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लाइफ हो तो ऐसी complete

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अपडेट 50

रजत कॉल काट देता हे काया को बोलता हे में रोहित से मिल कर आता हूँ .

काया-“भाई अभी आप आराम करो जब पुरे ठीक हो जाओगे तब चले जाना” .

रजत- “नहीं काया उसे जरुरी काम हे मुझसे, “में यु गया और यु आया.काया-“ओके भाई उसके घर से डिनर से पहले आ जाना” “ओके काया” आइ लव यू बेबी .रजत काया के माथे को चूम कर रोहित के घर की तरफ निकल जाता हे.

रोहित के घर पहुच कर बेल बजाता हे .खुशी डोर खोलती हे.

रजत पूछता हे “केसी हो ख़ुशी” .

खुशी बोलती हे “मेरी छोडो तुम बताओ कैसे हो”? “मने कई बार मामि को बोला रजत को देखने चलते हे, “पर वो सुनती नहीं थी” .रजत बोलता हे “अब ठीक हूँ” “और तुम्हारे पास ही आया हूँ अन्दर नहीं बुलाओगी”? .खुशी भूल जाती हे की रजत की चाहत में वो उसे डोर पर ही बाते करने लगी थी.

खुशी बोलती हे “आओ में कोफी लाती हूँ तुम्हारे लिए” .मामितो रोहित के रूम में बिजी हे” .रजत- “तो उनको डिस्टर्ब नहीं करना चाहिए और छोडो मेरी जान क्या कॉफी बनाओगी मेरे पास बैठो” .रजत ख़ुशी की कमर में बाहे डाल कर सोफ़े पर बैठा देता हे .खुशी भी रजत की गोद में बैठ जाती हे .रजत ख़ुशी की दोनों चुचिओ को पकड़ लेता हे और मसलने लगता हे ख़ुशी की आहे निकलने लगती हे .

उउम अहः

रररराजज्जात आआराम से दबाओ भाग नहीं जाउंगी.

रजत-“क्या पता मेरा मोटा लंड देख कर भागने लगो” .

खुशी-“तुम्हारे मोठे लंड की तो में दीवानी हो गई हूँ बस आज मेरी प्यास बुझा दो”.

रजत ख़ुशी की टीशर्ट उतार देता हे .ब्रा के ऊपर से चुचिओ को काटने लगता हे .

खुशी -,”हाय रे जालिम धीरे काट दर्द हो रहा ओह्ह ओह्ह ओहः

रजत-“जान आज जो दर्द दूंगा उस दर्द में भी मज़ा आएगा” .

खुशी-“मेरे राजा दे मुझे जितना दर्द दे सकता हे तेरी दीवानी आज उफ़ नहीं करेगि”

रजत ख़ुशी की ब्रा उतार कर चुचिओ को चुस्ने लगता है

खुशी भी रजत का सर चुचिओ पर दबाने लगती है .रजत ख़ुशी को उठा कर उसके रूम में ले जाता हे ख़ुशी रजत के लिप्स पर किस करती हे .रजत ख़ुशी को बेड पर लिटा देता हे.खुशी की पेन्टी उतार देता हे .खुशी अपनी टांगे खोल कर लेट जाती हे रजत खुशी की टांगो के बिच आ कर बुर चुस्ने लगता हे .खुशी अपनी ऑंखे बंद कर लेती हे रजत अपनी उंगली अन्दर ड़ालता हे .खुशी को दर्द होता हे ख़ुशी रजत का सर जोर से बुर पर दबाने लगती हे रजत भी ख़ुशी के बुर को चुस्ने लगता हे .खुशी रजत के बुर चुसने से गरम हो जाती हे और बोलती हे “सब काम छोडो पहले मुझे चोद दो आज में बिना चुदे नहीं रह सकती” .

रजत अपने कपडे उतार कर फ़ेक देता हे .रजत खुशी के मुह में लंड दाल देता हे ख़ुशी रजत का लंड चुस्ती रहती हे रजत का लंड नौ इंच का हो जाता हे खुशी के मुह में बस पांच इंच लंड ही जा पता हे फेर भी मज़े से चुस्ती हे रजत खुची की कमर के निचे तकिया रखता हे पैरो को फैला देता हे ख़ुशी को पूछता हे आर यु रेडी ख़ुशी भी बोल देती हे यस आइ एम रेडी . प्लीज् फ़क मि .रजत अपना लंड. ख़ुशी की बुर पर रगडता है

रजत अपना लंड ख़ुशी की बुर पर रगडता हे. ख़ुशी आनंद से अपनी ऑंखे बंद कर लेती हे .रजत धीरे धीरे दबाव बनाता हे और ख़ुशी की बुर में लंड घुसाने की कोशिश करता हे पर नाकाम रहता हे .खुशी को भी दर्द होने लगता हे .

खुशी-“रजत क्या कर रहे हो दर्द हो रहा हे सही से डालो”.

रजत-“ख़ुशी मेरी जान तू कुवारी है तेरी चुत में बिना दर्द कैसे लंड डालु रुको मेरी जान में कुछ करता हूँ”.

खुशी –“जानू जल्दी करो वो माँ बेटा फ्री हो गए तो काम बिगड देंगे .वेसे भी वो कमीना रोहित कई दिनों से मुझे चोदने के सपने देखता है”

रजत-“चुदवा लो आखिर भाई और आशिक़ दोनों हे तुम्हारे”

खुशी-“चुदवाउंगी पर जैसे मामी ने तुमसे चुदवा कर रोहित से चुदवाया वेसे” .

रजत-“तुमको किसने बताया”?

खुशी –“मामि ने” .

रजत फिर हो जाओ तैयार तुम्हारी तो बुरी तरह चुदाई करूँगा” .खुशी बोलती हे “मेरे राजा जी भर के चोद ले आज रात में तेरी हु.

रजत वेसलिने ले कर आता हे ख़ुशी की बुर पर लगाता हे फिर अपने लंड पर लगाता हे.खुशी को लेटा देता हे और पैरो को फैला कर लंड चुत पर रखता हे और जोर से धका मारता है.

खुशी की चीख निकल जाती हे डोर बंद होने की वजह से बाहर अवाज नहीं जाती.रजत का दो इंच लंड अंदर चला जाता हे .खुशी की आँखों से आंसू छलक पड़ते हे.रजत ख़ुशी के लिप्स और चुचिओ को चुस्ने लगता हे ख़ुशी को राहत मिलति हे.खुशी रजत को इतने प्यार से चुचिओ के साथ खेलता देख बोलती हे “तुम बॉयज को लड़कीओ की चुचिआ बहुत पसंद होती हे” .रजत बोलता हे “इन चुचिओ में अमृत होता हे, “जो हमे पीना अच्छा लगता हे”.रजत खुशी को आराम से सहलता हे और एक और धक्का मारता हे .खुशी की फिर से चीख और सिसकिया निकल जाती हे .खुशी- “जान धीरे धीरे डालो बहुतदर्द हो रहा हे रजत बोलता हे “जाणू अभी तो पांच इंच गया हे अभी तो चार इंच और डालूँगा .ओर धीरे धीरे ख़ुशी को चोदने लगता हे .खुशी की चुचिओ को मसलता हे
 
अपडेट 51

खुशी की बुर गिली होने लगती है लंड आराम से अन्दर बाहर होने लगता हे .रजत ख़ुशी की चुचिओ को पकड़ कर जोर से धका मारता हे .

खुशी-“ओह मार डाला”

रजत –“जान ऐसे कैसे मरने दूंगा तुमको .

खुशी अपने आँसूओ को संभाल के बोलती हे “जाणू तुम सच में बहुत अच्छा चोदते हो”

रजत-“ख़ुशी आज में तुझे माँ बना के छोड़ूँगा” .

खुशी;-“मेरे राजा बना दो माँ अपने जैसे मर्द लंड वाले बच्चे की”.

रजत जोर जोर से ख़ुशी की बुर में धक्के मारता हे .

खुशी-“मेरेराजा और जोर से चोदो बहुत मज़ा आ रहा हे तुम्हारे लंड से चुदने में” .

रजत ख़ुशी को गोद में उठा कर चोदने लगता हे ख़ुशी की चूचि को मुह में भर के चूसता हे पीठ पर सहलाता हे .

खुशी दर्द से सिसकिया लेती हे हर झटके से ख़ुशी की आह निकल पड़ती हे रजत ख़ुशी को लिटा देता हे लंड बाहर निकाल कर ख़ुशी के मुह में दाल देता वह ६९कि पोजिशण में ख़ुशी की बुर चुस्ने लगता हे ख़ुशी भी रजत का लंड मज़ा ले ले कर चुस्ती हे रजत के धक्कों की वजह से ख़ुशी को लंड की चोट अपने गले के अन्दर महसुस होती हे ख़ुशी का गला दर्द होने लगता हे. ख़ुशी रजत को निचे लिटा देती हे .ओर खुद रजत के मुह पर बैठ कर अपनी बुर चुस्वाति हे रजत के बालो को पकड़ कर जोर जोर से मुह पर बुर रगड़ती हे .बूर की रगड से रजत का चेहरा गिला हो जाता हे सारे मुह गाल पर बुर का पाणी लग जाता हे रजत भी जोर जोर से ख़ुशी की चूत को चाटता हे.

रजत ख़ुशी को घोड़ी बना देता हे पीछे से लंड बुर पर लगाता हे और पुरे जोर से झटका मारता हे ख़ुशी “ओहहह!!! मा!! आआ!!!! ओह्ह!!!! माँ!! मार डाला”

रजत एक और झटका मारता हे ख़ुशी की बुर से खून लगा तार बहता रहता हे लंड लाल हो जाता हे बिश्तर लाल हो जाता हे .खुशी की ऑंखे सुरूर में लाल हो जाती हे .खुशी चुद्वाती रहती हे खुशी की सिसकिया और चीखे कोमल और रोहित भी सुन लेते हे दोनों आ कर देखते हे रजत ख़ुशी को घोड़ी बना कर चोदता रहता हे .खुशी दर्द से छ्टपटाती रहती हे .

रजत ख़ुशी की चुचिओ को जोर जोर से मसलता हे और बुर में अपना नौ इंच का लंड घुसाता रहता हे .खुशी भी रजत का साथ देती हे रजत के धक्कों से बेड आवाज करने लगा लंड और चुत की जंग की अवाजे अलग ही माहोल बना रही थी .रजत खुशी की चुत से लंड निकल लेता हे .ओर खुद लेट जाता हे ख़ुशी समझ जाती हे रजत क्या चाहता हे .खुशी रजत के ऊपर आने लगती हे रजत बोलता हे उल्टा हो कर आओ मुह तुम्हारा मेरे पैरो की तरफ हो .खुशी उसी पोज में रजत के लंड पर बैठ जाती हे रजत एक जोर दार धका मरता हे फुक की आवाज से लंड चुत में घुस जाता हे .खुशी धीरे धीरे लंड पर उठक पठक लगाने लगती हे .

रजत ख़ुशी की गांड को पकड़ कर मसलता हे खुशी रफ़्तार बड़ा देती हे .रजत जोर जोर से धक्के मारता हे ख़ुशी थक चुकी थी. ना रजत हार मान रहा था ना ख़ुशी .कोमल और रोहित ये देख के फिर से गरम हो जाते हे और रोहित खड़े खड़े अपनी माँ की गांड मारने लगता हे कोमल की चुचिओ को मसलता हे .

रजत भी ख़ुशी की गांड में ऊँगली घूसा देता हे ख़ुशी की चिक निकल जाती हे ओह्ह माँ रजत प्लीज् बाहर निकालो गांड फिर कभी मार लेना अभी बुर की गरमी निकाल दो .रजत उंगली निकल देता हे फिर ख़ुशी को बेड से निचे उत्तरने को बोलता हे .खुशी को लगता हे रजत नाराज हो गया हे ख़ुशी बोलती हे जाणू नाराज क्यों हो रहे हो जो करना हे कर लो पर ऐसे छोड़ कर मत जाओ .............
 
अपडेट 51

ख़ुशी दर्द से सिसकिया लेती हे हर झटके से ख़ुशी की आआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह निकाल पड़ती हे रजत ख़ुशी को लिटा देता हे लंड बाहर निकाल कर ख़ुशी के मुह में दाल देता है 69 कि पोजिशन में ख़ुशी की बुर चुस्ने लगता हे ख़ुशी भी रजत का लंड मज़ा ले ले कर चुस्ती हे रजत के धक्कों की वजह से ख़ुशी को लंड की चोट अपने गले के अन्दर मेहसुस होती हे ख़ुशी का गला दर्द होने लगता हे. ख़ुशी रजत को निचे लिटा देती हे .ओर खुद रजत के मुह पर बैठ कर अपनी बुर चुस्वाति हे रजत के बालो को पकड़ कर जोर जोर से मुह पर बुर रगड़ती हे .बूर की रगड से रजत का चेहरा गिला हो जाता हे सारे मुह गाल पर बुर का पाणी लग जाता हे रजत भी जोर जोर से ख़ुशी की बुर को चाटता हे.

रजत ख़ुशी को घोड़ी बना देता हे पीछे से लंड बुर पर लगाता हे और पुरे जोर से झटका मारता हे ख़ुशी .ओह माआआआ माआआरर डाआआआआला

रजत एक और झटका मारता हे ख़ुशी की बुर से खून लगा तार बहता रहता हे लंड लाल हो जाता हे बिश्तर लाल हो जाता हे .खुशी की ऑंखे सरुर में लाल हो जाती हे .खुशी चुद्वाती रहती हे .खुशी की सिसकिया और चीखे कोमल और रोहित भी सुन लेते हे दोनों आ कर देखते हे रजत ख़ुशी को घोड़ी बना कर चोदता रहता हे .खुशी दर्द से छ्टपटाती रहती हे .

रजत ख़ुशी की चुचिओ को जोर जोर से मसलता हे और बुर में अपना नौ इंच का लंड घुसाता रहता हे .खुशी भी रजत का साथ देती हे रजत के धक्को से बेड आवाज करने लगता हे .लंड और चुत की जंग की अवाजे अलग ही माहोल बना रही थी .रजत खुशी की चुत से लंड निकाल लेता हे .ओर खुद लेट जाता हे ख़ुशी समझ जाती हे रजत क्या चाहता हे .खुशी रजत के ऊपर आने लगती हे रजत बोलता हे उल्टा हो कर आओ मुह तुम्हारा मेरे पैरो की तरफ हो .खुशी उसी पोज में रजत के लंड पर बैठ जाती हे रजत एक जोर दार धक्का मारता हे फफ्फूऊऊऊकक्कक्क की आवाज से लंड चुत में घुस जाता हे .खुशी धीरे धीरे लंड पर उठक पठक लगाने लगती हे .

रजत ख़ुशी की गांड को पकड़ कर मसलता हे खुशु रफ़्तार बड़ा देती हे .रजत जोर जोर से धक्के मारता हे ख़ुशी थक चुकी थी न रजत हार मान न रहा था न ख़ुशी .कोमल और रोहित ये देख के फिर से गरम हो जाते हे और रोहित खड़े खड़े अपनी माँ की गांड मारने लगता हे कोमल की चुचिओ को मसलता हे .

रजत भी ख़ुशी की गांड में ऊँगली घूसा देता हे ख़ुशी की चिख निकल जाती हे उउउउउम्ममनाआआ रजत प्लीज् बाहर निकालो गांड फिर कभी मार लेना अभी बुर की गरमी निकाल दो .रजत उंगली निकाल देता हे फिर ख़ुशी को बेड से निचे उत्तरने को बोलता हे .खुशी को लगता हे रजत नाराज हो गया हे ख़ुशी बोलती हे जानू नाराज क्यों हो रहे हो जो करना हे कर लो पर असे छोड कर मत जाओ .............

रजत ख़ुशी की बेबसी और उतेजना पर हॅसने लगता हे और बोलता हे जान में तुमको नहीं छोड़ने वाला.खुशी खुश हो जाती हे रजत ख़ुशी को खड़ा होने को बोलता हे फिर ख़ुशी की एक तांग बेड पर रख देता हे निचे झुक कर ख़ुशी की बुर चाटने लगता हे ख़ुशी इस उतेजना से सिसकिया निकालने लगती हे .रजत ख़ुशी की बुर को मुह में भर भर के चूसता हे काटता हे ख़ुशी उतेजना में आ कर अपनी चुचिओ को जोर जोर से दबाने लगती हे. रजत ख़ुशी की बुर में उंगली दाल दाल के पेलता हे .

खुशी रजत को बोलती हे रजत प्लीज् तडपाओ मत बस अब चोदो इतना चोदो की मेरी फट जाये . बुर का भोसडा बना दो .रजत खड़ा हो जाता हे और खुशी की बुर में लंड घूसा देता हे .खुशी हर झटके में रजत को बोलती हे और जोर से चोदो .रजत ख़ुशी की चुचिओ को जोर से पकड़ कर खीचता हे और चोदता रहता हे .रोहित भी अपनी माँ की गांड मारता रहता हे .कोमल बोलती मेरे राजा बेटा और जोर से मार अपनी माँ की गांड जोर से मार.रोहित भी कोमल की कमर को पकड़ कर जोर जोर से चोदता हे .उद्धर रजत और ख़ुशी अपनी मस्ती में लगे हुए थे और रोहित उनको देख देख कर कोमल को चोदता रहता हे कोमल और रोहित दोनों झड जाते हे पर रजत और ख़ुशी लगे रहते हे .

ख़ुशी जानू में झड़ने वाली हूँ रजत रफ़्तार बड़ा देता हे ख़ुशी की सिसकिया गूंजने लगती रजत चोदता रहता हे ख़ुशी झड जाती हे और मुह के बल बेड पर गिर जाती हे फुक की अवाज से लंड बाहर निकल जाता हे रजत बोलता हे जानु अभी में बाकि हूँ .खुशी तुम गधे हो क्या जो अभी तक नहीं झडे एक घण्टे से चोद रहे हो मैंने तो आज टेबलेट खाई थी ताकि जल्दी न झड जाऊ .रजत “तुमको कैसे पता में आने वाला हु” .खुशी अपनी साँसे दुरुस्त करते हुए “रोहित ने बताया था तुम आ रहे हो, तभी मैंने मैडीकल से ये दवा लेकर खा ली थी” .

रजत बोलता हे “अच्छा तभी में कहु अब तक तो तुम्हारी बुर कई बार गिल्ली हो चुकी होती, पर कोई बात नहीं में दुबारा राउंड के लिए रेडी हूँ अब की बार तो तुम्हारी बुर फाड् के दम लुँगा” .ओर खुशी की टांगे खोल के लंड घूसा देता हे ख़ुशी की फिर चिख निकाल जाती हे .रजत चोदता रहता हे पर पता नहीं क्यों रजत का झडता नहीं ख़ुशी दो बार और झड जाती हे .खुशी जानू क्या हुआ आज तुमको कोई मेरी तरह दवा खा के आये हो क्या रजत बोलता हे नहीं जाणू मेने कुछ नहीं खाया ऐसा वैसा बस आज तुमको चोद रहा हूँ तो मन नहीं भर रहा इस लिए झड नहीं रहा .खुशी जाणू मेरी बुर में जलन हो रही हे मुझे रेस्ट करने दो थोड़ी देर पर रजत चोदता रहता हे ख़ुशी की पूरी बॉडी दर्द करने लगती हे वो गीड गिडाती हे पर रजत पर असर नहीं होता .वो चोदता रहता हे आखिर कार रजत झड जाता हे ख़ुशी की बुर में एक फुवारा फुटता हे .खुशी को ऐसा लगता हे किसी ने गरम लावा दाल दिया हे रजत सारा पाणी उसकी बच्चेदानी में दाल देता हे.रजत ख़ुशी की चूचि को मुह में भर कर सुस्ताने लगता हे ख़ुशी को भी आराम मिलता हे .

रजत और ख़ुशी थोड़ी देर आराम करते हे.फिर रजत बोलता हे उसे घर जाना चाहिए अब .खुशी बोलती हे “थोड़ी देर और रुक जाओ” .रजत “जानू जाना होगा माँ गुसा करेंगी”.खुशी “ओके जाओ फिर कब आओगे” रजत बोलता हे “जब तुम्हारी गांड की सिल तोड़नी होगी”.खुशी शर्मा जाती हे .रजत कपडे पहन कर रूम से बाहर निकालता हे.कोमल पूछती हे की “कैसे हो”? .रजत बोलता हे “अब ठीक हूँ” .रोहित को रजत बोलता हे “जा तेरा काम हो गया हे रात की तेयारी कर ले”.

रोहित बोलता हे “थैंक्स भाई” .रजत सब से इजाजत लेकर घर आ जाता हे
 
अपडेट 53

घर पर रानी आई हुई थी काफी अपसेट लग रही थी काया और माया उस की प्रॉब्लम सुन के हेरान थी .काया बोलती हे “मुझे उस कमीने से मिलवाना भाई से कुछ नहीं कहना, “साले की ऐसी खबर लुंगी की जिंदगी भर याद रखेगा”. .माया बोलती हे “छोटी तू चुप ही रह, जब देखो अपनी हिट्लर गिरि दीखाती हे”.रजत तीनो के साथ बैठ जाता हे .रजत रानी को बोलता हे “कल उस लड़के को बोलो अपने दोस्तों के साथ तुम्हारे रूम पर आये, कल ही उन सब का फैसला कर देता हूँ” .माया बोलती हे “भाई जो करना सोच समज के कर माँ को पता न चले बहुत गुस्सा करेंगी”.रजत तिल हे किसी को पता नहीं चलेगा .रजत फ्रेश होने के लिए अपने रूम में चला जाता हे .रानी माया काया के साथ बात करने लगती हे

माया-“मौसी केसी हे”?.

रानी-“भाई और भाभी हनीमून के लिए मलेशिया गये हुए हे”

काया-“वाओ काश हम भी जा पाते वहा” .

माया- “क्या करने जायेगी वहा तूझे भी हनीमून मनाना हे क्या”? .

काया-“दी आप भी ना क्या सिर्फ हनी मून के लिए ही जा सकते हे घुमने नहि”.

रानी –“चली जाना तुम भी अपने पति के साथ”.

काया-“शादी नहीं करनी आप लोगो को ही शादी मुबारक हो”.

माया-“अच्छा जी क्यों नहीं करनी” .

काया-“शादी कर लुंगी तो जाना होगा, यहाँ मेरे भाई का ख्याल कोण रखेंगा”?.

माया-“भाई की भी शादी कर देंगे वो रखेगी ख़याल”.

काया-“पता नहीं वो रखेगी भी की नहि”.

माया और काया की बहस बढ़ते देख रानी बोलती हे जब होनि होगी शादी तब हो जायेगी अभी से क्यों टेंशन ले रहे हो अभी तुम स्टडी पर ध्यान दो ..रानी बोलती हे अब मुझे जाना होगा .कल की प्लानिंग भी करनी हे.काया बोलती हे कल में भी आप के घर आउंगी .रानी जब चाहे आ जाओ तुम्हारा ही घर हे.रानी चलि जाती हे माया घर के काम और डिनर की तैयारी करने लगती हे काया रजत के रूम में आति हे .रजत अंडरवियर में लेटा हुआ था काया रजत के बगल में लेट जाती हे रजत काया की लिप्स को चुस्ने लगता हे.काया की चुचिओ को मसलता हे काया की टीशर्ट उतार देता हे .ओर चुचिओ को चुस्ने लगता हे .काया के निपल मुह में भर कर चूसता रहता हे थोड़ी देर बाद मीना रजत की माँ आ जाती हे .रजत बोलता हे “माँ आज मेरा दिल कर रहा हे सब नंगे ही खाना खाये”.मीना बोलती हे “बेटा ऐसा कैसे हो सकता हे’ .काया बोलती हे “भाई में रेडी हूँ”

काया अपने कपडे उतार देती हे .नंगी हो जाती हे और अपनी माँ को नंगा होने को बोलती हे मीना को शरम आ रही होती हे काया अपनी माँ की साड़ी उतारने लगती है मीना शर्म से ऑंखे नींचे कर लेती हे .काया माँ की साड़ी उतार देती हे .फिर बलाउज उतार देती हे .मीना सिमट कर खड़ी रहती हे .मीना ने आज रेड कलर की ब्रा पहन रखी थी.काया मीना का पेटीकोट उतार देती हे ..मीना ने रेड कलर की पेन्टी भी पहन रखी थी जिस में आज मीना और भी सेक्सी दिख रही थी.

रजत बोलता हे “काया अब तुम रहने दो में माँ के बचे कपडे उतरुंगा” .काया बोलती हे “मोस्ट वेल कम भाई अपनी माँ को अपने हाथो से नंगा करो” और हॅसने लगती हे .रजत मीना के पास जाता हे मीना घूम जाती हे रजत मीना की पीठ से चिपक जाता हे ..मीना सिहर जाती हे .रजत अपने हाथ मीना की नरम पीठ पर सहलाता हे .मीना की गर्दन के पास किस करता हे .मीना रजत के हाथो को पकड़ कर अपनी चुचिओ पर रख देती हे .रजत मीना की चुचिओ को बेरहमी से मसलता हे .काया निचे बैठ कर रजत का लंड चुस्ती हे .रजत मीना की ब्रा खोल देता हे .ओर मिना को दिवार से लगा कर उसकी चुचिओ को चुस्ने लगता हे काया भी जोर जोर से रजत का लंड चुस्ती हे .

रजत मीना की पेन्टी में हाथ दाल कर बुर को मसलता हे .मीना की बुर गिल्ली हो चुकी थी रजत उसमे उंगली दाल के हिलाने लगता हे .काया भी अपनी चुत में उंगली ड़ालने लगती हे.

मीना झड जाती हे .रजत काया के मुह से लंड निकालता हे और निचे झुक कर मीना की पेन्टी उतार देता हे .रजत मीना की बुर से निकला हुआ पाणी पेन्टी के ऊपर से चूसता हे और फिर बुर को चाट चाट के साफ करता हे .काया भी झड जाती हे .काया रजत को बोलती हे की “भाई सिर्फ माँ का ख्याल हे मेरा नहीं” .रजत पलट कर काया की टांगों के बिच चाटने लगता हे .काया की बुर चाटने से लाल हो जाती हे .रजत तुम दोनों तो फ्री हो गए मेरा क्या होगा

काया- “आप फ़िक्र मत करो में हूँ ना” और रजत का लंड चुसने लगती हे थोड़ी देर बाद रजत भी झड़ने लग जाता हे काया का मुह रजत के वीर्य से भर जाता हे मीना काया के मुह को चुसने लगती हे काया भी आपने भाई का पाणी अपनी माँ के साथ शेयर कर लेती हे .
 
अपडेट 54

रजत भी हल्का हो जाता हे और उसका लंड भी सुकुड जाता हे .काया बोलती हे भाई रूपा अपने डैड के घर गई हे तो आज आप चुदाई करोगे हम सब के साथ.

रजत बोलता हे है क्यों नहीं चलो निचे चले तीनो माँ बेटा बेटी निचे नंगे आते हे.माया सब को इस हाल में देख कर शॉक हो जाती हे .माया सब को पूछती हे ये क्या कपडे पहनना भूल गये हो की बेशर्म बन गए हो कोई आ जाये तो क्या करोगे .

रजत-“दी आज हम सब नंगे हो कर डिनर करेंगे” .

माया-“रजत ऐसे में कोई आ गया या किसी ने देख लिया तो क्या सोचेगा”? .

काया अपनी बहन की चुचिओ की दबाते हुए बोलती हे “दीदी हम सब रजत को बहुत प्यार करती हे, “और ये रजत की ख़ुशी के लिए माँ और में नंगी घूम रही हे आप भी कपड़े उतार दो”

माया-“माय लव रजत और रजत जो कहेगा वहि घर में होगा”

रजत बोलता हे “दी आज हम यही हॉल में सोयेंगे .जल्दी से खाना लगओ”

माया टेबल पर खाना लगाती हे रजत और काया मिल कर माया को नंगा कर देते हे .

काया –“दी आप मुझसे भी सेक्सी हो आप की चुचिआ तो बहुत बड़ी हो गई हे” .

माया-“सब तेरे भाई का कमाल हे”

काया-“भाई जो कमाल दी के साथ दिखाया हे कभी मेरे पर भी अमल कर दो”

रजत अपनी माँ की गोद में बैठ जाता हे और चुचिओ को दबाते हुए बोलता “जानू खाना खा लो फिर वहि कमाल करेंगे”.

माया डिनर लगाती हे रजत बोलता हे की “आज हम निचे बैठ कर डिनर करेंगे” .मीना- “हा बेटा बहुत दिन हो गए निचे बैठ कर खाये हुए” .काया एक चादर निचे बिछा देती हे .माया डिनर लगा देती हे .

रजत- “आप सब मेरे सामने बैठो”

माया- “ऐसा क्यों रजत”?

रजत बोलता हे “सामने बैठोगी तो आप की बुर साफ नजर आएगी”

काया रजत के सामने बैठ जाती हे पैरो को फ़ैलाकर माया और मीना भी वैसा ही करती हे रजत रोटी उठता हे और काया की बुर पर लगा कर खाने लगता हे .

माया- भाय खाना खाओ तुम तो हम सब की बुर ही खाने लगे .

रजत- “खाने से अच्छी तुम सब की बुर हे” .

रजत बारी बारी सब की बुर खाने लगता हे रजत अपना डिनर ख़तम कर लेता हे उसे पेशाब आने लगता हे रजत बोलता हे “में बाथरूम हो कर आता हूँ”

काया- “भाई पाणी पीला दो”

रजत- “काया में सुसु करने जा रहा हूँ” काया- “तो क्या हुआ वहि पीला दो”

माया और मीना काया की बात सुन कर उसकी तरफ देखति हे काया एक कातिल मुस्कान देते हुए रजत का लंड मुह में दाल लेती हे और बोलती हे भाई पिलाओँ अब .रजत को कुछ समझ नहीं आया रजत ने भी सुसु कर दिया काया ने सारा सुसु पी लिया .ओर अपना डिनर ख़तम करने लगी माया और मीना भी अपना डिनर ख़तम कर लेती हे

रजत-“आज हम यही हॉल में सोयेंगे” .

मीना-“ओके बेटा जेसा तुम कहो”

माया काया बिस्तर लगाने लगती हे .रजत अपनी माँ को अपने साथ सुला लेता है एक साइड काया घेर लेती हे माया अपनी माँ के साथ लेट जाती हे मीना काया की तरफ़ मुह कर लेती हे .रजत मीना की गांड में उंगली ड़ालता हे और एक हाथ से काया की बुर मसलता हे .

मीना माया के लिप्स को किस करती हे चुचिओ को दबाती हे .रजत का लंड खड़ा हो जाता हे काया आगे आ कर अपने भाई का लंड चुस्ती हे फिर अपनी माँ की गांड फैला फैला कर चाटती हे और बोलती हे “फाड् डालो आज इस रंडी की” रजत बोलता हे “आज सब को चोदूंगा तो आराम आराम से चुदवाओ .रजत अपनी माँ की बुर में लंड घूसा देता हे मीना सिसकिया लेने लगती हे रजत जोर जोर से पीछे से धक्के मारता हे .मीना माया की चुचिओ को मुह में भर कर चुस्ती हे माया की बुर मसलती हे .दस मिनट की चुदाई में मीना दो बार झड चुकी थी अब बारी माया की थी जो रजत की जान थी .माया रजत के लंड को चुस कर साफ करती हे फिर रजत को निचे लिटा देती हे और रजत के लंड पर बैठ कर चुदने लगती हे रजत भी निचे से माया को चोदता रहता हे माया की चुचिओ को खीचता हे दबाता हे माया भी जल्द झड जाती हे और अपनी माँ के पास थक कर लेट जाती हे .

रजत काया की तरफ़ बढ़ता हे काया रजत से लिपट जाती हे और उसके लिप्स चुस्ने लगती हे .रजत काया की चुचिओ को जोर से दबाता हे.काया से दर्द बर्दाश नहीं होता काया रजत के लिप्स छोड़ देती हे रजत काया को दीवार के सहारे खड़ा करता हे और उसकी गांड चाटता हे मीना और माया काया को बोलती हे “आज रजत तेरी फाडेगा हमारी तो पहले से फटी थी कम दर्द हुआ तू तो पीछे से कुवारी हे”

काया- “कोई बात नहीं भाई के लिए सब दर्द बर्दाश कर लुंगी”

रजत खड़ा होता हे काया को थोड़ा झुकाता हे दो उंगलिया काया की गांड में ड़ालता हे काया की गांड बहुत टाइट थी बहुत मुस्किल से दो उंगलिया घुस पाती है .रजत उंगलिया आगे पीछे करता हे काया का दर्द से बेहाल होना लाजमि था पर पता नहीं क्यों उसके मुंह से उफ़ तक ना निकला.

रजत काया को पूछता हे “केसा लग रहा हे मेरी जान” .काया बोलती हे “मज़ा आ रहा हे अब अपना लंड घूसा दो”..रजत भी काया की बात मान कर ऊँगली निकाल लेता हे काया की गांड पर थुक लगता हे अपने लंड पर भी लगता हे .काया की गांड के छेद पर लंड लगता हे और हल्का सा झटका मारता हे .काया आगे को भागने लगती हे .रजत बोलता हे कहा भाग रही हे मेरी कुतीया आज तो बुरी तरह चोदुंगा .

काया रो रही होती हे पर मुह से उफ़ नहीं करती आँखों से सावन की झड़ी बाह रही होती हे रजत पीछे से देख नहीं पाता .रजत जोर से एक झटका मारता हे काया की गांड से खून निकलने लगता हे .रजत घबरा जाता हे. रजत मीना को बोलता हे “माँ इसकी गांड से खून बहुत निकल रहा हे क्या करू, “अब में नहीं चोदुंगा काया को”.काया- “भाई आप चोदो इलाज बाद में करवा लुंगी, “प्लीज् ऐसे मत छोड़ो में नहीं चाहती कल को माँ और दी बोले की, “गांड भी नहीं मरवा सकती खून फेक देती हे प्लीज् भाई चोदते रहो” . .रजत माया और मीना की तरफ देखता हे .दोनो हा में सर हिला देती हे रजत काया की चुचिओ को पीछे से पकड़ के जोर जोर से फटके मारने लगता हे काया की सीस्किया अब निकालती हे उसे मज़ा आने लगता हे काया बोलती हे “भाई और जोर से मारो गांड में” .रजत जोश में आ जाता हे लगा तार तीस मिनट काया की गांड मारता हे और बुर सहलाता हे काया कई बार झड चूकी थी रजत भी झड़ने वाला होता हे काया को कस कस के धक्के मारता हे रजत काया की गांड में झड जाता हे .थोड़ी देर बाद लंड सिकुड कर बाहर आ जाता हे काया की गांड से खून गिरता रहता हे चलने पर काफी दर्द होता हे .मीना काया को अपने पास लिटा लेती हे गांड से खून बंद नहीं होता माया उसकी गांड पर दवा लगा देती हे खून रुक जाता हे ..

रजत माया को पकड़ कर चिपक जाता हे और किस करता रहता हे रात बहुत हो चुकी थी तो सब सो जाते हे एक दूसरे को गुड नाईट बोल कर
 
अपडेट 55

सुभह के ७बाजे मीना उठती हे रजत मीना की एक चूचि मुह में दबाये सो रहा था .मीना उसे जगना नहीं चाहती थी .मीना धीरे से माया को जगाती हे .माया उठ जाती हे रजत को चुचिओ से चिपका देख माँ को बोलती हे अभी भी बचपन की तरह आप की चुचिओ को मुह में दबाये सो रहा हे .

काया भी उठ जाती हे सब को गुड़ मॉर्निंग बोलती हे और माया के साथ किचन में चलि जाती हे मीना रजत को कस कर जकड लेती हे थोड़ी देर बाद रजत भी उठ जाता हे और अपनी माँ की चुचिओ को मुह में रख कर और जोर से चुस्ने लगता हे मीना भी रजत को बोलती हे आराम से बेटा भाग नहीं रही हूँ .रजत अपनी माँ को चूमता रहता हे .

माया सब के लिए कॉफी लाती हे..काया भी आ कर रजत की गोद में बैठ जाती हे .मीना बोलती हे .कल हम गांव जा रहे हे तो पैकिंग कर लेना ..रजत माँ इतने सालो में हम कभी गांव नहीं गए तो आज क्यों जा रहे हे .मीना- “बेटा हमारी प्रॉपर्टी हे वहा, “उसकी देखभाल तुम्हारे चाचा करते हे पर मुझे पता लगा हे वो हिसाब में हेरा फेरी करते हे” .रजत बोलता हे “माँ वहा की प्रॉपर्टी बेच दो हम सारे पैसो का कोई बिजनेस कर लेंगे”.

काया- “माँ वहा तो न टीवी हे न कोई सुविधा तो हम कैसे रहेंगे” ..

मीना- “बेटा अब हमारे गांव में भी लाइट आती हे, मेने सब सेट्टिंग कर दी हे हर सुविधा देख कर तुम लोगो को साथ ले जा रही हूँ” तो तीनो बच्चे साथ चलने के लिए राजि हो जाते हे ..

रजत बोलता हे बहुत दिनों से कॉलेज नहीं गया हूँ तो आज में कॉलेज जा रहा हूँ .मीना रजत को फ्रेश हो कर आने को बोलती हे रजत फ्रेश होने चला जाता हे रजत रोहित को फ़ोन लगता हे

रोहित-“हैलो भाई”

रजत-“कहा हे अभी तु”

रोहित-“अभी कॉलेज जाने वाला हूँ और बताओ अब ठीक हो तो कॉलेज कब आओगे”? .

रजत-“रोहित मेरे घर आना साथ चलेंगे”

रजत फ्रेश हो कर निचे आता हे .माया काया और मीनाभी फ्रेश हो कर ब्रेकफास्ट पर रजत का वेट कर रही थी ..रजत आता हे तीनो उठ कर उसके पास आती हे और उसे किस करने लगती हे .रजत बोलता हे “ये क्या कर रही हो आप सब, “मेरा मुह ख़राब कर दिया”

काया- “भाई आप बहुत अच्छे लग रहे हो आज तो हम सब आप की नजर उतार रहे थे” .

चारो नाश्ता करने लगते हे .थोड़ी देर बाद रोहित आ जाता हे रजत उसके साथ कॉलेज चला जाता है

कॉलेज पहुचते ही रजत के सब फ्रेंड्स उसे मिलने आते हे. रजत का हाल चाल लेते हे टीचर भी उसका हाल चाल पूछते हे रजत अपनी इतनी फ्रेंड फॉलोइंग देख कर खुश होता हे .रजत .रोहित को बोलता हे “ये सब क्या हो रहा हे” .

रोहित- “ये सब सोचते हे तेरी वजह से उन चारो से इनको मुक्ति मिली हे” .

रजत क्लास रूम में जाता हे वहा पहले से रूपा बैठी होती हे रजत उसके पास जा कर बैठ जाता हे .रोहित भी बठने की सोचता हे पर रजत उसे बोलता हे यार जगह कम पड़ जायेगी तू पीछे बैठ जा मेरे भाई .रोहित रजत के पीछे वाली सिट पर बैठ जाता हे.रूपा रजत का हाल चाल पूछती हे रजत रूपा के जिस्म से सट कर बैठ जाता हे और बोलता हे अभी तक तो ठीक था पर अब लगता हे ख़राब होगी .रूपा पूछती हे “क्यु”?

रजत बोलता हे “अब इतनी खूबसूरत लड़की साथ में बैठी हो तो तबियत ख़राब ही होगी” .रूपा शरमा कर चेहरा निचे कर लेती हे रजत रूपा की जांघो पर हाथ रख देता हे रूपा रजत की तरफ देखति हे रजत रुपाकी जांघो को सहलाता हे रूपा रजत को बोलती हे “बहुत बिगड गए हो तुम्हारा तो सच में इलाज करना होगा” .रजत मुस्कराता हे

रजत रूपा को बोलता हे वो कुछ दिनों के लिए गांव जा रहा हे अपने. रूपा बोलती हे अभी ठीक हुए और घुमना भी शुरु .रजत बोलता हे में अकेले नहीं फुल फॅमिली जा रही हे .

कॉलेज ख़तम होने के बाद रजत रोहित के घर चला जाता हे .

रोहित और रजत घर पहुँचते हे डोर बेल बजाते हे डोर नेहा खोलती हे .नेहा को देख कर रोहित बोलता हे “मौसी आप इतने दिनों बाद क्या हमारी याद आ गई” .नेहा बोलती हे “तुम्हारे मोसा रात रात नहीं आते तो में बोर हो कर तुम लोगो के पास आ गई” .

रजत को देख नेहा एक क़ातिलाना मुस्कान के साथ आँख मार देती हे रजत नेहा को स्माइल करते हुए कहता हे “यार तेरी मौसी को तेरी नहीं किसी और की याद आ रही होगी” .रोहित चोकते हुए बोलता हे “वह किसकी”? रजत बोलता हे “यार तेरी माँ की और किसकी” .

दोनो घर में जाने लगते हे .नेहा रजत के आगे आगे अपनी गांड मटकाते हुए चलति हे .रोहत अपने रूम में कपडे चैंज करने चला जाता हे रजत मोके का फायदा उठाते हुए नेहा की चूचि को जोर से दबाते हुए बोलता हे “क्या बात हे मेरी रानी कभी याद नहीं किया अपने राजा को” .नेहा बोलती हे “में तो आप की रंडी हूँ कभी भी आ जाते घर किसने रोका हे” .रजत बोलता हे “रोका तो किसी ने नहीं पर कुछ प्रॉब्लम की वजह से नहीं आ पया” और रजत नेहा के लिप्स चुस्ने लगता हे उसकी चुचिआ दबाने लगता हे .नेहा और रजत का चुम्बन १५ मीनट चला.

रोहित चैंज करके आता हे और पूछता हे माँ कहा हे .तो नेहा बोलती हे किसी काम से बाहर गई हे शाम तक आ जायेगी थोड़ी देर बाद ख़ुशी भी आ जाती हे चारो मिलकर लंच करते हे .रजत अपने जाने का प्रोग्राम सब को बताता हे .खुशी बोलती हे में भी चलति पर मेरी समेस्टर एग्जाम हे .

रजत- “कोई बात नहीं फिर कभी चल पड़ना” नेहा पूछती हे “कब आओगे”? रजत बोलता हे “अभी कुछ नहीं कह सकते, “मूड वहा जम गया तो वीक, “न जमा तो नेक्स्ट डे ही वापस आ जाउँगा” ४ बजे रजत अपने घर की तरफ निकल पडता हे रस्ते में उसे रानी का फ़ोन आता हे रानी बोलती हे बहुत जरुरी काम हे आप मेरे होटल आ जाओ .रजत अपनी बाइक वापस घुमा लेता है और रानी के होटेल पहुच जाता हे .
 
अपडेट 56

रजत अपने घर की तरफ निकल पडता हे रस्ते में उसे रानी का फ़ोन आता हे रानी बोलती हे बहुत जरुरी काम हे आप मेरे होटल आ जाओ .रजत अपनी बाइक वापस घुमा लेता है और रानी के होटेल पहुच जाता हे

रानी-“आप मेरे रूम में चलो में आती हु”.

रजत-“क्यों इतना घबराई हो”?

रानी-“आप चलो में दस मिंनट में आती हूँ” .

रजत रानी के रूम में चला जाता हे उसका रूम बहुत अच्छा था .हर तरफ रेड कलर के परदे लगे थे राउंड बेड था .एक बड़ा एलसीडी टीवी.काफी अच्छा सजाया हुआ था .रजत बेड पर बैठता हे एक दम नरम रजत सोचता हे काश यहाँ किसी को चोदने को मिल जाये तो मज़ा आ जाए.रजत बेड पर आराम से लेट जाता हे थोड़ी देर बेड रानी आती हे .

रजत रानी को देखता हे काफी खूबसूरत लग रही थी रजत के बगल में आ कर रानी बैठ जाती हे रजत उसकी आँखों में देखते हुए बोलता हे “आपने क्यों बुलाया कही फिर से उस बॉयफ्रेंड ने आपको परेशान किया हे क्या? .रानी बोलती हे “वो अब मुझे नजर भी नहीं आएगा, .”काया ने अपने एक दोस्त की मदद से उसको सबक सिखा दिया हे” रजत सुन कर शॉक रह जाता हे और बोलता हे “काया ने मुझे क्यों नहीं बताया”?

रानी- “क्यों कि वह आप को परेशान होता नहीं देख सकती” रजत बोलता है “वो तो हे” .फिर रजत पूछता हे “फिर क्यों बुलाया मुझे”? रानी मुस्कुराते हुए बोलती हे “बस आप की याद आ रही है”

रजत उसका हाथ पकड़ लेता हे रानी काफी चुदासी हो गई थी झट से रजत से लिपट जाती हे .

रानी रजत को कस के सीने से लगा लेती हे रजत उसके दूध को दबाते हुए बोलता हे “रानी आज बहुत दिनों की तमन्ना पूरी कर दी तुमने’ रानी बोलती हे “में तो भाई की शादी में ही पूरी कर देती अपने राजा की तमन्ना, “पर उस हरामि की वजह से कर नहीं पायी” .

रानी ने आज रेड गाउन पहन रखा था रानी का गाउन बैक लेस्स था रजत रानी की पीठ सहलाता हे रानी बोलती हे “रजत बहुत प्यासी हूँ प्यास मिटा दो आज मेरी”.रजत बोलता हे “प्यास तो आज तुम मिटाओगी मेरी, “बहुत दिली तमन्ना थी तुम्हारी बुर में अपना लंड घुसाऊ आज तुमने पूरी कर दी” .

रानी बोलती हे “सब कुछ तुम्हारा हे जान जैसे चाहे कर लो मना नहीं करुँगी” .रजत रानी का गाउन खिसकाते हुए उसके ऊपर के लिप्स को चूसता हे रानी भी रजत के निचे के लिप्स को चुस्ती हे ..थोड़ी देर चुस्ने के बेड रानी रजत को बोलती है “कुछ पीयोगे तुम” रजत बोलता हे “बुर का पाणी पीला दो” .रानी बोलती हे “वो तो बेड में पि लेना” रानी खड़ी हो जाती हे रजत गाउन उतार देता हे रानी ने अन्दर रेड कलर की पेन्टी और ब्रा पहनी थी .ब्रा की दोनों गोलाइओ पर डिजाइन लिप्स का बना हुआ था और पेन्ति के पीछे लंड की डिजाइन थी .

रानी मटकती हुई टेबल पर गई और शैम्पीन की बोतल से दो पैग बनाये और मटकती इठलाती बलखाती हुई रजत के सामने आती हे रजत रानी की नाभि को चूमने लगता हे गांड को दोनों हाथो से दबाने लगता हे रानी की सिसकिया निकालती हे रानी रिमोट उठा कर डीवीडी प्लयेर ऑन कर देती हे उस पर मर्डर फिल्म का सोंग

“भिगे होठ तेरे, प्यासा दिल मेरा, लगे अब्र सा

मुझे तन तेरा, .जम के बरसा दे मुझ पर घटाये, तुहि मेरा प्यार, तू ही मेरा चाँद, कभी मेरे

सात, कोई रात गुजार तुझे सुबहा तक करु

मैं प्यार”.

चलने लगता हे माहोल और भी रोमेंटिक हो जाता हे रानी रजत की तरफ गिलास करती हे रजत गिलास लेकर रानी के लिप्स पर लगा देता हे रानी एक सिप लेती हे रजत उसके लिप्स को चुसते हुए शैम्पीन को पिने लगता हे .माहॉल बहुत गरम हो जाता हे रानी रजत की शर्ट उतार देती हे. और रजत के सिनो पर चूमने लगती हे .रजत को ये एह्सास पहली बार हुआ .उस अहसास को बया करना मुस्किल हे रानी चुमते हुए निचे जाती हे और रजत की पेण्ट खोलने लगती हे .

रजत रानी के बालो में हाथ फिराता रहता हे .रानी रजत कि पेन्ट निचे कर देती हे .रजत का लंड अभी सही से खड़ा नहीं था रानी रजत को बेड पर बैठा देती हे .ओर रजत के लंड को चुस्ने लगती हे .रजत आराम से बैठा रहता हे रानी कभी लंड चुस्ती कभी रजत की गोलियी को मुह में लेती रजत को बहुत मज़ा आता हे .रानी रजत के लंड को हाथो में लेकर बिच बिच में मुठ मारती हे .

रजत रानी के गालो को सहलाता हे .रानी रजत के लंड को तैयार कर देती हे रजत का लंड एक दम सीधा खड़ा हो जाता हे .रजत रानी को खड़ा करता हे और उसकी चुचिओ को ब्रा के ऊपर से चुस्ने लगता हे ..रानी मदहोस हो जाती हे और बोलती हे “रजत और जोर से करो प्लीज् अब नहीं बर्दाश होता है”.रजत रानी की ब्रा उतार देता हे रानी की चुचीऑ ३६ साइज की एक दम टाइट थी एक दम खड़ी निप्पल भी ठोस हो चुके थे .

रजत निप्पल को पकड़ कर धिरे से दबाता हे रानी रजत के मुह को पकड़ कर निप्पल के पास ले जाती हे .रजत जीभ निकाल के निप्पल को सहलाता हे दोनों चुचिओ के बिच चाटता हे चुचिओ को हातो में ले कर दबाता हे मसलता है
 
अपडेट 57

रजत रानी की चुचिओ को चूसता रहता हे फिर रानी को बेड पर खड़ी कर देता हे .रजत रानी के पीछे जा कर खड़ा हो जाता हे रजत रानी के कन्धो को चूमता हे अपने हाथो से रानी की चुचिओ को ऊपर से निचे और निचे से ऊपर दबाता मसलता रहता हे.

रजत रानी के कानो को काटता हे चाटता हे .रजत रानी की कमर को पकड़ कर अपनी तरफ खीच लेता हे .रानी की गांड में रजत का लंड चुभने लगता हे .रजत एक हाथ से रानी की चुचिओ को बुरी तरह मसलता हे रानी दर्द से कराहती हे और बोलती हे और जोर से दबाओ रजत मसल दो इनको इनकी गरमी निकाल दो .रजत दूसरे हाथ को निचे की तरफ ले जाता हे और पेन्टी के ऊपर से बुर को सहलाता हे .

रानी की बुर गिली हो चुकी थी रजत का हाथ गिला हो जाता हे रजत जोर से बुर को दबाता हे बुर का पाणी निचोड के निचे गिरने लगता हे .रजत रानी की बुर के फाको में उंगली से सहलाता हे..रानी मदहोसी में अपनी गांड आगे पीछे करती हे रजत भी अपना लंड आगे करता हे .ओर बुर को मसलता रहता हे .रजत रानी को सीधा करता हे और लिप्स को बुरी तरह चुस्ने लगता हे रजत का लंड रानी के फाको के बिच फसने लगता हे .रानी रजत की पीठ पर अपने नाख़ून गडाने लगती हे .रजत को इस दर्द में भी मज़ा मिलता हे.

रजत और रानी एक दूसरे को दर्द देते रहते हे एक दूसरे के होठ काटते रहते हे रजत रानी के होठ छोड़ देता हे और रानी की पेन्टी उतारने लगता हे .रानी रजत के सामने नंगी खड़ी रहती हे रजत रानी को लिटा देता हे और रानी की चिकनी गोरी गुलाबी बुर को निहारता हे .रानी अपनी टांगे खोल देती हे रजत आराम से रानी की बुर के पास जाता हे दोनों गोरे फाको को फैलाता हे और जीभ से बुर के गुलाबी हिस्से को सहलाता हे .रानी को चरमआनन्द मिलता हे .रानी के साथ आज तक ऐसा नहीं हुआ था दोनों बहुत आराम से ये क्रिया करना चाहते थे कोई जल्द बाजी नहीं करता हे.

रजत रानी की बुर को मुह में भर कर चूसता हे चाटता हे काटता हे रानी सिसकिया लेती हे चिल्लाती हे चीखती है कराहती हे .रजत रानी की बुर में उंगली घुसाता हे .गीली बुर होने की वजह से रानी को उंगली से भी मज़ा आता है

रजत रानी की बुर चाटता रहता हे रानी रजत कर सर पकड़ कर बुर पर रगडती हे रजत रानी की बुर को मज़े से चूसता हे रानी की चुचिओ को जोर जोर से दबाता हे .रजत रानी के सामने बैठ जाता हे रानी अपनी टाँगे खोले बोलती हे अब न तरसाओ अपना लंड घूसा दो

रजत रानी की टांगों को खोलता हे ओर अपना लंड उसकी बुर के मुह पर रगडता हे और अपना लंड अंदर में घुसाता हे रानी कुवारी तो नहीं थी पर उसकी बुर बहुत टाइट थी रजत का मोटा लंड अन्दर नहीं घुस पाता हे .रजत थोड़ा जोर लगाता हे .रानी की चिख निकल जाती हे रजत रुक जाता हे रानी के ऊपर लेट कर उसको चूमने लगता हे..रानी का दर्द कम हो जाता हे .

रानी बोलती हे तुम्हारा बहुत मोटा हे और मैंने अभी तक एक बार ही चुदवाया हे .रजत बोलता हे “तो अब क्या करू” .रानी बोलती हे “सामने ड्रॉअर में वेसलिन हे वो ले आओ” .रजत झट से ड्रॉअर खोलता हे .वेसलीने ले कर रानी की बुर पर लगाता हे और अपने लंड पर भि

रजत रानी की बुर पर लंड लगाता हे रानी अपने मुह में कपडा दबा लेती हे उसे पता था दर्द बहुत होगा .रजत हल्का सा धक्का मारता हे रजत के लंड का कैप रानी की बुर में फस जाता हे रानी की आँखों में पाणी आ जाता हे रजत रानी को सहलाते हुए जोर से एक झटका मारता हे रजत का आधा लंड घुस जाता हे.रानी की सासे अटक जाती हे .रजत रानी को चुमते हुए सासे देता हे रजत के रुकने से रानी का दर्द कम होने लगता हे

रजत रानी की चुचिओ के निप्पल को दबाते हुए चूमता रहता हे .रानी अब धीरे धीरे अपनी कमर ऊपर निचे करने लगती हे .रजत उसकी प्रतिक्रिया देख कर रानी का साथ देते हुए धीरे धीरे चोदता हे रजत का आधा लंड अभी भी बाहर था .कुच देर बाद रानी की बुर गिल्ली होने की वजह से ढिल्ली हो जाती हे और लंड आराम से अन्दर बाहर होने लगता हे .रजत रानी के कन्धो को पकड कर जोर से धक्का मारता हे .रानी को बहुत तेज़ दर्द होता हे पर अब रजत का पूरा लंड अन्दर घुस चुका था रानी की बुर से खून की धारा बहने लगती हे रजत का लंड खूनी खंजर की तरह रानी की बुर को तहस नहस करता रहता हे .

रानी भी अब रजत का साथ देती हे रजत को पलट कर खुद ऊपर आ जाती हे .रजत निचे लेटे लेटे रानी की चुचिओ को पकड़ कर ऊपर को धका मारता रहता हे रानी भी रजत के लंड पर कुदती रहती हे .रजत रानी को कस कस के धक्के मारता हे रानी की चिखो और सिसकीओ में रजत को आनद का स्वर सुनाइ देता हे .रानी कि बुर जलन करने लगती हे रानी चोदते चोदते दो बार झड चुकी थी पर रजत का कोई नामो निशांन नहीं था रानी लंड के ऊपर से उठ कर रजत के मुह पर अपनी बुर रख के ६९ के पोज में रजत का लंड चुस्ती हे रजत जोर जोर से धक्के मारता हे .रानी के गले के अन्दर चोट लगती हे
 
अपडेट 58

रजत रानी की गांड को देखता हे उसका मन ललचा जाता हे और रजत बुर छोड़ के गांड चाटने लगता हे .रजत की ये हरकत देख कर रानी बोलती हे ये क्या कर रहे हो मत करो ऐसा .रजत बोलता हे “मुझे अच्छा लगता हे फ्री सेक्स करना, “कोई रोक टोक करे तो मुझे मजा नहीं आता” .रानी बोलती हे “ओके सॉरी पर ये सब ठीक ना रजत”.रजत बताता हे चुदाई में सब ठीक हे .ओर रजत पास पड़ी वेस्लीन उठा कर गांड पर लगाता हे रानी को गांड चटवाना आच्छा लगता हे उसने बस किताबो में पड़ा था और ब्लू फिल्म में देखा था आज रजत की वजह से अहसास भी कर लिया रानी लंड चुस्ती रहती हे .रजत रानी की गांड में उंगली घूसा देता हे .रानी को बहुत तेज़ दर्द होता हे पर हवस में उसे गांड में उंगली डलवाना भी आच्छा लगने लगता हे रजत उंगली आगे पीछे करने लगता हे कुछ देर ऐसा करने के बाद रजत रानी को ऊपर से हटने को कहता हे

रानी को घोड़ी बनने को बोलता हे रानी सोचती हे शायद डॉग पॉस में बुर चोदेगा लेटे लेटे थक गया होगा .वो जल्दी से घोड़ी बन जाती हे .रजत रानी की बुर सहलाता हे रानी की बुर का पाणी गांड पर लगाता हे .रानी को अस्चर्य होता हे अब रजत क्या करने वाला हे .कहि मेरी गांड मारने की तो नहीं सोच रहा .रानी घोड़ी बनी रहती हे रजत जैसे ही लंड गांड पर रखता हे रानी उसे बोलती ह”प्लीज् गांड मत मारो में बर्दाश नहीं कर पाउंगी” .रजत बोलता हे “जान सब बर्दाश्त कर लोगी, “तुमसे उम्र में छोटी लड़की ने जब बर्दाश्त कर लिया”

रानी चौक जाती हे सुन के .रानी रजत से पूछती हे “कोंन? “किसकी गांड में अपना मोटा लंड घुसाया हे”. .रजत मुस्कुराते हुए बोलता हे “तुम्हारी भाभी की बहन की चुत और गांड फाडी हे, “उसको तो बहुत मज़ा आया था” .रानी बोलती हे “तुमने उस बच्ची की चुत और गांड दोनों फाड दी कैसे बर्दाश्त की होगी बेचारी” .

रजत- “छोड़ो अभी मुझे तुम्हारे गांड मारनी हे और मारने दो” .रानी बोलती हे “ठीक हे पर मेरी शर्त हे .की जब दर्द ज्यादा होगा तो लंड बाहर निकाल लोगे” .रजत बोलता हे “जान अगर तुमको मज़ा न आया तो जरूर बाहर निकाल लुँगा” .

रजत रानी की गांड में लंड घुसाता हे .रजत का टोपा फस जाता हे .रजत रानी की कमर पकड़ के जोर से धक्का मारता हे रानी की चीख निकल जाति हे रजत एक साथ तीन चार धक्के मारता हे .रानी की सासे तेज़ आँखों से आसु मुह खुला हुआ आखें एक दम लाल बुरा हाल हो जाता हे रजत का पूरा लंड गांड में घुस जाता हे रजत रुक जाता हे रानी की बुर को सहलाता हे पीठ पर चूमता हे चुचिओ को मसलता हे .

रानी एक दम सुस्त हो जाती हे रजत बुर को सेहला कर उसे उतेजित करता हे कुछ देर बाद रानी भी तैयार हो जाती हे रजत गांड मारता रहता हे .आधा घंटा गांड मारने के बाद रजत रानी की गांड में झड जाता हे रानी भी तीन बार झड चुकी थी दोनों बिस्तर पर गिर जाते हे और रजत रानी की चुचिओ को दबाते हुए पूछता है “मज़ा आया जान” .रानी बोलती हे “मज़ा तो आया पर मेरी गांड फाड दी तुमने” .

ताभी रजत का फ़ोन बजता हे .फोने पर काया- “भाई कहा हो आज”?

रजत –“काया में आ रहा हूँ बस एक छोटा सा काम बाकि था” .

काया-“मुझे पता हे क्या काम कर रहे हो काम हो गया हे तो आ जाओ” .

रजत-“मतलब क्या हे तेरा”? .

काया-“भाई बच्ची नहीं हु आप की रग रग से वाकिफ़ हूँ”.

रजत-“तू क्या बोल रही हे कुछ भी समझ नहीं आ रहा”? .

काया-“रानी की चुदाई कर रहे थे तो क्यों समझ आएगी मेरी बात”

रजत काया की बात सुन के चौक जाता हे और रानी की तरफ़ देखने लगता हे .

काया –“क्या हुआ सुन कर चुप क्यों हो गए घर आ रहे हो की में वहा आउ”

रजत-“आता हूँ बस इतना ही बोल पाता है” .

रजत –“रानी हम दोनों की चुदाई की बात काया को कैसे पता”? .

रानी-“आप की लाडली ने यही शर्त रखी थी अगर मेरी प्रॉब्लम सोल्व हो जायेगी तो मुझे आप के साथ चुदाई करानी होगी” .

रजत-“क्या’? .

रानी –“जी हा” .

रजत सोचने लगता हे की कही इसको मेरे और काया के रिलेशन के बारे में तो नहीं पता .

रजत-“रानी तुमने उसकी बात क्यों मानी”? .

रानी –“मेंने उसकी बात नहीं मानी अपनी बात मानी हे” .

रजत कपडे पहनने लगता हे और बोलता हे “ओके चलो कोई बात नहीं अगली बार कब बुला रही हो”? .

रानी बोलती “जल्द ही बुलाउंगी आप जरा वेट तो कीजिये” .

रजत होटल से निकल पड़ता हे .रास्ते में राहुल का फोन आता हे .

राहुल –“हैलो रजत”

रजत-“हैलो सर कैसे याद किया”? .

राहुल-“तुमसे कुछ पर्सनल बात करनी हे”

रजत-“सर में घर जा रहा हूँ तो घर ही आ जाइये, “क्यों की मुझको कल की तैयारी करनी हे” .

राहुल-“कही जा रहे हो क्या”? .

रजत-“जी गांव जा रहे हे थोड़ा काम भी हे और घूम भी लेंगे” .

राहुल-“ओके में घर ही आता हूँ १० मिनट मे”
 
अपडेट 59

रजत फ़ोन काट देता हे बात करते करते रजत घर पहुच जाता हे .घर के अन्दर जाता हे आज रूपा भी आई थी घर .रजत रूपा को पूछता हे “तुम यहाँ कैसे”? .रूपा बोलती हे “तुम सब तो घुमने जा रहे हो और में तो अपना सामान लेने आई हूँ” ..

मीना बोलती हे “बेटी तुम भी क्यों नहीं चलति साथ” .रूपा बोलती हे “नहीं आंटी में इतने दिनों बाद तो डैड के पास गई हूँ, वो बहुत खुश हे .उनको उदास नहीं कर सकती” .मीना बोलती हे “ठीक हे बेटी” .

थोड़ि देर बाद राहुल आता हे .राहुल बेल बजाता हे और रजत डोर खोलता हे .राहुल रजत को बोलता हे “रजत थोडी पर्सनल बाते हे तो क्या हम तुम्हारे रूम में बात कर सकते हे”.रजत बोलता हे है “सर चलिये ऊपर” .रजत अपनी माँ को दो कप कॉफी रूम में भेजने को बोलता हे .

रजत और राहुल रूम में चले जाते हे राहुल की यह हरकत काया को जरा भी पसंद नहीं आती काया माया को बोलती हे “जरूर ये छछुंदर कोई मुसीबत लेकर आया हे, इस साले को देखति हूँ तो बहुत गुस्सा आता हे, नामरद हे साला हमेशा लूज़र की तरह बात करता हे” .माया बोलती हे “छोड़ भी तू क्यों पीछे पड़ी रहती हे राहुल जी के” .मीना और रुपा भी काया को समझाती हे .

राहुल –“देखो रजत में तुमसे घुमा फिरा कर बात नहीं करना चाहता इस लिए साफ साफ बता रहा हूँ” .

रजत-“सर आप बात तो बताइये”

राहुल-“देखो रजत जितने भी मर्डर हुए सब तुमसे रिलेटेड हुए हे, मुझे पता लगा हे और जिसने भी मर्डर किये है वो तुम्हारा कोई अपना हे”.

रजत-“सर ऐसा कुछ नहीं में तो उन सब को जानता भी नहीं था फिर उन लोगो से मेरी कोई दुष्मनी भी नहीं थी”.

राहुल-“रजत ये वहि लोग हे जिन लोगो ने रूपा पर हमला किया था” .

रजत-“सर आप कहना क्या चाहते हो”?.

राहुल-“रजत मुझे ये भी पता चला हे मर्डर करने वाली एक लड़की हे . मुझे तुम्हारी बहनो पर शक हे”?

रजत-“सर बोलने से पहले आप सोच लो ऐसे बेवजह किसी पर इल्ज़ाम नहीं लगा सकते आप” .

राहुल-“रजत में ये नहीं कह रहा की मर्डर तुम्हारी बहनो ने किया हे, पर इसे भी झूठला नहीं सकते मर्डर तो हुआ हे”

रजत-“सर आप अब क्या चाहते हो”? .

राहुल –“में तुमको होशियार करने आया हूँ जो नया डीजीपी आ रहा हे वो बहुत सख्त है और उसे भनक भी लगी तो वो तुम्हारी बहनो को छोड़ेगा नहि”

रजत-“मेरी बहेनो की तरफ कोई आंख उठा कर भी न देखे, और आप पुलिस वाले बेगुनाह के पीछे क्यों पड़े हो जाओ मर्डरर को ढूँढो” .ओर आप का थैंक्स आप जा सकते हो” .

तभी काया आती हे रजत को घुस्से में देख .काया बोलती हे “क्या हुआ भाई”?

रजत-“कुछ नहीं हुआ तू जा अपना काम कर, “कल हम गांव जा रहे हे”.राहुल जाने लगता हे काया उसे कॉफी देते हुए कहती हे “आप कॉफी पिओ में भाई को देखति हु”.काया रजत को अपने रूम में ले जाती हे .

काया-“अब बोलो भाई क्या हुआ”? .

रजत-“कुछ नहीं हुआ”? .मायुस हो कर बोलता हे आँखों में पाणी उतर आता हे .

काया रजत के आंसू पोछते हुए “इस साले राहुल ने आप को कुछ कहा है क्या, में इसे छोडूँगी नहीं”.

रजत-“काया आय लव यू में तुम सब के बगैर नही रह सकता” और काया से लिपट कर सुबक सुबक के रोने लगता हे .

काया का घुस्सा भाई के प्यार के आगे फिका पड़ जाता हे .भाई हम सब तुमको बहुत प्यार करते हे और तुमको कभी अकेला नहीं छोडेंगे बताओ बात क्या हे .

रजत काया को बताता हे की राहुल हर मर्डर में तुम दोनो पर शक कर रहा हे .

काया-“बस भाई इतनी सी बात डोन्ट वरि कोई सबुत होगा तभी पकडेगा ना, हमने कोई गुनाह नहीं किया, आप यु सैड मत हुवा करो, और जाओ मुह धो लो, माँ और माया दी देखेंगी तो उनको बुरा लगेगा” .

काया राहुल के पास आती हे और बोलती हे “अपनी आदतो से बाज आ जाओ मेरे भाई को फिर परेशान किसी ने भी किया तो अन्जाम देखने के लिए जिन्दा नहीं छोडूँगी”? राहुल काया का घुस्सा देख अन्दर से हिल जाता हे” .काया राहुल को साफ साफ संमझा देती हे अगर सबुत हो तो आना यहाँ वरना बेवजह आना भी नहीं .ओर मेरे घर के आस पास क्या हम लोगो के आस पास भी कोई पुलिस वाला दिखाइ दिया तो उसकी वो हालत करुँगी की अपने पैदा होने पर रोना आएगा उसे .

राहुल बात संभालते हुए कहता हे “में तो होशीयार करने आया था नए डीजीपी से” . काया- “जो हाल पुराने डीजीपी का हुआ वहि इसका भी होगा, इसके जैसे रोज मिलते रहते हे, ”आप टेंशन मत लो अपना काम करो बस ओके”.

राहुल काया से डाट खा के घर से निकल जाता हे .सब पैकिंग करने लगते हे रूपा भी सब का हाथ बटाती हे ..थोड़ी देर बाद सब डिनर के लिए टेबल पर पहुच जाते हे .मीना बताती हे हम सुबह 6 बजे निकल जायेंगे .माया बोलती हे माँ आप ने तो टिकट निकालवाई नहीं फिर कैसे जायेंगे .मीना बोलती हे हम अपनी कार में जायेंगे .सब खुश हो कर खाना खाते हे डिनर टेबल पर रूपा की निगाह सिर्फ रजत की तरफ थी काया रूपा को यु रजत को देखते हुए बोलती हे “रूपा खाना खाओ मेरे भाईको ऐसे क्यों घुर रही हे जैसे उसे ही खाने वाली हे”

काया की बात सुन रूपा घबरा जाती हे शर्म से निगाहे निचे कर लेती हे सब उसकी उस हरकत पर हॅसने लगते है .डीनर के बाद रूपा के डैड आ जाते हे रूपा चलि जाती हे .रजत भी दिन में की चुदाई से थक जाता हे काया उसे आराम करने को बोलती हे रजत अपने रूम में आ कर सो जाता हे .काया मीना और माया आपस में कुछ प्लानिंग करते हे फिर अपने अपने रूम में है जाकर सो जाते है
 
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