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फ्लॅशबॅक 849
पिताजी ने ठाकुर की मदद कर दी
कुंवर को कैसे सही रास्ते पे लाना है वो बता दिया
बोर्डिंग मे रहेगा तो बिना पवर और पैसो से वो लिमिट मे रहेगा
कुंवर का प्राब्लम सॉल्व होते ही प्रतापसिंघ टेन्षन फ्री हो गया
रणजीतसिंघ अपनी माँ के साथ ही रहता था , ठकुराइन के प्यार की तरफ अटर्क्ट हो रहा था रणजीतसिंघ
कुंवर के बोर्डिंग जाते प्रतापसिंघ ने पिताजी को फिर से हवेली बुला लिया
अब तो पार्टी करने बुलाया होगा
पिताजी ठाकुर से मिलने चले गये
पिताजी -कुंवर तो चला गया ,अब मेरे दोस्त को क्या परेशानी है
ठाकुरजी- अब क्या जब परेशान रहूँगा तभी तुझे बुलाता जाउन्गा
पिताजी -मेरे कहने का वो मतलब नही था
ठाकुरजी- तो क्या मतलब था
पिताजी -हम जब भी मिलेंगे तो तेरे फार्महाउस पे मिलेंगे
ठाकुरजी- हवेली मे क्या बुराई है
पिताजी -कुंवर ने हमे देख लिए था , अगर रंजीत या पायल ने देख लिया तो
ठाकुरजी- तू बता कुछ और रहा है , और तेरे चेहरे पे एक्सप्रेशन कुछ अलग है
पिताजी -ऐसा कुछ नही है
ठाकुरजी- बता बात क्या है , कही तू ठकुराइन कुछ कहेगी इस वजह से आने को मना कर रहा है
पिताजी -नही , वो बात नही है
ठाकुरजी- फिर बता बात क्या है , वरना यहाँ से जाने नही दूँगा , अगर तू नही बताएगा तो ठकुराइन से पूछना होगा मुझे
पिताजी -ठकुराइन से कुछ मत पूछना
ठाकुरजी- तो बता बात क्या है
पिताजी -कैसे बोलू समझ नही आ रहा है
ठाकुरजी- बता दे तेरी बात का मुझे बुरा नही लगता
पिताजी -सच बोल रहा हूँ ,गुस्सा मत होना
ठाकुरजी- बो भी दे वरना मुझे हार्ट अटेक आ जाएगा ये सोच सोच के कि बात क्या है
पिताजी -ठकुराइन को देख कर मेरा लंड खड़ा हो जाता है ,, जैसे देखता हूँ ठकुराइन को तो पकड़ कर बेड पे पटाकने का दिल करता है , ऐसा लगता है रात भर धक्के मारता रहूं , बड़ी मुश्किल होती है कंट्रोल करने मे
पिताजी की बात सुनकर ठाकुर हँसने लगा
पिताजी को लगा कि ठाकुर गुस्सा करेगा पर यहाँ तो ठाकुर हंस रहा है
पिताजी -तुम गुस्सा होने की जगह हंस रहे हो
ठाकुरजी- तुम्हारी बात सुनकर हँसी आ रही है
पिताजी -मैं सच बोल रहा हूँ , बहुत कंट्रोल करता हूँ मैं
ठाकुरजी- मैं सोच ही रहा था कि तूने अब तक ठकुराइन के बारे मे कभी बात क्यूँ नही की
पिताजी -क्या मतलब
ठाकुरजी- ऐसा ही मुझे लगा था जब पहली बार ठकुराइन को देखा था
पिताजी -मैं समझा नही
ठाकुरजी- तुझे तो पता है मेरे सौतेले भाई ने क्या किया था मेरे साथ , अगर तू नही होता तो मैं जिंदा नही होता , रंजीत की माँ की डेत के बाद मैं ने इसी वजह से शादी नही की कि रंजीत कुंवर को अगर सौतेला भाई मिल गया तो पास्ट रिपीट हो जाएगा
पिताजी -तूने बताया था मुझे
ठाकुरजी- पर एक दिन ऐसे काम के सिलसिले मे मैं बाहर गाँव गया था तो मेरी नज़र एक लड़की पे पड़ी , जैसा तूने कहा कि ठकुराइन को देख कर तू कंट्रोल नही कर पाता , वैसा ही मेरा हाल हुआ था पहली बार ठकुराइन को देख कर
पिताजी -तो
ठाकुरजी- ऐसा लग रहा था कि पकड़ कर बेड पे पटक दूं और रात भर धक्के मारता रहूं , यही बात दिमाग़ मे आते मेरे दिल ने कहा कि एक रात से क्या होगा , अपनी सारी रात इस के साथ प्यार कर
पिताजी -और
ठाकुरजी- मैं ने दूसरी शादी कर ली, और उसको ठकुराइन बना दिया , अब हर रात को प्यार करता हूँ
पिताजी -तभी तूने मुझे बिना बताए दूसरी शादी कर ली
ठाकुरजी- तुझे बताता तो तू मुझसे पहले ठकुराइन को पकड़ कर बेड पे पटक देता
पिताजी -मुझे बहुत बुरा लगा था उस दिन जब तूने मुझे बिना बताए दूसरी शादी की थी
ठाकुरजी- अब समझा मैं ने शादी क्यूँ की
पिताजी -समझ गया , पर तू मेरी बात पे हंसा क्यूँ
ठाकुरजी- मुझे मेरी हालत की याद आई जब पहली बार मैं ने ठकुराइन को देखा था
पिताजी -तू बहुत लकी है , जो ठकुराइन खूबसूरत होने के साथ ही समझदार है , सौतेले बेटे को सगे बेटा जैसा प्यार करती है , ऐसी औरत ढूँढने से भी नही मिलती
ठाकुरजी- हाँ , ठकुराइन रंजीत और कुंवर को जिस तरह प्यार करती है जिस से मैं टेन्षन फ्री होता हू
पिताजी -अगर ठकुराइन को बेटा होता तो
ठाकुरजी- मुझे ठकुराइन पे विश्वास था कि वो सबको एक जैसा प्यार करेगी , पर बेटी होने से मैं और ठकुराइन दोनो खुश है
पिताजी -ठकुराइन ने बेटे होने की बात नही की
ठाकुरजी- उसने कहा की उसको बेटा नही चाहिए , रंजीत और कुंवर उसके बेटे है , और पायल हमारी बेटी है , फॅमिली पूरी हो गयी
पिताजी -तेरी किस्मत बहुत अच्छी है
ठाकुरजी- ठकुराइन उम्मीद से ज़्यादा अच्छी निकली और रात मे तो पूछ ही मत , मुझे मात देती है
पिताजी -ऐसा मत बोल , मेरा लंड खड़ा हो रहा है
ठाकुरजी- खड़ा हो गया तो हिलाते रहना पड़ेगा
पिताजी -तुझे कुश्ती मे हरा कर ठकुराइन को बेड पे ले जाउन्गा
ठाकुरजी- ठकुराइन तेरे साथ आएगी ही नही
पिताजी -मेरी सराफ़त है कि मैं ने अब तक ठकुराइन के साथ कुछ करने का सिर्फ़ सोचा है किया नही है
ठाकुरजी- तू भूल गया कि हमने क्या प्रॉमिस किया था
पिताजी -याद है
ठाकुरजी- तेरी बीवी मेरी बहन और मेरी बीवी तेरी बहन
पिताजी -तेरी बीवी को मैं अपनी बहन मानता हूँ , और तेरी बहन ने ही कुंवर का प्राब्लम सॉल्व करने को कहा
ठाकुरजी- लगा ही था मुझे , मेरी बहन को मेरी फिकर रहती है
पिताजी -मैं भी तेरा दोस्त हूँ
ठाकुरजी- प्रॉमिस के मुताबिक ठकुराइन तेरी बहन हुई
पिताजी -तेरी पहली बीवी मेरी बहन थी , वो मुझे राखी बाँधती थी , तेरी दूसरी बीवी मेरी बहन नही है
ठाकुरजी- ये चीटिंग है
पिताजी -चीटिंग नही है ,
ठाकुरजी- उसे कभी बताया ही नही इस बारे मे
पिताजी -बताना भी मत
ठाकुरजी- तो क्या मेरी बीवी पे लाइन मारेगा
पिताजी -दूसरी बीवी बोल
ठाकुरजी- मेरी दूसरी बीवी पे लाइन मारेगा
पिताजी -बस बताया कि मैं हवेली क्यूँ नही आना चाहता
ठाकुरजी- सच मे तू ठकुराइन के बारे मे ऐसा सोचता है ,
पिताजी -मैं क्या पूरा गाँव बाते करता है ठकुराइन की खूबसूरती की
ठाकुरजी- वो मुझे पता है ,पर तू क्या सोचता है
पिताजी -तेरे मरने का इंतज़ार कर रहा हूँ मैं , तेरे मरते ही मैं ठकुराइन का ख़याल रखूँगा
ठाकुरजी- तू रखेगा ठकुराइन का ख़याल
पिताजी -मैं तो मज़ाक कर रहा था
ठाकुरजी- मैं सीरियस्ली बोल रहा हूँ
पिताजी -क्या मतलब
ठाकुरजी- देख मेरी एज और ठकुराइन की एज मे बहुत फरक है , मैं उसका साथ कब तक दूँगा ,
पिताजी -ऐसा क्यू बोल रहा है , तू 100 साल जिएगा
ठाकुरजी- मैं तो जी लूँगा पर मेरा लंड जीना चाहिए 100साल , क्या समझा
पिताजी -मैं तो तुझसे भी बड़ा हूँ
ठाकुरजी- पर तू फिट रहता है , तेरी फिटनेस से तेरे लंड की एज ज़्यादा होगी
पिताजी -तू कहना क्या चाहता है
ठाकुरजी- अगर मुझे कुछ हुआ , मेरे दुश्मन भी बहुत है ,देख अगर मुझे कुछ हुआ तो ठकुराइन का ख़याल तू रखेगा
पिताजी -पागल हो गया है तू
ठाकुरजी- मैं सीरियस्ली बोल रहा हूँ , वो बिना प्यार के रह नही पाएगी
पिताजी -मैं कैसे
ठाकुरजी- जैसे हम दूसरी औरतो के साथ लड़ते है बस वैसे ही ठकुराइन का ख़याल रखना
पिताजी -तू तो पीछे पड़ गया है
ठाकुरजी- मैं यही सोच रहा था कि मेरे बूढ़े हो जाने के बाद ठकुराइन का क्या होगा , तूने ठकुराइन की बात करके मेरा प्राब्लम सॉल्व कर दिया
पिताजी -मुझसे नही होगा
ठाकुरजी- अभी थोड़ी बोल रहा हूँ करने को , अभी हाथ लगाया तो लंड काट दूँगा तेरा ,
पिताजी -हाथ तो लगा कर दिखा
ठाकुरजी- ठकुराइन दूसरो के पास जाएगी क्या तुझे अच्छा लगेगा
पिताजी -मार डालूँगा जिसने भाभी को हाथ लगाया तो
ठाकुरजी- इसी लिए कहता हूँ तू ये काम करना , पर मेरे मरने के बाद
पिताजी -वो बाद मे देखेंगे
ठाकुरजी- एक छोटा प्रॉमिस कर दे , मैं टेन्षन फ्री हो जाउन्गा
पिताजी -कर दिया प्रॉमिस , अब मुझे जाने दे ,मुझे घर पे काम है
ठाकुरजी- तेरा काम मुझे पता है
पिताजी -मैं बहुत परेशान हूँ
ठाकुरजी- जयसिंघ की वजह से ना
पिताजी -हाँ
ठाकुरजी- जयसिंघ ने बहुत तरक्की की है मैं पिछले हफ्ते शहर3 गया था तब जयसिंघ से मिला था ,
पिताजी -क्या कहा गधे ने
ठाकुरजी- वो खुश था , तुझे याद कर रहा था
पिताजी -एक बार मुझे बहू मिल जाए फिर उसको यही लेकर आउन्गा
ठाकुरजी- तुझे अभी तक लड़की नही मिली
पिताजी -नही ना
ठाकुरजी- जयसिंघ को उसकी पसंद की ढूँढने दे
पिताजी -ऐसा किया तो जयसिंघ इस गाँव को भूल ही जाएगा
ठाकुरजी- तो जल्दी ढूँढ कोई ऐसी लड़की
पिताजी -तुझे ठकुराइन से शादी नही करनी चाहिए थी
ठाकुरजी- क्यूँ
पिताजी -उसकी और जयसिंघ की एज सेम है , मैं ठकुराइन से जयसिंघ की शादी करवा देता
ठाकुरजी- पागल हो गया है तू
पिताजी -जिस तरह ठकुराइन ने रंजीत और कुंवर को सगे बेटो जैसा प्यार दिया मुझे ऐसी ही लड़की चाहिए
ठाकुरजी- फिर मेरे साथ चल
पिताजी -कहाँ
ठाकुरजी- ठकुराइन के गाँव चलते
पिताजी -वहाँ क्या है
ठाकुरजी- ठकुराइन ऐसी है तो उसके गाँव की लड़किया भी वैसी ही होगी
पिताजी -ये तो मैं ने सोचा ही नही
ठाकुरजी- और ठकुराइन की छोटी बहन और उसकी कज़िन को भी देख लेंगे
पिताजी -तूने ये पहले क्यूँ नही कहा ,
ठाकुरजी- तो चलें
पिताजी -बना तू प्रोग्राम
ठाकुरजी- तू लड़किया देखना मैं अपना काम करूँगा
पिताजी -ठकुराइन को साथ लेकर नही जाएँगे वरना मेरा दिमाग़ उसी पे लगा रहेगा
ठाकुरजी हँसने लगा
पिताजी -मैं मज़ाक नही कर रहा हूँ
ठाकुरजी- ठकुराइन को उसके मायके छोड़ दूँगा और बाकी के गाँव भी ढूँढ लेंगे
पिताजी -ठकुराइन को रहने दे
ठाकुरजी- उसको पता होगा ना कौन सी लड़की कैसी है
पिताजी -ठीक है ,
ठाकुरजी- तुम लड़किया देखना मैं अपना काम करूँगा
पिताजी -अच्छा प्लान बना
ठाकुरजी- 15 दिन का कैसा रहेगा
पिताजी -15 दिन , इतने दिन घर से दूर रहना होगा
ठाकुरजी- सोच ले , ये गोल्डन चान्स हो सकता है
पिताजी -ठीक है मैं मेनेज कर लूँगा
ठाकुरजी- हम 15 दिन मे 7 गाँव घूमेंगे ,
पिताजी -फिर तो बहुत सी लड़कियो को मिल पाएँगे
ठाकुरजी- तो उसी हिसाब से तय्यारी करना
पिताजी -कब निकलना है
ठाकुरजी- 1 हफ्ते बाद निकलते है , ठकुराइन भी खुश होगी अपने मायके जाकर
पिताजी -मैं अकेला आउन्गा क्यू की घर पे छोटू की माँ को रहना होगा , इतने दिन दोनो बाहर नही रह सकते
ठाकुरजी- तुझे जैसा अच्छा लगे वैसा कर ,
पिताजी -तूने तो मेरा काम आसान कर दिया
ठाकुरजी- तो ठकुराइन की हाथ का ख़ान खा कर जा
पिताजी -नही यार ठकुराइन जब झुकती है तो उसके आम देख कर मैं खाना नही खा पाता
ठाकुर फिर हँसने लगा ,
ठाकुरजी- ठकुराइन को बोलना पड़ेगा कि मेरे दोस्त को अपनी अदाए दिखाया करे , अपनी अदा से घायल कर दे
पिताजी -तू मरवाएगा मुझे
ठाकुरजी- चल जाने दे रहा हूँ, पर दोपहर मे फार्महाउस पे आना
पिताजी -क्यू ?
ठाकुरजी- मेरी एक फ्रेंड आई है विलायत से
पिताजी -विलायती में
ठाकुरजी- हाँ , उसको प्रेगनेंट करके भेजना है
पिताजी -आ जाउन्गा ,
और पिताजी घर चले गये
माँ को सारी बात बता दी
माँ खुश हो गयी
फिर दोपहर मे पिताजी फार्महाउस पे चले गये और विलायती में को देसी पानी पिला दिया
पिताजी ने ठाकुर की मदद कर दी
कुंवर को कैसे सही रास्ते पे लाना है वो बता दिया
बोर्डिंग मे रहेगा तो बिना पवर और पैसो से वो लिमिट मे रहेगा
कुंवर का प्राब्लम सॉल्व होते ही प्रतापसिंघ टेन्षन फ्री हो गया
रणजीतसिंघ अपनी माँ के साथ ही रहता था , ठकुराइन के प्यार की तरफ अटर्क्ट हो रहा था रणजीतसिंघ
कुंवर के बोर्डिंग जाते प्रतापसिंघ ने पिताजी को फिर से हवेली बुला लिया
अब तो पार्टी करने बुलाया होगा
पिताजी ठाकुर से मिलने चले गये
पिताजी -कुंवर तो चला गया ,अब मेरे दोस्त को क्या परेशानी है
ठाकुरजी- अब क्या जब परेशान रहूँगा तभी तुझे बुलाता जाउन्गा
पिताजी -मेरे कहने का वो मतलब नही था
ठाकुरजी- तो क्या मतलब था
पिताजी -हम जब भी मिलेंगे तो तेरे फार्महाउस पे मिलेंगे
ठाकुरजी- हवेली मे क्या बुराई है
पिताजी -कुंवर ने हमे देख लिए था , अगर रंजीत या पायल ने देख लिया तो
ठाकुरजी- तू बता कुछ और रहा है , और तेरे चेहरे पे एक्सप्रेशन कुछ अलग है
पिताजी -ऐसा कुछ नही है
ठाकुरजी- बता बात क्या है , कही तू ठकुराइन कुछ कहेगी इस वजह से आने को मना कर रहा है
पिताजी -नही , वो बात नही है
ठाकुरजी- फिर बता बात क्या है , वरना यहाँ से जाने नही दूँगा , अगर तू नही बताएगा तो ठकुराइन से पूछना होगा मुझे
पिताजी -ठकुराइन से कुछ मत पूछना
ठाकुरजी- तो बता बात क्या है
पिताजी -कैसे बोलू समझ नही आ रहा है
ठाकुरजी- बता दे तेरी बात का मुझे बुरा नही लगता
पिताजी -सच बोल रहा हूँ ,गुस्सा मत होना
ठाकुरजी- बो भी दे वरना मुझे हार्ट अटेक आ जाएगा ये सोच सोच के कि बात क्या है
पिताजी -ठकुराइन को देख कर मेरा लंड खड़ा हो जाता है ,, जैसे देखता हूँ ठकुराइन को तो पकड़ कर बेड पे पटाकने का दिल करता है , ऐसा लगता है रात भर धक्के मारता रहूं , बड़ी मुश्किल होती है कंट्रोल करने मे
पिताजी की बात सुनकर ठाकुर हँसने लगा
पिताजी को लगा कि ठाकुर गुस्सा करेगा पर यहाँ तो ठाकुर हंस रहा है
पिताजी -तुम गुस्सा होने की जगह हंस रहे हो
ठाकुरजी- तुम्हारी बात सुनकर हँसी आ रही है
पिताजी -मैं सच बोल रहा हूँ , बहुत कंट्रोल करता हूँ मैं
ठाकुरजी- मैं सोच ही रहा था कि तूने अब तक ठकुराइन के बारे मे कभी बात क्यूँ नही की
पिताजी -क्या मतलब
ठाकुरजी- ऐसा ही मुझे लगा था जब पहली बार ठकुराइन को देखा था
पिताजी -मैं समझा नही
ठाकुरजी- तुझे तो पता है मेरे सौतेले भाई ने क्या किया था मेरे साथ , अगर तू नही होता तो मैं जिंदा नही होता , रंजीत की माँ की डेत के बाद मैं ने इसी वजह से शादी नही की कि रंजीत कुंवर को अगर सौतेला भाई मिल गया तो पास्ट रिपीट हो जाएगा
पिताजी -तूने बताया था मुझे
ठाकुरजी- पर एक दिन ऐसे काम के सिलसिले मे मैं बाहर गाँव गया था तो मेरी नज़र एक लड़की पे पड़ी , जैसा तूने कहा कि ठकुराइन को देख कर तू कंट्रोल नही कर पाता , वैसा ही मेरा हाल हुआ था पहली बार ठकुराइन को देख कर
पिताजी -तो
ठाकुरजी- ऐसा लग रहा था कि पकड़ कर बेड पे पटक दूं और रात भर धक्के मारता रहूं , यही बात दिमाग़ मे आते मेरे दिल ने कहा कि एक रात से क्या होगा , अपनी सारी रात इस के साथ प्यार कर
पिताजी -और
ठाकुरजी- मैं ने दूसरी शादी कर ली, और उसको ठकुराइन बना दिया , अब हर रात को प्यार करता हूँ
पिताजी -तभी तूने मुझे बिना बताए दूसरी शादी कर ली
ठाकुरजी- तुझे बताता तो तू मुझसे पहले ठकुराइन को पकड़ कर बेड पे पटक देता
पिताजी -मुझे बहुत बुरा लगा था उस दिन जब तूने मुझे बिना बताए दूसरी शादी की थी
ठाकुरजी- अब समझा मैं ने शादी क्यूँ की
पिताजी -समझ गया , पर तू मेरी बात पे हंसा क्यूँ
ठाकुरजी- मुझे मेरी हालत की याद आई जब पहली बार मैं ने ठकुराइन को देखा था
पिताजी -तू बहुत लकी है , जो ठकुराइन खूबसूरत होने के साथ ही समझदार है , सौतेले बेटे को सगे बेटा जैसा प्यार करती है , ऐसी औरत ढूँढने से भी नही मिलती
ठाकुरजी- हाँ , ठकुराइन रंजीत और कुंवर को जिस तरह प्यार करती है जिस से मैं टेन्षन फ्री होता हू
पिताजी -अगर ठकुराइन को बेटा होता तो
ठाकुरजी- मुझे ठकुराइन पे विश्वास था कि वो सबको एक जैसा प्यार करेगी , पर बेटी होने से मैं और ठकुराइन दोनो खुश है
पिताजी -ठकुराइन ने बेटे होने की बात नही की
ठाकुरजी- उसने कहा की उसको बेटा नही चाहिए , रंजीत और कुंवर उसके बेटे है , और पायल हमारी बेटी है , फॅमिली पूरी हो गयी
पिताजी -तेरी किस्मत बहुत अच्छी है
ठाकुरजी- ठकुराइन उम्मीद से ज़्यादा अच्छी निकली और रात मे तो पूछ ही मत , मुझे मात देती है
पिताजी -ऐसा मत बोल , मेरा लंड खड़ा हो रहा है
ठाकुरजी- खड़ा हो गया तो हिलाते रहना पड़ेगा
पिताजी -तुझे कुश्ती मे हरा कर ठकुराइन को बेड पे ले जाउन्गा
ठाकुरजी- ठकुराइन तेरे साथ आएगी ही नही
पिताजी -मेरी सराफ़त है कि मैं ने अब तक ठकुराइन के साथ कुछ करने का सिर्फ़ सोचा है किया नही है
ठाकुरजी- तू भूल गया कि हमने क्या प्रॉमिस किया था
पिताजी -याद है
ठाकुरजी- तेरी बीवी मेरी बहन और मेरी बीवी तेरी बहन
पिताजी -तेरी बीवी को मैं अपनी बहन मानता हूँ , और तेरी बहन ने ही कुंवर का प्राब्लम सॉल्व करने को कहा
ठाकुरजी- लगा ही था मुझे , मेरी बहन को मेरी फिकर रहती है
पिताजी -मैं भी तेरा दोस्त हूँ
ठाकुरजी- प्रॉमिस के मुताबिक ठकुराइन तेरी बहन हुई
पिताजी -तेरी पहली बीवी मेरी बहन थी , वो मुझे राखी बाँधती थी , तेरी दूसरी बीवी मेरी बहन नही है
ठाकुरजी- ये चीटिंग है
पिताजी -चीटिंग नही है ,
ठाकुरजी- उसे कभी बताया ही नही इस बारे मे
पिताजी -बताना भी मत
ठाकुरजी- तो क्या मेरी बीवी पे लाइन मारेगा
पिताजी -दूसरी बीवी बोल
ठाकुरजी- मेरी दूसरी बीवी पे लाइन मारेगा
पिताजी -बस बताया कि मैं हवेली क्यूँ नही आना चाहता
ठाकुरजी- सच मे तू ठकुराइन के बारे मे ऐसा सोचता है ,
पिताजी -मैं क्या पूरा गाँव बाते करता है ठकुराइन की खूबसूरती की
ठाकुरजी- वो मुझे पता है ,पर तू क्या सोचता है
पिताजी -तेरे मरने का इंतज़ार कर रहा हूँ मैं , तेरे मरते ही मैं ठकुराइन का ख़याल रखूँगा
ठाकुरजी- तू रखेगा ठकुराइन का ख़याल
पिताजी -मैं तो मज़ाक कर रहा था
ठाकुरजी- मैं सीरियस्ली बोल रहा हूँ
पिताजी -क्या मतलब
ठाकुरजी- देख मेरी एज और ठकुराइन की एज मे बहुत फरक है , मैं उसका साथ कब तक दूँगा ,
पिताजी -ऐसा क्यू बोल रहा है , तू 100 साल जिएगा
ठाकुरजी- मैं तो जी लूँगा पर मेरा लंड जीना चाहिए 100साल , क्या समझा
पिताजी -मैं तो तुझसे भी बड़ा हूँ
ठाकुरजी- पर तू फिट रहता है , तेरी फिटनेस से तेरे लंड की एज ज़्यादा होगी
पिताजी -तू कहना क्या चाहता है
ठाकुरजी- अगर मुझे कुछ हुआ , मेरे दुश्मन भी बहुत है ,देख अगर मुझे कुछ हुआ तो ठकुराइन का ख़याल तू रखेगा
पिताजी -पागल हो गया है तू
ठाकुरजी- मैं सीरियस्ली बोल रहा हूँ , वो बिना प्यार के रह नही पाएगी
पिताजी -मैं कैसे
ठाकुरजी- जैसे हम दूसरी औरतो के साथ लड़ते है बस वैसे ही ठकुराइन का ख़याल रखना
पिताजी -तू तो पीछे पड़ गया है
ठाकुरजी- मैं यही सोच रहा था कि मेरे बूढ़े हो जाने के बाद ठकुराइन का क्या होगा , तूने ठकुराइन की बात करके मेरा प्राब्लम सॉल्व कर दिया
पिताजी -मुझसे नही होगा
ठाकुरजी- अभी थोड़ी बोल रहा हूँ करने को , अभी हाथ लगाया तो लंड काट दूँगा तेरा ,
पिताजी -हाथ तो लगा कर दिखा
ठाकुरजी- ठकुराइन दूसरो के पास जाएगी क्या तुझे अच्छा लगेगा
पिताजी -मार डालूँगा जिसने भाभी को हाथ लगाया तो
ठाकुरजी- इसी लिए कहता हूँ तू ये काम करना , पर मेरे मरने के बाद
पिताजी -वो बाद मे देखेंगे
ठाकुरजी- एक छोटा प्रॉमिस कर दे , मैं टेन्षन फ्री हो जाउन्गा
पिताजी -कर दिया प्रॉमिस , अब मुझे जाने दे ,मुझे घर पे काम है
ठाकुरजी- तेरा काम मुझे पता है
पिताजी -मैं बहुत परेशान हूँ
ठाकुरजी- जयसिंघ की वजह से ना
पिताजी -हाँ
ठाकुरजी- जयसिंघ ने बहुत तरक्की की है मैं पिछले हफ्ते शहर3 गया था तब जयसिंघ से मिला था ,
पिताजी -क्या कहा गधे ने
ठाकुरजी- वो खुश था , तुझे याद कर रहा था
पिताजी -एक बार मुझे बहू मिल जाए फिर उसको यही लेकर आउन्गा
ठाकुरजी- तुझे अभी तक लड़की नही मिली
पिताजी -नही ना
ठाकुरजी- जयसिंघ को उसकी पसंद की ढूँढने दे
पिताजी -ऐसा किया तो जयसिंघ इस गाँव को भूल ही जाएगा
ठाकुरजी- तो जल्दी ढूँढ कोई ऐसी लड़की
पिताजी -तुझे ठकुराइन से शादी नही करनी चाहिए थी
ठाकुरजी- क्यूँ
पिताजी -उसकी और जयसिंघ की एज सेम है , मैं ठकुराइन से जयसिंघ की शादी करवा देता
ठाकुरजी- पागल हो गया है तू
पिताजी -जिस तरह ठकुराइन ने रंजीत और कुंवर को सगे बेटो जैसा प्यार दिया मुझे ऐसी ही लड़की चाहिए
ठाकुरजी- फिर मेरे साथ चल
पिताजी -कहाँ
ठाकुरजी- ठकुराइन के गाँव चलते
पिताजी -वहाँ क्या है
ठाकुरजी- ठकुराइन ऐसी है तो उसके गाँव की लड़किया भी वैसी ही होगी
पिताजी -ये तो मैं ने सोचा ही नही
ठाकुरजी- और ठकुराइन की छोटी बहन और उसकी कज़िन को भी देख लेंगे
पिताजी -तूने ये पहले क्यूँ नही कहा ,
ठाकुरजी- तो चलें
पिताजी -बना तू प्रोग्राम
ठाकुरजी- तू लड़किया देखना मैं अपना काम करूँगा
पिताजी -ठकुराइन को साथ लेकर नही जाएँगे वरना मेरा दिमाग़ उसी पे लगा रहेगा
ठाकुरजी हँसने लगा
पिताजी -मैं मज़ाक नही कर रहा हूँ
ठाकुरजी- ठकुराइन को उसके मायके छोड़ दूँगा और बाकी के गाँव भी ढूँढ लेंगे
पिताजी -ठकुराइन को रहने दे
ठाकुरजी- उसको पता होगा ना कौन सी लड़की कैसी है
पिताजी -ठीक है ,
ठाकुरजी- तुम लड़किया देखना मैं अपना काम करूँगा
पिताजी -अच्छा प्लान बना
ठाकुरजी- 15 दिन का कैसा रहेगा
पिताजी -15 दिन , इतने दिन घर से दूर रहना होगा
ठाकुरजी- सोच ले , ये गोल्डन चान्स हो सकता है
पिताजी -ठीक है मैं मेनेज कर लूँगा
ठाकुरजी- हम 15 दिन मे 7 गाँव घूमेंगे ,
पिताजी -फिर तो बहुत सी लड़कियो को मिल पाएँगे
ठाकुरजी- तो उसी हिसाब से तय्यारी करना
पिताजी -कब निकलना है
ठाकुरजी- 1 हफ्ते बाद निकलते है , ठकुराइन भी खुश होगी अपने मायके जाकर
पिताजी -मैं अकेला आउन्गा क्यू की घर पे छोटू की माँ को रहना होगा , इतने दिन दोनो बाहर नही रह सकते
ठाकुरजी- तुझे जैसा अच्छा लगे वैसा कर ,
पिताजी -तूने तो मेरा काम आसान कर दिया
ठाकुरजी- तो ठकुराइन की हाथ का ख़ान खा कर जा
पिताजी -नही यार ठकुराइन जब झुकती है तो उसके आम देख कर मैं खाना नही खा पाता
ठाकुर फिर हँसने लगा ,
ठाकुरजी- ठकुराइन को बोलना पड़ेगा कि मेरे दोस्त को अपनी अदाए दिखाया करे , अपनी अदा से घायल कर दे
पिताजी -तू मरवाएगा मुझे
ठाकुरजी- चल जाने दे रहा हूँ, पर दोपहर मे फार्महाउस पे आना
पिताजी -क्यू ?
ठाकुरजी- मेरी एक फ्रेंड आई है विलायत से
पिताजी -विलायती में
ठाकुरजी- हाँ , उसको प्रेगनेंट करके भेजना है
पिताजी -आ जाउन्गा ,
और पिताजी घर चले गये
माँ को सारी बात बता दी
माँ खुश हो गयी
फिर दोपहर मे पिताजी फार्महाउस पे चले गये और विलायती में को देसी पानी पिला दिया