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लाइफ हो तो ऐसी complete

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अपडेट 94

रजत रस्ते भर अपनी माँ बहन को चोदते रहा.

उसका सफर तो अच्छा गया शाम को सब घर पहुच गये रजत ने देखा उसके घर के सामने भीड़ बहुत खड़ी हे उसके स्वागत के लिए सब आये हे.

कार घरके सामने रूकती हे रजत पूछता हे क्यों भाई कोई विआईपी आने वाला हे इतना सजधज के खड़े हो यहाँ .

रोहित बोलता हे भाई तू कोण सा वी आई पी से कम हे.

रजत रोहित को गले लगाता हे.

खुशी आगे आती हे और रजतसे हाथ मिलाते हुए बोलती हे आई मिस यु .

रजत ख़ुशी के कान में बोलता हे क्या बात हे रोहित ख्याल नहीं रखता क्या?

ख़ुशी ना में सर हिला देती हे.

रजत ख़ुशी की पीथ पर हाथ से सहला देता हे और बोलता हे “डोन्ट वरि में हूँ ना”.

रजत कोमल नेहा और राहुल से भी मिलता है .

सब लोग जैसे ही घर में घुसते हे शॉक रह जाते है .

घर एक दम सजा हुआ हे .

हर तरफ रंगबिरंगी मोमबत्तीया लाइट्स लगी हुई हे .

रजत सब की तरफ देखता हे और पूछता हे ये क्यों और किसने सजाया हमारे घर को .

तभी किचन से रूपा एक बड़ा केक लेकर बाहर निकलती हे .

रजत पूछता हे “रूपा क्या आज तुम्हारा बर्थडे हे”.

रूपा बोलती हे “नहीं” रजत पूछता हे “फिर किसका हे” काया रजत के गालो को चूमती हुई बोलती हे.

“आज मेरे प्यारे भाई का बर्थडे हे” रजत तो भूल चुका था की आज उसी का बर्थडे हे रजत बोलता हे

“ओह माँ में तो भूल ही गया आज मेरा ही बर्थडे हे” .

साब लोग रजत को विश करते हे मामा मामि रजत को बोलते हे तुम्हारा गिफ्ट कल सुबह जब अंख खोलोगे तो तुमको नजर आयेगा.

मीना रजत को बोलती हे “मेरी तरफ से ये वाच” .

रजत बोलता हे “माँ थिस वाच कूल” .

माया भी रजत के लिए एक टी शर्ट लाई थी जो उसे बहुत पसंद आई सभी के गिफ्ट अच्छे थे रजत सब की तारीफ करता हे पर दो लोग उदास थे .

काया और रूपा .रजत दोनों को बोलता हे “क्या हुआ क्यों उदास हो”.

काया बोलती हे “में आप के लिए गिफ्ट नहीं ले पाई सब के गिफ्ट इतने अच्छे हे में क्या देती आप को”.

रजत काया को गले लगा कर बोलता हे “मेरी प्यारी बहना तू मेरा सब से प्यारा अच्छा और लाडला गिफ्ट हे तुझे कुछ देणे की जरुरत नहि”

काया के चहेरे पर स्माइल आ जाती हे रजत रूपा को बोलता हे मेरा गिफ्ट कहा हे .

रूपा बोलती हे अभी तो नहीं ला पाई पर जो भी दूंगी याद करोगे की कोई मिली थी”.

रूपा इतना बोल के रजत को केक काटने को बोलती हे रजत सब को केक देता हे सब रजत को भी खिलाते हे .

काया केक रजत के चहेरे पर लगा देती हे.

रजत भी काया को लगाता हे .

मीना बोलती हे डिनर टाइम हो रहा हे में कुछ बना देती हूँ .

रूपा बोलती हे “आंटी उसकी कोई जरुरत नहीं मैंने खाना बना कर रखा हे” .

सब रूपा को देखने लगते हे .

रूपा टेबल सजाने लगती हे रूपा ने फस्ट टाइम खाना बनाया था पर उसे नहीं पता था की खाना केसा बना हे.

डिनर टेबल पर रेखा फिर उसका पति फिर मीना फिर राहुल राहुल के बगल में नेहा उसकी बिवी .

फिर कोमल रोहित और ख़ुशी बैठ जाते हे .

माया काया साथ में बैठ जाती हे .

रजत के बगल में एक सिट खाली थी रूपा के लिए रूपा सबको खाना सर्व करके रजत के साथ बैठ जाती हे .

रजत पूछता हे “इतना सारा खाना तुमने बनाया हे क्या”? .

रूपा हा में सर हिला देती हे .

रजत एक निवाला खा के बोलता हे "खाना तो बहुत अच्छा बनाया हे”

रूपा थैंक्स बोलती हे सब रूपा के खाने की तारीफ करते हे.

माया पूछती हे “तुमको किसने बताया था रजत का बर्थ डे हे” .

रूपा बोलती हे “में इस घर में रह कर गई हु भुल रही हो और सामने फोटो पर रजत का बर्थ डे लिखा हुआ हे” .

काया बोलती हे "तभी तो तुम गाव से जल्दी भाग आई कोई सर तुम्हे मिस नहीं कर रहे थे”

रोहित बोलता हे

“ये सब प्लानिंग हम तीनो ने मिल के की थी .रजत बोलता हे “सच में आज का बर्थ डे बेस्ट हे क्यों की मेरी फुल फैमिली हे यहाँ दोस्त भी हे” .

सब डिनर कर रहे होते हे रूपा रजत के पैरो से पैर रगड़ती हे .

रजत उसकी तरफ देख कर बोलता हे “क्या विचार हे” .

रूपा बोलती हे “बस देखते जाओ” सब खाना ख़तम कर लेते हे .एक एक करके सब अपने अपने घर चले जाते हे .

मीना रूपा को बोलती हे “बेटी तुम मत इस टाइम जाना” रूपा बोलती हे “में आज जाने वाली भी नहीं आप लोग थक गए हो आराम करो” .

रूपा मामा मामि को सब से ऊपर वाले रूम में ले जाती हे .

रूम बहुत अच्छा सजाया हुआ था .

रूपा बोलती हे “आप दोनों यहाँ आराम करो .कुच चाहिए होगा तो अवाज बस मार देना में आ जाउँगी”

रेखा बोलती हे बेटी तुम भी आराम कर लो सुबह से काम कर रही हो”.

रूपा निचे आती हे माया काया को अपने रूम में जाने को बोलती हे सब के रूम साफ और सजे हुए थे .

मीना भी अपने रूम में चलि जाती हे जब रजत और रूपा हॉल में खड़े एक दूसरे को घुर घुर के देखते हे .

रूपा भाग कर रजत के गले लग जाती हे .

रजत रूपा को सीने से लगा लेता हे और उसकी गांड पर हाथ दाल कर ऊपर की तरफ खीचता हे .

रूपा रजत के लिप्स पर अपनी लिप्स रख देती हे रजत उसके लिप्स का रस पिने लगता हे .

रजत सारा दिन चुदाई करता रहा हे .

ओर ऐसे में रात में रूपा जेसा माल खुद चुदना चाहता था तो वो क्यों पीछे हटता.

रजत रूपा के लिप्स चूसता रहता हे .

थोड़ी देर बाद रूपा रजत को बोलती हे में रूम में जा रही हो १० मीनट बाद आ जाना अपने रूम में .

रजत बोलता हे क्यों जान साथ चलता हूँ ना .

रूपा बोलती हे नहीं आज तुम्हे तुम्हारा बर्थडे गिफ्ट मिलेगा वो भी खास तरीके से .

रूपा रूम की तरफ अपनी गांड मटकाती हुई चलि जाती हे .

रजत उसकी गांड देख कर अपना लंड मसलने लगता हे .

रूपा पीछे मूड कर देखति हे और अपनी जुल्फो को झटक देती हे .

रजत उसकी अदा देख कर सोफ़े पर बैठ जाता हे .

 
अपडेट 95

दस मिनट बाद रजत अपने रूम की तरफ चल पडता हे .डोर पर एक चिट लगी थी डोर धीरे से खोलना .रजत डोर धीरे से खोलता हे रूम के अंदर अँधेरा था .

सिरफ चारो कोनो में मोमबतिया जल रही थी .

रजत आगे बड़ा रूपा पीछे से उसकी आँखों को बंद कर दी और बोली आंख मत खोलना जब तक में तुमको खोलने को न बोलू .

रजत रूपा की हर अदा पर मरा जा रहा था .

रूपा लाइट जलाती हे रूम में गुलाबो की खुशबू आ रही होती हे बिस्तर भी नरम लग रहा होता हे ठण्डी ठण्डी हवा भी चल रही होती हे .

रूपा रजत को आँखे खोलने को बोलती हे .

रजत अपना रूम देख कर हेरान हो जाता हे .

खिड़कियो पर रेड परदे .

रूम में रेड लौ लाइट जल रही थी .

रजत पलट के देखता हे रूपा रेशमी गाउन में बेड पर बैठी हे .

बेड पर गुलाब की पत्तियां बिछाई हुई हे .

लेम्प के पास फ्रुट्स, आयल, और मिल्क बादम पड़े हुए हे .

रजत रूपा के पास जाता हे और पूछता हे क्यों जान आज क्या हनी मून मनाने का मूड हे .

रूपा बोलती हे “तुम जब भी करोगे मेरे साथ वो हनी मून ही होगा” .

रजत रूपा की कमर में हाथ दाल कर लिटा लेता हे जब रजत रूपा के ऊपर आ जाता हे रजत का फेस रूपा के फेस के सामने रजत रूपा की आँखों में इतना प्यार देख कर बोलता हे जानू इतना प्यार मत करो .

जानती हो मेरी एक नहीं कई बीविया बनेगी .

रूपा बोलती हे वेसे भी अभी मेरी तीन सौतने हे और मुझे फर्क नहीं पडता .अखिर उनका हक़ मुझसे पहले हे तुम पर .

रजत बोलता हे जान तुमको बुरा नहीं लगता .

रूपा बोलती हे तुमको ख़ुशी देते हे वो लोग तो में क्यों बुरा मानु .

रजत रूपा की बात सुन कर उसकी आँखों गालो माथे को चूमने लगता हे .

रजत रूपा की रेशमी गाउन के ऊपर से उसकी चुचिओ को दबाने लगता हे .

रूपा रजत को बोलती हे

“जान कपडे उतार दो अपने सारे मे तुमको नंगा देखना चाहती हु” .

रजत बोलता हे जान तुम ही निकाल दो .

रजत खड़ा हो जाता हे रूपा रजत के बटन खोलती हे .

रूपा रजत की सीने पर चूमने लगती हे.रजत खड़ा खड़ा रूपा की चुम्बना का आनन्द लेता हे .

रूपा रजत के पीछे चलि जाती हे शर्ट उतरती हे कान के पास और कन्धो पीठ पर चूमती हे रजत को बहुत मज़ा आ रहा होता हे .

रूपा रजत की पेण्ट खोलने लगती हे .

रजत रूपा के बालो में हाथ दाल कर अपनी तरफ खीच लेता हे .

रूपा रजत के साइन से जा टकराती हे रजत रूपबके रसीले होठोंको चूमने लगता हे .

रूपा रजत की बेल्ट खोल देती हे पेण्ट निचे गिर जाती हे .

रजत रूपा की गर्दन को चूमने लगता हे कटाने लगता हे .

उसकी चुचिओ के निपाल को सेहलता हे .

रूपा की सिसकिया निकलती हे.रूपा रजत के लंड को पकड़ लेती हे निकर के ऊपर से जो बहुत मोटा और टीएट हो रहा था .

रूपा रजत की निकर उत्तर देती हे .

रजत के अंडों को पकड़ कर सहलाती हे .

रूपा निचे बैठ जाती हे रजत की झांटो को सहलाती हे.रजत का लंड टाइट हो चुका था रजत को रूपा ने काफी उतेजित कर दिया था रजत का लंड दुखने लगा था रजत रूपा को बोलता हे

“जान गाउन उतार दो अब तो” .

रूपा रजत के बोलते ही गाउन उतार फेकती हे रजत देख कर शॉक रह जाता हे रूपा ने निचे कुछ भी नहीं पेहन रखा था .

रजत रूपा की मस्त चुचिओ और पतली कमर को देखता हे .

रूपा की बुर पर छोटे छोटे रोये आये हुए थे जो उसे और भी सेक्सी बना रही थी .

रजत रूपा की चुचिओ को जीभ से चाटने लगता है रूपा के निप्पल छोटे छोटे थे उसको पकड़ कर खीचता हे रूपा की बुर गीली हो चुकी थी बुर से पाणी टप टप गिरने लगता हे रजत अपनी शर्ट से रूपा की बुर साफ करता हे सुखाता हे .

रूपा भी रजत के लंड के साथ खेलति हे .

रूपा रजत को लिटा कर उसके लंड को मुह में लेकर चुस्ती हे .

रजत रूपा की बुर को पैरो से सहलाता हे अँगूठा उसकी बुर की फांको में घुसाता हे .रूपा रजत के अंडों को भी चुस्ती हे .

रजत बिच बिच में रूपा की चुचिओ को पकड़ कर खीचता हे .

रूपा रजत को फुल इंजॉय करवाना चाहती थी इस लिए उसे जो करना चाहता हे करने देती हे और खुद लंड और अंडों का रस पान करती हे .

रजत रूपा को लिटा देता हे .

उसकी टाँगे खोल कर बुर पर तूट पडता हे भर भर के मुह चूसता हे चुचिओ को मसलता हे बुर को काटता हे .

गांड को मसलता हे .

बूरि तरहा चूसता हे की रूपा रजत के मुह में झड जाती हे सफ़ेद सफ़ेद गाढ़ा पाणी निकलता हे रजत ऊँगली घूसा घूसा के पाणी बाहर निकाल देता हे फिर जबान से बुर को साफ करता हे .

रूपा रजत को बोलती हे “जान अब तुम अंदर अपना डाल कर मुझे ओरत बना लो अपनी” .

रजत रूपाके ऊपर आ जाता हे और बोलता हे “जान बहुत दर्द होगा” रूपा बोलती हे “जान फ़िक्र मत करो आज में सब सह लुंगी” .

रजत रूपा की टाँगे फैला कर बुर के पास बैठ जाता हे और लंड पकड़ कर रूपा की बुर पर रगडता हे रूपा की बुर की चिकनाइ लंड पर लगाता हे .

ओर लंड को पकड़ कर बुर में घुसाता हे .

रजत का टोपा रूपा की बुर में घुस जाता हे .

रूपा की ऑंखे फैल जाती हे दर्द से आँखों में आँसू भी आ जाते हे रजत रूपा की चुचिओ को मसलते हुए पूरी बॉडी पर हाथो से सहलता हे .

रजत पूछता हे

“जान दर्द ज्यादा हे तो बोलो में बाहर निकाल लु .

रूपा बोलती हे

“जानू फ़िक्र मत करो मेरा ये दर्द थोड़ी देर का हे में जानती हूँ .

बस तुम पूरा अंदर घुसाओ प्यार प्यार से” .

रजत रूपा की टांगों को पकड़ कर उसके उपर लेट जाता हे और लिप्स पर लिप्स रख कर चुस्ने लगता हे रूपा भी रजत की पिठ को कस के दबा लेती हे बालो को पकड़ कर खिचती हे .

रजत भी रूपा की लिप्स को काटता हे .

दोनो फुल मस्ती का मज़ा ले रहे थे धीरे धीरे .

 
अपडेट 96

रूपा के नार्मल होने पर रजत धीरे धीरे लंड अंदर घुसाता गया .रूपा को ऐसा लग रहा था कोई लोहा उसकी बुर को चिरता हुआ अंदर जा रहा हे उस से दर्द बर्दाश नहीं हो रहा था .

रूपा रजत के कन्धो पर अपने दांत गडा देती हैं.रजत जोर से एक धक्का मारता हे .

रूपा से ये वार नहीं झेला जाता वो रजत के कन्धो को बुरी तरफ काट लेती हे .कंधो से खून निकलने लगता हे .

पर दोनों को कोई परवाह नहीं थी.

रजत का लंड सील से टकरा कर रुक गया था .

अब रूपा की नथ उतारने वाली थी रजत जानता था अब तो रूपा से दर्द और बर्दाश्त नहीं होगा .

रजत रूपा के मुह में अपना शर्ट घूसा कर एक जोर से धक्का मारता हे .

रूपा की तो जैसे सांसे रुक गई हो उसकी ऑंखे बड़ी बड़ी हो गई थी बदन भी रूपा ने ढीला छोड़ दिया था जैसे जान ही न हो रजत शर्ट को मुह से बाहर निकाल कर रूपा को चूमने लगता हे .

रूपा की बुर से खून निकलने लगता हे रूपा की टांगो में जैसे जान ही नहीं बचि थी रजत धीरे धीरे लंड बाहर निकालता फिर अंदर करता है .

रूपा दर्द से कराहती रूपा ने पुरी ताकद लगा कर अपनी टांगों को रजत की पिठ पर मोड़ कर रख देती हे और जोर से अपनी तरफ खीच लेती हे रजत का पूरा लंड बुर चिरता हुआ अंदर समां जाता हे .

रूपा रजत की पिठ को कस कर पकड़ लेती हे .रजत अब हिल नहीं पाता रूपा रजत को चूमती रहती हे .

थोड़ी देर बाद रूपा खुद ही निचे से धक्के मारने लगती हे .रजत भी फिर शुरू हो जाता हे .रूपा की सिसकिया कराहट और चीख में आनंद साफ मेहसुस होता हे .रूपा बोलती हे जान अब जरा तेज़ तेज़ करो .

रजत रूपा की टांगों को कन्धो पर रख के चुचिओ पर हाथ रख देता हे और जोर जोर से चोदने लगता हे रूपा का पूरा बदन हिलने लगता हे बेड के चरमराने की आवाज आने लगती हे .

बूर से भी हलकी हलकी मधुर आवाज आती हे .

रजत सुबह से चुदाई कर रहा था झड़ने वाला नहीं था पर रूपा झडती रहती हे रजत उसे बुरी तरह चोदता हे पोज बदल बदल के .रजत रूपा की एक तांग उठा कर चोदता हे .

डोग पोज में चोदता हे .

बैठ कर चोदता हे उठा के चोदता हे लिटा कर चोदता हे .खडा करके चोदता हे .दीवार के सहारे चोदता हे .

रूपा भि चुदवाती रहती हे रूपा ४ बार झड चुकी थी रजत पर जैसे भूत सवार था रूपा की चुचिओ को दबा दबा और मसल के लाल कर दिया था.

बूर भी खून से लाल और सुज गई थी अब तो उसकी बस हो गई थी पर वो रजत को मना नहीं कर सकती थी रजत भी उसे जैसे चाहता वेसे चोदता रहता है .

अखिर रजत झड़ने वाला हो जाता हे रूपा बोलती हे जान पहली चुदाई का पाणी मेरे बुर में ही डालो रजत बोलता हे

“जान कुछ गड़बड़ हो गई तो” .

रूपा बोलती हे

“जान फ़िक्र मत करो में हु ना, हो भी गई तो क्या फर्क पडता हे, तुम्हारे अलावा किसी से शादी नहीं करुँगी, चाहे जान ही दे दू”.

रजत रूपा के मुह पर हाथ रख कर बोलता हे

“पगली मरने की बात क्यों कर रही हे जेसा तू कहेगी वैसा ही होगा”

और रजत रूपा को चोदने लगता हे रूपा की बुर में लंड सटा सट घुसता हे टट्टे भी बुर पर मार करते हे.

रजत रूपा की बुर में झड़ने लगता हे .

रूपा के गर्भ में रजत का बीज पहुच जाता हे .रूपा को साफ महसुस होता हे उसकी गर्भ में कुछ गरम गरम गिर रहा हे.

रजत झड कर रूपा के ऊपर गिर जाता हे .

रूपा की चुचिओ के निप्पल को अपने हाथो की उँगलियों के बिच दबाते हुए बोलता हे

“जान आज ये गिफ्ट सब से बेस्ट था” .

रूपा रजत के माथे को चुमते हुए बोलती हे

“जान तुमको गिफ्ट पसंद आया यही खास बात हे मेरे लिए” .

रजत चुचिओ के साथ खेलता हे .

रजत का लंड अभी भी रूपा की बुर में फसा हुआ था .

रूपा और रजत एक दुसरे को कस के पकड़ कर चरम आनंद का सुख भोगते हे .

रजत का लंड मुर्झा कर बाहर आ जाता हे

रूपा रजत से चिपक कर लेटी रहती हे दोनों चुदाई करके थक गए थे .

रूपा की बुर लाल हो गई थी और सुज भी गई थी रजत बुर को छू कर बोलता हे

“जान ये तो सुज गई सुबह बोलो तो डॉक्टर के पास चले” .

रूपा बोलती हे

“जान फ़िक्र मत करो गरम पाणी से सिकाई कर दूंगी तो ठीक हो जायेगी ये”

रजत बुर को सहलाता हे रूपा को बहुत तेज़ जलन और दर्द होता हे उसके मुह से सिसकारी निकल जाती है .

रजत बोलता हे “जान बहोत दर्द हो रहा है क्या”? रूपा रजत के लिप्स चुस्ने लगती हे .

रूपा बोलती हे

“जान ये जिस्म ये जान तुम्हारी हे जितना चाहो दर्द दो जितना चाहो प्यार करो में उफ़ नहीं करुँगी”

रजत रूपा को अपने ऊपर लिटा लेता हे .

रजत रूपा को ऊपर करके चूचि को मुह में ले लेता हे .

रूपा बोलती हे

“जान इसको छोड़ दो अभी दूध नहीं दूध चाहिए तो बोलो ९ मंथ में छोटा रजत पैदा करती हूँ”.

रजत बोलता हे

“जान किसने बोला इसमें दूध ही निकले तो मज़ा आता हे जान उसको ऐसे ही चुसो तो और मज़ा आता हे .

दोनो सारी रात मस्ती करके बात करते सो जाते हे .

 
अपडेट 97

रजत और रूपा आपस में चिपक के सो रहे होते हे..

रूपा की कमर को पकड़ कर रजत सोता रहता हे.

रूपा जग जाती हे .ओर उठने लगती हे रजत भी जग जाता हे .

रूपा बोलती हे जान छोडो अब फ्रेश हो जाऊ .

रजत रूपा की चुचिओ को दबाते हुए लिप्स को चुस्ने लगता हे .

थोड़ी देर बाद रूपा को छोड़ देता हे .

रूपा लडखडाती हुई बाथ रूम में चलि जाती हे .

रूपा का सारा बदन तूट रहा होता हे .

रूपा बाथ रूम में जा कर अपना हाल देखति हे बुर सुज चुकी थी बुर पर खून के दाग लगे हुए थे .

रूपा आराम आराम से पाणी से बुर धोती हे .

नहाति हे .नहा कर बाहर आती हे रजत अभी भी जग रहा होता हे .

रूपा रजत के बगल में बैठ जाती हे .

रूपा ने टॉवेल पहन रखा होता हे जिसमे उसकी जांघे और चुचिया आधी नजर आ रही होती हे .

रजत टॉवेल हटा देता हे और चुचिओ पर तूट पडता हे .

रूपा रजत को अपना करवाते करवाते हुए बोलती हे

“जान छोड़ दो घर वाले जागने वाले हे” .

रजत बोलता हे “जानु जागने दो में हूँ न सब संभल लुँगा”

रजत निप्पल चूसता रहता हे रूपा के जोर देणे पर रजत रूपा को जाने देता हे .

रूपा अपने कपडे पहन कर गांड मटकाती हुई निचे चलि जाती हे .

अभी कोई नहीं जगा था रूपा सब के लिए चाय बनाने लगती हे .

तभी मीना और रेखा आ जाती हे .

मीना बोलती हे “बेटी तुम क्यों चाय बनाने लगी” .

रूपा बोलती हे “में नहीं बनाऊँगी तो कोण बनायेगा” .

मीना बोलती हे

“बेटी तुम चाय बनाओ में तब तक खाने की तेयारी करती हूँ” .

रूपा चाय बना देती हे माया काया भी आ जाती हे .

रूपा बोलती हे “तैयार हो जाओ कॉलेज और स्कूल जाना हे आज” .

माया बोलती हे “मेरे पार्लर को तो गर्ल्स सम्भालती हे में तो मामि के साथ घर में रहूँगी और बाते करुँगी”.

मिना रूपा को रजत को चाय देणे को बोलती हे रूपा चाय लेकर रजत के रूम में जाती हे .

रजत सो रहा होता हे उसका लंड आकाश को सलामी दे रहा होता हे .

रूपा चाय टेबल पर रख के रजत के लंड को चुस्ने लगती हे रजत जग जाता हे .

रूपा बोलती हे “चाय पि लो रजत बोलता हे तुमने पि ली”

रूपा बोलती हे “पि तो रही हूँ अपनी” चाय रूपा लंड चुस्ती रहती हे टट्टे को सहलाती हे.

जब तक रजत ने चाय ख़तम की रूपा लंड चुस्ती रहती हे

रजत की चाय ख़तम हो जाती हे.ओर रूपा रजत के लंड से पाणी निकल देती हे सारा पाणी पि जाती हे

रूपा रजत को तैयार होने को बोल कर निचे आ जाती हे .

रजत का मामा भी निचे आ चुका था .

सब बाते कर रहे होते हे .

माया काया भी तैयार हो गई थी .रजत थोड़ी देरमे निचे आता हे .

आज रजत के चहेरे पर निखार था .मीना बोलती हे “क्या बात हे बेटा आज बहुत हैंडसम लग रहे हो” .

काया बोलती हे “माँ चुप रहो मेरे भाई को नजर मत लगाओ” .

मीना बोलती हे. “बेटी ये तो मेरा भी बेटा है. मैं क्यों नजर लगाउंगी” .

सब बाते करते रह्ते हे .

तभी डोर बेल बजती हे .

रजत का मामा डोर खोलता हे बाहर डिलवरी बॉय आया हुआ था .

रजत का मामा डिलवरी ले लेता हे और लड़का चला जाता हे .

रजत का मामा अंदर आ जाता है रजत पूछता हे “कोण था”?.

रजत का मामा बोलता हे “कोई नहीं ऐसे ही रोंग घर में आ गया था” .

रजत काया स्कूल कॉलेज जाने को तैयार हो जाते हे काया बोलती हे

“भाई जल्दी चलो फस्ट डे ही लेट हो जाओ क्या”?

रजत अपनी बाइक की चाभी उठा कर बाहर जाता हे .

बाहर बाइक नजर नहीं आती .

रजत अपनी माँ को बोलता हे “माँ बाइक कहा गई” .

रजत का मामा रजत के पास आता हे और बोलता है

“अब बाइक की क्या जरुरत हे” रजत बोलता है “फिर में कॉलेज कैसे जाउँगा”? .

रेखा बोलती हे “बेटा अब बड़े हो गए हो, अब तो कुछ और चला लो” .

रेखा रजत के हाथ में कार की चाभी पकडाती हे” .

इनोवा की चाभी देख कर काया और रजत बहुत खुश हो जाते हे .

रजत अपनी कार में बैठ कर देखता हे अंदर से भी कार मस्त थी रेड कलर की साइट सिवर स्टेयरिंग सिस्टम स्टेरिओ बैक डाउन साइट आराम दायक .

काया आगे बैठ जाती हे.

रूपा पीछे काया बोलती हे

“भाई गाड़ी स्टार्ट तो करो कब तक असे ही देखते रहोगे” .

रजत कार स्टार्ट करता हे .सभी लोग उसे बोलते हे

“धीरे चलाना”

रजत हा में सर हिला कर काया के स्कूल की तरफ निकल जाता हे .

काया सिट पीछे करके लेट जाती हे.काया बोलती हे .

”भाई ये सिट तो पीछे भी हो जाती हे आराम से सो भी सकते हे .

रजत स्टेरिओ ओन करता हे .

मस्त सांग प्ले होता हे .

रूपा भी सिट पर आराम से बैठी रहती हे.

काया का स्कूल आ जाता हे .

काया बोलती हे भाई वेट कटो में अभी आई .

रजत बोलता हे “काया क्या हुआ हमे लेट हो रहा हे .

काया बोलती हे बस दो मीनट भाई .

काया थोड़ी देर बाद अपनी कुछ सहेलियो के साथ आती हे .

काया बताती हे “मेरी सहेलिया आप से मिलना चाहती थी” .रजत बोलता हे ओके “बोलो क्यों मिलना चाहती थी” .

काया- “भाई ये पायल हे इसको आप से कुछ पूछना था”.

 
अपडेट 98

रजत- “पुछो क्या पूछना था”? .

पायल बोलती हे “क्या आप मेरे भाई बनोगे मेरा कोई भाई नहीं हे”.

रजत बोलता हे

“जैसे काया मेरी बहन हे वेसे तुम भी मेरी बहन हो”

पायल बोलती हे "जैसे आप काया को प्यार करते हो वेसे मुझे भी करना पड़ेगा”?

रजत बोलता हे

“पायल तुम मेरी बहन हो और में बहनों में प्यार कम ज्यादा नहीं बाटता सब मेरे लिए एक जेसी हे”.

पायल रजत के गले लग जाती हे और बोलती हे

“भाई आई लव यु रजत भी लव यु टू बोलता हे”

रजत बोलता हे “अब में जाऊ”.

पायल बोलती हे “भाई कल से मुझे भी घर से स्कूल लेकर आना में अकेली आती हूँ डर लगता हे” .

रजत बोलता हे

“मेरी बहने किसी से नहीं डरती तो तुम भी मत डरा करो रही बात स्कूल आने की तो में कल से तुमको भी स्कूल छोड़ जाया करूँगा” .

काया और पायल बाई बोल कर अपनी क्लास में चलि जाती हे .

रजत गाड़ी स्टार्ट करता हे और बोलता हे

“मैडम जी में आप का ड्राइवर नहीं हूँ आगे आ कर बैठो” .

रूपा बोलती हे “एक दिन के लिए बन जाओ फिर” .

ओर रूपा आगे आ कर बैठ जाती हे .

रजत की कार कैंपस में घुसती हे सब लोग कार की तरफ देख रहे होते हे आखिर ये कार किसकी हे रूपा पहले बाहर निकलती हे सब सोचते हे प्रिंसिपल सर ने नई कार ली हे पर जब रजत को बाहर निकलते देखते हे उनको धक्का लगता हे रोहित रजत को देख कर बोलता हे

“क्यों भाई किसी की कार उठा लाये”.

रजत बोलता हे

“साले कीसी की नहीं मेरी कार हे मामु ने बर्थडे गिफ्ट दिया हे” .

जहा कॉलेज की गर्ल्स कार देख कर रजत पर फ्लेट हो गई थी वहि कॉलेज के बहुत से लड़के जेलस थे .

रोहित और कुछ गर्ल्स बोलती हे हमे तो पार्टी चाहिए रजत सब को बोलता हे फिर चलो कैन्टीन में जो चाहे खालो सब शोर मचाते हुए कॉन्टिन में घुस जाते हे

सब कॉन्टिन में पार्टी का मज़ा लेते हे .

रजत पेमंट करके अपनी क्लास की तरफ चल पडता हे .

रोहित ओर रूपा भी रजत के साथ क्लास की तरफ चल पड़ते हे.

रजत .रोहित से पूछता हे क्लास में कुछ बदला भी हे की वहि पुराने चहेरे हे .

रोहित बताता हे स्टूडेंट तो वहि हे .

पर एक धांसू दमदार माल आई हे हमे पढ़ाने के लिए .

रजत कोण हे रोहित बोलता हे क्लास में चल के देख ले इंग्लिश की टीचर हे हमारी उम्र कोई जियादा नहीं हे होगी २५-२६ की रूपा बोलती हे

“तुम लोगो को और कोई टोपिक नहीं मिला बात करने का” .

रजत बोलता हे “रूपा यार अब क्या बाते नहीं करेंगे हम तो क्या करेंगे” .

बात करते करते तीनो क्लास रूम में एंटर होते हे .

तीनो पीछे जा कर बैठ जाते हे .क्लॉस में एक लड़की एंटर होती हे .

रोहित रजत को इशारे करके बताता हे यही हे वो .

रजत बोलता हे “फिगर तो मस्त बना रखा हे कितनो से चुदवाई होगी”.

रोहित बोलता हे “मैंने सुना हे इसकी शादी हुई थी पर टूट गई” .

रजत बोलता हे हमे क्या शादी हो चाहे तलाक पर ऐसा माल चखने की खवाहिश हे” .

रजत पूछता हे क्या नाम हे इसका” .

रोहित जवाब देता उस से पहले टीचर रजत को खड़ा होने को बोलती हे .रजत भी खड़ा हो जाता हे .

टीचर पूछती हे “पहले तो कभी तुमको क्लास में नहीं देखा रजत बोलता हे “बाहर छुट्टियों पर गया था”.

टीचर पूछती हे “नाम क्या हे”?

रजत बोलता हे “रजत नाम हे” ..रोहित धीरे से बोलता हे इसका नाम काजल हे रजत बैठ जाता हे.

सारा दिन स्टडी में निकल जाता हे .रूपा अपने घर चलि जाती हे.

रजत कार निकालता हे रोहित बाइक निकालता हे जैसे ही गेट के पास पहुचता है काजल खडी नजर आती है

रजत जैसे ही गाड़ी लेकर कॉलेज के गेट पर पहुचता हे उसे काजल खड़ी नजर आती हे .

रजत काजल से पूछता हे “मैम में आप को कही छोड़ दू” .

कजल बोलती हे “रहने दो में ऑटो में चलि जाउंगी”.

रजत बोलता हे

“मैम ऑटो में क्यों पैसे खरच कर रही हो .मे छोड़ देता हूँ आप को कहा जाना हे”? .

कजल बोलती हे मुझे तो वैशाली नगर जाना हे .

रजत बोलता हे मैम गुड मुझे भी अपनी बहनो को लेने जाना हे ..

वो वैशाली नगर में पड़ती हे” .

काजल गाड़ी में बैठ जाती हे.

रोहित रजत को बोलता हे

“यार कभी घर पर आ बहुत दिन हो गए माँ और ख़ुशी मिस करती हे”

रजत बोलता हे “तू घर चल में काया को ड्राप करके आता हूँ और कुछ अच्छा खाने को बनवा लेना बहुत दिन हो गए आंटी के हाथो का खाया हुआ”.

रोहित बाई बोल कर चला जाता हे .

कजल पूछती हे “तुम दोनों बेस्ट फ्रेंड हो क्या”?

रजत बोलता हे “नहि” .

काजल बोलती हे “तो इतना क्लोज क्यों हो” .

रजत बोलता हे “हम भाई जैसे हे .

कजल बोलती हे “ओह यानि तुम्हारा रेश्तेदार हे”.

रजत बोलता हे “नहि हम स्कूल टाइम से एक साथ हे वो मुझे भाई मानता हे मैं उसे, हमने कभी एक दूसरे को दोस्त समझा नहि इस लिए मना किया था” रजत पूछता हे “आपके घर में कोण कोण हे”? .

काजल बोलती हे “बस में और मेरी छोटी बहन .

रजत पूछता हे “माँ डैड नहि साथ रह्ते क्या”?.

काजल बोलती हे “डैड एक्सपायर हो गए हे माँ विलेज में रहती हे” .

बात करते करते दोनों क्लोज होने लगते हे .

काजल पूछती हे तुम्हारी गर्ल फ्रेंड हे कोई”? .

रजत बोलता हे “हे ना वो प्रिंसिपल सर की बेटी रूपा” .

काजल बोलती हे “तभी वो तुम से चिपक कर बैठी थी”.

रजत पूछता हे “क्यों आप को जलन हो रही थी क्या”? .

काजल हडबडा जाती हे हकलाते हुए बोलती हे

“नननहहीं नननहीँ नहि ऐसी बात नहि” रजत पूछता हे “आप की शादी हो गई” काजल बोलती हे “हुई थी डिवोर्स भी हो गया”.

रजत पूछता हे “क्यों सहिसे रखता नहि था क्या”? .

काजल बोलती हे "वो लड़ाई झगड़ा बहुत करता था इस लिए डिवोर्स दे दिया”

रजत बोलता हे मुझे ऐसे लोग पसंद नहि जो अपनी फैमिली को मारते पीटते हे”, हमारे घर में ऐसा कोई नही”.

काजल पूछती हे "कोण कोण हे फैमिली में”

रजत बोलता हे

“माँ माया दी काया और में बस और कोई नहि” .

बात करते करते रजत वैशाली नगर पहुच जाता हे.

काजल एक घर के सामने रोकने को बोलती हे .

रजत रोक देता हे .

रजत पूछता हे “मैम आप यही रहती हो” .

काजल बोलती हे हा और काजल उत्तर जाती हे .

जाते जाते रजत को लिफ्ट के लिए थैंक्स बोल जाती हे रजत वहा से गाड़ी आगे बड़ा लेता हे.

 
दिवाली की आप सब को और आपके परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं दोस्तो अगला अपडेट दिवाली के बाद में ....सलील
 


अपडेट 99

रजत काया के स्कूल पहुचता हे काया और उसकी फ्रेंड रजत का वेट कर रही थी. रजत कुछ बोलता उस से पहले ही दोनों शुरू हो गई रजत उनको चुप करने को बोलता हे .दोनो घुस्से में गाड़ी में बैठ जाती हे .रजत गाड़ी स्टार्ट कर लेता हे .रजत गाडी एक आइसक्रीम पार्लर के सामने रोक देता हे .काया और उसकी फ्रेंड रजत को घुस्से से खा जाने वाली नजरो से देखति हे रजत बाहर निकल कर पार्लर से तीन आइसक्रीम चॉकलेट वाली लाता हे .ओर अपनी सिट पर रख देता हे .काया बोलती हे जल्दी चलो घर .रजत बोलता हे आज बहुत गर्मी हे मेरा मन आइस क्रीम खाने का हे खा लेने दो फिर चलता हूँ .रजत आइस क्रीम खाने लगता हे काया और उसकी फ्रेंड के मुह में पाणी आने लगता हे .रजत बोलता हे वह क्या आइस क्रीम हे मज़ा आ गया .काया बोलती हे सुना किसे रहे हो हमे नहि खानी घटिया आइस क्रीम .रजत बोलता हे स्वीटहार्ट तुमको पूछा भी किसने हे .

रजत मज़े ले ले कर आइस क्रीम खाने लगता हे काया की फ्रेंड उसे बोलती हे आइसक्रीम उठा ले . काया बोलती हे में नहि उठाउंगी तू उठा और खा भूखी कही की .हार कर काया की फ्रेंड आइस क्रीम उठाने जाती हे उस से पहले काया उठा लेती हे .दोनो फटा फट आइस क्रीम खाने लगते हे .रजत बोलता हे आराम से खाओ भागि नहि जा रही .दोनो खाना जारी रखते हे तीनो ख़तम कर लेते हे रजत बोलता हे ख़तम हो गई की बाकि हे .काया रजत की सिट की तरफ बढ़ के रजत के होठो को चूमने लगती हे .रजत थोड़ी देर के लिए शॉक हो जाता हे .काया के हटते ही उसकी फ्रेंड भी रजत के होठो को चुस्ती रही .ठोड़ी देर बाद दोनों पीछे बैठ कर बोलने लगी अब ख़तम हुआ ऐसी ही ट्रीट रोज मिले तो कितना अच्छा हो .रजत शॉक था उसे कुछ भी समझ नहि आ रहा था .रजत गाड़ी स्टार्ट कर लेता हे और घर की तरफ निकल पड़ता हे .

रजत पूछता हे तुम दोनों ने किस क्यों की.काया बोलती हे तो क्या हुआ वुई लव यु . रजत काया की फ्रेंड को उसके घर ड्राप कर देता हे रजत काया को आगे बैठने को बोलता हे काया आगे आ जाती हे .रजत गाड़ी स्टार्ट करके काया को बोलता हे बहुत मस्ती छाई हुई हे तुझे.ओर रजत काया की चुचिओ को जोर से दबा देता हे काया चीख कर बोलती हे भाई छोडो दर्द हो रहा है

पर रजत कहा मानने वाला था . काया की चुचिओ को मसलता रहता हे काया की बंद गाड़ी में कोई चीखे नहि सुन पाता .सारे रस्ते काया दर्द से कराहती रहती हे .पर रजत उसे नहि छोडता . थोड़ी देर बाद दोनों घर पहुँचते हे रेखा डोर खोलती हे. उसके बलाउज में से उसकी घाटी साफ नजर आती हे रजत उसके घाटी को घुरता हे रेख देख लेती है. काया रेखा को खाना देणे को बोलती हे रेखा बोलती हे राजकुमारी पहले जाओ कपडे चैंज करो मुह धो कर आओ फिर जो बोलोगी देती हूँ .

काया ऊपर चलि जाती हे .रजत रेखा के मम्मो को देखते हुए बोलता हे की मामि आज बहुत सूंदर लग रही हो .रेखा बोलती हे मुझे पता हे क्या देख कर तुमको सुन्दर लग रही हूँ .रजत बोलता हे मामि बहुत दिन हो गए कभी मालिश कर दो .रेखा बोलती हे कर दूंगी फ़िक्र मत करो.रजत बोलता हे मामि जल्दी कर देना .रजत रेखा के पिछवाड़े से अपना लंड रगडता हुआ ऊपर चला जाता हे .

रेखा काया के लिए खाना निकालने लगती हे. रजत भी रेडी हो कर निचे आ जाता हे रजत काया के पास बठने लगता हे काया उठ कर दूसरी तरफ चलि जाती हे रजत काया से सॉरी बोलता हे पर काया बोलती हे आप भाई बहुत गंदे हो मुझे बहुत दर्द हो रहा था आप माने नही. रजत बोलता हे सॉरी यार मुझे पता नहि क्या हो गया था इतने में रेखा आ जाती हे पूछती हे क्या बाते हो रही हे भाई बहन मे

काया बोलती हे कुछ नहि माँ खाना दो भूख लगी हे .रेखा बोलती हे बेटा वहि लाई हूँ .रजत और काया दोनों खाना खाते हे .रेखा रजत के पास बैठ जाती हे रजत अपना एक हाथ रेखा की गांड पर फेरने लगता हे .रेखा उसका हाथ हटाती हे पर रजत नहि मानता .थोड़ी देर बाद रजत रेखा की झांघो पर हाथ फेरने लगता हे रेखा उसे बार बार मना करती हे .

काया और रजत खाना खा लेते हे .रेखा बर्तन उठा कर ले जाती हे .रजत पूछता हे माया दीदी कहा हे घर में नजर नहि आ रही .रेखा बोलती हे उसे पार्लर में कुछ काम था तो वहि करने गई हे .रजत बोलता हे मामि माँ आयेतो बोल देना रोहित के घर गया हूँ देर से आउंगा कुछ काम भी हे वहा .रजत अपनी नई ईनोवा निकालता हे और रोहित के घर की तरफ चल पडता हे रस्ते में सोचता हे चलो माया दीदी से भी मिल लु क्या कर रही हे .रजत पलर के सामने गाड़ी रोकता हे .

रजत पलर में जाता हे और एक लड़की से माया के बारे में पूछता है .

रजत-हैल्लो में रजत पार्लर की मालकिन कहा हे .

लड़की -हैलो सर मैडम ऊपर काम कर रही हे आप बैठो में बुलाती हूँ .

रजत -वेसे तुम्हारा नाम क्या हे

लड़की;सर माय नाम इस रीमा .

रजत-रीमा माया मेरी बड़ी सीस हे तो तुम अपना काम करो में मिल लेता हूँ ऊपर जा के .

रीमा -सर ऊपर मर्दो का जाना मना हे मैडम मुझ पर घुस्सा करेंगी .

रजत-फिकर मत करो में हूँ न कुछ नहि होगा वेसे भी ये पार्लर मेरा भी हे .

रीमा;पर सर

रजत -डोन्ट वरि यार क्यों टेंशन ले रही हो .इतना बोल के रजत ऊपर चढ़ने लगता हे .जैसे ही ऊपर पहुचता हे रजत को कुछ अवाजे सुनाई देती हे .रजत विंडो से देखने की कोशिश करता हे पर ब्लैक विंडो से कुछ नजर नहि आता .रजत डोर खोलने की कोशिश करता हे पर डोर भी लॉक होता हे .रजत सोच में पड़ जाता हे अंदर चल क्या रहा हे की होल से भी कुछ नजर नहि आता .तभी रजत की नजर ऊपर जाती हे जहा एक फैन लगा हुआ होता हे .रजत इधर उधर देखता हे उसे एक बॉक्स नजर आता हे रजत उस बॉक्स को उठा के डोर के आगे लगा देता हे .

रजत बॉक्स के ऊपर चढ़ जाता हे और अंदर देखने की कोशिश करता हे फैन चालू रहने की वजह से उसे साफ दिखाइ नहि देता अंदर हे कोण .थक हार के रजत फैसला करता हे किसी तरह रीमा से की हासिल की जाये और डोर खोला जाये कोण हे जो इतनी अवाजे कर रहा हे वो भी अजीब तरह की .रजत जल्दी से निचे आता हे .रीमा पूछती हे मैडम से मिल लिए रजत सोचने लगता हे और बोलता हे है में मिल लिया ऐसा कर पार्लर की मास्टर की यहाँ रखी हुई हे वो दो मुझे नाइट में कुछ सामान आने वाला हे और में बाहर जाने वाला हूँ तो जब आएगा वो लोग मुझे फ़ोन कर देंगे में आ कर खोल दूंगा तुमको कोई दिकत तो नहि .

रीमा- नही सर.

रीमा की रजत को दे देती हे .रजत बोलता हे ओह में तो भूल गया दी को बताना की माँ ने जल्दी आने को कहा हे में बता कर आता हूँ .रजत की लेकर जल्दी से ऊपर पहुचता हे .के से डोर धीरे से अनलॉक करता हे .जैसे ही रजत अंदर घुसता है सामने का नजर देख कर दंग रह जाता हे .

 
अपडेट 100

समने नेहा और माया नंगी लेटी हुई हे और नेहा माया की बुर चाट रही हे दोनों ६९कि पोज में एक दूसरे की बुर को चुस रहे होते हे उनको होश नहि रहता सामने रजत खड़ा हे .

दो जवान खूबसूरत ओरत और लड़की का लैस्बियन सेक्स देख कर रजत का लंड सलामी देणे लगता हे रजत धीरे धीरे आगे बढ़ता हे और दोनों के सामने जा कर खड़ा हो जाता हे.

नेहा रजत को देख कर घबरा जाती हे .

माया का भी हाल बुरा हो जाता हे .

रजत-ये आप दोनों क्या कर रही हो.

माया-भाई वो .

रजत -इट्स ओके माय स्वीट सिस्टर .

नेहा -तुम यहाँ कैसे आ गए .

रजत -मास्टर की भी किसी दिन काम आ जाती हे डियर .

माया -रीमा ने तुमको रोका नहि .

रजत-मुझे आज तक कोई भी किसी काम के लिए रोक पाया हे क्या जो वो रोकेंगी .

ओर रजत दोनों के बिच जा बैठता हे दोनों की चुचिओ को दबाने लगता हे माया और नेहा दोनों ही हेरान हो जाती हे .

रजत बोलता हे डियर घबराओ मत दोनों तुम दोनों को अच्छी तरह चोद चुका हूँ है तुम दोनों को नहि पता ये अलग बात हे और आज मेरा मूड अच्छा हे तो आज तुम दोनों मेरी रंडी बन कर चुदवाओ .

माया बोलती हे मुझे कोई दिक्कत नहि नेहा भी हा में जवाब दे देती हे .

रजत माया की चुचिओ को चुस्ने लगता हे नेहा रजत की पेण्ट खोल कर लंड बाहर निकालने लगती हे रजत माया की चुचिओ के निप्पल को मसलता हे और चुस्ने लगता हे .

नेहा लंड बाहर निकाल कर मुह में ले कर चुस्ती हे रजत अपने पैर से नेहा की बुर को मसलता हे .

रजत माया की चूचि को मुह में डाल कर बुर को अपने हाथो से मसलने लगता हे .

थोड़ी देर बाद रजत माया को सीधा लिटा लेता हे और नेहा माया की बुर चाट कर गीली करती हे रजत एक ही वार में लंड घूसा देता हे माया की चीख निकल जाती हे. ”उउउउउम्म्ममममआयआ” रजत जोर जोर से धक्के मरता हे थप थप की अवाज घुमने लगती हे .

थोड़ी देर में माया का पाणी निकल जाता हे .रजत नेहा को बेड के सहारे झुकने को बोलता हे .नेहा झुक कर खड़ी हो जाती हे .

रजत का लंड माया की बुर के पाने से भिगा होता हे रजत माया को साफ करने को बोलता हे .माया चाट चाट के लंड साफ करती हे .

फिर रजत माया को नेहा की बुर चाटने को बोलता हे.

माया नेहा की बुर चाटने लगती हे बिच बिच में रंडी की तरह रजत का लंड मुह में लेती हे .

रजत नेहा की बुर में अपना लंड घुसा देता हे .

नेहा आगे की तरफ भागने लगती हे रजत मजबूती हे नेहा की चुचिओ को पकड़ लेता हे .ओर जोर से दबा कर धक्का मारता हे.

नेहा की भी चीखे गूँजती हे रजत नेहा को भी रोंद के रख देता हे नेहा भी हार मान के पाणी छोड़ देती हे .

पर रजत की शांति नहि हुई थी रजत दोनों से पहले अपना लंड चटवाता हे फिर दोनों को डॉगी पोज में झुक्ने को बोलता हे दोनों झुक जाती हे रजत पहले नेहा की गांड में लंड घुसाता हे .

दर्द से नेहा तिलमिला जाती हे रजत उसकी कमर पकड़ के जोर जोर से धक्के मारता हे .

थोड़ी देर बाद रजत नेहा की गांड से निकाल के लंड माया की गांड में घूसा देता हे. माया की गांड चौड़ी हो जाती हे .

रजत माया को बुरी तरह चोदते हुए पूछता हे “रंडी में मर गया था, जो तू लैस्बियन बन गई, आज तो तेरी गांड फाड् के रख दूंगा” माया बोलती हे “में क्या करती तुम मुझे टाइम नहि दे रहे थे” “उउउउउ.मंमंममआयआ”.

रजत जोर दार धक्का मारता हे .

रजत बारी बारी दोनों को चोदता है और सवाल पे सवाल करता रहता हे .

दोनो गांड मारवा के थक चुकी थी .

रजत का भी पाणी निकलने वाला हो जाता हे .

रजत दोनों को सामने आने को बोलता हे दोनों सामने आ जाती हे रजत पिचकारी मारता हे माया का चहेरा भिग जाता हे बालो पर वीर्य लग जाता हे .दुसरी पिचकारी मारता हे नेहा को भीगाना शुरू कर देता हे .

नेहा और माया पहले रजत की पिचकारियो का मज़ा लेती हे आज से पहले रजत ने कभी इतना पाणी नहि छोडा था .

रजत दोनों के होठो पर अपना लंड रगडता हे दोनों को लंड चुसवाता हे फिर माया और नेहा एक दूसरे के चहेरे को चाट कर वीर्य पिने लगती हे दोनों एक दूसरे को एक दम साफ कर देती हे .

माया बोलती हे “आज तो ब्लिच की जरुरत नहि पड़ी चेहरा देखो कैसे निखर गया आप का"

नेहा बोलती हे "तेरा भी तो निखर गया भाई के लंड के पाणी से" .

माया शर्मा जाती हे .

नेहा बोलती हे “चुदवाते हुए शर्म नहि आई अब देखो कैसे शर्मा रही हे”.

रजत माया नेहा कपडे पहन लेते हे और निचे जाने लगते हे. नेहा बोलती हे “आज तो मज़ा आ गया फिर कब ऐसा मज़ा मिलेगा” .

माया बोलती हे "फ़िक्र मत करो जल्दी ही भाई फिर आयेंगे मुझे पता हे"

तीनो हस्ते हुए निचे आते हे रीमा खड़ी हो जाती हे माया बोलती हे

“में घर जा रही हूँ तुम पार्लर बंद कर के चाहो तो घर जा सकती हो” .

रीमा थैंक्स बोलती हे .

रजत रीमा को आँख मारता हे रीमा शर्मा के नज़रे निचे कर लेती हे .

रजत सब के साथ बाहर निकल जाता हे .

माया बोलती हे भाई घर चल रहे हो क्या .

रजत बोलता हे नहि में तो अभी रोहित से मिलने जा रहा हूँ नयत में देर से आउंगा .

नेहा बोलती हे मुझे भी ले चलो मुझे भी दीदी से काम हे रजत बोलता हे तो चलो मेरे साथ बातो मेरी गाड़ी में .

माया अपनी एक्टिवा से घर चलि जाती हे नेहा रजत के साथ रोहित के घर निकाल जाती हे

 
धन्यवाद दोस्तो अपडेट दे दिया है आनंद लीजिये
 
अपडेट 101

रजत रस्ते में पूछता हे "राहुल तुमको खुश नहि रख पाता" .नेहा बोलती हे "उसे फुर्सत कहा मुझे खुश भी कर पाए" .रजत बोलता हे "क्यों ?.नेहा बताती हे "वो थक हार के आता हे फिर कभी कभार ही मंथ में एक दो बार चोदता हे वो भी एक बार".

रजत बोलता हे "ये तो गलत हे बिवी को

खुश रखना चाहिए मर्दो को" .नेहा बोलती हे "हा तुम्हारी तरह" .रजत बोलता हे "काश तुम मेरी बिवी होती दिन रात इतना चोदता की कमर पकड़ कर हमेशा रोती रहती" . नेहा बोलती हे "तो क्या हुआ में वेसे भी तुम्हारी हूँ चाहे रखेल या रंडी बना कर रखो" रजत उसकी चुचिओ को दबाने लगता हे .थोड़ी देर में दोनों रोहित के घर पहुच जाते हे .डोर कोमल खोलती हे .नेहा कोमल को गले लगाती हे कोमल पूछती हे "आज दोनों कैसे एक साथ? .नेहा बोलती हे "रस्ते में मिल गया रजत तो साथ आ गई" .दोनो अंदर जाते हे .रजत पूछता हे "ख़ुशी और रोहित कहा हे" कोमल बोलती हे "ऊपर हे स्टडी कर रहे हे" और एक क़ातिलाना स्माइल देती हे रजत समझ जाता हे .

नेहा बोलती हे "दीदी बच्चें पढ़ रहे हे तो चलो थोड़ी देर कुछ काम हे" कोमल रजत को बोलती हे "रोहित को बोल देना में थोड़ी देर में आती हु". नेहा कोमल को लेकर चलि जाती हे .रजत डोर लॉक कर देता हे और ऊपर ख़ुशी के रूम में पहुचता है रोहित और ख़ुशी स्टडी में बिजी थे .रजत पीछे से ख़ुशी की चुचिओ को पकड़ लेता हे ख़ुशी डर जाती हे .

रजत-"क्यों जान डर गई में हूँ रजत" .

खुशी-"जान ही निकाल दी तुमने तो"

रजत -"जान भी तो मेरी हे जानेमन"

खुशी -"कुछ तो शर्म करो सामने मेरा भाई हे" .

रजत -"तुम्हारा बाप भी होता तो क्या फर्क पडता मुझे तुम मेरी रंडी हो हमेशा रहोगी" .

खुशी- "देखो ऐसी बाते करोगे तो में तुमसे बात नहि करुँगी" .

रजत ख़ुशी की चुचिओ को दबाते हुए उसके गालो और गले पर चूमने लगता हे ..

खुशी -"यार अभी नहि मूड नहि हे" .

रजत-"तो मूड बना देता हूँ" .

खुशी -न बना तो .

रजत -"तो हाथ भी नहि लगाउंगा"

खुशी -"ओके"

रजत ख़ुशी की टीशर्ट उतार देता हे और पिठ पर चुम्बनों की बोछार कर देता हे उसके पेट् पर भी चुबन करता हे उसके दूध दबाता हे ब्रा के ऊपर से चूसता और काटता हे ख़ुशी को अच्छा लगने लगता हे .खुशी भी साथ देणे लगती हे रजत रोहित को आने को बोलता हे और पूछता हे "अपनी बहन की बुर चोदी की नहि"? .रोहित मायुस हो कर बोलता हे "नहि यार ये बोलती हे इस पर सिर्फ तेरा हक हे". रजत बोलता हे "तो आ में बोल रहा हूँ फाड् दे अपनी बहन की बुर आज हम दोनों मिल कर इसकी हालत ख़राब करेंगे" .

रजत ख़ुशी को नंगा कर देता हे रोहित भी और रजत भी कपडे उतार कर फ़ेक देते हे सामने दो दो लंड देख कर ख़ुशी घबरा जाती हे .रजत बोलता हे "रानी मेरी घबरा मत आज तुझे बहुत मज़ा मिलेगा" .रजत अपना लंड ख़ुशी के मुह में घूसा देता हे .रोहित ख़ुशी की बुर चाटने लगता हे .दोनो काफी देर तक चुसते चुसवाते रह्ते हे . फिर रजत लेट जाता हे और ख़ुशी को लंड पर बैठने को बोलता हे रजत रोहित को क्रीम या वेसलिने लाने को बोलता हे .

खुशी पूछती हे "वो क्यों"?

रजत बोलता है

"आज तुम्हारी गांड की सिल तोड़ने का ईरादा हे मेरा" .

खुशी बोलती हे "प्लीज् वह नहि बहुत दर्द होता हे, मैंने सुना हे मेरी एक फ्रेंड के बॉयफ्रेंड ने उसकी गांड मारी थी, गांड फट गई थी कई दिन तक खून निकलता रहा बेचारी कही बाहर भी नहि जा पाती थी" .

रजत बोलता हे "वो गांडु बॉयफ्रेंड होगा में ऐसे चोदूँगा की तुम जन्नत की सैर करोगी" .

मुझे उन जैसो से कम्प्रेर मत किया करो .

रोहित वेसलिने ले आता हे रजत वेसलिने ख़ुशी की गांड पर लगाता हे उंगली से गांड के अंदर वेसलिने घुसाता हे .

खुशी की चीख निकल जाती हे .

रजत की ऊँगली पूरी अंदर चलि जाती हे रजत बार बार उंगली में वेसलिने लगा कर ख़ुशी की गांड में लगता हे ख़ुशी की गांड चौड़ी होने लगती हे .

रजत अपने लंड पर अच्छी तरह वेसलिने लगाता हे .

ओर ख़ुशी को बैठने को बोलता हे .

खुशी डरते डरते लंड पर बैठती हे जैसे ही लंड गांड को टच करता हे धक से ख़ुशी की धड़कने तेज़ होने लगती हे रजत ख़ुशी की गांड को सहलाता हे ख़ुशी धीरे से बैठती हे वेसलिने अपना कमाल दिखाने लगती हे जैसे जैसे ख़ुशी लंड पर बैठती हे लंड का टोपा अंदर जाने लगता हे ख़ुशी का दर्द से बुरा हाल हो जाता हे टोपा अंदर समां चुका था .

खुशी उठने की कोशिश करती हे रजत मजबूती हे उसे निचे खीचता हे रोहित उसकी चुचिओ और बुरको मसल कर उसे राहत पहुचाने की कोशिश करता हे ख़ुशी हार मान जाती हे और धीरे धीरे निचे होने लगती हे .

फिर रजत उसे रोक देता हे अभी लंड आधा गया था ख़ुशी की आँखों में आँसु आ जाते हे

रजत धीरे धीरे ऊपर निचे करने लगता हे रोहित बुर को मसलता हे चुचिओ को चूसता हे जिस से उसका दर्द कम होने लगता हे

हर धक्के के साथ गांड फैलने लगती हे रजत का लंड अंदर बाहर होने लगता हे

रजत धीरे धीरे अपना पूरा लंड अंदर घूसा देता हे ख़ुशी को दर्द के साथ मज़ा आने लगता हे रजतअपनी रफ़्तार बड़ा देता हे .

अब ख़ुशी भी रजत के लंड कर कूदने लगती हे .

रजत बोलता हे रोहित बेटा अब बुर में लंड घूसा दे ताकि तेरी सीस पूरी मस्त हो जाये रजत की बात सुन कर रोहित ख़ुशी की बुर में लंड लगा देता हे और धीरे धीरे अंदर घुसाने लगता हे दोहरे वार से ख़ुशी काप जाती हे पर उसमे भी उसे मजा आता हे रजत निचे से धक्का मारता है तो रोहित ऊपर से दोनों उसकी चुचिओ गांड बुर का बुरा हाल कर देते है

रोहित जोश में जोर जोर से धक्के मारता हे और ख़ुशी की बुर में झड जाता हे.

रजत बोलता हे क्या यार आराम से चोदता .रोहित बोलता हे क्या करू यार कण्ट्रोल नहि कर पाया खुद को .रजत खुची की टांग को उठा कर गांड मारता हे उसकी चुचिओ को दबाता हे .रजत और रोहित की चुदाई ने ख़ुशी के बदन के हर हिसे को तोड़ के रख दिया था रजत भी झड़ने वाला हो जाता हे रजत तेज़ तेज़ धक्के मारता हे ख़ुशी की सिसकिया तेज़ हो जाती हे रजत अपना लंड बाहर निकालता हे और ख़ुशी के मुह में दाल कर अपना पाणी छोड़ देता हे .खुशी का मुह भर जाता हे ख़ुशी फटा फट रजत के वीर्य को गटक जाती हे .तीनो थक कर लेट जाते हे रजत बोलता हे मज़ा आया मेरी रानी ख़ुशी बोलती हे मेरा तो बुरा हाल कर दिया गांड फाड् दी बहुत दर्द हो रहा हे.

रजत बोलता हे जान दर्द में ही तो मज़ा हे रजत ख़ुशी के लिप्स चूमता हे उसकी बुर में उंगली डाल देता हे .

खुशी बेशुद लेटी रहती हे .

ठोड़ी देर बाद रजत उठ बैठता हे और बोलता हे में तो चला घर आज कोमल आंटी की भी गांड मारनी थी पर वो तो नेहा के साथ बाहर गई हे .

रोहित बोलता हे यार वेट कर ले .

रजत बोलता हे छोड़ फिर कभी आंटी को क़ाबू कर लुँगा .

रजत कपडे पहन लेता हे रोहित भी पहन लेता हे ख़ुशी उठने की हालत में नहि होती हे रजत बोलता हे रोहित जरा गर्मं पाणी से इसकी गांड की सिकाई कर दे और घर में पेनकिलर हे तो दे दे रात भर में आराम आ जायेगा .

 
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