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मैं और मेरा परिवार

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826 फ

रिज़ल्ट लगते ही मेरे हाथ मे किताब आ गयी

रिज़ल्ट लगने के बाद तो कॉलेज स्टार्ट होने तक कोई पढ़ाई नही करता और मैं किताब खोल कर बैठा हुआ था

ये सब नेहा बुआ की वजह से हो रहा था

ना वो चाची को कुछ कहती और ना मेरे दिमाग़ मे ये सब चलता

पर कुछ भी हो इस वजह से मैं पढ़ाई तो कर रहा था

लंड की जगह पेन (कलम) हाथ मे आ जाए तो फ्यूचर सेफ हो जाता है

मैं ने ऐसा नही सोचा कि "कल" से पढ़ाई करूँगा

मैं ने चाची के जाते ही किताब खोल कर पढ़ना स्टार्ट किया

उधर पंकज और करीम पार्टी कर रहे है और मैं पढ़ाई कर रहा हूँ , कॉलेज के समय इसका उल्टा होता था

मैं सिर्फ़ शाम मे खाना खाने के लिए कमरे से बाहर निकाल , खाना खाते ही अपने कमरे मे पढ़ाई करने लगा

चाची को लगा कि नेहा बुआ के वजह से मैं आराम करना चाहता हूँ , जिस से चाची ने मुझे कुछ नही कहा

मैं देर रात तक पढ़ाई करता रहा

कोई कोई रिज़ल्ट देख कर स्यूयिसाइड करते है तो कोई मेरे जैसे पढ़ाई करने लग जाते है जैसे उनके अंदर कोई पढ़ाई का भूत घुस गया हो

मैं इतना कमजोर तो था नही कि स्यूयिसाइड कर लूँ , मुझे तो चाची ने लड़ना सिखाया है , और मैं पढ़ाई कर रहा था

ये दिन मेरी लाइफ का सबसे बड़ा दिन था

मेरे आँखों के सामने से नींद गायब थी

रात मे रानी का कॉल आया पर मैं ने सिर्फ़ ही हेलो बोल कर फोन रख दिया

रानी समझ गयी कि रिज़ल्ट की वजह से मैं ठीक से बात नही कर रहा हूँ

नेक्स्ट डे

चाची के उठाने से पहले मैं उठ गया

छोटी चाची ये देख कर शॉक्ड हो गयी

रोज वो मुझे कसरत करने को उठाती है पर आज तो मैं ने छत पे जाकर कसरत करनी शुरू भी कर दी थी

चाची ने कुछ कहा नही , चाची योगा करने लगी और मैं कसरत करके जल्द से जल्द अपने कमरे मे जाकर पढ़ाई करना चाहता था

कसरत करने के बाद नाश्ता करके मैं हॉल मे मोबाइल पे पीडीफ पढ़ने लगा , चाची को लगा कि मैं गेम खेल रहा हूँ

चाची को मेरी हरकतों पे शक तो हो रहा था

क्यू की दिमाग़ मे केमिकल लोचा हो जाने से मेरे चेहरे के एक्सप्रेशन चेंज हो गये थे

दिन तो ऐसे पढ़ाई करने मे निकल गया

कोमल अपने क्लासस को गयी थी

शाम को मुझे याद आया कि कॉनल ने कहा था की उसके पास आ जाउ पढ़ाई करने को

मैं ने चाची को इतना कहा कि मैं कोमल के पास जा रहा हूँ

कोमल मुझे देखते ही खुश हो गयी

नेहा बुआ ने हमेशा की तरह मेरा वेलकम किया , आँखों से आग निकाल कर मुझे जलाना शुरू किया

मैं ने नेहा बुआ की तरफ ना देखते हुए सीधा कोमल के कमरे मे कोमल के साथ चला गया

कोमल रिज़ल्ट लगने से कुछ दिन बिना पढ़ाई के रहना चाहती थी जिस से वो बेड पे जाकर बैठ गयी

और मैं कोमल के स्टडी टेबल पे जाकर बैठ गया

अवी- तुम वहाँ क्या कर रही हो , पढ़ाई नही करनी है

कोमल- क्या कहा फिर से कहना

अवी- मैं यहाँ पढ़ाई करने आया हूँ , भूल गयी तुमने ही तो कहा था कि रोज 2 घंटे तुम्हारे साथ पढ़ाई करूँ

कोमल- कल ही तो रिज़ल्ट लगा था

अवी- किसी ने कहा है कि कल करे सो अब कर

कोमल- तुम्हारी तबीयत तो ठीक है ना

अवी- मैं ठीक हूँ , तुम मेरी मदद कर रही हो या मैं वापस जाउ

कोमल- तुम्हें कही जाने की ज़रूरत नही है , मैं मदद करती हूँ , पर तुम ये सब रिज़ल्ट की टेन्षन की वजह से कर रहे हो तो पढ़ाई करके कुछ फ़ायदा नही होगा

अवी- तुम्हें तो पता है मुझे कभी भी कोई भी काम आ जाता है जिस से मेरी पढ़ाई पे असर हो जाता है , तो मैं अभी से पढ़ाई कर रहा हूँ क्या पता बाद मे कोई काम आ जाए

कोमल- ऐसा कुछ नही होगा , और अब मेले जैसा बड़ा काम नही आएगा

अवी- अगर स्वेता दीदी की सगाई आ गयी तो

कोमल- बात मे दम है

अवी- तो मेरी मदद करो

कोमल- फिज़िक्स से स्टार्ट करते है

अवी- यस मेडम

कोमल- तुम तो मज़ाक करने लग गये

अवी- ये सीरीयस वाला मेडम था , आज से तुम मेरी मेडम हो

कोमल- मेरे साथ कितने रिश्ते जोड़ रहे हो

अवी- क्या मतलब

कोमल- कुछ नही , तो हम आंग्युलर वेलोसिटी से स्टार्ट करते है

और कोमल ने मुझे पढ़ाना स्टार्ट किया

कोमल तो किसी टीचर की तरह पढ़ा रही थी

क्लासस लगाने से कोमल का नालेज बढ़ गया था

कोमल दिल से पढ़ा रही थी और मैं मन लगा कर पढ़ रहा था

कोमल के मूह से निकल रहे एक एक वर्ड को मैं अपने दिमाग़ मे फिट कर रहा था

कोमल मुझे शॉर्टकट तरीके भी बता रही थी कि कैसे प्राब्लम सॉल्व करना है

कोमल मुझे उस तरह पढ़ाई करते हुए शॉक्ड हो गयी

हर बार मैं पढ़ाई करते हुए मज़ाक कर ही देता था

पर इस बार म्बबस स्टूडेंट की तरह मन लगा कर पढ़ाई कर रहा था

मेरी नज़र किताब से बाहर जा ही नही रही थी

बीच मे कविता आई थी मुझसे बात करने को

पर मेरा रेस्पॉन्स ना पा कर वो वापस चली गयी

कविता को इस तरह वापस आता हुआ देख कर नेहा बुआ डोर के पास खड़ी रह कर मुझे पढ़ाई करते हुए देख रही थी

मुझे पढ़ाई करते हुए देख कर पता नही नेहा बुआ के दिमाग़ मे क्या चल रहा होगा

वो तो बिना पलकें झपकाए मुझे देख रही थी

कल ही तो नेहा बुआ ने मुझे कम मार्क मिलने से डांता था और आज मैं पढ़ाई कर रहा था

नेहा बुआ की आँखों मे कुछ पानी के बूंदे आ गयी थी

पर मैं तो किताब मे घुसा हुआ था

अब तक मैं दूसरो पे हंसता था कि वो किताबी कीड़े है और आज मैं किताबी कीड़ा बन गया था

एक रिज़ल्ट ने सब कुछ बदल दिया

आज पढ़ाई करते हुए कोमल थक गयी पर मैं थकने का नाम नही ले रहा था

नेहा बुआ डोर के पास खड़ी रह कर सब देख रही थी

अवी- क्या हुआ रुक क्यूँ गयी

कोमल- आज के लिए इतना काफ़ी है बाकी कल पढ़ लेंगे

अवी- अभी तो शुरू किया है , और मुझे तो सब समझ मे आ रहा है , थोड़ी देर और पढ़ते है

कोमल- 2 घंटे हो गये हमे पढ़ाई करते हुए

अवी- प्लीज़ थोड़ी देर और पढ़ लेते है , ये टॉपिक कंप्लीट करते है

कोमल- अवी सूगरकेन कितना भी मीठा क्यूँ ना हो उसे रूट के साथ नही खा सकते

अवी- पता है मुझे , पर लिंक मिलने के बाद ऐसे बीच मे छोड़ देना भी तो ठीक नही है

कोमल- और 1 घंटा बस

अवी- थॅंक यू

कोमल- तुम पढ़ो मैं 2 मिनट मे आती हूँ

अवी- तुम कहाँ जा रही हो बैठो यहाँ

कोमल- तुम्हारे अंदर पढ़ाई का भूत घुस गया है ,

अवी- तो उस भूत को निकाल दो

कोमल- तो नेक्स्ट टॉपिक स्टार्ट करते है

अवी- हाँ करो पर साथ मे बुआ को बोलो कि टी बना दे ,

कोमल- तुम कहो

अवी- मुझे मरना थोड़े है , बुआ मुझे कच्चा खा जाएगी

मेरी बात सुनते ही नेहा बुआ ने कच्चा खाने के लिए अपना मूह ओपन किया

कोमल- मेरी माँ के बारे मे ऐसा मत बोलो , वो बहुत अच्छी है

अवी- तो तुम बोल दो की टी बना दे

कोमल- टी तुम्हें चाहिए तुम बोलो ,

अवी- कल तो बुआ की गालियों से पेट भर गया था , आज अगर फिर से बात की तो बुआ मेरा खून पी लेगी

नेहा बुआ बस हमारी बात सुनती गयी

अवी- कल जो हुआ उसके बाद मैं नेहा बुआ का सामना नही कर सकता

कोमल- ये जो डर है उसको ख़तम करना चाहिए वरना ये डर तुम्हें खा जाएगा

अवी- नेहा बुआ और उनका डर , इनका सामना करना मुझसे नही होगा

कोमल- कॉसिश करो , और ये डर कभी ना कभी तो ख़तम करना होगा

अवी- जब सही समय आएगा तब देख लूँगा तुम्हारी माँ को

कोमल- सही समय

अवी- छोटी चाची कहती है कि समय से पहले और समय के बाद कुछ नही करना चाहिए ,, सही समय पर हठोड़ा मारना चाहिए

कोमल- मेरी माँ को हतोड़े से मारोगे

अवी- ऐसा कहते है

कोमल- मैं मज़ाक कर रही थी

अवी- टी बनाने को बोलो ना बुआ को

कोमल- टी चाहिए तो खुद बोलो वरना मैं पढ़ाई स्टार्ट कर रही हूँ

अवी- टी बाद मे पी लूँगा तुम पढ़ाना स्टार्ट करो

और कोमल मुझे वापस पढ़ाने लगी

और नेहा बुआ वापस चली गयी

नेहा बुआ को मेरे बात पे गुस्सा आया होगा

अगर ऐसा हुआ तो मेरी जान ले लेगी नेहा बुआ
 
826 ग

मैं कोमल के साथ पढ़ाई करने लगा

नेहा बुआ ने हमारी बात सुन ली , पर इस बात से हम अंजान थे

पर नेहा बुआ ने सब सुन लिया तो कुछ कहा क्यूँ नही

शायद कोमल के वजह से चुप होगी

कोमल के कहते नेहा बुआ चुप हो जाती है , कल कोमल ने ही प्रॉमिस करवा के मुझे कुछ हद तक नेहा बुआ से बचा लिया था

हम तो पढ़ाई कर रहे थे

नेहा बुआ पता नही कहाँ थी

उनको तो मेरी बात सुनकर गुस्सा आया होगा

नेहा बुआ=>

खुद को समझता क्या है

मुझे चुड़ेल कहा

उसको कच्चा खाउन्गी तो चुड़ेल ही बन जाउन्गी ना

मैं क्या उसका खून पीती हूँ जो ऐसा बोल रहा था

मैं क्या इतनी बुरी हूँ

मैं ने जो किया था वो उसके भले के लिए ही तो किया है

अगेर मैं बुरी होती तो उस से कुछ कहती ही नही

कल इतना कुछ कहा तभी तो पढ़ाई कर रहा है

पढ़ाई करेगा तो उसके लिए ही अच्छा होगा

मैं कल चुप रहती तो आज वो पढ़ाई की जगह मस्ती कर रहा होता

मुझे थॅंक्स कहने की जगह मुझे चुड़ेल कह रहा है

मैं क्यूँ उसके बारे मे सोच रही हूँ

उसकी लाइफ है वो जो चाहे वो करे

मैं जैसी हूँ अच्छी हूँ

कोमल ही मुझे समझती है

मेरी प्यारी बेटी

अगेर कल कोमल ने मुझे रोका ना होता तो उसे दिखाती की मैं क्या चीज़ हूँ

लेकिन मैं उसके बारे मे सोच ही क्यूँ रही हूँ

वो मेरा है ही कौन

वो मेरा कोई नही है तो मुझे क्या हक था उसको बोलने का

कैसे ना बोलती , क्या उसे ऐसे बर्बाद होने देती

मेरा सर फट जाएगा अगर अवी के बारे मे सोचूँगी तो

कितनी बार कॉसिश करती हूँ अवी के बारे मे ना सोचु पर दिमाग़ मे घूम फिर कर उसकी का नाम आ जाता है

अवी का ख़याल रखने के लिए सुमन है

क्या ज़रूरत थी मुझे उसे बुलाने की रिज़ल्ट लेकर

मुझे क्या ज़रूरत थी सुमन मीना को कुछ कहने की

देखा नही अवी ने दिल पे ले लिया है

कैसे पढ़ाई कर रहा है

कितना डर गया है मुझसे

डरना ही चाहिए मुझसे ,

कल अगर कोमल रोकती नही तो एक थप्पड़ तो ज़रूर मारती

अवी को थप्पड़ , ये मैं कैसे कर सकती हूँ

ये मैं क्या सोच रही हूँ

उसी के बारे मे सोच रही हूँ

और वो वहाँ

क्या कहा था कि मैं उसे कच्चा खा जाउन्गी

मैं क्या चुड़ेल हूँ

और उसको टी चाहिए

वो क्या कोई महाराजा है जो उसे टी लेकर दूं

वो बोलेगा तो भी नही बनाउन्गी टी

वो समझता क्या है खुद को

मेरी बेटी के सामने मुझे चुड़ेल कहता है

कोमल ना होती तो दिखाती उसको की मैं क्या कर सकती हूँ

टी चाहिए उसे

जहर दे दूँगी उसको मेरा बस चला तो

लेकिन वो तो मेरी बात सुनकर पढ़ाई कर रहा है

पढ़ाई करते हुए टी मिल जाए तो वो अच्छे से पढ़ लेगा

पर उसने कहना तो चाहिए ना

ऐसे हाथ मे आकर नही टपक जाएगी टी

अगर कोमल कहती तो अभी बना कर देती

उसके लिए मैं क्यू बनाऊ टी

उसकी चाची बना कर देती होगी

मैं क्यूँ बनाऊ

कोमल को क्या ज़रूरत थी ये कहने की वो पढ़ा देगी अवी को

अब रोज मुझे उसका चेहरा देखना पड़ेगा

पर वो भी तो चुप चाप मेरी बात मान कर पढ़ाई कर रहा है

कोमल ने तो मेरी बात को सपोर्ट करके उसकी मदद करने को तैयार हुई

पर वो तो यहाँ भी महाराजा की तरह रहना चाहता है

उसको टी चाहिए

कोमल ने अच्छा किया जो ये कहा कि खुद मुझे बोले

वो मुझे पूछता तो ऐसी खबर लेती कि दुबारा मेरे पास आ ता ही नही बात करने को

टी तो दूर की बात है

इतना बोलो बन कर बोल रहा था कि टी चाहिए

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नेहा बुआ खुद से बातें कर रही थी कविता ने हंस कर नेहा बुआ को होश मे लाया

कविता नेहा बुआ को खुद से बातें करते हुए देख कर हँसने लगी

कविता की हँसी से नेहा बुआ होश मे आ गयी

नेहा बुआ- तुझे क्या हुआ , ऐसे दाँत (टीत) क्यू दिखा रही है

कविता - आप खुद से बात कर रही है ये देख कर हँसी आ रही है

नेहा बुआ- ज़्यादा हंस मत वरना मार पड़ेगी

कविता- आप बात ही ऐसी कर रही थी कि हँसी आ गयी

नेहा बुआ को अहसास हो गया कि वो क्या कर रही थी

कविता- पर आप बोल क्या रही थी

नेहा बुआ- तुझे क्या करना है

कविता- आप टी की बात कर रही थी

नेहा बुआ- तू जाती है या मार खाएगी

कविता- आप कह रही थी कि अवी भैया को टी नही देगी

नेहा बुआ- तू अपना काम कर

कविता- मैं तो जा रही हूँ पर आप क्या कर रही है वो यो देखिए

नेहा बुआ- क्या कर रही हूँ मैं

कविता- आप कह रही है कि अवी भैया को टी नही देगी और टी बना भी दी है

नेहा बुआ- तू जाती है या मार खाएगी

कविता- आप कह रही थी कि अवी भैया को टी नही देगी

नेहा बुआ- तू अपना काम कर

कविता- मैं तो जा रही हूँ पर आप क्या कर रही है वो ये देखिए

नेहा बुआ- क्या कर रही हूँ मैं

कविता- आप कह रही है कि अवी भैया को टी नही देगी और टी बना भी दी है

कविता की बात सुनते नेहा बुआ ने नीचे देखा तो चूल्हे पे टी बन रही थी

टी बन चुकी थी

नेहा बुआ का चेहरा देखने लायक था

कविता फिर से हँसने लगी

नहा बुआ सोच रही थी कि टी नही बनाएगी पर ख़यालो मे खो कर कब टी बना दी ये नेहा बुआ को भी याद नही रहा

मेरे बारे मे कभी अच्छा तो कभी बुरा सोचते हुए रियल मे वो क्या कर रही है ये भूल गयी

नेहा बुआ ये देख हँसने लगी

कविता- माँ आप हंस रही हो

नेहा बुआ- तू नही समझेगी

कविता- पर आप कह रही थी टी नही बनाएगी और टी बना भी दी

नेहा बुआ- कहा ना तू नही समझेगी (मैं भी ना , मुझे हो क्या जाता है , जब भी अवी के बारे मे सोचती हूँ तो ऐसा ही होता है , )

कविता- अब टी का क्या करे , फेक दूं

नेहा बुआ- कोमल और तेरे भाई को टी ले जाकर दे

कविता-पर आप तो बोल रही थी कि भैया को टी नही देगी

नेहा बुआ- तू ज़्यादा बोलने लगी है

कविता- मैं तो वही बोल रही हूँ जो आप कह रही थी

नेहा बुआ-अब बोल रही हूँ ना कि टी ले जाकर दे

कविता- आप खुद दो ,

नेहा बुआ- जाती है या मार खाएगी

कविता- जा रही हूँ , पर भैया पूछेंगे तो क्या कहूँ

नेहा बुआ- बोलना कि तूने बनाई है

कविता- मैं झूठ बोलू

नेहा बुआ- रोज तो झूठ बोलती है , आज मैं कह रही हूँ ये नाटक करती है

कविता- मुझे क्या मिलेगा झूठ बोलने के लिए

नेहा बुआ- अपनी माँ से सोदा करती है

कविता- बिज़्नेस है ये

नेहा बुआ- कल गुलाब जामुन बना दूँगी

कविता- पक्का

नेहा बुआ- अब जा , वरना मार खाएगी

और कविता मेरे लिए टी लेकर आ गयी

नेहा बुआ फिर से मेरे बारे मे सोचने लगी

नेहा बुआ को खुद पे हँसी आ रही थी

मैं कविता के हाथ की टी पीने लगा

कविता ने टी के लिए मुझसे भी गिफ्ट माँग ही लिया

टी मिलने से पढ़ाई करने मे आसानी हो गयी

कोमल के साथ पढ़ाई करने के बाद मैं वापस घर आकर खाना खा कर पढ़ाई करने लगा

रिज़ल्ट लगते मैं कितना पानी मे हूँ वो पता चल गया.

ज़्यादा मस्ती करने का फल कैसा मिलता है ये मैं ने देख लिया.

ज़्यादा मस्ती और कम पढ़ाई से मेरा रिज़ल्ट इस से ज़्यादा क्या हो सकता था.

मैं ने अगर मेले मे रोज 1 घंटा भी पढ़ाई की होती तो मेरा रिज़ल्ट इतना बुरा तो नही होता.

मेरी वजह से छोटी चाची को गालियाँ खानी पड़ी

मेरी वजह से सबको नेहा बुआ की बात सुननी पड़ी

ग़लती मेरी है , मुझे पढ़ाई पे ध्यान देना चाहिए था

छोटी चाची ने कहा था कि पढ़ाई के साथ जो काम मिलते है वो भी पूरे करने चाहिए ,

मैं ने इस बात पे ध्यान ही नही दिया

पर अब ऐसा नही होगा

सब को पता है मैं ने किस तरह पढ़ाई की है पर कुछ दिन बाद लोग ये भूल जाएँगे कि मैं बिज़ी था उनको याद रहेगा की मुझे कम मार्क मिले है

ये साल ज़्यादा इम्पोर्टेंट नही था जिस से ज़्यादा फरक नही पड़ा

पर अगला साल तो फ्यूचर डिसाइड करेगा .जिस से मैं इस बार कोई रिस्क नही लूँगा.

अभी पढ़ाई कर ली तो आगे जाकर कोई काम भी आ गया तो ज़्यादा प्राब्लम नही होगी.

क्या पता स्वेता दीदी की मँगनी (सगाई) एग्ज़ॅम के समय आ जाए. रोहन की फॅमिली का कुछ कह नही सकते.

मैं ने एग्ज़ॅम होने के बाद 2 3 घंटे तो पढ़ाई कंटिन्यू कर रहा था पर अब तो रिज़ल्ट लगते मैं ने पढ़ाई और थोड़ा बहुत टाइम बहनों और फॅमिली के लिए अड्जस्ट करके मेरा दिन सेट किया है

मैं चुप चाप अपने कमरे पे बैठ कर पढ़ाई कर रहा था

रिज़ल्ट देख कर ऐसा लग रहा था कि पूरी पढ़ाई करके एग्ज़ॅम दे कर अच्छा रिज़ल्ट छोटी चाची के हाथ मे दूं

मेरा दिमाग़ मेरा साथ ही नही दे रहा था

मेरे दिमाग़ मे यही चल रहा था कि मुझे पढ़ाई करनी है

और मैं चुप चाप कमरे मे बंद रह कर पढ़ाई करने लगा

.रिज़ल्ट लग कर 1 हफ़्ता हो गया और इस 1 हफ्ते मे मैं अपने कमरे मे पढ़ाई करता रहा

छोटी चाची को मेरे बदले हुए रवैये को देख कर शक हो रहा था

पर मेरे दिमाग़ मे तो कुछ और चल रहा था

एक भूत सवार हो गया था मेरे अंदर

पर ऐसा कब तक चलता कि छोटी चाची को मेरे चुपके चुपके पढ़ाई के बारे मे पता ना चले to be continue...............
 
827

एक दिन छोटी चाची रात मे पानी पीने के लिए उठी तो मेरे कमरे की लाइट ऑन देखा.

कोई कितनी भी सावधानी का ध्यान रखे पर एक दिन ग़लती हो जाती है

मैं ने भी आज ग़लती से कमरे का लाइट ऑन रखा

छोटी चाची ने सोचा इतनी रात मे मैं क्या कर रहा हूँ.

पहले तो छोटी चाची ने विद्या के कमरे मे जाकर देखा कहीं वो मेरे कमरे तो नही है. पर विद्या तो अपने कमरे मे सो रही थी.

छोटी चाची को अब पता लगाए बिना चैन नही आएगा इस लिए छोटी चाची ने मुझे आवाज़ दी

छोटी चाची की आवाज़ सुनते ही मैं डर गया मैं ने आज ग़लती से टेबल लॅंप की जगह कमरे का लाइट ऑन रखा.

अब डरने से या छुपाने से कोई फ़ायदा नही होगा .

मुझे छोटी चाची को बताना होगा कि मैं क्या कर रहा हूँ

मैं ने डोर खोल कर छोटी चाची को अंदर आने दिया.

छोटी चाची ने कमरे को अच्छे से देखा. मेरा बिस्तेर क्लीन था ,पर स्टडी टेबल पर किताबें ओपन थी.

छोटी चाची बेड पर जाकर बैठ गयी और मुझे अपने पास बुलाया

सी चाची-अवी ,अभी तक सोया नही

अवी-सोने वाला था चाची

सी चाची-सोने वाला था तो अब तक क्या कर रहा था. रानी से फोन पर बात कर रहा था या कुछ और

अवी-चाची आप से झूठ नही कहूँगा. मैं पढ़ाई कर रहा था.

सी चाची-पढ़ाई . छुट्टियों मे

अवी-वो चाची मैं

सी चाची-कब से कर रहा है ऐसे चुपके चुपके पढ़ाई

अवी-1 हफ़्ता हो गया

सी चाची-मतलब रिज़ल्ट लगा तब से

अवी-हाँ,

सी चाची-अब समझी ,रिज़ल्ट की वजह से इतना टेन्षन ले रहा है

अवी-ऐसा भी कहा जा सकता है पर मैं इस लिए पढ़ाई कर रहा हूँ कि आगे जाकर अगर मैं बिज़ी हो गया तो पढ़ाई पे इसका असर ना हो

सी चाची-ये तो अच्छा सोचा तूने ,पर तू तो एग्ज़ॅम मे बाद भी पढ़ाई करता गया था फिर आज इतनी देर तक

अवी-वो रिज़ल्ट के वजह से थोड़ी ज़्यादा पढ़ाई करने लगा

सी चाची-कितनी

अवी-दोपेहर मे सोने का बहाना बना कर पढ़ाई कर रहा हूँ फिर शाम मे कोमल के साथ और रात मे 3 4 घंटे तो कर ही लेता हूँ

सी चाची-लगता है एक बार मे पूरी पढ़ाई करना चाहता है

(पूजा दीदी ने कहा था कि तुम्हारे पापा भी ऐसे पढ़ाई करते थे , एक मार्क कम मिला तो उसी की भरपाई इसी तरह की थी एक बार अवी के पापा ने )

अवी-आप कुछ मत कहना, मुझे रोकना मत पढ़ाई करने से

सी चाची-मैं क्यू रोकूंगी. पर ये कुछ ज़्यादा नही हो रहा.

(मीना प्यार से हॅंडल करना , पर जिस बात का डर है अगेर वो हो गया तो , पर ये तो होना ही था , अवी के अंदर अपने पापा के आदत तो आएगी ना , अपने पापा जैसे पढ़ाई कर रहा है )

अवी-इतना तो करना होगा ना चाची, मुझे अगले साल के साथ साथ एंटरेस की भी थोड़ी बहुत पढ़ाई करनी है.

सी चाची-मुझ से बेहतर तू जानता है कि क्या अच्छा है और क्या बुरा.

(पढ़ाई को ज़्यादा इंपॉर्टेन्स देने की जगह फॅमिली को देना चाहिए , मुझे ये सब रोकना होगा , पढ़ाई करने से रोकने की बात नही कर रही हूँ , उसकी सोच ना बदल जाए इस का मुझे ध्यान रखना होगा, )

अवी-चाची

सी चाची-कर पढ़ाई पर ज़्यादा टेन्षन मत ले

(अवी ने भी पढ़ाई के चक्कर मे अपने भाई बहन से ठीक से बात नही की , कल बताया था मुझे स्वेता ने )

अवी-टेन्षन मे पढ़ाई नही होती.आपने कहा था. मैं बस पढ़ाई करूँगा.

सी चाची-आज के लिए इतना काफ़ी होगा चल सो जा

(मुझे ऐसा हल ढूँढना होगा जिस से अवी खुद को इस टेन्षन से आज़ाद कर दे )

अवी-आप को मुझपे गुस्सा तो नही आ रहा.कि मैं ने आपको कुछ बताया नही.

सी चाची-नही, पर तू अब सोएगा नही तो बुरा लगेगा. सुबह कसरत भी करनी है

(अवी पे गुस्सा हुई तो उसका अलग रिक्षन हो जाएगा अवी पे )

अवी-आपके जाते लाइट ऑफ करूँगा

और छोटी चाची ने मुझे एक किस करके गुड नाइट बोला.

छोटी चाची के जाते ही मैं भी लाइट ऑफ करके सो गया पर छोटी चाची की नींद मैं ने खराब कर दी.

छोटी चाची को नींद आना पासिबल नही था वो मेरे बारे मे सोच रही होगी.

ये अवी क्या कर रहा है. उसे कहा था की इतना टेन्षन मत ले पर उसने मेरी बात नही सुनी.

पूरा दिन पढ़ाई और हमारे साथ बिता कर अपनी छुट्टियाँ बेकार कर रहा है.

रोज मस्ती, हँसी मज़ाक करने वाला अवी ,उसके चेहरे पे आज वो चमक नही थी जो मैं रोज देखती थी.

फिर से वो डाइप्रेशन मे ना चला जाए.

इतना टेन्षन लेगा तो ज़रूर खुद की सेहत खराब करेगा.

ठीक है रात मे और शाम मे थोड़ी पढ़ाई करता है. पर दिन भर और वो भी देर रात तक पढ़ाई करना ठीक नही है.

उसके चेहरे पे हँसी अच्छी लगती है.

मुझे कुछ करना होगा उसके चेहरे की चमक वापस लाने के लिए

अगर मैं आज पानी पीने के लिए उठी थी नही तो मुझे कभी पता नही चलता.

अवी को पता था कि मैं उसे इसकी इजाज़त नही दूँगी. इसी लिए उसने मुझे बताया नही.

अच्छा हुआ मुझे जल्दी पता चला वरना पता नही अवी कितने दिन ऐसा रहता.फिर इसका असर फॅमिली पे ज़रूर होता

मुझे जल्दी कुछ करना होगा

क्या करू ,उसको थोड़ी चेंज की ज़रूरत है

उसे फ्रेंड की ज़रूरत है. जिसके साथ वो हँसी मज़ाक ,एंजाय कर सके

क्यूँ ना अवी को कुछ दिन के लिए अपने दोस्तो के साथ हॉलिडे पे भेज दूं

ऐसा करने से एन्वाइरन्मेंट चेंज होते ,फ्रेंड का साथ मिलते वो टेन्षन फ्री हो जाएगा.

ये ठीक रहेगा, वैसे भी अवी को नये लोग, नयी जगह, जाने की सख़्त ज़रूरत है इस से अवी को दुनिया के तोर तरीके भी पता चलेंगे

अवी को अपने हाथ और फैलाने का मोका मिलेगा.

अवी अपनी फॅमिली और पढ़ाई के बीच मे फँसता जा रहा है ऐसे मे उसे इस चक्र से बाहर निकालने की ज़रूरत है.

पीछे साल शहर2 जाने से अवी को बहुत फ़ायदा हुआ था .कितना मेच्यूर हो गया था अवी.

इस बार अवी को उसके दोस्तो के साथ टूर पे भेजना होगा. ताकि वो फॅमिली से दूर रहे , पढ़ाई के टेन्षन से दूर रहे , फिर से पहले जैसे जीना शुरू कर दे .

पर सुमन दीदी का क्या करूँ .उनको मनाना मुश्किल होगा.

सुमन दीदी अवी को इतने दिन के लिए वो भी फ्रेंड्स के साथ जाने की इजाज़त नही देगी.

और नेहा , उसे जब पता चलेगा कि अवी फ्रेंड्स के साथ बाहर जा रहा है तो मेरी गर्दन दबा देगी ,

नेहा को सिर्फ़ सुमन दीदी ही समझा सकती है ,

पर सुमन दीदी को मुझे समझाना पड़ेगा

सुमन दीदी और अवी की बुआ भी इजाज़त नही देगी. मेरे कहने पर भी नही देगी इजाज़त.

मुझे कुछ तो सोचना होगा जिस से अवी इस टेन्षन से फ्री हो सके.

अवी पढ़ाई करे पर इतना भी नही ,थोड़ी बहुत चल जाएगी पर पूरा दिन ये ठीक नही है.फॅमिली टाइम फॅमिली को देना चाहिए

कुछ सोच मीना ,अगर सुमन दीदी ने हाँ कर दी तो अवी की बुआ भी हाँ कर देगी.

बस सुमन दीदी को मनाना होगा.

एक आइडिया तो आ रहा है दिमाग़ मे ,ये आइडिया ठीक रहेगा.

इसी से काम.बन जाएगा
 
827 ए

ये आइडिया अच्छा रहेगा

इस से सुमन दीदी खुद मुझे अवी को टेन्षन फ्री करने को कहेगी.

अगर अवी को इजाज़त मिल गयी तो ये उसके लिए नया एडवेंचर होगा.

बहुत कुछ सीख सकता है. या उसे पता तो चलेगा कि दुनिया कितनी बड़ी है.

कल ही काम पर लग जाती हूँ

कल सुमन दीदी को मना लूँगी.

पर सुमन दीदी का नंबर तो अवी के चाचा के साथ सोने का है.

कल के लिए सीमा दीदी को उनके पास भेज कर सुमन दीदी के साथ मैं सो लूँगी.

मेरे साथ सुमन दीदी सोएगी तो मैं उनपे अपना आइडिया ईस्तमाल कर सकूँगी

सुमन दीदी मान गयी तो अवी की बुआ भी मान जाएगी

सुमन दीदी पूजा दीदी को मना लेगी

मैं यहाँ इतना सोच रही हूँ और

सीमा दीदी को देखो कैसे सो रही है.

अपनी साड़ी निकाल कर घोड़े बेच कर सो रही हैं.

सीमा दीदी कह रही थी कि नाइटी पहनना शुरू करते है.

पर सुमन दीदी ने मना कर दिया.

वैसे सीमा दीदी कह तो सही रही थी. नाइटी पहन कर सोना अच्छा होता है. अवी की बुआ भी तो पहनती है.

मुझे सुमन दीदी से बात करनी होगी. पर पहले अवी के बारे मे सोचना होगा.

कल सीमा चाची को सर्प्राइज़्ड दूँगी ,उनके साथ सोने के नाम से खुश हो जाएगी सीमा चाची.

मैं भी सो लेती हूँ ,सुबह जल्दी उठ कर योगा भी तो करना है.

नेक्स्ट डे

सुबह उठ कर अवी की कसरत और उसकी खुराक दे कर उसको पूजा दीदी के घर भेज दिया

अवी के चाचा भी नाश्ता करके अपना टिफिन लेकर खेतो मे चले गये

सुमन दीदी घर की साफ सफाई करने का सोच रही थी कि मैं ने उनको अपने कमरे मे बुला लिया.

सी चाची-दीदी आपसे एक बात करनी थी.

ब चाची-हाँ बोलना पर जल्दी आज पूरा घर साफ करने का सोच रही हूँ

सी चाची-हम पहले काम कर लेते है फिर बात करेंगे

ब चाची-बात क्या है.

सी चाची-मुझे आपसे कुछ ज़रूरी बात करनी है ,पर उसके लिए काफ़ी टाइम चाहिए

ब चाची-ऐसी क्या बात है.

सी चाची-मैं आराम से बताना चाहती हूँ ,ऐसे जल्द बाज़ी मे नही कह सकती.

ब चाची-तो बता,घर कल साफ करेंगे

सी चाची-नही, पहले घर की सफाई करते है ,बच्चों के लिए अच्छा होगा.

ब चाची-और तेरी बात

सी चाची-हम रात मे बात करेंगे

ब चाची-रात मे कैसे कर सकते है

सी चाची-आज रात के लिए आप मेरे साथ सो जाइए. और सीमा दीदी आपकी जगह उनके साथ सो जाएगी.

ब चाची-बात क्या है मीना ,

सी चाची-अभी नही बता सकती आपको, पर बताना ज़रूरी है.

ब चाची-अवी के बारे मे तो नही है.

सी चाची-अवी के सिलसिले मे ही आप से बात करनी है.

ब चाची-अवी के बारे मे , जल्दी बता क्या बात है.

सी चाची-रात को बताउन्गी

ब चाची-रात तक इंतज़ार नही कर सकती ,

सी चाची-करना होगा आपको

ब चाची-मैं अवी से पूछती हूँ

सी चाची-फिर तो बात बिगड़ जाएगी.

ब चाची-बता ना मीना बता क्या है. मुझे रात तक चैन नही आएगा.

सी चाची-आपको रुकना होगा. वरना अभी बताया तो कुछ फ़ायदा नही होगा. आप मुझपे भरोसा रखिए

ब चाची-तुझपे तो खुद से ज़्यादा भरोसा है पर अवी के लिए फिकर हो रही है

सी चाची-आपको मेरे साथ सोना होगा फिर रात मे बता दूँगी.

ब चाची-ठीक है पर रात मे बता देगा. और अवी के चाचा से मैं बात कर लूँगी.

म चाची-क्या बातें हो रही है

ब चाची-अच्छा हुआ तू आ गयी. तेरे बारे मे बात कर रहे थे

म चाची-मेरे बारे मे ,क्या बात हो रही थी.

सी चाची-मैं सोच रही थी कि आज आपको अवी के चाचा के साथ सोने दूं, दीदी भी मेरी बात से सहमत है.

म चाची-मीना ऐसा मज़ाक मत कर.

ब चाची-वो सच बोल रही है. तू आज मेरी जगह उनके साथ सो सकती है.

म चाची-मीना, तूने तो मेरा दिल जीत लिया. मैं तो , मीना तुम मेरे लिए ऐसे सोचा कर, मैं तो आज चैन से सो पाउन्गी.

सी चाची-सोएगी या

म चाची-ना मैं सोउंगी और ना उनको सोने दूँगी. इसकी बहुत ज़रूरत थी मुझे, मीना मेरा कितना ख़याल रखती है तू

ब चाची-तो तू मेरी जगह सो जाना. मैं अवी के चाचा से बात करूँगी.

सी चाची-पर सिर्फ़ आज के लिए

म चाची-मुझे कुछ घंटे भी मिल जाए तो मैं खुश होती. पर आज ये अचानक ऐसा क्यू कर रही है

सी चाची-कल आप नींद मे अवी के चाचा का नाम ले रही थी और आपका एक हाथ पेटिकोट के अंदर था. मैं समझ गयी की आपको क्या चाहिए.

म चाची-मीना कुछ भी मत बोल

सी चाची-रहने दो फिर ,मैं उनके कमरे मे सो जाती हूँ

म चाची-नही नही, दीदी ने कहा ना कि मैं सोउंगी. तो मैं सोउंगी.

सी चाची-जाइए रात के लिए खुद तैयार कीजिए

म चाची-मीना तू बहुत अच्छी है

मैं(छोटी चाची ) ने सुमन दीदी से अवी के बारे मे बात करने के लिए पहली चाल चल दी

सुमन दीदी तो दिन भर सोचती रहेगी कि बात क्या है. मैं आपसे ऐसा क्या कहना चाहती हूँ अवी बारे मे

सुमन दीदी मुझे माफ़ करना आपको परेशान करने के लिए पर ये करना ज़रूरी था.

मेरे ऐसा करने से अवी की टेन्षन ख़तम होगी.
 
827 एए

छोटी चाची===>

मैं ने दोपहर मे अवी के कमरे मे ज़ा कर देखा तो वो सच मे पढ़ाई कर रहा था.

12 बजे से 5 बजे तक कंटिन्यू अवी पढ़ाई कर रहा था.

इतनी पढ़ाई करेगा तो उसकी सेहत ज़रूर खराब होगी.

5 बजते ही अवी स्वेता दीदी से मिलने चला गया.

वहाँ थोड़ी देर रहने के बाद अवी कोमल के आते उसके नोट्स लेकर उसके के साथ पढ़ाई करने लगा

मैं ने चुपके से अवी पे नज़र रखी ताकि उसको मेरे बारे मे पता ना चले वरना वो और ज़्यादा परेशान होगा.

कोमल के साथ पढ़ाई करने के बाद अवी 1 घंटे तक हमारे साथ बात करने के बाद खाना खाते अपने कमरे मे चला गया.

और फिर से पढ़ाई करने लगा.

अच्छा हुआ कल मुझे अवी क्या कर रहा है ये पता चला.

रात होते ही सुमन दीदी सोने को चलने की बात करने लगी.

मैं समझ गयी कि दीदी ऐसा क्यूँ कह रही है.

मैं सुमन दीदी के साथ कमरे मे चली गयी. कमरे मे जाते ही सुमन दीदी मुझसे पूछने लगी कि बात क्या है

ब चाची-अब बता क्या बात है. क्या हुआ अवी को ,

सी चाची-बैठने तो दीजिए.

ब चाची-दिन भर मैं यही सोचती रही की बात क्या है. एक मिनट के लिए चैन नही मिला मुझे

सी चाची-सॉरी दीदी मैं ने आपसे झूठ कहा.

ब चाची-झूठ किस बारे मे

सी चाची-मुझे बस आपके साथ सोने का मन हो रहा था इस लिए झूठ बोल कर आपको यहा सोने के लिए मना लिया

ब चाची-मीना ,तुझे झूठ बोलने की ज़रूरत क्या थी. तू कहती तो मैं मना थोड़े ही करती. मुझे तुमसे ये उम्मीद नही थी.

सी चाची-दीदी सॉरी

ब चाची-मैं इस झूठ के लिए तुझे कभी माफ़ नही करूँगी. तूने अवी का सहारा लेके अच्छा नही किया.

सी चाची-दीदी मुझे लगा नही था कि आप इतना सीरीयस लेगी मेरी बात को

ब चाची-तुझे पता है दिन भर मैं क्या क्या सोच रही थी अवी के बारे मे ,मुझे तुमसे ये उम्मीद नही थी.

सी चाची-दीदी ग़लती हो गयी , मुझे माफ़ कर दीजिए

ब चाची-इस बारे मे कल बात करेंगे. सो जा अब

सी चाची-दीदी

ब चाची-गुस्से से मैं ने कहा सो जाओ

और सुमन दीदी मेरी तरफ पीठ करके सो गयी.

सुमन दीदी मैं अभी कुछ नही बता सकती .अगर अभी बताया तो कुछ फ़ायदा नही होगा.

इसके लिए आपकी नाराज़गी भी बर्दास्त कर लूँगी

थोड़ी रात हो जाने दीजिए ,आपको बताने की जगह दिखाउन्गी कि अवी क्या कर रहा है

अवी के कमरे की खिड़की मैं ने खुली करके रखी है. ये बात अवी को भी पता नही है.

आपको अवी की हालत दिखाना ज़रूरी है बताने से.काम नही चलेगा

अवी के लिए मैं आपकी नाराज़गी भी बर्दास्त कर सकती हूँ. अवी के लिए मैं दूसरे की नज़रों मे गुनहगार बन ने को तैयार हूँ

दीदी के सोते ही मैं भी बेड पर लेट कर सही समय का इंतज़ार करने लगी.

दीदी के सोने के 2 घंटे बाद मैं उठ कर अपने कमरे से बाहर आ गयी.

अवी के कमरे की लाइट ऑन थी. कल मेरी इजाज़त मिलने से अवी ने टेबल लॅंप की जगह कमरे के लॅंप मे पढ़ाई कर रहा था.

मैं ने खिड़की से ज़ाक कर देखा तो अवी पढ़ाई कर रहा था. मैं वापस अपने कमरे मे जाकर दीदी को जगाने के लिए उनको चिमटी काट कर बेड के नीचे छुप गयी.

सुमन दीदी चिमटी काटने से उठ गयी. नींद से उठने के बाद सुमन दीदी ने मेरी तरफ देखा ,पर मुझे बेड पर ना देख कर दीदी घबरा गयी

दीदी को लगा कि कही मैं ने उनकी बात का बुरा तो नही मान लिया.

कही मैं कुछ उल्टा सीधा ना करूँ ये ख़याल दीदी के दिमाग़ मे आते दीदी कमरे से बाहर जाकर मुझे ढूँढने लगी.

मैं भी दबे पाँव दीदी के पीछे पीछे जाने लगी.

दीदी के हॉल मे आते ही उनकी नज़र अवी के कमरे पे गयी

इतनी रात मे अवी के कमरे का लाइट ऑन देख कर उनको लगा मैं अवी के कमरे मे हूँ

दीदी अवी के कमरे के पास जाते ही दीदी डोर पे खटखटाने वाली थी कि मैं ने उनको रोक दिया.

ब चाची-तुम कहाँ थी.

सी चाची-सस्शह, आपको कुछ दिखाना है.

ब चाची-क्या?,

सी चाची-इधर आइए

ब चाची-तू यहाँ है तो अवी इतनी रात मे क्या कर रहा है

सी चाची-वही दिखाना है आपको

और मैं सुमन दीदी को लेकर अवी के कमरे की खिड़की के पास आ गयी और उनको अंदर का नज़ारा दिखाने लगी.

सुमन दीदी इतनी रात मे अवी को पढ़ाई करते हुए देख कर मेरी तरफ सवालिया नज़रों से देखने लगी.

सी चाची-यही बात मुझे आपसे करनी थी. मतलब दिखाना था.

ब चाची-अवी इतनी रात को पढ़ाई वो भी छुट्टियों मे

सी चाची-देखिए उसे नींद आ रही है फिर भी ज़बरदस्ती पढ़ाई कर रहा है.

ब चाची-मैं अभी जाकर उसे पूछती हूँ कि ये क्या हो रहा है.वो ऐसा क्यूँ कर रहा है.

सी चाची-मुझे पता है वो ऐसा क्यूँ कर रहा है.

ब चाची-क्यूँ?

सी चाची-चलिए हमारे कमरे मे चल कर बात करते है.

और मैं सुमन दीदी को अपने कमरे मे ले आई और उनको पूरी बात बताने लगी.

ब चाची-बता अवी इतनी रात को पढ़ाई क्यूँ कर रहा है
 
सी चाची-ये पूछिए कब से कर रहा है.

ब चाची-कितने दिन हो गये

सी चाची-जब से उसका रिज़ल्ट लगा है तब से,

ब चाची-मतलब वो रिज़ल्ट का टेन्षन ले रहा है.

सी चाची-हाँ, वो अपना रिज़ल्ट देख कर डर गया है. उसे अंदर ही अंदर ये बात सता रही है कि उसने हमारे सपने को तोड़ा है.

ब चाची-हम तो उसके मार्क्स से खुश थे ना.

सी चाची-उसे लग रहा है कि वो उसका सम्मान रखने के लिए हमने ऐसा कहा था.

ब चाची-तूने अवी से बात की इस बारे मे

सी चाची-हाँ, पर उसको रोकना मुश्किल है.

ब चाची-पर ऐसे तो उसकी सेहत खर्राब होगी. और अगर पास्ट फिर से रिपीट हुआ तो ,

सी चाची-आप खुद देखिए ,अभी तक पढ़ाई कर रहा है और सुबह कसरत करने को जल्दी उठ जाता है. कितना कम सो रहा है वो

ब चाची-अवी दोपहर मे सोता है ना.

सी चाची-नही. वो सोने का नाटक करता है.और सोने की जगह पढ़ाई करता है.

ब चाची-मैं अवी से बात करती हूँ ,ये उसके लिए ठीक नही है.और ना हमारे लिए

सी चाची-क्या बात करेगी.

ब चाची-उसे पढ़ाई करने से रोक दूँगी.मैं उसे ऐसे टेन्षन मे नही देख सकती

सी चाची-ऐसे मना करने से कोई फ़ायदा नही होगा

ब चाची-क्यू नही होगा.

सी चाची-क्यू कि मना किया तो वो पढ़ाई तो नही करेगा पर सोच सोच कर खुद को नुकसान पहुँचाएगा. उसको सोचने से आप कैसे रोकेगी

ब चाची-ये तो मुश्किल होगा.

सी चाची-इस का हल मैं ने कल ही ढूँढ लिया था जब मुझे अवी की हालत का पता चला

ब चाची-क्या सोचा तूने

सी चाची-हमे अवी को कुछ दिन आराम करने देना चाहिए

ब चाची-वो कैसे

सी चाची-हमे अवी को रिलॅक्स होने के लिए कुछ दिनो के लिए कहीं और भेजना होगा.

ब चाची-कहा

सी चाची-कहीं भी जैसे अपने दोस्तो के साथ किसी टूर पे

ब चाची-ये पासिबल नही है. मैं अवी को कही जाने नही दूँगी,और इस हालत मे तो कभी नही

सी चाची-ठीक है रहने दीजिए अवी को इसी हालत मे

ब चाची-तू कुछ और रास्ता निकालना

सी चाची-अवी को चेंज की ज़रूरत है.उसे अपने दोस्त के साथ की ज़रूरत है.उसे अपने दोस्तो के साथ टूर पे भेजना होगा ताकि वो रिलॅक्स हो जाए

ब चाची-दोस्त बिल्कुल नही

सी चाची-आप पिछली बतो के बारे मे सोचना बंद कीजिए ,जैसे अवी के पापा के साथ हुआ वैसा अवी के साथ होगा ज़रूरी नही है.

ब चाची-पर

सी चाची-इसी लिए मैं ने आपको बताने की जगह अवी की हालत दिखाना सही समझा ,

ब चाची-मीना क्या यही रास्ता है, दूसरा रास्ता नही है

सी चाची-नही. उसके दोस्त ही ऐसे सिचुयेशन से निकालने मे मदद कर सकते है.फ्रेंड के साथ टेन्षन ख़तम होता है

ब चाची-मैं तो मान जाउन्गी पर अवी की बुआ उनका क्या

सी चाची-आपके हाँ करने से वो भी हाँ कर देगी.

ब चाची-मुझे नही लगता , अवी के पापा के साथ इतना कुछ हो जाने के बाद अवी की बुआ अवी को उसके दोस्तो के साथ जाने नही देगी.

सी चाची-वक्त बदल गया है,

ब चाची-ठीक है. कितने दिनो के लिए भेजना चाहती है

सी चाची-वो तो अवी और उसके दोस्त, बात करेंगे तब पता चलेगी.

ब चाची-मैं हर दिन अवी से बात करूँगी.

सी चाची-मैं खुद आपकी बात कराउन्गी.

ब चाची-कहाँ जाएगा अवी

सी चाची-वो अवी को सोचने दो ,अवी के टूर पे जाने से अवी का फ़ायदा होगा

ब चाची-कैसे

सी चाची-उसे गाओं से बाहर की दुनिया देखने को मिलेगी.

ब चाची-बाहर की दुनिया कैसी है तुझे पता है

सी चाची-इसी से तो अवी जीना सीखेगा.

ब चाची-जैसा तू ठीक समझे बस अवी को पहला जैसा टेन्षन फ्री बना दो

सी चाची-आप बेफिकर रहिए ,मैं उस से बात करूँगी. आप बस अवी की बुआ को मना लीजिए

ब चाची-अवी के लिए मैं कुछ भी कर सकती हूँ मैं उनको मना लूँगी.

सी चाची-आप खुद सोचिए अवी को बाहर की दुनिया के बारे मे जानना ज़रूरी है कि नही.

ब चाची-तू कभी ग़लत सोच नही सकती

सी चाची-आपका भरोसा मैं कभी टूटने नही दूँगी.

ब चाची-तूने ये बात पहले क्यूँ नही बताई

सी चाची-मैं ने इसी लिए तो आपको अपने साथ सोने को कहा

ब चाची-फिर थोड़ी देर पहले झूठ क्यूँ कहा

सी चाची-आप मेरी बात कभी नही मानती इसी लिए आप को कहा कि मैं ने सिर्फ़ आपके साथ सोने के लिए ऐसा किया है.

ब चाची-तूने अवी की हालत दिखा कर अच्छा किया

सी चाची-आपको पता चले कि अवी को चेंज की कितनी ज़रूरत है .

ब चाची-तू अवी के लिए सोच रही थी और मैं तुझपे गुस्सा हुई

सी चाची-आपका गुस्सा करना सही था.

ब चाची-मुझे सोचना चाहिए था कि तू ऐसी ग़लती कभी नही कर सकती

सी चाची-जाने दीजिए

ब चाची-मैं ने तुझे कितना कुछ कहा मुझे माफ़ कर दे

सी चाची-आप माफी माँग कर मुझे गुनहगार बना रही है. आपका तो पूरा हक है मुझपे गुस्सा करने का

ब चाची-ये तेरा बड़प्पन है

सी चाची-आप मेरी दीदी है आप की बात का मैं बुरा कैसे मान सकती हूँ

ब चाची-तू हर जनम मे मेरी बहन हो यही दुआ करती हूँ

सी चाची-मैं भी अगले जनम मे भी आपकी बहन बनना चाहुन्गी

ब चाची-चल अवी से बात करते है.

सी चाची-करते है पर आपको अवी के सामने रोना होगा.

ब चाची-मैं रोउंगी तो वो भी रो देगा.

सी चाची-तभी तो उसको अपनी ग़लती का पता चलेगा.अवी आपको रोता हुआ नही देख सकता ,

ब चाची-तेरे दिमाग़ इतना तेज कैसे चलता है

सी चाची-अवी के लिए अपने आप ऐसे आइडिया आ जाते है.

ब चाची-चल अवी से बात करते है. उसको चैन से सोता हुआ देख कर मुझे नींद आएगी.

सी चाची-चलिए

मैं सुमन दीदी के साथ अवी के कमरे मे आ गयी.
 
827 ब

मैं पढ़ाई कर रहा था की छोटी चाची की आवाज़ सुनकर मैं ने पढ़ाई करनी बंद की और डोर खोल दिया.

डोर खोलते ही सामने बड़ी चाची को देख मैं शॉक्ड हो गया.

बड़ी चाची के पीछे छोटी चाची को देखते ही मैं समझ गया कि मेरी शामत आने वाली है.

छोटी चाची ने बड़ी चाची को सब बता दिया होगा

मैं अब बड़ी चाची को क्या कहूँगा

मैं तो सोच मे पड़ गया

ब चाची-अंदर नही आने दोगे

मैं ने चाची को अंदर आने दिया

अवी-आप सोई नही अब तक

ब चाची-कैसे सो सकती हूँ ,अपने बेटे को टेन्षन मे छोड़ कर मैं कैसे सो सकती हूँ.

अवी-चाची मैं तो वो

ब चाची-कुछ भी बोलने से पहले सोच लो कि मैं तुम्हें परेशन नहीì देख सकती. तुझे कुछ होता है तो दर्द मुझे होता है.

अवी-चाची वो मैं आपका सर जो मेरी वजह से झुक गया था उसके लिए कर रहा हूँ.

ब चाची-तुझे किसने कहा. तेरी मेहनत के मार्क्स थे वो ,तेरे वो मार्क्स कोमल से ज़्यादा थे.

अवी-वो सब आपको लगता है पर लोगो को तो

ब चाची-लोगो का क्या करना है ,आज साथ होते है कल नही. उनके बारे मे क्या सोचना. हम क्या तेरे लिए कुछ नही है. हमारे कहने के बाद भी तुझे हमारी बात झूठी लगी

अवी-ऐसा नही है.

ब चाची-ऐसा ही है तभी तो तू ये सब कर रहा है.

अवी-पढ़ाई करना बुरा तो नही है

ब चाची-पर ऐसे करना ग़लत है. बिना बताए ,टेन्षन के वजह से करना ग़लत है

अवी-मैं बताने वाला था

ब चाची-कब ,अगर मैं आज पानी पीने नही उठती , और मीना ना बताती तो तू मुझे अपनी चाची को बताने वाला नही था.

अवी-चाची मैं आपको बता कर परेशान नही करना चाहता था

ब चाची- तुझे परेशान देख कर क्या मुझे अच्छा लगेगा . तूने अपनी चाची को ना बता कर अपनी चाची का दिल दुखाया है.

अवी-मैं ऐसा नही करना चाहता था.

सी चाची-अवी तूने दीदी का दिल दुखाया है.

अवी-चाची मैं तो

सी चाची-तुम्हें ऐसा नही करना चाहिए था.

अवी-चाची मुझे माफ़ कर दो

ब चाची-तूने कैसा क्यूँ किया

अवी-मुझे कुछ समझ नही आ रहा था.

सी चाची-तो मुझसे बात करता ,

अवी-मुझे बस इतना समझ रहा था कि मुझे अच्छे मार्क लाने है

सी चाची-तो क्या एक दिन मे पढ़ाई करके लाएगा

ब चाची-ऐसा नही होता अवी,टेन्षन किसी बात का हल नही हो सकता

अवी-मुझे माफ़ कर दीजिए

ब चाची-तू दुबारा ऐसा नही करेगा तभी माफ़ करूँगी.

अवी-पक्का दुबारा ऐसा कुछ नही करूँगा, पर

सी चाची-तू कहेगा कि तुझे अपने रिज़ल्ट का ख़याल आता रहेगा

अवी-पढ़ाई ना करूँगा तो रिज़ल्ट के बारे मे सोचता रहूँगा

ब चाची-मीना तूने सही कहा था. अवी को चेंज की ज़रूरत है.

अवी-कैसे चेंज की

सी चाची-तू कुछ दिन के लिए अपने दोस्तो के साथ टूर पे जा ,जिस से तुझे अच्छा लगेगा. तू अपनी टेन्षन को भूल जाएगा.

अवी-टूर पे

ब चाची-तू कुछ दिन अपने दोस्त के साथ घूमने चला जा ,जिस से तू रिज़ल्ट के बारे मे भूल जाएगा.

अवी-मैं यही ठीक हूँ

सी चाची-मैं कह रही हूँ , दीदी कह रही है. तुझे चेंज की ज़रूरत है.

अवी-पर

ब चाची-मैं ने कहा ना ,तू अपने दोस्तो के साथ घूमने जाएगा तो जाएगा.

अवी-जी

सी चाची-कल अपने दोस्तो से बात करके प्लान बनाना

अवी-जी ,

ब चाची-और दुबारा ऐसा किया तो

चाची की बात पूरी होने से पहले मैं उनके गले लग गया.

ब चाची-रोना मत

अवी-चाची मुझे माफ़ कर दो

ब चाची-कर दिया माफ़ पर टूर से आने के बाद टेन्षन फ्री होना चाहिए

अवी-जी चाची.

ब चाची-अब सो जा,चल मीना

सी चाची-दीदी आप चलिए मैं 2 मिनट मे आती हूँ.

ब चाची-जो बात करनी है सुबह करना ,अब सोने दे अवी को

सी चाची-गुड नाइट अवी

अवी-गुड नाइट

और चाची सोने के लिए अपने कमरे मे चली गयी.

मैं लाइट बंद करके बेड पर लेट कर सोचने लगा कि ये हो क्या रहा है.

छोटी चाची मुझे समझा कर मेरी सोच बदल सकती है

पर छोटी चाची मुझे टूर पे क्यू भेजना चाहती है

कुछ तो है जो छोटी चाची मुझे बताना चाहती है

देखहता हूँ कल क्या कहती है छोटी चाची ,

बड़ी चाची को छोटी चाची ने नही बताया .अगर बताया होता तो मैं उनसे नाराज़ हो जाता.

बड़ी चाची ने कहा कि उनको खुद पता चला और बाद मे छोटी चाची ने उनको समझा दिया.

और मेरे टेन्षन फ्री होने का रास्ता बताया कि मुझे चेंज की ज़रूरत है.

कल छोटी चाची क्या कहती है वो देखना होगा.

अब सोने मे भलाई है.

सुबा हमेशा की तरह छोटी चाची ने मुझे नींद से जगाया.

सी चाची-उठो मोहन प्यारे उठो

अवी-चाची आज सोने दीजिए ,कल कसरत करूँगा

सी चाची-कल तो तू अपने दोस्तो के साथ टूर पे जाएगा.

अवी-ये टूर का क्या चक्कर है

सी चाची-तेरे लिए बनाया है.

अवी-पर क्यू?

सी चाची-क्यू कि तेरे सर से रिज़ल्ट का भूत उतर जाए

अवी-और

सी चाची-और तू थोड़ी मस्ती भी कर सकता है. और हॉलिडे मस्ती करने के लिए घूमने फिरने के लिए होता है ,

अवी-दोस्तो के साथ तो करूँगा ही मस्ती

सी चाची-और इसी बहाने तू पहली बार कही घूमने भी जा पाएगा. हिल स्टेशन जैसी जगह जाना जहा ज़्यादा मज़ा आता है.तूने साल भर मेहनत की है इतने काम किए है की तुझे आराम की ज़रूरत है ताकि इस नये साल मे नये जोश के साथ शुरुआत कर सके , ब्रेक सबको चाहिए , और टूर पे जाएगा तो तुझे नया कुछ सीखने को मिलेगा नये लोगो से पहचान करने को मिलेगी

अवी-हाँ, मैं तो कभी ऐसे घूमने गया ही नही.

सी चाची-इसी लिए तो सुमन दीदी को मनाया है

अवी-थॅंक यू चाची

सी चाची-थॅंक यू तब कहना जब तू टूर से वापस आएगा .फुल एंजाय करके

अवी-जी

सी चाची-और अपनी एंजाय की बातें मुझे बता कर थॅंक यू बोलना

अवी-आप मेरा कितना ख़याल रखती है

सी चाची-तेरा ख़याल रखती हूँ पर तू मेरा ख़याल नही रखता जो मुझे ये बात छुपा कर रखी.

अवी-सॉरी दुबारा नही होगा.

सी चाची-पता है मुझे ,तूने ऐसा क्यूँ किया , अब इस पे ज़्यादा मत सोच और टूर पे जाने का सोच

अवी-पंकज और करीम से बात करनी होगी.

सी चाची-अच्छा प्लान बनाना और जब घूमने जाएगा तो यहाँ की टेन्षन मत लेना ,यहाँ मैं हूँ तू यहा एंजाय करना

अवी-जी ,देखता हूँ पंकज और करीम क्या कहते है

सी चाची-वो तो तैयार हो जाएँगे

अवी-चलिए कसरत करने

सी चाची-तू आराम कर ,कसरत कर लेना

अवी-कल से तो आराम ही करना है ,चलिए अब

सी चाची-ऐसे ही रहा कर. कभी मना नही करना चाहिए

अवी-चलिए

छोटी चाची ने अच्छा किया जो टूर के बारे मे सोचा.

पहली बार कहीं अकेला घूमने जाउन्गा.

देखते है पंकज और करीम क्या कहते है

उनके हाँ करते ही किसी हिल स्टेशन पे चला जाउन्गा.

अपना टेन्षन दूर करने के लिए हिल स्टेशन अच्छा रहेगा
 
827 सी

छोटी चाची ने अच्छा सोचा कि मुझे चेंज की ज़रूरत है.

कुछ दिन अपने दोस्तो के साथ घूमने जाउन्गा तो मूड ठीक हो जाएगा.

मैं ने कसरत करने के बाद नाश्ता करके पंकज से मिलने जाने के लिए तैयार होने लगा.

छोटी चाची मुझे बता रही थी कि मुझे क्या करना है और क्या नही करना है.

मैं तैयार होके नाश्ता कर रहा था कि राजेश मुझसे मिलने आ गया.

राजेश-मामी मुझे भी परान्ठे चाहिए

सी चाची-राजेश तू ,बैठ मैं अभी लेकर आती हूँ.सीमा दीदी राजेश के लिए भी बना दीजिए

म चाची-बने है लेकर जा

राजेश मेरे साथ नाश्ता करने लगा.

अवी-आज इधर कैसे आना हुआ

राजेश-भैया मैं आपसे मिलने आया था.लेकिन आप तैयार होके कहाँ जा रहे है

अवी-शहर जा रहा हूँ .दोस्तो से मिलने

राजेश-मैं भी शहर जा रहा हूँ ,चलिए साथ चलते है

अवी-क्या बात है

राजेश-आपके लिए एक गिफ्ट है

अवी-क्या?

राजेश-चलके देख लीजिए

अवी-मुझे अपने दोस्तो से मिलने जाना है

राजेश-मैं बस आपका 1 घंटा लूँगा

अवी-ठीक है. पहले नाश्ता कर

नाश्ता करते ही मैं राजेश के साथ शहर आ गया.

राजेश मुझे घर2 लेकर गया .

अवी-यहाँ क्यूँ लाया,मिसेज़ दूबे का तुझे बताया था ना

राजेश-मिसेज़ दुबे की तरफ तो देखा भी नही मैं ने , मैं तो यहाँ आपको इस लिए लाया हूँ कि मुझे पता चल गया कि आपको मेरे बारे मे किसने बताया है.

अवी-ये तो अच्छी बात है

राजेश-उसको मैं आज यहाँ लाने वाला हूँ.

अवी-मेरा आज मूड नही है, वैसे भी उसको तेरे साथ करना है(फिर से नही , ये पढ़ाई का टेन्षन क्या कम था कि वापस थ्रीसम वाला चक्कर गले पड़ रहा है )

राजेश-वो बाद मे देखेंगे ,आप यहीं रुकिये मैं उसको लेकर आता हूँ.

अवी-मेरी बात तो सुन(क्या करूँ , थ्रीसम किया तो चाची की बुरा लग जाएगा , और नही किया तो राजेश को बुरा लग जाएगा , एक काम करता बीच का रास्ता निकालता हूँ ,)

राजेश बिना कुछ सुने उस मिसेज़ वर्मा की स्टूडेंट करीना को लाने चला गया.

ये राजेश भी ना ,वो मुझे चुदाई किए बिना जाने नही देगा.

बहुत दिन हो गये मुझे चुदाई किए हुए.पर राजेश के साथ मिलके , कान को हाथ लगाता हूँ पिछली बार जो हुआ वो काफ़ी है , फिर से अपने पैर पे कुल्हाड़ी नही मारनी है मुझे

पर राजेश के वारे मे सोचना होगा

अचानक उसके साथ मिलके चुदाई करने को.मना किया तो उसे बुरा लग जाएगा

और करीना मेरे साथ सेक्स कर चुकी है और राजेश के साथ करना चाहती है ,

देखहता हूँ कुछ रास्ता निकाल दूँगा

आज चुदाई करके हल्का हो जाता हूँ.फिर पंकज से मिलने जाउन्गा.

राजेश जल्दी करीना को लेकर आ गया.

करीना मुझे देखते ही गुस्सा हो गयी.

करीना ने कहा था कि राजेश को बताना मत कि उसने मुझे राजेश के बारे मे बताया है

राजेश-भैया यही है ना जिसने मेरे बारे मे बताया था

अवी-हाँ, मान गये तुम्हें

करीना-तुम ने राजेश को बता दिया. ये अच्छा नही किया

राजेश-तुम ने मेरे बारे मे बता कर अच्छा नही किया

करीना-वो मुझे नही पता था कि ये तुम्हारा भाई है

राजेश-तो क्या किसी को भी मेरे बारे मे बताओगी.

करीना-तुम्हारा भाई बहुत चालाक है. पता नही कैसे मैं ने उसको सब बता दिया

राजेश-तुम्हें इसकी सज़ा मिलेगी

करीना-तुम्हें राजेश को क्यूँ बताया. मैं बिना वजह फँस गयी ना

अवी-मैं ने नही राजेश ने खुद पता किया

करीना-पर तुम ने कुछ बताया होगा तभी राजेश ने पता लगाया होगा. मुझे फँसा दिया तुमने

अवी-राजेश इसको कुछ मत करना ,इसकी वजह से तुम्हें फ़ायदा हुआ है.

राजेश-मैं तो बस थोड़ा डरा रहा था.मैं इसको कुछ नही करूँगा.

अवी-इसका सपना पूरा कर देना

राजेश-लेकिन मैं तो चाहता हूँ कि पहले आप करे

करीना-राजेश मुझे तुम्हारे साथ करना है.

राजेश-भैया आप करो पहले ,मैं कुछ नही सुनूँगा.

अवी-ठीक है ,पर तू यहीं रुकेगा ,मैं बेडरूम मे करूँगा.

करीना-मुझे राजेश के साथ करना है

राजेश-तुम चुप रहो वरना तुम्हें हाथ भी नही लगाउन्गा. मेरी डायरी दो

राजेश ने अपनी डायरी ले ली.और मैं करीना को लेकर बेडरूम मे गया.

करीना-मुझे अपनी वर्ज्निटी राजेश को देनी है.तुम ने वादा किया था.

अवी-मैं वादा पूरा करने वालो मे से हूँ. और राजेश ने कहा कि तुम्हारे साथ पहले मैं करूँ, पर ये नही कहा कि छूट मारू

करीना-मैं समझी नही

अवी-तुम्हारी वर्जिंटी राजेश लेगा .मैं पिछली बार की तरह गंद मारूँगा.

करीना-ये तो बढ़िया रहेगा.

अवी-तुम्हारा सपना पूरा होगा .और 2 भाई से मज़े भी लोगि.पर मेरे साथ करने के बाद बाथरूम मे जाना और मेरे यहाँ से जाते ही फिर राजेश को बताना कि मैने क्या किया .और क्यूँ किया

करीना-समझ गयी.

चलो ये तो समझ गयी .अब खुद को हल्का करता हूँ

मैं ने उसको वैसे पकड़ कर दीवार से सटा दिया.

और उसको दबोच कर किस करने लगा

किस करते हुए उसकी कुवारि चूत को जीन्स के उपर से मसल्ने लगा.

जीन्स के वजह से ज़्यादा मज़ा नही आ रहा था तो उसके जीन्स के बटन और ज़िप खोल कर मेरे हाथ को अपनी चूत पर रखा.

ये चूत क्या पैंटी भी गीली थी जिस से मैं ने अपना हाथ पैंटी के अंदर डाल कर चूत को सहलाते हुए किस करना शुरू किया.

ये चूत हमेशा याद रहेगी.

ये चूत मेरे सामने होते हुए मैं इसमे लंड नही डालना चाहता.

पिछली बार इसकी चूत को टच भी नही किया था .सिर्फ़ गंद के साथ मस्ती की थी.

आज इसका कुँवारा पानी पीकर गंद मारूँगा.

मैं ने किस करते हुए उसका टॉप निकाल दिया साथ मे पैंटी भी

उसके बूब्स को चूस्कर उसे गरम कर दिया.

बूब्स से चूत तक जाने मे कितना समय लगता है.

मैं ने उसकी सजी हुई लंड लेने को तैयार चूत को चूस ना शुरू किया.

वो समझ नही पाई कि मैं उसकी छूट को क्यू चूस रहा हूँ

मैं ने तो बताया था कि उसकी चूत नही मारूँगा

वो मुझे रोकना चाहती थी पर मेरी जीभ के सामने वो मुझे रोक नही पाई.

मेरी जीभ ने उसकी चूत को इस तरह मज़ा देना शुरू किया कि वो शीष्कारीलेने लगी.

मैं उसकी चूत तो नही मारूँगा .पर उसका पानी का टेस्ट ज़रूर लूँगा

और मैं ने उसकी कुवारि चूत से पानी निकाल लिया.

वो मुझे अपना पानी पिलाकर खुश दिख रही थी.

मैं ने उसको वैसे दीवार की तरफ मूह करके उसकी गंद को अपनी तरफ किया.

वो थोड़ी झुक कर अपनी गंद मेरे तरफ की.

वो कह रही थी कि जीन्स तो पूरा निकाल दो ,बेड पर तो चलो

मैं ने उसकी एक भी बात नही मानी और अपने लंड पर थूक लगा कर लंड को पहले उसकी चूत पे सेट किया.

चूत पे लंड रगड़ने से वो डर गयी. कहीं मैं उसकी चूत मे लंड तो नही डालूँगा.

पर मैं ने अपने लंड को उसकी चूत को प्यार से किस करने दिया

लंड को चूत पे रगड़के मैं ने लंड उसकी गंद मे पेल दिया.

मेरे लंड की ताक़त ने उसको रुला दिया.

उसकी चीख राजेश को भी सुनाई दी होगी.

वो खुद अपनी चूत मसल कर दर्द कम करने लगी.

उसका दर्द ख़तम होते ही मैं ने धक्के मारना शुरू किया.

वो मेरे धक्को से खुश तो हो गयी पर उसको बेड पर जाना था ताकि मज़ा ज़्यादा आए

मैं ने थोड़ी देर ऐसे खड़े खड़े उसकी गंद मारी

पर बाद मे मैं उसको बेड पर ले गया.

उसको पूरा नंगा करके उसके चूतड़ पर थप्पड़ मार कर गंद मे लंड पेलने लगा.

ऐसी गंद मारी उसकी कि इसके बाद वो अपनी गंद सिर्फ़ मुझसे मरवाएगी.

वो अपनी गंद मरवाने का पूरा मज़ा ले रही थी.

उसके चूतड़ मेरे धक्को से लाल हो गये

पर उसके गंद को अपने वीर्य से वाइट नही करूँगा

मैं ने उसकी गंद मारने के बाद अपना वीर्य उसके मूह मे डाला.

इतने दिनो बाद वीर्य निकलेगा तो उसके मूह मे जगह कम पड़ेगी.

फिर भी उसने मेरा सारा वीर्य पी लिया.

वो अपनी गंद मरवा कर थक गयी.

मैं ने उसके गंद पर एक लास्ट थप्पड़ मारा और हॉल मे आ गया

राजेश हमारी चुदाई की आवाज़ सुन कर मूठ मार रहा था.

अवी-ये क्या कर रहा है.

राजेश-.उसकी शीष्कारी सुनकर खुद को रोक नही पाया.

अवी-मेरा तो हो गया जा तू मज़ा कर

राजेश- मैं तो आपकी चुदाई सुनकर गरम हो चुका हूँ ,उसकी जोरदार चुदाई करूँगा

अवी-जो करना है कर लेना मैं चलता हूँ

राजेश-.भैया अगर रुक जाते तो साथ मे उसकी चुदाई करते

अवी-उसकी पहली चुदाई है वो एक साथ 2 को झेल नही पाएगी.

राजेश-ठीक है. पर किसी और दिन करेंगे

अवी-बाद का बाद मे देखेंगे ,मैं चलता हूँ

राजेश-भैया अगर टाइम मिला तो आ जाना

अवी-तू शाम तक है ना यहाँ पर

राजेश-.हाँ

अवी-फिर तो टाइम मिला तो आ जाउन्गा.

और मैं पंकज के घर की तरफ निकल पड़ा.
 
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