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रजत कॉल काट देता हे काया को बोलता हे में रोहित से मिल कर आता हूँ .
काया-“भाई अभी आप आराम करो जब पुरे ठीक हो जाओगे तब चले जाना” .
रजत- “नहीं काया उसे जरुरी काम हे मुझसे, “में यु गया और यु आया.काया-“ओके भाई उसके घर से डिनर से पहले आ जाना” “ओके काया” आइ लव यू बेबी .रजत काया के माथे को चूम कर रोहित के घर की तरफ निकल जाता हे.
रोहित के घर पहुच कर बेल बजाता हे .खुशी डोर खोलती हे.
रजत पूछता हे “केसी हो ख़ुशी” .
खुशी बोलती हे “मेरी छोडो तुम बताओ कैसे हो”? “मने कई बार मामि को बोला रजत को देखने चलते हे, “पर वो सुनती नहीं थी” .रजत बोलता हे “अब ठीक हूँ” “और तुम्हारे पास ही आया हूँ अन्दर नहीं बुलाओगी”? .खुशी भूल जाती हे की रजत की चाहत में वो उसे डोर पर ही बाते करने लगी थी.
खुशी बोलती हे “आओ में कोफी लाती हूँ तुम्हारे लिए” .मामितो रोहित के रूम में बिजी हे” .रजत- “तो उनको डिस्टर्ब नहीं करना चाहिए और छोडो मेरी जान क्या कॉफी बनाओगी मेरे पास बैठो” .रजत ख़ुशी की कमर में बाहे डाल कर सोफ़े पर बैठा देता हे .खुशी भी रजत की गोद में बैठ जाती हे .रजत ख़ुशी की दोनों चुचिओ को पकड़ लेता हे और मसलने लगता हे ख़ुशी की आहे निकलने लगती हे .
उउम अहः
रररराजज्जात आआराम से दबाओ भाग नहीं जाउंगी.
रजत-“क्या पता मेरा मोटा लंड देख कर भागने लगो” .
खुशी-“तुम्हारे मोठे लंड की तो में दीवानी हो गई हूँ बस आज मेरी प्यास बुझा दो”.
रजत ख़ुशी की टीशर्ट उतार देता हे .ब्रा के ऊपर से चुचिओ को काटने लगता हे .
खुशी -,”हाय रे जालिम धीरे काट दर्द हो रहा ओह्ह ओह्ह ओहः
रजत-“जान आज जो दर्द दूंगा उस दर्द में भी मज़ा आएगा” .
खुशी-“मेरे राजा दे मुझे जितना दर्द दे सकता हे तेरी दीवानी आज उफ़ नहीं करेगि”
रजत ख़ुशी की ब्रा उतार कर चुचिओ को चुस्ने लगता है
खुशी भी रजत का सर चुचिओ पर दबाने लगती है .रजत ख़ुशी को उठा कर उसके रूम में ले जाता हे ख़ुशी रजत के लिप्स पर किस करती हे .रजत ख़ुशी को बेड पर लिटा देता हे.खुशी की पेन्टी उतार देता हे .खुशी अपनी टांगे खोल कर लेट जाती हे रजत खुशी की टांगो के बिच आ कर बुर चुस्ने लगता हे .खुशी अपनी ऑंखे बंद कर लेती हे रजत अपनी उंगली अन्दर ड़ालता हे .खुशी को दर्द होता हे ख़ुशी रजत का सर जोर से बुर पर दबाने लगती हे रजत भी ख़ुशी के बुर को चुस्ने लगता हे .खुशी रजत के बुर चुसने से गरम हो जाती हे और बोलती हे “सब काम छोडो पहले मुझे चोद दो आज में बिना चुदे नहीं रह सकती” .
रजत अपने कपडे उतार कर फ़ेक देता हे .रजत खुशी के मुह में लंड दाल देता हे ख़ुशी रजत का लंड चुस्ती रहती हे रजत का लंड नौ इंच का हो जाता हे खुशी के मुह में बस पांच इंच लंड ही जा पता हे फेर भी मज़े से चुस्ती हे रजत खुची की कमर के निचे तकिया रखता हे पैरो को फैला देता हे ख़ुशी को पूछता हे आर यु रेडी ख़ुशी भी बोल देती हे यस आइ एम रेडी . प्लीज् फ़क मि .रजत अपना लंड. ख़ुशी की बुर पर रगडता है
रजत अपना लंड ख़ुशी की बुर पर रगडता हे. ख़ुशी आनंद से अपनी ऑंखे बंद कर लेती हे .रजत धीरे धीरे दबाव बनाता हे और ख़ुशी की बुर में लंड घुसाने की कोशिश करता हे पर नाकाम रहता हे .खुशी को भी दर्द होने लगता हे .
खुशी-“रजत क्या कर रहे हो दर्द हो रहा हे सही से डालो”.
रजत-“ख़ुशी मेरी जान तू कुवारी है तेरी चुत में बिना दर्द कैसे लंड डालु रुको मेरी जान में कुछ करता हूँ”.
खुशी –“जानू जल्दी करो वो माँ बेटा फ्री हो गए तो काम बिगड देंगे .वेसे भी वो कमीना रोहित कई दिनों से मुझे चोदने के सपने देखता है”
रजत-“चुदवा लो आखिर भाई और आशिक़ दोनों हे तुम्हारे”
खुशी-“चुदवाउंगी पर जैसे मामी ने तुमसे चुदवा कर रोहित से चुदवाया वेसे” .
रजत-“तुमको किसने बताया”?
खुशी –“मामि ने” .
रजत फिर हो जाओ तैयार तुम्हारी तो बुरी तरह चुदाई करूँगा” .खुशी बोलती हे “मेरे राजा जी भर के चोद ले आज रात में तेरी हु.
रजत वेसलिने ले कर आता हे ख़ुशी की बुर पर लगाता हे फिर अपने लंड पर लगाता हे.खुशी को लेटा देता हे और पैरो को फैला कर लंड चुत पर रखता हे और जोर से धका मारता है.
खुशी की चीख निकल जाती हे डोर बंद होने की वजह से बाहर अवाज नहीं जाती.रजत का दो इंच लंड अंदर चला जाता हे .खुशी की आँखों से आंसू छलक पड़ते हे.रजत ख़ुशी के लिप्स और चुचिओ को चुस्ने लगता हे ख़ुशी को राहत मिलति हे.खुशी रजत को इतने प्यार से चुचिओ के साथ खेलता देख बोलती हे “तुम बॉयज को लड़कीओ की चुचिआ बहुत पसंद होती हे” .रजत बोलता हे “इन चुचिओ में अमृत होता हे, “जो हमे पीना अच्छा लगता हे”.रजत खुशी को आराम से सहलता हे और एक और धक्का मारता हे .खुशी की फिर से चीख और सिसकिया निकल जाती हे .खुशी- “जान धीरे धीरे डालो बहुतदर्द हो रहा हे रजत बोलता हे “जाणू अभी तो पांच इंच गया हे अभी तो चार इंच और डालूँगा .ओर धीरे धीरे ख़ुशी को चोदने लगता हे .खुशी की चुचिओ को मसलता हे
रजत कॉल काट देता हे काया को बोलता हे में रोहित से मिल कर आता हूँ .
काया-“भाई अभी आप आराम करो जब पुरे ठीक हो जाओगे तब चले जाना” .
रजत- “नहीं काया उसे जरुरी काम हे मुझसे, “में यु गया और यु आया.काया-“ओके भाई उसके घर से डिनर से पहले आ जाना” “ओके काया” आइ लव यू बेबी .रजत काया के माथे को चूम कर रोहित के घर की तरफ निकल जाता हे.
रोहित के घर पहुच कर बेल बजाता हे .खुशी डोर खोलती हे.
रजत पूछता हे “केसी हो ख़ुशी” .
खुशी बोलती हे “मेरी छोडो तुम बताओ कैसे हो”? “मने कई बार मामि को बोला रजत को देखने चलते हे, “पर वो सुनती नहीं थी” .रजत बोलता हे “अब ठीक हूँ” “और तुम्हारे पास ही आया हूँ अन्दर नहीं बुलाओगी”? .खुशी भूल जाती हे की रजत की चाहत में वो उसे डोर पर ही बाते करने लगी थी.
खुशी बोलती हे “आओ में कोफी लाती हूँ तुम्हारे लिए” .मामितो रोहित के रूम में बिजी हे” .रजत- “तो उनको डिस्टर्ब नहीं करना चाहिए और छोडो मेरी जान क्या कॉफी बनाओगी मेरे पास बैठो” .रजत ख़ुशी की कमर में बाहे डाल कर सोफ़े पर बैठा देता हे .खुशी भी रजत की गोद में बैठ जाती हे .रजत ख़ुशी की दोनों चुचिओ को पकड़ लेता हे और मसलने लगता हे ख़ुशी की आहे निकलने लगती हे .
उउम अहः
रररराजज्जात आआराम से दबाओ भाग नहीं जाउंगी.
रजत-“क्या पता मेरा मोटा लंड देख कर भागने लगो” .
खुशी-“तुम्हारे मोठे लंड की तो में दीवानी हो गई हूँ बस आज मेरी प्यास बुझा दो”.
रजत ख़ुशी की टीशर्ट उतार देता हे .ब्रा के ऊपर से चुचिओ को काटने लगता हे .
खुशी -,”हाय रे जालिम धीरे काट दर्द हो रहा ओह्ह ओह्ह ओहः
रजत-“जान आज जो दर्द दूंगा उस दर्द में भी मज़ा आएगा” .
खुशी-“मेरे राजा दे मुझे जितना दर्द दे सकता हे तेरी दीवानी आज उफ़ नहीं करेगि”
रजत ख़ुशी की ब्रा उतार कर चुचिओ को चुस्ने लगता है
खुशी भी रजत का सर चुचिओ पर दबाने लगती है .रजत ख़ुशी को उठा कर उसके रूम में ले जाता हे ख़ुशी रजत के लिप्स पर किस करती हे .रजत ख़ुशी को बेड पर लिटा देता हे.खुशी की पेन्टी उतार देता हे .खुशी अपनी टांगे खोल कर लेट जाती हे रजत खुशी की टांगो के बिच आ कर बुर चुस्ने लगता हे .खुशी अपनी ऑंखे बंद कर लेती हे रजत अपनी उंगली अन्दर ड़ालता हे .खुशी को दर्द होता हे ख़ुशी रजत का सर जोर से बुर पर दबाने लगती हे रजत भी ख़ुशी के बुर को चुस्ने लगता हे .खुशी रजत के बुर चुसने से गरम हो जाती हे और बोलती हे “सब काम छोडो पहले मुझे चोद दो आज में बिना चुदे नहीं रह सकती” .
रजत अपने कपडे उतार कर फ़ेक देता हे .रजत खुशी के मुह में लंड दाल देता हे ख़ुशी रजत का लंड चुस्ती रहती हे रजत का लंड नौ इंच का हो जाता हे खुशी के मुह में बस पांच इंच लंड ही जा पता हे फेर भी मज़े से चुस्ती हे रजत खुची की कमर के निचे तकिया रखता हे पैरो को फैला देता हे ख़ुशी को पूछता हे आर यु रेडी ख़ुशी भी बोल देती हे यस आइ एम रेडी . प्लीज् फ़क मि .रजत अपना लंड. ख़ुशी की बुर पर रगडता है
रजत अपना लंड ख़ुशी की बुर पर रगडता हे. ख़ुशी आनंद से अपनी ऑंखे बंद कर लेती हे .रजत धीरे धीरे दबाव बनाता हे और ख़ुशी की बुर में लंड घुसाने की कोशिश करता हे पर नाकाम रहता हे .खुशी को भी दर्द होने लगता हे .
खुशी-“रजत क्या कर रहे हो दर्द हो रहा हे सही से डालो”.
रजत-“ख़ुशी मेरी जान तू कुवारी है तेरी चुत में बिना दर्द कैसे लंड डालु रुको मेरी जान में कुछ करता हूँ”.
खुशी –“जानू जल्दी करो वो माँ बेटा फ्री हो गए तो काम बिगड देंगे .वेसे भी वो कमीना रोहित कई दिनों से मुझे चोदने के सपने देखता है”
रजत-“चुदवा लो आखिर भाई और आशिक़ दोनों हे तुम्हारे”
खुशी-“चुदवाउंगी पर जैसे मामी ने तुमसे चुदवा कर रोहित से चुदवाया वेसे” .
रजत-“तुमको किसने बताया”?
खुशी –“मामि ने” .
रजत फिर हो जाओ तैयार तुम्हारी तो बुरी तरह चुदाई करूँगा” .खुशी बोलती हे “मेरे राजा जी भर के चोद ले आज रात में तेरी हु.
रजत वेसलिने ले कर आता हे ख़ुशी की बुर पर लगाता हे फिर अपने लंड पर लगाता हे.खुशी को लेटा देता हे और पैरो को फैला कर लंड चुत पर रखता हे और जोर से धका मारता है.
खुशी की चीख निकल जाती हे डोर बंद होने की वजह से बाहर अवाज नहीं जाती.रजत का दो इंच लंड अंदर चला जाता हे .खुशी की आँखों से आंसू छलक पड़ते हे.रजत ख़ुशी के लिप्स और चुचिओ को चुस्ने लगता हे ख़ुशी को राहत मिलति हे.खुशी रजत को इतने प्यार से चुचिओ के साथ खेलता देख बोलती हे “तुम बॉयज को लड़कीओ की चुचिआ बहुत पसंद होती हे” .रजत बोलता हे “इन चुचिओ में अमृत होता हे, “जो हमे पीना अच्छा लगता हे”.रजत खुशी को आराम से सहलता हे और एक और धक्का मारता हे .खुशी की फिर से चीख और सिसकिया निकल जाती हे .खुशी- “जान धीरे धीरे डालो बहुतदर्द हो रहा हे रजत बोलता हे “जाणू अभी तो पांच इंच गया हे अभी तो चार इंच और डालूँगा .ओर धीरे धीरे ख़ुशी को चोदने लगता हे .खुशी की चुचिओ को मसलता हे