• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

मैं और मेरा परिवार

  • Thread starter Thread starter StoryPublisher
  • Start date Start date
बुआ को दर्द हो रहा था पर मेरी वजह से वो चीख नही रही थी.

पर मैं बुआ के दर्द को फील करके थोड़ी देर ऐसे रुक गया.और बुआ की चूत को सहलाने लगा

बुआ मेरे प्यार से खुश होकर अपने दर्द को भूल गयी.

फॅमिली इसे कहते है. एक दूसरे के दर्द को समझ कर उस दर्द पे अपने प्यार का मलम लगाते है.

बुआ के शांत होते ही मैं ने वापस चूत से अपना हाथ कमर पे ले गया. और कमर को पकड़ कर एक और झटका मार कर पूरा लंड अंदर डाल दिया

लंड पूरा अंदर जाते ही बुआ अपनी चीख पर कंट्रोल नही कर पाई.

और मेरे नाम से चीखने लगी.

आआआहह... ....अवईीईईईईू.... ....तुमनीईई... .....मुझीईईई ......रुलाआाआअ... ...हीईीईईईईई..... ..दियाआआआआअ..... .....तूमम्म्ममममममारीईए. .....जैसाआआआ.. .....आआआहज... ....कोइईईईईईई.. ....नहियीई. .....हाईईईईईई... ....आआहह..... .....अवईीईईईईईईई

अवी-बुआ बाहर निकालु

नहियीईईईई..... .....आआआहज...... ..माआआआअ.. ........अवईीईईईईईईई...... ....बाहर्र्र्र्र्र्ररर. .....मात्त्तटटतत्त.... ....निकालूऊऊऊओ.........

अवी-आपको दर्द हो रहा है

नहियीू.. ....ईईई... .दर्द्द्द्द्दद्ड.... ....नहियीईईईई.. .....प्यरर्र्र्र्ररर.. .....हाईईईईईईईई... ....एकककककक... ....मीईईईताआआ.... ...दर्द्द्द्दद्ड.... ..हाईईईईई......

बसस्स्स्सस्स.... ...थोड़ा... ....रुकूऊऊओ......

मैं बुआ की बात सुनकर थोड़ी देर रुक गया.

लंड तो पूरा जा चुका था जिस से मैं ने कमर को छोड़ दिया और चूत को सहलाना सुरू किया.

बुआ का हाथ भी अपनी चूत पर था फिर भी मैं उनकी चूत को उनके साथ सहला रहा था.

बुआ को मेरा ऐसा करना अच्छा लगने लगा.

पूजा बुआ ने तो गंद मारने पर पाबंदी लगा दी थी पर नीता बुआ ऐसा नही करेगी.

पूजा बुआ के समय मैं बस नया नया खिलाड़ी था पर नीता बुआ के समय मैं घाट घाट का पानी पीकर आया था.

बुआ ने खुद को मेरा प्यार पाने के लिए जल्दी ही अपने दर्द पे काबू पा लिया.

बुआ के शांत होते मैं ने बुआ की कमर को पकड़ कर धीरे धीरे धक्के मारना सुरू किया.

पहला धक्का पड़ते ही बुआ की हल्की चीख निकल गयी.

पर दूसरे धक्के के साथ चीखे निकलना बंद हुआ.

क्यू कि मैं धक्के के साथ बुआ को प्यार दे रहा था.

उसी प्यार ने नीता बुआ को शीष्कारी लेने पे मज़बूर कर दिया.

बुआ की शीष्कारी मेरे धक्को की आवाज़ के साथ मिल कर नया संगीत बनाने लगी

बुआ मेरे धक्को को अपने अंदर तक फील करने लगे.

बुआ पूरी मस्ती मे आकर मेरी ताल से ताल मिलाने लगी.

बुआ के चूतड़ को तबला बना कर मैं अपने धक्को के साथ बजाने लगा.

धक्के पर धक्का लगाते हुए अपने

लंड को बुआ की गंद में घुसा ने लगा.

बुआ के गंद

मे जो थोड़ा बहुत दर्द हो रहा था उनपे मेरा लंड मलम लगाने लगा.

मैं हर धक्के के साथ लंड को और गहराई तक घुसा ने लगा.

बुआ मुझे ज़ोर से धक्के मारने को कहने लगी ताकि मज़ा दोनो को मिले

मैं बुआ जी बात सुनकर तेज़ी से बुआ की

गंद को मार ने लगा

अब ये मेल नही रुकेगी. या कहूँ तो रुकने का नाम ही नही लेगी.

बुआ की गंद मेरे धक्को से चौड़ी होती जा रही थी.

मैं ने बीच मे धक्के मारना बंद कर अपना

आधा लंड बाहर निकाल कर वापस एक ही धक्के में पूरा लंड

अंदर तक डालने लगा.

मेरे ऐसा करते ही बुआ भी अपनी गंद मेरे हर धक्के के

साथ हिलाने लगी

बुआ के कमर हिलाते ही मैने धक्का लगाना और तेज कर दिया.

जिस से बुआ की शीष्कारी निकलने लगी.

बुआ की शीष्कारी सुन कर मैं फुल स्पीड से बुआ को प्यार करने लगा.

फिर से मैं ने बीच मे रुक कर अब अपना पूरा लंड बाहर निकाल कर वापस तेज़ी के साथ अंदर घुसा ने लगा.

बुआ मेरे धक्को से

ज़्यादा ही मस्त हो गयी थी और अपनी गंद पीछे पुश करने लगी.

बुआ ने रंग मे रंग लगाने से मैं ने बुआ की गंद पकड़ कर अपना लंड और गहराई तक घुसा दिया.

ऐसा करने से बुआ थक गयी थी.

उनको पोज़िशन चेंज करने की ज़रूरत थी.

इसी लिए मैने लंड उनकी गंद से बाहर निकाला और हम दोनो बिस्तर पर लेट गये.

बुआ ने मेरी तरफ देख कर पूछा कि क्या हुआ मैं ने उनको मेरी गोद मे आने को कहा.

बुआ मेरे लंड पे अपनी गंद रख कर मेरी गोद मे बैठ गयी.

और मैं ने अपना लंड नीचे से बुआ के गंद मे डाल दिया.

जिस से हम दोनो अपनी एनर्जी ईस्तमाल करने लगे.

बुआ उपर नीचे होकर गंद को

मरवाने लगी.और मैं नीचे से धक्के मार कर उनको मज़ा देने लगा.

हम दोनो को इसमे बहुत मज़ा आ रहा था.

बुआ पहले भी उछल कूद कर चुकी थी जिस से हम ने पोज़िशन जल्दी चेंज की

मैं बुआ को बिस्तर पर लिटा दिया और बुआ के पैर उपर कर के 2 पिल्लो बुआ के गंद के नीचे रख दिया.

बुआ की गंद इतनी उपर हो गयी कि मैं आराम से अपना लंड घुसा

सकूँ.

मैं ने वापस बुआ की गंद मे लंड डाल कर उनको चोदना सुरू कर दिया.

इस पोज़िशन मे पहले

धीरे धीरे और फिर तेज़ी के साथ धक्के लगाने लगा

बुआ कभी मुझे धक्के मारते हुए देखती तो कभी अपनी आँखे बंद करके धक्कों को फील करती.

बुआ मेरे धक्को की वजह से अपनी चूत सहला रही थी जिस से उनकी चूत से पानी निकल गया.

बुआ का पानी निकलते ही वो बिंदास होकर मेरे धक्के का जवाब देने लगी.

फिर क्या था मैं भी पलंग तोड़ धक्के मारने लगा.

मेरे धक्को से पलंग तो नही टूटा पर मेरा वीर्य निकल गया.

मैं ने अपना वीर्य बुआ की गंद मे डाल दिया.

धक्के गंद खाए और मलाई किसी और को मिले ये हो नही सकता .

जिसने मेहनत की उसे मलाई मिलेगी.

बुआ की गंद को वीर्य से भर के मैं उनके उपर गिर कर हाँफने लगा.
 
821 ब

बुआ की गंद मारने के बाद मैं उनके उपर गिर करके उनकी तेज धड़क्नो को सुनने लगा.

बुआ भी मेरे साथ अपनी सासो को कंट्रोल करने लगी.

मैं ने बुआ की गंद से अपना मुरझाया हुआ लंड बाहर निकाल कर बुआ को अपनी बाहों मे लेकर रिलॅक्स होने लगा.

बुआ की गंद से मेरा वीर्य धीरे धीरे बाहर निकल रहा था.

बुआ थोड़ी देर वैसे मेरी बाहों मे लेटी रही

अवी-बुआ

नीता बुआ-हाँ

अवी-आपने ऐसा प्यार करना कहाँ से सीखा

नीता बुआ-ये सीखना थोड़े पड़ता है. पार्टनर का प्यार मिले तो अपने आप सीख जाते है

अवी-लीना के पापा के तो मज़े मज़े होंगे

नीता बुआ-हाँ, मैं उनको 2 बार किए बिना सोने नही देती.

अवी-रोज 2 बार

नीता बुआ-मार खाएगा.

अवी-क्यू?

नीता बुआ-रोज 2 बार करूँगी तो मेरा दीदी जैसा हाल होगा

अवी-हफ्ते मे 2 बार

नीता बुआ-हॉलिडे पे 2 बार बाकी आल्टरनेट डे एक एक बार

अवी-ऐसा क्यू?

नीता बुआ-ये मैं ने .., कुछ नही.

अवी-बोलिए ना

नीता बुआ-तू इतनी बाते करना कहाँ से सीखा

अवी-आप फिर से बात घुमा रही है

नीता बुआ-तुझे ये सब दीदी ने सिखाया .इस तरह प्यार करना

अवी-(बुआ अब कुछ नही बताएगी) हाँ, पूजा ने सिखाया

नीता बुआ-दीदी से बात करनी होगी

अवी-ऐसा मत करना वरना पूजा बुआ मुझपे गुस्सा करेगी.

नीता बुआ-मैं मज़ाक कर रही थी.

अवी-मज़ाक ,रुकिये अभी आपको बताता हूँ मज़ाक कैसे करते है.

नीता बुआ-क्या करने वाला है

अवी-पता चल जाएगा अभी तो आधी रात बाकी है.

नीता बुआ-मतलब आज मुझे सोने नही दोगे.

अवी-आज की रात मेरी है.

नीता बुआ-पता है. ये रात तुम्हारी है.

अवी-दुबारा सोने का मत कहना

नीता बुआ-ये तो बता दो फिर सुबह कब होगी

अवी-5 बजे

नीता बुआ-और 4 घंटे तुम प्यार करोगे

अवी-हाँ, क्यू आपको मेरा प्यार करना पसंद नही आया

नीता बुआ-मैं अपनी लाइफ की 2 रात को कभी नही भूलूंगी

अवी-कौन सी

नीता बुआ-सुहागरात जो लीना के पापा के साथ मानाई थी और दूसरी आज की रात जो तुम्हारे साथ अपनी दूसरी सुहागरात की तरह मना रही हू

अवी-आइ लव यू बुआ

नीता बुआ-तूने मेरे दिल मे अपने प्यार का घर बना दिया.

अवी-उस घर को कभी टूटने मत देना

नीता बुआ-तुम्हारे घर को कुछ नही होने दूँगी

अवी-तो बुआ ,

नीता बुआ-कुछ मत कहना पहले मुझे बाथरूम मे जाने दो

अवी-आप से चला नही जाएगा

नीता बुआ-मैं चल सकती हूँ

अवी-रहने दीजिए मैं आपको ले जाता हूँ

नीता बुआ-तुझे फ्रेश होना है.

अवी-हाँ, तो सोच रहा हूँ साथ मे नहाते है.

नीता बुआ-इतनी रात मे ,

अवी-आज की रात

नीता बुआ-बार बार बताने की ज़रूरत नही है. साथ मे नहाते है पर मेरी एक शरत

अवी-बोलिए

नीता बुआ-लाइट ऑफ कर दो, बाकी का प्यार ज़ीरो बल्ब मे करना

अवी-क्यू?

नीता बुआ-अगर नेहा उठ गयी और इतनी रात मे मेरे कमरे की लाइट ऑन रही तो. उसकी बेडरूम और मेरी बेडरूम की.खिड़की आमने सामने है

अवी-ये हो जाएगा.

नीता बुआ-चलो

अवी-ऐसे नही.

नीता बुआ-फिर कैसे

मैं ने बुआ को गोद मे उठा लिया और बाथरूम मे ले जाने लगा.

बुआ मेरे ऐसा करते अपनी बाहे मेरी गर्दन मे डाल कर मेरा साथ देने लगी.

बाथरूम मे जाते ही हम एक दूसरे को नहलाने लगे

बुआ के बदन पर शॉप लगाते मेरा हाथ फिसल कर उनकी गंद पर चला जाता

बुआ भी मेरे लंड को शॉप लगा कर साफ करने लगी.

बुआ के हाथो मे जादू था उसी जादू ने मेरा लंड खड़ा कर दिया.

लंड खड़ा होते ही बुआ सवालिया नज़रों से मेरितरफ देखने लगी.

मैं ने बुआ की तरफ देख कर स्माइल की.

बुआ मेरी स्माइल का मतलब समझ गयी

बुआ भी शवर मे प्यार करने का मज़ा लेना चाहती थी.

और मैं शवर मे भिगते हुए बुआ को प्यार करने लगा.

बुआ को जिसकी उम्मीद थी वही उनको मिला.
 
शवर के पानी मे भिगते हुए प्यार करने से हमारे बदन जल रहे थे

बुआ के जलते हुए बदन को शांत करने के लिए मैं अपना वीर्य निकालने लगा.

शवर मे नहाते हुए मैं ने बुआ की चूत और गंद दोनो मारी.

ऐसे प्यार करने बुआ अपने घर को जन्नत समझने लगी

शवर मे प्यार करने के बाद हम ने बेड पर लेटकर थोड़ी देर आराम किया.

अवी-बुआ आपका बदन तो पानी मे भी जल रहा था

नीता बुआ-तेरे शरीर की गर्मी से ऐसा हुआ

अवी-पर कुछ भी हो आपकी आग को बुझा कर मज़ा आया

नीता बुआ-मुझे भी. लीना के पापा की याद दिला दी तुमने

अवी-वो भी ऐसे प्यार करते है

नीता बुआ-हाँ ,हमेशा टवल भूल जाते है

अवी-फिर तो आप का डबल नहाना होता होगा

नीता बुआ-हाँ

अवी-तभी आप इतनी गोरी है.

नीता बुआ-लीना के पापा के प्यार ने बनाया है मुझे ऐसा

अवी-आप जन्नत की अप्सरा लग रही है.

नीता बुआ-थॅंक्स ,

और नीता बुआ खड़ी हो गयी. और अपनी नाइटी पहनने लगी.

अवी-क्या कर रही है आप

नीता बुआ-मुझे पानी पीना है.

अवी-तो कपड़े पहने की क्या ज़रूरत है.

नीता बुआ-तो क्या किचन मे ऐसी नंगी जाउ , लीना और राजेश अपने कमरे मे है

अवी-तो क्या हुआ ,उनको नींद की गोली दी है

नीता बुआ-फिर भी मैं कपड़े पहन कर जाउन्गी.

और बुआ नाइटी पहन कर किचन मे गयी.

मैं भी उनके पीछे पीछे किचन मे गया

बुआ के पानी पीते मैं ने उनको उठा कर रॅक पर बैठा दिया.

नीता बुआ-क्या कर रहे हो

अवी-आपको प्यार

नीता बुआ-यहाँ पर, बेडरूम मे चलते है

अवी-यहा करते है ,मज़ा आएगा

नीता बुआ-लीना राजेश

अवी-उनके कमरे बाहर से बंद है,

नीता बुआ-बेडरूम मे चलते है.

अवी-कुछ नही होता. आप डरिये मत मैं हूँ ना

और मैं ने नीता बुआ की नाइटी निकाल कर फेक दी.

और बुआ को किचन मे प्यार करने लगा.

पहले तो बुआ ने मना किया पर मेरे प्यार करने से उनको अपना इरादा बदलना पड़ा.

फिर क्या था बुआ भिमुझे प्यार करने लगी

किचन मे बुआ को प्यार करके मैं ने उनका डर ख़तम किया.

फिर किचन से उठा कर बुआ को हॉल मे ले आया.

यहाँ पर बुआ को प्यार करने लगा.

बुआ ने इस बार कुछ नही कहा ,बस मुझे प्यार करती गयी

बुआ को आज की रात इतना प्यार मिला कि वो हवा मे उड़ने लगी.

अवी-बुआ

नीता बुआ-हाँ

अवी-हम हॉल मे है

नीता बुआ-पता है

अवी-डर नही लग रहा.

नीता बुआ-तुम्हारी बाहों मे डर लग ही नही सकता.

अवी-तो चले बेडरूम मे

नीता बुआ-तुम थके नही

अवी-एक ही तो रात है मेरे पास

नीता बुआ-ये आख़िरी बार होगा.

अवी-हाँ

फिर बुआ के साथ लास्ट प्यार वाला राउंड करके आज की हसीन रात की सुबह कर दी.

बुआ मुझसे प्यार करके मीठे सपने देखना चाहती थी.

हम ने अपने कपड़े पहन लिए.

बुआ अपनी नाइटी किचिन से वापस लाई.

लीना और राजेश के कमरे अनलॉक कर दिए.

बुआ को सुबह एक गुड नाइट किस करके हम अपने अपने कमरे मे चले गये

ऐसा लग रहा था कि इस रात की कभी सुबह ना हो

पर जो चाहते है वो होज़ाये ऐसा ज़रूरी नही था.

क्या पता ये सुबह किसी और के लिए नयी खुशियाँ ला रही होगी.

क्या पता कोई इस सुबह का इंतज़ार कर रहा होगा.
 
822

नीता बुआ के साथ कल की रात मैं कभी नही भूलूंगा.

बुआ ने अपनी लाइफ की एक रात मुझे देख कर अपने दिल मे मेरे लिए जगह बना दी.

बुआ के साथ रात भर प्यार करके मैं ने अपने प्यार का घर उनके दिल मे बना दिया.

पूरी रात प्यार करके मैं सुबह 5 बजे सो गया.

बुआ ने मुझे सिर्फ़ एक रात दी थी. मैं बुआ के और लीना के पापा के प्यार की रिस्पेक्ट करूँगा.

बुआ से दूर रहूँगा. उस रात को एक हसीन सपने की तरह याद करूँगा.

यही हम दोनो के लिए अच्छा होगा.

बुआ के प्यार के बाद इतनी जबरदस्त नींद आई कि पूछो मत

पता नही बुआ कितने बजे सोई और कितने बजे उठी.

पर मैं तो देर तक सोता रहा.

पहले राजेश ने उठाने का सोचा पर मैं हिला भी नही.

लीना ने भी पूरी कोशिस की पर मेरी नींद नही खुली

फाइनली नीता बुआ ने मुझे सोने देने को कहा.

मैं बुआ के साथ बिताए एक एक मिनिट को याद करके सो रहा था.

इतनी देर हो गयी मैं अभी तक घर आया क्यू नही ये देखने के लिए बड़ी चाची और छोटी चाची नीता बुआ के घर आ गयी.

ब चाची-अवी , अवी

नीता बुआ-सुमन अच्छा हुआ तू आ गयी

ब चाची-क्या हुआ

नीता बुआ-देखो अवी अब तक सो रहा है

ब चाची-अब तक, देख मीना ,एक दिन क्या मिला अवी ने उसका पूरा फ़ायदा उठा लिया

नीता बुआ-क्या?

सी चाची-तुम क्यू ऐसा रिक्ट कर रही हो. दीदी तो कह रही है कि मैं डेली अवी को कसरत करने को उठाती हूँ. आज यहाँ आया तो पूरा फ़ायदा उठा रहा है,देखो कितनी देर तक सो रहा है

नीता बुआ-मुझे लगा.

ब चाची-तुझे क्या लगा.

नीता बुआ-कुछ नही. मैं तुम्हारे लिए टी बना कर लाती हूँ

सी चाची-लीना अवी को नहला दो

लीना-नहला दूं .पक्का

सी चाची-जा नहला दे, ऐसा मोका दुबारा नही मिलता

लीना और कविता ग्लास भर कर पानी लेकर मुझे उठाने के लिए आ गयी.

उन दोनो को इतना अच्छा मोका मिला वो मिस कैसे करती.

मेरे चेहरे पे पानी डाल कर दोनो ने मुझे नींद से जगाया.

मेरे उठने के बाद भी दोनो ने एक ग्लास और पानी डाला.

मैं गुस्सा होने वाला था पर मेरी छोटी बहनों के मासूम चेहरे देख कर मैं कैसे गुस्सा होता.

मुझे अभी और सोना था पर यहाँ सोउंगा तो प्राब्लम होगी.

मैं फ्रेश होकर हॉल मे आ गया.

चाची को देखते मैं ने घड़ी की तरफ देखा तो समझ गया कि मेरे उपर पानी डालने को छोटी चाची ने कहा होगा.

मैं बड़ी चाची के पास जाकर उनके घोड़ मे सर रख लेट गया.

मुझे इस तरह छोटे बच्चे जैसे हरकत करते हुए देख कर लीना और कविता हँसने लगी.

ब चाची-हँसो मत,

लीना-मामी अवी भैया तो छोटे बचे बन गये

ब चाची-वो मेरे लिए अभी छोटा ही है.

लीना-मामी अवी भैया को बड़ा बना दो

ब चाची-बना दूँगी. तुम जाओ अपने कमरे मे जाकर खेलो

दोनो भाग कर अपने कमरे मे चली गयी और नीता बुआ हमारे लिए टी लेकर आ गयी.

बुआ टी देने के लिए मेरे पास आई तो हमारी आँखों आपस मे मिल गयी.

मुझे और बुआ को रात की बाते याद आ गयी.

रात को याद करते बुआ शरमाने वाली थी कि बुआ ने कंट्रोल किया.
 
रात गयी बात गयी. ये लॉ ईस्तमाल करके बुआ ने मुझे नॉर्मल तरीके से टी दी

ब चाची-अवी क्या बात है जो इतनी देर तक सोता रहा.

मैं बताने वाला था कि बुआ बीच मे बोल पड़ी

नीता बुआ-मैं ने कहा था कि ज़्यादा देर तक बाते ना करो ,दोनो भाई पता नही क्या बाते करते रहे कि अवी अब तक सोता रहा.

ब चाची-वो तो ठीक है पर राजेश कहाँ है वो तो जल्दी उठ गया.

नीता बुआ-उसको हॉस्टिल मे सुबह उठने की आदत है.

ब चाची-पर वो गया कहाँ

नीता बुआ-शहर गया है. घर का कुछ समान लाना था तो भेज दिया .और उसे भी अपने दोस्तो से मिलना था

ब चाची-चलो अच्छा है जो राजेश हम सब मे घुल मिल रहा है.

नीता बुआ-ये सब अवी ने किया है. पता नही कैसे पर मैं खुश हूँ जो सब भाई बहन एक साथ प्यार से रहने लगे है.

ब चाची-ये तूने सही कहा. राजेश के लिए मैं भी खुश हूँ अवी बड़ा भाई होने का फ़र्ज़ निभा रहा है.

नीता बुआ-तेरा प्यार है जो अवी को इतना अच्छा बना रहा है.

ब चाची-हम सबके प्यार और मेहनत का फल है.

सी चाची-पर इन सब मे देखो अवी कितना थक रहा है.

ब चाची-हाँ, अवी काफ़ी भाग दौड़ करता रहता है

सी चाची-नीता तू भी थकि हुई लग रही है. हैना दीदी

चोथ चाचिकी बात सुनते नीता बुआ घबरा गयी.

नीता बुआ-नही तो

ब चाची-मीना ठीक कह रही है, तू थोड़ी थकि हुई लग रही है.

नीता बुआ-हाँ वो रात को नींद नही आ रही थी.

ब चाची-तेरे भी आँखों लाल हो गयी है अवी की तरह

नीता बुआ-कहाँ पे ,नही तो

ब चाची-तुम आराम कर वरना तबीयत बिगड़ जाएगी.

सी चाची-दीदी लगता है नीता भाई साब के सपने देख रही थी जो उनको नींद ठीक से नही आई.

नीता बुआ-मीना तू भी ना

ब चाची-मीना अवी है यहाँ पर

सी चाची-तो क्या हुआ नीता रात को नींद नही आती तो दिन मे सोया कर या नींद की गोली खाया कर

छोटी चाची नीता बुआ की हालत खराब करने पे तुली थी. मैं ने बुआ को ज़्यादा परेशान करने नही दिया.

अवी-चाची चलो चलते है, मुझे भूख लगी है

ब चाची-हाँ चलो

नीता बुआ-रूको मैं बना देती हूँ

सी चाची-कल रात तेरे हाथ का खाना खाया ना ,अब हमे भी खिलाने दे

छोटी चाची की बातों से नीता बुआ का चेहरा लाल पीला हो रहा था

ब चाची-अच्छा नीता आ कभी घर पे

नीता बुआ-हाँ ज़रूर आउन्गि.

सी चाची-नीता मेरी बातों का बुरा मत माना कर मैं तो तुझे सहेली समझ कर हसी मज़ाक करती हूँ.

नीता बुआ-तेरी बाते अच्छी लगती है

छोटी चाची ने अच्छे से नीता बुआ की खिचाई ली

छोटी चाची ने तो मुझे नींद की गोली लाकर दी थी.

मुझे देर तक सोता हुआ देख कर नीता बुआ की लाल आँखों देर कर छोटी भाची समझ गयी कि रात मे क्या हुआ होगा.

मैं ने जाते हुए नीता बुआ के पैर छु लिए.

तो नीता बुआ ने मुझे गले लगा कर मेरे माथे पे किस किया.

नीता बुआ पिछली बार की तरह एक रात का पाप करके मेरे साथ नॉर्मल बाते करने लगी.

ना बुआ ने उस रात का जिकर किया और ना मैं बात करके बुआ को शर्मिंदा करना चाहता था.

उस रात को अपने यादो मे क़ैद करके नीता बुआ उसके सपने देखने के लिए अपने कमरे मे जाकर सो गयी.

और मैं चाची के साथ घर आ गया.

घर आते सीमा चाची ने मेरे लिए खाना लगा दिया.

बड़ी चाची मेरे सर पे प्यार से हाथ घूमाते हुए खाना खिला रही थी.

तो सीमा चाची गरम गरम खाना मेरी थाली मे परसो रही थी.

वही छोटी चाची इस इंतज़ार मे थी कि कब मेरा खाना ख़तम होता है और कब मैं उनको नीता बुआ के बारे मे बताता हूँ.

मेरा खाना तो हो गया पर बड़ी चाची मुझे बातों मे उलझा रखा

मेरे बालो मे तेल लगा कर मालिश करते हुए बाते करने लगी.

बड़ी चाची को मना कैसे कर सकता हूँ
 
विद्या भी सीमा चाची के बालो मे तेल लगा रही थी.

और सीमा चाची अपने नये मोबाइल मे वीडियो देखने लगी.

सीमा चाची विद्या के साथ ज़्यादा रहने लगी थी.

क्यू की बड़ी चाची छोटी चाची के साथ बुआ के घर मे जाती रहती.

ऐसे मे बच्चो के साथ सीमा चाची और विद्या रुक जाती.

विद्या को भी सीमा चाची का साथ अच्छा लगता था.

विद्या ने सीमा चाची को मोबाइल ईस्तमाल करना सिखाना शुरू किया.

छोटी चाची इस इंतज़ार मे थी कि मैं कब कमरे मे जाता हूँ.

मुझे भी नींद आ रही थी

बड़ी चाची ने मेरे सर की मालिश करके मुझे लगबग सुला दिया था.

सी चाची-दीदी अवी को नींद आ रही है

ब चाची-इतनी देर तक सोने के बाद भी.

सी चाची-मालिश करने सेनीन्द लग जाती है वो देखिए सीमा दीदी भी सो गयी

सीमा चाची वीडियो देखते देखते विद्या की तेल मालिश से सो गयी

ब चाची-ये सीमा भी ना

सी चाची-आप दीदी को कमरे मे ले जाइए मैं अवी को सुला देती हूँ

ब चाची-जा अवी का बिस्तेर ठीक कर

और छोटी चाची मुझे अपने कमरे मे ले जाने मे काम याब हो गयी

कमरे मे जाते चाची मेरे बेड पर बैठ करके मेरी तरफ उत्सुका के साथ देखने लगी.

अवी-क्या है. आप ऐसे क्यू देख रही हो

सी चाची-बता कल रात भर क्या हुआ

अवी-मैं नही बताउन्गा आप पिछली रात की तरह मुझसे नाराज़ हो जाएगी.

सी चाची-मैं तुझपे ज़्यादा देर नाराज़ नही रह सकती

अवी-लेकिन उस दिन

सी चाची-उस रात को मैं तो कब का भूल गयी. तू भी भूल जा ,और ऐसे पास्ट के बारे मे सोचते रहना अच्छा नही होता.

अवी-उस दिन तो आप

सी चाची-कहा ना बुरे पास्ट को भूल जाना अच्छा रहता है

अवी-भूल जाउ

सी चाची-हा, क्यू की पास्ट को याद करके जीने से सिर्फ़ अपने दिल नफ़रत पैदा होती है.

अवी-जैसा नेहा बुआ मुझसे नफ़रत करती है.

सी चाची-ऐसा ही समझ ले

अवी-बुआ और मेरे बीच मे ऐसा क्या हुआ था.

सी चाची-वो तो तुझे पता होगा. रात मे तूने क्या किया बुआ के साथ

अवी-(चाची समझ गयी कि मैं नेहा बुआ के बारे मे पूछ रहा हूँ पर चाची ने बात को नीता बुआ के तरफ बदल दिया) मैं ...

मेरी बात चाची ने पूरी नही होने दी.

सी चाची-तूने क्या किया नीता के साथ जो वो इतनी थकि हुई लग रही थी.

अवी-वो भी बताउन्गा पहले ...

फिर से चाची ने बात काट दी

सी चाची-पहले तू सोना चाहता है सो जा मैं बाद मे पूछ लूँगी.

छोटी चाची से जीतना मुश्किल है

अवी-कल बुआ के साथ प्यार किया

सी चाची-तेरा प्यार दिख रहा था ,दोनो की आँखों लाल थी

अवी-बुआ ने मुझे अपनी लाइफ की पूरी एक रात मेरे नाम की थी.

सी चाची-पूरी रात

अवी-हाँ, पूरी रात हम प्यार करते रहे ,और सुबह 5 बजे सो गये

सी चाची-मुझे एक एक बात बता कैसे नीता को प्यार किया

और मैं ने छोटी चाची को नीता बुआ और मेरे प्यार की कहानी बता दी
 
हमारे प्यार की कहानी सुनकर चाची देखती रह गयी.

अवी-इस तरह हम ने प्यार किया

सी चाची-नीता बहुत खुश हुई होगी

अवी-हाँ, बुआ ने मेरा पूरा साथ दिया

सी चाची-किचन और बाथरूम मे भी किया

अवी-हाँ

सी चाची-नीता के दिल मे अपने लिए जगह बना दी

अवी-बुआ के दिल मे मेरे लिए जगह तो पहले बनी हुई थी. बस उसको पर्मानॅंट कर दिया.

सी चाची-अच्छा किया जो नीता को प्यार दिया.

अवी-नीता बुआ को प्यार करके दिल को सुकून मिला.

सी चाची-लीना और राजेश को इस से दूर रखना

अवी-हम ने बस एक रात का पाप करने का सोचा था. देखा नही बुआ कैसे नॉर्मल बाते कर रही थी.जैसे कुछ हुआ ही ना हो

सी चाची-नीता ऐसी ही है

अवी-मैं बुआ से उनके मर्ज़ी के बिना कुछ नही करूँगा बस इंतज़ार करूँगा नेक्स्ट रात की जब हम पाप करेंगे

सी चाची-पाप ऐसा हो तो हर कोई करना चाहेगा.

अवी-बस आप नही करती

सी चाची-करूँगी ना ,

अवी-कब

सी चाची-जल्दी, चल अब सो जा

तेरी आँखों लाल होती जा रही है

अवी-मुझे 4.30 बजे उठा देना

सी चाची-तब क्या है

अवी-कोमल को लाने जाना है.

सी चाची-वो अपनी स्कूटी लेकर नही गयी

अवी-कल मैं मोबाइल लेने जा रहा था तो कोमल को अपने साथ ले गया. कोमल कल रानी के यहाँ रुकी. आज उसे लेने जाना होगा

सी चाची-ठीक है उठा दूँगी. और मेरा मोबाइल मे देना आज

अवी-आज रिपेर हो जाएगा वैसे बुआ ये नया मोबाइल मैं ने नही खरीदा

सी चाची-तो फिर

अवी-रानी ने मुझे गिफ्ट किया

सी चाची-रानी ने ,पर क्यूँ

अवी-उस दिन रानी का फोन कट किया था तो वो गुस्सा हो गयी. तो उसको मनाने के लिए बोल दिया मेरा मोबाइल उसके वजह से टूट गया क्यू कि वो मेरा फोन नही उठा रही थी

सी चाची-तुम ने रानी से झूठ कहा.

अवी-वो तो मैं उसको मनाने के लिए

सी चाची-कुछ भी हो तुम ने रानी से झूठ बोलो ये ग़लत किया तुम ने

अवी-आप नाराज़ मत होइए मैं उसको आज सच बता दूँगा.

सी चाची-अब मत बताना पर याद रखना अपने लाइफ पार्णर से कभी झूठ मत बोलना

अवी-अगर झूठ बोलना ज़रूरी हो जैसे आपने चाचा से छुपाया.

सी चाची-वो तो फॅमिली के लिए सबकी खुशी के लिए बोला था. पर तूने

अवी-आप कुछ मत कहिए ,"मैं आपकी कसम ख़ाता हूँ शादी के बाद रानी से कभी झूठ नही बोलूँगा"

सी चाची-और शादी से पहले

अवी-इतना तो चलता हैना चाची.

सी चाची-तू नही सुधरेगा.

अवी-आपका बेटा हूँ

सी चाची-मेरा प्यारा बेटा है तू

अवी-आइ लव यू

सी चाची-आइ लव यू टू

और चाची ने मेरे सर पे किस करके मुझे सुला दिया

मैं कल रात के सपने देखते हुए सो गया.

मनिन ने नीता बुआ की जगह छोटी चाची को इमॅजिन कर के कल रात का सपना देखते हुए सो गया.
 
823

नीता बुआ की जगह छोटी चाची को इमॅजिन करके मैं सपनो की दुनिया मे खो गया.

ऐसा लग रहा था कि ये सपना सच हो जाए या फिर मैं सपना देखता रहूं

पर छोटी चाची को जिस समय पे कहाँ था चाची ने तभी मुझे नींद से जगाया

अच्छा सपना टूट गया जिस से मैं उठ कर कर जिसने मुझे जगाया था उसको कस के गले लगाया.

मुझे इस तरह गले लगाने से छोटी चाची को लगा कि मैं ने कोई बुरा सपना देखा है.

सी चाची-क्या हुआ अवी,

अवी-आपने मुझे क्यू जगाया

सी चाची-तुम ने तो कहा था.

अवी-थोड़ी देर बाद जागती अच्छा सपना देख रहा था

सी चाची-किसका सपना देख रहे थे.

अवी-कल रात वाला

सी चाची-कल इतनी मस्ती करने के बाद भी सपना देख कर मज़ा कर रहा है

अवी-वो मैं ने नीता बुआ की जगह आपको रख कर कल रात की मस्ती का सपना देख रहा था.

सी चाची-मुझे ,तभी सोचु ऐसे गले क्यू लगा लिया.बताया कैसे प्यार कर रहा था.

अवी-बताऊ या करके दिखाऊ

सी चाची-तू बड़ा शैतान होते जा रहा है.

अवी-आपने मेरा सपना तोड़ा है तो आपको जुर्माना भी भरना होगा.

सी चाची-बोल ना कि तुझे किस चाहिए

अवी-हाँ ,आपको जुर्माना भरना होगा.

और छोटी चाची ने मुझे प्यारा सा किस किया.

अवी-लव यू

सी चाची- फ्रेश हो जा ,मैं तेरे लिए टी बनाती हूँ

अवी-मुझे मीठी टी चाहिए

सी चाची-जैसी चाहिए वैसी मिलेगी

और मैं फ्रेश होकर चाची की टी का इंतज़ार करने लगा.

चाची मेरे लिए टी लेकर आ गयी और एक सीप पीकर टी को मीठा करके मुझे दी.

चाची के होंटो को च्छू कर टी मीठी हो गयी. जिस से मैं टी के हर एक सीप को फील करके पीने लगा.

टी पीते ही मैं बाइक लेकर पहले बुआ के घर चला गया.

राजेश शहर से आ चुका था ,और लीना के साथ लॅपटॉप पर गेम खेल रहा था.

अवी-बुआ आपने बुलाया था.

नीता बुआ-हाँ. एक काम था तुझसे

अवी-कल रात को तो हम ने

नीता बुआ-कल रात हम ने बहुत बाते की ,साथ मे खाना खाया ,करम खेला और सो गये थे.

अवी-भूल गया था. सॉरी

नीता बुआ-तेरे लिए राजेश को एक गिफ्ट लाने को कहा था.

अवी-गिफ्ट इसकी क्या ज़रूरत थी.

नीता बुआ-तू यही कहेगा इसी लिए पहले खरीद लिया है.

अवी-क्या है

नीता बुआ-राजेश अवी का गिफ्ट लाना

राजेश ने मेरे लिए जो गिफ्ट लिया था वो लेकर हॉल मे आ गया .और एक पॅकेट मेरे हाथ मे रखा.

अवी-क्या है इसमे बुआ

नीता बुआ-तेरे लिए कपड़े और शूस है. और कुछ छोटी मोटी चीज़े है. जैसे गॉगल

अवी-इसकी क्या ज़रूरत थी.

नीता बुआ-चुप चाप ले वरना मार खाएगा.

अवी-मैं अभी के लिए गॉगल रख लेता हुआ .बाकी बाद मे ले जाउन्गा अभी मुझे कोमल को लेने जाना है.

नीता बुआ-ठीक है.

बुआ ने दिया हुआ गॉगल लगा कर मैं रानी के घर चला गया.

रानी और कोमल अपने क्लासस से वापस आ चुकी थी.

दोनो बैठ कर बाते करते हुए टी पी रही थी और आंटी टीवी देख रही थी.

अवी-मुझे भी टी चाहिए

रानी की मम्मी-अवी तुम ,आओ,

कोमल-अब टाइम मिला तुम्हें ,कब से मैं तुम्हारा इंतज़ार कर रही थी

अवी-नीता बुआ ने रोक लिया था

रानी की मम्मी-तुम बैठो मैं टी बना कर लाती हूँ

अवी-आंटी मैं टीपी कर आया हूँ .वो तो मैं ने ऐसे ही कहा था.

रानी की मम्मी-मैं कुछ नही सुनूँगी. तुम्हें टी पीना ही होगा.

और आंटी टी बनाने केलिए किचन मे चली गयी. और मैं कोमल के पास जाकर बैठ गया.

मेरे लिए टी बनाकर रखा था जिस से आंटी टी लेकर आ गयी.

मैं टी पीते हुए कोमल और रानी की बाते सुनने लगा.

आंटी अपना सीरियल देख कर अपने कमरे मे चली गयी.

मेरे टी ख़तम होते मैं ने कोमल को घर चलने के लिए कहा.

अवी-कोमल चले

कोमल-मैं ऐसे नही आ सकती

अवी-क्या हुआ तुम्हें

कोमल-फ्रेश तो होने दो .आंटी ने क्लास से आते टी पिला दी थी.

अवी-तो जाओ ना, यहाँ बाते क्यू कर रही हो.

कोमल-जा रही हूँ तुम 10 मिनिट रूको

और कोमल फ्रेश होने के लिए चली गयी. और अब हॉल मे रानी और मैं रह गया था.

मैं अपनी जगह से उठ कर रानी के पास जाकर बैठ गया.

अवी-तुमने मुझे मोबाइल क्यूँ खरीद कर दिया

रानी-ही हेलो की जगह डाइरेक्ट सवाल

अवी-पहले सवाल

रानी-क्यू मैं अपने बाय्फ्रेंड को गिफ्ट नही दे सकती

अवी-दे सकती हो पर ,ऐसे नही

रानी-फिर कैसे

अवी-मेरे बर्तडे पे दे सकती हो पर तुम ने अपनी ग़लती को सुधारने के लिए दिया

रानी-अब क्या हुआ तुम कल तो थॅंक्स बोल रहे थे

अवी-तब कोमल थी वहाँ पर जिस से बात नही कर पाया,अब बताओ

रानी-मुझे लगा कि तुम्हें गिफ्ट देना चाहिए तो दे दिया.

अवी-तुम्हें बुरा लगा था ना कि तुम्हारी वजह से मेरा मोबाइल टूट गया.

रानी-हाँ,

अवी-ये सब तो चलता रहता है इसके लिए तुम खुद को गुनहगार मत समझा करो

रानी-मुझे अच्छा नही लग रहा था.

अवी-अब गिफ्ट देकर अच्छा लग रहा होगा

रानी-हाँ,

अवी-वैसे इतने पैसे कहाँ से आए तुम्हारे पास, आंटी ने दिए

रानी-नही. मेरी पॉकेट मनी से बचा कर रखे हुए पैसो से लिया

अवी-रानी, तुम भी ना, अपने पॉकेट मनी से लेने की क्या ज़रूरत थी

रानी-हाँ. तुम्हें पसंद नही आया मोबाइल

अवी-मुझे तो यही मोबाइल चाहिए था. बताया था ना ,तुम तो मेरी पसंद को जानने लगी हो.

रानी-तुम्हारी पसंद मुझे पता ना होगी तो किसे होगी .

अवी-वो तो ठीक है पर दुबारा ऐसा मत करना वरना मैं गुस्सा हो जाउन्गा.

रानी-दुबारा तुम पे गुस्सा नही करूँगी.जिस से तुम अपना मोबाइल नही तोड़ोगे

अवी-ये हुई ना बात ,तुम्हारा गिफ्ट तो अपने दिल के पास रखूँगा.

रानी-मैं ने भी तुम्हारा दिया हुआ लॉकेट देखो पहन रखा है.

अवी-छुपा के रखना वरना कोमल पूछती रहेगी.

रानी-तुम टेन्षन मत लो

अवी-वैसे (रानी को बताना ठीक नही होगा कि मोबाइल किसी और वजह से गिरा है) कुछ नही

रानी-क्या हुआ

अवी-तुम काफ़ी हॉट होती जा रही हो

रानी-तुम भी हॅंडसम होते जा रहे हो

और मैं ने रानी को गले लगा लिया ,

रानी -जान जब तुम मुझे अपने आगोश मे लेते हो तो टूट कर बिखर जाने को जी चाहता है. जब तुम अपने हाथों से मेरा हाथ थाम लेते हो तो खुद को मैं मसफुज़ करती हूँ. नज़रों से दूर रहो भले इस दिल से जुदा ना करना ,

तेरे सजदे मे हम नज़रें बिछाए बैठे है

दामन प्यार का हाथो से सजाए रखे है

इतना ही प्यार काफ़ी है तेरे सदके मे मोब्बत

तेरी मोहब्बत को हम रूह मे बसाए बैठे है

अवी- रानी तुम बिन सब अधूरा है, मैं मेरी साँसे, मेरी धड़कन अधूरी. जिए जा रहा था बस, यूँ तो हर सफ़र मे मैं खिलाड़ी ही रहा पर प्यार मे सब छोटा लगता है. मेरी हर मौज-मस्ती हर ख़ुसी उस दर्द से छोटी लगती है जो तुम से रोज बिछड़ कर मैं पाता हूँ

अधूरी जिंदगी को एक सहारा मिल गया

प्यार की मौज का किनारा मिल गया

रोशन जीवन की पल-पल बस तुमसे

तुम क्या मिली जिंदगी दुबारा मिल गयी

और हम ऐसे बाते करते रहे कि कोमल कमरे से बाहर आ गयी.

कोमल-ये सब क्या हो रहा है

अवी-क्या हुआ

कोमल-मैं ने पूछा ये क्या हो रहा है

मैं रानी के पास बैठ कर हँसते हुए बात कर रहा था.

कहीं कोमल ने हमारी बात तो नही सुन ली

अगर ऐसा हुआ तो मैं गया काम से

अवी-किस बारे मे पूछ रही हो

कोमल-तुम्हारे और रानी के बीच मे ये क्या चल रहा है.

कोमल की बात सुनकर मुझे जोरदार झटका लगा

कोमल को मेरे और रानी के बारे मे कैसे पता चला.

अब कोमल को क्या कहूँगा कि मैं ने उस से ये बात क्यूँ छुपाई

कोमल रानी पे भी गुस्सा करेगी कि उसने अपने बेस्ट फ्रेंड से बात छुपाई

कोमल को एक ना एक दिन तो पता चलना था.

पर इस तरह खुद उसे पता चलने से मैं तो मुसीबत मे फँस गया.

अपने भाई और अपने बेस्ट फ्रेंड के प्यार के बारे मे उस से अब तक छुपा कर रखा था.

मैं कोमल को क्या जवाब दूं यही सोचने लगा.
 
824

मैं कोमल को क्या जवाब दूं यही सोचने लगा.

कोमल-मैं ने कुछ पूछा है तुमसे

अवी-वो मैं

कोमल-तुम ने मुझसे ये बात छुपाई ,कैसे

अवी-मैं बताने वाला था,

कोमल-कब ,वो अच्छा हुआ मुझे खुद पता चल गया.और मैं ने रानी से पूछ लिया.

रानी से कोमल ने बात भी कर ली. पर रानी ने तो मुझे कुछ नही बताया.

मैं ने रानी की तरफ देखा तो वो अपना सर नीचे करके बैठी थी.

अवी-मैं तुम्हें बताने वाला था. तुम गुस्सा मत करो

कोमल-मैं गुस्सा नही हूँ

अवी-तुम्हें गुस्सा नही आ रहा .

कोमल-आया था पर रानी ने मुझे सब बता दिया.

अवी-रानी ने बता दिया.

कोमल-वो भी बता नही रही थी पर मैं बिना सच जाने हार मान ने वाली नही थी.

अवी-रानी तुम ने कोमल को बता दिया

रानी ने हँसते हुए अपना चेहरा उपर किया.

रानी क्यू हंस रही है. रानी कोमल की बात को सीरियस्ली क्यूँ नही ले रही

कोमल-तुम क्यू हंस रही हूँ

रानी-तुम नही समझोगी.

कोमल-अवी तुम्हें रानी ने मोबाइल गिफ्ट दिया ये बात मुझसे क्यू छुपाई

अवी-क्या?

कोमल-रानी ने तुम्हें मोबाइल गिफ्ट दिया ना

अवी-तुम मोबाइल की बात कर रही थी.

कोमल-तुम्हें क्या लगा.

और रानी हँसने लगी.

मैं ने रानी की तरफ गुस्से देखा. यहाँ मेरी फट रही थी और वो मज़े लेकर हंस रही थी.

अवी-हाँ वो

कोमल-कुछ मत बोलो ,रानी ने मुझेसब बता दिया पर तुम भी बता देते तो अच्छा लगता

अवी-तुम जल्दी क्लास मे चली गयी तो मैं बता नही पाया.

कोमल-अब तो तुम ऐसा ही कहोगे पर रानी से गिफ्ट क्यूँ लिया.

अवी-उसने किसी और के हाथ से भेजा था जिस से मुझे लेना पड़ा

कोमल-रानी इसकी क्या ज़रूरत थी.

रानी-अवी ने मेरी क्लासस की फीस भर दी ,इसके बदले मे गिफ्ट तो देना था ना.

कोमल-पर इतना महेगा.

रानी-मम्मी ने कहा कि अवी को मोबाइल गिफ्ट कर दो .क्यू कि अवी पैसे तो लेगा नही.

कोमल-पर तुम्हें कैसे पता चला कि अवी का मोबाइल टूट गया है.

रानी-छोटी चाची ने बताया ,तुम्हें फोन लगा रही थी कि छोटी चाची को फोन लग गया .फिर उनसे बातों बातों मे पता चल गया कि अवी का मोबाइल टूट गया है

कोमल-तो अवी के खरीदने से पहले तूने खरीद लिया मोबाइल

रानी-हाँ, मुझे पता था कि तुम वही आओगे

कोमल-अगर अवी मेरे साथ नही आता तो

रानी-छोटी चाची ने बताया कि अवी तुम्हारे साथ आ रहा है.

कोमल-वैसे अवी को मोबाइल पसंद आया होगा.

अवी-हाँ, अच्छा है मोबाइल

रानी-अगर तुझे चाहिए तो तुझे भी गिफ्ट देती हूँ

कोमल-नही रहने दे ,तूने इतना कहा यही काफ़ी है.अवी ये लो मोबाइल का बिल.

रानी-ग़लती से बिल मैं ने अपने बॅग मे रख दिया

कोमल-अच्छा हुआ ना, जो मुझे दिख गया वरना तुम दोनो तो बताते ही नही.

अवी-मैं बताने वाला था.

कोमल-तुम तो रहने दो.वैसे रानी तुमने बिल पे अवी का नाम क्यू लिखा

रानी-वो नाम देख कर तुझे पता चला ना

कोमल-हाँ

रानी-शॉप वाले ने कहा था जिसे गिफ्ट देना है उसके नाम से बिल लो जिस से कुछ प्राब्लम हुई तो सीधा अवी बिल लेकर शॉप मे जा सकता है.

कोमल-जाने दो ,पर मोबाइल महेगा है.

अवी-तो क्या हुआ हम भी रानी को गिफ्ट देंगे

कोमल-हाँ, रानी के बर्तडे पे अच्छा सा गिफ्ट देंगे

रानी-मैं मना करूँगी तुम ज़िद करोगी, इस से अच्छा है जो गिफ्ट देना है दे देना

कोमल-तुम स्मार्ट हो

रानी-फ्रेंड किस की हूँ कोमल की

कोमल-बस अब चने के पेड़ पर मत चढ़ा देना

ये कोमल ने तो आज मेरी जान निकाल दी थी.

अच्छा हुआ बात कुछ और थी.

पर रानी ने मुझे बताना चाहिए था.

कितना डर गया था मैं

रानी मुझे डरता हुआ देख कर हंस रही थी.

मेरा चेहरा ऐसा हो गया था कि रानी अपनी हँसी को रोक नही पाई

अवी-चले

कोमल-हाँ, चलते है. पहले थॅंक्स तो कहो रानी को

अवी-फ्रेंड को थॅंक्स नही कहते

कोमल ने मेरे माथे पे हाथ रखा.

कोमल-तबीयत तो ठीक है ना तुम्हारी जो ऐसी अच्छी बाते कैसे बोल रहे हो

अवी-तुम घर चलो तुम्हें दिखाता हूँ

रानी-कोमल तू तो गयी आज

कोमल-अवी मज़ाक कर रहा है. अच्छा कल मिलते है

कोमल और मैं जाने के लिए खड़े हो गये

रानी भी खड़ी होकर हमे गेट तक छोड़ने आ गयी.

मैं रानी के साइड मे चल रहा था.

रानी के साथ गेट तक आते मैं ने रानी की कमर पर चिमती काट ली.

रानी-ऊच

रानी ने मेरी तरफ देखा

कोमल-क्या हुआ.
 
रानी-कुछ नही .लगता है चींटी ने काट लिया.

कोमल-इतनी ज़ोर से क्यूँ चीखी

अवी-चींटी ने काटा होगा.

रानी समझ गयी कि मैं ने ऐसा क्यूँ किया.

कोमल-चींटा नही मकोड़ा होता है,रानी नहा लेना ,

रानी-मैं देख लूँगी.

कोमल-बाइ

अवी-बाइ रानी. और गिफ्ट के लिए थॅंक्स

रानी-बाइ

और मैं कोमल को लेकर रानी के घर से चला गया.

कोमल-तुम ने गिफ्ट क्यूँ लिया

अवी-बताया ना ,

कोमल-वापस कर देते

अवी-उसने तो ऐसा नही कहा था क्लास की फीस भरते हुए.

कोमल-फिर्भी.

अवी-छोटी चाची कहती है किसी के अहसान जल्दी चुका देना और दूसरो को अहसान चुकाने का पूरा मोका देना

कोमल-मामी ने ऐसा कहा था.

अवी-तुम ही सोच लो मुझे क्या करना चाहिए था.

कोमल-जो हो गया सो हो गया. हम भी उसे गिफ्ट देंगे

अवी-हाँ ,दे देंगे पर पहले तुम्हारा दिमाग़ को ठंडा करना होगा.

कोमल-कैसे

अवी-आइस क्रीम खाने चलते है.

कोमल-चलो,

और मैं कोमल के साथ आइस क्रीम खाने के लिए होटेल मे आ गया

आइस क्रीम हाथ मे आते ही कोमल छोटी बच्ची की तरह आइस क्रीम खाने लगी.

और चुपके से मेरे आइस क्रीम का एक बाइट ले लिया.

और ऐसे अपनी आइस क्रीम खाने लगी जैसे उसे कुछ मालूम नही था.

मैं ने भी उसकी आइस क्रीम का बाइट ले लिया.

फिर क्या था कोमल मेरी आइस खाने लगी तो मैं कोमल की आइस क्रीम खाने लगा.

कोई हमे देखता तो यही कहता कि हम गर्लफ्रेंड बाय्फ्रेंड है.

जिस तरह हम आइस्क्रीम खा रहे थे उस से यही लग रहा होगा.

कोमल ने एक और आइस क्रीम ऑर्डर की

अवी-एक और

कोमल-कितने दिनो बाद खाती हूँ ,आज रोको मत

अवी-कम से कम ठीक से तो खा लो

कोमल-ठीक से तो खा रही हूँ

अवी-तुम्हारी नोज पे आइस क्रीम लगी

कोमल-क्या ,नोज पे

अवी-रूको मैं साफ करता हूँ. तुम आइस क्रीम पकड़ी रहो

और मैं कोमल के नोज पे लगी हुई क्रीम साफ की.

अवी-अब खा लो

कोमल-तुम भी लो ना

मैं ने उसकी की आइस क्रीम का बाइट ले लिया.

कोमल ने मुझे कुछ नही कहा और आइस क्रीम मज़े लेते हुए खाने लगी.

अवी-और आइस क्रीम लूँ

कोमल-नही. फिर किसी दिन आ जाएँगे

अवी-पॅक करवा लेता हूँ घर पे खा लेना

कोमल-घर पे खाने मे मज़ा नही आता जो यहा तुम्हारे साथ आता है.

अवी-कविता के लिए ले लो

कोमल-ठीक है ले लो,

आइस क्रीम पॅक करके हम घर की तरफ जाने लगे

अवी-कोमल

कोमल-हाँ

अवी-ऐसे चिपक कर मत बैठो

कोमल और ज़्यादा मुझसे चिपक कर बैठ गयी.

कोमल-ये ठीक है.

अवी-तुम से बात करना बेकार है.

कोमल-तुम चुप चाप अपनी बाइक चलाओ मुझे जैसा बैठना है मैं बैठूँगी.

अवी-ओके बाबा,

कोमल-वैसे अवी तुमसे एक बात करनी थी.

अवी-कहो

कोमल-कल ना रानी को एक फोन आया था.

अवी-तो

कोमल-वो हाँ ना मे बाते कर रही थी.

अवी-तो क्या हुआ (मेरा फोन था )

कोमल-मुझे लग रहा था कि मेरी वजह से वो ऐसी बोल रही थी.

अवी-तुम्हारा वहम होगा

कोमल-नही. मैं ने बाद मे फोन चेक किया तो रानी ने वो नंबर डेलीट कर दिया था.

अवी-(रानी स्मार्ट है) वो कैसा क्यूँ करेगी.

कोमल-मुझे लगता है उसका कोई बाय्फ्रेंड है, और वो मुझसे छुपाना चाहती है.

अवी-रानी तुम्हारी बेस्ट फ्रेंड है वो तुमसे क्यू छुपाएगी.

कोमल-मैं भी वही सोच रही थी. पर वो फोन

अवी-ऐसे किसी का होगा तुम टेन्षन मत लो ,रानी तुमसे कुछ नही छुपाएगी.

कोमल-तुम ठीक कह रहे हो. रानी आरती जैसी नही है

अवी-वैसे रानी खूबसूरत है

कोमल-क्या कहा,

और कोमल ने मेरी पीठ पर मुक्का मारा

अवी-क्या हुआ

कोमल-रानी के बारे मे क्या कहा

अवी-तारीफ की उसकी

कोमल-कुछ ऐसा वैसा मत सोचना.

अवी-तुम कहाँ से कहाँ चली गयी.

कोमल-कहीं रानी के गिफ्ट देने से

अवी-रूको रूको, मैं तो सिर्फ़ तारीफ कर रहा था .तुम्हें बुरा लगा तो अब नही करूँगा.

कोमल-ठीक है

अवी-वैसे तुम रानी से भी बहुत खूबसूरत हो.

कोमल मेरी बात सुनते ही शरमा कर मेरी पीठ मे अपना चेहरा छुपा दिया

अवी-क्या हुआ, ठीक से बैठो गाओं आ रहा है.

कोमल-थॅंक्स

और कोमल ने खुद को संभाल लिया और हम घर आ गये

कोमल को उसके घर छोड़ कर मैं नीता बुआ का गिफ्ट लेकर घर आ गया.
 
Back
Top