की
गंद को मार ने लगा
अब ये मेल नही रुकेगी. या कहूँ तो रुकने का नाम ही नही लेगी.
बुआ की गंद मेरे धक्को से चौड़ी होती जा रही थी.
मैं ने बीच मे धक्के मारना बंद कर अपना
आधा लंड बाहर निकाल कर वापस एक ही धक्के में पूरा लंड
अंदर तक डालने लगा.
मेरे ऐसा करते ही बुआ भी अपनी गंद मेरे हर धक्के के
साथ हिलाने लगी
बुआ के कमर हिलाते ही मैने धक्का लगाना और तेज कर दिया.
जिस से बुआ की शीष्कारी निकलने लगी.
बुआ की शीष्कारी सुन कर मैं फुल स्पीड से बुआ को प्यार करने लगा.
फिर से मैं ने बीच मे रुक कर अब अपना पूरा लंड बाहर निकाल कर वापस तेज़ी के साथ अंदर घुसा ने लगा.
बुआ मेरे धक्को से
ज़्यादा ही मस्त हो गयी थी और अपनी गंद पीछे पुश करने लगी.
बुआ ने रंग मे रंग लगाने से मैं ने बुआ की गंद पकड़ कर अपना लंड और गहराई तक घुसा दिया.
ऐसा करने से बुआ थक गयी थी.
उनको पोज़िशन चेंज करने की ज़रूरत थी.
इसी लिए मैने लंड उनकी गंद से बाहर निकाला और हम दोनो बिस्तर पर लेट गये.
बुआ ने मेरी तरफ देख कर पूछा कि क्या हुआ मैं ने उनको मेरी गोद मे आने को कहा.
बुआ मेरे लंड पे अपनी गंद रख कर मेरी गोद मे बैठ गयी.
और मैं ने अपना लंड नीचे से बुआ के गंद मे डाल दिया.
जिस से हम दोनो अपनी एनर्जी ईस्तमाल करने लगे.
बुआ उपर नीचे होकर गंद को
मरवाने लगी.और मैं नीचे से धक्के मार कर उनको मज़ा देने लगा.
हम दोनो को इसमे बहुत मज़ा आ रहा था.
बुआ पहले भी उछल कूद कर चुकी थी जिस से हम ने पोज़िशन जल्दी चेंज की
मैं बुआ को बिस्तर पर लिटा दिया और बुआ के पैर उपर कर के 2 पिल्लो बुआ के गंद के नीचे रख दिया.
बुआ की गंद इतनी उपर हो गयी कि मैं आराम से अपना लंड घुसा
सकूँ.
मैं ने वापस बुआ की गंद मे लंड डाल कर उनको चोदना सुरू कर दिया.
इस पोज़िशन मे पहले
धीरे धीरे और फिर तेज़ी के साथ धक्के लगाने लगा
बुआ कभी मुझे धक्के मारते हुए देखती तो कभी अपनी आँखे बंद करके धक्कों को फील करती.
बुआ मेरे धक्को की वजह से अपनी चूत सहला रही थी जिस से उनकी चूत से पानी निकल गया.
बुआ का पानी निकलते ही वो बिंदास होकर मेरे धक्के का जवाब देने लगी.
फिर क्या था मैं भी पलंग तोड़ धक्के मारने लगा.
मेरे धक्को से पलंग तो नही टूटा पर मेरा वीर्य निकल गया.
मैं ने अपना वीर्य बुआ की गंद मे डाल दिया.
धक्के गंद खाए और मलाई किसी और को मिले ये हो नही सकता .
जिसने मेहनत की उसे मलाई मिलेगी.
बुआ की गंद को वीर्य से भर के मैं उनके उपर गिर कर हाँफने लगा.