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रानी के आते ही हमारा सफ़र स्टार्ट हो गया.
हर कोई रानी को अपने पास बिठाना चाहती थी पर कोमल ने बाज़ी मार ली
वैसे भी हर कोई एक पाटनेर के साथ बैठा था ऐसे मे सिर्फ़ कोमल अकेली थी.
बस के एक तरफ ,कविता और लीना उनके पीछे कोमल और रानी ,और उनके बाद स्वेता दीदी और सीतल दीदी बैठी थी.
तो दूसरी तरफ, राजेश उसके पीछे मैं विद्या के साथ बैठा था तो लास्ट मे राज ,स्वेता दीदी के रो मे बैठा था
बुआ ने भी अपने हिसाब से चाची के पास जगा बना दी थी.
सब अपनी अपनी जगह पर बैठ ते बातों का सिलसिला शुरू हो गया.
बुआ और चाची ने हम से अलग अपना ग्रूप बना दिया था.
जिस से उनकी धीरे धीरे दबी आवाज़ मे हो रही बाते हमे सुनाई नही दे रही थी
अच्छा हैना वो अपनी बाते कर रही थी तो हम बिना किसी रोक टोक मस्ती कर सकते है
बुआ और चाची की बाते तो बस से भी तेज चल रही थी
हम बस के शहर के बाहर जाने का इंतजार कर रहे थे जिस से हम अपनी मस्ती शुरू कर सके
रानी ने आते ही हम सब मे नयी जान डाल दी थी.
स्वेता दीदी-रानी अच्छा हुआ तू भी साथ आ रही है. वरना टूर मे मज़ा नही आता
रानी-कोमल ने बताने मे देर की वरना हम बढ़िया प्लान बनाते टूर के लिए
राज-दीदी स्माइल
और राज ने रानी का फोटो निकाल लिया
रानी-राज अभी सारे फोटो निकाल लोंगे तो टूर पे बेटरी डाउन हो जाएगी
स्वेता दीदी-रानी राज स्मार्ट हो गया है, एक्सट्रा बॅटरी है उसके पास
कोमल-मैं ने दिया था एक्सट्रा बॅटरी का आइडिया
राज-क्या दीदी. जाइए अब मैं आपकी फोटो नही निकालूँगा.
कोमल ने ख़ान पकड़ कर सॉरी कहा .और राज ने कोमल का सॉरी बोलते हुए फोटो निकाल लिया.
रानी-पूनम दीदी नही दिख रही है.
सीतल दीदी-पूनम दीदी नही आ रही. वो बॅंकिंग जॉब की तय्यारी कर रही है
कोमल-पूनम दीदी होती तो और मज़ा आता.
रानी-वैसे दीदी आप आज बहुत खूबसूरत दिख रही हो
सीतल दीदी-थॅंक्स
राज-स्वेता दीदी को कहा था दीदी ने
सीतल दीदी ने राज का कान पकड़ लिया.
सीतल दीदी-भूल गया. स्वेता दीदी के हाथो का मार खाने से कौन बचाता था तुझे
राज-मेरी प्यारी दीदी ,सीतल दीदी
स्वेता दीदी-सीतल तो मुझसे भी सुंदर है.
रानी-ये सही कहा. पर कविता और लीना ऐसे चुप क्यूँ बैठी है
अवी-उनको डिस्ट्रब मत करना. वो प्लान बना रही है
स्वेता दीदी-कैसा प्लान
कोमल-ये दोनो कब क्या करती है कुछ पता नही चलता.
रानी-कविता क्या बात है.मेरे आने के बाद भी ऐसेचूप हो
कविता और लीना खड़ी हो गयी
कविता-हम सब एक ग्रूप मे, और दूसरे ग्रूप मे राज ,राजेश, भैया और विद्या
स्वेता दीदी-ग्रूप ,आगे बोलो
लीना-एक ग्रूप का मेंबर गाना गाएगा तो दूसरे ग्रूप का मेंबर डॅन्स करेगा.
स्वेता दíदी-डॅन्स, मैं नही करने वाली
कोमल-कविता ,स्वेता दीदी की बात मत सुनो तुम शुरू करो
कविता-शुरू करते है राजेश भैया से
राजेश ने अपना नाम सुनते एक बदिक्षलया सा गाना शुरू कर दिया
राजेश के गाना गाते ही लीना खड़ी हो गयी .और राजेश के गाने पे ठुमके लगाने लगी.
राजेश गाने के साथ तबला बजा रहा था तो लीना भी अपनी पायल के गुणगरू की आवाज़ से राजेश के गाने को सग़ीत देने लगी
लीना के ठुमके देख कर मैं सीटी बजाने लगा तो रानी ने भी मेरे साथ सीटी बजा दी.
और बुआ के साथ चाची भी लीना का डॅन्स देखने लगी.
राजेश के गाना बंद करते ही लीना अपनी जगह पर बैठ गयी
कविता -अब कोमल दीदी की बारी
मुझे लगा कि कोमल मना करेगी,पर कोमल खड़ी होकर गाने लगी.
कोमल तो कोयल की तरह मधुर आवाज़ मे गाना गा रही थी.
कोमल की मधुर आवाज़ सुनते ही हम ने शोर मचाना बंद किया और कोमल की मधुर आवाज़ मे खो गये
.
कोमल की मधुर आवाज़ सुनकर बच्चों ने भी रोना बंद किया. बुआ और चाची भी अपनी बाते बंद करके कोमल का गाना सुनने लगी.
हमे पता नही था कि कोमल इतना अच्छा गाती है.
कोमल अपनी धुन मे खो कर आँखे बंद कर अपनी सुरीली आवाज़ से हमारे दिल जीतने लगी.
कोमल का गाना हमे इतना अच्छा लगा कि कोमल ऐसे ही गाती रहे
कोमल ने अपना गाना बंद किया तो ऐसा लग रहा था कि किसी ने हमारी खुशी छिन ली हो
नेहा बुआ ने अपनी जगह से उठ कर कोमल के माथे पर किस किया
स्वेता दीदी-कोमल तुम तो
कोमल-मैं तो बाथरूम सिंगर हूँ
सीतल दीदी-फिर तो बाथरूम मे गाना सुनने आना होगा.
कविता-वो सब बाद मे, अब स्वेता दीदी की बारी
स्वेता दीदी रॉकिंग गाना शुरू किया.
हमे डॅन्स करना था पर करेगा कौन
कविता-भैया ,आपको डॅन्स करना होगा.
मैं ने विद्या को डॅन्स करने को कहा.
विद्या-मुझे डॅन्स नही आता
रानी-यहाँ प्राइज़ थोड़े मिलने वाला है. जो आता है वही करो
फिर क्या था स्वेता दीदी के रॉकिंग डॅन्स पे विद्या ने टपोरी डॅन्स शुरू किया.
विद्या के टपोरी डॅन्स पे सब ने सीटी बजाई
ऐसे एक एक करके हम सब ने डॅन्स किया गाना गाया कर अपने अंदर के सिंगर को सबके सामने लाया.
मेरे बेसुरे गाने पे रानी को 1स्ट क्लास डॅन्स अजीब कॉंबिनेशन था.
फिर भी इस मे मज़ा आ रहा था
पर फिर से एक राउंड खेलने से बोर हो रहे थे
कोमल-अब बोर हो रहा है.
राजेश-कुछ और खेलते है
विद्या-ट्रूथ आंड डेर खेलते है
सब ने एक साथ ना कहा
क्यू कि हर किसी का कोई ना कोई राज़ था जिस से कोई ट्रूथ आंड डेर नही खेलना चाहता था.
विद्या-ये तो अच्छा गेम है
स्वेता दीदी-गेम अच्छा है पर इस गेम मे हमारी ज़्यादा खिचाई होगी. रोहन और सोहन के नाम से
कोमल-रोहन जीजू आते तो बहुत मज़ा आता
रानी-फिर तो लास्ट की सीट पहले बुक होती
स्वेता दीदी-समझी
विद्या-हाँ,पर अब क्या खेलेंगे
राजेश-लीना कुछ सोच ना
लीना-सोच लिया
राजेश-क्या
लीना-पंच पे पंच
राज-बॉक्सिंग खेलनी है. मैं तय्यार हूँ
कविता-डायलॉग वाले पंच
रानी-सुनने मे अच्छा लग रहा है
स्वेता दीदी-चलो खेल कर देखते है
विद्या -हम अपने भी डायलॉग बना सकते है. मज़ा आएगा.
लीना-मैं शुरू करती हूँ " मैं आज भी फेके हुए पैसे नही उठाती हूँ"
राजेश-जानी ये पैसे नही चिलर है. उठा ले वरना कॉल कैसे करेगा
कोमल-गणपत चिलर मे तो दारू भी नही मिलती.खोका हो तो बता
नेहा बुआ-कोमल ये क्या बोल रही हो
नेहा बुआ की बात सुनते ही हम चुप हो गये
नीता बुआ-नेहा वो गेम खेल रहे है. उनको खेलने दो,खेलो तुम सब
हम फिर से पंच पे पंच गेम खेलने लगे
अवी-कोमल डार्लिंग सोना (गोल्ड) कहाँ है खोके मे
रानी-काका, सोना भन्गर की दुकान मे किलो के भाव बिकता है.
विद्या-डार्लिंग वो सोना नही प्यास है
कविता-प्यास लगी है तो कुएँ के पास जाओ, शराब के ठेके पे क्या रखा है
राज-मैं तो छोटसा नन्हा सा बच्चा हूँ. मुझे शराब नही दूध चाहिए
राजेश-दूध की जगह प्यास ले लो, 200 रुपये किलो
लीना-200 रुपये किलो प्यास, अब क्या रुलाएगा क्या
विद्या-रोते रोते हसना है तो 100 पे कॉल करो, 3र्ड डिग्री होने के बाद भी पोलीस की जॉब करते है.
कोमल-पोलीस का डंडा हसता नही रुलाता है
राज-क्यू कि पोलीस हफ्ते मे प्यास लेते है
लीना-तूने तो फिर रुला दिया.
विद्या-ये अली का आसू, ये राम का आसू, दोनो को मिला दो, अब बता कौन सा आसू मुसलमान का है और कौन आसू हिंदू का
रानी-रोना है तो बकेट मे रोना ले , गॅब्बर नहा तो लेगा
राज-गॅब्बर तेरी बदबू सूंघ कर ठाकुर आ जाएगा ,नहा ले
सीतल दीदी-गॅब्बर होली आने वाली है , पिचकारी तय्यार रख
राज-ठाकुर तेरी पिचकारी मुझे दे दे, तेरे पास हाथ नही
स्वेता दीदी-सांभा सरकार ने हम पे कितने किलो प्यास इनाम रखा है
विद्या-चस्मा लगा लो किलो नही ग्राम था
कविता-50 ग्राम प्यास तो सोनार की दुकान पे मिलती है
राज-मेरी 2 आँखे पीछे है
रानी-4 आँखो वाले तेरा नाम क्या है
अवी-रानी डार्लिंग तेरा नाम तो मैं ने अपने दिल पे लिखा है.
मेरा डायलॉग सुनकर सब शॉक्ड हो गये.
सब मुझे अपनी आँखे बड़ी बड़ी करके घूर्ने लगे
रानी मेरी स्मार्टनेस देख कर मन ही मन पे हंस रही थी
सब के सामने उसको प्रपोज जो किया था.
लेकिन मेरी स्मार्ट बहनों का ध्यान दूसरी तरफ करना होगा वरना मैं फस जाउन्गा.
अवी-कविता मेरे पंच पे पंच मारो वरना हार जाओगी
मेरी बात सुनकर सब नॉर्मल हो गये
कोमल-तुम दिल की बात करते हो मैं ने तो अपने खून से अपनी आत्मा पर तुम्हारा नाम लिखा है
कोमल के पंच से फिर से सब शॉक्ड हो गये
मैं तो कोमल को देखता रह गया
रानी-नाम मे क्या रखा है. मैं ने तो अपनी आत्मा तुम्हारे नाम की है
अब तो कुछ ज़्यादा हो रहा था.
कविता-हमारी आत्मा 2 नही एक है
अब तो ऐसा लग रहा था कि हर कोई अपने दिल की बात बता रहा है
ऐसे मे राज ने कॉमेडी वाला पंच मार कर बात घुमा दी
राज-आत्मा आत्मा ना कहो, रात मे मेरा पेशाब निकलता है.
राज की बात सुनकर सब हँसने लगे
सब मेरे पंच को भूल गये
और ड्राइवर ने लास्ट पंच मारा
ड्राइवर-होटेल पे कुछ देर रुकते है. लंच करते है
और हम ने आधे से ज़्यादा हमारा सफ़र तय कर लिया.