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लाइफ हो तो ऐसी complete

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अपडेट 124

रजत बोलता हे “में ठीक हूँ तुझे क्या हुआ इतनी कमजोर कैसे हो गई हे..चाचा चाची कुछ खाने को नहि देते है क्या इसे” .मालती बोलती हे हमारी कोई

गलती नहि ये जब से तुम लोग गांव से आये हो कुछ ख़ाति पीती नहि है सारा दिन अपने रूम में रहती हे मन करता हे तो ही कुछ ख़ाति हे”.

रजत रेणु से पूछता हे “ऐसा क्यों”?

रेणु बोलती हे भाई क्या करू स्टडी करते करते भूख मर जाती थी” .रजत बोलता हे “ठीक हे यहाँ कुछ दिन रहो मोटी कर

दूंगा तुझे” और सब हॅसने लगते हे .रेणु शर्मा जाती हे ..

रजत चाचा चाची को गेस्ट रूम दे देता हे ओर सारा.

सामान भी पंहुचा देता हे .चाचा चाची आप तैयार होकर पार्टी में आ जाना अनु और रेणु मेरे रूम में शिफ्ट हो जाएँगी में दी के रूम में सो जाउँगा”.केशव रूम में चला जाता हे .मालती को अकेला देख रजत के मन के अरमान जागने लगते हे वो मालती की उठि हुई गांड को घुर घूर के देखता हे मालति भी अपनी गांड मटका मटका के

दिखाति हे .थोड़ी देर ऐसे ही प्रोग्राम चलता रहता हे .

रेखा रजत को अवाज मारती हे .रजत को होश आ जाता हे वह मूड के देखता हे रेखा रेड साड़ी में मस्त माल नजर. आ रही होती हे .रजत पास जाता हे और बोलता हे “जान आज किस की जान लेने का विचार हे”.रेखा बोलती हे “में तो खुद तुम पे क़ुर्बान हुई हूँ क्या किसी और को जान लुंगी”.रेखा बोलती हे “मेहमान आने चालू हो गये हे और तुम यहाँ हो चलो मेहमानो का वेलकम करो”.रजत बोलता हे “पहले

एक किसी दो फिर जो बोलोगी करूँगा” रेखा बोलती हे “क्यों जिद कर रहे हो कोई आ जायेगा”.रजत बोलता हे “ठीक हे मत दो”.

रेखा इधर उधर देख के रजत के लिप्स पर किस कर देती है रजत खुश हो जाता हे दोनों कुछ देर ऐसे ही किस करते रहते हे. फिर रेखा रजत का हाथ पकड़ के ले जाती हे.रजत मेहमानो का वेलकम करता हे.रोहित और ख़ुशी भी आ जाते हे .राहुल भी नेहा के साथ आ जाता हे .रानी भी सिद्धि को लेकर आ जाती हे.रजत सब को बैठने की जगह पर बैठा देता हे और सब को ठण्डा सर्व करता हे.रजत सोचता हे.

आज मेरी प्यारी बहने बाहर नहि आई.

रजत रेखा से पूछता ही काया माया कहा हे.रेखा बोलती हे मालूम नहि यही तो

थी. रजत अपनी माँ से पूछता हे उनको भी खबर नहि.

रजत अपने मां को पूछता हे वो बोलती हे दोनों बचिया

बाहर गई हे आती ही होंगीं फ़िक्र मत कर.रजत अपना फोन

निकालता हे और काया को कॉल करता हे. रजत काया से पूछता है “कहा हो”? काया बोलती हे “डार्लिंग फ़िक्र क्यों करते हो आ रहे हे”. रजत अनु और रेणु से मिलने अपने रूम में जाता

ही .जैसे ही रूम खोलता हे सामने रेणु को नंगा देखता है जो अपने बदन को घुर रही थी .रजत उसके पास जाता हे और

उसकी गांड पर हाथ फ़ेरने लगता हे.रजत पूछता हे “अब बाताओ जान क्या हुआ”.

रेणु की आँखे नम थी वो धीर से

बोलती हे “आई मिस यु लॉट्स भाई”

रजत बोलता हे “पगली रो क्यु रही है, मैं भी तुम सब को मिस करता हूँ रोज”.

रेणु रजत के गले लग जाती हे .रजत उसकी गांड मसलते हुए बोलता हे “कोई आ जायेगा रेणु”.

रेणु बोलती हे “आने दो इतने दिनों बाद

ये दिन देखने को मिला हे”.

तभी अनु बाथरूम से बाहर आती हे रजत और रेणु को ऐसे देख कर बोलती हे

“आये हुए ज्यादा देर भी नहि हुई और तेरी बुर में खुजलि भी होने लगी”.

रजत अनु के पास जा के उसको किस करता हे रेणु भी आ जाती हे और रजत को वो भी किस करने लगती हे.

रजत बोलता है. ”बस भी करो खा जोओगी क्या?

ओर तीनो हॅसने लगते हे. रजत और रजत की चचेरी बहने रजत को किस करती रेहती है रजत भी उनको करता हे.तभी अनु बताती हे “भाई आप के बिना दीदी तो पागल हो गई थी हर रात आप का नाम लेती रहती सपनो में”.

रजत रेणु की बुर को सहलाते हुए कहता

है आखिर इसमें खुजलि जो हो रही थी.

रेणु बोलती हे अभी

ईसकी खुजलि मिटा दो बाद में वक़्त नहि मिलेगा.

रजत बोलता है “निचे मेहमान आये हुए हे और में रुक नहि सकता”.

अनु बोलती हे “भाई डोन्ट वरि में डोर पर खड़ी हो जाती हु,आप दीदी की प्यास बुझा दो बहुत दिनों की भूखी हे”.

रजत अनु को किस करता हे.अनु डोर के पास जा के खड़ी हो जाती है.

 
अपडेट 125

रजत रेणु की चुचिओ का रसपान करने लगता हे रेणु की बुर बहुत गीली हो चुकी थी .रजत उंगली दाल कर चाटने लगता हे.

रेणु की सिसकिया निकलती हे रेणु बोलती हे भाई वक्त कम हे जल्दी से चोद दो,आज मेरी बुर का भुर्ता बना दो. रजत अपने कपडे उतार कर रेणु को लिटा देता हे उसकी कुछ देर चाटता हे .फिर लंड घूसा देता हे.इतने दिनों के बाद बूर में लंड जाने से रेणु की सांसे चढ़ जाती हे वो लंबी

लम्बी आहे भरती हे .रजत जोर दार धक्का मारता हे रेणु की हल्कि चीख निकल जाती हे उऊमम्मा मम्माआर्र

गगगगआईइइइइइऊ...रजत रेणु की चुचिओ को दबाते हुए फिर धक्का मारता हे .रेणु का दर्द से बुरा हाल हो जाता है

उसकी बुर चूदी होने के बावजूद भी कुवारी बुर की तरह

खून फ़ेक देती हे..रजत चुचिओ को बुरी तरह मसलता हे .

ओर बुर में लंड पेलता रहता हे .कुछ ही देर में रेणु की बुर

पाणी छोड़ देती हे रजत धक्के मारता रहता हे .रेणु रजत

को बोलती हे “आई लव यु भाई आप बहुत अच्छे हो”.

रजत बोलता है “रेणु वो तो में हूँ ही आई लव यु टू जाणू” .ओर रजत रेणु के लिप्स को चुस्ने लगता हे. रजत रोहिणी की गांड में उंगली करता हे. रेणु रजत को बोलती हे “भाई गांड नहि,पार्टी में भी जाना है, अगर किसी को पता चल गया तो, जानते हो क्या होगा”.

रजत बोलता हे “पर मेरा तो अभी कुछ हुआ ही नहि”.

रेणु रजत को पलट देती हे. और अपनी बुर से लंड निकाल के चाटने लगती हैं

रेणु रजत के लंड को चुमती है.लंड के सिरे को ऊपर से मुह में लेकर चुमती हे .रजत के लंड को ऊपर से निचे

चाटती हे .रजत की गोलियो को चूमती हे. रजत रेणु के मुह में लंड घूसा देता हे. रेणु मज़े से लंड मुहमे अंदर बाहर करती हे.

रजत रेणु को पलट देता हे और मुह

को चोदने लगता हे रजत का लंड रेणु के गले के अंदर बार बार टकराता हे रेणु रजत को रोकती हे तब रजत को अपनी ग़लती का अहसास होता हे रजत धीरे धिरे धक्के मुह में मारता हे .रजत के लगातार धक्कों की वजह से रेणु का

गला दर्द करने लगता हे.रेणु रजत को पलट देती हे और लंड मुह से बाहर निकाल कर सुस्ताने लगती हे. रजत लेटा रहता हे रेणु रजत के लंड को सहलाती हे रजत चुप चाप लेटा रहता हे .कुछ देर ऐसा करते रहने से रजत का भी पाणी निकलने वाला हो जाता हे .रेणु जब तक रजत के लंडको मुह में लेती अनु झपट पड़ती हे और सारा पाणी गटक जाती हे.अनु बोलती हे दी तुम्हारी बुर की प्यास तो भुझ गई

है इस लिए मैंने अपने पेट् की प्यास तुमसे पहले बुझा ली .

रेणु और रजत मुस्कुराते हुए कहते हे “इट्स ओके बेबी जल्द”

ही तुम्हारी भी बुर की प्यास बूझ जायेगी . रेणु बाथ रूम चली जाती हे रजत भी कपडे ठीक कर लेता हे और अनु भी

रेडी हो जाती हे दोनों निचे आते हे.

रजत के शॉक होने का दिन था एक से एक शॉकिंग व्यू उसे देखने को

मिल रहे थे सिडिया. उतरते ही रजत तीन परियो को देख के शॉक हो जाता हे.

रजत तीन हसीन परियो को देख कर हैरान रह जाता हे .

तीन हसिनाये खड़ी थी सब की नजर उन पर टीकी हुई थी

सब उनको घेरे खड़े थे.रेणु अनु और रजत तीनो को देखते रह्ते हे .

काया-वाइट कलर के गाउन में एक परी की तरह दीखती है.

रजत राहुल और. रोहित उसे घुर घुर के देखते हे उसकी सफेद गोरी गोरी बाहे और टांगे एक दम चमक रही थी .

काया बोलती हे “भाई ऐसे क्या देख रहे हो”

पर रजत जवाब नही देता वो तो उसकी खूबसुरती में खोया हुआ था .

मायाने मेहरुन रंग की साड़ी पहन रखी थी कानो में झुमके माथे पर बिंदिया. आंखे कजरारी .माया भी बोलती हे “भाई यु मत देखो”.रजत माया की बात भी नहि सुनता है

लास्ट परी खड़ी थी जो मोस्ट ब्यूटीफुल लग रही थी बिल्कुल गुलाब के फुलो जैसी ..रजत उसके पास जाता हे और बोलता हे

“क्या ये तुम हो रूपा”? रजत के गालो पर हाथ फेरते हुए हुये बोलती हा बेबी में ही हूँ .ओर उसके गालो पर सब के सामने किस कर लेती हे.रेखा बोलती हे “आज तो तुम पांचों की पांचो राजकुमारिया लग रही हो चलो खाना तैयार हे,सब डिनर कर लो” रेखा सब बच्चों को खाना लगाती हे और

बाकी को खाने के साथ वाइन भी सर्व करती हे .अनु बोलती रजत तुम भी वाइन क्यों नहि लेते .रजत बोलता हे “जहा हसिनाये हो वहा कोई बेवकुफ ही शराब का सहारा लेता हे” ..

सब खाना खा लेते हे पार्टी डांस मस्ती शुरू बड़े ओर बच्चें छत पर चले जाते हे खुशी रोहित के साथ डांस करती हे .खुशी को देख कर काया रजत के साथ डांस करने लगती हे .रजत काया के लिप्स को किस करता है

ओर बोलता हे “जान आज तो क्या मस्त दिख रही हो मन कर रहा है कच्चा चबा जाउ”.

 
अपडेट 126

काया बोलती हे “फिर चलो चबा जाओ ये सब तुम्हारे लिए ही तो हे” .रजत बोलता हे पर ये सब कैसे होगा”?

काया बोलती हे “डोन्ट वर्री माय डियर ब्रदर में इनको देखति हु”. काया माया के कान में कुछ बोलती हे.माया स्माइल करते हुए बोलती हे “जाओ”.

काया जाने लगती हे.माया बोलती है

“भाई इसके साथ जाओ इसको हेल्प चाहिए होगी”.दोनो निचे रूम में जाते हे वहा पहुँचते ही रजत काया को बोलता

है जाणू अब नहि रहा जाता और काया के लिप्स को चूमता हे उसकी चुचिओ को कपड़ो के ऊपर से चूमता हे दबाता हे.

काया बोलती हे “भाई रुको कपडे उतारने दो .नहि. तो कपडे खराब हो जायेंगे”? रजत काया का गाउन उतारने लगता हे.

काया के मख़मली बदन से गाउन उतरने लगता हे

काया ने ना निचे ब्रा और ना पेन्टी पहनी थी.रजत पूछता हे निचे क्यों कुछ नहि पहना .काया बोलती हे “मैंने दी से शर्त

लगाई थी की, आज भाई मुझे पक्का चोदेगे दी बोली थी नही,वही बात मैंने दी के कानो में बोली थी”.

रजत काया का गाउन

उत्तार के फेक देता हे.ओर उसे अपनी बाहो में ले लेता हे .काया

बोलती हे “भाई अपने तो कपडे उतारो आपका तो देखो, कैसे पैण्ट में परेशान हो रहा हे, रजत बोलता “तुम्हारा ही है खुद आजाद कर दो” .काया बोलती हे “ऐसी बात हे ओके मैं खुद अपने तोते को आजाद कर सकती हु. काया बैठ जाती हे.और

रजत की पेण्ट खोलने लगती हे .पेण्ट खोल के निचे उतार देती

है .रजत का लंड अंडरवियर में तम्बू बना के खड़ा हो

जाता हे .काया धीर से अंडरवियर उतारने लगती है निकर उतारते

ही लंड स्प्रिंग की तरह उछलता हे काया उसे अपने नरम

हातो में ले लेती हे. रजत काया को देखता रहता हे .काया

अपणे लिप्स पर अपनी जीभ फेरती हे और लंड को प्यार से किस देती

है .रजत के लंड को चाटती हे .रजत खड़ा खड़ा मज़े

लेता हे काया लंड चुस्ने लगती हे .रजत मुह में धक्के

मारता हे .ठोड़ी देर लंड चुस्ने के बाद खाया खड़ी हो जाती हे पास पड़े टेबल पर जा कर बैठ जाती हे .काया

अपनी बुर फैला फैला के रजत को दीखाती हे .रजत समझ जाता है .काया क्या चाहती हे .रजत काया के पास जा के उसकी बुर

सहलाता हे और बैठ जाता हे .काया ऑंखे बंद कर लेतिहे.

रजत काया की पिंक बुर को फैला के चाटने लगता हे काया

रजत का सर पकड़ के बुर से चिपका देती हे.रजत भी जोर

जोर से चूसता रहता हे .काया अपनी चुचियो को दबाती हे .

रजत बुर चूसता रहता हे .दोनो काफी देर ऐसे ही रेह्ते हे

रजत काया को गोद में उठा लेता है.

रजत और काया एक दुसरे को चुमते चाटते रह्ते हे

काया दो बार झड चुकी थी .रजत काया की एक टांग उठा

चुत में लंड घूसा देता हे .काया रजत के वार से सिहर जाती हे .रजत काया की चूचि दबा दबा के धक्कामारता हे काया भी मज़े से अपने भाई से चुद्वाती हे..

काया कमर उछाल उछाल के जवाबी धक्के मारती हे.

रजत काया को चोदता रहता हे .कुछ देर बाद काया फिर झड जाती हे.पर रजत झड़ने का नाम नहि लेता .काया बोलती हे “भाई आज क्या हो गया झडते ही नहि मेरी तो आपने बस ही करवा दि”. रजत बोलता हे “जान आज पता नहि क्या हुआ” मे क्या करू काया मन तो चाची को चोदने का हो रहा हे,पर वो हाथ नहि आती”. रजत लगा तार काया की बुर चोदता रहा कुछ देर बाद रजत भी झड गया

काया की चुत में ढेर सारा पाणी भर गया लंड जैसे ही निकला भल भल

करके चुत से पाणी निकलने लगा. रजत साइड में हट के काया के बाजू में सुस्ताने लगा . रजत को ऐसा लगा कोई उसे देख रहा हे एक परछाई सी नजर आई फिर कुछ चमका रजतने काया को जल्दी से कपडे पहनने को बोला . काया ने जल्दी से कपडे पहने रजत दारवाजे तक जब तक पंहुचा वह कोई नहि था .काया ऊपर चलि गई और में सब को

देखने लगा कोण था जो मुझे चुप के देख रहा था तभी मेरी आँखों में फिर से

वही चमक लगी. मैंने गोर किया ये चाची के गले में पहने हार की वजह से से

रोशनी आई थी . चाची भी मुझसे नज़रे चुरा रही हे मैंने सोचा चलो अच्छा हुआ

उनको पता चल गया में क्या चाहता हूँ .

मैंने चाची को रूम में जाते देखा सब से नजर बचा के रूम में घुस

गया चाची बाथरूम में थी में छुप गया.

 
अपडेट 127

थोड़ी देर बाद चाची बाहर आई आइने के

सामने खड़ी हो कर बाते करने लगी. कैसा लड़का हे अपनी बहन को ही चोद रहा

था अब चाची को भी चोदना चाहता हे ,पर में भी चुदवाना चाहती हूँ अपने पति

के ५ इंच के लंड से मुझे उतना मज़ा भी नहि आता जब की रजत का लंड बहुत बड़ा है उनसे.क्या करू में खुद उसे नहि बोल सकती की मुझे चोद दे बेटा. मजबूर हूँ

मेरे बारे में क्या सोचेगा वो,मे चाची के पीछे जा के खड़ा हो गया मुझे देख

कर वो चौक गई इस से पहले वो कुछ करती मने चाची की चूचियों को पकड़ के

बोला यही सोचूँगा की मेरी प्यारी चाची मुझसे प्यार करना चाहती हे. चाची थोड़ा

घबरा गई मुझे बोली “रजत छोड़ दो मुझे ऐसा मत करो”.पर झुट मुट का

विरोध करती रही मैंने चाची की चुचिओ को छोड़ दिया और बोला “चाची में आप को बहुत प्यार करता हूँ,क्या आप नहि करती मुझसे”. चाची कुछ न बोली मैंने चाची को बिस्तर पर बैठा दिया.

ओर उनकी गोद में सर रख के बोला “मेरी दिली तमन्ना है में आप को वो प्यार दू जो आप को नहि मिला”. चाची बोली “पर बेटा इस से हमारी बदनामी होगी,फिर तुम्हारे चाचा को पता लगा तो वो मुझे घर से निकल देंगे”.

मैं बोला “उनको नहि पता चलेगा, ना आप बताओगी नाहि मैं किसी को पता लगने दूंगा”.

चाची अब लाइन पर आ रही थी. चाची बोली “बेटा मुझे थोड़ा वक़्त दो सोचने को”.

रजत चाची की जांघो को सहलाते हुए बोला “आप जितना वक़्त चाहिए लो क्यों की मुझसे अब इंतज़ार नहि होता”.

चाची बोली “ठीक हे पर तू मुझे सच बता, तू और काया ये सब” ........चाची बोलते

बोलते रुक गयी.

मैं चाची को बोला “चाची में अपनी बहनो से प्यार करता हूँ जो चीज उनको

चाहिये में देता हूँ चाहे वो चुदाई का सुख ही क्यों न हो”.

चाचि बोली “एक बात और बता क्या तूने रेणु के साथ भी किया हे”?

मैं बोला “दोनों के साथ किया वरना वो हमारी इज्जत मिट्टी में मिला देती” चाची बोली “तभी में कहु वो इतना निखर क्यों गई है”.

मैं बोला “चाची आप उनसे नाराज मत होना मैंने जो किया हम सब की भलाई के

लिये किया. अगर बाहर जाती तो क्या पता वो लडक़ा इनके साथ क्या क्या करता आये दीन आप न्यूज़ सुनती ही हो”.

चाची बोली “बेटा तूने जो किया ठीक ही किया पर ये पाप हे”

मैं बोला “कोई पाप नहि,जिंदगी में इस से बड़ा कोई सुख नहि”.

चाची चुप चाप मेरी बाते सुनती रही फिर माँ आ गई बोली “क्या बाते हो रही हे चाची भतीजे मे”.

चाची बोली “दीदी कुछ नहि बस हाल चाल पूछ रही थी”.

मैं चाची से बात करके रेणु और अनु के पास चला गया. मैंने रेणु को इशारे से बुलाया.रेणु मटकती हुई आई और मुझ से सट के बोली बोलो “जान क्यों बुलाया मुझे”?

रजत बोला “तेरी माँ को चोदना हे कहा चोदू कोई आईडिया तो दो”.

रेणु बोली “मजाक मत करो रजत माँ तुमसे कैसे पट गयी”.

मैं बोला “जानू जैसे तुम पट गयी थी अब जल्दी से बताओ कहा चोदू, घर में तो चोद नहि सकता चाचा हे”.

रेणु बोली “बाहर ले जाओ कहि पर मुझे भी माँ की चुदाई देखनी हे”.

मैं बोला “तुमको शर्म नहि आती अपनी माँ की चुदाई देखनी हे”

अनु भी आ गई बोली “क्या बात हो रही हे दोनों मे”.

मैं बोला “छोडो माया दी कहा गयी”?

अनु बोली “काया की तबियत ठीक नहि थी तो उसे रूम में छोड़ने गई हे, तुम बताओ क्या खिचड़ी पका रहे हो मेरी बहन के साथ”.

मैं बोला “कुछ नहि बस तुम्हारी माँ चोदने का प्रोग्राम बना रहा हूँ”

अनु खुश होते बोली “वाह भाई फिर तो बहुत मज़ा आने वाला हे, माँ की गांड जरूर मारना, हमेशा हमे बोलती हे कहा गांड मरवा के आ रही हो अब हम उनको बतायेंगे”.

मैं बोला “एक प्रॉब्लम हे तुम्हारी माँ को घर में चोद नहि सकता, और दूसरा कल ही चोदना होगा, वरना तुम्हारी माँ तो चलि जायेगी,ओर में उसे चोद नहि पाऊंगा”. अनु बोली “फिर जल्दी सोचो, मेरे पास एक आईडिया हे माया दी के पार्लर पर ले जा के चोदो माँ को”.

रेणु बोली “हा ये ठीक रहेगा पर वहा कोई डिस्टर्ब किया तो”?

मैं बोला “कोई नहि करता. वहा उप्पर एक रूम हे उसी में करूँगा तुम दोनों को चाबी

सुबह दे दूंगा बहाना बना के घर से चलि जाना,थोड़ी देर बाद में चाची के साथ वहा आ जाउँगा”.

दोनों ने सर हा मे हिला दिया.

अनु बोली “भाई माँ की जम के चुदाई करना इतनी की हमारी तरह वो भी आप की दीवानी बन जाये”.

वहाँ माया दी आकर बोली “चलो सब खाना खा लो”

सब निचे आ गये ज्यादा तर लोग खाना खा के जा चुके थे. सिर्फ राहुल रोहित की फॅमिली ही रुकि हुई थी हम सब ने खाना

खाया फिर राहुल ने इजाजत ली और अपने घर चला गया. रोहित ने भी इजाजत मांगी मैंने

रोहित की माँ को बोला “मेरे बच्चे का ख्याल रखना समझी”. रोहित भी चला गया

खुशी जाते हुए मेरे लिप्स पर किस दे कर गयी. सब का खाना हो गया था.

चाचा चाची अपने रूम में चले गये. माया काया के रूम में सोने चलि गये. अनु और

रेणु भी थक चुकी थी सोने चलि गई . में माँ के पास जा के लेट गया माँ बोली “क्यों बेटा मज़ा आया तुझे,आज की पार्टी से, मैं बोला माँ क्यों नहि आयेगा आखिर हमारे घर की पार्टी थी”.

में माँ के होठो को चूमने लगा. माँ भी मेरा साथ देने लगी. माँ बोली “बेटा क्या हम कही घुमने चले”.

मैं बोला “माँ केस थंडा होने दो फिर चलेंगे”.

मैंने अपना लंड निकाल के माँ के हाथ में दे दिया माँ लंड सहलाने लगी

माँ बोली “अपनी मामी को तो माँ बना दिया मुझे कब बना रहा है?.मैं बोला “मेरी माँ तो हो, और किसकी माँ बनना चाहती हो”?

मा बोली अपने प्यारे बेटे और पति के बच्चे की ओर किसकी. मैं बोला फ़िक्र मत करो बना दूंगा अभी बोलो तो शुरू करू. माँ बोली हा बेटा शुरू कर दे. बहुत आग लगी हे आज तो बुझा दे इस आग को.

मैं माँ का नाइटी गाउन उतारने लगा माँ बोली बेटा अपना लंड चूसा बहुत दिन हो गये इसे मुह में लिए हुये. मैंने माँ का गाउन उतार दिया माँ ने निचे कुछ नहि पहना हुआ था. मैंने माँ की चुचिओ के उप्पर बैठ गया. माँ ने लंड को चुचिओ के बीच दबा लिया मैंने आगे को धक्का मारा माँ ने मुह खोल दिया लंड सीधा मुह

मे घुस गया माँ लंड चुसने लगी में भी धक्के मारने लगा . माँ पुरे लंड को लोलीपॉप की तरह चुसने लगी में माँ की चुचिओ को पकड़ के दबाने लगा . निप्पल को पकड़ के खीचने लगा .

 


अपडेट 128

माँ मज़े से लोलीपोप चुस्ती रही में माँ की चुचिओ को काटता तो दूध की

धार निकलती मुझे मज़ा आ रहा था . मैंने माँ के मुह में पूरा लंड घूसा

दीया माँ की साँसे उखडने लगी. माँ ने मुझे पीछे किया फिर लम्बी लम्बी साँसे

लेने लगी . में उठ कर माँ की टांगों के बिच आ गया . माँ की पाव रोटी जैसि बुर को

चाटने लगा . माँ की सिसकिया निकलने लगी मैंने दो उंगली माँ की बुर में दाल दी .

ओर चोदने लगा माँ चिल्लाने लगी माँ की चीखे निकलने लगी मेरी रफ्तार बहुत थी

मेरी उंगलिया तेज़ी से माँ की चुत में चल रही थी.

माँ रहम की भीख मांग

रही थी पर में माँ की चुत में उंगलिया घुसाता

रहा, मा झड़ने लगि माँ की

चुत से पाणी निकलने लगा माँ लम्बी लम्बी आहे भरने लगी. माँ अपनी टांगो को

फैला के लेटी रही में माँ के ऊपर लेट के दूध पिने लगा चुचियो को जोर जोर से

दबाने लगा. माँ मेरे सर को पकड़ के सहलाती रही.मेरा लंड माँ की बुर से

रगढ खाता रहा. माँ बोली बेटा तेरा लंड बहुत गर्म हो गया हे चुत में दाल

के ठण्डा कर ले. मैंने बोला माँ तुम हो इतनी हॉट तो कैसे में ठण्डा हो

सकता हूँ. माँ बोली अब बात मत बनाओ मुझे चोद कर ठण्डा कर दो. मैंने माँ

की बुर से लंड सटा कर जोर से धक्का मारा माँ के मुह

से आवाज निकली “आह ओह”. अभी लंड आधा ही गया था. मैंने फिर से जोर से लंड को धकेला लंड

मा के गर्भ से जा टकराया माँ की चीख निकली. मैंने पूछा माँ मज़ा आया माँ बोली है बेटा चोद अपनी बीवी समझ के अपनी माँ को मसल दाल माँ की गर्मी निकल दे. में माँ को जोर जोर से चोदने लगा माँ की चुच्चियो को दबाने लगा निप्पल को काटने लगा.

चुत चोदता रहा माँ दो बार और झड चुकी थी और में भी झडने वाला हो गया था. मैंने रफ्तार और तेज कर दी धप धप की अवाज आने लगी. में माँ की चूचियों को

पकड़ के माँ की चुत में धक्के मारता रहा. में झड़ने लगा मेरी पिचकारी माँ

की गरम चुत में माँ महसुसु कर सकती ही “आह अपने पाणीसे मेरी चुत भर दे अपने पाणी से”.मे धक्के मारता रहा. मेरे लंड की आखरी बून्द भी माँ की चुत में निकल गई में माँ के

उप्पर लेट के सुसताने लगा. में और माँ दोनों एक दूसरे से लिपट के न जाने कब सो

गये...

सुबह मेरी आंख खुली मा बिस्तर पर नहि थी. तभी मैंने बाथरूम में शोर

सुना यानि माँ नहा रही थि, रात की दमदार चुदाई से शरीर थोड़ा सुस्त लग रहा

था, लंड अभी भी तना हुआ था. में बिस्तर से उठ के बाथरूम के पास गया.

बाथरूम को हल्का सा धक्का दिया वो खुल गया. माँ की पीठ मेरी तरफ थी. में माँ की मस्त गांड को देख के उतेजित होने लगा. अपने लंड को सहलाने लगा. माँ नहा रही थी अपनी बुर और गांड को सहला रही थी में माँ के पीछे जा के खड़ा हो

गया. . और माँ को पीछे से पकड़ लिया. माँ बोली “बेटा उठ गये” मेरा लंड माँ की

गांड में घूसने लगा. मैं बोला “हा माँ उठ गया” और माँ के गाल और पीठ को चूमने लगा. मेरा हाथ माँ की चूचियों को दबाने लगा माँ बोली “बेटा क्या कर रहा हे”? मैं बोला “अपनी माँ को प्यार कर रहा हु”.

मा बोली “बेटा रात को प्यार करके मन नहि भरा” ,मैं बोला “जिसकी इतनी हॉट

सेक्सी माँ हो उसका मन कैसे भर सकता हे” माँ शर्मा के बोली “बेटा छोड़ ना मुझे

नहा के ब्रेकफास्ट भी बनाना हे”. मैं बोला “माँ मुझे प्यार करने दो” और माँ की बुर

को हाथ से सहलाने लगा. माँ बोली “बहुत जिद्दी है तू,नहि मानेगा ना तो जल्दी कर ले”.

मैं माँ की चूचि को दबाते हूँ गांड की दरार में लंड रगड़ने लगा.मा उतेजित होने

लगि और अपनी गांड मेरे लंड पर रगडती रहि.मैंने माँ को सीधा किया और होठ

चुसने लगा, माँ भी मेरे होठ चुस्ती रही.मैं बोला माँ आज गांड दे दो” मॉ

बोली “बेटा सब कुछ तेरा हे जो चाहे लेले मैंने कभी मना किया हे” .

 
अपडेट 129

मेरा लंड माँ की गांड फाडने के लिए तैयार था माँ निचे बैठ गई और

मेरे लंड को हाथ से सहलाने लगी मैं बोला माँ मेरा मेरा लंड तुम्हारे होठो को चोदना चाहता हे माँ बोली बेटा तो सोच क्या रहा हे अपनी माँ के मुह में अपना

मोटा लंड घूसा दे.मैंने माँ के मुह में लंड घूसा दिया .मा लंड चुसने

लगि में माँ के मुह में धक्के मारने लगा ,मॉ भी जोश के साथ लंड चुस्ती

रही. कुछ देर बाद मैंने माँ को बोला माँ मेरी प्यारी दूधारू माँ अब तू गाय बन

जा में बैल बन कर तुझे चोदूंगा. माँ बोली बेटा में तो तेरी गाय हूँ बैल बन कुत्ता

बन जो चाहे बन के चोद मुझे . बस तू ऐसे ही मुझे प्यार करते रहना .

मा झुक कर बाथ गई . में माँ की गांड को सूंघने लगा. फिर माँ की गांड को

फैला के गांड को चाटने लगा, माँ की गांड की महक मुझे मदहोश करने लगी माँ

बोली “बेटा हा ऐसे ही चाट अपनी माँ की गांड”

में माँ की गांड को चाटता रहा.अपनी

जीभ घूसा घूसा के गांड में. माँ भी सिसकिया लेती रही कुछ देर चाटने

के बाद मैंने अपना लंड माँ की गांड की सुराख़ पर रखा .मा बोली “बेटा धीरे धीरे

ड़ालना तूने अभी तक एक बार ही गांड मारी हे मेरी. अभी सही से खुली नहि हे. मैं

बोला “माँ फ़िक्र मत कर आज पूरी तरह खोल दूंगा तेरी ये मदमस्त गांड”.

और माँ की गांड की सुराख़ पे लंड रख के धक्का मारा . माँ की चीख निकल गयी. माँ चिल्लाई “धीरे बोला था ना”, मैं बोला माँ “अभि तो लंड का सुपडा ही अंदर घूसा हे”.मा बोली “बहुत दर्द हो रहा हे”

में माँ के उप्पर झुक के उसकी चूचियों को पकड़ लिया और एक जोर से धक्का मारा. माँ चीखने लगी.

“उफ़्फ़ बेटा नहीं नहि धीरे धीरे बेटा रहम कर”

मैंने बोला “माँ तुम थोड़ा दर्द बर्दाश कर लो” और एक और जोर से धक्का मार . दिया

पुरा लंड माँ की गांड में घुस गया. माँ को बहुत दर्द हो रहा था इस लिए थोडा रुक

गया और चुचिओ को मसलने लगा. पिठ को चूमने लगा.कुछ देर बाद माँ को दर्द से

राहत मिली और मैंने माँ की गांड में धीरे धीरे धक्के मारने चालू कर दिये.

माँ सीसिक्य लेती रही “ओह माँ बेटा धीरे धीरे”

में माँ को चोदना चालू रखा माँ भी अब अपनी गांड हिला हिला के चुदवाने लगी.

माँ बोली “बेटा थोड़ा जोर लगा”.ये सुनते ही मैंने लंड बाहर निकला और जोर से धक्का मारा.

माँ चिल्लाई “ओह माँ मार गयी में” माँ की कमर पकड़ के जोर जोर से धक्के मारने लगा माँ भी जवाबी धक्के मारने लगी .

मैंने एक हाथ माँ की बुर पर रख दिया . और सेहलाने लगा फिर दोनों हाथो से बुर पकड़ ली और अपनी उंगलिया माँ की बुर में दाल के गांड मारने लगा . माँ की बुर काफी पाणी छोड़ रही थी यानि माँ झड रही थी फ़र्श पर माँ की बुर का पाणी गिरता रहा में माँ को चोदता रहा फिर में माँ को बोला माँ में झड़ने वाला हु. माँ बोली बेटा मेरी गांड की प्यास बुझा दे अपना सारा पाणी मेरी गांड में दाल दे में माँ की चोदता रहा और बुर मे उंगलिया ड़ालता रहा , आखिर में माँ की गांड में झड़ने लगा . ओर माँ भी झड़ने

लगी उसकी बुर ने बहुत पाणी छोडा दोनों फ़र्श पर चित लेट गये माँ बोली “बेटा सुबह

सुबह चुदवाने से सारा दिन सुस्ती नहि आती पर तू रोज नहि चोदता”

मैं बोला “माँ मेरी बहनो की प्यास कोन बुझायेगा अगर में रोज तेरी ही बुझाऊंगा”.

माँ बोली “तू सही बोलता हे और अब से उनको बहने मत बोला कर, हम तीनो तेरी बाविया हे”

मैं बोला “हा माँ वो तो हैं तुम तीनो ही मेरी प्यारी बविया हो” हम दोनों हॅसने लगे फिर नहा कर दोनों बाहर आ गए में कपडे पहन कर सोफ़े पर जा कर बैठ कर टीवी देखने लगा.

 
अपडेट 130

मा बोली बेटा जा अपनी बहनो को जगा दे. चाची भी जग चुकी थी और माँ की रसोई

मे हेल्प करने लगी. चाचा सुबह की सेर को चले गए थे. में अनु रेणु को जगाने

गया. दोनों चिप्पक के सो रही थी .मे दोनों के बिच जा के लेट गया. दोनों मेरे

खंदे पर सर रख के सोने लगी मैंने बोला उठो मेरी रानियो सुबह हो गई दोनों ने

कुछ नहि बोला . मैंने दोनो के लिप्स को चूमा फिर भी नहि जागी दोनों की चुत को मसला फिर

भी नहि जागी . मैं बोला उठ जाओ वरना तुम दोनों के उप्पर सुसु कर दूंगा , रेणु

बोली “कर दिजिये आ कुछ भी करो हम बुरा नहि मानेगे”. मुझे सुसु तो आया ही था मेंने

लंड निकाल कर रेणु के मुह में दाल दिया,

रेणु लंड मुह में लेके सोने लगी. मैंने मुतना शुरू कर दिया. रेणु

सुसु मुह में गिरते ही पिने लगी.रेणु बोली “आप बहुत बुरे हो मुह में ही करने लगे”

रेणु ने लंड को जोर से पकड़ रख था सुसु रुक गया था पर दर्द होने लगा रेणु ने

लंड का मुह अनु की तरफ कर दिया, और लंड छोड़ दिया तेज़ सुसु की बोछार में अनु

भीगने लगी और उठ के बैठ गई में भी खड़ा हो के दोनों को सुसु से भिगोने लगा .

अनु बोली “भाई आप ने तो सुसु से नहला दिया”, में हॅसने लगा ,मुझे हस्ता देख दोनों

हसने लगी .मैं बोला “अब जल्दी से रेडी हो जाओ आज तुम्हारी माँ चुदने वाली हे”

ओर ये बोल के में काया माया के रूम की तरफ चल पड़ा . रूम में जा कर देखा मेरी दोनों बहने आराम की नींद सो रही थी . दोनों के चेहरे पर चमक थी शान्ति और सकून था. मैंने दोनों के गालो को चूमा और बोला “गुडमोर्निंग जानु”. मेरी दोनों बहनो ने उठ के मेरे गालो को चुमते हुए बोला “गुडमोर्निंग शोना”. माया दी बोली “भाई आज का दीन अच्छा ही जायेगा क्यों की तुमको सब से पहले देखा हे”.

मैंने बोला “दी दिन तो अच्छा मेरा भी जायेगा मेरी बहने जो खुश हे”. मैंने

माया दी को बोला “माया दी पार्लर की की तो देना”. माया दी बोली “क्यों? मैंने बोला माया दी

“आज चाची को चोदने का प्रोमिस किया था तो उनको वहि ले जा के चोदूँगा आप मेरी

एक हेल्प कर दो” . मेरी दोनों बहने बोली “हम हमेशा तुम्हारे साथ है कैसी हेल्प

चाहिये”, मैं बोला “चाची को पार्लर तक ले आओ,आप तो जानती हो में लेकर गया तो

पार्लर में काम करने वाले क्या सोचेंगे”.

काया बोली “भाई आप फ़िक्र मत करो आज उनको आप के लिए तैयार करेंगे”.मैंने दोनों के लिप्स पर किस किया और बोला “तैयार हो जाओ फिर में चाची को बोलता हूँ तैयार हो जाये”.

मे निचे आया. माँ किचन में थी और चाची सोफ़े पर बैठी टीवी देख रही थी .

मे चाची के पास जा के बैठ गया. उनकी जांघों को सहलाते हुए बोला “तो आज में आप को चोदूँगा आप रेडी हो जाओ”.चाची बोली “पर तेरे चाचा और तेरी माँ को क्या

बोलेंगे”? मैं बोला फ़िक्र मत करो मैंने सब सेटिंग कर ली हे आप बस रेडी हो जाओ” .

आस पास किसी को न देख में चाची की चुचीओको दबाने लगा.चाचि घबरा के

बोली “बेटा आसा मत कर कोई आ जायेगा”. मैं बोला “आ जाने दो में तो आप को प्यार कर रहा हूँ”. और इस घर की हर ओरत को चोद चुक्का हूँ”. चाची हैरान हो के बोली “अपनी माँ को भी”? मैंने मुस्कुराते हुए बोला “इस घर की तीनो ओरते मेरी बीविया हे समझी”,

चाची बोली “बहुत बड़ा बहनचोद मादरचोद हे तू” . मैं बोला “चाची गली मत दो ना”. चाची बोली “माँ बहनो को चोदता हे तो क्या बोलू तुझे”?.

मैं बोला “में उनकी जरुरत पूरी करता हूँ और उनसे बहुत प्यार भी करता हु”.

तभी मेरी चारो बहने निचे आती नजर आई. माँ ने टेबल पर ब्रेकफास्ट लगा दिया

ओर बोली “बच्चों खा लो वरना ठण्डा हो जायेगा” हम सब टेबल पर आ के खाने लगे .

मैं ने माँ और चाची को भी बोला खाने को तभी चाचा भी आ गए सब ने मिल के

नाश्ता कीया. माया दी बोली “चाची चलो तुमको आज अपने पार्लर ले चलति हु”. चाची बोली मैं वहा क्या करुँगी,अनु और रेणु को ले जाओ”. माया बोली “चाची चलो तो आप को आज ऐसा तैयार करुँगी की चाचा भी पहचान नहि पाएँगे”. माँ बोली “चलि जाओ ना जब बच्चे बोल रहे है तो” चाची बोली ठीक हे,अभी खाना खाओ”. चाचा बोले “भाभी मुझे शहर में थोड़ा काम हे तो शाम तक आ जाउँगा खेतो के लिए नया ट्रेक्टर और नया जनरेरटर भी लेना हे”. माँ बोली ठीक हे तुम अपना काम कर लो अगर मेरी जरुरत पड़े तो कॉल कर देना.

 
अपडेट 131

सबने खाना खा लिया मा टीवी देखने बैठ गयी. चाची चाचा तैयार होने चले गये.

मैं रेणु और अनु को लेकर पार्लर निकल गया.पार्लर पहुच के उसे खोला

काम करने वाली लड़किया भी आ गई थी. वो साफ सफाई कर रही थी. मैं बोला इन दोनों को भी ब्यूटी फुल बना दो. एक लड़की बोली सर ये तो पहले से ही ब्यूटीफुल हे , मैं बोला और बना दो. दोनों को वहि छोड के में उप्पर आ गया साथ लाई ब्लू फिल्म की सीडी देखने लगा. बोर हो रहा था १ घंटे बाद रेणु आई . उसे देख के ऐसा लगा अप्सरा आई हो.वो डोर के पास खड़ी थी . में खड़ा हो कर उसके पास गया . और उप्पर से निचे तक देखा आज बहुत हॉट और सेक्सी लग रही थी.मे उसकी बाहे पकड़ के बेड पे लेकर

आया . वो बोली क्या हुआ ऐसे क्यों देख रहे हो . मैं बोला आज तुम बहुत हॉट लग

रही हो. रेणु बोली जानती हूँ तभी तुम्हारा वो मुझे देख के खड़ा हे . उसकी खूबसूरती देख के मेरा लंड खड़ा हो गया था और मुझे उसका अहसास भी

नही था. मैं बोला “वो क्या होता हे”?

रेणु बोली “तुम्हारा भुट्टा रजत”

मैं बोला इस भुटटे की भूटीया तुम्हारे पास हे.वो शर्मा गई.

मैंने उसके होठो से होठ चिपका दीये. दोनों एक दूसरे के होठो का रस पिने लगे .

मैंने टीशर्ट के अंदर हाथ दाल के उसकी चुचिओ को पकड़ लिया. उसकी चूचिया आज

बाहुत टाइट थी निप्पल भी सख्त हो गए थे. मैंने निप्पल को रगड़ना शुरू कर दिया.

उसके लिप्स को चूसता रहा . फिर हम दोनों अलग हो गये. मैंने रेणु के कपडे उतारने

शुरु कर दिये .रेणु को नंगा कर दिया . रेणु ने मेरी पेण्ट शर्ट उत्तर दी . बस

निकर बचि थी , रेणु ने निकर उतारी उछल के शेर बाहर आ गया .रेणु लंड के

टोपे को सहलाने लगी. में लेट गया रेणु लंड को पकड़ के सहलाने लगी. फिर गोटियो को

सहलाने लगी . मेरा लंड चमक रहा था रेणु थुक लगा के सहलाती रहती हे. फिर रेणु लंड को मुह में लेकर चुस्ने लगी. में आराम से लेटा रहा. थोड़ी ही देर

चुसने के बाद में वो खड़ी हो गई . मैंने बोला क्या हुआ वो बोली सुसु आई हे

मैं बोला रुको निचे खड़ी हो जाओ. रेणु बोली क्यों . मैं बोला मुझे तुमको मूतते

हुए देखना हे.

सामने खडी हो बोला अब तुम पीछे झुक जाओ और मुतो . रेणु पीछे झुक

गयी . मैं बोला प्रेशर के साथ मुतना . में उसके सामैंने खड़ा हो गया. रेणु ने

मुतना शुरू कर दिया. उसकी मूत मेरे लंड पे फुहरे की तरह गिरने लगी लंड मूत से

भिग गया रेणु का मूत ख़तम हो गया . मैंने देखा कुछ बुँदे उसकी चुत पे रुकि

हुई हे मैंने आगे बड़ा के उसकी चुत से मुह लगा के मूत चाटने लगा . उसकी बुर आज

पहले से गरम थी . में उसकी चुत को फला के चाटने लगा वो सिसकिया ले रही थी

ओह माँ धीरे मैंने थोड़ी देर चाटा फिर खड़ा हो

गया . रेणु बोली मुझे सिधा करो मैं बोला रुको पहले ऐसे ही लंड चुसो . मैंने

उसके मुह में लंड घुसा दिया. रेणु भी चुस्ती रही झुके झुके उसकी पीठ दर्द होने

लगि मैंने उसे सिधा किया . बेड पे लिटा दिया और उसकी टांगे उठा के चुत में लंड

घूसाने लगा . चुत में लंड घूसने लगा तो वो चिल्लाने लगी .

“उउ माँ ओह”

मैं धीरे धीरे उसकी चुत में लंड घूसा के धक्के मारना शुर कर दिया. रेणु अब बहुत गरम हो गई थी मेरे धक्कों के साथ अपनी चुचिओ को जोर जोर से मसल रही थी और सिसकिया ले

रही थी . राजत चुत में जोर जोर से धक्के मारने

लगा . रेणु दो बार झड गई में भी झड़ने वाला था. में रेणु की चुत में जोर जोर से

धक्के मारने लगा उसकी चुचिया उछलने लगी. मेरे हर धक्के के साथ उसका मदमस्त बदन पूरा हिल रहा था . बेड भी हिलने लगा था . मैंने स्पीड बड़ा दी रेणु की

चुत इंजन की तरफ फुक फुक फुक फुक करने लगी ऐसा लग रहा था अब धुआ छोड़ देगी .

मेरा लंड ४० की स्पीड से उसकी चुत में घुस और निकल रहा था . रेणु की आआँखों में

वासना का नशा साफ नजर आ रहा था उसको अपनी तकलीफ़ इस मज़े के आगे फीकी

लगी.मैं रेणु की चुचिओ को पकड़ के दबाने लगा और चोदता रहा मेरा पाणी

निकलने लगा . रेणु भी झड गई दोनों का पाणी मिक्स हो गया . में रेणु के गर्भ में

अपना पाणी छोड़ता रहा . उसकी ऑंखे बंद हो गई वो चरम सुख को महसुस करने

लगी. फिर हम लेटे रहे . मेरा लंड चुत से निकल के बाहर आ गया. रेणु की चुत से

पाणी बाहर निकल गया . हम दोनों एक दूसरे को चूमने लगे . आज चुदाई में बहुत

माज़ा आया. हम सुस्ता रहे थे तभी अनु आ गई अनु हम दोनों का हाल देख के बोली

मेरे बगैर ही प्रोग्राम शुरू कर दिया . मैं बोला अणू तुमको नाइट में चोद दूंगा

“डोन्ट वर्री तुम्हारी माँ आई की नहि” अनु बोली “अभी तक तो नहि दी को फ़ोन करके पूछ लो, तुम्हारा माल आ रहा हे की नहि, कही खड़े लंड पे धोका न हो जाए”. मैंने दी को

कॉल किया दी बोली “बस निकल रहे हे तुम सब रेडी रहो”.

हम लोगो ने रूम को फिर से सैट किया . थोड़ी देर में दी भी आ गई चाची को लेकर.

हम सीसीटिवी कैमरे से देख रहे थे . फिर दी चाची को एक रूम में ले गई . और बोली चाची ये गाउन पहन लो. चाची बोली क्यों . दी बोली ताकि आप के कपडे न ख़राब हो. चाची बोली वो तो वेसे भी ख़राब हो जायेंगे. दी बोलि चाची कुछ बोला आप ने . चाची बोली “कुछ नहि” . लाओ में पहन के आति हूँ . चाची कपडे चेंज करके आ गई . दी चाची के

पैरो पे वेक्स लगाने लगी हाथो पे भी. फिर कुछ देर बाद वेक्स ढो दिया . फिर बोली चाची

गाउन उतार दो आप की बॉडी की मालिश कर दू चाची बोली उसकी क्या जरुरत .दी बोली चाची

नाइट में चाचा देखेंगे तो कण्ट्रोल नहि रख पाएंगे मेरी बात मानिये. चाची ने

कपडे उतार दिये. दी ने तेल्ल से चाची की पीठ को मालिश की फिर चाची की गदराई गांड की

मालिश करने लगी. चाची की सस्किया निकलने लगी “आह ओह माउम माँ”

हम तीनो सीसीटीवी कैमरे से चाची की

मालिश देख रहे थे.दी ने चाची को सिधा किया उनकी चुचिओ की अच्छे से मालिश की फिर

चाची की झांटे देख के बोली चाची आप इसे साफ क्यों नहि करती . चाची बोली बेटा मुझे

तो डर लगता हे ब्लेड़ से. दी अभी में साफ कर देती हूँ दी ने वेक्स चाची की बुर पे लगा

ड़िया. थोड़ी देर बाद जब चाची की बुर धोइ तो मैंने देखा उसकी बुर बहुत बड़ी हे और

फुल्ली हुई भी थी उसकी बुर के दोनों हिसे बहुत बड़े और फुले हुए थे पाओ रोटी की जैसे. दी ने अच्छे से बुर साफ की और तेल लगाया. चुत चमकने लगी . फिर दी बोली चाची अब गाउन

पहन लो. आप का फेशियल कर देती हूँ और डाय भी करनी हे.हम तीन बस देख रहे थे .

ड़ी चाची को जैसे जैसे तैयार कर रही थी. वेसे वेसे चाची जवान नज़र आने लगी थी.

 


अपडेट 132

मैं बोला तुम्हारी माँ तो जवान हो गयी. अनु बोली माँ किसकी हे , हम तीनो

हसने लगे .मैंने बोला आज तुम्हारी माँ की ऐसी चुदाई करूँगा की तुम्हारे बाप ने

भी नहि की होगी . रेणु बोली जम के चोदना ताकि हम खुल के चुदवाये तुमसे . मैं बोला “देखति जाओ जाने मन आज तुम्हारी माँ खुद को असे चुदवायेगी जैसे कभी उसने सोचा भी नहि होगा”.

चाची को माया दी ने एक २५ साल नौजवान लड़की बना दिया था जिसे

देख के में पागल हुआ जा रहा था. काया दी ने उनको एक साड़ी ले के दी. पिंक

कलर की साड़ी का बोर्डेर बहुत अच्छा था. माया दी ने चाची को जेवर भी पहना

दीये थे एक दम दुल्हन की तरह चाची आज लग रही थी. माया दी बोली “काया चाची को नथ पहना दो आज इनका सुहाग दिन यही हमारे पार्लर में होगा. चाची ये सुन के

शर्मा गई. काया ने चाची को नथ पहना दी. माया बोली जल्दी करो भाई इंतज़ार कर

रहा हे अपनी दुल्हन को देखने के लिये.. चाची अभी भी शरमा रही थी. काया बोली

चाची भाई से शर्माना मत वरना बहुत दर्द देगा. चाची बोली “धत्त! दोनों

बहने हॅसने लगी. मैंने रेणु और अनु को बोला देखो आज तुम्हारी तीसरी बहन भी

चुदने वाली हे. अनु बोली माँ हा भाई आज माँ बहन लग रही हे जम के चोदना.

मैं बोला तुम्हारी माँ की आज नथ उत्तेरेगी. रेणु बोली पर भाई माँ तो चूदी हुई

है. मैं बोला गांड तो नहि मरवाई हे आज गांड मार के नथ उतारूंगा.

माया दी चाची को लेकर ऊपर आने लगी. मैंने रेणु और अनु को छूपने को

बोला वो स्टोर रूम में छुप गई. दी चाची को लेकर रूम में आ गई. चाची को बेड

पे बैठा दिया. चाची घूंघट निकाल के बैठ गयी.माया काया दी बोली भाई आ जाओ आप की

दुलहन रेडी हे. हम जा रहे हे पर हमारा गिफ्ट रेडी रखना. माया काया चलि

गयी. में स्टोर रूम से बाहर आया. चाची दुल्हन की तरह बेड पर बैठी थी. आज एक

नयी नवेली दुलन लग रही थी. में जैसे जैसे पास जा रहा था चाची की धड़कने बढ़

रही थी. चाची के पास जा के मैंने चाची का घूंघट उठाया. वो आज बहुत हसीन

लग रही थी. मैंने चाची के चहेरे को ऊपर किया चाची अपनी नज़रे निचे करके

बैठी रहि.

“कातिल तेरी अदाओँ ने लूटा है,

मुझे तेरी जफ़ाओं ने लूटा है,

शौक नहीं था मुझे मर-मिटने का,

साकि नशीली निगाहों ने लूटा है,

बिखरि है खुशबु तेरी सांसों की,

मुझ को तो इन हवाओँ ने लूटा है,

चैन से भला कैसे सो सकता हु,

रातों को तेरे खवाबों ने लूटा है,

बहुत खूब है...........

चाची के होठो पे मुस्कराहट आ गयी. मैंने चाची के होठो पे चूमा दे दीया चाची शर्मा के मुह फेरने लगी मैंने चाची के चहेरे को हाथों में लेकर बोला

“झील से जिस्म को ओढ़कर,

खिलते गुलाब की खुश्बु को साँसों में समाकर,

आंखों में सितारों का जहां लिये,

तितलियों सी बब्ली अदाएँ,

इशक़ से बेकार कर देने वाली बातें,

मौसम को भी आशिक़ बना दे जो, मुस्कराहट लिये,

मिली थी हमें एक परियों की रनि,

जीन्हे पाणे की तो थी ख़्वाहिश हमारि,

ओर जब करना चाहा प्यार उससे,

पता हमें चला, की वो तो लोट चुकि है,

परिस्तान दिल हमारा चुरा कर”

चाची ने मुस्कुरा के मेरे गालो पे एक चूमा दीया. में तो दीवाना हो गया था उसकी

खूबसूरती का उनकी आदायगी का. मैंने चाची की साड़ी का पलु हटा दिया . चाची की बड़ी बडी चूचिया ब्लाउज से आजाद होने को बेताब थी मैंने चाची की चुचीयो पर हाथ

रख दिया. चाची की धड़कने तेज़ हो गई. मैंने उसका ब्लाउज खोल दिया, चाची

का ब्लाउज उतार दिया. चाची ने ब्लैक ब्रा पहनी थी फिर भी उनकी चूचिया ३६ साइज से ज्यादा लग रही थी. मैंने चाची को लिटा दिया और जेवर उतारने लगा. मैंने होठो से

उनकी कान की बालि उतारी. और कानो को चुस्ने चाटने लगा. ऐसा करना उनको बहुत अच्छा लगा. फिर मैंने गले का हार उतार के उनके गले को चूमने लगा. चाची मचल

उठि. मैंने उनकी चुडिया उतारी और हाथो को चूमा. चाची की चुचिओ को

काटने लगा. चाची ने बोला “रजत बेटा बहुत मज़ा आ रहा हे आज तक ऐसा भी कुछ होता हे पता नहि था”.

मैंने चाची की साड़ी उत्तर फेकि और चाची के पेटी कोट को ऊपर करने

लगा. चाची बोली मुझे ही नंगा करेगा की अपने भी कपडे उत्तारेगा. मैं बोला

चाची खुद उतार दो. चाची बैठ गई मेरी शर्ट उतारने लगी शर्ट उतार के मेरे

सिने को चूमने लगी. मेरे सीने के निप्पल पर जीभ फेरने लगी. उनकी इस अदा से मेरा जिस्म

सिहर गया फिर चाची ने पेण्ट उतार दि. चाची किस करने लगी . चाची किस करते करते

मेरे लंड को कस कर सहलाने लगी. सुपाडे की साइज और आकर देख कर वो बहुत

हैरान हो गयी. चाची बोली बेटा कहा छुपा रखा था इतने दिनसे इसे . मैं बोला

"चाची ये तो तुम्हारे सामने था तुम, ही ध्यान नहि दे रही थी. चाची बोली मुझे क्या

पता था तुम्हारा इतना बडा होगा. अब उनकी शर्म ख़तम हो रही थी और मुझे भी

मज़ा आ रहा था एक बार शर्म ख़तम हो जाती हे तो चाची की गांड ऐसी मारूँगा

की मेरी दीवानी हो जाएगी. मैंने चाची की ब्रा खोल के लिटा लिया और चूचियों को दबादबा के चुस्ने लगा . चाची की सिसकिया निकालने लगी .

“उमममा आआआहहहह बेटा आआआहहह ना बेटा धीरे चुस बेटा धीरे”.

मैं निप्पल को मसलते हुए

बोला की चाची आज तो तुमको इतना प्यार दूंगा की किसी ने नहि दीया होगा मेरा लंड चुत

से रगडने लगा.चाचि कि पेन्टी पूरी गिली हो गई थी और उसकी वजह से मेरा अंडरवियर

भी गिला हो रहा था मैंने चाची का पेटीकोट उतार दिया और टांगो को फैला कर चुत

को चाटने लगा चाची उतेजित हो कर सिसकिया लेने लगी

“आह ओह ओह मा बेटा ये तूने क्या

किया आह आज तक ऐसा

कीसिने ने नहि किया आज तूने मुझे वो ख़ुशी दी है जो मैंने कभी सोचा भी नहि था रजत”

मैंने चाची की चुत चाटते हुए पूछा “चाची क्या आप ने कभी गांड मरवाई हे”

चाची:-“क्यों पूछा”

मैं बोला “आप की गांड बहुत बड़ी है इस लिये.

चाची बोली “वो तो काम करने से बढ़ गई हे” .

रजत:- “में नहि मानता जरूर आप ने गांड मरवाई हे”.

चाची :- “एक दो बार तुम्हारे चाचा ने जबर दस्ती मारी थी उसके बाद मैंने उनको

मारने नहि दी”.

रजत:- “फिर तो आप की गांड भी खुल गई होगी”.

चाची :- तेरे चाचा के ४-५ इंच के लंड से चुत तो सही से खुली नहि हे उनका लंड

भी १-५ इंच का है”.

रजत:- डोन्ट वरि आज में दोनों को अच्छे से खोलूंगा”.

चाची :- “गांड नहि दूंगी”

 
मैं आप सब दोस्तो का बहुत आभारी हूं दोस्तो अगर आपको मेरी कोई स्टोरी बोर कर रही हो या पसंद ना आ रही हो तो कृपया बताये ता की मैं वह स्टोरी बंद कर सकू और कोई नई स्टोरी शुरू कर सकू...सतीश
 
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