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अपनी अम्मी से मेहन्दी लगवाने की कुछ देर बाद शाज़िया बाथरूम में गई. और बाथरूम में अपनी फुद्दि को शेव करने के साथ साथ अच्छी तरह शोवर ले कर पाक हो गई.
शोवर से फारिग हो कर शाज़िया ने अपने सजना के लिए सजना शुरू कर दिया. और अपने नई शलवार कमीज़ का सूट पहन कर अपने जानू के इस्तिक़्बाल के लिए रेडी हो गई.
तैयार होने के बाद शाज़िया चाय बनाने के लिए किचन में गई. तो उसे अंदाज़ा हुआ कि उस की अम्मी रज़िया बीबी साथ वाले घर में नीलोफर के पास गई हुई थी.
किचन में जा कर ज्यों ही शाज़िया ने चाय का बर्तन चूल्हे. पर रखा.तो इस दोरान उसे अपने कमरे से अपने बच्चो के रोने की आवाज़ सुनाई दी.
“लगता है बच्चो को फिर भूक लग गई है,मुझे चाहिए कि ज़ाहिद के आने से पहले में इन्हे अपना दूध पिला कर सुला दूं,ताक़ि फिर मुझे ज़ाहिद के साथ मज़ा लेने में कोई दुश्वारी ना हो” ये सोचते हुए शाज़िया ने चूल्हा बंद किया. और किचन से निकल कर अपने कमरे की तरफ चल पड़ी.
अपने कमरे के नज़दीक जाते जाते शाज़िया को महसूस हुआ कि उस के बच्चो ने भूक के मारे ज़्यादा रोना शुरू कर दिया है.
इसीलिए शाज़िया ने अपने कमरे में दाखिल होने से पहले ही अपनी कमीज़ को अपने भारी मम्मो से उपर उठा कर अपने मोटे दूध भरे मम्मे ब्रेज़ियर से बाहर निकाल कर नंगे कर लिए.
ताकि कमरे में जाते साथ ही वो अपने दोनो निपल्स को अपने दोनो बच्चों के मुँह में एक साथ घुसा दे.
कमरे में आते ही शाज़िया ने अपने बेटा और बेटी को को एक साथ अपना दूध पिलाना शुरू कर दिया.
शाज़िया के मोटे मम्मो के निपल्स बच्चो के मुँह में जैसे ही गये. तो अपनी माँ शाज़िया के दूध की धार अपने हलक में जाता महसूस कर के शाज़िया के बच्चो ने रोना बंद कर दिया.
थोड़ी देर बाद शाज़िया की बच्ची तो दूध पीते पीते सो गई. जिसे बिस्तर पर लिटा कर शाज़िया ने अपनी कमीज़ भी उतार दी. और अपने बेटे को अपने आगोश में ले कर फिर से उसे अपना दूध पिलाना शुरू कर दिया.
अभी शाज़िया अपने बेटे को अपने मम्मे से लगा कर अपने भारी मम्मे को हाथ से निचोड़ते हुए अपने बेटे को दूध पिलाने में मसरूफ़ हुई ही थी.
कि इतनी देर में ज़ाहिद अपने घर में दाखिल हुआ. और घर शाज़िया के कमरे के खड़े हो कर अपनी बीवी बहन को अपने बेटे को दूध पिलाने का ये नज़ारा देखने लगा.
“हाईईईईईईईईईईई मेरी बहन के ये मम्मे तो पहले ही बहुत खूबसूरत और भारी थे, जब कि अब उन में दूध भरा होने की वजह से ये तो पहले से भी काफ़ी बड़े बड़े हो गए हैं” ज्यों ही ज़ाहिद ने अपने बेटे को उस की माँ शाज़िया की भारी छाती से मुँह लगे उस का मोटा मम्मा चूस्ते देखा.
तो अपनी बहन के दूध भरे उन मम्मो को आज इतने दिनो बाद अपने सामने ऐसे नंगा देख कर ज़ाहिद का लंड उस की पॅंट में खड़ा हो कर लोहे की तरह सख़्त हो गया.
ज़ाहिद अभी अपनी बहन के दूध भरे नंगे मम्मो का बाहर खड़े खड़े नज़ारा ले रहा था. कि इतने में कमरे में मौजूद शाज़िया ने देखा कि उस का बेटा भी उस की गोद में सो चुका है.
शाज़िया ने अपने बेटे को भी अपने बड़े पलंग पर उस की बहन के पहलू में लिटा दिया.
ज्यों ही बच्चे को बिस्तर पर लिटा कर शाज़िया सीधी हुई. तो कमरे से बाहर खड़ा ज़ाहिद एक दम बच्चो की जगह अब अपनी बहन शाज़िया की गोद में लेट गया.
“बच्चो को तो दूध पिला चुकी हो,अब बच्चो के बाप को कब अपने दूध के ज़ायक़े का स्वाद चखाओगी मेरी रानी” बिस्तर पर बैठी अपनी बहन की गोद में लेट कर ज़ाहिद ने बड़े प्यार से अपनी बहन के दूध भरे मोटे मम्मे को हाथ में ले के दबाया.
तो ज़ाहिद के हाथ की उंगली लगने से शाज़िया के मम्मे से ताज़ा सफेद दूध की धार एक दम से निकली.
जिस ने शाज़िया के अंगूर की साइज़ वाले मोटे निपल को पूरा भिगो दिया.
“वो तो बच्चे हैं,और उन को अपना दूध पिलाना मेरा फ़र्ज़ है, जब कि आप अब बच्चे नही बल्कि बड़े हो गये हैं,इसीलिए मेरे मम्मो से दूध पीना आप के लिए मुनासिब बात नही” अपनी गोद में सर रख कर लेटे अपने भाई की फरमाइश सुन कर शाज़िया शरम से सिमट गई. और एक अदा के साथ अपने भाई की बात का जवाब देते हुए मुस्कुराइ.
“चाहे कुछ भी ही आज में तुम्हारे इन दूध भरे मम्मो से तुम्हारा ताज़ा दूध पी कर ही रहूं गा मेरी जान, इसीलिए अब नखरे छोड़ो और अपने जानू को अपने गरम दूध का मज़ा दो जल्दी से” ज़ाहिद ने जब दूध पीने की अपनी फरमाइश पर अपनी बहन को यूँ शरमाते देखा. तो वो भी एक बच्चे की तरह अपनी ज़िद पर उतर आया.