कुछ देर इसी तरह साना जावेद की चूत में धक्के लगाने के बाद राज ने एक बार फिर साना जावेद को डागी शैली में बैठाकर चुदाई जारी रखी साना जावेद एक बार फिर अपने हाथ आगे बेड पर टिकाए अपनी गर्दन पीछे मोड़कर राज के शानदार धक्के अपनी चूत में लगते देख रही थी। साना जावेद की सिसकियाँ पूरे कमरे में गूंज रही थीं लेकिन इस बार साना जावेद ने भी ठान रखा था कि जब तक राज का लंड पानी नहीं छोड़ता वह भी अपनी चूत का पानी नहीं निकलने देगी। राज ने कोई 10 मिनट तक साना जावेद को घोड़ी बना कर किसी रंडी की तरह चोदा मगर उसकी चूत ने पानी नहीं छोड़ा और न ही राज के लंड ने हार मानी। फिर अचानक ही राज ने साना जावेद की चूत से अपना लंड निकालकर तुरंत ही उसकी गाण्ड के छेद पर अपनी टोपी रख दी। अपनी गाण्ड केसूराख पर टोपी को महसूस करते ही साना जावेद बोली अरे ऐसे नहीं, पहले इसे नरम तो कर लो, राज ने कहा, मेरे लंड पर तुम्हारी चूत का गाढ़ा पानी मौजूद है उसी से गाण्ड भी अंदर तक चिकनी हो जाएगी, यह कह कर राज ने अपने लंड पर हाथ फेरा और फिर वही हाथ साना जावेद की गाण्ड के छेद पर फेरने लगा। और फिर अपनी उंगली साना जावेद की गाण्ड के छेद में डाल करके साना जावेद की चूत का पानी उसकी गाण्ड के अंदर अच्छी तरह मसल दिया।
फिर राज ने फिर से साना जावेद की गाण्ड के छेद पर अपने लंड की टोपी रखी और एक जोरदार धक्का लगाया जिससे राज के लंड की टोपी साना जावेद की गाण्ड में जा चुकी थी। फिरराज ने फिर से लंड टोपी सहित बाहर निकाला और साना जावेद की गाण्ड में एक और धक्का लगाया जिससे न केवल साना जावेद की एक दिलख़राश चीख निकली बल्कि राज का आधा लंड साना जावेद की टाइट गाण्ड में गुम हो गया था। मेजर राज यहां रुका नहीं, वह जानता था कि यह राफिया की तरह साधारण लड़की नहीं जिसने कभी गाण्ड न मरवाई हो, लेकिन यह लॉलीवुड फिल्म उद्योग की लड़की है जिसको आए दिन कभी निदेशक तो कभी फिल्म का हीरो जरूर चोदता है, और कोई न कोई तो उनकी गाण्ड भी मारता ही होगा। और राज का यह अनुमान ठीक भी था, साना जावेद की गाण्ड ऐनी जाफ़री की गाण्ड की तरह खुली और लंड की आदी तो नहीं थी मगर फिर भी वह कई बार अपनी गांड मरवा चुकी थी इसलिए उसने चीखें तो मारी मगर उसकी गाण्ड में वह मिर्च नहीं लगीं जो राफिया की नाजुक और कुंवारी गांड में लगी थीं जिसने राफिया को रोने पर मजबूर कर दिया था। मेजर राज अब अपना लंड फिर से बाहर निकाल कर बस टोपी गाण्ड के अंदर रखकर एक और धक्का लगा चुका था जिससे राज का पूरा लंड साना जावेद प्यारी सी गाण्ड के अन्दर जा चुका था और फिर राज ने थोड़ा हल्की गति के साथ लंड लगातार अंदर बाहर करना शुरू कर दिया था। साना जावेद अभी भी घोड़ी बनी हुई थी लेकिन अब की बार लंड उसकी चूत की बजाय उसकी गाण्ड को चोद रहा था
कुछ देर तक साना जावेद को घोड़ी बना कर ही गाण्ड मारने के बाद जब राज का दिल भर गया तो उसने अपना लंड साना जावेद की गाण्ड से निकाला और साना जावेद को लेटने के लिए कहा। साना जावेद राज के कहने पर बेड पर लेट गई तो राज ने उसकी ओर से आकर उसको करवट लेने के लिए कहा और खुद उसकी कमर की साइड पर उसके पीछे जाकर लेट गया, साना जावेद ने करवट ली तो राज ने साना जावेद की ऊपर वाली टांग को फ़ोल्ड करके आगे की ओर मोड़ दिया जिससे साना जावेद की गाण्ड के छेद तक राज के लंड को काफी खुला रास्ता मिल गया था। गाण्ड का छेद मिलते ही राज ने अपने लंड को गाण्ड के छेद में फिट किया और एक ही धक्के में पूरा लंड साना जावेद की गाण्ड की अंधेर नगरी में डाल दिया। और फिर से अपनी गाण्ड हिला हिलाकर साना जावेद की गाण्ड मारना शुरू कर दी। साना जावेद की गाण्ड की चुदाई के साथ राज का एक हाथ साना जावेद के एक मम्मे को पकड़ कर दबा रहा था तो दूसरा हाथ साना जावेद की गर्दन के नीचे था और साना जावेद अपनी गर्दन मोड़कर राज के होंठों को चूस चूस कर इस शानदार चूत और गाण्ड की चुदाई पर उसको दाद दे रही थी। साना जावेद का हाथ अपनी चूत पर था जहां वह 3 उंगलियों की मदद से अपनी चूत के दाने को सहला रही थी।
फिर राज ने साना जावेद का एक मम्मा छोड़ दिया और अपना हाथ साना जावेद के मांस से भरे हुए चूतड़ों पर रख कर उन्हें दबाने लगा और साथ साथ अपने धक्के साना जावेद की गाण्ड में लगाना जारी रखे। 5 मिनट तक इसी तरह साना जावेद की गाण्ड मारने के बाद अब राज को लगने लगा था कि उसका लंड फूलने लगा है और उसके आंडों से शुक्राणु एकत्र होकर लंड की ओर बढ़ने लगे हैं तो राज ने साना जावेद को बताया कि बस जॉन अब मेरा लंड वीर्य छोड़ने वाला है तो साना जावेद ने कहा ठीक है मेरे अंदर ही वीर्य छोड़ दो। राज ने कहा मैं तुम्हारी चूत में मेरा वीर्य छोड़ना चाहता हूँ तो साना जावेद ने कहा, जहां इच्छा हो वहाँ वीर्य छोड़ो मुझे कोई आपत्ति नहीं। यह सुनकर राज ने कुछ धक्के और साना जावेद की गाण्ड में मारने के बाद साना जावेद की गाण्ड से अपना लंड निकाल लिया और उसके पीछे से उठकर साना जावेद को सीधा करके लिटा दिया। साना जावेद सीधी होकर लेटी तो वह खुद ही राज को अपनी दोनों पैर खोलकर अपनी चूत तक रास्ता दे दिया। राज साना जावेद के दोनों पैरों के बीच बैठ गया और उसकी दोनों टांगों को अपने हाथों पर उठाकर अपना 8 इंच लंड साना जावेद की चूत के ऊपर रख कर एक ही धक्के में साना जावेद की जलती हुई चूत में उतार दिया था
मेजर राज ने पूरा लंड साना जावेद की गर्म और चिकनी चूत में उतारने के बाद उसकी टांगों को अपने पास खींच लिया और साना जावेद की गाण्ड को थोड़ा ऊपर उठा कर उसकी चूत में फुल स्पीड के साथ धक्के मारने शुरू कर दिए। और साना जावेद ने भी सिसकियाँ मार मार कर पूरा कमरा सिर पर उठा लिया हर धक्के के साथ साना जावेद की चूत में गर्मी बढ़ रही थी और अब उसे भी लग रहा था कि वह अपनी चूत से निकलने वाली बाढ़ के आगे ज्यादा देर तक बँध नहीं बांध सकती, वह अपने मम्मों को अपने हाथों में पकड़ कर अपनी जीभ से चाटने की कोशिश भी कर रही थी मगर उसकी जीभ केवल उसके नपल्स को ही छू रही थी मगर वह इस पर भी राजी थी और अपनी जीभ अपने निपल्स पर रगड़ रगड़ कर अपनी गर्मी में और वृद्धि कर रही थी, फिर अचानक ही राज ने साना जावेद के पैरों को अपने हाथों से हटा दिया और उसकी टांगे बेड पर रख कर खुद अपना पूरा वजन साना जावेद पर डाल कर उसके ऊपर ही लेट गया और उसकी चूत में अपने लंड की चुदाई जारी रखी, वह लगातार साना जावेद के नाजुक होठों को अपने मुँह में लेकर जोर से चूस रहा था और साना जावेद के हाथ अब राज की कमर पर मजे की तीव्रता के कारण अपने नाखूनों से निशान लगा रहे थे।
फिर राज के लंड ने और साना जावेद की चूत ने इकट्ठे ही झटके मारने शुरू किये और दोनों एक साथ ही अपना अपना पानी छोड़ने लगे। साना जावेद की चूत कुछ ही झटकों के बाद अपने और मेजर राज के पानी से भर गई थी। कुछ देर तक दोनों के शरीर हल्के हल्के झटकों के साथ अपना अपना पानी छोड़ते रहे फिर जब सारा पानी निकल गया तो राज बेड पर सीधा होकर लेट गया और गहरी गहरी सांस लेकर अपनी सांसें सही करने लगा। उसने साना जावेद को काफी जान लगा को चोदा था और साना जावेद के लिए तो यह चुदाई यादगार थी ही मगर राज को भी लग रहा था कि वह बहुत समय तक साना जावेद के मखमली बदन, मुलायम और नाजुक होठों को, चिकनी और दहकती हुई चूत को और भरे हुए कसे हुए मम्मों को नहीं भूल पाएगा।
काफी देर इसी तरह लेटे रहने के बाद साना जावेद राज के साथ लग कर लेट गई और उसके शरीर पर प्यार करने लगी। फिर उसने खुद ही राज को कहा कि आज आपने बहुत मज़ा दिया है मुझे और आज मुझे पता लग रहा है कि बाथरूम में ऐनी जाफ़री की चीखें क्यों निकल रही थी, वह सही कह रही थी कि एक दफा इससे चुदाई करा लो तो फवाद को भूल जाओगी . तुम सच में बहुत अच्छा चोदते हो। काश फिर कभी फिर भी तुम से मिलने का मौका मिल सके। और हम इसी तरह सारी रात एक दूसरे के शरीर को आराम पहुंचा सकें। इस पर राज ने साना जावेद को बहुत सारा प्यार किया, और फिर राज ने साना जावेद को एहसास दिलाया कि अब फ़्लाईट का समय होने वाला है इसलिए उठो और तैयार हो जाओ मगर यहाँ साना जावेद ने एक और इच्छा व्यक्त की कि जाने से पहले वह राज के साथ नहाना चाहती है। राज ने दीवार घड़ी की ओर देखा, अब फ्लाइट में कुछ समय बाकी था तो मेजर राज साना जावेद को उठाकर बाथरूम में ले गया। जहां पहले तो साना जावेद ने शावर चला कर अपनी चूत को अच्छी तरह से साफ किया और अपने पूरे बदन पर पानी गिराया। फिर राज को पानी के नीचे करके साना जावेद उसके सामने बैठ कर उसके लंड को साफ करने लगी। जब सारा लंड साफ हो गया तो साना जावेद ने एक बार फिर उसका लंड मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। साना जावेद के मुंह में जाते ही राज के बेजान और लुढ़के हुए लंड में जान आने लगी और वह एक बार फिर से तन गया। तने हुए लंड की साना जावेद ने 5 मिनट तक चुसाइ की उसके बाद खड़ी हुई और राज के होठों को अपने होठों से चूसने लगी। कुछ देर तक राज को प्यार करने के बाद साना जावेद ने शावर बंद किया और अपने बदन को टावल से सुखाने के बाद टावल राज को दे दिया और खुद बाथरूम से बाहर आ गई . राज ने भी बाथरूम में ही अपना बदन सुखाया और बाथरूम से बाहर आया
इतनी देर में साना जावेद के शरीर पर काले रंग का ब्रा और काली ही पैन्टी आ चुकी थी। राज का लंड फिर से खड़ा हो चुका था उसका अब फिर से मन था साना जावेद जैसी हुश्न की देवी की फिर से चुदाई करने का मगर समय की कमी के कारण वह ऐसा नहीं कर सका और उसने भी अपने बैग से कपड़े निकाल कर पहन लिए। फिर उसने अपने बैग से मेकअप का विशिष्ट सामान निकाला और फ़िरोज़ की तस्वीर सामने रखकर फिर फ़िरोज़ के हुलिए का मेकअप कर लिया। साना जावेद उसको हैरानगी से कौशल के साथ मेकअप करता देखती रही और जब मेकअप पूरा हो गया तो साना जावेद ने उसकी तारीफ की कि आप वास्तव में जादूगर हो। फिर राज ने साना जावेद से कहा कि वह कुछ हल्के भोजन की व्यवस्था करता है तुम इतनी देर में तैयार हो जाओ
कुछ ही देर में राज किचन से कुछ फल काट कर और कुछ फ्रूट्स का ताजा रस बनाकर ले आया। एक घंटे की दीवाना वार चुदाई के बाद दोनों को ही ऊर्जा की जरूरत थी जो फ्रूट के फ्रेश रस से पूरी हो गई थी। साना जावेद के बदन पर अब एक काले रंग की साड़ी थी जिसका ब्लाऊज़ साना जावेद की आदत के विपरीत कुछ बड़ा था और उसकी नाभि तक आ रहा था। जबकि नाभि दिख रही थी और साड़ी नीचे कूल्हों के बराबर से शुरू हो रही थी, साना जावेद ने अपने आप को इंडियन परंपरा के अनुसार कपड़े शोभाये तन करने की कोशिश की थी लेकिन उसे नहीं पता था कि हिन्दुस्तानी संस्कृति में भी यह साड़ी बहुत सेक्सी और बोल्ड माना जाता है। फिर दोनों तैयार होने के बाद साना जावेद की कार में एयरपोर्ट रवाना हो गए, जहां से एक अज्ञात व्यक्ति साना जावेद की कार लेकर फिर से साना जावेद के घर छोड़ने चला गया यह मेजर राज का आदमी था चालक को भी ठिकाने लगाने की वजह से राज ने उस व्यक्ति को बुला रखा था और वह खुद साना जावेद के कर्मचारी के हुलिए में उसका सामान उठाए उसके पीछे पीछे जा रहा था
एयरपोर्ट पर साना जावेद को फुल प्रोटोकॉल मिल रहा था क्योंकि कर्नल इरफ़ान भी इंडिया प्रस्थान से पहले साना जावेद के विशेष मिशन के बारे में एयरपोर्ट प्रशासन को बता चुका था, और इस बात का लाभ मेजर राज को भी हुआ कि उसकी विशेष चेकिंग नहीं हुई महज पासपोर्ट चेक किया गया जोकि असली था। मगर फ़िरोज़ के नाम था जिसका हुलिया उस समय राज ने अपना रखा था। कुछ ही देर के बाद यह छोटी फ़्लाईट टेकऑफ करने के लिए तैयार हो चुकी थी जो कुछ सवारियां थीं और एयरपोर्ट से ही कुछ फिल्म इंडस्ट्री की गैर प्रमुख हस्तियों ने साना जावेद के साथ हाई हेलो की जिनका साना जावेद की इस रिलीज की जाने वाली फिल्म से किसी न किसी सीमा तक संबंध था मगर उनके पास मेजर राज की कोई हैसियत नहीं थी वह तो महज साना जावेद का कर्मचारी था इसलिए प्रथम श्रेणी अनुभाग में होने के बावजूद उसको बिल्कुल अंतिम सीट पर बिठाया गया था जबकि बाकी लोग कुछ आगे थे और साना जावेद के पास थे
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