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सुनीता- मौसी, मैं अपने मर्द के साथ सोना चाहती हूँ।
मौसी- नहीं, तुम्हें मेरे साथ सोना होगा ! यह बात राजू (मैं) के साथ तय है।
सुनीता- अच्छा, मुझे कोई ऐतराज नहीं, और वो कहाँ सोएँगे?
मौसी- उसकी फिकर मत कर ! वो भी तेरे जैसे मजे करने जाहिदा और नीला के साथ सोने गया है।
सुनीता- वाह, मेरे नाम पर बड़े मजे कर रहे हैं? चलो मौसी, अब कोठे बन्द हो रहे हैं।
मौसी- हाँ चलो।
दोनों कमरे में जाती हैं, मौसी पूरी नंगी हो जाती है।
सुनीता- मौसी यह क्या? ऐसी सोएगी? और मैं?
मौसी- देख, तेरी और मेरी उम्र में फर्क नहीं है तो यहाँ तू मेरी सहेली है और आज दोनों एक दूसरे का आनन्द लेंगे।
मौसी ने इतना कहकर सुनीता को भी पूरा नंगा किया और उसके गेंदें मसलकर चूसने लगी और झट से सुनीता के भोंसड़े में उंगली डाल कर उकसाने लगी। इस पर सुनीता बेकाबू हो गई।
सुनीता- मौसी क्या नाम है तेरा? तो उस नाम से बुलाऊँ?
मौसी- कल्पना ! और मैं एम पी से हूँ ! मेरे मर्द ने धोखा दिया तो मैं सारा माल बटोरकर यहाँ चाली आई। मैं यहाँ एक होटल चालू करना चाहती थी तो एक तेरे जैसी रण्डी ने कहा कि क्या लोगों को सिर्फ खिलाओगी? इसमें कोई कमाई नहीं ! और उसने मुझसे यह कोठा चालू करवाया।
शुरुआत में जबरन लाई हुई लड़कियों से धंधा करवाया, फिर एक दिन तीन औरतें अपने मर्द से पीछा छुड़ाकर भागी, मेरे पास आई और कहा कि हमें कैसा भी काम दो, हम करेंगी पर वापस नहीं जाना !
तब से लेकर आज तक मेरे पास उनके और तेरे जैसी औरतें आती रहती हैं.. चल अब मुझे तेरे साथ मजे लेने दे।
सुनीता- हाँ मेरी राण्ड कल्पना ! बस आज मैं और सिर्फ तुम ! मेरे भोंसड़े को अपनी जीभ से चोदो ! और मेरे गेंदों को और चुचूकों को मसल डालो।
मौसी- साली, इतने साल में तूने ही मुझे रण्डी कहने की हिम्मत की है, आज मैं तुझे बराबर चोदूँगी।
थोड़ी देर बाद दोनों 69 की अवस्था में आ गई और एक दूसरे का भोंसड़ा चाटने लगी। दोनों चरम सीमा पर पहुँच गई। तभी मौसी ने बेड के नीचे से रबर का इम्पोर्टेड लौड़ा निकाला और उसको थोडा चाट कर आहिस्ता से सुनीता के भोंसड़े में घुसा दिया।
सुनीता- मौसी डाल दो, अक्खा लौड़ा अन्दर डाल दो, बहुत भूख लगी है।
थोड़ी ही देर में सुनीता झर गई और फिर मौसी की गेंदों को मसलने के साथ चुचूक चाटने लगी। अब बारी मौसी की थी, मौसी ने अपने हाथों से लौड़ा घुसेड़ दिया और थोड़ी देर बाद शांत हो गई। दोनों सुबह उठी और कपड़े पहन कर नहा धोकर धंधे के लिए तैयार होने में जुट गई।
मौसी- सीमा, मैंने अपने एक ख़ास कस्टमर को तेरे लिए सोच रखा है आज दिन भर के लिए ! तू और मैं उससे चुदावायेंगे ! सारा कामकाज राजू और जाहिदा को सौंप देंगे, वो लोग देख लेंगे। वैसे जाहिदा और राजू की अच्छी जमती है, देख आज एक मस्त मालदार कस्टमर आने वाला है, आज तू, मैं बताती हूँ, वो कपड़े पहन ! मेरे पास दो मुलायम कपड़े की सेक्सी टाईट हाल्फ पैंट और एक बिना कंधे का टीशर्ट है और एक माइक्रो-मिनी स्कर्ट है, बोल तू क्या पहनेगी?
सुनीता- कल्पना, मैं तो माइक्रो मिनी स्कर्ट पहनूँगी, उसमें मेरी जांघें और ककड़ी जैसी टाँगें खूब खिलेंगी।
मौसी- नहीं, तुम्हें मेरे साथ सोना होगा ! यह बात राजू (मैं) के साथ तय है।
सुनीता- अच्छा, मुझे कोई ऐतराज नहीं, और वो कहाँ सोएँगे?
मौसी- उसकी फिकर मत कर ! वो भी तेरे जैसे मजे करने जाहिदा और नीला के साथ सोने गया है।
सुनीता- वाह, मेरे नाम पर बड़े मजे कर रहे हैं? चलो मौसी, अब कोठे बन्द हो रहे हैं।
मौसी- हाँ चलो।
दोनों कमरे में जाती हैं, मौसी पूरी नंगी हो जाती है।
सुनीता- मौसी यह क्या? ऐसी सोएगी? और मैं?
मौसी- देख, तेरी और मेरी उम्र में फर्क नहीं है तो यहाँ तू मेरी सहेली है और आज दोनों एक दूसरे का आनन्द लेंगे।
मौसी ने इतना कहकर सुनीता को भी पूरा नंगा किया और उसके गेंदें मसलकर चूसने लगी और झट से सुनीता के भोंसड़े में उंगली डाल कर उकसाने लगी। इस पर सुनीता बेकाबू हो गई।
सुनीता- मौसी क्या नाम है तेरा? तो उस नाम से बुलाऊँ?
मौसी- कल्पना ! और मैं एम पी से हूँ ! मेरे मर्द ने धोखा दिया तो मैं सारा माल बटोरकर यहाँ चाली आई। मैं यहाँ एक होटल चालू करना चाहती थी तो एक तेरे जैसी रण्डी ने कहा कि क्या लोगों को सिर्फ खिलाओगी? इसमें कोई कमाई नहीं ! और उसने मुझसे यह कोठा चालू करवाया।
शुरुआत में जबरन लाई हुई लड़कियों से धंधा करवाया, फिर एक दिन तीन औरतें अपने मर्द से पीछा छुड़ाकर भागी, मेरे पास आई और कहा कि हमें कैसा भी काम दो, हम करेंगी पर वापस नहीं जाना !
तब से लेकर आज तक मेरे पास उनके और तेरे जैसी औरतें आती रहती हैं.. चल अब मुझे तेरे साथ मजे लेने दे।
सुनीता- हाँ मेरी राण्ड कल्पना ! बस आज मैं और सिर्फ तुम ! मेरे भोंसड़े को अपनी जीभ से चोदो ! और मेरे गेंदों को और चुचूकों को मसल डालो।
मौसी- साली, इतने साल में तूने ही मुझे रण्डी कहने की हिम्मत की है, आज मैं तुझे बराबर चोदूँगी।
थोड़ी देर बाद दोनों 69 की अवस्था में आ गई और एक दूसरे का भोंसड़ा चाटने लगी। दोनों चरम सीमा पर पहुँच गई। तभी मौसी ने बेड के नीचे से रबर का इम्पोर्टेड लौड़ा निकाला और उसको थोडा चाट कर आहिस्ता से सुनीता के भोंसड़े में घुसा दिया।
सुनीता- मौसी डाल दो, अक्खा लौड़ा अन्दर डाल दो, बहुत भूख लगी है।
थोड़ी ही देर में सुनीता झर गई और फिर मौसी की गेंदों को मसलने के साथ चुचूक चाटने लगी। अब बारी मौसी की थी, मौसी ने अपने हाथों से लौड़ा घुसेड़ दिया और थोड़ी देर बाद शांत हो गई। दोनों सुबह उठी और कपड़े पहन कर नहा धोकर धंधे के लिए तैयार होने में जुट गई।
मौसी- सीमा, मैंने अपने एक ख़ास कस्टमर को तेरे लिए सोच रखा है आज दिन भर के लिए ! तू और मैं उससे चुदावायेंगे ! सारा कामकाज राजू और जाहिदा को सौंप देंगे, वो लोग देख लेंगे। वैसे जाहिदा और राजू की अच्छी जमती है, देख आज एक मस्त मालदार कस्टमर आने वाला है, आज तू, मैं बताती हूँ, वो कपड़े पहन ! मेरे पास दो मुलायम कपड़े की सेक्सी टाईट हाल्फ पैंट और एक बिना कंधे का टीशर्ट है और एक माइक्रो-मिनी स्कर्ट है, बोल तू क्या पहनेगी?
सुनीता- कल्पना, मैं तो माइक्रो मिनी स्कर्ट पहनूँगी, उसमें मेरी जांघें और ककड़ी जैसी टाँगें खूब खिलेंगी।