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अपडेट 124
रजत बोलता हे “में ठीक हूँ तुझे क्या हुआ इतनी कमजोर कैसे हो गई हे..चाचा चाची कुछ खाने को नहि देते है क्या इसे” .मालती बोलती हे हमारी कोई
गलती नहि ये जब से तुम लोग गांव से आये हो कुछ ख़ाति पीती नहि है सारा दिन अपने रूम में रहती हे मन करता हे तो ही कुछ ख़ाति हे”.
रजत रेणु से पूछता हे “ऐसा क्यों”?
रेणु बोलती हे भाई क्या करू स्टडी करते करते भूख मर जाती थी” .रजत बोलता हे “ठीक हे यहाँ कुछ दिन रहो मोटी कर
दूंगा तुझे” और सब हॅसने लगते हे .रेणु शर्मा जाती हे ..
रजत चाचा चाची को गेस्ट रूम दे देता हे ओर सारा.
सामान भी पंहुचा देता हे .चाचा चाची आप तैयार होकर पार्टी में आ जाना अनु और रेणु मेरे रूम में शिफ्ट हो जाएँगी में दी के रूम में सो जाउँगा”.केशव रूम में चला जाता हे .मालती को अकेला देख रजत के मन के अरमान जागने लगते हे वो मालती की उठि हुई गांड को घुर घूर के देखता हे मालति भी अपनी गांड मटका मटका के
दिखाति हे .थोड़ी देर ऐसे ही प्रोग्राम चलता रहता हे .
रेखा रजत को अवाज मारती हे .रजत को होश आ जाता हे वह मूड के देखता हे रेखा रेड साड़ी में मस्त माल नजर. आ रही होती हे .रजत पास जाता हे और बोलता हे “जान आज किस की जान लेने का विचार हे”.रेखा बोलती हे “में तो खुद तुम पे क़ुर्बान हुई हूँ क्या किसी और को जान लुंगी”.रेखा बोलती हे “मेहमान आने चालू हो गये हे और तुम यहाँ हो चलो मेहमानो का वेलकम करो”.रजत बोलता हे “पहले
एक किसी दो फिर जो बोलोगी करूँगा” रेखा बोलती हे “क्यों जिद कर रहे हो कोई आ जायेगा”.रजत बोलता हे “ठीक हे मत दो”.
रेखा इधर उधर देख के रजत के लिप्स पर किस कर देती है रजत खुश हो जाता हे दोनों कुछ देर ऐसे ही किस करते रहते हे. फिर रेखा रजत का हाथ पकड़ के ले जाती हे.रजत मेहमानो का वेलकम करता हे.रोहित और ख़ुशी भी आ जाते हे .राहुल भी नेहा के साथ आ जाता हे .रानी भी सिद्धि को लेकर आ जाती हे.रजत सब को बैठने की जगह पर बैठा देता हे और सब को ठण्डा सर्व करता हे.रजत सोचता हे.
आज मेरी प्यारी बहने बाहर नहि आई.
रजत रेखा से पूछता ही काया माया कहा हे.रेखा बोलती हे मालूम नहि यही तो
थी. रजत अपनी माँ से पूछता हे उनको भी खबर नहि.
रजत अपने मां को पूछता हे वो बोलती हे दोनों बचिया
बाहर गई हे आती ही होंगीं फ़िक्र मत कर.रजत अपना फोन
निकालता हे और काया को कॉल करता हे. रजत काया से पूछता है “कहा हो”? काया बोलती हे “डार्लिंग फ़िक्र क्यों करते हो आ रहे हे”. रजत अनु और रेणु से मिलने अपने रूम में जाता
ही .जैसे ही रूम खोलता हे सामने रेणु को नंगा देखता है जो अपने बदन को घुर रही थी .रजत उसके पास जाता हे और
उसकी गांड पर हाथ फ़ेरने लगता हे.रजत पूछता हे “अब बाताओ जान क्या हुआ”.
रेणु की आँखे नम थी वो धीर से
बोलती हे “आई मिस यु लॉट्स भाई”
रजत बोलता हे “पगली रो क्यु रही है, मैं भी तुम सब को मिस करता हूँ रोज”.
रेणु रजत के गले लग जाती हे .रजत उसकी गांड मसलते हुए बोलता हे “कोई आ जायेगा रेणु”.
रेणु बोलती हे “आने दो इतने दिनों बाद
ये दिन देखने को मिला हे”.
तभी अनु बाथरूम से बाहर आती हे रजत और रेणु को ऐसे देख कर बोलती हे
“आये हुए ज्यादा देर भी नहि हुई और तेरी बुर में खुजलि भी होने लगी”.
रजत अनु के पास जा के उसको किस करता हे रेणु भी आ जाती हे और रजत को वो भी किस करने लगती हे.
रजत बोलता है. ”बस भी करो खा जोओगी क्या?
ओर तीनो हॅसने लगते हे. रजत और रजत की चचेरी बहने रजत को किस करती रेहती है रजत भी उनको करता हे.तभी अनु बताती हे “भाई आप के बिना दीदी तो पागल हो गई थी हर रात आप का नाम लेती रहती सपनो में”.
रजत रेणु की बुर को सहलाते हुए कहता
है आखिर इसमें खुजलि जो हो रही थी.
रेणु बोलती हे अभी
ईसकी खुजलि मिटा दो बाद में वक़्त नहि मिलेगा.
रजत बोलता है “निचे मेहमान आये हुए हे और में रुक नहि सकता”.
अनु बोलती हे “भाई डोन्ट वरि में डोर पर खड़ी हो जाती हु,आप दीदी की प्यास बुझा दो बहुत दिनों की भूखी हे”.
रजत अनु को किस करता हे.अनु डोर के पास जा के खड़ी हो जाती है.
रजत बोलता हे “में ठीक हूँ तुझे क्या हुआ इतनी कमजोर कैसे हो गई हे..चाचा चाची कुछ खाने को नहि देते है क्या इसे” .मालती बोलती हे हमारी कोई
गलती नहि ये जब से तुम लोग गांव से आये हो कुछ ख़ाति पीती नहि है सारा दिन अपने रूम में रहती हे मन करता हे तो ही कुछ ख़ाति हे”.
रजत रेणु से पूछता हे “ऐसा क्यों”?
रेणु बोलती हे भाई क्या करू स्टडी करते करते भूख मर जाती थी” .रजत बोलता हे “ठीक हे यहाँ कुछ दिन रहो मोटी कर
दूंगा तुझे” और सब हॅसने लगते हे .रेणु शर्मा जाती हे ..
रजत चाचा चाची को गेस्ट रूम दे देता हे ओर सारा.
सामान भी पंहुचा देता हे .चाचा चाची आप तैयार होकर पार्टी में आ जाना अनु और रेणु मेरे रूम में शिफ्ट हो जाएँगी में दी के रूम में सो जाउँगा”.केशव रूम में चला जाता हे .मालती को अकेला देख रजत के मन के अरमान जागने लगते हे वो मालती की उठि हुई गांड को घुर घूर के देखता हे मालति भी अपनी गांड मटका मटका के
दिखाति हे .थोड़ी देर ऐसे ही प्रोग्राम चलता रहता हे .
रेखा रजत को अवाज मारती हे .रजत को होश आ जाता हे वह मूड के देखता हे रेखा रेड साड़ी में मस्त माल नजर. आ रही होती हे .रजत पास जाता हे और बोलता हे “जान आज किस की जान लेने का विचार हे”.रेखा बोलती हे “में तो खुद तुम पे क़ुर्बान हुई हूँ क्या किसी और को जान लुंगी”.रेखा बोलती हे “मेहमान आने चालू हो गये हे और तुम यहाँ हो चलो मेहमानो का वेलकम करो”.रजत बोलता हे “पहले
एक किसी दो फिर जो बोलोगी करूँगा” रेखा बोलती हे “क्यों जिद कर रहे हो कोई आ जायेगा”.रजत बोलता हे “ठीक हे मत दो”.
रेखा इधर उधर देख के रजत के लिप्स पर किस कर देती है रजत खुश हो जाता हे दोनों कुछ देर ऐसे ही किस करते रहते हे. फिर रेखा रजत का हाथ पकड़ के ले जाती हे.रजत मेहमानो का वेलकम करता हे.रोहित और ख़ुशी भी आ जाते हे .राहुल भी नेहा के साथ आ जाता हे .रानी भी सिद्धि को लेकर आ जाती हे.रजत सब को बैठने की जगह पर बैठा देता हे और सब को ठण्डा सर्व करता हे.रजत सोचता हे.
आज मेरी प्यारी बहने बाहर नहि आई.
रजत रेखा से पूछता ही काया माया कहा हे.रेखा बोलती हे मालूम नहि यही तो
थी. रजत अपनी माँ से पूछता हे उनको भी खबर नहि.
रजत अपने मां को पूछता हे वो बोलती हे दोनों बचिया
बाहर गई हे आती ही होंगीं फ़िक्र मत कर.रजत अपना फोन
निकालता हे और काया को कॉल करता हे. रजत काया से पूछता है “कहा हो”? काया बोलती हे “डार्लिंग फ़िक्र क्यों करते हो आ रहे हे”. रजत अनु और रेणु से मिलने अपने रूम में जाता
ही .जैसे ही रूम खोलता हे सामने रेणु को नंगा देखता है जो अपने बदन को घुर रही थी .रजत उसके पास जाता हे और
उसकी गांड पर हाथ फ़ेरने लगता हे.रजत पूछता हे “अब बाताओ जान क्या हुआ”.
रेणु की आँखे नम थी वो धीर से
बोलती हे “आई मिस यु लॉट्स भाई”
रजत बोलता हे “पगली रो क्यु रही है, मैं भी तुम सब को मिस करता हूँ रोज”.
रेणु रजत के गले लग जाती हे .रजत उसकी गांड मसलते हुए बोलता हे “कोई आ जायेगा रेणु”.
रेणु बोलती हे “आने दो इतने दिनों बाद
ये दिन देखने को मिला हे”.
तभी अनु बाथरूम से बाहर आती हे रजत और रेणु को ऐसे देख कर बोलती हे
“आये हुए ज्यादा देर भी नहि हुई और तेरी बुर में खुजलि भी होने लगी”.
रजत अनु के पास जा के उसको किस करता हे रेणु भी आ जाती हे और रजत को वो भी किस करने लगती हे.
रजत बोलता है. ”बस भी करो खा जोओगी क्या?
ओर तीनो हॅसने लगते हे. रजत और रजत की चचेरी बहने रजत को किस करती रेहती है रजत भी उनको करता हे.तभी अनु बताती हे “भाई आप के बिना दीदी तो पागल हो गई थी हर रात आप का नाम लेती रहती सपनो में”.
रजत रेणु की बुर को सहलाते हुए कहता
है आखिर इसमें खुजलि जो हो रही थी.
रेणु बोलती हे अभी
ईसकी खुजलि मिटा दो बाद में वक़्त नहि मिलेगा.
रजत बोलता है “निचे मेहमान आये हुए हे और में रुक नहि सकता”.
अनु बोलती हे “भाई डोन्ट वरि में डोर पर खड़ी हो जाती हु,आप दीदी की प्यास बुझा दो बहुत दिनों की भूखी हे”.
रजत अनु को किस करता हे.अनु डोर के पास जा के खड़ी हो जाती है.