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Guest
मैंने बोला “क्या हुआ इतनी जल्दी क्यों खा लिया”.
रूपा बोलि “कुछ और खाने का मन था इस लिए”.
मैंने बोला “क्या”?
रूपा ने झट से मैरा लंड मुँह में डाल लिया और चुसने लगी.
माँ बोली “बेटा थोड़ा तो सबर कर खाना खाने दे उसे”.
रुपा बोलि “माँ क्या करू आज बहुत मन हो रहा है अपनी चूत फड़वाने का”.
काया बोलि “भाभी मेरा भी मन हो रहा है”. माँ बोली “ठीक हे तुम दोनों इंजॉय करो मेरा तो लंच हो गया, में बाहर जाती हु”.
माया दीदी बोलि “में भी चलती हु माँ”
दोनों बाहर चली गई.मैंने भी खाना छोड़ दिया. जब चुदायी करने को मिल रही हो तो किसे भूख लगती है, में खड़ा हो गया, रूपा लंड चूस रही थी,मैंने काया को अपनी तरफ़ खिच लिया और उसकी चूचियों को मसलने लगा. काया बहुत उतेजित थी. दो दिन से वो रोज चुदवाना चाहती थी,मैंने काया के कपडे उतारने शुरू कर दिये. ये देख रूपा खड़ी हो गई और अपने कपडे उतारने लयी. दोनों एक दम रंडी की तरह फटा फट कपड उतार रही थी. दोनों नंगी हो गई और मेरे कपडे उतारने लगी. दोनों ने मुझे नंगा करके सोफ़े पे बैठा दिया. दोनों रंडियो की तरह मुस्कुरा रही थी. में आराम से बैठा हुआ था. काया रूपा की चूचियों को दबाने लगी और रूपा काया की. में दोनों उतेजित लकडियो के बिच था. और पता नही था क्या होने वाला हे. काया रूपा की दोनो चूचियों को दबा दबा के चुस्ने लगी. उनको देख के में भी लंड हिलाने लगा.दोनो एक एक दूसरे को नोच रही थी. बुरी तरह एक दूसरे की चूचियों को दबा रही थी.
दोनो की सिसकियो से मेरा लंड भी जोर मार रहा था. दोनों मेरे पास आई.
रूपा झुक के मेरे लंड को मुह में लेने की कोशिश कर रही थी. और काया मेरे मुह से अपनी चुचियो को रगड रही थी. रूपा अपनी चूत मसलते हुए लंड चुसने लगी. काया की चूची को मुह में डाल मैंने दो ऊंगली उसकी चूत में घूस दी. दोनों मस्त हो गई थी. दोनों ही मुझ पे हावी हो रही थी. रूपा लंड मुह में भर भर के चुस रही थी और काया की चूचियों को मुह में भर भर के में चुस रहा था. काया के निप्पल को जब भी काटता काया जोर से कराहने लगती.मैंने काया की चूत में जोर जोर से ऊंगली करना शुरू कर दिया. काया की चूत बहुत गीली हो गई थी. दोनों के चूत पाणी छोड़ने लगी थी
फिर रूपा ने लंड चूसना बंद कर दिया और अपनी चुचियो के बिच मेरा लंड दबा के हिलाने लगी. आज रूपा की चूचियों को भी चोदने को मिल गया. रूपा लंड को चूचियों में दबा के हीला रही थी. बिच बिच में लंड चुसने लगती. थोडी देर बाद. काया खड़ी हो गई और मेरे मुह पे अपनी चूत लगा के दबाने लगी. उसकी चूत से बहुत अच्छी महक आ रही थी, में उसकी चूत को चुसने लगा. मैंने अपनी जीभ अंदर तक घूसा दी. और चूत चुसता रहा. काया की चूत बहुत पानी छोड़ रही थी मैंने सारा पानी पिया. में और देर नही कर सकता था. हमे लंच करते हुये १ घण्टा हो गया था. मैंने काया को नीचे उतार दिया और खड़ा हो गया, अब मुझे दो दो की चुदाई एक साथ करणी होगी मुझे पता था. मैंने रूपा को सोफ़े के सहारे झुका दिया फिर मैंने काया को उसकी पीठ के ऊपर उलटे लेटने को बोला. दोनों सोचने लगी आखिर
करने क्या वाला हु? काया का वेट् कम था तो रूपा आसानी से उठा सकती थी. काया रूपा के उपर लेट गई. में दोनों के सामने आ गया. मैंने काया की चूत में ऊंगली डाली और रूपा की चूत में लंड डाल के धक्का का मार् दिया. दोनों को समझ आ गया अब उनकी ऐसे ही चुदायी एक साथ होगी में रूपा की चूत में धक्के मारने लगा और काया की चूत बुरी तरह मसल रहा था. दोनों सीस किया ले रही थी. मैंने जोर जोर से दुसरे हाथ से काया की निप्पल को मसला. रूपा की चूत फच फच की आवाज निकालने लगी. मुझे पता था दोनों गरम है जल्दी ही झड जायेगी पर में
रूपा बोलि “कुछ और खाने का मन था इस लिए”.
मैंने बोला “क्या”?
रूपा ने झट से मैरा लंड मुँह में डाल लिया और चुसने लगी.
माँ बोली “बेटा थोड़ा तो सबर कर खाना खाने दे उसे”.
रुपा बोलि “माँ क्या करू आज बहुत मन हो रहा है अपनी चूत फड़वाने का”.
काया बोलि “भाभी मेरा भी मन हो रहा है”. माँ बोली “ठीक हे तुम दोनों इंजॉय करो मेरा तो लंच हो गया, में बाहर जाती हु”.
माया दीदी बोलि “में भी चलती हु माँ”
दोनों बाहर चली गई.मैंने भी खाना छोड़ दिया. जब चुदायी करने को मिल रही हो तो किसे भूख लगती है, में खड़ा हो गया, रूपा लंड चूस रही थी,मैंने काया को अपनी तरफ़ खिच लिया और उसकी चूचियों को मसलने लगा. काया बहुत उतेजित थी. दो दिन से वो रोज चुदवाना चाहती थी,मैंने काया के कपडे उतारने शुरू कर दिये. ये देख रूपा खड़ी हो गई और अपने कपडे उतारने लयी. दोनों एक दम रंडी की तरह फटा फट कपड उतार रही थी. दोनों नंगी हो गई और मेरे कपडे उतारने लगी. दोनों ने मुझे नंगा करके सोफ़े पे बैठा दिया. दोनों रंडियो की तरह मुस्कुरा रही थी. में आराम से बैठा हुआ था. काया रूपा की चूचियों को दबाने लगी और रूपा काया की. में दोनों उतेजित लकडियो के बिच था. और पता नही था क्या होने वाला हे. काया रूपा की दोनो चूचियों को दबा दबा के चुस्ने लगी. उनको देख के में भी लंड हिलाने लगा.दोनो एक एक दूसरे को नोच रही थी. बुरी तरह एक दूसरे की चूचियों को दबा रही थी.
दोनो की सिसकियो से मेरा लंड भी जोर मार रहा था. दोनों मेरे पास आई.
रूपा झुक के मेरे लंड को मुह में लेने की कोशिश कर रही थी. और काया मेरे मुह से अपनी चुचियो को रगड रही थी. रूपा अपनी चूत मसलते हुए लंड चुसने लगी. काया की चूची को मुह में डाल मैंने दो ऊंगली उसकी चूत में घूस दी. दोनों मस्त हो गई थी. दोनों ही मुझ पे हावी हो रही थी. रूपा लंड मुह में भर भर के चुस रही थी और काया की चूचियों को मुह में भर भर के में चुस रहा था. काया के निप्पल को जब भी काटता काया जोर से कराहने लगती.मैंने काया की चूत में जोर जोर से ऊंगली करना शुरू कर दिया. काया की चूत बहुत गीली हो गई थी. दोनों के चूत पाणी छोड़ने लगी थी
फिर रूपा ने लंड चूसना बंद कर दिया और अपनी चुचियो के बिच मेरा लंड दबा के हिलाने लगी. आज रूपा की चूचियों को भी चोदने को मिल गया. रूपा लंड को चूचियों में दबा के हीला रही थी. बिच बिच में लंड चुसने लगती. थोडी देर बाद. काया खड़ी हो गई और मेरे मुह पे अपनी चूत लगा के दबाने लगी. उसकी चूत से बहुत अच्छी महक आ रही थी, में उसकी चूत को चुसने लगा. मैंने अपनी जीभ अंदर तक घूसा दी. और चूत चुसता रहा. काया की चूत बहुत पानी छोड़ रही थी मैंने सारा पानी पिया. में और देर नही कर सकता था. हमे लंच करते हुये १ घण्टा हो गया था. मैंने काया को नीचे उतार दिया और खड़ा हो गया, अब मुझे दो दो की चुदाई एक साथ करणी होगी मुझे पता था. मैंने रूपा को सोफ़े के सहारे झुका दिया फिर मैंने काया को उसकी पीठ के ऊपर उलटे लेटने को बोला. दोनों सोचने लगी आखिर
करने क्या वाला हु? काया का वेट् कम था तो रूपा आसानी से उठा सकती थी. काया रूपा के उपर लेट गई. में दोनों के सामने आ गया. मैंने काया की चूत में ऊंगली डाली और रूपा की चूत में लंड डाल के धक्का का मार् दिया. दोनों को समझ आ गया अब उनकी ऐसे ही चुदायी एक साथ होगी में रूपा की चूत में धक्के मारने लगा और काया की चूत बुरी तरह मसल रहा था. दोनों सीस किया ले रही थी. मैंने जोर जोर से दुसरे हाथ से काया की निप्पल को मसला. रूपा की चूत फच फच की आवाज निकालने लगी. मुझे पता था दोनों गरम है जल्दी ही झड जायेगी पर में